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- भुवनेश्वर. ओडिशा सरकार ने नव वर्ष पर शांतिपूर्ण तरीके से पार्टियां और पिकनिक आयोजित करने के लिए मंगलवार को कुछ दिशानिर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों को कार्यालय परिसर के अंदर नव वर्ष का जश्न नहीं मनाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने कहा कि 31 दिसंबर को रात 12 बजे के बाद बार या क्लबों में किसी भी प्रकार की पार्टी की अनुमति नहीं होगी। नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय एक जनवरी को सामान्य कार्यदिवस की तरह ही कार्य करेगा। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि वे केवल शुभकामनाएं देने के लिए ही कार्यालय न जाएं। एक पोस्ट में मांझी ने ओडिशा की जनता के स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा, “जो लोग मेरे सरकारी आवास पर बधाई देने आएंगे, उनसे मेरा विनम्र निवेदन है कि वे कोई उपहार या फूलों का गुलदस्ता न लाएं। मेरी एकमात्र आकांक्षा आपका स्नेह और आशीर्वाद है।” मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया है, “सरकारी कार्यालय परिसर में सभी प्रकार के समारोह, बैठकें, दावतें और पार्टियां आयोजित करना बिल्कुल निषिद्ध है।” बयान में कहा गया है कि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। पुलिस आयुक्त एस देव दत्ता सिंह ने भुवनेश्वर और कटक के नागरिकों से अनुशासन बनाए रखने का अनुरोध किया है, क्योंकि पुलिस उपद्रव को कतई नहीं बर्दाश्त करेगी। पुलिस आयुक्त ने कहा, ‘‘रात 12 बजे के बाद संगीत पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा और किसी भी स्थान पर डीजे की अनुमति नहीं होगी।'' उन्होंने कहा कि निर्धारित समय के बाद जश्न मनाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।सिंह ने कहा कि पुलिस ने ‘जीरो नाइट' समारोह आयोजन स्थलों की एक सूची तैयार कर ली है और आयोजकों को थाने से पूर्व अनुमति लेनी होगी एवं कार्यक्रम का पूरा विवरण प्रस्तुत करना होगा। पुलिस ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में सड़क किनारे मंच और सार्वजनिक प्रदर्शनों की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस बीच, पुरी पुलिस ने अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती करके व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है।
- नयी दिल्ली. केंद्र सरकार द्वारा मंगलवार को नौकरशाही में किए गए एक बड़े फेरबदल के तहत वरिष्ठ नौकरशाह लव अग्रवाल को विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) का प्रमुख नियुक्त किया गया। अग्रवाल आंध्र प्रदेश कैडर के 1996 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं। वह वर्तमान में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव हैं। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन विदेश व्यापार महानिदेशालय के महानिदेशक के रूप में अग्रवाल की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। सहकारिता मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव रबींद्र कुमार अग्रवाल भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक होंगे। वह वर्तमान अध्यक्ष आशुतोष अग्निहोत्री का स्थान लेंगे, जिन्हें अब पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। विद्युत मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव श्रीकांत नागुलपल्ली को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में हाइड्रोकार्बन का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। आदेश में कहा गया है कि 1992 बैच के भारतीय रक्षा लेखा सेवा अधिकारी सुचिंद्र मिश्रा वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव होंगे। राष्ट्रपति सचिवालय में अतिरिक्त सचिव राकेश गुप्ता को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। उर्वरक विभाग में अतिरिक्त सचिव अनीता सी मेश्राम को गुप्ता के स्थान पर राष्ट्रपति सचिवालय में स्थानांतरित किया गया है। पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी दिलीप कुमार कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय में महानिदेशक (प्रशिक्षण) होंगे और श्यामल मिश्रा को दूरसंचार विभाग में प्रशासक (डिजिटल भारत निधि) नियुक्त किया गया है। आदेश में कहा गया है कि कैरलिन खोंगवार देशमुख को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव, सोनल मिश्रा को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) और निरंजन कुमार सुधांशु को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। इस फेरबदल के तहत 25 नौकरशाहों को विभिन्न केंद्रीय सरकारी विभागों में नियुक्त किया गया है।आर्थिक मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव सोलोमन अरोकियाराज को कैबिनेट सचिवालय में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने दो अधिकारियों को भारत सरकार के सचिव के पद और वेतनमान के अंतर्गत विशेष सचिव के स्तर पर यथास्थान पदोन्नत करने को भी मंजूरी दे दी है।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक जनवरी को 'स्किल इंडिया' मिशन की पहल 'एसओएआर... एआई के लिए लिए कौशल तैयारी' के तहत आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार यह कार्यक्रम भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। यह एआई आधारित भविष्य के लिए कार्यबल को तैयार करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राष्ट्रपति छात्रों और संसद सदस्यों सहित शिक्षार्थियों को कृत्रिम मेधा (एआई) के प्रमाणपत्र प्रदान करेंगी और भविष्य-उन्मुख कौशल कार्यक्रमों में अधिक युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय जागरूकता अभियान 'स्किल द नेशन चैलेंज' की शुरुआत करेंगी। कार्यक्रम के तहत एमएसडीई राष्ट्रपति भवन में 'एआई फॉर बिगिनर्स' विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित करेगा। यह सत्र एक संक्षिप्त संवादात्मक शिक्षण मॉड्यूल होगा, जिसे मंत्रालय के प्रमुख एआई कौशल साझेदार गूगल के सहयोग से एक विश्व प्रसिद्ध एआई विशेषज्ञ द्वारा संचालित किया जाएगा। राष्ट्रपति ओडिशा में रायरंगपुर स्थित इग्नू क्षेत्रीय केंद्र का वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये उद्घाटन भी करेंगी।
- नयी दिल्ली. देश भर से 898 लड़कियों सहित कुल 2,406 एनसीसी कैडेट मंगलवार से शुरु हुए राष्ट्रीय कैडेट कोर के गणतंत्र दिवस शिविर 2026 में भाग ले रहे हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 'यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम' (वाईईपी) के तहत 25 मित्र देशों के कैडेट और अधिकारी भी समारोह में भाग लेने वाले हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एनसीसी के गणतंत्र दिवस शिविर 2026 की शुरुआत दिल्ली छावनी स्थित करियाप्पा परेड ग्राउंड में 'सर्व धर्म पूजा' के साथ हुयी। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस शिविर में "28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों से आईं 898 महिला कैडेट सहित कुल 2,406 कैडेट भाग ले रहे हैं, जो अब तक की सबसे अधिक संख्या है।" एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने कैडेट का स्वागत किया और उन्हें प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस शिविर के लिए चुने जाने पर बधाई दी।
- नयी दिल्ली. नये साल के जश्न के लिए कनॉट प्लेस में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को परामर्श जारी कर 31 दिसंबर की शाम सात बजे से क्षेत्र में निजी और सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने भी सूचित किया है कि कनॉट प्लेस स्थित राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के निकास द्वार रात नौ बजे के बाद बंद रहेंगे। पुलिस ने बताया कि नये साल के स्वागत के लिए कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए पैदल यात्रियों और वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। परामर्श के अनुसार, यातायात प्रतिबंध 31 दिसंबर की शाम सात बजे से लागू होंगे और जश्न की समाप्ति तक प्रभावी रहेंगे। ये प्रतिबंध विशेष अनुमति प्राप्त वाहनों को छोड़कर सभी निजी और सार्वजनिक परिवहन वाहनों पर लागू होंगे। पुलिस के मुताबिक, मंडी हाउस, बंगाली मार्केट, पटेल चौक, गोल मार्केट, जीपीओ और कस्तूरबा गांधी मार्ग-फिरोजशाह रोड चौराहे, जय सिंह रोड-बंगला साहिब लेन और विंडसर प्लेस जैसे निर्धारित बिंदुओं से आगे किसी भी वाहन को कनॉट प्लेस की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। परामर्श में कहा गया कि वैध प्रवेश पास वाले वाहनों को छोड़कर, कनॉट प्लेस के अंदरूनी, मध्य या बाहरी सर्किल में वाहनों के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इंडिया गेट पर भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए ओ-पॉइंट, डब्ल्यू-पॉइंट, एमएलएनपी और सुनहरी मस्जिद गोल चक्कर, कर्तव्य पथ-रफी मार्ग, मथुरा रोड-पुराना किला रोड, शेर शाह रोड और जाकिर हुसैन मार्ग जैसे स्थलों पर भी यातायात को प्रतिबंधित किया जा सकता है या उनके मार्ग में परिवर्तन किया जा सकता है। यातायात पुलिस ने उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम आवाजाही के लिए रिंग रोड, मथुरा रोड, रानी झांसी मार्ग, पचकुइयां रोड, मंदिर मार्ग और मदर टेरेसा क्रिसेंट जैसे वैकल्पिक मार्गों के उपयोग का सुझाव दिया है। कनॉट प्लेस क्षेत्र में पार्किंग के लिए काली बाड़ी मार्ग, पंडित पंत मार्ग, भाई वीर सिंह मार्ग, रकाब गंज रोड, कॉपरनिकस मार्ग, बाबर रोड, तानसेन मार्ग, विंडसर प्लेस और रायसीना रोड जैसे स्थानों को चिह्नित किया गया है। पुलिस ने कहा है कि पार्किंग ‘पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर उपलब्ध होगी और अनधिकृत पार्किंग करने पर वाहन को जब्त किया जाएगा तथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दक्षिण दिल्ली में साकेत स्थित सिलेक्ट सिटीवॉक, डीएलएफ एवेन्यू और एमजीएफ मेट्रोपॉलिटन जैसे लोकप्रिय मॉल में नये साल के जश्न के मद्देनजर यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे। दिल्ली यातायात पुलिस के अनुसार, 31 दिसंबर और 1 जनवरी को दोपहर दो बजे से प्रेस एन्क्लेव रोड के साथ-साथ साकेत और पुष्प विहार की आंतरिक सड़कों पर यातायात के मार्ग बदले रहेंगे। इसके अलावा, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर शेख सराय रेड लाइट, महरौली-बदरपुर रोड पर एशियन मार्केट रेड लाइट और श्री अरबिंदो मार्ग पर पीटीएस मालवीय नगर लाइट से भी यातायात को अन्य मार्गों पर मोड़ा जाएगा। पुलिस के अनुसार, शेख सराय से हौज रानी के बीच सड़क के सभी 'कट' बंद रहेंगे। साथ ही, प्रेस एन्क्लेव रोड पर भारी वाहनों और डीटीसी व क्लस्टर बसों के चलने पर पाबंदी होगी। इसके अलावा, डीटीसी और क्लस्टर बसों को एमबी रोड से पुष्प विहार की ओर जाने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी। यात्रियों को इन प्रभावित सड़कों से बचने और अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी गई है। लोग अपनी मंजिल के हिसाब से खानपुर टी-पॉइंट, एमबी रोड, लाडो सराय, चिराग दिल्ली और टीबी अस्पताल जंक्शन जैसे वैकल्पिक रास्तों का उपयोग कर सकते हैं। एक अन्य परामर्श में दिल्ली यातायात पुलिस ने कहा कि नये साल के दौरान श्री माता झंडेवालान मंदिर में भारी भीड़ होने के कारण 31 दिसंबर और 1 जनवरी को रानी झांसी रोड और पहाड़गंज क्षेत्र के आसपास के रास्तों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पुलिस ने वाहन चालकों को व्यस्त समय के दौरान रानी झांसी रोड से यात्रा करने बचने और डीबीजी रोड, न्यू रोहतक रोड जैसे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने का सुझाव दिया है। पुलिस ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का आग्रह किया है क्योंकि कनॉट प्लेस और इंडिया गेट के पास पार्किंग की जगह बेहद सीमित होगी। यात्रियों से यातायात कर्मियों के निर्देशों का पालन करने का भी अनुरोध किया गया है।
- मथुरा (उप्र) . नववर्ष के उपलक्ष्य में मथुरा में एक स्थानीय बार में फिल्म अभिनेत्री सनी लियोनी का प्रस्तावित कार्यक्रम साधु-संतों के विरोध के बाद रद्द कर दिया गया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास की ओर से भी जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कार्यक्रम न होने देने का अनुरोध किया गया था। आयोजकों के मुताबिक, सनी लियोनी को एक कार्यक्रम में शामिल होना था जहां एक जनवरी को उन्हें ‘डीजे' (डिस्क जॉकी) के तौर पर प्रस्तुति देनी थी। श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के दिनेश फलाहारी ने कहा, ‘‘हमने जिला मजिस्ट्रेट को पत्र लिखा है। भगवान कृष्ण ने यहां लीला की थी। संत यहां पूजा पाठ करने आते हैं। ऐसे स्थान पर सनी लियोनी को एक कार्यक्रम के लिए आमंत्रित कर कुछ लोग बृज भूमि और सनातन धर्म को बदनाम करना चाहते हैं।'' इन आपत्तियों पर जवाब देते हुए सनी लियोनी के कार्यक्रम के आयोजकों में से एक और ‘द ट्रंक बार' के साझेदार मिथुल पाठक ने कहा, ‘‘स्थानीय संतों की भावनाओं का सम्मान करते हुए हमने सनी लियोनी का कार्यक्रम निरस्त करने का निर्णय किया है। हम टिकट के पैसे वापस कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा गलत सूचनाएं फैलाई गईं हैं। सनी एक डीजे के तौर पर प्रस्तुति देने आ रही थीं और इस कार्यक्रम में केवल टिकट के जरिए प्रवेश की अनुमति थी। पाठक ने यह भी कहा कि सनी लियोनी भारत में हर जगह प्रस्तुति दे रही हैं तो क्या हर जगह उनका विरोध किया जाता है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास को निशाना बनाए जाने की खबरों पर मंगलवार को ‘‘गहरी चिंता'' जताई और रूस एवं यूक्रेन से शत्रुता समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘रूसी संघ के राष्ट्रपति के आवास को निशाना बनाए जाने की खबरें बहुत चिंताजनक हैं।'' रूस ने सोमवार को दावा किया कि लंबी दूरी के 91 यूक्रेनी ड्रोन ने मॉस्को के उत्तर में नोवगोरोड क्षेत्र में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के स्थायी आवास पर हमला करने का प्रयास किया। मोदी ने कहा कि जारी कूटनीतिक प्रयास शत्रुता समाप्त करने और शांति हासिल करने की दिशा में सबसे व्यावहारिक रास्ता मुहैया कराते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम सभी संबंधित पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे इन प्रयासों पर ध्यान केंद्रित रखें और ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचें जो इन्हें कमजोर कर सकती है।''
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आगामी बजट पर विचार-विमर्श करने के लिए प्रख्यात अर्थशास्त्रियों और क्षेत्र विशेषज्ञों से मंगलवार को मुलाकात की। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह बैठक पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई जो अभी तक जारी है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, नीति आयोग के वाइस चेयरमैन सुमन बेरी, नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बीवीआर सुब्रह्मण्यम, आयोग के अन्य सदस्य, कई अर्थशास्त्री तथा क्षेत्रीय विशेषज्ञ इस बैठक में मौजूद हैं। निर्मला सीतारमण एक फरवरी को 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश कर सकती हैं। -
कोलकाता. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार चुनावी लाभ के लिए बांग्लादेशियों की घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है जिससे पिछले कुछ वर्षों में राज्य की जनसांख्यिकी "खतरनाक रूप से बदल गई" है। कोलकाता में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग घुसपैठ को लेकर चिंतित हैं और भाजपा 2026 में राज्य में दो-तिहाई बहुमत से सत्ता में आने के बाद इसे समाप्त करेगी। उन्होंने कहा, "हम न केवल घुसपैठियों की पहचान करेंगे, बल्कि उन्हें बाहर भी निकालेंगे। 15 अप्रैल, 2026 के बाद बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी, क्योंकि जनता ने अपना मन बना लिया है।" शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा आवश्यक भूमि उपलब्ध न कराए जाने के कारण केंद्र सरकार भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा नहीं कर पाई है। शाह ने कहा कि सत्ता में आने के बाद पार्टी पूर्वी सीमाओं से घुसपैठ रोकेगी और बंगाल का पुनरुद्धार सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा, "भाजपा पश्चिम बंगाल में दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी।" शाह ने कहा कि मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया से मतुआ समुदाय के लोगों को डरने की कोई जरूरत नहीं है। शाह ने कहा, ‘‘ हमारा यह संकल्प है कि धार्मिक उत्पीड़न का शिकार हुए सभी शरणार्थियों को देश में शरण दी जाएगी। ममता बनर्जी भी मतुआ समुदाय को नुकसान नहीं पहुंचा सकतीं।'' शाह ने आरोप लगाया कि तृणमूल ने भय और हिंसा की राजनीति में वामपंथियों को भी पीछे छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसा माना जाता था कि कम्युनिस्टों की हार के बाद हिंसा और बदले की राजनीति खत्म हो जाएगी लेकिन इन्होंने कम्युनिस्टों को भी पीछे छोड़ दिया है। अब तक 300 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। 3,000 से अधिक भाजपा कार्यकर्ता अब भी अपने घरों को नहीं लौट पाए हैं। उन पर दबाव डाला जा रहा है कि उन्हें तभी घर जाने दिया जाएगा जब वे तृणमूल का झंडा लेकर चलेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल की जनता ने भय, भ्रष्टाचार और कुशासन के स्थान पर सुशासन को चुनने का संकल्प लिया है।'' शाह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व गिरावट आई है और 7,000 से अधिक उद्योग पलायन कर गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल की जनता ने कांग्रेस, वामपंथी और तृणमूल को सत्ता संभालने का मौका दिया है, अब मैं उनसे भाजपा को मौका देने की अपील करता हूं। -
जम्मू. सेना की ‘टाइगर डिवीजन' ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की हीरक जयंती के अवसर पर 1,212 किलोमीटर की साइकिल यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक बयान में रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि यह यात्रा जम्मू से शुरू होकर हिमाचल प्रदेश के केलांग तक गई और फिर विविध व कठिन मार्गों को पार कर वापस जम्मू लौटकर पूरी हुई। बयान के अनुसार, इस यात्रा ने सैनिकों की शारीरिक सहनशीलता, मानसिक दृढ़ता और संकल्प की कड़ी परीक्षा ली। इसके साथ ही, इस अभियान ने उनके भीतर अनुशासन, सामूहिक कार्यक्षमता और साहस की भावना को और अधिक मजबूत किया। अधिकारी ने बताया कि यात्रा के दौरान साइकिल टीम ने कई स्थानों पर पूर्व सैनिकों और स्कूल के छात्रों से बातचीत की। इन मुलाकातों से पूर्व सैनिकों की निस्वार्थ सेवा को सम्मानित करने का अवसर मिला, साथ ही इसने सेना के मूल्यों, परंपराओं तथा विरासत को साझा कर युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह साइकिल अभियान 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के नायकों के साहस और बलिदान को एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है। इसके साथ ही, यह 'टाइगर डिवीजन' की शारीरिक उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को भी पुनः स्थापित करता है।
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केंद्रपाड़ा (ओडिशा) हिमालयी क्षेत्र से प्रवासी पक्षियों ने ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में स्थित भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान के आर्द्रभूमि स्थलों में जत्थों में पहुंचना शुरू कर दिया है। भितरकनिका के आर्द्रभूमि क्षेत्र एक बार फिर ठंडे उत्तरी गोलार्ध से आने वाले पक्षियों के लिए एक अनुकूल और मानव हस्तक्षेप से मुक्त शीतकालीन आवास के रूप में उभरे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि सर्दियों के महीनों में ठंडी जलवायु परिस्थितियां इन प्रवासी प्रजातियों को अपने मूल निवास स्थल को अस्थायी रूप से छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। ओडिशा के चिल्का और भितरकनिका आर्द्रभूमि स्थल इन प्रवासी पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना है। अधिकारी के अनुसार, सर्दियों में आने वाले इन प्रवासी पक्षियों के विभिन्न जत्थों ने सतभैया, हवेलीखाती, एकाकुला और रायपतिया के जलस्रोतों और खाड़ियों में डेरा डालना शुरू कर दिया है। इन पक्षियों का आवास क्षेत्र लगभग दस किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। इस बार भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में पहुंचने वाले प्रमुख प्रवासी पक्षियों में इंडियन स्किमर्स, ग्रे पेलिकन, ‘लेसर एडजुटेंट' (गरूड़ प्रजाति का छोटा रूप) और ग्रेटर स्पॉटेड ईगल शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि यहां देखे गए इन पक्षियों को अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) की ‘रेड बुक' में संकटग्रस्त प्रजातियों में शामिल किया गया है इनके अलावा, इस बार देखे गए अन्य प्रमुख पक्षियों में काली पूंछ वाली चंचुकी (ब्लैक-टेल्ड गॉडविट), उत्तरी सींकपर, ‘लेसर व्हिसलिंग डक', ‘ग्रे प्लोवर', ‘एग्रेट स्पॉटेड बिल्स', ओरिएंटल डार्टर, ‘व्हाइट बेली सीगल' और काली गर्दन वाला सारस शामिल हैं। ये प्रवासी पक्षी उत्तरी गोलार्ध और लद्दाख जैसे ठंडे स्थानों से यहां पहुंच रहे हैं। ये पक्षी अपने शीतकालीन प्रवास के लिए भितरकनिका के आर्द्रभूमि क्षेत्र को इसलिए चुनते हैं क्योंकि यहां का अद्वितीय पारिस्थितिकी तंत्र और शांत वातावरण उनके रहने के लिए पूरी तरह अनुकूल है।
- गुवाहाटी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को गुवाहाटी पुलिस आयुक्त कार्यालय के 111 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नये भवन और शहर के लिए 2,000 सीसीटीवी कैमरों वाली निगरानी प्रणाली का उद्घाटन किया। शाह ने नवनिर्मित पुलिस आयुक्त कार्यालय में आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा आपराधिक कानूनों पर लगायी गयी एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। यहां एक सरकारी समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री ने इन दो परियोजनाओं का अनावरण किया जिनपर कुल 292 करोड़ रुपये का खर्च आया है। गुवाहाटी पुलिस आयुक्त का 10 मंजिला कार्यालय भवन 111 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है और यह खानपारा क्षेत्र में स्थित है। इस भवन में गुवाहाटी पुलिस की सभी शाखाएं होंगी तथा इसमें 400 अधिकारियों के बैठने की क्षमता के अलावा एक पुस्तकालय और एक अभिलेखागार भी होगा। उद्घाटन समारोह में शाह के साथ मौजूद रहे असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बाद में ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘असम की पुलिस व्यवस्था को अगले स्तर पर ले जाते हुए अमित शाह ने गुवाहाटी में पुलिस आयुक्त के नए भवन का उद्घाटन किया।'' उन्होंने कहा कि यह अत्याधुनिक और पर्यावरण अनुकूल पुलिस केंद्र कार्यकुशलता को बढ़ावा देगा तथा राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसी को जनता की और भी बेहतर सेवा करने में और सक्षम बनाएगा। शर्मा के साथ-साथ केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल भी इस समारोह में उपस्थित थे। समारोह के दौरान, शाह ने नए पुलिस आयुक्त भवन के अंदर ‘इंटेलिजेंस सिटी सर्विलांस सिस्टम' (आईसीएसएस) का भी उद्घाटन किया। आईसीएसएस को तैयार करने में 181 करोड़ रुपये का खर्च आया है। इस सिस्टम के अंतर्गत उन्नत कमान और डेटा सुविधा - एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) - की स्थापना की गई है। इस परियोजना को गुवाहाटी स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने अमलीजामा पहनाया है। इस यूनिट में 2,000 सीसीटीवी कैमरे और 60 नागरिक सुरक्षा एवं ‘अलर्ट सिस्टम' लगे हैं, जिससे पूर्वोत्तर के इस सबसे बड़े शहर की समग्र सुरक्षा व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। निगरानी प्रणाली पर टिप्पणी करते हुए शर्मा ने कहा, ‘‘अमित शाह द्वारा इंटेलिजेंस सिटी सर्विलांस सिस्टम का उद्घाटन किये जाने साथ ही, गुवाहाटी अब 2000 से अधिक कैमरों, उन्नत कमान और डेटा सुविधाओं और मजबूत नागरिक सुरक्षा प्रणालियों से सुसज्जित है।'' उन्होंने कहा कि यह पूरी व्यवस्था सभी के लिए एक सुरक्षित और स्मार्ट शहर की दिशा में एक बड़ा कदम है।असम पुलिस की सीआईडी ने जनता में नए कानूनों के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से 'नवीन न्याय संहिता पर प्रदर्शनी' का आयोजन किया है। इस प्रदर्शनी में नए अधिनियमित कानूनों की प्रमुख विशेषताओं, उद्देश्यों और कार्यान्वयन को भी प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय के अनुसार, नवीन न्याय संहिता के कार्यान्वयन के मामले में असम लगातार सभी राज्यों में प्रथम स्थान पर रहा है। एनसीएलआई डैशबोर्ड में असम ने 81.20 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत स्कोर 57.02 प्रतिशत है।'' उसने कहा कि असम पीएम गति शक्ति पोर्टल में सभी थानों की शतप्रतिशत 'जियो फेंसिंग' हासिल करने वाला पहला राज्य है और एमसीयू में डीएनए सैंपल दर्ज करने वाला भी पहला राज्य है। असम के इस शहर को एक जनवरी, 2015 को अपना पहला पुलिस आयुक्त मिला। इससे पहले, शहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी एक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पास थी। तब से गुवाहाटी पुलिस आयुक्त का कार्यालय विभिन्न स्थलों से अस्थायी रूप से संचालित हो रहा है। स्थायी भवन मिलने से पहले इसने कई बार अपना पता बदला है और अब तक तीन अलग-अलग सरकारी कार्यालयों का उपयोग किया है। आज इसके लिए स्थायी भवन का उद्घाटन शाह ने किया। नवनिर्मित पर्यावरण-अनुकूल भवन में शत-प्रतिशत वर्षा जल संचयन की सुविधा के साथ-साथ जल शोधन और मलजल शोधन संयंत्र और 42.3 किलोवाट बिजली उत्पन्न करने के लिए सौर पैनल भी लगे हैं। शर्मा ने पांच जनवरी, 2023 को नए पुलिस आयुक्त कार्यालय के निर्माण की आधारशिला रखी थी। इसे 24 महीनों में 95 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाना था, जो अब बढ़कर 111 करोड़ रुपये हो गया है।
- नयी दिल्ली. देश के खुदरा परिदृश्य में 2025 में बुनियादी बदलाव आया है और पारंपरिक ई-कॉमर्स तथा क्विक कॉमर्स के एकीकरण ने योजनाबद्ध खरीदारी एवं तत्काल जरूरतों के बीच का दायरा लगभग मिटा दिया है। शुरुआत में 10 मिनट में किराना सामान पहुंचाने की एक प्रयोगात्मक पहल से शुरू हुई यह कहानी आज बहु-अरब डॉलर के बुनियादी ढांचे में बदल चुकी है जिसके जरिये अब महंगे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों से लेकर घरेलू उपकरणों तक कुछ ही मिनट में पहुंचाए जा रहे हैं। सिर्फ एक कैलेंडर वर्ष में ही भारतीय उपभोक्ता का नजरिया बदल गया है जो अब यह नहीं सोचता की ‘क्या यह पहुंचेगा?', बल्कि अब वह यह सोचता है कि यह ‘कितने मिनट में पहुंचेगा?'। वर्ष के अंत के साथ उपलब्ध आंकड़े दिखाते हैं कि यह क्षेत्र बेहद तेज रफ्तार में आगे बढ़ रहा है। रेडसीयर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, क्विक कॉमर्स (त्वरित वाणिज्य) भारत का सबसे तेजी से बढ़ने वाला खुदरा प्रारूप बन गया है। इसके 150 से अधिक शहरों में 3.3 करोड़ मासिक उपभोक्ता हैं। वर्ष 2030 तक कुल ब्रांडेड खुदरा बिक्री में इसकी हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत होने का अनुमान है। घरेलू आय में वृद्धि और सहूलियत को प्राथमिकता देने की बढ़ती प्रवृत्ति से शहरी उपभोक्ताओं के एक बड़े वर्ग के लिए क्विक कॉमर्स पसंदीदा खरीद माध्यम बन गया है। क्विक कॉमर्स बाजार की विशाल संभावनाओं से बाहर न रह जाने के लिए ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों अमेजन और फ्लिपकार्ट को भी अपने-अपने त्वरित वाणिज्य मंच शुरू करने पड़े। ‘अमेजन नाउ' और ‘फ्लिपकार्ट मिनट्स' की शुरुआत की गई है। इनसे 30 मिनट से कम समय में आपूर्ति की सुविधा दी जा रही है। यह इस बात का संकेत है कि अब तेज आपूर्ति कोई विशेष सुविधा नहीं बल्कि पूरे उद्योग का नया मानक बन चुकी है। ‘डार्क स्टोर' छोटे मोहल्ला-स्तरीय केंद्रों से विकसित होकर अब विशाल ‘मेगापॉड' में तब्दील हो गए हैं। आमतौर पर 10,000 से 12,000 वर्ग फुट क्षेत्रफल वाली इन बड़ी इकाइयों में अब 50,000 से अधिक वस्तुओं का भंडारण संभव हो गया है जिससे मंच दूध एवं ब्रेड की तरह ही आईफोन तथा एयर कंडीशनर (एसी) की भी बेहद कम समय में आपूर्ति कर पा रहे हैं। ‘डार्क स्टोर' एक ऐसा खुदरा गोदाम होता है जो ग्राहकों के लिए नहीं, बल्कि केवल ऑनलाइन ऑर्डर पूरा करने के लिए बनाया जाता है। इस डिजिटल उछाल से मानवीय पहलू पर भी काफी ध्यान दिया गया। वर्ष 2025 में ‘गिग' श्रमिकों के कल्याण को लेकर बहस चरम पर पहुंच गई। वहीं 10 मिनट में आपूर्ति के दबाव से जुड़ी सड़क सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी प्रमुखता से सामने आईं। 'गिग' कर्मचारी काम के आधार पर भुगतान पाने वाले कर्मी होते हैं। अकसर ये ऑनलाइन आपूर्ति सेवाओं के लिए काम करते हैं। सरकार ने नवंबर में चार श्रम संहिताओं को अधिसूचित किए जाने के साथ अंततः इन समस्याओं पर गौर किया। इससे ‘गिग' श्रमिकों के विशाल वर्ग को औपचारिक नियामक मान्यता और सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया। किराना पहुंचाने वाले (डिलीवरी) कर्मियों या शहर की सड़कों पर वाहन चलाने वाले चालकों के लिए यह कदम कानूनी अदृश्यता के अंत का संकेत है जिससे वे ‘असंगठित' क्षेत्र के हाशिये से निकलकर औपचारिक सामाजिक सुरक्षा दायरे में आ गए। समान रोजगार अधिकारों की शुरुआत, अनिवार्य नियुक्ति पत्र एवं भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) और बीमा जैसे लाभों तक पहुंच ने देशभर के लाखों ‘गिग' और ऑनलाइन मंच के लिए काम करने वाले कर्मचारियों के लिए स्थिरता प्रदान की है। वर्ष 2026 की ओर बढ़ते हुए परिदृश्य से संकेत मिलता है कि आने वाला साल बाजार के एकीकरण एवं श्रेणियों के विस्तार से परिभाषित होगा। उद्योग ऐसे चरण में प्रवेश कर रहा है जहां शीर्ष तीन कंपनियां अपनी बाजार स्थिति को और मजबूत करेंगी। साथ ही 30 मिनट से कम समय में पहुंचाई जाने वाली वस्तुओं के दायरे का भी विस्तार किया जाएगा। आने वाले वर्ष में नियामकीय अनुपालन के प्रति अधिक संतुलित रुख अपनाने की आवश्यकता होगी, खासकर श्रम कल्याण और पारंपरिक व्यापार के साथ प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय विधि मंत्रालय ने केंद्र सरकार पर लगे ‘‘सबसे बड़े मुकदमेबाज़'' के ठप्पे को हटाने की दिशा में इस वर्ष एक अहम कदम उठाया लेकिन अदालतों में लंबित मामलों का बोझ घटाने में सहायक मानी जाने वाली मध्यस्थता को बढ़ावा देने की कोशिशें अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकीं। इस वर्ष नए कानून के तहत ज्ञानेश कुमार को नया मुख्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया जिसकी विपक्ष ने “गैर-समावेशी” बताते हुए आलोचना की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के अप्रासंगिक कानूनों को निरस्त करने के एजेंडे के तहत मंत्रालय ने 70 से अधिक अधिनियमों को निरस्त करने के लिए विधेयक पेश किया जिसे संसद ने शीतकालीन सत्र में मंजूरी दे दी। इनमें 65 संशोधन अधिनियम थे जो समय के साथ अपनी उपयोगिता खो चुके थे जबकि छह मूल कानून भी ऐसे थे जो अप्रासंगिक थे। निरस्त किए गए कानूनों में कम से कम दो कानून ब्रिटिश काल के थे। मोदी सरकार मई 2014 से औपनिवेशिक काल के पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को लगातार निरस्त कर रही है। ताजा निरस्तीकरण के बाद अब तक कुल 1,633 कानूनों को हटाने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। पूर्व और मौजूदा विधि मंत्रियों का यही कहना रहा है कि अप्रासंगिक कानून आम लोगों के जीवन में अनावश्यक बाधा बनते हैं और वर्तमान समय में उनका कोई औचित्य नहीं रह जाता। मंत्रालय ने लंबे समय से विचाराधीन ‘राष्ट्रीय मुकदमा नीति' लाने का विचार आखिरकार छोड़ दिया ताकि केंद्र सरकार का ‘‘सबसे बड़े मुकदमेबाज'' का ठप्पा हटाने में मदद मिल सके। इसके बजाय उसने विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के लिए मुकदमों के प्रभावी प्रबंधन और अनावश्यक अदालती लड़ाइयों को कम करने संबंधी निर्देश जारी किए। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि “नीति” शब्द इसलिए नहीं अपनाया गया क्योंकि यह व्यवस्था केवल सरकार एवं उसके विभागों पर लागू होती है, निजी मुकदमों पर नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘यदि कोई नीति केवल सरकार, उसके मंत्रालयों और विभागों पर लागू होती है और निजी मुकदमों पर नहीं, तो उसे नीति कहना उचित नहीं है।'' उन्होंने कहा कि इसके अलावा ‘नीति' के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी आवश्यक होती और भविष्य में किसी भी संशोधन के लिए मंत्रिमंडल की स्वीकृति लेनी पड़ती। विधि कार्य विभाग द्वारा जारी “भारत सरकार द्वारा दायर वाद के कुशल एवं प्रभावी प्रबंधन संबंधी निर्देशों'' को सचिवों की समिति ने मंजूरी दी और इनकी वार्षिक समीक्षा का प्रावधान रखा गया है। इन निर्देशों का लक्ष्य “सार्वजनिक हित और बेहतर शासन” को बढ़ावा देना है। विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कानूनी सूचना प्रबंधन एवं ब्रीफिंग प्रणाली (एलआईएमबीएस) पर उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा था, ‘‘लगभग सात लाख ऐसे मामले लंबित हैं जिनमें भारत सरकार पक्षकार है। इनमें से लगभग 1.9 लाख मामलों में वित्त मंत्रालय का नाम पक्षकार के रूप में दर्ज है।'' हालांकि सरकार ने उन मुकदमों के बोझ को घटाने के लिए कदम उठाए जिनमें वह पक्षकार है लेकिन मंत्रालय दो साल पहले पारित कानून के तहत अनिवार्य मध्यस्थता परिषद की स्थापना नहीं कर सका। ‘मध्यस्थता अधिनियम, 2023' के तहत मध्यस्थता परिषद का गठन प्रस्तावित है, जो मध्यस्थता के संस्थागत ढांचे और सेवा प्रदाताओं की मान्यता की व्यवस्था तय करेगी। कानून के कुछ प्रावधान अक्टूबर 2023 में अधिसूचित किए गए थे, लेकिन ‘मध्यस्थता परिषद' के गठन की प्रक्रिया अभी आगे नहीं बढ़ सकी।
- नयी दिल्ली. भारतीय रेलवे ने पश्चिम रेलवे के 96 किलोमीटर लंबे बाजवा-अहमदाबाद खंड पर स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच' को सफलतापूर्वक शुरू कर दिया है। मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि कवच के सफलतापूर्वक शुरू होने से रेलवे ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।‘कवच' स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली है, जो एक अत्यंत उन्नत तकनीक है।यह प्रणाली लोको पायलट को निर्धारित गति सीमा के भीतर ट्रेन चलाने में मदद करती है और अगर वे ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो इस प्रणाली की मदद से स्वचालित ब्रेक लग जाते हैं। विज्ञप्ति में बताया गया, “वडोदरा मंडल (डब्ल्यूआर) ने आज (सोमवार को) महत्वपूर्ण बाजवा-अहमदाबाद खंड पर ‘कवच' प्रणाली के सफल संचालन के साथ सुरक्षा मानकों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जो पश्चिमी रेलवे में पहली बार हुआ है।” अधिकारियों ने बताया कि वडोदरा मंडल में पश्चिमी रेलवे द्वारा पहली बार ‘कवच' प्रणाली शुरू किए जाने के कारण यह भारतीय रेलवे के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने परियोजना का तकनीकी विवरण देते हुए बताया कि 96 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 23 टावरों और 20 कवच भवनों के साथ 17 स्टेशनों को कवर किया गया है। मंत्रालय ने बताया कि स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली के सफल संचालन के बाद ‘कवच' से लैस पहली ट्रेन वडोदरा-अहमदाबाद संकल्प फास्ट पैसेंजर इस मार्ग पर चली। इस ट्रेन में 11 डिब्बे हैं। अधिकारियों ने बताया, “यह प्रणाली अब पूरी तरह से कार्य कर रही है और सुरक्षा जोखिमों को स्वचालित रूप से कम करती है।
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नई दिल्ली। दिल्ली सरकार राजधानी में पहली बार साहित्य, संस्कृति और विचार को एक साझा मंच पर लाते हुए तीन दिवसीय भव्य सांस्कृतिक एवं साहित्यिक महोत्सव ‘दिल्ली शब्दोत्सव 2026’ का आयोजन करने जा रही है। यह महोत्सव 2, 3 और 4 जनवरी 2026 को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम, नई दिल्ली में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक आयोजित होगा।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने आयोजन की आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली शब्दोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की ज्ञान परंपरा और वैचारिक चेतना का जीवंत मंच है। दिल्ली सरकार पहली बार साहित्य, संस्कृति और विचार को एक साझा मंच पर ला रही है। विधायक राजकुमार भाटिया, सुरुचि प्रकाशन के राजीव तुली और वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।महोत्सव का उद्घाटन समारोह 2 जनवरी को दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक होगा, जिसमें उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा की उपस्थिति रहेगी।मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि तीन दिवसीय महोत्सव में देशभर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित वक्ता भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान 40 से अधिक पुस्तकों का विमोचन, 6 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और 2 बड़े कवि सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। साथ ही दिल्ली एवं एनसीआर की 40 से अधिक विश्वविद्यालयों के छात्र इस उत्सव में सक्रिय सहभागिता करेंगे।उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महोत्सव में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा भी शामिल होंगे। प्रमुख वक्ताओं में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, सुनील आम्बेकर, मनमोहन वैद्य, डॉ. सच्चिदानंद जोशी, सेवानिवृत्त एयर चीफ मार्शल राकेश भदौरिया, मुकुल कनेटकर, चंद्रप्रकाश द्विवेदी, सांसद सुधांशु त्रिवेदी, माधवी लता, विक्रमजीत बनर्जी, विष्णु शंकर जैन सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं। सायंकाल हर्षदीप कौर, हंसराज रघुवंशी और प्रहलाद सिंह टिपनिया की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। भरतनाट्यम, कथक, भजन संध्या, कवि सम्मेलन और सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।छात्र सहभागिता और प्रचार-प्रसार को सशक्त बनाने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के महाविद्यालयों में ‘डीयू एंबेसडर कार्यक्रम’ शुरू किया गया है, जिसके तहत छात्र अपने परिसरों में शब्दोत्सव से जुड़ी जानकारी साझा करेंगे।महोत्सव में प्रवेश निःशुल्क रहेगा। आम जनता के लिए पूर्व पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है, जिसे दिल्ली शब्दोत्सव की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है।दिल्ली सरकार का उद्देश्य ‘दिल्ली शब्दोत्सव’ को स्थायी सांस्कृतिक पहचान के रूप में विकसित करना है, ताकि आने वाले वर्षों में यह मंच राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त रूप से प्रस्तुत कर सके। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आईएनएसवी कौंडिन्य को साकार करने में किए गए अथक प्रयासों के लिए डिजाइनरों, कारीगरों, जहाज निर्माताओं और भारतीय नौसेना को बधाई दी है। दरअसल, आईएनएसवी कौंडिन्य पोरबंदर से ओमान के मस्कट के लिए अपनी पहली यात्रा पर रवाना हो रहा है।
इसे लेकर पीएम मोदी ने कहा कि आईएनएसवी कौंडिन्य का निर्माण प्राचीन भारतीय सिलाई-जहाज तकनीक से किया गया है, जो भारत की समृद्ध समुद्री परंपराओं को दर्शाता है। पीएम मोदी ने कहा, “मैं चालक दल को सुरक्षित और यादगार यात्रा के लिए शुभकामनाएं देता हूं, क्योंकि वे खाड़ी क्षेत्र और उससे परे हमारे ऐतिहासिक संबंधों को पुनर्जीवित कर रहे हैं।”पीएम ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “यह देखकर बेहद खुशी हुई कि आईएनएसवी कौंडिन्य पोरबंदर से ओमान के मस्कट के लिए अपनी पहली यात्रा पर रवाना हो रहा है। प्राचीन भारतीय सिलाई-जहाज तकनीक से निर्मित यह जहाज भारत की समृद्ध समुद्री परंपराओं को दर्शाता है। मैं इस अद्वितीय जहाज को साकार करने में किए गए अथक प्रयासों के लिए डिजाइनरों, कारीगरों, जहाज निर्माताओं और भारतीय नौसेना को बधाई देता हूं। मैं चालक दल को सुरक्षित और यादगार यात्रा के लिए शुभकामनाएं देता हूं, क्योंकि वे खाड़ी क्षेत्र और उससे परे हमारे ऐतिहासिक संबंधों को पुनर्जीवित कर रहे हैं।” -
नई दिल्ली। देश की रक्षा क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। सोमवार को भारत की पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का प्रथम उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है। यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में किया गया। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित यह उन्नत रॉकेट प्रणाली सटीक मारक क्षमता और लंबी दूरी तक प्रभावी प्रहार के लिए डिजाइन की गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ को बधाई दी।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, परीक्षण के दौरान रॉकेट ने सभी तकनीकी मापदंडों को सफलतापूर्वक पार किया। साथ ही इसने निर्धारित लक्ष्य क्षेत्रों तक अपनी सटीकता साबित की। पिनाका एलआरजीआर 120 रॉकेट पारंपरिक पिनाका मल्टी-बैरेल रॉकेट सिस्टम का उन्नत संस्करण है। इसमें अत्याधुनिक गाइडेंस सिस्टम, बेहतर रेंज, उन्नत नेविगेशन और अधिक सटीकता शामिल है। यह रॉकेट कठिन युद्ध परिस्थितियों में भी प्रभावशाली प्रदर्शन देने में सक्षम है और भारतीय सेना की आर्टिलरी क्षमता में बड़ा परिवर्तन ला सकता है।परीक्षण की सफलता पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और सभी संबंधित साझेदार संगठनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को नई ऊंचाई प्रदान करती है और राष्ट्र की सामरिक शक्ति को और अधिक विश्वसनीय बनाती है। रक्षा मंत्री ने इस परीक्षण को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने इसे सशस्त्र बलों की मारक क्षमता को बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण मील का पत्थर करार दिया। लंबी दूरी के गाइडेड रॉकेट का सफल विकास भारतीय रक्षा प्रणाली के लिए गेम चेंजर साबित होगा।रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक इस सफल परीक्षण से भारतीय सेना को लंबी दूरी की सटीक हमलावर शक्ति प्राप्त होगी। यह सीमा सुरक्षा और रणभूमि की जरूरतों के अनुरूप है। प्रणाली के पूरी तरह विकसित होने से सेना में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। रेंज पर तैनात सभी उन्नत ट्रैकिंग उपकरणों ने रॉकेट की पूरी उड़ान के दौरान उसकी ट्रैजेक्टरी को निगरानी में रखा। यह रॉकेट आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट द्वारा विकसित किया गया है, जिसमें हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी, डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी और रिसर्च सेंटर इमारत का सहयोग रहा।परीक्षण को आईटीआर और प्रूफ एवं एक्सपेरिमेंटल एस्टैब्लिशमेंट द्वारा समन्वित किया गया। विशेष रूप से, इस परीक्षण में एलआरजीआर को सेना में मौजूद मानक पिनाका लॉन्चर से दागा गया, जिससे यह सिद्ध हुआ कि एक ही लॉन्चर से विभिन्न रेंज वाले पिनाका रॉकेटों को लॉन्च करने की सुविधा संभव है।रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने मिशन की सफलता पर सभी वैज्ञानिकों और तकनीकी टीमों को बधाई दी और इसे भारतीय स्वदेशी रक्षा तकनीक की बड़ी उपलब्धि बताया। गौरतलब है कि पिनाका एलआरजीआर 120 का सफल परीक्षण भारतीय थलसेना की आर्टिलरी क्षमता को नई मजबूती प्रदान करेगा। सटीक मारक क्षमता सीमा क्षेत्रों में सामरिक बढ़त सुनिश्चित करने के साथ भविष्य के युद्ध परिदृश्यों में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोहा में फिडे विश्व रैपिड चैंपियनशिप के महिला और ओपन वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाले भारतीय शतरंज की दिग्गज खिलाड़ियों क्रमशः कोनेरू हम्पी और अर्जुन एरिगैसी को सोमवार को बधाई देते हुए उनके समर्पण और कड़ी मेहनत की सराहना की। हम्पी ने मौजूदा चैंपियन के रूप में इस प्रतियोगिता में भाग लिया था। वह रविवार को समाप्त हुई प्रतियोगिता के अंतिम दौर के बाद 8.5 अंक लेकर दो अन्य ग्रैंडमास्टर्स के साथ संयुक्त बढ़त पर थी लेकिन अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) के टाईब्रेक नियमों के कारण उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। मोदी ने एक्स पर लिखा, ‘‘दोहा में 2025 फिडे विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाली कोनेरू हम्पी को हार्दिक बधाई। खेल के प्रति उनका समर्पण सराहनीय है। उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं।'' प्रधानमंत्री भारतीय खिलाड़ियों का लगातार हौसला बढ़ाते रहते हैं और उनमें से कई खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से भी मिलते हैं। ओपन वर्ग में एरिगैसी ने कांस्य पदक जीता और मोदी ने उनके समर्पण की भी सराहना की। वह विश्व के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन और रूस के ग्रैंडमास्टर व्लादिस्लाव आर्टेमिएव के बाद तीसरे स्थान पर रहे थे। मोदी ने एक अन्य संदेश में लिखा, ‘‘ दोहा में आयोजित फिडे विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप के ओपन वर्ग में कांस्य पदक जीतने पर अर्जुन एरिगैसी पर गर्व है। उनका दृढ़ संकल्प सराहनीय है। उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।'' अगर हम्पी रविवार को खिताब जीत जातीं तो वह तीन विश्व रैपिड खिताब जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन जातीं। इससे पहले उन्होंने 2019 और 2024 में खिताब जीते थे। अब यह खिलाड़ी विश्व ब्लिट्ज टूर्नामेंट में भाग लेंगे।
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नयी दिल्ली. दिल्ली सरकार दो से चार जनवरी तक शहर में तीन दिवसीय सांस्कृतिक और साहित्यिक महोत्सव का आयोजन करेगी जिसमें देश भर के प्रमुख लेखक, विचारक और कलाकार जुटेंगे। दिल्ली के कला, संस्कृति और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता सुनील अंब्रेकर और मनमोहन वैद्य, तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव सच्चिदानंद जोशी सहित कई जानी-मानी हस्तियां इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले 100 से अधिक वक्ताओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री भी इस महोत्सव में शामिल होंगे। मिश्रा ने बताया कि इसका आयोजन दिल्ली सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग और सुरुचि प्रकाशन द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आयोजित होने वाला यह उत्सव ‘‘साहित्य एवं संस्कृति को समर्पित देश का सबसे बड़ा आयोजन'' है। मिश्रा ने बताया कि तीन दिवसीय इस कार्यक्रम के दौरान 40 से अधिक पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा तथा छह प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रम और दो बड़े कविता पाठ सत्र आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के 40 से अधिक विश्वविद्यालयों के छात्रों के इसमें भाग लेने की उम्मीद है। मंत्री ने कहा कि महोत्सव में आने वाले आगंतुकों को आयोजन के दौरान सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के कुछ हिस्सों का विशेष ‘वर्चुअल' दर्शन करने का अवसर भी मिलेगा।
- अहमदाबाद. केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सबसे बड़ी उपलब्धि 140 करोड़ भारतीयों के मन से हीन भावना को खत्म करना और उनमें आत्मविश्वास का संचार करना है। उन्होंने कहा कि अब तक 29 देशों ने मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा है और यह प्रधानमंत्री की उस क्षमता को दर्शाता है, जिसके तहत वे जटिल समस्याओं का स्थायी समाधान खोजने में सक्षम हैं, और यही क्षमता उन्हें एक “महान नेता” बनाती है। शाह प्रधानमंत्री मोदी के जीवन पर आधारित “नमोत्सव” नामक एक कार्यक्रम से पहले अहमदाबाद के पास सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब भारत ने 2021 में अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्षों का जश्न मनाया, तब मोदी ने देश से आह्वान किया था कि भारत को उसकी स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक दुनिया का अग्रणी देश बनाने की दिशा में काम किया जाए। शाह ने कहा, “मोदी के आह्वान पर सभी ने उस अभियान में भाग लिया। मोदी ने वर्षों की दासता से उत्पन्न हुई हीन भावना को देशवासियों के मन से निकाल दिया और उनमें आत्मविश्वास का संचार किया। मुझे लगता है कि यह प्रधानमंत्री मोदी की सबसे बड़ी उपलब्धि है।” शाह ने कहा कि ऐसा वही व्यक्ति कर सकता है जिसने कभी हीन भावना का अनुभव नहीं किया।शाह ने यह भी कहा कि अब मोदी को किसी प्रकार के प्रचार की जरूरत नहीं है, क्योंकि जब भी भारतीय किसी विदेशी देश में पहुंचते हैं, तो वहां लोग उनसे पूछते हैं, “क्या आप मोदी के भारत से हैं?” उन्होंने यह भी बताया कि 29 देशों ने अब तक मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है। शाह ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई अन्य राष्ट्राध्यक्ष है, जिसे इतना सम्मान मिला हो। शाह ने कहा, “ऐसा व्यक्ति दूसरों को भी प्रेरित करता है।”
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को सेवा क्षेत्र में महाशक्ति बनाने के लिए रविवार को राज्यों से विनिर्माण को बढ़ावा देने और सेवा क्षेत्र को मजबूत बनाने समेत विभिन्न आह्वान किए। प्रमुख सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत के पास दुनिया का खाद्य भंडार बनने की क्षमता है और देश को उच्च मूल्य वाली कृषि, बागवानी, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन की दिशा में बढ़ना चाहिए ताकि यह एक प्रमुख खाद्य निर्यातक बन सके। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब भारत अगली पीढ़ी के सुधारों को देख रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत "रिफॉर्म एक्सप्रेस" पर सवार हो चुका है और इसका प्राथमिक इंजन देश के युवा और विभिन्न आयुवर्ग की जनसंख्या है। यही कारण है कि सरकार का यह प्रयास है कि इस जनसंख्या को सशक्त किया जाए। मोदी ने ‘एक्स' पर किए गए सिलसिलेवार पोस्ट में कहा, "राज्यों से विनिर्माण और व्यापार में सुगमता को बढ़ावा देने और सेवा क्षेत्र को मजबूत बनाने का आह्वान किया। आइए हम भारत को एक वैश्विक सेवा महाशक्ति बनाने का लक्ष्य रखें।” यह तीन दिवसीय सम्मेलन 26 दिसंबर को शुरू हुआ जिसका विषय ‘विकसित भारत के लिए मानव पूंजी' है।मोदी ने कहा कि उन्होंने इस बारे में अपने विचार साझा किए कि केंद्र और राज्य मिलकर भारत को ‘आत्मनिर्भर' बनाने, गरीबों को सशक्त करने और ‘विकसित भारत' का सपना साकार करने के लिए किस तरह से काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘शासन में गुणवत्ता के महत्व पर बात की। शासन में गुणवत्ता, सेवाओं की उपलब्धता में गुणवत्ता, और निर्माण में गुणवत्ता।'' मोदी ने कहा कि उन्होंने शासन और सेवा वितरण के मामलों में एक नयी कार्य संस्कृति स्थापित करने के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों पर प्रकाश डाला।
- नयी दिल्ली. भारत की स्वास्थ्य प्रणाली गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की महामारी के कारण चरमरा रही है, ऐसे में विशेषज्ञों ने ‘‘माइक्रो-हॉस्पिटल'' स्थापित करने की वकालत की है। उनका कहना है कि इससे बिखरी हुई तृतीयक उपचार प्रणाली की जगह विशेषज्ञों द्वारा संचालित समन्वित इलाज और कम प्रतीक्षा समय के माध्यम से ‘एनसीडी' से होने वाली मौतों को कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में होने वाली सभी मौतों में से अनुमानित 63 प्रतिशत मौतें गैर-संचारी रोगों के कारण होती हैं। अस्पताल के बिस्तरों का घनत्व 1,000 की जनसंख्या पर मात्र 0.55 है, जिसके कारण अस्पतालों में भीड़भाड़, लंबे समय तक प्रतीक्षा और देखभाल की गुणवत्ता में भिन्नता होती है। बिस्तरों का यह घनत्व विश्व स्वास्थ्य संगठन के 1,000 की आबादी पर तीन बिस्तर के मानक से काफी कम है। विशेषज्ञों ने कहा कि विश्वस्तरीय तकनीक और बुनियादी ढांचे के बावजूद भारत की स्वास्थ्य प्रणाली प्राथमिक क्लीनिक और अत्यधिक भीड़ वाले 500-बिस्तरों वाले अस्पतालों के बीच एक बड़े ‘‘मध्य-स्तरीय अंतर'' (माइक्रो-हॉस्पिटल) से ग्रस्त है। इसके कारण उपचार व्यवस्था खंडित हो रही है और चिकित्सकों एवं मरीजों के बीच विश्वास की कमी लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य और निवारक देखभाल की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आयोजित एक स्वास्थ्य वार्ता 'हील वनहेल्थ कनेक्ट सीरीज' को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के पूर्व महानिदेशक स्वास्थ्य सेवा (डीजीएचएस) डॉ. जगदीश प्रसाद ने कहा, ‘‘भारत में चिकित्सक और तकनीक तो हैं, लेकिन वास्तव में निरंतर और समन्वित देखभाल की कमी है।'' पैसिफिक वनहेल्थ के सह-संस्थापक और अध्यक्ष डॉ. स्वदीप श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य सेवा का भविष्य बड़े अस्पताल बनाने में नहीं है; यह बेहतर ढंग से समन्वित प्रणालियों के निर्माण में है। ‘माइक्रो-हॉस्पिटल' साधारण रूप से छोटे अस्पताल नहीं होते, बल्कि इन्हें मरीजों और समुदायों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विशेष रूप से तैयार किया जाता है, जिससे इलाज की बिखराव वाली व्यवस्था कम होती है और विशेषज्ञों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होती है।''
- चेन्नई. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र पर तीसरा प्रक्षेपण पैड विकसित करने की प्रक्रिया में है और वर्तमान में इसके लिए उपयुक्त कंपनियों की तलाश की जा रही है। यह जानकारी एक शीर्ष वैज्ञानिक ने दी है। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से करीब 135 किलोमीटर पूर्व में स्थिति श्रीहरिकोटा परिसर 175 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष एजेंसी को विभिन्न प्रक्षेपण यानों के जरिये उपग्रहों को कक्षा में पहुंचाने की सेवा मुहैया कराता रहा है। श्री हरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक और प्रख्यात वैज्ञानिक पद्मकुमार ईएस ने कहा कि अंतरिक्ष में विभिन्न कक्षाओं में 12,000-14,000 किलोग्राम से अधिक वजन वाले बड़े उपग्रहों को स्थापित करने की योजना पर आगे बढ़ने के लिए इसरो को बड़े प्रक्षेपण यानों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए इसरो तीसरे प्रक्षेपण पैड की योजना बना रहा है।पद्मकुमार ने कहा, ‘‘हमारी योजना चार साल में तीसरा ‘लॉन्च पैड' स्थापित कर संचालित करने की है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम खरीद प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं और इस विशाल परियोजना के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए उपयुक्त कंपनियों की पहचान कर रहे हैं।'' इसरो के मुताबिक, एजेंसी के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर सतीश धवन की स्मृति में पांच सितंबर, 2002 को इस अंतरिक्ष प्रक्षेपण स्थल का नाम बदलकर सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) कर दिया गया था। इस अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र का परिचालन अक्टूबर 1971 में ‘रोहिणी-125' रॉकेट के प्रक्षेपण के साथ शुरू हुआ। तब से, अंतरिक्ष एजेंसी की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए यहां की सुविधाओं का धीरे-धीरे विस्तार किया गया है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली और प्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शाह ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में जेटली को एक अद्वितीय संवैधानिक और कानूनी विशेषज्ञ एवं एक उत्कृष्ट वक्ता के रूप में याद किया, जिन्होंने एक सांसद के रूप में एक अमिट विरासत छोड़ी । शाह ने कहा कि जेटली को कई ऐतिहासिक कानूनी मुद्दों में उनके योगदान के लिए याद किया जाएगा। शाह ने कहा, ‘‘अपनी कुशाग्र कानूनी सूझबूझ से पार्टी को मजबूत करने में उनकी समर्पित भूमिका समय की हर कसौटी पर खरी उतरेगी।'' गृहमंत्री ने 'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में कहा कि टाटा ने ईमानदारी और करुणा के साथ भारतीय उद्यम को नया रूप दिया। टाटा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शाह ने कहा, ‘‘स्वदेशी उद्योग के निर्माण से लेकर निस्वार्थ परोपकार तक, उन्होंने यह साबित कर दिया कि सच्ची सफलता राष्ट्र की सेवा में निहित है। उनकी विरासत आत्मनिर्भर भारत को प्रेरित करेगी।''

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