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- पुडुचेरी। पुडुचेरी सरकार ने लगातार वर्षा होने के मद्देनजर 29 और 30 नवंबर को पुडुचेरी एवं कराईकल क्षेत्रों में सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छुट्टी की घोषणा की है। शिक्षा मंत्री ए नमसशिवयम ने यहां मीडिया को बताया कि इन क्षेत्रों में भारी वर्षा हो रही है इसलिए शिक्षण संस्थानों में दो दिनों के लिए छुट्टी घोषित की गयी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पुडुचेरी में रविवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच तक 6.6 सेंटीमीटर वर्षा हुई और पिछले 48 घंटे में कुल 14 सेंटीमीटर वर्षा हो चुकी है। पुडुचेरी में आज दूसरे दिन सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। निचले इलाकों, आवासीय कॉलोनियों, खेतों एवं मुख्यमार्गों पर जलभराव की खबरें हैं। शहरी एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में सड़कों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। सब्जियों के दाम बहुत ज्यादा बढ़ जाने से इस पूर्व फ्रांसीसी कॉलोनी में लोगों की दिक्कतें बढ़ गयी हैं।
- नयी दिल्ली। कम वाहन वाले गरीब देशों में बच्चों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत की संभावना अधिक होती है, यहां तक कि पैदल चलने वाले बच्चों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वैश्विक शिक्षा निगरानी (जीईएम) की नयी रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आयी है। संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की इस रिपोर्ट में स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए दुर्घटनाओं को कम करने के वास्ते कई देशों द्वारा उठाए गए उपायों पर प्रकाश डालने के साथ ही यातायात शिक्षा के महत्व पर भी जोर दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया, '' स्कूल जाने वाले बच्चे सड़क दुर्घटनाओं से असमान रूप से प्रभावित होते हैं क्योंकि कई स्कूल प्रमुख राजमार्गों के पास स्थित होते हैं तथा बच्चों में धीमी प्रतिक्रिया होती है और वयस्कों की तुलना में वे जोखिम को तेजी से समझ नहीं पाते। यातायात दुर्घटनाएं गरीब देशों में विशेष रूप से खतरनाक साबित होती हैं।'' इसके मुताबिक, ''तेज और अनियोजित प्रगति सड़क की खराब स्थिति और अपर्याप्त शहरी यातायात डिजाइन का कारण बनती है, जिसके कारण पैदल चलने वालों और अन्य लोगों को जोखिम में डालता है। कड़े वाहन सुरक्षा मानकों की कमी के कारण जोखिम और बढ़ जाता है। ऐसे में बहुत कम वाहन होने के बावजूद गरीब देशों में दुर्घटनाओं और घातक दुर्घटनाओं का कहीं अधिक जोखिम होता है।'' इस रिपोर्ट में 60 देशों में लगभग 2,50,000 किलोमीटर लंबी सड़कों के एक अंतरराष्ट्रीय सड़क मूल्यांकन सर्वेक्षण का हवाला दिया गया, जिसमें पाया गया कि 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक के यातायात प्रवाह वाली सड़कों पर 80 प्रतिशत से अधिक पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ उपलब्ध नहीं था।
- भोपाल। कोरोना वायरस के चिंताजनक नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन' के हाल ही में कुछ देशों में पाए जाने के मद्देनजर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा कि प्रदेश में पिछले एक माह में विदेशों से आने वाले सभी लोगों का कोविड-19 परीक्षण कराया जाएगा। प्रदेश सरकार ने स्कूलों के लिए पहले घोषित की गई छूट को वापस ले लिया है और निर्णय लिया है कि छात्र अपने माता-पिता की सहमति से 50 प्रतिशत क्षमता वाली शारीरिक कक्षाएं में आ सकेंगे। इसके अलावा स्कूल ऑनलाइन कक्षाएं चलाना जारी रखेंगे। मुख्यमंत्री ने 17 नवंबर को ही मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से संबंधित सभी प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की घोषणा की थी। रविवार को कोविड-19 की स्थिति पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद चौहान ने कहा कि कुछ देशों में कोरोना वायरस का एक नया रुप पाया गया है हालांकि भारत में अभी तक इसका कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन मध्यप्रदेश में एहतियात के तौर पर कुछ फैसले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जो कि लोग पिछले एक माह में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से दूसरे देशों से मध्यप्रदेश से आए हैं उनका कोविड-19 परीक्षण किया जाएगा तथा किसी भी प्रकार का लक्षण पाए जाने पर उन्हें पृथक रखा जाएगा। चौहान ने यह भी कहा कि जीनोम सीक्वेंसिंग जांच की संख्या बढ़ाने के साथ रेमडेसिवीर इंजेक्शन सहित आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अन्य उपकरणों, ऑक्सीजन लाइनों और संयंत्रों के मरम्मत और अस्पतालों में सभी व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में प्रतिदिन कोविड-19 की जांच के लिए 58 हजार से 60 हजार परीक्षण किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षणों के संख्या भी अब बढ़ाई जाएगी। बच्चों और 18 साल से कम उम्र के बच्चों का विशेष ध्यान रखना होगा क्योंकि उनका टीकाकरण नहीं हुआ है। चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि सोमवार से स्कूल 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेगें। इसका मतलब है कि प्रत्येक बच्चे को सप्ताह में केवल तीन दिन स्कूल जाने की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि स्कूलों को विकल्प के तौर पर ऑनलाइन कक्षाएं चलाने की भी आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा, ‘‘ यदि माता पिता बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं तो उन्हें ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प दिया जाना चाहिए। शारीरिक कक्षाओं के लिए बच्चों को स्कूल जाने के लिए माता-पिता की सहमति जरुरी है।'' चौहान ने कहा, ‘‘ मध्य प्रदेश में 62.5 प्रतिशत पात्र लोगों को कोविड-19 रोधी का टीका मिल गया है। टीकाकरण प्रतिदिन किया जा रहा है, लेकिन एक दिसंबर को एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा। मैं एक दिसंबर को आपदा प्रबंधन समितियों से चर्चा करुंगा। हम सभी को तैयार रखेंगे ताकि यदि तीसरी लहर आती है तो हम इससे अपनी पूरी क्षमता से लड़ सकें।'' शनिवार को मध्य प्रदेश में कोविड-19 के 23 नए मामले दर्ज किए गए। जिससे राज्य में संक्रमण के मामले बढ़कर 7,93,120 हो गए जबकि इस महामारी से प्रदेश में मरने वालों की संख्या 10,528 रही।
- नयी दिल्ली। सरकार ने कोरोना वायरस के एक नये स्वरूप ‘ओमीक्रोन' के सामने आने मद्देनजर वाणिज्यिक अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवाओं को फिर से शुरू करने के निर्णय और आने वाले यात्रियों, खासकर ‘जोखिम' श्रेणी में रखे गए देशों से आने वाले लोगों की जांच और निगरानी करने संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की समीक्षा करने का रविवार को फैसला किया। आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता में हुई एक अत्यावश्क बैठक में इस बारे में निर्णय लिए गए और इसमें विभिन्न हितधारक शरीक हुए। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना वायरस के नए चिंताजनक स्वरूप 'ओमीक्रोन' के चलते की गई उच्चस्तरीय समीक्षा के एक दिन बाद हुई। बीस महीने से अधिक समय के लंबे अंतराल के बाद, सरकार ने 26 नवंबर को घोषणा की थी कि 15 दिसंबर से अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों को फिर से शुरू किया जाएगा। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि गृह सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में ‘ओमीक्रोन' के मद्देनजर समग्र वैश्विक स्थिति की व्यापक समीक्षा की गई और विभिन्न निवारक उपायों तथा इन्हें और मजबूत करने पर चर्चा की गई। प्रवक्ता ने कहा कि सरकार उभरते वैश्विक परिदृश्य के अनुसार, वाणिज्यिक अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवाओं को फिर से शुरू करने की प्रभावी तिथि पर निर्णय की समीक्षा करेगी। उन्होंने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, "सरकार आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों-खासकर जोखिम श्रेणी में रखे गए देशों से आने वालों की जांच और निगरानी से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया की समीक्षा करेगी।'' सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि वायरस के स्वरूपों की जीनोमिक निगरानी को और मजबूत किया जाएगा तथा हवाईअड्डों और बंदरगाहों पर तैनात स्वास्थ्य अधिकारियों को जांच प्रोटोकॉल की सख्त निगरानी के प्रति संवेदनशील बनाया जाएगा। प्रवक्ता ने कहा, "उभरते वैश्विक परिदृश्य के अनुसार, वाणिज्यिक अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवा को फिर से शुरू करने की प्रभावी तिथि पर निर्णय की समीक्षा की जाएगी।" उन्होंने कहा कि देश के भीतर महामारी की उभरती स्थिति पर कड़ी नजर रखी जाएगी। बैठक में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल, प्रधानमंत्री के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार विजय राघवन, स्वास्थ्य-नागरिक उड्डयन और अन्य मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित विभिन्न विशेषज्ञ शामिल हुए।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि आज का युग स्टार्ट-अप का युग है और भारत इस क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है जहां 70 से अधिक स्टार्ट-अप एक अरब डॉलर से अधिक के मूल्यांकन को पार कर गए हैं।एक अरब डॉलर से अधिक के मूल्यांकन को पार करने वाली ‘स्टार्ट-अप’ इकाइयों को ‘यूनिकॉर्न’ कहा जाता है।मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़ी युवा आबादी वाले किसी भी देश में तीन चीजें - विचार एवं नवोन्मेष, जोखिम लेने का जुनून और ‘कर सकने’ की भावना बहुत महत्त्वपूर्ण होती हैं।उन्होंने कहा कि जब ये तीन चीजें साथ आती हैं, अभूतपूर्व परिणाम हासिल होते हैं और करिश्मा होता है।मोदी ने कहा, “इन दिनों हम अपने चारों तरफ स्टार्ट-अप, स्टार्ट-अप, स्टार्ट-अप सुनते हैं। यह सच है कि यह स्टार्ट-अप का युग है और यह भी सच है कि स्टार्ट-अप के क्षेत्र में भारत एक तरह से दुनिया में अग्रणी है।”उन्होंने कहा कि साल दर साल स्टार्ट-अप को रिकॉर्ड निवेश मिल रहा है और यह क्षेत्र तेज गति से विकास कर रहा है।मोदी ने कहा, “देश के छोटे शहरों में भी स्टार्ट-अप की पहुंच बढ़ी है। यूनिकॉर्न शब्द आजकल काफी चर्चा में है। यूनिकॉर्न एक स्टार्ट-अप है जिसका मूल्यांकन एक अरब डॉलर, करीब 7,000 करोड़ रुपये है।”उन्होंने कहा, “साल 2015 तक, देश में नौ से 10 यूनिकॉर्न थे, आपको जानकर बहुत खुशी होगी कि भारत अब यूनिकॉर्न की दुनिया में भी काफी ऊपर है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल एक बड़ा बदलाव आया है और महज 10 महीनों में, भारत में हर 10 दिन में एक यूनिकॉर्न बना है।”प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक बड़ी बात है क्योंकि भारत के युवाओं ने कोविड वैश्विक महामारी के बीच यह सफलता हासिल की है।मोदी ने कहा, “आज भारत में 70 से ज्यादा यूनिकॉर्न हैं, यानी 70 से ज्यादा स्टार्ट-अप ने एक अरब डॉलर के मूल्यांकन को पार कर लिया है।”अपने कार्यक्रम में, प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दिसंबर के महीने में, नौसेना दिवस और सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जाता है, और 16 दिसंबर को, यह 1971 के युद्ध में जीत का स्वर्ण जयंती वर्ष होगा।मोदी ने कहा, “इन सभी अवसरों पर मैं अपने सशस्त्र बलों, हमारे सैनिकों, विशेषकर उन वीर माताओं को याद करता हूं जिन्होंने इन योद्धाओं को जन्म दिया।”
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' अब सभी प्रमुख ऑडियो और संगीत मंचों पर उपलब्ध है। अधिकारियों ने रविवार को कहा कि यह विशेष रूप से युवा पीढ़ी के बीच कार्यक्रम की पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा।उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम अब स्पॉटिफाई, हंगामा, गाना, जियो सावन, विंक और अमेजन म्यूजिक जैसे मंचों पर भी उपलब्ध होगा। इससे पहले यह टे लीविजन, रेडियो, नमो ऐप और यूट्यूब पर उपलब्ध होता था।अधिकारियों ने कहा कि यह लोगों को ‘मन की बात’ कार्यक्रम को विभिन्न ऑडियो मंचों पर बिना किसी बाधा के सुनने में मदद करेगा चाहे वे कहीं भी हों। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने 2014 में सत्ता में आने के बाद, इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी जिसमें वह विभिन्न मुद्दों पर देश के लोगों से बात करते हैं। कार्यक्रम आमतौर पर महीने के आखिरी रविवार को प्रसारित किया जाता है। इसकी पहली कड़ी अक्टूबर 2014 में प्रसारित हुई थी और यह 2019 में एक संक्षिप्त अवधि को छोड़कर, जब प्रधानमंत्री ने लोकसभा चुनाव के दौरान इसे रोक दिया था, निर्बाध रूप से चल रहा है।
- नयी दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सरकार की ओर से रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में अधिकतर विपक्षी दलों ने पेगासस जासूसी विवाद, महंगाई, किसानों, न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी को लेकर कानून बनाए जाने, बेरोजगारी, लद्दाख में चीन के अतिक्रमण सहित कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा किए जाने की मांग की और सरकार को रचनात्मक मुद्दों पर सकारात्मक सहयोग देने का आश्चासन दिया ।सरकार ने विपक्षी दलों को आश्वस्त किया कि वह विपक्ष के सकारात्मक सुझावों पर विचार करने और नियमों के तहत अध्यक्ष एवं सभापति की अनुमति से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार है।सर्वदलीय बैठक में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, पीयूष गोयल, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के अलावा राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय, डेरेक ओ ब्रायन, द्रमुक नेता टी आर बालू, समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव, बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्र, बीजद के प्रसन्न आचार्य, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, शिवसेना नेता विनायक राउत आदि मौजूद थे। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपस्थित नहीं थे।बैठक के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘‘ सर्वदलीय बैठक में 15-20 महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। सभी दलों ने मांग की कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने पर सरकार तुरंत ध्यान दे। ’’उन्होंने कहा कि इसके अलावा बिजली संशोधन विधेयक पर भी सरकार से ध्यान देने को कहा गया है ।उन्होंने कहा कि सरकार ने उनसे कहा कि कुछ विधेयकों को पेश करने के बाद वह उसे संसद की स्थायी समिति को भेजना चाहती है और इस बारे में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में तय हो जायेगा।खड़गे ने कहा, ‘‘ हम सरकार को सहयोग करना चाहते हैं । अच्छे विधेयक आयेंगे, तब हम सरकार का सहयोग करेंगे । अगर हमारी बात नहीं मानी (चर्चा को लेकर) गई, तब सदन में व्यवधान की जिम्मेदारी सरकार की होगी।’’कांग्रेस नेता खड़गे ने कहा कि बैठक में कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका के बारे में भी चर्चा हुई ।उन्होंने कहा, ‘‘ हमने सरकार से मांग की है कि कोविड महामारी के कारण जान गंवाने वालों को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को भी मुआवजा दिया जाए।’’खड़गे ने कहा, ‘‘हम अपेक्षा कर रहे थे कि बैठक में प्रधानमंत्री आएंगे, लेकिन किसी कारण से वह नहीं आए।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री से कृषि कानूनों को लेकर कुछ बातों पर स्थिति स्पष्ट करना चाहते थे।’’संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संवाददाताओं का बताया, ‘‘ सर्वदलीय बैठक में विभिन्न दलों के 42 नेताओं ने हिस्सा लिया । इसमें विभिन्न विषयों पर रचनात्मक चर्चा हुई और विपक्ष की ओर से कुछ अच्छे सुझाव आए।’’उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के सकारात्मक सुझावों पर विचार करने और नियमों के तहत अध्यक्ष एवं सभापति की अनुमति से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार है।जोशी ने कहा, ‘‘ हमने अपील की है कि सदन में बिना किसी व्यवधान के कामकाज हो। विपक्ष ने भी आश्वस्त किया है कि वे सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करेंगे।’’वहीं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह बीच में ही बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि वे बैठक में किसानों, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने के विषय को उठा रहे थे, लेकिन बीच में ही टोका-टोकी की गई ।सिंह ने आरोप लगाया कि कि संसद में भी नहीं बोलने दिया जाता है और यहां बैठक में भी टोका-टोकी की गई। ऐसे में बैठक में रहने का कोई अर्थ नहीं है।विपक्षी नेताओं ने पश्चिम बंगाल सहित कुछ राज्यों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अधिकार क्षेत्र बढ़ाए जाने, संघीय ढांचे तथा महिला आरक्षण विधेयक का मुद्दा भी उठाया।समझा जाता है कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं-सुदीप बंदोपाध्याय और डेरेक ओ ब्रायन ने लाभकारी सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून लाने का मुद्दा भी उठाया।बैठक में तृणमूल कांग्रेस ने 10 बिन्दुओं को उठाया, जिसमें महंगाई, बेरोजगारी, संघीय ढांचे का मुद्दा, मुनाफा कमाने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश, कुछ राज्यों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अधिकार क्षेत्र बढ़ाए जाने, संघीय ढांचे, कोविड-19 की स्थिति तथा महिला आरक्षण विधेयक आदि का मुद्दा शामिल है । गौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार 29 नवंबर से शुरू होकर 23 दिसंबर तक चलेगा।
- सुलतानपुर (उप्र)। सुलतानपुर जिले के मोतिगरपुर थाना क्षेत्र में एक युवक की गला दबाकर हत्या कर दी गई। युवक चार दिन पहले कोलकाता से अपने गांव आया था। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार शुक्रवार की रात धान के खेत में युवक का शव पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस घटनास्थल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सुलतानपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. विपिन मिश्रा ने बताया कि मोतिगरपुर थाना क्षेत्र के डींगुरपुर बनके गांव निवासी राजेंद्र गुप्ता (32) की किसी अज्ञात व्यक्ति ने गला दबाकर हत्या कर दी। जांच-पड़ताल की जा रही है। घटना की तह तक जाने के लिए फॉरेंसिक व श्वान दस्ते को भी बुलाया गया। पुलिस के अनुसार युवक जब काफी देर तक घर नहीं पहुंचा तो परिजन खेत पहुंचे, जहां उन्होंने युवक को मृत अवस्था में देखा। राजेंद्र गुप्ता कोलकाता में लोहे की कंपनी में काम करता था और चार दिन पहले ही वह गांव आया था। राजेंद्र के गले पर चोट के निशान पाए गए हैं।
- सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में शनिवार तड़के एक भारी वाहन की चपेट में आकर कार के पलट जाने से तीन लोगों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह ने बताया कि दुर्घटना सागर शहर के बाहरी इलाके बहरिया थाना क्षेत्र के सागर-गढ़ाकोटा मार्ग पर तड़के करीब दो बजे हुई। हादसे में पुष्पेंद्र राजपूत (30), अभिनव तिवारी (30), और सूरज गोरखा (29) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। उन्होंने बताया कि कार एक अज्ञात भारी वाहन की चपेट में आकर पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरु कर दी है।
- जयपुर। राजस्थान के दौसा जिले में शनिवार को एक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गयी और दो अन्य घायल हो गए। यह हादसा एंबुलेंस और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर के कारण हुआ। बसवा थाने के थानाधिकारी दारा सिंह ने बताया कि मृतकों में मरीज बलजीत (28) शामिल है, जिसे उसका भाई और रिश्तेदार अलवर से जयपुर ले जा रहे थे। एक दुर्घटना में बलजीत का पैर टूट गया था। एम्बुलेंस में उसके साथ उसका भाई भागचंद और दो रिश्तेदार हिम्मत और भूप सिंह थे। दौसा जिले में प्रवेश करते ही वैन अलवर की ओर जा रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में बलजीत, हिम्मत, भूप सिंह और एम्बुलेंस चालक महेश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि भागचंद और एम्बुलेंस कर्मचारी नवदीप घायल हो गए। दोनों घायलों का इलाज जयपुर के एसएमएस अस्पताल में चल रहा है।
- नोएडा। नोएडा के थाना रबपुरा क्षेत्र के भ्यारा गांव के पास एक ट्रैक्टर ट्रॉली में अचानक ब्रेक लगने से उसमें रखी मिक्सर मशीन अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर ट्रॉली में मौजूद मजदूर पर गिर गयी, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। रबूपुरा थाना के प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि म्याना गांव के निवासी सतीश (28) बीती रात को भ्यारा गांव में लिंटर डालने के बाद मिक्सर मशीन को ट्रैक्टर ट्रॉली में रखकर अपने गांव लौट रहे थे। तभी गांव के पास ट्रैक्टर चालक ने अचानक ब्रेक मारा, जिसकी वजह से ट्रैक्टर ट्रॉली में रखी मिक्सर मशीन अनियंत्रित होकर उसके ऊपर गिर गई। उन्होंने बताया कि इस घटना में सतीश को गंभीर चोट आई। उपचार के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- पुणे। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रावसाहेब दानवे ने महाराष्ट्र के पुणे को उत्तर प्रदेश के अयोध्या से जोड़ने वाली रामपथ यात्रा विशेष ट्रेन को शनिवार को हरी झंडी दिखाई। रेलवे के पुणे मंडल की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, दानवे ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए विशेष तीर्थ यात्रा ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के अनुरूप देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 'देखो अपना देश' अभियान चलाया गया है। रामपथ यात्रा ट्रेन ‘रामायण सर्किट' का एक हिस्सा है और यह भगवान राम की यात्रा के महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ती है।'' विज्ञप्ति में बताया गया कि ‘रामपथ यात्रा' तीर्थ यात्रा के लिए एक विशेष पर्यटक ट्रेन है, जो अयोध्या, नंदीग्राम, वाराणसी, प्रयाग, श्रृंगवेरपुर और चित्रकूट जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों से गुजरेगी। आईआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम) की वेबसाइट के जरिए इस ट्रेन में ऑनलाइन माध्यम से सीट आरक्षित कराई जा सकती है। इसके अलावा इसके मंडलीय कार्यालयों, क्षेत्रीय कार्यालयों और पर्यटन सुविधा केंद्रों से भी सीट आरक्षित कराई जा सकती है। विज्ञप्ति के अनुसार, पुणे-अयोध्या-पुणे ट्रेन यात्रियों के चढ़ने और उतरने के लिए लोनावाला, पनवेल, कल्याण, नासिक, मनमाड, चालीसगांव, जलगांव, भुसावल, खंडवा और इटारसी में रुकेगी, जबकि अयोध्या और वाराणसी में इसके पर्यटक पड़ाव होंगे।
- पुणे। महाराष्ट्र के पुणे जिले में कान्हे गांव के पास शनिवार तड़के एक मिनी ट्रक की चपेट में आने से भगवान विट्ठल के मंदिर का दर्शन करने जा रहे चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 23 अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु पुणे शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित आलंदी जा रहे थे, तभी मावल तहसील में सुबह करीब छह बजे यह घटना हुई। वडगांव मावल पुलिस थाने के निरीक्षक विलास भोसले ने बताया, ‘‘वारकरियों (भगवान विट्ठल के भक्त) का एक समूह रायगढ़ जिले से पैदल आ रहा था। जब यह समूह पुराने मुंबई-पुणे राजमार्ग पर साटे फाटा पहुंचा, तो एक मिनी ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। घटना में 27 लोग घायल हो गए।'' उन्होंने बताया, ‘‘घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान चार लोगों की मौत हो गई।'' भोसले ने बताया कि वाहन चालक को हिरासत में ले लिया गया है और मामले में जांच जारी है। वारकरी संप्रदाय के लोग भगवान विट्ठल मंदिर के लिए प्रसिद्ध राज्य के सोलापुर जिले के पंढरपुर शहर में वार्षिक ‘वारी' (तीर्थयात्रा) करते हैं।
- तिरुवनंतपुरम। केरल सरकार ने कहा है कि सबरीमला तीर्थयात्रा में भाग लेने वाले बच्चों के लिए कोविड-19 की आरटी-पीसीआर जांच आवश्यक नहीं है। राज्य सरकार के 26 नवंबर के एक आदेश के अनुसार, बच्चों के साथ आने वाले माता-पिता और वयस्क यह सुनिश्चित करेंगे कि वे साबुन, सैनिटाइजर मास्क पास में रखें और सामाजिक दूरी, मास्क पहनने के नियमों का पालन करें। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि श्रद्धालुओं और सबरीमला में तैनात कर्मचारियों को 72 घंटों के भीतर की आरटी-पीसीआर जांच की नेगेटिव रिपोर्ट या टीके की दोनों खुराक लेने का प्रमाणपत्र रखना होगा। आदेश में कहा गया, ‘‘सरकार यह भी स्पष्ट करना चाहती है कि बच्चों को आरटी-पीसीआर जांच के बिना सबरीमला तीर्थयात्रा पर जाने की अनुमति है। बच्चों के साथ आने वाले माता-पिता या वयस्क, बच्चों के स्वास्थ्य के मुद्दों के लिए जवाबदेह होंगे और उन्हें साथ में साबुन, सैनिटाइजर रखना होगा। मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियम का भी पालन करना होगा।'' कोविड-19 महामारी के बावजूद सैकड़ों श्रद्धालु अयप्पा मंदिर में पूजा करने के लिए यात्रा कर रहे हैं। दो महीने की वार्षिक मंडलम-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा के लिए मंदिर को 16 नवंबर को खोला गया था। महामारी और भारी बारिश के मद्देनजर श्रद्धालुओं की संख्या नियंत्रित करने के लिए इस बार ऑनलाइन पास की व्यवस्था की गई है।
- नागपुर। बेंगलुरू से 139 यात्रियों को पटना ले जा रहे गो फर्स्ट के एक विमान के इंजन में खराबी आ जाने के कारण शनिवार को उसे नागपुर हवाई अड्डे पर आपात स्थिति में उतारा गया। इस संबंध में एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि विमान पूर्वाह्न सवा 11 बजे हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरा । हवाई अड्डे के निदेशक आबिद रूही ने बताया, ‘‘गो फर्स्ट की उड़ान के पायलट ने नागपुर एटीसी से संपर्क कर बताया कि विमान के एक इंजन में समस्या आ रही है और उसने नागपुर हवाई अड्डे पर आपात स्थिति में विमान को उतारने का अनुरोध किया।'' उन्होंने बताया कि चालक दल के सदस्यों के अलावा विमान में 139 यात्री सवार थे। रूही ने बताया, ‘‘हमने इसे पूर्ण पैमाने पर आपातकाल घोषित करके सभी आवश्यक व्यवस्था की, जिसमें रनवे, दमकल, डॉक्टर, एम्बुलेंस उपलब्ध कराना और पुलिस के साथ समन्वय शामिल है। सौभाग्य से विमान सुरक्षित तरीके से उतरा।'' गो फर्स्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बेंगलुरु से पटना जाने वाली उड़ान जी8 873 को ‘कॉकपिट में दोषपूर्ण इंजन चेतावनी के बाद नागपुर की तरफ मोड़ दिया गया क्योंकि कप्तान को एहतियात के तौर पर इंजन बंद करने की जरूरत पड़ी। बयान में कहा गया कि इसके बाद कप्तान ने मानक संचालन प्रक्रिया का पालन किया और इसे सुरक्षित नागपुर हवाईअड्डे पर उतारा। सभी यात्रियों को वाहन से उतारा गया। यात्रियों को गंतव्य स्थान तक भेजने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है और अब वह पटना के लिए शाम चार बजकर 45 मिनट पर रवाना होगी। इंजीनियर प्रभावित विमान की जांच कर रहे हैं।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को लोगों से न केवल अपने अंग दान करने का संकल्प लेने का आह्वान किया, बल्कि देश में प्रतिरोपण के लिए उपलब्ध अंगों के अभाव के बारे में प्रचार करने और दूसरों को आगे आने के लिए प्रेरित करने को भी कहा। उन्होंने कहा, “जीते जी रक्तदान, मरने के बाद अंगदान। हमारे जीवन का यही आदर्श वाक्य होना चाहिए।”यहां 12वें भारतीय अंगदान दिवस को संबोधित करते हुए मंत्री ने अधिक समन्वय का आह्वान किया और इस बात का विशेष उल्लेख किया कि अंगदान की हिचकिचाहट को दूर करने में पूरे समाज को सक्रिय भूमिका निभाने की जरूरत है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “प्रतिरोपण प्राप्तकर्ताओं को मृत दाताओं द्वारा दिए गए जीवन के उपहार का जश्न मनाने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन अंग दान को बढ़ावा देने के लिए किया गया था, जब देश में अंग प्रतिस्थापन की मांग अंग दान से कहीं अधिक थी।” मांडविया ने कहा, “हमारी संस्कृति ‘शुभ' और ‘लाभ' पर जोर देती है जहां व्यक्तिगत कुशलता समुदाय के भले में निहित होती है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “12वें भारतीय अंगदान दिवस में भाग लेना मेरे लिए सम्मान की बात है, यह दिन अंगदान के नेक कार्य के लिए मनाया जाता है। वर्ष 2010 से, मृतक दाताओं और उनके परिवारों द्वारा समाज में किए गए योगदान को याद करने के लिए हर साल भारतीय अंग दान दिवस मनाया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि देश में प्रति वर्ष किए गए अंग प्रतिरोपण की कुल संख्या 2013 में 4,990 से बढ़कर 2019 में 12,746 हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि दान एवं प्रतिरोपण पर वैश्विक निगरानी (जीओडीटी) की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत अब दुनिया में केवल अमेरिका और चीन से पीछे है और तीसरे स्थान पर है। इसी तरह अंगदान की दर 2012-13 की तुलना में करीब चार गुना बढ़ गई है।मांडविया ने कहा, “हालांकि हम अभी भी प्रतिरोपण की आवश्यकता वाले रोगियों की संख्या और मृत्यु के बाद अंग दान करने के लिए सहमति देने वाले लोगों की संख्या के बीच एक बड़े अंतर का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा, कोविड-19 महामारी के कारण अंग दान और प्रतिरोपण गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिसे हम जल्द ही पीछे छोड़ने की उम्मीद करते हैं।
- ऋषिकेश। राजाजी बाघ अभयारण्य के मोतीचूर रेंज में शुक्रवार देर रात एक मालगाड़ी की टक्कर में हाथी के बच्चे की मौत हो गई। वन अभयारण्य के निदेशक धर्मेश कुमार सिंह ने बताया कि इस टक्कर में हाथी के चार साल के बच्चे की मौत हो गई, यह घटना शुक्रवार देर रात लगभग डेढ बजे हुई। सिंह ने बताया कि ट्रेन के चालक ने कुछ मीटर की दूरी पर हाथियों के एक झुंड को पटरी पर खड़ा देखा, जिसके बाद ट्रेन की गति धीमी की गई और हॉर्न बजाया गया। ट्रेन जब तक रूकी तब तक झुंड के ज्यादातर हाथी समय पर पटरी से उतर गए थे लेकिन हाथी का एक बच्चा इसकी चपेट में आ गया। उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मालगाड़ी के चालक के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।
- पाकुड़। झारखंड के पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के कदवा गांव के पास शनिवार को तड़के दो वाहनों के बीच सीधी टक्कर में दोनों वाहनों में आग लग गई जिससे उनमें सवार चार लोगों की जल कर मौत हो गयी । पुलिस ने इसकी जानकारी दी । पुलिस सूत्रों ने बताया कि मौके पर पहुंची दमकल गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों वाहनों में लगी आग को बुझाया। पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से चारों शवों को जली गाड़ियों से निकाला। उन्होंने बताया कि मृतकों की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है । उन्होंने बताया कि घने कोहरे के चलते लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के धर्मपुर कदवा गांव के पास सीमेंट लदे ट्रक व चिप्स लदे एक अन्य वाहन में आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गयी। टकराने के बाद दोनों वाहन एक दूसरे में फंस गये और दोनों के ड्राइवर - खलासी गाड़ी के केबिन में फंस गए। उन्होंने बताया कि देखते ही देखते दोनों गाड़ियों में आग लग गयी जिसमें दोनों गाड़ियों में फंसे के चालक व खलासी की जल कर मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस वाहनों के मालिकों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है।
- नयी दिल्ली। प्रदर्शनकारी किसानों से अपना आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शनिवार को कहा कि केंद्र ने पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की उनकी मांग पर सहमति जताई है। तोमर ने एक बयान में कहा कि किसानों की दूसरी मांग न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और फसल विविधीकरण पर चर्चा की है। 19 नवंबर को गुरु पर्व के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित समिति के गठन के साथ यह मांग भी पूरी होगी। मंत्री ने कहा, ‘‘किसानों की मांग पराली जलाने को अपराध से मुक्त करने की थी। सरकार इस मांग पर सहमत हो गई है।'' आंदोलन के दौरान किसानों के खिलाफ मामले वापस लेने के संबंध में तोमर ने कहा कि यह राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में है। उन्होंने कहा, ‘‘मामलों की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकारों को फैसला करना होगा और मुआवजे का मुद्दा भी उन्हें ही तय करना होगा।'' उन्होंने कहा कि हर राज्य अपने प्रदेश के कानून के अनुसार फैसला करेगा। यह कहते हुए कि सरकार द्वारा तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा के बाद आंदोलन जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है, तोमर ने कहा, ‘‘इसलिए मैं सभी किसान संगठनों से विरोध को नैतिक रूप से समाप्त करने और अपना बड़ा दिल दिखाने की अपील करता हूं। उन्हें वापस अपने घर लौटना चाहिए।'' मंत्री ने कहा कि विरोध करने वाले किसानों ने शुरू में तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की थी, जिसे सरकार ने उनके हित को ध्यान में रखते हुए स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए एक विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसे 29 नवंबर से शुरू होने वाले संसद के आगामी सत्र की शुरुआत में पेश किया जाएगा। तोमर ने यह भी कहा कि सरकार को इस बात का अफसोस है कि वह कुछ किसान संगठनों को इन कृषि कानूनों के लाभ के बारे में समझाने में सफल नहीं हो सकी। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन को अब एक साल से अधिक हो गया है। दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों में ज्यादातर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से यहां आए हैं। हालांकि, किसान संघों ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के सरकार के हालिया कदम का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने कहा है कि उनका विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक कि कानूनों को पूरी तरह और औपचारिक रूप से वापस नहीं लिया जाता और एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित अन्य मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
- ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में पिछले चार वर्षों के दौरान 37 फर्जी चिकित्सकों का पता चला है और इनमें से 31 के खिलाफ अब तक मामला दर्ज किया गया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। जिले में फर्जी चिकित्सकों का पता लगाने के लिए गठित की गयी एक समिति ने यह जानकारी साझा की है।ठाणे जिले के स्वास्थ्य अधिकारी मनीष रेंगे के नेतृत्व में यह समिति गठित की गयी थी।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के मुताबिक ये 37 फर्जी चिकित्सक जिले के पांच तालुकों अंबरनाथ, भिवंडी, शाहपुर, कल्याण और मुरबाद में पाए गए हैं।
- हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को एक यात्री के पास से 20.30 लाख रुपये मूल्य का 410 ग्राम सोना जब्त किया गया। सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने यह सोना बरामद किया। सीमा शुल्क विभाग की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक सोने को एक सूटकेस के आंतरिक धातु फ्रेम में एक टैल्कम पाउडर कंटेनर के अंदर छिपाकर रखा गया था। यात्री के खिलाफ सोने की तस्करी को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है।
- महू (मप्र)। मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के महू में सेना की फायरिंग रेंज की सीमा से लगे कुटी गांव में शनिवार को एक जीवित बम मिला है। पुलिस ने यह जानकारी दी। बड़गोंडा पुलिस थाने के निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि कुटी गांव के एक निवासी ने अपने घर के निर्माण के लिए झाड़ियां काटते समय यह बम देखा। उन्होंने कहा कि जब यह पुष्टि हुई कि यह बम सेना का था तो इलाके से सभी निवासियों को वहां निकाल दिया गया और सेना तथा पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि सेना के जवानों का एक दल मौके पर पहुंचा और बम को निष्क्रिय कर दिया। उन्होंने कहा कि सेना के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरु कर दी है।
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नयी दिल्ली। दिल्ली पुलिस साइबर प्रकोष्ठ ने एक गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिसने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान चिकित्सीय ऑक्सीजन सिलेंडर देने के बहाने लगभग 1,000 लोगों को कथित रूप से ठगा था। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार सदस्यों ने करीब 1,000 लोगों से लगभग 1.5 करोड़ रुपये वसूलने की बात स्वीकार की है। गिरोह के अलग-अलग तरह के कई मॉड्यूल थे। पुलिस ने कहा कि गिरोह के सरगना स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई किये हुए हैं, जो कोचिंग कक्षाएं संचालित करते हैं जबकि शेष अन्य लोग गिरोह से जुड़े हुए थे और कमीशन के लिए अपने बैंक खाते तथा सिम कार्ड प्रदान करते थे। पुलिस के अनुसार, विनोद कुमार नाम के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि जब उसकी पत्नी कोविड-19 से पीड़ित थी और उसे ऑक्सीजन सहायता की आवश्यकता थी, तो उसने एक मोबाइल नंबर पर संपर्क किया, जिसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रसारित किया गया था। पुलिस ने कहा कि उसे एक खाते में 25,000 रुपये जमा करने के लिए कहा गया और बदले में ऑक्सीजन सिलेंडर की जल्द डिलीवरी का आश्वासन दिया गया। पुलिस ने कहा कि पैसे जमा करने के बाद, उसे न तो ऑक्सीजन सिलेंडर मिला और न ही पैसे वापस मिले। पुलिस उपायुक्त (साइबर प्रकोष्ठ) के.पी.एस. मल्होत्रा ने कहा कि मोबाइल फोन नंबरों की तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के बाद तीन आरोपियों की पहचान हुई, जिन्हें बिहार के विभिन्न जिलों से गिरफ्तार किया गया । गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी धोखाधड़ी के एक और मामले में भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए तीन लोगों के खुलासे के आधार पर छह और लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो पश्चिम बंगाल और बिहार के निवासी हैं। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पहचान सरिता देवी (36), पिंकी देवी (37), अमित रौशन (27), नीतीश कुमार (25), शानू नंदी (24), सौमेन मंडल (35), उत्पल घोषाल (35), पवन (26) और कमल कांत (31) के रूप में हुई है। मामले की जांच जारी है। -
पुडुचेरी। पुडुचेरी में मुथियालपेट के एक भवन में शनिवार को विस्फोट होने से छह लोग घायल हो गये। पुलिस ने बताया कि विस्फोट की वजह का तत्काल पता नहीं चल पाया है और इस संबंध में जांच की जा रही है।
इस भवन में एक परिवार रहता था । इसी भवन में भाजपा का भी कार्यालय है। पुलिस के मुताबिक इस धमाके में परिवार के मुखिया श्रीनिवासन, उनकी पत्नी, बेटी और प्रपौत्र घायल हो ये। मकान को भी बड़ा नुकसान पहुंचा। सभी घायलों को पुलिस एवं अग्निशमन सेवा के कर्मियों ने भवन से निकाला एवं अस्पताल पहुंचाया। -
नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर-39 थाना क्षेत्र के दलित प्रेरणा स्थल के पास से अज्ञात चोरों ने एक उद्योगपति की कार से उनका लैपटॉप और कीमती सामान चोरी कर लिए। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि उद्योगपति शील कपूर अपनी कार में सवार होकर नोएडा एक्सप्रेस-वे के रास्ते दिल्ली जा रहे थे, तभी उनकी कार दलित प्रेरणा स्थल के पास पंचर हो गई। उन्होंने बताया कि उद्योगपति कार से उतरकर अपनी कार का टायर बदलवाने लगे कि इसी बीच अज्ञात चोरों ने उनकी कार से लैपटॉप, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी कर लिया। उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।


























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