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- धौलपुर (राजस्थान)। जिले के कौलारी थाना इलाके में शुक्रवार को एक ट्रैक्टर ट्रॉली की टक्कर से बाइक सवार दो सगे भाइयों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने शवों को सड़क पर रखकर रोष जताया और पुलिस तथा प्रशासन के अधिकारियों के समझाने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। कौलारी थाना प्रभारी नरेश पोस्वाल ने बताया कि मृतकों की पहचान रामलखन (20) और सौरभ (18) के रूप में हुई है।
- मुंबई। कोविड-19 के मामलों में कमी, तेज टीकाकरण अभियान और बढ़ती आर्थिक एवं रोजगार दर के साथ देश धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है। ऐसे में एक सर्वेक्षण से पता चला है कि 73 प्रतिशत कर्मचारी पूरे उद्योग में काम के हाइब्रिड मॉडल के पक्ष में हैं। मानव संसाधन समाधान प्रदाता ‘जीनियस कंसल्टेंट्स' के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 73 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों ने कहा कि वे उद्योगों में इस नए उभरते हाइब्रिड मॉडल के पक्ष में हैं। सर्वेक्षण की रिपोर्ट में कहा गया कि जैसा कि विभिन्न उद्योगों के अधिकांश संगठनों को महामारी प्रतिबंधों के कारण कर्मचारियों को उनके घर से ही काम करवाने पर मजबूर होना पड़ा था। अधिकांश कर्मचारियों ने कहा कि स्थिति सामान्य होने के बाद भी यह व्यवस्था जारी रहनी चाहिए। इसके अलावा, सर्वेक्षण में पाया गया कि हाइब्रिड मॉडल अच्छा होगा और नियोक्ताओं को ऐसे वातावरण में काम करना जारी रखने की अनुमति देगा जो उन्हें संभव लगता है। सर्वेक्षण के अनुसार, ‘‘इससे कर्मचारियों को समय और पैसे की बचत होगी। यह कंपनियों को कार्यालय खर्च बचाने में भी मदद करेगा।'' बैंकिंग और वित्त, निर्माण और इंजीनियरिंग, शिक्षा/शिक्षण/प्रशिक्षण, एफएमसीजी, आतिथ्य, मानव संसाधन समाधान, आईटी, आईटीईएस और बीपीओ, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण सहित अन्य क्षेत्रों में अक्टूबर में 1,000 से अधिक उत्तरदाताओं के साथ ऑनलाइन सर्वेक्षण किया गया था। इसके अलावा, सर्वेक्षण में पाया गया कि 71 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों की राय थी कि हाइब्रिड मॉडल का कर्मचारी उत्पादकता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और उन्हें अधिक संसाधनपूर्ण होने में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि हाइब्रिड वर्क मॉडल एक ऐसी योजना है जिसमें कर्मचारी के ‘शेड्यूल' में कार्यालय से काम करने और बाहर से काम करने का मिश्रण शामिल होता है। कर्मचारियों के पास विकल्प होते हैं, जिसे वे अपनी सुविधा अनुसार चुन सकते हैं। कर्मचारी यह चुन सकते हैं कि वे कब घर से काम करना चाहते हैं और कब वे कार्यालय में जाकर काम करना चाहते हैं।
- गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में वर्ष 2021 में गायब हुए 122 बच्चों में से पुलिस ने 104 बच्चे बरामद कर लिए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि वर्ष 2021 में कुल 122 नाबालिग बालक-बालिकाओं के गायब होने के मामले गुना जिले के विभिन्न थानों में दर्ज हुए थे, जिनमें 109 लड़कियां एवं 13 लड़के शामिल थे। उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2021 के दर्ज सभी प्रकरणों में अपहृत हुए बालक-बालिकाओं की शीघ्र बरादमगी के लिए पुलिस द्वारा सघनता से उनकी तलाश की गई। इनकी तलाश में पुलिस ने तकनीकी संसाधनों का प्रयोग करते हुए दूर-दराज से 92 लड़कियों एवं 12 लड़कों सहित कुल 104 बच्चों को बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया है।'' मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2021 में अपहृत हुए नाबालिगों में से केवल 18 बच्चों की बरामदगी होना शेष है, जिनकी गुना पुलिस द्वारा गहन तलाश की जा रही है और उन्हें भी शीघ्र ही बरामद कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 से पूर्व के शेष रहे 94 अपहृत नाबालिगों में से 63 नाबालिगों को भी गुना पुलिस द्वारा इस वर्ष बरामद किया गया है। इस प्रकार इस वर्ष अभी तक कुल 167 नाबालिग बालक-बालिकाओं को गुना पुलिस द्वारा दूर-दूर से खोजकर उनके परिजनों तक पहुंचाया गया है। मिश्रा ने कहा कि गुना जिला पुलिस ने गायब बच्चों को बरामद करने में उल्लेखनीय सफलता पाई है।उन्होंने कहा कि अपने गायब अथवा अपहृत बच्चों को वापस अपने बीच पाकर बच्चों के परिजनों के चेहरों पर मुस्कान लौटी है और अपने बच्चों को वापस पाकर उनके परिजनों का गुना पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है।-
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी प्रतिभूति बाजार में खुदरा निवेशकों को भागीदारी का अवसर देने के लिए शुक्रवार को रिजर्व बैंक की दो उपभोक्ता-केंद्रित योजनाओं का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास भी मौजूद थे। भारतीय रिजर्व बैंक की दो अभिनव उपभोक्ता केंद्रित पहल... खुदरा प्रत्यक्ष योजना और केंद्रीय एकीकृत लोकपाल योजना की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से निवेश का दायरा बढ़ेगा और ग्राहक शिकायत समाधान प्रणाली को बेहतर किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘खुदरा प्रत्यक्ष योजना से छोटे निवेशकों की पहुंच बढ़ेगी और वे प्रतिभूतियों में निवेश कर निश्चित प्रतिफल प्राप्त कर सकेंगे। इससे सरकार को भी राष्ट्र निर्माण के लिए कोष उपलब्ध होगा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत बैंकिंग प्रणाली अत्यंत महत्वपूर्ण है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार के पिछले सात साल के कार्यकाल के दौरान बैंकों की गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) की पहचान पारदर्शी तरीके से हो रही है और समाधान और वसूली (रिकवरी) पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने उपभोक्ता केंद्रित इन योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे लोगों के लिए निवेश के रास्ते खुलेंगे और पूंजी बाजार तक उनकी पहुंच आसान और सुरक्षित हो सकेगी। रिजर्व बैंक की एकीकृत लोकपाल योजना (आरबी-आईओएस) का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका मकसद शिकायत समाधान प्रणाली को और बेहतर करना है। इससे केंद्रीय बैंक के नियमन के तहत आने वाली इकाइयों के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतों का समाधान बेहतर तरीके से हो सकेगा। उन्होंने कहा, ‘‘इस योजना से ‘एक राष्ट्र-एक लोकपाल’ की अवधारणा वास्तविकता बन गई है।’भारतीय रिजर्व बैंक की खुदरा प्रत्यक्ष योजना का उद्देश्य सरकारी प्रतिभूति बाजार में खुदरा निवेशकों की पहुंच बढ़ाना है। इसके तहत खुदरा निवेशकों के लिए भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा जारी प्रतिभूतियों में सीधे निवेश करने का रास्ता खुल जायेगा। इस योजना के तहत निवेशक भारतीय रिजर्व बैंक के हवाले से ऑनलाइन सरकारी प्रतिभूति खाते आसानी से खोल सकते हैं और उन प्रतिभूतियों का रखरखाव कर सकते हैं। यह सेवा नि:शुल्क होगी। इस योजना की शुरुआत के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में आ गया है, जहां इस तरह की सुविधा उपलब्ध है।एकीकृत लोकपाल योजना का उद्देश्य शिकायतों को दूर करने वाली प्रणाली में और सुधार लाना है ताकि संस्थाओं के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतों को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक नियम बना सके। इस योजना की केंद्रीय विषयवस्तु ‘एक राष्ट्र-एक लोकपाल’ की अवधारणा पर आधारित है। इसके तहत एक पोर्टल, एक ई-मेल और एक पता होगा, जहां ग्राहक अपनी शिकायतें दायर कर सकते हैं। ग्राहक एक ही स्थान पर अपनी शिकायत दे सकते हैं, दस्तावेज जमा कर सकते हैं, अपनी शिकायतों-दस्तावेजों की स्थिति जान सकते हैं और सुझाव दे सकते हैं।ऐसी शिकायतें जो लोकपाल योजना के तहत नहीं आती हैं, उनकी सुनवाई उपभोक्ता शिक्षा एवं संरक्षण प्रकोष्ठ (सीईपीसी) द्वारा की जाएगी। ये प्रकोष्ठ रिजर्व बैंक के 30 क्षेत्रीय कार्यालयों में स्थित हैं। रिजर्व बैंक ने हाल के समय में उपभोक्ता शिकायत निपटान प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके तहत केंद्रीय बैंक ने आंतरिक लोकपाल को मजबूत करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, ग्रेडेड नियामकीय और निगरानी कार्रवाई शुरू की है। इसके अलावा 2019 में केंद्रीय बैंक ने शिकायत प्रबंधन प्रणाली (सीएमएस) की शुरुआत की थी। रिजर्व बैंक की वैकल्पिक शिकायत समाधान व्यवस्था में फिलहाल तीन लोकपाल योजनाएं....बैंकिंग लोकपाल योजना (1995 में शुरू), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए लोकपाल योजना (2018) और डिजिटल लेनदेन के लिए लोकपाल योजना (2019) शामिल हैं।
- नई दिल्ली । हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी लिमिटेड ने दावा किया है कि तीसरे चरण के आंकडों के अनुसार कोवैक्सीन, कोविड के खिलाफ 77.8 प्रभावी पाई गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में को-वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दे दी है जबकि दुनिया के 17 देशों ने पहले ही इसे मंजूरी दे दी थी। लैंसेट जनरल की पीयर-रिव्यू में पाया गया है कि भारत बायोटेक द्वारा बनाई गई को-वैक्सीन अत्यधिक सुरक्षित और प्रभावशाली है। को-वैक्सीन की दो खुराक लेने के दो सप्ताह बाद मजबूत एंटीबॉडी बनने लगती है। कोविड के गंभीर लक्षणों वाले मरीजों में यह टीका 93 प्रतिशत से अधिक प्रभावी पाया गया।देश में 25 जगहों पर को-वैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण 18 से 98 वर्ष की आयु के बीच के 25 हजार 798 लोगों पर किया गया।
- नयी दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अध्यक्ष के. सिवन ने अंतरिक्ष पारिस्थितिकी के निजी क्षेत्रों के लिए अवसरों से भरे होने का जिक्र करते हुए गुरुवार को कहा कि संगठन की अभियानगत अंतरिक्ष गतिविधियां आगे बढ़ाने और वाणिज्यिक फायदा उठाने के लिए निजी क्षेत्र के लिए खोली जाएगी। उन्होंने ‘टाइम्स नाऊ समिट 2021' को संबोधित करते हुए कहा कि इसके साथ-साथ इसरो की मौजूदा क्षमताओं का उपयोग करते हुए न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड उपयोगकर्ता की मांगों को पूरा करने में बढ़ी हुई भूमिका निभाएगा। सिवन ने कहा कि अनुमानित नीति और कानूनी ढांचा के जरिए इसरो की अभियानगत अंतरिक्ष गतिविधियां आगे बढ़ाने के लिए तथा वाणिज्यिक लाभ प्राप्त करने के लिए निजी क्षेत्र के लिए खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह भारतीय अंतरिक्ष रोडमैप सरकारी, गैर सरकारी अंतरिक्ष उद्योगों का एक मिश्रण होगा जो एक दूसरे की सहायता कर देश की आर्थिक संवृद्धि को बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि इसरो नवोन्मेषी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के विकास पर जोर देना जारी रखेगा।-
- नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत आने वाले विदेशी यात्रियों के लिए नये दिशा निर्देश जारी किये हैं, जो आज से लागू हो गए हैं। नये दिशा निर्देशों के अनुसार यात्रियों को निर्धारित यात्रा से पहले ऑनलाइन एयर सुविधा पोर्टल www.newdelhiairport.in पर स्वघोषणा पत्र भरना होगा। उन्हें कोविड-19 की नेगिटिव आर टी पी सी आर रिपोर्ट भी पोर्टल पर डालनी होगी। आर टी पी सी आर टेस्ट यात्रा से 72 घंटे पहले का होना चाहिए।दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक यात्री रिपोर्ट के समर्थन में घोषणा पत्र डालेगा और फर्जी पाए जाने पर उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। विमानन कंपनियों को केवल उन्हीं यात्रियों को विमान में बैठाने की अनुमति होगी, जिन्होंने एयर सुविधा पोर्टल पर स्व-घोषणा पत्र भरा होगा तथा आर टी पी सी आर टेस्ट की नेगिटिव रिपोर्ट अपलोड की होगी। विमान में बैठते समय यात्रियों की थर्मल स्क्रिीनिंग होगी और उन्हीं यात्रियों को बैठने की अनुमति होगी, जिनमें कोई लक्षण नहीं पाए जाएंगे। भारत पहुंचने पर अगर किसी यात्री में कोई लक्षण पाया जाता है, तो उसे तुरंत अलग कर दिया जाएगा और स्वास्थ्य नियमों के अनुसार चिकित्सकीय देखरेख में रखा जाएगा। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि कई देशों का भारत के साथ राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त टीकाकरण प्रमाण पत्र या विश्व स्वास्थ्य संगठन से मान्यता प्राप्त टीकों को लेकर परस्पर समझौता है। इसी तरह कई ऐसे देश भी हैं, जिनका भारत के साथ ऐसा कोई समझौता नहीं है, लेकिन वे राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त या विश्व स्वास्थ्य संगठन से मान्यता प्राप्त टीके लगा चुके भारतीय नागरिकों को छूट देते हैं। ऐसे सभी देश जहां भारतीय लोगों को पहुंचने पर क्वारंटीन नहीं होना होता, उन देशों के यात्रियों को भी भारत आने पर कुछ ढील दिए जाने की अनुमति है। लिंक विदेश मंत्रालय की वेबसाइट तथा एयर सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध है। हालांकि जलमार्ग और सडक के रास्ते आने वाले अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को भी ऑनलाइन पंजीकरण सुविधा को छोडकर इन्हीं नियमों से गुजरना होगा। इन यात्रियों के लिए अभी ये सुविधा उपलब्ध नहीं है। हमारे संवाददाता ने बताया है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों को विमान में बैठने के दौरान और पहुंचने के बाद की जांच से छूट होगी।
- जम्मू। जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर पर 'ई-शासन' की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के प्रयासों के मद्देनजर प्रशासन 'भारत ब्रॉडबैंड स्कीम' (बीबीएस) के अंतर्गत 3,195 अतिरिक्त ग्राम पंचायतों को इटरनेट सुविधा मुहैया कराएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर में तवी रिवर फ्रंट के विकास और भारत नेट योजना के कार्यान्वयन से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए एक बैठक की। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण क्षेत्रों में बीबीएस के कार्यान्वयन की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव को सूचित किया गया कि 408 ग्राम पंचायतों और 14 प्रखंड मुख्यालयों को 'ऑप्टिकल फाइबर केबल' के माध्यम से इंटरनेट कनेक्शन प्रदान किया गया है जबकि 658 ग्राम पंचायतों को इंटरनेट सुविधा मुहैया कराने के लिए 'वेरी स्मॉल एपर्चर टर्मिनल' (वीसैट) सक्षम बनाया गया है। उन्होंने कहा कि परियोजना के दूसरे चरण में 3,195 अतिरिक्त ग्राम पंचायतों को इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
- नयी दिल्ली। विदेशों से आने वालों के लिए बृहस्पतिवार को जारी संशोधित दिशानिर्देशों में कहा गया है कि भारत में पांच साल से कम उम्र के बच्चों को आगमन-पूर्व या आगमन-बाद कोविड-19 जांच से छूट होगी। हालांकि, दिशानिर्देशों में यह भी कहा गया है कि आगमन पर या घर पर पृथकवास की अवधि के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण पाये जाने पर उन्हे जांच करानी होगी और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उनका इलाज होगा। कुछ खास क्षेत्रीय स्वरूपों के साथ कोविड-19 महामारी का वैश्विक प्रसार कम होने का जिक्र करते हुए इसमें कहा गया है कि वायरस के निरंतर बदलते स्वरूप और सार्स-कोव-2 स्वरूपों के विकासक्रम पर अब भी अवश्य ही ध्यान दिया जाना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में अंतरराष्ट्रीय आगमन के लिए 17 फरवरी को और इसके बाद जारी किये गये मौजूदा दिशानिर्देश जोखिम के आधार पर तैयार किये गये थे। दुनिया भर में टीकाकरण के बढ़ते कवरेज और महामारी की बदलती प्रकृति के मद्देनजर, भारत में अंतरराष्ट्रीय आगमन के लिए मौजूदा दिशानिर्देश की समीक्षा की गई है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘पांच साल से कम आयु के बच्चों को आगमन-पूर्व और आगमन-बाद जांच, दोनों से छूट दी गई है। हालांकि, यदि आगमन पर या घर पर पृथकवास में रहने के दौरान उनमें संक्रमण के लक्षण पाये गये तो उन्हें जांच करानी होगी और निधार्रित प्रोटोकॉल के तहत उनका इलाज होगा।'' मंत्रालय ने कहा कि मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) 12 नवंबर की मध्य रात्रि से अगले आदेश तक वैध रहेगी। मौजूदा दिशानिर्देशों के मुताबिक यदि यात्री टीके की पूरी खुराक ले चुके हैं और ऐसे देश से आ रहे हैं जिसके साथ भारत का विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से मंजूरी प्राप्त कोविड टीकों की स्वीकार्यता वाला व इसे परस्पर मान्यता देने वाला समझौता है तो उन्हें हवाईअड्डा से बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी और घर पर पृथक रहने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें आगमन के बाद 14 दिनों तक अपने स्वास्थ्य की स्व-निगरानी करनी होगी।
- नयी दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई अंतिम चरण में है और इस महामारी के पूरी तरह खत्म होने से पहले सुरक्षा उपायों को कम नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्यों से टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और 12 करोड़ से अधिक उन लाभार्थियों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया, जिन्हें टीके की दूसरी खुराक लेनी है। उन्होंने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि सभी वयस्कों को ‘हर घर दस्तक' अभियान के दौरान कोविड टीके की पहली खुराक मिले। मांडविया ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ डिजिटल बातचीत के दौरान कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा, ‘‘टीकाकरण के दो हथियार और सीएबी (कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार) इसके खिलाफ हमारी सबसे बड़ी रक्षा होगी और हमें इसे पूरी तरह खत्म होने से पहले अपने सुरक्षा उपायों को कम नहीं करना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि वर्तमान में 79 प्रतिशत वयस्क आबादी को टीके की पहली खुराक मिल चुकी है और 38 प्रतिशत को दूसरी खुराक भी मिल चुकी है। उन्होंने कहा, ‘‘बहु-हितधारकों के प्रयास हैं कि देश में कोई भी पात्र नागरिक कोविड-19 टीके के ‘सुरक्षा कवच' के बिना न रहे। आइए, हम देशभर के कोने-कोने तक पहुंचें और लोगों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हर घर दस्तक' अभियान के तहत दोनों खुराक लेने के लिए प्रेरित करें।'' स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के अनुसार उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जहां टीकाकरण रोग की गंभीरता को कम करता है, वहीं कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन यह सुनिश्चित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है कि देश द्वारा अब तक सामूहिक रूप से किए गए लाभ व्यर्थ नहीं जाये और कोविड-19 मामलों में कोई अन्य वृद्धि नहीं हो। बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड-19 के नियंत्रण और प्रबंधन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की भी समीक्षा की गई। मांडविया ने कहा कि व्यवहार परिवर्तन के लिए बच्चे सबसे अच्छे दूत हो सकते हैं। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पूर्ण टीकाकरण के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें (बच्चों) शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘बच्चों को अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को टीके की दोनों खुराक लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए।'' बयान के अनुसार मांडविया ने ‘हर घर दस्तक' अभियान को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रणनीतियों को दोहराया, जिसमें ‘प्रचार टोली' को गांवों में तैनात करना शामिल है। इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि सभी पात्र नागरिकों को टीका लगाया जाये। मांडविया ने कहा, ‘‘आइए, हम बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों आदि पर, विशेष रूप से बड़े महानगरों में कोविड टीकाकरण केंद्र शुरू करें, क्योंकि ये बड़ी संख्या में लोगों के शहर में प्रवेश करने के प्राथमिक बिंदु हैं। कुछ राज्यों ने 'रोको और टोको' अभियान शुरू किया है, जहां बसों, ट्रेनों, रिक्शा आदि से उतरने वाले यात्रियों को टीके की खुराक लेने के लिए प्रेरित किया जाता है।'' उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आगाह किया कि कोविड-19 खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि कोविड खत्म हो गया है। विश्व स्तर पर मामले बढ़ रहे हैं। सिंगापुर, ब्रिटेन, रूस और चीन में 80 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण के बावजूद मामले फिर से बढ़ रहे हैं। टीकाकरण और कोविड-उपयुक्त व्यवहार को साथ-साथ चलना चाहिए।'' बयान के अनुसार, राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों ने कोविड-19 प्रबंधन के लिए टीकों, दवाओं, वित्तीय और तकनीकी संसाधनों की आपूर्ति के लिए मांडविया का आभार व्यक्त किया। इसके अनुसार, मांडविया ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और उनसे दूसरों द्वारा किए जा रहे सर्वोत्तम उपायों को अपनाने का आग्रह किया।
- जौनपुर (उप्र)। उत्तर रेलवे के सुल्तानपुर -वाराणसी रेलखंड स्थित श्रीकृष्ण नगर रेलवे स्टेशन के पास बृहस्पतिवार सुबह सुल्तानपुर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय) की ओर जा रही मालगाड़ी की 21 बोगियां पटरी से उतर गईं। हालांकि, इस हादसे में जान माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। रेलवे के मुताबिक बोगियों के पलटने से जौनपुर-वाराणसी रेल मार्ग बाधित हो गया है। इस रूट की ट्रेनों को जगह-जगह पर खड़ा किया गया है। स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार यादव के अनुसार, मुगलसराय से कोयला लाने के लिए सुल्तानपुर से सुबह 06:58 बजे मालगाड़ी रवाना हुई. मालगाड़ी में 59 बोगी लगी थीं। मालगाड़ी श्रीकृष्ण नगर रेलवे क्रॉसिंग को पार करने के बाद सुबह 07:58 बजे उदपुर घाटमपुर के पास पहुंची थी। इस बीच अचानक कुछ बोगी पटरी से उतर गईं। रेल पथ निरीक्षक (जौनपुर) बृजेश यादव ने बताया कि घटना के कारण वाराणसी-लखनऊ वाया जफराबाद रेललाइन पर ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया है। घटना की सूचना उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। स्थानीय रेलवे के अधिकारी घटनास्थल की ओर रवाना हो गए है। इस बीच, हादसे की वजह, टूटी पटरी को बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक पटरी टूटी हुई थी, जिसकी वजह से मालगाड़ी की बोगियां पटरी से उतर गई। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है, लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी। इस बीच, इस रेलमार्ग को खोलने का काम भी शुरू कर दिया गया है। रेलवे की बड़ी क्रेन मौके पर पहुंच कर क्षतिग्रस्त डिब्बो को पटरी से हटाने के काम में लगी है।
- नयी दिल्ली।दक्षिण दिल्ली के छतरपुर इलाके में एक प्रॉपर्टी डीलर का शव बृहस्पतिवार की सुबह उसके घर से बरामद हुआ। मृतक के शरीर पर गोली लगने के निशान है। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान संजीव सेजवाल (36) के तौर पर हुई है जो लाडो सराय का रहने वाला था और प्रॉपर्टी डीलर का काम करता था। पुलिस ने बताया कि उन्हें तड़के करीब चार बजकर 45 मिनट पर एक महिला ने फोन किया, जिसने बताया कि छतरपुर के राजपुर जेएमडी एस्टेट बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर सेजवाल ने खुद को गोली मार ली है। उन्होंने बताया कि सेजवाल बुधवार रात करीब नौ बजे फ्लैट पर आये थे। उसके साथ कुछ और भी लोग थे और वे पार्टी कर रहे थे। अवर पुलिस उपायक्त (दक्षिण) मंधावा हर्ष वर्धन ने बताया, ‘‘सेजवाल मृत मिला और मौके से रिवाल्वर भी बरामद की गई है। घटनास्थल की फोरेंसिक जांच पूरी हो चुकी है।हम मामले की सभी कोण से जांच कर रहे हैं।'' पुलिस ने बताया कि सेजवाल के परिवार में पत्नी और बच्चे हैं। उनके सिर में गोली लगने का निशान था। मौके से कोई नोट नहीं मिला है।
- गुवाहाटी। असम के करीमगंज जिले में बृहस्पतिवार को छठ पूजा के बाद लौटते समय सीमेंट से लदे ट्रक और एक ऑटोरिक्शा की आमने-सामने की टक्कर में चार महिलाओं और दो बच्चों समेत दस लोगों की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह हादसा असम-त्रिपुरा राजमार्ग पर जिले के पाथरकांडी इलाके के बैठाखाल में हुआ। उन्होंने बताया कि ऑटोरिक्शा में सवार नौ यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक की मौत अस्पताल में हुई। उन्होंने कहा कि हादसे में ऑटोरिक्शा चालक की मौत हो गई जबकि ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से भाग गया। उन्होंने कहा कि उसे पकड़ने के लिए एक अभियान शुरू किया गया है। मृतकों की पहचान दूजा बाई पनिका, शालू बाई पनिका, गौरव दास पनिका, ललन गोस्वामी, शंभू दास पनिका, पूजा गौर, देव गौर, मांगली करमाकर, टोपू करमाकर और ऑटोरिक्शा चालक सोनूरी के रूप में हुई है। हादसे में मारे गये सभी लोग पाथरकांडी के लोंगई चाय बागान के रहने वाले थे। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने जिला प्रशासन को मृतकों के परिजनों को दुख की इस घड़ी में हर संभव मदद करने का निर्देश दिया है।
- गोंडा (उत्तर प्रदेश)। तीन साल के ब्रेक के बाद एक बार फिर प्रतिस्पर्धा पेश करने को तैयार पहलवान गीता फोगाट के पास प्रेरणा की कोई कमी नहीं है लेकिन वह अपनी दूसरी पारी को लेकर थोड़ी नर्वस हैं। अगले महीने 33 बरस की होने और पहले बच्चे के जन्म के बाद काफी लोगों ने गीता से कहा कि उनके लिए कुश्ती दोबारा पहले जैसी नहीं रहेगी क्योंकि पिछले तीन साल में ना सिर्फ खेल बल्कि उनकी शरीर भी बदल गया है। गीता हालांकि सफल वापसी के लिए प्रतिबद्ध हैं। और हो भी क्यों नहीं, आखिर महिला खिलाड़ियों के लिए मां बनने या अधिक उम्र के बाधा नहीं बनने के उदाहरण मौजूद हैं। यहां राष्ट्रीय चैंपियनशिप के साथ वापसी की तैयारी कर रही गीता ने कहा, ‘‘काफी लोग मुझे कहते हैं कि उम्र मेरे पक्ष में नहीं है। आपको पता है कि लोग कैसे होते हैं। वे मुझे ये चीजें कहते रहते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मारिया स्टेडनिक (अजरबेजान की) को देखिए। वह 33 साल से अधिक उम्र की है और दो बच्चों की मां है। उसके नाम चार ओलंपिक पदक और विश्व चैंपियनशिप में कई पदक हैं। अगर आपके पास फिटनेस है और आप एकाग्र हो तो आप कर सकते हो।'' गीता ने कहा, ‘‘मैंने अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत की है और खुद को एक बार फिर साबित करने का समय है।'' अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाप छोड़ने वाली भारत की शुरुआती महिला पहलवानों में शामिल रही गीता ने कहा कि खेल को छोड़ने के ख्याल से ही वह निराश हो जाती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपने करियर में काफी सफलता हासिल की लेकिन मुझे अब तक यह अहसास नहीं हुआ है कि खेल को छोड़ने का समय आ गया है। यह खेल मेरे खून में है। मैं 20 साल से ऐसा कर रही हूं।'' गीता ने कहा, ‘‘मन नहीं मानता छोड़ने का। खेल को छोड़ने के विचार से मैं डर जाती हूं। मेरे दिमाग में पेरिस ओलंपिक है।'' गीता ने पिछले कुछ हफ्ते अपने पति पवन सरोहा के रिश्तेदार द्वारा दिल्ली के चलाए जा रहे अखाड़े में बिताए। उन्होंने सिर्फ पुरुष पहलवानों के साथ ट्रेनिंग की जिसके फायदे और नुकसान दोनों हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उस अखाड़े में काफी मजबूत लड़कियां नहीं थी इसलिए मैंने वहां पुरुष पहलवानों के साथ ट्रेनिंग की। इसलिए मजबूती और स्टेमिना कोई मुद्दा नहीं है। मैं कह सकती हूं कि तीन साल पहले जब मैंने ब्रेक लिया था उसकी तुलना में अधिक फिट हूं।'' गीता ने कहा, ‘‘मैंने लड़कियों के साथ ट्रेनिंग नहीं की है इसलिए मुझे नहीं पता कि मैं अपनी प्रतिद्वंद्वियों के लिए मजबूत हूं या कमजोर। मुझे नहीं पता कि आज मेरे खेल की स्थिति क्या है। लड़कियों के साथ ट्रेनिंग करने पर ही सही आकलन होगा। राष्ट्रीय चैंपियनशिप से पहले स्टेमिना, फिटनेस और ट्रेनिंग अच्छी रही है।'' गीता ने स्वीकार किया कि महिला कुश्ती के स्तर में सुधार हुआ है और वह भारतीय टीम में सिर्फ संख्या बढ़ाने के लिए शामिल नहीं होती। उन्हें सम्मान दिया जाता है और खतरा माना जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में महिला कुश्ती के स्तर में काफी सुधार हुआ है। यह अब अलग स्तर पर है। कुश्ती अब तेज हो गई है। अब हम अपनी तकनीक को निखारने और समझदारी से खेलने पर अधिक ध्यान देते हैं। सरकार भी अब खिलाड़ियों का समर्थन कर रही है और इससे भी बड़ा अंतर पैदा हो रहा है।'
- नयी दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बृहस्पतिवार को एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया, जिसके माध्यम से विमानन नियामक डीजीसीए पायलट लाइसेंसिंग और मेडिकल जांच सहित अपनी 298 सेवाएं प्रदान करेगा। उन्होंने यहां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 'ई-जीसीए' लॉन्च करने के बाद कहा, ''ई-जीसीए प्लेटफॉर्म पर 298 सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं। इनमें से पहले दो चरण में 99 जबकि अगले दो चरणों में 198 सेवाएं शुरू की गईं। पहले चरणों में शुरू की गईं 99 सेवाओं में 70-75 प्रतिशत पायलट लाइसेंसिंग, चिकित्सा जांच, उड़ान प्रशिक्षण संगठनों को अनुमति देना और क्षेत्रीय कार्यालयों को मुख्यालय से जोड़ने से संबंधित हैं।'' उन्होंने कहा कि अगले दो चरणों में शुरू की गईं सेवाओं में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की शेष 30 प्रतिशत सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कई मायनों में ई-जीसीए डीजीसीए का पुनर्जन्म है।
- बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर मे सड़क किनारे पान के एक खोखे पर बेकाबू ट्रक चढ़ जाने से उसमें सो रहे दो भाइयों की मौत हो गयी। पुलिस के अनुसार, बृहस्पतिवार तड़के करीब पांच बजे शेरकोट-धामपुर मार्ग पर मौहल्ला अचारजान मे ब्रेक फेल होने के कारण एक ट्रक सड़क किनारे रखे पान के खोखे पर चढ़ गया। इस हादसे में शिवा (20) और उसका छोटा भाई अभिषेक (18) गंभीर रूप से घायल हो गये। दोनों को अस्पताल लाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। पुलिस ने ट्रक चालक और परिचालक को हिरासत मे ले लिया है।
- नयी दिल्ली। दिल्ली में डीडीएमए की रोक के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आईटीओ और सोनिया विहार के पास यमुना नदी के किनारे बने घाटों पर छठ पूजा की। सांसद मनोज तिवारी और परवेश वर्मा सहित भाजपा नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे। हालांकि, प्रशासन के लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की।भाजपा का संदर्भ देते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पार्टियों को त्योहार पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। वह स्वयं किदवई नगर और राजा बाजार इलाकों में आयोजित छठ पूजा में शामिल हुए। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने 30 सितंबर को अपने आदेश में यमुना किनारे सहित सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा समारोह के आयोजनों पर रोक लगा दी थी। हालांकि, भाजपा द्वारा प्रतिबंध के विरोध के बाद, डीडीएमए ने 29 अक्टूबर को अपने आदेश में यमुना के किनारे को छोड़कर ''निर्धारित स्थलों'' पर छठ समारोह मनाने की अनुमति दे दी थी।पश्चिमी दिल्ली से सांसद परवेश वर्मा आईटीओ के नजदीक यमुना घाट पर कृत्रिम तालाब में आयोजित छठ पूजा में शामिल हुए। उन्होंने यमुना घाट पर बड़ी संख्या में छठ पूजा कर रहे लोगों की तस्वीर के साथ ट्वीट किया, ''जय छठी मैया की। बस इन्हीं दृश्यों के लिए सारा संघर्ष किया। एक-एक मां-बहन को गेट के अंदर प्रवेश करवाया। सुरक्षा और सम्मान की चिंता की और सारी सुविधाएं मुहैया करवाई। हे मैया सब पर अपनी कृपा बनाए रखना।''उत्तर पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने सोनिया विहार में अपने समर्थकों के साथ छठ पूजा में हिस्सा लिया। इस मौके पर एसडीएम और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने उन्होंने रोकने की कोशिश की , लेकिन वह नहीं मानें। डीडीएमए के आदेश की अवहेलना पर जिला अधिकारियों ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री सत्येंद जैन, कैलाश गहलोत और गोपाल राय के साथ आप विधायक राघव चड्ढा ने भी पूजा के लिए निर्धारित विभिन्न घाटों का दौरा किया। केजरीवाल ने कहा, ''छठ पूजा आयोजन करने में कई बाधाएं थीं , लेकिन छठी मैया की कृपा से सभी बाधाओं को पार कर पाए।'' यमुना नदी के किनारे छठ पूजा पर रोक के बावजूद श्रद्धालु सुबह से ही नदी के किनारे पहुंचने लगे थे। उन्होंने शिकायत की कि पुलिस और सिविल डिफेंस के कर्मचारी उन्हें रोक रहे हैं।
- नयी दिल्ली। ग्लासगो में जारी संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के परिवहन दिवस के दिन बुधवार को भारत ने दोपहिया एवं तिपहिया वाहनों के भारी-भरकम बेड़े को शून्य-उत्सर्जन वाले वाहनों में बदलने की जरूरत पर बल दिया है। भारत सरकार की तरफ से नीति आयोग ने शून्य उत्सर्जन वाहन अंतरण परिषद के चौथे मंत्री-स्तरीय संवाद में शिरकत करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने की दिशा में भारत ने कई नीतिगत कदम उठाए हैं। एक दिन पहले ही भारत ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक खास पोर्टल ई-अमृत शुरू किया है। यहां पर इलेक्ट्रिक वाहनों के बारे में सारी सूचनाएं मिल जाएंगी। सरकार की तरफ से यहां जारी एक बयान के मुताबिक परिषद की बैठक में भारत ने कहा कि देश के कुल वाहनों में करीब 80 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले दोपहिया एवं तिपहिया वाहनों को भी शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों में बदलने में खास ध्यान देना होगा। बैठक में शामिल पक्षों ने सभी विकसित देशों से शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों की दिशा में अंतरण में सहयोग एवं समर्थन देने का अनुरोध किया।~
- नयी दिल्ली। दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 496 विद्यार्थियों ने इस साल नीट परीक्षा पास की है जिनमें से 51 छात्र एक ही स्कूल से हैं। अधिकारियों ने उक्त जानकारी दी। 720 में 700 अंक पाने वाले कुशाल गर्ग को नीट परीक्षा में 165वीं रैंक मिली है और एम्स में सीट भी मिली है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘वाह! दिल्ली के सरकारी स्कूल के इतने सारे छात्रों ने नीट परीक्षा पास की है। कुछ साल पहले तक इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। मैं छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देता हूं। साथ मिलकर आप सभी ने साबित कर दिखाया कि यह संभव है।'' उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी ट्वीट करके छात्रों को बधाई दी है।उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘दिल्ली के सरकारी स्कूल के छात्र कुशाल गर्ग ने इतिहास रचा। उन्होंने 720 में से 700 अंक प्राप्त किए हैं। ऑल इंडिया रैंक 165 और एम्स में सीट पक्का किया। पिता दसवीं पास बढ़ई हैं। मां 12वीं पास गृहिणी हैं। बधाई हो कुशाल। तुम पर गर्व है।'' सिसोदिया ने लिखा, नीट परीक्षा में दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों ने फिर रचा इतिहास। एक ही स्कूल के कुल 35 बच्चों में से 25 का नीट में चयन। यह है अरविंद केजरीवाल जी का शासन मॉडल। यह है असली राष्ट्र निर्माण। पूरे देश के लिए शिक्षा का मॉडल पेश कर रही दिल्ली की टीम-एजुकेशन को बधाई।'' उन्होंने लिखा है, ‘‘दिल्ली सरकार के स्कूलों में सिर्फ़ अच्छी बिल्डिंग और टीचर्स ट्रेनिंग का काम नही हुआ। आज पढ़ाई इतनी शानदार हो गई है कि नीट में टॉप सरकारी स्कूल देखिए - 1. यमुना विहार स्कूल - 51 छात्र। 2. पश्चिम विहार स्कूल -28 छात्र। 3. आईपी एक्टेंशन - 16 छात्र। 4. लोनी रोड स्कूल - 15 छात्र।~~
- नयी दिल्ली। सरकार ने विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) तथा निर्यातोन्मुख इकाइयों (ईओयू) से निर्यात किए जाने वाले उत्पादों पर शुल्क और करों की वापसी (आरओडीटीईपी) की दरें तय करने के लिए एक समिति का गठन किया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने बुधवार को यह जानकारी दी। सरकार ने अगस्त में निर्यात संवर्द्धन योजना आरओडीटीईपी के तहत 8,555 उत्पादों के लिए कर रिफंड की दरें तय की थीं। इनमें समुद्री उत्पाद, धागा और डेयरी वस्तुएं शामिल हैं। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में इस योजना के तहत रिफंड के लिए 12,454 करोड़ रुपये की राशि रखी है। एसईजेड और ईओयू को अगस्त में अधिसूचित योजना से बाहर रखा गया था। उद्योग जगत उन्हें भी इस योजना में शामिल करने की मांग कर रहा था। डीजीएफटी ने एक व्यापार नोटिस में कहा, सरकार ने ईओयू/एसईजेड के निर्यात के लिए आरओडीटीईपी दरें तय करने को एक समिति का गठन किया है।~~
- फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद शहर में एक प्रॉपर्टी डीलर का बदमाशों ने उसके घर के बाहर मर्डर कर दिया। वारदात के वक्त मृतक दूध लेकर घर लौट रहा था। तभी पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उस पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया तथा केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी।पुलिस ने बताया कि फरीदाबाद की जवाहर कॉलोनी निवासी 42 वर्षीय भगत सिंह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। बुधवार रात करीब 10 बजे वह दूध लेकर घर लौट रहे थे। तभी घर से 20 मीटर की दूरी पर पहले से ताक लगाए बैठे बदमाशों ने उन्हें दबोच कर ताबड़तोड़ तेजधार हथियार से हमला कर दिया। भगत की गर्दन पर वार किए गए, जिससे वह मौके पर ही लहुलुहान होकर गिर पड़े। चीखने की आवाज सुनकर भगत के बुजुर्ग पिता गुरदयाल सिंह व आसपास के लोग बाहर निकले, लेकिन उस वक्त तक बदमाश मौके से भाग गए थे। आसपास के लोगों ने भगत को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चैक की। पुलिस हमलावारों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
- इयर फोन लगाकर बात करते-करते ट्रैक पर पहुंच गया था, ट्रेन की आवाज नहीं सुन पायाप्रयागराज। प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एक कर्मचारी की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि देर रात को वह किसी नजदीकी से बात करते-करते घर के नजदीक रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया था। कानों में इयर फोन लगा होने से उसे अंदाजा ही नहीं रहा कि वह रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया है। इस दौरान ट्रेन आ गई। जब तक वह कुछ समझ पाता, पीछे से ट्रेन आ गई। सूचना पर पहुंची शिवकुटी पुलिस ने परिजनों को जानकारी दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। शिवकुटी पुलिस का कहना है किकुलदीप (20) पुत्र कमला रात में खाना खाने के बाद घर से कुछ दूर पर मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कॉलोनी में परिवार क्रॉसिंग के पास फोन पर किसी से बात कर रहा था। बात करते-करते कुलदीप रेलवे ट्रैक के किनारे पहुंच गया। इस दौरान ट्रेन आ गई। ट्रेन की आवाज नहीं सुन सका। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।पिता कमला के मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। पिता ने बताया कि कुलदीप तीसरे नंबर का बेटा था। वह मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कॉलोनी में परिवार में संविदा कर्मी था। पिता का कहना है कि वह खाना खाने के बाद टहलने निकला था। पुलिस से जानकारी के बाद हम लोगों को पता चला कि कुलदीप की मौत हो गई है।-
- अनियंत्रित होकर कार टीले से टकराई, गड्ढे में चली गईमुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर सिटी एसपी राजेश कुमार के इकलौते बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई। घटना वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र के हाजीपुर-मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग के दौलतपुर के पास की है। गुरुवार अहले सुबह 3 बजे अपनी कार से पटना से मुजफ्फरपुर जा रहा था। सामने से आ रही गाड़ी को बचाने में गड्ढे में कार पलट गई, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। गाड़ी में सवार एक और युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हाजीपुर सदर एसडीओपी राघव दयाल ने बताया कि सुबह ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दी। तब तक दोनों को अस्पताल पहुंचा दिया गया था। बाद में पता चला कि दुर्घटना में मुजफ्फरपुर सिटी एसपी राजेश कुमार के बेटे की मौत हुई है।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई। शव को बरामद कर पुलिस प्रशासन ने हाजीपुर सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं, घायल को इलाज के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल युवक की पहचान मधेपुरा जिला के साहूगढ़ वार्ड नंबर 5 मोरकाही टोला निवासी हरेराम यादव के बेटे अंगद कुमार के रूप में हुई। अंगद के मुताबिक वह मुजफ्फरपुर सिटी एसपी राजेश कुमार का बेटा राजवीर शेखर (20) के साथ पटना घूमने गया था। अहले सुबह 3 बजे मुजफ्फरपुर लौटने के क्रम में हादसा हो गया। सामने से एक तेज रफ्तार गाड़ी आ रही थी। उसे बचाने के क्रम में कार सड़क के किनारे चली गई। गाड़ी साइड पर होने के कारण अनियंत्रित हो गई और एक टीले से टकराकर गड्ढे में चली गई।मुजफ्फरपुर के टाउन डीएसपी रामनरेश पासवान घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। वहीं, उनके साथ वैशाली एसपी मनीष भी पहुंचे। मुजफ्फरपुर एसएसपी जयंतकांत ने घटना को लेकर दुख प्रकट किया है।--
- चंदौली। पुलिस ने गुड्डू चौहान हत्याकांड का खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि चंदौली में अपने चाचा और मां के अवैध संबंध से नाराज युवक ने अपने जीजा के साथ मिलकर अपने चाचा को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और हल्की बारिश के दौरान सोते समय चाचा के सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। घटना 20 जुलाई 2021 की है।मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि आरोपी भतीजा राजेश चौहान और आरोपी के जीजा जोगेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है। असलहा आरोपी ने कुएं में छुपा दिया था, जिसमें काफी पानी होने कारण असलहा पुलिस अभी बरामद नहीं कर पाई है।पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि दरअसल, अलीनगर थाना क्षेत्र के काशीपुरा निवासी गुड्डू चौहान जो की पेशे से मिस्त्री था। उसका अवैध संबंध उसके भाई की पत्नी से हो गया था। जब यह बात मृतक गुड्डू चौहान के भतीजे आरोपी राजेश चौहान को पता चली की उसकी मां का अवैध संबंध उसके चाचा से है तो आरोपी राजेश काफी नाराज हुआ और उसने लोक लाज के डर से अपने चाचा गुड्डू चौहान को बहुत समझाया, लेकिन गुड्डू चौहान नहीं माना और शराब पीकर आए दिन गाली गलौज करता और आरोपी राजेश चौहान की मां को लेकर अपशब्द भी कहता। समाज में हो रही बेज्जती के कारण आरोपी राजेश अंदर ही अंदर बदला लेने की फिराक में जुट गया। उसने पूरा घटनाक्रम अपने जीजा बबुरी थाना क्षेत्र के कुटियापर निवासी आरोपी जोगेंद्र चौहान को बताया, जिसपर आरोपी जोगेंद्र चौहान ने आरोपी राजेश से कहा कि इतनी बड़ी बात है तो गुड्डू चौहान को रास्ते से हटाना होगा। आरोपी राजेश चौहान और उसके जीजा आरोपी जोगेंद्र चौहान ने गुड्डू चौहान को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। इसके तहत जीजा आरोपी जोगेंद्र चौहान ने फरवरी 2021 में एक तमंचा लाकर आरोपी राजेश चौहान को दिया और कहा कि मौका मिलते ही गुड्डू चौहान की हत्या कर दो। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि 20 जुलाई 2021 को आरोपी राजेश और उसका जीजा आरोपी जोगेंद्र मिस्त्री का काम खत्म करके आरोपी राजेश के घर पहुंचे। इस दौरान गुड्डू चौहान का अपने परिजनों से शराब पीने के बाद गाली गलौज और कहा सुनी हो गई, जिससे वह घर से निकल कर पास में खेत में बने मचान पर सोने चला गया। रात को जब बारिश हो रही थी और आकाश में तेज बिजली कड़क रही थी। तभी मौका देखकर आरोपी राजेश तमंचा लेकर खेत में बने मचान के पास पहुंचा और मचान पर मच्छरदानी लगाकर चारपाई पर सो रहे गुड्डू चौहान के सर में तमंचा सटाकर गोली मार दी और वापस घर में आकर छिप गया। पुलिस इस मामले के खुलासे में लगातार लगी हुई थी। मामले के खुलासे को लेकर सर्विलांस टीम, स्वाट टीम और अलीनगर पुलिस को लगाया गया था। अंतत: काफी प्रयास के बाद अलीनगर पुलिस ने इस मामले को सुलझाने में सफलता पाई।
- नयी दिल्ली। देशभर में 733 जिलों के 1.23 लाख स्कूलों के 38 लाख से अधिक छात्र शुक्रवार को राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) में भाग लेंगे। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। हर तीन साल में आयोजित होने वाले इस सर्वेक्षण में छात्रों द्वारा तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा के स्तर पर विकसित दक्षताओं का आकलन किया जाता है। एनएएस पिछली बार वर्ष 2017 में आयोजित किया गया था और इसे 2020 में होना था। हालांकि, कोविड-19 महामारी के कारण सर्वेक्षण को इस साल तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, '' उम्मीद है कि 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 733 जिलों में लगभग 1.23 लाख स्कूल के 38 लाख से अधिक छात्र सर्वेक्षण में शामिल रहेंगे। एनएएस तीसरी और पांचवी कक्षा के लिए भाषा, गणित और ईवीएस में आयोजित किया जाएगा जबकि आठवीं कक्षा के लिए भाषा, गणित, विज्ञान व सामाजिक विज्ञान तथा 10वीं कक्षा के लिए भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और अंग्रेजी में आयोजित किया जाएगा।'' अधिकारी ने कहा कि ये परीक्षण 22 भाषाओं में आयोजित किये जाएंगे, जिनमें असमी, बंगाली, अंग्रेजी गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, मिजो, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, उर्दू, बोडो, गारो, खासी, कोंकणी, नेपाली, भूटिया और लेप्चा शामिल हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सर्वेक्षण के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति का गठन किया है।





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