ब्रेकिंग न्यूज़

 एक्टिविटी पर आधारित हो शिक्षण- मधु यादव

0- महाराष्‍ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्‍वर स्‍कूल में जारी वर्कशॉप में वरिष्‍ठ शिक्षिका ने नई शिक्षा पद्धति के बारे में दी व्‍यवहारिक जानकारी
रायपुर। महाराष्‍ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में वर्कशॉप लेने की अगली कड़ी में केंद्रीय विद्यालय से सेवानिवृत्‍त और लायंस क्लब की सदस्‍य मधु यादव ने शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धति के बारे में  व्यवहारिक जानकारी दी। मधु ने सबसे पहले शिक्षकों से यह जानने का प्रयास किया कि उन्होंने शिक्षक बनना क्यों चुना? शिक्षक शिक्षण कार्य के साथ अपने परिवार और अपने ऊपर भी ध्यान दे सकती हैं? उन्होंने बताया कि एक विद्यार्थी जब पढ़ता हो, तो वह जल्दी भूल जाता है। जब आप उसे समझाते हो, तो उसे काफी कुछ ध्यान रहता है, लेकिन जब आप उसे अपने साथ इंवॉल्व करते हो, तो उसे सब कुछ याद रहता है। इसीलिए विद्यार्थियों को अपने साथ विभिन्न क्रियाकलापों के माध्‍यम से शिक्षण में इंवॉल्व कीजिए। 
मधु यादव ने एलएसआरडब्ल्यू और वीएआरके, दोनों ही पद्धति को बड़े विस्तार से समझाया। उन्‍होंने समझाया कि एलएसआरडब्‍ल्‍यू स्किल्स के माध्‍यम से किसी भी भाषा जैसे हिंदी, अंग्रेजी को सीखने और उसमें निपुणता हासिल करने के चार मूलभूत कौशल होते हैं। ये हैं लिसनिंग यानी सुनना, स्‍पीकिंग यानी भाषण, रीडिंग यानी पठन और राइटिंग यानी लेखन। भाषा को सीखने का क्रम भी यही होता है।
वीएआरके पद्धति के बारे में मधु यादव ने जानकारी दी कि यह एक प्रचलित लर्निंग मॉडल यानी अधिगम शैली है। इसमें वी यानी विजुअल (दृश्‍य) होता है। इस शैली के लोग चित्रों, चार्ट, रेखाचित्रों और वीडियो के माध्यम से सबसे अच्छा सीखते हैं। ए का आशय ओरल अथवा ऑडिटरी (श्रवण) होता है। ऐसे लोग सुनकर, व्याख्यान अटैंड करके और समूह चर्चाओं में भाग लेकर सबसे जल्दी सीखते हैं। आर अर्थात रीड/राइट (पढ़ना व लिखना) है। इसमें उन्हें लिखी हुई सामग्री, किताबों, नोट्स और सूचियों के माध्यम से जानकारी को समझने में आसानी होती है। मधु के मुताबिक के अर्थात काइस्‍थेटिक (गतिज/अनुभव): इस शैली के लोग व्यावहारिक अनुभव, छूकर और करके सीखने में विश्वास रखते हैं।
वरिष्‍ठ शिक्षिका मधु ने शिक्षकों को समझाया कि सबसे पहले एक रीडिंग कॉर्नर बनाएं। दूसरा बिन्दू क्लास रूम की सेटिंग चेंज करके बच्चों को यू शेप में बैठाएं। इससे हर बच्चे तक वह पहुंच सके। वर्कशॉप में अतिथि वक्‍ता मधु यादव का स्वागत वरिष्ठ शिक्षिका चित्रा जाउलेकर ने और स्‍मृति चिन्‍ह सुदेवी बिस्‍वास ने दिया। कार्यक्रम का संचालन अपर्णा आठले ने किया।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english