भारत का प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.11% बढ़ा, 7.74 लाख करोड़ रुपए का नया रिकॉर्ड
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष में भारत का सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह मजबूत गति से बढ़ा है। 13 जुलाई 2026 तक का आंकड़ा सालाना आधार पर 16.11 प्रतिशत बढ़कर 7.74 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है। वित्त मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे कॉरपोरेट कर, गैर-कॉरपोरेट कर और सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में हुई अच्छी वृद्धि मुख्य कारण है।
रिफंड समायोजित करने के बाद शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.4 प्रतिशत बढ़कर 6.51 लाख करोड़ रुपए हो गया। इस दौरान जारी किए गए रिफंड में 14.57 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह आंकड़ा 1.22 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया।
सेक्टर-वार प्रदर्शन
– कॉरपोरेट कर संग्रह (शुद्ध): 2.40 लाख करोड़ रुपए (पिछले साल 1.97 लाख करोड़)
– गैर-कॉरपोरेट कर संग्रह (शुद्ध): 3.85 लाख करोड़ रुपए (पिछले साल 3.44 लाख करोड़)
– सकल कॉरपोरेट कर: 3.35 लाख करोड़ रुपए
– सकल गैर-कॉरपोरेट कर: 4.12 लाख करोड़ रुपए
– सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT): 26,428.96 करोड़ रुपए (पिछले साल 17,875.88 करोड़)
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रत्यक्ष कर संग्रह में लगातार मजबूत वृद्धि देश की अर्थव्यवस्था की स्वस्थ गति और मजबूत घरेलू कारकों को दर्शाती है। ये आंकड़े व्यक्तिगत करदाताओं, कंपनियों, हिंदू अविभाजित परिवार (HUFs), फर्मों और अन्य संस्थाओं द्वारा चुकाए गए करों पर आधारित हैं।









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