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- नयी दिल्ली। भारी बारिश के कारण आपूर्ति प्रभावित होने की वजह से दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में टमाटर की खुदरा कीमतें 140 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं। सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। देश के अधिकांश खुदरा बाजारों में सितंबर के अंत से टमाटर की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण दक्षिणी राज्यों में कीमतों में भारी तेजी आई है। उत्तरी क्षेत्र में टमाटर की खुदरा कीमतें सोमवार को 30-83 रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में चल रही थीं, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में कीमतें 30-85 रुपये प्रति किलोग्राम और पूर्वी क्षेत्र में 39-80 रुपये प्रति किलोग्राम थी। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा रखे जाने वाले आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। पिछले कुछ हफ्तों से टमाटर का अखिल भारतीय औसत मूल्य 60 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चस्तर पर बना हुआ है। टमाटर की खुदरा कीमतें मायाबंदर में 140 रुपये प्रति किलोग्राम और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर में 127 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रही थीं। केरल के तिरुवनंतपुरम में टमाटर 125 रुपये प्रति किलोग्राम, पलक्कड़ और वायनाड में 105 रुपये प्रति किलोग्राम, त्रिशूर में 94 रुपये प्रति किलोग्राम, कोझीकोड में 91 रुपये प्रति किलोग्राम और कोट्टायम में 83 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रहा है। कर्नाटक में इसकी खुदरा कीमत मेंगलूर और तुमकुरु में 100 रुपये प्रति किलो, धारवाड़ में 75 रुपये प्रति किलो, मैसूर में 74 रुपये प्रति किलो, शिवमोगा में 67 रुपये प्रति किलो, दावणगेरे में 64 रुपये प्रति किलो थी और बेंगलुरु में 57 रुपये प्रति किलो चल रही थी। तमिलनाडु में भी टमाटर रामनाथपुरम में 102 रुपये प्रति किलो, तिरुनेलवेली में 92 रुपये प्रति किलो, कुड्डालोर में 87 रुपये प्रति किलो, चेन्नई में 83 रुपये प्रति किलो और धर्मपुरी में 75 रुपये प्रति किलो था। आंध्र प्रदेश में, विशाखापत्तनम में टमाटर 77 रुपये प्रति किलो और तिरुपति में 72 रुपये प्रति किलो पर बेचा गया, जबकि तेलंगाना में, वारंगल में टमाटर 85 रुपये प्रति किलो था। पुडुचेरी में सोमवार को टमाटर का खुदरा भाव 85 रुपये प्रति किलो था। महानगरों में सोमवार को मुंबई में टमाटर 55 रुपये प्रति किलो, दिल्ली में 56 रुपये किलो, कोलकाता में 78 रुपये किलो और चेन्नई में 83 रुपये किलो बिका। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने 26 नवंबर को कहा था कि उत्तरी राज्यों से ताजा फसल आने से दिसंबर से टमाटर की कीमतों में नरमी आने की संभावना है। पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में बेमौसम बारिश के कारण सितंबर के अंत से खुदरा टमाटर की कीमतों में तेजी आई है। बारिश के कारण टमाटर की फसल को नुकसान हुआ और इन राज्यों से आवक में देरी हुई। उत्तर भारत के राज्यों से देरी से आवक के बाद तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में भारी बारिश हुई, जिससे आपूर्ति बाधित हुई और फसल को भी नुकसान हुआ। इसमें कहा गया है कि टमाटर की कीमतें अत्यधिक अस्थिर हैं और आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी तरह की बाधा या भारी बारिश के कारण कीमतों में तेजी आती है। कृषि मंत्रालय के अनुसार, चालू वर्ष में टमाटर का खरीफ (गर्मी) उत्पादन 69.52 लाख टन है, जबकि पिछले साल 70.12 लाख टन टमाटर का उत्पादन हुआ था।
- नयी दिल्ली। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) एनवी रमण ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश मोहन एम शांतनगौदर को श्रद्धांजलि दी तथा कहा कि उनके आकस्मिक निधन से सर्वोच्च न्यायपालिका का बहुत बड़ा नुकसान" हुआ। न्यायमूर्ति शांतनगौदर की सेवानिवृत्ति से करीब तीन साल पहले गत अप्रैल में यहां एक अस्पताल में निधन हो गया था। उन्हें 17 फरवरी, 2017 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था और उनका कार्यकाल पांच मई, 2023 तक था। उनकी मृत्यु 62 वर्ष की उम्र में 24 अप्रैल की देर रात गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में हुई थी। सीजेआई ने दिवंगत न्यायाधीश की स्मृति में शीर्ष अदालत में हाइब्रिड मोड में आयोजित ‘फुल कोर्ट रिफ्रेंस' में कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे अपने सबसे मूल्यवान सहयोगियों में से एक की मृत्यु पर शोक व्यक्त करना होगा। उनका आकस्मिक निधन शीर्ष अदालत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके निधन से देश ने ‘आम आदमी का जज' खो दिया है। मैंने व्यक्तिगत रूप से एक सबसे प्रिय मित्र और एक मूल्यवान सहयोगी खो दिया है।” सीजेआई ने उनके कुछ प्रमुख फैसलों को याद करते हुए कहा कि देश के न्यायशास्त्र में उनका योगदान निर्विवाद है। उन्होंने कहा, ‘‘आप सभी उनके फैसलों से पहले से ही भलीभांति परिचित हैं और मैं इनके बारे में विस्तार से चर्चा करना नहीं चाहता।'' न्यायमूर्ति रमण ने कहा कि न्यायमूर्ति शांतनगौदर के फैसले उनकी विचार प्रक्रिया, उनके वर्षों के अनुभव, ज्ञान और अनंत बुद्धिमता में गहरी अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। उन्होंने न्यायमूर्ति शांतनगौदर के साथ करीब डेढ साल तक पीठ साझा किये जाने के अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा, "उनके निर्णयों ने सादगी, प्रचुर सामान्य ज्ञान और एक व्यावहारिक दृष्टिकोण दिखाया। वह हमेशा सामाजिक समानता, और लोगों के अधिकारों एवं स्वतंत्रता के बारे में चिंतित रहते थे।” बैठक में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा कि दिवंगत न्यायाधीश का व्यक्तित्व सरल था। वह आपराधिक कानून में सबसे प्रतिभाशाली कानूनी विशेषज्ञों में से एक थे। शीर्ष विधि अधिकारी ने न्यायमूर्ति शांतनगौदर के अंतिम फैसलों में से एक को याद करते हुए कहा कि उन्होंने लॉकरों के संबंध में बैंकों की जवाबदेही की ओर इशारा करके सार्वजनिक आय बढ़ाने की कोशिश की थी और आरबीआई को ग्राहकों को लॉकर सुविधा देने के संबंध में कदमों को लागू करने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने भी दिवंगत न्यायाधीश को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह कभी भी निडर निर्णय लेने से नहीं कतराते थे।-
- खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक ट्रक के पलट जाने से उसमे सवार तीन किसानों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। भीकनगांव थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले ने बताया कि दुर्घटना रविवार रात उस समय हुई जब बिलखेड़ गांव के किसान अपनी मिर्च की फसल को बाजार में बेचने के लिए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि भीकनगांव कस्बे के लगभग एक किलोमीटर दूर वाहन के सामने अचानक आए एक खरगोश को बचाने की कोशिश में ट्रक असंतुलित होकर पलट गया। अधिकारी ने कहा कि हादसे में तीन किसानों की मौत हो गई तथा चार किसानों और वाहन चालक सहित पांच अन्य घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान सुनील मेहताब (25), उनके चचेरे भाई सुनील नहल (24), और उनके बहनोई जयपाल जमरे (26) के तौर पर हुई है।-
- सुल्तानपुर। सुल्तानपुर जिले के बल्दीराय क्षेत्र में सोमवार की सुबह एक कार और मोटरसाइकिल की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुड़वार थाना क्षेत्र के मौहरिया भंडरा परशुरामपुर निवासी विनोद निषाद (20) अपनी बुआ पुष्पा देवी (36) पत्नी चंदन और बेटियों आरती (आठ) और नैन्सी (दो) को लेकर एक रिश्तेदार के यहां तेरहवीं में शामिल होने के लिये गए हुए थे। वहां से वे सभी सोमवार की सुबह वापस घर लौट रहे थे। रास्ते में बल्दीराय थाना क्षेत्र के चक्कारी भीट गांव के पास विपरीत दिशा से आ रही एक कार ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस घटना के बाद अनियंत्रित कार भी खड्ड में पलट गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोटरसाइकिल सवार विनोद और पुष्पा देवी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं हादसे के बाद आस-पास के लोगों ने बालिका आरती को तुरंत अस्पताल भेजा जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। नैन्सी बाल-बाल बच गई। वहीं, खड्ड में पलटने के बाद कार सवार सभी लोग मौके से फरार हो गए। थानाध्यक्ष बल्दीराय प्रभाकांत तिवारी ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है और कार चालक की तलाश की जा रही है।
- नयी दिल्ली। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि वह दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड (डीएएमईपीएल) के पक्ष में आए 4,600 करोड़ रुपये के मध्यस्थता फैसले में अगले 48 घंटों में एक एस्क्रो खाते में 1,000 करोड़ रुपये जमा करेगी। डीएमआरसी ने यह भी कहा कि वह डीएएमईपीएल को देय 4,600 करोड़ रुपये के भुगतान के एवज में उसपर बकाया कर्ज का भार उठाने के लिए भी तैयार है। मध्यस्थता पंचाट ने डीएमआरसी को आदेश दिया था कि वह डीएएमईपीएल को 4,600 करोड़ रुपये का भुगतान करे। इस बारे में डीएमआरसी की तरफ से दायर तमाम याचिकाएं निरस्त हो चुकी हैं। उच्चतम न्यायालय ने भी गत 23 नवंबर को अपने फैसले पर पुनर्विचार की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की अनुषंगी इकाई डीएएमईपीएल डीएमआरसी की एयरपोर्ट मेट्रो लाइन के विकास से जुड़ी हुई थी। लेकिन बाद में वह संरचनात्मक खामियों का हवाला देते हुए इससे अलग हो गई थी। इसी सौदे की विवादित रकम का भुगतान किया जाना है। न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत से डीएमआरसी की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वित्त की कमी से जूझ रही दिल्ली मेट्रो अचानक आई इस देनदारी से निपटने के उपाय तलाशने में लगी है। मेहता ने कहा, ‘‘हम संभावनाओं की तलाश में लगे हुए हैं। अगर हमें भुगतान करना है तो हमें उसके लिए बैंकों से उधार लेना होगा। हम डीएएमईपीएल का कर्ज अपने ऊपर ले सकते हैं और फिर हम बैंकों से इसका निपटान खुद करेंगे।'' डीएमआरसी के ही वकील पराग त्रिपाठी ने कहा कि जब डीएमआरसी खुद बैंकों का निपटान करेगी, तो उसमें काफी लचीलापन रहने की संभावना होगी क्योंकि इसमें जनहित का मसला भी शामिल है। दूसरी तरफ डीएएमईपीएल के वकील राजीव नायर ने कहा कि इस बारे में उन्हें न्यायालय से निर्देश लेने में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन पहले देय रकम का निर्धारण हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी गणना के हिसाब से यह रकम 7,000 करोड़ रुपये से भी अधिक बनती है। नायर ने कहा कि डीएमआरसी को पहले 50 फीसदी रकम अदालत में जमा करनी चाहिए। इस पर सॉलिसिटर जनरल मेहता ने ऐतराज जताते हुए कहा कि डीएमआरसी के लिए अभी 1,000 करोड़ रुपये से अधिक जमा करा पाना संभव नहीं है। इस पर न्यायालय ने डीएमआरसी को 48 घंटों में 1,000 करोड़ रुपये एक एस्क्रो खाते में जमा करने का निर्देश देते हुए कहा कि उसे भुगतान की कुल रकम के बारे में भी निर्देश लेने होंगे। मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर को होगी।
- बांदा (उत्तर प्रदेश) | बांदा जिले के बबेरू क्षेत्र में मानसिक रूप से बीमार एक व्यक्ति ने सोमवार को डंडे से प्रहार कर कथित रूप से अपने पिता की हत्या कर दी। बबेरू के पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) सियाराम ने बताया कि बबेरू कोतवाली क्षेत्र के गौरा-जलालपुर गांव में मानसिक रूप से बीमार रामकुमार (37) ने सोमवार तड़के (करीब तीन-चार बजे) सोते समय डंडे से प्रहार कर अपने पिता रामभवन (70) की हत्या कर दी। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि वारदात के समय रामभवन सो रहा था, तभी उसके मानसिक बीमार बेटे रामकुमार ने उसके सिर पर डंडे से कई वार किये, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गयी। सीओ ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
- देहरादून |उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगातार कोविड ड्यूटी में तैनात सभी होमगार्ड जवानों को छह-छह हजार रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा सोमवार को की। यहां होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा संगठन के स्थापना दिवस पर रैतिक परेड कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए धामी ने अपने संबोधन में घोषणा की कि वैश्विक महामारी के दौरान लगातार कोविड ड्यूटी में तैनात सभी होमगार्ड जवानों को 6000- 6000 रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान परेड की सलामी लेने के साथ ही थानो स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान के छात्रावास तथा हरिद्वार के जिला कमांडेंट होमगार्ड कार्यालय का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कोविड ड्यूटी के दौरान दिवंगत होमगार्ड रोशन सिंह की पत्नी बबीता को दो लाख रुपये की राशि का चेक भी प्रदान किया। कोविड जैसी आपात स्थिति से लेकर सामाजिक सद्भाव बनाए रखने तक हर मोर्चे पर होमगार्ड के जवानों की भूमिका को अहम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 6500 और होमगार्ड जवानों की भर्ती की जा रही है तथा होमगार्ड्स निदेशालय में समूह-ग के पदों पर होमगार्ड जवानों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण भी तय किया जा चुका है।--
- नयी दिल्ली | केंद्र सरकार द्वारा संचालित राम मनोहर लोहिया (आरएमएल), सफदरजंग और लेडी हार्डिंग अस्पतालों के रेजिडेंट चिकित्सकों ने नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग में देरी को लेकर फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एफओआरडीए) द्वारा आयोजित देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में सोमवार से सभी नियमित और आपातकालीन सेवाओं का बहिष्कार किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को लिखे एक पत्र में, एफओआरडीए ने गत चार दिसंबर को कहा था कि देश भर के स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त रेजिडेंट चिकित्सकों की कमी है, जबकि वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में अभी तक कोई नामांकन नहीं हुआ है। इसमें कहा गया है कि भविष्य में कोविड-19 महामारी की लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में देश की आबादी पर इसका विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा। पत्र में लिखा गया है, "ऐसा लगता है कि नीट-पीजी काउंसिलिंग में तेजी लाने के लिए अभी तक कोई पहल या उपाय नहीं किया गया है। इसलिए दिल्ली के विभिन्न आरडीए प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श के बाद हमने सोमवार से स्वास्थ्य संस्थानों में अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने और सभी सेवाओं (नियमित और आपातकालीन) को वापस लेने का फैसला किया है।” रेजिडेंट चिकित्सकों के काम के बहिष्कार के बीच, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) के सफदरजंग अस्पताल पहुंचने की खबर है, जहां उन्होंने रेजिडेंट चिकित्सकों से विरोध प्रदर्शन वापस लेने की अपील की, लेकिन उन्होंने (चिकित्सकों ने) इनकार कर दिया। पत्र में कहा गया है, ‘‘हमें आपका ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए दुख हो रहा है कि हमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया या ठोस कदम की जानकारी नहीं मिली है।" सफदरजंग और लेडी हार्डिंग (एलएचएमसी) अस्पतालों के आरडीए ने भी इसी तरह के पत्र लिखे हैं।चिकित्सा अधीक्षक को लिखे अपने पत्र में, सफदरजंग अस्पताल आरडीए ने कहा है कि 27 नवंबर को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ एक बैठक में "उनके द्वारा दिए गए मौखिक आश्वासन का सम्मान करते हुए" मौन तरीके से एक प्रतीकात्मक विरोध जारी रखा गया। इसमें कहा गया है, ‘‘हालांकि, 30 नवंबर को जारी अधिसूचना के अनुसार, सामाजिक न्याय मंत्रालय ने शीर्ष अदालत में अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए तीन सप्ताह की अवधि मांगी है, जो इस प्रक्रिया में तेजी लाने के संबंध में हमें दिए गए मौखिक आश्वासन के अनुरूप नहीं है।" एलएचएमसी आरडीए ने कहा, “चूंकि ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) और सभी नियमित सेवाओं के मामले में अधिकारियों की ओर से आश्वासन के अनुरूप कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली, इसलिए हम एलएचएमसी और संबंधित अस्पतालों के रेजिडेंट चिकित्सक एफओरआरडीए, इंडिया द्वारा बुलाए गए राष्ट्रव्यापी विरोध के समर्थन में सोमवार, 6 दिसंबर से सभी सेवाओं (नियमित और आपातकालीन) का बहिष्कार करेंगे।
- पुरुषों को धोती, महिलाओं को साड़ी पहनना अनिवार्यउज्जैन। करीब 20 महीनों बाद महाकालेश्वर के गर्भगृह में प्रवेश शुरू हुआ है। सोमवार से प्रशासन ने यह व्यवस्था शुरू की है। अब श्रद्धालु गर्भगृह में महाकाल को जल चढ़ा सकेंगे। इसके लिए कुछ प्रावधान तय किए गए हैं। गर्भगृह में दो लोगों के लिए 1500 रुपए की रसीद कटवाना होगी। जलाभिषेक के लिए एक हजार रुपये की रसीद कटवाना पड़ेगी।महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक गणेश धाकड़ ने बताया कि सोमवार से यह व्यवस्था शुरू की गई। हालांकि भस्म आरती के दौरान गर्भगृह में प्रवेश को वर्जित रखा गया है। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने कोरोना के नए वैरिएंट- ओमिक्रॉन को ध्यान में रखते हुए सामान्य दर्शनार्थियों की भीड़ को देखते हुए सीमित संख्या में गर्भगृह में दर्शन की व्यवस्था की है। दर्शनार्थी शंख द्वार से फेसिलिटी सेंटर, मंदिर परिसर, कार्तिकेय मण्डपम से रैंप उतरकर गणेश मण्डपम की बैरिकेट्स से नंदी मंडपम से होते हुए गर्भगृह में प्रवेश करेंगे व दर्शन के बाद बाहर निकलने के लिए रैंप से जाएंगे।महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक गणेश धाकड़ ने बताया कि 1500 की रसीद पर दो श्रद्धालु , लघु रूद्र की रसीद पर तीन श्रद्धालु और महारूद्र की रसीद पर पांच श्रद्धालु गर्भगृह से दर्शन कर सकेंगे। इस दौरान भी श्रद्धालु महाकालेश्वर का केवल जलाभिषेक ही कर सकते हैं जिसकी व्यवस्था मंदिर प्रबंध समिति द्वारा की गई। यदि श्रद्धालु के परिवार के तीन सदस्यों को गर्भगृह में जल अर्पित करना है तो उन्हें 1500 रुपये की एक रसीद के अलावा 1000 रुपये की एक अतिरिक्त रसीद कटवाना होगी। मंदिर के अधिकृत 16 पुजारी व 22 पुरोहित अपने यजमानों के लिए एक दिवस में अधिकतम 1500 रुपये की तीन रसीद व लघुरूद्र की दो रसीद ही काउंटर से कटवा सकेंगे तथा रसीद कटाने वाले श्रद्धालुओं को अधिकृत पुजारी-पुरोहित व उनके प्रतिनिधि द्वारा परिचय पत्र धारण कर यजमानों को गर्भगृह में प्रवेश कराया जा सकेगा। पुजारी, पुरोहित अपने यजमानों को प्रात: 6.15 से 7.15 तक दोपहर 1 से 3 बजे तक तथा रात्रि 8 से 9 बजे तक 1500 रुपये की रसीद कटाकर गर्भगृह में जल अर्पित करवा सकेंगे।
- गिरिडीह। झारखंड में गिरिडीह जिले की नगर थाना पुलिस ने शहर के एक बड़े व्यवसायी उत्तम गुप्ता के घर से 17 नवबंर की रात लूटे गए सामान में से जेवरात, लगभग डेढ़ लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और गाड़ी बरामद कर ली है। इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस उपाधीक्षक संजय राणा ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मामले में छह आरोपियों को धनबाद, गिरिडीह एवं पांकी पलामू से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि पकड़े गये अपराधियों से लूटे गए जेवरात , लगभग डेढ़ लाख रुपये नकद, मोबाइल और गाड़ी बरामद कर ली गई है।राणा ने बताया मामले की जांच के दौरान झारखंड के विभिन्न जिलों में 70 अपराधियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और उनसे पूछताछ की गई।--
- बैतूल (मध्य प्रदेश) । प्रदेश की एक सरकारी महिला इंजीनियर ने बैतूल जिले की कोतवाली पुलिस थाने में आवेदन देकर अदृश्य शक्ति से अपने कपड़े, पैसे एवं खाना चुराने के साथ-साथ जेवरातों का वजन कम करने से मुक्ति दिलाने की गुहार लगाई है। इसे लेकर पुलिस पशोपेश में है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। उक्त शिकायत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना बैतूल में कार्यरत महिला इंजीनियर श्रुति झाड़े ने की है। कोतवाली पुलिस थाना प्रभारी रत्नाकर हिंगवे ने बताया, ‘‘इस महिला इंजीनियर ने शुक्रवार को कोतवाली पुलिस थाना पहुंचकर लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में दावा किया गया है कि कोई अदृश्य शक्ति जिसके पैर दिखाई देते हैं और कभी सफेद तो कभी काले लिबास में उसके घर में आकर उसके द्वारा बनाया गया खाना खा लेती है। यही नहीं इस अदृश्य शक्ति ने उसके सोने के जेवरों का वजन भी घटा दिया है। साथ ही घर में रखे कपड़ों और रुपयों पर भी हाथ साफ कर रही है।'' उन्होंने कहा कि शहर के टिकारी क्षेत्र में रहने वाली इस महिला के मुताबिक वह बीते चार-पांच दिनों से भयभीत हैं। हिंगवे ने बताया कि इस महिला ने पुलिस से मांग है कि कोई उपाय कर इससे मुक्ति दिलवाएं। शिकायतकर्ता ने शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए भी यह बात कही है।इस महिला की शिकायत पर हिंगवे ने कहा कि कई बार दिमाग में जो चल रहा होता है, वही वहम के कारण सच में घटित होना महसूस होने लगता है, जबकि ऐसा वास्तव में कुछ नहीं होता है। उन्हें भी कुछ वहम हो गया होगा। समझाइश देकर उनका वहम और भ्रम उनके मन से निकालने का प्रयास किया जाएगा।-
- सुलतानपुर । जिले के अखण्डनगर क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर मोकलपुर गांव के पास एक जीप और ट्रॉलर के बीच टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई तथा चार अन्य घायल हो गए। पुलिस क्षेत्राधिकारी कृष्णकांत सरोज ने रविवार को बताया कि शनिवार शाम पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर मोकलपुर गांव के पास मऊ जिले से शादी समारोह से लौट रहे लोगों से भरी एक जीप सामने से आ रहे ट्रॉलर से टकरा गई। सरोज ने बताया कि इस दुर्घटना में जीप सवार महमूद (50) तथा शकील अहमद (53) की मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि हादसे में घायल हुए चार अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए हैं।-
- नयी दिल्ली। कचरे से कच्चा तेल बनाने और प्रभावी जल परिवहन समाधान जैसे कुल 94 ऐसे 'स्टार्ट-अप' (कंपनी) हैं, जिनकी स्थापना आईआईटी (भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान) मद्रास के संकाय सदस्यों ने की है और आज की तारीख में इनका संयुक्त मूल्यांकन 1,400 करोड़ रुपये से अधिक है। अधिकारियों के मुताबिक, आईआईटी संकाय सदस्यों ने पिछले एक दशक में 240 स्टार्ट-अप कंपनियों की स्थापना की या उन्हें स्थापित करने में सलाहकार की अहम भूमिका निभायी और आज इन कंपिनयों का संयुक्त मूल्यांकन 11,500 करोड़ रुपये को पार कर चुका है। आईआईटी मद्रास के संकाय सदस्यों द्वारा इस साल अक्टूबर तक प्रत्यक्ष तौर पर स्थापित की गई कंपनियों की संख्या 94 रही। इनका संयुक्त मूल्यांकन 1,400 करोड़ रुपये के पार है जिनमें 'एंजेल इन्वेस्टर्स' और 'वेंचर कैपिटल फर्म' जैसी कंपनियों से कोष जुटाया गया है। ''आईआईटी मद्रास इन्क्यूबेशन सेल'' (आईआईटीएमआईसी) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, संस्थान के विभिन्न विभागों के करीब 77 संकाय सदस्य इन कंपनियों को खड़ा करने में शामिल रहे। आईआईटीएमआईसी के मुताबिक, इन्ही स्टार्ट-अप कंपनियों में से एक का लक्ष्य नए तरह का विमान बनाने का है, जिसे ''हाइब्रिड एरियल व्हीकल'' के नाम से जाना जाएगा और ये विमान लंबी दूरी की यात्रा और माल ढोने दोनों के ही काम आएगा। ये विमान एक प्रकार की ''एयर टैक्सी'' की तरह काम करेगा। इसी तरह, एक अन्य स्टार्ट-अप सूक्ष्म और नैनो-उपग्रहों को अंतरिक्ष की कक्षा में भेजने के लिए मिनी लॉन्च वाहन बनाने पर काम कर रहा है। वहीं, अन्य स्टार्ट-अप का लक्ष्य विकेंद्रीकृत बिजली उत्पादन के लिए लघु गैस टरबाइन तैयार करने का है जबकि एक अन्य का लक्ष्य किसी भी तरह के कचरे से कच्चा तेल तैयार करने का है। आईआईटीएमआईसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी तमस्वती घोष ने कहा, '' कई संकाय सदस्य संस्थापक अथवा सलाहकार के तौर पर, एक या उससे अधिक स्टार्ट-अप में शामिल हैं।-
- नयी दिल्ली। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) को लागू करने के लिए राजधानी में 260 से अधिक पेड़ काटे जाएंगे और 280 पौधे लगाये जायेंगे । पर्यावरण विभाग ने इसके लिए 1.69 हेक्टेयर क्षेत्र को छूट दी है। आरआरटीएस कॉरिडोर के लिए कुल 543 पेड़ रास्ता बनाएंगे। उपयोगकर्ता एजेंसी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को यमुना के पश्चिमी तट पर दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट फ्लाईवे से सटी भूमि पर 280 पेड़ लगाने के लिए कहा गया है। नीम, अमलतास, पीपल, पिलखन, गूलर, बरगद और देसी कीकर के 5,430 पौधे लगाने के लिए सुरक्षा राशि के रूप में 3.09 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया है । अधिसूचना में कहा गया है इन पौधों को लगाने और इसकी देख रेख का जिम्मा उपयोगकर्ता एजेंसी के पास रहेगा ।
- नयी दिल्ली। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बैंकिंग उद्योग से छोटे व्यापारियों को सुगमता और तेजी से ऋण प्रदान करने के लिए यूपीआई की तरह का एक मजबूत और निर्बाध डिजिटल मंच बनाने का आह्वान किया। वैष्णव ने बैंकिंग उद्योग को तीन महीने में इस बारे में विचार बनाने और समाधान लाने को कहा है। उन्होंने कहा कि आधार, मोबाइल फोन, यूपीआई मंच और डिजिलॉकर के मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र को देखते हुए इस तरह के मंच को बनाने के लिए आवश्यक आधार पहले से ही मौजूद हैं। वैष्णव ने ‘डिजिटल भुगतान उत्सव' में शामिल होते हुए बैंकरों के लिए ‘चुनौती' रखी। उन्होंने कहा, ‘‘क्या हम सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम (एमएसएमई), छोटे उद्योगों, छोटे व्यवसायियों को जल्द एवं आसान ऋण प्रदान करने के लिए यूपीआई मंच की तरह एक शक्तिशाली, अच्छा और डिजिटल मंच बना सकते हैं?'' केंद्रीय मंत्री ने बैंकरों से कहा, ‘‘आज आपके पास आधार, मोबाइल फोन, यूपीआई मंच, डिजिलॉकर का एक अच्छा पारिस्थितिकी तंत्र है। व्यावहारिक रूप से ऋण संबंधी पारिस्थितिकी तंत्र को बनाने के लिए आपको जो कुछ भी चाहिए वह आज उपलब्ध है।'' इस कार्यक्रम में शामिल हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि प्रौद्योगिकी देश के भविष्य को आकार देने में एक बड़ी भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत का प्रदर्शन दुनिया भर के उन देशों से जलन है जो कुछ साल पहले ही सोचते थे कि वे प्रौद्योगिकी और नवाचार में आगे हैं। चंद्रशेखर ने कहा, "हम डिजिटल भुगतान श्रेणी में दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं। हमें इस श्रेणी में दुनिया का नेतृत्व करते रहना चाहिए।" उन्होंने आश्वासन दिया कि आईटी मंत्रालय इस पारिस्थितिकी तंत्र के विकास और फलने-फूलने के लिए एक सक्षम और उत्प्रेरक की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने आज बताया कि आयकर विभाग के नए ई फाइलिंग पोर्टल पर तीन करोड आयकर रिटर्न दाखिल किए गए हैं। मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में बताया है कि आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर नजदीक है और इसके चलते प्रतिदिन चार लाख से अधिक रिटर्न जमा किए जा रहे हैं। आयकर विभाग ने सभी करदाताओं को सलाह दी है कि वे ई फाईलिंग पोर्टल पर अपना फार्म-26 ए एस और वार्षिक सूचना विवरण ए आई एस देखकर टीडीएस और कर भुगतान की पुष्टि कर लें ताकि रिटर्न दाखिल करने में आसानी हो। आयकर विभाग ने करदाताओं से कहा है कि वे ए आई एस विवरण में अंकित डेटा का अपनी बैंक पासबुक, ब्याज प्रमाण-पत्र, फार्म-16 और म्युच्युअल फंड या इक्विटी की खरीद-बिक्री से होने वाले कैपिटल गेन से भी मिलान कर लें।
- चित्तूर। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां कार में आग लगने से 5 लोग जिंदा जल गए। चंद्रगिरी मंडल के आगरला गांव के पास तेज रफ्तार में आ रही कार ने संतुलन खो दिया। कंट्रोल छूटने के बाद कार सड़क किनारे डिवाइडर से जा टकराई। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक डिवाइडर से जोरदार टक्कर लगने के तुरंत बाद कार में भयानक आग लग गई। इसके बाद उसमें सवार पांच लोग जिंदा जल गए। कार में सवार पांच लोगों में एक बच्चा भी शामिल था। बताया जा रहा है कि दुर्घटना के समय कार में 8 लोग सवार थे, जिनमें से पांच लोग जिंदा जल गए और बाकी 3 लोग बुरी तरह घायल हो गए। घायल तीन लोगों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फायर इंजन कार में लगी आग को बुझाने की कोशिश में जुट गए हैं।
- कोलकाता। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से 180 किमी दूर केंद्रित चक्रवाती तूफान जवाद की वजह से कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अन्य दक्षिणी हिस्सों में रविवार को बारिश हुई। इसके मद्देनजर पश्चिम बंगाल सरकार ने हुगली नदी पर नौका सेवाएं रोक दी और पर्यटकों से समुद्र किनारे स्थित रिसॉर्ट्स में नहीं जाने का आग्रह किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अनुमान जताया है कि चक्रवाती तूफान दिन में कमजोर पड़ने से पहले पश्चिम बंगाल तट की ओर उत्तर एवं उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। एक अधिकारी ने कहा, “चक्रवात के ओडिशा तट के साथ पश्चिम बंगाल की ओर उत्तर एवं उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ने और एक निम्न दबाव क्षेत्र विकसित होने की संभावना के साथ, कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, और पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा शुरू हो गई है।” उन्होंने कहा कि दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जिलों के तटीय क्षेत्रों और पूर्व वर्द्धमान के कुछ हिस्सों सहित दक्षिण बंगाल के कुछ अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होगी। राज्य प्रशासन ने पर्यटकों से सप्ताहांत में समुद्र तटीय रिसॉर्ट जैसे दीघा, मंदारमणि, बक्खाली, फ्रेजरगंज और अन्य तटीय क्षेत्रों में नहीं जाने को कहा है। हालांकि, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के साथ कि पश्चिम बंगाल में चक्रवाती तूफान नहीं आएगा, पर्यटकों को पूर्व मेदिनीपुर जिले के दीघा और दक्षिण 24 परगना के बक्खाली में पानी में उतरते और तड़के समुद्र की तस्वीरें लेते देखा गया, जिन्होंने वहां डेरा डाले हुए आपदा प्रबंधनकर्मियों की चेतावनी की अनदेखी की। अधिकारी ने बताया कि उत्तर 24 परगना और हुगली जिलों को जोड़ने वाली हुगली पर नियमित नौका सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। आईएमडी ने अनुमान व्यक्त किया है कि तटीय क्षेत्रों में हवा की गति 55 किमी प्रति घंटे से अधिक नहीं होगी, जब तूफान पश्चिम बंगाल के करीब पहुंचेगा। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर के तटीय इलाकों से करीब 17,900 लोगों को निकाला है और दोनों जिलों में 48 राहत केंद्र खोले हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने किसी भी "आपात स्थिति" से निपटने के लिए 115 बहुउद्देशीय चक्रवात आश्रय स्थल और 135 अतिरिक्त अस्थायी राहत शिविर भी खोले हैं। राज्य के मंत्री फिरहाद हाकिम ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं और नगर निकायों के अधिकारी सतर्क हैं।
- मथुरा (उत्तर प्रदेश)। दिल्ली के हज़रत निज़ामुद्दीन स्टेशन से 12963 मेवाड़ एक्सप्रेस से उदयपुर सिटी जा रही एक युवती के साथ छेड़छाड़ एवं अश्लील हरकत करने के आरोप में डाक विभाग के एक पोस्टल असिस्टेंट के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। राजकीय रेलवे पुलिस थाना प्रभारी संजय खरवार ने रविवार को बताया कि शुक्रवार को युवती कोच संख्या एस-6 में सवार थी, रास्ते में मथुरा जंक्शन आने पर एक युवक उसके साथ छेड़खानी करने लगा और यहां तक कि रात को सोते समय उसने पीड़िता की चादर खींच ली। आरोपी की पहचान जींद (हरियाणा) निवासी खुशीराम के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि युवती ने उदयपुर पहुंचकर इस संबंध में शिकायत दर्ज करायी। उसपर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि घटना चूंकि मथुरा में हुई थी इसलिए आरोपी को शनिवार को यहां लाया गया और स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस इस संबंध में आगे की कार्रवाई कर रही है।
- श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के ऊंचाई वाले स्थानों पर रविवार को हिमपात हुआ जबकि मैदानी क्षेत्रों में बारिश हुई। इसके साथ ही घाटी में न्यूनतम तापमान में सुधार हुआ है और शनिवार रात यह अधिकतर हिस्सों में जमाव बिंदु से ऊपर था। मौसम विभाग ने बताया कि जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख के ऊंचाई वाले कई इलाकों में ताजा हिमपात दर्ज किया गया। इसने कहा कि प्रसिद्ध पर्यटक स्थल गुलमर्ग, सोनमर्ग और कुपवाड़ा एवं गुरेज में हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई। इसने कहा कि श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर द्रास-करगिल इलाकों में भी हल्का हिमपात हुआ। अधिकारियों ने बताया कि घाटी के मैदानी इलाकों में और जम्मू क्षेत्र में बारिश हुई जबकि पुंछ और उधमपुर जैसे इलाकों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि मैदानी इलाकों में व्यापक रूप से हल्की बारिश होने जबकि पहाड़ी इलाकों में हिमपात होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जम्मू संभाग में गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना है।पूरे कश्मीर में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई और शनिवार की रात घाटी के अधिकतर हिस्सों में यह जमाव बिंदु से ऊपर रहा। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर में शनिवार की रात न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो एक दिन पहले की अपेक्षा अधिक है। एक दिन पहले यह शून्य से 0.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था।
- मुजफ्फरनगर (उप्र)। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के बुढाना थाना क्षेत्र में रविवार को घरेलू विवाद के बाद 38 वर्षीय एक महिला की उसके पति ने कथित तौर पर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान विपिन कुमार के रूप में की गयी है। विपिन ने किसी विवाद को लेकर अपनी पत्नी रमा पर कुदाल से हमला कर दिया और उसकी गर्दन पर वार किया, जिसके कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। यह हादसा बिटवाड़ा गांव में उनके घर पर हुआ। इस घटना के बाद से ही विपिन फरार है। पुलिस के मुताबिक रमा काफी लंबे समय से अपने माता-पिता के साथ ही रह रही थी और कुछ दिन पहले ही विपिन उसे अपने घर लेकर आया था। इसी तरह के एक अन्य मामले में तीन दिन पहले एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी का गला रेतकर उसकी हत्या कर दी थी।
- शाजापुर (मप्र)। मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में पानी से भरी खदान में रविवार सुबह तीन नाबालिग लड़कों के शव मिले। ये लड़के शनिवार शाम से लापता थे। कलापीपाल पुलिस थाने के प्रभारी उदय सिंह अलावा ने बताया कि नौ, 10 और 13 साल की उम्र के तीनों लड़के शनिवार शाम को भुरिया खजुरिया गांव के पास खेलने के लिए गये थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उन्होंने कहा, ‘‘शनिवार शाम को तीन बच्चों के लापता होने की जानकारी पुलिस को मिली थी। रविवार सुबह पानी से भरी खदान में तीनों बच्चों के शव पाये गये। इस खदान के किनारे इनके कपड़े एवं जूते भी मिले हैं।'' अलावा ने बताया कि इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और विस्तृत जांच जारी है।
- नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) के तहत सहायक सेक्शन अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने मंत्रियों और सांसदों से स्थानांतरण की पैरवी करवाई तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने आदेश जारी कर कहा कि उसे काफी संख्या में सीएसएस कैडर में सहायक सेक्शन अधिकारी (एएसओ) ग्रेड में निजी/चिकित्सा आधार पर अंतर कैडर स्थानांतरण आग्रह प्राप्त हो रहे हैं। सीएसएस का गठन केंद्रीय सचिवालय में मध्यम स्तर के पदों का प्रबंध करना है। इसने कहा, कई बार एएसओ के ये आग्रह मंत्रियों/ सांसदों/ अन्य प्राधिकारियों से प्राप्त होते हैं।''एएसओ ग्रुप बी के गैर राजपत्रित कर्मचारी होते हैं। आदेश में कहा गया है कि सक्षम प्राधिकार ने मामले में गंभीर रूख अपनाया है। डीओपीटी ने कहा, ‘‘यह सूचित किया जाता है कि इस तरह के कार्यों पर उचित कार्रवाई की जाएगी जिसमें अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शामिल है।
- जम्मू। जम्मू कश्मीर के रामबन जिले में एक महिला को डूबने से बचाने के लिए सेना ने एक युवक को रविवार को सम्मानित किया। एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि करोल गांव के मेहराज अहमद ने महिला को बचाने की खातिर अपनी जान खतरे में डालते हुए दो दिसंबर को चेनाब नदी में छलांग लगा दी थी। वह महिला को जानता नहीं था। अहमद की उम्र 20 वर्ष के आसपास है। उन्होंने बताया कि युवक ने अदम्य साहस और तैराकी कौशल का परिचय दिया। उन्होंने कहा, अपनी जान की परवाह न करते हुए 20 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद वह लड़की को बचा सका। हालांकि उसने तैराकी में कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया है, लेकिन फिर भी बहादुर लड़का गहरी नदी में छलांग लगाने से हिचकिचाया नहीं, जबकि वहां से गुजर रहे कई लोग बेबस देखते रहे।'' प्रवक्ता ने बताया कि सेना ने रामबन के चंदरकोट में मेहराज को उसकी बहादुरी के लिए सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि उसकी नि:स्वार्थ सेवा लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगी।
- नयी दिल्ली। टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) की छह दिसंबर को होने वाली बैठक में कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्तियों को कोविड-19 रोधी टीके की ‘अतिरिक्त' खुराक देने के मुद्दे पर विचार किया जाएगा। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी। अधिकारियों के मुताबिक, टीके की एक अतिरिक्त खुराक बूस्टर खुराक से अलग होती है।अधिकारियों ने समझाया कि ऐसे किसी व्यक्ति को एक पूर्वनिर्धारित अवधि के बाद बूस्टर खुराक दी जाती है, जब यह माना जाता है कि प्राथमिक टीकाकरण की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया में कमी आ गई है, जबकि अतिरिक्त खुराक कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्तियों को दी जाती है जब प्राथमिक टीकाकरण संक्रमण और रोग से पर्याप्त सुरक्षा प्रदान नहीं करता है। हाल ही में, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने औषधि नियामक से कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ बूस्टर खुराक के रूप में कोविशील्ड के लिए मंजूरी मांगी थी। एसआईआई में सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) को एक अर्जी में कहा था कि ब्रिटेन के औषधि एवं स्वास्थ्य देखभाल उत्पाद नियामक एजेंसी ने पहले ही एस्ट्राजेनेका सीएचएडीओएक्स1 एनसीओवी-19 टीके के बूस्टर खुराक को मंजूरी दे दी है। उन्होंने साथ ही यह भी उल्लेख किया कि भारत में कोविशील्ड की कोई कमी नहीं है और नये स्वरूपों के सामने आने के मद्देनजर बूस्टर खुराक की मांग उन लोगों के लिए है जो पहले से ही दो खुराक ले चुके हैं। 29 नवंबर के अपने बुलेटिन में, भारतीय सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम' (आईएनएसएसीओजी) ने 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए कोविड-19 टीकों की बूस्टर खुराक की सिफारिश की थी, जिसमें उनलोगों को पहली प्राथमिकता दी जाए जिनके संक्रमित होने का खतरा सबसे अधिक है। हालांकि, शनिवार को इसने कहा कि इसकी सिफारिश राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के लिए नहीं थी क्योंकि इसके प्रभाव का आकलन के लिए कई और वैज्ञानिक प्रयोगों की आवश्यकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बूस्टर खुराक के संबंध में हाल ही में लोकसभा को सूचित किया था कि टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) और कोविड-19 टीकाकरण पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह (एनईजीवीएसी) इस पहलू से संबंधित वैज्ञानिक प्रमाणों पर विचार कर रहे हैं। एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ‘‘अभी के लिए बूस्टर खुराक का मुद्दा एजेंडा में नहीं है, क्योंकि इसकी आवश्यकता और महत्व का पता लगाने के लिए अध्ययन किए जा रहे हैं। छह दिसंबर को होने वाली एनटीएजीआई की बैठक में कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को कोविड-19 की अतिरिक्त खुराक देने के मुद्दे पर विचार किया जाएगा।'' ऐसी श्रेणी में कैंसर का इलाज कराने वाले रोगी, प्रत्यारोपण करा चुके रोगी, एड्स रोगी आदि आते हैं और उनकी प्रतिरक्षा में सुधार के लिए टीके की अतिरिक्त खुराक (तीसरी खुराक) की आवश्यकता होती है। विशेषज्ञों ने कहा कि ओमीक्रोन जैसे नये स्वरूपों के उभरने के बावजूद, टीकाकरण बीमारी और संक्रमण से सुरक्षा के सबसे मजबूत तरीकों में से एक है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हालांकि इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि मौजूदा टीके सार्स-सीओवी-2 के ओमीक्रोन स्वरूप पर काम नहीं करते हैं, हालांकि सामने आये कुछ म्यूटेशन टीके की प्रभावशीलता को कम कर सकते हैं।



























