- Home
- छत्तीसगढ़
- -मिजोरम के वेटलिफ्टर्स ने दो स्वर्ण के साथ अभियान समाप्त किया-जम्मू-कश्मीर ने कुश्ती में एक स्वर्ण और एक रजत के साथ खाता खोला-कर्नाटक 15 स्वर्ण के साथ शीर्ष पर कायम, ओडिशा दूसरे और अरुणाचल प्रदेश तीसरे स्थान पररायपुर /खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के पांचवें दिन रविवार को अंबिकापुर में शुरू हुई कुश्ती प्रतियोगिता में झारखंड और हिमाचल प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो-दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं मिजोरम के वेटलिफ्टर्स ने भी दो स्वर्ण जीतकर प्रतियोगिता का समापन किया।झारखंड ने अपने स्वर्ण पदकों का खाता पूनम उरांव के जरिए खोला, जिन्होंने महिला 50 किग्रा फाइनल में तेलंगाना की गीता के को 6-3 से हराया। इसके बाद अंजित कुमार मुंडा ने पुरुष 67 किग्रा ग्रीको रोमन फाइनल में गुजरात के मुकेश वासवा को टेक्निकल सुपीरियरिटी से हराकर स्वर्ण जीता।हिमाचल प्रदेश को उनके दोनों स्वर्ण नविश कुमार (97 किग्रा ग्रीको रोमन) और प्रियंका चौधरी (महिला 62 किग्रा) से मिले। वहीं मिजोरम ने जोसांगजुआली (महिला +86 किग्रा) और डेविड जोह्मिंगमाविया (पुरुष +110 किग्रा) के स्वर्ण के साथ कुल चार स्वर्ण हासिल कर लिए, जिससे वे पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गए।कुल पदक तालिका में कर्नाटक 15 स्वर्ण, 6 रजत और 4 कांस्य के साथ शीर्ष पर बना हुआ है। ओडिशा 9 स्वर्ण, 4 रजत और 10 कांस्य के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि अरुणाचल प्रदेश 5 स्वर्ण के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। मेजबान छत्तीसगढ़, जिसे वेटलिफ्टिंग में रिशिका कश्यप (रजत) और लकी बाबू मरकाम (कांस्य) से दो पदक मिले, नौवें स्थान पर खिसक गया।अरुणाचल प्रदेश के साम्बो लापुंग ने पुरुष 100 किग्रा वर्ग में 299 किग्रा कुल वजन उठाकर स्वर्ण जीतते हुए अपनी टीम को तीसरे स्थान पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। मिजोरम के डेविड लाल जाव्मडिका (270 किग्रा) ने रजत और छत्तीसगढ़ के लकी बाबू (261 किग्रा) ने कांस्य जीता।महाराष्ट्र ने भी पदक तालिका में बढ़त बनाई। साक्षी बुर्कुले ने महिला 86 किग्रा वर्ग में 150 किग्रा कुल वजन उठाकर स्वर्ण जीता, जो रजत विजेता रिशिका कश्यप से 29 किग्रा अधिक था। इसके अलावा विनोद सालकर ने पुरुष 125 किग्रा फ्रीस्टाइल नॉर्डिक प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर महाराष्ट्र की झोली में एक और सफलता डाली।जम्मू-कश्मीर ने भी कुश्ती में एक स्वर्ण और एक रजत के साथ अपना खाता खोला। मुनीर हुसैन ने पुरुष 74 किग्रा फ्रीस्टाइल में महाराष्ट्र के विक्रम पवार को 11-1 से हराकर स्वर्ण जीता, जबकि शमा हून को 97 किग्रा ग्रीको रोमन फाइनल में हिमाचल प्रदेश के नविश कुमार से हारकर रजत से संतोष करना पड़ा।परिणामभारोत्तोलनमहिला वर्ग:86 किग्रा:स्वर्ण – साक्षी बुरकुले (महाराष्ट्र) 150 किग्रारजत – ऋषिका कश्यप (छत्तीसगढ़) 121 किग्राकांस्य – बिटुपुना देवरी (असम) 118 किग्रा+86 किग्रा:स्वर्ण – जोसांगजुआली (मिजोरम) 140 किग्रारजत – पिंकी बोरो (असम) 125 किग्राकांस्य – गुंजन उइके (मध्य प्रदेश) 86 किग्रापुरुष वर्ग:110 किग्रा:स्वर्ण – साम्बो लापुंग (अरुणाचल प्रदेश) 299 किग्रारजत – डेविड लाल जावमडिका (मिजोरम) 270 किग्राकांस्य – लकी बाबू मरकाम (छत्तीसगढ़) 261 किग्रा+110 किग्रा:स्वर्ण – डेविड जोह्मिंगमाविया (मिजोरम) 290 किग्रारजत – गुगुलोथु राजा शेखर (आंध्र प्रदेश) 255 किग्राकांस्य – मनाश प्रतिम सोनवाल (असम) 223 किग्राकुश्तीमहिला वर्ग:50 किग्रा:स्वर्ण – पूनम ओरांव (झारखंड)रजत – गीता (तेलंगाना)कांस्य – चंचला कुमारी (झारखंड), रुपतलिन तिमुंगपी (असम)62 किग्रा:स्वर्ण – प्रियंका चौधरी (हिमाचल प्रदेश)रजत – देवी दैमरी (असम)कांस्य – चांदनी (मध्य प्रदेश), अनीशा बसुमातारी (असम)पुरुष वर्ग:74 किग्रा फ्रीस्टाइल:स्वर्ण – मुनीर हुसैन (जम्मू-कश्मीर)रजत – विक्रम पवार (महाराष्ट्र)कांस्य – अंकुश कुमार (हिमाचल प्रदेश), अमृत दुरगन्नावर (कर्नाटक)125 किग्रा फ्रीस्टाइल:स्वर्ण – विनोद सालकर (महाराष्ट्र)रजत – अमित मीणा (राजस्थान)कांस्य – हरपाल सिंह (हिमाचल प्रदेश)67 किग्रा ग्रीको-रोमन:स्वर्ण – अंजित कुमार मुंडा (झारखंड)रजत – वासवा मुकेश भाई (गुजरात)कांस्य – आकाशकारदोंग (असम), अक्षय कुमार (हिमाचल प्रदेश)97 किग्रा ग्रीको-रोमन:स्वर्ण – नविश कुमार (हिमाचल प्रदेश)रजत – शामा हून (जम्मू-कश्मीर)कांस्य – साहिल चौधरी (हिमाचल प्रदेश)
- -छत्तीसगढ़ सहित झारखंड, अरुणाचलप्रदेश, गुजरात पहुंचे सेमीफाइनल में-5वें दिन फुटबॉल में असम और तमिलनाडु ने दिन किया अपने नाम, पर सेमीफाइनल से चुकेरायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत आयोजित बालिका वर्ग फुटबॉल प्रतियोगिता के पांचवें दिन रोमांच और प्रतिस्पर्धा का उच्च स्तर देखने को मिला। विभिन्न राज्यों की टीमों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में स्थान सुनिश्चित करने के लिए जोरदार संघर्ष किया।स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, कोटा रायपुर में खेले गए मुकाबले में असम की टीम ने शानदार तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए सिक्किम को 3-0 से पराजित किया। मैच के दौरान असम की खिलाड़ियों ने शुरू से ही दबाव बनाए रखा और विपक्षी टीम को कोई अवसर नहीं दिया।इसी प्रकार पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम में खेले गए एक अन्य मुकाबले में तमिलनाडु की टीम ने आंध्रप्रदेश को 3-0 से हराकर बेहतरीन प्रदर्शन किया। तमिलनाडु के खिलाड़ियों ने सधे हुए पासिंग, मजबूत डिफेंस और प्रभावी आक्रमण के दम पर मैच को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखा।प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ और झारखंड की टीमों का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। छत्तीसगढ़ ने ग्रुप ‘ए’ में अपने सभी मैच जीतकर अपराजेय रहते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया, वहीं झारखंड ने ग्रुप ‘बी’ में शानदार खेल दिखाते हुए सभी मुकाबलों में विजय हासिल कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। अन्य टीमों में अरुणाचल प्रदेश और गुजरात ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अंतिम चार में अपनी जगह बनाई। इस प्रकार अब सेमीफाइनल मुकाबलों की रूपरेखा स्पष्ट हो चुकी है, जिसमें छत्तीसगढ़ का अगला मुकाबला अरुणाचल प्रदेश से तथा झारखंड का सामना गुजरात से होगा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इस आयोजन में जनजातीय अंचलों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्राप्त हो रहा है।रविवार की छुट्टी के चलते आज मैदान पर बड़ी संख्या में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों और खेल प्रेमियों ने शिरकत की और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के मैस्कॉट मोरवीर के साथ युवा एवं बच्चे मनोरंजक खेल खेलते एवं सेल्फी लेते नजर आए। जहां सभी ने आकर्षक खेलों और क्विज का आनंद लिया। इस बार का मैस्कॉट मोरवीर छत्तीसगढ़ी शब्दों 'मोर' (हमारा) और 'वीर' (बहादुरी) से बना है, और यह भारत के जनजातीय समुदायों के गर्व, भावना और पहचान का प्रतीक है।
- -असम की पिंकी बोरो को रजत और मध्यप्रदेश की गुंजन उइके को कांस्य-रोमांचक मुकाबलों में खिलाड़ियों ने दिखाया दमरायपुर / खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत महिला 86$ किलोग्राम वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस स्पर्धा में मिजोरम की ज़ोसांगज़ुआली ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ज़ोसांगज़ुआली ने स्नैच में 70 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 83 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 140 किलोग्राम के साथ पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि ने मिजोरम को गौरवान्वित किया। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय खेल परिसर में किया जा रहा है।असम की पिंकी बोरो ने शानदार प्रयास करते हुए कुल 125 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक पर कब्जा जमाया। उन्होंने स्नैच में 55 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 70 किलोग्राम का प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने भी दमदार खेल दिखाते हुए कुल 86 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 39 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 47 किलोग्राम वजन उठाया। प्रतियोगिता में त्रिपुरा की ट्विस्मु जमातिया चौथे स्थान पर रहीं, जिन्होंने कुल 77 किलोग्राम वजन उठाया।प्रतियोगिता की खास बात यह रही की सभी खिलाड़ियों ने युवा आयु में बेहतरीन तकनीक और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। मुकाबला काफी प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जहां हर खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। आयोजन स्थल पर दर्शकों का उत्साह खिलाड़ियों के प्रदर्शन को और ऊर्जा दे रहा था।
- -छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने रजत, असम की बिटुपुना देओरी को कांस्यरायपुर, / खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत 86 किलोग्राम भारोत्तोलन प्रतियोगिता महिला वर्ग में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। इस स्पर्धा में महाराष्ट्र की साक्षी बंडू बुरकुले ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक कब्जा किया। यह प्रतिस्पर्धा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर की खेल मैदान में आयोजित की जा रही है।साक्षी बुरकुले ने स्नैच में 68 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 82 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 150 किलोग्राम के साथ पहला स्थान हासिल की, उनका प्रदर्शन पूरे मुकाबले में सबसे मजबूत रहा।छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल की। उन्होंने कुल 121 किलोग्राम (स्नैच 55 किलोग्राम, क्लीन एंड जर्क 71 किलोग्राम) वजन उठाया। वहीं असम की बिटुपुना देओरी ने 118 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता में असम की लिंडा 114 किलोग्राम के साथ चौथे स्थान पर रहीं, जबकि त्रिपुरा की सुमी मोग (77 किलोग्राम) और आंध्र प्रदेश की जेसी रानी (61 किलोग्राम) क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर रहीं।इस स्पर्धा में खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां हर प्रतिभागी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास किया। दर्शकों ने प्रत्येक खिलाड़ियों की हौंसला अफजाई करते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर इस पूरे आयोजन को जीवंत बनाए रखा।:
- -मालसावमटलुआंगा ने चोट की चिंता को पीछे छोड़कर जीता केआईटीजी स्वर्ण-इसाक ने 2018 में अपने पिता और 2024 में अपनी मां को खो दिया-उनके चाचा और बचपन के कोच ने व्यक्तिगत मुश्किलों के बावजूद खेल जारी रखने के लिए प्रेरित किया--केआईटीजी से पहले पीठ की चोट से जूझने के बावजूद क्लीन एंड जर्क में शानदार प्रदर्शन कर जीता स्वर्ण पदकरायपुर। मिजोरम के युवा वेटलिफ्टर इसाक मालसावमटलुआंगा 16 साल की उम्र पूरी करने से पहले ही अपने माता-पिता दोनों को खोने के बाद लगभग खेल छोड़ने की कगार पर पहुंच गए थे। इस दोहरी त्रासदी ने इस मिजो किशोर को अंदर तक तोड़ दिया था, लेकिन उनके बचपन के कोच और चाचा-चाची के सहारे ने उनके खेल करियर को संभाल लिया। 18 वर्षीय इसाक ने कड़ा संघर्ष करते हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपने परिवार को गर्व महसूस कराया।पीठ की तकलीफ से जूझते हुए भी इसाक ने क्लीन एंड जर्क में शानदार प्रदर्शन किया। स्नैच में दूसरे स्थान पर रहने के बाद उन्होंने कुल 235 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। जीत के तुरंत बाद उनके चाचा ने उन्हें गले लगा लिया, जो इस युवा खिलाड़ी के जीवन में एक मार्गदर्शक की तरह रहे हैं।इसाक के पिता हेमिंग मालसावमटलुआंगा की 2018 में एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, उसी साल उन्होंने वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। परिवार के इकलौते बेटे होने के कारण उनके सामने यह सवाल खड़ा हो गया था कि वह खेल जारी रखें या परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के लिए कमाई पर ध्यान दें।इसाक ने साई मीडिया से बातचीत में बताया,” उस समय मेरे बचपन के कोच सोमा ने मुझे बहुत प्रेरित किया और वेटलिफ्टिंग जारी रखने के लिए कहा।”हालांकि, 2024 में हिमाचल प्रदेश में आयोजित यूथ नेशनल चैंपियनशिप में 60 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने के बाद जब उनका प्रदर्शन बेहतर होने लगा, तभी एक और निजी झटका लगा। उनकी मां को कैंसर का पता चला, जिससे परिवार पर भावनात्मक और आर्थिक दबाव बढ़ गया।इस कठिन समय में उनके चाचा और चाची ने उनका सहारा बना। आइजोल के रामह्लुन वेंगथर इलाके में एक छोटे से रेस्तरां में काम करने वाला यह दंपति इसाक को अपने साथ ले आया और उसकी पढ़ाई और वेटलिफ्टिंग दोनों को बिना रुकावट जारी रखने में मदद की। लेकिन उसी साल उनकी मां का निधन हो गया, जिसने इस युवा खिलाड़ी को पूरी तरह तोड़ दिया। कुछ समय के लिए वह खेल, जो कभी उसे उम्मीद देता था, उसके लिए बेमानी लगने लगा और अकेलापन व दुख उस पर हावी हो गयाl उन्होंने कहा, “अपने माता-पिता दोनों को खोना मुझे अंदर से पूरी तरह तोड़ गया था। मैंने लगभग तय कर लिया था कि वेटलिफ्टिंग छोड़ दूंगा, लेकिन मेरे चाचा और कोच ने एक बार फिर मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।”2024 से इसाक इम्फाल स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) में प्रशिक्षण ले रहे हैं और साथ ही आइजोल से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय के जरिए कक्षा 12 की पढ़ाई भी कर रहे हैं।धीरे-धीरे उनके प्रयास रंग लाने लगे। 2025 में मोदीनगर में आयोजित जूनियर प्रतियोगिता में उन्होंने एक और रजत पदक जीता और बाद में उसी वर्ष राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से पहले उनकी तैयारियों में भी चुनौतियां कम नहीं थीं। अभ्यास के दौरान उन्हें पीठ में चोट लग गई थी, जिसके चलते उनके कोच ने उन्हें टूर्नामेंट से दूर रहने की सलाह दी थी। लेकिन इसाक ने हार नहीं मानी और रायपुर में मंच पर उतरकर अपने जीवन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।वह कहते हैं, “मेरे पिता के निधन के बाद से मेरे चाचा हमेशा प्रतियोगिताओं में मेरे साथ जाते हैं। वह यहां भी मेरे साथ थे। जैसे ही मैंने पदक जीता, उन्होंने मुझे अपनी बाहों में उठा लिया। उस पल मुझे एहसास हुआ कि वह कितने खुश थे।” इसके बाद वह जश्न मनाने के लिए एक बार फिर अपने परिवार के पास लौट गए।
- -छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी लहराया परचम, रिशिका कश्यप ने रजत और लकी बाबू मरकाम ने जीता कांस्यरायपुर / इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता समापन के साथ ही चैम्पियनशिप टीम के परिणाम भी घोषित किए गए, जिसमें पुरुष वर्ग में अरुणाचल प्रदेश ने ओवरऑल चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं मिजोरम फर्स्ट रनरअप और असम सेकंड रनरअप रहा। महिला वर्ग में असम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैम्पियन का खिताब अपने नाम किया, जबकि ओडिशा फर्स्ट रनरअप और छत्तीसगढ़ सेकंड रनरअप रहा।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं का आज शानदार समापन हो गया। पूरे आयोजन के दौरान देशभर से आए खिलाड़ियों ने ताकत, तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित किया। समापन समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।प्रतियोगिता के प्रमुख मुकाबलों की बात करें तो पुरुष 110 किलोग्राम भार वर्ग में अरुणाचल प्रदेश के साम्बो लापुंग ने 299 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मिजोरम के डेविड लालजाव्मडिका ने 270 किलोग्राम के साथ रजत और छत्तीसगढ़ के लकी बाबू मरकाम ने 261 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। लकी बाबू का यह प्रदर्शन घरेलू दर्शकों के लिए गर्व का क्षण रहा।वहीं पुरुष 110+ किलोग्राम वर्ग में मिजोरम के डेविड जोह्मिंगमाविया ने 290 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता। आंध्र प्रदेश के गुगुलोथु राजा शेखर (255 किग्रा) को रजत और असम के मनाश प्रतिम सोनवाल (223 किग्रा) वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। इस वर्ग में खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।महिला वर्ग में भी मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। 86 किलोग्राम वर्ग में महाराष्ट्र की साक्षी बंडु बुरकुले ने 150 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 121 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता और अपने मेडल का श्रेय अपने कोच को दिया। वहीं असम की बिटुपुना देओरी ने कांस्य पदक अपने नाम किया। एक अन्य महिला वर्ग के 86 किग्रा से अधिक के वर्ग में मिजोरम की जोसांगजुआली ने 140 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम की पिंकी बोरो और मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किया।छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी इस प्रतियोगिता में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। लकी बाबू मरकाम ने अपने प्रदर्शन के बाद कहा कि ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। इससे उन्हें बड़े मंच को देखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।पूरे आयोजन के दौरान तकनीकी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं और प्रतियोगिताएं पारदर्शी तरीके से संपन्न हुईं। दर्शकों का उत्साह भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन में ऊर्जा भरता रहा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं ने यह साबित कर दिया कि देश के जनजातीय अंचलों में अपार खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मंच और अवसर मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने में सक्षम हैं।
- -छत्तीसगढ़ ने शानदार आक्रामक खेल का किया प्रदर्शनरायपुर । खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के पांचवें दिन महिला हॉकी मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। मिजोरम, मध्यप्रदेश, झारखंड और ओडिशा की टीमों ने उत्कृष्ट खेल का परिचय देते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया। दिन के मुकाबलों में गुजरात ने तमिलनाडु को 10-1 से पराजित किया, जबकि ओडिशा ने झारखंड को रोमांचक मुकाबले में 5-4 से हराया। मिजोरम ने मध्यप्रदेश को 6-0 से शिकस्त दी और छत्तीसगढ़ ने बिहार को 9-0 से हराते हुए शानदार जीत दर्ज की। बेहतर प्रदर्शन के बावजूद गुजरात और छत्तीसगढ़ की टीमें सेमीफाइनल में स्थान नहीं बना सकीं। सेमीफाइनल में झारखंड का मुकाबला मिजोरम से तथा मध्यप्रदेश का सामना ओडिशा से होगा।पुरुष हॉकी में भी मुकाबले बेहद एकतरफा और आक्रामक रहे। ओडिशा ने असम को 12-1 से हराया, मध्यप्रदेश ने गोवा को 11-2 से परास्त किया, झारखंड ने कर्नाटक को 3-1 से मात दी तथा छत्तीसगढ़ ने आंध्रप्रदेश को 7-0 से हराते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इस प्रकार पुरुष वर्ग में ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्यप्रदेश ने अंतिम चार में जगह बनाई है।छत्तीसगढ़ की पुरुष टीम ने आंध्रप्रदेश के खिलाफ अपने मुकाबले में बेहद आक्रामक खेल दिखाया। मैच के पहले ही मिनट में गोल दागते हुए टीम ने विपक्ष पर दबाव बना दिया और पहले क्वार्टर में 3-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। पूरे मैच में टीम का तालमेल, गति और रणनीति प्रभावशाली रही, जिससे 7-0 से एकतरफा जीत सुनिश्चित हुई।हॉकी प्रतियोगिता में अब मुकाबला और भी रोमांचक होने जा रहा है। सेमीफाइनल में पहुंची टीमें फाइनल में जगह बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगी। खिलाड़ियों का उत्साह और प्रदर्शन खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सेमीफाइनल में छत्तीसगढ़ का मुकाबला ओडिशा से तथा झारखंड का सामना मध्यप्रदेश से होगा।
- -9 पदक जीतकर बने फर्स्ट रनर-अपरायपुर । छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 प्रतियोगिता में भाग लेने आए असम राज्य के तैराक खिलाडि़यों ने आज यहां लोक भवन में राज्यपाल श्री रमेन डेका से सौजन्य मुलाकात की। खिलाडि़यों ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 9 पदक जीतकर फर्स्ट रनर-अप का स्थान हासिल किया है।राज्यपाल श्री डेका ने खिलाडि़यों की इस उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेलों में अनुशासन, समर्पण और टीम भावना से ही ऐसी सफलता हासिल होती है। राज्यपाल ने खिलाडि़यों को भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इस अवसर पर खिलाडि़यों के साथ असम स्विमिंग एसोसिएशन के संयुक्त सचिव श्री दिव्य ज्योति शर्मा, तकनीकी अधिकारी श्री जान मनी बोरा तथा कोच भी उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे वर्चुअल शुभारंभरायपुर। उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के लिए 30 मार्च 2026 का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज होने जा रहा है। माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा (अम्बिकापुर) से देश के प्रमुख महानगरों दिल्ली एवं कोलकाता के लिए नियमित विमान सेवा शुरू होगी। इस पहल से क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने के साथ ही विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 30 मार्च को प्रातः 10 बजे रायपुर से वर्चुअल माध्यम से विमान सेवा का विधिवत शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर अंबिकापुर के पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें सांसद, विधायकगण एवं जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं आम नागरिकों उपस्थित रहेंगे।नई हवाई सेवा के अंतर्गत एलायंस एयर द्वारा 72-सीटर एटीआर विमान संचालित किया जाएगा। अंबिकापुर से दिल्ली के लिए फ्लाइट हफ्ते में दो दिन सोमवार और बुधवार को चलेगी। सोमवार को फ्लाइट सुबह 7.50 बजे दिल्ली से उड़ान भरकर 10.25 बजे बिलासपुर पहुंचेगी, वहां से 10.50 बजे रवाना होकर 11.35 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी। इसके बाद यही फ्लाइट दोपहर 12.05 बजे अंबिकापुर से उड़ान भरकर 2.35 बजे दिल्ली पहुंचेगी। बुधवार को सुबह 7.50 बजे दिल्ली से सीधी फ्लाइट उड़कर 10.25 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी, फिर 10.50 बजे अंबिकापुर से निकलकर 11.35 बजे बिलासपुर पहुंचेगी और वहां से 12.00 बजे उड़कर 2.40 बजे दिल्ली पहुंचेगी।अंबिकापुर से कोलकाता के लिए भी हफ्ते में दो दिन फ्लाइट चलेगी। शनिवार को सुबह 7.05 बजे कोलकाता से फ्लाइट उड़ान भरकर 8.55 बजे बिलासपुर पहुंचेगी, फिर 9.20 बजे वहां से रवाना होकर 10.00 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी। इसके बाद 10.25 बजे अंबिकापुर से उड़कर 12.15 बजे कोलकाता पहुंच जाएगी। वहीं गुरुवार को सुबह 7.05 बजे कोलकाता से सीधी फ्लाइट उड़कर 8.50 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी, फिर 9.15 बजे अंबिकापुर से निकलकर 9.55 बजे बिलासपुर पहुंचेगी और वहां से 10.20 बजे उड़कर 12.05 बजे कोलकाता पहुंचेगी।निर्धारित शेड्यूल के तहत यात्रियों को आने-जाने दोनों दिशाओं में सुविधा उपलब्ध होगी तथा बिलासपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी सुदृढ़ होगी। कोलकाता के लिए भी विमान सेवा प्रारंभ होने से पूर्वी भारत के प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र से सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नया विस्तार मिलेगा।अम्बिकापुर सरगुजा संभाग का मुख्यालय होने के साथ उत्तर छत्तीसगढ़ का प्रमुख प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं वाणिज्यिक केंद्र है। यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों, वन संपदा एवं खनिज भंडार से समृद्ध है। साथ ही मैनपाट, तातापानी एवं विविध जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों के कारण यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं।हवाई सेवा के प्रारंभ होने से सरगुजा संभाग सीधे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एवं पूर्वी भारत के प्रमुख शहर कोलकाता से जुड़ जाएगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, निवेश के अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध होगा। पर्यटन क्षेत्र में भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से देश-विदेश के पर्यटकों का आगमन बढ़ेगा, जिससे होटल, परिवहन एवं अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी लाभ होगा, जिससे गंभीर मरीजों को महानगरों में शीघ्र उपचार उपलब्ध हो सकेगा।गौरतलब है कि माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा का विकास केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) के अंतर्गत किया गया है। वर्ष 1950 में निर्मित इस हवाई पट्टी का विस्तार कर रनवे को 1500 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर किया गया, जिससे अब एटीआर जैसे बड़े विमान यहां संचालित हो सकते हैं। माँ महामाया एयरपोर्ट दरिमा, अम्बिकापुर लगभग 365 एकड़ में फैला हुआ है, एयरपोर्ट के सिविल एवं विद्युतीकरण कार्य हेतु राशि रू. 48.25 करोड़ की स्वीकृति दी गई थी, जिससे इस एयरपोर्ट में सभी कार्य डीजीसीए मानक अनुरूप कराया गया है। मां महामाया एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उन्नयन 72 यात्रियों के अनुरूप कराया गया। हवाई अड्डे में लगभग 100 वाहन की पार्किंग की व्यवस्था के साथ टर्मिनल भवन तक फोरलेन सड़क का निर्माण कराया गया।
- -युवा शक्ति को आगे बढ़ाना ही विकसित छत्तीसगढ़ की असली दिशा है : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर स्थित राजा रघुराज सिंह स्टेडियम में स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल जी की स्मृति में आयोजित टी-20 ड्यूस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय लेकर उनका हौसला बढ़ाया और जिले के खेल प्रेमियों को बधाई दी। प्रतियोगिता में देश के 8 राज्यों की टीमों ने भाग लिया, जिसमें कई खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी तथा आईपीएल जैसे बड़े मंचों पर अपना हुनर दिखा चुके हैं। समापन मैच में छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ और खड़गपुर के बीच फाइनल मुकाबला खेला गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल जी की स्मृति में आयोजित यह प्रतियोगिता अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल जी से उनका विशेष आत्मीय संबंध रहा है। उन्होंने जीवन भर अद्भुत धैर्य और संघर्ष का परिचय दिया। उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और समाज सेवा के कार्यों में अपना जीवन समर्पित कर दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वे राज्यसभा सांसद के रूप में भी लंबे समय तक सक्रिय रहे। आज उनकी स्मृति में आयोजित इस टी-20 प्रतियोगिता में देश के 8 राज्यों से खिलाड़ी भाग ले रहे हैं और 9 दिनों तक चले इस आयोजन ने बिलासपुर के खेल प्रेमियों को एक नया उत्साह दिया है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के लोग क्रिकेट के प्रति विशेष लगाव रखते हैं और बड़ी संख्या में मैदान में उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में खेलों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की खेलो इंडिया योजना के तहत प्रदेश में खेल अधोसंरचना और प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। अभी हमारा प्रदेश खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी भी कर रहा है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों में लाखों खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जो प्रदेश की खेल प्रतिभा को नई दिशा दे रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने देश के दूसरे और दुनिया के चौथे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कराया और इसका नाम शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर रखा। राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ओलम्पिक खेलों में भी हमारे बेटे और बेटियां भाग लें, इसके लिए हमारी सरकार द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 2 करोड़ रुपये और कांस्य पदक पर 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही प्रदेश में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि बिलासपुर की पावन धरा पर अटल परिसर का लोकार्पण करते हुए आज हम स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल जी को भावपूर्ण स्मरण कर रहे हैं। स्व. लखीराम अग्रवाल के योगदान को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। हम सभी उनके योगदान को गहरे सम्मान के साथ याद करते हैं। आज उनकी स्मृति में आयोजित यह क्रिकेट प्रतियोगिता हमें उनके संघर्षमय जीवन की याद दिलाती है। क्रिकेट की तरह ही उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र में अंतिम क्षण तक संघर्ष किया और कभी हार नहीं मानी। वे हम सभी के लिए प्रेरणा पुंज हैं और उनके विचार सदैव हमारे बीच जीवित रहेंगे।बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल ने आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद श्री तोखन साहू सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों का भी आभार जताया।कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री रजनीश सिंह, पूर्व सांसद श्री लखन लाल साहू, कमिश्नर श्री सुनील जैन, आईजी श्री राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, क्रिकेट खिलाड़ी श्री राजेश चौहान उपस्थित थे।
-
- छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि लोकतंत्र में व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बाद पत्रकारिता को चतुर्थ स्तंभ माना गया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि एक मिशन और साधना है। समाज का दर्पण कहलाने वाली पत्रकारिता ने सदैव जनता और सत्ता के बीच संपर्क-सेतु की भूमिका निभाई है और लोगों को जागरूक किया है। इसलिए इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है।राज्यपाल श्री डेका आज भिलाई सेक्टर 4 स्थित एस.एन.जी. ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि की आंसदी से सम्बोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया। राज्यपाल श्री डेका ने इस अवसर पर महिला पत्रकारों को उनकी उत्कृष्ट लेखनी के लिए सम्मानित किया, जिसमें अनुभूति भाखरे, कोमल धनेसर, साक्षी सोनी शामिल है। इसी प्रकार समाज सेवी महिलाओं साधना चतुर्वेदी, अंजना श्रीवास्तव, लता बौद्ध, दीप्ति सिंग, सुनीता जैन को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।राज्यपाल श्री डेका ने वर्तमान चुनौतियों का जिक्र करते हुए अवगत कराया कि आज पत्रकारिता एक कठिन दौर से गुजर रही है। सोशल मीडिया के विस्फोट ने सूचना के प्रवाह को लोकतांत्रिक तो बनाया है, लेकिन साथ ही विश्वास का गंभीर संकट भी खड़ा किया है। फेसबुक, व्हाट्सएप और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हर व्यक्ति ‘पत्रकार‘ बन चुका है और सत्यापन से पहले ही समाचार वायरल हो जाते हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ‘फेक न्यूज‘ और ‘डीपफेक‘ ने सच और झूठ के बीच की रेखा धुंधली कर दी है। इन सबके बीच आज भी प्रिंट मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता को कायम रखा है। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि इन चुनौतियों का सामना करने के लिए पत्रकारिता को अपने मूल आदर्शों की ओर लौटना होगा।एक स्वस्थ पत्रकारिता ही एक स्वस्थ लोकतंत्र की नींव है। उन्होंने इस चौथे स्तंभ को और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय और जनोन्मुखी बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष श्री ईश्वर दुबे, सचिव श्री सतीश बौद्ध एवं अन्य पदाधिकारी और श्री राजाराम त्रिपाठी, प्रो. संजय त्रिवेदी, वरिष्ठ पत्रकार श्री गिरीश पंकज सहित बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के पत्रकार उपस्थित थे। - रायपुर । बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से आज रात्रि उड़ान सेवा की ऐतिहासिक शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नाइट ऑपरेशन्स का लोकार्पण किया और इसी दौरान स्वयं रात में पहली उड़ान से रायपुर के लिए रवाना हुए। विधायक श्री धर्मजीत सिंह भी मुख्यमंत्री जी के साथ रात्रिकालीन उड़ान में रायपुर गए।उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट को 3सी वीएफआर से उन्नत कर 3सी आईएफआर श्रेणी में विकसित करने का कार्य लगभग 31 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण किया गया। इस उन्नयन के बाद डीजीसीए के द्वारा 6 फरवरी 2026 को एयरपोर्ट को 3सी आईएफआर श्रेणी में रात्रिकालीन संचालन की अनुमति प्रदान की गई, जिससे अब यहां रात में भी उड़ानों का संचालन संभव हो सका है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रात्रि उड़ान सेवा शुरू होने से अब निर्धारित उड़ानों के साथ-साथ आपातकालीन एवं मेडिकल फ्लाइट्स भी रात में संचालित हो सकेंगी, जिससे जीवनरक्षक सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। बेहतर हवाई संपर्क से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने नागरिकों से इस नई सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करते हुए सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुखद यात्रा की कामना की।समारोह को केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, संभाग आयुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसपी श्री रजनीश सिंह, एयरपोर्ट के डायरेक्टर श्री एन वीरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
- -किसानों के लिए बड़ी सौगात, राम्हेपुर नहर लाइनिंग से 1540 एकड़ में पहुंचेगा पानी-नहरों का होगा कायाकल्प, 6 गांवों के किसानों को मिलेगा सिंचाई लाभ-छीरपानी जलाशय से जुड़ी नहरों की लाइनिंग कार्य शुरू, खेती को मिलेगी नई मजबूती-उप मुख्यमंत्री ने सारंगपुर में 41 लाख रुपए की सीसी रोड और मेन चौक पर भव्य डोम निर्माण की घोषणा कीरायपुर।, कबीरधाम जिले के बोड़ला क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की दिशा में लंबे समय से चली आ रही बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए उप मुख्यमंत्री और कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने ग्राम सारंगपुर पहुंचकर 8.10 करोड़ रुपए की लागत से बोड़ला विकासखंड अंतर्गत छीरपानी जलाशय से जुड़ी राम्हेपुर वितरक नहर एवं उससे संबद्ध माइनर नहरों के सी.सी. लाइनिंग कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया। यह महत्वाकांक्षी परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान साबित होगी। कार्य पूर्ण होने पर कुल 1540 एकड़ क्षेत्र में सुचारू सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी तथा 6 गांवों के 800 से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। नहरों के सुदृढ़ीकरण से जल का अपव्यय रुकेगा, अंतिम छोर तक पानी पहुंचेगा और खेती-किसानी को नई मजबूती मिलेगी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने सारंगपुर गांव के विकास के लिए 41 लाख रुपए की सीसी रोड निर्माण और गांव के मेन चौक में भव्य डोम निर्माण की घोषणा की।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भूमि पूजन के अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार गांव, गरीब और किसान को केंद्र में रखकर योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने कहा कि नहरों की लाइनिंग से पानी का अनावश्यक रिसाव रुकेगा, जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और नहरों के अंतिम छोर तक भी समान रूप से पानी पहुंच सकेगा। इससे न केवल फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिले। उन्होंने कहा कि नहर निर्माण कार्य से उनकी खेती को सीधा लाभ मिलेगा। आज से निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा रहा है, इसलिए गांव के लोग भी इसमें सक्रिय रूप से ध्यान दें और जनसहयोग से कार्य को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी विकास कार्य की सफलता में आमजन की भागीदारी सबसे अहम होती है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस अवसर पर गांव में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने अपने वादे के अनुरूप गठन के साथ ही कैबिनेट की पहली बैठक में आवास योजना को स्वीकृति देकर इसे प्राथमिकता दी है।उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को योजनाओं के तहत मिली राशि गांव में ही आसानी से मिल सके, इसके लिए ग्राम पंचायत भवन में डिजिटल सुविधा केंद्र संचालित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष सुविधा मिल रही है। साथ ही महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 25 किस्तों में 25 हजार रुपए की राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित की जा चुकी है, जिससे महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिली है। इसके साथ ही सीएलएफ स्तर पर गांव में महतारी सदन का निर्माण भी किया जा रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने यह भी बताया कि स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को उनके संपत्ति अधिकार सुनिश्चित करने के लिए अधिकार पत्र तैयार किए जा रहे हैं, जिससे गांवों में पारदर्शिता और स्वामित्व की स्पष्टता बढ़ेगी। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, जनपद उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास, श्री राम किंकर वर्मा, श्री मनीराम साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।*1540 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का होगा विस्तार*वर्तमान में इन नहरों के माध्यम से लगभग 1045 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। परियोजना पूर्ण होने के पश्चात सिंचाई क्षमता में 495 एकड़ की अतिरिक्त वृद्धि होगी, जिससे कुल 1540 एकड़ क्षेत्र में किसानों को नियमित एवं सुचारू रूप से खरीफ फसलों के लिए पानी मिल सकेगा। इससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन को नई गति मिलने की उम्मीद है।13.65 किलोमीटर लंबी नहरों का होगा कायाकल्पपरियोजना के अंतर्गत कुल लगभग 13.65 किलोमीटर लंबाई की नहरों का सी.सी. लाइनिंग एवं जीर्णोद्धार कार्य किया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से राम्हेपुर वितरक नहर (4650 मीटर), सिल्हाटी माइनर-1 (1230 मीटर), सिल्हाटी माइनर-2 (1680 मीटर), बघरा माइनर (780 मीटर) तथा राम्हेपुर टेल माइनर (दांयी एवं बांयी) कुल 5310 मीटर शामिल हैं। इसके साथ ही नहरों में आवश्यक पक्के संरचनाओं का पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्य भी किया जाएगा, जिससे नहरों की मजबूती और जल प्रवाह की क्षमता में वृद्धि होगी।6 गांवों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभइस योजना से मुख्य रूप से मानिकपुर, सिल्हाटी, बघर्रा, सारंगपुर कला, सिंधनुपरी एवं राम्हेपुर कला ग्रामों के किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। नहरों के सुदृढ़ीकरण से इन गांवों में जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।
- - केन्द्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री ने जिले में जल संरक्षण, भूमिगत जल स्तर सुधार और सतत जल प्रबंधन हेतु किए जा रहे अभिनव कार्यों की सराहना कीराजनांदगांव । केन्द्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने आज राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम बरगा में परकोलेशन टैंक, इंजेक्शन वेल, बोरवेल सह रिचार्ज साफ्ट सैंड फिल्टर स्ट्रक्चर का अवलोकन किया। राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने जिले में जल संरक्षण, भूमिगत जल स्तर सुधार और सतत जल प्रबंधन हेतु किए जा रहे अभिनव कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास मॉडल के रूप में पूरे देश के लिए अच्छा उदाहरण है। राज्य मंत्री डॉ. चौधरी ने ग्रामीणों से कहा कि फसल चक्र को अपनाकर कम पानी उपयोग वाली फसलों का अधिक से अधिक उपयोग करें। धान की जगह दलहन-तिलहन फसल लेने के लिए किसानों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा पीएम-आशा योजना अंतर्गत समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन किसानों से खरीदी की जा रही है। जिससे किसानों को अच्छी आमदनी हो रही है।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने जिले में निर्मित विभिन्न वॉटर रीचार्ज स्ट्रक्चर, पर्कोलेशन टैंक, रीचार्ज शाफ्ट, तालाब संरक्षण मॉडल तथा ग्राउंड वाटर मैनेजमेंट से जुड़े विस्तृत तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कम लागत में उच्च गुणवत्ता के जिले के वॉटर रीचार्ज स्ट्रक्चर बड़े स्तर पर बनाए गए हैं। जिससे भूमिगत जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है। कलेक्टर ने बताया कि जिन गांवों में रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाया गया है। वहां के बोरवेल्स की जल क्षमता दोगुनी तक बढ़ी है, जिससे ग्रामीण इलाकों में पानी की उपलब्धता लगातार बेहतर हुई है। जल पुनर्भरण की इस तकनीक से जिले में लंबे समय से खराब पड़े बोरवेल्स में पुनरू पानी आने लगा है। रीचार्ज शाफ्ट बनाकर वर्षा जल को सीधे भूमिगत धारण क्षमता वाले हिस्सों तक पहुँचाया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्षा जल और ग्रे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए अलग-अलग संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ के निर्माता भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण-अटल जी की प्रतिमा उनके व्यक्तित्व और विचारों को सहेजने की प्रेरक पहल — मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान अरपा रिवर व्यू के समीप नवनिर्मित ‘अटल परिसर’ में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने शहर के समग्र विकास को नई दिशा देते हुए 26 करोड़ 93 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के स्वप्न दृष्टा, प्रखर वक्ता, संवेदनशील कवि और छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता थे। उन्होंने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ का गठन हुआ, जिसने प्रदेश को विकास की नई दिशा और पहचान प्रदान की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी की प्रतिमा उनके ऐतिहासिक व्यक्तित्व, विचारों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सहेजने की एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि यह परिसर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा और समाज में राष्ट्र निर्माण की भावना को और मजबूत करेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों में ‘अटल परिसर’ के निर्माण का निर्णय लिया गया है, ताकि अटल जी के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर को प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का लोकार्पण किया जा चुका है और यह अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और आज किए गए 26 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य शहर की अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगे तथा नागरिक सुविधाओं को नई गति देंगे। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के माध्यम से शहर को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बावजूद भारत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश की सुदृढ़ विदेश नीति और प्रभावी समन्वय के कारण आपूर्ति व्यवस्था सुचारु है तथा आम नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा इस अवसर पर लगभग 12.43 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें अटल परिसर निर्माण, मराठी कन्या शाला भवन में प्रथम तल निर्माण, इमलीपारा में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तथा रक्षित आरक्षी केंद्र का निर्माण प्रमुख रूप से शामिल हैं, जो शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगे।इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय ने लगभग 14.50 करोड़ रुपये की लागत के नए विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इनमें अरपा क्षेत्र में सड़क, नाला एवं पिचिंग कार्य, जरहाभाठा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण तथा उसलापुर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा एवं चबूतरा निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं, जो शहर के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त करेंगे।कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि अटल परिसर का निर्माण प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अटल जी के योगदान को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता और उनके आदर्श आज भी देश को दिशा दे रहे हैं।इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने संयम बरतने की अपील कीबालोद/ जिले में ईंधन की आपूर्ति को लेकर फैल रही विभिन्न चर्चाओं और आशंकाओं के बीच कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने आम जनता के लिए महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जिले में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, इसलिए नागरिकों को घबराने या अनावश्यक भंडारण करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देने और आपूर्ति सुचारू रूप से शुरू होने की बात कही है। पिछले कुछ दिनों से ईंधन की कमी को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भ्रम की स्थिति पैदा हो रही थी। इस पर विराम लगाते हुए कलेक्टर दिव्या मिश्राने कहा कि प्रशासन आपूर्ति श्रृंखला पर निरंतर नजर बनाए हुए है। जिले के सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के पास वर्तमान में नागरिक उपयोग के लिए पर्याप्त मात्रा में स्टॉक मौजूद है।आवश्यकतानुसार ही करें खर्च-कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे ईंधन का उपयोग विवेकपूर्ण और जरूरत के हिसाब से ही करें। उन्होंने कहा की जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है। नागरिक अपनी दैनिक आवश्यकता के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल की खरीद करें। अनावश्यक रूप से स्टॉक जमा करने से बाजार में कृत्रिम कमी की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे बचें। प्रशासनिक निगरानी- उन्होने कहा कि जिले में कालाबाजारी या अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रशासन ने आम जनता से सहयोग का आग्रह किया है ताकि जिले की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे और किसी भी नागरिक को असुविधा का सामना न करना पड़े।
- कोरिया मॉडल की देशभर में गुंज- प्रधानमंत्री ने बताया जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरणकोरिया का प्रयास बना राष्ट्रीय उदाहरण: जल संरक्षण को जनभागीदारी से सशक्त करना हमारा संकल्प- मुख्यमंत्रीरायपुर/कोरिया जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए “कैच द रेन” तथा राज्य शासन के मोर गाव मोर पानी महा अभियान अभियान के अंतर्गत में “आवा पानी झोंकी” अभियान संचालित किया गया। इस पहल ने जल संरक्षण को केवल एक सरकारी योजना से आगे बढ़ाकर व्यापक जनभागीदारी पर आधारित आंदोलन बना दिया है।इस अभिनव प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान तब मिली, जब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में कोरिया मॉडल की सराहना की और इसे जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बताया।इसके अतिरिक्त, केंद्रीय स्तर पर भी इस मॉडल को सराहना प्राप्त हुई है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल द्वारा भी कोरिया मॉडल को अन्य राज्यों में लागू किए जाने योग्य पहल के रूप में उल्लेखित किया गया, जिससे इसकी उपयोगिता और विस्तार की संभावनाएँ स्पष्ट होती हैं।पृष्ठभूमिकोरिया जिले में लगभग 1370 मिमी वार्षिक वर्षा होने के बावजूद भू-आकृतिक परिस्थितियों के कारण जल का तीव्र बहाव होता था, जिससे भूजल पुनर्भरण सीमित था।कोरिया मॉडल: जन आंदोलन की अवधारणा“जल संचय जन भागीदारी अभियान” के अंतर्गत लागू 5% मॉडल के तहत किसानों ने अपनी भूमि का 5% भाग छोटी सीढ़ीदार जल संरचनाओं के लिए समर्पित किया साथ ही सोखता गड्ढे और मनरेगा के अंतर्गत संरचनाएं बनाईं गईं।सामुदायिक एवं वैज्ञानिक समन्वयमहिलाओं ने नीर नायिका, युवाओं ने जल दूत के रूप में भूमिका निभाई और ग्राम सभाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत योजना को सशक्त बनाया। इससे समुदाय स्वयं कार्यान्वयनकर्ता बना।2025 की उपलब्धियाँ (जल पुनर्भरण)जिले में कुल लगभग 2.8 MCM (28 लाख घन मीटर) जल का भूजल में पुनर्भरण हुआ।यह जल मात्रा लगभग 230–235 (12000 m³/ तालाब ) बड़े तालाबों के बराबर और 1800 से अधिक ( 1500 m³/ डबरी ) डबरियों के बराबर है। ( गणनाएं मानक वैज्ञानिक मानकों एवं सावधानीपूर्वक किए गए आकलन पर आधारित हैं।)भूजल स्तर में सुधारCGWB की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में कोरिया जिले के भूजल स्तर में 5.41 मीटर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो इस मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाती है।2026 में प्रगति20,612 से अधिक जल संरक्षण कार्य पूर्ण/प्रगति पर हैं जिनके अंतर्गत 17,229 सामुदायिक कार्य तथा 3,383 मनरेगा आधारित संरचनाएँ शामिल हैं।कलेक्टर का वक्तव्यजिला कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा—“कोरिया मॉडल की सफलता का मूल आधार जनभागीदारी है। जब समाज स्वयं जल संरक्षण का संकल्प लेता है, तो परिणाम स्थायी और व्यापक होते हैं। हमारा प्रयास है कि हर बूंद को संजोकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।”कोरिया मॉडल यह प्रमाणित करता है कि जब जनभागीदारी, वैज्ञानिक योजना, शासन और प्रशासनिक नेतृत्व एक साथ कार्य करते हैं, तो जल संरक्षण को एक स्थायी जन आंदोलन में परिवर्तित किया जा सकता है— और यही मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाए जाने की दिशा में अग्रसर है।
-
0- बच्चों को शिक्षा देने के साथ संस्कारवान बनाने वाले अभिभावकों का रुझान महाराष्ट्र मंडल की स्कूल की ओर
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय (एसडीवी) में इन दिनों छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के अंतर्गत पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं जारी हैं। 10वीं और 12वीं के नतीजे आने में अभी काफी समय है। इसके बावजूद यहां बच्यों के नए प्रवेश को लेकर अभिभावकों में काफी उत्सुकता और उत्साह देखा जा रहा है।प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि अभी नौनिहालों के प्रवेश को लेकर अभिभावकों का एसडीवी की जानकारी हासिल कर एडमिशन फार्म ले जाने का सिलसिला लगातर बढ़ रहा है। साथ ही इनके प्रवेश का क्रम भी जारी है। प्राचार्य के अनुसार 10वीं- 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम के बाद भी एसडीवी में नए प्रवेश को तेजी मिलती है।प्री प्राइमरी इंचार्ज अस्मिता कुसरे ने जानकारी दी कि एसडीवी में बच्चों को प्रार्थना के साथ ही जिस शिद्दत के साथ संस्कार दिये जाते हैं, वो अन्य शालाओं में आसानी से देखने को नहीं मिलते। यही कारण है कि जो अभिभावक अपने बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही संस्कारवान बनाना चाहते हैं, उनकी पसंद संत ज्ञानेश्वर स्कूल होती है। बच्चे जैसे- जैसे अगली कक्षाओं में पहुंचते जाते हैं, वैसे- वैसे वे अपने में अच्छे संस्कारों के साथ आध्यात्म से जुड़ी बहुत सी सीख को आत्मसात करते रहते हैं।उप प्राचार्य राहुल वोडितेलवार कहते हैं कि सीएसइबी और आइसीएससी के 10वीं और 12वीं के परिणामों के बाद उन बच्चों के एसडीवी में प्रवेश शुरू होते हैं, जो अपना बोर्ड बदलकर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के अंतर्गत अपनी शिक्षा आगे बढ़ाना चाहते हैं। बहरहाल एसडीवी में पिछले शिक्षा सत्र में वाणिज्य संकाय से चार बच्चों के 10वीं व 12वीं की प्रावीण्य सूची में आने के बाद अभिभावकों की भारी अपेक्षाओं के बीच इस बार भी कुछ बच्चों की मेरिट लिस्ट के हिसाब से तैयारी कराई गई थी। वहीं इस बार साइंस फैकल्टी को लेकर भी इस नए सिरे से काम किया गया है। हमें विश्वास है कि इसके भी उत्साहजनक परिणाम सामने आएंगे। - 0- गणेश वंदना और रामस्तुति से प्रारंभ हुई वाल्मिकी रामायण कथारायपुर। राम चरित्र मानस सिर्फ एक धर्मग्रंथ या काव्य नहीं, अपितु हमारे जीवन का आधार है। राम चरित्र मानस में मानस का अर्थ अंतर्मन से है। हमारा मन अगर अच्छा होगा, तो हमारा चरित्र भी उत्तम होगा। उत्तम चरित्र से हम राम के वंशज कहलाएंगे, यानी हम राम चरित्र मानस को अपने जीवन में उतारने में सफल होंगे। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित श्री वाल्मिकी रामायण कथा के दौरान पुणे से पहुंचे कथावाचक आचार्य रामनाथ रामचंद्र अय्यर ने कहीं।आचार्य अय्यर ने कहा कि महर्षि वाल्मिकी, जो पहले डाकू रत्नाकर ने नाम से जाने जाते थे, उन्होंने नारद ऋषि के कहने पर अपने मानस को उत्तम किया। डाकू होने के कारण उनके मुख से राम का नाम नहीं निकल रहा था, तो नारद जी ने उन्हें मरा-मरा उच्चारण करने को कहा। चार बार मरा-मरा बोलने पर तीन बार राम का नाम निकल ही रहा था। अपनी कठोर साधना से डाकू रत्नाकर ने अपने मानस को अच्छा किया और फिर उनके श्रेष्ठ चरित्र का निर्माण हुआ। बाद में वे महर्षि वाल्मिकी कहलाए और रामायण जैसे महाकाव्य की रचना की। महर्षि वाल्मिकी का समूचा जीवन हमें इस बात की सीख देता है कि यदि हम अपने चरित्र निर्माण को लेकर तटस्थ रहे, तो अपने जीवन की रचना महाकाव्य की तरह कर सकते हैं।पांच दिवसीय महर्षि वाल्मिकी रामायण कथा का शुभारंभ गणेश वंदना और रामस्तुति के साथ हुआ। मंडल के सभासद दत्त प्रसन्न राजवाड़े और दीपाली राजवाड़े की पुत्री प्रचिति ने सुंदर शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को राममय बना दिया। कथावाचक अय्यर ने कहा कि भगवान राम का नाम राजा दशरथ या माता कौशल्या ने नहीं, बल्कि कुलगुरु वशिष्ठ ने रखा था। राम को गोद में लेते ही उनके पूरे जीवन का वैभव उनके मानस पटल पर उतर आया और अंतःकरण की आवाज पर उनके मुख पर राम नाम निकल आया।रामनाथ अय्यर ने कहा कि जीवन में नाम का अत्यधिक महत्व होता हैं, क्योंकि वहीं हमारे व्यक्तित्व और चरित्र को भी प्रभावित व परिभाषित करता है। विडंबना है कि नई पीढ़ी अपने बच्चों के नाम अंग्रेजी शब्दावली के आधार पर रखती है। इनमें बहुत से रशियन भी होते हैं। आचार्य अय्यर ने कथा के पहले दिन भगवान राम द्वारा मां सीता के परित्याग की कथा सुनाई।कथा समाप्ति के बाद भगवान श्रीराम की आरती की गई। तत्पश्चात प्रसाद के साथ भंडारे का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ पर पूर्व दीप प्रज्ज्वलन आध्यात्मिक समिति की आस्था काले, सृष्टि दंडवते और संध्या खंगन ने किया। मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले और अंजलि काले ने कथावाचक रामनाथ रामचंद्र अय्यर की पूजा की।--
- 0- महापौर और सभापति से सभी पार्षदों से लेह लद्दाख तीर्थ यात्रा प्रथम सिंधु कुम्भ में जाने शीघ्र अपना पंजीयन करवाने की विनम्र अपील कीरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने हिमालय परिवार द्वारा लगातार 30वें वर्ष आयोजित लेह लद्दाख तीर्थ यात्रा के पोस्टर का विमोचन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री साकेत मिश्रा और प्रदेश यात्रा प्रभारी नगर निगम रायपुर संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी सहित नगर निगम सभापति कक्ष में नगर निगम रायपुर के सभी एमआईसी सदस्यों और जोन अध्यक्षगणों और वार्ड पार्षदों सहित आयोजन समिति पदाधिकारियों पार्षद श्रीमती स्वप्निल मिश्रा, सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री परवानी, सुश्री गायत्री देवांगन, आयोजन समिति के मीडिया प्रभारी श्री सोनी आदि पदाधिकारियों सहित विमोचित किया.महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने प्रथम सिंधु कुम्भ के रूप में दिनांक 22 जून से 27 जून 2026 तक आयोजित की जा रही लेह लद्दाख तीर्थ यात्रा आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की और इसकी सफलता हेतु हार्दिक मंगलकामनायें कीं. महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने रायपुर नगर पालिक निगम के सभी पार्षदों से लेह लद्दाख तीर्थ यात्रा दिनांक 22 जून से 27 जून 2026 तक के हिमालय परिवार द्वारा रखे गए प्रथम सिंधु कुम्भ आयोजन में सम्मिलित होने अपना पंजीयन शीघ्र करवाने और तीर्थयात्रा प्रथम सिंधु कुम्भ आयोजन को सफल बनाने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपील की है.
- 0- 31 मार्च 2026 तक नगर निगम रायपुर के सभी जोन कार्यालय के राजस्व विभाग 29 मार्च रविवार और 31 मार्च महावीर जयन्ती के अवकाश दिवसों में भी कार्यालय राजस्व वसूली के लिए खुले रहेंगे0- मोर रायपुर एप और ऑनलाइन लिंक https://mcraipur.in/ से ऑनलाइन सम्पतिकर भुगतान की सुविधा की निरन्तर उपलब्धतारायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम के राजस्व विभाग द्वारा एक बार पुनः सभी बड़े बकायादारों को अवगत करवाया गया है कि बकाया अदा नहीं किये जाने पर सम्बंधित बड़े बकायादारों पर कुर्की और सीलबंदी करने की नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी. कार्यवाही की परेशानी और तनाव से बचने सम्बंधित बड़े बकायादार नगर निगम राजस्व विभाग को तत्काल अपना सम्पूर्ण बकाया अदा कर दें. सभी सम्पतिकरदाता नागरिक अपना देय सम्पतिकर तत्काल नगर निगम रायपुर के राजस्व विभाग को अदा कर दें और अंतिम नियत तिथि दिनांक 31 मार्च 2026 तक करों की अदायगी नहीं होने पर नियमानुसार 17 प्रतिशत अधिभार सहित बकाया राजस्व की वसूली की नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की परेशानी के तनाव और परेशानी से बचें.नगर निगम रायपुर के समस्त 10 जोन कार्यालय के राजस्व विभाग और समस्त सदर काउंटर अंतिम देय तिथि दिनांक 31 मार्च 2026 तक दिनांक 29 मार्च 2026 को रविवार और दिनांक 31 मार्च 2026 को महावीर जयन्ती के शासकीय अवकाश दिवसों में आम कार्य दिवसों की तरह जनसुविधा हेतु राजस्व वसूली के लिए सामान्य कार्यालयीन दिवसों की तरह खुले रहेंगे. सम्पतिकरदाता नागरिक जोन कार्यालय जाकर अपना देय सम्पतिकर अदा कर सकते हैँ.इसके साथ ही नगर पालिक निगम रायपुर के मोर रायपुर एप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करके और ऑनलाइन लिंक https://mcraipur.in/ से ऑनलाइन सम्पतिकर भुगतान की सुविधाकी निरन्तर उपलब्धता है. जिससे कोई भी सम्पतिकरदाता नागरिक अपने सम्पतिकर सहित सभी निगम करों का घर बैठे एक क्लिक पर आसानी से नगर निगम राजस्व विभाग को भुगतान कर सकता है. रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के सभी 10 जोनों के समस्त 70 वार्डों के रहवासी सम्पति करदाता नागरिकों को इस सहज और सरल प्रशासनिक जनसुविधा का लाभ अधिकाधिक संख्या में अवश्य उठाना चाहिए..
- रायपुर. नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और उपायुक्त राजस्व श्रीमती जागृति साहू एवं नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के निर्देशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 1 के राजस्व विभाग द्वारा बड़े बकायदारों पर कार्यवाही करते हुए सीलबंदी की कार्यवाही की गयी है .सीलबंद कार्यवाही के दौरान स्थल पर ही सम्बंधित 3 बड़े बकायादारों द्वारा 448325 /- के बकाये की राशि का तत्काल भुगतान कर दिया गया3 बड़े बकायादारों द्वारा तत्काल 448325/ का भुगतान सीलबंद की कार्यवाही के दौरान स्थल पर कर दिया गया एवं अन्य एक बड़े बकायादार एल शारदा के भनपुरी स्थित सम्बंधित प्रतिष्ठान को 217711/- बकाया अदा नहीं किये जाने के कारण तत्काल सीलबंद करने की कार्रवाई की गयी.आज के नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 1 राजस्व विभाग के सीलबंदी कार्रवाई अभियान में नगर पालिक निगम जोन 1 कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के मार्गनिर्देशन मे जोन कार्यपालन अभियंता श्री द्रोनी कुमार पैकरा, जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्री मनीष मरकाम, राजस्व निरीक्षक श्री आशीष शर्मा, श्री संतोष साहू और सहायक राजस्व निरीक्षक अरविंद छेदइया की स्थल पर उपस्थिति रही.
- 0- कलेक्टर-एसपी और तेल कंपनियों को दिए अहम निर्देश0- आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, अफवाहों पर नियंत्रण और सख्त मॉनिटरिंग के निर्देशबिलासपुर. पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप संभागीय कमिश्नर श्री सुनील जैन एवं आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने मंथन सभाकक्ष में समीक्षा बैठक लेकर कलेक्टर पुलिस अधीक्षक तथा तेल कंपनियों के अधिकारियों, डीलरों एवं वितरकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।बैठक में कमिश्नर श्री सुनील जैन ने पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस, उर्वरकों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की । अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बिलासपुर सहित पूरे संभाग में इन वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए। कमिश्नर श्री जैन ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में अफवाहों पर नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। आमजन तक सही एवं तथ्यात्मक जानकारी समय पर पहुंचाई जाए तथा सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों पर भ्रामक खबरों की सतत निगरानी रखते हुए उनका तत्काल खंडन किया जाए।कंट्रोल रूम सक्रिय रखें, 1800-233-3663 का व्यापक प्रचार करेंबैठक में निर्देश दिए गए कि राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 1800-233-3663 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही प्रत्येक जिले में कंट्रोल रूम को सक्रिय रखते हुए प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाईकमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर सहित आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। पेट्रोल पंपों एवं गैस एजेंसियों के स्टॉक और वितरण की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। कमिश्नर ने निर्देशित किया कि उर्वरकों की होल्डिंग पर रोक लगाई जाए तथा किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप समय पर खाद उपलब्ध कराया जाए। दैनिक स्टॉक की निगरानी कर वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए। अस्पतालों, छात्रावासों, शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे एवं अन्य आवश्यक सेवाओं में गैस और ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ाई जाए निगरानीआईजी श्री गर्ग ने निर्देश दिए कि सीमावर्ती चेक पोस्टों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। गैस सिलेंडरों एवं पेट्रोल-डीजल के परिवहन पर कड़ी नजर रखी जाए तथा अवैध रूप से कंटेनरों में ईंधन बिक्री पर रोक लगाई जाए।बैठक में तेल कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि संभाग में पेट्रोलियम पदार्थों एवं गैस की पर्याप्त उपलब्धता है तथा आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। अंत में कमिश्नर एवं आईजी ने सभी अधिकारियों को टीम भावना से कार्य करते हुए आमजन को निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
- 0- सभापति सूर्यकान्त राठौड़ सभा संचालन हेतु सहयोग माँगा0- सत्ता पक्ष भाजपा की बैठक में महापौर मीनल चौबे की विशेष उपस्थिति रही0- पार्षदगण एक-दूसरे पर व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी ना करें, व्यक्तिगत आरोप लगने पर पार्षद उसका जवाब ना देंरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने सभापति कक्ष में नगर निगम सत्ता पक्ष भारतीय जनता पार्टी, प्रतिपक्ष कांग्रेस, निर्दलीय पार्षदों की पृथक - पृथक बैठक लेकर उनसे नगर निगम रायपुर की दिनांक 30 मार्च को प्रातः 11 बजे आहुत सामान्य सभा की बैठक के अच्छी तरह संचालन करने हेतु सहयोग माँगा.सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने भाजपा, कांग्रेस, निर्दलीय पार्षदों को सुझाव दिया कि वे सामान्य सभा में एक - दूसरे पर व्यक्तिगत टीका - टिप्पणी ना करें और व्यक्तिगत आरोप लगने पर पार्षद उसका जवाब ना दें. ऐसे में जवाब देने हेतु महापौर और सम्बंधित विभाग के अध्यक्ष सक्षम हैँ. पार्षदगण नगर हित में खुलकर चर्चा सामान्य सभा में करें, किन्तु समय बर्बाद ना करें, काफी समय के बाद सामान्य सभा नगर निगम रायपुर में हो रही है, इसका जनहित में चर्चा करने नागरिकों के कल्याणार्थ समय का सामान्य सभा में पूर्ण सदुपयोग करें.सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ द्वारा बुलाई गयी बैठक में सत्ता पक्ष भाजपा की बैठक में महापौर श्रीमती मीनल चौबे की सभापति कक्ष में विशेष उपस्थिति रही. सभी एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, पार्षदगणों की उपस्थिति रही. कांग्रेस पार्षदों और निर्दलीय पार्षदों की पृथक - पृथक बैठक में उपस्थिति रही. सभी पार्षदों ने सभापति को सामान्य सभा का अच्छी तरह से संचालन करने सहयोग देने के प्रति बैठक में आश्वास्त किया.
- 0- स्वच्छ पेयजल निरन्तरता से उपलब्ध करवाने दिए निर्देश0- वाटर एटीएम मशीन को मरम्मत करवाकर पुनः प्रारम्भ करवाने और गन्दे पानी की सुगम निकासी के दिए निर्देश0- नगर निगम जोन 9 जल विभाग ने जोरा पानी टंकी की सफाई करवाईरायपुर. गन्दा पानी मिलने की शिकायत पर नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप ने नगर निगम जोन 9 अंतर्गत लभांडी में संकल्प सोसायटी फेस - 2 का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया. आयुक्त ने रहवासियों को पेयजल टैंकरों से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने, वाटर एटीएम मशीन की मरम्मत करवाकर पुनः प्रारम्भ करवाने, गन्दे पानी के सुगम निकास हेतु नाला शीघ्र बनाने प्रस्ताव देने के नगर निगम जोन 9 अधिकारियों को निर्देश दिए. नगर निगम जोन 9 जल विभाग ने जोरा पानी टंकी की सफाई करवाई और पेयजल टैंकरों से स्वच्छ पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की. स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मेडिकल मोबाइल यूनिट से वहाँ शिविर लगाकर रहवासियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया और आवश्यक चिकित्सक़ीय परामर्श दिया और आवश्यक दवाईयां उपलब्ध करवाई. आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा किये गए निरीक्षण में नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, उपअभियंता श्री आशुतोष पाण्डेय, रविप्रभात साहू, श्रीमती अंकिता जनार्दन की उपस्थिति रही.

.jpg)

























