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- नयी दिल्ली। देश के अस्पतालों में करीब 65 प्रतिशत बिस्तर लगभग 50 प्रतिशत आबादी की जरूरतों को पूरा करते हैं। लोगों के लिये समान रूप से स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिये बिस्तरों की संख्या में कम-से-कम 30 प्रतिशत वृद्धि किये जाने की जरूरत है। यह बात नीति आयोग की रिपोर्ट में कही गयी है। आयोग ने ‘भारत में वित्तपोषण के विभिन्न स्रोतों के माध्यम से स्वास्थ्य देखभाल की पुनर्कल्पना' शीर्षक से जारी रिपोर्ट में यह भी कहा कि ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) देशों में भारत का स्वास्थ्य देखभाल पर खर्च सबसे कम है। इसमें कहा गया है, ‘‘यह उल्लेखनीय है कि देश में लगभग 65 प्रतिशत अस्पताल के बिस्तर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और केरल में केंद्रित लगभग 50 प्रतिशत आबादी की जरूरतों को पूरा करते हैं।'' दूसरी तरफ, 21 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों की अन्य 50 प्रतिशत आबादी की केवल 35 प्रतिशत अस्पतालों के बिस्तरों तक पहुंच है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘यह बताता है कि देश के हर हिस्से में सभी नागरिकों को समान रूप से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या कम-से-कम 30 प्रतिशत बढ़ाये जाने की जरूरत है।'' इस मामले में विभिन्न स्रोतों यानी मिश्रित वित्तपोषण का रुख अपनाया जा सकता है। इसमें सामाजिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिये सार्वजनिक और परमार्थ स्रोतों से जुटाये गये धन का उपयोग अतिरिक्त निजी निवेश जुटाने में किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में अस्पतालों की कुल स्वास्थ्य देखभाल बाजार में 80 प्रतिशत हिस्सेदारी है।इसमें कहा गया है, ‘‘वित्त वर्ष 2016-17 में इस क्षेत्र का मूल्य 61.79 अरब डॉलर था और 2023 तक इसके बढ़कर 132 अरब डॉलर पहुंच जाने का अनुमान है।'' स्वास्थ्य बीमा का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) देश में स्वास्थ्य बीमा की पहुंच 34 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर सकती है। इसमें कहा गया है कि इससे अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज कराने की मांग बढ़ेगी।रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र पर व्यय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.6 प्रतिशत है। इसमें सार्वजनिक व्यय और लोगों की जेबों से होने वाला खर्च शामिल हैं। केंद्र और राज्यों का संयुक्त रूप से खर्च जीडीपी का 1.29 प्रतिशत है, जो ब्रिक्स देशों में सबसे कम है। रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिक्स देशों में ब्राजील सबसे अधिक 9.2 प्रतिशत, दक्षिण अफ्रीका 8.1 प्रतिशत, रूस 5.3 प्रतिशत और चीन इस मद में पांच प्रतिशत खर्च करता है।
- सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से दोस्त का जन्मदिन मनाने रुड़की गए तीन युवक सेल्फी लेते हुए गंगनहर में डूब गए जिनमें एक को तो बचा लिया गया और दो अन्य की तलाश की जा रही है। नगर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि सहारनपुर के थाना कुतुबशेर के अन्तर्गत गुरुदारा रोड निवासी मोहित सचदेवा (31), मोहित आहूजा (30) और उसका छोटा भाई रोहित आहूजा तथा दिल्ली रोड निवासी हार्दिक दुआ सोमवार शाम उतराखण्ड के रुड़की में अपने दोस्त का जन्मदिन मनाने गए थे। उन्होंने कहा कि सोमवार रात ढाई बजे ये लोग गंगनहर के पास सेल्फी ले रहे थे कि इस बीच मोहित आहूजा नहर में जा गिरा जिसे बचाने का प्रयास करते हुए मोहित सचदेवा भी नहर में जा गिरा। कुमार ने कहा कि इन दोनों को बचाने के प्रयास में रोहित भी नहर में कूद गया और तीनों को डूबता देख वहां मौजूद कुछ लोगों ने रस्सा डालकर रोहित को बाहर निकाल लिया लेकिन मोहित आहूजा और मोहित सचदेवा का कुछ पता नहीं चला। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही गंगनहर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश की जा रही है। कुमार ने कहा कि रोहित को रुड़की के अस्पताल मे भर्ती कराया गया है।
- नयी दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश के कामेंग क्षेत्र में हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद पिछले दो दिन से लापता सेना के सात जवानों के शव मंगलवार को मिले। सेना ने यह जानकारी दी। कामेंग सेक्टर में ऊंचाई पर स्थित इलाके में रविवार को हिमस्खलन के बाद लापता कर्मियों को ढूंढने के लिए सेना ने तलाश एवं बचाव अभियान शुरू किया था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अरुणाचल प्रदेश में हिमस्खलन में हुई सैनिकों की मौत पर शोक जताते हुए मंगलवार को कहा कि इस दुख को लफ्जों में बयां नहीं किया जा सकता है। दुर्घटना के शिकार सैनिकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि बहादुर जवानों ने देश की सेवा में अपने प्राणों की आहूति दी है और उनके इस नि:स्वार्थ बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने जवानों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र के लिए उनकी निस्वार्थ सेवा को हमेशा याद किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना के जवानों की मौत पर शोक जताया और कहा कि देश उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को कभी भूल नहीं पाएगा। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘अरुणाचल प्रदेश में हिमस्खलन से भारतीय सेना के जवानों की मौत से दुखी हूं। देश की उत्कृष्ट सेवा के लिए हम उनके योगदान को कभी नहीं भूल पाएंगे। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।'' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवानों की मौत पर शोक जताया है।
- जयपुर। राजस्थान के टोंक जिले के नगरफोर्ट थाना क्षेत्र में कर्ज से परेशान एक सरकारी कर्मचारी ने सोमवार रात कथित रूप से आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि रानीपुरा निवासी लोकेश मीणा (27) ने रस्सी के फंदे से झूलकर जान दे दी। फंदे की रस्सी को छत के हुक से फंसाया गया था। पुलिस ने बताया कि जान देने वाला कर्मचारी सार्वजनिक निर्माण विभाग बूंदी के नैनवां में कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत था और दो साल से हिण्डौली में प्रतिनियुक्ति पर था। इस संबंध में मृतक के पिता की ओर 11 लोगो के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। दर्ज शिकायत के आधार पर नामजद लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306,384,420, 406,120 बी एवं 3(2)(5) एससी एसटी (पीए) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र ने गोपनीय जानकारी के आधार पर बताया कि रुपयों के लेनदेन को लेकर मृतक काफी मानसिक दबाव में था। उन्होंने कहा कि विभिन्न पहलुओं की जांच, सुसाइड नोट, पूछताछ और बयानों के बाद पूरी स्थिति का खुलासा होगा । आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की पांच अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने बताया कि एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है, शेष की तलाश जारी है, मामलें में अनुसंधान जारी है। पुलिस के अनुसार परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव को गांव के बाहर रख दिया और कहा कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नही होंगे तब तक दाह संस्कार नही करेंगे। लेकिन पुलिस और क्षेत्रीय विधायक हरीष मीणा के समझाने पर परिजन दाह संस्कार के लिए सहमत हो गए। file photo
- जयपुर। राजस्थान सरकार ने मंगलवार को वेदांता समूह के अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के साथ राज्य के 25 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘नंद घर' के रूप में विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। फाउंडेशन करीब 750 करोड़ रुपये (प्रति आंगनबाड़ी तीन लाख रूपये) व्यय कर 25 हजार नंद घर विकसित करेगा।मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बच्चे हमारे देश की वह पौध हैं, जिनको बेहतर पोषण, अच्छी शिक्षा एवं सुसंस्कार देकर हम उत्कृष्ट मानव संसाधन के रूप में तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्र इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हमारा लक्ष्य हो कि राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्र सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त ‘नंद घर' के रूप में विकसित हों। इससे मातृ एवं शिशु मृत्युदर को और कम करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर सुदृढ़ कर रही है। इसी का परिणाम है कि अब करीब 95 प्रतिशत प्रसव संस्थागत होने लगे हैं। राज्य सरकार की ओर से प्रमुख शासन सचिव महिला एवं बाल विकास श्रेया गुहा एवं अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की ओर से नंद घर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रितु झींगन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
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नई दिल्ली। घूमना-फिरना ऐसा शौक है, जो लोगों को सदियों से लुभाता रहा है। लोग पैदल और जानवरों पर बैठकर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की सैर करते रहे हैं। आजकल की बात करें तो यह घूमना-फिरना एक उद्योग के रूप में बदल गया है, जिसे टूरिज्म सेक्टर कहते हैं। मौजूदा समय में अगर आप घूमने निकलते हैं तो सैकड़ों रुपये से लेकर लाखों रुपये तक खर्च हो सकते हैं. लेकिन मुंबई एक युवक ने बिना एक भी पैसा खर्च किए पूरा हिंदुस्तान घूम लिया है और अब वह दुनिया की सैर करने की योजना बना रहा है।
अपने मन का नहीं कर पा रहे थे रजतद बेटर इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई के इस युवक का नाम रजत शुक्ला है। 24 वर्षीय रजत शुक्ला का जन्म अयोध्या में हुआ और वे मुंबई में पले-बढ़े हैं। पढ़ाई के बाद वे जर्नलिस्ट बन गए और कई बड़े मीडिया हाउसेज़ में काम किया है। अच्छी खासी नौकरी के बावजूद उनके मन में हमेशा ये कसक रहती थी कि वे भागमभाग में वह नहीं कर पा रहे हैं, जो वह करने के लिए आए हैं। आखिरकार उन्होंने अपने मन की बात सुनने का फैसला किया और नेचर ट्रैकिंग की ओर मुड़ गए। वे नई -नई जगहों पर जाते और प्रकृति के साथ समय बताते। इसके साथ ही उन्होंने मुंबई के आसपास साइकिलिंग करना भी शुरू कर दिया।ट्रक में लिफ्ट लेकर कोलकाता पहुंच गएरजत शुक्ला बताते हैं कि 8 जनवरी 2021 की रात को वे मुंबई के पास एक ट्रैकिंग पूरी करके अपने घर जाने के लिए मुंबई के बदलापुर रेलवे स्टेशन पर खड़े थे। इसी बीच उनके मन में आया कि वे घर जाने के बजाय दूसरे ट्रैक पर निकल पड़ें। दूसरा ट्रैकिंग पॉइंट कसारा, स्टेशन से करीब 90 किलोमीटर दूर था। वे स्टेशन से बाहर निकले और कसारा की ओर पैदल चलने लगे। कुछ दूर चलने पर उन्हें सड़क पर एक ट्रक आता हुआ दिखाई दिया। उन्होंने ट्रक चालक से कसारा तक लिफ्ट मांगी। ट्रक चालक ने हंसते हुए कहा कि वह कोलकाता जा रहा है। कहे तो कसारा क्या कोलकाता छोड़ देगा। रजत शुक्ला मुस्कराते हुए उसके ट्रक में बैठ गए। कुछ दूर आगे जाने के बाद उन्होंने कसारा के बजाय कोलकाता जाने का फैसला कर लिया।ड्राइवर ने सोने-भोजन में की मददरजत शुक्ला के मुताबिक, उसके पास पैसों की कमी थी, लेकिन ड्राइवर ने उसकी बहुत मदद की। उसने न केवल ट्रक में उसके सोने का इंतजाम किया बल्कि भोजन भी खिलाया। बदले में रजत शुक्ला ने हेल्परी के काम में ड्राइवर की मदद कर दी। कुछ दिन कोलकाता में घूमने के बाद वह लिफ्ट मांग-मांगकर दार्जिंलिंग पहुंचा और वहां से नेपाल चला गया।नेपाल से लौटने के बाद वह लिफ्ट मांग-मांग कर बिहार, यूपी, हरियाणा, पंजाब होते हुए कश्मीर घूम आया। अपनी इस यात्रा में रजत शुक्ला को तमाम दिक्कतें भी आईं, लेकिन अपने बेहद साधारण जीवन और योजना से वे सब दिक्कतों पर काबू पाते चले गए। वे कहते हैं, उनके पास पैसों का घोर अभाव था। इसलिए जितना हो सका, वे पैदल चले। रास्ते में किसी ने लिफ्ट दे दी तो उसकी गाड़ी में बैठ लिए।कई बार भूखे पेट भी सोना पड़ाकई बार वे रास्ते में काम कर रहे लोगों की मदद कर देते हैं। उनमें से कई लोग उन्हें भोजन करवा देते और साथ में भोजन भी खिला देते। कई बार उन्हें भोजन नहीं मिला तो भूखे भी सोए। साथ ही रात में सोने की जगह न मिलने पर अपने साथ मौजूद मैट को उचित जगह देखकर बिछा देते और वहीं सो जाते। कश्मीर से वापसी कर वे राजस्थान, गुजरात पार करते हुए वे दोबारा मुंबई पहुंचे। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगा राज्यों का भ्रमण किया। इस दौरान विभिन्न राज्यों की संस्कृति, परंपराओं, पर्यावरण के साथ वहां की समस्याओं को भी करीब से देखा। वे अब देश में ट्रैवलिंग को प्रमोट करने में जुटे हैं। इसके साथ ही अब वे दुनिया के भ्रमण पर निकलने की भी तैयारी कर रहे हैं। - नई दिल्ली। केरल सरकार ने कोविड पाबंदियो में और ढील देने तथा रविवार का लॉकडाउन हटाने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने 28 फरवरी से स्कूलों को फिर खोलने और पूरी क्षमता के साथ कक्षाएं संचालित करने की घोषणा की है। तब तक सभी कक्षाएं 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ चलेंगी। कोरोना संक्रमण के बाद की स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए राज्य भर में पोस्ट-कोविड क्लीनिक खोलने का फैसला भी लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग को उन निजी अस्पतालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने को भी कहा गया है जिन्होंने बिना कोई उचित कारण के कोविड रोगियों को मोनोक्लोनल एंटीबॉडी उपचार दिया है।
- जयपुर। राजस्थान में अलवर जिले की गोविंदगढ़ थाना पुलिस ने फौजी बनकर लोगों को सस्ते दामों में गाड़ी बेचने का झांसा देकर ठगी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार शातिर ठग आरोपी अकबर मेव (23) ने पूछताछ में अब तक 50 लाख रुपये की ठगी करने की बात स्वीकार की है और आरोपी से दो मोबाइल एवं तीन फर्जी सिम बरामद की गई हैं। अलवर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर बुलाहेड़ी गांव जाने वाले रास्ते से आरोपी को ऑनलाइन धोखाधड़ी के आरोप में सोमवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को आरोपी के पास दो मोबाइल में कई गाडिय़ों की फोटो, अर्धसैनिक बल के जवानों के आईडी कार्ड, फौजियों की तस्वीर, रुपये लेन-देन के स्क्रीनशॉट, ठगी के संबंध में वॉयस मेसेज आदि मिले हैं।
- नयी दिल्ली। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश ने अपने यहां ऑक्सीजन की कमी के चलते किसी मृत्यु की सूचना नहीं दी है। उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उनसे सवाल किया गया था कि पिछले एक साल में लॉकडाउन के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण कितनी मौतें हुयीं। पवार ने कहा, ‘‘ स्वास्थ्य राज्य का विषय है। भारत सरकार राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा नियमित आधार पर सूचित कुल मामलों और मृत्यु के आंकड़े रखती है। तदनुसार, केंद्र सरकार ने उनसे अपेक्षित ब्यौरा भेजने के लिए अनुरोध किया है। कुछ राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों से उत्तर प्राप्त हुए थे और किसी ने ऑक्सीजन की कमी के चलते किसी मृत्यु की सूचना नहीं दी है।'' उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय पर कार्रवाई करते हुए भारत सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के जरिए कोविड-19 के रोगी के परिजन को अनुदान सहायता उपलब्ध कराने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एनडीएमए ने कोविड-19 के कारण हुई प्रमाणित मृत्यु पर प्रति रोगी 50,000 रुपये की सिफारिश की है। पवार ने कहा कि ऑक्सीजन की मांग में उछाल को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने देश में ऑक्सीजन की उपलब्धता में वृद्धि करने, इसके वितरण को दुरूस्त करने तथा ऑक्सीजन भण्डारण अवसंरचना को मजबूत बनाने के लिए उपाय किए हैं।
- भोपाल । मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश में एमबीबीएस पाठ्यक्रम को के छात्रों को हिन्दी माध्यम में पढ़ाने की तैयारी चल रही है और राज्य में इसकी शुरूआत शासकीय गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल से की जाएगी। एमबीबीएस की शिक्षा हिन्दी माध्यम से देने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा।इसके अलावा, सारंग ने बताया कि हिन्दी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम निर्धारित करने की कार्ययोजना तैयार करने और इसपर रिपोर्ट देने के लिए मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा संचालक डॉ. जितेन शुक्ला की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। सारंग ने बताया, ‘‘मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गणतंत्र दिवस पर प्रदेशवासियों के नाम अपने संदेश में राज्य में एमबीबीएस सहित सभी चिकित्सा शिक्षा हिन्दी माध्यम में दिए जाने की घोषणा की थी। उसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसे लागू करने की दिशा में काम शुरू कर दिया था।'' उन्होंने कहा, ‘‘चौहान की मंशा के अनुरूप प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों में चिकित्सा पाठ्यक्रम को हिन्दी माध्यम में पढ़ाने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।'' सारंग ने बताया, ‘‘गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल से इसकी शुरुआत करने का निर्देश दिया गया है। वहां एमबीबीएस पाठ्यक्रम को हिन्दी माध्यम में (अंग्रेजी माध्यम के साथ-साथ) पढ़ाने की शुरूआत अगले शिक्षण सत्र से की जाएगी।'' वहीं, मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि सारंग द्वारा चिकित्सा शिक्षा के पाठ्यक्रम में हिन्दी भाषा के उपयोग को बढ़ावा देने और एमबीबीएस के प्रथम वर्ष के विषयों के लिए हिन्दी में सप्लीमेंट्री पुस्तकें तैयार करने के लिये विषय-विशेषज्ञों से कुछ दिन पहले चर्चा भी की गई। उन्होंने कहा कि सारंग ने अटल बिहारी हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार तथा एम्स भोपाल और गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सकों के साथ आयुक्त चिकित्सा शिक्षा की उपस्थिति में विचार-विमर्श किया। अधिकारी ने बताया कि पहले चरण में चिकित्सा से जुड़े पाठ्यक्रमों की कक्षाओं में शिक्षकों द्वारा यथा-संभव अधिकतम हिन्दी भाषा का उपसोग किया जाएगा। उन्होंने बताया, ‘‘प्रथम वर्ष के चिकित्सा छात्रों का अध्ययन कर आकलन किया जायेगा। हिन्दी पृष्ठभूमि के छात्रों को दो महीने हिन्दी और दो महीने अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देकर, उसका आकलन किया जाएगा।'' उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के तीन विषयों (एनाटॉमी, फिजियोलॉजी एवं बायो-केमेस्ट्री) की पूरक संदर्भ पुस्तकों को हिन्दी भाषा में तैयार किया जायेगा। इस कार्य-योजना को पूरा करने के लिए समितियों का गठन किया गया है।
- नयी दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में जानकारी दी कि 2018 से 2020 के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में 17,000 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में दुर्घटनाओं में मृत्यु और आत्महत्या के मामलों के आंकड़े संकलित करता है और वार्षिक रूप से इन्हें ‘भारत में दुर्घटनाओं में मृत्यु और आत्महत्याएं' (एडीएसआई) रिपोर्ट के रूप में प्रकाशित भी करता है। उन्होंने बताया कि एडीएसआई रिपोर्ट के अनुसार 2018 में 5,763 किसानों ने, 2019 में 5,957 किसानों ने और 2020 में 5,579 किसानों ने खुदकुशी की।
- नयी दिल्ली।केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अलग से कृषि बजट लाने के एक सांसद के सुझाव को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि मोदी सरकार देश के किसानों और खेती के लिए प्रतिबद्ध है और अलग कृषि बजट नहीं भी लाया जाए तो भी खेती-किसानी के लिए कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। लोकसभा में द्रमुक नेता टी आर बालू ने तमिलनाडु सरकार द्वारा अलग से कृषि बजट पेश किये जाने का उल्लेख करते हुए प्रश्नकाल में कहा कि केंद्र सरकार को भी अलग से कृषि क्षेत्र के लिए बजट प्रस्तुत करना चाहिए जिससे देश में किसानों की समस्याएं कम होंगी। कृषि मंत्री तोमर ने उत्तर देते हुए कहा कि स्वाभाविक रूप से यह सुझाव सभी को अच्छा लगने वाला है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन बजट एक हो या दो हों, उसकी दिशा होनी चाहिए, पर्याप्त प्रावधान होने चाहिए और उन्हें क्रियान्वित करने का जज्बा होना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आने से पहले देश के लिए रेल बजट अलग आता था। उन्होंने कहा कि लेकिन इस सरकार ने सुधार किया जिससे समय बचा। तोमर ने कहा कि अगर हम मोदी सरकार से पहले के लगभग 60 वर्षों और इन सात वर्षों का विश्लेषण करके देखें तो रेलवे की योजनाओं के क्रियान्वयन में जमीन-आसमान का अंतर दिखाई देगा।'' उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र के लिए अलग बजट में मूल बजट से अतिरिक्त राशि हो तो उसे अलग करने की जरूरत है, लेकिन यदि सामान्य बजट में जो प्रावधान है, उसी को काटकर अलग से नाम कृषि बजट करने से न देश को फायदा होगा, न किसान को। तोमर ने कहा, ‘‘मोदी सरकार किसानों और किसानी के प्रति प्रतिबद्ध है। अलग बजट नहीं भी लाया जाए तो भी कृषि क्षेत्र के लिए कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।''
- अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को एक नयी सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधित सेवाओं के लिये (आईटी/आईटीईएस) नीति की शुरुआत की। इसका मकसद अगले पांच वर्षों में आईटी क्षेत्र में एक लाख नौकरियों के अवसर पैदा करना है। सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, वर्ष 2027 तक प्रभावी रहने वाली इस नयी नीति में गुजरात में आईटी या आईटीईएस इकाइयों की स्थापना करने के इच्छुक नये निवेशकों को कई तरह के वित्तीय प्रोत्साहनों की पेशकश की जाएगी। मुख्यमंत्री पटेल ने गांधीनगर के पास 'गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी' में एक समारोह के दौरान नयी आईटी नीति दस्तावेजों को जारी किया। विज्ञप्ति के मुताबिक, आईटी क्षेत्र में एक लाख नौकरियों के अवसर पैदा करने के साथ ही नयी नीति का मकसद अगले पांच साल में गुजरात के मौजूदा आईटी निर्यात को 3,000 करोड़ रुपये वार्षिक से बढ़ाकर 25,000 करोड़ रुपये वार्षिक तक ले जाना है।
- नयी दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को कहा कि ‘को-विन' पर उपलब्ध सूचना के अनुसार दो फरवरी तक कोविड-19 रोधी टीके की 28,22,459 खुराक गर्भवर्ती महिलाओं को दी जा चुकी थीं। स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन गर्भवती महिलाओं को यह खुराक दी गयी उनमें से 16,53,768 लाभार्थियों को पहली खुराक और 11,68,691 लाभार्थियों को दूसरी खुराक दी गयी। उन्होंने कहा कि सरकार विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जून 2021 में गर्भवती एवं स्तनपान करा रही माताओं के टीकाकरण के लिए जारी की गयी अंतरिम सिफारिश से अवगत है। उन्होंने कहा कि राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को इस वर्ग की महिलाओं के टीकाकरण और परामर्श देने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश भेजे गए हैं।
- मुंबई। राज्यों के ऋण की लागत 0.41 प्रतिशत बढ़कर 7.24 प्रतिशत हो गई है। इसके चलते राज्यों को बांड निवेशकों को ऊंचे मूल्य का भुगतान करना होगा। राज्यों के ऋण की लागत ऐसे समय बढ़ी है जबकि भारतीय रिजर्व बैंक बृहस्पतिवार को अपनी मौद्रिक नीति बैठक के नतीजों की घोषणा करने वाला है। माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक रिवर्स रेपो दर में बढ़ोतरी कर नकदी की स्थिति को सख्त करने की शुरुआत करेगा। राज्य विकास ऋणों (एसडीएल) की पिछले मंगलवार को नीलामी में राज्यों के ऋण की लागत 6.83 प्रतिशत थी।राज्यों के ऋण की लागत मंगलवार को रिकॉर्ड 7.29 प्रतिशत पर पहुंच गई। मंगलवार को 10 साल की सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सेक) पर प्रतिफल नरम होकर 6.81 प्रतिशत रह गया, जो इससे पिछले सप्ताह 6.83 प्रतिशत था। ताजा नीलामियों में नौ राज्यों ने 14,200 करोड़ रुपये जुटाए जो पिछले सप्ताह के 27,500 करोड़ रुपये के सांकेतिक स्तर से 48 प्रतिशत कम है। 19 राज्यों ने शुरुआत में 12,300 करोड़ रुपये का कर्ज जुटाने का संकेत दिया था। लेकिन इनमें से 11 राज्य आज की नीलामी में शामिल नहीं हुए।
- नयी दिल्ली। नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी के अनुसार स्कूलों के बंद होने से पढ़ाई को हुआ नुकसान कोविड-19 से दीर्घकाल में उबरने में एक सबसे बड़ा वैश्विक खतरा है और यदि तत्काल सुधारात्मक कार्य नहीं किये गये तो गंभीर आर्थिक कीमत चुकानी पड़ेगी। अस्थायी रूप से स्कूलों के बंद रहने से स्थायी नुकसान होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महज स्कूलों को फिर से खोल देना पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पढ़ाई को हुए नुकसान का आकलन नहीं करना और बच्चों को प्रणाली में वापस समेकित करने के लिए कदम नहीं उठाना त्रासदी को बढ़ाएगा। प्रख्यात अर्थशास्त्री बनर्जी, ग्लोबल एजुकेशन एविडेंस एडवाइजरी पैनल के सह-अध्यक्ष हैं। यह महामारी बाद की दुनिया में शिक्षा क्षेत्र के लिए सिफारिशें करने पर काम कर रहा है। बनर्जी को 2019 में अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘बच्चों की शिक्षा,कल्याण और भविष्य पर कोविड-19 संकट के लघु अवधि में एवं दीर्घकालीन प्रभाव गहरे हैं। विश्व के ज्यादातर देशों में स्कूलों को बंद हुए करीब दो साल हो गये हैं, सरकारों को इससे होने वाले नुकसान को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। आकलन से पता चलता है कि यदि सुधारात्मक कदम तत्काल नहीं उठाये जाते हैं तो कोविड संकट से पढ़ाई को हुए नुकसान की आर्थिक कीमत खरबों डॉलर में होगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘लॉकडाउन की पाबंदियों में ढील दिये जाने पर कई क्षेत्र में पूर्व की स्थिति लौट रही है लेकिन बच्चों की शिक्षा को हुए नुकसान से उनका कल्याण और उत्पादक क्षमता दशकों तक घटे रहने की संभावना है। '' वर्तमान में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में प्राध्यापक बनर्जी ने कहा कि स्कूलों को पहली प्राथमिकता के तौर पर फिर से खोले जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘स्कूलों को फिर से खोले जाने और यथासंभव खुला रखने की जरूरत है लेकिन यह पर्याप्त नहीं होने जा रहा। बच्चों के बीच में पढ़ाई छोड़ने के मुद्दे का हल करना होगा ताकि वे स्कूल लौट सकें और स्कूल प्रणाली में बच्चों को फिर से समेकित करने की योजना भी होनी चाहिए। '' उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह स्वीकार करने की जरूरत है कि बच्चे पीछे छूट जाएंगे और पढ़ाई को हुए नुकसान को कम करने तथा अंतराल को पाटने के लिए तत्काल कार्रवाई की जरूरत है।'' बनर्जी ने स्कूलों को तब तक फिर से बंद नहीं करने के प्रति आगाह किया, जब तक कि कोविड का कोई आक्रामक स्वरूप बच्चों को अत्यधिक जोखिम में नहीं डालता हो।
- देहरादून।उत्तराखंड में 14 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव में मतदाताओं का रुख भाजपा के पक्ष में करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 फरवरी को श्रीनगर में रैली करेंगे। प्रधानमंत्री ने एक वर्चुअल जनसभा के दौरान इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि वह प्रदेश की जनता से रूबरू होने के लिए 10 फरवरी को श्रीनगर पंहुच रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज वह सबसे प्रौद्योगिकी के माध्यम से जुडे़ हैं लेकिन इस चुनाव में वह पहली बार 10 फरवरी को श्रीनगर में उनसे रूबरू होंगे। मोदी ने कहा, ‘‘इस दौरान मैं आपके दर्शन भी करूंगा और आपसे बातचीत भी करूंगा। उत्तराखंड के वासियों से रूबरू आशीर्वाद लेने का और देवभूमि को प्रणाम करने का मुझे सौभाग्य मिलेगा।'' पौड़ी जिले की श्रीनगर विधानसभा सीट पर पुष्कर सिंह धामी सरकार के कैबिनेट मंत्री धनसिंह रावत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के बीच सीधा मुकाबला है। कोरोना महामारी के कारण वर्चुअल तरीके से हो रहे चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री उत्तराखंड में कई जनसभाओं को वर्चुअल रूप से संबोधित कर चुके हैं। उधर, प्रदेश भाजपा महामंत्री सुरेश भट्ट ने बताया कि प्रधानमंत्री का 11 फरवरी को अल्मोड़ा में भी एक जनसभा को संबोधित करने का कार्यक्रम तय हो गया है ।
- नयी दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को बताया कि देश में अभी तक पांच करोड़ से भी ज्यादा किशोरों (15 से 18 साल आयु वर्ग) को कोविड टीके की पहली खुराक लगायी गयी है। मंडाविया ने ट्वीट किया है, ‘‘युवा भारत पूरे उत्साह से महामारी से लड़ रहा है। मेरे युवा मित्रों, बहुत अच्छे।'' प्रांतों से सुबह सात बजे तक मिली सूचनाओं के अनुसार, पिछले 24 घंटों में टीके की 55.78 लाख से ज्यादा खुराकें लगायी गयी हैं। अभी तक टीके की कुल 170.21 करोड़ (1,70,21,72,615) खुराक लगायी गयी है। देश में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशारों का टीकाकरण तीन जनवरी से शुरू हुआ है।
- पलक्कड़ (केरल)। केरल में पलक्कड़ के मलमपुझा इलाके में एक युवक एक पहाड़ी पर चट्टानों के बीच सोमवार से फंसा हुआ है और बचावकर्मी उस तक भोजन या पानी उपलब्ध कराने के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं। यह घटना 2010 में बनी एक फिल्म की कहानी की तरह है जिसमें एक व्यक्ति पहाड़ी पर 127 घंटे तक फंसा रहा था। फिल्म की कहानी और इस घटना के बीच का अंतर यह है कि फिल्म में, फंसे हुए व्यक्ति के लिए कोई बचाव प्रयास नहीं किये गये थे क्योंकि कोई नहीं जानता था कि वह कहां था। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी मामले में हस्तक्षेप किया और युवक बाबू को बचाने के लिए सेना की मदद मांगी। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसके बाद, सेना के दक्षिणी कमान के लेफ्टिनेंट जनरल अरुण ने सीएमओ को सूचित किया कि एक विशेष टीम जल्द ही बेंगलुरु से रवाना होगी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि पर्वतारोहण और बचाव अभियान में विशेषज्ञता रखने वाली टीम सड़क मार्ग से यात्रा करेगी। रात में हेलीकॉप्टर से यात्रा करना असंभव होगा। टीवी दृश्यों से ऐसे संकेत मिले है कि तटरक्षक बल के प्रयास विफल होने के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम उस युवक तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। बचाव दल के एक सदस्य ने एक मीडिया चैनल को बताया कि जहां दिन में गर्मी तेज और असहनीय होती है तो वही शाम और देर रात तक हवा और ठंडी हो जाती है और जंगली जानवरों का भी खतरा बना रहता है जिससे बचाव प्रयासों में मुश्किलें आ सकती हैं। बचावकर्मी ने कहा कि युवक को बचाने के लिए एक अन्य टीम रास्ते में हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक ने दो अन्य लोगों के साथ सोमवार को चेराड पहाड़ी की चोटी पर चढ़ने का फैसला किया था, लेकिन दो अन्य बीच में ही उतर गये थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि हालांकि बाबू लगातार ऊपर चढ़ता रहा और वहां पहुंचने के बाद फिसल कर गिर गया और पहाड़ के मुहाने पर चट्टानों के बीच फंस गया।
- नयी दिल्ली। कांग्रेस सांसद एवं लेखक शशि थरूर, भाजपा नेता बैजयंत जय पांडा, प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल, फिल्म निर्माता एकता कपूर और अभिनेता अनुपम खेर 18 फरवरी से शुरू हो रहे सांस्कृतिक उत्सव ‘अर्थ' के चौथे सत्र में भाग लेंगे। आयोजकों ने मंगलवार को यह घोषणा की। भारत का प्रथम बहु-भाषी उत्सव बताये जा रहे तीन दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन कोविड-19 पाबंदियों के मद्देनजर ‘वर्चुअल' माध्यम से होगा। ‘अर्थ-ए कल्चरल फेस्ट' के चौथे सत्र में भारतीय कला, संस्कृति, सिनेमा, खेल, राजनीति आदि पर चर्चा होने की उम्मीद है। उत्सव के निदेशक एवं इतिहासकार विक्रम संपत ने एक बयान में कहा, ‘‘अर्थ का चौथा सत्र उन सभी चीजों को सामने लाने का वादा करता है जिन्होंने पिछले 75 वर्षों में भारत को आकार दिया है।''यह उत्सव 20 फरवरी को संपन्न होगा।
- नयी दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को बताया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को 31 जनवरी तक कोवैक्सीन की बिक्री के लिए भारत बायोटेक से 171.74 करोड़ रूपये रायल्टी के रूप में प्राप्त हुए हैं। स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आईसीएमआर ने कोविड टीके कोवैक्सीन के अनुसंधान एवं विकास में 35 करोड़ रूपये खर्च किए थे। उन्होंने कहा कि आईसीएमआर के पास उपलब्ध धन का उपयोग अनुसंधान गतिविधियों में किया जाता है जिनमें उभरती हुई अनुसंधान प्राथमिकताएं एवं अनुसंधान क्षमता निर्माण शामिल हैं। मंत्री से प्रश्न किया गया था कि आईसीएमआर को भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की बिक्री से कितनी रायल्टी प्राप्त हुई।
- कोच्चि (केरल)। कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) ने मंगलवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को तीन फ्लोटिंग बॉर्डर आउट-पोस्ट (एफबीओपी) की डिलीवरी कर दी है। सीएसएल ने बताया कि शिपयार्ड को बीएसएफ के लिए नौ एफबीओपी का निर्माण करना था, जिनमें से छह पोतों की डिलीवरी उसने पूरी कर ली है। शिपयार्ड द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘कोच्चि से गणतंत्र दिवस के दिन रवाना हुए पोत अपनी तैनाती के लिए भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुन्दरबन के निकट पहुंच गए हैं।'' सीएसएल के महाप्रबंधक ए. शिवकुमार ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में बीएसएफ के उपमहानिरीक्षक कुमाल मजूमदार के साथ डिलीवरी और प्रोटोकॉल दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किया। शिपयार्ड ने 46 मीटर लंबाई वाले तीन एफबीओपी का निर्माण बीएसएफ की समुद्री शाखा (नौसैनिक शाखा) के लिए किया है। विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘इन पोतों को सीएसएफ ने डिजाइन किया है और इसे भारतीय रजिस्टर ऑफ शिपिंग की श्रेणी में रखा गया है। प्रत्येक एफबीओपी को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि उनमें चार गश्ती बोट रखी जा सकती हैं और उनका आवश्यकता अनुसार उपयोग किया जा सकता है।
- जमशेदपुर(झारखंड। जलाशयों के प्रदूषक के तौर पर जाने जानी वाली जलकुंभी का इस्तेमाल अब साड़ी बनाने में होगा और इससे एक ओर जहां महिलाओं को आजीविका मुहैया करन से उनका सशक्तिकरण होगा, वहीं दूसरी ओर जलाशयों को भी साफ करने में मदद मिलेगी। इस परियोजना के लिए हाथ मिलाने वाले दो गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) में से एक ‘स्वच्छता पुकारे' के निदेशक गौरव आनंद ने बताया कि जलकुंभी से निकाले गए रेशों को पश्चिम बंगाल की मशहूर ‘तांत' साड़ी में इस्तेमाल होने वाले कपास के साथ मिलाकर ‘फ्यूजन साड़ी' बनाई जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने शुरुआती तौर पर जलकुंभी से निकाले गए रेशों से कम से कम एक हजार साड़ी की बुनाई करने का लक्ष्य रखा है। जलकुंभी से रेशे निकालने की प्रक्रिया जूट से रेशे निकाले की प्रक्रिया के समान है।'' आनंद ने उम्मीद जताई कि इस साल जून या जुलाई में जलकुंभी के रेशे से बनी साड़ी बाजार में आ जाएगी। उन्होंने बताया कि संगठन ने करीब 200 महिलाओं को काम पर रखा है और उन्होंने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के तहत बोंगांव और मछलंदपुर के 30 से 40 तालाबों से जलकुंभियों को एकत्र करना भी शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि जलकुंभी को जलाशय से निकालने के बाद सुखाया जाएगा और उसके बाद उससे पतले रेशे निकाले जाएंगे और उन्हें बारीक धागों में तब्दील किया जाएगा। आनंद ने कहा, ‘‘इन धागों का इस्तेमाल इन दो स्थानों पर गुणवत्तापूर्ण साड़ी की बुनाई में किया जाएगा।उन्होंने कहा कि ‘स्वच्छता पुकारे' ने अन्य एनजीओ नेचरक्राफ्ट के साथ समन्वय किया है जो पहले ही जलकुंभी से इलेक्ट्रिक लैंप, कलाकृति, टाइल, चटाई आदि बना रहा है। आनंद ने कहा, ‘‘शुरुआत में हम स्वेच्छिक रूप से परियोजना में योगदान कर रहे हैं और इसपर करीब 20 लाख रुपये खर्च आने की उम्मीद है।'' उन्होंने कहा कि पूर्ण क्षमता से काम शुरू हो जाने पर योजना से जुड़ी महिलाओं को चार से पांच हजार रुपये प्रति माह की आय होने की उम्मीद है।
- नयी दिल्ली। गैस सिलेंडर विनिर्माता एवरेस्ट कैंटो सिलेंडर (ईकेसी) ने मंगलवार को कहा कि वह कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत गुजरात के कच्छ जिले के 35 सरकारी स्कूलों में कक्षा नौ और 10 के छात्र-छात्राओं को स्थानीय भाषा में मुफ्त ऑनलाइन शिक्षा देगी। कंपनी ने बताया कि शुरुआत में इस पहल के तहत गांधीधाम ब्लॉक में स्थित स्कूलों में कक्षा नौ और 10 के विद्यार्थियों को यह सुविधा मिलेगी। बाद में इसका विस्तार अन्य कक्षाओं और अन्य क्षेत्रों के बच्चों के लिए किया जाएगा। इस पहल से 35 सरकारी स्कूलों के 7,500 से अधिक बच्चों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिसपर कंपनी ने पहले वर्ष में 20 लाख रुपये खर्च किए हैं।
- गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिले में दो लोगों ने मोबाइल फोन चुराने के संदेह में एक युवक को कथित रूप से निर्वस्त्र कर लाठियों और जलती हुई लकड़ी से उसकी पिटाई की। यह घटना सोमवार को विजयपुर थाना क्षेत्र के लाड़पुरा गांव में हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में दिख रहा है कि दो लोग युवक को निर्वस्त्र करके उसकी पिटाई कर रहे हैं और कुछ लोग वहां खड़ा होकर यह सब देख रहे हैं। विजयपुर पुलिस थाना प्रभारी राकेश कुमार गुप्ता ने मंगलवार को बताया कि पीड़ित अरविंद कलावत की शिकायत पर आरोपियों हेतराम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 324, 323, 294 एवं 506 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पीड़ित की चिकित्सकीय जांच कराई है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मामले में और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। गुप्ता ने कहा, ‘‘यह घटना सात फरवरी को शाम लगभग सात बजे की है। विजयपुर थाना क्षेत्र के लाड़पुरा गांव में मोबाइल फोन चोरी करने के संदेह में दोनों आरोपियों ने अरविंद कलावत की बेहरमी से पिटाई की। उसे निर्वस्त्र कर पीटते हुए वीडियो बनाया और जलती हुई लकड़ी से उसकी पिटाई की।'' उन्होंने कहा कि पुलिस ने शिकायत दर्ज कराए जाने के एक घंटे के अंदर ही एक आरोपी की गिरफ्तारी कर ली और दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।

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