पीएम राहत योजना अंतर्गत गंभीर सड़क दुर्घटना में पीड़ित मरीजों को मिल रहा है निःशुल्क और त्वरित उपचार
बालोद. जिला प्रशासन की पहल पर शुरु की गई पीएम राहत योजना बालोद जिले के सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से जिले के सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित को चिन्हित अस्पतालों में त्वरित और पूरी तरह कैशलेस (निःशुल्क) इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा सड़क दुर्घटना के पीड़िता को त्वरित चिकित्सा सहायता और पीएम राहत योजना के तहत वित्तीय सुरक्षा प्रदान कर कीमती जान बचाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। हाल ही में घटित अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में पुलिस की तत्परता, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और डिजिटल तकनीक (ई-डार पोर्टल) के समन्वय से पीड़ितों को निशुल्क इलाज मिलना सुनिश्चित हुआ है।
बालोद जिला प्रशासन सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिला प्रशासन बालोद और पुलिस विभाग द्वारा सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की गई है। इस मामले में पुलिस की तत्परता और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कीमती जान बचाने और उसे बेहतर उपचार दिलाने में सफलता मिली है। पीएम राहत योजना अंतर्गत बालोद जिले में 04 जिंदगियों को नया जीवन मिला है। पिछले 20 दिनों में बालोद पुलिस और प्रशासन की तत्परता से 04 गंभीर सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ई-डार पोर्टल और पीएम राहत योजना के तहत कैशलेस (निःशुल्क) उपचार प्रदान किया गया है। जिसमें 15 मार्च को बस-ट्रक टक्कर में अज्ञात यात्री के गंभीर चोट का इलाज, 01 अप्रैल को 12 वर्ष के सूर्यकांत ठाकुर के पैर में गंभीर चोट, 05 अप्रैल को महेश कुमार साहू के जबड़े में फ्रेक्चर एवं 06 अप्रैल को शेखसमीर के कलाई में फ्रेक्चर का पीएम राहत योजना के तहत निःशुल्क उपचार किया गया।
उल्लेखनीय है कि पीएम राहत योजना डिजिटल इंडिया और स्वास्थ्य सुरक्षा का अनूठा संगम है। जिसमें गोल्डन ऑबर सहायता अंतर्गत पुलिस द्वारा पीडित को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाना। ई-डार पोर्टल अंतर्गत दुर्घटना स्थल पर ही फील्ड ऑफिसर द्वारा डिजिटल आईडी जनरेट करना। टीएमएस 2.0 मैपिंग अंतर्गत निजी एवं सरकारी अस्पतालों में बिना किसी अग्रिम भुगतान के इलाज एवं प्रशासन द्वारा 24 घंटे के भीतर उपचार की अनुमति प्रदान करना है।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि पीएम राहत योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित को जीवन सुरक्षा प्रदान करना है। हमारा लक्ष्य है कि जिले का कोई भी नागरिक धन के अभाव में बेहतर इलाज से वंचित न रहे। अब तक कई मरीजों ने इस योजना का लाभ उठाकर नया जीवन प्राप्त किया है। उन्होंने इस मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल ट्रैकिंग और कैशलेस स्वास्थ्य योजनाओं का यह संगम बालोद जिले के लिए एक मिसाल है। जिला प्रशासन बालोद सभी नागरिकों से अपील करता है कि सड़क पर सावधानी बरतें। सुरक्षित वाहन चलाएं। दुर्घटना की स्थिति में घबराएं नहीं, पुलिस और प्रशासन आपकी सहायता के लिए सदैव तत्पर है। पीएम राहत और ईडार पोर्टल जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं यह सुनिश्चित कर रही है कि घायल व्यक्ति को ’गोल्डन ऑवर’ में इलाज मिले और धन की कमी आए न आए। प्रशासन की यह सुदृढ व्यवस्था आपके और आपके अपनों की जान बचाने के लिए चैबीसों घंटे सक्रिय है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने और सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित मरीज या उनके परिजन स्वास्थ्य संबंधी किसी भी सहायता के लिए टोल फ्री नंबर या संबंधित नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। सड़क दुर्घटना की स्थिति में नागरिकों से अनुरोध है कि वे पीएम राहत योजना का लाभ उठाने एम्बुलेंस/चिकित्सा आपातकालीन सेवा 108 एवं पुलिस नियंत्रण कक्ष 112 एवं 100 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।





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