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- पुरी। ओडिशा और पुरी में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए भगवान जगन्नाथ मंदिर के अधिकारियों ने रविवार को घोषणा की कि 12वीं सदी का यह मंदिर 15 जून तक श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा। ओडिशा सरकार द्वारा राज्य में लॉकडाउन लगाए जाने के बाद पांच मई से ही यह विश्व प्रसिद्ध मंदिर बंद है। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने एसजेटीए के प्रशासक डॉ. कृष्ण कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में मंदिर को 15 जून तक बंद रखने का निर्णय किया। बैठक में पुरी के जिलाधिकारी समर्थ वर्मा भी मौजूद थे। बैठक में परिस्थतियों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर मानक संचालन प्रक्रिया की समीक्षा करने का भी निर्णय किया गया।
- रायबरेली । उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्यमंत्री व कांग्रेस नेता शिवबालक पासी का 81 वर्ष की आयु में शनिवार रात को निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, शिवबालक पासी डीह ब्लॉक के थौरी गांव के रहने वाले थे। बृहस्पतिवार की रात कांग्रेस नेता की तबीयत खराब हो गई तो परिवार के लोग उन्हें लखनऊ ले गए जहां अस्पताल में बिस्तर न मिलने की वजह से उन्हें अमेठी ले गए और सैदापुर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। पासी का शनिवार रात में निधन हो गया। वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के काफी करीबी माने जाते थे।पासी सलोन विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक चुने गए। प्रदेश में कांग्रेस सरकार में वह राज्यमंत्री रहे। उनके निधन की सूचना पर क्षेत्रीय लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
- कौशांबी । जिले के सैनी थाना क्षेत्र में खेत की रखवाली कर रहे एक किसान की अज्ञात लोगों ने धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि घटना शनिवार रात की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार सैनी थाना क्षेत्र के भडेहरी गांव निवासी जयप्रकाश (50) बीती रात अपने खेत की रखवाली कर रहा था। रात में ही किसी समय अज्ञात लोगों ने जयप्रकाश की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। रविवार सुबह ग्रामीणों ने जयप्रकाश की खून से सनी लाश खेत में पड़ी देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने रविवार को बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से उनके राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति पर बात की। मोदी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में महामारी के हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्रियों से नियमित बात कर रहे हैं। भारत में 25 दिनों के बाद एक दिन में कोविड-19 के सबसे कम 3.11 लाख मामले आए जबकि 4,077 और लोगों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या 2,70,284 पर पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार को जारी आकंड़ों के अनुसार, कोविड-19 का उपचार करा रहे मरीजों की संख्या कम होकर 36,18,458 हो गई है जो संक्रमण के कुल मामलों का 14.66 प्रतिशत है। कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले लोगों की राष्ट्रीय दर में सुधार हुआ है और यह 84.25 प्रतिशत है। आंकड़ों के मुताबिक, इस महामारी से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 2,07,95,335 हो गई है जबकि मृत्यु दर 1.09 प्रतिशत दर्ज की गई।
- कोलकाता। पश्चिम बंगाल में टीवी धारावाहिकों, वेब सीरीज और फिल्मों की शूटिंग पर रविवार से रोक लग गई। राज्य सरकार ने कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए सख्त पाबंदियां लागू की हैं। ‘फेडरेशन ऑफ सिने टेक्नीशियंस एंड वर्कर्स ऑफ ईस्टर्न इंडिया' के अध्यक्ष स्वरूप बिस्वास ने बताया कि राज्य में अभी 36 धारावाहिकों, तीन वेब सीरीज और एक फिल्म की शूटिंग चल रही थी जो रविवार से 30 मई तक के लिए रुक जाएगी। बिस्वास ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से हमारा अनुरोध है कि वह देखें कि क्या कुछ ऐसा उपाय निकाला जा सकता है, जिससे इस पेशे में शामिल सैकड़ों लोग बेरोजगार न हो जाए। बेहतर होगा कि वे कोविड-19 संबंधी सभी सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए अपना काम कर सकें।'' राज्य में जिन 746 तकनीशियनों की कोरोना वायसस के लिए जांच हुई, उनमें से 34 संक्रमित पाए गए। इनमें ज्यादातर मेकअप आर्टिस्ट थे, जो कलाकारों के करीबी संपर्क में आए। उन्होंने कहा, हमें कलाकारों से अपनी कोविड-19 संबंधी जांच कराने का अनुरोध किया है जिससे फेडरेशन को शूटिंग वाला क्षेत्र कोविड-19 मुक्त क्षेत्र बनाने में मदद मिलेगी।
- चित्रकूट (उप्र) । चित्रकूट जिले के गोंडा गांव में एक पहाड़ पर पत्थर तोड़ते समय एक जेसीबी मशीन डेढ़ सौ फीट नीचे खाई में गिर गयी, जिसके कारण उसके चालक की मौके पर ही मौत हो गयी। भरतकूप थाना प्रभारी संजय उपाध्याय ने रविवार को बताया कि शनिवार को पहाड़ पर एक खदान में पत्थर तोड़ते समय एक जेसीबी मशीन डेढ़ सौ फीट नीचे खाई में गिर गयी। उन्होंने बताया कि इस हादसे में बिहार निवासी जेसीबी चालक विनय यादव (30) की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। उपाध्याय ने बताया कि इस सिलसिले में मामला दर्ज कर लिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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मुंबई। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को कहा कि च्रकवात तौकते ‘काफी भीषण चक्रवाती तूफान' में परिवर्तित हो गया है और इसके चलते 17 मई को महाराष्ट्र के मुंबई, उत्तरी कोंकण, ठाणे और पालघर के हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने रायगढ़ में सोमवार को अत्याधिक भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।
आईएमडी ने बृह्नमुंबई महानगर पालिका को सूचित किया था कि तूफान के शनिवार देर रात या रविवार तड़के मुंबई से कुछ दूरी से गुजरने की संभावना है, इसलिए अधिक नुकसान होने की आशंका नहीं है, लेकिन मुंबई, ठाणे और पालघर में तेज हवाएं चल सकती हैं और भारी बारिश हो सकती है। पुणे आईएमडी में पर्यावरण अनुसंधान एवं सेवाएं विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के एस होसालिलर ने ट्वीट किया, ताजा मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात सोमवार दोपहर के आसपास पहुंच सकता है। हालांकि, यह 200 किलोमीटर से अधिक दूरी से गुजर सकता है। फिर भी, उत्तरी कोंकण, मुंबई, ठाणे और पालघर के दूर-दराज के भागों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। रायगढ़ में अत्याधिक भारी बारिश की संभावना है। 16-17 मई को तेज हवाएं चल सकती हैं और समुद्र अशांत रह सकता है। - नई दिल्ली। झारखंड का हजारीबाग 6000 वां स्टेशन बन गया है जहां रेलवे ने मुफ्त वाई-फाई सेवा शनिवार को शुरू की। रेलवे ने सबसे पहले 2016 में मुंबई रेलवे स्टेशन पर वाई-फाई सुविधा उपलब्ध करायी थी और इसके बाद पश्चिम बंगाल में मेदिनीपुर 5,000 वां स्टेशन था जहां इसकी शुरुआत की गयी। रेलवे ने रविवार को बताया कि 15 मई को ओडिशा के अंगुल जिले के जरपदा स्टेशन पर भी यह सुविधा शुरू की गयी। रेलवे ने कहा, रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा भारत सरकार के ‘डिजिटल इंडिया' कार्यक्रमों के लक्ष्यों को पूरा करती है। इससे ग्रामीण और शहरी नागरिकों के बीच डिजिटल खाई खत्म होगी और ग्रामीण इलाकों की भी डिजिटल स्तर पर मौजूदगी बढ़ेगी और प्रयोक्ताओं को अच्छा अनुभव मिलेगा। रेलवे ने बताया, ‘‘भारतीय रेलवे अब 6000 स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा मुहैया करा रहा है।-file photo
- देहरादून। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ के कपाट छह माह के शीतकालीन अवकाश के बाद सोमवार को सुबह पांच बजे खोल दिए जाएंगे । पिछले वर्ष की तरह इस बार भी कोविड-19 के कारण कपाटोद्घाटन के दौरान श्रद्धालु उपस्थित नहीं रह पाएंगे। आगामी मंगलवार 18 मई को चमोली में स्थित भगवान बदरीनाथ के कपाट सुबह सवा चार बजे ब्रहममुहूर्त में खुल जाएंगे । कोविड के कारण यहां भी श्रद्धालुओं को आने की अनुमति नहीं होगी। कोविड के संबंध में उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी एसओपी के अनुसार, विधि विधान और पूजा अर्चना के साथ केदारनाथ और बदरीनाथ के कपाट खोले जाने के दौरान वहां तीर्थ पुरोहितों, देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों समेत केवल 25 लोग ही उपस्थित रहेंगे। इससे पहले, शुक्रवार 14 मई को यमुनोत्री के कपाट और शनिवार पांच मई को गंगोत्री के कपाट खोले जाने के दौरान भी यही व्यवस्था लागू की गई थी। उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में चारधामों के नाम से मशहूर बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट हर साल छह माह के शीतकालीन अवकाश के बाद अप्रैल-मई में श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अर्धशहरी, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में कोविड नियंत्रण और प्रबंधन के बारे में मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है। मंत्रालय ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में कोविड मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन अर्धशहरी, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में भी अब संक्रमित लोगों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। इसलिए इन क्षेत्रों में कोविड महामारी से निपटने के प्रयास तेज करने के लिए सभी स्तरों पर प्राथमिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और समुदायों को सशक्त बनाने की आवश्यकता है।स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि लगभग 80 से 85 प्रतिशत कोविड मरीजों में कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं होते या हल्के लक्षण होते हैं। इन मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता नहीं है और इन्हें घर पर ही या कोविड केयर आइसोलेशन सेंटर में ठीक किया जा सकता है। कोविड मरीजों की निगरानी के लिए ऑक्सीजन के स्तर पर नजर रखना महत्वपूर्ण है। प्रत्येक गांव में पर्याप्त संख्या में ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर होने चाहिये। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण समिति को इन उपकरणों के प्रावधान के लिए संसाधन जुटाने चाहिए। कोविड मरीजों के परिवारों के लिए पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर उपलब्ध कराने की प्रणाली विकसित की जानी चाहिए। इस कार्य में आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्रामीण स्तर के स्वयंसेवकों की सहायता ली जानी चाहिए।
- नई दिल्ली। देश में कोरोना टीके की कमी के बीच सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के प्रमुख अदार पुनावाला ने कहा कि वैक्सीन की मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन में तेजी लाने की पूरी कोशिश की जा रही हैं। एसआईआई के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष अदार पुनावाला ने एक ट्वीट में कहा कि संस्थान भारतीय बाजार में प्राथमिकता से टीका उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश कर रहा हैं।उन्होंने जिंदल साउथ वेस्ट के अध्यक्ष सज्जन जिंदल के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा, ''सीरम इंस्टिट्यूट में हम भारत के लिए प्राथमिकता से वैक्सीन उत्पादन बढ़ाने और नयी वैक्सीन उतारने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हम जिंदल साउथ वेस्ट के देश में चिकित्सीय ऑक्सीजन की आपूर्ति को पूरा करने के प्रयासों के लिए आभारी हैं। हम इस महामारी के खिलाफ इस लड़ाई में एक साथ खड़े हैं।" सज्जन जिंदल ने दरअसल इससे पहले एसआईआई, भारत बायोटेक और उसकी प्रबंध निदेशक कृष्णा एल्ला को ट्वीटर पर टैग कर कहा, ''कोरोना संक्रमण से जीतने का एक मात्र विकल्प देश में सभी को टीका लगाना है। भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा अपनी उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाते हुए देखना बेहद अच्छा है।''गौरतलब है कि भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट देश में दो प्रमुख वैक्सीन निर्माता कंपनी हैं। दोनों ने अबतक कई राज्यों को वैक्सीन की आपूर्ति की है और यह लगातार जारी है। इस बीच अपोलो हॉस्पिटल समूह की संयुक्त प्रबंध निदेशक संगीता रेड्डी ने केंद्र सरकार से कोरोना वैक्सीन उत्पादन में तेजी लाने के लिए निर्णायक कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ''मैं केंद्र सरकार से टीके के उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़ा और निर्णायक कदम उठाने का आग्रह करती हूँ। सरकार को टीकाकरण प्रक्रियाओं को उन लोगों के लिए भी कारगर बनाना चाहिए जिनकी पहुंच इंटरनेट तक नहीं हैं।
- पुणे/नयी दिल्ली। कांग्रेस सांसद राजीव सातव का रविवार को पुणे के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। अस्पताल सूत्रों ने यह जानकारी दी। कुछ दिनों पहले ही वह कोविड-19 से उबरे थे। वह 46 वर्ष के थे।सातव की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था। वह 22 अप्रैल को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे।उन्होंने बताया कि सातव को बाद में एक नया वायरल संक्रमण हो गया था और उनकी हालत गंभीर थी।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनके निधन पर दुख जताया और कहा कि यह उनके लिए बहुत बड़ी क्षति है।उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैं अपने मित्र राजीव सातव के निधन से बहुत दुखी हूं। उनमें एक नेता के तौर पर असीम संभावनाएं थी और उन्होंने कांग्रेस के आदर्शों को आत्मसात कर लिया था। यह हम सभी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।’’महाराष्ट्र से आने वाले सातव को पूर्व कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी का करीबी माना जाता था।वह गुजरात में पार्टी के मामलों के प्रभारी थे जहां पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अच्छा मुकाबला किया था। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया, ‘‘हम राज्यसभा सदस्य और हमवतन श्री राजीव सातव के निधन से बहुत दुखी हैं। राष्ट्र के प्रति उनके अटूट समर्पण और सादगी से पार्टी का कामकाज चलाने को काफी याद किया जाएगा। उनके परिवार, मित्रों तथा समर्थकों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।’’ अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस ने अग्रिम मोर्चे के अपने योद्धा, कांग्रेस कार्यकारी समिति के सदस्य, सांसद और होनहार युवा नेता को खो दिया है।उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस अपूरणीय क्षति से बहुत आहत हूं। पार्टी उनके अटूट समर्पण, जुड़ाव और अपार लोकप्रियता को हमेशा याद रखेगी।’’कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, ‘‘राजीव सातव के रूप में हमने अपना सबसे होनहार सहयोगी खो दिया। उनका दिल बेहद साफ था, वह ईमानदार, कांग्रेस के आदर्शों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध और भारत के लोगों के प्रति समर्पित थे। मेरे पास शब्द नहीं हैं, उनकी युवा पत्नी और बच्चों के लिए प्रार्थना करती हूं। ईश्वर उन्हें उनके बिना जीने की ताकत दें।’’कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि इस नुकसान से वह निशब्द हो गए हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘आज एक ऐसा साथी खो दिया जिसने सार्वजनिक जीवन का पहला कदम युवा कांग्रेस में मेरे साथ रखा और आज तक मेरे साथ चले पर आज...राजीव सातव की सादगी, बेबाक मुस्कुराहट, जमीनी जुड़ाव, नेतृत्व और पार्टी से निष्ठा तथा दोस्ती सदा याद आएगी। अलविदा मेरे दोस्त। जहां रहो, चमकते रहो।’’पार्टी नेता जयराम रमेश ने कहा, ‘‘मेरे युवा सहयोगी राजीव सातव का कोविड-19 संबंधी दिक्कतों के कारण निधन हो गया। वह युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और साथ ही दोनों सदनों में सांसद रहे। वह एक ओजस्वी वक्ता थे और हमेशा अच्छी तैयारी करके आते थे। वह कांग्रेस के पुनरुद्धार के अभिन्न अंग थे। दुखद।’’
- नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार एवं फाइनेंशियल एक्सप्रेस के प्रबंधक संपादक सुनील जैन का शनिवार को निधन हो गया। वह कोरोना वायरस से संक्रमित थे।उनकी बहन संध्या जैन ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। कोरोना से संक्रमित पाए जाने के बाद जैन को इलाज के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था।संध्या जैन ने ट्वीट किया, " कोविड-19 के कारण उत्पन्न हुईं स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण आज शाम हमने अपने भाई सुनील जैन को खो दिया। एम्स के डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन कोरोना रूपी राक्षस बहुत शक्तिशाली निकला। तीर्थंकर उनकी आगे की यात्रा को मार्ग दिखाएं। इस मुश्किल घड़ी में हमारे साथ खड़े होने वाले सभी लोगों के प्रति आभार।"प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर शोक प्रकट करते हुए ट्वीट किया, " सुनील जैन, आप इतनी जल्दी हमें छोड़कर चले गए। मैं आपके शानदार लेखों और विविध मामलों पर स्पष्ट और व्यावहारिक विचार की कमी महसूस करूंगा। आपके निधन से पत्रकारिता जगत को एक बड़ा नुकसान हुआ है। आपके परिजनों और मित्रों के प्रति मेरी संवेदना। ओम शांति।"वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इंडियन एक्सप्रेस समूह के कार्यकारी निदेशक अनंत गोयंका ने भी जैन के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। तीन मई को एम्स में भर्ती होने के बाद सुनील जैन ने आखिरी बार ट्वीट किया था।
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आगरा। आगरा में शनिवार को बसई अरेला थाना क्षेत्र के अरेवा गांव में एक बाइक अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गयी। हादसे में दुपहिया सवार पति की मौत हो गयी जबकि पत्नी घायल हो गयी। पुलिस ने महिला को अस्पताल में भर्ती कराया है। थाना बसई अरेला के निरीक्षक शेर सिंह ने बताया कि हादसे में मारे गए व्यक्ति की पहचान धर्मेंद्र के रूप में हुई है। शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
- बालासोर। ओडिशा। बालासोर के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर शनिवार तड़के एक कार के पुल से नीचे गिर जाने से उसमें सवार तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि निकटवर्ती मयूरभंज जिले के बारीपदा से एक वाहन में सवार पांच लोग भुवनेश्वर जा रहे थे, तभी तड़के करीब तीन बजे वाहन चालक ने गाड़ी से नियंत्रण खो दिया और कार पुल से नीचे गिर गई। बालासोर औद्योगिक पुलिस मौके पर पहुंची और पांचों लोगों को बालासोर मुख्यालय अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उनमें से तीन को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान रवींद्र साहू, संतोष पांडा और देबाशीष पांडा के तौर पर हुई है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में देश में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति और टीकाकरण अभियान की समीक्षा की तथा सर्वाधिक संक्रमित क्षेत्रों में जांच का दायरा बढ़ाने, स्थानीय स्तर पर रोकथाम की रणनीति पर काम करने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर जांच करने और वहां स्वास्थ्य संबंधी संसाधनों को बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक मोदी ने आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों को कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सभी आवश्यक संसाधनों से लैस करने और ग्रामीण क्षेत्रों में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मोदी लगातार बैठकें कर रहे हैं और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि कोरोना वायरस महामारी अब देश के ग्रामीण इलाकों में तेजी से पांव पसार रही है। इसके मद्देनजर उन्होंने लोगों से मास्क पहनने और उचित दूरी का पालन करने सहित बचाव के उपायों का अनुसरण करने का आग्रह किया था। कोविड-19 महामारी को एक ‘‘अदृश्य दुश्मन'' करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा था कि सरकार इस महामारी की दूसरी लहर से मुकाबले के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया था कि देश इस लड़ाई में विजय हासिल करेगा। पीएमओ ने कहा कि बैठक में प्रधानमंत्री को देश में कोरोना की ताजा स्थिति से अवगत कराया गया और उन्हें यह भी बताया गया कि अभी प्रत्येक सप्ताह 1.3 करोड़ लोगों की जांच हो रही है जबकि पिछले साल मार्च में प्रत्येक सप्ताह जांच का आंकड़ा 50 लाख था। बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री को बताया कि लोगों के ठीक होने की दर के साथ ही संक्रमण दर में भी कमी दर्ज की गई है। बैठक में यह चर्चा हुई कि पिछले कुछ सप्ताह में जहां संक्रमण के मामले रोजाना चार लाख के ऊपर जा रहे थे, वहीं अब केंद्र व राज्य सरकारों तथा स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों से यह मामले कम होने लगे हैं। अधिकारियों ने बैठक में प्रधानमंत्री के समक्ष राज्य और जिलावार कोविड-19 की स्थिति, जांच, ऑक्सीजन की उपलब्धता, स्वास्थ्य ढांचे और टीकाकरण की रूपरेखा के बारे में प्रस्तुति दी गई। बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जिन राज्यों के जिन जिलों में संक्रमण के मामले अधिक हैं, वहां स्थानीय निषिद्ध क्षेत्र रणनीति समय की मांग है।'' उन्होंने ऐसे क्षेत्रों में आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजन जांच तेज करने के निर्देश दिए।प्रधानमंत्री ने कहा कि भले ही आंकड़े अधिक आएं लेकिन राज्यों को बगैर किसी दबाव के पारदर्शिता से आंकड़े जारी करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी संसाधनों को बढ़ाने पर जोर दिया ताकि घर-घर जाकर जांच की जा सके और निगरानी रखी जा सके। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में घरों में पृथकवास की स्थिति में उपचार संबंधी दिशा निर्देशों को आसान भाषा में उपलब्ध कराने के लिए भी कहा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक वितरण योजना बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने ऑक्सीजन संबंधी उपकरणों के संचालन के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने का भी निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ने कुछ राज्यों में वेंटिलेटर्स का इस्तेमाल ना हो पाने संबंधी खबरों को गंभीरता से लिया और केंद्र सरकार द्वारा दिए गए वेंटिलेटर्स के हिसाब की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई वैज्ञानिक और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है, जो आगे भी जारी रहेगी। बैठक के दौरान टीकाकरण अभियान का राज्यवार ब्योरा प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया और इसकी योजना पर भी चर्चा की गई। उन्होंने टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए अधिकारियों को राज्यों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया।
- नयी दिल्ली ।भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को कहा कि अरब सागर के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र अब चक्रवाती तूफान ‘तौकते' में तब्दील हो गया है और इसके 18 मई के आसपास पोरबंदर तथा नलिया के बीच गुजरात तट को पार करने की संभावना है। इसने कहा कि ‘तौकते' 16 से 18 मई के बीच अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में रहेगा।आईएमडी द्वारा अपराह्न 1:45 बजे जारी किए गए बुलेटिन में कहा गया, ‘‘इसके (तौकते) अगले छह घंटे के दौरान ‘भीषण चक्रवाती तूफान' में परिवर्तित होने की काफी संभावना है और फिर अगले 12 घंटे में इसके ‘अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान' में बदलने की संभावना है। इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिमी दिशा की तरफ बढ़ने और लगभग 18 मई को अपराह्न/शाम के समय पोरबंदर तथा नलिया के बीच गुजरात तट को पार करने की संभावना है।'' केंद्र और तटीय राज्यों की सरकारें चक्रवात से निपटने की तैयारी कर रही हैं।राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने चक्रवात के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्य के उद्देश्य से अपनी टीमों की संख्या 53 से बढ़ाकर 100 कर दी है। केंद्रीय जल आयोग ने भी चक्रवात को लेकर केरल के मध्य एवं उत्तरी हिस्सों, पास के दक्षिण तटीय एवं कर्नाटक के दक्षिण तटवर्ती क्षेत्रों के लिए मध्यम से उच्च स्तर के जोखिम का अलर्ट जारी किया है। गोवा में सरकार ने चक्रवात के मद्देनजर आवश्यक कदम उठाए हैं।आईएमडी के अनुसार चक्रवात के चलते कोंकण और गोवा में 15 और 16 मई को भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। गोवा अग्निशमन एवं आपात सेवा ने कहा कि इसने स्थिति से निपटने के लिए अपने कर्मियों को तैयार रखा है।महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य के तटीय जिलों के अधिकारियों को सतर्क रहने और स्थिति से निपटने के लिए उपकरणों से लैस रहने के निर्देश दिए हैं।
- तिरुवनंतपुरम। केरल में शनिवार को मूसलाधार बारिश होने और तेज हवाएं चलने से सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हो गए, पेड़ उखड़ गए और बिजली आपूर्ति घंटों तक बाधित रही। समुद्र में ऊंची लहरें उठने से तटीय इलाकों में जनजीवन बाधित हो गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, पांच जिलों मलप्पुरम, कोझीकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका के साथ ‘रेड अलर्ट' जारी किया गया है। उसने बताया कि अलप्पुझा, कोट्टयम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड, मलप्पुरम, कोझीकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में एक या दो स्थानों पर 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ बारिश की संभावना है। मध्य और उत्तरी जिलों में ऊंचे और तटीय इलाकों में पिछले 24 घंटों में काफी नुकसान पहुंचा।प्रमुख नदियों में जल स्तर लगातार बढ़ने पर प्राधिकारियों ने उसके तट पर रह रहे लोगों को चौकन्ना रहने को कहा है। पर्वतीय जिले इडुक्की में कलारकुट्टी, मलंकारा और भूथाथंकेट्टू बांध के द्वार खुले हैं। राज्य में कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और मकानों तथा वाहनों पर गिरे।पेड़ों के गिरने से कई स्थानों पर यातायात भी बाधित हो गया जबकि इडुक्की में मुन्नार-वट्टावडा रोड कुछ वक्त तक बाधित रहा। अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ के कर्मी पेड़ों को हटाने और रास्तों को साफ करने की कोशिश कर रहे हैं। तटीय जिलों तिरुवनंतपुरम, एर्नाकुलम, त्रिशूर और मलप्पुरम में भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ समुद्र में ऊंची लहरें उठने से व्यापक नुकसान हो रहा है। राज्य में यहां स्थित सबसे पुराने समुद्री पुल वलियाथुरा में दरार आ गई है। पुल के प्रवेश द्वार को बंद कर दिया है और वहां पुलिस को तैनात किया गया है। प्रारंभिक खबरों के अनुसार, राज्य के तटीय क्षेत्रों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने से सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हो गए। बड़ी संख्या में लोगों को विभिन्न जिलों में राहत शिविरों में भेजा गया है, जहां कोविड-19 संबंधी नियमों का पालन किया जा रहा है। इस बीच, भारतीय तटरक्षक बल के जहाज विक्रम ने शुक्रवार रात को उत्तरी कन्नूर जिले के तट पर मछली पकड़ने की एक छोटी नौका से तीन मछुआरों को बचाया।
- कोरोना की पहली लहर के बाद सरकार, प्रशासन, लोग सभी लापरवाह हो गए थे : भागवतनयी दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने लोगों से कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में एकजुट और सकारात्मक बने रहने की अपील करते हुए शनिवार को कहा कि कोरोना वायरस की पहली लहर के बाद सरकार, प्रशासन और जनता के लापरवाह होने के कारण वर्तमान स्थिति का सामना करना पड़ रहा है । ‘‘पोजिटिविटी अनलिमिटेड'' व्याख्यान श्रृंखला को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा, ‘‘इस चुनौतीपूर्ण समय में एक दूसरे पर अंगुली उठाने की बजाए हमें एकजुट रहना होगा और एक टीम की तरह कार्य करना होगा ।'' उन्होंने कहा, ‘‘ हम इस परिस्थिति का सामना कर रहे हैं क्योंकि सरकार, प्रशासन और जनता, सभी कोविड की पहली लहर के बाद लापरवाह हो गए जबकि डाक्टरों द्वारा संकेत दिये जा रहे थे । '' सरसंघचालक ने कहा कि अब तीसरी लहर की बात हो रही है । ‘‘लेकिन हमें डरना नहीं है । हम चट्टान की तरह एकजुट रहेंगे ।'' भागवत ने कहा कि सभी को सकारात्मक रहना होगा और मौजूदा परिस्थिति में स्वयं को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाने (नेगेटिव) के लिए सावधानियां बरतनी होंगी । उन्होंने कहा कि यह एक दूसरे पर अंगुली उठाने का उपयुक्त समय नहीं है और वर्तमान परिस्थितियों में तर्कहीन बयान देने से बचना चाहिए । भागवत ने कोरोना वायरस संक्रमण के संदर्भ में कहा, ‘‘जब विपत्ति आती है तो भारत के लोग जानते हैं कि सामने जो संकट है, उसे चुनौती मानकर संकल्प के साथ लड़ना है।'' उन्होंने कहा, ‘‘लोग जानते हैं कि यह हमें डरा नहीं सकती। हमें जीतना है। जब तक जीत न जाएं तब तक लड़ना है।'' उन्होंने कहा, ‘‘थोड़ा सी गफलत हुई। शासन-प्रशासन और लोग..सभी गफलत में आ गए, इसलिए यह आया।''मोहन भागवत ने द्वितीय विश्व युद्ध के समय इंग्लैंड की स्थिति का जिक्र किया, जब ऐस लग रहा था कि सब कुछ उसके वितरीत जा रहा हो । भागवत ने तब के प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल को उद्धृत किया जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘‘इस कार्यालय में कोई निराशावादी नहीं है, हमें हार की संभावना में कोई रूचि नहीं है, इसका कोई अस्तित्व नहीं है । '' उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसे ही इस परिस्थिति में हमें साहस नहीं छोड़ना है । हमें संकल्पबद्ध रहना है।'
- भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण पर प्रभावी रोकथाम के लिए लोकहित में मध्य प्रदेश में चार राज्यों उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं राजस्थान से आने तथा जाने वाले बस परिवहन संचालन को 23 मई तक स्थगित कर दिया है। पहले इन बसों का संचालन 15 मई तक स्थगित किया गया था। मध्यप्रदेश परिवहन विभाग ने शनिवार को इस आशय के आदेश जारी किए।मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘सचिव, राज्य परिवहन प्राधिकार एवं अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) मध्य प्रदेश ने उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं राजस्थान राज्यों से 23 मई 2021 तक मध्य प्रदेश की समस्त यात्री बस वाहनों का इन चार राज्यों की सीमा में प्रवेश तथा इन चार राज्यों की समस्त यात्री बस वाहनों का मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश स्थगित करने का शनिवार को आदेश जारी किये हैं।'' उन्होंने बताया कि पहले बस सेवा 15 मई तक स्थगित की गई थी, जिसे बढाकर 23 मई किया गया है।
- नयी दिल्ली । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि वैश्विक सहायता के तौर पर मिले कुल 10935 ऑक्सीजन सांद्रक, 13169 ऑक्सीजन सिलेंडर, 19 ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्र और 4.9 लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन की शीशियों की 27 अप्रैल से 13 मई के बीच या तो विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को आपूर्ति हो चुकी है या उनके लिये रवाना की जा चुकी हैं। मंत्रालय के मुताबिक 13-14 मई को अमेरिका, इटली, कनाडा, दक्षिण कोरिया, ओमान, ब्रिटन और जापान से अहम खेप मिलीं जिनमें 157 ऑक्सीजन सांद्रक, 900 ऑक्सीजन सिलेंडर और 338 वेंटिलेटर/बाइपेप/सीपेप शामिल थे। मंत्रालय के मुताबिक इन देशों से इस खेप में रेमडेसिविर की 68810 शीशीयों के साथ ही टोसिलिजुमैब की 1000 यूनिट भी प्राप्त हुईं। मंत्रालय ने कहा कि कुल मिलाकर 10953 ऑक्सीजन सांद्रक, 13169 ऑक्सीजन सिलेंडर, 19 ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्र, 6835 वेंटिलेटर और बाइपेप तथा 4.9 लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन की शीशियां 27 अप्रैल से 13 मई के बीच सड़क व वायु मार्ग से राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लिये भेजी जा चुकी हैं। मंत्रालय ने कहा, “प्राप्तकर्ता राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों व संस्थानों के लिये प्रभावी तत्काल आवंटन और सुव्यवस्थित वितरण एक सतत चलने वाली कवायद है।” केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय नियमित आधार पर इसकी व्यापक निगरानी कर रहा है।मंत्रालय ने विदेशों से अनुदान, सहायता और दान के तौर पर प्राप्त हुई कोविड राहत सामग्री के आवंटन के लिये एक समर्पित समन्वय प्रकोष्ठ बनाया है। यह प्रकोष्ठ 26 अप्रैल से काम कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दो मई 2021 को मानक संचालन प्रक्रिया बनाई गई और उसे कार्यान्वित किया गया।
- पीलीभीत। पीलीभीत के बिलसंडा थाने में पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) 112 सेवा में तैनात सिपाही जितेंद्र कुमार ने शनिवार अपरान्ह कथित रूप से आत्महत्या कर ली। यह कदम उठाने से पहले सिपाही कुछ देर के लिए फेसबुक पर लाइव हुआ था। पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक किरीट कुमार ने पत्रकारों से कहा कि वह पूरे मामले की जानकारी जुटा रहे हैं।सूत्रों के अनुसार मुख्यालय से वापस लौटते समय अज्ञात कारणों से सिपाही ने अपने सिर में गोली मार ली और जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सिपाही की मौत की सूचना आयी। वीडियो में रोते हुए विभाग से परेशान होकर उसने आत्महत्या करने की बात कही है। किरीट कुमार ने बताया कि मृतक सिपाही जितेंद्र की पत्नी से भी जानकारी जुटाई जा रही है और सभी बिंदुओं पर जानकारी के बाद ही इस प्रकरण में कुछ कहा जा सकता है। पुलिस ने बताया कि यह घटना बीसलपुर क्षेत्र की जिरौनिया पुलिस चौकी के पास की है। शामली जिले का रहने वाला जितेंद्र 2016 बैच का सिपाही है जो बिलसंडा थाने में पीआरवी 112 सेवा की बाइक पर तैनात था।
- शहडोल। जिले में एक पुराने कुएं की सफाई के दौरान मिट्टी धंसने से दो लोगों की मलबे में दब कर मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति को करीब 10 घंटे के बचाव अभियान के बाद जीवित बाहर निकालने में कामयाबी मिली। घटना शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के पपरेडी गांव में शुक्रवार की है। ब्यौहारी थाना प्रभारी अनिल कुमार पटेल ने शनिवार को बताया कि क्षेत्र के ग्राम पपरेडी में रमेश सेन (45) अपने मकान के पिछले हिस्से में बने पुराने कुएं की गांव के ही मोतीलाल कोल (60) एवं राजेश गोंड (25) को बुलाकर शुक्रवार सुबह सफाई करा रहे थे। तभी अचानक कुएं की मिट्टी धंसने लगी और देखते ही देखते दोनों कुएं में मिट्टी के नीचे दब गए। उन्होंने कहा कि दोनों को बचाने के लिए रमेश सेन भी कुएं में उतर गए और वह भी मलबे में दब गए।पटेल ने बताया कि इस बात की जानकारी लगते ही मौके पर पहुंची ब्यौहारी पुलिस ने बचाव अभियान चलाया और जेसीबी मशीन सहित अन्य उपकरणों की मदद से तीनों को शुक्रवार की रात आठ बजे तक बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि बाहर निकाले जाने तक राजेश गोंड़ एवं मोतीलाल कोल की मौत हो चुकी थी, जबकि रमेश सेन की सांस चल रही थी। पटेल ने बताया कि सेन की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तत्काल शहडोल जिला अस्पताल लाकर भर्ती किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान लगभग 10 घंटे तक चला।शहडोल के कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह ने दोनों मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपए की सहायता राशि राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6 (4) के तहत स्वीकृत की है। साथ ही संकटापन्न मद से 10-10 हजार रुपए एवं राष्ट्रीय परिवार सहायता मद से 20-20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही घायल रमेश सेन को जिला चिकित्सालय शहडोल भिजवाकर त्वरित एवं निःशुल्क इलाज की भी व्यवस्था कराई है।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात ‘‘तौकते'' से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शनिवार को राज्यों, केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की और संबंधित अधिकारियों को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य, पेयजल जैसी जरूरी सेवाओं का प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने चक्रवात से जिन स्थानों के प्रभावित होने की संभावना है वहां के अस्पतालों में कोविड प्रबंधन, टीकाकरण, बिजली की कमी न हो, इसके उपाय और आवश्यक दवाओं के भंडारण के लिए विशेष तैयारियों की आवश्यकता पर बल दिया। इस उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव, केबिनेट सचिव, गृह मंत्रालय, नागरिक उड्डयन, संचार, पोत परिवहन मंत्रालयों के सचिव, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के शीर्ष अधिकारी, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री कार्यालय तथा गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। पीएमओ ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने नियंत्रण कक्षों को चौबीसों घंटे कार्यरत रखने का निर्देश दिया। उन्होंने जामनगर से होने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति पर कम से कम प्रभाव पड़ना सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने समय रहते बचाव व राहत अभियान में स्थानीय लोगों को शामिल करने के बारे में भी बात की।'' बयान के मुताबिक भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि तौकते चक्रवात 18 मई की दोपहर या शाम को पोरबंदर और नलिया के बीच गुजरात तट पर पहुंच सकता है और इस दौरान हवाओं की रफ्तार बीच-बीच में 175 किलोमीटर प्रति घंटा भी हो सकती है। इस वजह से गुजरात के तटीय जिलों जूनागढ़, गिर सोमनाथ में अत्यंत भीषण बारिश हो सकती है जबकि जूनागढ़, पोरबंदर, द्वारका, अमरेली, राजकोट और जामनगर सहित कुछ अन्य स्थानों पर बहुत भारी से भारी बारिश की संभावना है। तूफान को ‘तौकते' नाम म्यांमा ने दिया है जिसका मतलब ‘छिपकली' होता है। इस साल भारतीय तट पर यह पहला चक्रवाती तूफान होगा। बैठक में चर्चा हुई कि केबिनेट सचिव सभी तटीय राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों के साथ ही एजेंसियों के लगातार संपर्क में रहेंगे।
- ठाणे। जिले के उल्हासनगर में शनिवार को एक इमारत का छज्जा ढह जाने से चार लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में 11 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।ठाणे नगर निगम के क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख संतोष कदम ने कहा कि इमारत में रहने वाली एक महिला लापता है, जिसकी तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि यह घटना अपराह्न करीब 1:40 बजे कैंप नंबर-1 में स्थित पांच मंजिला 'मनोरमा' इमारत में हुई। कदम ने कहा कि चौथी मंजिल का छज्जा टूटा, जिससे बाकी मंजिलों के छज्जे भी छतिग्रस्त हुए और मलबा जमीन पर गिरा। इसकी चपेट में कई लोग आ गए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम मौके पर बचाव कार्य में जुट गई है।अधिकारी ने कहा कि अग्निशमन दल की स्थानीय टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और 11 निवासियों को निकाला गया। इन सभी को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा कि ठाणे आपदा प्रतिक्रिया बल की एक टीम भी मलबा हटाने और इसमें फंसे पांच लोगों को निकालने के अभियान में अग्निशमन दल के कर्मचारियों की मदद कर रही है। इस घटना में जान गंवाने वालों की पहचान मोंटी मिलिंद पार्शे (12), ऐश्वर्या हरीश डोडवाल (23), हरीश डोडवाल (40) और सावित्री पार्शे (60) के रूप में हुई है। संध्या डोडवाल नाम की महिला लापता है और मलबे में उनकी तलाश की जा रही है।











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