छत्तीसगढ़ युवा नवाचार एवं उद्यमिता कॉन्क्लेव 2026 में युवाओं को नवाचार एवं उद्यमिता से जोड़ने पर जोर
-कृषि, प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप, निवेश एवं इन्क्यूबेशन पर तीन दिवसीय कॉन्क्लेव में हुआ मंथन
रायपुर । छत्तीसगढ़ युवा नवाचार एवं उद्यमिता कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन 28 से 30 सितंबर तक कृषि मंडपम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में किया गया। “नवाचार, प्रेरणा, प्रभाव-आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के लिए युवाओं को सशक्त बनाना” विषय पर आयोजित इस तीन दिवसीय कॉन्क्लेव में युवाओं, नवोन्मेषकों, उद्यमियों, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, वित्तीय संस्थानों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं नीति-निर्माताओं ने नवाचार एवं उद्यमिता की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
कॉन्क्लेव के प्रथम दिवस 28 सितंबर को कृषि मंडपम में उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल श्री रमेन डेका सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य अतिथियों की सहभागिता रही। डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालयय प्रो. राजीव प्रकाश, निदेशक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाईय प्रो. समीर बाजपेयी, निदेशक, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुरय श्री डी.के. गावली, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, रायपुर, प्रो. ओ.पी. व्यास, निदेशक, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नया रायपुर तथा डॉ. जवाहर सुरिशेट्टी, कुलपति, रूंगटा अंतरराष्ट्रीय कौशल विश्वविद्यालय, भिलाई सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रथम दिवस के तकनीकी सत्र में ’’“विकसित छत्तीसगढ़ हेतु युवा नवाचार-कृषि, प्रौद्योगिकी एवं वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र के परिप्रेक्ष्य” विषय पर चर्चा हुई। इसमें स्थानीय समस्याओं की पहचान, नवाचार आधारित समाधान, प्रौद्योगिकी, वित्तीय सहयोग तथा संस्थागत इन्क्यूबेशन के महत्व पर विचार साझा किए गए। प्रेरणादायी सत्र में युवाओं को रचनात्मक सोच, समस्या-समाधान एवं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
स्टार्टअप, निवेश एवं नवाचार अर्थव्यवस्था पर चर्चा
दूसरे दिवस 29 सितंबर को “छत्तीसगढ़ की नवाचार अर्थव्यवस्था का निर्माण: स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी, निवेश एवं उद्योग के माध्यम से युवाओं का सशक्तिकरण” विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें श्री हेमेन्द्र माथुर, सह-संस्थापक, थिंकऐग, श्री प्रदीप गोधुले, उप महाप्रबंधक, भारतीय रिजर्व बैंक, रायपुर, श्री सोमेश शर्मा, संस्थापक, ऑगटेक नेक्स्टवेल्थ, डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, अनुसंधान संचालक, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा प्रो. हुलास पाठक, प्रमुख एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, आईजीकेवी आर-एबीआई ने सहभागिता की। “विचार से प्रभाव तक: उद्यमियों की स्टार्टअप यात्राएँ” सत्र में श्री प्रियंक पटेल, संस्थापक, नुक्कड़ कैफे, श्री अर्पित चैहान, संस्थापक, एरकी मोटर्स, श्री एच.एफ. सैफी, निदेशक, क्रॉपवे तथा डॉ. रविन्द्र दुबे, संस्थापक, फाइबोनैची लर्निंग प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी उद्यमिता यात्राएं साझा कीं। वहीं “उभरते क्षेत्र एवं छत्तीसगढ़ के लिए भविष्य के अवसर” विषय पर डॉ. गिरीश चंदेल, प्रो. राजीव प्रकाश, प्रो. समीर बाजपेयी, प्रो. ओ.पी. व्यास एवं श्री पी. कवीश्वर ने प्रतिभागियों के साथ संवाद किया।
स्थानीय नवाचार, स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन पर जोर
“स्थानीय नवाचार, वैश्विक संभावनाएँ - छत्तीसगढ़ की स्टार्टअप सफलता गाथाएँ” विषयक सत्र में जी.वी. हिमांशु, मोहित साहू, सागर साहू एवं अमित पटेल ने अपने उद्यमिता अनुभव साझा किए। इसके बाद “संवादात्मक नीति चर्चा-युवा, नवाचार और छत्तीसगढ़ का भविष्य” विषय पर श्री अभिनाश मिश्रा, कलेक्टर, धमतरीय श्री कुमार बिश्वरंजन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, रायपुर, श्री विष्णु वैभव द्विवेदी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, आईबीआईटीएफ, भिलाई तथा सुश्री जयंती महापात्रा ने सहभागिता की। कल के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण” तथा “छत्तीसगढ़ में इन्क्यूबेशन एवं त्वरित विकास के अवसर” विषयक सत्रों में स्टार्टअप्स को तकनीकी मार्गदर्शन, इन्क्यूबेशन, बाजार संपर्क, वित्तीय सहयोग एवं त्वरित विकास के अवसरों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी।
स्टार्टअप प्रदर्शनी एवं प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र
कॉन्क्लेव के दौरान आयोजित ’’स्टार्टअप प्रदर्शनी’’ में विभिन्न नवाचारों, उत्पादों एवं उद्यमों को प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही ’’स्टार्टअप प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता’’ आयोजित की गई, जिसमें स्टार्टअप्स ने विशेषज्ञों के समक्ष अपने नवाचार, उत्पाद, तकनीकी समाधान एवं व्यावसायिक विचार प्रस्तुत किए। प्रस्तुतीकरण के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई, कृषि महाविद्यालय तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में विभिन्न सत्र आयोजित किए गए।
संस्थापकों से संवाद के साथ हुआ समापन
कॉन्क्लेव के तीसरे दिवस 30 सितंबर को “संस्थापकों से संवाद” सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को सफल उद्यमियों की उद्यमिता यात्रा, चुनौतियों एवं अनुभवों से सीखने का अवसर मिला। इसके पश्चात स्टार्टअप प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा एवं समापन समारोह आयोजित किया गया। तीन दिवसीय कॉन्क्लेव में शिक्षा, अनुसंधान, कृषि, प्रौद्योगिकी, वित्त, उद्योग, प्रशासन एवं स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में युवाओं को नवाचार एवं उद्यमिता से जोड़ने, स्थानीय समस्याओं के लिए व्यावहारिक एवं टिकाऊ समाधान विकसित करने, स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेशन एवं बाजार से जोड़ने तथा शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग एवं शासन के बीच सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।








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