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- -शहद ने घोली उदय राम के जीवन में मिठासरायपुर ।किसानों की आय बढ़ाने एवं ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा किसानों को खेती के साथ मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह पहल किसानों के लिए कम लागत में अधिक लाभ देने वाला वैकल्पिक व्यवसाय बनकर उभरी है।मधुमक्खी पालन एक कृषि आधारित लाभकारी व्यवसाय है, जिसमें शहद, मोम, रॉयल जेली एवं प्रोपोलिस जैसे बहुमूल्य उत्पाद प्राप्त होते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बलरामपुर के द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन अपनाने हेतु किसानों को निरंतर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं जागरूकता प्रदान की जा रही है।बलरामपुर जिला के विकासखंड बलरामपुर अंतर्गत ग्राम मंगरहारा निवासी कृषक श्री उदय राम ने कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर खेती के साथ मधुमक्खी पालन को अपनाया। प्रारंभ में उन्होंने मात्र 2 मधुमक्खी बक्सों से इस व्यवसाय की शुरुआत की थी, जो आज 20 बक्सों तक पहुँच चुका है। श्री उदय राम की सफलता से प्रेरित होकर ग्राम मंगरहारा के 10 से अधिक परिवारों ने मधुमक्खी पालन व्यवसाय प्रारंभ किया है और अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इस प्रकार मधुमक्खी पालन गांव स्तर पर रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बन रहा है।श्री उदय राम वर्तमान में प्रतिवर्ष 400 से 500 किलोग्राम से अधिक गुणवत्तायुक्त शहद का उत्पादन कर रहे हैं। बाजार में उनके शहद की कीमत 500 प्रति किलोग्राम तक मिल रही है। शहद के साथ-साथ मोम, रॉयल जेली एवं प्रोपोलिस जैसे उत्पाद भी उन्हें प्राप्त हो रहे हैं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है। श्री उदय राम शहद बेचकर सालाना 2 से 2.5 लाख रुपये अर्जित कर रहे हैं।कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार बलरामपुर- रामानुजगंज जिले की जलवायु एवं पर्यावरण मधुमक्खी पालन के लिए अत्यंत अनुकूल है। लघु, सीमांत एवं भूमिहीन किसान भी इस व्यवसाय को बिना अतिरिक्त भूमि के प्रारंभ कर सकते हैं। 5 से 10 मधुमक्खी बक्सों से भी यह कार्य सफलतापूर्वक किया जा सकता है। कम श्रम और सरल प्रक्रिया के कारण महिला और बेरोजगार युवा भी मधुमक्खी पालन को आसानी से अपना सकते हैं। शासन द्वारा मधुमक्खी बक्से पर दी जा रही सब्सिडी इस व्यवसाय को और सुलभ बना रही है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप सुकमा जिला प्रशासन द्वारा सुदूर एवं संवेदनशील क्षेत्रों में ग्रामीणों को आजीविकास से जोड़ने गांवों के समग्र विकास के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। कोंटा विकासखंड अंतर्गत नियद नेल्लानार योजना के तहत ग्राम पूवर्ती में ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण पहल की गई।पशुधन विकास विभाग द्वारा पूवर्ती के ग्रामीण परिवारों को आजीविका संवर्धन के उद्देश्य से 50 यूनिट उन्नत नस्ल के मुर्गी चूजों का निःशुल्क वितरण किया गया। यह पहल ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा उनकी आय के स्थायी स्रोत विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गौरतलब है कि मुर्गी पालन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है, जिससे ग्रामीण परिवार अल्प समय में नियमित आय अर्जित कर सकते हैं। पशुपालन आधारित आजीविका को प्रोत्साहन देकर ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।पूवर्ती के ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली शुरुआत बताया। कुकुट पालन के लिए ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से दिए जा रहे प्रोत्साहन से गांवों में सकारात्मक माहौल बना है। जिला प्रशासन सुकमा का कहना है कि ग्रामीणों को रोजगार व्यवसाय से जोड़ने के लिए शासन की अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं से उन्हें लाभान्वित किए जाने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
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-3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा
-किसान-हितैषी सुशासन का प्रभाव—किसान भीम गोंड़ ने साझा किया अनुभवरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही धान खरीदी तथा धान उपार्जन केंद्रों पर लागू सरल, सुव्यवस्थित और पारदर्शी व्यवस्थाओं ने किसानों का भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ाया है।प्रदेशभर में ऑनलाइन 24×7 टोकन प्रणाली लागू होने से धान विक्रय की प्रक्रिया अधिक सहज और परेशानी-मुक्त हो गई है। किसान अब घर बैठे टोकन प्राप्त कर निर्धारित समय पर उपार्जन केंद्र पहुंच रहे हैं, जिससे भीड़, लंबी कतारों और अनावश्यक प्रतीक्षा की समस्या समाप्त हो गई है।इसी क्रम में जांजगीर जिले के ग्राम सुकली के किसान श्री भीम गोंड़ ने धान उपार्जन केंद्र पेंड्री में 116 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के कारण पूरी प्रक्रिया आसान हो गई। निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचते ही नमी परीक्षण, तौल और विक्रय की सभी प्रक्रियाएं सहजता और पारदर्शिता के साथ पूर्ण हुईं।किसान भीम गोंड़ ने बताया कि समय पर भुगतान मिलने से किसानों का शासन की व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि अब किसान अपनी उपज पूरे आत्मसम्मान और निश्चिंतता के साथ बेच पा रहे हैं, जो किसान-हितैषी सुशासन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।उन्होंने कहा कि शासन की पारदर्शी व्यवस्था और आधुनिक तकनीक के उपयोग से खेती अब केवल आजीविका का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह सम्मानजनक आय और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रही है।प्रदेश में धान खरीदी कार्य प्रशासनिक निगरानी और डिजिटल व्यवस्थाओं के साथ निरंतर संचालित किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक पात्र किसान को समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिल रहा है और राज्य में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। - -छत्तीसगढ़ में दूसरा और बारनवापारा अभयारण्य से पहला रिकॉर्ड दर्जरायपुर ।जैव विविधता से भरपूर बार नावापारा अभयारण्य ने नया रिकार्ड दर्ज किया है। अभयारण्य में पहली बार दुर्लभ ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर का अवलोकन दर्ज किया गया है।29 दिसंबर 2025 की सुबह बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में बर्डर डॉ. दिलीप वर्मा द्वारा ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर का दुर्लभ और महत्वपूर्ण अवलोकन दर्ज किया गया। यह इस प्रजाति का बारनवापारा से पहला प्रमाणित रिकॉर्ड है, जबकि पूरे छत्तीसगढ़ में यह दूसरा पुष्ट अवलोकन माना जा रहा है।डॉ. दिलीप वर्मा द्वारा किए गए इस अवलोकन को फील्ड फोटोग्राफिक साक्ष्यों के साथ विधिवत दस्तावेजीकृत किया गया है, जिससे इसकी वैज्ञानिक पुष्टि संभव हो सकी है। यह रिकॉर्ड भविष्य में पक्षी-विविधता के अध्ययन, संरक्षण योजना निर्माण तथा अभयारण्य प्रबंधन से जुड़े निर्णयों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेगा।उल्लेखनीय है कि ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर सामान्यतः तटीय एवं मैंग्रोव क्षेत्रों से जुड़ी एक दुर्लभ पक्षी प्रजाति मानी जाती है। आंतरिक भू-भाग में स्थित बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य जैसे क्षेत्र में इसकी उपस्थिति यहाँ की पारिस्थितिक विविधता, जल-आधारित आवासों की उपलब्धता और अनुकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों को दर्शाती है। इससे पूर्व वर्ष 2024 में इस प्रजाति को कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान में क्रोकोडाइल सर्वे के दौरान दर्ज किया गया था जिसे छत्तीसगढ़ से पहला पुष्ट रिकॉर्ड माना गया था।
- -जयकुमार की प्राकृतिक खेती, किसानों को दे रही नई प्रेरणारायपुर। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखण्ड के भकुरा गाँव में रहने वाले श्री जयकुमार गुप्ता साधारण किसान नहीं, बल्कि नई सोच के प्रतीक हैं। बी.ए.तक शिक्षित जयकुमार ने नौकरी की राह छोड़कर खेती को ही अपना भविष्य बनाया और यह साबित कर दिया कि सही सोच और तकनीक से खेती भी लाभ का बड़ा माध्यम बन सकती है। जहाँ एक ओर कई किसान रासायनिक खेती की बढ़ती लागत से परेशान हैं, वहीं जयकुमार गुप्ता प्राकृतिक खेती के सहारे न केवल निश्चिंत हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन चुके हैं।प्राकृतिक खेती कर रहे जयकुमार आज भी पशुधन को खेती की रीढ़ मानते हैं। उनके पास 3 गायें और 2 बैल हैं, जो उनकी खेती की आत्मा हैं। एक ही फसल पर निर्भर न रहकर वे धान, उड़द, मूंगफली और विभिन्न सब्जियों की खेती करते हैं। यह फसली विविधता न केवल उनकी आय को सुरक्षित करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी बनाए रखती है।विज्ञान और परंपरा के संतुलन से वे जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और हरी खाद का उपयोग करते हैं। ढैंचा और सनई जैसी फसलों से हरी खाद, फसलों के अवशेषों से कम्पोस्ट, फेरोमोन ट्रैप, लाइट ट्रैप और ट्राइकोडर्मा जैसे उपाय उनकी खेती को कीट और रोगों से सुरक्षित रखते हैं। केंद्र व राज्य सरकार की योजना नेशनल मिशन ऑन नैचुरल फार्मिंग तथा कृषि विभाग रायगढ़ का मार्गदर्शन उनके आत्मविश्वास को और मजबूती देता है।जयकुमार गुप्ता की खेती के आंकड़े हर किसान को सोचने पर मजबूर करते हैं। प्राकृतिक खेती से वे प्रति एकड़ लगभग 20 क्विंटल उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उनकी लागत मात्र ढाई हजार रुपये प्रति एकड़ आती है, जबकि शुद्ध मुनाफा लगभग 70 हजार रुपये प्रति एकड़ तक पहुँच जाता है। जयकुमार कहते हैं कि खेती में मुनाफा कमाने के लिए भारी खर्च नहीं, बल्कि सही ज्ञान, धैर्य और प्रकृति से तालमेल जरूरी है। प्राकृतिक खेती करके श्री जयकुमार गुप्ता अन्य किसानों के प्रेरणास्त्रोत बन चुके है।
- रायपुर । जांजगीर-चांपा जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु गठित खनिज टास्क फोर्स द्वारा बुधवार को औचक निरीक्षण के दौरान 01 चैन माउंटेन एवं 02 ट्रैक्टर जब्त किया गया। यह कार्रवाई रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामले में की गई है। तहसील बम्हनीडीह अंतर्गत ग्राम बिर्रा में रेत का अवैध परिवहन करते 02 ट्रैक्टर को जब्त कर थाने के सुपुर्द किया गया। वहीं तहसील जांजगीर के केवा-नवापारा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन कर रहे 01 चैन माउंटेन को जब्त किया गया। इस मामले में संलिप्त व्यक्तियों एवं वाहनों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23 (ख) के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि खनिजों के अवैध खनन एवं परिवहन के मामले में कार्रवाई का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
- -सड़क सुरक्षा उपायों का सबकी सहभागिता से हो बेहतर क्रियान्वयन-सड़क दुर्घटनाएं नही हो और यातायात को बेहतर बनायें - मुख्य सचिव श्री विकासशीलरायपुर,। राज्य सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा है कि सुनिश्चित करे कि 108 एम्बुलेंस समय पर दुर्घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिाकरियों को इसकी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति के समुचित उपचार हेतु ट्रामा सेंटरों को सुदृढ़ किया जाए। सड़क सुरक्षा एवं स्वप्रेरणा से सुगम यातायात प्रबंधन कार्य हेतु अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों केा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने तथा सड़क सुरक्षा की लगातार मानिटरिंग करने और जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक करने के निर्देश दिए है। समीक्षा बैठक के प्रारंभ में सचिव परिवहन श्री एस. प्रकाश के प्रारंभिक विभागीय गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। श्री संजय शर्मा अध्यक्ष अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) ने संबंधित विभागों द्वारा संपादित कार्यों तथा अद्यतन स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने चिन्हाकित 152 ब्लैक स्पॉट्स में से 102 में सुधार कार्य पूर्ण होने और शेष 50 में सुधारात्मक उपाय शीघ्र किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। यातायात के नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के विरूद्ध पुलिस विभाग द्वारा 8 लाख 15 हजार 954 प्रकरणों पर कार्यवाही 33 करोड 22 लाख 39 हजार 300 रूपए तथा परिवहन विभाग द्वारा राशि 38.52 करोड़ शमन शुल्क वसूल किये गए।वर्ष 2025 में विभिन्न जिलों में 150 सड़क सुरक्षा समितियां समीक्षा बैठक संपन्न हुई है। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के उपचार हेतु 8 जिलों अस्पताल में सीटीस्कैन की जांच, समस्त जिला अस्पतालों 24X7 एक्सरे, लेबोट्री जांच, इमरजेंसी संबंधित आवश्यक दवाईयां, इन्जेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। समस्त जिलों के विशेषज्ञ, चिकित्सा, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस वर्ष शाला सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण में सड़क सुरक्षा से संबंधित यातायात जागरूकता के लगभग 4 लाख 47 हजार 200 प्रशिक्षण के माध्यम से तथा 7लाख 19 हजार यूट्यूब के माध्यम से शिक्षक तथा विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। समग्र शिक्षा द्वारा मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण में 1200 स्त्रोत व्यक्ति, 46 हजार शिक्षक एवं 4 लाख छात्र-छात्राओं तथा राज्य साक्षरता मिशन द्वारा संपन्न वाद-विवाद प्रतियोगिता में सड़क सुरक्षा से 1 लाख 38 हजारशिक्षकगण/विद्यार्थी/समुदाय लाभान्वित हुए।यातायात जागरूकता के 15 हजार 319 कार्यक्रम, शैक्षणिक संस्थानों में संपन्न हुए। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश के 169 नगरीय निकायों में 3 लाख 72 हजार 406 एलईडी स्ट्रीट लाईट लगाये गये, 1 लाख 02 हजार 410 अतिरिक्त लाईट्स की स्वीकृति प्रदान की गई। प्रदेश में करीब में 5388 अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावितों के धनरहित उपचार के लिये निर्दिष्ट चिकित्सालयों का आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण, घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्तियों, गुड सेमेरिटन को यथाशीघ्र सम्मान राशि प्रदाय करने के निर्देश दिये गये। राज्य में सर्वाधिक सडक दुर्घटनाओं एवं इससे होने वाली मृत्यु एवं घायलों के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, बलौदाबाजार, सरगुजा, जगदलपुर (बस्तर) जिलों में दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा कर कार्ययोजना तैयार प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिये गये।मुख्य सचिव द्वारा जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता में हिट एण्ड रन प्रकरणों के प्रभावितों को राहत के लिये गठित जिला दावा निपटान समिति को प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में निराकरण तथा जी.आई. सी के अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर दावा निपटान की प्रक्रिया में तेजी लाने, मालवाहक वाहनों में यात्री परिवहन को रोकने अन्य वैकल्पिक प्रबंध, बिना हेलमेट/सीट बेल्ट, शराब सेवन कर वाहन चलान के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाए।स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने अवगत कराया कि शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा पहली से लेकर दसवीं तक के पाठ्यक्रमों मे सड़क सुरक्षा विषयक पाठों के परिमार्जन का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसे आगामी शिक्षा सत्र से लागू करने सहित प्रत्येक शैक्षणिक संस्थानों में रोड़ क्लब गठित कर नियमित गतिविधियों से सड़क सुरक्षा का वातावरण तैयार किया जायेगा। श्री एस. प्रकाश सचिव परिवहन ने व्हीकल ट्रेकिंग प्लेटफार्म कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर, आटोमैटेड टेस्टिंग स्टेशन ड्रायविंग ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च संस्थान, क्षेत्रीय ड्रायविंग प्रशिक्षण केन्द्र, पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा परिवहन सुविधा केन्द्र पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा प्रदूषण जांच केन्द्र, बस संगवारी ऐप, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट, ई-ट्रैक, इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग संहित अन्य सड़क सुरक्षा प्रयासों के संबंध में जानकारी दी गई। इसी क्रम में अवगत कराया गया कि प्रदेश में दोपहर 03 बजे से लेकर रात्रि 09 बजे के मध्य शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यधिक दुर्घटनाएं हो रही है। इन दुर्घटनाओं में सर्वाधिक दोपहिया वाहन चालक/सवारों की मृत्यु की प्रमुख वजह बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाना है। सड़क सुरक्षा माह का आयोजन बेहतर किया जाए। शहरों के निकास पर प्रभावी प्रवर्तन हो ताकि दुर्घटनाओं में कमी आ सकें। हेलमेट एवं सीटबेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया जाए।ब्लैक स्पॉट्स में जांच समिति द्वारा दिये गये सुझाव अनुरूप समय सीमा पर आवश्यक सुधार का कार्य किया जाए। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट्स में सुधारात्मक उपाय उपरांत दुर्घटनाओं में कितनी कमी आई, इसका विश्लेषण होना चाहिए। ब्लैक स्पॉट्स तय होने के पश्चात् सुधार उपाय करने से बेहतर होगा कि, पहले से रोड़ डिजाईन सही हो, यह सुनिश्चित किया जावे। एनएचएआई एवं एनएच को समय पर स्वप्रेरणा से तत्परता के साथ कार्य संपादन करने के निर्देश दिए गए।बैठक में श्री बसवराजू, सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, डॉ. कमलप्रीत सिंह सचिव लोक निर्माण विभाग, श्री प्रदीप गुप्ता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यातायात, श्रीमती नेहा चंपावत सचिव गृह विभाग सहित स्वास्थ्य सेवाएं, लोक निर्माण विभाग, परिवहन, जनसंपर्क, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, समस्त संभाग आयुक्त, तथा पुलिस महानिरीक्षक रेंज, सर्वाधिक सड़क दुर्घटना के जिला कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकगण सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सड़क सुरक्षा परिदृश्य संबंधी वर्चुअल समीक्षा बैठक मंत्रालय में संपन्न हुई।
- रायपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि लोगों को जाति, धन या भाषा के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह देश सभी का है। भागवत ने सामाजिक सद्भाव, पर्यावरण की जिम्मेदारी और अनुशासित नागरिक जीवन का आह्वान किया तथा लोगों से मतभेदों से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया। रायपुर जिले के सोनपैरी गांव में ‘हिंदू सम्मेलन' को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि सामाजिक सद्भाव की दिशा में पहला कदम अलगाव और भेदभाव की भावनाओं को दूर करना है। भागवत ने कहा कि देश सबका है और यही भावना सच्चा सामाजिक सद्भाव है। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें सिर्फ आध्यात्मिक सभाओं या चर्चाओं में कही गई बातों को सुनना नहीं चाहिए। हमें उन्हें अमल में लाना चाहिए। हमें पांच चीजें करने की जरूरत है..'' उन्होंने सामाजिक सद्भाव, पारिवारिक मूल्यों, स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और अनुशासित नागरिक बनने के साथ पर्यावरण संबंधी जिम्मेदारियों को निभाने का आह्वान किया। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि सामाजिक सद्भाव की दिशा में पहला कदम अलगाव और भेदभाव की भावनाओं को दूर करना है। उन्होंने कहा, ‘‘..जिस इलाके में आप रहते हैं और घूमते हैं, वहां सभी हिंदुओं में आपके दोस्त होने चाहिए। हम सभी हिंदुओं को एक मानते हैं, लेकिन दुनिया हिंदुओं के बीच जाति, भाषा, क्षेत्र और संप्रदाय के आधार पर अंतर देखती है। दुनिया जिनके बीच अंतर करती है, आपके उन सभी में दोस्त होने चाहिए। आज से ही शुरू करें। लोगों को जाति, धन, भाषा या क्षेत्र के आधार पर न आंकें। सभी को अपना मानें। सब अपने हैं सब भारतवासी मेरे अपने हैं, पूरा भारत मेरा अपना है।'' उन्होंने इस दृष्टिकोण को ‘सामाजिक समरसता' कहा।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मंदिर, जल निकाय और श्मशान घाट, चाहे किसी ने भी स्थापित किए हों, सभी हिंदुओं के लिए खुले होने चाहिए। उन्होंने सामाजिक कार्य को एकता का प्रयास बताया, न कि संघर्ष का। भागवत ने कहा, ‘‘जो लोग सभी को अपना मानते हैं और जिनके विचार आपके क्षेत्रों में प्रभावशाली हैं, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके क्षेत्र में पानी के स्रोत जैसे तालाब, कुएं, पूजा स्थल जैसे मंदिर और मठ, और यहां तक कि श्मशान घाट भी सभी हिंदुओं के लिए खुले हों, भले ही उन्हें किसी ने भी बनवाया हो। लोगों को यह समझाएं और शांतिपूर्ण तरीके से इसे करने की कोशिश करें। इसके लिए कोई लड़ाई या हिंसा नहीं होनी चाहिए। क्योंकि यह एकता का काम है, संघर्ष का नहीं।'' उन्होंने कहा कि जब लोग अकेलापन महसूस करते हैं तो वे अक्सर बुरी आदतों में पड़ जाते हैं। परिवारों के भीतर नियमित बातचीत और संवाद इसे रोकने में मदद कर सकता है। सरसंघचालक ने सप्ताह में एक दिन साथ बिताकर, प्रार्थना करके, घर का बना खाना साझा करके और तीन से चार घंटे तक बातचीत करके पारिवारिक मेलजोल को फिर से शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इसे ‘मंगल संवाद' बताया। उन्होंने आगे कहा कि वे परिवार में इस बात पर चर्चा कर सकते हैं कि वे कौन हैं, उनकी परंपराएं क्या हैं, उनके पूर्वज कैसे रहते थे, और उन्होंने अच्छे आचरण के कौन से उदाहरण पेश किए। भागवत ने कुटुंब प्रबोधन की अवधारणा पर जोर दिया और कहा कि व्यक्तियों को इस बात पर विचार करना चाहिए कि वे रोजाना समाज और राष्ट्र के लिए कितना समय और संसाधन समर्पित करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर देश खतरे में है, तो परिवार भी खतरे में है।''भागवत ने इस दौरान दैनिक जीवन में मूल्यों का पालन करने का आह्वान किया।‘ग्लोबल वार्मिंग' और पर्यावरण के क्षरण पर चिंता व्यक्त करते हुए भागवत ने लोगों से पानी बचाकर, वर्षा जल संचयन करके, एकल उपयोग प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करके और अधिक पेड़ लगाकर अपने घरों से ही संरक्षण के प्रयास शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘बारिश के पानी को एकत्र करने की व्यवस्था अपनाएं और अपने छोटे-छोटे पानी के स्रोतों को फिर से जिंदा करने की कोशिश करें। कम से कम, एकल इस्तेमाल वाली प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करें। पेड़ लगाने के कार्यक्रमों में हिस्सा लें। एक पेड़ लगाएं और उसके बड़ा होने तक उसकी देखभाल करें। आप अपने घर के बगीचे में सब्जियां उगा सकते हैं। अपने घर के पास या आस-पास के क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के लिए आप जो कुछ भी कर सकते हैं, वह करें।'' उन्होंने घर पर अपनी मातृभाषा के उपयोग, भारतीय पहनावे के प्रति सम्मान और स्थानीय रूप से बने उत्पादों को खरीदकर स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की भी वकालत की। भागवत ने यह भी कहा कि उन मामलों में जहां दवाइयों जैसी विदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल अपरिहार्य हो, तो उन्हें खरीदना चाहिए आरएसएस प्रमुख ने संविधान, कानूनों और नागरिक अनुशासन का सख्ती से पालन करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा, ‘‘सभी नियमों, कानूनों और संविधान का पालन करना है। हमारे देश का संविधान हमारे अपने लोगों ने बनाया है। यह हमारे देश की भावना को दिखाता है। यह पूजा की स्वतंत्रता देता है। उन्होंने कहा कि संविधान की प्रस्तावना, मौलिक कर्तव्यों, निर्देशक सिद्धांतों और मौलिक अधिकारों को बार-बार पढ़ना चाहिए क्योंकि वे बताते हैं कि अच्छा व्यवहार कैसे किया जाना चाहिए।'' भागवत ने कहा कि अपने बिल और कर समय पर चुकाएं, और यातायात नियमों का पालन करें। वहीं कुछ नियम ऐसे हैं जो कहीं लिखे नहीं हैं लेकिन उनका पालन करने पर कोई सजा नहीं मिलेगी-ये पारंपरिक मूल्य हैं जैसे परिवार में बड़ों के पैर छूना और जरूरतमंदों की मदद करना। उन्होंने कहा, ‘‘इन पांच बातों का पालन करने से हमारे व्यक्तिगत जीवन, हमारे पारिवारिक जीवन और हमारे समाज में एक विजय और शक्ति का भाव आएगा, भाईचारा और सद्भाव बढ़ेगा, और हम चुनौतियों से पार पा सकेंगे।'' भागवत ने कहा कि यह खुद के ‘कल्याण' समेत परिवार और देश की भलाई का रास्ता है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया की भलाई भारत की भलाई पर निर्भर करती है, इसलिए यह दुनिया की भलाई का रास्ता है। यह विश्व धर्म, मानव धर्म का व्यावहारिक अनुप्रयोग है, जिसे हिंदू धर्म कहा जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का काम, जो नागपुर में एक छोटी ‘शाखा' से शुरू हुआ था, अब हर जगह फैल गया है।
- दुर्ग / छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के मार्गदर्शन में "Protect Today, Secure Tomorrow" अभियान के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा इस सप्ताह जिले के विभिन्न स्थानों पर पर्यावरण संरक्षण विषयक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उक्त अभियान के अंतर्गत विधिक साक्षरता शिविर, आउटरीच गतिविधियाँ, जनसंवाद तथा जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य आम नागरिकों, विद्यार्थियों, विभागीय कर्मचारियों एवं ग्रामीण जनसमुदाय को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कानूनों, अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है।कार्यक्रमों के दौरान पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, भारतीय वन अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, वनों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा, वनोपज के सतत उपयोग तथा पर्यावरणीय अपराधों से संबंधित विधिक प्रावधानों पर सरल एवं व्यवहारिक जानकारी दी जा रही है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण में नागरिकों की भूमिका पर विशेष रूप से प्रकाश डाला जा रहा है। इसी क्रम में कार्यालय वनमण्डलाधिकारी, दुर्ग वनमण्डल, दुर्ग (छत्तीसगढ़) में पर्यावरण संरक्षण विषयक विधिक जागरूकता एवं आउटरीच गतिविधियों के तहत एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) के तीन अधिवक्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिविर में दुर्ग एवं धमधा परिक्षेत्र के वन विभाग के अधिकारीगण डीएफओ, सीएफओ, बीएफओ सहित विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी (फील्ड स्टाफ) बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।शिविर के दौरान उपस्थित अधिवक्ताओं द्वारा भारतीय वन अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, पर्यावरण संरक्षण कानून, वन संपदा एवं वन अधिकार, पशु संरक्षण, वनोपज के संरक्षण एवं सतत उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विस्तारपूर्वक सरल एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का अधिवक्ताओं द्वारा संतोषजनक उत्तर दिया गया। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के पर्यावरण संरक्षण विषयक विधिक जागरूकता शिविरों के आयोजन की आवश्यकता व्यक्त की। यह विधिक साक्षरता शिविर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं वन कानूनों की समझ को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सफल पहल सिद्ध हुआ।
- दुर्ग, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के आर्थिक उत्थान और उनके सपनों को साकार करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। शासन की किसान हितैषी योजनाओं और संवेदनशील निर्णयों ने खेती-किसानी को लाभ का सौदा बना दिया है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं दुर्ग जिले के ग्राम मर्रा के किसान श्री संतोष ठाकुर, जिन्होंने धान की बेहतर आय से न केवल अपना पक्का घर बनाया, बल्कि आधुनिक खेती की ओर भी कदम बढ़ाए हैं। किसान श्री संतोष ठाकुर के पास 6 एकड़ कृषि भूमि है। पहले आय सीमित होने के कारण पक्का घर बनाना एक बड़ा सपना था। लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा धान खरीदी की व्यवस्था और प्रति क्विंटल ₹3100 की सम्मानजनक राशि के माध्यम से मिलने वाले लाभ ने संतोष के आत्मविश्वास को बढ़ा दिया। उन्होंने इसी भरोसे पर घर निर्माण के लिए बैंक से लोन लिया कि वे अपनी फसल बेचकर इसे चुका सकेंगे।श्री संतोष बताते हैं कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर धान खरीदी की पारदर्शी प्रक्रिया और अंतर की राशि का सीधा लाभ उन्हें मिला। उन्होंने अपना धान बेचा और प्राप्त आय से घर के लिए लिए गए लोन की किश्तें समय पर चुका रहे हैं। संतोष कहते हैं, "आज मेरा अपना पक्का घर है और मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि कर्जा कैसे चुकाऊंगा, क्योंकि मेरे फसल की सही कीमत मुझे मिल रही है।"शासन के सहयोग से संतोष अब पुराने ढर्रे को छोड़कर आधुनिक तरीके से खेती कर रहे हैं। खेती से बढ़ी हुई आय ने उन्हें अन्य बड़े खर्चों वाले कार्यों को हाथ में लेने का साहस दिया है। अब वे उन्नत खाद-बीज और मशीनों का उपयोग कर अपनी पैदावार बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। श्री संतोष ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील और दूरदर्शी पहल ने प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर बना दिया है। किसानों को सही मूल्य और समय पर धान खरीदी की राशि मिलने से प्रदेश के लाखों किसानों के सपने पूरे हो रहे हैं।
- दुर्ग / आईआईटी भिलाई में 14 से 16 दिसम्बर 2025 तक ट्राइबोलॉजी (इंडिया ट्राईब) पर तेरहवें अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह आयोजन संयुक्त रूप से मैकेनिकल विभाग, आईआईटी भिलाई एवं ट्राईबोलोजी सोसाइटी ऑफ़ इंडिया द्वारा आयोजित किया गया। इस कांफ्रेंस का विषय ‘ट्राईबोलोजी फॉर मैनकाइंड’ था। इस सम्मेलन में शिक्षा जगत और उद्योग जगत के ट्राइबोलॉजी के अग्रणी विशेषज्ञों द्वारा कई पूर्ण सत्र, भाषण और व्याख्यान दिए गए। छात्र शोधकर्ताओं ने भी मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने कार्यों का प्रदर्शन किया, जिससे उभरते हुए विद्वानों को अपने शोध को साझा करने का मंच मिला।आईआईटी भिलाई के निदेशक और सम्मेलन के मुख्य अतिथि प्रोफेसर राजीव प्रकाश ने अंतर्विषयक अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया और बताया कि कैसे ऐसे सम्मेलन विभिन्न संस्थानों के शोधकर्ताओं के बीच संवाद और सीखने के बहुमूल्य अवसर प्रदान करते हैं। ट्राइबोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रोफेसर सतीश वी. कैलाश ने व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सहयोगात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देने और तकनीकी नेटवर्क को मजबूत करने में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की भूमिका को रेखांकित किया। इस सम्मेलन में 250 से अधिक शोधकर्ताओं ने भाग लिया और मौखिक और पोस्टर दोनों श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति पुरस्कार प्रदान किए गए। कुल मिलाकर, यह आयोजन ट्राइबोलॉजी के क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान, नेटवर्किंग और सहयोगात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एक मूल्यवान मंच साबित हुआ।
- - गुरुजनों का सम्मान,पुरानी यादें ताजा हुईं.रायपुर ।पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर के नेत्र विभाग के पूर्व छात्रों ने अपनी पहली एलुमनी मीट आयोजित की जिसमें 50 से अधिक नेत्र विशेषज्ञ शामिल हुए, जो रायपुर से नेत्र विज्ञान की पढ़ाई कर नेत्र विशेषज्ञ बने और आज देश विदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.। इनमें पहले बैच के डॉओ पी बिल्लौरे शामिल हैं.।एलुमनी मीट में अनेक पुराने छात्रों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई तथा पुरानी यादें ताजा की ।इस कार्यक्रम में आई डिपार्टमेंट के टीचर्स एवं वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. पीके मुखर्जी, डॉ सुषमा वर्मा डॉ ए के चंद्राकर, डॉ एस एल आदिले डॉ एम एल गर्ग , वर्तमान विभागाध्यक्ष डॉ. निधि पांडे, डॉ ओ पी बिल्लौरे का सम्मान किया गया ।रायपुर मेडिकल कॉलेज की स्थापना सन 1963 में हुई थी . । मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग के पहले विभागाध्यक्ष डॉ. डी एस भटनागर थे । उसके बाद डॉ एस सी जैन, डॉ आर के सक्सेना, डॉ आई एम शुक्ल , डॉ पी के मुखर्जी डॉक्टर एस एल आदिले ,डॉ ए के चंद्राकर ,डॉ एम एल गर्ग रहे जिनके कार्यकाल में नेत्र विभाग ने काफी विकास किया।. वर्तमान में नेत्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ निधि पांडे हैं ।मेडिकल कॉलेज रायपुर के नेत्र विभाग के छात्र न केवल रायपुर बल्कि देश-विदेश में भी कार्य कर रहे हैं जिनमें से डॉ ओ पी बिल्लौरे साहब इस अवसर पर रायपुर आए थे जो रोटरी आई इंस्टीट्यूट नवसारी के निदेशक रहे और वर्तमान में इंदौर में है. ।कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ मनीष श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण दिया । डॉ.निधि पांडे ने महाविद्यालय के नेत्र विभाग के इतिहास के संबंध में पूरी जानकारी दी, । बिलासपुर से आए डॉ मदन देशपांडे ने वरिष्ठ गुरुजनों का सम्मान किया । डॉ. पी.के. मुखर्जी डॉ. एस एल आदिले डॉ. ए के चंद्राकर ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ अरशद सिद्दीकी एवं आभार प्रदर्शन डॉ दिनेश मिश्र ने किया. ।कार्यक्रम में डॉ सार्वा, डॉ आनंद देशपांडे, डॉ उमेश तिवारी, डॉ चौबे, डॉ डेंबरा,डॉ एल सी मढ़रिया,डॉ प्रदीप जैन, डॉ कीर्ति भाटिया, डॉ बी पी शर्मा, डॉ प्रशांत श्रीवास्तव,,डॉ एस के शुक्ला डॉ कोसरिया, डॉ खालसा, डॉ ललित शुक्ला, डॉ अशोक जैन, डॉ अशोक चांडक,डॉ रश्मि शुक्ला, डॉ ममता दानी,डॉ प्रीति गुप्ता, डॉ संतोष पटेल डॉ दिलीप लालवानी, रुचिर भटनागर,डॉ आडवाणी सहित अनेक नेत्र विशेषज्ञ उपस्थित रहे.।
- भिलाई नगर । 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके नगर पालिक निगम के 04 कर्मचारियों को बुधवार को ससम्मान विदाई दी गई। निगम उपायुक्त कोसारिया ने कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह, शाॅल और श्रीफल भेंट करते हुए सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना किए। इसके पूर्व सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों ने भिलाई निगम में सेवाकाल के दौरान आई कठिन परिस्थितियों को बताते अपने अनुभव को बताते हुए प्रेरित किए। विदाई कार्यक्रम में सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी कर्मचारियों ने सेवाकाल के दौरान अपने अनुभव को साझा किए।निगम उपायुक्त डी के कोसारिया ने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों ने निगम के हर कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए कई उपलब्धियां हासिल किए है जिसके लिए उन्होंने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किए और सेवानिवृत्त होने के बाद अब आप सभी पूरे परिवार के साथ अच्छा जीवन बिताएं और अपने अनुभवों के साथ समाज के अच्छे कार्यों में सहभागी बने। शशिभूषण मोहंती सभी सेवानिवृत अधिकारी व कर्मचारियों के उज्जवल भविष्य हेतु कामना करते हुए किए गए कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दिए।सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी राजेन्द्र सिंह राजपूत कार्यपालन अभियंता, हंसराज पटले चौकीदार, जे. मोहनराव चौकीदार, धन्नालाल मजदूर को उनके परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में विदाई दी गई। इस मौके पर कार्यालय अधीक्षक शालिनी गुरव, वामन राव, राज सच्चर, नवीन साहू, सीताराम यादव, हेमचंद बंजारे, अर्पित द्विवेदी, गिरधर वर्मा, दयालु, विजेंद्र साहू एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर - प्रदेश की राजधानी रायपुर शहर में शीतलहर से आमजनों को सुरक्षा और त्वरित राहत देने नगर पालिक निगम के जोन कार्यालयों के माध्यम से जयस्तम्भ चौक के समीप, रेल्वे स्टेशन के पास, मेकाहारा परिसर, पुराना बस स्टेण्ड पंडरी, महोबा बाजार हॉट बाजार, परमानन्द नगर कोटा, सत्यम विहार कॉलोनी रायपुरा, नेताजी सुभाष स्टेडियम परिसर, बड़ा अशोक नगर, रोटरी नगर, टाटीबंध चौक के समीप, शंकर नगर, अवन्ति विहार कॉलोनी सहित राजधानी शहर में लगभग 30 से भी अधिक विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है. नगर निगम रायपुर द्वारा विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिदिन नियमित अलाव जलाने की व्यवस्था देने से इससे शहर के निवासी प्रतिदिन सैकड़ों आमजनों को लगातार बढ़ती शीतलहर से सहज बचाव सहित त्वरित राहत मिल रही है.रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नरों द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से महादेवघाट रायपुरा श्री हनुमान मन्दिर के समीप और महोबा बाजार हॉट बाजार, मेकाहारा परिसर, पुराना बस स्टेण्ड पंडरी चंगोराभाठा बाजार, ब्रम्हदेईपारा,शिक्षक कॉलोनी डंगनिया, खमतराई चौक के पास, जयस्तम्भ चौक के पास, रायपुर जिलाधीश परिसर के सामने डॉ भीम राव अम्बेडकर प्रतिमा स्थल चौक के पास, नेताजी सुभाष स्टेडियम परिसर के पास, मोतीबाग, डंगनिया पानी टंकी स्कूल के समीप, शंकर नगर चौपाटी, तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव, अंतर राज्यीय बस स्टैण्ड भाठागांव, भाठागांव चौक के समीप, कुकरीपारा, दूधाधारी मठ मार्ग, सरोना, चंदनीडीह, कबीर नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी फेस-2, हीरापुर चौक सुलभ शौचालय काम्प्लेक्स के समीप , कबीर चौक रामनगर, गीतांजलि नगर शंकर नगर, जगन्नाथ चौक रामनगर, प्रियदर्शिनी नगर, भाठागांव, नगर पालिक निगम जोन 9 कार्यालय परिसर के समीप मोवा, नगर निगम जोन 10 कार्यालय और अन्य लगभग 30 से भी अधिक विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में आमजनों को शीतलहर से रायपुर शहर क्षेत्र में सुरक्षा और त्वरित राहत देने सार्वजनिक अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है. शीतलहर की सम्पूर्ण अवधि के दौरान आमजनों को राहत देने जोन कार्यालयों के माध्यम से प्रतिदिन नियमित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है.
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की वरिष्ठजन सेवा समिति ने 92 वर्षीय प्रमोदिनी देशमुख का उनके निवास पर सम्मान किया। महाराष्ट्र मंडल की वरिष्ठतम सभासद सम्मान योजना के अंतर्गत किए गए इस सम्मान में समिति के अध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन, नमिता शेष, संध्या खंगन, दिव्या पात्रीकर, नेत्रा देशमुख, विजया देशमुख, गौरी क्षीरसागर सहित अनेक कार्यकारिणी सदस्यों, पदाधिकारियों और सभासदों ने उनका सम्मान किया। सूत माला, शाल और श्रीफल से किए गए सम्मान के प्रति प्रमोदिनी ने सभी का आभार माना। बताते चलें कि महाराष्ट्र मंडल ने अपनी वरिष्ठजन सेवा समिति के माध्यम से दिसंबर महीने में 80 वर्ष से अधिक आयु के अपने 17 वरिष्ठतम सभासदों को सम्मानित किया।
- - अभियान के पहले दिन जीवनदायिनी तांदुला नदी की साफ-सफाई करने उमड़ा जनसैलाबबालोद। , बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले में जल स्त्रोतों के साफ-सफाई एवं उनके संवर्धन तथा पुनरूद्धार करने के साथ-साथ जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने हेतु वर्ष 2025 के अंतिम दिन आज बालोद शहर व जिले के जीवनदायिनी तांदुला जलाशय के साफ-सफाई के माध्यम से नीर चेतना अभियान का शुभारंभ किया गया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इस महत्वपूर्ण नीर चेतना अभियान के पहले दिन आज जीवनदायिनी तांदुला नदी के साफ-सफाई के इस पुनीत कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करने लोगों का हुजुम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत बालोद की अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख एवं श्री पवन साहू सहित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर ने नगर के गणमान्य नागरिकों, विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित महिला कमाण्डो, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं, अधिकारी-कर्मचारियों, एनएसएस, रेडक्राॅस के सदस्यों, छात्रा-छात्राओं एवं आम नागरिकों के साथ तांदुला नदी की साफ-सफाई कर जिला प्रशासन के इस महत्वपूर्ण नीर चेतना अभियान में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को जिले में चलाए जा रहे जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत पानी के संरक्षण एवं संवर्धन करने तथा उसका विवेकपूर्ण उपयोग करने की शपथ भी दिलाई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य लघु वन उपज संघ के अध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा ने पानी के महत्व, आवश्यकता एवं पानी के लगातार विदोहन के फलस्वरुप भविष्य में आने वाले भीषण जल संकट के संबंध में भी प्रकाश डाला। उन्होंने तांदुला नदी को बालोद शहर व जिले के लिए जीवनदायिनी बताते हुए संपूर्ण जिले वासियों से इसके संरक्षण व संवर्धन के पुनीत कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन ने लगातार गिरते जल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए पानी के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य को आज के समय की प्रमुख आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि जल है तो कल है। श्री जैन ने कहा कि नहाते एवं गाड़ी धोने तथा अन्य दैनिक क्रियाकलापों के लिए पानी का कम उपयोग करने जैसे छोटे-छोटे प्रयासों से हम जल संरक्षण तथा जल संचयन की दिशा में महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी ने तांदुला नदी की साफ सफाई तथा उनके पुनरुद्धार के अलावा जिले में जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस नीर चेतना अभियान की भूरी भरी सराहना की।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आज के दिन को बहुत ही पावन, पुनीत दिवस बताते हुए आशा व्यक्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इस नीर चेतना अभियान के माध्यम से जीवनदायिनी तांदुला नदी के समुचित साफ-सफाई एवं पुनरूद्धार सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यह नीर चेतना अभियान बालोद जिले में जल के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि हवा और पानी मनुष्य के साथ-साथ संपूर्ण प्राणी जगत के लिए सर्व प्रमुख आवश्यकताओं में सेे एक है। उन्होंने आज से कुछ महीने पूर्व के तांदुला नदी के स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वे बालोद जिले के कलेक्टर के रूप में पदभार ग्रहण किया था उस समय तांदुला नदी जल कंुभीयों से पटा हुआ था। लेकिन जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे जल संरक्षण एवं जल संवर्धन अभियान के फलस्वरूप आप सभी के सहयोग से तांदुला नदी में इस स्थान से जल कुंभी को साफ-सफाई करने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण जिले वासियों के सहयोग से जल संचय, जन भागीदारी के अंतर्गत बालोद जिले को प्रथम पुरस्कार प्राप्त होने के अलावा जिले को अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई है। इस अवसर पर उन्होंने आने वाले समय में संपूर्ण देश एवं दुनिया की भाँति बालोद जिले में भी भयावह जल संकट के संबंध में भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भविष्य में जल संकट की चुनौतियों की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु अभी से इसका समुचित उपाय सुनिश्चित करना आवश्यक है। श्रीमती मिश्रा ने हम सभी को अपने दैनिक क्रियाकलाप, व्यवहार, तथा घरेलु दैनिक दिनचर्या के माध्यम से पानी के संरक्षण एवं संवर्धन की शुरूआत करना चाहिए। जिससे कि हमारे छोेटे-छोटे प्रयासों से मनुष्य के अलावा सभी जीव-जंतुओं के जीवन की रक्षा हेतु अनुकूल परिवेश उपलब्ध हो सके। इस मौके पर राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत बालोद की अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख एवं श्री पवन साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य जनों, अधिकारी-कर्मचारियों सहित आम नागरिकों के साथ तांदुला नदी में उतर कर इस जीवनदायिनी नदी की साफ-सफाई की।
- -प्रदेश अध्यक्ष देव ने छत्तीसगढ़वासियों को नववर्ष-2026 की बधाई और शुभकामनाएँ दीरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने प्रदेशवासियों को नववर्ष पर बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा है कि आने वाला नववर्ष उत्कर्ष का हो। छत्तीसगढ़ महतारी के आँचल में सुख- समृद्धि, विश्वास, सफलता, आरोग्य, सबको जीवन में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की शक्ति और आनंद के वास वाला हो। श्री देव ने कहा कि हम सब मिलकर पवित्र जनादेश की भावनाओं को आत्मसात् करके एक नए छत्तीसगढ़ की रचना और उसे सँवारने के लिए संकल्पित हैं।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद सेवा-सुशासन और गरीब कल्याण का जो नया सूर्योदय हुआ है, उसके आलोक में अब एक नया छत्तीसगढ़ आकार लेने जा रहा है। नक्सलवाद के जड़ से सफाए के संकल्प की सिद्धि और 'महतारी गौरव वर्ष' में महिलाओं का सर्वतोमुखी सशक्तीकरण प्रदेश में एक नया प्रतिमान गढ़ने जा रहा है। श्री देव ने कहा कि सन् 2026 में प्रदेश की सरकार विश्वास के नए आलोक में छत्तीसगढ़ को सँवारने के लिए प्रतिबद्ध है। हम सब नए साल की बेला पर इसी संकल्प से जुड़ें।
- दुर्ग / आबकारी आयुक्त श्रीमती आर. संगीता के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर दुर्ग श्री अभिजीत सिंह के दिशा-निर्देशानुसार व सहायक आयुक्त आबकारी श्री सी.आर. साहू के मार्गदर्शन में 31 दिसम्बर 2025 को गस्त के दौरान आबकारी विभाग जिला दुर्ग वृत-भिलाई क्रमांक-02 के द्वारा अवैध शराब के परिवहन की सूचना मिलने पर त्वरित विधिवत कार्यवाही कर आरोपी गीतेश कुमार देशलहरे स्थान यादव मोहल्ला बोरसी भाटा के कब्जे से मध्य प्रदेश राज्य में विक्रय हेतु अधिकृत 12 नग प्लास्टिक बोतल बॉम्बे स्पेशल व्हिस्की (750 एम.एल.) एवं आरोपी एवं एवन निषाद, पिता त्रिभुवन निषाद उम्र 27 वर्ष ग्राम ननकट्टी के कब्जे से 50 नग पाव देशी मदिरा शोले मसाला कुल मात्रा 18 बल्क लीटर जिसका बाजार मूल्य 10760 रूपये है तथा एक हीरो होंडा स्प्लेन्डर वाहन क्रमांक CG 04A 0976 जिसका बाजार मूल्य लगभग 30,000 रूपये, कुल कीमत लगभग 40760 रूपये जप्त किया गया। मौके पर आरोपी के कब्जे से अत्यधिक मात्रा में विदेशी शराब पाए जाने एवं आरोपी द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) का उल्लघंन किये जाने पर आरोपी के विरूद्ध धारा 34(2), 36, 59(क) में दर्ज कर गिरफ्तार किया जाकर न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल किया गया। इस प्रकरण की विवेचना सहायक जिला आबकारी अधिकारी सुप्रिया शर्मा द्वारा की जा रही है। इस प्रकरण में आबकारी उप निरीक्षक हरीश पटेल, प्रियंक ठाकुर, भोजराम रत्नाकर, आबकारी मुख्य आरक्षक भरथरी, आबकारी आरक्षक संदीप तिर्की एवं ड्राइवर दीपक राजू, प्रकाश राव एवं धनराज का योगदान रहा।
- -एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का हुआ शुभारंभ-स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावारायपुर /मनोरम प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित सियादेवी जलाशय को इको-टूरिज्म केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। सियादेवी जलाशय का नैसर्गिक सौंदर्य, शांत वातावरण और प्राकृतिक संरचना इसे पर्यटन की दृष्टि से मनोरम स्थल है। गुरूर विकासखंड के ग्राम नारागांव स्थित सियादेवी जलाशय में नवस्थापित एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का शुभारंभ आज कलेक्टर श्रीमती दिव्या मिश्रा एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में हुआ। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने फीता काटकर एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र न केवल जिले के पर्यटन मानचित्र पर एक नया आकर्षण बनेगा, बल्कि इससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।सियादेवी जलाशय क्षेत्र का विकास इको-टूरिज्म की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर ने ग्रामीणों से इस पर्यटन स्थल की स्वच्छता, सुरक्षा एवं समुचित देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही, क्षेत्रीय विकास एवं नहर मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव प्रेषित किए जाने की बात कही।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि जिला प्रशासन एवं स्थानीय समुदाय के सहयोग से प्रारंभ किया गया यह एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक अभिनव पहल है। अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा ने इस पहल को जिले के पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। जनपद पंचायत गुरूर की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू सियादेवी जलाशय क्षेत्र के समग्र विकास का आग्रह किया।इस अवसर पर सभी ने बैम्बू राफ्टिंग कर जलाशय के प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं पर्यटक उपस्थित थेे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत कॉरिडोर का करेंगे भूमिपूजन-स्वदेश दर्शन योजना में कॉरिडोर निर्माण के लिए 146 करोड़ रूपए की मिली है मंजूरी-पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए विश्व स्तरीय सुविधाओं का होगा विकासरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत कबीरधाम जिले के भोरमदेव कॉरिडोर का 01 जनवरी को भूमिपूजन करेंगे। इस कॉरिडोर के लिए केन्द्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत 146 करोड़ रूपए की स्वीकृति मिली है। इसके अंतर्गत ऐतिहासिक और धार्मिक केंद्र भोरमदेव मंदिर परिसर एवं आसपास के स्थलों के समग्र विकास किया जाएगा।भोरमदेव मंदिर परिसर में आयोजित किए जा रहे भूमिपूजन समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव और श्री विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, लोकसभा संसद श्री संतोष पाण्डेय विधायक श्रीमती भावना बोहरा, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा सहित अनेक पूर्व विधायक, आयोग निगम मंडल के अध्यक्ष और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप तैयार की गई यह परियोजना धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गौरव और पर्यटन विकास का त्रिवेणी संगम बनेगी। इसके पूरा होने से भोरमदेव क्षेत्र विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा, वहीं क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।भोरमदेव कॉरिडोर में मुख्य मंदिर से लेकर मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ और सरोदा जलाशय तक फैले ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को आपस में जोड़ते हुए उनका संरक्षण और विकास किया जाएगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन, पुरातत्व विभाग एवं कबीरधाम जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार की है।भोरमदेव मंदिर परिसर का भव्य विकास के अंतर्गत मुख्य मंदिर में छह आकर्षक प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे, जिनमें नागद्वार प्रमुख होगा। परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक विशाल संग्रहालय का निर्माण, पिलर हॉल, गार्डन, चिल्ड्रन पार्क, प्रसाद मंडप, अनुष्ठान भवन, यज्ञ स्थल, और सीढ़ियों का निर्माण किया जाएगा।मंदिर परिसर के तालाब का सौंदर्यीकरण करने के साथ-साथ यहां म्यूजिकल फाउंटेन भी बनाया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए ठहरने हेतु डोम, छायायुक्त मार्ग, स्टेज और भंडारा भवन का निर्माण प्रस्तावित है। पूरे परिसर और आसपास के ऐतिहासिक स्थलों को शामिल करते हुए प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, पेयजल, बिजली, ड्रेनेज सिस्टम, वृक्षारोपण और सड़क उन्नयन आदि के कार्य होंगे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आज महापौर नीरज पाल की अध्यक्षता एवं आयुक्त राजीव कुमार पांडेय की उपस्थिति में संपन्न हुई। जनहित और शहर के विकास को गति देने के उद्देश्य से इस बैठक में कुल 10 प्रमुख प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिन्हें सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।निगम के 66 MLD फिल्टर प्लांट (WTP) से निकलने वाले वेस्ट वाटर के लिए खम्हरिया माईनर नहर का आर.सी.सी. कवर सहित लाइनिंग कार्य किया जाएगा।वार्ड क्रमांक 07 स्थित रानी अवंती बाई सरोवर के जीर्णोद्धार और सौन्दर्यीकरण कार्य को मंजूरी दी गई।एस.एल.आर.एम. सेंटरों में कचरा पृथकीकरण और गीले कचरे से खाद बनाने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत वार्ड 22 कुरूद बस्ती से गोकुल नगर तक डामरीकरण एवं नाली निर्माण कार्य को हरी झंडी दी गई। संजय नगर तालाब (वार्ड 06, जी.ई. रोड) पर नए वाणिज्यिक परिसर के निर्माण हेतु परिषद ने अपनी सहमति प्रदान की।पूर्व साडा द्वारा 30 वर्षीय लीज पर आवंटित भूखंडों के प्रयोजन परिवर्तन हेतु विधि अनुसार प्रक्रिया निर्धारण को स्वीकृत किया गया। जोन 02 वैशाली नगर के सांस्कृतिक भवन को शासकीय फिजियोथेरेपी महाविद्यालय, दुर्ग को किराए पर देने का निर्णय लिया गया है।वाहन शाखा के सुचारू संचालन हेतु उच्च कुशल, कुशल एवं अर्द्धकुशल चालक व हेल्परों की नियुक्ति को स्वीकृति दी गई।आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से जल कर संशोधन के तहत विशेष छूट का प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजने का निर्णय लिया गया।बैठक में अपर आयुक्त सह सचिव राजेंद्र कुमार दोहरे, उपायुक्त डी के कोसरिया, महापौर परिषद के सदस्य लक्ष्मीपति राजू, सीजू एन्थोनी, साकेत चंद्रकार, चंद्रशेखर गंवई, संदीप निरंकारी, केशव चौबे, मालती ठाकुर उपस्थित थे। साथ ही जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, कार्यपालन अभियंता वेशराम सिंहा, अनिल सिंह, अरविंद शर्मा, लेखाधिकारी चंद्रभूषण साहू, सहायक राजस्व अधिकारी जे.पी. तिवारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
- -कर्मियों का अनुभव हमारी बहुमूल्य पूंजी - ईडी एम.एस.चौहानरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी डंगनिया मुख्यालय के भारप्रेषण कक्ष में आज अधीक्षण अभियंता सहित 7 अधिकारी-कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पश्चात् विदाई दी गई। इस अवसर पर पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (वित्त) श्री एम.एस.चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। विदाई समारोह में मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्री ए.एम.परियल, मुख्य अभियंता (भार प्रेषण) श्रीमती शारदा सोनवानी, मुख्य अभियंता (एस.एंड पी) श्री केबी पात्रे, मुख्य अभियंता (प्रोजेक्ट) श्री प्रसन्ना गोसावी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्री एच.एल.पंचारी ने संयुक्त रूप से सेवानिवृत्तजनों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृतिचिन्ह भेंट कर उनके सुखमय जीवन की कामना की।इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (वित्त) श्री चौहान ने बिजली कर्मियों के कार्यां की सराहना करते हुए हुए कहा कि बिजली कर्मियों के पास बहुमूल्य अनुभव की पूंजी है और उनके योगदान से हम उपभोक्ता संतोष के लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं।आज सेवानिवृत्त कर्मचारियों में अधीक्षण अभियंता श्री अरूण कुमार चक्रवर्ती खेदामारा भिलाई, अधीक्षण अभियंता श्री नरेंद्र कुमार बिसेन रायपुर, निज सचिव श्री के. श्रीनिवास बिलासपुर, अनुभाग अधिकारी श्री भीष्म प्रसाद तिवारी रायपुर, लाइन सहायक श्रेणी- एक श्री राम दयाल साहू भिलाई, लाइन सहायक श्रेणी- एक श्री ए. गोविंद राजू बिलासपुर, कनिष्ठ पर्यवेक्षक (परीक्षण) श्री जी.ई. हैरिस कोरबा शामिल हैं। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन कार्यपालन अभियंता (पी.एंड एस.) श्री पंकज चौधरी तथा संचालन प्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविंद पटेल ने किया। सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों ने सेवा के दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों से मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
- रायपुर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के अधीन राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटिक स्ट्रेस मैनेजमेंट – एनआईबीएसएम), रायपुर में स्वच्छता पखवाड़ा (16 से 31 दिसंबर 2025) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस पखवाड़े में वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों, किसानों, युवाओं तथा स्थानीय समुदाय की व्यापक और उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान स्वच्छता शपथ, संस्थान एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान, वृक्षारोपण कार्यक्रम, कचरे से धन विषय पर जन-जागरूकता गतिविधियाँ, प्लास्टिक कचरा उन्मूलन हेतु श्रमदान, ग्राम संपर्क कार्यक्रम, किसान दिवस समारोह, हस्ताक्षर अभियान, प्लॉगिंग कार्यक्रम, वॉकथॉन तथा विभिन्न सामुदायिक लामबंदी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्वच्छता को जनआंदोलन के रूप में स्थापित करने का प्रभावी प्रयास किया गया।आयोजित गतिविधियाँ स्वच्छ भारत मिशन की भावना और उद्देश्यों के अनुरूप रहीं, जिनका उद्देश्य स्वच्छता, सतत स्वच्छता पद्धतियों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा सामुदायिक सहभागिता के प्रति जन-जागरूकता को और अधिक सुदृढ़ करना था। कार्यक्रमों ने स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के प्रति प्रतिभागियों को प्रेरित किया।स्वच्छता पखवाड़ा के समापन पर संस्थान परिवार एवं सहभागियों ने सामूहिक रूप से स्वच्छ, हरित और सतत भारत के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह आयोजन न केवल स्वच्छता के संदेश को मजबूती देने में सफल रहा, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक साझा उद्देश्य के लिए एकजुट करने का सशक्त उदाहरण भी बना।
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-प्री-समिट कोलॉक्वियम की घोषणा
रायपुर । विश्व व्यापार संगठन (वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन—डब्ल्यूटीओ) की स्थापना के 30 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू), रायपुर, अपने स्कूल ऑफ लॉ एंड टेक्नोलॉजी के अंतर्गत स्थापित सेंटर फॉर वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन एंड वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गेनाइजेशन स्टडीज़ के माध्यम से 2 से 4 अक्टूबर, 2026 तक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि शिखर सम्मेलन “डब्ल्यूटीओ@30 समिट” का आयोजन करेगा।यह शिखर सम्मेलन वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन यंग ट्रेड लीडर्स प्रोग्राम तथा सेंटर फॉर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लॉ, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से, डब्ल्यूटीओ चेयर्स प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन यंग ट्रेड लीडर्स प्रोग्राम की प्रमुख आउटरीच पहल के रूप में परिकल्पित इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक व्यापार के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करना तथा छात्रों, युवा पेशेवरों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और प्रैक्टिशनर्स के लिए अकादमिक एवं व्यावसायिक अवसरों का विस्तार करना है।मुख्य शिखर सम्मेलन से पूर्व, विश्वविद्यालय 6 फरवरी, 2026 को “वैश्विक व्यापार में करियर, डब्ल्यूटीओ की 30-वर्षीय विरासत और भविष्य की दिशाएँ” विषय पर एक दिवसीय प्री-समिट अंतरराष्ट्रीय कोलॉक्वियम का आयोजन करेगा। यह कोलॉक्वियम छात्रों, शोधार्थियों, शिक्षाविदों और व्यापार विशेषज्ञों के बीच अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि एवं नीति के क्षेत्र में उभरते रुझानों, आवश्यक कौशलों और विकसित हो रहे करियर मार्गों पर सार्थक विमर्श का मंच प्रदान करेगा।कोलॉक्वियम का प्रमुख आकर्षण “मीट द यंग ट्रेड लीडर” शीर्षक से आयोजित एक विशेष प्रत्यक्ष संवाद सत्र होगा, जिसमें वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन की यंग ट्रेड लीडर (भारत) तथा ग्लोबल काउंसिल में अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं औद्योगिक नीति विश्लेषक सुश्री आरुषि श्रीवास्तव प्रतिभागियों से संवाद करेंगी। यह सत्र प्रतिभागियों को समकालीन वैश्विक व्यापार अधिवक्तिता से परिचित कराने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि में करियर निर्माण के व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करेगा।कार्यक्रम में “वैश्विक व्यापार करियर, डब्ल्यूटीओ का संस्थागत विकास और उससे आगे” विषय पर एक पैनल चर्चा भी आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रमुख विशेषज्ञ और प्रैक्टिशनर्स भाग लेंगे। चर्चा के दौरान पिछले तीन दशकों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि के विकास, वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन के संस्थागत स्वरूप में आए परिवर्तनों तथा वैश्विक आर्थिक विकास पर व्यापार नीति के प्रभावों पर विमर्श किया जाएगा। साथ ही, भविष्य में वैश्विक व्यापार परिदृश्य को आकार देने वाली चुनौतियों और अवसरों पर भी प्रकाश डाला जाएगा।कोलॉक्वियम का समापन “डब्ल्यूटीओ@30 समिट” की आधिकारिक पुस्तिका और समर्पित वेबपेज के औपचारिक विमोचन के साथ होगा, जिससे अक्टूबर 2026 में आयोजित होने वाले मुख्य शिखर सम्मेलन की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ होगा। शिखर सम्मेलन में शोध पत्र प्रस्तुतियों के लिए तकनीकी सत्रों के साथ-साथ डिजिटल व्यापार एवं डेटा शासन, सतत विकास, संस्थागत सुधार तथा व्यापार एवं प्रतिस्पर्धा नीति जैसे प्रमुख विषयों पर विशेषज्ञ पैनल चर्चाएँ आयोजित की जाएँगी।शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण भारत में पहली बार आयोजित किया जाने वाला मॉक वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन सिमुलेशन होगा, जिसके माध्यम से छात्रों और युवा पेशेवरों को बहुपक्षीय व्यापार वार्ताओं और प्रस्ताव मसौदा निर्माण का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, सिमुलेशन से पूर्व सभी पंजीकृत प्रतिभागियों के लिए व्यापार वार्ता पर एक प्रमाणपत्र कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।इस पहल के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि के क्षेत्र में अधिवक्तिता, क्षमता निर्माण और उच्च गुणवत्ता वाले शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “इंटरनेशनल नेटवर्क फॉर ट्रेड एडवोकेसी, डेवलपमेंट एंड रिसर्च (आईएन-टैडर)” की स्थापना भी की जाएगी।प्री-समिट अंतरराष्ट्रीय कोलॉक्वियम के लिए भारतीय एवं विदेशी प्रतिभागियों से पंजीकरण आमंत्रित किए गए हैं। भारतीय शिक्षाविदों और पेशेवरों के लिए पंजीकरण शुल्क ₹1,000 तथा शोधार्थियों और छात्रों के लिए ₹800 निर्धारित किया गया है। विदेशी प्रतिभागियों के लिए शिक्षाविदों और पेशेवरों का पंजीकरण शुल्क 20 अमेरिकी डॉलर तथा शोधार्थियों और छात्रों के लिए 10 अमेरिकी डॉलर है। पंजीकरण शुल्क में 6 फरवरी, 2026 को आयोजित कार्यक्रम हेतु पंजीकरण किट, दोपहर का भोजन और हाई टी शामिल है। आवास शुल्क पंजीकरण में शामिल नहीं है और इच्छुक प्रतिभागी उपलब्धता के आधार पर प्रथम आओ, प्रथम पाओ के सिद्धांत पर पृथक रूप से आवास का विकल्प चुन सकते हैं। पंजीकरण शुल्क किसी भी स्थिति में वापस नहीं किया जाएगा।डब्ल्यूटीओ@30 शिखर सम्मेलन से संबंधित विस्तृत जानकारी 6 फरवरी, 2026 को आयोजित प्री-समिट अंतरराष्ट्रीय कोलॉक्वियम के दौरान साझा की जाएगी। -
रायपुर, / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पशु संरक्षण और संवेदनशील सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पशु रेस्क्यु वाहन का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ लोकार्पण किया। 13 लाख 60 हजार रूपए की लागत के इस वाहन को श्री विजय शर्मा द्वारा विधायक मद से प्रदान किया गया है।
लोकार्पण के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से वाहन की तकनीकी विशेषताओं, उपयोगिता और संचालन प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने मौके पर ही वाहन का परीक्षण कराते हुए घायल पशुओं को सुरक्षित रूप से वाहन में लाने एवं ले जाने की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस आधुनिक पशु रेस्क्यु वाहन के माध्यम से सड़क दुर्घटना अथवा अन्य कारणों से घायल पशुओं को त्वरित रूप से घटनास्थल से पशु चिकित्सालय तक पहुंचाया जा सकेगा। उपचार के उपरांत पशुओं को सुरक्षित रूप से गौशाला अथवा पशु शेल्टर तक ले जाने की भी समुचित व्यवस्था वाहन में उपलब्ध है। इससे घायल एवं असहाय पशुओं को समय पर उपचार मिल सकेगा और उनकी जान बचाने में प्रभावी सहायता मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गौ संरक्षण और पशु कल्याण के प्रति पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। पशु रेस्क्यु वाहन जैसी सुविधाएं न केवल पशुओं के जीवन की रक्षा करेंगी, बल्कि आम नागरिकों और पशुपालकों के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाहन का नियमित, समुचित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा इसकी सतत निगरानी और रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए।इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, पूर्व विधायक श्री योगेश्वर राज सिंह, श्री अशोक साहू, जिला पंचायत सभापति डॉ. बीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, जनपद उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, श्रीमती विजयलक्ष्मी तिवारी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा, समस्त पार्षद, जनप्रतिनिधि तथा पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के सदस्य उपस्थित रहे।




















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