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- नयी दिल्ली।' नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) अपने अधिकार क्षेत्र के कनॉट प्लेस, हनुमान मंदिर वाटिका और बाबा खड़क सिंह मार्ग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में 100 प्रतिशत यांत्रिक सफाई व्यवस्था लागू करेगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एनडीएमसी के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा, ‘‘हवाई अड्डे की हाउसकीपिंग की तर्ज पर ‘मैन्युअल' प्रक्रिया के बजाय यांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से साफ-सफाई की व्यापक योजना होनी चाहिए।'' उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान में कनॉट प्लेस फुटपाथ क्षेत्र, पार्किंग क्षेत्रों, गलियारों और प्रांगणों में व्यापक कार्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा ‘मैन्युअल' रूप से किया जा रहा है, जबकि हरित पट्टी पर उद्यानिकी विभाग द्वारा तथा मुख्य सड़कों पर यांत्रिक सफाई का कार्य सिविल विभाग द्वारा किया जा रहा है।'' उन्होंने बताया कि पहले चरण में कनॉट प्लेस के 14 ब्लॉक और सात सड़कों पर यांत्रिक सफाई का काम होगा, क्योंकि यह राजधानी के मध्य में स्थित सबसे बड़ा और सबसे प्रमुख वाणिज्यिक बाजार है जहां एक लाख से अधिक आगंतुक, व्यापारी दिन-प्रतिदिन के व्यापार और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आते हैं। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में इसे हनुमान मंदिर वाटिका, बाबा खड़क सिंह मार्ग और एम्पोरिया भवन क्षेत्र में लागू किया जाएगा। उपाध्याय ने कहा, ‘‘सफाई, धुलाई और रखरखाव के काम को दो अवधियों में विभाजित किया जाएगा। पहली अवधि में दुकानें बंद होने के बाद रात 11 बजे से साफ-सफाई का काम शुरू किया जाएगा और दूसरी अवधि में दिन में सफाई का काम किया जाएगा।'
- पुणे। डाक विभाग ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर ‘ज्वैल्स ऑफ जून्नार' शीर्षक से 15 पोस्टकार्ड जारी किये। एक अधिकारी ने यहां बताया कि शनिवार को शिवनेरी किले में एक कार्यक्रम में पुणे क्षेत्र की डाक महापाल जी मधुमिता दास ने इन पोस्टकार्डों को जारी किया जिनका डिजायन मशहूर पर्यावरण विज्ञानी डॉ. सचिव अनिल पुनेकर ने तैयार किया है। उन्होंने कहा, ‘‘ इन पोस्टकार्डों पर जून्नार तहसील की जैवविविधता को दर्शाने के अलावा ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं पर्यटक अभिरूचि के विभिन्न स्थानों को अंकित किया गया है। ‘ज्वैल्स ऑफ जून्नार' शीर्षक वाले 15 चित्रित पोस्टकार्डों का पहला सेट महाडाकपाल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं पुणे जिले के अभिभावक (प्रभारी) मंत्री अजीत पवार को भेंट किया।''
- पालनपुर (गुजरात)। गुजरात के बनासकांठा जिले में बस पर सवार एक व्यक्ति से 2.63 करोड़ रुपये कीमत का सोना चोरी करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 11 फरवरी को अहमदाबाद की एक आंगडिय़ा कंपनी का कर्मचारी राजस्थान के जोधपुर और पाली में ग्राहकों को सोना पहुंचाने जा रहा था और इसी दौरान सोना चोरी कर लिया गया। उन्होंने कहा कि आरोपी चोरी की एसयूवी में सवार होकर आए थे, जिन्होंने भकरावाड़ा गांव के पास स्थित एक होटल के पास खड़ी बस से सोना चुरा लिया था। अधिकारी ने कहा कि सीसीटीवी से मिली फुटेज की मदद से तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस टीमों ने अबु, सिरोही, जोधपुर और उदयपुर में छानबीन की, जिसके बाद अपराध में शामिल पांच लोगों की पहचान की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने राजस्थान में उदयपुर से एक आरोपी प्रवीन सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया जबकि अन्य दो आरोपियों सुरेश विश्नोई और जयपाल चौहान को बनासकांठा के धनेरा से पकड़ा गया। अधिकारी ने कहा, ''बाकी फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। हमने 95 लाख रुपये कीमत का सोना जब्त करने के साथ ही 12 लाख रुपये नकदी बरामद की है।
- सूरी। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में रविवार को एक व्यक्ति को भारी मात्रा में मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि दूबराजपुर से इस व्यक्ति को दो किलोग्राम हेरोइन और तीन किलोग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक नागेंद्र त्रिपाठी ने कहा, ‘‘ हमारे पास सूचना थी कि यह व्यक्ति पिछले चार महीने से मादक पदार्थ का धंधा कर रहा है जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।'
- नयी दिल्ली। कोविड-19के कारण लंबे अंतराल के बाद जब यहां मंडोली महिला कारावास में रंग-रोगन के बाद क्रेच खुला तब नये कपड़े पहने बच्चों की आंखों में रोमांच नजर आ रहा था। नौ बजे अपनी माताओं द्वारा यहां छोड़ दिये जाने के बाद नौनिहाल लंबे समय बाद अपने दोस्तों एवं शिक्षक से मिलने के लिए आतुर थे। उनमें क्रेच एवं प्लेस्कूल में नये खिलौने के साथ खेलने का उत्साह था। यह क्रेच 2017 में जेल बनने के समय ही बना था। मंडोली जेल नंबर 16 के अधिकारियों ने बताया कि कोरोना वायरस के मामलों में गिरावट आने एवं बाहर की दुनिया में पाबंदियां हटाये जाने के बाद जेल प्रशासन ने बच्चों के लिए इस क्रेच को फिर खोलने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि महामारी के चलते जेल में पहले सभी गतिविधियां अस्थायी रूप से रोक दी गयी थीं तथा गैर सरकारी संगठनों एवं कल्याणकारी संगठनों को भी अंदर नहीं आने दिया जा रहा था, इससे छोटे बच्चों पर असर पड़ा क्योंकि वे कक्षाओं में शामिल नहीं हो पाये।
- फरीदाबा। हरियाणा के फरीदाबाद स्थित आरपीएस सवाना सोसाइटी में रविवार को इमारत की 16वीं मंजिल से गिरकर आठ वर्षीय एक बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सोसायटी के पी-12 टावर में रहने वाले संदीप सिंह और उनकी पत्नी स्वीटी घटना के समय फ्लैट में ही मौजूद थे और किसी काम में व्यस्त थे। उन्होंने बताया कि खेल-खेल में उनका इकलौता बेटा आयुष पीछे की तरफ बालकानी में चला गया और जहां लगी ग्रिल की ऊंचाई करीब चार फुट है। उन्होंने बताया कि बच्चा अचानक ग्रिल पार कर तेज आवाज के साथ नीचे जमीन पर गिरा, आवाज सुन नीचे मौजूद सुरक्षा कर्मी बाबूलाल और रोहित मौके पर गए और खून से लथपथ बच्चे को तुरंत नजदीक ही एशियन अस्पताल लेकर गए,जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। प्रवक्ता ने बताया कि तब तक बच्चे के माता-पिता को घटना की जानकारी नहीं हुई थी और सुरक्षाकर्मियों ने पूछताछ कर बच्चे के अभिभावकों का पता लगा उन्हें घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फिर पुलिस को सूचित किया गया और मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे का शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। गौरतलब है कि शनिवार को ग्रेटर नोएडा में भी एक सोसाइटी की बहुमंजिला इमारत से गिर कर 11 वर्षीय एक बच्ची की मौत हो गई थी।
- गाजियाबाद। दिल्ली और गाजियाबाद पुलिस के एक संयुक्त अभियान में दो कथित अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से 105 किलोग्राम नशीला पदार्थ बरामद किया गया है। बरामद मादक पदार्थ की कीमत चार करोड़ रुपये आंकी गयी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को इसकी जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) आई. राजा ने संवाददाताओं को बताया कि शनिवार को एक गुप्त सूचना के आधार पर इन आरोपियों की गिरफ्तारी की गयी। उन्होंने बताया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर पुलिस ने एक संदिग्ध कार को रोक कर उसकी तलाशी ली। राजा ने बताया कि आरोपियों की पहचान संजीत एवं अंकुर के रूप में की गयी है। उन्होंने बताया कि दोनों दक्षिणपश्चिम दिल्ली के सागरपुर इलाके के रहने वाले हैं। अधिकारी ने बताया कि कार को जब्त कर लिया गया है और दोनों व्यक्तियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
- नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर के हुडकेश्वर इलाके में घंटों फोन पर बातचीत करने के लिये पति ने अपनी पत्नी को डांटा तो उसने इससे परेशान होकर कथित रूप से फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली । पुलिस ने रविवार को इसकी जानकारी दी । हुडकेश्वर थाने के सहायक निरीक्षक सत्यवान कदम ने बताया कि महिला ने शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात अपने घर की सीढ़ी के पास एक खंभे से लटककर फांसी लगा ली। उन्होंने बताया, ‘‘किसी व्यक्ति के साथ लंबे समय तक बातचीत करने के लिये महिला का पति उस पर चिल्लाया था और उसने सास ससुर और साले से इसकी शिकायत की थी।'' उन्होंने बताया, ‘‘इससे परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली, मामले की जांच की जा रही है।''
- ग्वालियर।मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कुछ अज्ञात चोर गैस कटर से तीन एटीएम के कैश चेस्ट को तोड़कर 44 लाख रुपये लेकर फरार हो गए। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश दंडोतिया ने बताया कि चोरी शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को पड़ाव व महाराजपुरा थाना क्षेत्र में हुई। उन्होंने कहा, ‘पड़ाव में दो और महाराजपुरा में एक एटीएम को चोरों ने गैस कटर से काट दिया और 44 लाख रुपये की चोरी कर ली। चोरों ने एटीएम परिसर में सीसीटीवी कैमरों को भी काले रंग से पोत दिया। संदेह है कि तीनों वारदातों में एक ही गिरोह शामिल है।' दंडोतियों के मुताबिक, मामले में एक अंतरराज्यीय गिरोह की संलिप्तता की आशंका है और दोषियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
- मुंबई। मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की मांग को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को करीब 4,000 पोस्टकार्ड भेजे गए। एक अधिकारी ने कहा कि 27 फरवरी को मराठी भाषा दिवस से पहले इसे शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की मांग की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति भवन को भेजे गए पोस्टकार्ड का यह दूसरा सेट है।
- पटना। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में चिकित्सकों के एक दल ने ऑपरेशन के दौरान 55 वर्षीय व्यक्ति के पेट से कांच का गिलास निकाला है। अस्पताल प्रबंधन ने यह जानकारी दी। प्रबंधन के मुताबिक, मरीज कब्ज और तेज पेटदर्द की शिकायत लेकर मुजफ्फरपुर शहर के माडीपुर इलाका स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचा था और डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसके पेट से कांच का गिलास निकाला है। वैशाली जिले के महुआ क्षेत्र निवासी मरीज का ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों की टीम का नेतृत्व करने वाले डॉ. महमुदुल हसन ने बताया कि उक्त मरीज के अल्ट्रासाउंड और एक्सरे रिपोर्ट से पता चला था कि उसकी आंतों में कुछ गंभीर गड़बड़ी थी। मीडिया के साथ ऑपरेशन और उससे पहले लिए गए एक्सरे का एक वीडियो फुटेज साझा करते हुए हसन ने कहा, ‘कांच का गिलास उक्त मरीज के शरीर के भीतर कैसे पहुंचा, यह अभी तक एक रहस्य बना हुआ है।' उन्होंने कहा, ‘जब हमने पूछा तो मरीज ने कहा कि उसने चाय पीते समय गिलास निगल लिया है। हालांकि, यह कोई ठोस व्याख्या नहीं है। इंसान की भोजन नली ऐसी किसी वस्तु के प्रवेश करने के लिए बहुत संकरी है।' हसन के मुताबिक, शुरू में एक एंडोस्कोपिक प्रक्रिया के जरिये कांच के गिलास को मलाशय से बाहर निकालने का प्रयास किया गया था, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिली, लिहाजा हमें ऑपरेशन करना पड़ा और मरीज की आंत की दीवार चीरकर गिलास निकालना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘उक्त मरीज अब स्थिर है। ठीक होने में समय लगने की संभावना है, क्योंकि सर्जरी के बाद मलाशय को ठीक कर दिया गया है और एक फिस्टुलर ओपनिंग बनाई गई है, जिसके माध्यम से वह मलत्याग कर सकता है।' हसन के अनुसार, कुछ महीनों में मरीज के पेट के ठीक होने की उम्मीद है, जिसके बाद हम फिस्टुला को बंद कर देंगे और उसकी आंतें सामान्य रूप से काम करने लगेंगी। हालांकि, ऑपरेशन के बाद मरीज को होश आ गया था, लेकिन न तो वह और न ही उसके परिवार के सदस्य मीडिया से बात करने को तैयार थे।
- नयी दिल्ली। स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने बिरले ही इस्तेमाल किये जाने वाले कठोर कानून पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम के तहत पिछले लगभग तीन महीने में सर्वाधिक 18 आदेश जारी किये। यह कानून मादक पदार्थ के आदतन अपराधियों को एहतियात के तौर पर दो साल तक के लिए हिरासत में लेने की अनुमति प्रदान करता है। हिरासत में लिये गये जिन लोगों के विरूद्ध यह आदेश जारी किया गया, उनमें विदेशी नागरिक शामिल हैं। हिरासत के दौरान आरोपियों को जमानत या कोई ऐसी राहत नहीं मिल सकती है जो उन्हें मुक्त कर सके।अधिकारियों ने बताया कि संघीय मादक पदार्थ-निरोधक एजेंसी ने तब यह कानून इस्तेमाल करने का फैसला किया जब एनसीबी महानिदेशक एस. एन. प्रधान ने एजेंसी के कामकाज की समीक्षा की और निर्देश दिया कि अधिकारियों को बड़े मादक पदार्थ मामलों एवं उनसे जुड़े गिरोहों पर ही ध्यान देना चाहिए, पैसों के विनिमय मार्गों की जांच के आधार पर मजबूत मामला तैयार करना चाहिए और आरोपियों की दोषसिद्धि सुनिश्चित करनी चाहिए। स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ की अवैध तस्करी निरोधक अधिनियम (पीआईटीएनडीपीएस), 1988 में स्वापक पदार्थ एवं मन: प्रभावी पदार्थों के अवैध व्यापार में किसी तरह लगे व्यक्तियों को दो साल तक हिरासत में रखने का प्रावधान है ताकि उन्हें खतरनाक गतिविधियों में शामिल होने से रोका जा सके। अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन महीने में पीआईटीएनडीपीएस के तहत 18 आदेश जारी किये गये जबकि पिछले छह सालों में केवल चार-पांच ऐसे आदेश जारी किये गये थे। उन्होंने बताया कि दिसंबर, 2019 से नवंबर, 2021 तक 24 से अधिक ऐसे आदेश जारी किये गये थे। उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत जो हिरासत में लिये गये उनमें अफ्रीकी नागरिकों जैसे विदेशी नागरिक शामिल हैं जो भारत में मादक पदार्थ के धंधे में नियमित रूप से पकड़े जाते हैं। मादक पदार्थ चुनौती को ध्यान में रखते केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल में एनसीबी में 1826 नये पदों को मंजूरी दी है।
- नयी दिल्ली। आरएसएस की संस्था सेवा भारती ने जीबी रोड पर रहने वाली महिलाओं की बच्चियों की शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व के हर पहलू के विकास के लिए 'अपराजिता' नाम से एक कार्यक्रम की शुरूआत की है। संस्था के महासचिव सुशील गुप्ता ने बताया कि गारस्टिन बास्टिन रोड या जीबी रोड में पिछले डेढ़ सौ वर्षों से देह व्यापार होता है। इस दौरान यहां अगर कुछ बदला है तो सिर्फ इसका नाम, जिसे 1965 में स्वामी श्रद्धानंद मार्ग कर दिया गया था। यहां चाहे अनचाहे देह व्यापार में झोंकी गई लड़कियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले साल संस्था ने पुलिस, उच्च न्यायालय के कुछ अधिवक्ताओं और दिल्ली विश्विवद्यालय के कुछ व्याख्याताओं के सहयोग से 'अपराजिता' नाम से एक कार्यक्रम की शुरूआत की। संस्था ने अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से जीबी रोड पर रहने वाली महिलाओं को इस बात के लिए मनाया कि अपनी बच्चियों के बेहतर भविष्य के लिए वह उन्हें खुद से और इस माहौल से दूर कर दें। गुप्ता ने कहा कि शुरू में नौ महिलाओं ने इसके लिए सहमति जताई और उनकी पांच से सात साल की बच्चियों के रहने के लिए दक्षिण दिल्ली में साकेत के आनंद निकेतन इलाके में एक फ्लोर किराए पर लिया गया। संस्था से जुड़ी महिला कार्यकर्ताओं ने बच्चियों की देखभाल की जिम्मेदारी संभाली।संस्था से जुड़ी डॉ. संगीता ने बताया कि शुरू में बच्चियां अपनी मांओं से अलग नहीं रहना चाहती थीं। इसी वजह से कुछ समय बाद दो बच्चियों को वापस भेज देना पड़ा, लेकिन बाकी सात ने धीरे-धीरे नये माहौल को अपनाना शुरू कर दिया। समय-समय पर विशेषज्ञों से उनकी काउंसलिंग कराई गई और अब वह सामान्य बच्चियों की तरह पढ़ती, खेलती और शरारतें करती हैं। इन्हीं बच्चियों में शामिल आकांक्षा की मां दीपमाला ने बताया, '' शुरू में मन में डर था कि अपनी बेटियों को इन अनजान लोगों के हाथों में कैसे सौंप दें, लेकिन फिर लगा कि यहां भी तो इनका कोई अपना नहीं है और यहां रहते हुए भी उनके साथ कुछ अच्छा तो होने नहीं वाला है। फिर यह उम्मीद भी बंधी कि हमसे दूर जाकर शायद उनका और आगे जाकर हमारा जीवन सुधर सकता है।'' वीरा और मानवी की मां हिना ने कहा, ''हमारे साथ रहते हुए तो उन्हें हमारे रास्ते पर ही चलना है। अभी छोटी हैं तो कभी कूड़ा बीनती हैं, तो कभी भीख मांगती हैं। बड़ी हो जाएंगी तो इसी अंधेरी दुनिया का हिस्सा बन जाएंगी। किस्मत ने उन्हें एक अच्छी जिंदगी जीने का मौका दिया है, यही सोचकर मैंने अपनी दोनों बेटियों को इनके पास भेजने का फैसला किया।'' गुप्ता ने बताया कि अभी यह योजना प्रयोग के तौर पर शुरू की गई है और आने वाले समय में इसमें और बच्चियों को भी शामिल किया जाएगा।
- नयी दिल्ली। कोविड-19 मामलों में कमी का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग ने रविवार को स्टार प्रचारकों की उस संख्या को बहाल कर दिया, जो एक पार्टी पांच राज्यों में हो रहे चुनावों में प्रचार के लिए मैदान में उतार सकती है। अब मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तर की पार्टियां अधिकतम 40 स्टार प्रचारकों को मैदान में उतार सकती हैं। अन्य पार्टियां जो पंजीकृत हैं, लेकिन मान्यता प्राप्त नहीं हैं, अब 20 स्टार प्रचारकों को प्रचार के लिए उतार सकती हैं। आयोग ने अक्टूबर 2020 में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तर के दलों के लिए स्टार प्रचारकों की संख्या 40 से घटाकर 30 कर दी थी, क्योंकि कोरोना वायरस महामारी के बीच बिहार विधानसभा चुनाव और कई राज्यों में उपचुनावों के प्रचार के दौरान काफी भीड़ देखी गई थी। आयोग ने राजनीतिक दलों को लिखे एक पत्र में कहा, ‘‘कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों और नये मामलों की संख्या घट रही है और केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा महामारी के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है ...निर्वाचन आयोग ने उचित विचार-विमर्श के बाद स्टार प्रचारकों की संख्या की अधिकतम सीमा बहाल करने का निर्णय लिया है।'' पत्र में कहा गया है कि अब मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तर के राजनीतिक दलों के लिए स्टार प्रचारकों की संख्या की अधिकतम सीमा ‘‘40 होगी और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अलावा अन्य के लिए यह 20 होगी।'' इसमें कहा गया है कि मणिपुर विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों, उत्तर प्रदेश चुनाव के चरण 5, 6 और 7 और असम में माजुली विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए अतिरिक्त स्टार प्रचारकों की सूची निर्वाचन आयोग या संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी को 23 फरवरी की शाम पांच बजे तक सौंपी जा सकती है।
- प्रतापगढ़ (उप्र)। लखनऊ के पीजीआई थाने की पुलिस ने रविवार को एक महिला सिपाही की हत्या के आरोप में प्रतापगढ़ जिले क़ी रानीगंज तहसील में तैनात तहसीलदार और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। रानीगंज के पुलिस उपाधीक्षक (क्षेत्रधिकारी) डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि लखनऊ के थाना पीजीआई की पुलिस आज यहां से रानीगंज में तैनात आरोपी तहसीलदार पदमेश श्रीवास्तव और उनकी आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर अपने साथ लखनऊ ले गयी। उन्होंने बताया कि आरोपी पदमेश श्रीवास्तव पर लखनऊ मुख्यालय पर तैनात कांस्टेबल (सिपाही) रूचि सिंह की हत्या का आरोप है। पिछले गुरुवार को रूचि सिंह का शव थाना पीजीआई क्षेत्र के माटी स्थित नाले में पाया गया था, जिसकी गुमशुदगी का मामला लखनऊ के थाना गोल्फ सिटी में दर्ज है। खबरों के अनुसार आरोपी तहसीलदार का महिला सिपाही से कथित प्रेम प्रसंग की भी बात सामने आई है और आरोप है कि विवाद होने के बाद उसने महिला की हत्या करा दी।
- नयी दिल्ली। रेलवे ने 2021-22 के पहले नौ महीनों में 1.78 करोड़ से अधिक बेटिकट यात्रियों और सामान की बुकिंग कराए बिना सफर करने वालों को पकड़ा। गैर-कोविड प्रभावित वित्तीय वर्ष 2019-2020 की तुलना में यह लगभग 79 प्रतिशत की वृद्धि है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिले जवाब से यह जानकारी सामने आई है। कोरोना वायरस से प्रभावित 2020-21 के वित्तीय वर्ष के दौरान ऐसे यात्रियों की संख्या 27 लाख थी, जब यातायात की आवाजाही पर गंभीर प्रतिबंध थे। मध्यप्रदेश के आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में रेलवे बोर्ड ने यह आंकड़ा उपलब्ध कराया है। आरटीआई जवाब से यह भी पता चला कि अप्रैल-दिसंबर 2021 के दौरान 1.78 करोड़ से अधिक यात्रियों को बेटिकट या निर्धारित गंतव्य से अलग टिकट और बिना बुक किए सामान के साथ यात्रा करते हुए पाया गया। उनसे 1,017.48 करोड़ रुपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गई। सूत्रों ने संकेत दिया कि बेटिकट यात्रा में इस तरह की वृद्धि का एक प्रमुख कारण यह है कि मौजूदा समय में जब अधिकतर कोविड प्रतिबंध हटा दिए गए हैं, कई एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों में केवल ऑनलाइन बुकिंग और सीमित सेवाएं हैं। कोरोना वायरस महामारी से अप्रभावित 2019-2020 के वित्तीय वर्ष में 1.10 करोड़ लोग बेटिकट यात्रा करते पकड़े गए और उनसे कुल 561.73 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। अप्रैल 2020 से मार्च 2021 यानी वित्त वर्ष 2020-21 के बीच 27.57 लाख लोग बिना टिकट यात्रा करते पकड़े गए और उन पर 143.82 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। यात्रियों ने यह भी शिकायत की है कि जहां तक ट्रेन सेवाओं का संबंध है, मांग-आपूर्ति में अंतर है। वास्तव में रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार सीट आरक्षण चार्ट को अंतिम रूप देने के बाद प्रतीक्षा सूची में शामिल 52 लाख से अधिक लोग चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में ट्रेनों से यात्रा नहीं कर सके, जो व्यस्त मार्गों पर अधिक ट्रेनों की आवश्यकता का संकेत देता है। वित्तीय वर्ष 2021-2022 के सितंबर तक बुकिंग कराने वाले 52,96,741 यात्रियों की तुलना में 32,50,039 पीएनआर (यात्री नाम रिकॉर्ड) को स्वत: रद्द कर दिया गया क्योंकि उनके नाम चार्ट तैयार होने के बाद प्रतीक्षा सूची की स्थिति में थे। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘समस्या यह है कि पिछले दो वर्षों में यात्रा पर गंभीर प्रतिबंधों के बाद लोग अब अधिक से अधिक यात्रा कर रहे हैं। कुछ आपात स्थिति के कारण और कई छुट्टियों की वजह से। यात्रियों की संख्या में तो वृद्धि हुई है लेकिन ट्रेनों की संख्या, फेरों की संख्या समान बनी हुई हैं। हमने क्लोन ट्रेनें शुरू की हैं और चीजें बेहतर होंगी।'' रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, 2019-2020 से 2021-22 तक ट्रेन सेवाओं का लाभ उठाने वाले यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अक्टूबर 2019 में जब नियमित ट्रेन सेवाएं चल रही थीं, ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 4.40 करोड़ थी। सितंबर 2021 में, कोविड-19 की स्थिति में सुधार के साथ यह संख्या बढ़कर लगभग सात करोड़ हो गई।
- नयी दिल्ली। गृह मंत्रालय टाटा समूह के नियंत्रण में गई विमानन कंपनी एयर इंडिया के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक एवं सीईओ इल्कर आयजी की पृष्ठभूमि का विस्तृत परीक्षण करेगा। खबरों के अनुसार स्थापित परंपरा के अनुरुप भारत में अहम पदों पर नियुक्त होने वाले सभी विदेशी नागरिकों की पृष्ठभूमि का परीक्षण किया जाता है और आयजी के मामले में भी इस परंपरा का पूरी निष्ठा से निर्वहन किया जाएगा।टाटा समूह ने कुछ दिन पहले ही तुर्की के नागरिक आयजी को एयर इंडिया का नया प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने की घोषणा की थी। टाटा ने जनवरी के अंत में इस एयरलाइन का नियंत्रण सरकार से अपने हाथ में लिया था। खबरों के अनुसार आयजी की नियुक्ति के बारे में गृह मंत्रालय को अभी तक टाटा समूह या नागरिक उड्डयन मंत्रालय में से किसी से भी कोई सूचना नहीं मिली है। यह सूचना मिलते ही सुरक्षा जांच की समूची प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। आयजी के तुर्की का नागरिक होने से गृह मंत्रालय उनके बारे में जानकारी जुटाने के लिए भारत की विदेशी खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) से भी मदद ले सकती है। आयजी तुर्की के मौजूदा राष्ट्रपति रेसप तैयप एर्दोगान के सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं। वर्ष 1994-98 की इस अवधि में एर्दोगान इस्तांबुल के मेयर हुआ करते थे। आयजी एयर इंडिया के साथ जुडऩे के पहले वर्ष 2015 से लेकर 2022 की शुरुआत तक टर्किश एयरलाइंस के चेयरमैन थे। उन्हें इस एयरलाइन की कायापलट करने का श्रेय दिया जाता है।
- नयी दिल्ली। सरकार का दूरसंचार सेवाओं से राजस्व संग्रह अगले वित्त वर्ष में 52,806.36 करोड़ रुपये के बजट अनुमान से काफी अधिक रहेगा। स्पेक्ट्रम नीलामी से प्राप्त राजस्व भी जुड़ जाने से यह वृद्धि होने की संभावना है। दूरसंचार विभाग के सचिव के राजारमण ने कहा कि स्पेक्ट्रम नीलामी प्रस्तावित होने से राजस्व संग्रह बजट लक्ष्य से अधिक रहने की उम्मीद है। राजारमण ने कहा, ‘‘राजस्व संग्रह काफी अधिक रहेगा लेकिन इस स्तर पर हम कोई आंकड़ा दे पाने की स्थिति में नहीं हैं। इसकी वजह यह है कि हमारे पास कोई अनुशंसा नहीं है।'' सरकार ने बजट में अगले वित्त वर्ष के लिए दूरसंचार राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य को संशोधित करते हुए 52,806 करोड़ रुपये कर दिया है। इसी तरह चालू वित्त वर्ष में राजस्व संग्रह 53,986.72 करोड़ रुपये के बजट पूर्वानुमान से कहीं अधिक 71,959.24 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। राजारमण ने कहा कि दूरसंचार विभाग ने वित्त वर्ष 2021-22 में तीन फऱवरी तक 69,559 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह कर लिया है। संचार सेवाओं से प्राप्त होने वाले राजस्व में दूरसंचार ऑपरेटरों से मिलने वाले लाइसेंस शुल्क के अलावा स्पेक्ट्रम प्रयोग शुल्क मद में हासिल राशि भी शामिल होती है। दूरसंचार सचिव ने कहा, ‘‘हम फिलहाल स्पेक्ट्रम नीलामी से हासिल होने वाली राशि को लेकर अनुमान लगाने की स्थिति में नहीं हैं। इस बारे में दूरसंचार नियामक ट्राई की अनुशंसाएं मिलने के बाद उनमें कुछ बदलाव भी होंगे।'' दूरसंचार विभाग 5जी स्पेक्ट्रम की कीमतों और आवंटन नियमों से जुड़ी सिफारिशें तय करने पर काम कर रहा है। इन्हें मार्च तक अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। ट्राई ने पहले 3,300-3,600 मेगाहर्ट्ज बैंड में 5जी स्पेक्ट्रम के लिए 492 करोड़ रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज का आधार मूल्य रखने का सुझाव दिया था। इस हिसाब से 5जी स्पेक्ट्रम खरीदने की इच्छुक कंपनियों को अखिल भारतीय स्तर पर 3,300-3,600 मेगाहर्ट्ज की मीडिया फ्रीक्वेंसी बैंड में स्पेक्ट्रम खरीदने पर न्यूनतम 9,840 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। राजारमण ने कहा कि सरकार कारोबारी सुगमता बढ़ाने, कारोबार की लागत कम करने और कंपनियों पर अनुपालन बोझ कम करने के साथ ही अप्रैल-मई में दूसरे चरण के सुधार लागू करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है।
- नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर करके आम आदमी पार्टी (आप) नीत सरकार को एक महीने के अंदर लोकायुक्त नियुक्त करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है। याचिकाकर्ता अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि राजनीतिक दल ऐतिहासिक भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद अस्तित्व में आया था लेकिन दिसंबर 2020 से लोकायुक्त का पद खाली पड़ा है। याची ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार रिश्वतखोरी, काला धन, बेनामी संपत्ति, कर चोरी, मुनाफाखोरी समेत अन्य आर्थिक अपराध को खत्म करने के लिए कदम नहीं उठा रही है लिहाज़ा मौलिक अधिकारों के संरक्षक के नाते अदालत को लोकायुक्त की नियुक्त के मामले में दखल देना पड़ेगा। याचिका में कहा गया है, “ न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल के दिल्ली लोकायुक्त के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद से सरकार ने आज तक इस पद पर नियुक्ति के लिए कुछ नहीं किया और भ्रष्टाचार से संबंधित सैकड़ों शिकायतें कार्यालय में लंबित हैं।” याचिका में कहा गया है, “ ऐतिहासिक भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद आप का गठन किया गया था लेकिन वही पार्टी लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं कर रही है जो कई मोर्चों पर राज्य के खराब प्रदर्शन की पुष्टि करता है। याचिका में कहा गया है कि आप ने 2015 और 2020 के चुनावी घोषणा पत्र में कड़ा और प्रभावी जन लोकपाल विधेयक लाने का वादा किया था, लेकिन कानून बनाने के बजाय, यह 1995 के अधिनियम के तहत लोकायुक्त की नियुक्ति भी नहीं कर रही है और विधायकों के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित सैकड़ों गंभीर शिकायतें लोकायुक्त कार्यालय में लंबित हैं। मामले पर इस हफ्ते सुनवाई हो सकती है।
- जयपुर। जयपुर के जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय लड़की के साथ छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार एक व्यक्ति ने रविवार सुबह थाने में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अविनाश कुमार शर्मा ने बताया कि 18 फरवरी को लड़की के साथ छेड़छाड़ के आरोप में मामला दर्ज कराया गया था और आरोपी अंकित गुप्ता (32) को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ अलग-अलग थानों में पोक्सो अधिनियम के तहत तीन मामले दर्ज हैं जिनमें से दो मामले 2016 में और एक अन्य मामला 2017 में दर्ज किया गया था। शर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ 2014 में एक दुर्घटना का मामला भी दर्ज किया गया था। आरोपी की सात महीने पहले शादी हुई थी। उन्होंने बताया कि आरोपी को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया था और पीडि़ता का बयान भी दर्ज किया गया है। शर्मा ने बताया कि मजिस्ट्रेट मामले की जांच कर रहे हैं और जांच के बाद पोस्टमार्टम करवाया जायेगा। पुलिस ने बताया कि आरोपी रविवार को थाने की खिड़की से कंबल के सहारे लटका पाया गया।
- नयी दिल्ली। मध्य दिल्ली के तीन मूर्ति भवन में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के 31 वर्षीय एक जवान ने अपनी सर्विस राइफल से रविवार को कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि कांस्टेबल वाई रेड्डी तड़के पांच बजे मृत पाया गया और उसकी इंसास राइफल उसके पास पड़ी थी। रेड्डी कर्नाटक का रहने वाला था और दो सप्ताह पहले ही 30 दिन की छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौटा था। अधिकारियों ने बताया कि कांस्टेबल के बिस्तर से एक कथित सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने अपनी पत्नी और ससुर पर उसे मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। जवान का पिछले साल अक्टूबर में विवाह हुआ था। चीन के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की रक्षा करना आईटीबीपी की मुख्य जिम्मेदारी है। इसके अलावा आईटीबीपी की कई इकाइयों को राष्ट्रीय राजधानी समेत देश के विभिन्न हिस्सों में कानून-व्यवस्था संबंधी ड्यूटी के लिए तैनात किया जाता है।
- - छत्तीसगढ़ लाई जा रही थी सामग्रीगढ़चिरौली (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र में गढ़चिरौली पुलिस ने नक्सलियों द्वारा विस्फोटक बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाली सामग्री की आपूर्ति श्रृंखला का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। मामले में महाराष्ट्र में माओवादियों के चार सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को बताया कि शनिवार रात नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान दमरनचा थाना क्षेत्र के भंगरमपेथा गांव में नक्सल समर्थकों के एक गिरोह को रोका गया जो विस्फोटक बनाने वाली सामग्री को ले जा रहा था। गढ़चिरौली पुलिस ने एक विज्ञप्ति में बताया कि पुलिस ने चार संदिग्धों के पास से 3500 मीटर तार बरामद किया है जबकि एक संदिग्ध फरार होने में कामयाब रहा। गिरोह यह तार तेलंगाना से छत्तीसगढ़ ले जा रहा था और इस तार का इस्तेमाल नक्सली बैरल ग्रेनेट लॉन्चर, हैंड ग्रेनेड और आईईडी बनाने में करते हैं। पुलिस के मुताबिक, नक्सली आगामी रणनीतिक हमला रोधी अभियान (टीसीओसी) के दौरान विस्फोटकों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने की साजिश रच रहे थे। नक्सली हर साल टीसीओसी का आयोजन करते हैं और स्थानीय लोगों से संपर्क कर युवाओं की भर्ती करते हैं। गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक अंकित गोयल ने नक्सल आपूर्ति श्रृंखला का भंडाफोड़ करने वाले कर्मियों की सराहना की है।
- अमृतसर। पंजाब में अमृतसर के व्यापारिक केंद्र हॉल गेट के पास रविवार को अज्ञात हमलावरों ने दो व्यक्तियों की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। अमृतसर के पुलिस आयुक्त सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इन हत्याओं का मकसद क्या था। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि इस अपराध का राज्य में मौजूदा चुनाव प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है। पंजाब की 117 विधानसभा सीटों के लिए मतदान जारी है। पुलिस ने बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस के विभिन्न दलों को तैनात किया गया है।पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान ऋषभ (27) और जगदीश (32) के तौर पर हुई है।
- कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल के मंत्री साधन पांडे का लंबी बीमारी के बाद मुंबई के एक अस्पताल में रविवार को निधन हो गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह जानकारी दी। पांडे 71 वर्ष के थे। उनके परिवार में उनकी बेटी श्रेया है।बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘‘हमारे वरिष्ठ सहयोगी, पार्टी नेता और कैबिनेट मंत्री साधन पांडे का मुंबई में आज सुबह निधन हो गया। मेरे लंबे समय से उनके साथ बेहतरीन संबंध थे। मैं उनके निधन से बहुत दु:खी हूं। मैं उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।'' मुख्यमंत्री ने एक अन्य शोक संदेश में कहा कि उन्होंने अपने ज्येष्ठ को खो दिया और उन्हें विभिन्न मामलों पर उनकी सलाह की कमी खलेगी। पांडे 2011 तक उत्तरी कोलकाता के बर्टोला निर्वाचन क्षेत्र से पांच बार विधायक चुने गए थे। इसी साल तृणमूल राज्य में सत्ता में आई थी और पांडे तब से माणिकतला सीट से चुनाव जीतते आए। पांडे पिछले एक साल से बीमार थे। तृणमूल कांग्रेस के पिछले साल लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद उन्हें कैबिनेट मंत्री के तौर पर बरकरार रखा गया था, लेकिन खराब स्वास्थ्य होने के कारण उन्हें कोई विभाग नहीं सौंपा गया था। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पांडे गुर्दे संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और उन्हें कुछ दिन पहले कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम अस्पताल से मुंबई ले जा गया था और पिछले कुछ दिन से उनकी हालत गंभीर थी। राज्य के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने पांडे के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘‘दुखद समाचार- मैं वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री साधन पांडे का मुंबई में आज सुबह निधन हो जाने से बहुत दुखी हूं। राजनीति से परे मेरे उनके साथ अच्छे व्यक्तिगत संबंध थे। मैं उनके परिजन, मित्रों और समर्थकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। ओम शांति ओम।'' पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पांडे के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘‘ पश्चिम बंगाल के मंत्री श्री साधन पांडे के निधन से दुखी हूं। मैं उनके शोकसंतप्त परिवार, मित्रों और समर्थकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं दिवंगत आत्मा के लिए प्रार्थना करता हूं। ओम शांति।'' भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई के प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य और तृणमूल नेता एवं राज्य के मंत्री शोभनदेब चटर्जी समेत कई नेताओं ने पांडे के निधन पर शोक जताया।
- नयी दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) संगठित क्षेत्र के 15 हजार रुपये से अधिक का मूल वेतन पाने वाले तथा कर्मचारी पेंशन योजना-1995 (ईपीएस-95) के तहत अनिवार्य रूप से नहीं आने वाले कर्मचारियों के लिए एक नई पेंशन योजना लाने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में संगठित क्षेत्र के वे कर्मचारी जिनका मूल वेतन (मूल वेतन और महंगाई भत्ता) 15 हजार रुपये तक है, अनिवार्य रूप से ईपीएस-95 के तहत आते हैं। खबरों के अनुसार ईपीएफओ के सदस्यों के बीच ऊंचे योगदान पर अधिक पेंशन की मांग की गई है। इस प्रकार उन लोगों के लिए एक नया पेंशन उत्पाद या योजना लाने के लिए सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है, जिनका मासिक मूल वेतन 15,000 रुपये से अधिक है। इस नए पेंशन उत्पाद पर प्रस्ताव 11 और 12 मार्च को गुवाहाटी में ईपीएफओ के निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक में आ सकता है। बैठक के दौरान सीबीटी द्वारा नवंबर, 2021 में पेंशन संबंधी मुद्दों पर गठित एक उप-समिति भी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। खबरों के अनुसार ऐसे ईपीएफओ अंशधारक हैं जिन्हें 15,000 रुपये से अधिक का मासिक मूल वेतन मिल रहा है, लेकिन वे ईपीएस-95 के तहत 8.33 प्रतिशत की कम दर से ही योगदान कर पाते हैं। इस तरह उन्हें कम पेंशन मिलती है। ईपीएफओ ने 2014 में मासिक पेंशन योग्य मूल वेतन को 15,000 रुपये तक सीमित करने के लिए योजना में संशोधन किया था। 15,000 रुपये की सीमा केवल सेवा में शामिल होने के समय लागू होती है। संगठित क्षेत्र में वेतन संशोधन और मूल्यवृद्धि की वजह से इसे एक सितंबर, 2014 से 6,500 रुपये से ऊपर संशोधित किया गया था। बाद में मासिक मूल वेतन की सीमा को बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की मांग हुई और उस पर विचार-विमर्श किया गया, लेकिन प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई। उद्योग के अनुमान के अनुसार, पेंशन योग्य वेतन बढ़ाने से संगठित क्षेत्र के 50 लाख और कर्मचारी ईपीएस-95 के दायरे में आ सकते हैं। पूर्व श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने दिसंबर, 2016 में लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा था, ''कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत 'कवरेज' के लिए वेतन सीमा 15,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 25,000 रुपये मासिक करने का प्रस्ताव ईपीएफओ ने पेश किया था, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ। खबरों के अनुसार उन लोगों के लिए एक नए पेंशन उत्पाद की आवश्यकता है जो या तो कम योगदान करने के लिए मजबूर हैं या जो इस योजना की सदस्यता नहीं ले सके हैं, क्योंकि सेवा में शामिल होने के समय उनका मासिक मूल वेतन 15 हजार रुपये से अधिक था।



























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