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नई दिल्ली। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व गुरुवार से शुरू हो गया है, जो ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा समारोह की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। इसके साथ ही पूरे साल होने वाले कई आध्यात्मिक कार्यक्रमों और आयोजनों की शुरुआत भी हो गई है।
मोदी आर्काइव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर 2001 के एक प्रोग्राम की पुरानी तस्वीरें शेयर की हैं, जब मंदिर ने अपनी स्वर्ण जयंती मनाई थी और उस समय के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। यह कार्यक्रम उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की देखरेख में हुआ था।मोदी आर्काइव ने शेयर किया कि 31 अक्टूबर 2001 को सोमनाथ मंदिर में एक ऐतिहासिक सभा हुई। इस कार्यक्रम में ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा के सालभर चले स्वर्ण जयंती समारोह का समापन हुआ। यह तारीख सरदार पटेल की जयंती के साथ भी मेल खाती थी, वही लौह पुरुष जिन्होंने 1951 में सबसे पहले सोमनाथ मंदिर के रेनोवेशन की योजना बनाई थी।पोस्ट में आगे बताया गया कि 1026 में सोमनाथ का मंदिर ध्वस्त किया गया था। सोमनाथ मंदिर के भीतर भारत की आत्मा है। सोमनाथ का मंदिर पौराणिक काल से भारत की संस्कृति, श्रद्धा और समृद्धि का प्रतीक रहा है। यह भूमि द्वादश ज्योतिर्लिंग दादा सोमनाथ की एक दिव्य भूमि के रूप में प्रचलित पवित्र भूमि है। सोमनाथ मंदिर राष्ट्र के स्वाभिमान को जागरुक करने वाली भव्य कृति है।इस कार्यक्रम में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद और कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी जैसे दिग्गजों के विजन को याद किया, जिनके समर्पण और लगन से सोमनाथ का पुनर्निर्माण संभव हो पाया। एक भावुक भाषण देते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सोमनाथ मंदिर देश की आत्मा को दर्शाता है और उन्होंने उन ‘वीरों’ को भी याद किया, जिन्होंने विदेशी हमलावरों से 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहले ज्योतिर्लिंग को बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी।उन्होंने कहा कि मेरे जीवन का लक्ष्य सोमनाथ का पुनर्निर्माण है। सरदार पटेल ने हिंदुस्तान को सोमनाथ के रूप में सांस्कृतिक चेतना में जो मंदिर दिया है, उसके लिए न सिर्फ गुजरात बल्कि पूरा देश गौरव अनुभव करता है। आज हम संकल्प करें कि सोमनाथ के मंदिर का पुनर्निर्माण होना ही चाहिए। यह हमारा परम कर्तव्य है। सोमनाथ को शिक्षा, संस्कृति और धर्म के केंद्र के रूप में विकसित करना मेरा संकल्प है। -
नई दिल्ली ।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। केंद्रीय बजट से पहले हुई यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस मुलाकात के दौरान शिक्षा मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी आकांक्षाओं को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ साझा किया। उन्होंने वित्त मंत्री के साथ स्कूली शिक्षा तथा उच्च शिक्षा से जुड़े विषयों पर बात की। उन्होंने स्कूली व उच्च शिक्षा के इकोसिस्टम के समग्र रूपांतरण के लिए विभिन्न विचारों और प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की।
बता दें कि बीते वर्षों के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय बजटीय घोषणाएं की गई हैं। बजट में रिसर्च व बच्चों को शुरुआती स्तर से ही सीखने को लेकर कई प्रावधान किए गए थे। गुरुवार को हुई इस बैठक के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बजट में शिक्षा को अच्छे आवंटन की उम्मीद जताई। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि मोदी सरकार की परंपरा के अनुरूप बजट 2026–27 में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में पहले से कहीं अधिक बड़े और साहसिक निवेश देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे निवेश रोजगार-आधारित विकास को गति देंगे।उनका कहना है कि शिक्षा में यह निवेश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहीं गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय में स्कूल प्रबंधन विकास समिति–2026 के गठन से संबंधित मसौदा दिशा-निर्देशों पर एक प्रस्तुति की समीक्षा भी की गई। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की भावना के अनुरूप सरकार विद्यालय प्रशासन को अधिक सहभागी बनाने व स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने शैक्षणिक उद्देश्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने, विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को सशक्त करने तथा विद्यालयी इकोसिस्टम को मजबूत करने की बात कही है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि स्कूल प्रबंधन समितियां (एसएमसी) प्रभावी स्कूल प्रशासन की महत्वपूर्ण उत्प्रेरक हैं। ये समितियां शैक्षणिक परिणामों में सुधार व जवाबदेही बढ़ाने में मदद करती हैं। इसके अलावा शिक्षा में समानता सुनिश्चित करने, अभिभावकों और समुदाय की आवाज को निर्णय प्रक्रिया में शामिल कराने का काम भी करती हैं। साथ ही स्कूल प्रबंधन समितियां विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाती हैं। - नई दिल्ली। भारतीय एआई स्टार्टअप्स के साथ की राउंडटेबल चर्चा के बाद पीएम मोदी ने गुरुवार को कहा कि स्टार्टअप्स के साथ एआई पर बातचीत यादगार और ज्ञानवर्धक रही। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, “भारतीय स्टार्टअप जगत के युवाओं के साथ एआई पर चर्चा हुई। यह एक यादगार और ज्ञानवर्धक बातचीत थी, जिसमें उन्होंने भारत द्वारा एआई की दुनिया को बदलने के प्रयासों के बारे में अपने दृष्टिकोण और कार्यों को साझा किया। यह सराहनीय है कि ये स्टार्टअप ई-कॉमर्स, मार्केटिंग, इंजीनियरिंग सिमुलेशन, सामग्री अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा अनुसंधान और अन्य विविध क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।”पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर सुबह भारतीय एआई स्टार्टअप के साथ बैठक की। यह बैठक इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले हुई है, जो कि अगले महीने भारत में होने वाला है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में वह 12 एआई स्टार्टअप शामिल हुए हैं, जिन्होंने एआई फॉर ऑल: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज के लिए क्वालीफाई किया है।बैठक में पीएम ने इस बात पर जोर दिया कि स्टार्टअप और एआई उद्यमी भारत के भविष्य के सह-निर्माता हैं और कहा कि देश में इनोवेशन और बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन दोनों की अपार क्षमता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत को दुनिया के सामने एक ऐसा अनूठा एआई मॉडल प्रस्तुत करना चाहिए जो “मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड” की भावना को दर्शाता हो।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पर दुनिया का भरोसा ही देश की सबसे बड़ी ताकत है। इस कारण भारतीय एआई मॉडल नैतिक, निष्पक्ष, पारदर्शी और डेटा गोपनीयता सिद्धांतों पर आधारित होने चाहिए। साथ ही कहा कि भारत किफायती एआई, समावेशी एआई और किफायती इनोवेशन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दे सकता है।उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भारतीय एआई मॉडल विशिष्ट होने चाहिए और स्थानीय एवं स्वदेशी सामग्री तथा क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने वाले हो। इस बैठक में अवतार, भारतजेन, फ्रैक्टल, गैन, जेनलोप, ज्ञानी, इंटेलीहेल्थ, सर्वम, शोध एआई, सॉकेट एआई, टेक महिंद्रा और जेंटिक सहित भारतीय एआई स्टार्टअप्स के सीईओ, प्रमुख और प्रतिनिधि शामिल हुए। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी बैठक में उपस्थित थे।
- नई दिल्ली। संस्कृति मंत्रालय के तहत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण Archaeological Survey of India (ASI) ने ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स Open Network for Digital Commerce (ONDC) पर 170 से ज़्यादा केंद्र संरक्षित स्मारकों और संग्रहालयों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग शुरू कर दी है।यह पहल एएसआई के स्मारकों और संग्रहालयों तक डिजिटल पहुंच को बहुत बढ़ाती है। इससे भारत और विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए देश के कुछ सबसे मशहूर विरासत स्थलों और संग्रहालयों के प्रवेश टिकट कई डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए आसानी से बुक करना आसान हो जाता है।एएसआई के टिकटिंग सिस्टम को ओपन डिजिटल नेटवर्क पर एकीकृत करके, नागरिक और पर्यटक अलग-अलग एप्लिकेशन के ज़रिए टिकट बुक कर सकते हैं। इससे पहुंच और सुविधा बेहतर होती है, साथ ही इंटरऑपरेबल डिजिटल सिस्टम के ज़रिए सार्वजनिक सेवाओं की पारदर्शी और कुशल डिलीवरी मज़बूत होती है।ओएनडीसी-इनेबल्ड एप्लिकेशन के ज़रिए एएसआई स्मारकों के लिए टिकट बुक करने वाले पर्यटक मौजूदा सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। इसमें भारतीय पर्यटकों के लिए ₹5 और विदेशी नागरिकों के लिए ₹50 की छूट शामिल है।दरअसल, ऑनलाइन बुकिंग से पर्यटक स्मारकों और संग्रहालयों में फिजिकल टिकट की कतारों से बच सकते हैं, जिससे तेज़ी से और आसानी से एंट्री सुनिश्चित होती है। इस इंटीग्रेशन को एनडीएमएल (NSDL डेटाबेस मैनेजमेंट लिमिटेड) ने तकनीकी रूप से संभव बनाया है, जिसने एएसआई के स्मारकों और संग्रहालयों की पूरी इन्वेंट्री को ओएनडीसी नेटवर्क पर जोड़ा है।इसके अलावा, टिकट Highway Delite (वेब, Android और iOS), Pelocal के WhatsApp-आधारित टिकटिंग अनुभव (यूज़र +91 84228 89057 पर “Hi” भेजकर बुकिंग शुरू कर सकते हैं)। यह Abhee by Mondee (Android और iOS) जैसे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। कई और कंज्यूमर-फेसिंग एप्लिकेशन ओएनडीसी नेटवर्क के साथ एकीकरण के अलग-अलग चरणों में हैं।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वित्त वर्ष 2025-26 में आर्थिक वृद्धि दर के 7.4 प्रतिशत रहने के अनुमान पर बुधवार को कहा कि राजग सरकार की निवेश नीतियों के चलते भारत की ‘सुधार एक्सप्रेस' रफ्तार पकड़ रही है। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत की सुधार एक्सप्रेस लगातार रफ्तार पकड़ रही है। यह राजग सरकार के व्यापक निवेश प्रोत्साहन और मांग-आधारित नीतियों के कारण संभव हो पा रहा है।'' सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की तरफ से जारी पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। यह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 7.3 प्रतिशत के अनुमान और सरकार के शुरुआती अनुमान 6.3 से 6.8 प्रतिशत से बेहतर है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘चाहे वह बुनियादी ढांचा हो, विनिर्माण प्रोत्साहन हो, डिजिटल सार्वजनिक उत्पाद हों या ‘कारोबारी सुगमता', हम एक समृद्ध भारत के अपने सपने को साकार करने के लिए काम कर रहे हैं।''
- हैलाकांडी,। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कबींद्र पुरकायस्थ का बुधवार को वृद्धावस्था संबंधी समस्याओं के कारण निधन हो गया। वह 94 वर्ष के थे। सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एक चिकित्सक ने पत्रकारों को बताया, “पुरकायस्थ को कुछ दिन पहले उम्र से जुड़ी बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। कुछ समय पहले उनका निधन हो गया।” उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। उनकी पत्नी की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी। उनके बेटे कणाद पुरकायस्थ असम से राज्यसभा सदस्य हैं। कबींद्र पुरकायस्थ 1998-99 के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी की पहली सरकार के दौरान केंद्रीय संचार राज्य मंत्री थे। वह 1991 में पहली बार सिलचर सीट से लोकसभा के लिए चुने गए। वह 1998 और 2009 में फिर से सांसद बने।साल 1931 में सिलहट के कमरखाल में जन्मे पुरकायस्थ असम की बराक घाटी में भाजपा के कद्दावर नेता थे।उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि पुरकायस्थ सभी के लिए प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "एक प्रखर बुद्धिजीवी, एक प्रतिबद्ध कार्यकर्ता - वह अपने आप में एक संस्था थे, ऐसे व्यक्ति जिन्होंने क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी और इसे असम की पसंदीदा राजनीतिक पार्टी के रूप में विकसित होने में मदद की।" असम भाजपा ने दिवंगत नेता के सम्मान में बृहस्पतिवार को सभी निर्धारित गतिविधियों को निलंबित कर दिया है।
- पुणे,। महाराष्ट्र के पुणे जिले के दौंड शहर के पास एक होटल में बुधवार को एलपीजी सिलेंडर में हुए विस्फोट में दस कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा, उनमें से पांच को गंभीर हालत में पुणे के ससून जनरल अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "दोपहर 12:30 बजे होटल की रसोई में एलपीजी सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट में घायल हुए दस श्रमिकों में से पांच उस वक्त रसोई में थे।" उन्होंने कहा कि सभी श्रमिक प्रवासी हैं। पुलिस ने कहा, "विस्फोट का सटीक कारण ज्ञात नहीं है। हमने मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रहे हैं।" (प्रतीकात्मक फोटो)
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि वह वार्षिक "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ परीक्षाओं के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत करने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि वह परीक्षा योद्धाओं से ऐसे सवाल और अनुभव सुनने के लिए उत्सुक हैं, जो दूसरों को प्रेरित कर सकें। उन्होंने कहा, "दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं और इस साल की परीक्षा पे चर्चा भी।" प्रधानमंत्री ने कहा, "परीक्षाओं के विभिन्न पहलुओं पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं, विशेष रूप से परीक्षा के तनाव को दूर करने के तरीकों, शांत और आत्मविश्वासी बने रहने और मुस्कुराते हुए परीक्षा देने के तरीकों पर।" भारत और 26 देशों से लगभग 45 लाख उम्मीदवारों के कक्षा 10वीं और 12वीं के 204 विषयों में परीक्षा के लिए शामिल होने के उम्मीद है। सीबीएसई की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होने की संभावना है। ‘परीक्षा पे चर्चा' के नौवें संस्करण के लिए 375 करोड़ छात्रों सहित चार करोड़ से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। ‘परीक्षा पे चर्चा' के लिए पंजीकरण 11 जनवरी को समाप्त होगा।
- उडुपी (कर्नाटक)। पुत्तिगे मठ के महंत सुगणेन्द्र तीर्थ श्रीपद द्वारा दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार ‘सुवर्ण गीता' के एक विशाल संस्करण का गुरुवार को यहां औपचारिक अनावरण किया जाएगा। बुधवार को यहां मठ द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘सुवर्ण गीता' का विमोचन श्री व्यासराज मठ के श्री विद्याश्रीशतीर्थ श्रीपद करेंगे। इस ‘सुवर्ण गीता' को तैयार करने में दिल्ली के कृष्ण भक्त और केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व सचिव लक्ष्मी नारायणन ने आर्थिक मदद दी है। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस पवित्र ग्रंथ को ‘कोटि गीता लेखन यज्ञ' के उपलक्ष्य में भेंट किया जाएगा। विज्ञप्ति के मुताबिक, इस कार्यक्रम के तहत ‘सुवर्ग गीता' को सोने के रथ पर रखा जाएगा और एक भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी जिसके बाद राजनगना में एक औपचारिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
- अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन दिवसीय गुजरात दौरे के तहत 10 जनवरी यहां आएंगे। इस दौरान वह ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और गांधीनगर में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करेंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री अपने गृह प्रदेश के दौरे के दौरान ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत ‘शौर्य यात्रा' का नेतृत्व करेंगे। यह एक किलोमीटर लंबी यात्रा होगी जिसमें 108 घोड़े शामिल होंगे। मोदी राजकोट में वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन भी करेंगे।मंत्री और प्रदेश सरकार के प्रवक्ता जीतू वाघानी ने बुधवार को कहा, ‘‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत मोदी 10 जनवरी की शाम को वेरावल के पास सोमनाथ मंदिर पहुंचेंगे।'' स्वाभिमान पर्व भारतीय सभ्यता के संघर्ष क्षमता का प्रतीक है, जिसका उदाहरण सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण है। लगभग 1000 वर्ष पूर्व महमूद गजनी के आक्रमण से शुरू होकर विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा बार-बार इस मंदिर को नष्ट किया गया। इसके तहत गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में अरब सागर तट पर स्थित भगवान शिव के मंदिर में साल भर कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। वाघानी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सोमनाथ पहुंचने के बाद, प्रधानमंत्री मंदिर परिसर में ड्रोन शो में भाग लेंगे और श्री सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में उसकी बैठक की अध्यक्षता करेंगे।'' उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री 11 जनवरी को मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे, मंदिर के पास स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे और दोपहर में अपने सार्वजनिक संबोधन स्थल तक 108 घोड़ों की भव्य ‘शौर्य यात्रा' का नेतृत्व करेंगे। एक अधिकारी ने बताया कि इस कार्यक्रम के बाद, वह कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के लिए वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) का उद्घाटन करने के लिए राजकोट जाएंगे। कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र पर केंद्रित यह दो दिवसीय सम्मेलन 11 और 12 जनवरी के बीच मारवाड़ी विश्वविद्यालय के परिसर में आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य इन दोनों क्षेत्रों में उभरते आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक अवसरों को उजागर करना है। उन्होंने बताया कि इसके बाद में प्रधानमंत्री साबरमती आश्रम का दौरा करेंगे, जिसका वर्तमान में बड़े पैमाने पर नवीनीकरण और विस्तार कार्य चल रहा है। मोदी 12 जनवरी की सुबह अहमदाबाद में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता संयुक्त रूप से साबरमती आश्रम का दौरा करेंगे, जहां महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान निवास किया था, और साबरमती नदी तट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लेंगे। अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री अहमदाबाद के पुराने उच्च न्यायालय स्टेशन से गांधीनगर के महात्मा मंदिर तक मेट्रो से यात्रा करेंगे और इसी के साथ सचिवालय से महात्मा मंदिर तक नवनिर्मित मेट्रो खंड का उद्घाटन करेंगे। मोदी और मर्ज़ शाम को महात्मा मंदिर में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे, जिसके बाद एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज़ 12 जनवरी को व्यापार और उद्योग जगत के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे और क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे
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-, ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं और लॉजिस्टिक्स को मजबूत बनाने की पहल
नई दिल्ली। ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय और डाक विभाग ने बुधवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं, लॉजिस्टिक्स तथा बाजार तक पहुंच के विस्तार के लिए संस्थागत जुड़ाव को सुदृढ़ करना है।
यह पहल केंद्रीय बजट 2025 की उस परिकल्पना के अनुरूप है, जिसमें इंडिया पोस्ट को ग्रामीण आर्थिक परिवर्तन के एक प्रमुख वाहक के रूप में पुनर्स्थापित करने की परिकल्पना की गई है। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया उपस्थित थे।इस दौरान शिवराज सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार समग्र सरकारी दृष्टिकोण के जरिए एक साझा राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर मिलकर काम कर रही है। यह सामूहिक प्रयास प्रधानमंत्री के विजन और नेतृत्व को दर्शाता है, जिनका मार्गदर्शक सिद्धांत एकीकृत शासन और समावेशी विकास है। उन्होंने आगे कहा कि यह दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि विकास सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर तक ही सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने, सम्मान और आत्मनिर्भरता तक भी फैले।उन्होंने आगे कहा कि मंत्रालयों के समन्वित प्रयासों और सशक्त ग्रामीण समुदायों के साथ देश धीरे-धीरे एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के विजन की ओर बढ़ रहा है। अपने संबोधन में ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।उन्होंने कहा कि सभी संबंधित संस्थानों को पूरा प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट, पॉइंट-ऑफ-सेल मशीन और सर्टिफिकेशन से लैस किया जाएगा, जिससे वे सीधे घरों तक कई तरह की सेवाएं पहुंचा सकें। उन्होंने आगे कहा कि इस पहल के जरिए, डाक घर बचत योजनाएं, सुकन्या समृद्धि योजना, नकद हस्तांतरण सेवाएं और कई अन्य वित्तीय उत्पाद जैसी सेवाएं नागरिकों के घर तक कुशलता से पहुंचाई जाएंगी।ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया कि यह साझेदारी दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के व्यापक स्वयं सहायता समूह संस्थागत नेटवर्क तथा इंडिया पोस्ट की राष्ट्रव्यापी पहुंच को एक मंच पर लाती है। इसमें 1.5 लाख से अधिक ग्रामीण डाकघर, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) और डाक सेवकों का विशाल नेटवर्क शामिल है। इस जुड़ाव के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), महिला उद्यमियों, ग्रामीण उद्यमों एवं एमएसएमई को एकीकृत वित्तीय और लॉजिस्टिक्स सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।समझौता ज्ञापन के अंतर्गत, ग्रामीण विकास मंत्रालय के दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा एसएचजी परिवारों के बीच इंडिया पोस्ट की बचत, जमा, बीमा एवं पेंशन उत्पादों को अपनाने को प्रोत्साहित किया जाएगा। यह मिशन एसएचजी की महिलाओं को बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी सखी) के रूप में चिन्हित एवं विकसित करेगा तथा उनके प्रशिक्षण, प्रमाणन एवं तैनाती की सुविधा प्रदान करेगा। इंडिया पोस्ट, आईपीपीबी के माध्यम से, ऑनबोर्डिंग, हैंडहोल्डिंग, मॉनिटरिंग डैशबोर्ड तथा बीमा समाधानों की संभावनाओं सहित अन्य सहयोग प्रदान करेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम छोर तक वित्तीय पहुंच को सुदृढ़ किया जा सकेगा।यह साझेदारी महिला-नेतृत्व वाले एसएचजी उद्यमों को इंडिया पोस्ट के लॉजिस्टिक्स प्रणाली से जोड़कर उनके लिए नए बाजार अवसर भी सृजित करेगी। मिशन लॉजिस्टिक्स क्षमता वाले एसएचजी एवं फेडरेशन स्तर के उद्यमों की पहचान करेगा तथा पैकेजिंग, प्रलेखन एवं निर्यात-तत्परता से संबंधित क्षमता निर्माण में सहयोग करेगा। इंडिया पोस्ट, डाक निर्यात केंद्रों सहित, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग एवं निर्यात सुविधा सेवाएं प्रदान करेगा तथा अपने व्यापक डाक नेटवर्क के माध्यम से एसएचजी उत्पादों के प्रचार-प्रसार की संभावनाओं का भी अन्वेषण करेगा।यह समझौता ज्ञापन ग्रामीण महिलाओं एवं उद्यमियों के लिए वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करने, बाजार तक पहुंच में सुधार लाने तथा सतत आजीविका के अवसरों के सृजन में महत्वपूर्ण योगदान देगा, जिससे समावेशी विकास और ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को बल मिलेगा। -
नई दिल्ली। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन बनकर तैयार हो गई है और इसे पटरी पर उतारने से पहले रेलवे की तकनीकी टीम ने मानकों के आधार पर अंतिम परीक्षण शुरू कर दिये हैं। लखनऊ स्थित रेलवे के अभिकल्प, विकास एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के तकनीकी अधिकारी फिलहाल ट्रेन संचालन को लेकर हर बारीक पहलू पर काम कर रहे हैं। इस विशेषज्ञ टीम ने ट्रेन की टेस्टिंग की।
टीम का मुख्य फोकस पावर कार और उससे जुड़े सुरक्षा एवं नियंत्रण उपकरणों पर रहा। स्पीड सेंसर, कंट्रोल सिस्टम को अलग-अलग गति पर परखा गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ट्रेन निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षित रूप से संचालित हो सके। टेस्टिंग के दौरान ट्रेन को धीमी और मध्यम गति पर चला कर उपकरणों की कार्यक्षमता को रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा ट्रेन के पायदानों की मजबूती और ऊंचाई की भी जांच की गई।उत्तर रेलवे के अधिकारियों के अनुसार हरियाणा में जींद और सोनीपत के बीच चलाई जाने वाली इस ट्रेन को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इस ट्रेन को ईंधन आपूर्ति के लिए जींद में स्थापित किए गए हाइड्रोजन प्लांट को अंतिम कमीशनिंग एवं नियमित संचालन के दौरान स्थिर और निर्बाध 11 केवी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों के साथ हाइब्रिड मोड में एक बैठक आयोजित की गई जिसमें प्लांट की वर्तमान विद्युत आपूर्ति स्थिति, बैकअप व्यवस्थाओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना में किसी प्रकार की बाधा नहीं आए। इसके लिए बिजली आपूर्ति प्रणाली की नियमित समीक्षा की जाए और वैकल्पिक व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को भी सुदृढ़ रखा जाए।बैठक में अवगत कराया गया कि इस हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना के लिए जींद में तीन हजार किलोग्राम भंडारण क्षमता का देश का सबसे बड़ा हाइड्रोजन प्लांट स्थापित किया गया है, जो अब कमीशनिंग के अंतिम चरण में है। यह प्लांट 24 घंटे आधार पर संचालित होगा। -
नई दिल्ली। वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रमों को लेकर भारत चिंतित है। विदेश मंत्री ने सभी संबंधित पक्षों से मौजूदा संकट के बीच वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा और भलाई को प्राथमिकता देने का भी अनुरोध किया।
लक्जमबर्ग में एक कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, “हम हालिया घटनाक्रम को लेकर चिंतित हैं। लेकिन हम इसमें शामिल सभी पक्षों से यह आग्रह करेंगे कि वे अब बैठकर ऐसे समाधान पर पहुंचें जो वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के हित में हो, क्योंकि यही हमारी चिंता है।” उन्होंने आगे कहा, “वेनेजुएला के साथ भारत के कई सालों से बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। हम चाहते हैं कि वेनेजुएला के लोग मौजूदा घटनाक्रम की दिशा चाहे जो भी हो, उससे सुरक्षित और बेहतर स्थिति में बाहर आएं।”इससे पहले, भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान में कहा कि काराकास में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।बयान में आगे कहा गया, “वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय हैं। हम बदलती स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करता है। हम सभी संबंधित पक्षों से बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दों को सुलझाने और क्षेत्र में शांति व स्थिरता सुनिश्चित करने का आह्वान करते हैं।”विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “काराकास में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान करता रहेगा।”गौरतलब है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो अभी न्यूयॉर्क की जेल में हैं। अमेरिका ने 3 जनवरी को वेनेजुएला में कार्रवाई की थी, जिस दौरान राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया। ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ कहे जाने वाले इस अभियान में अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई करते हुए मादुरो को हिरासत में लिया था। इसके बाद अमेरिकी सेना वापस न्यूयॉर्क लौटी थी, जहां सोमवार को मादुरो अदालत में पेश किया गया। फिलहाल डेल्सी रोड्रिग्ज वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर कार्यरत हैं। -
नई दिल्ली। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस (OUP) इंडिया ने छत्रपति शिवाजी महाराज के 13वें वंशज श्रीमंत छत्रपति उदयनराजे भोसले और आम जनता से मराठा महाराज छत्रपति शिवाजी पर विवादित किताब के लिए सार्वजनिक माफी मांगी है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस ने दो दशक पहले छपी एक किताब में मराठा राजा के बारे में कुछ “बिना वेरिफ़ाई किए गए बयानों” पर माफी मांगी है। इसे लेकर मंगलवार को एक अखबार में छपे एक पब्लिक नोटिस में, OUP इंडिया ने माना कि 2003 में छपी किताब “शिवाजी: हिंदू किंग इन इस्लामिक इंडिया” के पेज 31, 33, 34 और 93 पर दिए गए कुछ बयान बिना वेरिफ़ाई किए गए थे।अमेरिकी लेखक जेम्स लेन द्वारा लिखी गई इस किताब ने जनवरी 2004 में तब विवाद खड़ा कर दिया, जब संभाजी ब्रिगेड के 150 से ज़्यादा कार्यकर्ताओं ने पुणे के लॉ कॉलेज रोड पर मशहूर भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट (BORI) में तोड़फोड़ की थी। उनका आरोप था कि इंस्टीट्यूट ने लेखक की मदद की थी, जिसने कथित तौर पर किताब में शिवाजी महाराज के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।नोटिस में, पब्लिशर ने उन बयानों के पब्लिकेशन पर अफ़सोस जताया और छत्रपति उदयनराजे भोसले और आम जनता से “हुई किसी भी परेशानी और दुख के लिए” माफी मांगी। नोटिस में कहा गया है कि यह माफी OUP के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर, सईद मंज़र खान की ओर से जारी की गई थी।पृष्ठभूमि:– 2004 का बड़ा विवाद किताब प्रकाशन के ठीक बाद जनवरी 2004 में महाराष्ट्र में भारी विरोध हुआ।– संभाजी ब्रिगेड के 150 से अधिक कार्यकर्ताओं ने पुणे के प्रसिद्ध भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट (BORI) में तोड़फोड़ की थी।– आरोप था कि इंस्टीट्यूट ने लेखक को किताब के लिए सहायता प्रदान की, जिसमें शिवाजी महाराज के बारे में विवादित टिप्पणियां थीं। - हैदराबाद. तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी शिवधर रेड्डी ने कहा कि राज्य में माओवादी संगठन बिल्कुल कमजोर पड़ गया है और नयी भर्ती न होने जैसे कारणों की वजह से यह लगभग पतन की कगार पर हैं। रेड्डी ने बताया कि वर्ष 2025 में राज्य में 500 से अधिक उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया और अब केवल तेलंगाना के 17 मूल निवासी ही इस प्रतिबंधित संगठन में बचे हैं। रेड्डी ने बताया, ‘‘अब केवल 17 (तेलंगाना के सक्रिय भूमिगत कैडर) ही बचे हैं और उनमें से आधे से अधिक की उम्र 50 वर्ष से अधिक है। उनके लिए लगभग सब कुछ खत्म हो चुका है। संगठन में कोई नयी भर्ती नहीं हो रही है।'' उन्होंने कहा कि माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए तेलंगाना पुलिस उनके परिजनों व दोस्तों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। डीजीपी ने कहा, ‘‘हमारा प्रयास अब उन्हें बाहर निकालने का है। अगर वे आत्मसमर्पण कर देते हैं तो तेलंगाना उनकी गतिविधियों से मुक्त हो जाएगा। हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं।'' उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में संगठन के और अधिक सदस्य आत्मसमर्पण करेंगे।वर्तमान में देश के विभिन्न स्थानों पर केवल 17 सक्रिय भूमिगत माओवादी सदस्य तेलंगाना से हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के सात केंद्रीय समिति सदस्यों में से चार इसी राज्य के हैं।
- मुंबई. पश्चिमी रेलवे ने इस महीने के अंत में 18 बोगी वाली लोकल ट्रेनों के महत्वपूर्ण परीक्षण की योजना बनाई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वर्तमान में मुंबई के उपनगरीय नेटवर्क में मुख्य रूप से 12 बोगी वाली लोकल ट्रेनें चलती हैं, जबकि मध्य रेलवे और पश्चिमी रेलवे दोनों सीमित संख्या में 15 बोगी वाली सेवाएं भी संचालित कर रहे हैं। पूरे नेटवर्क में 3,000 से अधिक उपनगरीय सेवाओं के जरिए प्रतिदिन 75 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं।अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पालघर जिले के विरार–दहानू रोड खंड पर 18 बोगी वाली दो लोकल ट्रेन के परीक्षण अस्थायी रूप से 14 और 15 जनवरी को किए जाएंगे। एक अधिकारी ने बताया कि इन परीक्षणों में दो तरह के ट्रायल शामिल होंगे ‘इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस' (ईबीडी) और ‘कपलर फोर्स' (सीएफ)। ये परीक्षण 18 बोगी वाली एक लोकल ट्रेन पर किए जाएंगे, जिसमें बॉम्बार्डियर के विद्युत उपकरण लगे होंगे, जबकि दूसरा परीक्षण मेधा की विद्युत प्रणालियों से सुसज्जित अन्य ट्रेन पर किया जाएगा। ईबीडी परीक्षण आम तौर पर यह परखने के लिए किए जाते हैं कि आपात स्थिति में ट्रेन कितनी जल्दी रुक सकती है, जबकि सीएफ परीक्षण के जरिए ब्रेक लगाने के दौरान कपलर पर पड़ने वाले दबाव का आकलन किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, किसी नई ट्रेन को चालू करने से पहले ये परीक्षण अनिवार्य सुरक्षा मानक होते हैं।बॉम्बार्डियर विद्युत प्रणाली से सुसज्जित 18 बोगी वाली ट्रेन का परीक्षण अधिकतम 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर किया जाएगा, जबकि मेधा विद्युत प्रणाली से सुसज्जित ट्रेन का परीक्षण 105 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति पर होगा। पश्चिमी रेलवे के अनुसार, अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) ने परीक्षण से पहले ट्रेन की पूरी तैयारी और उचित लोडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
- प्रयागराज (उप्र). प्रयागराज में आस्था का केंद्र बने माघ मेले में मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक माहौल के बीच साधुओं की विभिन्न भाव—भंगिमाएं और विचित्र व्यवहार बरबस ध्यान खींचते हैं। बिहार के सीतामढ़ी जिले के 26 साल के एक साधु अपनी एक अनोखी आध्यात्मिक प्रतिज्ञा के लिए लगातार सबको आकर्षित कर रहे हैं। उनका दावा है कि वह पिछले सात सालों से बैठे या लेटे नहीं है। शंकरपुरी के नाम से जाने जाने वाले इस युवा साधु को माघ मेले में एक पैर पर खड़े देखा गया। वह सोते समय भी अपने सिर को सहारा देने के लिए लकड़ी के सहारे का इस्तेमाल करते हैं। उनका कहना है कि वह खाने से लेकर पूजा-पाठ तक सभी रोजाना के काम खड़े होकर ही करते हैं। शंकरपुरी ने एक न्यूज़ एजेंसी ' से बातचीत में कहा, ''मैं नैमिषारण्य का रहने वाला हूं। माना जाता है कि वहां 88 हजार ऋषि रहते हैं। मेरा जन्म वहीं हुआ था और उस पवित्र जगह पर मेरा एक आश्रम भी है। उसी धरती से मेरे मन में यह विचार आया कि मुझे खड़े रहना चाहिए। मैं छह साल की उम्र से संत हूं।'' जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कभी बैठते या लेटते हैं, तो साधु ने जवाब दिया, ''मैं सात साल से खड़ा हूं।'' इस सवाल पर कि वह आराम कैसे करते हैं, युवा साधु ने कहा कि वह लकड़ी के पालने जैसी चीज पर सिर रखकर खड़े-खड़े ही सोते हैं। उन्होंने आगे कहा, ''खाना, पानी और सभी रोजाना के काम इसी मुद्रा में किए जाते हैं।'' माघ मेला सदियों से एक ऐसा मंच रहा है, जहां साधु-संत तपस्या और आध्यात्मिक अनुशासन के अलग-अलग और अक्सर बहुत कठिन रूप दिखाते हैं। वे देश भर से तीर्थयात्रियों और भक्तों को आकर्षित करते हैं। माघ मेला 44 दिनों का धार्मिक आयोजन है। विगत तीन जनवरी को शुरू हुआ यह मेला 15 फरवरी को सम्पन्न होगा। इस दौरान लाखों भक्तों के संगम में पवित्र डुबकी लगाने की उम्मीद है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को शास्त्रीय भाषाओं- कन्नड़, तेलुगु, मलयालम और ओडिया के उत्कृष्टता केंद्रों द्वारा विकसित 41 साहित्यिक कृतियों का विमोचन किया। मंत्री ने कहा, ‘‘हम भारत की साहित्यिक विरासत को लोकप्रिय बनाने और संरक्षित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। भारतीय भाषाएं अभिव्यक्ति का माध्यम हैं और सरकार इन भाषाओं के प्रति प्रतिबद्ध है।'' प्रधान ने कहा, ‘‘बजट की कोई कमी नहीं है और एक ढांचा विकसित किया जा रहा है। मंत्री ने केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान (सीआईसीटी) की 13 पुस्तकों के साथ-साथ तिरुक्कुरल की सांकेतिक भाषा में व्याख्या करने वाली 45 कड़ियों की एक श्रृंखला का भी विमोचन किया।
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मदुरै. मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै खंडपीठ ने तिरुपरनकुंड्रम पहाड़ी के ‘‘दीपथून'' पर दीप जलाने की अनुमति देने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश को मंगलवार को बरकरार रखा और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार को फटकार लगाते हुए दीप प्रज्ज्वलन से सार्वजनिक शांति भंग होने के सरकार के दावे को “बेतुका” करार दिया। न्यायमूर्ति जी जयचंद्रन और न्यायमूर्ति के के रामकृष्णन की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर पत्थर का स्तंभ (दीपथून) स्थित है, वह भगवान सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर का है। तमिलनाडु सरकार ने संकेत दिया कि वह इस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगी।
अदालत ने टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता यह साबित करने के लिए ‘‘ठोस साक्ष्य'' प्रस्तुत करने में विफल रहे कि शैव धर्म के आगम शास्त्र में उस स्थान पर दीपक जलाने पर रोक है जो गर्भगृह में देवता के ठीक ऊपर नहीं हैं। खंडपीठ ने कहा, ‘‘...और न ही देवस्थानम् (प्रबंधन) या सरकार का यह कहना है कि तिरुपरनकुंड्रम पहाड़ी पर दीपम् प्रज्ज्वलन कोई प्रचलित परंपरा नहीं है।'' खंडपीठ ने कहा, ‘‘यह हास्यास्पद है और इस पर विश्वास करना कठिन है कि शक्तिशाली सरकार को इस बात का डर है कि देवस्थानम् के प्रतिनिधियों को साल में एक दिन पहाड़ी के शीर्ष के पास पत्थर के स्तंभ पर, जो देवस्थानम् भूमि के अपने क्षेत्र में है, दीपक जलाने की अनुमति देने से सार्वजनिक शांति भंग होगी। बेशक, यह केवल तभी हो सकता है, जब ऐसी अशांति को स्वयं सरकार प्रायोजित करे। हम प्रार्थना करते हैं कि कोई भी सरकार अपने राजनीतिक एजेंडे को हासिल करने के लिए इस स्तर तक न गिरे।'' तमिलनाडु के प्राकृतिक संसाधन मंत्री एस रेगुपति ने फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार को उच्चतम न्यायालय में अपील करने का अधिकार है। पूर्व कानून मंत्री ने पूछा, ‘‘यह साबित करने के लिए कोई साक्ष्य नहीं दिया गया कि दीपथून पर दीपम् प्रज्ज्वलित किया गया था....नयी परंपरा क्यों शुरू की जाए।'' अदालत के आदेश में कहा गया कि देवस्थानम् (मंदिर प्रबंधन) को दीपथून पर दीप प्रज्ज्वलित करना होगा।
अदालत ने कहा, ‘‘एएसआई प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम एवं नियमों में निहित निषेधों और प्रतिबंधों के अतिरिक्त पहाड़ी क्षेत्र में स्थित स्मारकों के संरक्षण के लिए उपयुक्त और आवश्यक शर्तें लागू करेगा।'' अदालत ने कहा कि देवस्थानम् को अपनी टीम के माध्यम से तमिल माह कार्तिगई (नवंबर-दिसंबर) में पड़ने वाले कार्तिगई दीपम् उत्सव पर दीपाथून में दीप प्रज्ज्वलित करना होगा। उसने कहा कि देवस्थानम् की टीम के साथ किसी भी आम व्यक्ति को जाने की अनुमति नहीं होगी और इस टीम के सदस्यों की संख्या एएसआई और पुलिस से परामर्श कर तय की जाएगी। जिलाधिकारी इस आयोजन का समन्वय और पर्यवेक्षण करेंगे। याचिकाकर्ता रमा रविकुमार ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे भगवान मुरुगन के भक्तों की जीत बताया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह द्रमुक सरकार के मुंह पर तमाचा है। -
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के बाद मंगलवार को मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी गयी, जिसमें 12 करोड़ 55 लाख मतदाता शामिल हैं। यह आंकड़ा पूर्व की संख्या 15.44 करोड़ से लगभग दो करोड़ 89 लाख कम है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया के बाद मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी गयी है। इसमें 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता शामिल हैं। पिछले साल 27 अक्टूबर की मतदाता सूची में 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाता थे। मसौदा सूची में लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं को गिनती के दौरान शामिल नहीं किया जा सका है। सीईओ ने कहा कि अब मसौदा मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां छह जनवरी से छह फरवरी तक दर्ज करायी जा सकेंगी। इस दौरान लोग सूची में नाम शामिल करने, सुधार करने या आपत्ति करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। रिणवा ने आंकड़े जारी करते हुए कहा कि 46.23 लाख मतदाता (2.99 प्रतिशत) मृत पाए गए, जबकि 2.57 करोड़ मतदाता (14.06 प्रतिशत) या तो स्थायी रूप से बाहर चले गये थे या प्रमाणन की प्रक्रिया के दौरान मौजूद नहीं थे। वहीं, 25.47 लाख अन्य मतदाताओं का नाम एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाया गया। उन्होंने कहा, मसौदा मतदाता सूची में अब 12.55 करोड़ मतदाता हैं और इसमें राज्य के सभी 75 जिले और 403 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
रिणवा ने बताया कि इस काम में एक लाख 72 हजार 486 बूथ शामिल किये गये थे। इनमें बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) फार्म भरवाने के लिये मतदाताओं तक पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 5,76,611 बूथ स्तरीय एजेंटों ने भी इस काम में मदद की। सीईओ ने बताया कि प्रदेश में एसआईआर की कवायद मूल रूप से 11 दिसंबर को खत्म होने वाली थी लेकिन लगभग दो करोड़ 97 लाख मतदाताओं के नाम मसौदा सूची से बाहर हो रहे थे जिसके बाद 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा गया। इसके मद्देनजर निर्वाचन आयोग की मंजूरी से एसआईआर प्रक्रिया की अवधि 26 दिसंबर तक बढ़ा दी गयी थी। रिणवा ने बताया कि शुरू में मसौदा मतदाता सूची जारी करने की तारीख 31 दिसंबर तय की गई थी लेकिन अपरिहार्य कारणों से बाद में इसे छह जनवरी कर दिया गया। -
चूड़ाचांदपुर. मणिपुर के चूड़ाचांदपुर जिले में मंगलवार को एक ‘पिक-अप वैन' के खाई में गिर जाने से तीन महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक शादी के लिए किराए पर लिए गए वाहन में करीब 30-40 लोग यात्रा कर रहे थे। ‘पिक-अप वैन' आम तौर पर सामान ढोने के काम आती है। उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना दोपहर करीब 12 बजे जिले के सिंगंगट उपमंडल के सुदूर नगलजांग गांव के पास हुई। पुलिस ने बताया कि वाहन चालक ने मोड़ पर नियंत्रण खो दिया, जिससे यह खाई में गिर गया। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान थांगमुआनमुंग खुप्टोंग, हाउचिन, चिंगंगइहसियाम और नियांगजानियांग के रूप में की गई है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कहा कि भारतीय भाषाएं एकता की शक्ति हैं और नष्ट किए जाने के प्रयासों के बावजूद ये समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं। प्रधान ने यह बात भारतीय शास्त्रीय भाषाओं में 55 पुस्तकों का विमोचन करते हुए कही, जिनमें सांकेतिक भाषा में तिरुक्कुरल की व्याख्या भी शामिल है। उन्होंने कहा, हमारी भाषाएँ एकता की शक्ति हैं। भारतीय भाषाएँ समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं, भले ही उन्हें नष्ट करने के प्रयास किए गए हों। भारत लोकतंत्र की जननी है और साथ ही भाषाई विविधता से समृद्ध देश भी है। यह हमारा दायित्व है कि हम अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक संपदा का संरक्षण करें और आने वाली पीढ़ियों को इसके बारे में जागरूक करें।'' मंत्री ने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया है कि सभी भारतीय भाषाएं राष्ट्रीय भाषाएं हैं। प्रधान ने शास्त्रीय भाषाओं-कन्नड़, तेलुगु, मलयालम और ओडिया के उत्कृष्टता केंद्रों द्वारा विकसित 41 साहित्यिक कृतियों का विमोचन किया। मंत्री ने केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान (सीआईसीटी) की 13 पुस्तकों के साथ-साथ तिरुक्कुरल की सांकेतिक भाषा में व्याख्या करने वाली 45 कड़ियों की एक श्रृंखला का भी विमोचन किया। उन्होंने कहा, ‘‘कन्नड़, तेलुगु, मलयालम, ओडिया, तमिल और सांकेतिक भाषा में ये साहित्यिक कृतियाँ भारत की भाषाई विरासत को शिक्षा, अनुसंधान और सांस्कृतिक गौरव के केंद्र में रखने के हमारे व्यापक राष्ट्रीय प्रयास का एक हिस्सा हैं।'' प्रधान ने कहा, ‘‘अनुसूचित भाषाओं की सूची में और अधिक भाषाओं को शामिल करने से लेकर भारतीय भाषाओं में शास्त्रीय ग्रंथों के अनुवाद और भारतीय भाषाओं में शिक्षा को प्रोत्साहित करने तक, हमारी सरकार ने सभी भारतीय भाषाओं को मजबूत करने और बढ़ावा देने के लिए व्यापक रूप से कार्य किया है।
- नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने मंगलवार को कहा कि किफायती किराए की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए जनरल और नॉन-एसी कोचों का रिकॉर्ड उत्पादन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किराए को आम आदमी की पहुंच में रखते हुए अच्छी सुविधाएं मुहैया करना है।रेल मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा कि रेलवे ने अपने यात्री बेड़े को और मजबूत एवं आधुनिक बनाने के लिए चालू और अगले वित्तीय वर्ष के लिए एक सतत कोच उत्पादन कार्यक्रम शुरू किया है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, जो पहले ही अपने अंतिम तिमाही में है, उत्पादन योजना में 4,838 नए एलएचबी जीएस और नॉन एसी कोच (एलएस कोच- 2817, एलएससीएन कोच- 2021) का प्रावधान है।वित्त वर्ष 2026-27 के लिए, उत्पादन लक्ष्य 4,802 एलएचबी कोच (एलएस कोच- 2638, एलएससीएन कोच- 2164) है। इस नियोजित उत्पादन का उद्देश्य बढ़ती यात्री मांग को पूरा करना और साथ ही ट्रेन सेवाओं की सुरक्षा, आराम और समग्र गुणवत्ता में सुधार करना है। साथ ही, रेलवे ने बताया कि यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।रेलवे मंत्रालय के मुताबिक, अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें, जिनमें स्लीपर और जनरल क्लास कोच सहित सभी प्रकार के नॉन-एसी कोच उपलब्ध हैं, किफायती किराए पर उच्च गुणवत्ता वाली यात्रा प्रदान कर रही हैं। 2025 के दौरान, 13 अमृत भारत ट्रेनें शुरू की गईं, जिससे कुल परिचालन सेवाओं की संख्या 30 हो गई। इसके अतिरिक्त, भुज-अहमदाबाद और जयनगर-पटना के बीच दो नमो भारत रैपिड रेल सेवाएं भी चल रही हैं, जिससे उच्च आवृत्ति वाली क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिल रही है।मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय रेलवे किफायती नॉन-एसी ट्रेनों की क्षमता बढ़ाकर, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष ट्रेनें चलाकर और स्टेशन सुविधाओं में सुधार करके आम यात्रियों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है। अवैध टिकटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, सुरक्षा में बड़े निवेश और नॉन-एसी अमृत भारत ट्रेनों की शुरुआत तथा बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के साथ, भारतीय रेलवे लगातार एक आधुनिक, समावेशी और यात्री-केंद्रित परिवहन प्रणाली का निर्माण कर रहा है, जो रोजमर्रा के यात्रियों पर केंद्रित है।
- नई दिल्ली। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने की महत्वपूर्ण सलाह दी है। बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर चेतावनी जारी की है कि कोई भी नकली मैसेज, फोन कॉल या व्हाट्सएप फॉरवर्ड के बहकावे में आकर पेमेंट न करें। ऐसे मैसेज अक्सर झूठा दावा करते हैं कि वे माता वैष्णो देवी यात्रा की बुकिंग या संबंधित सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। बोर्ड ने साफ कहा कि अनाधिकृत वेबसाइटों या व्यक्तियों के धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों से सावधान रहें।श्राइन बोर्ड के अनुसार, सभी आधिकारिक बुकिंग केवल उनकी वेबसाइट के जरिए ही होती हैं। हेलिकॉप्टर टिकट, पूजा, दर्शन स्लिप, कमरे या अन्य सेवाओं की बुकिंग के लिए सिर्फ इसी वेबसाइट का इस्तेमाल करें। बोर्ड ने यात्रियों से अपील की है कि पेमेंट करने से पहले अच्छी तरह जांच पड़ताल कर लें। अगर कोई संदेह हो तो श्राइन बोर्ड के हेल्पडेस्क नंबर पर संपर्क करके पुष्टि कराएं।यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब माता वैष्णो देवी की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। ठंड के मौसम में यात्रा शुरू हो चुकी है और लाखों यात्री कटरा पहुंच रहे हैं। इसी का फायदा उठाकर धोखेबाज सक्रिय हो जाते हैं। वे फर्जी वेबसाइट बनाकर या सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं। कई बार फेक मैसेज में दावा किया जाता है कि विशेष पूजा या प्राथमिकता दर्शन की बुकिंग हो रही है, जबकि ऐसा कुछ नहीं होता। पेमेंट लेने के बाद ये लोग गायब हो जाते हैं।श्राइन बोर्ड ने यात्रियों से सतर्क रहने और सुरक्षित यात्रा करने की सलाह दी है। बोर्ड का कहना है कि आधिकारिक वेबसाइट पर बुकिंग पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी है। वहां सभी सेवाओं की सही जानकारी और रेट उपलब्ध होते हैं। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या अज्ञात नंबरों से आए कॉल पर भरोसा करने से बचें।माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड लगातार यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए काम कर रहा है। हाल ही में नए ट्रैक और सुविधाओं का उद्घाटन भी हुआ है। बोर्ड की यह चेतावनी यात्रियों को धोखे से बचाने और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से जारी की गई है।
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नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी को हाइड्रोजन कार अपनाने पर मंगलवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कार स्वच्छ गतिशीलता का भविष्य है।
नितिन गडकरी ने एक्स पोस्ट में कहा कि उन्होंने जोशी के साथ इस उल्लेखनीय वाहन में थोड़ी ड्राइव का आनंद लिया, जो स्वच्छ गतिशीलता के भविष्य को दर्शाता है। नितिन गडकरी ने कहा, “हाइड्रोजन भारत की ऊर्जा संक्रमण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मैं नागरिकों से ऐसी हरित नवाचारों को अपनाने का आह्वान करता हूं, जब हम नेट-जीरो भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।”





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