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- जामनगर (गुजरात )। हरिद्वार में कुंभ मेला से गुजरात लौटने वाले लोगों के लिए अपने शहरों एवं गांवों में प्रवेश करने से पहले आरटी-पीसीआर जांच कराना आवश्यक है। यह बात शनिवार को गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कही। । रूपाणी ने जामनगर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘गुजरात के सभी जिले के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कुंभ मेला से लौटने वाले लोगों पर नजर रखें और बिना आरटी-पीसीआर जांच के अपने गृह नगरों में प्रवेश करने से उन्हें रोकने के लिए नाकाबंदी की जाए।'' उन्होंने कहा कि कुंभ से लौटने वाले हर व्यक्ति को गुजरात में आरटी-पीसीआर जांच कराना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जांच के दौरान संक्रमित पाए गए लोगों को पृथक-वास में रखा जाए।'' रूपाणी ने कहा, ‘‘वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए कुंभ मेला में शामिल होने वाले लोगों को बिना जांच के उनके गृह नगर या गांवों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी जिले के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कुंभ से लौटने वाले लोगों की पहचान की जाए।'' मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल कोरोना वायरस की समीक्षा के लिए स्थानीय सांसद, विधायकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जामनगर आए हुए थे। रूपाणी ने कहा कि गुजरात में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के उपचार के लिए काफी कम समय में अस्पतालों में 25 हजार से 30 हजार बिस्तरों की व्यवस्था की गई।
- नासिक। महाराष्ट्र के नासिक जिले की इगतपुरी तहसील में स्थित एक बांध पर जन्मदिन का उत्सव उस वक्त गम में बदल गया जब वहां चार बच्चों और दो युवतियों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना शुक्रवार शाम को वदिवारहे गांव के पास वलदेवी बांध पर हुई।पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “नौ लड़के-लड़कियों का एक समूह अपने एक दोस्त का जन्मदिन मनाने बांध पर गया था। इनमें से ज्यादातर नाबालिग थे। फोटो खींचने के चक्कर में कुछ बांध के पानी में गिर गए। चार बच्चों समेत छह डूब गए और तीन अन्य सुरक्षित हैं।” उन्होंने कहा कि जिस सोनी गमे (12) का जन्मदिन मनाने ये लोग यहां आए थे उसकी भी डूबने से मौत हो गई। उन्होंने कहा कि इसके अलावा खुशी मनियार (10), ज्योति गमे (16), हिम्मत चौधरी (16), नाजिया मनियार (19) और आरती भालेराव (22) की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि सभी मृतक नासिक शहर के निवासी थे। उन्होंने कहा कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए नासिक जिला अस्पताल में भेज दिया गया है।-file photo
- श्रीनगर। कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में गुलमर्ग स्की रिसॉर्ट तथा कुछ अन्य स्थानों पर शनिवार को हल्की बर्फबारी जबकि मैदानी इलाकों में बारिश हुई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में गुलमर्ग रिसॉर्ट में शनिवार को रुक-रुककर हल्की बर्फबारी हुई। उन्होंने कहा कि घाटी के अन्य ऊंचाई वाले इलाकों और लद्दाख क्षेत्र में बीते 24 घंटे के दौरान ताजा बर्फबारी हुई है। गर्मियों की राजधानी श्रीनगर समेत घाटी के मैदानी इलाकों में बारिश जारी रही। बर्फबारी और बारिश के चलते अधिकतम तापमान इस सीजन में सामान्य से कई डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया। मौसम विभाग ने घाटी में रविवार तक हल्की से मध्यम स्तर की बारिश का अनुमान जताया है। सोमवार को मौसम में कुछ सुधार होने की संभावना है।
- भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सरकारी हमीदिया अस्पताल से कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए कारगर रेमडेसिविर इंजेक्शन बड़ी तादात में चोरी होने का मामला सामने आया है। प्रदेश में इंजेक्शन चोरी का यह पहला मामला है। अस्पताल में पहुंचे मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने शनिवार को संवाददाताओं को बताया, ‘‘जानकारी मिली है कि (रेमडेसिविर) इंजेक्शन चोरी हो गए हैं। यह बहुत गंभीर मामला है। संभागीय आयुक्त कवीन्द्र कियावत एवं भोपाल के पुलिस उप महानिरीक्षक इरशाद वली मौके पर पहुंच गये हैं और जांच शुरू कर दी गई है।'' उन्होंने कहा कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांच जारी है। रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी का मामला उस वक्त आया है, जब कोविड-19 महामारी के दौरान प्रदेश में इस इंजेक्शन की भारी कमी है।-File photo
- नयी दिल्ली । कोरोना वायरस संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार द्वारा शनिवार को बुलाई गई बैठक में 11 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने अस्पतालों को अधिक मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर और रेमडेसिविर की आपूर्ति करने तथा टीके की खुराक की आपूर्ति बढ़ाने की मांग की। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्घन की अध्यक्षता में 11 राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रियों की उच्च स्तरीय समीक्षा हुई । इस बैठक में राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेश के साथ हाल ही में कोविड-19 के मामलों में हुई भारी वृद्धि की रोकथाम और प्रबंधन के किए गए उपायों की समीक्षा की गई । महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, केरल, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के नए मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस बैठक में राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों ने पृथकवास, निगरानी और कोविड-19 के पाजीटिव मामलों के उपचार के लिए की गई कार्रवाई का संक्षेप में विवरण दिया और अपने अपने राज्यों की श्रेष्ठ प्रक्रियाओं का भी उल्लेख किया । इसमें कहा गया है, ‘‘ ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति बढ़ाने, अस्पतालों में रेमडिसीविर की आपूर्ति बढ़ाने, वेंटीलेटर का भंडार बढ़ाने और वैक्सीन की खुराक की अधिक आपूर्ति जैसे मुद्दे लगभग सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश ने रखे ।'' बैठक में कई राज्यों ने मेडिकल ऑक्सीजन आपूर्ति के विवरण और रेमडेसिविर जैसी आवश्यक दवाओं के मूल्य को सीमित करने का मुद्दा उठाया और कहा कि यह दवा कालाबाजारी के जरिए बहुत अधिक कीमत पर बेची जा रही है । मंत्रालय ने कहा, ‘‘ महाराष्ट्र में ‘दोहरी उत्परिवर्ती स्वरूप' (डबल म्यूटेंट स्ट्रेन) प्रमुख चिंता का कारण रहा । दिल्ली सरकार ने केन्द्र सरकार के अस्पतालों में अतिरिक्त बिस्तर दिए जाने का अनुरोध किया और कहा कि 2020 में स्वास्थ्य संकट पर काबू पाने के लिए ऐसी सहायता दी गई थी । '' बयान के अनुसार, गृह मंत्रालय की अधिसूचना में राज्यों को उनके राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष के वार्षिक आवंटन में से 50 प्रतिशत भाग का उपयोग करने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 1 अप्रैल, 2021 की तिथि के अनुसार खर्च न की गई राशि का उपयोग कोविड प्रबंधन के लिए करने की भी अनुमति दी गई । केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों को मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन और रेमडेसिविर के देश में भंडार को मजबूत करने की जानकारी दी । गौरतलब है कि ये दोनों मुद्दे स्वास्थ्य सचिव, गृह सचिव, सचिव, डीपीआईआईटी, सचिव, औषध आदि द्वारा आयोजित बैठकों में भी उठाए गए थे । मंत्रालय के अनुसार, राज्यों को मेडिकल ऑक्सीजन आपूर्ति के केलेंडर जारी होने की सूचना दी गई जिसमें देश के विभिन्न ऑक्सीजन निर्माताओं द्वारा आपूर्ति का कार्यक्रम दिया गया है । निर्माताओं से राज्यों में ऑक्सीजन सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति के लिए उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी गई । फरवरी के बाद मामलों में आया सक्रिय उछाल का उल्लेख करते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि अधिकांश राज्यों में ये पिछली अधिकतम संख्या को पार कर गया है । उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे समय पर योजना बनाएं, कोविड अस्पतालों, ऑक्सीजन युक्त बिस्तर और अन्य प्रासंगिक ढ़ाचे की संख्या बढ़ाएं ताकि मामलों में और उछाल आने की स्थिति से निपटा जा सके । स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यों से अनुरोध किया कि वे अपने प्रदेश में पांच-छह शहरों पर विशेष ध्यान दें, और इन शहरों के मेडिकल कॉलेजों को निकटवर्ती 2-3 जिलों से जोड़ें । राज्यों से कहा गया कि वे प्रारंभिक लक्षणों की शुरूआत से ही पाजिटिव मामलों का पता लगाएं ताकि तीव्र और प्रभावी उपचार किया जा सके और इससे रोगियों में स्वास्थ्य बिगड़ने पर काबू पाया जा सकता है । कार्य नीति के अंतर्गत सामुदायिक पृथकवास सुनिश्चित करने के लिए बड़े निषिद्ध क्षेत्र (कंटेनमेंट जोन) का सुझाव दिया गया । केंद्रीय मंत्री ने राज्यों को स्मरण कराया कि वे रोगाणु के जीनोमिक म्यूटेंट का आकलन करने के लिए समन्वयक नोडल अधिकारी को नैदानिक और महामारी से संबंधित चित्र भेजें और नैदानिक चित्रों के साथ जनस्वास्थ्य परिदृश्य को मिलाकर देखने का प्रयास करें । डॉ. हर्षवर्धन ने जीवन रक्षक मशीनों की ताजा आपूर्ति का आश्वासन देते हुए बताया कि 1121 वेंटिलेटर महाराष्ट्र को, 1700 उत्तर प्रदेश को, 1500 झारखंड को, 1600 गुजरात को, मध्य प्रदेश को 152 और छत्तीसगढ़ को 230 दिए जाने हैं । टीके के संबंध में मंत्री ने कहा कि अब तक कुल टीके की खपत, बेकार गई खुराक समेत, लगभग 12 करोड़ 57 लाख 18 हजार खुराक रही है जबकि केन्द्र ने राज्यों को 14 करोड़ 15 लाख खुराक उपलब्ध करायी है । उन्होंने कहा कि लगभग 1 करोड़ 58 लाख खुराक अब भी उपलब्ध हैं जबकि अन्य 1 करोड़ 16 लाख 84 हजार पाइप लाइन में है जो अगले सप्ताह तक पहुंच जाएगी । उन्होंने कहा कि प्रत्येक छोटे राज्य के भंडार में 7 दिन के बाद आपूर्ति की जाती है जबकि बड़े राज्यों में 4 दिन में आपूर्ति की जाती है । टीके की कोई कमी न होने की बात पर बल देते हुए स्वास्थ्य मंत्री कहा कि वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया में और अधिक तेजी लाने की आवश्यकता है । डॉ. हर्षवर्धन ने संकट से निपटने के लिए स्वास्थ्य ढांचे में हुए विस्तार का विवरण दिया । उन्होंने कहा कि महामारी की शुरूआत के समय में देश में एक प्रयोगशाला हुआ करती थी जबकि अब हमारे पास 2463 प्रयोगशालाएं हैं जिनकी कुल मिलाकर दैनिक जांच क्षमता 15 लाख है । पिछले 24 घंटे में 14 लाख 95 हजार 397 जांच की गई जिससे अब तक की गई जांच की संख्या बढ़कर 26 करोड़ 88 लाख 6 हजार 123 हो गई । उन्होंने कहा कि 3 स्तरीय स्वास्थ्य ढांचे में अब 2084 विशेष कोविड अस्पताल हैं, 4043 विशेष कोविड स्वास्थ्य केंद्र हैं और 12673 कोविड केयर केंद्र हैं । इनमें 18 लाख 52 हजार 265 बिस्तर हैं जिनमें से 4 लाख 68 हजार 974 बिस्तर विशेष कोविड अस्पतालों में हैं । बैठक में छत्तीसगढ़ के मंत्री टी.एस सिंहदेव, दिल्ली के सत्येन्द्र जैन, कर्नाटक के डॉ. के सुधाकर, मध्य प्रदेश के डॉ. प्रभु राम चौधरी,महाराष्ट्र के राजेश टोपे, उत्तर प्रदेश के जय प्रताप सिंह, केरल की के.के सैलजा, राजस्थान के डॉ. रघु शर्मा और राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश के स्वास्थ्य सचिवों एवं अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया ।
- नई दिल्ली। भारत ने अब तक 12 करोड़ से भी ज्यादा कोविड के टीके लगाकर विश्व में एक रिकॉर्ड स्थापित किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि पिछले 24 घंटों में 30 लाख 4 हजार से अधिक कोविड टीके लगाए गए।मंत्रालय ने यह भी बताया है कि पिछले 24 घंटों में देश भर में कोविड महामारी के दो लाख 34 हजार 692 नये मामलों की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही देश भर में अब तक एक करोड 45 लाख से ज्यादा लोग इस महमारी की चपेट में आ चुके हैं। देश में कल इस महामारी से एक हजार 341 संक्रमितों की मौत हुई हैं। इसके साथ ही देश में इस संक्रमण से एक लाख 75 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।वर्तमान में देश में स्वस्थ होने की दर घटकर 87.23 प्रतिशत है। मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में एक लाख 23 हजार से अधिक लोग स्वस्थ हुए हैं। इसने बताया है कि अब तक इस संक्रमण से कुल एक करोड़ 26 लाख से अधिक रोगी ठीक हो चुके हैं।देश में इस समय 16 लाख 79 हजार से अधिक लोगों का उपचार चल रहा है, जो कुल संक्रमित मामलों का 11.56 प्रतिशत है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद- आईसीएमआर ने कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान विभिन्न प्रयोगशालाओं में 14 लाख 95 हजार से अधिक कोविड जांच की गई है। इन्हें मिलाकर देश में अब तक 26 करोड़ 49 लाख से अधिक कोविड नमूनों की जांच की जा चुकी है।
- नई दिल्ली। भारतीय रेल ने लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन कंटेनर ट्रकों को रोल-ऑन रोल-ऑफ आधार पर ढ़ुलाई की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। रेल मंत्रालय द्वारा इस विशेष मंजूरी से भारतीय रेल जल्द ही देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन से भरे क्रायोजेनिक टैंकर ट्रकों को पहुंचाएगा।महाराष्ट्र सरकार द्वारा राज्य में तरल ऑक्सीजन पहुंचाने के अनुरोध पर रेल मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है। रेलवे ने कहा कि लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन से भरे क्रायोजेनिक कंटेनर ट्रकों को विशेष रेलवे वैगनों के माध्यम से नजदीकी गंतव्य शहरों तक ले जाया जाएगा। इसके बाद ट्रक अपने निर्धारित सुपुर्दगी स्थान पर जाएंगे जिनमें अस्पताल या विशेष चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं। रेलवे ने कहा है कि कोरोना मामलों में वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के लिए मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाने में इसमें कम परिवहन लागत लगेगी और समय की बचत होगी।
- नई दिल्ली। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को बताया कि देश में 75 प्रतिशत से अधिक वर्षा लाने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून के इस साल सामान्य रहने की संभावना है।पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने बताया कि पांच प्रतिशत कम या ज्यादा के अंतर के साथ दीर्घावधि औसत (एलपीए) के हिसाब से 98 प्रतिशत बारिश होगी। राजीवन ने डिजिटल तरीके से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जून से सितंबर के बीच चार महीने के दौरान वर्षा के लिए पूर्वानुमान को जारी किया। राजीवन ने कहा, दीर्घावधि औसत के हिसाब से मॉनसून में 98 प्रतिशत बारिश होगी,जो कि सामान्य है। यह देश के लिए अच्छी खबर है और इससे कृषि क्षेत्र से अच्छे परिणाम मिलेंगे।
- -कोविड-19 वायरस के प्रसार को रोकने के लिए विकसितनई दिल्ली। शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने शुक्रवार को विश्व के पहले किफायती और टिकाऊ, स्वच्छ उत्पाद डूरोकिया श्रृंखला की शुरूआत की। इसके प्रयोग से 99 .99 प्रतिशत हानिकारक कीटाणु नष्ट हो जाते हैं और इसका असर 35 दिनों तक रहता है। हैदराबाद स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान- आईआईटी ने कोविड-19 वायरस के प्रसार को रोकने के लिए इसे विकसित किया है।श्री निशंक ने बताया है कि डूरोकिया नामक उत्पादों की पूरी जांच की जा चुकी है और इसे भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं और आईआईटी हैदराबाद की फिल्ड टेस्ट में सही पाया गया है।
- नई दिल्ली। स्वदेश में विकसित कोवैक्सिन की वर्तमान उत्पादन क्षमता इस साल मई जून तक दोगुनी हो जाएगी और इसके जुलाई-अगस्त तक लगभग छह से सात गुना बढ़ जाने की संभावना है। सितंबर तक इसका उत्पादन लगभग 10 करोड़ खुराक प्रति माह हो जाएगा।कुछ हफ़्ते पहले, एक अंतर-मंत्रालयीय टीम ने भारत में दो मुख्य वैक्सीन निर्माताओं के उत्पादन संयंत्रों का दौरा किया था। केंद्र सरकार द्वारा भारत बायोटेक के नए बैंगलोर संयंत्र के लिए 65 करोड़ रुपये की सहायता दी जा रही है। वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए तीन सार्वजनिक क्षेत्रों की कंपनियों को भी मदद की जा रही है।महाराष्ट्र सरकार के उपक्रम हैफकीन बायोफार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, मुंबई को 65 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। यह कम्पनी कोवैक्सीन की दो करोड़ खुराक का प्रतिमाह उत्पादन करेगी। हैदराबाद की इंडियन इम्यूनोलॉजिकल लिमिटेड और बुलंदशहर स्थित भारत इम्युनोलॉजिकल्स एंड बायोलॉजिकल लिमिटेड भी इस वर्ष अगस्त-सितम्बर तक कोवैक्सीन की प्रतिमाह एक से डेढ़ करोड़ खुराक का उत्पादन करने लगेंगी।
- नई दिल्ली। ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। इस साल फरवरी में ब्रिटेन की एक अदालत ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था, जो बैंक घोटाला मामले में भारत में वांछित है। अदालत ने भारत सरकार के इस तर्क को स्वीकार कर लिया था कि मोदी के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत हैं।---
- नई दिल्ली। आईसीएसई बोर्ड ने इस वर्ष 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। बोर्ड ने सूचित किया है कि परीक्षा की नई तारीखों पर अंतिम निर्णय इस वर्ष जून के प्रथम सप्ताह तक लिया जाएगा।10वीं के परीक्षार्थियों को यह छूट होगी कि वे बाद में परीक्षा दें या परीक्षा न देने का विकल्प चुनें। इससे पहले, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने भी इस वर्ष होने वाली 10वीं की परीक्षा रद्द कर दी थी, जबकि बोर्ड की 12वीं की परीक्षा स्थगित की गई है।
- नई दिल्ली। रूस में भारत के राजदूत बाला वेंकटेश वर्मा ने कहा है कि रूस की कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-वी इस माह भारत को मिल जाएगी। श्री वेंकटेश ने कहा कि भारत में वैक्सीन उत्पादन बढ़ाया जा रहा है और इसके प्रतिमाह पांच करोड़ डोज से अधिक हो जाने की संभावना है।भारत में रूस के उप दूत रोमान बाबुश्किन ने बुधवार को कहा था कि भारत द्वारा स्पुतनिक वैक्सीन के आपात उपयोग की अनुमति से विशेष साझेदारी का नया आयाम खुलेगा। रूसी वैक्सीन को अनुमति मिल जाने से भारत में कोविड के उपचार के लिए तीसरा टीका उपलब्ध हो गया है। स्पुतनिक-वी को स्वीकृति देने वाला भारत विश्व का 60वां देश है। इन देशों में विश्व की 40 प्रतिशत या कुल 3 अरब आबादी के लिए यह वैक्सीन स्वीकृत हो चुकी है।
- नई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों को सलाह दी है कि वे अपने नियंत्रण में आने वाले अस्पतालों या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) से समर्पित कोविड-19 अस्पताल तैयार करने को कहें या वे अस्पतालों के भीतर ही अलग वार्ड या ब्लॉक विकसित करें।केंद्रीय मंत्रालयों को साथ ही यह सलाह भी दी गई है कि वह इस बारे में विस्तृत जानकारी आम जन से साझा करे। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से यह कदम उस वक्त उठाया गया है जब देश भर में कोविड-19 के ताजा मामलों में हर दिन तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। मंत्रालयों को लिखे एक पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि कोविड-19 के देश भर में बढ़ते ताजा मामलों को देखते हुए उनसे ठीक वैसी ही तैयारी का आह्वान किया जा रहा है जैसा उन्होंने पिछले साल किया था। मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 के गंभीर मरीजों को प्रभावी चिकित्सकीय सुविधाएं मिल सके इसके लिए अस्पतालों के ढांचागत विकास को तेज करना होगा। इसके मद्देनजर मंत्रालयों को सलाह दी जाती है कि वे इस सिलसिले में अपनी अधीन अस्पतालों और उनके नियंत्रण वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को समर्पित कोविड-19 अस्पताल वार्ड या अलग से ब्लॉक स्थापित करने के लिए कहें।मंत्रालय ने कहा, इन समर्पित अस्पतालों के वार्ड या ब्लॉक ऑक्सीजन वाले बेड, आईसीयू बेड, विशेष गहन चिकित्सा कक्षा, प्रयोगशालाएं सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं से लैस होने चाहिए जैसा पिछले साल किया गया था। इन अस्पतालों के वार्ड या ब्लॉक में कोविड-19 के मामलों के प्रबंधन के लिए अलग से प्रवेश और निकासी होना चाहिए ताकि पुष्ट हो चुके मामलों में मरीजों की विशेष देखभाल के साथ उपचार की सभी सुविधाएं मुहैया कराई जा सके। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये सुझाव भी दिया है कि ऐसे अस्पताल वार्ड या ब्लॉक के बारे में विस्तृत जानकारी आम जनता, राज्यों के स्वास्थ्य विभागों और जिन जिलों में ये स्थित हैं वहां के स्थानीय प्रशासन को मुहैया कराई जाए। मंत्रालय ने आवश्यक समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त करने का सुझाव दिया है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा का शुक्रवार सुबह यहां निधन हो गया और माना जा रहा है कि उनकी मृत्यु कोविड-19 के कारण हुई। वरिष्ठ अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वे 68 वर्ष के थे।अधिकारियों ने बताया कि ऐसा समझा जा रहा है कि गुरुवार रात को सिन्हा के कोरोना वायरस संक्रमित होने का पता चला था। बिहार कैडर के 1974 बैच के अधिकारी सिन्हा ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) एवं रेलवे सुरक्षा बल का नेतृत्व किया था और 2012 में सीबीआई प्रमुख बनने से पहले उन्होंने पटना एवं दिल्ली में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो में वरिष्ठ पदों पर जिम्मेदारी निभाई।
- नई दिल्ली। रेलवे ने कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर बड़े शहरों से अपने गृहनगरों में जाने के लिए प्रवासी श्रमिकों की भीड़ की खबरों के बीच अपनी ट्रेन सेवाओं को कोविड से पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक बहाल कर दिया है।आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रेलवे ने अगले दो सप्ताह में 133 अतिरिक्त ट्रेनों - 88 ग्रीष्मकालीन विशेष और 45 त्योहार विशेष- ट्रेनों को शुरू करने योजना बनाई है। बुधवार तक, रेलवे ने साप्ताहिक सहित 9,622 विशेष ट्रेनों को मंजूरी दी थी। रेलवे 5,387 उपनगरीय रेलगाडिय़ां (कोविड पूर्व समय की 92 प्रतिशत) चला रहा है, जिसमें मध्य रेलवे क्षेत्र में अधिकतम सेवाएं संचालित होती हैं, जिसके तहत मुंबई और पुणे आते हैं। इस समय 82 फीसदी मेल एक्सप्रेस और 25 फीसदी लोकल ट्रेनें संचालित हैं। गोरखपुर, पटना, दरभंगा, वाराणसी, गुवाहाटी, बरौनी, प्रयागराज, बोकारो, रांची और लखनऊ जैसे उच्च मांग वाले क्षेत्रों में भी अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
- -ऑक्सीजन के जरूरमंद राज्यों में छत्तीसगढ़ भीनई दिल्ली। केंद्र ने गुरुवार को कहा कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों के चलते 50 हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन के लिए निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी, जबकि इसके संसाधनों और उत्पादन क्षमता का अत्यधिक मामलों वाले 12 राज्यों की जरूरतों को पूरा करने के लिए चिह्नीकरण किया गया है। इसने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को इसके लिए निविदा प्रक्रिया को पूरा करने तथा विदेश मंत्रालय के मिशनों द्वारा चिह्नित आयात के लिए संभावित संसाधन तलाशने का भी निर्देश दिया गया है।स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह इस संबंध में आदेश जारी कर रहा है और इसे गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित किया जाएगा। जरूरत वाले इन 12 राज्यों में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान शामिल हैं।
- नई दिल्ली। देशभर में कोविड के बढ़ते मामलों के बीच बैंक यूनियनें अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। बैंक यूनियनों ने वित्त मंत्रालय से बैंक कर्मचारियों की सुरक्षा के उपाय करने को कहा है।बैंक यूनियनों ने मंत्रालय से कहा है कि इसके तहत बैंकों के कार्य दिवसों में कमी और शाखाओं को न्यूनतम कर्मचारियों के साथ काम करने की अनुमति जैसे उपाय किए जा सकते हैं। नौ यूनियनों के संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने वित्तीय सेवा विभाग के सचिव देवाशीष पांडा को दिए ज्ञापन में कहा कि सभी बैंक शाखाएं और प्रतिष्ठान संक्रमण के प्रसार का संभावित 'हॉटस्पॉट' हैं। ऐसे में उनके लिए कुछ सुरक्षा उपाय करने की जरूरत है। इसके अलावा यूनियन ने कामकाज के घंटे या कार्यदिवस घटाने का भी सुझाव दिया है। पिछले साल भी ऐसा ही किया गया था। यूएफबीयू ने कहा, ''हम आपसे आग्रह करते हैं कि सभी बैंकों को शाखाओं/कार्यालयों में न्यूनतम कर्मचारियों को बुलाने का निर्देश दिया जाये। अगले चार से छह माह तक एक-तिहाई कर्मचारियों के साथ काम, घर से काम यानी वर्क फ्रॉम होम का क्रियान्वयन किया जाना चाहिए। संक्रमण से बचाव के लिए स्टाफ अधिकारियों को बारी-बारी से बुलाया जाना चाहिए।''यूनियन ने बैंककर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगाने की मांग की है। इससे बैंक कर्मियों का विश्वास बढ़ेगा। यूनियन ने कहा कि कई केंद्रों पर सभी शाखाएं खोलने के बजाय इनकी संख्या सीमित की जानी चाहिए। बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार कुछ चुनिंदा शाखाओं तक किया जाना चाहिए। इसे अनिवार्य रूप से सभी शाखाओं को खोलने की जरूरत नहीं होगी और बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों की संक्रमण से सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
- इंदौर (मप्र)। पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल होने वाली रेमडेसिविर दवा की कथित कालाबाजारी में यहां बृहस्पतिवार को मेडिकल स्टोर संचालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों को ऐसे वक्त पकड़ा गया, जब राज्य भर में रेमडेसिविर की भारी किल्लत है और मरीजों के परेशान परिजन इसकी कालाबाजारी की लगातार शिकायतें कर रहे हैं।एसटीएफ की इंदौर इकाई के पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर जाल बिछाकर पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजेश पाटीदार, ज्ञानेश्वर बारस्कर और अनुराग सिंह सिसोदिया के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से रेमडेसिविर की दो अलग-अलग ब्रांड की 12 शीशियां बरामद की गई हैं। शीशियों के पैकेट पर छपा है कि इनका उत्पादन "केवल निर्यात के लिए" किया गया है। खत्री ने बताया, "इन शीशियों पर रेमडेसिविर दवा का अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) नहीं छपा है। लेकिन आरोपी इसकी एक शीशी को 20,000 रुपये में बेचने की कोशिश कर रहे थे।" उन्होंने बताया कि आरोपियों में शामिल सिसोदिया यहां मेडिकल स्टोर चलाता है, जबकि पाटीदार पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव है। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपियों ने इंदौर के अलावा पड़ोसी धार जिले में भी रेमडेसिविर की शीशियां ऊंचे दामों पर बेची हैं। मामले में एसटीएफ की विस्तृत जांच जारी है।
- नई दिल्ली। .अनिवासी भारतीय (ओसीआई) कार्डधारकों को अब केवल 20 साल की उम्र होने पर अपने दस्तावेज को फिर से जारी कराने की आवश्यकता होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक 20 साल उम्र होने से पहले ओसीआई कार्डधारक के तौर पर पंजीकरण कराने वाले व्यक्ति को 20 साल उम्र होने पर नया पासपोर्ट जारी करते समय ही कार्ड फिर से जारी होगा ताकि वयस्क होने पर चेहरे में आया परिवर्तन उसमें शामिल हो जाए।अगर किसी व्यक्ति ने 20 साल की उम्र होने के बाद ओसीआई कार्डधारक के तौर पर पंजीकरण कराया लिया है तो ओसीआई कार्ड दोबारा जारी कराने की जरूरत नहीं होगी। आवेदक के चेहरे में परिवर्तन आने के चलते वर्तमान में 20 साल की उम्र होने तक नया पासपोर्ट जारी कराने पर हर बार और 50 साल उम्र होने के बाद ओसीआई कार्ड जारी किया जाता है। बयान में कहा गया कि प्रक्रिया को सरल करने और ओसीआई कार्ड पुन: जारी कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर यह फैसला किया गया। बयान के मुताबिक ओसीआई कार्ड अनिवासी भारतीयों के बीच लोकप्रिय होगा और भारतीय मूल के नागरिक या अनिवासी भारतीय सुगमता से देश आ सकेंगे और जब तक चाहे रह सकेंगे। भारत सरकार ने अब तक करीब 37.72 लाख ओसीआई कार्ड जारी किए हैं।
- नई दिल्ली। दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में ''अप्रत्याशित वृद्धि'' के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अवर सचिव स्तर के अपने अधिकारियों को घर से ही काम करने को कहा है और केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालय आएंगे। गृह मंत्रालय ने गुरुवार को एक कार्यालय पत्र में कहा कि सभी अधिकारी सुबह नौ बजे से 10 बजे के बीच कार्यालय में आने के साथ उसी हिसाब से अपने जाने के समय में भी बदलाव कर सकते हैं। निषिद्ध क्षेत्रों में रहने वालों को कार्यालय आने से छूट होगी।गृह मंत्रालय ने कहा, ''दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि के चलते संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए यह कदम उठाने का फैसला किया गया है।'' गृह मंत्रालय ने कहा कि अवर सचिव या समकक्ष स्तर के अधिकारियों और इससे निचले स्तर के अधिकारियों को घर से काम करने की अनुमति होगी और कार्यालय में कुल कर्मचारियों का 50 प्रतिशत कार्यबल ही मौजूद रहेगा। संबंधित विभाग के प्रमुख कार्यालय में उपस्थिति के लिए कर्मचारियों की सूची तैयार करेंगे।उप सचिव, समकक्ष या इससे ऊपर के सभी अधिकारी नियमित रूप से दफ्तर आएंगे। गृह मंत्रालय ने कहा, ''सभी अधिकारी सुबह नौ बजे से 10 बजे के बीच कार्यालय में आने के साथ उसी हिसाब से अपने जाने के समय में भी बदलाव कर सकते हैं। इससे लिफ्ट या कॉरिडोर में भीड़-भाड़ नहीं होगी। विभाग प्रमुख इस संबंध में 'रोस्टर सिस्टम' बनाएंगे।'' किसी खास दिन नहीं आने वाले कर्मचारी अपने आवास पर हर समय टेलीफोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जुड़े रहेंगे और घर से ही काम करेंगे। कार्यालय आने वाले सभी कर्मचारी कोविड-19 के संबंध में दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे।
- इंदौर । कोविड-19 की दूसरी लहर के घातक प्रकोप के बीच यहां प्रशासन 7,000 बिस्तरों की क्षमता वाला कोविड देखभाल केंद्र शुरू करने में जुटा है। खास बात यह है कि यह केंद्र गत्ते के उन पलंगों (बिस्तरों) से तैयार किया जा रहा है, जिन्हें इस्तेमाल के बाद आसानी से नष्ट किया जा सकता है। जिलाधिकारी मनीष सिंह ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि खंडवा रोड के एक सामुदायिक सत्संग परिसर में गत्ते से बने पलंगों से कोविड देखभाल केंद्र तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया, "हालांकि, पहले चरण में यह केंद्र 500 बिस्तरों के साथ शुरू होगा। लेकिन जरूरत पड़ने पर इसमें बिस्तरों की तादाद बढ़ाकर 7,000 की जा सकती है।" अधिकारियों ने बताया कि कोविड देखभाल केंद्र में खासकर बिना लक्षण वाले उन मरीजों को संक्रमणमुक्त होने तक रखा जाएगा जिनके घर छोटे होने के कारण वे पृथक-वास में नहीं रह सकते। उन्होंने बताया कि कोविड देखभाल केंद्र में मरीजों को कमोबेश वैसी ही चिकित्सा और नर्सिंग सुविधाएं मिलेंगी जो किसी अस्पताल में मिलती हैं। गौरतलब है कि इंदौर, राज्य में कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित जिला है जो संक्रमितों की तादाद में भारी वृद्धि के चलते इन दिनों अस्पतालों में बिस्तरों, मेडिकल ऑक्सीजन, रेमडेसिविर दवा और अन्य जरूरी संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। इस बीच, परोपकार के लिए मशहूर फिल्म अभिनेता सोनू सूद इंदौर की मदद के लिए आगे आए हैं। सोशल मीडिया पर गुरुवार को वायरल वीडियो में सूद कहते सुनाई पड़ रहे हैं कि वह शहर के संक्रमितों के लिए 10 ऑक्सीजन जेनरेटर भेज रहे हैं। यह मशीन हवा से खुद ही ऑक्सीजन अलग कर लेती है। अधिकारियों ने बताया कि इंदौर जिले में 24 मार्च 2020 से लेकर अब तक महामारी के कुल 84,290 मरीज मिले हैं। इनमें से 1,023 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।-file photo
- नयी दिल्ली ।कोरोना संकट के बीच केंद्र ने गुरुवार को राज्य सरकारों से घबराहट में लोगों को जरूरत से ज्यादा खरीदारी से रोकने के लिये कदम उठाने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रमुख जिंसों के दाम नहीं बढ़े। केंद्र ने राज्यों को निर्देश ऐसे समय दिया है जब कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामले के कारण जरूरी जिंसों के दाम में वृद्धि को लेकर चिंता बढ़ी है। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव निधि खरे ने राज्य सरकारों को लिखे पत्र में कहा है कि कोविड-19 संक्रमितों की संख्या में अचानक वृद्धि से आम लोगों के लिये उचित मूल्य पर जरूरी सामानों की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। राज्यों से आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के लिये किराना दुकानों/गोदामों और दवा की दुकानों को धारा 144 के तहत पाबंदियों से अलग रखने को कहा गया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जरूरी सामानों के दाम नहीं बढ़े और उनकी आपूर्ति उचित मूल्य पर बनी रहे। जब तक कच्चे माल की लागत या विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के कारण दाम बढ़ाना जरूरी नहीं हो, कीमत में वृद्धि नहीं होनी चाहिए।'' खरे ने कहा कि राज्यों से लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिये जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है ताकि वे जरूरी सामानों की खरीदारी घबराहट में आकर नहीं करे। इसके अलावा राज्यों से प्रभावी निगरानी और आदेश के अनुपालन को लेकर राज्य/जिला स्तर पर खाद्य और नागरिक आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा, माप-तौल, स्वास्थ्य और नीति विभाग की संयुक्त टीम गठित करने को कहा गया है ताकि मांग-आपूर्ति में अंतर, जमाखोरी और जरूरी जिंसों के दाम में अत्यधिक बढ़ोतरी जैसी चीजें न हों। खरे ने कहा कि राज्यों को जरूरी सामानों की आपूर्ति को लेकर ग्राहकों के लिये हेल्पलाइन भी स्थापित करने को कहा गया है ताकि वे अपनी शिकायत दर्ज करा सके और सार्वजनिक प्राधिकरण उसका समाधान कर सके। राज्यों से स्थिति की समीक्षा करने और स्थिति के हिसाब से उचित कार्यवाही करने को कहा गया है।
- लखनऊ । कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्य के 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल आगामी 15 मई तक बंद रखने और उप्र बोर्ड की परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित करने का फैसला किया। साथ ही दो हजार से ज्यादा उपचाराधीन मामलों वाले 10 जिलों में रात आठ बजे से सुबह सात बजे तक कोरोना कर्फ्यू लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इन जिलों में लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ और गोरखपुर शामिल हैं। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों द्वारा रेफर किए गए कोविड-19 के मरीजों को भर्ती करने में टालमटोल करने वाले अस्पतालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां बताया कि प्रदेश में 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल 15 मई तक बंद कर दिए गए हैं और इस दौरान कोई परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (उप्र बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 20 मई तक टाल दी गई हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में यह फैसला लिया गया।
- रूड़की । आईआईटी रुड़की के परिसर में बने पृथक-वास केंद्र में बुधवार रात एक छात्र की मृत्यु हो गई। गढ़वाल क्षेत्र के मंडलायुक्त रविनाथ रमन ने बृहस्पतिवार को बताया कि मृतक छात्र प्रेम सिंह की हाल ही में कराई गई आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट नेगेटिव आयी थी। रमन ने कहा कि चंडीगढ़ निवासी 23 वर्षीय छात्र की मृत्यु के कारण की तह तक जाने के लिए इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच करवाई जाएगी। प्रेम सिंह आईआईटी रुड़की में एमटेक प्रथम वर्ष के छात्र थे और परिसर में ही रहते थे।हाल में आईआईटी रूड़की में करीब 100 छात्र कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए थे जिसके बाद प्रशासन ने परिसर में स्थित तीन इमारतों को निषिद्ध जोन घोषित कर दिया था।






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