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- कोच्चि । समुद्री विशेषज्ञों ने शनिवार को चेतावनी दी कि केरल के तटीय इलाकों में आने वाले सालों में समुद्री सतह के तापमान में बढ़ोतरी की वजह से जलस्तर बढ़ने की प्रवृत्ति देखने को मिलेगी। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आज कोच्चि स्थित केंद्रीय समुद्री मत्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (सीएमएफआरआई) द्वारा आयोजित एक वेबिनार में विशेषज्ञों ने यह बात कही। ऊंची लहरों और समुद्र के कटाव के कारण तटीय समुदाय के समक्ष आने वाली आपदाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए वेबिनार के दौरान विशेषज्ञों ने मैंग्रोव वनीकरण पर जोर देते हुए तटीय वनस्पतियों को बहाल किये जाने की मांग की। उनके मुताबिक यह तटीय क्षेत्र की सुरक्षा में जैविक ढाल का काम करेगा और इलाके में रहने वाले लोगों का जीवन बचाएगा। सीएमएफआरआई द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक वेबिनार में कहा गया कि हाल में आए दो चक्रवाती तूफान ताउते और यास के कारण केरल के समूचे तटीय क्षेत्र में “समुद्र के जलस्तर में बढ़ोतरी” (स्टॉर्म सर्ज) देखने को मिली। विज्ञप्ति के मुताबिक, विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर के जल के तेजी से गरम होने की वजह से आने वाले सालों में तटीय क्षेत्रों में ऐसे ‘स्टॉर्म सर्ज' के बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि चक्रवाती हवाओं की वजह से तूफानी लहरें पैदा होती हैं और इनकी वजह से तटीय इलाकों की बस्तियों में ऊंची लहरें, समुद्री कटाव और बाढ़ देखने को मिलती हैं। यह हाल में देखा गया है विशेष रूप से चेलानम जैसे क्षेत्रों में।
- इटावा (उप्र)। इटावा जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में यमुना नदी के किनारे मछली का शिकार करने गए आधा दर्जन युवकों में एक युवक नदी में डूब गया जिसका का शव पुलिस ने बरामद कर लिया और दूसरे की तलाश जारी है। पुलिस क्षेत्राधिकारी (शहर) राजीव प्रताप सिंह ने शनिवार को बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत मोहल्ला मडैया शिवनारायण से आज मछली का शिकार करने शहर किनारे यमुना नदी में छह युवक गए हुए थे जिनमें करीब दो बजे पवन कुमार (24) एवं सोहन (45) नदी में डूब गये। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पवन कुमार का शव बरामद कर लिया और सोहन की तलाश कर रही है।-file photo
- सम्बलपुर ।वयोवृद्ध उड़िया अभिनेता, प्रसिद्ध नाटककार और गीतकार अटल बिहारी पांडा का शनिवार को सम्बलपुर जिले के वीआईएमएसएआर, बुर्ला में वृद्धावस्था संबंधी बीमारियों के कारण निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे। परिवार के सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि पांडा की पत्नी का कुछ दिन पहले निधन हो गया था।सुबरनपुर जिले के बिनिका गांव में जन्मे पांडा ने 1944 में रंगमंच पर अभिनय शुरू किया था। उन्होंने 100 से अधिक नाटकों में अभिनय किया और 65 नाटक और रेडियो नाटक भी लिखे जिनमें से कई सम्बलपुरी भाषा में थे। पांडा को सम्बलपुरी थिएटर के अग्रणी नाटककारों में से एक माना जाता था। उनके द्वारा लिखित 'फाटा कपाल' पहला मुद्रित सम्बलपुरी नाटक था। इस भाषा में उनका दूसरा नाटक 'भैंस आगे नागधुनी' भी काफी चर्चित रहा। उनके एक नाटक को देखने के बाद, ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ हरेकृष्ण महताब ने उन्हें ओपेरा स्क्रिप्ट लिखने का सुझाव दिया था। पांडा सरकारी सेवा में थे और उन्होंने कटक में अपनी तैनाती के दौरान छह ओपेरा स्क्रिप्ट लिखीं।
- मेरठ (उप्र)। मेरठ जिले में पत्नी के मायके जाने पर एक व्यक्ति ने अपने ही घर में आग लगा ली । उसने ऐसा कदम उठा तो लिया, लेकिन जब आग की चपेट में वह भी आ गया तो उसने अपने बचाव के लिए खिड़की से छलांग लगा दी। इस घटना में व्यक्ति बुरी तरह से घायल हो गया है। पुलिस के अनुसार महिला का पति नशे का आदी है।पुलिस के अनुसार शनिवार की सुबह कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला मायके चली गई थी। इसके बाद नशेड़ी पति ने घर में आग लगा दी। साथ ही खुद भी आग की चपेट में आने पर खिड़की से छलांग लगा दी। पति को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान पड़ोस के दो और मकान भी आग की चपेट में आ गए।जानकारी के मुताबिक, सचिन और पुनीत नाम के दो भाई परिवार के साथ डालमपाड़ा स्थित अपने पैतृक मकान में रहते हैं। पुनीत के मुताबिक उसका भाई सचिन शर्मा नशेड़ी प्रवृत्ति का है। इसके चलते उसका अपनी पत्नी पूनम से अक्सर विवाद होता रहता है। शुक्रवार को भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद पूनम अपने मायके चली गई।पुलिस के मुताबिक शनिवार की सुबह सचिन ने अचानक अपने कमरे में आग लगा ली। इसके चलते वह भी आग की चपेट में आ गया और बदहवास हालत में कमरे की खिड़की से कूद गया। पड़ोस के दो मकान भी आग की चपेट में आ गए। फायर ब्रिगेड की गाडिय़ों ने घंटों मशक्कत के बाद तीनों मकानों में लगी आग बुझाई। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने लगभग 70 प्रतिशत झुलसे सचिन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। कार्यवाहक थाना प्रभारी कोतवाली ने बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
- हैदराबाद। ब्राजील ने भारत बायोटेक के कोविड-19 के टीके कोवैक्सिन के आयात के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।इससे पहले ब्राजील की राष्ट्रीय स्वास्थ्य निगरानी एजेंसी-अनविसा ने कोवैक्सिन के आयात को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। उसने पाया था कि भारत में जिस संयंत्र में यह टीका बनाया जा रहा है, वह अच्छे विनिर्माण व्यवहार (जीएमपी) की जरूरतों का पूरा नहीं करता है।ब्राजील के स्वास्थ्य नियामक ने अब रूस की स्पुतनिक वी वैक्सीन के आयात के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। अनविसा की मंजूरी के अनुसार शुरुआत में ब्राजील को कोवैक्सिन की 40 लाख खुराक मिलने की उम्मीद है। इनके इस्तेमाल के बाद एजेंसी डेटा का विश्लेषण करेगी और उसके आधार पर आयात की अगली खेप की मात्रा तय करेगी।
- नई दिल्ली। सरकार ने शनिवार को ट्विटर को नोटिस जारी कर उसे तत्काल नए आईटी नियमों के अनुपालन के लिए एक आखिरी मौका दिया है। सरकार की ओर से आगाह किया गया है कि यदि ट्विटर इन नियमों का अनुपालन करने में विफल रहती है, तो वह आईटी कानून के तहत दायित्व से छूट को गंवा देगी।इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) ने कहा कि ट्विटर द्वारा इन नियमों के अनुपालन से इनकार से पता चलता है कि माइक्रोब्लॉगिंग साइट में प्रतिबद्धता की कमी है और वह भारत के लोगों को अपने मंच पर सुरक्षित अनुभव प्रदान करने का प्रयास नहीं करना चाहती।सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा, भारत में करीब एक दशक से अधिक से परिचालन के बावजूद यह विश्वास करना मुश्किल है कि ट्विटर ने एक ऐसा तंत्र विकसित करने से इनकार कर दिया है, जिससे भारत के लोगों को उसके मंच पर अपने मुद्दों के समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उचित प्रक्रिया के जरिये हल में मदद मिलती।मंत्रालय ने कहा कि ये नियम हालांकि 26 मई, 2021 से प्रभावी हैं, लेकिन सद्भावना के तहत ट्विटर इंक को एक आखिरी नोटिस के जरिये नियमों के अनुपालन का अवसर दिया जाता है। उसे तत्काल नियमों का अनुपालन करना है। यदि वह इसमें विफल रहती है, तो उसे दायित्व से जो छूट मिली है, वह वापस ले ली जाएगी। साथ ही उसे आईटी कानून और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। नोटिस में हालांकि यह नहीं बताया गया है कि ट्विटर को इन नियमों का अनुपालन कब तक करना है।
- नई दिल्ली। मॉरीशस गणराज्य के पूर्व राष्ट्रपति एवं पूर्व प्रधानमंत्री सर अनिरुद्ध जगन्नाथ का निधन हो गया है। उनके सम्मान में भारत सरकार ने यह निर्णय लिया है कि 5 जून को देश भर में एक दिन का राजकीय शोक रखा जाएगा।शोक के दिन पूरे भारत में उन सभी इमारतों पर जहां राष्ट्रीय ध्वज नियमित रूप फहराया जाता है, ध्वज को आधा झुकाया जाएगा तथा इस दिन कोई भी आधिकारिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा।
- नई दिल्ली। रक्षा अधिग्रहण परिषद- डीएसी ने शुक्रवार को लगभग 43 हजार करोड़ रुपये की लागत से छह पनडुब्बियों के निर्माण के नौसेना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। बैठक की अध्यक्षता रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने की। सामरिक भागीदारी मॉडल के तहत होने वाला पहला मामला होने के कारण यह एक ऐतिहासिक स्वीकृति है।परिषद ने बाय एंड मेक इंडियन श्रेणी के तहत सेना के लिए छह हजार करोड़ रुपये की एयर डिफेंस गन और गोला-बारूद को भी मंजूरी दी। इससे सशस्त्र बलों को आकस्मिक और महत्वपूर्ण अधिग्रहणों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
- गुवाहाटी । असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि अन्य बीमारियों से ग्रस्त किसी भी आयु वर्ग के कोविड रोगियों को होम क्वारंटाइन की अनुमति न दी जाए। आज गुवाहाटी में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कोविड के इलाज के लिए निजी अस्पतालों की दरों को तय करने और निजी अस्पतालों के जनरल वार्ड और सुपर स्पेशियलिटी वार्ड में कोविड के इलाज के लिए मरीजों के लिए वाजिब फीस तय करने पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में स्थापित किए जा रहे बाल चिकित्सा आईसीयू की स्थिति की भी समीक्षा की। साथ ही राज्य में केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत किए गए छह ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना के अलावा राज्य में 13 ऑक्सीजन संयंत्रों में उत्पादन की स्थिति की समीक्षा की गई।
- सुल्तानपुर (उप्र)। सुल्तानपुर जिले में प्रेमी द्वारा गला रेतकर अपनी प्रेमिका की हत्या किये जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने हत्या के आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।पुलिस क्षेत्राधिकारी, लम्भुआ सतीश चंद्र शुक्ला ने शुक्रवार को बताया कि कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के सलाहपुर मिश्रपुर निवासी सुनीता निषाद (28) का गांव के राजकुमार यादव उर्फ कल्लू के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। सुनीता का पति मुंबई में रहता है और कुछ दिन पहले सुनीता के घर से कुछ गहने गायब हो गये थे। उन्होंने बताया कि सुनीता को प्रेमी पर शक था और वो गायब जेवर वापस करने का बार-बार उस पर दबाव बना रही थी। उन्होंने कहा कि गुरुवार की रात सुनीता घर से बाहर निकली थी और बाद में मृत पायी गई। आरोप है कि गुस्से में प्रेमी ने महिला पर हंसिया से वार कर उसकी हत्या कर दी।पुलिस ने बताया कि सुनीता निषाद (28) शौच के लिए गुरुवार रात घर से खेत गई थी और जब काफी देर तक वह वापस घर नहीं लौटी, तो उसकी तलाश परिवार के लोगों ने शुरू की तो घर से थोड़ी ही दूर खेत में सुनीता का शव मिला। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने चार घंटे में ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को सुनीता के गले पर धारदार हथियार से मारे जाने के निशान मिले हैं। कोतवाली देहात के थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।--
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार कोविड के दौरान बच्चों का सर्वोत्तम हित सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने, कोविड के कारण प्रभावित हुए बच्चों की सुरक्षा और देखभाल करने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि, बच्चों के स्वास्थ्य,शिक्षा और सुरक्षा जैसे पहलुओं पर प्रशासन को ध्यान देना होगा। मंत्रालय ने निर्देशित किया है कि, कोविड से प्रभावित बच्चों के लिए जिलाधिकारी और जिला प्रशासन संरक्षक की भूमिका में होंगे। आइये जानते हैं कि, मंत्रालय के निर्देशानुसार राज्यों को क्या-क्या सुनिश्चित करना होगा।कोविड के कारण प्रतिकूल परिस्थितियों की पहचान करना सबसे पहला कदम होगा। इसके लिए संपर्क, सर्वेक्षण इत्यादि का सहारा लिया जाएगा। अधिकारियों को बच्चों से जुड़ें आंकड़ें और उनकी पहचान गोपनीय रखनी होगी। यह सुनिश्चित करना होगा कि हर बच्चे से जुड़ा डाटा भारत सरकार के ट्रैक चाइल्ड पोर्टल पर अपलोड किया गया है। बच्चों के लिए किए जा रहे कार्यों की समुचित निगरानी के लिए, अधिकारियों की एक टीम बनाई जाएगी। सभी बच्चों का पुनर्वास जेजे अधिनियम, 2015 के तहत निर्धारित तरीके से किया जाएगा।राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि, सभी अनाथ बच्चों को शासकीय स्कूल में नि:शुल्क शिक्षा मिले। बच्चे की आवश्यकताओं के आधार पर आरटीई नियमों के तहत, किसी निजी स्कूल में भी नामांकन कराया जा सकता है। पात्र अनाथ बच्चों को केंद्र अथवा राज्य सरकारों की वर्तमान में संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं में शामिल करने के भी प्रयास किए जाएंगे। आवश्यकता होने पर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। मंत्रालय बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बेहद सजग है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अनुसार, पात्र बच्चों के लिए स्वास्थ्य बीमा भी संरक्षित करवाया जा सकेगा।जिलाधिकारी और जिला प्रशासन होंगे संरक्षक,पुलिस करेगी निगरानीकोविड के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए जिलाधिकारी संरक्षक की भूमिका निभाएंगे। जिला अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चे का पैतृक संपत्तियों पर अधिकार बिल्कुल सुरक्षित रहे। उनकी संपत्ति पर किसी भी तरह का अतिक्रमण न हो और उसे बेचा भी न जाए। उचित निरीक्षण के माध्यम से जिलाधिकारी को यह सब ध्यान रखना होगा। उन्हें प्रभावित बच्चों तक सभी लाभ पहुंचाने के लिए, एक जिला स्तरीय बहु-विभागीय कार्यबल भी बनाना होगा। वहीं, जिन स्थानों में ये बच्चे रहते हों, पुलिस को वहां निगरानी करनी होगी। जांच करने के लिए पुलिस को संकटग्रस्त बच्चों का डाटाबेस बनाना होगा।इसके अलावा बच्चों की तस्करी, अवैध दत्तक ग्रहण, बाल विवाह, बाल श्रम या किसी अन्य प्रकार के शोषण को रोकने के लिए जिला पुलिस टीम को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।राज्यों में स्थित बाल संरक्षण संस्थानों को यह निर्देश दिया गया है कि, वे ऐसे बच्चों की बुनियादी आवश्यकताओं के विषय में परिचित रहें। सभी बच्चों के लिए स्वच्छ और साफ रहने की स्थिति, गुणवत्तापूर्ण भोजन और सुरक्षा जैसी उचित सुविधाएं सुनिश्चित करने का प्रयास करें। कोविड से पीडि़त बच्चों की देखभाल के लिए संस्थान के भीतर, आइसोलेशन सुविधाओं की उपयुक्त व्यवस्था की जाए। बाल मनोवैज्ञानिकों या परामर्शदाताओं की सहायता भी ली जानी है।
- गोरखपुर । उत्तरप्रदेश के गोरखपुर जिले के खजनी क्षेत्र में गुरुवार की सुबह तीन लड़कियों के शव एक तालाब में पाए गए। ये बालिकाएं बुधवार से लापता थीं। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि खजनी ब्लाक के रुद्रपुर गांव के बाहर एक तालाब से नैन्सी (पांच), शिवानी (सात) तथा रोशनी (10) नामक लड़कियों के शव बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि तीनों लड़कियां बुधवार को खेलने के लिए घर से बाहर निकली थीं। दोपहर तक नहीं लौटने पर परिजन ने उनकी तलाश शुरू की। कोई कामयाबी नहीं मिलने पर शाम को उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी. ने लड़कियों के बारे में सूचना देने वाले को 25 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा भी की थी। सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का असल कारण पता लग सकेगा।
- गोण्डा । जिले के खोंड़ारे क्षेत्र में गुरुवार को तालाब में नहाने गए एक ही परिवार के पांच बच्चों की डूबकर मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है। पुलिस ने बताया कि खोंड़ारे थाना क्षेत्र के रसूल खानपुर मिश्रौली गांव निवासी दृग नारायन पांडेय के परिवार के छह बच्चे पूर्वान्ह करीब साढ़े 10 बजे गांव के निकट स्थित तालाब से मिट्टी निकालने गए थे। इसी दौरान एक बच्चा फिसल कर तालाब में चला गया। उसे बचाने के लिए बारी-बारी से सभी तालाब में उतरे मगर तालाब में पानी अधिक होने के कारण वे डूब गए। उन्होंने बताया कि तालाब से थोड़ी दूर खड़े गांव के दो अन्य बच्चों ने जाकर परिजन को इसकी सूचना दी। जब तक परिजन व ग्रामीण तालाब तक पहुंचते, तब तक पांच बच्चों की डूबने से मौत हो चुकी थी। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान चंचल (आठ), शिवाकांत (छह), रागिनी (आठ) प्रकाशिनी (10) तथा मुस्कान (14) के रूप में हुई है। बच्चों को बचाने के प्रयास में तालाब में उतरे अजय पांडेय को सुरक्षित निकाल लिया गया। स्थानीय अस्पताल में उसका उपचार किया जा रहा है। घटना की सूचना पाकर क्षेत्रीय विधायक प्रभात वर्मा, मनकापुर के उप जिलाधिकारी हीरालाल तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और बच्चों का अंतिम संस्कार करवाया। एक ही परिवार के पांच बच्चों के डूबकर मरने से पूरे गांव में मातम का माहौल है। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों की मृत्यु पर गहरा शोक और मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
- अलीगढ़ । जिले में नहर में फेंकी गई शराब पीने से छह ईंट भट्ठा श्रमिकों की मृत्यु हो गई तथा 24 अन्य गंभीर रूप से बीमार हो गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि बुधवार रात जवां थाना क्षेत्र के रोहेरा गांव के पास एक नहर में फेंकी गई संदिग्ध रूप से मिलावटी शराब पीने से बड़ी संख्या में ईंट भट्ठा श्रमिक बीमार हो गए। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर हारिस मंजूर ने बताया कि जहरीली शराब पीने से अब तक छह श्रमिकों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 24 अन्य श्रमिकों का इलाज किया जा रहा है। उन सभी की हालत नाजुक है। हारिस ने बताया कि दो-तीन जून की दरमियानी रात को पांच श्रमिकों को अस्पताल लाया गया था जिनमें से तीन कि पहले ही मौत हो चुकी थी। रात से लेकर गुरुवार तक कुल 30 लोगों को अस्पताल लाया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैथानी के मुताबिक, ऐसा लगता है कि मिलावटी शराब के कुछ कारोबारियों ने पुलिस की कार्रवाई से खौफजदा होकर अपना पूरा स्टॉक नहर में बहा दिया। उसी शराब को इन श्रमिकों ने नहर से निकालकर इस्तेमाल कर लिया जिसकी वजह से उनकी तबीयत खराब हुई। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ ईट भट्ठा श्रमिक शाम को नहर में नहाने गए थे तभी उन्हें देसी शराब के कुछ पैकेट तैरते मिले। श्रमिकों ने उन्हें निकाल कर पिया। इसके कुछ ही देर बाद उन सभी की तबीयत खराब होने लगी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बीमार हुए सभी मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया। इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने जहरीली शराब का स्टॉक नहर में फेंकने के जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिये हैं। गौरतलब है कि अलीगढ़ में जहरीली शराब से हो रही मौतों का मामला इस वक्त चर्चा में है ।--
- आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में मछलियों को दाना डालने के दौरान यमुना नदी में डूबे दो भाइयों के शव गोताखोरों ने घटना के करीब 18 घंटे बाद गुरुवार को बरामद किया। मालूम हो कि गत बुधवार को जवाहर पुल पर लोहियानगर निवासी चचेरे भाई सौरभ (17) और विशाल (27) यमुना नदी में मछलियों को दाना डाल रहे थे तभी एक भाई का पैर फिसला और वह नदी में गिर गया, उसे बचाने की कोशिश दूसरे भाई ने की और इस दौरान दोनों यमुना नदी में डूब गए। पुलिस ने बताया कि दोनों की तलाश बुधवार को गोताखोरों ने की लेकिन देर रात तक शव नहीं मिले, गुरुवार की सुबह फिर से तलाश शुरू की गई। उन्होंने बताया कि करीब 18 घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शवों को निकाला गया। एत्माद्दौला थाने के निरीक्षक देवेंद्र शंकर पाण्डेय ने बताया कि दोनों युवकों के शव यमुना से निकाले जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- इंदौर ।पुलिस ने इंदौर में एक पड़ोसी के पालतू कुत्ते की गोली मारकर हत्या के आरोप में 53 वर्षीय व्यक्ति को गुरुवार को गिरफ्तार किया। आरोपी की पत्नी को कुत्ते ने काट लिया था, जिसके कारण उसने आग-बबूला होकर यह आपराधिक कदम कथित तौर पर उठाया। द्वारकापुरी पुलिस थाने के उप निरीक्षक मनीष माहोर ने बताया कि भारतीय दंड विधान की धारा 429 के तहत गिरफ्तार आरोपी की पहचान नरेंद्र विश्वैया (53) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि सुदामा नगर में रहने वाले आरोपी विश्वैया ने एक पड़ोसी के पालतू कुत्ते पर अपनी लाइसेंसी राइफल से बुधवार देर रात गोली दागी और गर्दन पर गोली लगने से कुत्ते ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। माहोर ने बताया, "वारदात का सबब पूछे जाने पर आरोपी विश्वैया ने दावा किया कि कुत्ते ने उसकी पत्नी को काट लिया था और यह जानवर उसके इलाके के अन्य लोगों को भी काटकर घायल कर चुका था।" उन्होंने बताया कि आरोपी विश्वैया की लाइसेंसी राइफल जब्त कर ली गई है और कुत्ते के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। उप निरीक्षक ने बताया, "हम मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। अगर कुत्ते ने आरोपी विश्वैया की पत्नी को वाकई काटा होगा, तो हम उसके मालिक के खिलाफ भी उचित कानूनी कदम उठाएंगे।" file photo
- - राज्यों, जिलाधिकारियों, पुलिस, पंचायती राज संस्थाओं तथा स्थानीय निकायों की जिम्मेदारियां तय कीनयी दिल्ली। सरकार ने कोविड-19 से प्रभावित बच्चों की देखभाल और संरक्षण के लिए दिशा-निर्देश जारी किये हैं और इस लिहाज से राज्यों, जिलाधिकारियों, पुलिस, पंचायती राज संस्थाओं तथा स्थानीय निकायों की जिम्मेदारियां तय की हैं। सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में महिला और बाल विकास मंत्रालय के सचिव राम मोहन मिश्रा ने कहा कि जो कदम उठाये जा रहे हैं, उन्हें मुख्यधारा में लाने और सुगम बनाने के लिहाज से प्राथमिक कर्तव्य वाले लोगों की प्रमुख जिम्मेदारियां निर्धारित की गयी हैं ताकि महामारी के दौरान बच्चों का सर्वश्रेष्ठ हित सुनिश्चित किया जा सके। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने उच्चतम न्यायालय में एक हलफनामे में कहा कि राज्यों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, देश में 9,346 बच्चे ऐसे हैं जो घातक संक्रमण की वजह से अपने माता-पिता में से कम से कम एक को खो चुके हैं और इनमें 1,700 से ज्यादा बच्चे ऐसे हैं जिनके माता-पिता, दोनों की ही कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु हो गयी। मिश्रा ने राज्यों, जिलाधिकारियों, पुलिस, पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों की भूमिकाएं निर्धारित करते हुए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये। राज्यों को सर्वेक्षण और संपर्क के माध्यम से संकटग्रस्त बच्चों का पता लगाना होगा और हर बच्चे के प्रोफाइल के साथ डाटाबेस तैयार करना होगा। उन्हें बच्चों की विशेष जरूरतों का विवरण भी लिखना होगा और इसे ‘ट्रैक चाइल्ड पोर्टल' पर अपलोड करना होगा। मिश्रा ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा कि बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआई) को अस्थायी रूप से ऐसे बच्चों को रखने की जिम्मेदारी दी जाए जिनके माता-पिता कोविड-19 के कारण अस्वस्थ हैं और उनके परिवार में अन्य कोई संबंधी नहीं है। ऐसे बच्चों को जरूरी मदद दी जाए। केंद्रीय अधिकारी ने राज्यों से एक स्थानीय हेल्पलाइन नंबर भी जारी करने को कहा जिस पर विशेषज्ञ परेशानी से जूझ रहे बच्चों को मनोवैज्ञानिक सहयोग दे सकें। उन्होंने कहा कि कोविड से बुरी तरह प्रभावित बच्चों के संरक्षक की भूमिका जिलाधिकारी (डीएम) निभाएंगे।
- आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में मछलियों को दाना डालने के दौरान यमुना नदी में डूबे दो भाइयों के शव गोताखोरों ने घटना के करीब 18 घंटे बाद बृहस्पतिवार को बरामद किया। मालूम हो कि गत बुधवार को जवाहर पुल पर लोहियानगर निवासी चचेरे भाई सौरभ (17) और विशाल (27) यमुना नदी में मछलियों को दाना डाल रहे थे तभी एक भाई का पैर फिसला और वह नदी में गिर गया, उसे बचाने की कोशिश दूसरे भाई ने की और इस दौरान दोनों यमुना नदी में डूब गए। पुलिस ने बताया कि दोनों की तलाश बुधवार को गोताखोरों ने की लेकिन देर रात तक शव नहीं मिले, बृहस्पतिवार की सुबह फिर से तलाश शुरू की गई। उन्होंने बताया कि करीब 18 घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शवों को निकाला गया।एत्माद्दौला थाने के निरीक्षक देवेंद्र शंकर पाण्डेय ने बताया कि दोनों युवकों के शव यमुना से निकाले जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।-file photo
- नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एक परामर्श जारी कर कहा है कि वे समाज के सबसे कमजोर और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों को प्राथमिकता के आधार पर राशन कार्ड जारी कर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत उन्हें शामिल करें। केंद्र का यह निर्देश ऐसी खबरों के बीच आया है कि सर्वाधिक गरीब तबके को खाद्यान्न की सख्त जरूरत है, लेकिन वे राशन कार्ड हासिल नहीं कर पा रहे हैं। खाद्य सचिव सुधांशु पाण्डेय ने एक आभासी संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एनएफएसए के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1.97 करोड़ लोगों को जोड़ने की गुंजाइश है। इसके तहत कुल 14 राज्यों ने अपना 100 प्रतिशत कोटा पूरा कर लिया है। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर खाद्य मंत्रालय ने कहा कि एनएफएसए के तहत चिन्हित आर्थिक रूप से सबसे कमजोर वर्गों को इसके दायरे में शामिल करना महत्वपूर्ण है। खाद्य मंत्रालय ने इस संबंध में बुधवार को सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को शहरी और ग्रामीण इलाकों में जनसंख्या के बीच वंचित तबकों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पहचान कर उन्हें एनएफएसए के तहत राशन कार्ड जारी करने का परामर्श दिया है। मंत्रालय ने कहा है कि राज्य यह काम एनएफएसए के तहत उनको उपलब्ध दायरे के भीतर कर सकते हैं। एनएफएसए के तहत सरकार कार्डधारी प्रत्येक व्यक्ति को हर महीने पांच किलो गेहूं और चावल दो से तीन रुपये की बहुत कम कीमत पर उपलब्ध कराती है। वर्ष 2013 में पारित इस कानून के तहत करीब 80 करोड़ लोग आते हैं।-file photo
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को 12वीं कक्षा के छात्रों और उनके अभिभावकों के साथ संवाद किया और कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद के समय का सदुपयोग उन्हें रचनात्मक और लाभकारी गतिविधियों में करना चाहिए। शिक्षा मंत्रालय की ओर से डिजिटल माध्यम से आयोजित इस संवाद में अचानक पहुंचे प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों को किसी भी परीक्षा को लेकर कभी भी तनाव में नहीं रहना चाहिए। इस संवाद के दौरान उन्होंने छात्रों से पूछा कि कोविड-19 के मद्देनजर परीक्षा रद्द होने के बाद वह कैसा महसूस कर रहे हैं और आगे के लिए वह क्या योजना बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने छात्रों से पूछा कि वह क्या इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और चैम्पियंस लीग देखना पसंद करेंगे या फिर आलंपिक का इंतजार करेंगे। उन्होंने छात्रों से कहा कि उन्हें ‘‘ स्वास्थ ही धन है'' के मंत्र को हमेशा याद रखना चाहिए और पूछा कि शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए वह क्या करते हैं।'' संवाद के दौरान कई छात्रों ने परीक्षा रद्द होने के बाद के अनुभव साझा किए और बताया कि इससे उन्हें कितनी राहत मिली और कैसे अनिश्चितता की स्थिति समाप्त हुई। मोदी ने छात्रों से कहा कि परीक्षा रद्द करने का फैसला उनके हित में लिया गया है।कुछ अभिभावकों ने भी प्रधानमंत्री से अपने विचार साझा किए और बताया कि कैसे छात्र कॉलेज में नामांकन पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। ज्ञात हो कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर केंद सरकार ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया था। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की गई। साथ ही यह फैसला भी हुआ कि सीबीएसई 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के परिणामों को समयबद्ध तरीके से एक पूर्णत: स्पष्ट उद्देश्यपरक मानदंड के अनुसार संकलित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
- नयी दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) 15 जुलाई को स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिये पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। डीयू का अनुमान है कि तब तक सभी स्कूल बोर्ड परिणाम घोषित कर देंगे। विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर सीबीएसई और सीआईएससीई द्वारा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द किये जाने के बाद अधिकारियों ने कहा कि विश्वविद्यालय की दाखिला समिति और अकादमिक परिषद के साथ चर्चा कर स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रवेश प्रमुख राजीव गुप्ता ने कहा, ''विश्वविद्यालय 15 जुलाई को पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। हमें उम्मीद है कि तब तक अधिकतर बोर्ड न केवल यह तय कर लेंगे कि उन्हें क्या करना है बल्कि वे अपने परिणाम भी घोषित कर देंगे।'' हर साल, विश्वविद्यालय के कॉलेज पाठ्यक्रमों के लिए कट-ऑफ घोषित करते हैं और मानदंडों को पूरा करने वाले छात्र संबंधित कॉलेजों में आवेदन करते हैं। केन्द्रीय विश्वविद्याल संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीयूसीईटी) पर भी शिक्षा मंत्रालय के फैसले का इंतजार है। गुप्ता ने कहा, ''मंत्रालय जो कहेगा, हम उसका अनुसरण करेंगे। हम दिशा-निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।'' पिछले साल कोरोना वायरस महामारी की पहली लहर के चलते पूरी दाखिला प्रक्रिया ऑनलाइन हुई थी।
- देहरादून। उत्तराखंड सरकार कोविड-19 का प्रकोप कम होने तथा कोरोना कर्फ्यू के समाप्त होने के बाद चारधाम यात्रा को चरणबद्ध तरीके से खोलने पर विचार कर रही है। कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के कारण पर्यटन उद्योग को हो रही समस्याओं पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से मुलाकात करने के बाद पर्यटन और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बृहस्पतिवार को कहा कि यद्यपि इस संबंध में अभी अंतिम रूप से निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन आने वाले हफ्तों में महामारी का प्रकोप अगर कम होता है तो चारधाम यात्रा को चरणबद्ध तरीके से खोलने के बारे में योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में, चारधाम यात्रा को स्थानीय लोगों के लिए खोला जाएगा जिसका मतलब है कि चमोली, रूद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के जिलों के निवासी इन धामों में जा सकेंगे। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम इन्हीं जिलों में स्थित है। महाराज ने कहा कि अगर पहले चरण में सब कुछ ठीक रहता है तो दूसरे चरण में प्रदेश के अन्य जिलों के लोगों को तीर्थयात्रा की अनुमति दी जाएगी जबकि राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों को कुछ प्रतिबंधों के साथ तीसरे चरण में आने की इजाजत दे दी जाएगी। हालांकि, मंत्री ने कहा, ‘‘सब कुछ कोविड-19 की स्थिति पर निर्भर करेगा। चारधाम यात्रा को चरणबद्ध तरीके से खोलना तभी संभव होगा जब कोरोना वायरस से संक्रमण की दर तथा मृत्यु दर में गिरावट जारी रहेगी और प्रदेश में जारी कोरोना कर्फ्यू समाप्त हो जाएगा।'' उत्तराखंड में इस समय लागू कोरोना कर्फ्यू आठ जून की सुबह छह बजे समाप्त हो रहा है लेकिन इसे चरणबद्ध ढंग से हटाए जाने की संभावना के मद्देनजर अभी कुछ प्रतिबंध जारी रह सकते हैं। चारों हिमालयी धाम अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मई में ही नियमित पूजा अर्चना के लिए खुल चुके हैं लेकिन कोविड-19 की दूसरी लहर के चलते तीर्थयात्रियों को इनमें शामिल होने के लिए आने की अनुमति नहीं दी गयी है। महामारी के कारण चारधाम यात्रा पिछले वर्ष भी कई माह देर से शुरू हुई थी और शुरू होने के बाद भी 72 घंटे पूर्व की कोविड जांच रिपोर्ट लाने जैसे कई प्रतिबंधों के चलते तीर्थयात्रियों की संख्या साढे तीन लाख से कुछ ही ज्यादा रही थी। महाराज ने बताया कि उन्होंने पर्यटन उद्योग के लिए एक राहत पैकेज की मांग भी की है जहां कोरोना वायरस की महामारी के कारण लोग आजीविका का संकट झेल रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के कारण पर्यटकों की नगण्य संख्या के चलते होटल मालिकों, ढाबा चलाने वालों और वाहन आपरेटरों को जबरदस्त झटका लगा है। फरवरी-मार्च में महामारी में कुछ कमी आने के बाद पटरी पर लौटने की कोशिश कर रहे मसूरी और नैनीताल के होटलों को हाल में आई महामारी की दूसरी लहर के चलते अपनी लगभग सारी बुकिंग रद्द करनी पड़ी। पर्यटकों के न आने तथा अपनी क्षमता से आधी सवारियां बैठाने के कोविड-19 प्रतिबंधों के कारण वाहन संचालकों को भी नुकसान उठाना पड़ा है। महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री रावत ने राहत पैकेज की मांग पर सकारात्मक रूख दिखाया है और इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
- नई दिल्ली। केन्द्र ने शिक्षक पात्रता परीक्षा- टी ई टी क्वालिफाइंग सर्टिफिकेट की वैधता की अवधि सात वर्ष से बढ़ाकर आजीवन करने का फैसला किया है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि यह फैसला पिछली अवधि से यानी वर्ष 2011 से लागू होगा। श्री निशंक ने कहा कि राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश ऐसे उम्मीदवारों के लिए नये टी ई टी प्रमाणपत्र जारी करने अथवा पुराने प्रमाण पत्रों को पुन: वैध करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करेंगे जिनकी सात वर्ष की अवधि पहले ही समाप्त हो गई है। शिक्षा मंत्री ने इसे शिक्षण के क्षेत्र में करियर बनाने के आकांक्षी उम्मीदवारों के लिए रोजगार के अवसर बढाने का सकारात्मक कदम बताया। स्कूलों में शिक्षक के रूप में नियुक्त होने का पात्र होने के लिए टी ई टी अनिवार्य क्वालिफाइंग परीक्षा है।
- नई दिल्ली। घर में ही बैठे-बैठे कोरोना की जांच करने वाली भारत की पहली टेस्टिंग किट लॉन्च हो गई है। इस किट की मदद से महज 15 मिनट रिजल्ट मिल जाएगा। अगले 2-3 दिनों में यह टेस्ट किट देशभर में दवा की दुकानों पर भी उपलब्ध हो जाएगी। इस टेस्ट किट को बनाने वाली पुणे स्थित माई लैब डिस्कवरी सोलूशंस लिमिटेड ने गुरुवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी। इस टेस्ट किट का इस्तेमाल उतना ही आसान है जितना घर बैठे टेस्ट किट से प्रेग्नेंसी का पता लगाना। इस टेस्ट किट को 'कोविसेल्फ' नाम दिया गया है जिसके एक यूनिट की कीमत 250 रुपये होगी।19 मई को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने इस होम-बेस्ड रैपिड एंटीजन टेस्ट किट को बाजार में बेचे जाने की इजाजत दी थी। दवा की दुकानों के अलावा यह किट कुछ ई-कॉमर्स प्लेटफॉम्र्स पर भी उपलब्ध होगी। माई लैब का कहना है कि शुरू में वह गुरुवार से 10 लाख सेल्फ-टेस्ट किट्स को बाजार में उतारेगी। अगर इसकी मांग बढ़ती है तो कंपनी हर हफ्ते 70 लाख टेस्ट किट उपलब्ध कराएगी। एक किट से एक ही टेस्ट होगा। इसके लिए नाक से स्वैब लेना होगा। टेस्ट किट 15 मिनट में ही रिजल्ट बता देगी। कोविसेल्फ की एक यूनिट में एक टेस्टिंग किट औरइस्तेमाल से जुड़े निर्देशों वाली लीफलेट होगी। कंपनी का दावा है कि यह टेस्ट किट देश की 95 प्रतिशत पिन कोड्स में उपलब्ध होगी और देशभर में दवा की दुकानों पर मिलेगी।आईसीएमआर ने कोविड टेस्ट किट के इस्तेमाल को लेकर अडवाइजरी जारी की है। उसके मुताबिक, कोरोना जैसे लक्षण वाले लोगों और किसी कोरोना मरीज के सीधे संपर्क में आए लोगों को इस टेस्ट किट के जरिए खुद ही कोरोना जांच की सलाह दी गई है। किट से जुड़ा होम टेस्टिंग मोबाइल ऐप भी गूगल प्लेस्टोर और ऐपल स्टोर पर उपलब्ध है। आईसीएमआर ने अपनी अडवाइजरी में कहा है कि लक्षण के बावजूद इस टेस्ट में नेगेटिव आने वाले लोगों को तत्काल आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना चाहिए। दरअसल, रैपिड एंटीजन टेस्ट में नेगेटिव आने वाले उन लोगों को आरटीपीसीआर टेस्ट की सलाह दी जाती है, जिनमें कोरोना जैसे लक्षण है।---
- नई दिल्ली। सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम मजदूरी तय करने के लिए प्रोफेसर अजीत मिश्रा की अगुवाई में एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया है।श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया है और न्यूनतम मजदूरी तथा राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम मजदूरी के निर्धारण पर तकनीकी जानकारी और सिफारिश देने के लिए एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया है।विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी अलग-अलग है। राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम मजदूरी का तात्पर्य ऐसे वेतन से है, जो पूरे देश में सभी श्रेणियों के श्रमिकों पर लागू होता है। समूह का गठन अधिसूचना की तारीख से तीन साल की अवधि के लिए किया गया है। यह समूह मजदूरी दरों को तय करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वोत्तम प्रथाओं को देखेगा और मजदूरी निर्धारण के लिए एक वैज्ञानिक मानदंड विकसित करेगा। विशेषज्ञ समूह की अध्यक्षता इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ के निदेशक प्रोफेसर अजीत मिश्रा करेंगे। विशेषज्ञ समूह के सदस्यों में प्रोफेसर तारिका चक्रवर्ती (आईआईएम कलकत्ता) अनुश्री सिन्हा (सीनियर फेलो, नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च), विभा भल्ला (संयुक्त सचिव) एच श्रीनिवास (महानिदेशक, वीवी गिरी नेशनल लेबर इंस्टीट्यूट) शामिल हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के वरिष्ठ श्रम एवं रोजगार सलाहकार डी पी एस नेगी सदस्य सचिव हैं।





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