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- बिलासपुर/स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय तारबाहर में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नोडल सेजेस विद्यालय एवं सहायक संचालक श्री अजय कौशिक, विशिष्ट अतिथि प्राचार्य शा. हाई स्कूल सिलतरा श्री मुकेश पाण्डेय, एपीसी समग्र शिक्षा श्री रोहित कुमार भांगे, सहायक कार्यक्रम समन्वयक समग्र शिक्षा श्री अखिलेश तिवारी, यूआरसी बिल्हा शहरी श्री वासुदेव पांडे एवं श्रीमती उषा चंद्रा प्राचार्य सेजेस तारबाहर के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।सेजेस तारबाहर विद्यालय में विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार एवं तार्किक क्षमता के विकास के उद्देश्य से राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। क्विज प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान, गणित एवं सामान्य विज्ञान विषयों के प्रति रुचि बढ़ाना तथा उनकी विश्लेषणात्मक सोच, त्वरित निर्णय क्षमता और समस्या-समाधान कौशल को प्रोत्साहित करना रहा। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी बौद्धिक प्रतिभा एवं विषयगत ज्ञान का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने राष्ट्रीय आविष्कार अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रचनात्मकता एवं आत्मविश्वास का विकास करती हैं। प्रतियोगिता के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय प्रशासन, शिक्षकों एवं आयोजन समिति का विशेष योगदान रहा। अंत में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी में आयोजित सेवानिवृत्त समारोह में डॉ.कांति भूषण बंसोड़े सहित दो कर्मियों को प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह से सम्मानित कर भावभीनी विदाई दी गई।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डॉक्टर कभी रिटायर नहीं होते। उनका पेशा ऐसा है कि वे लोगों को जीवन देने का काम करते है। विपरीत परिस्थिति में कार्य करते हुए लोगों को वे निरोग करते है। ट्रांसमिशन कंपनी के भिलाई औषधालय में पदस्थ डॉ कांतिभूषण बंसोड़े के साथ वरिष्ठ पर्यवेक्षक परीक्षण श्री चैतराम ठाकुर एवं लाइन सहायक श्रेणी-दो श्री जीवन लाल पटेल आज सेवानिवृत्त हुए। विदाई समारोह में डॉ. बंसोड़े ने अपनी सेवा अवधि के दौरान मिले सहयोग के लिए कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक श्री के.एस.मनोठिया, श्री एम.एस.चौहान, श्री संजय पटेल, मुख्य अभियंता श्री ए.एम.परियल, श्रीमती शारदा सोनवानी, श्री के.बी.पात्रे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.एच.एल.पंचारी, सलाहकार डॉ.एस.सी.खरे, कोरबा वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ.निलेश कुमार सिंह, डॉ.इंदु साहू सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविंद पटेल तथा आभार प्रदर्शन अधीक्षण अभियंता श्री पंकज चौधरी द्वारा किया गया।
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- छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत पूर्व रायपुर नगर संभाग में आयोजन
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ ने समय पर बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को सम्मानित किया। इन उपभोक्ताओं को दो साल से बिना किसी सरचार्ज के बिल जमा करने वालों में चुना गया।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी प्रदेश भर में राज्य स्थापना केे 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का आयोजन 30 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक सभी जिलों में कर रही है।इसी तारतम्य में आज राजधानी रायपुर नगर संभाग पूर्व कार्यालय सिविल लाइन में रजत महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मुख्य अतिथि श्री संजीव सिंह, मुख्य अभियंता (रायपुर शहर क्षेत्र) थे।इस अवसर परअधीक्षण अभियंता श्री महावीर विश्वकर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री विनय चंद्राकर, पार्षद श्री देवदत्त द्विवेदी एवं महेंद्र कुमार ध्रुव सहित अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में उपभोक्तागण उपस्थित रहे।कार्यक्रम में कंपनी की 25 वर्षों की सेवाओं, उपलब्धियों एवं विकास यात्रा का प्रदर्शन किया गया। समय पर बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ता गुरूपद तिवारी, राजूलाल, राजेश कृष्ण, रजिया बेगम, मंजू साहब एवं आशा लता को सम्मानित किया गया।इसके अतिरिक्त पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर प्लांट स्थापित करने वाले उपभोक्ताओं को भी सम्मानित किया गया, जिससे स्वच्छ ऊर्जा एवं आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन मिला।कंपनी द्वारा आयोजित यह रजत महोत्सव उपभोक्ताओं के साथ विश्वास, सेवा और सहभागिता के 25 वर्षों के सफल सफर का प्रतीक है। - रायपुर। अखिल भारतीय विद्युत क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त कर लौटी महिला एवं पुरुष टीमों को शुक्रवार को कंपनी प्रबंधन की ओर से सम्मानित किया गया।इन खिलाड़ियों ने प्रबंधन से मुलाकात की। पदक एवं ट्रॉफी के साथ टीम ने प्रबंध निदेशकों एवं केंद्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के पदाधिकारियों को साधुवाद दिया।इस अवसर पर प्रबंध निदेशक जनरेशन सर्वश्री एस के कटियार, प्रबंध निदेशक ट्रांसमिशन आर के शुक्ला, प्रबंध निदेशक डिस्ट्रीब्यूशन भीम सिंह कंवर, कार्यपालक निदेशक श्री के एस मनोठिया, श्री एम एस चैहान, खेल सचिव श्री राजेश सिंह एवं विनय चंद्राकर उपस्थित थे।लखनऊ में आयोजित 47वीं अखिल भारतीय विद्युत कैरम प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की पुरुष टीम ने रजत पदक प्राप्त किया। टीम मैनेजर श्री पी नागेश्वर राव एवं टीम कप्तान श्री विनोद राठौर के कुशल प्रबंधन एवं मार्गदर्शन में टीम ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए उपविजेता होने का गौरव प्राप्त किया। इस स्पर्धा में कोच एवं कप्तान के अलावा श्री सुजीत मोदी, श्री कमलेश ठाकुर, मैरिशस मर्लिन, सुशांत कटकवारने भाग लिया।इसी प्रकार महिला टीम द्वारा तमिलनाडु में आयोजित अखिल भारतीय महिला खेल स्पर्धा में 5 स्पर्धाओं में 8 पदक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया। स्पर्धा में सुश्री झरना लता साहू, जुवेना गेम्स, श्रीमती गायत्री दीवान, सुश्री दिव्या आमदे, श्रीमती श्रद्धा वर्मा, श्रीमती शिखा खांडे, श्रीमती शोभना सिंह, श्रीमती शकुंतला करक, श्रीमती कंचन महेश ठाकुर, सुश्री नमिता जैन, श्रीमती अनिता रोही, सुश्री नूतन ठाकुर, श्रीमती मीना कुर्रे, श्रीमती स्मिता सोनी, श्रीमती भारती साहू, सुश्री एलिस मेरी केरकेट्टा, सुश्री उपासी धांगड, श्रीमती यशोदा रौतिया, सुश्री कल्याणी वर्मा, मैनेजर श्रीमती अनामिका मण्डावी एवं कोच श्री रजनीश ओबेराॅय ने भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रबंध निदेशकगण द्वारा प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई।
- बिलासपुर/भारत सरकार की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा संचालित रैंप योजना (RAMP – Raising and Accelerating MSME Performance) (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के प्रदर्शन को बढ़ाने की योजना )के अंतर्गत उद्यमियों एवं महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन 30 जनवरी से 1 फरवरी तक सरकंडा स्थित एक निजी होटल में किया गया।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पर्यटन जैसे उभरते क्षेत्र में स्वरोजगार, उद्यम स्थापना एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना रहा, विशेष रूप से महिला उद्यमियों को आगे लाने पर विशेष जोर दिया गया।कार्यशाला के पहले दिन प्रतिभागियों को पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं व्यवसायिक अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षक कृतेश हिरवानी ने पर्यटन उद्योग की वर्तमान स्थिति, भविष्य की संभावनाएँ, होम-स्टे, ट्रैवल सर्विस, टूर गाइड, होटल प्रबंधन, स्थानीय उत्पादों के विपणन एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से रोजगार सृजन जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को यह भी बताया कि सीमित संसाधनों के साथ किस प्रकार छोटे स्तर पर पर्यटन आधारित उद्यम शुरू किए जा सकते हैं।उद्यम पंजीयन एवं वित्तीय सहायता पर मार्गदर्शनकार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों का उद्यम पंजीयन भी कराया गया, जिससे उन्हें भविष्य में उद्यम स्थापना, सरकारी योजनाओं का लाभ एवं बैंकों के माध्यम से ऋण प्राप्त करने में सुविधा मिल सके। साथ ही एमएसएमई से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, अनुदान एवं सब्सिडी की जानकारी भी दी गई।कार्यक्रम का संयोजन गार्गी फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती बिंदु कच्छवाहा द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि रैंप योजना के माध्यम से उद्यमियों, विशेषकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने और सीखी गई जानकारियों को व्यवहार में लाने के लिए प्रेरित किया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से प्रतिभागियों में उद्यमशीलता की समझ विकसित हुई जो उन्हें पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसरों की पहचान करने में सहायक होगी। कार्यक्रम का उद्देश्य रोजगार के अवसर की पहचान के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास एवं स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना भी रहा।
- बिलासपुर/जयपुर में आयोजित होने वाली दो दिवसीय नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप एवं इंटरनेशनल सलेक्शन कंपटीशन 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 में भाग लेने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य का ताइक्वांडो दल आज जयपुर के लिए रवाना हुआ। खेलो ताइक्वांडो यूथ स्पोर्ट्स फेडरेशन के नेतृत्व में 15 सदस्यीय यह दल आज शाम 6.30 बजे बीकानेर एक्सप्रेस ट्रेन से जयपुर के लिए प्रस्थान किया। दल के साथ कोच के रूप में मुस्कान गुप्ता, मैनेजर चंद्र प्रकाश तथा टीम कोच के रूप में इंटरनेशनल मास्टर गणेश सागर मौजूद हैं।प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों में अमन गेनडारे, कान्हा गुप्ता, ऋषभ पटेल, नीलिमा, संजनी, गौरव, जतिन, आर्यन सागर एवं विमल साहू शामिल हैं। रवाना होने से पूर्व सभी खिलाड़ियों को उनके अभिभावकों एवं खेल प्रेमियों ने शुभकामनाएं दीं तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आशीर्वाद प्रदान किया। यह प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयन का महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है, जिससे खिलाड़ियों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ है।
- बिलासपुर/ 30 जनवरी 2026 को नूतन कॉलोनी, सरकंडा (बिलासपुर) निवासी श्रीमती के. जी.लीलम्मा (पति स्वर्गीय पी.एस. नायर ) का प्रातः 6:45 बजे शांतिपूर्वक निधन हो गया। जीवन के अंतिम क्षणों से पूर्व उन्होंने स्वेच्छा से अपना देहदान करने की इच्छा व्यक्त की।उनकी इस महान भावना की जानकारी उनके परिजनों —स. भारतीयन डॉ श्रीमती सुप्रिया भारतीयन, स. केरालीयान अभ्युदय भारत, अद्वैत भारत श्रीदेवी एवं पार्वती नायर के द्वारा सिम्स चिकित्सालय के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति को दी गई। डॉ. मूर्ति ने इस पुनीत कार्य के संपादन हेतु 30/ जनवरी/26 शरीर रचना विज्ञान (एनाटॉमी) विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शिक्षा जांगड़े को आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। तत्पश्चात विभाग द्वारा सभी दस्तावेजी औपचारिकताएँ पूर्ण कर देहदान को विधिवत स्वीकार किया गया।श्रीमती के. जी. लीलाम्मा का यह अमूल्य योगदान आने वाली पीढ़ियों के चिकित्सा विद्यार्थियों के अध्ययन, प्रयोग एवं शोध के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। शरीर रचना विज्ञान की गहन समझ में यह देहदान अमूल्य संसाधन के रूप में सहायक रहेगा।एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र अपने अध्ययन की शुरुआत (कैडैवरिक ओथ) के अवसर पर यह शपथ लेते हैं —"यह हमारे चिकित्सा जीवन के प्रथम गुरु हैं। हम इनके शरीर का पूरे सम्मान, श्रद्धा एवं मर्यादा के साथ अध्ययन कर एक कुशल एवं संवेदनशील चिकित्सक बनने का प्रयास करेंगे।"यह परंपरा विद्यार्थियों में न केवल मानवीय संवेदनशीलता का संचार करती है, बल्कि देहदाता के प्रति गहन श्रद्धा और आभार भी व्यक्त करती है।इस अवसर पर अधिष्ठाता डॉ रमणेश मूर्ति, नोडल अधिकारी डॉ भूपेंद्र कश्यप डॉ. शिक्षा जांगड़े, डॉ अमित कुमार डॉ निलेश महोबिया, श्रीमती संज्ञा टंडन ( अरपा रेडियो ), तथा दिवंगत के परिजन उपस्थित रहे।सिम्स परिवार श्रीमती के. जी. लीलम्मा के इस श्रेष्ठ, प्रेरणादायी एवं समाजोपयोगी योगदान के प्रति अपनी गहन कृतज्ञता व्यक्त करता है और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अधिष्ठाता महोदय के द्वारा नायर परिवार के द्वारा किए देह दान को स्तुत्य बताया है एवं परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है यह भावी छात्र चिकित्सकों को शारीरिक रचना विज्ञान के गुण संरचनाओं को समझने में सहायक सिद्ध होगा है।
- -छत्तीसगढ़ की 33 जिलों की चयनित युवतियाँ होंगी शामिलरायपुर । भारतीय सेना में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत सेना भर्ती कार्यालय, जबलपुर (मध्यप्रदेश) द्वारा महिला सेना पुलिस पद के लिए भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है। यह भर्ती रैली 23 फरवरी 2026 को पुलिस ग्राउंड झिंझरी, कटनी (म.प्र.) मंो आयोजित होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों की चयनित महिला अभ्यर्थी भाग लेंगी।महिला सेना पुलिस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत भारतीय सेना द्वारा 30 जून 2025 से 10 जुलाई 2025 के बीच ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) आयोजित किया गया था। इस परीक्षा में सफल घोषित महिला उम्मीदवारों को ही भर्ती रैली में शारीरिक दक्षता परीक्षण, दस्तावेज सत्यापन एवं अन्य चयन प्रक्रियाओं में सम्मिलित किया जाएगा।भर्ती रैली के दौरान शारीरिक दक्षता एवं दस्तावेज सत्यापन में सफल महिला अभ्यर्थियों की चिकित्सकीय जांच 24 फरवरी 2026 को सेना अस्पताल, जबलपुर में कराई जाएगी। चिकित्सकीय रूप से पूर्णतः स्वस्थ पाए जाने पर ही अभ्यर्थियों का अंतिम चयन सुनिश्चित किया जाएगा।भर्ती रैली में भाग लेने वाली योग्य महिला उम्मीदवारों के प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर जारी कर दिए गए हैं। साथ ही प्रवेश पत्र उम्मीदवारों के पंजीकृत ई-मेल आईडी पर भी भेजे गए हैं।अभ्यर्थियों को रैली स्थल पर एडमिट कार्ड, सभी मूल शैक्षणिक व पहचान संबंधी दस्तावेज तथा आधार कार्ड से लिंक मोबाइल फोन अनिवार्य रूप से साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं।महिला सेना पुलिस भर्ती रैली छत्तीसगढ़ की युवतियों के लिए अनुशासन, सम्मान और देशसेवा के क्षेत्र में करियर बनाने का एक स्वर्णिम अवसर प्रदान कर रही है। बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थियों की भागीदारी से यह आयोजन राज्य स्तर पर विशेष महत्व रखता है।
- बिलासपुर/बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने आज ग्राम नेवसा में बांस शिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विधायक श्री शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में इस प्रकार का प्रशिक्षण सशक्त माध्यम साबित होता है। उन्होंने 20 प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ लेकर अपने भविष्य को सशक्त बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि यह प्रशिक्षण 2 माह का है। डिजाईन एवं तकनीकी विकास कार्यक्रम (डीडीडब्ल्यू)के लिए विभाग की ओर से औजार, उपकरण एवं कच्चा माल सामग्री उपलब्ध कराया गया है। प्रशिक्षक एवं डिजाइनर द्वारा उपयोगी, सजावटी, फर्नीचर तथा विभिन्न कलाकृतियां बनाना सिखाया जाएगा। प्रशिक्षण हेतु आवश्यक उपकरण, मशीनरी एवं अध्ययन सामग्री पूर्ण रूप से उपलब्ध कराई गई है।कार्यक्रम में हस्तशिल्प विकास बोर्ड की प्रभारी असरीता मिंज, डिजाईनर माधवी कश्यप, प्रशिक्षक श्री फूलसाय सिंह, सरपंच श्री सुरेश कश्यप सहित जनपद प्रतिनिधि, संस्था के पदाधिकारी, प्रशिक्षण प्रदाता संस्था के प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन प्रशिक्षण संस्था द्वारा किया गया।
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और धान खरीदी व्यवस्था बनी किसानों की ताकतबिलासपुर/जिला प्रशासन द्वारा संचालित धान उपार्जन व्यवस्था किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। जिले के ग्राम गुड़ी के किसान श्री संतोष साहू ने धान उपार्जन केंद्र सीपत में 63 क्विंटल 20 किलोग्राम धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। धान विक्रय के लिए टोकन कटाने की प्रक्रिया पूरी तरह सरल, पारदर्शी एवं सुचारु रही, जिससे किसान को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। निर्धारित तिथि पर धान खरीदी होने से समय की बचत हुई और उपज का उचित मूल्य भी प्राप्त हुआ।श्री संतोष साहू ने बताया कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किए जाने से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। साथ ही उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, जिसका उपयोग वे बीज, खाद एवं अन्य कृषि कार्यों में करते हैं। इससे खेती की लागत में कमी आई है और उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि हुई है। किसान हितैषी योजनाओं एवं मजबूत खरीदी व्यवस्था के कारण किसानों का भरोसा शासन की योजनाओं पर लगातार बढ़ रहा है। किसानों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है। श्री संतोष साहू की यह सफलता कहानी इस बात का उदाहरण है कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किस प्रकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है।
- -चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर परिजनों से की चर्चारायपुर। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शनिवार शाम रायपुर के एक निजी अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्रेगुट्टा पहाड़ी में हुए आईईडी ब्लास्ट में घायल पुलिस जवानों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के उपचार की स्थिति की जानकारी ली तथा जवानों के परिजनों से भी चर्चा की।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने घायल जवानों से घटना की जानकारी ली और उनका मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि शासन एवं प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने अस्पताल में उपस्थित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को निर्देश दिए कि जवानों के बेहतर एवं समुचित उपचार हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ।उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान में तैनात हमारे जवान अत्यंत साहस और समर्पण के साथ देश-प्रदेश की सुरक्षा में लगे हैं, और उनका त्याग अतुलनीय है।ज्ञात हो कि बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्रेगुट्टा पहाड़ी में 25 जनवरी को एक के बाद एक कुल छह आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट हुए थे। इन विस्फोटों की चपेट में आने से डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के 12 जवान घायल हो गए थे। यह घटना उस समय हुई, जब सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम तेलंगाना सीमा से लगे कर्रेगुट्टा हिल्स क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। घटना के बाद सभी घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर रायपुर लाया गया, जहाँ उनका उपचार एक निजी अस्पताल में किया जा रहा है। इनमें से 6 जवानों को उपचार उपरांत स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि शेष जवानों की स्थिति में भी लगातार सुधार हो रहा है।
- -आसमान का चीता कहा जाने वाला पक्षी पेरेग्रीन फाल्कन दिखा उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व मेंरायपुर, / पेरेग्रीन फाल्कन दुनिया का सबसे तेज उड़ने वाला पक्षी है, जो शिकार करते समय गोता लगाते हुए अविश्वसनीय गति प्राप्त कर सकता है। यह बाज़ प्रजाति ऊँचाई से शिकार पर झपट्टा मारने में माहिर है और इसे 'आसमान का चीता' भी कहा जाता है। पेरेग्रीन बाज़ तेज़ और बड़े शिकारी पक्षी होते हैं। इनके मज़बूत, नुकीले पीले पंजे इन्हें उड़ते हुए भी दूसरे पक्षियों को पकड़ने में सक्षम बनाते हैं। छत्तीसगढ़ अब दुनिया भर के पक्षियों के लिए पसंदीदा स्थल बनता जा रहा है। अनुकूल जलवायु और समृद्ध जैव विविधता के कारण कई दुर्लभ पक्षी लंबी दूरी तय कर यहां पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से एक अत्यंत उत्साहजनक जानकारी सामने आई है। यहां दुनिया के सबसे तेज़ उड़ने वाले पक्षी पेरेग्रीन फाल्कन (स्थानीय नाम शाहीन बाज) को एक बार फिर देखा गया है।इस दुर्लभ दृश्य को वन रक्षक श्री ओमप्रकाश राव ने अपने कैमरे में कैद किया है। इससे पूर्व भी इस पक्षी को आमामोरा ओड़ क्षेत्र के पास शेष पगार जलप्रपात के समीप ड्रोन कैमरों में दर्ज किया गया था, जो इस क्षेत्र में इसकी सक्रिय उपस्थिति की पुष्टि करता है। उल्लेखनीय है कि पेरेग्रीन फाल्कन अपनी अद्भुत तेज़ उड़ान के लिए विश्व प्रसिद्ध है। शिकार का पीछा करते समय यह लगभग 320 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गोता लगा सकता है, जबकि सामान्य उड़ान में इसकी गति करीब 300 किमी प्रति घंटा रहती है। यह छोटे पक्षियों, कबूतरों और तोतों का शिकार करता है। ऊंचाई से तेज़ी से गोता लगाकर सटीक प्रहार करना इसकी सबसे प्रभावी शिकार तकनीक है।विशेषज्ञों के अनुसार यह पक्षी न केवल अपनी गति बल्कि अपनी वफादारी के लिए भी जाना जाता है। ये आमतौर पर अकेले या जोड़े में रहते हैं और अक्सर जीवनभर एक ही साथी चुनते हैं। लगभग 12 से 15 वर्ष के जीवनकाल वाले इस पक्षी का उदंती-सीतानदी के वनों में दिखना यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ का पर्यावरण वन्यजीवों के लिए कितना अनुकूल है। हाल ही में आयोजित बर्ड सर्वे के दौरान बारनवापारा अभ्यारण्य में भी दुर्लभ और खूबसूरत पक्षी ऑरेंज ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन तथा ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर देखे गए हैं।गौरतलब है कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप वन एवं वन्यजीव संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं। वन मंत्री के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में वन विभाग की पूरी टीम सतत प्रयासों में जुटी है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।वन विभाग की यह उपलब्धि न केवल अभिलेखीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य में वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी नई ऊर्जा प्रदान करती है।
- -जवानों के साथ किया रात्रि भोजरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नारायणपुर प्रवास के दौरान आईटीबीटी बटालियन परिसर नारायणपुर में आईटीबीटी, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, बीएसएफ, डीआरजी, सीएएफ़ के जवानों एवं अधिकारियों से मुलाकात और बस्तर की शांति और सुरक्षा के स्थापना में उनके योगदान की सराहना करते हुए सुरक्षा बल के जवानों की हौसला अफजाई की। मुख्यमंत्री श्री साय एवं मत्रीगणों ने बटालियन परिसर में जवानों के साथ रात्रि भोज किया और उनसे आत्मीय चर्चा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने जवानों से चर्चा करते हुए कहा कि नैसर्गिक संसाधनों से और सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण बस्तर के कई इलाकें माओवाद आतंक के चलते विकास की मुख्यधारा से अलग-थलग पड़े थे। आप सबके अदम्य साहस, शौर्य, पराक्रम के कारण ही यहां शांति और सुरक्षा का वातावरण निर्मित हुआ है और विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने देश की सुरक्षा में सुरक्षा बलों के जवानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में सेवा कर रहे जवानों का मनोबल बनाए रखना हम सबकी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने जवानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके कल्याण और सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत है। जवानों ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और इस आत्मीय मुलाकात को प्रेरणादायक बताया।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के संकल्प को यहां साकार करने का काम पूरी दृढ़ता से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब बम गोलियों की आवाज की जगह अब आमजन की चहल-पहल, स्कूलों में ककहरा की गंूज और गांवों में मांदर की थाप सुनाई दे रही हैं। कार्यक्रम में अतिथियों ने जवानों को उपहार भेंट किए। सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को स्मृति चिह्न भेंट किए।ज्ञात हो कि नक्सल गतिविधि को नियंत्रण के लिए सुरक्षा कैम्प स्थापित कर केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य के सुरक्षा बलों के दस्तों को तैनात किया गया है। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप, लघु वनोपज के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम सहित क्षेत्र के अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आई जी श्री सुंदरराज पी, आईटीबीटी, सीआरपीएफ, बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी एवं कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया, केन्द्रीय सुरक्षा बलों के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। आईजी श्री सुंदरराज पी ने कार्यक्रम की रूपरेखा और बस्तर संभाग में शांति के लिए जवानों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में पुलिस बैंड ने स्वागत में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी।
- -मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ चर्चा में दिया आश्वासनरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर के ऐतिहासिक मावली मेला के संरक्षण, संवर्धन एवं उसकी पारंपरिक परंपराओं के निर्वहन के लिए शासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान आज विश्राम भवन में जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों से चर्चा कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि मावली मेला जिले की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे पुरातन मेलों और मड़ई की परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के संपूर्ण उन्मूलन के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सुरक्षाबलों की मुस्तैदी और साहसिक कार्रवाई के परिणामस्वरूप नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा 31 मार्च 2026 तक बस्तर की धरती से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का संकल्प लिया गया है, जो अब साकार होने की दिशा में है।मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2030 तक बस्तर संभाग के सभी सात जिलों के सर्वांगीण विकास के लिए लगभग सवा लाख करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कौशल विकास तथा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि माओवाद के उन्मूलन के साथ-साथ उसकी विचारधारा को समाप्त करना भी आवश्यक है, जिसके लिए सतत संपर्क और सतत विकास की अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। शासन का उद्देश्य सुरक्षा के साथ-साथ विकास को समान रूप से आगे बढ़ाना है।मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में पर्यटन एवं लघु उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि धुड़मारास जैसे ग्रामों ने वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर पहचान बनाई है। क्षेत्र में होम-स्टे को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीणों को अतिरिक्त कमरे निर्माण हेतु सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी एवं नजूल पट्टा प्रदान करने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है तथा गत वर्ष किए गए वृक्षारोपण से प्रदेश में वनों का रकबा बढ़ा है।इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, नगरपालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रसाद बघेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह मण्डावी, छोटेडोंगर सरपंच श्रीमती संध्या पवार, वरिष्ठ नागरिक श्री बृजमोहन देवांगन सहित समाज प्रमुख एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
- -वित्त मंत्री ओपी चौधरी का विभिन्न संगठनों ने किया सम्मान, जताया आभाररायपुर /छत्तीसगढ़ में भूमि की गाइडलाइन दरों के युक्तिकरण एवं सरलीकरण के तहत रायपुर एवं कोरबा जिलों के लिए जारी संशोधित भूमि गाइडलाइन को लेकर रियल एस्टेट क्षेत्र, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं व्यवसायिक संगठनों में उत्साहजनक माहौल है। नई गाइडलाइन को जनहितकारी बताते हुए छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन (क्रेडाई) सहित विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने रायपुर स्थित वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के शासकीय निवास पहुंचकर उनसे सौजन्य मुलाकात की और आभार व्यक्त किया।क्रेडाई द्वारा 30 जनवरी 2026 से प्रदेश में लागू संशोधित भूमि गाइडलाइन के लिए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का सम्मान किया गया। एसोसिएशन ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर एवं आम नागरिकों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा गाइडलाइन दरों में यथार्थपरक एवं संतुलित संशोधन किया गया है। इससे प्रदेश में मकान, प्लॉट एवं अन्य अचल संपत्तियों के क्रय-विक्रय में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री मयंक आहुजा, सचिव श्री विक्रांत डोसी, कोषाध्यक्ष श्री दीपक जैन सहित राज्य सलाहकार समिति के सदस्य श्री हेमंत सेठिया, श्री गुरुदास सत्रे, श्री योगेश बोथरा, श्री विनोद छिपा, श्री मनोज महंती एवं श्री संजय निलांजने उपस्थित रहे।जनप्रतिनिधियों ने कहा कि नई भूमि गाइडलाइन से जमीन की दरों में संतुलन स्थापित हुआ है, जिससे आम नागरिकों, मध्यम वर्ग, किसानों एवं व्यापारियों को लाभ मिलेगा। विशेष रूप से आवास, व्यवसाय तथा औद्योगिक निवेश से जुड़े कार्यों में अब अधिक सुगमता और स्पष्टता आएगी।इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आमजन के हितों की रक्षा करते हुए विकास को गति देना है। भूमि गाइडलाइन का निर्धारण व्यापक विचार-विमर्श, स्थानीय परिस्थितियों एवं जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि निवेश को प्रोत्साहन मिले और जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सभी नीतिगत निर्णयों में जनहित सर्वोपरि रहेगा।प्रतिनिधिमंडलों एवं एसोसिएशन ने विश्वास व्यक्त किया कि शासन के इस निर्णय से रियल एस्टेट क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी, निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ के समग्र आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
- -मेगा करियर गाइडेंस कार्यक्रम से युवाओं को मिलेगी नई दिशा-प्रसिद्ध करियर एक्सपर्ट नितिन विजय (एनवी सर) देंगे सफलता का मंत्ररायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन एवं युवा-हितैषी सोच के अनुरूप महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में प्रदेश के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत कपिध्वज करियर गाइडेंस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह मेगा करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम कल 31 जनवरी को सूरजपुर जिले के भटगांव स्थित स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित होगा।इस कार्यक्रम में देश के जाने-माने करियर मार्गदर्शक एवं मोशन कोचिंग संस्थान, कोटा के संस्थापक एवं सीईओ श्री नितिन विजय (एनवी सर) विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे और हजारों विद्यार्थियों को अपने अनुभवों के माध्यम से करियर चयन, लक्ष्य निर्धारण, समय प्रबंधन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा बदलते शैक्षणिक परिदृश्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।तेजी से बदलते प्रतिस्पर्धात्मक युग में विद्यार्थियों के समक्ष सही मार्गदर्शन का अभाव एक बड़ी चुनौती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस मेगा करियर गाइडेंस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थी विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त कर अपने भविष्य की दिशा स्पष्ट कर सकें।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देश एवं मार्गदर्शन में कार्यक्रम की सभी तैयारियां स्टेडियम ग्राउंड, भटगांव में पूर्ण कर ली गई हैं। कार्यक्रम दोपहर 01ः00 बजे से प्रारंभ होगी। आयोजन स्थल पर विद्यार्थियों की सुविधा, बैठक व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश के विद्यार्थियों एवं युवाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस मेगा करियर गाइडेंस कार्यक्रम में सहभागिता करें और एनवी सर के कुशल मार्गदर्शन का लाभ उठाकर अपने उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को सही दिशा देने के लिए निरंतर ऐसे प्रयास करती रहेगी।यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा, जो प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा, प्रोफेशनल कोर्स एवं करियर चयन को लेकर मार्गदर्शन की तलाश में हैं। इस पहल से क्षेत्र के हजारों युवाओं को प्रेरणा और नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
- राजनांदगांव । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर राजनांदगांव में केस वर्कर के 1 पद एवं बहुद्देशीय कर्मचारी व रसोईया के 1 पद पर सेवा प्रदाताओं की पदपूर्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया है। इच्छुक एवं योग्य आवेदक 3 फरवरी 2026 शाम 5.30 बजे तक कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कलेक्टोरेट परिसर जिला राजनांदगांव पिन कोड 491441 में पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट, कोरियर के माध्यम से दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी राजनांदगांव जिले की वेबसाईट एवं कार्यालय के सूचना पटल से प्राप्त की जा सकती है।
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राजनांदगांव । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर डोंगरगढ़ में केन्द्र प्रशासन के 1 पद, साईको-सोशल काउंसलर के 1 पद, केसवर्कर के 2 पद, पैरा लीगल कार्मिक व वकील के 1 पद, पैरा मेडिकल कार्मिक के 1 पद, कार्यालय सहायक के 1 पद, बहुद्देशीय कर्मचारी व रसोईया के 3 पद, सुरक्षा गार्ड व नाईट गार्ड के 3 पद पर भर्ती के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों का चयन समिति द्वारा स्कूटनी के बाद पात्र-अपात्र सूची का प्रकाशन किया गया है। जारी पात्र-अपात्र सूची के संबंध में आवेदक 10 फरवरी 2026 शाम 5.30 बजे तक कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कलेक्टोरेट परिसर जिला राजनांदगांव में पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट, कोरियर के माध्यम से दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त दावा आपत्ति पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। पात्र-अपात्र सूची का अवलोकन एवं अन्य जानकारी राजनांदगांव जिले की वेबसाईट एवं कार्यालय के सूचना पटल पर की जा सकता है।
- -संयुक्त जांच रिपोर्ट में में सुरक्षा मानकों एवं एसओपी का गंभीर उल्लंघनरायपुर ।तहसील भाटापारा अंतर्गत ग्राम बकुलाही स्थित मेसर्स रियल इस्पात एण्ड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के कारखाना परिसर में 22 जनवरी 2026 को घटित भीषण औद्योगिक दुर्घटना के मामले में कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच रिपोर्ट के प्रतवेदन के आधार पर कारखाना प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जवाब एक सप्ताह में देना होगा।सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा द्वारा जारी आदेशानुसार गंभीर दुर्घटना की जाँच पश्चात कारखाना प्रबंधन द्वारा कारखाना अधिनियम, 1948 एवं छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 में निहित प्रावधानों के अनुपालन के संबंध में उल्लंघन पाया गया है।कारखाना प्रबंधन द्वारा किल्न क्रमांक-01 का शट डाउन किए बिना संचालन जारी रखते हुए श्रमिकों एवं कारखाने के कर्मचारियों से खतरनाक स्थिति में कार्य करवाकर उनके जीवन को जोखिम में डाला गया एवं कार्यस्थल में व्यापक सुरक्षा एवं सुरक्षित कार्यप्रणालियों का उपयोग नही किया गया। कारखाना प्रबंधन द्वारा किल्न क्रमांक 01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के भीतर जमे हुए गर्म ऐश को वेटस्क्रैपर में गिराये जाने के कार्य के दौरान उचित रुप से कार्य अनुमति जारी नही किया गया एवं नवनियुक्त श्रमिकों को बिना कार्य अनुमति के डस्ट सेटलिंग चेंबर जैसे खतरनाक कार्यस्थल में नियोजित किया किया गया, जो कारखाना प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है। कारखाना प्रबंधन द्वारा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से वाणिज्यिक उत्पादन के संबंध में अनुमति नही लिया गया जो कि उद्योग नीति के विरुद्ध है। कारखाना प्रबंधन द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत श्रमिकों को वेतन एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में पंजी उपलब्ध नहीं कराया गया। संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अंतर्गत 20 या 20 से अधिक श्रमिक होने पर उनके द्वारा ठेका श्रमिक 1973 के अंतर्गत अनुज्ञप्ति लिया जाता है। जबकि उनके द्वारा कारखाना में 02 ठेकेदार होने के बाद भी 100 श्रमिक से कार्य लिए जाने पर अनुज्ञप्ति नहीं लिया गया है।. अंतराज्यीय प्रवासी श्रमिक 1979 के तहत बिना अनुज्ञप्ति लिए अंतराज्यीय श्रमिक से कार्य लिया जा रहा है जो कि उक्त नियमों का उल्लंघन है।मृतको एवं घायलों को मुआवजा राशि का भुगतान- हादसे में मृत 5 श्रमिकों के परिजनों को 20 -20 लाख रुपये एवं 6 घायल श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा राशि का भुगतान कारखाना प्रबंधन द्वारा कर दिया गया है। घायल श्रमिकों का उपचार बिलासपुर में किया जा रहा है।गौरतलब है कि 22 जनवरी 2026 को प्रातः लगभग 9.40 बजे उक्त फैक्ट्री के किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के द्वितीय तल में कार्य के दौरान अचानक विस्फोट एवं गर्म ऐश की बौछार होने से 6 श्रमिकों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जब कि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जांच उपरांत कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 40(2) के अंतर्गत किल्न क्रमांक-01 के संचालन एवं समस्त मेंटेनेंस कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
- -124095 किसानों से खरीदा गया 62.53 लाख क्विंटल धान-किसानों को 1484 करोड़ रूपए का हुआ भुगतान-कोचियों एवं बिचोलियों द्वारा 363 करोड़ रूपए मूल्य का 11 लाख क्विंटल धान खपाने का प्रयास हुआ विफल-सतर्क एप के माध्यम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की गई, जिससे परिवहन और खरीदी में होने वाली किसी भी अनियमितता पर तत्काल लगाम कसी गई-अवैध धान की आवक रोकने के लिए बॉर्डर और संवेदनशील रास्तों पर रात भर दिया गया पहराराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन और शासन के किसान हितैषी दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य निर्विवाद और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिला प्रशासन की प्रभावी मॉनिटरिंग और सुदृढ़ व्यवस्था के फलस्वरूप पात्र किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। जिले में 15 नवंबर 2025 से शुरू होकर 30 जनवरी 2026 तक चले इस उपार्जन अभियान में कुल 124095 किसानों ने अपना धान विक्रय किया। इस दौरान कुल 6253504 क्विंटल धान की खरीदी की गई। जिसका कुल मूल्य 1484.57 करोड़ रूपए है। शासन द्वारा इस राशि का भुगतान किसानों के खातों में सुनिश्चित किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिली है।जिला प्रशासन द्वारा किसानों के समस्याओं का त्वरित निराकरण और रकबा समर्पण अभियान के दौरान संवेदनशीलता का परिचय देते हुए 600 से अधिक ऐसे किसानों की समस्याओं का निराकरण किया गया। इनमें पंजीयन, रकबा या फसल संबंधी तकनीकी दिक्कते थी। इसके साथ ही पारदर्शिता का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए जिले के 71790 किसानों ने स्वेच्छा से 55790 एकड़ रकबे का समर्पण किया। रकबा समर्पण से कोचियों एवं बिचोलियों द्वारा 363 करोड़ रूपए मूल्य का 11 लाख क्विंटल धान खपाने का प्रयास विफल हुआ। कलेक्टर के निर्देश पर कोचियों और बिचौलियों के विरूद्ध जिले में अब तक की सबसे प्रभावी कार्रवाई की गई। अन्य राज्यों से अवैध धान खपाने वालों के खिलाफ कुल 243 प्रकरण दर्ज किए गए, जिसमें 43900 क्विंटल धान, (मूल्य 13.60 करोड़ रूपए) और 50 वाहन जप्त किए गए। इस वर्ष शासन द्वारा उपयोग किए गए सतर्क एप के माध्यम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की गई, जिससे परिवहन और खरीदी में होने वाली किसी भी अनियमितता पर तत्काल लगाम कसी गई।प्रशासनिक नवाचार -कलेक्टर द्वारा इस वर्ष धान खरीदी को सुगम बनाने के लिए कई नवाचार किए गए। अवैध धान की आवक रोकने के लिए बॉर्डर और संवेदनशील रास्तों पर रात भर पहरा दिया गया। प्रत्येक केंद्र पर नोडल अधिकारी, जिला स्तरीय नोडल अधिकारी और माइक्रो ऑब्जर्वर की नियुक्ति की गई। 50 सदस्यीय विशेष जांच दल द्वारा प्रति सप्ताह केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया गया। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारियों, समिति प्रबंधकों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों, नोडल अधिकारी की साप्ताहिक बैठके लेकर आगामी कार्ययोजना बनाई गई और उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाया गया।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा इंडस एक्शन के सहयोग से आयोजित “लैब-राइट” कार्यशाला श्रृंखला के अंतर्गत आज एकदिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अपर श्रम आयुक्त श्रीमती सविता मिश्रा, उप श्रम आयुक्त श्री एस. एस. पैकरा और श्री डी.पी. तिवारी सहित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत 20 नवंबर 2025 को की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य जिला श्रम अधिकारियों और श्रम निरीक्षकों को डिजिटल युग की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।कार्यशाला के दौरान गैर-तकनीकी उपयोगकर्ताओं को डेटा सुरक्षा प्रणाली से परिचित कराने हेतु विशेष सत्र आयोजित किए गए। विधि एवं नीति विशेषज्ञ श्री के के प्रह्लाद ने सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से डेटा संरक्षण और गोपनीयता जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार मोबाइल नंबर, ईमेल और लोकेशन जैसी व्यक्तिगत जानकारियां दैनिक जीवन में साझा होती हैं और उनके दुरुपयोग की क्या संभावनाएं हो सकती हैं। सत्र में विशेष रूप से डेटा साझा करने, सहमति लेने और डेटा ब्रीच जैसी स्थितियों में विभागीय सावधानियों पर गहन चर्चा की गई।तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की आधारभूत जानकारी, एलिजिबिलिटी इंजन और मोबाइल ऐप के व्यावहारिक उपयोग के बारे में प्रशिक्षित किया गया। इसके साथ ही ई-केवाईसी की प्रक्रिया, नवीन विभागीय पोर्टल की विशेषताओं और आवेदनों के त्वरित निराकरण हेतु अपनाई जाने वाली नई कार्यप्रणालियों का पुनरावलोकन किया गया। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों ने श्रम योजनाओं के सरलीकरण और पारदर्शिता बढ़ाने हेतु अपने बहुमूल्य सुझाव और फीडबैक भी साझा किए। यह आयोजन राज्य में श्रमिक सेवाओं को पूरी तरह तकनीक-सक्षम और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रालय (महानदी भवन) में आज मुख्य सचिव कार्यालय के अवर सचिव श्री अरुण कुमार हिंगवे, सामान्य प्रशासन विभाग के दफ़्तरी श्री खुमान सिंह ध्रुव एवं श्री कन्हैया लाल सोम के सेवानिवृत्त होने पर मंत्रालय में गरिमामय एवं भावभीनी विदाई समारोह का आयोजन किया गया।मुख्य सचिव श्री विकाशशील ने सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को उनके दीर्घकालीन, निष्ठापूर्ण एवं समर्पित शासकीय सेवा के लिए धन्यवाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि शासन को उनकी सेवाओं से लंबे समय तक लाभ मिला है, जिसे सदैव स्मरण किया जाएगा।समारोह में मुख्य सचिव श्री विकाशशील एवं अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ द्वारा सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को शाल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं अवकाश नकदीकरण की राशि भेंट की गई।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ मंत्रालय अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यगण सहित मंत्रालय के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सेवानिवृत्त साथियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
- -केशोडार वन-धन विकास केंद्र से बदली जनजातीय महिलाओं की जिंदगीरायपुर,। पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) की महिलाएं स्व-सहायता समूहों (एसएचजी), सरकारी योजनाओं और स्थानीय संसाधनों के दम पर आत्मनिर्भरता की अनूठी मिसाल कायम कर रही हैं। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले की विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत संचालित केशोडार वन धन विकास केंद्र (वीडीवीके) के माध्यम से इन महिलाओं को आजीविका के स्थायी साधन उपलब्ध हो रहे हैं।केशोडार वन-धन विकास केंद्र की स्थापना सहकारी समिति मर्यादित, गरियाबंद द्वारा की गई है। वर्तमान में इस केंद्र से 8 स्वयं सहायता समूहों की कुल 87 पीवीटीजी महिलाएं जुड़ी हुई हैं। महिलाएं अपने पारंपरिक औषधीय ज्ञान के साथ आधुनिक तकनीक का उपयोग कर आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण कर रही हैं। केंद्र में निर्मित उत्पादों को आयुष निदेशालय से औषधि निर्माण का लाइसेंस प्राप्त है, जिससे इन उत्पादों को वैधानिक पहचान मिली है। यहां 13 से अधिक आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें महाविषगर्भ तेल, भृंगराज तेल, तुलसी पाउडर, अश्वगंधा, शतावरी, आंवलक्यादि चूर्ण, पुनर्नवा पाउडर, कृमिघ्न, प्रदरांतक एवं वैश्वानर पाउडर प्रमुख हैं। साथ ही कई क्लासिकल आयुर्वेदिक औषधियों के निर्माण की अनुमति भी केंद्र को प्राप्त है।केशोडार वन धन विकास केंद्र की विशेष पहचान पारंपरिक ‘तेल पाक पद्धति’ है, जिसमें औषधीय जड़ी-बूटियों को सात दिनों तक धीमी आंच पर पकाया जाता है। इस पद्धति से औषधीय गुण सुरक्षित रहते हैं और उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। पीएम जनमन योजना एवं छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के सहयोग से केंद्र को आधुनिक मशीनें, प्रशिक्षण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उत्पादों का विपणन ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ब्रांड के अंतर्गत संजीवनी स्टोर्स के माध्यम से किया जा रहा है। जनवरी 2024 से मार्च 2025 के बीच केंद्र द्वारा लगभग 159.59 लाख रूपए का विक्रय किया गया, जिससे करीब 10 लाख रूपए का शुद्ध लाभ अर्जित हुआ है। इससे महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनी हैं।इस उपलब्धि पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि गरियाबंद की पीवीटीजी महिलाओं द्वारा संचालित केशोडार वन धन विकास केंद्र आत्मनिर्भर भारत की सोच को साकार कर रहा है। पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक बाजार से जोड़कर जनजातीय महिलाओं को सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। यह केंद्र अन्य जनजातीय क्षेत्रों के लिए प्रेरणास्रोत है।उल्लेखनीय है कि राज्योत्सव 2025 के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई सराहना से महिलाओं को प्रात्साहन मिला और उनका उत्साह बढ़ा है। आज केशोडार वन- धन विकास केंद्र न केवल गरियाबंद बल्कि पूरे प्रदेश के लिए जनजातीय सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता का सफल मॉडल बन चुका है।
- -नारायणपुर जिले को मिली 351 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात-लाल आतंक से रूके विकास को अब मिल रही है गति-आदिवासी संस्कृति और पारम्परिक विरासतों को सहेजने में बस्तर पण्डुम महत्वपूर्ण योगदानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बस्तर के नारायणपुर जिले के दो दिवसीय प्रवास पर जिला मुख्यालय पहुंचे, जहां पर उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर जिलावासियों को अनेक सौगातें दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हाई स्कूल मैदान में आयोजित बस्तर पण्डुम के जिला स्तरीय कार्यक्रम में 351 करोड़ 49 लाख 45 हजार रूपए के 357 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में लाल आतंक समाप्ति की ओर है, जिससे विकास को गति मिल रही है। माओवाद के कारण यह क्षेत्र लम्बे समय से विकास से अछूता रहा, अब यहां नवाचार हो रहे हैैं।नारायणपुर के हाई स्कूल मैदान में आयोजित आज अपराह्न में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से प्रदेश सरकार ने माओवाद मुक्त करने के लगातार प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि नियद नेल्लानार योजना से चलते बस्तर के 400 से अधिक गांवों में विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों के विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है। आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने की दिशा में उन्हें कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आजीविका प्राप्त करते हुए आत्मनिर्भर बन सकें। साथ ही बस्तर को विकास के सभी आयामों से जोड़ने यहां पर्यटन विकास, खेती-बाड़ी, पशुपालन जैसे कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प मुख्यमंत्री ने दोहराया। श्री साय ने यह भी कहा कि आदिवासी संस्कृति और पारम्परिक विरासतों को सहेजने व संजोकर रखने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार बस्तर पण्डुम का आयोजन कर रही है। उन्होंने उपस्थित जनों से जनजातीय सभ्यता और धरोहरों की जड़ों से जुड़कर रहने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री ने की 332 करोड़ के छह निर्माण कार्यों की घोषणाइस दौरान मुख्यमंत्री ने 06 निर्माण कार्यों की घोषणा की, जिनकी अनुमानित लागत 332 करोड़ रूपए है। इसमें 125 किलोमीटर लम्बे मार्ग नारायणपुर के ओरछा-आदेर-लंका-बेदरे -कुटरूमैमेड जिसकी लागत राशि-250 करोड़ रूपए है। यह नारायणपुर जिले को बीजापुर जिले से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसमें जिले के अंदरूनी क्षेत्र के ईदवाया, एडजुम, आदेर, कुड़मेल, ढोढरीबेड़ा, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा, लंका जैसे ग्राम जुड़ते हैं। इसी तरह राजनांदगांव-बैलाडिला मार्ग में सतह मजबूतीकरण कार्य की घोषणा की, इसकी लंबाई 28 कि.मी जो लगभग 34 करोड़ से तैयार होगी। यह नारायणपुर जिले को दंतेवाड़ा जिले में जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इसी तरह नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग पर 28 किमी के सतह मजबूतीकरण कार्य, लंबाई 28 कि.मी. की घोषणा (राशि-34 करोड़ 12 लाख) - यह मार्ग जिले को महाराष्ट्र बार्डर तक जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसमें जिले के ब्रेहबेड़ा, कुरूषनार, बासिंग, सोनपुर ग्राम जुड़ते हैं। इसके अलावा ब्रेहबेड़ा (नारायणपुर)-कंदाड़ी-कीहीकाड़-मुरनार-बेचा मार्ग पर घुड़साल नाला पर उच्चस्तरीय सेतुमय पहुंच मार्ग निर्माण कार्य, जिसकी लंबाई 80 मीटर तथा लागत राशि-12 करोड ़ 42 लाख है। साथ ही नारायणपुर जिला अंतर्गत अबुझमाड़ के अंदरूनी क्षेत्रों में प्रारंभ किये गए 10 वैकल्पिक प्राथमिक शाला ‘घमण्डी, वाला, जटवर, नेलनार, रोहताड़, हितावाड़ा, मोडनार, तोके, कोडटामरका एवं कोडोली‘ के स्कूल सेटअप एवं भवन, तथा तोके में आश्रम शाला भवन की स्वीकृति की घोषणा की, जो 01 करोड़ 06 लाख रूपए से तैयार होगा। इसी तरह जिले के एज्युकेशन हब, गरांजी मे खेल मैदान की घोषणा की घोषणा की जिसका निर्माण 50 लाख रूपए की लागत से होगा।कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के सशक्त और निर्णायक नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक देश से सशस्त्र माओवाद के आतंक का पूर्णतः अंत हो जाएगा। नारायणपुर जिला भी शीघ्र ही नक्सल मुक्त होकर शांति, विकास और समृद्धि के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से हर गांव, हर टोले को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। राजस्व मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले को 351 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी है। उनके नेतृत्व में राज्य सफलता की नित नई उंचाइयों को छू रहा है और हर क्षेत्र में लगातार विकास हो रहा है।इसके पहले, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय संस्कृति और परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है। बस्तर की संस्कृति और विरासत की पूरे विश्व में अलग पहचान है। आज की नई पीढ़ी हमारी सस्कृति और परंपरा को सहेजकर रखने की जरूरत है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि बस्तर पंडुम के 12 विधाओं में जनजातीय संस्कृति के प्रदर्शन के माध्यम से सरकार द्वारा इन परंपराओं को सहेजने और संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से युवाओं को प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों से आदिवासी संस्कृति व परंपरा आगे बढ़ेगी और बस्तर विकास और शांति के पथ पर सतत् आगे बढ़ेगा।मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित माओवादी नव दम्पति को दिया आशीर्वादमुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर पण्डुम के जिला स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने आदिवासी व्यंजन, वेशभूषा, आभूषण तथा प्राचीन धरोहरों का अवलोकन कर संरक्षित करने की बात कही। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत माओवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटे 04 जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान कर नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री से आशीर्वाद प्राप्त करने वाले जोड़ों में ग्राम पोदावाड़ा की कमला गोटा तथा ग्राम ऐनमेटा के सुकलाल जुर्री, ग्राम कुर्सींग की सुशीला कोवाची और ग्राम तुषवाल के सन्नी सलाम, ग्राम पूसालामा की रीता कोवाची और इसी ग्राम के मासो मण्डावी तथा ग्राम डूंगा की कोसी मण्डावी एवं इसी ग्राम के अर्जुन सिंह शामिल थे। मुख्यमंत्री ने सभी विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान कर समाज की मुख्य धारा में शामिल होने की बधाई दी।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायती राज और नगरीय संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।
- रायपुर,। प्राथमिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पोषण सहायता कार्यक्रम केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य बच्चों के नामांकन, उपस्थिति और स्कूल में बने रहने की दर में सुधार करना और उनके पोषण स्तर को बढ़ाना था। छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य में संचालित केंद्र प्रायोजित योजना प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के सुचारु संचालन के संबंध में समस्त जिलों को मंत्रालय से आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।राज्य शासन के संज्ञान में आने के फलस्वरूप योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोईया विगत 28 दिसंबर 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसके कारण कुछ शालाओं में मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पुनः अवलोकन करते हुए कलेक्टरों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि किसी भी परिस्थिति में शालेय दिवसों में मध्यान्ह भोजन का संचालन अवरुद्ध नहीं होना चाहिए। रसोईयों की हड़ताल, अस्वस्थता अथवा किसी अन्य विवाद की स्थिति में मध्यान्ह भोजन पकाने की वैकल्पिक व्यवस्था करना संचालनकर्ता समूहों की अनिवार्य जिम्मेदारी होगी।यदि किसी शाला में रसोईया की अनुपस्थिति के कारण मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन प्रभावित होता है, तो ऐसी स्थिति में संबंधित रसोईया के साथ-साथ संचालनकर्ता समूहों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। इसमें कार्य से हटाए जाने, कुर्की कास्ट में कटौती तथा रसोईया के मानदेय में कटौती जैसी कार्यवाही शामिल है।सभी कलेक्टरों को जारी निर्देश में कहा गया है कि वे अपने जिले में निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि बच्चों को मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ नियमित रूप से मिलता रहे।


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