स्वतंत्रता दिवस: इस बार लाल किला की प्राचीर से 15 अगस्त को पीएम मोदी बनाएंगे नया रिकॉर्ड
नई दिल्ली। इस साल 15 अगस्त को जब देश आजादी की 80वीं वर्षगांठ मनाएगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे तो एक नया रिकॉर्ड बनेगा। दरअसल पीएम मोदी लगातार 13वीं बार लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहरायेंगे। इसके साथ ही वह सबसे अधिक बार ऐसा करने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री होंगे।
दरअसल केंद्र में बीजेपी की सरकार आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार 2014 में लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था, लेकिन 2019 में अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल में छठवीं बार तिरंगा फहराकर बीजेपी सरकार के पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की बराबरी कर ली थी। गौरतलब हो कि बीजेपी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के मुखिया रहे अटल बिहारी वाजपेयी 19 मार्च 1998 से 22 मई 2004 के बीच छह बार लाल किला से तिरंगा फहराया था। हालांकि वाजपेयी 1996 में पहली बार प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन उनकी सरकार ज्यादा दिन नहीं चल पाई थी और उन्हें राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अवसर नहीं मिल पाया था।देश में गैर कांग्रेसी पार्टी के शासन पर नजर डाले तो यह बदलाव 1977 में आया। दरअसल उन दिनों देश में आपातकाल को लेकर आम जनता में आक्रोश की लहर ने 1977 के आम चुनाव में तत्कालीन कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया और केंद्र में जनता पार्टी की सरकार बनी। आजादी के बाद यह पहली गैर-कांग्रेसी सरकार थी। मोरारजी देसाई इस सरकार के मुखिया बने। उन्होंने दो बार 1977 और 1978 में लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराया।इसके बाद 28 जुलाई 1979 को चौधरी चरण सिंह समाजवादी दलों और कांग्रेस (यू) के सहयोग से प्रधानमंत्री बने तथा उसी साल पहली और आखिरी बार तिरंगा फहराया। चरण सिंह के अलावा विश्वनाथ प्रताप सिंह, एच डी देवेगौड़ा और इंद्र कुमार गुजराल भी ऐसे गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री रहे, जिन्हें एक-एक बार तिरंगा फहराने का सौभाग्य हासिल हुआ।
देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने आजाद भारत में 15 अगस्त 1947 को लाल किले से झंडा फहराया। वह 27 मार्च 1964 तक देश के प्रधानमंत्री रहे और इस दौरान उन्होंने रिकॉर्ड 17 बार 15 अगस्त को झंडा फहराया। इसके बाद इंदिरा गांधी 11 और मनमोहन सिंह (10) का स्थान है।








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