महासमुंद जिले में धान के स्थान पर दलहन उत्पादन के लिए किसानों को किया जा रहा प्रोत्साहित
-खरीफ सीजन में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने किसानों को वितरित किए गए उड़द बीज
महासमुंद / राज्य शासन की मंशानुरूप जिले में खरीफ सीजन के दौरान फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा किसानों को धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं अन्य फसलों की खेती अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। इसी कड़ी में आत्मनिर्भर दलहन योजना अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में किसानों को उन्नत किस्म के उड़द बीज का वितरण किया गया।
ग्राम पाइकपारा में आयोजित बीज वितरण कार्यक्रम में जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक-16 श्रीमती पद्मनी प्रदीप भोई की उपस्थिति में किसानों को उड़द बीज का वितरण किया गया। जनपद सदस्य श्रीमती भोई ने किसानों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेकर धान के साथ-साथ दलहन एवं तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने का आग्रह किया। इसी प्रकार सरायपाली विकासखंड के ग्राम बोंदानवापली में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी पटेल ने किसानों को आत्मनिर्भर दलहन योजना के तहत उड़द बीज वितरित किया। उन्होंने किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों एवं मैदानी अमले ने किसानों को उड़द की उन्नत खेती, बीज उपचार, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, समय पर बुवाई तथा फसल संरक्षण संबंधी तकनीकी जानकारी भी दी। अधिकारियों ने बताया कि धान के एकमात्र विकल्प पर निर्भर रहने के बजाय फसल विविधीकरण अपनाने से उत्पादन जोखिम कम होता है, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है तथा किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे शासन द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेकर दलहन एवं तिलहन फसलों का अधिक से अधिक उत्पादन करें, जिससे जिले में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।












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