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नयी दिल्ली. स्थानीय स्तर पर विनिर्मित टीवी सेट के दाम 3,000 रुपये तक घट सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयात किए जाने वाले कलपुर्जों पर बुनियादी सीमा शुल्क (बीसीडी) को पांच प्रतिशत से घटाकर आधा यानी 2.5 फीसदी कर दिया है। उद्योग की कुछ कंपनियों का कहना है कि ‘ओपन सेल' के घटकों पर सीमा-शुल्क में कटौती से टीवी के दाम करीब पांच प्रतिशत कम हो सकते हैं। एलईडी टीवी सेट की विनिर्माण लागत में 60 से 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सा ओपन सेल पैनल का होती है। ज्यादातर टीवी विनिर्माता इन पैनलों का आयात करते हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा, ‘‘टेलीविजन के विनिर्माण में मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए टीवी पैनल के ओपन सेल के हिस्सों पर बुनियादी सीमा शुल्क को घटाकर 2.5 फीसदी करने का प्रस्ताव दिया जाता है।'' उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स एवं उपकरण विनिर्माता संघ (सीईएएमए) के अध्यक्ष एरिक ब्रेगैंजा ने कहा कि इस कदम से क्षेत्र की वृद्धि होगी और घरेलू स्तर पर मूल्यवर्द्धन होगा। उन्होंने कहा कि यह उद्योग के लिए एक अच्छा कदम है और इससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय बाजार में थॉमसन, कोडक और व्हाइट-वेस्टिंगहाउस जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के लिए लाइसेंस रखने वाली सुपर प्लास्ट्रोनिक प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं संस्थापक अवनीत सिंह मारवाह ने कहा कि इस कदम से टीवी सेट के दाम पांच फीसदी तक कम हो जाएंगे। सोनी इंडिया के प्रबंध निदेशक सुनील नैय्यर ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से टेलीविजन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया के चेयरमैन मनीष शर्मा ने कहा कि मध्यम और उच्च वर्ग दोनों के लिए कर में कटौती की गई है जिससे करदाता के हाथ में ज्यादा पैसा आएगा और इसके परिणामस्वरूप मांग और खपत बढ़ेगी। हायर अप्लाइंसेस इंडिया के अध्यक्ष सतीश एन एस ने कहा कि सीमा शुल्क में कटौती से विनिर्माताओं को तो लाभ होगा ही, कई उपभोक्ताओं किफायती दर पर टेलीविजन खरीद पाएंगे जिससे उनकी जीवनशैली बदलेगी।
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नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को अपने बजट भाषण में कहा कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 महामारी के समय 80 करोड़ गरीब लोगों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराकर यह सुनिश्चित किया कि देश में कोई व्यक्ति भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के समय जी20 की अध्यक्षता मिलने से हमारे पास वैश्विक व्यवस्था में भारत की भूमिका को मजबूत करने का अवसर है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाए) के तहत गरीब लोगों को नि:शुल्क अनाज उपलब्ध कराने की योजना का क्रियान्वयन कर रही है जिस पर एक जनवरी से शुरू करके दो लाख करोड़ रुपये का व्यय आएगा। उन्होंने बताया कि 2020-21 में कृषि क्षेत्र में निजी निवेश बढ़कर 9.3 प्रतिशत हो गया है जो 2019-20 में सात फीसदी था। -
नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश करने के लिए बीते दो वर्षों की तरह, बुधवार को बही-खाते के समान पारंपरिक लाल रंग के बैग में टैबलेट लेकर संसद भवन पहुंचीं। सीतारमण ने अधिकारियों के अपने दल के साथ वित्त मंत्रालय के बाहर परंपरागत अंदाज में तस्वीरें खिंचवाईं। हालांकि, यह उनके हाथ में सामान्य ब्रीफकेस न होकर लाल रंग के बैग में टैबलेट था। डिजिटल स्वरूप वाले बजट को अपने भीतर समेटे हुए इस लाल कपड़े के ऊपर सुनहरे रंग का राष्ट्रीय प्रतीक-चिह्न अशोक स्तंभ भी अंकित था। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से मुलाकात करने के बाद वित्त मंत्री सीधे संसद भवन पहुंची। पहले, वित्त मंत्री बजट को लाल रंग के ब्रीफकेस में रखकर संसद भवन ले जाते थे। लेकिन वर्ष 2019 में वित्त मंत्री बनने के बाद से सीतारमण ने ब्रीफकेस की जगह भारतीय परंपरा के अनुरूप बही-खाते की शक्ल में लाल कपड़े में लिपटे बजट को पेश करना शुरू कर दिया था। कोविड महामारी के बीच 2021 में बजट पेश करने के दिन सीतारमण ने इसमें एक और बदलाव करते हुए डिजिटल बजट पेश किया था। इसके लिए लाल कपड़े में लिपटे टैबलेट के साथ वह नजर आई थीं। इसके बाद साल 2022 और इस साल भी सीतारमण ने डिजिटल बजट पेश करने का सिलसिला जारी रखा।
वित्त वर्ष 2023-24 के लिए उनका बजट मोदी सरकार का लगातार 11वां आम बजट है। इसमें 2019 आम चुनाव से पहले पेश किया गया एक अंतरिम बजट भी शामिल है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आजाद भारत में लगातार पांच बजट पेश करने वालीं पांचवीं मंत्री हैं। उनके अलावा लगातार पांच बजट और बजट भाषण देने वाले नेताओं में अरुण जेटली, पी. चिदंबरम यशवंत सिन्हा, मनमोहन सिंह और मोरारजी देसाई हैं। मोदी सरकार के 2014 में सत्ता में आने के बाद से बजट पेश करने की तारीख को 28 फरवरी से बदलकर एक फरवरी कर दिया गया था। इसे अब हर साल एक फरवरी को सुबह 11 बजे संसद में पेश किया जाता है। -
नयी दिल्ली. पूरी तरह तैयार स्थिति में आयात की जाने वाली कारों पर आयात शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में किया गया है। यह शुल्क इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी लागू होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को संसद में बजट पेश करते हुए यह घोषणा की।
इसके मुताबिक, 40,000 डॉलर से कम कीमत वाले पूरी तरह तैयार वाहनों पर आयात शुल्क को 60 से बढ़ाकर 70 प्रतिशत किया जाएगा। यह दर 3,000 सीसी से कम इंजन क्षमता वाले पेट्रोल चालित वाहन और 2,500 सीसी से कम क्षमता वाले डीजल चालित वाहन पर भी लागू होगी। इसी तरह विदेश में बनकर आने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी सीमा शुल्क को 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है। बजट में विदेश से आधी-अधूरी बनी हुई स्थिति में आयात किए जाने वाले वाहनों पर भी शुल्क को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है। पूर्ण निर्मित आयात की जाने वाली 40,000 डॉलर से अधिक मूल्य की कारों पर पहले से ही 100 प्रतिशत शुल्क लगता है। यह शुल्क दर 3,000 सीसी से अधिक क्षमता वाले पेट्रोल वाहन और 2,500 सीसी से अधिक क्षमता वाले डीजल वाहन पर भी लागू है। रेटिंग एजेंसी इक्रा में वरिष्ठ उपाध्यक्ष शमशेर दीवान ने कहा, ‘‘इस बदलाव का अधिक असर पड़ने की संभावना कम है। इसकी वजह यह है कि अधिकांश लग्जरी कारों को अब देश में ही असेंबल किया जाता है। इस आयात शुल्क वृद्धि से घरेलू कार विनिर्माण को और प्रोत्साहन मिलेगा। -
नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि सरकार ने पीएम-किसान योजना के तहत 2.2 लाख करोड़ रुपये का नकद हस्तांतरण किया है। उन्होंने 2024 के आम चुनाव से पहले भाजपा की अगुवाई वाली राजग सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का मिशन ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। उन्होंने आगे कहा कि डिजिटल भुगतान में महत्वपूर्ण वृद्धि के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था अधिक संगठित हो गई है। कृषि क्षेत्र में संस्थागत ऋण वित्त वर्ष 2021-22 में बढ़कर 18.6 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो 2020-21 में 15.8 लाख करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि पीएम-किसान, पीएम-फसल बीमा योजना और कृषि अवसंरचना कोष बनाने जैसी पहल ने इस क्षेत्र की मदद की है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सामाजिक-आर्थिक विकास में डिजिटल बुनियादी ढांचे की भूमिका बढ़ी है और भारत ने खुद को ज्ञान केंद्र के रूप में मजबूती से स्थापित किया है।
- नयी दिल्ली। सरकार ने बुधवार को 'जोखिम-आधारित' नजरिए को अपनाकर केवाईसी प्रक्रिया सरल बनाने का प्रस्ताव रखा। इस समय केवाईसी की 'सबके लिए एक जैसी' व्यवस्था लागू है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में डिजिलॉकर सेवा के जरिए पहचान और पते को अपडेट करने के लिए 'एक जगह समाधान' पेश करने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने यह घोषणा भी की कि व्यावसायिक प्रतिष्ठान सरकारी एजेंसियों की डिजिटल प्रणाली के लिए पैन को साझा पहचानकर्ता के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे। उन्होंने कहा, ''केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) प्रक्रिया को सरल बनाते हुए इसे 'सभी के लिए एक जैसा' के बजाय 'जोखिम आधारित' नजरिया वाला बनाया जाएगा।'' डिजिटल इंडिया की जरूरतों को पूरा करने के लिए वित्तीय क्षेत्र के नियामकों को भी केवाईसी प्रणाली के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कह कि विभिन्न सरकारी एजेंसियों, नियामकों और विनियमित संस्थाओं द्वारा जारी किए गए व्यक्तियों की पहचान और पते के मिलान और उन्हें अपडेट करने के लिए एक जगह समाधान उपलब्ध कराया जाएगा। इसे डिजिलॉकर सेवा और आधार को मूलभूत पहचान के रूप में इस्तेमाल करके स्थापित किया जाएगा।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को घोषणा की कि समग्र विकास के एक अंग के तौर पर बच्चों और किशोरों के लिए अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं, विषयों और स्तरों में गुणवत्तापूर्ण पुस्तकें विभिन्न उपकरणों के माध्यम से उपलब्ध कराने के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना की जाएगी। उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि राज्यों को उनके लिए पंचायत तथा वार्ड स्तरों पर प्रत्यक्ष पुस्तकालय स्थापित करने और राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय संसाधन तक पहुंच बनाने के लिए आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराने के वास्ते प्रोत्साहित किया जाएगा। महामारी के समय बच्चों की पढ़ाई को हुए नुकसान की भरपाई के लिए अध्ययन की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी), चिल्ड्रन्स बुक ट्रस्ट (सीबीटी) और अन्य स्रोतों को इन प्रत्यक्ष पुस्तकालयों में क्षेत्रीय भाषाओं एवं अंग्रेजी में पाठ्यक्रम से इतर पुस्तकें उपलब्ध कराने को प्रोत्साहित किया जाएगा। सीतारमण ने कहा, ‘‘साक्षरता के क्षेत्र में काम करने वाले गैर-सरकारी संगठनों के साथ साझेदारी भी इस पहल से जुड़ी होगी। वित्तीय साक्षरता के लिए वित्तीय क्षेत्र के नियामकों और संगठनों को इन पुस्तकालयों में आयु के अनुसार यथोचित पाठ्य सामग्री प्रदान करने को प्रोत्साहित किया जाएगा।'' शिक्षा क्षेत्र के हितधारकों ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है।एचएलएम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स की प्रवक्ता तन्वी मिगलानी के अनुसार, राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना बच्चों तथा किशोरों के लिए अनेक विषयों में डिजिटल मंच पर प्रशिक्षण के संसाधन उपलब्ध कराने का एक बड़ा नीतिगत कदम होगा। एमआरजी स्कूल, रोहिणी (दिल्ली) की प्राचार्य अंशु मित्तल ने कहा कि डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना से छात्रों को महामारी में हुए पढ़ाई के नुकसान से उबरने में मदद मिलेगी। ‘द क्लास ऑफ वन' की निदेशक दिव्या जैन ने भी इसी तरह के विचार रखे।पैसिफिक वर्ल्ड स्कूल' की प्राचार्य पूजा बोस ने कहा कि गैर सरकारी संगठनों की भागीदारी से छात्रों को अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाएं सीखने के लिए प्रोत्साहित करने से संस्कृति और क्षेत्रीय अवधारणा को समझना उनके लिए ज्यादा आसान होगा।
- नयी दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बुधवार को पेश किए गए बजट प्रस्ताव के अनुसार, अगर कुल वार्षिक प्रीमियम पांच लाख रुपये से अधिक है तो जीवन बीमा पॉलिसी की परिपक्वता राशि पर कर देय होगा। वित्त मंत्री ने बजट में प्रस्ताव किया कि एक अप्रैल, 2023 के बाद जारी की गई जीवन बीमा पॉलिसी (यूलिप के अतिरिक्त) के लिए कुल प्रीमियम अगर पांच लाख रुपये से अधिक है तो जिन पॉलिसी में कुल प्रीमियम पांच लाख रुपये तक है, उसे छूट दी जाएगी। प्रस्ताव के अनुसार बीमित व्यक्ति की मृत्यु की स्थित में प्राप्त होने वाली राशि पर मौजूदा कर छूट बरकरार रहेगी। उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था 31 मार्च, 2023 तक जारी बीमा पॉलिसी पर लागू नहीं होगी। अर्थशास्त्री निधि मनचंदा ने कहा कि वित्त विधेयक से मिले झटकों में से एक, जीवन बीमा पॉलिसी की परिपक्वता आय पर कराधान से संबंधित है। उन्होंने कहा कि यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि यदि किसी व्यक्ति के पास एक से अधिक जीवन बीमा पॉलिसी हैं जो एक अप्रैल 2023 के बाद जारी की गई हो और यदि ऐसी पॉलिसी के प्रीमियम की कुल राशि पांच लाख रुपये से अधिक है, तो परिपक्वता राशि कर योग्य होगी। बजट के बाद, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस के शेयर की कीमतों में 11 प्रतिशत और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस में 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
- नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले अपने अंतिम पूर्ण बजट में मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को कर मोर्चे पर राहत दी है। इसके तहत नई कर व्यवस्था के तहत सात लाख रुपये तक की आय पर अब कोई कर नहीं लगेगा। हालांकि, निवेश और आवास भत्ता जैसी छूट वाली पुरानी कर व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सीतारमण ने बुधवार को संसद में इस सरकार का अंतिम पूर्ण बजट पेश करते हुए ये प्रस्ताव किये। इसके अलावा पहली बार नई कर व्यवस्था के तहत भी 50,000 रुपये की मानक कटौती के लाभ का प्रस्ताव किया गया है। कुल मिलाकर इस पहल का मकसद नौकरीपेशा लोगों को नई कर व्यवस्था अपनाने के लिये प्रोत्साहित करना है।पुरानी कर व्यवस्था में विभिन्न रियायतों के साथ पांच लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं है।साथ ही मूल आयकर छूट सीमा बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दी गई है। पुरानी कर व्यवस्था में यह छूट सीमा 2.5 लाख रुपये है। इस कदम से अगर कोई व्यक्ति सात लाख रुपये तक कमाता है, उसे नई कर व्यवस्था अपनाने से सालाना 33,800 रुपये की बचत होगी। वहीं 10 लाख रुपये तक की आय पर 23,400 रुपये और 15 लाख रुपये तक की आय पर 49,400 रुपये की बचत होगी। इसके अलावा, बजट में दो करोड़ रुपये से अधिक व्यक्तिगत आय वाले करदाताओं को राहत भी दी गयी है। इसमें अधिभार की उच्चतम दर 37 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत की गयी है। इससे करीब 5.5 करोड़ रुपये वेतन आय वाले को लगभग 20 लाख रुपये की बचत होगी। सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि फिलहाल जिन लोगों की कुल आय पांच लाख रुपये तक है, उन्हें छूट के कारण कोई कर नहीं देना पड़ता। उन्होंने कहा, ‘‘निवासी व्यक्तिगत आयकरदाताओं के लिये नई कर व्यवस्था के तहत छूट बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके तहत अगर उनकी कुल आय सात लाख रुपये है, उन्हें कोई कर नहीं देना होगा।'' वित्त मंत्री ने ‘स्लैब' भी घटाकर पांच करने का प्रस्ताव किया।संशोधित नई कर व्यवस्था के तहत तीन लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा। वहीं तीन लाख रुपये से छह लाख रुपये की आय पर पांच प्रतिशत, छह से नौ लाख रुपये पर 10 प्रतिशत, नौ लाख रुपये से 12 लाख रुपये पर 15 प्रतिशत और 12 लाख रुपये से 15 लाख रुपये तक 20 प्रतिशत और 15 लाख रुपये से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत कर लगेगा। सीतारमण ने कहा, ‘‘मैं नई कर व्यवस्था में भी मानक कटौती का लाभ देने का प्रस्ताव करती हूं। जिन वेतनभोगियों की आय 15.5 लाख रुपये या उससे अधिक है, उन्हें इसके तहत 52,500 रुपये का लाभ मिलेगा।'' डेलॉयट इंडिया में भागीदार नीरू आहूजा ने कहा, ‘‘नई कर व्यवस्था में किये गये प्रस्तावों से साफ है कि सरकार चाहती है कि वेतनभोगी नई व्यवस्था को अपनाये। जिसके तहत छूट का दावा नहीं किया जा सकता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘आमतौर पर वेतनभोगी लोग कर छूट का लाभ लेने के लिये बचत करते है। बजट में नई कर व्यवस्था में बदलाव का मकसद लोगों को उस सोच से बाहर निकालना है। सरकार ने यह संकेत दिया है कि नई कर व्यवस्था बनी रहेगी और आगे यही एकमात्र विकल्प होगा।'' सरकार 2020-21 के बजट में वैकल्पिक कर व्यवस्था लेकर आई थी। इसके तहत व्यक्ति और हिंदु अविभाजित परिवार को कम दर से कर लगता है, लेकिन उन्हें आवास भत्ता, मकान कर्ज पर ब्याज, 80 सी, 80 डी और 80सीसीडी के तहत कोई छूट तथा अन्य कटौती का लाभ नहीं लेना होता। इसके तहत 2.5 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगता है। फिलहाल 2.5 लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक की आय पर पांच प्रतिशत, पांच लाख रुपये से 7.5 लाख रुपये तक की आय पर 10 प्रतिशत, 7.5 लाख रुपये रुपये से 10 रुपये तक की आय पर 15 प्रतिशत, 10 लाख रुपये से 12.5 लाख रुपये पर 20 प्रतिशत, 12.5 लाख रुपये से 15 लाख रुपये की आय पर 25 प्रतिशत और 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत कर का प्रावधान है। हालांकि नई कर व्यवस्था की ओर लोग आकर्षित नहीं हो पाए। इसका कारण कई मामलों में बिना छूट के कारण कर अधिक होना था। वित्त मंत्री ने नई कर व्यवस्था यानी बिना कोई छूट वाली कर व्यवस्था को ‘डिफॉल्ट' बनाने का प्रस्ताव किया। ‘डिफॉल्ट' व्यवस्था के बारे में पूछे जाने पर आयकर विशेषज्ञ सत्येन्द्र जैन ने कहा , ‘‘इसका मतलब है कि अगर आपने आयकर रिटर्न में आपने अपना विकल्प नहीं चुना है तो आप स्वत: नई कर व्यवस्था में चले जाएंगे।'' बजट प्रस्तावों के अनुसार, एक अप्रैल से नये प्रावधान लागू होंगे।
- नयी दिल्ली । इस साल होने वाले एशियाई खेलों और अगले साल के लिए प्रस्तावित पेरिस ओलंपिक की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए खेल मंत्रालय के लिए बुधवार को पेश केन्द्रीय बजट में 3,397.32 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है जो पिछले साल के मुकाबले 723.97 करोड़ रुपये अधिक है। यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष (2022-23) के संशोधित बजट से अधिक है, जब मंत्रालय को 2,673.35 करोड़ रुपये मिले थे। पिछले साल हालांकि वास्तविक आवंटन 3,062.60 करोड़ रुपये था। साल 2022-23 के लिए संशोधित आवंटन में कटौती का एक मुख्य कारण चीन में प्रस्तावित एशियाई खेलों का स्थगन हो सकता है। इन खेलों का आयोजन इस साल होगा। मंत्रालय का प्रमुख कार्यक्रम, ‘खेलो इंडिया - खेल के विकास के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम' सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है, इसे पिछले वित्त वर्ष के दौरान 606 करोड़ रुपये के संशोधित आवंटन के मुकाबले 1,045 करोड़ रुपये आवंटित किए गये हैं। इसमें 439 करोड़ रुपये की वृद्धि कार्यक्रम के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस आयोजन ने पिछले कुछ वर्षों में ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों जैसे प्रमुख वैश्विक आयोजनों के लिए एथलीट तैयार करने की क्षमता दिखाई है।खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय शिविरों के आयोजन, शिविर का बुनियादी ढांचा और उपकरण प्रदान करने, प्रशिक्षकों की नियुक्ति और खेल के बुनियादी ढांचे को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के लिए इस बजटीय आवंटन में 36.09 करोड़ रुपये की वृद्धि की गयी है। पिछले वर्ष के संशोधित व्यय 749.43 करोड़ रुपये के मुकाबले साल 2023-24 के लिए उनका आवंटन 785.52 करोड़ रुपये है। राष्ट्रीय खेल संघों (एनएसएफ) को पिछले वर्ष के संशोधित बजट 280 करोड़ रुपये से 45 करोड़ रुपये का बढ़ा हुआ आवंटन प्राप्त हुआ है और अब उन्हें 325 करोड़ रुपये मिलेंगे। विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) से संबद्ध राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) और राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (एनडीएलटी) को पहले साइ के जरिए कोष मिलता था लेकिन अब ये संस्थाएं अपने रकम को सीधे प्राप्त करेगी। इस साल के बजट में नाडा को 21.73 करोड़ रुपये की धनराशि मुहैया कराने का प्रावधान है, जबकि डोप परीक्षण कराने वाले एनडीटीएल को 19.50 करोड़ रुपये मिलेंगे। दुनिया भर के देश खेल उत्कृष्टता के लिए प्रयास कर रहे हैं और खिलाड़ियों के खेल विज्ञान और वैज्ञानिक प्रशिक्षण पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। ऐसे में इस साल के बजट में राष्ट्रीय खेल विज्ञान और अनुसंधान केंद्र के लिए भी 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- नयी दिल्ली। एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों के लिए 38,800 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा में बजट पेश करते हुए यह घोषणा की। आम चुनाव 2024 से पहले नरेंद्र मोदी सरकार 2.0 के अंतिम पूर्ण बजट को पेश करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों और किशोरों के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कर्नाटक के सूखा प्रभावित मध्य क्षेत्र की मदद के लिए 5,300 करोड़ रुपये देगी। वित्त मंत्री ने कहा कि पीएम आवास योजना पर व्यय 66 प्रतिशत वृद्धि के साथ 79,000 करोड़ रुपये हो गया है। सीतारमण ने निजी निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए पूंजी व्यय बढ़ाने की भी घोषणा की है।
- नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को अपने बजट प्रस्ताव में महिलाओं के लिए नयी बचत योजना की घोषणा की। 'महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र' नामक इस योजना में दो साल के लिए 7.5 प्रतिशत की निश्चित दर से जमा राशि पर ब्याज मिलेगा। इस योजना के तहत किसी महिला या बालिका के नाम पर जमा किया जा सकता है। इसके तहत अधिकतम जमा राशि दो लाख रुपये रखी गई है और योजना में आंशिक निकासी की सुविधा भी होगी। वित्त मंत्री ने घोषणा की, "महिला सम्मान बचत पत्र के तहत एकबारगी नयी छोटी बचत। महिलाओं और लड़कियों के लिए 7.5 प्रतिशत की ब्याज दर के साथ दो साल की अवधि के लिए जमा सुविधा होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ग्रामीण महिलाओं को एकत्र कर 81 लाख स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत छोटे किसानों को 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता मुहैया कराई गई है। इसके साथ ही करीब तीन करोड़ महिला किसानों को योजना के तहत 54,000 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। सीतारमण ने वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में निवेश की जाने वाली अधिकतम राशि को बढ़ाकर 30 लाख रुपये किए जाने की भी घोषणा की। यह राशि अभी 15 लाख रुपये है। डाक मासिक आय योजना की भी सीमा में वृद्धि की गई है। किसी एक व्यक्ति के नाम पर अब 4.5 लाख रुपये क बदले नौ लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकेगा।
- नयी दिल्ली ।भारत में विनिर्मित मोबाइल फोन और टीवी सेट के दाम घटने वाले हैं क्योंकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उनके कलपुर्जों के आयात पर बुनियादी सीमा शुल्क (बीसीडी) में कटौती की घोषणा की है। हालांकि, इस बजट के बाद सिगरेट के शौकीनों की जेब ढीली होने जा रही है क्योंकि सरकार ने इनपर कर बढ़ा दिया है।इलेक्ट्रिक वाहनों समेत पूर्ण रूप से आयातित कारें और आयातित कलपुर्जों की मदद से भारत में असेंबल किए जाने वाले वाहन महंगे हो जाएंगे क्योंकि वित्त मंत्री ने इन पर सीमा-शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव किया है।आयातित वस्तुएं जो महंगी होने वाली हैं:-सिगरेट-किचन की चिमनी-आयातित साइकिल और खिलौने-पूर्ण रूप से आयातीत कारें और इलेक्ट्रिक वाहन-नकली आभूषण-कम्पाउंडेड रबड़-अप्रसंस्कृत चांदी (सिल्वर डोर)-नेफ्थासीमा-शुल्क में कटौती के बाद कुछ उत्पाद सस्ते होंगे, जो हैं:-घरेलू स्तर पर विनिर्मित टीवी सेट-झींगे का आहार-जलीय जीवों के आहार के विनिर्माण में इस्तेमाल होने वाला मछली का तेल-प्रयोगशाला में हीरों के निर्माण में उपयोग की जाने वाली कच्ची सामग्री-पूंजीगत माल-इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले लिथियम आयन सेल के विनिर्माण में काम आने वाली मशीनरी।
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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को आम बजट 2023-24 को ‘‘ऐतिहासिक'' करार देते हुए कहा कि यह विकसित भारत के ‘‘विराट संकल्प'' को पूरा करने के लिए एक मजबूत नींव का निर्माण करेगा। संसद के दोनों सदनों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आम बजट पेश किए जाने के बाद एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह बजट वंचितों को वरीयता देता है, यह आज के आकांक्षी समाज, गांव, गरीब, किसान, मध्यम वर्ग, सभी के सपनों को पूरा करेगा।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इस ‘‘सर्वस्पर्शी और विकसित भारत के निर्माण को गति देने वाले'' बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी टीम को बधाई देते हैं। बजट में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना (पीएम-विकास) के प्रावधान का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार ऐसे मेहनत और सृजन करने वालों के लिए बजट में पहली बार योजना लेकर आई है जिससे उनके जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने कहा, ‘‘गांव से लेकर शहर तक में रहने वाली हमारी महिलाओं के जीवन स्तर में बदलाव लाने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं, उन्हें अब और ताकत के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।'प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला स्व:सहायता समूहों के सर्वांगीण विकास के लिए बजट में की गई पहल उन्हें एक नया आयाम देगी। उन्होंने कहा कि 'महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र' योजना अब जन धन खातों के बाद एक विशेष बचत योजना के रूप में आई है और यह सामान्य परिवार की महिलाओं को बहुत बड़ी ताकत देने वाली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास की धुरी बनाएगा।उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने सहकारिता के क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना बनाई है। बजट में नए प्राइमरी सहकारिता बनाने की एक महत्वाकांक्षी योजना का भी ऐलान हुआ है। इससे खेती के साथ-साथ दूध और मछली उत्पादन के क्षेत्र का विस्तार होगा, किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को अपने उत्पाद की बेहतर कीमत मिलेगी।'' प्रधानमंत्री ने डिजिटल लेनदेन सफलता का उल्लेख करते हुए इसे कृषि क्षेत्र में दोहराए जाने की बात कही और बताया कि इसलिए इस बजट में ‘‘डिजिटल एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर'' के लिए बहुत बड़ी योजना लाई गई है।मोटे अनाज का वर्ष मनाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि यह अब घर-घर में पहुंच रहा है और पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो रहा है तथा इसका सर्वाधिक लाभ भारत के छोटे किसानों को मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘इसकी एक नई पहचान, विशेष पहचान आवश्यक है। इसलिए अब इस सुपर-फूड को श्री-अन्न की नई पहचान दी गई है। इसके प्रोत्साहन के लिए भी अनेक योजनाएं बनाई गई हैं। श्री-अन्न को दी गई प्राथमिकता से देश के छोटे किसानों, आदिवासी भाई-बहन जो किसानी करते हैं, उनको आर्थिक सम्बल मिलेगा और देशवासियों को एक स्वस्थ जीवन मिलेगा।''प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट टिकाऊ भविष्य के लिए हरित वृद्धि, हरित अर्थव्यवस्था, हरित ऊर्जा, हरित अवसंरचना और हरित नौकरी को अभूतपूर्व विस्तार देगा। उन्होंने कहा कि बजट में प्रौद्योगिकी और नई इकोनामी पर बहुत अधिक बल दिया है। उन्होंने कहा कि आकांक्षी भारत आज सड़क, रेल, मेट्रो, बंदरगाह, जलमार्ग हर क्षेत्र में आधुनिक अवसंरचना चाहता है इसलिए 2014 की तुलना में अवसंरचना में निवेश पर 400 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि इस बार बजट में बुनियादी ढांचा विकास पर पूंजीगत व्यय 10 लाख करोड़ रुपये किया गया है और यह ‘‘अभूतपूर्व'' निवेश भारत के विकास को नई ऊर्जा और तेज गति देगा।उन्होंने कहा, ‘‘यह निवेश युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। एक बहुत बड़ी आबादी को आय के नए अवसर उपलब्ध कराएगा।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बजट में ‘‘व्यवसाय की सुगमता'' के साथ-साथ उद्योगों के लिए क्रेडिट सपोर्ट और रिफॉर्म्स के अभियान को आगे बढ़ाया गया है।उन्होंने कहा कि समृद्ध और विकसित भारत के सपनों को पूरा करने के लिए मध्यम मार्ग एक बहुत बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, ‘‘मध्यम वर्ग को सशक्त बनाने के लिए हमारी सरकार ने बीते वर्षों में अनेकों निर्णय लिए हैं। जीवन जीने की सुगमता को सुनिश्चित किया है। कर की दर को कम किया है और कर प्रक्रिया को आसान बनाया है। हमेशा मध्यम वर्ग के साथ खड़ी रहने वाली हमारी सरकार ने मध्यम वर्ग को कर में बड़ी राहत दी है।' - नोएडा । थाना सेक्टर 39 पुलिस को बुधवार को दोपहर डेढ़ बजे सूचना मिली कि गार्डेनिया ग्लोरी सोसाईटी सैक्टर-46 में दिल्ली पब्लिक स्कूल की टीचर बिल्डिंग के कूद गई है। दोपहर अचानक गार्ड्स ने जोर से गिरने की आवाज सुनी। गार्ड जैसे ही ने टावर A-2 के नीचे पहुंचे वहां महिला टीचर लहूलुहान हालत में पड़ी थी।आनन फानन में पुलिस को खबर दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती को अस्पताल भेजा जहां डॉक्टरों ने युवती को मृत घोषित कर दिया। पुलिस अफसरों के मुताबिक मृतका का नाम पारुल गुप्ता था वो नोएडा के एक निजी स्कूल में फिजिक्स पढ़ाती थीं। पारुल गार्डेनिया ग्लोरी सोसाईटी के टॉवर नंबर ए 2 के फ्लैट नंबर 702 में रहा करती थीं।पुलिस के मुताबिक ये टीचर अकेले रहा करती थीं। पुलिस की टीम आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। मृतका के शव को पोस्टमार्टम हेतु जिला मोर्चरी सैक्टर-94 भेजा गया है। पुलिस की टीमें पारुल के परिजनों के बयान दर्ज कर रही हैं।(सांकेतिक तस्वीर)
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बुरहानपुर। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में बुधवार को दो ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर में दो बच्चों सहित पांच लोगों की मौत हो गई। देढ़तालाई पुलिस चौकी प्रभारी दिलीप सिंह ने बताया कि यह हादसा बुहरानपुर जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर देढ़तालाई-शेखपुरा मार्ग पर हुआ।उन्होंने बताया कि गन्ने से भरे एक ट्रक और मजदूरों को लेकर जा रहे एक अन्य ट्रक के बीच आमने-सामने की टक्कर हुई। इस हादसे में मजदूरों को लेकर जा रहे ट्रक में सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
सिंह ने बताया कि मृतकों की पहचान पार्वती (32), नंदिनी (12), दुर्गा (14), रमेश (35) एवं जामवंती बाई (32) के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद गन्ने के ट्रक का चालक मौके से फरार हो गया। सिंह ने बताया कि इस मामले में खकनार पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है और विस्तृत जांच जारी है। -
नई दिल्ली। कृषि बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने दो और घोषणाएं कीं। पहला- डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर: इस ओपन सोर्स से किसानों को खाद बीज से लेकर मार्केट और स्टार्टअप्स तक की जानकारी मिल सकेगी। दूसरा- एग्रीकल्चर एक्सीलेटर फंड: इसके जरिए गांवों में युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने का मौका मिलेगा।
बजट में किसानों के लिए कही गई हैं…
कृषि स्टार्टअप बढ़ाने के लिए एग्रीकल्चर एक्सीलेटर फंड बनेगा।
प्रधानमंत्री मत्स्य योजना के लिए 6 हजार करोड़ रुपए का ऐलान।
किसानों को लोन देने की राशि 20 लाख करोड़ रुपए की गई।
मोटे अनाज बढ़ावा देने के लिए इंस्टीट्यूट्स ऑफ मिलेट्स बनेगा।
2 हजार 200 करोड़ बागवानी की उपज को बढ़ावा देने के लिए।
खाद-बीज की जानकारी देने के लिए डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर।
अगले 3 साल में 1 करोड़ किसानों को नेचुरल फार्मिंग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए 10 हजार बायो इनपुट रिसर्च सेंटर स्थापित होंगे।
कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप (PPP) मॉडल पर जोर।
किसानों के लिए सहकार से समृद्धि प्रोग्राम चलाया जाएगा। इसके जरिए 63 हजार एग्री सोसायटी को कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा। -
चंडीगढ़. चंडीगढ़ स्थित स्नात्कोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) में पहली बार अपनी किस्म के अनोखे एवं जटिल आपरेशन में एक मरीज में अग्नाशय (पैंक्रियाज) और गुर्दे (किडनी) का एक ही समय पर प्रतिरोपण किया गया। मरीज में एक मृत व्यक्ति का अग्नाशय प्रतिरोपित किया गया, जबकि गुर्दा उसकी (मरीज की) बहन ने दान किया था। सोमवार को पीजीआईएमईआर ने बताया कि 21 वर्षीय कुंदन बैठा (मृतक) का अंगदान करने वाले उसके परिवार के इस उदार रुख ने चार लोगों की जान बचाई। संस्थान ने कहा, ‘‘एक और उपलब्धि हासिल करते हुए स्नात्कोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान ने पहली बार अग्नाशय और गुर्दा प्रतिरोपण साथ-साथ किया, जहां अग्नाशय अंगदान करने वाले एक मृतक के शरीर से हासिल किया गया, जबकि गुर्दा मरीज की बहन ने दान किया था।'' बयान के मुताबिक, बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले का निवासी कुंदन बैठा 22 जनवरी को किसी कार्य से बाहर गया था, तभी उसकी मोटरसाइकिल फिसल गई और वह सड़क पर गिर गया। दुर्घटना में उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। कुंदन को नाजुक हालत में 23 जनवरी को संस्थान में लाया गया था। हालांकि,29 जनवरी को पीजीआईएमईआर की प्रमाणन समिति ने यह घोषित किया कि उसके मस्तिष्क ने काम करना बंद कर दिया है। बयान में कहा गया है, ‘‘लेकिन दुख की इस घड़ी में उसके पिता नरसिंह बैठा ने असाधारण साहस का परिचय देते हुए अपने मृत बेटे के अंगदान करने की सहमति दी।'' परिवार की सहमति के बाद कुंदन के हृदय, लीवर, गुर्दे और अग्नाशय को प्रतिरोपण के लिए निकाल लिया गया।
एक ही समय पर किये गये अग्नाशय और गुर्दा प्रतिरोपणों के बारे में नेफ्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एच एस कोहली ने कहा कि एक ही समय पर दो अंगों का प्रतिरोपण करना एक बड़ी चुनौती थी। उन्होंने कहा, ‘‘टीम ने अथक परिश्रम से आखिरकार इसे सफल बना दिया।'' रेनल ट्रांसप्लांट सर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो. आशीष शर्मा ने कहा कि जिस व्यक्ति में ये अंग प्रतिरोपित किये गये वह पिछले 21 वर्षों से ‘टाइप 1' मधुमेह से ग्रसित था। उन्होंने बताया कि मरीज की बहन उसे किडनी दान करने की इच्छुक थी, लेकिन वह अपना अग्नाशय नहीं दे सकती थी। ऑपरेशन करीब 12 घंटे तक चला और इसमें विभिन्न विभागों के करीब 30 चिकित्साकर्मियों ने योगदान दिया। संयुक्त प्रतिरोपण ऑपरेशन किसी जटिलता के बगैर सफल रहा। पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने अंगदान करने वाले व्यक्ति के परिवार की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘‘कुंदन बैठा की तरह अंगदान करने वाले व्यक्ति के परिवार को एक अलग ही तरह का सम्मान मिलता है। -
गाजियाबाद. पुलिस ने मंगलवार को एक व्यक्ति को एक महिला से छेड़खानी करने और उसे खून से सना एक पत्र भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया। इस पत्र के साथ ब्लेड को भी संलग्न किया गया था। पुलिस को मिली शिकायत के मुताबिक आरोपी नया मोबाइल खरीदने के लिए महिला से अपने खाते में पैसे भेजने के लिए कह रहा था। आरोपी की पहचान शहर की विश्वकर्मा कॉलोनी के हैदर अली खान के रूप में हुई है। महिला भी उसी कॉलोनी की रहने वाली है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी खान ने खून से सना पत्र महिला की कार पर चिपका दिया। सहमी महिला ने इस संबंध में सिहानी गेट थाने में तहरीर दी जिसमें उसने कहा कि कई दिनों से उसका पीछा कर रहा था, जिसे उसने नजरंदाज कर दिया। अब जब उसने अश्लील हरकतों के साथ उसके लिए आपत्तिजनक टिप्पणियों का इस्तेमाल करना शुरू किया, तो महिला ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। महिला ने शिकायत में कहा कि पीछा करने वाला उसे काफी देर तक घूरता रहता था जिसके कारण वह असहज महसूस करती थी। अपर पुलिस उपायुक्त आलोक दुबे ने कहा, "पुलिस ने मंगलवार दोपहर को उसे गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। -
कोहिमा. निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को 60 सदस्यीय नगालैंड विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दी। अधिसूचना के मुताबिक सात फरवरी तक उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। नामांकन की जांच आठ फरवरी को होगी और 10 फरवरी तक नाम वापस लिये जा सकेंगे । इसके अनुसार, मतदान 27 फरवरी को सुबह सात बजे से लेकर शाम चार बजे तक होगा और मतों की गिनती दो मार्च को होगी । इस बीच, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि नामांकन दाखिल करने के पहले दिन मंगलवार को किसी भी उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल नहीं किया।
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धनबाद. झारखंड के धनबाद जिले में शक्ति मंदिर रोड स्थित आशीर्वाद अपार्टमेंट में मंगलवार शाम लगी भीषण आग में 14 लोगों की मौत हो गई और 12 से अधिक लोग घायल हो गए। राज्य की राजधानी रांची से करीब 160 किलोमीटर दूर धनबाद में जोड़ाफाटक इलाके के आशीर्वाद टावर में शाम छह बजे आग लगी। झारखंड के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने बताया कि आशीर्वाद अपार्टमेंट के एक फ्लैट में विवाह का कार्यक्रम चल रहा था और आशंका है कि इसी दौरान दीपक के कारण लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया जिससे बच्चों एवं महिलाओं समेत 14 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इस घटना में 12 से अधिक लोग घायल हुए हैं और उन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सुखदेव सिंह ने बताया कि अग्निशमन दल ने रात्रि लगभग नौ बजे तक आग पर काबू पा लिया, लेकिन राहत एवं बचाव का कार्य अभी जारी है। उन्होंने बताया कि मृतकों की संख्या में वृद्धि की आशंका है। इससे पहले, धनबाद के उपायुक्त संदीप सिंह ने कहा था कि आग लगने की घटना में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है। उन्होंने साथ ही कहा था कि हताहतों की सटीक संख्या अभी पता नहीं चल पाई है।
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हजारीबाग. झारखंड के हजारीबाग जिले में एक घर में आग लगने से उसमें मौजूद दो बच्चों की झुलस कर मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना प्रदेश की राजधानी रांची से 150 किलोमीटर दूर बरकट्ठा पुलिस थाना क्षेत्र के चेचकपी गांव में रविवार की देर रात हुयी । पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब आग लगी तब दोनों भाई-बहन सो रहे थे।
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे ने बताया कि मकान की छत फूस की बनी थी, जिसमें संभवत: बिजली के तार से निकली चिंगारी की वजह से आग लगी। अधिकारी ने बताया कि बच्चों के शवों की पहचान नहीं की जा सकी है और उन्हें हजारीबाग चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि घटना और बच्चों के मात-पिता की विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है। उन्होंने बताया, अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। -
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना पांचवा बजट पेश किया आइए जानते हैं आम बजट में क्या सस्ता क्या महंगा हुआ।
बजट में क्या हुआ सस्ता
LED टीवी
मोबाइल फोन
खिलौना
मोबाइल कैमरा लेंस
इलेक्ट्रिक गाड़ियां
हीरे के आभूषण
बायोगैस से जुड़ी चीजें
लिथियम सेल्स
साइकिल
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बजट में क्या हुआ महंगा
सामान
सिगरेट
छाता
विदेशी किचन चिमनी
सोना
आयातित चांदी के सामान
प्लेटिनम
विदेशी खिलौने -
नई दिल्ली। प्रख्यात न्यायविद् और पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री शांति भूषण का संक्षिप्त बीमारी के बाद मंगलवार को दिल्ली स्थित उनके घर में निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कानून मंत्री किरेन रीजीजू समेत अन्य हस्तियों ने उनके निधन पर शोक जताया है। वह 97 साल के थे। उनके परिवार से जुड़े लोगों ने बताया कि संक्षिप्त बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। अपने समय के वरिष्ठ अधिवक्ता शांति भूषण वर्ष 1977 से 1979 तक मोरारजी देसाई कैबिनेट में कानून मंत्री रहे।
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अनूपपुर. मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में सात साल की एक बच्ची ने साड़ी से खेल-खेल में कथित तौर पर फांसी लगा ली। यह जानकारी पुलिस ने मंगलवार को दी। कोतमा पुलिस थाना प्रभारी अजय बैगा ने बताया कि यह घटना सोमवार को पकरिया गांव में उस समय हुई जब बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी और उसकी मां घर के अंदर काम कर रही थी। उन्होंने बताया कि लड़की के परिजनों के बयान के अनुसार घर की बाहरी दीवार से जुड़े बांस से बंधे साड़ी का उपयोग करके खेलते समय उसने दुर्घटनावश इसे अपने गले में बांध लिया और फांसी का फंदा गले पर अटक गया। अधिकारी ने बताया कि परिवार के सदस्यों ने बाद में लड़की को फंदे से लटका पाया और उसे कोतमा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां चिकित्कसों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है।



























