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 दुर्ग संभाग में खेत बचाओ अभियान

 दुर्ग / दुर्ग संभाग में खेत बचाओ अभियान अंतर्गत ग्राम खैरझिटी में  विगत दिनों  आयोजित कार्यक्रम में किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य जाँच कराने, नील हरित शैवाल, हरी खाद, जैव उर्वरक, जीवामृत आदि जैविक खादों तथा जैविक कीटनाशकों के उपयोग से टिकाउ खेती करने की सलाह दी गई। डी.ए.पी. उर्वरक के स्थान पर एस.एस.पी. व टी.एस.पी. नैनो डी.ए.पी. के उपयोग कर कम लागत में अधिक उत्पादन लेने की समझाइश दी गई।
संयुक्त संचालक कृषि श्रीमती गोपिका गबेल से प्राप्त जानकारी अनुसार विगत खरीफ में धान फसल लेने वाले ऐसे कृषक, जिन्हांेने आगामी खरीफ में धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल लेने हेतु एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टेक पर पंजीयन के पश्चात् डिजिटल क्रॉप सर्वे के रकबे में पुष्टि उपरांत मान्य रकबे पर राज्य शासन द्वारा किसान के खाते में नगद 15 हजार रुपए प्रति एकड़ आदान सहायता राशि दिए जाने के निर्णय एवं खरीफ वर्ष 2026 में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की फसल लेने वाले कृषको को एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टेक पर पंजीयन के पश्चात् डिजिटल क्रॉप सर्वे के रकबे में पुष्टि उपरांत मान्य रकबे पर राज्य शासन द्वारा किसान के खाते में नगद 10 हजार रूपए प्रति एकड़ आदान सहायता राशि से किसानों को अवगत कराते हुए, उन्हें उच्चहन धनहा खेतों के मेड़ पार को समतल कर दलहन, तिलहन, मक्का फसल लगाने हेतु अपील की गई। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना के तहत सरकार द्वारा खरीफ 2026 में भी दलहन व तिलहन की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी। इसकी जानकारी भी किसानो को दी गई। साथ ही समस्त मैदानी अमलों की जिला मुख्यालय में बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई। तथा खरीफ 2026 हेतु किसानो की मांग अनुरूप गुणवत्ता युक्त खाद-बीज एवं अन्य कृषि आदानो की समय में उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सहकारी समितियों मे पर्याप्त मात्रा में भंडारण एवं निर्धारित मूल्य पर त्वरित वितरण करने के निर्देश दिये गये।
विभागीय योजना अंतर्गत उन्नत कृषि तकनीकी से संबंधित फसल प्रदर्शनो के आयोजन हेतु समय-सीमा में उपयुक्त किसानो और प्रदर्शन प्रक्षेत्र का चयन करने तथा गुणवत्तापूर्ण आदान सामग्री की व्यवस्था करने निर्देशित किया गया। योजना के प्रावधान अनुसार फसल प्रदर्शनो का आयोजन नहीं किये जाने संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर संबंधितो के विरूद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही के लिये तैयार रहने संचेत किया गया। श्रीमती गबेल द्वारा सभी जिले के उपसंचालक कृषि और प्रक्रिया प्रभारी (बीज निगम) को किसानों की मांग अनुसार दलहन, तिलहन के बीज उपलब्ध कराने निर्देशित किया गया है।
इस वर्ष अलनीनो प्रभाव के कारण वर्षा में कमी को देखते हुए वैकल्पिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश सभी जिला उपसंचालक कृषि को दिए गए। अल्प वर्षा के दृष्टिगत शीघ्र और मध्यम अवधि के धान के किस्मो को बढ़ावा देने, धान के नमक घोल से बीज शोधन कर पुष्ट बीज का चयन करने, बीज को फफूंदनाशी और जैव उर्वरको से बीजोपचार करके बुआई करने, नैनो डी.ए.पी. से बीज उपचार या रोपा के जड़ का उपचार, धान फसलो की कतार विधि से सीधी बोनी, दलहन-तिलहन के रिज-फरो विधि से बोनी को बढ़ावा देने के निर्देश समस्त मैदानी अमलो को दिया गया। सूखे की स्थिति को ध्यान में रखते हुये विभिन्न तकनीको के माध्यम से वर्षा जल का संरक्षण ओर भू-जल संवर्धन हेतु जागरूता लाने निर्देशित किया गया। खेत के मेंडो पर अरहर, तिल और कडुवे पत्तो वाले पेड़-पौधो को लगाकर वानस्पतिक अवरोध तैयार कराने की समझास दी गई ताकि एक खेत से दूसरे खेत में कीट व्याधि के प्रसार को कम किया जा सके।

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