गणित को कला, खेल और भाषा के साथ एकीकृत किया जाना चाहिए: एनसीएफ मसौदा
नयी दिल्ली । राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ) के मसौदे के अनुसार गणित को कला, खेल और भाषा के साथ एकीकृत किया जाना चाहिए ताकि स्कूली छात्रों के लिए इस विषय को अधिक रचनात्मक और सुरुचिपूर्ण बनाया जा सके। मसौदे में छात्रों के बीच गणित के डर को दूर करने और इन प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को खत्म करने के लिए कदम उठाने पर भी जोर दिया गया है कि लड़कियों को गणित में महारत हासिल नहीं होती और उच्च जाति के छात्रों में इस विषय को समझने की ज्यादा क्षमता होती है। नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुसार तैयार किए जा रहे एनसीएफ में यह भी कहा गया है कि दो प्रमुख पहलू हैं जो गणित के डर का कारण बनते हैं। एक विषय की प्रकृति और दूसरा इसे समाज में कैसे पढ़ाया जा रहा है और कैसे समझा जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, अंतिम चरण के मसौदे को जल्द ही सार्वजनिक करके हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी जाएगी और नयी शैक्षिक व्यवस्था 2024 के शैक्षणिक सत्र से लागू की जाएगी। एनसीएफ को आखिरी बार 2005 में संशोधित किया गया था।
इसमें कहा गया है कि "प्रचलित सामाजिक दृष्टिकोण है कि लड़कियां गणित में महारत हासिल नहीं कर पातीं और उच्च जाति के छात्रों में इस विषय को समझने की अधिक क्षमता होती है। इस तरह के सामाजिक पूर्वाग्रह भी छात्रों में भय और चिंता का कारण बनते हैं। हमें समाज में मौजूद इन मान्यताओं को खत्म करने जरूरत है।


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