पीएम विश्वकर्मा के 100 लाभार्थी लाल किले पर 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में होंगे विशेष अतिथि
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने PM Vishwakarma योजना से जुड़े दिल्ली-NCR के 100 लाभार्थियों को 15 अगस्त 2026 को लाल किले पर होने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है। लाभार्थी अपने जीवनसाथी या साथी के साथ समारोह में शामिल होंगे।इन विशेष अतिथियों में अलग-अलग पारंपरिक काम करने वाली महिला कारीगर भी शामिल हैं। इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, रोजगार से जोड़ने और भारत की पारंपरिक कला एवं संस्कृति को बचाने में उनकी भूमिका को बढ़ावा मिलता है।
PM Vishwakarma योजना के लाभार्थियों को उनकी मेहनत और पारंपरिक हुनर के लिए सम्मानित भी किया जाएगा। 14 अगस्त को दिल्ली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में उन्हें स्मृति चिह्न दिए जाएंगे।इसके बाद MSME मंत्रालय के अधिकारियों के साथ लाभार्थियों की बातचीत भी होगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के योगदान को पहचान देना है।
क्या है PM Vishwakarma योजना?
PM Vishwakarma योजना केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य पारंपरिक काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों को आगे बढ़ने में मदद करना है।
योजना के तहत कारीगरों को:
कौशल प्रशिक्षण
आधुनिक औजार और टूलकिट
आर्थिक सहायता
डिजिटल सुविधाएं
बाजार से जुड़ने में मदद
जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।
सरकार के अनुसार, अब तक 30 लाख पारंपरिक कारीगर और शिल्पकार इस योजना में रजिस्टर्ड हो चुके हैं।
18 पारंपरिक कामों से जुड़े हैं लाभार्थी
लाल किले पर आमंत्रित लाभार्थी PM Vishwakarma योजना के तहत आने वाले 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े हैं। इनमें दर्जी, बढ़ई, सुनार, लोहार, ताला बनाने वाले कारीगर सहित कई अन्य पेशे शामिल हैं।आमंत्रित कारीगरों ने योजना के तहत रजिस्ट्रेशन, बेसिक स्किल ट्रेनिंग और टूलकिट जैसी सुविधाओं का लाभ लिया है।
पारंपरिक कारीगरों के योगदान को सम्मान
स्वतंत्रता दिवस समारोह में PM Vishwakarma लाभार्थियों को विशेष अतिथि के तौर पर बुलाना भारत के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के योगदान को सम्मान देने का एक अवसर है।
लाल किले से होने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होकर ये कारीगर देश के इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय उत्सव का हिस्सा बनेंगे और भारत की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत में अपने योगदान को सम्मानित होते देखेंगे।










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