जम्मू-कश्मीर के कठुआ की मशहूर बसोहली चित्रकारी को जीआई टैग मिला
जम्मू. जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले की विश्व प्रसिद्ध बसोहली चित्रकारी को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग मिला है। राष्ट्रीय कृषि एव ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की ओर से मंजूरी दिये जाने के बाद यह जीआई टैग दिया गया। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी। किसी उत्पाद, सामान या विशेषता के लिए जीआई टैग मूल उत्पादकों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है और तीसरे पक्ष द्वारा उनके अनधिकृत उपयोग को रोकता है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात को भी बढ़ावा देता है और इसके उत्पादकों और पक्षकारों को आर्थिक समृद्धि प्रदान करता है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘दिसंबर 2020 में हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग (जम्मू-कश्मीर) के परामर्श से नाबार्ड द्वारा नौ उत्पादों की जीआई-टैगिंग प्रक्रिया शुरू की गई थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार इन उत्पादों को जीआई टैग प्रदान कर दिया गया है।'' बसोहली चित्रकारी के अलावा बसोहली पश्मीना ऊनी उत्पाद (कठुआ), चिकरी काष्ठ शिल्प (राजौरी), भद्रवाह राजमा (डोडा), मुश्कबुदजी चावल (अनंतनाग), कलादी (उधमपुर), सुलाई शहद (रामबन), अनारदाना (रामबन) और लद्दाख लकड़ी नक्काशी (लद्दाख) के लिए भी जीआई-टैगिंग हासिल करने की वकालत की जा रही है।


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