नालंदा के शीतला माता मंदिर में भगदड़, 8 महिलाओं की मौत; मृतकों के परिजनों को मुआवजे का ऐलान
नई दिल्ली। बिहार के नालंदा जिले के प्राचीन शीतला माता मंदिर में मंगलवार सुबह भगदड़ मचने से कम से कम आठ महिलाओं की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि भारी भीड़ के कारण यह हादसा हुआ। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार सुबह मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक भगदड़ मच गई।घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गए।
अधिकारियों ने बताया कि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। कुछ लोगों की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो गई, जबकि कुछ ने इलाज के दौरान दम तोड़ा।
बिहारशरीफ के सहायक पुलिस अधीक्षक नूरुल हक ने कहा, “मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर में भगदड़ के दौरान कम से कम आठ श्रद्धालुओं की मौत हुई है, जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं। कई लोग घायल भी हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।” उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान की जा रही है।
नालंदा के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शुभम कुमार ने कहा कि मंदिर में अत्यधिक भीड़ के कारण यह हादसा हुआ होगा। आठ लोगों की मौत हुई है और पांच से अधिक घायल हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। साथ ही अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दे रही है और घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने ‘एक्स’पोस्ट कर कहा, “नालंदा के शीतला माता मंदिर में हुई घटना अत्यंत हृदयविदारक है। इस हादसे में जान गंवाने वाले और घायल हुए सभी श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता और राहत उपलब्ध करा रही है। घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिवारों को संबल प्रदान करें। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
नेता प्रतिपक्ष ने लगाया प्रशासनिक कुप्रबंधन का आरोप
वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे “प्रशासनिक कुप्रबंधन” का परिणाम बताते हुए सरकार की आलोचना की। उन्होंने घटना की उच्चस्तरीय जांच और पीड़ितों के लिए तत्काल सहायता की मांग की। उन्होंने कहा, “प्रशासनिक कुप्रबंधन के कारण हुई इस घटना में श्रद्धालुओं की मौत बेहद दुखद है। दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की मैं प्रार्थना करता हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।” उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने, मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता देने तथा घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

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