ब्रेकिंग न्यूज़

धर्मान्तरण  और  घुसपैठ  देश की सुरक्षा के  लिए सबसे बड़ा खतरा : अश्विनी उपाध्याय

-पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा और रामअवतार तिवारी सम्मानित
- स्व. कमलनारायण शर्मा स्मृति व्याख्यान एवं सम्मान समारोह संपन्न
-कार्यक्रम में 11 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारजनों के अलावा अधिवक्ता भी हुए सम्मानित
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा और रामअवतार तिवारी को 26 जून को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अवसर था स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय कमलनारायण शर्मा स्मृति व्याख्यान और सम्मान समारोह का। इसका आयोजन समाज सेवी संस्था 'ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा' द्वारा रायपुर के शहीद स्मारक भवन में  किया गया था। 
गौरतलब है कि महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाज सुधारक, राष्ट्रभक्त एवं प्रखर अधिवक्ता स्वर्गीय कमलनारायण शर्मा  की पुण्य स्मृति में समाज सेवी संस्था 'ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा' द्वारा उनके जीवन मूल्यों, त्याग और देशप्रेम को नमन करने हेतु प्रतिवर्षानुसार व्याख्यान एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस साल यह कार्यक्रम  26 जून को रायपुर के शहीद स्मारक भवन में हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय  मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्र ने की। समारोह में  विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक तिवारी  और स्व कमल नारायण शर्मा  की सुपुत्री   सविता पाठक उपस्थित थीं।  इस वर्ष के व्याख्यान का विषय 'सुरक्षित भारत - चुनौतियाँ एवं समाधान' रखा गया, जिसने देश की सुरक्षा व्यवस्था, नीतिगत पहलुओं एवं जनसहभागिता पर गंभीर चिन्तन को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अश्विनी उपाध्याय ने  राष्ट्रीय सुरक्षा, नागरिक अधिकारों और कानूनी सुधारों पर सशक्त विचार व्यक्त करते हुए धर्मान्तरण  और  घुसपैठ  देश की सुरक्षा के  लिए सबसे बड़ा खतरा बताया।  भारत की सुरक्षा चुनौतियों एवं उनके समाधान पर उनके विचार उपस्थित जनसमूह, विद्यार्थियों, अधिवक्ताओं एवं बुद्धिजीवियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहे।
 कार्यक्रम में  11 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवारों को सम्मानित किया गया, जिनमें स्व. मोतीलाल त्रिपाठी, स्व. नारायण दास राठौर, स्व. नारायण प्रसाद दुबे, स्व. वल्लभ दास गुप्ता, स्व. सरदार सुंदर सिंह, स्व. जगन्नाथराव नायडू, स्व. नागरदास बावरिया, स्व. पारस राम सोनी, स्व. छेदीलाल दूबे, स्व. कुंजलाल मिश्रा एवं स्व. जगदीश प्रसाद मिश्रा के उत्तराधिकारी शामिल थे। 
 इसके अलावा विधि सेवा के क्षेत्र में विनोद प्रधान,  बृजेश नाथ पांडेय और श्रीमती रूपाली शर्मा को सम्मानित किया गया।  
समारोह में सांस्कृतिक एवं स्मृति प्रस्तुति भी आयोजित की गई, जिसने उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया।
 इस आयोजन में रायपुर एवं आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिकों, बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, छात्रों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं प्रेस मीडिया ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम में जिंदगी ना मिलेगी दोबारा संस्था प्रमुख सुषमा तिवारी सहित संरक्षक अजय शर्मा , सचिव ममता शर्मा सहित समस्त पदाधिकारी एवम सदस्य गण उपस्थित थे।  

 

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english