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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर बृहस्पतिवार को भारत को स्वस्थ रखने की दिशा में सभी स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों की सराहना की और साथ ही इस अवसर पर उन्होंने एक स्वस्थ देश के निर्माण की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के एक ट्वीट पर टिप्पणी करते हुए यह प्रतिक्रिया व्यक्त की। मंडाविया ने कहा था कि राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर पूरा देश हर बच्चे का टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों की कड़ी मेहनत को सलाम करता है। मोदी ने उनके ट्वीट को टैग करते हुए कहा, ‘‘भारत को स्वस्थ रखने की दिशा में हमारे सभी स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों के लिए उन्हें बधाई। राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर हम लोगों के टीकाकरण में भारत की प्रगति को भी याद करते हैं और स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।'' वी ओ चिदंबरनार बंदरगाह प्राधिकरण के एक ट्वीट को भी टैग करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘बहुत सुंदर! भारत का बंदरगाह क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और आर्थिक प्रगति में योगदान दे रहा है।'' प्राधिकरण ने अपने ट्वीट में कहा था कि इस वित्तीय वर्ष में, बंदरगाह ने 36.03 मिलियन टन कार्गो सौंपा है। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा ‘सेरांग संध्या' के बारे में किए गए एक ट्वीट के जवाब में मोदी ने कहा, ‘‘नारी शक्ति को नमन! जल-थल और नभ में महिलाओं के नित-नए कीर्तिमान विकसित भारत के निर्माण में मील के पत्थर साबित होंगे।'' मंत्रालय ने अपने ट्वीट में कहा था, ‘‘सेरांग संध्या भारत की बेटी जिसने संभाल ली है फेरी की कमान, जो लोगों को पहुंचा रही है उनके गंतव्य तक। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय की दृढ़ता और महिलाओं के बढ़ते योगदान से जल परिवहन अब एक नया कीर्तिमान बनाने के लिए तत्पर है।'' केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के एक ट्वीट को टैग करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘किसान भाई-बहनों के जीवन में खुशियों की मिठास यूं ही घुलती रहे, यही कामना है। उनके कल्याण के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ने वाले हैं।'' तोमर ने अपने ट्वीट में कहा था, ‘‘चीनी उद्योग में घुली आत्मनिर्भरता की मिठास...देश में चीनी उद्योग को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार की नीतियों का असर न सिर्फ रिकॉर्ड गन्ना उत्पादन पर हो रहा है, बल्कि इथेनॉल उत्पादन में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। -
नयी दिल्ली. ब्रिटिश लेखक, इतिहासकार और शिक्षाविद पैट्रिक फ्रेंच का चार साल तक कैंसर से जूझने के बाद बृहस्पतिवार को लंदन में निधन हो गया। उनके परिवार की तरफ से यह जानकारी दी गई। फ्रेंच की लोकप्रिय किताबों में वी.एस. नायपॉल की जीवनी, ‘द वर्ल्ड इज़ व्हाट इट इज़' और ‘इंडिया: ए पोर्ट्रेट' शामिल हैं। उनकी पत्नी मेरू गोखले ने बताया कि फ्रेंच ने(लंदन के समय के मुताबिक) सुबह करीब आठ बजे अंतिम सांस ली। पेंग्विन प्रेस ग्रुप की पूर्व प्रकाशक गोखले ने कहा, “आज सुबह 8.10 बजे मेरे प्यारे पति पैट्रिक फ्रेंच का लंदन में कैंसर से लंबे समय तक जूझने के बाद निधन हो गया। वह एक असाधारण पिता, मित्र, पति, शिक्षक और गुरू थे। उनका स्नेह और प्यार हमेशा हमारे साथ रहेगा। वह बिना किसी कष्ट के शांति से इस दुनिया से गए।” उनके निधन पर कांग्रेस सांसद और लेखक शशि थरूर , इतिहासकार विलियम डेलरिम्पल व रामचंद्र गुहा ने शोक व्यक्त किया।
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मुंबई. लॉरेन गॉटलिब ने कहा कि लोकप्रिय भारतीय फिल्म 'आरआरआर' के गाने के ऑस्कर जीतने से कुछ क्षण पहले 'नाटु नाटु' पर नृत्य मंडली का हिस्सा बनना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। गॉटलिब ने इसे अपने जीवन का "महत्वपूर्ण प्रदर्शन" बताया।
गॉटलिब, एक अमेरिकी अभिनेत्री और नर्तकी है। जो भारतीय फिल्मों में काम करती है। उन्होंने कहा, "हमने जो तय किया था, उसे हमने पूरा किया, जब अकादमी अवार्ड्स में हॉलीवुड के हजारों सबसे बड़े नामों ने खड़े होकर हमारे लिए तालियां बजाईं। यह मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण प्रदर्शन था और इसने ऑस्कर में सही मायने में इतिहास रच दिया।" उन्होंने कहा, "नाटु नाटु" संगीतकार एमएम कीरावनी और गीतकार चंद्रबोस को सर्वश्रेष्ठ मूल गीत ऑस्कर के विजेताओं की घोषणा की गई तो वह पूरे समूह के साथ खुशी से झूम उठीं। -
शिमला. हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में कसौली-परवाणु मार्ग पर जंगेशु गांव के पास बृहस्पतिवार सुबह एक कार के गहरी खाई में गिर जाने से तीन लोगों की मौत हो गयी और दो अन्य घायल हो गये। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कार में सवार पांच लोग कसौली से परवाणु की ओर जा रहे थे, तभी चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया और वह गहरी खाई में जा गिरी। पुलिस के मुताबिक इस हादसे में हिमाचल के नालागढ़ के पास अभीपुर गांव के सूरज ठाकुर, नालागढ़ के ही शुभम और कुरुक्षेत्र के संगम की मौके पर ही मौत हो गयी। हादसे में घायल हुए दो लोगों को परवाणु के ईएसआई अस्पताल ले जाया गया। दुर्घटना के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है।
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चेन्नई। सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने दुबई से चेन्नई पहुंचे एक विमान के शौचालय में छिपाकर रखा गया एक किलोग्राम से अधिक सोना बरामद किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि बुधवार को दुबई से चेन्नई पहुंचने के बाद विमान की तलाशी के दौरान, उसके पिछले हिस्से के शौचालय से काले टेप से ढका हुआ एक पैकेट बरामद किया गया। सीमा शुल्क के मुख्य आयुक्त एम मैथ्यू जॉली ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया कि पैकेट से पेस्ट के रूप में 1,240 ग्राम सोना बरामद किया गया जिसकी कीमत लगभग 60.67 लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। -
नयी दिल्ली। सरकार भूगर्भीय हलचलों की निगरानी क्षमताओं को और विस्तृत करने के लिए अगले दो से तीन वर्षों में 100 और वेधशालाएं स्थापित करने की योजना बना रही है। पृथ्वी विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) देश में और आसपास भूकंपीय गतिविधि की निगरानी कर रहीं 152 वेधशालाओं के एक नेटवर्क का प्रबंधन करता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भूकंपीय नेटवर्क (नेशनल सिस्मोलॉजिकल नेटवर्क) में देश के अधिकतर हिस्सों में 3.0 तीव्रता के भूकंप का पता लगाने की क्षमता है। सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं प्राकृतिक प्रक्रियाओं की वजह से आती हैं और हमेशा वे मानवीय प्रभाव का परिणाम नहीं होती हैं। हालांकि, किसी भी क्षेत्र की संवेदनशीलता हमेशा गैर-अभियांत्रिकी संरचनाओं से प्रभावित होती है।
मंत्री ने कहा, ‘‘इस प्रकार, संबंधित जोखिमों को कम करने के लिए वैज्ञानिक और अभियांत्रिकी समाधान अपनाकर उचित शमन रणनीति तैयार करने की आवश्यकता है।'' उन्होंने कहा कि ‘‘सिस्मिक माइक्रोजोनेशन'' अध्ययन महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भूकंप-रोधी इमारतों/बुनियादी ढांचे/आवासों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां देने में मदद करता है ताकि भूकंप के झटकों के प्रभावों को कम किया जा सके और सुरक्षित शहरी नियोजन के लिए संरचनाओं और जीवन के नुकसान को कम किया जा सके। -
नयी दिल्ली। कॉरपोरेट उद्देश्य से की जाने वाली यात्राओं में तेजी आने का अनुमान है क्योंकि 77 प्रतिशत भारतीय कंपनियां 2023 में अपने यात्रा बजट में वृद्धि करने वाली हैं। अमेरिकन एक्सप्रेस के एक सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया है। वहीं, जहां तक यात्रा व्यय के भुगतान के तौर-तरीकों की बात है तो दो तिहाई (66 प्रतिशत) कंपनियां सामान्य तौर पर जो तरीका इस्तेमाल करती है उसमें तीसरे पक्ष की बुकिंग प्रणाली के साथ उनका कंपनी खाता होता है।
सर्वे में कहा गया कि ज्यादातर कारोबार क्षेत्र अलग-अलग तरीके इस्तेमाल करते हैं। इसमें 61 प्रतिशत का कहना है कि वे कर्मचारियों को भुगतान एवं खर्च करने देते हैं, 57 प्रतिशत ने कहा कि वे कर्मचारियों को कंपनी कार्ड मुहैया करवाते हैं। ‘कारोबारी यात्राओं में वृद्धि: भारत के नजरिये से' शीर्षक वाला यह सर्वे अमेरिकन एक्सप्रेस इंडिया ने सेंटर फॉर इकॉनमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च ने किया है।
इसमें पता चला है कि 79 प्रतिशत भारतीय यात्रा के लिए बुकिंग एवं व्यय में कारोबारी यात्रा आंकड़ों के विश्लेषण की मदद लेते हैं। अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉर्प, इंडिया में उपाध्यक्ष एवं वैश्विक वाणिज्यिक सेवा के प्रमुख मनीष कपूर ने कहा, ‘‘भारत में कॉरपोरेट यात्रा को लेकर धारणा मजबूत है।
बीते दो वर्ष में कारोबारी यात्रा में अस्थायी तौर पर कमी आई थी, लेकिन अब यह महामारी-पूर्व के स्तर को लगभग पार कर गई है। अंतरराष्ट्रीय यात्रा में भी तेजी आ रही है और इसके सतत पुनरुद्धार की उम्मीद है। -
दीफू (असम)। असम के कार्बी आंगलोंग जिले में एके श्रृंखला की राइफल और पिस्तौल सहित हथियारों तथा गोला-बारूद का एक गुप्त जखीरा बरामद किया गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
कार्बी आंगलोंग के पुलिस अधीक्षक (एसपी) संजीब कुमार सैकिया ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की एक टीम ने बुधवार रात दोकमोका थाना क्षेत्र के दोईदक में एक अभियान चलाया और एक एके-56 राइफल, दो पिस्तौल, एक स्टेन गन समेत अन्य गोला-बारूद बरामद किये। हालांकि, उन्होंने यह अनुमान नहीं लगाया कि हथियार और गोला-बारूद किसी उग्रवादी संगठन के हैं या नहीं।
उन्होंने बताया, “हालांकि हमारे पास जिले में किसी नए चरमपंथी संगठन के बनने की खबर नहीं है, लेकिन पुलिस हमेशा सतर्क रहती है। हम इस बात की पुष्टि पूरी जांच के बाद ही कर सकते हैं कि जखीरा किसका है?” -
नयी दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष एम. जगदीश कुमार ने कहा कि भारतीय विश्वविद्यालयों की नजर अपने विदेशी ‘कैम्पस' स्थापित करने के लिए अफ्रीकी और खाड़ी देशों, थाईलैंड और वियतनाम पर है और इसके लिए नियम तैयार हो चुके हैं तथा एक महीने में घोषित कर दिये जाएंगे।
कुमार ने कहा कि कई देश भारतीय विश्वविद्यालयों को अपने यहां ‘कैम्पस' स्थापित करने के लिए बुनियादी ढांचा प्रदान करने के वास्ते आगे आ रहे हैं और यूजीसी उन संस्थानों को वैसे देशों की पहचान करने में मदद करेगा, जहां वे अपने विदेशी परिसर स्थापित कर सकते हैं। आयोग के अध्यक्ष ने कहा, "हमारे पास भारत में विशाल विश्वविद्यालय पारिस्थितिकी तंत्र है।
केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा वित्त-पोषित तथा निजी विश्वविद्यालय- दोनों ही श्रेणियों में उत्कृष्ट संस्थान मौजूद हैं। हम इन विश्वविद्यालयों को विदेशों में अपने परिसर (कैम्पस) स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं। कुछ ऐसे देश हैं जो अपने यहां हमारे विश्वविद्यालयों के कैम्पस स्थापित करने के लिए आगे आ रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे कई देश हैं जहां हमारे पास बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय हैं, जो चाहते हैं कि हमारे कैम्पस उन देशों में स्थापित हों और शिक्षा उपलब्ध कराएं।''
उन देशों के बारे में पूछे जाने पर जिन्होंने भारतीय विश्वविद्यालयों के कैम्पस स्थापित करने के फैसले का स्वागत किया है, कुमार ने कहा, "कई अफ्रीकी देश।'' उन्होंने कहा, "अफ्रीकी देशों में कैम्पस स्थापित करने की बहुत बड़ी संभावना है। थाईलैंड, वियतनाम और कुछ खाड़ी देशों.. में भी इसे लेकर अपार रुचि है और व्यापक अवसर भी हैं। हां, हमारे पास अब तक कोई सक्षम नियम नहीं हैं।" कई भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) को अपने कैम्पस स्थापित करने के लिए मध्य-पूर्व और दक्षिण एशियाई देशों से अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं।
आईआईटी-दिल्ली जहां संयुक्त अरब अमीरात में एक परिसर स्थापित करने पर विचार कर रहा है, वहीं आईआईटी-मद्रास श्रीलंका, नेपाल और तंजानिया में विकल्प तलाश रहा है। मिस्र, थाईलैंड, मलेशिया और ब्रिटेन में भी आईआईटी कैम्पस खोलने की योजना है। उन्होंने कहा, "आईआईटी को राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के रूप में जाना जाता है, वे आईआईटी परिषद के तहत काम करते हैं। इसके अपने नियम और कानून हैं, जिसके तहत वे अपने स्वयं के परिसर स्थापित कर सकते हैं।
पहले से ही कुछ आईआईटी उस पर काम कर रहे हैं।" कुमार ने कहा कि हितधारकों से प्राप्त 'फीडबैक' को ध्यान में रखते हुए अंतिम मानदंड भी एक महीने के भीतर घोषित कर दिये जाएंगे। यूजीसी ने 2021 में अपने नियमों में संशोधन किया था, जिसके तहत विदेश और गृह मामलों के मंत्रालयों से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा विदेशों में परिसर स्थापित किये जाने हैं। -
नयी दिल्ली। रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (आरएफएमएफआई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार द्वारा खुले बाजार में गेहूं बेचने के फैसले के बाद पिछले दो माह में गेहूं और आटे की कीमतों में 6-8 रुपये प्रति किलो की कमी आई है। एसोसिएशन ने कहा कि फसल वर्ष 2022-23 में गेहूं का उत्पादन लगभग 10.6-11 करोड़ टन रहने का अनुमान है।
एक बयान के अनुसार, इसने यह भी मांग की कि वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान गेहूं आटा, मैदा और सूजी सहित गेहूं और गेहूं उत्पादों पर निर्यात प्रतिबंध जारी रहना चाहिए। आरएफएमएफआई ने कहा कि 25 जनवरी को खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) शुरू करने के सरकार के फैसले के चलते पूरे देश में गेहूं और गेहूं उत्पादों की कीमतों में 600-800 रुपये प्रति क्विंटल की कमी आई है।
रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन के अनुसार, मौजूदा समय में आटे की कीमतें 2,600-3,000 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास चल रही हैं, जबकि जनवरी, 2023 के मध्य में यह 3,400-3,800 रुपये प्रति क्विंटल थी। कीमतों को नरम करने के लिए केंद्र 50 लाख टन गेहूं खुले बाजार में बेच रहा है। इसमें से 45 लाख टन आटा चक्की सहित थोक उपभोक्ताओं के लिए है।
महासंघ ने कहा कि आगामी सत्र के लिए गेहूं की फसल के चल रहे सर्वेक्षण के अपने प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार, गेहूं की खेती का रकबा लगभग 343.23 लाख हेक्टेयर है। गर्मियों की शुरुआत के बावजूद महासंघ को 10.6 करोड़ टन और 11 करोड़ टन के बीच रिकॉर्ड फसल उत्पादन होने की उम्मीद है। इसमें कहा गया है कि गेहूं की कीमतों में गिरावट के साथ इसके रिकॉर्ड उत्पादन के कारण सरकार 340 लाख टन गेहूं खरीद के अपने लक्ष्य को पूरा करने में सफल होगी।
बाजार में गेहूं की घरेलू उपलब्धता कम होने के कारण जनवरी, 2023 में गेहूं की घरेलू कीमतें 3,200-3,600 रुपये प्रति क्विंटल हो गई थीं। उसके बाद केंद्र ने बढ़ती कीमतों पर काबू के लिए खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) की घोषणा की। रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रमोद कुमार एस ने कहा, ‘‘व्यापक विचार-विमर्श के बाद भारत सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के केंद्रीय पूल स्टॉक में मामूली भंडार होने के बावजूद गेहूं और गेहूं के आटे की कीमतों पर अंकुश के लिए 50 लाख टन गेहूं बेचने की अनुमति दी थी।
उन्होंने कहा कि केंद्र के समय पर हस्तक्षेप से न केवल गरीब, निम्न और मध्यम वर्ग को राहत मिली है, बल्कि ब्रेड और बिस्कुट सहित कई तरह के उद्योगों को भी राहत मिली है। कुमार ने कहा, ‘‘ मौजूदा समय में थोक बिक्री बाजार में जिन राज्यों में मांग के अनुरूप केंद्रीय पूल से गेहूं निकाला गया है, वहां गेहूं की दर घटकर 23-24 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई है, जबकि जिन राज्यों में गेहूं उतारे जाने की प्रक्रिया चल रही है वहां भाव 24-25 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया है।
अगर सरकार ने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो कीमतें 40-45 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच जातीं।'' फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवनीत चितलांगिया ने कहा कि आटा मिलें कीमत में कटौती कर सरकार के उद्देश्य का समर्थन कर रही हैं। फेडरेशन के उपाध्यक्ष, धर्मेंद्र जैन ने कहा, ‘‘हमारे सदस्य कीमतों में कटौती को पहले ही पारित कर चुके हैं।'' वर्ष 1940 में स्थापित संघ के अखिल भारतीय स्तर पर 2,500 से अधिक सदस्य हैं। - जयपुर। राजस्थान के धौलपुर जिले में 10वीं कक्षा के एक छात्र ने परीक्षा के दबाव के चलते कथित तौर पर किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली जबकि कमरे में लटकती लाश को देखकर दिल का दौरा पड़ने से मकान मालिक की भी मौत हो गई। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी।घटना धौलपुर के माधवानंद कॉलोनी की है जहां एक निजी स्कूल में पढ़ने वाला 10वीं का छात्र पुष्पेंद्र राजपूत (17) किराएदार के रूप में रहता था । पुलिस ने बताया कि वह बुधवार को ही गांव से लौटा था और रात में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि मकान मालिक के परिवार के सदस्यों में से एक ने कमरे में शव लटका देखा और मदद के लिए चिल्लाने पर मकान मालिक बहादुर सिंह (70) वहां पहुंचा। वहां अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और वह बेहोश होकर गिर गया। निहालगंज थानाधिकारी विजय मीणा ने बताया कि छात्र के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है। कमरे में शव लटका देखकर मकान मालिक की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। इस संबंध में सीआरपीसी की धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
- नयी दिल्ली । देश में 2019 से 2021 तक तीन वर्ष में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं के 3,82,512 मामले दर्ज किए गए हैं और इनमें 4,291 लोगों की मौत हुई है। लोकसभा में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा पेश किए गए आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। निचले सदन में संजय सेठ के प्रश्न के लिखित उत्तर में गडकरी ने ये आंकड़े पेश किए। ये आंकड़े सभी राज्यों/संघ शासित प्रदेशों के पुलिस विभाग से प्राप्त किए गए। आंकड़ों के अनुसार 2019 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं के 1,37,191 मामले, 2020 में 1,16,496 मामले और 2021 में ऐसे 1,28, 825 मामले दर्ज किए गए। इनमें 2019 में 1,554 लोगों की मौत हुई, 2020 में 1,241 लोगों की तथा 2021 में 1,496 लोगों की मौत हुई। गडकरी ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 161 (हिट एंड रन संबंधी वाहन दुर्घटना के मामले में मुआवजे के रूप में विशेष प्रावधान से संबंधित) और धारा 164 (मृत्यु या गंभीर चोट के मामले में मुआवजे के भुगतान से संबंधित) के तहत सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों और उनके परिवारों को मुआवजे के भुगतान से संबंधित प्रावधान किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मंत्रालय ने 25 फरवरी 2022 की अधिसूचना के माध्यम से ‘हिट एंड रन' दुर्घटनाओं के पीड़ितों के मुआवजे को बढ़ा दिया। इसे गंभीर चोट के लिए 12,500 रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये और मृत्यु के लिए 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने 25 फरवरी 2022 को अधिसूचना जारी की है जिसमें मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दावों के तेजी से निपटान के लिए विभिन्न हितधारकों के लिए समय-सीमा के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं की विस्तृत जांच प्रक्रिया, विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट और इसकी रिपोर्टिंग की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है।
- मुंबई। मुंबई सहित महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गुरुवार को हल्की बारिश दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। आईएमडी ने बताया कि बारिश से राज्य में फसल को और अधिक नुकसान हो सकता है।महाराष्ट्र में बारिश उस वक्त हो रही है जब सप्ताह की शुरुआत में सीजन का सर्वाधिक तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, राज्य में इन्फ्लूएंजा और वायरल संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। आईएमडी के मुताबिक, ‘‘मध्य महाराष्ट्र के अधिकतर हिस्सों में बादलों की गरज के साथ बारिश होने की खबर है। रायगढ़ में भी हल्की बारिश हुई है।'' गौरतलब है कि पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश के कारण खड़ी फसलों के बर्बाद होने से किसानों को बहुत नुकसान हुआ था। बृहन्मुंबई नगर निगम के मुताबिक, शहर में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और शाम या रात में हल्की बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं।
- नयी दिल्ली। सरकार ने बुधवार को कहा कि महामारी के प्रभावों के कारण गगनयान के चालक दल वाले पहले मिशन के प्रक्षेपण कार्यक्रम में बदलाव किया गया है और अब इसे 2024 के अंत तक भेजने की योजना है। सरकार ने यह भी कहा कि महामारी के प्रभाव, लॉकडाउन के बाद अब गगनयान से संबंधित विभिन्न प्रणालियों की डिजाइन पूरी हो गयी है और कार्यक्रम परीक्षण चरण में प्रवेश कर चुका है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि गगनयान के प्रथम कर्मी युक्त मिशन को प्रक्षेपित करने के लिए लक्ष्य 2022 था। उन्होंने कहा कि हालांकि, लॉकडाउन के कारण विदेशी स्रोतों से कच्ची सामग्री आपूर्ति श्रंखला में बाधा और उद्योगों से हार्डवेयर की प्राप्ति में विलंब के कारण कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। मंत्री ने केसिनेनी श्रीनिवास के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह भी बताया कि लॉकडाउन के बाद विभिन्न कार्य केंद्रों में गगनयान से संबंधित गतिविधियों में अच्छी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विभाग ने डिजाइन, गुणवत्ता तथा मानव अनुकूलन प्रमाणन तथा त्वरित खरीद समितियों की स्थापना के लिए सभी इसरो केंद्रों में विशेष दलों के गठन के माध्यम से गगनयान को पूरा करने के लिए विविध कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बाद के चरण में गगनयान से संबंधित विभिन्न प्रणालियों की डिजाइन पूरी हो गयी है और कार्यक्रम परीक्षण चरण में प्रवेश कर चुका है। सिंह ने कहा कि प्रथम परीक्षण रॉकेट मिशन, टीवी-डी1 मई 2023 के लिए निर्धारित है जिसके बाद 2024 की पहली तिमाही में दूसरा परीक्षण रॉकेट टीवी-डी2 मिशन और गगनयान के प्रथम चालक दल रहित मिशन (एलवीएम3-जी1) आयोजित किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके बाद रोबोटिक पेलोड के साथ परीक्षण यान मिशनों की दूसरी श्रृंखला (टीवी-डी3 और डी4) तथा एलवीएम3-जी2 मिशन की योजना है। मंत्री ने कहा कि सफल परीक्षण यान और चालक दल मिशनों के परिणामों के आधार पर 2024 के अंत तक चालक दल मिशन भेजने की योजना है। file photo
- नयी दिल्ली। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के आधार पर मामला दर्ज किया है जिसमें एक व्यक्ति अपनी बहू को कथित तौर पर ईंट से मार रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना उत्तर पश्चिम दिल्ली के प्रेम नगर इलाके में मंगलवार सुबह हुई।वीडियो में एक महिला गली में टहलती नजर आ रही है, तभी एक शख्स हाथ में ईंट लेकर पहुंचता है और उसे धमकाता है। वह महिला को कुछ बोलते हुए दिखाई देता है और जब वह जाने की कोशिश करती है, तो आदमी उसके सिर पर दो बार ईंट से वार करता है। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि घटनास्थल के पास बैठा एक व्यक्ति पूरे प्रकरण को देख रहा है, लेकिन उसकी मदद करने के लिए कुछ नहीं कर रहा है। पुलिस ने बताया कि ईंट लिए हुए व्यक्ति की पहचान महिला के ससुर के रूप में हुई है।पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है और आगे की जांच जारी है।
- नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक 'एनिमेटेड वीडियो' जारी किया है जिसमें यह दिखाया गया है कि विपक्ष की ओर से किए जाने वाली तल्ख एवं निजी टिप्पणियों की परवाह नहीं करते हुए मोदी भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की राह पर अग्रसर हैं। पार्टी ने चार मिनट 30 सेकेंड की अवधि वाला यह वीडियो ट्विटर पर साझा करते करते हुए कहा, ‘‘मुझे तो चलते जाना है।'' इस वीडियो में मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहने से लेकर अब तक उनके खिलाफ विपक्ष की ओर से की गई कुछ तल्ख टिप्पणियों का उल्लेख किया गया है। इसमें सोनिया गांधी, मणिशंकर अय्यर और दिग्विजय सिंह द्वारा प्रधानमंत्री के संदर्भ में की गई टिप्पणियों का उल्लेख है। वीडियो में 2024 के लोकसभा चुनाव का कोई सीधा उल्लेख नहीं है, लेकिन इसमें दिखा गया है कि प्रधानमंत्री सीढ़ियां चढ़ते जा रहे हैं। इसमें दर्शाया गया है कि विपक्षी नेता ‘मौत का सौदागर', ‘चायवाला', ‘चौकीदार चोर है' और ‘गौतम दास' जैसे बयान दे रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री की यात्रा पर कोई असर नहीं हो रहा है।
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नई दिल्ली। अमरीका ने औपचारिक रूप से मैकमोहन रेखा को भारत के अरुणाचल प्रदेश और चीन के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में मान्यता दी है और पेचिंग के इस दावे को खारिज कर दिया कि अरुणाचल प्रदेश चीन के क्षेत्र में आता है। इस आशय का प्रस्ताव दो दलों की ओर से पहली बार पिछले महीने अमेरिकी सीनेट में पेश किया गया था। मंगलवार को इस प्रस्ताव में अरुणाचल प्रदेश को भारत का अभिन्न अंग माना गया और भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का भी समर्थन किया गया। मैकमोहन रेखा को मान्यता देने के अलावा प्रस्ताव में क्षेत्र में चीन की उकसाने वाली गतिविधियों की भी निंदा की गई। प्रस्ताव में कहा गया है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति को बदलने के लिए चीन सैन्य बल का उपयोग कर रहा है तथा विवादित क्षेत्रों में गांवों का निर्माण और अरुणाचल प्रदेश के शहरों के लिए मंदारिन भाषा के नामों के साथ मानचित्रों का प्रकाशन कर रहा है। साथ ही भूटान पर भी चीन अपने दावे कर रहा है। जापान में अमरीका के पूर्व राजदूत और सीनेटर बिल हैगर्टी ने कहा कि यह प्रस्ताव अरुणाचल प्रदेश को भारत के अभिन्न अंग के रूप में स्पष्ट रूप से मान्यता देने के लिए सीनेट के समर्थन को व्यक्त करता है।अरुणाचल प्रदेश की भारतीय क्षेत्र के रूप में फिर से पुष्टि और दक्षिण एशिया में चीन की उकसाने वाली गतिविधियों की निंदा शीर्षक वाला यह प्रस्ताव, पिछले साल दिसंबर में अरुणाचल के तवांग में भारतीय और चीनी सेना के बीच हुई बड़ी झड़प के बाद आया।
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नयी दिल्ली। किसानों एवं कृषि कार्मिकों को ज्ञान एवं कौशल सुधार प्रशिक्षण प्रदान करने में कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के महत्व को रेखांकित करते हुए संसद की एक समिति ने देश के उन 128 जिलों में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने की सिफारिश की है जहां एक भी केंद्र नहीं है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद पी.सी. गद्दीगौदर की अध्यक्षता वाली कृषि, पशुपालन एवं खाद्य प्रसंस्करण संबंधी स्थायी समिति की वर्ष 2023-24 की अनुदान की मांगों पर रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
यह रिपोर्ट सोमवार को लोकसभा में पेश की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि कृषि प्रसार संभाग, कृषि प्रौद्योगिकियों की स्थान विशिष्टता की पहचान करने और विभिन्न फसलों की उत्पादक क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए परीक्षण कर रहा है। यह प्रभाग किसानों एवं कृषि कार्मिकों को ज्ञान एवं कौशल सुधार करने एवं जागरूकता फैलाने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करता है।
समिति ने इस बात पर गौर किया कि यह कार्य देश भर में फैले 731 कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के नेटवर्क के माध्यम से किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार समिति कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के इस उत्तर को भी नोट करती है कि वर्तमान में देश में 766 जिले हैं, इनमें से 93 जिलों में दो कृषि विज्ञान केंद्र हैं जबकि 128 जिले में एक भी कृषि विज्ञान केंद्र नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने अपनी सिफारिश में कहा कि चूंकि कृषि विज्ञान केंद्र विस्तारित सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उन 128 जिलों में कृषि विज्ञान केंद्र खोले जाएं जहां एक भी केंद्र नहीं है।
समिति ने इस बात पर भी ध्यान दिया है कि देश भर में कृषि विज्ञान केंद्र में 3449 रिक्तियां हैं जिसमें वरिष्ठ वैज्ञानिक की 187, विषय वस्तु विशेषज्ञ की 1090, तकनीकी अधिकारी टी4 की 688, सहयाक पद की 279, स्टोनोग्राफर की 280, ड्राइवर की 432 और कुशलता प्राप्त सहायक कर्मचारी की 543 रिक्तियां हैं। इसमें कहा गया है कि समिति सिफारिश करती है कि विभाग प्राथमिकता के आधार पर कृषि विज्ञान केंद्र में इन रिक्तियों को भरे।
रिपोर्ट के अनुसार, समिति विभाग से यह भी सिफारिश करती है कि वह मौजूदा तंत्र को सुदृढ़ करे और किसानों के बीच विभिन्न फसलों, मशीनरी, उपकरणों, औजारों, कृषि पद्धतियों, प्रौद्योगिकियों आदि की नई विकसित किस्मों का प्रदर्शन और प्रसार सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन तंत्र विकसित करे। समिति ने कहा कि किसानों और किसान उत्पादक संगठनों को प्रशिक्षण प्रदान करने पर भी जोर दिया जाए ताकि उन्हें कृषि क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार का अधिकतम लाभ मिल सके। -
संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिल के चंदौसी थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह मंदिर परिसर में स्थित कोठरी में 55 वर्षीय पुजारी का शव मिला है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने मामले में हत्या की आंशका जताते हुए इस संबंध में दो संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) चक्रेश मिश्रा ने बताया कि चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास के पास स्थित शिव मंदिर में रोशन लाल सैनी मंदिर में पूजा-पाठ किया करते थे। वह मंदिर परिसर स्थित कोठरी में रहते थे। बुधवार सुबह उनका शव बरामद हुआ। एसपी ने बताया कि प्रतीत होता है कि पुजारी के सिर पर भारी पत्थर से वार कर उनकी हत्या की गई है। शव को पोस्ट मार्टम को भेजा गया है।
श्वान दस्ता और निगरानी टीम जांच कर रही है। एसपी ने बताया कि जांच के दौरान पुजारी से झगड़े का एक पुराना मामला सामने आया है और इस संबंध में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या में किसी परिचित के शामिल होने की बात सामने आई है क्योंकि मौके से कुछ खाने-पीने का सामान भी मिला है। -
चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए राज्य में ‘रसायन मुक्त जैविक कृषि' की दिशा में जैविक खेती नीति शुरू की है। इस नीति का उद्देश्य कृषि-पारिस्थितिकी और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित करना भी है।
मुख्यमंत्री एम के स्टालिन द्वारा मंगलवार को सचिवालय में पेश की गई यह नीति सुरक्षित, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल भोजन प्रदान करने की दिशा में काम करेगी। नीति में कहा गया है कि भारत कुल 26 लाख 60 हजार हेक्टेयर जैविक कृषि भूमि के साथ दुनियाभर में पांचवें स्थान पर है, जबकि तमिलनाडु 31,629 हेक्टेयर भूमि के साथ देशभर में 14वें स्थान पर है।
नीति दस्तावेज में कहा गया है, “जैविक खेती फसल उत्पादन और पशुपालन के बीच सामंजस्यपूर्ण संतुलन बनाती है और प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र व चक्र के साथ जीवन के संरेखण की सुविधा प्रदान करती है। इससे खेती में आत्मनिर्भरता और स्थिरता लाने में भी मदद मिलती है।” -
नयी दिल्ली। सरकार ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि पिछले दो वर्ष में देश में साइबर सुरक्षा से जुड़ी 27,94,266 घटनाएं दर्ज की गईं। लोकसभा में अपराजिता सारंगी के प्रश्न के लिखित उत्तर में इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने यह जानकारी दी।
चंद्रशेखर ने कहा कि भारतीय कम्प्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सर्ट इन) को दी गई सूचना के अनुसार वर्ष 2021 और 2022 के लिए क्रमश: 14,02,809 और 13,91,457 साइबर सुरक्षा घटनाएं दर्ज की गईं। इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने बताया कि सर्ट-इन प्रभावित संगठनों को उपचारात्मक कार्रवाइयों के साथ सूचित करता है और प्रभावित संगठनों, सेवा प्रदाताओं, संबंधित क्षेत्र के नियामकों एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ घटना प्रतिक्रिया उपायों का समन्वय करता है।
चंद्रशेखर ने कहा कि समय-समय पर देश के भीतर और बाहर स्थित प्रणालियों से भारतीय साइबर क्षेत्र पर साइबर हमले करने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह देखा गया है कि हमलावर दुनिया के विभिन्न हिस्सों में स्थित कम्प्यूटर के माध्यम से वास्तविक प्रणाली की पहचान छिपाने के लिए नकली तकनीक एवं छिपे हुए सर्वर का उपयोग कर रहे हैं और ऐसे हमले किए जा रहे हैं। -
पुडुचेरी। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में सरकार ने एच3एन2 इन्फ्लूएंजा वायरस के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर बुधवार को 16 मार्च से 26 मार्च तक आठवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों में अवकाश की घोषणा की। विशेष रूप से बच्चों में इन्फ्लुएंजा के बढ़ते प्रभाव के कारण केंद्र शासित प्रदेश के पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यनम के सभी चार क्षेत्रों के स्कूलों के लिए यह आदेश लागू होगा।
शून्य काल के दौरान विधानसभा में गृह और शिक्षा मंत्री ए. नम्माशिवयम ने कहा कि बच्चों में इन्फ्लूएंजा के प्रसार को देखते हुए सरकार ने प्राथमिक कक्षा से आठवीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश की घोषणा की है। गौरतलब है कि केंद्र शासित प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने 11 मार्च को कहा था कि पुडुचेरी में चार मार्च तक वायरल एच3एन2 की तरह या उससे संबंधित 79 मामले सामने आए हैं।फाइल फोटो
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सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)। जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र में एक डम्पर ट्रक ने स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में दोपहिया सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक देहात सागर जैन ने बताया कि मंगलवार रात करीब साढे दस बजे फतेहपुर थाना क्षेत्र निवासी सरफराज (18) अपने साथी जुबेर (17) के साथ स्कूटी से छुटमलपुर बाजार आ रहा था।
रास्ते में देहरादून रोड पर एक डम्पर ट्रक ने उनकी स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे दोनों स्कूटी सहित सड़क पर जा गिरे। उन्होंने बताया कि इसी दौरान सामने से आ रहे एक अन्य डम्पर ने सड़क पर गिरे दोनों युवकों को कुचल दिया,जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जैन ने बताया कि हादसे के बाद डम्पर चालक अपने वाहन लेकर फरार हो गये।
हादसे से गुस्साये ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। फतेहपुर थाना पुलिस ने वहां पहुचकर प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत कराया और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेजा है। -
नयी दिल्ली। महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने बुधवार को बताया कि विषम परिस्थितियों में गुजर कर रही महिलाओं की मदद के लिए चलाई जा रही स्वाधार गृह योजना तथा महिलाओं के देह व्यापार की रोकथाम के लिए चलाई जा रही उज्ज्वला गृह योजना का विलय कर इसका नाम ‘‘शक्ति सदन'' रखा गया है।
राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में ईरानी ने बताया कि ‘‘शक्ति सदन'' एकीकृत राहत एवं पुनर्वास आवास योजना है जो प्रतिकूल परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही महिलाओं के लिए चलाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि ‘‘शक्ति सदन'' मांग आधारित केंद्र प्रायोजित योजना है जिसके तहत महिलाओं की योजना के कार्यान्वयन के लिए केंद्र सरकार की ओर से राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को वित्त आवंटन किया जाता है। ईरानी ने बताया कि ‘‘शक्ति सदन'' योजना के तहत 2019-20 में 21.37 करोड़ रुपये, 2020-21 में 24.33 करोड़ रुपये और 2021-22 में 18.01 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। -
नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार को बताया कि सांसद आदर्श ग्राम योजना (एसएजीवाई) के तहत सांसदों ने पिछले पांच वर्षों में 1949 ग्राम पंचायतों की पहचान की है और इनमें से 956 गांवों ने आदर्श ग्राम के लिए सभी मानकों को पूरा कर लिया है। राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा, ‘‘संसद सदस्यों ने पिछले पांच वर्षों के दौरान सांसद आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत 1949 ग्राम पंचायतों की पहचान की है।'' केंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों के दौरान उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 307 ग्राम पंचायतों की पहचान की गई है जबकि तमिलनाडु में 246 गांवों की पहचान की गई है।
उन्होंने बताया कि आदर्श ग्राम के घटक संदर्भ विशिष्ट होते हैं और संसद सदस्य के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत, नागरिक समाज और सरकारी तंत्र के संयुक्त प्रयासों के माध्यम से उनकी क्षमताओं और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके लोगों के साझा विजन से एक ग्राम विकसित किया जाता है।
साध्वी ज्योति ने बताया कि एसएजीवाई के तहत अपनाई गई ग्राम पंचायतों की ग्राम विकास योजनाएं (वीडीपी) संसद सदस्यों के मागदर्शन में एक भागीदारी प्रकिया के माध्यम से तैयार की जाती हैं। उन्होंने कहा कि वीडीपी में गांव की समग्र प्रगति के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समयबद्ध गतिविधियों को प्राथमिकता देना शामिल है।
उन्होंने बताया, ‘‘एसएजीवाई की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,627 ग्राम पंचायतों ने 2,34,502 परियोजनाओं वाली अपनी वीडीपी अपलोड की हैं और 956 ग्राम पंचायतों ने अपनी-अपनी ग्राम विकास योजना के तहत प्रस्तावित सभी गतिविधियों को पहले ही निष्पादित कर लिया है।''
उल्लेखनीय है कि सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत 11 अक्तूबर 2014 को हुई थी। इसका उद्देश्य एक आदर्श भारतीय गांव के बारे में महात्मा गांधी की व्यापक कल्पना को ध्यान में रखते हुए, वर्तमान परिप्रेक्ष्य में एक यथार्थ रूप देना था। इस योजना के अंतर्गत, प्रत्येक सांसद एक ग्राम पंचायत को गोद लेता है और सामाजिक विकास को महत्व देते हुए इसकी समग्र प्रगति सुनिश्चित करता है।



























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