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मुरादाबाद (उप्र). अमरोहा जिले के हैबतपुर गांव के एक व्यक्ति ने कथित तौर पर ‘रील' बनाने के लिए सांप को चूमने का प्रयास किया जिसके बाद सांप ने उसकी जीभ पर डस लिया। व्यक्ति की हालत गंभीर है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है, जिसकी लोगों ने तीखी आलोचना की है। यह घटना शुक्रवार शाम को अमरोहा जिले के हैबतपुर गांव में हुई, जहां किसान जितेंद्र कुमार (50) ने सांप को बचाने के बाद उसके साथ एक वीडियो बनाने का फैसला किया। लोगों को प्रभावित करने के लिए कुमार ने सांप के साथ फोटो खिंचवाई और रील बनवायी जिसे वहां मौजूद कई लोगों ने रिकॉर्ड किया। स्थानीय लोगों के अनुसार कुमार उस समय नशे में था और धूम्रपान कर रहा था।
कथित वीडियो में कुमार को सांप को अपनी गर्दन के चारों ओर लपेटते हुए और धीरे-धीरे उसके सिर को अपने मुंह की ओर लाते हुए देखा जा सकता है। जैसे ही उसने अपनी जीभ सांप की ओर बढ़ाई, सांप ने अचानक हमला किया और सीधे उसकी जीभ पर काट लिया। इससे वहां खड़े लोग भयभीत हो गए। सर्पदंश के बाद कुमार की हालत बिगड़ गई। उसे नजदीक एक अस्पताल में ले जाया गया और बाद में उसे एक अन्य अस्पताल के लिए ‘रेफर' कर दिया गया। गांव के मुखिया जयकीरत सिंह ने बताया कि घटना वाले दिन इलाके में एक दीवार से सांप निकला था, जिससे दहशत फैल गई। घटनास्थल पर पहुंचे कुमार ने सांप को पकड़ लिया था। सिंह ने कहा, "वह सांप को पकड़े हुए था और उसे चूमने का प्रयास कर रहा था। जैसे ही उसकी पकड़ ढीली हुई, सांप ने उसकी जीभ पर काट लिया। जितेंद्र ने सांप को छोड़ दिया, जो फिर (सांप) पास की झाड़ियों में चला गया। -
नयी दिल्ली. सरकार ने सोमवार को वर्ष 2027 में जातिगत गणना के साथ भारत की 16वीं जनगणना कराने के लिए अधिसूचना जारी की। पिछली बार ऐसी जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी। अधिसूचना में कहा गया है कि लद्दाख जैसे बर्फीले क्षेत्रों में जनगणना एक अक्टूबर 2026 से तथा देश के बाकी हिस्सों में एक मार्च 2027 से की जाएगी। इसमें कहा गया, ‘‘ उक्त जनगणना के लिए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू- कश्मीर और हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के बर्फ बारी वालों क्षेत्रों के अलावा बाकी राज्यों के लिए संदर्भ तिथि एक मार्च, 2027 को 00.00 बजे होगी।'' इसमें कहा गया है कि लद्दाख और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों के बर्फ से ढके क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि एक अक्टूबर 2026 को 00:00 बजे होगी। देश भर से जनसंख्या संबंधी आंकड़े उपलब्ध कराने का यह विशाल कार्य लगभग 34 लाख गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों तथा डिजिटल उपकरणों से लैस लगभग 1.3 लाख जनगणना कर्मियों द्वारा किया जाएगा। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि जनगणना के साथ ही जातिगत गणना भी की जाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को यहां केंद्रीय गृह सचिव, भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जनगणना की तैयारियों की समीक्षा की। जनगणना दो चरणों में की जाएगी। पहले चरण में - हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन (एचएलओ) - प्रत्येक घर की आवासीय स्थिति, संपत्ति और सुविधाओं का विवरण एकत्र किया जाएगा। इसके बाद, दूसरे चरण में - जनसंख्या गणना (पीई) जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, सांस्कृतिक स्थिति और प्रत्येक घर में प्रत्येक व्यक्ति का अन्य विवरण एकत्र किया जाएगा। -
नयी दिल्ली. दिल्ली हवाई अड्डा वर्ष 2024 में 7.7 करोड़ से अधिक यात्रियों को संभालने के साथ दुनिया का नौंवां सबसे व्यस्त हवाई अड्डा रहा। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। ‘एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल' (एसीआई) की दुनिया के 20 सबसे व्यस्त हवाई अड्डों की सूची में अमेरिका का अटलांटा हवाई अड्डा 10,80,67,766 यात्रियों की आवाजाही के साथ शीर्ष पर रहा। इसके बाद दुबई हवाई अड्डा (9,23,31,506 यात्री) दूसरे स्थान पर और अमेरिका का डलास/फोर्ट वर्थ हवाई अड्डा (8,78,17,864 यात्री) तीसरे स्थान पर हैं। मंगलवार को जारी एक बयान के मुताबिक, ‘‘2024 में वैश्विक यात्री यातायात 9.4 अरब यात्रियों की आवाजाही के साथ एक नए उच्चस्तर पर पहुंच गया। यह आंकड़ा 2023 से 8.4 प्रतिशत और महामारी-पूर्व (2019) के स्तर से 2.7 प्रतिशत अधिक है।'' सूची में शामिल शीर्ष 20 हवाई अड्डों पर पिछले साल हवाई यात्रा करने वाले कुल 1.54 अरब यात्रियों की आवाजाही रही, जो वैश्विक यातायात का 16 प्रतिशत है। पिछले साल दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने 7.78 करोड़ यात्रियों को संभाला, जिससे इसकी रैंकिंग सुधरकर नौंवें स्थान पर आ गई, जबकि 2023 में यह 10वें स्थान पर था। यह आंकड़ा विमान में सवार और विमान से उतरने वाले कुल यात्रियों की संख्या पर आधारित है, जबकि ठहराव स्थल के तौर पर ट्रांजिट यात्रियों की गिनती एक बार की गई है। एसीआई ने कहा कि इस सूची में अमेरिका के सर्वाधिक छह हवाई अड्डे शामिल हैं। सूची के शीर्ष 10 हवाई अड्डों में जापान का हानेडा (चौथे), लंदन का हीथ्रो (पांचवें), अमेरिका का डेनवर (छठे), तुर्किये का इस्तांबुल (सातवें), अमेरिका का शिकॉगो (आठवें) और चीन का शंघाई (10वें) भी शामिल है। एसीआई 170 देशों में कुल 2,181 हवाई अड्डों का संचालन करने वाले 830 सदस्यों का प्रतिनिधित्व करता है।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (एनईसीटी) के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में फास्टैग के जरिये राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह 19.6 प्रतिशत बढ़कर 20,681.87 करोड़ रुपये हो गया। एनईटीसी के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में टोल उपयोगकर्ताओं की संख्या भी 16.2 प्रतिशत बढ़कर 117.3 करोड़ हो गई। एक साल पहले की इसी अवधि में यह 100.98 करोड़ थी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एक अप्रैल, 2025 से देशभर के राजमार्ग खंडों पर टोल शुल्क में औसतन 4-5 प्रतिशत की वृद्धि की थी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल में कहा था कि सरकार 15 अगस्त से निजी वाहनों के लिए 3,000 रुपये की कीमत वाला फास्टैग-आधारित वार्षिक पास पेश करेगी।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने मंगलवार को अपने दैनिक बुलेटिन में बताया कि असम, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में चार नदियों में भीषण बाढ़ आ गयी है, जबकि 11 अन्य नदियां चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं। बुलेटिन के अनुसार, किसी भी नदी ने पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर को पार नहीं किया है, जबकि असम के गोलाघाट जिले में धनसिरी (दक्षिण) और नुमालीगढ़ में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी मंडला में 437.67 मीटर की ऊंचाई पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी, हालांकि जल स्तर में कमी देखी गयी है। वहीं, महाराष्ट्र के भंडारा में वैनगंगा नदी ने खतरे के निशान को पार कर लिया है। इनके अलावा, असम, बिहार, ओडिशा और उत्तर प्रदेश में 11 नदियां ‘‘सामान्य से ऊपर'' श्रेणी में दर्ज की गयी हैं, जहां जल स्तर चेतावनी स्तर को पार कर चुका है लेकिन खतरे के स्तर से नीचे बना हुआ है। इनमें असम की कई नदियां शामिल हैं, जैसे नेमाटीघाट और तेजपुर में ब्रह्मपुत्र नदी, शिवसागर में दीखौ नदी और करीमगंज में कुशियारा नदी, जहां जल स्तर में गिरावट या स्थिरता देखी गई। यह संकेत देता है कि बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है। उत्तर प्रदेश में एल्गिनब्रिज पर घाघरा नदी, बिहार के डुमरिया घाट पर गंडक नदी, और ओडिशा में बैतरणी तथा जलका नदियां भी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं, हालांकि इनके जल बहाव में भिन्नता देखी गई है। इस बीच, सीडब्ल्यूसी ने 35 बांधों और बैराज के लिए जलप्रवाह पूर्वानुमान जारी किए हैं, जहां पानी का बहाव खतरे की सीमा से ऊपर पहुंच गया है। इनमें आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, झारखंड, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के प्रमुख जलाशय शामिल हैं, जैसे श्रीशैलम, मैथन, आलमट्टी, इंदिरा सागर और दुर्गापुर बैराज। कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर भीषण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, लेकिन देशभर में कहीं भी अत्यंत भीषण बाढ़ की स्थिति नहीं देखी गई है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय और क्षेत्रीय श्रमिक संगठनों से जुड़े 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी बुधवार को नए श्रम कानूनों और निजीकरण के विरोध में देश भर में हड़ताल पर जाएंगे। कर्मचारियों की हड़ताल से बैंकिंग, डाक और अन्य सेवाओं में व्यवधान पैदा होने की आशंका है। श्रमिक संगठनों ने न्यूनतम मासिक वेतन 26,000 रुपये करने और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने जैसी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के मकसद से देशव्यापी हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। एक श्रमिक संगठन के पदाधिकारी ने मंगलवार को कहा कि आम हड़ताल से बैंकिंग, बीमा, डाक, कोयला खनन, राजमार्ग और निर्माण जैसे क्षेत्रों में सेवाएं बाधित हो सकती हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और नरेगा संघर्ष मोर्चा जैसे क्षेत्रीय संगठनों ने भी इस हड़ताल को अपना समर्थन दिया है।सीटू, इंटक और एटक जैसे केंद्रीय श्रमिक संगठन चार श्रम संहिताओं को हटाने, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण, ठेका व्यवस्था खत्म करने, न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 26,000 रुपये प्रति माह करने के साथ ही किसान संगठनों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और ऋण माफी की मांग पर जोर दे रहे हैं। हालांकि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने इसे राजनीति से प्रेरित बताते हुए आम हड़ताल में हिस्सा नहीं लेने की बात कही है। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) के राष्ट्रीय सचिव ए आर सिंधु ने कहा कि संगठित और असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों सहित लगभग 25 करोड़ श्रमिकों के आम हड़ताल में भाग लेने की संभावना है। सिंधु ने कहा, ‘‘इस दौरान औद्योगिक क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे और बैंकिंग, डाक सेवाएं एवं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों जैसी सेवाएं बंद होने की संभावना है।'' उन्होंने कहा, ‘‘असंगठित क्षेत्र के सारे कर्मचारी संभवतः विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाएंगे लेकिन उन्हें भी संगठित किया जाएगा। इस दौरान सड़क पर आवागमन रोकने एवं ‘रेल रोको' प्रदर्शन भी किया जाएगा।'' सिंधु ने कहा कि देश में श्रमिकों को गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने हड़ताल को मजदूरों और किसानों की उभरती एकता को मजबूत करने की दिशा में एक कदम बताया। उन्होंने कहा, ‘‘किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान भी हमने संयुक्त कार्रवाई की थी, यह भविष्य की कार्रवाई के लिए मजदूरों और किसानों को अधिक मजबूत करेगा।'' संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) नौ जुलाई को देश भर में तहसील स्तर पर स्वतंत्र रूप से और साथ ही ट्रेड यूनियनों और कृषि श्रमिक संघों के समन्वय से विरोध रैलियां करेगा। नरेगा संघर्ष मोर्चा ने भी देश भर के मनरेगा श्रमिकों से आम हड़ताल में भाग लेने का आह्वान किया है। उनकी मांगों में 800 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी देने और पश्चिम बंगाल में मनरेगा को दोबारा शुरू करने जैसी मांगें शामिल हैं। श्रमिक संगठनों ने कहा कि वर्ष 1991 में देश में नव-उदारवादी नीतियां लागू किए जाने के बाद से यह 22वीं आम हड़ताल है। पहले यह हड़ताल 20 मई को होने वाली थी लेकिन पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के चलते इसे आगे के लिए टाल दिया गया था। हड़ताल में शामिल श्रम संगठनों में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, सेवा, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी शामिल हैं।
- जयपुर। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिता दाऊलाल वैष्णव का मंगलवार को एम्स, जोधपुर में निधन हो गया। अस्पताल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पिछले कुछ दिनों से दाऊलाल वैष्णव गंभीर रूप से बीमार थे और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), जोधपुर में उनका इलाज चल रहा था। अस्पताल ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "बहुत दुख के साथ आपको सूचित करना पड़ रहा है कि रेलमंत्री के पिता, दाऊलाल वैष्णव का आठ जुलाई को पूर्वाह्न 11 बजकर 52 मिनट पर एम्स, जोधपुर में निधन हो गया।" अस्पताल प्रशासन ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ सहित अन्य नेताओं ने केंद्रीय मंत्री के पिता के निधन पर शोक व्यक्त किया।
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नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने मंगलवार को सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसवीपीयूएटी), मेरठ में उत्तर प्रदेश एग्रीटेक इनोवेशन हब और एग्रीटेक स्टार्टअप तथा टेक्नोलॉजी शोकेस का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। धर्मेंद्र प्रधान ने सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को समय की बदलती जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए बधाई दी और कहा कि इससे भारतीय किसानों को बहुत लाभ होगा। उन्होंने कहा कि विकसित गांवों और समृद्ध किसानों के बिना विकसित भारत की परिकल्पना अधूरी है और यह पहल उस दिशा में एक सार्थक और ऐतिहासिक कदम है।
प्रधान ने देशभर में प्रौद्योगिकी आधारित कृषि नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत हाल ही में केंद्रीय बजट में ‘उत्कृष्टता केंद्र’ की स्थापना की घोषणा की गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एआई, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का लाभ भारत के कृषि क्षेत्रों तक पहुंचे।अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि उत्कृष्टता केंद्र के रूप में “कृषि में एआई” पर काम करने के लिए आईआईटी रोपड़ को सौंपी गई जिम्मेदारी इस एग्रीटेक इनोवेशन हब के निर्माण में बदल गई है। मंत्री ने यह भी कहा कि भारत की आत्मा उसके खेतों और खलिहानों में बसती है। उन्होंने कहा कि हालांकि देश में सेवाक्षेत्र वैश्विक मानकों पर पहुंच गया है, लेकिन भारत की समृद्धि का मूल आधार अभी भी इसकी कृषि भूमि में निहित है। उन्होंने कहा कि किसानों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री के सपने को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में साकार किया जा रहा है। प्रधान ने यह भी कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार के संगम से राज्य अब नई ऊर्जा प्राप्त कर रहा है। केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जताई कि एग्रीटेक इनोवेशन हब उत्तर भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा और गति प्रदान करेगा।वहीं, जयंत चौधरी ने ग्रामीण युवाओं और किसानों को कृषि तकनीक से प्रेरित प्रगति के नए युग को अपनाने के लिए सशक्त बनाने में हब के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने परंपरा को प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि असली बदलाव तब शुरू होता है जब नवाचार मिट्टी में जड़ें जमा लेता है। उन्होंने कहा कि आईआईटी रोपड़ की गहन तकनीक विशेषज्ञता द्वारा समर्थित मेरठ में एग्रीटेक इनोवेशन हब सिर्फ एक परियोजना नहीं है, यह हमारे किसानों को कृषि अग्रदूत के रूप में सशक्त बनाने का एक आंदोलन है।चौधरी ने यह भी कहा कि एक सुविधा से अधिक यह एक सहयोगी इकोसिस्टम है जहां किसान, शोधकर्ता और स्टार्टअप भविष्य के लिए टिकाऊ और स्केलेबल कृषि-समाधान बनाने के लिए एक साथ आते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आखिरकार तकनीक तभी सार्थक होती है जब वह उस जमीन में निहित रहती है जिसे वह ऊपर उठाना चाहती है। -
नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के तहत एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी निगरानी भारत निर्वाचन आयोग द्वारा की जा रही है। 24 जून को जारी आदेश के तहत यह अभियान 7.89 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाताओं को कवर कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का प्रत्येक योग्य नागरिक मतदाता सूची में दर्ज हो और कोई भी नाम छूटे नहीं।
निर्वाचन आयोग ने पहले से भरे गए गणना प्रपत्र, जिनमें नाम, पता और पुरानी फोटो जैसे विवरण शामिल हैं, प्रत्येक पंजीकृत मतदाता तक पहुंचाने की व्यवस्था की है। अब तक 7.69 करोड़ मतदाताओं (करीब 97.42 प्रतिशत) को फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। बीएलओ घर-घर जाकर इन फॉर्मों को इकट्ठा कर रहे हैं और हर घर में कम से कम तीन बार जाकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई मतदाता छूटे नहीं। पहला दौरा पूरा हो चुका है, जबकि दूसरा दौरा जारी है। इस दौरान कई मतदाता मृत, स्थानांतरित या प्रवासी भी पाए गए हैं।जिन व्यक्तियों ने 25 जुलाई तक अपने गणना फॉर्म जमा किए हैं, उनके नाम 1 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। सीईओ, डीईओ, ईआरओ और बीएलओ यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वृद्ध, बीमार, दिव्यांग और गरीब जैसे कमजोर वर्गों के मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए वालंटियरों की सहायता भी ली जा रही है।गौरतलब हो, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या सुधार के लिए दावे और आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 1 सितंबर है। इस दौरान पात्रता के दस्तावेज भी अलग से प्रस्तुत किए जा सकते हैं।लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 16 और 19 तथा संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार, कोई भी भारतीय नागरिक जो अर्हता तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का है, सामान्यतः उस क्षेत्र का निवासी है और किसी कानून के तहत अयोग्य नहीं ठहराया गया है, मतदाता सूची में शामिल होने का पात्र है।कोई भी नाम सूची से हटाने का निर्णय केवल जांच के बाद ही लिया जाएगा और इसके लिए ईआरओ को स्पष्ट, लिखित आदेश देना होगा। यदि किसी व्यक्ति की पात्रता पर संदेह होता है, तो उसे नोटिस देकर उसका पक्ष सुना जाएगा। इसके बाद ही किसी प्रकार की अपवर्जन कार्रवाई होगी।यदि कोई मतदाता ईआरओ के फैसले से असंतुष्ट है, तो वह पहले जिला मजिस्ट्रेट के पास अपील कर सकता है। यदि वहां भी राहत न मिले, तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 24 के तहत राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास दूसरी अपील की जा सकती है। इस विशेष पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिहार में प्रत्येक योग्य मतदाता की भागीदारी लोकतंत्र में सुनिश्चित की जा सके। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रासीलिया के अल्वोराडा पैलेस में अपने औपचारिक स्वागत के दौरान भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति का आनंद लिया, जिसमें हारमोनियम और तबला जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों का प्रयोग किया गया। पीएम मोदी ने प्रदर्शन की सराहना की और हाथ जोड़कर कलाकारों का अभिवादन किया।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद ब्राजील की राजकीय यात्रा पर आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मंगलवार को ब्राजील के अल्वोराडा पैलेस में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अल्वोराडा पैलेस में भारत और ब्राजील के राष्ट्रगान बजाए गए। वहीं, जब राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा ने ब्रासीलिया स्थित अल्वोराडा पैलेस में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया तो दोनों ने एक दूसरे को गले से लगाया।विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्रपति लूला और प्रथम महिला जान्जा लूला ने अल्वोराडा पैलेस में गार्ड ऑफ ऑनर और औपचारिक स्वागत के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया। द्विपक्षीय वार्ता आगे भी जारी रहेगी।” प्रधानमंत्री मोदी का ब्रासीलिया के अल्वोराडा पैलेस में आयोजित औपचारिक स्वागत समारोह में 114 घोड़ों की एक अनूठी टुकड़ी भी मौजूद थी।इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी का ब्रासीलिया हवाई अड्डे पर पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया और बटाला मुंडो बैंड ने पारंपरिक एफ्रो-ब्राजील संगीत प्रस्तुत किया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ब्रासीलिया हवाई अड्डे पर, बटाला मुंडो बैंड ने कुछ अद्भुत रचनाएं बजाईं। उनका यह प्रयास अफ्रीकी-ब्राजीलियन तालवाद्य, विशेष रूप से ब्राजील के साल्वाडोर दा बाहिया के सांबा-रेगे को बढ़ावा देने का एक वैश्विक प्रयास है।”आपको बता दें, जब पीएम मोदी ब्रासीलिया पहुंचे, भारतीय समुदाय के लोग भी उनका का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थे। पीएम मोदी ने एक अन्य एक्स पोस्ट में कहा, “थोड़ी देर पहले ब्रासीलिया पहुंचा। भारतीय समुदाय ने एक यादगार स्वागत किया, जिसने एक बार फिर दर्शाया कि हमारे प्रवासी कितने भावुक हैं और वे अपनी जड़ों से कितने जुड़े हुए हैं।”ब्रासीलिया में अपने होटल पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत की, जिनमें वे बच्चे भी शामिल थे जो उनका स्वागत करने के लिए तिरंगा लेकर एकत्र हुए थे। प्रधानमंत्री ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी देखा। उन्होंने कलाकारों की सराहना की और उनके प्रदर्शन के बाद उनसे बातचीत की।पांच देशों की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान इसके चौथे चरण में पीएम मोदी ब्रासीलिया हैं, इसके बाद वह अपनी आठ दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण में बुधवार को नामीबिया में रहेंगे। यह प्रधानमंत्री की नामीबिया की पहली यात्रा होगी। इस दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रपति नंदी-नदैतवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। -
नई दिल्ली। कर्नाटक सरकार ने सभी ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुआ और दावं पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव जारी किया है। दरअसल राज्य सरकार तेजी से बढ़ते रियल-मनी गेमिंग क्षेत्र की कड़ी निगरानी की ओर बढ़ रही है। विधेयक के मसौदे के अनुसार ऑनलाइन सट्टेबाजी या जुए के लिए रियल-मनी, टोकन, वर्चुअल करेंसी या इलेक्ट्रॉनिक फंड के उपयोग पर भी प्रतिबंध है। मसौदा विधेयक में कहा गया है कि कौशल के खेलों को ‘विनियमन और लाइसेंसिंग के अधीन, इस निषेध से छूट दी जाएगी।’
राज्य सरकार समय-समय पर यह निर्धारित करेगी कि क्या कौशल या दावं का खेल है। मसौदा विधेयक में प्रस्ताव किया गया है कि यह निर्धारण न्यायिक मिसालों के आधार पर किया जाएगा। कर्नाटक भी उन राज्यों की लंबी सूची में शामिल हो गया है जो ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र को विनियमित करने की कोशिश कर रहे हैं।इसके अलावा राज्य सरकार एक कर्नाटक ऑनलाइन गेमिंग ऐंड बेटिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठन करेगी। इसमें एक अध्यक्ष और तीन अन्य सदस्य होंगे। इनकी नियुक्ति राज्य सरकार करेगी। तीनों सदस्य क्रमशः सूचना प्रौद्योगिकी, फाइनैंस और सामाजिक कल्याण में विशेषज्ञ होंगे। गेमिंग उद्योग ने इस विधेयक के प्रारूप का स्वागत किया है और इसे ‘स्वागत योग्य’ कदम करार दिया। -
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को नारी शक्ति को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए नई संभावनाएं खोलने के लिए दो बड़े ऐलान किए। विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए दो अहम फैसले लिए। पहला, राज्य की सरकारी नौकरियों में बिहार की स्थायी निवासी महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय। दूसरा, बिहार युवा आयोग के गठन को मंजूरी। ये फैसले पटना में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए।
नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अब राज्य की सभी सरकारी नौकरियों, चाहे वह किसी भी श्रेणी, स्तर या प्रकार की हो, में बिहार की मूल निवासी महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत पद आरक्षित होंगे। इस कदम का मकसद महिलाओं को नौकरियों में ज्यादा हिस्सेदारी देना और शासन-प्रशासन में उनकी भूमिका को बढ़ाना है।मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “यह फैसला बिहार की बेटियों को सशक्त बनाएगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मौका देगा।”बिहार युवा आयोग का गठनमहिलाओं के साथ-साथ नीतीश सरकार ने युवाओं के लिए भी बड़ा कदम उठाया। कैबिनेट ने बिहार युवा आयोग के गठन को हरी झंडी दे दी। यह एक वैधानिक संस्था होगी, जो राज्य के युवाओं के कल्याण और उत्थान से जुड़े मामलों पर सरकार को सलाह देगी। आयोग का मुख्य लक्ष्य युवाओं को बेहतर शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर दिलाना है। नीतीश कुमार ने कहा, “यह आयोग बिहार के नौजवानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।”बिहार युवा आयोग में एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और सात सदस्य होंगे, जिनकी उम्र 45 साल से कम होगी। यह आयोग निजी क्षेत्र की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दिलाने का काम करेगा। साथ ही, बिहार के बाहर पढ़ाई या नौकरी करने वाले छात्रों और कामगारों के हितों की रक्षा भी करेगा। आयोग को सामाजिक बुराइयों, जैसे शराब और नशे की लत, को रोकने के लिए कार्यक्रम तैयार करने और सरकार को सुझाव देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।राज्य सरकार का कहना है कि ये कदम बिहार के युवाओं को नई दिशा देंगे और उन्हें रोजगार के लिए तैयार करेंगे। - नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को नई दिल्ली में रक्षा लेखा विभाग (डीएडी) के नियंत्रक सम्मेलन को संबोधित किया। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन में प्रदर्शित वीरता और घरेलू उपकरणों की क्षमता के प्रदर्शन ने स्वदेशी उत्पादों की वैश्विक मांग को और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया हमारे रक्षा क्षेत्र को नए सम्मान के साथ देख रही है।अपने संबोधन राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों की परिचालन तत्परता और वित्तीय दक्षता को दुरूस्त करने में विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रक्रियाओं में एक भी देरी या त्रुटि सीधे परिचालन तैयारियों को प्रभावित कर सकती है।सिंह ने रक्षा में निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी के साथ तालमेल बिठाते हुए डीएडी को ‘नियंत्रक’ से ‘सुविधाकर्ता’ के रूप में विकसित होने का भी आह्वान किया।राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में चल रहे परिवर्तन का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया, जिनके मार्गदर्शन में देश आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ा है और रक्षा नियोजन, वित्त तथा नवाचार में संरचनात्मक सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, “हम जो उपकरण पहले आयात करते थे, उनमें से अधिकांश अब भारत में ही बनाए जा रहे हैं। हमारे सुधार उच्चतम स्तर पर दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता की स्पष्टता के कारण सफल हो रहे हैं।”रक्षा मंत्री ने स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार, 2024 में बढ़ते वैश्विक सैन्य व्यय के 2.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का उल्लेख किया और कहा कि इससे भारत के स्वदेशी रक्षा उद्योगों के लिए जबरदस्त अवसर खुलते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री के ‘रक्षा में आत्मनिर्भरता’ पर ध्यान केंद्रित करने के साथ भारत के उद्योगों को वैश्विक मांग में बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए और निर्यात तथा नवाचार में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए।उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि निर्णय तेजी से लिए जाएं ताकि हम यहीं भारत में बड़े इंजनों का निर्माण शुरू कर सकें और यह काम भारतीयों के हाथों से शुरू हो।” उन्होंने उन्नत स्वदेशी रक्षा विनिर्माण क्षमताओं के निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।इसके अलावा, राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र के बढ़ते सामरिक और आर्थिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए रक्षा व्यय को महज व्यय के रूप में देखने की धारणा को बदलने का आह्वान किया और कहा कि इसे गुणक प्रभाव वाले आर्थिक निवेश के रूप में देखा जाना चाहिए।उन्होंने कहा, “हाल तक, रक्षा बजट को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के हिस्से के रूप में नहीं देखा जाता था। आज, वे विकास के चालक हैं।”
- नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बीते सोमवार को अपने बिहार दौरे के दौरान राज्य को पांच नई ट्रेनों की सौगात दी। इन ट्रेनों में चार अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। पटना और दिल्ली के बीच अब प्रतिदिन अमृत भारत एक्सप्रेस चलाई जाएगी, जिससे यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर मिलेगा। इसके अलावा दरभंगा-लखनऊ और मालदा टाउन-लखनऊ के बीच एक-एक साप्ताहिक अमृत भारत ट्रेन भी चलाई जाएगी। वहीं सहरसा-अमृतसर और जोगबनी-तमिलनाडु के इरोड के बीच भी नई अमृत भारत ट्रेनें शुरू की जाएंगी, जिससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच बेहतर रेल संपर्क स्थापित होगा।वहीं रेल मंत्री ने बिहार में जल्द शुरू होने वाली बड़ी रेलवे परियोजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य को जल्द ही तीन महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं की मंजूरी दी जाएगी। इनमें 1,156 करोड़ रुपये की लागत से 53 किलोमीटर लंबी भागलपुर-जमालपुर तीसरी रेल लाइन, 2,017 करोड़ रुपये की लागत से 104 किलोमीटर लंबा बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया दोहरीकरण प्रोजेक्ट और 3,000 करोड़ रुपये की लागत से 177 किलोमीटर लंबा रामपुर हाट-भागलपुर दोहरीकरण प्रोजेक्ट शामिल है। इन तीनों परियोजनाओं पर कुल मिलाकर 6,173 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।बिहार में दो सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) का जल्द होगा उद्घाटनरेल मंत्री ने यह भी घोषणा की कि बिहार में दो सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) का उद्घाटन जल्द होगा। इनमें पाटलिपुत्र में 53 करोड़ रुपये की लागत से और दरभंगा में 10 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित STPI शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे देश के समग्र विकास में बड़ी भूमिका निभा रही है। पिछले 11 वर्षों में देश में 33,000 किलोमीटर से अधिक नई रेल लाइनें बिछाई गई हैं, जो रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही हैं।इससे पहले सोमवार को ही रेल मंत्री ने बिहार के कई रेलवे स्टेशनों का औचक निरीक्षण किया और अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पटना से निरीक्षण दौरा शुरू किया और हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और सोनपुर डिवीजन के स्टेशनों का दौरा किया। इस मौके पर उनके साथ स्थानीय विधायक संजीव चौरसिया, पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह और डीआरएम जयंत कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्राथमिकता है कि बिहार के लोगों को बेहतर रेल सेवाएं, तेज यात्रा सुविधा और आधुनिक रेलवे स्टेशन उपलब्ध कराए जाएं।
- कुदालोर । तमिलनाडु के कुदालोर जिले के संबंकुप्पम रेलवे क्रॉसिंग पर मंगलवार सुबह एक भयानक हादसा हुआ। एक स्कूल बस ट्रेन से टकरा गई, जिससे तीन छात्रों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि स्कूल बस रेलवे ट्रैक पार कर रही थी, तभी तेज रफ्तार ट्रेन ने उसे टक्कर मार दी.जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब बस ड्राइवर ने रेलवे सिग्नल को नजरअंदाज करते हुए रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश की. इस दौरान तेज रफ्तार ट्रेन ने बस को टक्कर मार दी. वीडियो में यह साफ देखा जा सकता है कि टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के टुकड़े इधर-उधर बिखर गए हैं हादसे में तीन छात्रों की मौत हो गई और कई अन्य छात्र घायल हो गए हैं. घायल छात्रों को निकटवर्ती अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं.
- पुरी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने पुरी जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार या खजाना कक्ष की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया है और वस्तु सूची संबंधी कार्य राज्य सरकार की अनुमति मिलने के बाद शुरू किया जाएगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह घोषणा श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक अरविंद पाधी और एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद् डी. बी. गरनायक ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में की। भारतीय पुरातत्व संस्थान ही 12वीं सदी के पुरी जगन्नाथ मंदिर का संरक्षक है। श्री जगन्नाथ मंदिर का बाहरी चैंबर भगवान की पूजा और त्योहारों पर इस्तेमाल होने वाले रत्नों को रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वहीं सबसे ज्यादा महंगे और सोने-चांदी और हीरे के आभूषण अंदरुनी चैंबर में रखे जाते हैं। अंदरुनी चैंबर बीते 46 वर्षों से नहीं खोला गया था। बीते साल अंदरुनी चैंबर की मरम्मत और उसमें रखे हीरे जेवरात की गिनती के लिए इसे खोला गया। आईएएस अधिकारी और मंदिर के प्रमुख प्रशासक अरबिंद पधी ने बताया कि मंदिर के अंदरुनी चैंबर की मरम्मत और पुनिर्माण का काम पुरातत्व संस्थान ने किया, जिसमें 95 दिनों का समय लगा। करीब 80 लोगों की टीम ने भगवान के खजाने को संरक्षित किया।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति एवं त्रिनिदाद एंड टोबैगो के प्रधानमंत्री को विशेष उपहार दिए। उन्होंने उपहार के रूप में चांदी का शेर, मधुबनी पेंटिंग, सरयू नदी के पवित्र जल से भरा कलश और अयोध्या राम मंदिर की चांदी की प्रतिकृति भेंट की।प्रधानमंत्री मोदी ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली को ‘चांदी का शेर’ गिफ्ट किया। फुचसाइट स्टोन बेस पर हाथ से उकेरा गया चांदी का यह शेर राजस्थान की प्रसिद्ध धातुकर्म और रत्न कला का एक शानदार उदाहरण है। जटिल रूप से विस्तृत चांदी का शेर साहस और नेतृत्व का प्रतीक है, जबकि फुचसाइट बेस, जिसे ‘हीलिंग और रेसिलिएंस स्टोन’ के रूप में जाना जाता है- प्राकृतिक सुंदरता और अर्थ जोड़ता है।राजस्थानी कारीगरों की ओर से भारत के खनिज समृद्ध क्षेत्रों से प्राप्त चांदी और फुचसाइट का उपयोग करके चांदी का शेर तैयार किया गया, यह देश की समृद्ध कलात्मक और भूवैज्ञानिक विरासत को खूबसूरती से दर्शाता है।उन्होंने अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति विक्टोरिया विलारुएल को उपहार के रूप में मधुबनी पेंटिंग भेंट की। यह मधुबनी पेंटिंग बिहार के मिथिला क्षेत्र की भारत की सबसे पुरानी लोक कला परंपराओं में से एक को खूबसूरती से दर्शाती है। बोल्ड लाइनों, जटिल पैटर्न और प्राकृतिक रंगों के लिए प्रसिद्ध मधुबनी कला पारंपरिक रूप से त्योहारों के दौरान दीवारों को सजाती है, ताकि समृद्धि आए और नकारात्मकता दूर हो। यह कृति सूर्य को उजागर करती है, जो ऊर्जा और जीवन का प्रतीक है।पीएम मोदी ने त्रिनिदाद एंड टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर को सरयू नदी के पवित्र जल से भरा कलश और अयोध्या राम मंदिर की चांदी की प्रतिकृति भेंट की। सरयू नदी के पवित्र जल से भरा यह कलश पवित्रता, आशीर्वाद और आध्यात्मिक कृपा का एक पूजनीय प्रतीक है। भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या से होकर बहने वाली सरयू नदी हिंदू परंपरा में बहुत महत्व रखती है। ऐसा माना जाता है कि यह पापों का नाश करती है और शांति एवं समृद्धि लाती है। धातु से बना यह कलश पवित्रता का प्रतीक है, जो ईश्वरीय सुरक्षा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक कल्याण का आह्वान करता है। यह अयोध्या की धर्म, भक्ति और मुक्ति की कालातीत विरासत से जोड़ता है।अयोध्या राम मंदिर की चांदी की प्रतिकृति उत्तर प्रदेश के कुशल कारीगरों द्वारा निर्मित यह श्री राम मंदिर की भव्यता और जटिल वास्तुकला को दर्शाता है, जो धर्म, धार्मिकता और दिव्य आशीर्वाद का प्रतीक है। पूरी तरह से शुद्ध चांदी से बना यह लघु मंदिर पवित्रता, भक्ति और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। यह उत्तर प्रदेश की मंदिर कला और धातु के काम की समृद्ध विरासत को दर्शाता है। सजावट से कहीं अधिक यह एक कालातीत स्मृति है, जो अयोध्या की आध्यात्मिक विरासत और भारत की पवित्र परंपराओं का सम्मान करती है।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के बाद मंगलवार को ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया पहुंचे। यहां पीएम मोदी का स्वागत पारंपरिक सांबा रेगे की संगीतमय प्रस्तुति से किया गया। इसके बाद होटल पहुंचने पर शिव तांडव स्तोत्र पाठ और भारतीय शास्त्रीय नृत्य का भावपूर्ण प्रदर्शन किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे “यादगार स्वागत” बताया और प्रवासियों की अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रशंसा की। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “थोड़ी देर पहले ब्रासीलिया पहुंचा। भारतीय समुदाय ने यादगार स्वागत किया, जो एक बार फिर दर्शाता है कि हमारे प्रवासी कितने भावुक हैं और वे अपनी जड़ों से कितने जुड़े हुए हैं।” उन्होंने कुछ तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें उत्साहित और उत्साही प्रवासी भारतीय तिरंगा थामे प्रधानमंत्री मोदी का हाथ जोड़कर अभिवादन करते नजर आ रहे हैं।पीएम मोदी सोमवार को 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए “बहुत ही उत्पादक” रियो डी जेनेरियो यात्रा पूरी करने के बाद ब्राजील पहुंचे। भारतीय पीएम 2 जुलाई से 10 जुलाई तक 5 देशों की यात्रा पर हैं। अब तक वे घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, और अर्जेंटीना का दौरा कर चुके हैं। फिलहाल वे ब्राजील के दौरे पर हैं और यहां से नामीबिया जाएंगे। राजकीय यात्रा पर ब्राजील की राजधानी पहुंचे भारतीय प्रधानमंत्री का हवाई अड्डे पर ब्राजील के रक्षा मंत्री जोस मुसियो मोंटेरो फिल्हो ने स्वागत किया।पीएम मोदी मंगलवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के साथ व्यापार, डिफेंस, एनर्जी, स्पेस, टेक्नोलॉजी, खेती और हेल्थ समेत कई मुद्दों पर द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने लिखा: “इंडिया-ब्राजील के बीच मजबूत साझेदारी में नए कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील की राजकीय यात्रा पर राजधानी ब्रासीलिया पहुंचे। आगमन पर, हवाई अड्डे पर ब्राजील के रक्षा मंत्री जोस मुसियो मोंटेरो फिल्हो ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पारंपरिक ब्राजीलियाई सांबा रेगे प्रदर्शन द्वारा स्वागत को शानदार संगीतमय बनाया गया।”प्रधानमंत्री मोदी ने भी लिखा: “ब्रासीलिया हवाई अड्डे पर, बटाला मुंडो बैंड ने कुछ बेहतरीन रचनाएं बजाईं। उनका यह प्रयास एफ्रो-ब्राजीलियन पर्क्यूशन, विशेष रूप से ब्राजील के साल्वाडोर दा बाहिया के सांबा-रेगे को बढ़ावा देने का वैश्विक प्रयास है।” कुछ घंटे पहले प्रधानमंत्री ने रियो डी जेनेरियो की अपनी यात्रा को “बहुत उत्पादक” बताया था।पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “अब राजकीय यात्रा के लिए ब्रासीलिया जा रहा हूं। भारत-ब्राजील संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर राष्ट्रपति लूला के साथ विस्तृत बातचीत करूंगा। मेरी ब्राजील यात्रा का रियो चरण बहुत उत्पादक रहा। हमने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्यापक विचार-विमर्श किया। मैं राष्ट्रपति लूला और ब्राजील सरकार को उनके ब्रिक्स प्रेसीडेंसी के माध्यम से इस मंच को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए किए गए काम के लिए बधाई देता हूं। विश्व नेताओं के साथ मेरी द्विपक्षीय बैठकें विभिन्न देशों के साथ भारत की मित्रता को भी बढ़ावा देंगी।”पीएम मोदी ने सोमवार को पर्यावरण और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे प्रमुख मुद्दों को उच्च प्राथमिकता देने के लिए ब्रिक्स की प्रशंसा की। उन्होंने इन विषयों को मानवता के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि भारत के लिए जलवायु न्याय केवल एक विकल्प नहीं है, बल्कि यह एक नैतिक दायित्व है।पर्यावरण, सीओपी-30 और वैश्विक स्वास्थ्य पर ब्रिक्स सत्र में बोलते हुए पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण सुरक्षा हमेशा से भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारे लिए यह सिर्फ ऊर्जा की बात नहीं है, यह जीवन और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की बात है। मुझे खुशी है कि ब्राजील की अध्यक्षता में ब्रिक्स ने पर्यावरण और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उच्च प्राथमिकता दी है। ये विषय न केवल आपस में जुड़े हुए हैं, बल्कि मानवता के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।”
- सूरत। गुजरात के सूरत शहर में हथियारबंद लुटेरों ने आभूषणों के एक शोरूम से कीमती सामान लूटने के दौरान एक जौहरी की गोली मारकर हत्या कर दी और एक अन्य व्यक्ति को घायल कर दिया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।पुलिस उपाधीक्षक नीरव गोहिल ने बताया कि सोमवार रात को हुई इस घटना के बाद तीन लुटेरे भाग गए लेकिन एक को स्थानीय लोगों ने कुछ देर उसका पीछा करने के बाद पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।उन्होंने बताया कि चार हथियारबंद लुटेरे रात करीब साढ़े आठ बजे सचिन इलाके में ‘श्रीनाथजी ज्वैलर्स’ के शोरूम में घुसे।गोहिल ने कहा, ‘‘शोरूम के मालिक आशीष राजपारा ने लुटेरों को कीमती सामान लेकर भागने से रोकने की जब कोशिश की तो बदमाशों ने उन पर गोलियां चला दीं। राजपारा को सीने में दो गोलियां लगीं और अस्पताल में भर्ती कराए जाने के कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई।’’उन्होंने कहा, ‘‘जब स्थानीय लोगों ने लुटेरों का पीछा करना शुरू किया तो लुटेरों ने उन पर गोलियां चला दीं। इस दौरान नाजिम शेख नाम के एक व्यक्ति के पैर में गोली लगी।’’कुछ देर तक पीछा करने के बाद स्थानीय लोगों ने एक आरोपी को पकड़ लिया लेकिन तीन अन्य आरोपी भाग गए।गोहिल ने बताया कि पकड़े गए लुटेरे को स्थानीय लोगों ने बुरी तरह पीटा और फिर पुलिस को सौंप दिया। उन्होंने कहा कि आरोपी का इलाज किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि गुस्साई भीड़ से खुद को बचाने के लिए तीन अन्य लुटेरे भागते समय शोरूम के पास एक बैग छोड़ गए जिसमें कीमती सामान था और स्थानीय लोगों ने इसे दुकान मालिक के परिवार को लौटा दिया अधिकारी ने कहा, ‘‘यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि उनके पास केवल एक बैग था या उससे अधिक बैग थे। हमने अपराधियों को पकड़ने के लिए टीम गठित की हैं।’’
- वैशाली: बिहार के वैशाली जिले में सांप पकड़ने की कोशिश के दौरान सर्प मित्र के नाम से मशहूर जेपी यादव की कोबरा के डसने से मौत हो गई. यह घटना कैमरे में कैद हो गई और अब वायरल हो रही है. राजापाकर थाना क्षेत्र के चकसिकंदर गांव के रहने वाले जेपी यादव, जिन्हें सर्प मित्र के नाम से जाना जाता है. सांपों को बचाने और उन्हें जंगल में छोड़ने के लिए मशहूर, उन्हें रिहायशी इलाके में आए एक बड़े कोबरा को हटाने के लिए बुलाया गया था. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब वह सांप को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे, तब वहां भीड़ जमा हो गई थी. अपने हाथों और पारंपरिक तरकीबों का इस्तेमाल करते हुए, वह कोबरा को पकड़ने में कामयाब रहे, लेकिन इस दौरान उनकी उंगली पर कोबरा ने काट लिया. काटने के बावजूद, उन्होंने अपना प्रयास जारी रखा और सांप को एक डिब्बे में बंद करने में सफल रहे. कुछ ही देर बाद, जहर ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया. वह जमीन पर गिर पड़े और दर्द से कराहते हुए दिखाई दिए, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया. कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई.बिहार में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है. इसी तरह के एक मामले में समस्तीपुर के एक और प्रसिद्ध सांप बचावकर्ता जय साहनी की पिछले साल कोबरा के काटने से मौत हो गई थी. उन्हें लगभग 2,000 सांपो को बचाने का श्रेय दिया जाता था और उन्हें नंगे हाथों से उन्हें संभालने के लिए जाना जाता था, अक्सर सार्वजनिक रूप से उनके साथ प्रदर्शन करते थे. यादव की तरह, सरीसृपों के साथ उनका घनिष्ठ संबंध घातक साबित हुआ.
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मथुरा (उप्र)। प्रस्तावित ‘बांके बिहारी कॉरिडोर' के बारे में अपनी कथित टिप्पणी पर स्थानीय निवासियों और पुजारियों द्वारा नाराजगी जताये जाने के एक दिन बाद मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने रविवार को कहा कि उनकी छवि खराब करने के लिए जानबूझकर एक पुराना वीडियो ‘वायरल' किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में हेमा मालिनी को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘‘हम कॉरिडोर बनाएंगे और जो इसका विरोध कर रहे हैं, हमें उन्हें कहीं और जाने के लिए कहना पड़ सकता है।'' इस कथित बयान पर यहां समुदाय के विभिन्न वर्गों ने नाराजगी जताई है।
हेमा मालिनी ने इस ‘वायरल' वीडियो पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रविवार को कहा, ‘‘यह वीडियो 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले का है। लोगों में मतभेद पैदा करने के लिए जानबूझकर गलत सूचना फैलायी जा रही है।'' उन्होंने कहा कि कॉरिडोर उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद ही बनाया जाएगा और सभी पक्षों के हितों की रक्षा की जाएगी। भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘मथुरा मेरी कर्मभूमि है। मैं इस शहर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही हूं। हमने जो भी परियोजनाएं जमीन पर उतारी हैं वे स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए ही बनायी गयी थीं।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं भगवान कृष्ण की सेवा में यहां आई हूं और बृजवासी मेरे परिवार का हिस्सा हैं। प्रस्तावित ‘बांके बिहारी कॉरिडोर' का उद्देश्य भीड़ के दबाव को कम करना और भक्तों के लिए सुविधाओं में सुधार करना है।'' हालांकि, गोस्वामी समुदाय और दुकानदारों समेत स्थानीय लोगों को विस्थापन, विरासत के नुकसान और वृंदावन के पारंपरिक चरित्र में बदलाव का डर है। बांके बिहारी मंदिर के पुजारी ज्ञानेंद्र किशोर गोस्वामी ने कहा, ‘‘भगवान कृष्ण के पास लोगों को सबक देने का अपना तरीका है।'' उन्होंने भगवान कृष्ण द्वारा देवराज इंद्र के अभिमान को कुचलने की कहानी का हवाला देते हुए कहा, ‘‘हेमा जी को हमें बृजभूमि छोड़ने के लिए कहते समय यह बात ध्यान में रखनी चाहिए।'' एक अन्य पुजारी रसिक बिहारी गोस्वामी ने सांसद हेमा मालिनी की कथित टिप्पणी पर निराशा व्यक्त की थी। उन्होंने कहा, ‘‘वह ‘बांके बिहारी कॉरिडोर' बनाने की योजना से प्रभावित लोगों से बात करने के लिए कभी नहीं आईं, लेकिन इतनी अहंकारपूर्ण तरीके से हमें जाने के लिए कह रही हैं।'' उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘वह (हेमा मालिनी) कुछ खास अमीर लोगों के लाभ के लिए कॉरिडोर बनाना चाहती हैं।'' स्थानीय व्यवसायी अनिल गौतम ने भी निराशा व्यक्त करते हुए कहा,‘‘हमने उन्हें मथुरा और वृंदावन से तीन बार इस उम्मीद के साथ चुना कि वह शहर के लोगों के लाभ के लिए काम करेंगी मगर वह तो हमें ही यहां से जाने के लिए कह रही हैं। -
नयी दिल्ली/ राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद (एनएमसी) के नए नियमों के अनुसार सरकारी अस्पतालों में 10 वर्ष का अनुभव रखने वाले गैर-शिक्षण विशेषज्ञों या परामर्शदाताओं को अब एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया जा सकता है, जबकि दो वर्ष का अनुभव रखने वाले अनिवार्य ‘सीनियर रेजिडेंसी' के बिना सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य कर सकते हैं। एनएमसी के इस फैसले का उद्देश्य पात्र संकाय सदस्यों की संख्या बढ़ाना है। नए नियमों में यह प्रावधान भी है कि 220 से अधिक बिस्तरों वाले गैर-शिक्षण सरकारी अस्पतालों को अब शिक्षण संस्थान के रूप में नामित किया जा सकेगा। 2022 के पिछले नियमों के तहत गैर-शिक्षण चिकित्सकों को 330 बिस्तरों वाले उन गैर-शिक्षण अस्पतालों में दो साल के बाद सहायक प्रोफेसर बनने की अनुमति दी गई थी, जिन्हें मेडिकल कॉलेजों में परिवर्तित किया जा रहा था। हाल ही में अधिसूचित चिकित्सा संस्थान (संकाय की योग्यता) विनियम, 2025 में कहा गया है, "कम से कम 220 बिस्तरों वाले सरकारी अस्पताल में न्यूनतम दो वर्ष के अनुभव के साथ पीजी मेडिकल डिग्री रखने वाला एक गैर-शिक्षण परामर्शदाता या विशेषज्ञ या चिकित्सा अधिकारी सीनियर रेजिडेंट के रूप में अनुभव की आवश्यकता के बिना सहायक प्रोफेसर बनने के लिए पात्र होगा और उसे नियुक्ति के दो वर्ष में जैव चिकित्सा अनुसंधान में बुनियादी पाठ्यक्रम पूरा करना होगा।" आयोग ने कहा कि एनएमसी के तहत पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (पीजीएमईबी) द्वारा लाए गए इन नियमों का उद्देश्य पात्र संकाय सदस्यों की संख्या बढ़ाना और पूरे भारत में मेडिकल कॉलेजों में स्नातक (एमबीबीएस) और स्नातकोत्तर (एमडी/एमएस) सीटों के विस्तार की सुविधा प्रदान करना है। भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहा है। केंद्र ने अगले पांच वर्षों में 75,000 नयी मेडिकल सीटें सृजित करने की घोषणा की है। आयोग ने कहा, "हालांकि, एक महत्वपूर्ण बाधा चिकित्सा कार्यक्रमों को शुरू करने या विस्तार करने के लिए आवश्यक योग्य संकाय की उपलब्धता रही है। ये नए नियम सरकारी स्वास्थ्य प्रणालियों के अंदर मौजूदा मानव संसाधन क्षमता बढ़ाने और चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को अनुकूलित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
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हरिद्वार। कांवड़ यात्रा मार्ग पर खान-पान की दुकानों पर अपना नाम प्रदर्शित किये जाने का समर्थन करते हुए योग गुरु बाबा स्वामी रामदेव ने रविवार को कहा कि पहचान छिपाकर व्यवसाय करना हर दृष्टि से गलत है। रामदेव ने यहां कहा कि उन्हें अपने हिंदू और सनातनी होने पर गर्व है, ठीक उसी तरह मुसलमानों को भी अपने मुसलमान होने पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने पूछा, आखिर क्या वजह है कि मुसलमान नाम छिपाकर कांवड़ यात्रा में व्यवसाय कर रहे हैं। पहचान छिपाना नैतिक और धार्मिक, हर दृष्टि से गलत है।'' रामदेव ने कहा कि यह तो ग्राहक को तय करना है कि वह किसकी दुकान पर जाएं । उन्होंने कहा, मुझे जैसे हिन्दू और सनातनी होने पर गर्व है उसी तरह से मुसलमानों को भी मुसलमान होने पर गर्व होना चाहिए।
महाराष्ट्र में हिंदीभाषियों के साथ मारपीट किये जाने को योग गुरु ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया । उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रभाषा के साथ मराठी एवं अन्य भाषाओं का भी सम्मान किया जाना चाहिए लेकिन भाषा, जाति, वर्ग संप्रदाय एवं लिंग के आधार पर हिंदुओं को आपस में नहीं लड़ना चाहिए । उन्होंने कहा, ‘‘इससे सनातन, राष्ट्रीय अखंडता और एकता को क्षति पहुंचती है। हम सभी को मिलजुल कर रहना चाहिए। -
मुंबई। महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने राज और उद्धव ठाकरे द्वारा शनिवार को आयोजित एक जनसभा में दिये भाषणों को रविवार को औचित्यहीन, तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने वाला और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास करार दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता शेलार ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में शिवसेना प्रमुख और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर विशुद्ध रूप से राजनीतिक लाभ के लिए गठबंधन बदलने का आरोप लगाया। शेलार ने दावा किया, उन्होंने (उद्धव) पहले राज्य और बीएमसी (नकदी संपन्न बृहन्मुंबई नगरमहापालिका) में सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा के साथ गठबंधन किया। जब उन्हें लगा कि वह मुख्यमंत्री बन सकते हैं, तो उन्होंने (तत्कालीन अविभाजित) राकांपा और कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया। अब, बीएमसी में सत्ता बरकरार रखने के लिए वह मनसे को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।'' शेलार ने कहा कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर हिंदी भाषी लोगों पर किए गए हमले निराशाजनक हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘मराठी हमारे लिए कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है।'' शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई एवं मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने करीब दो दशकों में पहली बार शनिवार को मुंबई में एक रैली में मंच साझा किया। दोनों चचेरे भाइयों ने भाजपा के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ ‘महायुति' के उस फैसले का जश्न मनाने के लिए संयुक्त रैली आयोजित की थी, जिसमें राज्य के विद्यालयों में पहली कक्षा से हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में शामिल करने संबंधी दो सरकारी आदेशों को वापस ले लिया गया था। रैली में उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह और राज ठाकरे एकजुट रहने के लिए एक साथ आए हैं। उन्होंने आगामी महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव मिलकर लड़ने का संकेत दिया। राज ठाकरे ने चुटकी लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दोनों चचेरे भाइयों को एक साथ लाकर वह काम कर दिया है जो शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे और अन्य नहीं कर सके। शेलार ने दावा किया, ‘‘कल का संयुक्त कार्यक्रम और भाषण अधूरे ही देखे जा सकते हैं, जिसमें एक भाषण अस्पष्ट था और दूसरा अप्रासंगिक था। पूरा कार्यक्रम अवास्तविक था।'' उन्होंने कहा, ‘‘जब उनमें से एक ने मराठी के मुद्दे पर बोलने की कोशिश की तो तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उनके तर्क भ्रामक थे और उनका बिंदुवार खंडन किया जा सकता है।'' शेलार ने दावा किया कि दोनों नेताओं के भाषण सार के बजाय व्यंग्य और राजनीतिक दिखावे से भरे हुए थे।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘उद्धव का भाषण औचित्यहीन था, सत्ता खोने के अफसोस और बेचैनी से भरा था। राज का भाषण अधूरा था और वास्तविक मुद्दे से भटका हुआ था। दोनों नेता नगर निकाय चुनावों से पहले डर से प्रेरित लग रहे थे। उनके भाषण अंधेरे में चलने से डरने वाले लोगों के भाषणों जैसे थे।'' राज ठाकरे ने सवाल किया था कि उत्तर भारत के कितने राज्यों ने त्रिभाषा नीति अपनाई है? इसके जवाब में शेलार ने कहा कि देश में लगभग 22 राज्यों ने या तो त्रिभाषा नीति को स्वीकार कर लिया है या इसे लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर निर्णय राज्य सरकार का है और कुछ राज्यों ने भी इसी के अनुरूप निर्णय लिया है। शेलार ने कहा, ‘‘हम यह कह रहे हैं कि उन्हें (ठाकरे को) इस बात से कोई आपत्ति नहीं है कि उनके अपने बच्चे तीन भाषाएं पढ़ाने वाले विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त करें, लेकिन जब दूसरों को यही अवसर मिलता है तो वे इसका विरोध करते हैं।'' भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री फडणवीस पर कथित व्यक्तिगत हमलों की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘हम भी उनकी आलोचना करने के लिए व्यक्तिगत टिप्पणी कर सकते हैं। लेकिन क्या सार्वजनिक बातचीत में उनमें कोई शालीनता है?'' शेलार ने कहा, ‘‘लोग अभद्र या जातिवादी भाषा का इस्तेमाल तभी करते हैं जब उनके पास कोई वाजिब दलील नहीं होती। अगर हम उस भाषा में बात करना शुरू करेंगे तो वे इसे बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे।'' उन्होंने यह भी कहा कि ठाकरे परिवार इस मुद्दे को सुलझाने में फडणवीस की भूमिका को स्वीकार करने में विफल रहा है। शेलार ने कहा, ‘‘यदि उनकी दलीलों में ईमानदारी होती, तो वे मुख्यमंत्री फडणवीस को बधाई देते। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा मराठी लोगों के सम्मान की रक्षा करेगी और साथ ही गैर-मराठी निवासियों की भी रक्षा करेगी। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मराठी हमारे लिए कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। -
धर्मशाला। दलाई लामा मंदिर ‘सुगलागखांग' के मुख्य प्रांगण में रविवार सुबह भारी बारिश के बावजूद 14वें दलाई लामा का 90वां जन्मदिन मनाने के लिए हजारों लोग एकत्र हुए। यह आयोजन ऐसे वक्त हुआ है जब पिछले कुछ दिनों से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि दलाई लामा संस्था को समाप्त कर दिया जाएगा। उनके जन्मदिन पर विभिन्न तिब्बती बौद्ध संप्रदायों के प्रतिनिधियों, स्कूली बच्चों, विभिन्न देशों के नर्तकों और गायकों तथा दुनिया भर से बौद्ध धर्मावलंबियों ने भाग लिया। देश-विदश से आए नेताओं ने भी इस आयोजन में भाग लिया और दलाई लामा तथा वैश्विक शांति एवं धार्मिक सद्भाव के प्रति उनकी सतत प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।
समारोह में विशाल केक के सामने बैठे दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो ने कहा कि यह लोगों का प्यार है जो उन्हें सभी प्राणियों की सेवा के मार्ग पर चलते रहने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा, "इसलिए मैं अपनी ओर से शांतिदेव के बोधिसत्वचर्यावतार- बोधिसत्व जीवन पद्धति पर विचार करता हूं, सभी सत्वों को अपना रिश्तेदार और मित्र मानता हूं, और मैं हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार सभी की सेवा करने के बारे में सोचता हूं। इस जन्मदिन समारोह पर आप सभी बहुत खुशी के साथ यहां आए हैं। इसलिए धन्यवाद।'' तिब्बती नेता ने कहा, "जितने अधिक लोग होंगे, उनके हृदय में उतनी ही अधिक खुशी होगी। मैं इसलिए भी प्रेरित महसूस करता हूं क्योंकि मैं बोधिचित्त का अभ्यास करता हूं। " दलाई लामा ने कहा कि लोग उनके जन्मदिन पर किसी बाध्यता के कारण नहीं आए हैं, बल्कि गहरी श्रद्धा के साथ आए हैं। उन्होंने कहा, "इसलिए जब मैं अपने जीवन पर विचार करता हूं, तो पाता हूं कि मैंने अपना जीवन बिल्कुल भी बर्बाद नहीं किया है। दलाई लामा की उपाधि मिलने के बाद भी मुझमें कोई अभिमान या अहंकार नहीं है। बुद्ध के अनुयायी, भिक्षु के रूप में जनता की सेवा करना और बुद्ध की शिक्षाओं का प्रसार करना ही मेरा मुख्य अभ्यास है।''
समारोह की शुरुआत स्विटजरलैंड में रहने वाले तिब्बती गायक जमयान चोडेन द्वारा दलाई लामा के लिए प्रस्तुत गीत से हुई। इसके बाद मंगोलियाई और अल्बानियाई कलाकारों के एक समूह द्वारा नृत्य प्रदर्शन किया गया। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के अध्यक्ष सिक्योंग पेनपा सेरिंग ने निर्वासित तिब्बती सरकार के मंत्रिमंडल, काशाग का एक बयान जारी किया और तिब्बतियों और "तिब्बत के मित्रों" द्वारा वैश्विक स्तर पर मनाए जाने वाले 'करुणा वर्ष' की घोषणा की। बयान में कहा गया है कि दलाई लामा की चार प्रमुख प्रतिबद्धताएं - सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना, धार्मिक सद्भाव, तिब्बती संस्कृति और पर्यावरण का संरक्षण तथा प्राचीन भारतीय ज्ञान का पुनरुद्धार - विश्व के मुद्दों के लिए अद्वितीय समाधान प्रस्तुत करती हैं। बयान में कहा गया है, "आज की दुनिया में, जो हिंसक संघर्ष, हथियारों की दौड़, व्यापार युद्ध, सामाजिक विखंडन, नैतिक पतन और जलवायु परिवर्तन सहित परस्पर जुड़े संकटों का सामना कर रही है, ये प्रतिबद्धताएं अद्वितीय और निर्विवाद समाधान प्रस्तुत करती हैं।" केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू और राजीव रंजन सिंह, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, सिक्किम के मंत्री सोनम लामा और हॉलीवुड अभिनेता रिचर्ड गेर ने प्रस्तुतियों के बाद सभा को संबोधित किया। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश, बिल क्लिंटन और बराक ओबामा ने वीडियो संदेशों के माध्यम से जन्मदिन की शुभकामनाएं भेजीं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इस अवसर पर एक संदेश भेजा।






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