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- नयी दिल्ली। देश में खेती-बाड़ी करने वाले आधे से अधिक परिवार कर्ज के बोझ तले दबे हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के एक सर्वे के अनुसार 2019 में 50 प्रतिशत से अधिक कृषक परिवार कर्ज में थे और उन पर प्रति परिवार औसतन 74 हजार 121 रुपये कर्ज था। सर्वे में कहा गया है कि उनके कुल बकाया कर्ज में से केवल 69.6 प्रतिशत बैंक, सहकरी समितियों और सरकारी एजेंसियों जैसे संस्थागत स्रोतों से लिये गये। जबकि 20.5 प्रतिशत कर्ज पेशेवर सूदखोरों से लिये गये। इसके अनुसार कुल कर्ज में 57.5 प्रतिशत ऋण कृषि उद्देश्य से लिये गये।सर्वे में कहा गया है, ''कर्ज ले रखे कृषि परिवारों का प्रतिशत 50.2 प्रतिशत है। वहीं प्रति कृषि परिवार बकाया ऋण की औसत राशि 74,121 रुपये है।'' एनएसओ ने जनवरी-दिसंबर 2019 के दौरान देश के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार की भूमि और पशुधन के अलावा कृषि परिवारों की स्थिति का आकलन किया। सर्वे के अनुसार कृषि वर्ष 2018-19 (जुलाई-जून) के दौरान प्रति कृषि परिवार की औसत मासिक आय 10,218 रुपये थी। इसमें से मजदूरी से प्राप्त प्रति परिवार औसत आय 4,063 रुपये, फसल उत्पादन से 3,798 रुपये, पशुपालन से 1,582 रुपये, गैर-कृषि व्यवसाय 641 रुपये तथा भूमि पट्टे से 134 रुपये की आय थी। इसमें कहा गया है कि देश में कृषि परिवार की संख्या 9.3 करोड़ अनुमानित है। इसमें अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) 45.8 प्रतिशत, अनुसूचित जाति 15.9 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति 14.2 प्रतिशत और अन्य 24.1 प्रतिशत हैं।सर्वे के अनुसार गांवों में रहने वाले गैर-कृषि परिवार की संख्या 7.93 करोड़ अनुमानित है। इससे यह भी पता चला कि 83.5 प्रतिशत ग्रामीण परिवार के पास एक हेक्टेयर से कम जमीन है। जबकि केवल 0.2 प्रतिशत के पास 10 हेक्टेयर से अधिक जमीन थी। इस बीच, एक अन्य रिपोर्ट में एनएसओ ने कहा कि 30 जून, 2018 की स्थिति के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में कर्ज लेने वाले परिवार का प्रतिशत 35 था (40.3 प्रतिशत कृषक परिवार, 28.2 प्रतिशत गैर-कृषि परिवार) जबकि शहरी क्षेत्र में यह 22.4 प्रतिशत (27.5 प्रतिशत स्व-रोजगार से जुड़े परिवार, 20.6 प्रतिशत अन्य परिवार) थे।एनएसओ ने राष्ट्रीय नमूना सर्वे (एनएसएस) के 77वें दौर के तहत अखिल भारतीय कर्ज और निवेश पर ताजा सर्वे जनवरी-दिसंबर, 2019 के दौरान किया। सर्वे में यह भी पाया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कर्ज ले रखे परिवारों में से 17.8 प्रतिशत परिवार संस्थागत एजेंसियों से (जिनमें 21.2 प्रतिशत कृषक परिवार और 13.5 प्रतिशत गैर-कृषक परिवार) जबकि शहरी क्षेत्रों में 14.5 प्रतिशत परिवार संस्थागत कर्जदाताओं से (18 प्रतिशत स्व-रोजगार करने वाले तथा 13.3 प्रतिशत अन्य परिवार) कर्ज ले रखे थे। इसके अलावा ग्रामीण भारत में करीब 10.2 प्रतिशत परिवारों ने गैर- संस्थागत एजेंसिंयों से कर्ज लिया जबकि शहरी भारत में यह संख्या 4.9 प्रतिशत परिवार थी। वहीं ग्रामीण भारत में सात प्रतिशत परिवार ऐसे थे जिन्होंने संस्थागत कर्ज और गैर-संस्थागत दोनों तरह से कर्ज लिया था जबकि शहरी क्षेत्र में ऐसे परिवारों की संख्या तीन प्रतिशत थी।
- नयी दिल्ली। संवत्सरी पर्व के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि दयालु होना, क्षमा करना और एक-दूसरे के खिलाफ दुर्भावना नहीं रखना हमारी संस्कृति का हिस्सा है। क्षमा, अहिंसा और मैत्री का पर्व संवत्सरी जैन धर्म से संबद्ध है। इस पर्व पर समुदाय के लोग जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘क्षमा करना बड़े दिल के महत्व को दर्शाता है। दयालु होना और साथ ही माफ कर देना तथा एक-दूसरे के खिलाफ कोई दुर्भावना नहीं रखना हमारी संस्कृति का हिस्सा है। मिच्छामी दुक्कड़म।'' प्रधानमंत्री ने इस ट्वीट के साथ आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘‘मन की बात'' की एक कड़ी का छोटा हिस्सा भी साझा किया, जिसमें उन्होंने संवत्सरी के बारे में अपने विचार व्यक्त किये थे।
- अनूपपुर (मप्र)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के पौड़ी गांव में शुक्रवार को आकाशीय बिजली गिरने से दो युवकों की मौत हो गई। कोतवाली थाने के उपनिरीक्षक सुरेश अहिरवार ने बताया कि यह घटना जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर हुई। उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान खेमकरण सिंह गौड़ (21) एवं रूप सिंह (19) के रूप में की गई है। ये दोनों मजदूर थे और ईंट-भट्टे पर काम करते थे। अहिरवार ने बताया कि जब इन पर आकाशीय बिजली गिरी, उस वक्त ये दोनों ईंट के भट्टे के पास एक पेड़ के नीचे खड़े थे।
- केंद्रपाड़ा। ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में ब्राह्मणी नदी में मछली पकड़ने गए एक मछुआरे को दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजाति का कछुआ मिला है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी के मुताबिक वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची के तहत संरक्षित कछुआ गुरुवार को भीतरकनिका वन्यजीव अभयारण्य के नजदीक जयकुंडा गांव के पास एक मछुआरे के जाल में फंसा। दुर्लभ प्रजाति के कछुए को वन विभाग को सौंपने के लिए कैलाश बारिक नामक मछुआरे को एक हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। राजनगर मैंग्रोव के संभागीय वन अधिकारी जे डी पति ने कहा कि दुर्लभ प्रजाति के कछुए को बाद में नदी में छोड़ दिया गया। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (आईयूसीएन) ने कछुए की इस प्रजाति को विलुप्त होती प्रजातियों की अपनी सूची में रखा है। इस कछुए के मांस और इसकी कठोर बाहरी परत के लिए बड़े पैमाने पर इसका शिकार किया जाता है। आईयूसीएन के मुताबिक यह कछुआ प्रमुख रूप से उत्तरी और मध्य भारत, बांग्लादेश, नेपाल और पूर्वी पाकिस्तान में पाया जाता है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को गुजरात के अहमदाबाद स्थित सरदारधाम भवन का वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से लोकार्पण करेंगे और साथ ही इस परियोजना के दूसरे चरण का भूमि पूजन कर शिलान्यास भी करेंगे। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में शुक्रवार को दी गई। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। परियोजना के दूसरे चरण में कन्या छात्रालय बनना है। इसमें 2000 कन्याओं के लिए छात्रावास की सुविधा होगी। पीएमओ के मुताबिक सरदारधाम शैक्षिक और सामाजिक बदलाव के साथ ही समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। सरदारधाम में छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध है। अहमदाबाद में वैष्णोदेवी सर्कल के पास सरदारधाम परिसर में यह भवन बना है।
- कोलकाता। संगीतकार देबोज्योति मिश्रा ने फिल्म निर्माता हरि विश्वनाथ की फिल्म ‘बांसुरी: द फ्लूट' में अपने काम के लिए स्पेन में आयोजित 20वें ‘इमेजिन इंडिया फिल्म फेस्टिवल' में सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का पुरस्कार जीता है। इस महोत्सव की शुरुआत इस महीने के अंत में होगी लेकिन सात सितंबर को विभिन्न श्रेणियों के पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा कर दी गई। सर्वश्रेष्ठ संगीत श्रेणी में मिश्रा का नामांकन ‘ब्लाइंड फोल्ड' के लिए तारस द्रोण और ‘चारकोल' के लिए इस्माइल मोनसेफ के साथ किया गया था। मिश्रा ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ संगीतकार का पुरस्कार जीतना फिल्म की पूरी टीम के लिए ‘बड़ा सम्मान' है। उन्होंने कहा कि वह पुरस्कार के लिए काम नहीं करते हैं लेकिन अगर वह मिलता है तो वह पहचान पूरी टीम की है। ‘चोखेर बाली', ‘रेनकोट', ‘हजार चौरासी की मां' और ‘रामचंद पाकिस्तानी' जैसी फ़िल्मों में उनके संगीत की खूब सराहना हुई है।
- अमरावती । आंध्र प्रदेश सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1985 बैच के अधिकारी समीर शर्मा को शुक्रवार को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है । शर्मा फिलहाल योजना और संसाधन संग्रहण विभाग के विशेष मुख्य सचिव और इंस्टीट्यूट ऑफ लीडरशिप, एक्सीलेंस एंड गवर्नेंस के उपाध्यक्ष हैं । वह 30 सितंबर से मुख्य सचिव का पदभार संभालेंगे। मौजूदा मुख्य सचिव आदित्यनाथ दास तीन महीने के कार्यकाल विस्तार के बाद 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं । सामान्य प्रशासन विभाग ने नये मुख्य सचिव की नियुक्ति के संबंध में आदेश शुक्रवार को जारी किया ।राज्य सरकार ने दास के लिए और तीन महीने का सेवा विस्तार नहीं मांगा, जिसके बाद शर्मा की अगले मुख्य सचिव के रूप में नियुक्ति हुई है। गौरतलब है कि शर्मा इसी साल नवंबर में सेवानिवृत्त होने वाले हैं ।
- चित्रकूट (उप्र। चित्रकूट जिला मुख्यालय के रोपागा रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रेन से कटकर तीन व्यक्तियों की मौत हो गयी जबकि दो अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुए हैं।चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक (एसपी) धवल जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार की रात करीब दस बजे जिला मुख्यालय के भैरोपागा रेलवे क्रॉसिंग के पास रेल पटरी पार करते समय ट्रेन से कटकर तीन व्यक्तियों की मौत हो गयी और अन्य दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने बताया कि ट्रेन से कटकर मरने वालों की पहचान संतोष साहू (45), राम सिंह निषाद (51) और चंदू (20) के रूप में हुई। एसपी ने बताया कि घायल दो व्यक्तियों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं, कर्वी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) वीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मृतक और घायल शराब के नशे में थे। रेल पटरी पार करते समय ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे की जांच की जा रही है।
- जींद। हरियाणा के जींद जिले स्थित डूमरखां कलां गांव के पास शुक्रवार सुबह मोटरसाइकिल और कार के बीच हुई भिंड़त में मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान रामगढ़ पांडवा गांव निवासी कर्मपाल (24), उसका चचेरा भाई मलकीन (28) और बहमणी गांव निवासी कर्ण (18) तौर पर की गई है। कर्ण, कर्मपाल का भांजा था और तीनों दनौदा कलां रिश्तेदारी में आए थे और शुक्रवार की सुबह अपने गांव लौट रहे थे।पुलिस ने बताया कि जानकारी के मुताबिक डूमरखा कलां गांव के पास कैथल राजमार्ग पर सामने से आ रही तेजरफ्तार कार ने उनकी मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। घटना को अंजाम देकर कार चालक अपना वाहन छोड़ मौके से फरार हो गया। उन्होंने बताया कि घटना में घायल तीनों को राहगीरों ने सामान्य अस्पताल, नरवाना पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सदर थाना, नरवाना की पुलिस ने मृतक कर्मपाल के बड़े भाई नरेश की शिकायत पर फरार कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी सत्यवान ने बताया कि मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करा उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है। फरार आरोपी को पकडऩे की कोशिश की जा रही है।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए देश में कोविड-19 की स्थिति और टीकाकरण अभियान की समीक्षा की। सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि भारत में अभी भी कोरोना की दूसरी लहर जारी है और यह समाप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा था कि देश के 35 जिलों में साप्ताहिक कोविड संक्रमण दर 10 प्रतिशत से अधिक है, जबकि 30 जिलों में यह दर 5 से 10 प्रतिशत के बीच है। सरकार ने गुरुवार को कहा था कि देश की वयस्क आबादी में 58 प्रतिशत को कोविड-19 टीकों की कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है, वहीं 18 प्रतिशत को दोनों खुराकें दी गयी हैं। इसके साथ ही सरकार ने कहा कि देश में अब तक 72 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं।
- -छत्तीसगढ़ सहित 5 राज्यों में मौत के मामले अधिकनयी दिल्ली। आकाशीय बिजली गिरने से भारत में हर दिन औसतन चार से अधिक लोगों की मौत हो रही है । बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने से मौत के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं ।भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से क्लाइमेट रेसिलियंट ऑब्जर्विंग सिस्टम प्रमोशन काउंसिल द्वारा तैयार की गई ''बिजली गिरने के संबंध में वार्षिक रिपोर्ट'' में यह बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, '' एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक देश के विभिन्न राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 1611 लोगों की मौत हुई । '' इस प्रकार, देश में आकाशीय बिजली गिरने से हर दिन औसतन चार से अधिक लोगों की मौत हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक आकाशीय बिजली गिरने से बिहार में 401 लोगों की मौत हुई जबकि उत्तर प्रदेश में 238, मध्यप्रदेश में 228, ओडिशा में 156, झारखंड में 132, छत्तीसगढ़ में 72 लोगों की मौत हुई । इसके कारण महाराष्ट्र में 58 और कर्नाटक में 54 लोगों की मौत हुई ।मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 में देश के विभिन्न राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने की कुल 47.69 लाख घटनाएं सामने आईं जो वर्ष 2020 में बढ़कर 63.30 लाख हो गईं । वर्ष 2021 में जून माह तक देश में आकाशीय बिजली गिरने के 27.87 लाख मामले सामने आए । इस प्रकार, पिछले ढाई वर्षों में देश में आकाशीय बिजली गिरने की 1.38 करोड़ घटनाएं दर्ज की गईं । इसमें कहा गया है कि वर्ष 2019 की तुलना में 2020 में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 25 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई जबकि वर्ष 2021 में जून तक पिछले वर्ष की समान अवधि से तुलना करने पर ऐसी घटनाओं में 10 प्रतिशत की कमी का पता चलता है।भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि भारतीय ऊष्णदेशीय मौसम विभाग संस्थान, पुणे ने बिजली गिरने की घटनाओं का पता लगाने के लिये देश के अनेक स्थानों पर 'लाइटनिंग लोकेशन नेटवर्क' स्थापित किये हैं । उन्होंने बताया कि बिजली गिरने की घटनाओं की निगरानी के लिये 'दामिनी एप' भी विकसित किया गया है।आईएमडी में आकाशीय बिजली संबंधी विभाग की प्रमुख डॉ. सोमा सेन राय ने कहा कि कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि पिछले 20-25 वर्षों के दौरान आकाशीय बिजली गिरने और गरज के साथ तूफान आने की घटनाएं बढ़ी हैं । उन्होंने कहा कि ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, हिमालयी क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं काफी बढ़ी हैं । इसका संबंध वैश्विक तापमान वृद्धि से है। इस संबंध में जिला स्तर पर भी चेतावनी जारी की जाती हैं । मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मध्यप्रदेश में वर्ष 2019 में आकाशीय बिजली गिरने की 5.39 लाख घटनाएं, वर्ष 2020 में 1.73 लाख घटनाएं और 2021 में जून तक 2.85 लाख घटनाएं सामने आईं । छत्तीसगढ़ में वर्ष 2019 में आकाशीय बिजली गिरने की 3.43 लाख घटनाएं, वर्ष 2020 में 6.53 लाख घटनाएं और 2021 में जून तक 2.62 लाख घटनाएं दर्ज की गई। महाराष्ट्र में वर्ष 2019 में ऐसी 4.02 लाख घटनाएं, वर्ष 2020 में 5.68 लाख घटनाएं और 2021 में जून माह तक 2.13 लाख घटनाएं दर्ज की गईं । उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने की वर्ष 2019 में 2.44 लाख घटनाएं, 2020 में 1.09 लाख घटनाएं और 2021 में जून माह तक 1.17 लाख घटनाएं दर्ज की गईं । पश्चिम बंगाल में वर्ष 2019 में ऐसी 3.63 लाख घटनाएं, वर्ष 2020 में 36,574 घटनाएं और वर्ष 2021 में जून माह तक 3.05 लाख घटनाएं सामने आई ।
- मुंबई।महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को नागरिकों से अपील की कि वे कोरोना वायरस के खिलाफ एक दमदार आंदोलन छेड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने भगवान गणेश से ‘सभी बुराई और नकारात्मकता' को खत्म करने की प्रार्थना की। महाराष्ट्र के मुंबई महानगर और अन्य शहरों में शुक्रवार को गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालुओं ने अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों में सादगी के साथ भगवान गणेश का स्वागत किया। हालांकि कोविड-19 वैश्विक महामारी की तीसरी लहर के खतरे के बीच इस साल भी राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया कि वह शहरों में भीड़भाड़ को लेकर कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहती और ऐसे में श्रद्धालु बप्पा के दर्शन ऑनलाइन ही कर पाएंगे। महामारी के प्रकोप के बीच लगातार यह दूसरा साल है जब इस उत्सव के आयोजन पर महाराष्ट्र सरकार ने भीड़भाड़ से बचने के लिए कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों का स्वास्थ्य किसी भी त्योहार से ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘‘ हमें जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार कर महामारी को स्थायी तौर पर खत्म करने की दिशा में काम करने की जरूरत है। पिछले दो साल से हम उत्सव के दौरान प्रतिबंध लगाने को मजबूर हुए। लोगों का जीवन और स्वास्थ्य किसी भी त्योहार से ज्यादा महत्वपूर्ण है। मुझे आत्मविश्वास है कि भगवान गणेश जो विघ्नहर्ता हैं, वह इस दुष्ट वायरस का समूल नाश करेंगे।'' ठाकरे ने नागरिकों से कहा कि वह इस त्योहार का इस्तेमाल सतर्कता और सभी नियमों का पालन कर कोरोना वायरस से पीछा छुड़ाने के लिए एक आंदोलन शुरू करने में करें। ठाकरे ने कहा, ‘‘ जिस तरह लोकमान्य तिलक ने गणेश उत्सव का इस्तेमाल लोगों को अंग्रेजों के खिलाफ बगावत करने के लिए प्रेरित करने में किया, उसी तरह सभी मंडल और संगठनों को त्योहार का इस्तेमाल वायरस के बारे में जागरूकता फैलाने और इसे स्थायी तौर पर समाप्त करने में सुनिश्चित करने के लिए करना चाहिए।'' वह दक्षिणी मुंबई स्थित अपने आधिकारिक आवास ‘वर्षा' में पारंपरिक पूजा करने के बाद बोल रहे थे।विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने प्रार्थना स्थलों को खोलने की मांग दोहराते हुए कहा कि इन स्थलों से जुड़े लोगों की आजीविका पर बेहद बुरा प्रभाव पड़ा है। महाराष्ट्र में बेहद धूमधाम से मनाया जाने वाला यह त्योहार गणेश चतुर्थी के साथ शुरू होता है और 10 दिन बाद अनंत चतुर्दशी को मूर्तियों के विसर्जन के साथ संपन्न होता है। वैश्विक महामारी के कारण लगातार दूसरी बार गणेश उत्सव का उत्साह फीका रहेगा क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने सभाओं और जुलूस से बचने के लिए कई प्रतिबंध लगाए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने वैश्विक महामारी के कारण गणेशोत्सव के दौरान लोगों के पंडाल में जाने पर रोक लगाई और कहा है कि पंडाल से केवल ऑनलाइन दर्शन की अनुमति दी जाएगी। कोविड-19 की स्थिति का हवाला देते हुए मुंबई पुलिस ने भी 10 सितंबर से 19 सितंबर के बीच गणेश उत्सव के दौरान धारा 144 लागू करने का निर्णय किया है। कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए महाराष्ट्र के गृह विभाग ने पंडालों में जाने पर पाबंदी लगाने संबंधी परिपत्र जारी किया है। साथ ही, भगवान गणेश की मूर्तियों को स्थापित करने की ऊंचाई को भी सीमित कर दिया गया है। मुंबई में, लगभग 12,000 सार्वजनिक (समुदाय) मंडल और लगभग दो लाख घर हैं जहां भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित की जाती हैं। बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति के अध्यक्ष नरेश दहीबावकर ने बताया कि पिछले वर्ष 90 प्रतिशत मंडलों ने ही कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए त्योहार मनाया था, जबकि इस वर्ष सभी मंडल गणपति की प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं। समिति गणेश मंडलों की एक प्रमुख संस्था है जो बीएमसी और सरकारी एजेंसियों के बीच त्योहार के लिए समन्वय स्थापित करती है। पिछले साल मुंबई के सबसे प्रसिद्ध मंडल ‘लालबाग के राजा' ने उत्सव रद्द कर दिया था जबकि अन्य मंडल वडाला की जीएसबी सेवा समिति ने इस साल फरवरी में माघ शुद्ध चतुर्थी का आयोजन स्थगित कर दिया। दहीबावकर ने कहा, ‘‘ पिछले साल के विपरीत त्योहार सामान्य उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा क्योंकि कोविड-19 टीकाकरण अभियान चल रहा है और लोगों में महामारी को लेकर जागरुकता भी है। तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए, कोविड-19 के सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है।'' दहीबावकर ने हालांकि लोगों को पंडाल में आकर दर्शन करने से रोकने के सरकार के कदम की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘ यह सब आखिरी क्षण में किया गया। विभिन्न पक्षों से बातचीत नहीं की गई। पिछले साल भी पंडाल में आकर दर्शन करने की अनुमति नहीं थी। हमें भारी नुकसान होगा क्योंकि हमारे प्रायोजकों के बैनर और पोस्टर देखने के लिए कोई भक्त नहीं आएंगे।'' उन्होंने कहा कि त्योहार में मुंबई में क़रीब 70 करोड़ से 100 करोड़ रुपये तक का कारोबार होता है और ऐसे में त्योहार से जुड़े लोगों की आजीविका महामारी की वजह से प्रभावित रहेगी। राज्य सरकार ने मंडल में प्रत्यक्ष दर्शन पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं और कहा है कि मूर्ति लाने में सिर्फ 10 वे लोग शामिल होंगे जिनका टीकाकरण हो चुका हो। पंडालों में मूर्ति की ऊंचाई चार फुट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। वहीं घर की मूर्तियों की ऊंचाई दो फुट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और केवल पांच लोगों को ही मूर्तियों के साथ जाने की अनुमति होगी।
- खरगोन । मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के एक गांव के तालाब में नहाने के दौरान तीन नाबालिग बहनों की डूबने से मौत हो गई। भीकनगांव के थाना प्रभारी फिरदयुस टोप्पो ने शुक्रवार को बताया कि यह हादसा बृहस्पतिवार शाम को जिला मुख्यालय से 55 किलोमीटर दूर बेरछा गांव में हुआ। उन्होंने बताया कि दो बहनें सोनाक्षी (13) और मीनाक्षी (11) अपनी चचेरी बहन सारिका (14) के साथ तालाब में नहाने के लिए उतरीं थीं और पानी में खेलने लगीं। इस दौरान सबसे छोटी मीनाक्षी गहरे पानी में चली गई। इस पर सारिका और सोनाक्षी उसे बचाने के लिए गईं और तीनों की पानी में डूबने से मौत हो गई। टोप्पो ने बताया कि तीनों बालिकाओं के शव तालाब से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए थे और शुक्रवार को शव परिवार को सौंप दिए गए हैं।-file photo
- नई दिल्ली। को-विन ने एक नया एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस विकसित किया है, जिसे 'अपने ग्राहक के टीकाकरण की स्थिति को जानो का नाम दिया गया है। यह को-विन के माध्यम से किसी भी व्यक्ति के टीकाकरण की स्थिति के बारे में जानकारी उपलब्ध करायेगा। इसका उपयोग करने के लिए, संबंधित व्यक्ति को अपना मोबाइल नंबर और नाम दर्ज करना होगा। इसके बाद, उन्हें एक ओटीपी मिलेगा जिसे उन्हें दर्ज करना होगा। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को उसके टीकाकरण की स्थिति की जानकारी दी जायेगी। यह जानकारी डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित होगी।
- कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में तीन दिवसीय यात्रा एवं पर्यटन मेले की शुक्रवार को शुरुआत हुई। इस मेले में 16 राज्य हिस्सा ले रहे हैं और यह बताता है कि कोविड-19 महामारी के कारण डेढ़ साल से भी अधिक समय से प्रभावित पर्यटन क्षेत्र आहिस्ता-आहिस्ता पटरी पर लौट रहा है। आयोजक ‘फेयरफेस्ट मीडिया' के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल ने उद्घाटन में कहा कि यहां नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय यात्रा एवं पर्यटन मेले में 16 राज्यों के 100 से ज्यादा प्रदर्शक और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू - कश्मीर, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु शामिल है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण करा चुके और प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता से लैस भारतीय यात्री देश भर में पर्यटन स्थलों में घूमने को बेताब हैं। अग्रवाल ने कहा कि एयरलाइन बुकिंग कोविड पूर्व के तीन-चौथाई स्तर तक पहुंच चुकी है और 2021-22 की अंतिम तिमाही में इसके 90 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि आतिथ्य उद्योग कोविड महामारी के कारण बुरी तरह से प्रभावित हुआ है लेकिन देश के यात्रियों की वजह से पटरी पर लौट रहा है। जम्मू कश्मीर के विशेष सचिव (पर्यटन) वसीम राजा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर प्रतिबंध के कारण स्वदेशी पर्यटन में अपार संभावनाएं हैं। उत्तराखंड में पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक चौहान ने कहा कि इस महीने के अंत में चार धाम यात्रा को फिर से शुरू करने की संभावना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों के एक बड़े वर्ग की आजीविका पर्यटन उद्योग से जुड़ी है। चौहान ने कहा कि उनके राज्य में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कारण लगाए गए लॉकडाउन को खत्म करने के बाद साप्ताहंत पर लोगों की आमद काफी अच्छी है। अग्रवाल ने कहा कि कोलकाता के बाद इस महीने के आखिर में यह मेला अहमदाबाद और मुंबई में भी आयोजित किया जाएगा।-file photo
- भुवनेश्वर। ओडिशा में अगले कुछ दिनों में भारी बारिश हो सकती है क्योंकि मौसम विभाग ने शुक्रवार को कहा कि अगले 24 घंटों में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र ने एक विज्ञप्ति में कहा कि पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है और समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटों के दौरान मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद के 48 घंटों के दौरान पश्चिम उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और एक विक्षोभ में केंद्रित होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि राज्य में रविवार और सोमवार को व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश, अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और एक या दो स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है। विभाग ने बताया कि यह कृषि गतिविधि में मदद कर सकती है, लेकिन भारी बारिश वाले जिलों में निचले इलाकों में अस्थायी रूप से जलभराव और शहरी क्षेत्रों में यातायात बाधित हो सकता है। बुलेटिन में कहा गया है कि पिछले 24 घंटों में दक्षिण ओडिशा के जिलों में कई स्थानों पर और उत्तरी ओडिशा में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है। मौसम विभाग ने शनिवार को गजपति, गंजम, मलकानगिरी, कोरापुट, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई है। मौसम केंद्र ने रविवार को पुरी, खोरधा, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, कटक, गंजम, नयागढ़, भद्रक और जाजपुर में भारी से बहुत भारी बारिश की ऑरेंज चेतावनी जारी की। विभाग ने सुझाव दिया है कि प्रशासन अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था तैयार रखे।
- नयी दिल्ली। थोक कारोबार से जुड़े ई-कॉमर्स मंच उड़ान ने शुक्रवार को कहा कि उसके सह-संस्थापक वैभव गुप्ता कंपनी के सीईओ बनेंगे और साथ ही कंपनी अगले 18-24 महीने में प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) लाने की योजना बना रही है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसके अन्य दो सह-संस्थापक- आमोद मालवीय और सुजीत कुमार, बोर्ड के सदस्यों के रूप में गुप्ता के साथ मिलकर काम करेंगे। इसके साथ ही कंपनी ने अपने संगठन को सीईओ के नेतृत्व वाले ढांचे में बदल दिया है। यह बदलाव शुक्रवार से प्रभावी हैं। बयान में कहा गया कि उड़ान की योजना अगले 18-24 महीने में सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध इकाई बनने की है।उड़ान के सह-संस्थापक और सीईओ वैभव गुप्ता ने कहा कि कंपनी ने पिछले पांच वर्षों में एक लंबा सफर तय किया है, जिसका अब दूसरी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में अनुकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘अपनी विकास यात्रा के अगले चरण की शुरुआत के लिए सही नींव रखना महत्वपूर्ण है। इस मकसद के साथ ही यह संरचना बनाई गई है, जो संगठन के विकास में मदद करेगी।
- मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के शामली जिले के बनत कस्बे में एक बस स्टैंड पर इंतजार कर रहे 24 वर्षीय एक व्यक्ति की शुक्रवार को 10 लोगों ने कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि समीर बस स्टैंड पर था जब उसका एक समूह के साथ झगड़ा हो गया, लेकिन इसका कारण पता नहीं चल सका है। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्रा ने बताया कि 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनमें से आठ के नाम रिपोर्ट में हैं। उनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मिश्रा ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।पीड़ित के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। समीर के परिवार की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक घटना उस वक्त हुई जब वह घर वापस जा रहा था। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
- कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 30 सितंबर को होने वाले भवानीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र शुक्रवार को दाखिल कर दिया। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रियंका टिबरीवाल और वाम मोर्चे के श्रीजीब बिस्वास को चुनौती देंगी। चुनाव नतीजे की घोषणा तीन अक्टूबर को की जाएगी।नंदीग्राम में विधानसभा चुनाव हारने वाली बनर्जी को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए उपचुनाव में जीत दर्ज करनी होगी। बनर्जी भवानीपुर की निवासी हैं और उन्होंने 2011 तथा 2016 में दो बार इस सीट से जीत दर्ज की। वह इस साल अप्रैल-मई में हुए विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से भाजपा नेता और पूर्व सहयोगी शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ीं और हार गयीं। नंदीग्राम में शिकस्त के बाद राज्य में कैबिनेट नेता और भवानीपुर से टीएमसी विधायक सोभनदेब चट्टोपाध्याय ने मुख्यमंत्री के लिए अपनी सीट छोड़ दी थी।
- पटना। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को पटना में एक कार्यक्रम के दौरान ‘ऑडियोकुंभ' मोबाइल फोन ऐप का लोकार्पण किया। आरएसएस द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सरसंघचालक मोहन भागवत ने पटना में ‘ऑडियो कुंभ' मोबाइल ऐप का लोकार्पण किया। इस ऐप के द्वारा लोग मुफ्त में राष्ट्रीय महत्व की पुस्तकों को निःशुल्क सुन सकेंगे। यह ऑडियोकुंभ मुफ्त ऑडियो पुस्तकें और पॉडकास्ट है। विज्ञप्ति के मुताबिक, इस ऐप को आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन की उपलब्धता एवं व्यस्ततम दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। राष्ट्रीय विचारकों द्वारा रचित पुस्तकों एवं उनके उद्बोधनों को संग्रह कर ऑडियो कुंभ ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने का यह एक प्रयास है। विज्ञप्ति में कहा गया, 'हिंदू और हिंदुत्व' विषय वाले कार्यक्रम में भागवत ने अपने संबोधन के बाद उपस्थित लोगों के इस विषय से संबंधित प्रश्नों के उत्तर भी दिए।
- नयी दिल्ली।पांच देशों के प्रभावशाली समूह ब्रिक्स ने गुरुवार को कहा कि अफगानिस्तान के क्षेत्र का इस्तेमाल अन्य देशों के खिलाफ आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। इसने आतंकवादियों के सीमा पार से आवागमन सहित सभी तरह के आतंकवाद से लड़ने का दृढ़ आह्वान किया। समूह ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में वर्चुअल शिखर सम्मेलन में अफगानिस्तान की स्थिति सहित महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया। भारत की मेजबानी में आयोजित शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सनारो ने भाग लिया।ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) समूह में दुनिया के पांच सबसे बड़े विकासशील देश शामिल हैं जो वैश्विक आबादी का 41 प्रतिशत, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 24 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का 16 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करता है। शिखर सम्मेलन के अंत में जारी एक बयान में समूह ने हिंसा से दूर रहने और अफगानिस्तान में स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान किया। ब्रिक्स ने कहा, "हम हिंसा से बचने और शांतिपूर्ण तरीकों से स्थिति के समाधान का आह्वान करते हैं। हम देश में स्थिरता, नागरिक शांति, कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक समावेशी अंतर-अफगान वार्ता को बढ़ावा देने में योगदान देने की आवश्यकता पर बल देते हैं।" समूह ने हाल में काबुल हवाई अड्डे के पास हुए आतंकवादी हमलों की भी कड़े शब्दों में निंदा की जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे और अनेक लोग घायल हुए थे। ब्रिक्स ने कहा, "हम आतंकवाद से लड़ने की प्राथमिकता को रेखांकित करते हैं, जिसमें आतंकवादी संगठनों द्वारा अफगान क्षेत्र को आतंकवादी पनाहगाह के रूप में इस्तेमाल करने और अन्य देशों के खिलाफ हमले करने के साथ-साथ अफगानिस्तान के भीतर नशीली दवाओं के व्यापार को रोकने के प्रयास शामिल हैं।" इसने कहा, "हम मानवीय स्थिति के समाधान और महिलाओं, बच्चों तथा अल्पसंख्यकों सहित मानवाधिकारों को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हैं।'' आतंकवाद के खतरे का उल्लेख करते हुए ब्रिक्स ने कहा कि वह आतंकवादियों के सीमा पार से आवागमन सहित सभी तरह के आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध है। शिखर सम्मेलन में समूह की आतंकवाद-रोधी रणनीति को लागू करने के लिए ब्रिक्स आतंकवाद-रोधी कार्य योजना का भी समर्थन किया गया, जिसे समूह के सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों द्वारा अपनाया गया था। बयान में कहा गया, "हम-जब भी, कहीं भी और किसी के द्वारा भी-आतंकवाद के सभी स्वरूपों की कड़ी निंदा करते हैं। हम आतंकवाद से उत्पन्न खतरे, आतंकवाद में सहायक चरमपंथ और कट्टरपंथ को पहचानते हैं।" यह दोहराते हुए कि आतंकवाद को किसी भी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए, नेताओं ने कहा, "हम अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान के आधार पर आतंकवाद के खतरे को रोकने तथा उसका मुकाबला करने के वैश्विक प्रयासों में और योगदान करने के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। ब्रिक्स ने कहा, ‘‘हम आतंकवाद और आतंकवाद में सहायक चरमपंथ का मुकाबला करने में दोहरे मानकों को अस्वीकार करते हैं। हम संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के भीतर अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर एक समग्र संधि को शीघ्र अंतिम रूप देने और अपनाने का आह्वान करते हैं।''
- नयी दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण राजस्थान के गुलाबी पत्थरों से होगा और मंदिर परिसर में संग्रहालय, शोध केंद्र, गौशाला और एक योगशाला भी होगी। यह जानकारी बृहस्पतिवार को मंदिर न्यास के सूत्रों ने दी। उन्होंने बताया कि विशेष ध्यान कुबेर टीला और सीता कूप जैसे स्मारकों के संरक्षण एवं विकास पर होगा। उन्होंने कहा कि पूरे मंदिर परिसर में शून्य कार्बन उत्सर्जन और हरित भवन जैसी विशेषताएं होंगी। श्री रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्यों की पिछले महीने बैठक हुई थी और बैठक के दौरान यह उल्लेख किया गया था कि मंदिर का निर्माण कार्य समय के मुताबिक आगे बढ़ रहा है और इसे 2023 से लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इस संबंध में एक सूत्र ने कहा, ‘‘2023 तक श्रद्धालु भगवान श्री राम के दर्शन कर सकेंगे।''सूत्रों ने कहा कि मंदिर का ढांचा राजस्थान से लाए गए बंसी पहाड़पुर पत्थर और मार्बल से बनाया जाएगा।उन्होंने कहा, ‘‘मंदिर के निर्माण में करीब चार लाख पत्थर (बंसी पहाड़पुर) का इस्तेमाल होगा। मंदिर के निर्माण में स्टील का इस्तेमाल नहीं होगा। मंदिर के परकोटा के लिए जोधपुर पत्थर का इस्तेमाल करने का निर्णय किया गया है।'' परकोटा (मंदिर परिसर) के लिए ले-आउट को अंतिम रूप दे दिया गया है और परिसर के बाहर के क्षेत्र में तीर्थयात्री सुविधा केंद्र, संग्रहालय, लेखागार, शोध केंद्र, ऑडिटोरियम, गौशाला, योगशाला और एक प्रशासनिक भवन होगा। मंदिर ढांचे के लंबे समय तक टिके रहने को ध्यान में रखकर न्यास इसका निर्माण करा रहा है। ढांचे का डिजाइन केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) के मानकों के अनुरूप है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिये 19 और जगहों पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा विकसित की जाएगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ राजस्थान के राष्ट्रीय राजमार्ग 925ए पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि यह राजमार्ग रन-वे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमाओं की रक्षा कर देश की सुरक्षा को और मजबूत बनाएगा। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, गडकरी ने कहा कि देश में 19 और जगहों पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा विकसित की जाएगी जिनमें राजस्थान में फलोदी-जैसलमेर सड़क और बाड़मेर-जैसलमेर सड़क, पश्चिम बंगाल में खड़गपुर-बालासोर सड़क, असम में हाशीमारा-गुवाहाटी सड़क, गुजरात में भुज-नलिया सड़क, असम में जोरहाट-बाराघाट सड़क आदि शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्वस्तरीय राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य रिकॉर्ड गति से किया जा रहा है। बयान में गडकरी को उद्धृत करते हुए कहा गया, “अब हमारे राष्ट्रीय राजमार्ग भी सेना के काम आएंगे, जो हमारे देश को अधिक सुरक्षित और आपातकालीन स्थितियों के लिए हमेशा तैयार रखेंगे।” भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के एक हरक्यूलिस सी-130जे विमान ने दोनों मंत्रियों और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष बिपिन रावत को लेकर बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर ‘मॉक इमरजेंसी लैंडिंग' की। एनएच-925ए राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतीय वायुसेना के विमानों के लिए बना पहला ‘इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड' है। दोनों मंत्रियों ने ‘एनएच-925' पर तैयार आपातकालीन लैंडिंग सुविधा पर कई विमानों के संचालन को देखा। सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान और आईएएफ के एएन-32 सैन्य परिवहन विमान और एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर ने भी ईएलएफ पर ‘इमरजेंसी लैंडिंग' की। इस मौके पर वायुसेना प्रमुख आर के भदौरिया भी मौजूद थे। भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान और परिवहन विमानों ने यह दिखाने के लिए अक्टूबर 2017 में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर ‘मॉक लैंडिंग' की थी कि ऐसे राजमार्गों का उपयोग आपात स्थिति में आईएएफ के विमानों को उतारने के लिए किया सकता है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय राजमार्ग नहीं है और वह उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत आता है। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह सुविधा भारतमाला परियोजना के तहत गगरिया-बखासर और सत्ता-गंधव खंड के नव विकसित ‘टू-लेन पेव्ड शोल्डर' का हिस्सा है, जिसकी कुल लंबाई 196.97 किलोमीटर है और इसकी लागत 765.52 करोड़ रुपये है। ‘पेव्ड शोल्डर' उस भाग को कहा जाता है, जो राजमार्ग के उस हिस्से के पास हो जहां से वाहन नियमित रूप से गुजरते हैं । बयान में कहा गया कि यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बाड़मेर और जालौर जिलों के गांवों के बीच सम्पर्क में सुधार करेगी। वायुसेना और सेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन लैंडिंग पट्टी के अलावा इस परियोजना के तहत कुंदनपुरा, सिंघानिया और बाखासर गांव में तीन हैलीपैड (प्रत्येक 100x30 मीटर आकार के) का भी निर्माण किया गया है। देश की पश्चिमी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा नेटवर्क को मजबूत करने के लिए ईएलएफ और तीन हेलीपैड विकसित किए गए हैं। सामान्य समय के दौरान, सड़क यातायात के सुचारू प्रवाह के लिए ईएलएफ का उपयोग किया जाएगा और वायुसेना के लिए ईएलएफ के संचालन के दौरान, यातायात के सुचारू संचालन के लिए सर्विस रोड का उपयोग किया जाएगा।
- बोकारो (झारखंड)। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) का 46 वर्षीय एक जवान बोकारो जिले में अपने आवासीय क्वार्टर में फांसी के फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि जवान की पहचान रणवीर कुमार सिंह के रूप में की गयी है और वह दुग्दा कोल वाशरी संयंत्र में तैनात था जो भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) की सहायक कंपनी है। परिवार के सदस्यों ने बुधवार को सिंह को उसके क्वार्टर पर पानी आपूर्ति करने वाले एक पाइप पर, फंदे से लटका पाया। वे उसे चंद्रपुरा में डीवीसी अस्पताल ले गए , लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सिंह की मां की एक महीने पहले मौत हुई थी। पुलिस ने बताया कि शव को चास के उप-मंडलीय अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना की वजह का अभी पता नहीं चला है। रणवीर बिहार के वैशाली जिले में जांदहा पुलिस थाने के तहत आने वाले रामपुर गांव का रहने वाला था।-file photo
- प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश)। प्रतापगढ़ जिले के रेहुआ लालगंज बाज़ार में एक अनियंत्रित मोटरसाइकिल बिजली के खंभे से जा टकराई जिससे उस पर सवार दो छात्रों की मौत हो गई। अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) रोहित मिश्रा ने बताया कि रायबरेली निवासी दीपांशु (18) और सुधीर शर्मा (17) बुधवार की शाम मोटरसाइकिल से प्रतापगढ़ से घुइसरनाथ धाम के दर्शन के बाद घर लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि रास्ते में थाना उदयपुर क्षेत्र के रेहुआ लालगंज बाज़ार के निकट उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित हो कर बिजली के खंभे से जा टकराई । हादसे में मोटरसाइकिल सवार दोनों छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई। मिश्रा ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं और मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

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