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- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टार्टअप इकाइयों को नए भारत का ‘आधार-स्तंभ' बताते हुए शनिवार को कहा कि हर साल 16 जनवरी को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के रूप में मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों के स्टार्टअप कारोबारियों को वर्चुअल तरीके से संबोधित करते हुए कहा, ‘‘स्टार्टअप की यह संस्कृति देश के दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचे, इसके लिए 16 जनवरी को अब राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया है। ‘आजादी का अमृत महोत्सव' के एक भाग के रूप में, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा 10 से 16 जनवरी तक एक सप्ताह चलने वाले कार्यक्रम, ‘सेलिब्रेटिंग इनोवेशन इको-सिस्टम', का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत ही प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप कारोबारियों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को बताया था कि यह आयोजन स्टार्टअप इंडिया पहल के शुभारंभ की छठी वर्षगांठ के मौके पर किया जा रहा है। मोदी ने इस मौके पर कहा, ‘‘मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपके सभी सुझावों, विचारों और नवाचारों को सरकार से पूरा समर्थन मिलेगा।'' उन्होंने कहा कि स्टार्टअप नए भारत का आधार-स्तंभ बनेंगे और देश ‘भारत के लिए नवोन्मेष' और ‘भारत से नवोन्मेष' के मंत्र के साथ आगे बढ़ेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के स्टार्टअप खुद को आसानी से दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचा सकते हैं, इसलिए उन्हें अपने सपनों को स्थानीय (लोकल) नहीं, बल्कि वैश्विक (ग्लोबल) बनाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘वर्ष 2013-14 में जहां चार हजार पेटेंट को स्वीकृति मिली थी, वहीं पिछले वर्ष इनकी संख्या 28 हजार से ज्यादा हो गई। वर्ष 2013-14 में जहां करीब 70 हजार ट्रेडमार्क पंजीकृत हुए थे, वहीं 2020-21 में ढाई लाख से ज्यादा ट्रेडमार्क पंजीकृत किए गए हैं।'' उन्होंने यह भी बताया कि 2013-14 में जहां सिर्फ चार हजार कॉपीराइट दिए गए थे, वहीं पिछले साल इनकी संख्या बढ़कर 16 हजार के भी पार हो गई है। उन्होंने कहा कि आज देश में 60,000 से अधिक स्टार्टअप इकाइयां हैं। बीते साल 42 यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली इकाइयां) देश में बने हैं। अब भारत तेजी से यूनिकॉर्न का ‘शतक' लगाने की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हज़ारों करोड़ रुपये की ये कंपनियां आत्मनिर्भर होते, आत्मविश्वासी भारत की पहचान हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं मानता हूं, भारत के स्टार्टअप का स्वर्णिम काल तो अब शुरू हो रहा है। नवोन्मेष को लेकर भारत में जो अभियान चल रहा है, उसी का प्रभाव है कि वैश्विक नवोन्मेषण सूचकांक में भी भारत की रैंकिंग में बहुत सुधार आया है। 2015 में इस रैंकिंग में भारत 81वें नंबर पर था। अब इस सूचकांक में भारत 46वें स्थान पर है।'' मोदी ने कहा, ‘‘भविष्य की प्रौद्योगिकियों के लिए अनुसंधान और विकास में निवेश सरकार की प्राथमिकता है।'' उन्होंने कहा कि इस दशक में नवोन्मेषण, उद्यमिता और स्टार्टअप के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार जो बड़े पैमाने पर बदलाव कर रही है, उसके तीन अहम पहलू हैं। ‘‘पहला है उद्यमिता को, नवोन्मेषिता को सरकारी प्रक्रियाओं के जाल से मुक्त कराना; दूसरा, नवोन्मेष को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत प्रणाली बनाना तथा तीसरा, युवा नवोन्मेषकों, उद्यमियों को समर्थन देना।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा प्रयास, देश में बचपन से ही विद्यार्थियों में नवाचार के प्रति आकर्षण पैदा करने, नवाचार या नवोन्मेषण को संस्थागत रूप प्रदान करने का है।'' उन्होंने कहा कि चाहे ड्रोन संबंधी नए नियम हों, या फिर नई अंतरिक्ष नीति, सरकार की प्राथमिकता, ज्यादा से ज्यादा युवाओं को नवोन्मेषण का मौका देने की है। इस अवसर पर स्टार्टअप कारोबारियों ने छह विषयों पर प्रस्तुतीकरण भी दिए। इनमें ‘ग्रोइंग फ्रॉम रूट्स', ‘नजिंग द डीएनए', ‘फ्रॉम लोकल टू ग्लोबल', ‘टेक्नोलॉजी ऑफ फ्यूचर', ‘बिल्डिंग चैम्पियंस इन मैन्युफैक्चरिंग' और ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट' शामिल हैं। इन प्रस्तुतियों के लिए 150 से अधिक स्टार्टअप इकाइयों को छह समूहों में बांटा गया था।-
- पुणे। महाराष्ट्र के पुणे जिले में महिलाओं और बच्चों को ले जा रही एक मिनी बस के चालक को अचानक दौरा पड़ गया जिसके बाद बस में सवार 42 वर्षीय एक महिला ने 10 किलोमीटर तक बस चलाकर ड्राइवर को एक अस्पताल में भर्ती कराया। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह घटना सात जनवरी को हुई थी जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी प्रसारित हो रहा है।महिला योगिता साटव अन्य महिलाओं और बच्चों के साथ पुणे के निकट शिरूर में एक कृषि पर्यटन स्थल पर पिकनिक मनाने के बाद बस से लौट रही थीं। तभी बस चालक को दौरा पड़ने लगा और उसने एक सुनसान सड़क पर गाड़ी रोक दी। बस में मौजूद बच्चों और महिलाओं को घबराया हुआ देख साटव ने बस का संचालन अपने हाथों में ले लिया और करीब 10 किलोमीटर तक बस चलाकर ड्राइवर को एक अस्पताल में भर्ती कराया। साटव ने कहा, “क्योंकि मुझे कार चलाना आता है, मैंने बस चलाने का फैसला किया। पहला महत्वपूर्ण काम बस चालक को इलाज उपलब्ध कराने का था, इसलिए मैं उसे लेकर पास के एक अस्पताल गई जहां उसे भर्ती कराया गया।” महिला ने इसके बाद बस के अन्य यात्रियों को भी उनके घर छोड़ा।संकट के समय बिना घबराये हुए सूझबूझ से काम लेने के लिये लोग साटव की काफी सराहना कर रहे हैं।
- मुजफ्फनरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में पुलिस ने शनिवार को एक अवैध हथियार फैक्टरी पर छापेमारी कर अवैध हथियारों का जखीरा बरामद किया और इस सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि यह छापेमारी ककरोली थाना अंतर्गत तंदेरा गांव में की गई और इस दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने हालांकि, आरोपी का नाम नहीं बताया। इसने कहा कि छापेमारी के दौरान 13 पिस्तौल, दो बंदूक, 15 बैरल और कई अर्धनिर्मित हथियार बरामद किए गए।
- नयी दिल्ली। कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 86 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की। इसमें मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू, उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा और ओ पी सोनी समेत कई वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल हैं। मुख्यमंत्री चन्नी चमकौर साहिब से एक बार फिर चुनाव लड़ेंगे। वह रूपनगर जिले की इस सीट से साल 2007 से लगातार विधायक हैं। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सिद्धू को एक बार फिर से उनके मौजूदा विधानसभा क्षेत्र अमृतसर पूर्व से उम्मीदवार बनाया गया है। वह साल 2017 में इस सीट से निर्वाचित हुए थे। साल 2012 में उनकी पत्नी नवजोत कौर ने इस सीट पर भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी।चन्नी के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल दोनों उप मुख्यमंत्रियों को उनकी वर्तमान सीट से ही टिकट दिया गया है। रंधावा डेरा बाबा नानक और सोनी अमृतसर मध्य से ही चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस ने चार मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया है जिनमें बलविंदर सिंह लड्डी भी शामिल है जो पिछले दिनों भाजपा में शामिल होने के छह दिन के भीतर ही पार्टी में वापस आ गए थे। पार्टी ने लड्डी के अलावा मोगा से विधायक हरजोत कमल सिंह, बलुआना से विधायक नाथू राम और मालौट से विधायक और विधानसभा उपाध्यक्ष अजायब सिंह भट्टी के टिकट काटे गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इन नामों को स्वीकृति प्रदान की गई। पंजाब के लिए जारी कांग्रेस 86 उम्मीदवारों की इस सूची में नौ महिला उम्मीदवार शामिल हैं। यानी महिलाओं को करीब 10 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिला है। हालांकि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने 40 प्रतिशत टिकट महिलाओं को दिये हैं। कांग्रेस ने पंजाब में टिकट वितरण में 'एक परिवार, एक टिकट' का फार्मूला अपनाया है।प्रदेश में कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के प्रमुख सुनील जाखड़ चुनाव नहीं लड़ेंगे। फाजिल्का जिले के अबोहर विधानसभा क्षेत्र से उनके भतीजे संदीप जाखड़ को टिकट दिया गया है। सुनील जाखड़ इस सीट से 2002 से 2017 तक विधायक रहे हैं। राज्य में पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा भी इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उनकी मौजूदा सीट पटियाला ग्रामीण से उनके पुत्र मोहित मोहिंद्रा को टिकट दिया है। कुछ महीने पहले तक 75 वर्षीय ब्रह्म मोहिंद्रा पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के सबसे करीबी लोगों में गिने जाते थे और उनके नेतृत्व वाली सरकार में बेहद कद्दावर मंत्री का रुतबा रखते थे। सरकार के अन्य वरिष्ठ मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों से ही चुनाव लड़ रहे हैं।वित्त मंत्री मनप्रीत बादल बठिंडा (शहर) से, लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला संगरूर से, जल आपूर्ति मंत्री रजिया सुल्ताना मलेरकोटला से, उद्योग मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली, खन्ना से चुनाव लड़ेंगे। इसी तरह, राणा गुरजीत सिंह कपूरथला विधानसभा क्षेत्र और राजकुमार वेरका अमतृसर पश्चिम से कांग्रेस उम्मीदवार होंगे। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा कादियान से चुनाव लड़ेंगे। इस सीट से पिछली बार बाजवा के भाई फतेहजंग सिंह बाजवा निर्वाचित हुए थे जो अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं। पूर्व उप मुख्यमंत्री रजिंदर कौर भट्टल को संगरूर जिले की लेहरा विधानसभा सीट से लड़ेंगी जहां वह पिछली बार हार गई थीं। हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुईं मालविका सूद मोगा से पार्टी की उम्मीदवार होंगी। वह अभिनेता सोनू सूद की बहन हैं। कांग्रेस ने इस सीट से अपने वर्तमान विधायक हरजोत सिंह कमल का टिकट काटकर मालविका को चुनावी मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला को मानसा से उम्मीदवार बनाया है। प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बरिंदर सिंह ढिल्लन को रूप नगर से टिकट दिया गया है। गौरतलब है कि पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों के लिए 14 फरवरी को मतदान होना है। 10 मार्च को मतगणना होगी।
- कोलकाता। पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग ने कोविड-19 के मामले बढऩे के मद्देनजर चार नगर निगमों के चुनावों को तीन सप्ताह के लिए टालते हुए इन्हें अब 12 फरवरी को कराने का शनिवार को निर्णय लिया। राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, सिलीगुड़ी नगर निगम, चंद्रनगर नगर निगम, बिधाननगर नगर निगम और आसनसोल नगर निगम के चुनाव अब 22 जनवरी के बजाय 12 फरवरी को होंगे। इसमें कहा गया कि मतदान सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक होगा।इससे पहले दिन में, राज्य सरकार ने एसईसी को एक पत्र भेजा था, जिसमें महामारी की मौजूदा स्थिति के कारण चुनाव की तारीखों में बदलाव करने की सहमति दी गई थी। यह पूछे जाने पर कि मतगणना कब होने की संभावना है, उन्होंने कहा कि अब तक कुछ निर्धारित नहीं किया गया है, हालांकि एसईएसी इसके लिए 15 फरवरी की तारीख तय कर सकता है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भी आयोग से कोविड के मामले बढऩे के मद्देनजर निकाय चुनाव को चार से छह सप्ताह के लिए स्थगित करने की संभावना तलाशने को कहा था।
- योगी आदित्यनाथ गोरखपुर शहर से लड़ेंगे चुनाव, केशव प्रसाद की सीट का भी ऐलानलखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को जारी अपनी पहली सूची में एक राज्य मंत्री समेत 20 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं जिनमें चार महिला विधायक भी शामिल हैं।पार्टी ने पहली सूची में दस महिला उम्मीदवारों को मौका दिया है और एक नया प्रयोग करते हुए सामान्य सीट पर दलित बिरादरी के उम्मीदवार को भी उतारा है। पार्टी ने 107 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। पहली सूची में भाजपा ने चार महिला विधायकों विमला सोलंकी, उषा सिरोही, संगीता चौहान और अनीता राजपूत के टिकट काटे हैं तो वहीं दस महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। भाजपा ने जिन महिलाओं को टिकट दिये हंै उनमें कैराना से मृगांका सिंह, चरथावल से सपना कश्यप, मोदीनगर से डॉ. मंजू सिवाच, खुर्जा से मीनाक्षी सिंह, आगरा ग्रामीण से बेबी रानी मौर्य, बाह से रानी पक्षालिका, बिजनौर से शुचि मौसम चौधरी, चंदौसी से गुलाबो देवी, मिलक से राजबाला और चांदपुर से कमलेश सैनी उम्मीदवार हैं। इनमें चार महिलाएं अनुसूचित जाति वर्ग से आती हैं जबकि एक उम्मीदवार अगड़ी जाति की और बाकी पिछड़ी जाति से आती हैं। पार्टी ने सहारनपुर सामान्य सीट से अनुसूचित जाति के जगपाल सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। सहारनपुर दलित आबादी बहुल इलाका है।भाजपा ने जिन विधायकों के टिकट काटे हैं उनमें आगरा के फतेहपुर सीकरी के विधायक और योगी सरकार के राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह, बरेली से कई बार के विधायक राजेश अग्रवाल, मेरठ कैंट से चार बार के विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, गोरखपुर से चार बार के विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल, सिकंदराबाद से दो बार की विधायक विमला सोलंकी, अलीगढ़ के बरौली से विधायक एवं पूर्व मंत्री दलवीर सिंह के नाम प्रमुख हैं। इनके अलावा उप चुनाव में अमरोहा के नौगांवा सादात से जीतीं पूर्व मंत्री एवं क्रिकेटर दिवंगत चेतन चौहान की पत्नी संगीता चौहान तथा बुलंदशहर से भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक रह चुके दिवंगत वीरेंद्र सिरोही की पत्नी उषा सिरोही का भी पार्टी ने टिकट काट दिया है।इसके अलावा गढमुक्तेश्वर में विधायक कमल मलिक, सिवालखास में जितेंद्र पाल सिंह, डिबाई में अनीता राजपूत, बिथरी चैनपुर में राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल और मथुरा के गोवर्धन में कारिंदा सिंह जैसे विधायकों का भी टिकट काट दिया गया है। भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहली सूची जारी करते हुए पत्रकारों को दिल्ली में बताया, ''आज हमने 107 प्रत्याशियों की घोषणा की है। उसमें वर्तमान विधायक 83 थे। हमने उनमें से 63 को फिर से टिकट दिया है। हमने 20 सीटों पर उन मित्रों को अन्य कामों में नियोजित करना तय किया है।'' भाजपा ने जहां पहली सूची में 60 फीसदी पिछड़े और दलितों को टिकट दिया है तो वहीं सामान्य सीट पर भी दलित उम्मीदवार उतारने का एक नया प्रयोग किया है।भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और संगठन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी रहे विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने बताया, ''भाजपा अपने संगठनात्मक संरचना में भी हमेशा नये लोगों को मौका देती है और टिकट बंटवारे में भी कई लोगों को दोबारा मौका न मिलने के पीछे अलग-अलग वजह हैं। उन्होंने कहा कि कहीं विधायकों की अधिक उम्र की वजह से टिकट बदले गये हैं तो कहीं अन्य समीकरणों की वजह से दूसरों को मौका मिला है।'' उल्लेखनीय है कि राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह, सत्यप्रकाश अग्रवाल, राजेश अग्रवाल आदि विधायक 75 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं। भाजपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले में कैराना विधानसभा क्षेत्र के पलायन को मुद्दा बनाया है और लोकसभा में पलायन के मामले को सबसे पहले उठाने वाले भाजपा के सांसद रहे दिवंगत हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को कैराना से मौका दिया है। हालांकि हुकुम सिंह के निधन के बाद लोकसभा चुनाव 2019 से पहले हुए उपचुनाव में मृगांका भाजपा उम्मीदवार के रूप में पराजित हो चुकी हैं। चरथावल विधानसभा क्षेत्र में दिवंगत राज्य मंत्री विजय कश्यप की पत्नी सपना कश्यप को पार्टी ने इस बार मौका दिया है। भाजपा ने पिछली बार राष्ट्रीय लोकदल से चुनाव जीतने के बाद भाजपा में शामिल होने वाले सहेंद्र सिंह रमाला को बागपत जिले की जाट बहुल छपरौली सीट से उम्मीदवार बनाया है तो वहीं उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल और जाटव (दलित) बिरादरी से आने वाली बेबी रानी मौर्य को आगरा ग्रामीण सुरक्षित सीट पर मौका दिया है। हाल में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने वाले विधायक नरेश सैनी को सहारनपुर की बेहट सीट से मौका मिला है। वहीं पार्टी ने नजीबाबाद में पूर्व सांसद कुंवर भारतेंदु सिंह, नगीना सुरक्षित सीट से पूर्व सांसद डॉ. यशवंत और फतेहपुर सीकरी में पूर्व सांसद चौधरी बाबूलाल को उम्मीदवार घोषित किया है। राज्य सरकार के आयुष मंत्री से इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल होने वाले धर्म सिंह सैनी की सीट नकुड़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने इस बार मुकेश चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए भाजपा विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के लिए विधायक शीतला प्रसाद का टिकट कटा है। 1998 से 2017 तक गोरखपुर से पांच बार सांसद रह चुके मुख्यमंत्री योगी पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने 2002 में भाजपा के उम्मीदवार और उस समय राजनाथ सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री शिवप्रताप शुक्ल (अब राज्यसभा सदस्य) के खिलाफ हिंदू महासभा के उम्मीदवार के रूप में डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल को चुनाव मैदान उतारा था और जीत दिलाई थी। उसके बाद अग्रवाल तीन बार और चुनाव जीते थे। 2014 में फूलपुर से एक बार सांसद रह चुके उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य 2012 में पहली बार सिराथू से विधायक चुने गये थे और उनको मौका देने के लिए इस बार शीतला प्रसाद का टिकट कटा है। माना जाता है कि 2017 में प्रसाद को टिकट दिलाने में मौर्य की ही अहम भूमिका थी। उत्तर प्रदेश सरकार के जिन मंत्रियों को पहली सूची में चुनाव मैदान में उतरने का फिर मौका मिला है, उनमें सुरेश खन्ना को शाहजहांपुर, लक्ष्मी नारायण चौधरी को मथुरा की छाता, सुरेश राणा को शामली में थाना भवन, श्रीकांत शर्मा-मथुरा, कपिलदेव अग्रवाल को मुजफ्फरनगर, अतुल गर्ग-गाजियाबाद, अनिल शर्मा को बुलंदशहर में शिकारपुर, दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह को अलीगढ़ की अतरौली, जीएस धर्मेश को आगरा कैंट, गुलाबो देवी को संभल में चंदौसी, बलदेव सिंह औलख को रामपुर में बिलासपुर और महेश गुप्ता को बदायूं से मौका दिया गया है।-
- उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में शनिवार को कथित तौर पर पतंग के चाइनीज मांझे से गला कट जाने से एक महिला की मौत हो गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने बताया कि घटना माधवनगर थाना क्षेत्र के जीरो प्वाइंट पुल पर उस समय हुई जब 20 वर्षीय महिला अपनी एक मित्र के साथ स्कूटी पर जा रही थी। उन्होंने बताया कि स्कूटी से जाते समय एक पतंग के चाइनीज मांझे (चीन से आयातित कांच पाउडर मिश्रित डोरी) से उसका गला कट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति की तलाश कर रही है। पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। वर्मा ने कहा कि पुलिस द्वारा चाइनीज मांझे के आपूर्तिकर्ताओं और विक्रेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- नयी दिल्ली। कोविड-19 मामलों में वृद्धि के बीच, निर्वाचन आयोग ने शनिवार को उन पांच राज्यों में प्रत्यक्ष रैलियों और रोडशो पर रोक 22 जनवरी तक बढ़ा दी जहां विधानसभा चुनाव होने हैं। आयोग ने कहा कि वह बाद में स्थिति की समीक्षा करेगा और नया निर्देश जारी करेगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि चुनाव आयोग ने हालांकि, राजनीतिक दलों को यह छूट दी कि अधिकतम 300 व्यक्तियों की भागीदारी या हॉल क्षमता के 50 प्रतिशत या राज्य आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा निर्धारित सीमा के तहत बंद स्थानों पर बैठकें आयोजित की जा सकती हैं।चुनाव आयोग ने कहा कि उसने वर्तमान स्थिति, तथ्यों और परिस्थितियों पर गौर करने के बाद निर्णय लिया। साथ ही शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, मुख्य सचिवों और स्वास्थ्य सचिवों और चुनाव वाले राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ हुई डिजिटल बैठकों में प्राप्त जानकारियों को ध्यान में रखा गया। बयान में कहा गया है, ''22 जनवरी, 2022 तक किसी भी रोडशो, पदयात्रा, साइकिल, बाइक, वाहन रैली और जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी। आयोग बाद में स्थिति की समीक्षा करेगा और तदनुसार आगे निर्देश जारी करेगा।'' उसने कहा कि 22 जनवरी तक राजनीतिक दलों या संभावित उम्मीदवारों सहित उम्मीदवारों या चुनाव से संबंधित किसी अन्य समूह की किसी भी प्रत्यक्ष रैली को अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, आयोग ने कहा, ''अधिकतम 300 व्यक्तियों या हॉल की क्षमता का 50 प्रतिशत या राज्य आपदा प्रबंधन अधिकारियों (एसडीएमए) द्वारा निर्धारित सीमा के साथ बंद स्थान में बैठक को अनुमति दी जाएगी। आयोग ने राजनीतिक दलों को चुनाव संबंधित गतिविधियों के दौरान आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों और कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार और दिशानिर्देशों का पालन करने का भी निर्देश दिया।शुक्रवार को सपा ने कोविड नियमों की अवहेलना करते हुए लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय परिसर में एक बड़ी जनसभा का आयोजन किया था। लखनऊ में एक अधिकारी ने कहा था कि स्थानीय प्रशासन ''उल्लंघन'' की जांच कर रहा है। चुनाव आयोग ने राज्य और जिला प्रशासन को चुनाव आचार संहिता और महामारी नियंत्रण उपायों से संबंधित सभी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आठ जनवरी को चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा और पंजाब के लिए विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए, 15 जनवरी तक सार्वजनिक रैलियों, रोडशो और इसी तरह के प्रत्यक्ष प्रचार कार्यक्रमों पर रोक लगाने का एक अभूतपूर्व कदम उठाया था। विभिन्न क्षेत्रीय दलों ने चुनाव आयोग से प्रत्यक्ष रैलियों पर प्रतिबंध लगाने के मानदंडों में ढील देने का आग्रह करते हुए कहा था कि डिजिटल रैलियों से केवल उन अमीर पार्टियों को मदद मिलेगी जिनके पास आयोजन के लिए अधिक संसाधन हैं। आठ जनवरी को, आयोग ने चुनाव प्रचार के लिए 16-सूत्री दिशानिर्देशों को भी सूचीबद्ध किया था जब उसने सार्वजनिक सड़कों और गोल चक्करों पर 'नुक्कड़ सभाओं' पर प्रतिबंध लगा दिया था, घर-घर प्रचार अभियान के लिए लोगों की संख्या को उम्मीदवार सहित पांच तक सीमित कर दिया गया था तथा मतगणना के बाद प्रत्याशी और विजय जुलूसों पर रोक लगा दी थी।शनिवार की बैठकों के दौरान, मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र ने चुनाव आयुक्तों राजीव कुमार और अनूप चंद्र पांडेय के साथ वर्तमान स्थिति और कोविड-19 महामारी के अनुमानित रुझानों की व्यापक समीक्षा की जिसमें विशेष जोर उन पांच राज्यों पर रहा जहां चुनाव होने वाले हैं। बयान में कहा गया, ''अग्रिम मोर्चे पर लगे कर्मियों और मतदान कर्मियों के बीच पात्र व्यक्तियों के लिए पहली, दूसरी और बूस्टर खुराक के लिए टीकाकरण को तेजी से पूरा करने के लिए टीकाकरण की स्थिति और कार्य योजना की भी समीक्षा की गई।''पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच होंगे और 10 मार्च को मतगणना होगी। उत्तर प्रदेश में सात चरणों में चुनाव होना है और पहले चरण के लिए मतदान 10 फरवरी को होगा।
- लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने शनिवार को अपने जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 58 सीटों में से 53 पर प्रत्याशियों की घोषणा की।मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगामी विधानसभा चुनाव में जीत का दावा करते हुए कहा कि चूंकि वह पार्टी का काम देख रही हैं इसलिए चुनाव नहीं लड़ रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले चरण की पांच बची हुई सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा शीघ्र कर दी जाएगी।बसपा कार्यालय द्वारा जारी पहली सूची में नोएडा से कृपाराम शर्मा, दादरी से मनवीर सिंह भाटी और जेवर से नरेंद्र भाटी ‘दादा’ का नाम शामिल है। गौतमबुद्ध नगर जिले में दादरी बसपा सुप्रीमो मायावती का गृह क्षेत्र भी है।बसपा की सूची के अनुसार शामली की कैराना सीट से राजेंद्र सिंह उपाध्याय, शामली सीट से ब्रिजेंद्र मलिक, मुजफफरनगर से पुष्पाकंर पाल, सरधना से संजीव कुमार धामा, मेरठ कैंट से अमित शर्मा तथा मेरठ दक्षिण से कुंवर दिलशाद अली, मुरादनगर से अययूब इदरीशी, गाजियाबाद से सुरेश बंसल तथा मोदीनगर से पूनम गर्ग प्रत्याशी होंगे। सपा 15 जनवरी को मायावती के जन्मदिन को ‘जनकल्याणकारी दिवस’ के रूप में मनाती है।उत्तर प्रदेश में पहले चरण के विधानसभा चुनाव का मतदान 10 फरवरी को है। चुनाव परिणाम 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे।
- मदुरै। तमिलनाडु में पोंगल के त्योहार के दौरान बैलों को काबू करने के खेल जल्लीकट्टू के आयोजन की परंपरा है और शनिवार को मदुरै का पालामेडु इन आयोजनों का केंद्र बना जहां प्रतिभागी प्रतियोगिता जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। तमिलनाडु के पालामेडु में पोंगल जल्लीकट्टू का आयोजन पूरे उत्साह से किया गया और प्रतियोगिता के लिए लाए गए 700 बैलों में से सबसे ताकतवर 179 बैलों को उन्हें काबू करने वालों की भीड़ में छोड़ा गया। प्रतियोगिता के दूसरे चरण की शुरुआत सुबह साढ़े सात बजे हुई और इसका उद्घाटन राज्य के मंत्री पी मूर्ति और पीटीआर पलानीवेल त्यागराजन ने किया।प्रतियोगिता में एक-एक कर बैलों को मैदान में छोड़ा गया और उसके तुरंत बाद उन्हें काबू में करने वाले प्रतिभागी इन बैलों की पीठ पर निकले कूबड़ को पकड़ उन्हें काबू में करने की कोशिश करते दिखाई दिए जबकि बैल उनकी चंगुल से बचने के लिए पूरी ताकत लगा रहे थे। जिन बैलों को काबू नहीं कर पाते उन्हें विजेता घोषित किया जाता है।गौरतलब है कि पोंगल के पहले दिन शुक्रवार को यहां के अवनियापुरम में जलकट्टू की पहली प्रतियोगिता आयोजित की गई थी जिसमें करीब 641 बैलों ने हिस्सा लिया था। अवनियापुरम में बैल ने 18 वर्षीय एक दर्शक को कुचल दिया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसके मद्देनजर पालामेडु में आयोजित जलकट्टू के लिए विस्तृत सुरक्षा व्यवस्था की गई है और पुलिस की तैनाती की गई है। जिला प्रशासन ने पहली बार आयोजन की लाइव स्ट्रीमिंग कराने की व्यवस्था की है।
- मथुरा(उत्तर प्रदेश)। जिले में ‘गैर कानूनी गतिविधियां’ होने की आशंका जताते हुए सीआरपीसी की धारा 144 के तहत तत्काल प्रभाव से निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। जिले के शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मथुरा के जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने शुक्रवार को कहा, ‘निषेधाज्ञा 12 मार्च तक प्रभावी रहेगी।’’ उन्होंने कहा कि विभिन्न समुदायों के त्योहारों और कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं की पृष्ठभूमि में गैरकानूनी गतिविधियां होने की आशंका के मद्देनजर यह आदेश जारी किया गया है।
- नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कृषि, स्वास्थ्य सेवा और अंतरिक्ष उद्योग से जुड़े स्टार्टअप से कल 15 जनवरी को सुबह साढे़ दस बजे वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये संवाद करेंगे। इनके अलावा उद्यमिता, उद्योग, सुरक्षा, फिनटेक तथा पर्यावरण से जुड़े स्टार्टअप भी संवाद का हिस्सा होंगे। विषयों के आधार पर 150 से अधिक स्टार्टअप को छह कार्यकारी समूह में बांटा गया है। इनमें जमीनी स्तर पर उभरे, डीएनए, वैश्विक, भविष्य की प्रौद्योगिकी, विनिर्माण तथा सतत विकास से जुड़े स्टार्टअप शामिल हैं। प्रत्येक समूह संवाद के दौरान प्रधानमंत्री के सामने एक प्रस्तुति देगा। संवाद का उद्देश्य राष्ट्रीय आवश्यकता के संबंध में स्टार्टअप के योगदान को समझना है।वाणिज्य मंत्रालय के अधीन उद्योग और घरेलू व्यापार संवर्धन विभाग आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत सप्ताह भर के सेलिब्रेटिंग इनोवेशन इकोसिस्टम का आयोजन कर रहा है। यह आयोजन स्टार्टअप इंडिया अभियान की छठीं वर्षगांठ के अवसर पर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि वर्ष 2016 में शुरू हुआ स्टार्टअप इंडिया इसका प्रतीक है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरी तरह से मानते हैं कि राष्ट्र की प्रगति में योगदान करने के लिए स्टार्टअप में व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार ने स्टार्टअप के विकास और प्रगति को प्रोत्साहन देने के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया है। इसका देश के स्टार्टअप परिदृश्य पर जबरदस्त प्रभाव पड़ा है।
- नई दिल्ली । केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा कि उन्होंने आठ लोगों को ले जाने वाले मोटर वाहनों के लिए न्यूनतम छह एयरबैग अनिवार्य करने के लिए जीएसआर अधिसूचना के मसौदे को मंजूरी दे दी है। गडकरी ने कहा, "यह आखिरकार सभी सेगमेंट में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, भले ही वाहन की कीमत/वैरिएंट कुछ भी हो।"
मंत्रालय ने पहले ही 1 जुलाई 2019 से ड्राइवर एयरबैग और इस साल 1 जनवरी से फ्रंट को-पैसेंजर एयरबैग के फिटमेंट को लागू करना अनिवार्य कर दिया है।एम1 वाहन श्रेणी में, यह फैसला लिया गया है कि आगे और पीछे दोनों कंपार्टमेंट में बैठे लोगों के सामने और पीछे से होने वाले टक्करों के असर को कम करने के लिए चार अतिरिक्त एयरबैग अनिवार्य हैं। इसमें दो साइड/साइड टोरसो एयरबैग और दो साइड कर्टेन/ट्यूब एयरबैग शामिल होंगे जो कार के सभी यात्रियों को कवर करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में मोटर वाहनों को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। - नयी दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण की अधिसूचना जारी होने के साथ ही राज्य में चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य में 10 फरवरी से सात मार्च के बीच सात चरणों में मतदान कराया जाएगा। पहले चरण में 58 विधानसभा सीटों के लिए 10 फरवरी को वोट डाले जायेंगे। इनमें अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित नौ सीटें भी शामिल हैं। ये निर्वाचन क्षेत्र 11 जिलों- शामली (प्रबुद्ध नगर) मेरठ, हापुड़ (पंचशील नगर), मुज्फ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, आगरा, गौतमबुद्ध नगर और मथुरा हैं। नामांकन पत्र 21 जनवरी तक भरे जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 24 फरवरी को होगी। 27 फरवरी तक नाम वापस लिये जा सकेंगे।दूसरे चरण में 55 निर्वाचन क्षेत्र में 14 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। तीसरे चरण में 59 सीटों के लिए 20 फरवरी को, चौथे चरण में 59 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 फरवरी को मतदान होगा। पांचवां चरण 27 फरवरी को होगा जिसमें 61 सीटों पर मतदान होगा। छठे चरण के तहत तीन मार्च को 57 निर्वाचन क्षेत्रों और सातवें तथा अंतिम चरण में सात मार्च को 54 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी। उत्तर प्रदेश में कुल 15 करोड़ पांच लाख 82 हजार 750 मतदाता हैं, जिनमें दो लाख 98,745 सैन्यकर्मी मतदाता शामिल हैं। राज्य में दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 10 लाख 64 हजार 266 है। कुल मतदाताओं में आठ करोड़ चार लाख 52 हजार 746 पुरूष, छह करोड़ 98 लाख 22 हजार 416 महिला तथा आठ हजार 853 ट्रांसजेंडर हैं।403 सीटों वाली राज्य विधानसभा में 84 सीटें अनुसूचित जाति और दो सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित हैं। वर्तमान में सदन में नौ सीटें रिक्त हैं।देश भर में कोविड महामारी और ओमीक्रॉन के बढ़ते मामलों के मद्देनजर निर्वाचन आयोग सुरक्षित चुनावों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान कल तक किसी भी रोड शो, पदयात्रा, साइकिल या बाइक रैली और जुलूस की अनुमति नहीं होगी। निर्वाचन आयोग कल स्थिति की समीक्षा करेगा और उसके अनुसार आगे के निर्देश जारी करेगा। इस बीच, राजनीतिक गतिविधियां पहले से ही शुरू हो चुकी हैं। ज्यादातर कार्यकर्ता मुख्य राजनीतिक दलों और विभिन्न पार्टी नेताओं से उम्मीदवारी की मांग कर रहे हैं।
- नयी दिल्ली। संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा। बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी से 11 फरवरी तक चलेगा जबकि दूसरा चरण 14 मार्च से 8 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। दूसरे चरण की समयावधि सरकार की जरूरतों पर निर्भर होगी। सरकार, वित्त वर्ष 2022-23 के लिए पहली फरवरी को बजट पेश करेगी। शीतकालीन सत्र निर्धारित समय से एक दिन पहले 22 दिसंबर को संपन्न हुआ था।
- नयी दिल्ली। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 की मौजूदा लहर में जान गंवाने वाले 75 प्रतिशत मरीज ऐसे थे, जिन्होंने टीके नहीं लगवाए थे।मंत्री ने यह भी बताया कि शहर में आज 25 हजार से कम नए मामले सामने आ सकते हैं।स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में गुरुवार को कोविड-19 के सर्वाधिक 28,867 नए ममाले सामने आए थे, जबकि 31 और मरीजों की इससे मौत हो गई थी। वहीं, संक्रमण दर बढ़कर 29.21 प्रतिशत हो गई थी।इससे पहले, दिल्ली में 20 अप्रैल 2021 को सर्वाधिक 28,395 दैनिक मामले सामने आए थे।आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, नौ जनवरी से 12 जनवरी के बीच जिन 97 लोगों की मौत संक्रमण से हुई, उनमें से 70 लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ था, जबकि 19 ने टीके की पहली खुराक ली थी। वहीं, आठ का पूर्ण टीकाकरण हो चुका था। उनके अलावा सात नाबालिग थे।जैन ने कहा, ‘‘ कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले 75 प्रतिशत मरीज ऐसे थे, जिन्होंने टीके की एक खुराक भी नहीं ली थी। 90 प्रतिशत मरीजों को कैंसर और गुर्दे संबंधी गंभीर बीमारियां थीं। यहां तक कि 18 साल से कम उम्र के सात मरीजों को भी पहले से कोई बीमारी थी।’’उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति जिसकी मौत हो गई, उसने कथित तौर पर आत्महत्या की कोशिश की थी और उसे इसलिए ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था।मंत्री ने कहा, ‘‘ संक्रमित पाए जाने के तीन दिन बाद ही उसकी मौत हो गई थी।’’जैन ने बताया कि अस्पतालों में संक्रमितों के लिए आरक्षित 13000 से अधिक बिस्तर (बेड) खाली हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की संख्या स्थिर है और रोजाना भर्ती कराए जाने वाले मरीजों की संख्या में कमी आई है। यह एक बड़ी राहत की बात है।’’
- नयी दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि वर्ष 2021 भारत में 1901 के बाद से पांचवां सबसे गर्म वर्ष था, जिसमें देश में औसत वार्षिक वायु तापमान सामान्य से 0.44 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।विभाग ने कहा कि देश में वर्ष के दौरान बाढ़, चक्रवाती तूफान, भारी बारिश, भूस्खलन, बिजली गिरने जैसी मौसमी घटनाओं के कारण 1,750 लोगों की मौत हुई है।मौसम विभाग के वार्षिक जलवायु वक्तव्य, 2021 में कहा गया है, ‘‘1901 से वर्ष 2021 देश में 2016, 2009, 2017 और 2010 के बाद पांचवां सबसे गर्म वर्ष था। देश के लिए औसत वार्षिक वायु तापमान सामान्य से 0.44 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।’’उसने कहा, ‘‘सर्दियों और मानसून के बाद के मौसम में गर्म तापमान ने मुख्य रूप से इसमें योगदान दिया।’’विभाग ने कहा कि 2016 में, देश के लिए औसत वार्षिक वायु तापमान सामान्य से 0.710 डिग्री सेल्सियस अधिक था। वर्ष 2009 और 2017 में औसत तापमान से यह क्रमश: 0.550 डिग्री सेल्सियस और 0.541 डिग्री सेल्सियस अधिक था। 2010 में, औसत वार्षिक वायु तापमान सामान्य से 0.539 डिग्री सेल्सियस अधिक था।विभाग ने कहा कि भारत में आंधी तूफान और बिजली गिरने से 2021 में 787 लोगों की कथित तौर पर मौत हो गई जबकि उस वर्ष भारी बारिश और बाढ़ से संबंधित घटनाओं में 759 लोगों की मौत हो गई। बयान में कहा गया है कि चक्रवाती तूफान की वजह से 172 लोगों की मौत हुई और मौसम से संबंधित अन्य घटनाओं के कारण 32 अन्य लोगों की मौत हो गई।
- दावणगेरे (कर्नाटक) । कर्नाटक के दावणगेरे जिले में शुक्रवार को तड़के एक कार के सड़क डिवाइडर से टकरा जाने के कारण सात लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। ये लोग बेंगलुरू से होसपेट जा रहे थे। होसपेट से करीब 60 किलोमीटर दूर, राष्ट्रीय राजमार्ग 50 पर जगलुरु तालुका के कनानाकट्टे गांव के पास यह दुर्घटना हुई। पुलिस के मुताबिक, मौके पर ही छह लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति ने अस्पताल ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया। घटना में मारे गए सभी लोग यादगीर जिले के निवासी थे।
- नयी दिल्ली। केंद्र ने कोविड संक्रमण में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए प्रवासी श्रमिकों के सम्बंध में तैयारियों की समीक्षा के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बैठक की है। श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव सुनील बर्थवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान राज्यों ने बताया कि कुछ जगहों पर रात्रि और सप्ताहांत कर्फ्यू को छोड़कर, देश में निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों, दुकानें खोलने तथा औद्योगिक गतिविधियों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। अभी तक, सरकारों द्वारा लगाए गए सीमित प्रतिबंधों के कारण प्रवासी श्रमिकों के असामान्य पलायन की कोई खबर नहीं है। प्रवासी कामगारों के अपने गृह राज्यों में जाने के संबंध में बड़े पैमाने पर पलायन की कुछ मीडिया रिपोर्टों को असत्य पाया गया और यह भी देखा गया कि ऐसी रिपोर्ट पुरानी तस्वीरों पर आधारित थीं। मंत्रालय ने कहा कि कुछ जगहों पर कर्मचारियों की संख्या पर 50 फीसदी की पाबंदी को छोड़कर पूरे देश में कारोबार की स्थिति सामान्य है। केंद्र और राज्य सरकारें स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।कुछ राज्य सरकारें पहले ही जरूरतमंद मजदूरों को सूखा राशन बांटने की योजना बना चुकी हैं। भारतीय रेलवे विशेष रूप से मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बैंगलोर और सिकंदराबाद सहित प्रमुख रेलवे स्टेशनों की स्थिति पर करीबी से नजर रख रही है। रेलवे ज़रूरत होने पर विशेष रेलगाड़ियां प्रदान करने के लिए तैयार है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्थानीय रेलवे अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई है। बैठक में, राज्य के श्रम आयुक्तों ने निर्माण स्थलों, कारखानों और प्रतिष्ठानों में निर्बाध कामकाज जारी होने की पुष्टि की है। श्रमिकों, विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों का गृह राज्यों के लिए पलायन नहीं हुआ है।सचिव द्वारा यह भी बताया गया कि 21 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिकों ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। सभी राज्य सरकारों से अनुरोध किया गया था कि वे प्रवासी श्रमिकों के रिकॉर्ड के लिए एक तंत्र स्थापित करें। शेष श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए भी कहा गया है।
- गुरुग्राम। बीएसएफ के एक डिप्टी कमांडेंट और बैंक प्रबंधक के रूप में कार्यरत उसकी बहन को पांच बिल्डरों से कथित रूप से करीब 125 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोप के मुताबिक गुरुग्राम स्थित राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) परिसर में निर्माण कार्य दिलाना का झांसा देकर यह ठगी की गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी के पास से 13 करोड़ रुपये नकद और बीएमडब्ल्यू समेत छह लग्जरी कारें बरामद की गई। गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त केके राव ने गुरुवार को बताया कि डिप्टी कमांडेंट प्रवीण यादव और उनकी बहन ऋतुराज यादव के अलावा, उनकी पत्नी ममता यादव और हिसार निवासी सहयोगी दिनेश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। राव ने कहा कि यादव ने खुद को गुरुग्राम जिले के मानेसर स्थित एनएसजी मुख्यालय में तैनात भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी के रूप में पेश करते हुए पीड़ितों को ठगा। राव ने कहा कि पुलिस ने यादव और उसके साथियों के पास से 13 करोड़ रुपये नकद और छह लग्जरी कारें भी बरामद की हैं और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि बीएसएफ अधिकारी के खिलाफ पहली शिकायत स्थानीय बिल्डर मोनेश ईरानी ने आठ जनवरी को दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि यादव ने एनएसजी परिसर में निर्माण कार्य देने के बहाने उनसे 65 करोड़ रुपये अग्रिम राशि के रूप में लिए। इसके बाद नौ जनवरी को एक अन्य बिल्डर दविंदर यादव ने एक और शिकायत की, जिसने आरोप लगाया कि इसी तरह का झांसा देकर यादव ने उससे 37 करोड़ रुपये लिए। राव ने कहा कि यादव के खिलाफ इसी तरह की तीन अन्य शिकायतें दर्ज की गईं। शिकायतों के आधार पर यादव के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं और उनके अपराध की जांच के लिए सहायक पुलिस आयुक्त प्रीत पाल सिंह सांगवान के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी टीम ने मास्टरमाइंड यादव, उनकी पत्नी, बहन और एक अन्य को गिरफ्तार किया। राव ने बताया कि पुलिस ने यादव के कब्जे से 13.81 रुपये नकद, बीएमडब्ल्यू, हैरियर, रेंज रोवर, जीप, सफारी और वोल्वो सहित छह लक्जरी कारें भी बरामद की हैं। राव ने कहा, ‘‘बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट यादव ने हाल ही में वीआरएस के लिए आवेदन किया था और मानेसर में एनएसजी के साथ प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे। शेयर कारोबार में हाल ही में बड़ा नुकसान होने के बाद से उन्होंने लोगों को धोखा देकर इसकी भरपाई करने की साजिश रची।'' राव ने बताया कि यादव ने अपनी इसी साजिश के तहत पत्नी के साथ एक निजी फर्म खोली और इसमें निदेशक बना और इसके बाद उसने पेश से बैंक प्रबंधक बहन ऋतुराज को अपनी साजिश में शामिल किया। राव ने बताया कि ऋतुराज गुड़गांव के सेक्टर 84 में स्थित स्फीयर मॉल में एक्सिस बैंक की शाखा में कार्यरत थीं। फर्जी पत्र और एनएसजी मुहर के आधार पर उसने अपनी फर्म और एनएसजी के नाम पर दो बैंक खाते भी खोले और लोगों को आंतरिक सड़क बनाने, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी)जैसे विभिन्न काम देने के बहाने ठगना शुरू कर दिया।
- नयी दिल्ली। भारत बायोटेक ने कोरोनावायरस के अपने टीके 'कोवैक्सीन' के लिए 'नियमित विपणन' के वास्ते भारत के औषधि महानियंत्रक से मंजूरी मांगी है। यह टीका फिलहाल देश में आपातकालीन उपयोग के लिए ही अधिकृत है।इस सप्ताह भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) को भेजे गए एक आवेदन में, हैदराबाद स्थित कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक वी कृष्ण मोहन ने कोवैक्सीन के लिए 'नियमित विपणन' अधिकार की मांग करते हुए 'प्री-क्लीनिकल' और क्लीनिकल डेटा के साथ-साथ रासायनिक डेटा, निर्माण और नियंत्रण के बारे में पूरी जानकारी प्रस्तुत की। खबरों के अनुसार कंपनी को, हालांकि कोवैक्सीन की क्लीनिकल जांच से संबंधित आगे का डेटा भी अभी डीजीसीआई को प्रस्तुत करना है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) में सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने गत वर्ष 25 अक्टूबर को डीसीजीआई को एक आवेदन करके कोविशील्ड के लिए नियमित विपणन अधिकार की मांग की थी। कोविशील्ड भी फिलहाल देश में आपातकालीन उपयोग के लिए ही अधिकृत है। आवेदन के जवाब में, डीसीजीआई ने कुछ और जानकारी मांगी थी, जिसके बाद सिंह ने पिछले हफ्ते डीसीजीआई को सभी वांछित डेटा और सूचनाओं के साथ जवाब पेश किया था। ऐसा समझा जाता है कि सिंह ने अपने जवाब में लिखा है कि 2/3 क्लीनिकल अध्ययन का चरण सफलतापूर्वक पूरा करने के अलावा अब तक भारत और दुनिया के अन्य देशों में कोविशील्ड टीके की 100 करोड़ से अधिक खुराक लोगों को दी जा चुकी है। इस बीच, देश में लोगों को लगी कोविड-रोधी टीकों की कुल खुराक में से केवल 12 प्रतिशत खुराक ही कोवैक्सीन के हैं। कोवैक्सीन टीके ज्यादातर 15 से 18 साल के किशोरों को दिये जा रहे हैं।---
- नयी दिल्ली। भारतीय नौसेना ने गुरुवार को कहा कि रूसी नौसेना के तीन जहाज दो दिवसीय सद्भावना यात्रा पर केरल के कोच्चि तट पर पहुंच गए हैं। भारतीय नौसेना ने एक बयान में कहा, ‘‘यात्रा के दौरान रूसी नौसेना और भारतीय नौसेना के बीच विभिन्न पेशेवर चर्चा की योजना है।'' इसमें कहा गया है कि तीन रूसी जहाज-मिसाइल क्रूजर वरयाग, विध्वंसक एडमिरल ट्राइबज और टैंकर बोरिस बुटोमा--कोच्चि से शुक्रवार को रवाना हो जाएंगे। बयान में कहा गया है कि ये जहाज गुरुवार को सुबह नौ बजे कोच्चि पहुंचे।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को कहा कि नीट-स्नातक की काउंसलिंग 19 जनवरी से शुरू होगी। उन्होंने छात्रों को शुभकामनाएं दीं। मांडविया ने ट्वीट किया, ''प्रिय छात्रो, एमसीसी द्वारा नीट-स्नातक के लिए काउंसलिंग 19 जनवरी से शुरू होने जा रही है। आप सभी देश का भविष्य हैं और मैं आशा करता हूं कि आप सभी 'सेवा ही धर्म' मंत्र के साथ अपने करियर को एक नयी दिशा देंगे। मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं।''
- वाराणसी (उप्र)। सारनाथ पुलिस और कमिश्नरेट की अपराध शाखा की एक संयुक्त टीम ने नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र हल करने वाले कथित गिरोह के एक सदस्य डॉक्टर ओम प्रकाश सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि आरोपी सिंह लखनऊ के काकोरी थाने के वसन्त कुंज के आम्रपाली का निवासी है और उसे लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। वाराणसी के पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश ने बताया कि आरोपी पहले भी अन्य परीक्षाओं में दाखिला और नौकरी दिलाने की धोखाधड़ी से जुड़े ठाकुरगंज और काकोरी थाने में दर्ज मामलों में जेल जा चुका है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान सिंह ने बताया कि वह अपने साथी डॉ शरद सिंह, डॉ. ओसामा, डॉ. अफरोज के माध्यम से वाराणसी के कन्हैयालाल के संपर्क में था और उन्होंने नीट परीक्षार्थियों के फॉर्म भरवाए थे। नीट परीक्षार्थियों के लिए प्रश्नपत्र हल करने वाले व्यक्तियों को पटना निवासी पी.के. उर्फ नीलेश और विकास कुमार उपलब्ध कराते थे। गणेश ने बताया कि आरोपी के कब्जे से विभिन्न परीक्षाओं से संबंधित प्रवेश पत्र, ओएमआर शीट, अभ्यर्थियों से प्राप्त विभिन्न राशियों के चेक और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस इस संबंध में आगे की कार्रवाई कर रही है।
- चंडीगढ़। पंजाब में विधानसभा चुनाव की घोषणा के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से निगरानी दलों ने बेहिसाबी नकदी, शराब और नशीले पदार्थ समेत कुल 23.8 करोड़ रुपये मूल्य की चीजें जब्त की हैं। इनमें 12 जनवरी तक जब्त की गईं वस्तुएं शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने आठ जनवरी को पंजाब और चार अन्य राज्यों में चुनाव को लेकर कार्यक्रम की घोषणा की थी। पंजाब में एक चरण के तहत 14 फरवरी को मतदान होना है। पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. एस करुणा राजू ने गुरुवार को कहा कि निगरानी दलों ने 24 लाख रुपये मूल्य की 79,766.512 लीटर शराब जब्त की है। उन्होंने एक बयान में कहा कि चार लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी को जब्त करने के साथ ही 23.366 करोड़ रुपये मूल्य का मादक पदार्थ भी बरामद किया गया है। राजू ने कहा कि ऐसे कम से कम 1,131 लोगों की पहचान की गई है जो (चुनाव के दौरान) गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं, लेकिन इनमें से 362 लोगों के खिलाफ कार्रवाई पहले ही शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि शेष लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। राजू ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप अब तक 29,7140 लाइसेंसी हथियारों में से 12,684 राज्य में जमा कराए जा चुके हैं, जबकि बिना लाइसेंस वाले 17 हथियार जब्त किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात किए जाने वाले 84 प्रतिशत कर्मचारियों को कोरोना वायरस रोधी टीके की पहली खुराक मिल गई है, जबकि कुल 49 प्रतिशत कर्मचारियों का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है।

















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