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- कोच्चि । भारतीय और इंडोनेशियाई नौसेना ने शनिवार को दक्षिण अरब सागर में ‘पैसेज एक्सरसाइज' (पैसेक्स) किया। नौसेना के दक्षिणी कमान ने यह जानकारी दी। पैसेक्स में नौसेनाएं युद्ध व मानवीय राहत कार्य के दौरान संवाद एवं सहयोग का अभ्यास करती हैं।दक्षिण कमान की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक भारतीय नौसेना की ओर से इस युद्धाभ्यास में आईएनएस शारदा, अपतटीय गश्ती पोत और उसपर मौजूदा चेतक हेलीकॉप्टर ने हिस्सा लिया जबकि इंडोनिशियाई नौसेना का प्रतिनिधित्व केआरआई सुल्तान हसानुदीन और 90एम कॉर्वेट्टे पोत ने लिया। बयान में कहा गया कि युद्धाभ्यास का उद्देश्य पारस्परिक सहयोग में सुधार करना और दोनों मित्रवत नौसेनाओं के बीच समझ को बढ़ाना था और भारतीय नौसेना नियमित रूप से मित्र देशों के साथ ऐसा युद्धाभ्यास करती है। गौरतबलब है कि आखिरी बार भारतीय और इंडोनेशियाई नौसेना के बीच पैसेक्स 13 मार्च को संपन्न हुआ था और उसमें आईएनएस कालपेनी, आईएन डोनियर और केआरआई सुल्तान इश्कंदर मुदा ने हिस्सा लिया था।
- नयी दिल्ली । भारत को अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ), स्विट्जरलैंड, पोलैंड, नीदरलैंड और इजराइल से मदद के रूप में शुक्रवार को 2,060 ऑक्सीजन सांद्रक, 30 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन की खुराक, 467 वेंटिलेटर और तीन ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र प्राप्त हुए। सरकार ने शनिवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया कि भारत को 27 अप्रैल 2021 से ही अलग-अलग देशों से अंतरराष्ट्रीय चंदा और कोविड-19 सहायता, चिकित्सा आपूर्ति और उपकरण प्राप्त हो रहे हैं। मंत्रालय ने बताया, ‘‘27 अप्रैल से सात मई 2021 तक भारत को 6608 ऑक्सीजन सांद्रक, 3856 ऑक्सीजन सिलेंडर, 14 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 4330 वेंटिलेटर/बाई पैप और तीन लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन की खुराक मिली है या यहां के लिए रवाना की गई है।'' विश्व समुदाय की समर्थन के लिए प्रशंसा करते हुए सरकार ने कहा, ‘‘ भारत के प्रति एकजुटता और सद्भावना प्रकट करते हुए विश्व समुदाय ने कोविड-19 के खिलाफ भारत की इस साझी लड़ाई में मदद का हाथ बढ़ाया।'' विज्ञप्ति में बताया गया कि सरकार ने प्रभावी तरीके से उपकरणों को आवंटित करने के लिए व्यवस्था बनाई है जिसकी नियमित निगरानी की जा रही है। मंत्रालय ने बताया कि 100 ऑक्सीजन सांद्रक शनिवार को दिल्ली से असम भेजे गए। जबकि जर्मन सचल ऑक्सीजन उत्पादन प्रणाली जो 93 प्रतिशत शुद्धता के साथ 360 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन करने में सक्षम है, को आज सुबह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अस्पताल में पहुंचाया गया। इस प्रणाली में 420 लीटर ऑक्सीजन के भंडारण की व्यवस्था है। मंत्रालय के मुताबिक नीदरलैंड से प्राप्त वेंटिलेटर दिल्ली से तेलंगाना भेजे गए हैं।
- नई दिल्ली । कोविड -19 संक्रमण उपचार के इंजेक्शन रेमडेसिविर का विपणन करने वाली कंपिनयों को 21 अप्रैल से 16 मई के बीच राज्यों व केन्द्र शासित क्षेत्रों को 53 लाख शीशी यह दवा उपलब्ध कराने को कहा गया है।रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। उसने कहा, कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि आपूर्ति योजना के अनुसार सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करें। मंत्रालय ने कहा कि राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को रेमेडिसविर के आवंटन की शुक्रवार को तय व्यवस्था के तहत भी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 21 अप्रैल से 16 मई की अवधि के लिए उन्हें प्रत्येक कंपनी की ओर से की जाने वाली आपूर्ति का विवरण भेज दिया गया है। इस योजना को विपणन कंपनियों के परामर्श के साथ तैयार किया गया है।केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा ने शुक्रवार को कहा कि रेमेडिसविर की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दवा का आवंटन 16 मई तक किया गया है। केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने कहा कि आपूर्ति योजना के मुताबिक, जायडस कैडिला 21 अप्रैल से 16 मई तक की अवधि के दौरान राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को रेमडेसिविर की कुल 9,82,100 शीशियों की आपूर्ति और हेटेरो 17,17,050 शीशियों की आपूर्ति करेगी। इस अवधि में माइलान को 7,28,000 शीशी और सिप्ला को 7,32,300 शीशियों की आपूर्ति करनी है।बयान में कहा गया है कि इस दौरान राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों को जुबिलेंट 4,45,700 शीशियों की, सिंजेन/ सन 3,73,000 शीशियों की और डॉ रेड्डीज 3,21,850 शीशियों की आपूर्ति करेगी। कोविड -19 संक्रमण बढ़ने से रेमडेसिविर की मांग कई गुना बढ़ गई है।सरकार ने रेमेडेसिविर बनाने में प्रयुक्त किए जाने वाली कई सामग्रियों पर सीमा शुल्क माफ कर दिया है। रेमेडिसविर की बढ़ती मांग के मद्देनजर, 11 अप्रैल को सरकार ने इस इंजेक्शन और इसमें प्रयुक्त औषधीय रसायनों के निर्यात पर पाबंदी लगा चुकी है।
- नयी दिल्ली । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शनिवार को कहा कि देशभर में कोविड-19 के 1,70,841 मरीज वेंटिलेंटर पर हैं जबकि 9,02,291 मरीज ऑक्सीजन सहायता पर हैं। महामारी के हालात पर चर्चा के लिए हुई मंत्री समूह की 25वीं बैठक को ऑनलाइन संबोधित करते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि कोविड-19 के मामलों में से 1.34 फीसदी आईसीयू में भर्ती हैं, 0.39 फीसदी वेंटिलेटर पर हैं जबकि 3.70 फीसदी मरीज ऑक्सीजन सहायता पर हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में कोविड-19 के 4,88,861 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं जबकि 1,70,841 मरीज वेंटिलेंटर पर हैं और 9,02,291 मरीज ऑक्सीजन सहायता पर हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर, नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी, पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्य मंत्री मनसुख मांडविया और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बैठक में हिस्सा लिया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। पॉल ने अधिकार प्राप्त समूह-1 के कार्यों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट पेश की और अस्पताल में भर्ती मरीजों के प्रभावी नैदानिक प्रबंधन के वास्ते अस्पताल के बुनियादी ढांचा विकास के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव गिरिधर अरामाने ने तरल मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन, आवंटन एवं आपूर्ति के वर्तमान परिदृश्य से अवगत कराया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अरामाने के हवाले से बताया कि ऑक्सीजन के घरेलू उत्पादन में प्रतिदिन 9400 मीट्रिक टन से अधिक का इजाफा हुआ है। अरामाने ने ऑक्सीजन के आयात, पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र की स्थापना की स्थिति के अलावा टैंकर की उपलब्धता आदि के बारे में भी जानकारी दी।
- नई दिल्ली। देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की ढुलाई करने वाले सभी टैंकरों और कन्टेनरों का आवागमन टोल-फ्री कर दिया गया है। कोविड महामारी को देखते हुए पूरे देश में चिकित्सा ऑक्सीजन की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। अगले दो महीने या अगले आदेश तक ऑक्सीजन ले जा रहे कंटेनरों को एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों की श्रेणी में रखा जाएगा।भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण-एनएचएआई ने कहा है कि फास्टैग लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर प्रतीक्षा का समय लगभग शून्य हो गया है। इसके अलावा चिकित्?सा ऑक्सीजन के वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्राधिकरण ने इस संबंध में सभी अधिकारियों और पक्षधारकों निर्देश जारी किए हैं।
- छतरपुर। मध्यप्रदेश में छतरपुर के बहुचर्चित मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नीरज पाठक हत्याकांड का खुलासा हो गया है। हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी पत्नी ममता पाठक को गिरफ्तार किया है। आरोपी महाराजा कॉलेज की प्रोफेसर हैं।छतरपुर सिविल लाइन थाना प्रभारी जगतपाल सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने पति को खाने में नींद की गोलियां मिलाकर खिला दी। खाना खाने के बाद वह गहरी नींद में सो गए। इसके बाद एक्सटेंशन बोर्ड ले जाकर करंट लगाकर हत्या कर दी। मौत होने के बाद आरोपी पत्नी ने पति का शव दो दिन तक बेडरूम में ही रखा। 1 मई को पुलिस थाने पहुंचकर पति की मौत की खबर खुद ही पुलिस को दी।थाना प्रभारी जगतपाल सिंह ने बताया कि आरोपी ममता पाठक ने पूछताछ में कहा, कहीं एक वीडियो देखा था जिसमें बताया गया था कि खाने में जहर देने के बाद यदि दो दिन तक शव को रखा रहने दिया जाए तो पोस्टमार्टम में जहर सामने नहीं आता है। इसलिए 29 अप्रैल को डॉ. पाठक की हत्या कर शव को घर में रखा। ताकि नींद की गोलियां खिलाने के साक्ष्य न मिल पाएं।थाना प्रभारी जगतपाल सिंह ने बताया कि लोकनाथ पुरम निवासी डॉ. नीरज पाठक की हत्या के मामले में उनकी ही पत्नी आरोपी ममता पाठक को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पत्नी पर संदेह हुआ था। थाने लाकर पूछताछ की तो आरोपी ने अपना जुर्म कबूल लिया है। वहीं आरोपी के कब्जे से करंट लगाने में उपयोग किया गया एक्सटेंशन बोर्ड और बची हुई नींद की गोलियां बरामद कर ली गई है।डॉक्टर दंपती में 20 साल से चल रहा था विवादपुलिस ने बताया कि डॉक्टर नीरज पाठक और आरोपी ममता पाठक में पिछले 20 साल से विवाद चल रहा था। प्रोफेसर पत्नी को शक था कि उनके डॉक्टर पति के किसी अन्य महिला से संबंध हैं। इसलिए वे रात के समय उसे नींद का इंजेक्शन देकर सुला देते थे। जबकि डॉक्टर का तर्क था कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब रहने से उसे नींद नहीं आती इसलिए इंजेक्शन देकर सुला देता हूं। इसी विवाद के चलते बीते कई सालों में आरोपी ममता पाठक ने संबंधित थाना, छतरपुर एसपी, सागर आईजी, भोपाल में डीजीपी तक से शिकायत करते हुए डॉ नीरज पाठक पर अन्य महिला से संबंध रखने का मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की शिकायत की। लेकिन जांच के दौरान मामला बेबुनियाद पाया गया था।पुलिस ने बताया कि जिला अस्पताल में मेडिसिन विशेषज्ञ के रूप में पदस्थ डॉ नीरज पाठक ने दो साल पहले वीआरएस ले लिया था। इसके बाद घर पर मरीजों को देख रहे थे। डॉ. पाठक ने 28 अप्रैल को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें उन्होंने पत्नी और बेटे पर मोबाइल छीनने का आरोप लगाया था।
- नई दिल्ली। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि देश में एक सौ 80 जिलों में पिछले सात दिन से एक भी व्यक्ति कोरोना से संक्रमित नहीं हुआ। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केवल 0.39 प्रतिशत मरीज वेंटिलेटर पर और 3.70 प्रतिशत मरीज ऑक्सीजन सुविधायुक्त बिस्तरों पर हैं।स्वास्थ्य मंत्री ने आज कोविड महामारी पर मंत्रियों के समूह की 25वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान ऑक्सीजन, थैरेपी, निदान और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रसायों की समीक्षा की गई। बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी, रसायन और उवर्रक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और अन्य अधिकारी शामिल हुए। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि देश में अब तक 16 करोड़ 73 लाख से अधिक कोविड टीके लगाए गए हैं। उन्होंने पहले और दूसरे टीके के बीच बढ़ते अन्तर पर चिंता प्रकट की। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि केन्द्र सरकार राज्यों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रही है और अधिक से अधिक लोगों को दूसरा टीका लगवाने के लिए प्रेरित कर रही है।
- अमरावती। आंध्र प्रदेश के कडापा जिले में चूना पत्थर की एक खदान में शनिवार को हुए विस्फोट में कम से कम नौ मजदूरों की मौत हो गई। लेकिन पुलिस के मुताबिक केवल पांच शवों की पहचान हो पाई है। विस्फोट स्थल पर शवों के क्षत-विक्षत बिखरे होने के कारण मृतकों की पहचान बहुत मुश्किल हो रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में से कुछ पुलिवेंदुला निर्वाचन क्षेत्र से थे।पुलिवेंदुला मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी का निर्वाचन क्षेत्र है। कडापा जिले के पुलिस अधीक्षक के अंबुराजन ने फोन पर बताया कि यह हादसा तब हुआ जब मामिल्लापल्ली गांव के बाहर स्थित चूना पत्थर की खदान में जिलेटिन की छड़ों की एक खेप उतारी जा रही थी। धमाका इतना तेज था कि खेप लेकर आया वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।जिलेटिन की यह छड़ें बुडवेल से लाई गई थीं। दुर्घटनास्थल से एसपी ने बताया,यह लाइसेंस प्राप्त खदान है और प्रमाणित संचालक द्वारा यह खेप लाई गई थी। धमाका तब हुआ जब छड़ों को वाहन से उतारा जा रहा था” हादसे की वजह का अब तक पता नहीं चला है।मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने कडापा जिले के अधिकारियों से बात कर घटना की जानकारी ली। इसमें कहा गया कि उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की हैं। विपक्ष के नेता एन चंद्रबाबू नायडू ने भी हादसे पर शोक प्रकट किया है और मांग की है कि मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए जिस प्रकार पिछले साल विशाखापट्टनम में एलजी पॉलिमर में हुए स्टाइरिन गैस रिसाव के मृतकों को दिया गया था।
- नयी दिल्ली । केंद्र ने शनिवार को बताया कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पास अब भी कोविड-19 टीके की 84 लाख से अधिक खुराक हैं और 53 लाख से अधिक खुराक आगामी तीन दिन में उन्हें वितरित की जाएंगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को अब तक 17.49 करोड़ खुराक दी जा चुकी है, जिनमें से 16.7 करोड़ खुराकों की खपत हो चुकी है। मंत्रालय ने कहा, अब तक मुहैया कराई गई खुराकों में से (शनिवार सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के अनुसार) बर्बाद हुई खुराक समेत 16,65,49,583 खुराक की खपत हो चुकी है। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पास 84 लाख से अधिक खुराक (84,08,187) अब भी हैं।'' उसने कहा कि जिन राज्यों ने कम आपूर्ति दर्शाई है, वे टीकों की आपूर्ति की तुलना में अधिक खपत दिखा रहे हैं, जिनमें बर्बाद हुई खुराक भी शामिल हैं। इसका कारण यह है कि उन्होंने ‘‘सशस्त्र बलों को मुहैया कराए गए टीकों को शामिल नहीं किया है। मंत्रालय ने कहा, इसके अलावा आगामी तीन दिन में राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों को 53 लाख से अधिक (53,25,000)खुराक दी जाएंगी।'' उसने बताया कि दिल्ली को 40.22 लाख खुराक मिलीं, जिनमें से उसने 36.09 लाख खुराकों की खपत की। राष्ट्रीय राजधानी में अब भी 4.12 लाख खुराक हैं और उसे आगामी तीन दिन में एक लाख और खुराक मिल सकती हैं। एक अक्टूबर, 2020 तक दिल्ली की अनुमानित जनसंख्या 2.04 करोड़ थी। जिन राज्यों को आगामी तीन दिन में 53.25 लाख खुराक वितरित की जाएंगी, उनमें से गुजरात को सर्वाधिक 8.98 लाख, इसके बाद महाराष्ट्र को 6.03 लाख, राजस्थान को 4.50 लाख, उत्तर प्रदेश को चार लाख, पश्चिम बंगाल को 3.95 लाख, बिहार को 3.64 लाख, छत्तीसगढ़ को तीन लाख और जम्मू-कश्मीर को 84,700 खुराक वितरित की जाएंगी। मंत्रालय ने बताया कि जिन 16 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को आगामी तीन दिन में और खुराक नहीं मिलेंगी, उनमें हरियाणा, लद्दाख, उत्तराखंड, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा, सिक्किम, पुडुचेरी, नगालैंड, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और गोवा शामिल हैं।-file photo
- नोएडा। साइबर ठगों ने एटीएम कार्ड क्लोन करके नोएडा के एक उद्योगपति के खाते से 75 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस आयुक्त आलोक सिंह के मीडिया प्रभारी अभिनेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सेक्टर 44 स्थित पर्ल गेटवे सोसायटी में रहने वाले विवेक कपूर ने सेक्टर 39 थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि उनका एक निजी बैंक में खाता है और अज्ञात साइबर ठगों ने उनके खाते से छह बार में 75,000 रुपये निकाल लिए। शिकायत में कहा गया है कि जब उनके पास रुपये निकालने का मोबाइल पर संदेश आया तो उन्होंने बैंक से पता किया। इस पर जानकारी मिली कि गाजियाबाद के वसुंधरा स्थित एक एटीएम से रुपये निकाले गए हैं। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि साइबर ठगों ने एटीएम कार्ड क्लोन करके पीड़ित के खाते से पैसा निकाला है।
- नोएडा (उत्तर प्रदेश)। शहर के सेक्टर-49 थाना क्षेत्र की एक सोसायटी में रहने वाली एक महिला ने 18वीं मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट से कूद कर कथित रूप से आत्महत्या कर ली।पुलिस आयुक्त आलोक सिंह के मीडिया प्रभारी ने शनिवार को बताया कि सेक्टर-49 थाना क्षेत्र स्थित प्रतीक विस्टीरिया सोसायटी में रहने वाली विनीता राय (34) ने 18वीं मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट से कूद कर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि राय आयुर्वेद की डॉक्टर थी और पिलखुआ के अस्पताल में काम करती थी। मीडिया प्रभारी ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि राय मानसिक रोगी थी और उनका इलाज चल रहा था। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। file photo-----
- जूनागढ़। गुजरात में जूनागढ़ जिले के मधुपुर गांव में शनिवार को एक शेर ने 35 वर्षीय एक व्यक्ति पर हमला कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई।जूनागढ़ के मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) दुष्यंत वसावड ने कहा कि यह घटना देर रात करीब एक बजे गिर (पश्चिम) वन मंडल के तलाला रेंज में हुई। उन्होंने बताया कि पीडि़त की पहचान बहादुरभाई जीवाभाई के रूप में हुई है। वह शेर से अपनी बकरी को बचाने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद वन विभाग की एक टीम ने शेर को पकड़ लिया। वसावड ने कहा, जीवाभाई मधुपुर गांव में आम के एक बाग के बाहर एक झोंपड़ी में सो रहे थे जब शेर ने वहां एक बकरी पर हमला करने की कोशिश की। जीवाभाई ने शेर से बकरी को बचाने की कोशिश की। जंगली जानवर ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। file photo
- नई दिल्ली। रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार, आईएएस और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक (डीजीएएफएमएस) सर्जन वाइस एडमिरल रजत दत्ता, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम, पीएचएस, ने देश के आह्वान का जवाब देने के लिए आगे आने वाले सेना के पूर्व डॉक्टरों को संबोधित किया है। सेना के पूर्व डॉक्टर अब भारत के सभी नागरिकों के लिए "ई-संजीवनी ओपीडी पर सेना के पूर्व डॉक्टरों द्वारा ऑनलाइन परामर्श सेवा" के लिए उपलब्ध होंगे।ई-संजीवनी ओपीडी भारत सरकार का प्रमुख टेलीमेडिसिन प्लेटफ़ॉर्म है जिसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डैक), मोहाली, भारत सरकार के तत्वावधान में विकसित किया गया है और यह बहुत अच्छी तरह से काम कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म किसी भी भारतीय नागरिक को मुफ्त परामर्श प्रदान करता है। हालांकि, कोविड मामलों में वृद्धि के साथ, डॉक्टरों की मांग बढ़ रही है, लेकिन, डॉक्टरों के कोविड वॉर्ड की ड्यूटी से हट जाने के कारण डॉक्टरों की कमी हो गई है। ऐसी स्थिति में सेना के पूर्व डॉक्टर मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं।मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ की चिकित्सा शाखा सेवारत और सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों के लिए टेलीमेडिसिन सेवा प्रदान करता है। चिकित्सा शाखा ने देश के सामान्य नागरिक रोगियों के लिए इस पूर्व-रक्षा ओपीडी को शुरू करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना केंद्र के साथ समन्वय किया है। आईडीएस मेडिकल के उपाध्यक्ष ने सेवानिवृत्त एएफएमएस डॉक्टरों की सभी सेवानिवृत्त बिरादरी से इस मंच से जुडऩे और संकट के इस समय में भारत के नागरिकों को बहुमूल्य परामर्श प्रदान करने का आग्रह किया है, जब देश कठिन समय से गुजर रहा है।सेना के सेवानिवृत्त डॉक्टरों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और जल्द ही इसमें सेना के कई सेवानिवृत्त डॉक्टरों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके बाद, एक अलग राष्ट्रव्यापी सेना के पूर्व डॉक्टरों की ओपीडी की परिकल्पना की गई है। उनका विशाल अनुभव और विशेषज्ञता से देश के सामान्य नागरिक रोगियों को अपने घरों पर परामर्श प्राप्त करने और संकट से निपटने में मदद मिलेगी।
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नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि कोविड से संबंधित सभी आपातकालीन चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति के लिए डाक विभाग ने सीमा शुल्क अधिकारियों के सहयोग से शुक्रवार को एक नई हेल्पलाइन सेवा शुरू की। डाक विभाग कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान, विदेशों से आने वाले कोविड से संबंधित आपातकालीन--ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स, उपकरण और दवाइयों की खेप को आगे भेजने और वितरण की सुविधा प्रदान कर रहा है। संचार मंत्रालय ने बताया है कि डाक विभाग ने इस संबंध में एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। जो उपभोक्ता विदेशों से आने वाली कोविड संबंधी चिकित्सा आपूर्ति की शिपमेंट की उम्मीद कर रहे हैं, वे अपनी खेप का नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, ट्रैकिंग आईडी और डिलीवरी पता ई-मेल - [email protected] या [email protected] पर भेज सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि उपभोक्ता नोडल अधिकारियों के पास व्हाट्सएप के माध्यम से भी विवरण भेज सकते हैं। नोडल अधिकारी अरविंद कुमार का मोबाइल नंबर 98 683 78 497 और पुनीत कुमार का 95 366 23 331 है।
- नई दिल्ली। . कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर कोरोना वायरस महामारी को लेकर अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटने और जनता को निराश करने का आरोप लगाया और आग्रह किया कि मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए तत्काल एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए।कोरोना के हालात पर चर्चा के लिए हुई कांग्रेस सांसदों की डिजिटल बैठक में सोनिया ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य संबंधी संसद की स्थायी समिति की बैठक बुलाई जाए ताकि महामारी से बेहतर ढंग से निपटने के लिए कदम उठाना और जवाबदेही तय करना सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा, देश एक अप्रत्याशित स्थिति का सामना कर रहा है। हजारों लोगों की मौत हो गई है और लाखों लोग बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह देखना दुखद है कि लोग अस्पतालों में और सड़कों पर अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं तथा किसी भी तरह चिकित्सा सुविधा चाहते हैं। उन्होंने सवाल किया, '' मोदी सरकार क्या कर रही है? लोगों की पीड़ा और दर्द को कम करने की बजाय उसने जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों से पल्ला झाड़ लिया है।सोनिया के मुताबिक, सरकार के खुद के विशेषाधिकार समूह और राष्ट्रीय कार्य बल ने मोदी सरकार को आगाह किया था कि कोरोना की दूसरी लहर आएगी और इसके लिए तैयारी करने का भी आग्रह किया था।सोनिया ने दावा किया, विशेषज्ञ की सलाह की उपेक्षा करते हुए मोदी सरकार ने ऑक्सीजन, दवाओं और वेंटिलेंटर की आपूर्ति को मजबूत नहीं किया। हमारे लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार टीकों का समय पर ऑर्डर देने में विफल रही। इसके साथ ही, वह उन परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये आवंटित करती रही जिसका जनता के कल्याण से कोई लेना-देना नहीं है।
- -मनरेगा के कार्य भी स्थगित रहेंगेजयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कोरोना वायरस संक्रमण की कड़ी को तोडऩे के लिए प्रदेश में 10 मई से 24 मई तक सख्त लॉकडाउन लागू करने का निर्णय किया गया।राज्य में 10 मई सुबह पांच बजे से 24 मई सुबह पांच बजे तक लॉकडाउन लगने के साथ ही विवाह समारोह 31 मई 2021 के बाद ही आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान सभी प्रकार के धार्मिक स्थल बंद रहेंगे। विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार के समारोह, डीजे, बारात एवं निकासी तथा प्रीतिभोज आदि की अनुमति 31 मई तक नहीं होगी। विवाह घर पर ही अथवा कोर्ट मैरिज के रूप में ही करने की अनुमति होगी, जिसमें केवल 11 व्यक्ति ही अनुमत होंगे। इसकी सूचना वेब पोर्टल पर देनी होगी। निर्णय के अनुसार विवाह में बैण्ड-बाजे, हलवाई, तंबू या इस प्रकार के अन्य किसी भी व्यक्ति के सम्मिलित होने की अनुमति नहीं होगी। शादी के लिए टेन्ट हाउस एवं हलवाई से संबंधित किसी भी प्रकार के सामान की होम डिलीवरी भी नहीं की जा सकेगी। मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल एवं होटल परिसर शादी-समारोह के लिए बंद रहेंगे। विवाह स्थल मालिकों, टेन्ट व्यवसायियों, कैटरिंग संचालकों और बैण्ड-बाजा वादकों आदि को अग्रिम बुकिंग राशि आयोजनकर्ता को लौटानी होगी या बाद में आयोजन करने पर समायोजित करनी होगी। निर्णय के अनुसार किसी भी प्रकार के सामूहिक भोज की अनुमति नहीं होगी।ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों के संक्रमित होने के मामले सामने आए हैं, इसे देखते हुए मनरेगा के कार्य स्थगित रहेंगे। चिकित्सा सेवाओं के अतिरिक्त सभी प्रकार के निजी एवं सरकारी परिवहन के साधन जैसे- बस, जीप आदि पूरी तरह बंद रहेंगे। बारात के आवागमन के लिए बस, ऑटो, टेम्पो, ट्रैक्टर, जीप आदि की अनुमति नहीं होगी। मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार अन्तरराज्यीय एवं राज्य के भीतर माल का परिवहन करने वाले भारी वाहनों का आवागमन, माल उतारने-चढ़ाने तथा इस कार्य के लिए नियोजित व्यक्तियों को ही मंजूरी होगी। file photo----
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ग्वालियर (मप्र)। रेमडेसिविर इंजेक्शन ले जा रहा मध्य प्रदेश सरकार का एक विमान ग्वालियर हवाईअड्डे पर गुरुवार रात उतरते वक्त तकनीकी खराबी के कारण फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान के पायलट एवं सह-पायलट को हादसे में मामूली चोटें आई हैं।
ग्वालियर जिले के पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने बताया कि हादसा ग्वालियर के महाराजपुर हवाईअड्डे पर गुरुवार को रात करीब साढ़े आठ बजे हुआ। उन्होंने कहा कि यह विमान उतरते वक्त रनवे से थोड़ा सा फिसल गया। सांघी ने बताया कि पायलट एवं सह पायलट को मामूली चोटें आई हैं। वे दोनों सुरक्षित हैं और इंजेक्शन भी सुरक्षित हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने रेमडेसिविर इंजेक्शनों की प्रदेश में चल रही कमी के चलते जल्द से जल्द कोविड-19 के मरीजों को यह इंजेक्शन मुहैया कराने के लिए इस विमान को सेवा में लगाया था। - नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से दिल्ली आने वाले लोगों को 14 दिन के लिए जरूरी संस्थानिक पृथक-वास में रहना होगा। दिल्ली सरकार द्वारा गुरुवार को जारी एक आदेश में यह बात कही गई।आदेश में कहा गया है कि हालांकि जो लोग कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक ले चुके हैं या जिनकी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट 'नेगेटिव' हो, उन्हें सात दिन के गृह पृथक-वास में रहना होगा। लेकिन, यह रिपोर्ट 72 घंटे से पहले की नहीं होनी चाहिए। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने आदेश में कहा है कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कोरोना वायरस के ज्यादा संक्रामक स्वरूप का पता चला है और इसके फैलने की रफ्तार बहुत तेज है। डीडीएमए ने कहा कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से विमान, ट्रेनों, बसों या कारों से आने वाले लोगों के संबंध में अतिरिक्त सावधानी बरते जाने की जरूरत है। आदेश में कहा गया कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से आने वाले लोगों को 14 दिनों के लिए संबंधित जिलाधिकारी द्वारा शुरू किए गए सरकारी पृथक-वास या भुगतान वाले पृथक-वास में रहना होगा। होटल, अतिथि गृहों से भी दोनों राज्यों से आने वाले लोगों के संबंध में आदेश का पालन करने को कहा गया है।
- मुंबई । ''मुठभेड़ विशेषज्ञ'' के तौर पर मशहूर पुलिस अधिकारी दया नायक का गुरुवार को पूर्वी महाराष्ट्र के गोंडिया जिले में तबादला कर दिया गया जबकि एक अन्य अधिकारी राजकुमार कोठमिरे को गढ़चिरौली भेजा गया है। अधिकारियों ने कहा कि राज्य के पुलिस मुख्यालय ने दोनों अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। राज्य कैडर के 1995 बैच के अधिकारी नायक अब तक मुंबई में महाराष्ट्र एटीएस (आतंकवाद रोधी दस्ते) में तैनात थे और उपनगरीय जुहू में स्थित बल की विशेष इकाई का नेतृत्व कर रहे थे। अधिकारी ने कहा कि उनका गोंडिया जिले में तबादला कर दिया है, जहां वह जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति से जुड़ेंगे। नायक को दर्जनों कथित अपराधियों को ''मुठभेड़'' में मार गिराने के लिए जाना जाता है। अधिकारी ने कहा कि फिलहाल ठाणे पुलिस के रंगदारी-रोधी प्रकोष्ठ में तैनात कोठमिरे को विदर्भ के नक्सल प्रभावित जिले गढ़चिरौली भेज दिया गया है, जहां वह पुलिस उपमहानिरीक्षक रेंज में रीडर के तौर पर काम करेंगे।
- बागपत (उप्र)। जिले में गुरुवार को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर पीएसी के एक ट्रक के अनियंत्रित होकर पलट जाने से इसमें सवार 15 जवान घायल हो गए। पुलिस क्षेत्राधिकारी मंगल सिंह खेकड़ा ने बताया कि यह हादसा बागपत के ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर काठा गांव के पास हुआ। उन्होंने बताया कि पीएसी का ट्रक गाजियाबाद स्थित बल की 45 वीं बटालियन जा रहा था जो रास्ते में स्टेयरिंग फेल हो जाने की वजह से पलट गया। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि राहगीरों ने पीएसी के जवानों की सहायता की। हादसे में 15 जवान जख्मी हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी की हालत खतरे से बाहर है।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में देश में कोविड-19 की राज्य और जिलावार स्थिति की समीक्षा की और इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य ढांचे को दुरूस्त करने में राज्यों को सहयोग और मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने टीकाकरण की गति को बनाए रखने के लिए राज्यों को संवदेनशील होकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। बयान में कहा गया कि बैठक के दौरान प्रधानमंत्री को कोविड-19 की राज्य और जिलावार स्थिति की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें उन 12 राज्यों के बारे में बताया गया जहां एक लाख से अधिक सक्रिय मामले हैं। साथ ही अत्यधिक प्रभावित जिलों के बारे में भी प्रधानमंत्री को अवगत कराया गया। बयान में कहा गया, ‘‘राज्यों द्वारा स्वास्थ्य ढांचें में तेजी से की जा रही वृद्धि के बारे में अवगत कराया गया। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्यों को स्वास्थ्य ढांचे को दुरुस्त करने में सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान किया जाना चाहिए।'' बैठक में राजनाथ सिंह, अमित शाह, निर्मला सीतारमण, हर्षवर्धन, पीयूष गोयल, मनसुख भाई मंडविया सहित अन्य मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में त्वरित और समग्र निषिद्ध उपायों के बारे में भी चर्चा की गई।प्रधानमंत्री ने इस दौरान दवाइयों की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्हें रेमडेसिविर सहित अन्य आवश्यक दवाइयों का उत्पादन बढ़ाने संबंधी प्रयासों से अवगत कराया गया। मोदी ने इस दौरान टीकाकरण अभियान की प्रगति के साथ ही अगले कुछ महीनों में टीकों का उत्पादन बढ़ाने की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री को बताया गया कि राज्यों को अब तक 17.7 करोड़ टीके भेजे गए हैं। टीकों की बर्बादी की उन्होंने राज्यवार समीक्षा भी की। बयान के मुताबिक 45 वर्ष से अधिक उम्र के 31 प्रतिशत पात्र लोगों को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है।
- होशियारपुर। पंजाब के होशियारपुर जिले में बृहस्पतिवार को एक मोटरसाइकिल के एक कार से टकरा जाने से एक परिवार के तीन बच्चों सहित पांच सदस्यों की मौत हो गई। यह जानकारी पुलिस ने दी। पुलिस ने बताया कि इस दुर्घटना में कार सवार तीन व्यक्तियों को भी चोटें आयी हैं और उन्हें एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने कहा कि यह दुर्घटना जैतपुर गांव के पास हुई जब मोटरसाइकिल सवार ओवरटेक करते समय विपरीत दिशा से आ रहे चारपहिया वाहन को नहीं देख पाया। मृतकों की पहचान राजेश कुमार (27), उनकी पत्नी कमलदीप कौर और तीन बच्चों इशिका, अनन्या और मिशू के रूप में की गई है। चब्बेवाल के थाना प्रभारी (एसएचओ) प्रदीप कुमार ने कहा कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए होशियारपुर के एक अस्पताल भेज दिया गया है।
- नयी दिल्ली । दिल्ली में बृहस्पतिवार को अपराह्न में मौसम में अचानक बदलाव आया। आसमान में बादल छा गए और दिल्ली के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने से तापमान में थोड़ी गिरावट आयी। इससे दिल्लीवासियों को काफी राहत मिली। मौसम विभाग ने दिन में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना के साथ आमतौर पर आसमान में बादल छाये रहने का पूर्वानुमान जताया था। दिल्ली में गरज चमक के साथ धूल भरी हवाएं चलीं।इससे पहले बृहस्पतिवार सुबह में गर्मी रही क्योंकि न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से दो डिग्री अधिक था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े के अनुसार सुबह 9 बजे दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 153 दर्ज किया गया जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है। सुबह 8.30 बजे सापेक्ष आर्द्रता 59 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
- पणजी । गोवा सरकार ने बृहस्पतिवार को कोविड-19 के इलाज को अपनी प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल कर लिया है जिसके अंतर्गत प्रदेश की संपूर्ण जनता आती है। गोवा के अतिरिक्त सचिव (स्वास्थ्य) विकास गौनेकर के मुताबिक सरकार की इस पहल से लोग निजी अस्पताल में कोविड-19 का इलाज कराने के दौरान दीन दयाल स्वास्थ्य सेवा योजना (डीडीएसएसवाई) के अंतर्गत आने वाली सभी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। राज्य के सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों का निशुल्क इलाज किया जाता है।कोरोना के मरीज अस्पताल में भर्ती होने की तारीख से अधिकतम 10 दिनों तक इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। यह योजना आईसीयू की सुविधा वाले उन अस्पतालों में लागू होगी जोकि डीडीएसएसवाई योजना की सूची में हैं। सरकारी घोषणा के मुताबिक इस योजना के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती, चिकित्सा परामर्श, नर्सिंग, बिस्तर, भोजन, पीपीई किट, एक्स-रे, ईसीजी और कार्डियक मॉनिटर से संबंधित सभी शुल्क योजना के पैकेज में शामिल किए जाएंगे। इस योजना के तहत परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर ढाई लाख से चार लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा दिया जायेगा।
- नयी दिल्ली ।पश्चिम बंगाल में रेलगाड़ी से आने वाले लोगों के लिए नेगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट आवश्यक है। रेलवे ने राज्य के मुख्य सचिव के आदेश का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पश्चिम बंगाल उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है जहां आने के लिए यात्रियों को नेगेटिव आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट साथ में रखना अनिवार्य है। रेलवे ने राज्य सरकार के आदेश का हवाला देते हुए कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव ने आदेश जारी किया है... लंबी दूरी की रेलगाड़ियों से आने वाले यात्रियों और दूसरे राज्यों से आने वाली बसों के यात्रियों के लिए भी आरटी-पीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट रखना अनिवार्य है।'' राज्य सरकार के आदेश का जिक्र करते हुए रेलवे ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल आने वाले यात्रियों से इस तरह की रिपोर्ट के बगैर आने की उम्मीद नहीं की जाती है। इस सिलसिले में औचक जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट की प्रामाणिकता की भी पड़ताल की जाएगी।'' पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।






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