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-वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी कुलदीप निगम की 21वीं पुण्यतिथि पर विशेष
प्रशांत शर्मा
रायपुर प्रेस क्लब के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहे, पत्रकार और समाजसेवी स्व. कुलदीप निगम की आज 21 वीं पुण्यतिथि है। उनका व्यक्त्वि केवल एक पत्रकार का कभी नहीं रहा। समाजसेवा उनमें कूट- कूट कर भरी थी। लोगों की मदद के लिए वे सदैव तत्पर रहते थे। साथ ही साथ उन्होंने साहसी बच्चों को आगे लाने के लिए भी बहुंत काम किया।
तत्कालीन मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में जब भी ग्रामीण पत्रकारिता की बात उठती है, कुलदीप निगम का नाम लोग आज भी याद करते हैं। उन्होंने उस दौर में ग्रामीण अंचलों की खबरों को प्रमुखता से समाचार जगत में उठाया, जब सीमित संसाधनों की वजह से अखबार गांव तक समय पर नहीं पहुंच पाते थे। स्व. श्री निगम ने सीमित संसाधनों के साथ कर्मनिष्ठा के रथ पर सवार होकर ग्रामीण पत्रकारिता को आगे बढ़ाने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। सुदूर ग्रामीण इलाकों से समाचार/फोटो का संकलन कर उसे ब्यूरो कार्यालय तक पहुंचाना उतना सरल नहीं होता। इसके लिए ग्रामीण पत्रकारों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। श्री निगम ने ग्रामीण पत्रकारों की हौसला अफजाई की और उनकी खबरों को रायपुर में रहते हुए समाचार पत्रों में प्रमुखता से स्थान दिया। फिर वह चाहे दैनिक भास्कर, समवेत शिखर, देशबंधु , हाइवे चैनल या फिर हरिभूमि अखबार हो, उन्होंने इन समाचार पत्रों में काम करने के दौरान ग्रामीण पत्रकारिता को ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
कुलदीप निगम का जन्म 10 जुलाई 1964 को ननिहाल लखनऊ में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा पैतृक गांव नर्रा , महासमुन्द एवँ उच्च शिक्षा सराईपाली और रायपुर में हुई । उन्होंने बैचलर ऑफ जर्नलिज्म में गोल्ड मेडल प्राप्त किये साथ ही पंडित रविशंकर शुक्ल विश्विद्यालय से एम. ए. भाषा विज्ञान की पढ़ाई की । उन्होंने देशबंधु , हाइवे चैनल , दैनिक भास्कर , समवेत शिखर एवँ हरिभूमि में अपनी सेवाएं प्रदान की। पत्रकारिता के साथ- साथ उन्होंने समाज सेवा के लिये भी बहुत काम किये उसमे प्रमुख रूप से बहादुर बच्चों को राष्ट्रीय एवँ राज्य वीरता पुरस्कार दिलाने , वृद्धाश्रम की स्थापना , विधवा विवाह केंद्र , मूक बधिर बच्चों के लिए स्कूल के साथ ही भारतीय बाल कल्याण परिषद , मध्यप्रदेश बाल कल्याण परिषद के कार्यकारिणी सदस्य तत्पश्चात छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के संस्थापक सदस्य एवँ प्रथम महासचिव के रुप मे कार्य किया । लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था 10 दिसम्बर 2002 की रात एक सडक़ दुर्घटना में घायल होने के उपरांत उपचार के दौरान 16 दिसम्बर 2002 को एम. एम. आई. हॉस्पिटल रायपुर में उन्होंने अंतिम सांस ली । कहा जाता है कि ईश्वर को भी अच्छे लोगों की जरूरत होती है 38 वर्ष के अल्प समय में उन्होंने जो कार्य किया अकल्पनीय है। उदाहरण के तौर पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद आज अपनी एक नई पहचान बना चुका है। एक नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद इस परिषद की भी नींव पड़ी। मध्यप्रदेश बाल कल्याण परिषद से अलग होकर बने इस परिषद ने कम ही समय में अपनी ऐसी विशिष्ट पहचान बना ली और फिर इसकी चर्चा दिल्ली तक भी होने लगी। यह सब संभव हो पाया वरिष्ठ पत्रकार श्री कुलदीप निगम के प्रयासों से, जो इस परिषद के संयोजक थे।
मध्यप्रदेश बाल कल्याण परिषद के विभाजन के लिये भारतीय बाल कल्याण परिषद ने श्री कुलदीप निगम को छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के गठन की जिम्मेदारी सौंपी और उन्हें संयोजक नियुक्त किया। उस समय श्री निगम भारतीय बाल कल्याण परिषद में छत्तीसगढ़ से एकमात्र आजीवन सदस्य एवं मध्यप्रदेश बाल कल्याण परिषद के कार्यकारिणी सदस्य, वीरता पुरस्कार आयोजन, श्रमिक कल्याण एवं विभिन्न उपसमिति में सदस्य थे। भारतीय बाल कल्याण परिषद में रहते हुए श्री कुलदीप निगम ने तत्कालीन मध्यप्रदेश के उन बच्चों के लिए बहुत काम किया था, जिन्होंने साहसिक कार्य तो किए, लेकिन उन्हें पहचान नहीं मिल पा रही थी। श्री निगम ने उन बच्चों के साहस को वीरता पुरस्कार दिलाने में अहम योगदान किया। यही वजह रही कि भारतीय बाल कल्याण परिषद ने श्री कुलदीप निगम पर भरोसा किया और उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद की जिम्मेदारी सौंपी । श्री कुलदीप निगम ने आजीवन अपनी इस जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया।
छत्तीसगढ़ बाल कल्याण परिषद से लगभग 27 नए सदस्य इससे जुड़े एवं इसके पंजीयन की कार्यवाही प्रारंभ की गई। सभी सदस्यों की पहली बैठक पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करने के लिए भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली की तत्कालीन अध्यक्ष श्रीमती अंदल दामोदरन एवं तत्कालीन महासचिव श्रीमती गीता सिद्दार्थ, मध्यप्रदेश बाल कल्याण परिषद , भोपाल से महासचिव श्री आर. पी. सराफ विशेष रुप से उपस्थित हुए थे । बैठक के पश्चात एक प्रतिनिधि मंडल ने राजभवन जाकर तत्कालीन राज्यपाल महामहिम दिनेश नन्दन सहाय से मिलकर बाल कल्याण परिषद के गठन के लिए चर्चा की।
इस बीच मई 2001 को बाल कल्याण परिषद के गठन के लिए बैठक आयोजित होने की सूचना मिलने पर परिषद के सदस्य श्री कृष्ण कुमार निगम , श्री राजेन्द्र निगम एवं श्री अजय त्रिपाठी ने उस समय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री अजीत प्रमोद कुमार जोगी से मुलाकात की और उन्हें बाल कल्याण परिषद के गठन के लिए किये गए कार्यों की जानकारी दी। श्री जोगी इससे काफी प्रभावित हुए और परिषद के संयोजक श्री कुलदीप निगम जो उस समय सराईपाली प्रवास पर थे, से टेलीफोन पर चर्चा की। इसके बाद राजभवन में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के रुप में नए रजिस्ट्रेशन की कार्यवाही प्रारंभ की जाए। इसके संस्थापक सदस्य के रुप में तत्कालीन महामहिम राज्यपाल श्री दिनेश नन्दन सहाय , तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री अजीत प्रमोद कुमार जोगी , तत्कालीन शिक्षा मंत्री श्री सत्यनारायण शर्मा , तत्कालीन महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती गीता देवी सिंह , श्री कुलदीप निगम , श्री राकेश भान , श्री बी एल अग्रवाल एवं श्री सोहन लाल डागा के नाम पर सहमति बनी। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद हेतु नए रजिस्ट्रेशन की कार्यवाही प्रारंभ करने के साथ ही पूर्व में रजिस्ट्रेशन के लिए दिए गए लोगों को भी छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के सदस्यों के रूप में मान्यता दे दी गई। उसके उपरांत छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद का विधिवत रजिस्ट्रेशन हुआ । लगभग सभी राज्यों में बाल कल्याण परिषद में राज्यपाल पदेन अध्यक्ष रहते हंै । इसलिए छत्तीसगढ़ में भी मूल संविधान में 4 पदोंं को पदेन रखा गया था जिसके तहत परिषद में पदेन अध्यक्ष छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री , एवं 2 उपाध्यक्ष क्रमश: स्कूल शिक्षा मंत्री एवं महिला बाल विकास मंत्री को बनाया गया। संविधान के अनुसार ही छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद की पहली कार्यकारिणी का गठन किया गया जिसमें अध्यक्ष तत्कालीन राज्यपाल महामहिम दिनेश नन्दन सहाय , वरिष्ठ उपाध्यक्ष तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री अजित प्रमोद कुमार जोगी , उपाध्यक्ष तत्कालीन स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सत्यनारायण शर्मा एवं श्रीमती गीता देवी सिंह , महासचिव श्री कुलदीप निगम एवं कोषाध्यक्ष श्री राकेश भान को मनोनीत किया गया । इस तरह से श्री कुलदीप निगम के सपनों को पंख मिला और छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद नए कलेवर के साथ गठित हुआ। श्री निगम के स्वर्गवास के पश्चात माना कैम्प स्थित वृद्धाश्रम का नामकरण उनके नाम से किया गया एवं पैतृक ग्राम नर्रा का शासकीय विद्यालय का नाम भी कुलदीप निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किया गया । राज्य वीरता पुरस्कार का नाम स्व. निगम के नाम करने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के कार्यकारिणी की बैठक मे निर्णय सर्वसम्मति से पारित किया गया है । साथ ही वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा भी शासन से मांग की गई है । स्व. निगम को उनके जीवन काल में बहुत से संस्थाओं एवँ शासन द्वारा सम्मानित किया गया ।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज महानदी मंत्रालय भवन में केबिनेट की द्वितीय बैठक सम्पन्न हुई।बैठक में उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव एवं श्री विजय शर्मा मौजूद थे। दिसम्बर माह के द्वितीय पखवाड़े में प्रस्तावित विधानसभा सत्र में प्रस्तुत होने वाले अनुपूरक बजट के लिए विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर गहन विचार-विमर्श कर अंतिम रूप देने का निर्णय लिया गया।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजस्थान के नवनियुक्त मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान विकास की नई ऊंचाईयों को छुएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री भजन लाल को उनके जन्मदिन और मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए राजस्थान की जनता को नई सरकार चुनने के लिए बधाई दी है।
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रायपुर. विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर टिप्पणी करने के आरोप में कांग्रेस ने दो पूर्व विधायकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है तथा पूर्व मंत्री को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। कांग्रेस के पदाधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद पार्टी नेताओं पर तथ्यहीन आरोप लगाने और जवाब से संतुष्ठ नहीं होने पर पार्टी ने पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह और डॉ विनय जायसवाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। वहीं, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। बृहस्पत सिंह और विनय जायसवाल के निष्कासन आदेश में कहा गया है, ‘‘छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव-2023 के परिणाम उपरांत प्रदेश प्रभारी एवं वरिष्ठ नेताओं पर सार्वजनिक रूप से लगाए गए तथ्यहीन आरोप को निराधार व प्रस्तुत जवाब से असंतुष्ठ होकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के आदेशानुसार दो पूर्व विधायकों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित किया गया है।'' वहीं, अग्रवाल को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र की हार पर संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर कांग्रेस सरकार पर प्रश्न चिन्ह लगाया था और अप्रत्यक्ष रूप से सरकार के मुखिया पर गंभीर आरोप लगाया था। पूर्व मंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि इससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही है जिसे पार्टी ने गंभीरता से लेते हुए उनसे मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्व विधायकों का निष्कासन आदेश और पूर्व मंत्री को पत्र छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री (संगठन और प्रशासन) मलकीत सिंह गैदू द्वारा जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 54 सीटों पर जीत हासिल करते हुए विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बना ली है। वहीं 2018 के चुनाव में 68 सीटें जीतने वाली कांग्रेस 35 सीटों पर सिमट गई है। कांग्रेस पार्टी की हार के बाद सिंह, जायसवाल और अग्रवाल ने अलग-अलग समय पर पार्टी के पदाधिकारियों पर कई आरोप लगाए थे। रामानुजगंज से दो बार विधायक रहे बृहस्पत सिंह और मनेंद्रगढ़ से एक बार के विधायक जायसवाल को पार्टी ने इस बार के चुनाव में टिकट देने से इंकार कर दिया था। दोनों राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के विरोधी माने जाते हैं। पूर्व में बृहस्पत सिंह ने सिंहदेव पर जानलेवा हमला कराने का आरोप भी लगाया था। बाद में सिंह ने माफी मांग ली थी। पूर्व मंत्री अग्रवाल को इस चुनाव में भाजपा के लखनलाल देवांगन ने 25,629 मतों से पराजित किया है।
चुनाव परिणाम के बाद अग्रवाल ने इस महीने की आठ तारीख को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए दावा किया कि सत्ता केंद्रीकृत हो गई थी और और मंत्रियों को पांच साल के शासनकाल के दौरान अधिकार नहीं दिए गए। - रायपुर / राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रदेश उन्नति के नए शिखर को प्राप्त करेगा।
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कांकेर. कांकेर जिले में बृहस्पतिवार को नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया, जिसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एक जवान शहीद हो गया। पिछले दो दिन में इस तरह की यह दूसरी घटना है। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना परतापुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत सड़कटोला गांव के पास उस समय हुई जब बीएसएफ और जिला पुलिस का एक संयुक्त दल को गश्त कर रहा था। उन्होंने बताया कि नक्सलियों द्वारा किए गए विस्फोट में बीएसएफ के प्रधान आरक्षक अखिलेश राय (45) घायल हो गए। अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद राय को प्रारंभिक उपचार दिया गया और बेहतर इलाज के लिए पखांजूर भेजा गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि शहीद जवान उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे।
अधिकारी ने बताया कि इलाके में बीएसएफ, जिला रिजर्व गार्ड और जिला बल के संयुक्त दल द्वारा तलाशी अभियान जारी है। नारायणपुर जिले में बुधवार को नक्सलियों द्वारा सुरक्षाकर्मियों की टीम पर हमला करने और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से विस्फोट करने से छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) का एक जवान शहीद हो गया था और एक अन्य घायल हो गया था। - -शहीद जवान के परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदनारायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांकेर जिले के थाना परतापुर के अंतर्गत ग्राम सड़कटोला के पास सर्चिंग के दौरान आईईडी ब्लास्ट में बीएसएफ में प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत श्री अखिलेश राय की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया है।बीएसएफ में प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत श्री अखिलेश राय उत्तरप्रदेश के गाजीपुर जिले के निवासी थे। सर्चिंग अभियान के दौरान आईईडी ब्लास्ट के चपेट में आने से चोट लगने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर उपचार के लिए पखांजुर रवाना किया गया, लेकिन घायल श्री राय शहीद हो गए। मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद जवान के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि श्री अखिलेश राय ने देश सेवा करते हुए वीरगति प्राप्त की है। इस दुख की घड़ी में पूरा छत्तीसगढ़ उनके परिजनों के साथ है।
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बालोद। कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा ने आदेश जारी कर राजस्व पुस्तक परिपत्र (आर.बी.सी.) 6-4 के तहत् जिले में प्राकृतिक आपदा नैसर्गिक विपत्तियों के कारण 03 मृत व्यक्ति के परिवार (निकटतम वारिस) को आर्थिक सहायता अनुदान दिए जाने के प्रावधानों अनुसार 04-04 लाख रूपए आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत किया है। कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि वे स्वीकृत राशि का आहरण एवं भुगतान मृतकांे के निकटतम वारिस को करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में मृतक योगेश कुमार के पुत्र पुनम यादव बालोद, मृतक श्रीमती टाकेश्वरी सोरी के पति दुलेश्वर सोरी ग्राम मथेना तहसील डौण्डी एवं मृतक लोकेश कुमार की पत्नी श्रीमती केशरी बाई ग्राम हीरापुर तहसील बालोद को 04-04 लाख रूपये स्वीकृत किया गया है।
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-स्वयं का पक्का मकान बनाने का सपना हुआ साकार
बालोद ।रोटी, कपड़ा और मकान व्यक्ति की बुनियादी आवश्यकता है। जीविकोपार्जन की साधन की प्रबंध हो जाने के पश्चात् आदमी के लिए सुरक्षित मकान की उपलब्धता उनके सर्व प्रमुख आवश्यकताओं में से एक है। लेकिन गरीबी एवं लाचारी के चलते इसका प्रबंध कर पाना भी व्यक्ति के लिए मुश्किल कार्य होता है। खास करके मेहनत-मजदूरी कर जीवन-यापन समाज के निम्न वर्ग के लोगों के लिए अपने लिए सुरक्षित मकान का निर्माण कर पाना जीवन भर एक सपना रह जाता है। लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले भारत सरकार के प्रधानमंत्री आवास योजना के सफल क्रियान्वयन के फलस्वरूप कभी असंभव लगने वाला कार्य आज हकीकत में चरितार्थ हो रहा है। बालोद जिले मेें भी इस योजना के सफल क्रियान्वयन के चलते हजारों ग्रामीणों का पक्का मकान बनाने का सपना साकार हुआ है। इस जन कल्याणकारी योजना के फलस्वरूप जिले के बालोद विकासखण्ड के ग्राम उमरादाहा के मेहनत मजूदरी कर जीवन-यापन करने वाले अत्यंत गरीब हितग्राही श्री ढाल सिंह पटेल एवं उनके परिवार को सुरक्षित आशियाना मिल गया है। जिसके कारण ढाल सिंह पटेल की पक्का मकान बनाने की वर्षों पुराना सपना साकार हो गया है।प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के फलस्वरूप उनके एवं उनके परिवार के लिए बेहतरीन आवास उपलब्ध होने से ढाल ंिसंह बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अभी हाल में ही उसका पक्का मकान का निर्माण हुआ है। जिसमें वे निवास भी करने लगे हैं। श्री ढाल सिंह ने बताया कि इस मकान के निर्माण के पूर्व वे और उनके परिवार इस नव निर्मित मकान के समीप स्थित घास-फूस से बने झोपड़ी छोटे से झोपड़ी मे रहते थे। जिसमें छांव एवं वर्षा के पानी से बचाव हेतु घास-फूस के अलावा पाॅलीथीन आदि का उपयोग किया करते थे। बारिश के दिनों में इस मकान मंे रहने में बहुत ही परेशानी होती थी। इस दौरान झोपड़ी में पानी टपकने के अलावा कीड़े-मकोड़े का खतरा भी बना रहता था। लेकिन गरीबी के चलते उन्हें अपने लिए सुरक्षित मकान बना पाना लगभग असंभव कार्य था। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना के फलस्वरूप आज उनके एवं उनके परिवार के लिए बेहतरीन पक्का मकान का निर्माण होने से उनके बहुप्रतिक्षित सपने के साकार होने के साथ-साथ उनके जीवन की बहुत बड़ी समस्या का निराकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि अब वे अपने परिवार के साथ खुशहालीपूर्वक इस मकान में निवास कर जीवन-यापन कर रहे हैं। श्री ढाल सिंह पटेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले केंद्र सरकार को अपने जैसे अनेक गरीब लोगों को सुरक्षित आशियाना प्रदान करने के लिए हृदय से धन्यवाद देते हुए उनके प्रति विनम्र आभार माना है। - - सड़क किनारे गड्ढे, खुले चेम्बर की सर्वे कर मरम्मत 15 दिवस में करने के निर्देश- चिन्हित भिखारियों का व्यवस्थापन भी 15 दिवस मेंदुर्ग / जिले के नगरीय निकायों में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए सड़क किनारे सभी छोटे-बड़े कब्जों, अवैध ठेले गुमटियों व चौपाटियों पर की गई कार्यवाही से प्रभावित व्यवसायियों/लोगों का जिला प्रशासन द्वारा व्यवस्थापन किया जाएगा। कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने आज नगरीय निकायों के अधिकारियों की वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक ली। उन्हांेने कहा कि नगरीय निकायों के चौक-चौराहों से हटाये गये अतिक्रमित व्यवसायियों/लोगों को उनके आजीविका के लिए नगर में जगह चिन्हांकित कर शिफ्ट् किया जाए। ठेले को वेडिंग जोन में रखना संभव न हो तो सड़क किनारे स्थान जहां ठेला लगाया जा सके उस स्थान पर व्यवस्थित रूप से शिफ्ट् किया जाए। प्रभावित लोगों का व्यवस्थापन कराकर स्मार्ट वेडिंग जोन के तहत बैंक ऋण राशि की सुविधा मुहैय्या कराने इन्हें प्रधानमंत्री स्व निधि योजना से जोड़कर लाभान्वित किया जाए। कलेक्टर श्री मीणा ने नगरीय निकाय के अधिकारियों को प्रभावित लोगों की व्यवस्थापन कराकर निकायवार जानकारी उपलब्ध कराने कहा है। कलेक्टर श्री मीणा ने जिले में केटल- फ्री रोड पर जोर देते हुए नगरीय निकायवार रोस्टर प्रारंभ होने के अब तक पकड़े गये पशुओं की जानकारी ली। उन्होंने सड़कों पर पशुओं के कारण हो रही दुर्घटना को रोकने के लिए सड़कों से घुमन्तु पशुओं को हटाने के लिए अधिकारियों को प्रभावी तरीके से कार्य करने कहा। कलेक्टर ने कहा कि सब्जी मंडी, बाजार, कालोनियॉं व सड़क की संख्या आदि पर पशुओं की लोकेशन के अनुसार कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि नगर की सड़क केटल-फ्री दिखना चाहिए, पशुओं को सड़कों पर छोड़े जाने पर पशुपालकों की पहचान कर कार्यवाही किया जाए। पशुपालकों से जुर्माना लिये बगैर पशुओं को नहीं छोड़ा जाए। नगरीय क्षेत्र अंतर्गत सड़कों के किनारे गड्ढे व खुले चेम्बर की सर्वे कराकर 15 दिवस में मरम्मत सुनिश्चित किया जाए। सड़क किनारे नालियां स्लैब से ढकी होना चाहिए। नगर में स्ट्रीट लाईट की संख्या कितनी है, कितने में अभी लाईट लगी है। रौप लाईट की क्या स्थिति है, निकायवार जानकारी उपलब्ध करायी जाए। कलेक्टर ने अवगत कराया कि निकायों द्वारा सड़कों पर भीख मांगने वाले 365 लोगों को चिन्हांकित किया गया है। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इन लोगों को शासन की योजनाओं से लाभ मिल रहा है की नहीं, इसकी मॉनिटरिंग करें । इसके अलावा कई बार देखने में पाया गया कि छोटे बच्चों को गोद में लेकर परिजन चौक-चौराहों में भीख मांगते मिले है, ऐसे लोगों के परिजनों की कांऊसिंलिंग कर समझाईश दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि नगर के सड़कों पर कोई भी भीख मांगते ना मिले इसके लिए अधिकारी अभियान चलाकर पंद्रह दिवस में व्यवस्थापन की कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने नगरीय निकायों में स्वच्छता ही सेवा स्वच्छ भारत अभियान की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि जिले के नगरीय निकायों के सभी वार्डों में सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान में अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने अपनी सहभागिता निभायी है। निकायों के वार्डों में सार्वजनिक स्थलों, धार्मिक स्थलों और चौक-चौराहों की सफाई की गई। इसी तरह प्रमुख गांवों में भी विशेष सफाई अभियान चलाया गया। बैठक में अपर कलेक्टर श्री गोकुल रावटे, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, रिसाली नगर निगम के आयुक्त श्री आशीष देवांगन सहित निकायों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -गणमान्य नागरिक, जन प्रतिनिधियों सहित समाज के सभी वर्ग के लोगों ने दी अपनी प्रतिक्रियाबालोद।श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गठित होने वाले छत्तीसगढ़ राज्य की नई सरकार के बेहतर कार्य को लेकर बालोद जिले की जनता पूरी तरह से आशान्वित है। नई सरकार को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बालोद जिले के नागरिकों ने कहा कि श्री विष्णु देव साय जैसे अत्यंत सुलझे हुए राजनेता के मुख्यमंत्री बनने से हमारा छत्तीसगढ़ चहंुमुखी विकास करते हुए प्रगति के नए सोपानों को तय करेगा। छत्तीसगढ़ की नई सरकार के गठन के संबंध में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए गुण्डरदेही निवासी पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम ने कहा श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारा छत्तीसगढ़ राज्य प्रत्येक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश के अग्रणी राज्य के रूप में स्थान बनाएगा। उन्होंने कहा कि श्री विष्णु देव साय गांव एवं जमनी से जुड़े राजनेता है। उन्हें छत्तीसगढ़ की वास्तविक हालात, यहाँ की परिस्थिति एवं आवश्यकताओं के संबंध में भली-भाँति ज्ञान है। श्री साय यहाँ की आवश्यकताओं के अनुरूप नीति-निर्धारण कर राज्य के कल्याण में उनका सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन ने कहा कि श्री विष्णु देव साय जी लोकप्रिय और जनता के लिये समर्पित नेता हैं। मुझे उनके साथ कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हो चुका है। मैं उनके साथ कार्य करने के अद्भुत पल को नही भूल सकता।नई सरकार के गठन के संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए नगर पालिका बालोद के पूर्व अध्यक्ष श्री राकेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में नई सरकार के गठन के साथ ही छत्तीसगढ़ की 03 करोड़ जनता के तकदीर एवं तस्वीर को बदलने का अभियान शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के साथ ही 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने के साथ ही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के 02 साल का बोनस भी छत्तीसगढ़ के किसानों को प्राप्त होगा। इसी तरह जिले के गणमान्य नागरिक श्री कृष्णकांत पवार भी श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के पश्चात् छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य को लेकर पूरी तरह से आशान्वित है। इसी तरह जिले के वरिष्ठ पत्रकार श्री अरमान अश्क सहित सर्व आदिवासी समाज डौण्डीलोहारा के ब्लाॅक अध्यक्ष श्री तुकाराम कोर्राम, ग्राम पंचायत कारूटोला के सरपंच श्री तुलसी राम मरकाम एवं ग्राम कुुसुमकसा के ग्रामीण श्री टीकू राम साहू एवं श्रीमती लक्ष्मी साहू ने भी कहा कि श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य सभी क्षेत्रों में निरंतर प्रगति करते हुए विकास का नया कीर्तिमान रचेगा।
- बालोद । बालोद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के अंतर्गत धान खरीदी का कार्य निरंतर जारी है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 01 लाख 49 हजार 194 किसानों ने धान विक्रय हेतु पंजीयन कराया है। जिसमें से अब तक 57 हजार 261 किसानों द्वारा कुल 02 लाख 21 हजार 163 मेट्रिक टन धान विक्रय किया गया है। जिसकी कुल राशि 485 करोड़ 09 लाख रूपए है। उन्होंने बताया कि अब तक 01 लाख 91 हजार 105 मेट्रिक टन धान हेतु डीओ जारी किया गया है, जिसमें से 01 लाख 22 हजार 189 मेट्रिक टन का धान उठाव कर लिया गया है। उपार्जन केन्द्रों में 98 हजार 973 मेट्रिक टन धान शेष है। उन्होंने बताया कि आगामी खरीदी दिवस हेतु 4511 किसानों के लिए टोकन जारी किया गया है, जिसमें कुल 18 हजार 839 मेट्रिक टन धान की खरीदी की जाएगी।
- बालोद। छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग की महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत पात्र हितग्राहियों से आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हंै। इस योजना का लाभ लेने हेतु पात्रताधारी ईच्छुक जोड़ों को अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक अथवा परियोजना अधिकारी के समक्ष 15 जनवरी तक विधिवत रूप से पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विपिन जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के राशन कार्डधारी परिवार की प्रथम 02 पुत्रियों का विवाह कराया जा सकता है। जिसकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा वर की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष होनी चाहिए। दोनों को अविवाहित तथा कन्या को छत्तीसगढ़ (यथासंभव बालोद जिले का) का मूल निवासी होना चाहिए। वर-वधू की आयु का सत्यापन शैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रमाण पत्र अथवा जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर ही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र के साथ आयु का निर्धारण संबंधी प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत प्रदत्त राशन कार्ड की छायाप्रति, वर-वधू की पासपोर्ट साईज की फोटो, आधार कार्ड की फोटोकापी तथा वर-वधू के अविवाहित होने संबंधी प्रमाण पत्र संलग्न करना आवश्यक होगा। योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र पाए किए गए जोड़ों का विवाह शासन द्वारा निर्धारित तिथियों एवं विवाह सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से किया जाएगा। इस योजना के तहत वर-वधू का विवाह शासकीय व्यय एवं प्रावधानों के अनुसार पूर्व निर्धारित स्थलों पर कराते हुए उन्हें उपहार स्वरूप विभिन्न जीवनोपयोगी सामग्रियां प्रदान की जाएगी। उल्लेखनीय है कि योजना के तहत नवीन निर्देशों के अनुरूप वधू को 21,000 रूपये की राशि प्रदान की जाएगी। जिसके लिए वधू का किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता होना अनिवार्य है ताकि उपहार राशि सीधे संबंधित के बैंक खाते में प्रेषित किया जा सके। योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन माह फरवरी 2024 के अंतिम सप्ताह में उपयुक्त तिथियों एवं स्थलों पर किया जाना संभावित है। अनिवार्य परिस्थितियों अथवा जोड़ों के परिजनों की सुविधा अनुसार इन तिथियों में परिवर्तन भी किया जा सकता है। जिसकी सूचना संबंधित परियोजना अधिकारियों के माध्यम से यथासमय प्रदान की जाएगी।
- बालोद ।बालोद जिले में सेफ इंटेलीजेंट सिक्यूरिटी सर्विसेस भिलाई के द्वारा सुरक्षाकर्मियों की भर्ती हेतु जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र बालोद में 26 दिसम्बर 2023 एवं शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था डौण्डीलोहारा में 27 दिसम्बर 2023 को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। उप संचालक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मागदर्शन केंदद्र बालोद ने बताा कि इसके अंतर्गत कार्य क्षेत्र रायपुर, भिलाई, दुर्ग एवं राजनांदगांव के लिए सिक्यूरिटी गार्ड (केवल पुरुष) के 100 पद के लिए शैक्षणिक योग्यता पांचवी एवं आठवीं एवं इसके लिए निर्धारित आयु सीमा 20 से 45 वर्ष तथा मासिक वेतनमान 8000 हजार से 10,000 तक निर्धारित की गई है। इसी तरह सिक्यूरिटी गार्ड (केवल पुरुष) के 200 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता दसवीं/बारहवीं एवं इसके लिए निर्धारित आयु सीमा 20 से 45 वर्ष तथा मासिक वेतनमान 10,000 हजार से 12,000 तक निर्धारित की गई है। इसी तरह सिक्यूरिटी सुपरवाईजर (केवल पुरुष) के 50 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता बारहवीं/ग्रेजुएट एवं इसके लिए निर्धारित आयु सीमा 25 से 45 वर्ष तथा मासिक वेतनमान 11,000 हजार से 15,000 तक निर्धारित की गई है।इसी प्रकार कार्यक्षेत्र भिलाई हेतु लेबर (केवल पुरुष) के 300 पद के लिए निर्धारित आयु सीमा 18 से 45 वर्ष तथा मासिक वेतनमान 15,000 तक निर्धारित की गई है। इसी तरह कार्यक्षेत्र मेघालय हेतु मिóी एवं कुली के लिए निर्धारित आयु सीमा 18 से 45 वर्ष तथा वेतनमान 450 रुपये से 650 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि ईच्छुक अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता के सम्पूर्ण प्रमाण पत्र, 04 पासपोर्ट साईज फोटो, रोजगार पंजीयन कार्ड एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि एवं स्थान पर उपस्थित होना अनिवार्य है।
- -आधार अपडेशन कई दस्तावेजों के लिए है जरूरीभिलाईनगर। आधार अपडेशन के लिए नगर पालिक निगम भिलाई के द्वारा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 19 जनवरी तक आयोजित होगा। नगर पालिक निगम भिलाई की आम नागरिकों से अपील है कि जिन्होंने अब तक अपना आधार कार्ड अपडेट नहीं कराया है वह अपना आधार कार्ड शीघ्र ही अपडेट करा लें। बैंक, अकाउंट हो या जन्म - मृत्यु, आयुष्मान कार्ड सहित सभी जरूरी दस्तावेजों के लिए आधार अपडेशन जरूरी है। निगम द्वारा लगाए जा रहे शिविर में जोन 01 में 206, जोन 02 में 203, जोन 03 में 170, जोन 04 में 220 तथा जोन 05 में 212 नागरिकों का अपडेशन किया जा चुका है।10 वर्ष पूर्व जिन्होंने अपना आधार कार्ड बनवाया है उन्हें आधार अपडेशन करवाना अत्यंत अनिवार्य है। ताकि उन्हें इस आधार पर अन्य दस्तावेजों को बनाने में सहूलियत हो और दिक्कतों का सामना न करना पड़े। अब तक कई लोगों ने शिविर का लाभ उठाते हुए अपना आधार अपडेट करवा लिया है साथ ही आयुष्मान कार्ड भी बनवा लिया है। गौरतलब है कि महापौर नीरज पाल एवं निगमायुक्त रोहित व्यास के निर्देश पर निगम के कर्मचारियों के द्वारा निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों मंे पहुंचकर आयुष्मान कार्ड बनाने शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 6 दिसंबर से जारी शिविर में निगम क्षेत्र के 1011 नागरिकों ने अपना आधार कार्ड अपडेशन करा लिया है।इन स्थानों पर लग रहा शिविर -13 दिसम्बर को मंचमुखी गार्डन सांस्कृतिक गार्डन, वार्ड 16 सुपेला बाजार में सामुदायिक भवन शंकर पारा सुपेला व सामुदायिक भवन दुबे पशु आहार, वार्ड 32 बैकुण्ठधाम सुन्दर नगर में युगनिर्माण स्कूल के पास पार्षद कार्यालय, वार्ड 40 शहीद चुम्मन यादव छावनी में मंगल बाजार के पास व राधाकृष्णा मंदिर के पास, वार्ड 59 सेक्टर 05 पूर्व में डोम शेड सड़क 12-13, वार्ड 04 नेहरू नगर में 14 एवं 15 दिसम्बर को नेहरू नगर सियान सदन, वार्ड 19 राजीव नगर में राम जानकी मंदिर व हनुमान मंदिर शकुन्तला विद्यालय रामनगर, वार्ड 33 संतोषी पारा केम्प 02 में गौरव पथ नाले के पास व काली मंदिर विवेकानंद के पास, वार्ड 41 औद्योगिक क्षेत्र छावनी में राजीव नगर सामुदायिक भवन व क्रांति चौक के पास आंगनबाड़ी, वार्ड 60 सेक्टर 05 पश्चिम में डोम शेड संत विजय आडिटोरियम, वार्ड 05 कोसानगर में 19 एवं 20 दिसम्बर को राधाकृष्णा मंदिर व सामुदायिक भवन उपस्वास्थ्य केन्द्र के पास, वार्ड 20 वैशाली नगर में वैशाली नगर पार्षद कार्यालय, वार्ड 34 वीर शिवाजी वार्ड में पार्षद कार्यालय मिलन चौक, वार्ड 42 गौतम नगर में गली नं. 5 शिव मंदिर व बड़ा मंचशील स्कूल, वार्ड 61 सेक्टर 6 पूर्व में नगर निगम जोन कार्यालय जोन 5, वार्ड 06 प्रियदर्शिनी परिसर में 21 एवं 22 दिसम्बर को शीतला मंदिर संजय नगर व बलीराम किराना स्टोर्स व्यकेटेश्वर टाकिज के पास सामुदायिक भवन, वार्ड 21 कैलाश नगर में कैलाश नगर सियान सदन, वार्ड 35 शारदा पारा में पार्षद कार्यालय जनता स्कूल के पास, वार्ड 43 बापू नगर में राजीव नगर दुर्गा पंडाल व राजीव नगर शिव मंदिर, वार्ड 62 सेक्टर 6 मध्य में कालीबाड़ी सेक्टर 6, वार्ड 07 राधिका नगर में 26 एवं 27 दिसम्बर को सियान सदन राधिका नगर, वार्ड 22 कुरूद में बाजार चौक सामुदायिक भवन, वार्ड 36 श्याम नगर में सूर्या नगर सतनाम भवन व अहमद नगर आंगनबाड़ी केन्द्र, वार्ड 44 लक्ष्मी नारायण नगर में गणेश मंच उड़िया बस्ती व जलाराम मंदिर लक्ष्मी नारायण नगर, वार्ड 63 सेक्टर 6 में सड़क 70 पार्षद निवास के पास, वार्ड 08 कृष्णा नगर में 28 एवं 29 दिसम्बर को राधाकृष्ण मंदिर व बजरंग चौक वार्ड कार्यालय, वार्ड 23 घाॅसीदास नगर में दुर्गा मंच, वार्ड 37 संत रविदास नगर में पार्षद कार्यालय, वार्ड 45 बालाजी नगर में सामुदायिक भवन सांई मंदिर परिसर, वार्ड 64 सिविक सेंटर सेक्टर 10 में सड़क 12 व 13, वार्ड 09 राजीव नगर सुपेला में 2 एवं 3 जनवरी को राजीव नगर सांस्कृतिक मंच पारस नाथ कापरेटिव के पास, वार्ड 24 हाउसिंग बोर्ड में सियान सदन के सामने, वार्ड 52 सेक्टर 03 में दुर्गा पूजा मंच व अखाड़ा मैदान, वार्ड 46 दुर्गा मंदिर में सामुदायिक भवन, वार्ड 65 सेक्टर 10 में पार्षद निवास सेक्टर 10 में शिविर लगाये जायेगे।
- दुर्ग / भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत विकास योजना निर्माण हेतु जन योजना अभियान 2023-24 का आयोजन किया जा रहा है। 02 अक्टूबर 2023 से 31 मार्च 2024 तक अभियान के दौरान जिला पंचायत/जनपद पंचायत/ग्राम पंचायत में क्रमशः सामान्य सभा व ग्राम सभा का आयोजन कर वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये कार्ययोजना का निर्माण किया जाना है। ग्राम पंचायत विकास योजना निर्माण हेतु ग्राम सभा का आयोजन 19 दिसम्बर 2023 को सभी ग्राम पंचायतों में किया जाएगा।प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त विशेष ग्राम सभा में कई कार्यसूचियां सम्मिलित है। जिसके अंतर्गत जीपीडीपी निर्माण हेतु एलएसडीजी की 09 थीमों में से कम से कम 01 थीम पर संकल्प लिया जाकर वाइब्रैंट ग्राम सभा पोर्टल में उसकी एण्ट्री करना अनिवार्य है। चयनित संकल्प को पूर्ण करने हेतु संबंधित गतिविधियों की प्राथमिकता निर्धारित किया जाना है। ग्राम सभा की बैठक में लाईन विभाग से संबंधित अधिकारी/कर्मचारी द्वारा अपने-अपने विभाग की योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत कर प्रारुप जीपीडीपी में समस्त विभाग की योजनाओं के साथ-साथ लो कॉस्ट-नो कॉस्ट गतिविधियों को भी सम्मिलित किया जाएगा। इसके अलावा ग्राम सभा की बैठक में अतिरिक्त कार्यसूची के रूप में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत भी कई बिन्दु सम्मिलित है। जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायत में आने वाले ग्रामांे में शौचालय विहीन परिवार का चिन्हांकन एवं उनकी सूची का अनुमोदन उपरांत जनपद पंचायत/जिला पंचायत को प्रेषण करना, ओ.डी.एफ प्लस के मापदण्डों को पूरा करने वाले ग्रामों को ओडीएफ, प्लस घोषित करने की घोषणा, गोबरधन योजना अन्तर्गत स्थापित बायोगैस संयंत्रों के समुचित उपयोग एवं संधारण हेतु जिम्मेदारी का निर्धारण करना है। साथ ही ग्राम सभा में लिये गये निर्णयों की अधिकतम 15 मिनट की विडियों रिकार्डिंग कर विडियो को ’’ग्राम सभा निर्णय’’ (जीएस एनआईआरएनएवाय) मोबाईल एप्प में अपलोड किया जाना है। ग्राम सभा ’’संकल्प’’ एवं गतिविधियों को वाइब्रेंट ग्राम सभा पोर्टल (https:meetingonline-gov-in) एवं जीपीडीपी पोर्टल में शत्-प्रतिशत् अपलोड किया जाएगा। सभी जनपद सी.ईओ. को जनपद स्तर के ग्राम पंचायतों में 19 दिसंबर 2023 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किये जाने हेतु आयोजित ग्राम सभा में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन जिला पंचायत को उपलब्ध कराना होगा। file photo
- -सुशासन से संवरेगा छत्तीसगढ़ - आएगी खुशहाली-जागी विकास की नई आस-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के गाँव बगिया के लोगों ने कहा-कार्यशैली और व्यवहार कुशलता से सब के दिलों में अपनी छाप छोड़ेंगे नए मुख्यमंत्रीरायपुर / प्राकृतिक सुंदरता के साथ शान्ति और सुकून का आभास कराने वाले जशपुर की पहचान में एक नई कड़ी जुड़ गई है। यहां के कांसाबेल ब्लॉक में जीवनदायिनी मैनी नदी के किनारे बसे खूबसूरत गाँव बगिया में खिले श्री विष्णु देव साय रूपी फूल की खुशबू से अब पूरा छत्तीसगढ़ महकेगा। छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इसी बगिया गाँव में जन्में और पले बढ़े हैं।बगिया गांव के निवासियों का कहना है कि पहली बार उनके गाँव और जशपुर जिले से छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनाया गया है, इससे इस क्षेत्र में विकास की नई बयार चलेगी। सुशासन का उदय होगा और प्रदेश में खुशहाली आएगी। लगभग ढाई हजार की जनसंख्या वाले बगिया गांव से पहली बार कोई मुख्यमंत्री बना है। इससे गांव के साथ-साथ पूरे जशपुर जिले में उत्साह और खुशियों का माहौल है।जनजाति समाज से आने वाले श्री विष्णु देव साय द्वारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही बगिया में रहने वालों में ही नहीं बल्कि जशपुर, सरगुजा संभाग सहित पूरे छत्तीसगढ़ में विकास की एक नई उम्मीद और आस बंध गई है। श्री विष्णु देव साय की सादगी और व्यवहार से गाँव के लोग भलीभांति परिचित हैं। गाँव में रहने वाले 75 साल के बुजुर्ग जितरंजन साय बताते हैं कि विष्णु देव साय की सादगी और व्यवहार को देखकर गाँव के लोगों ने उन्हें पहले पंच फिर सरपंच बनाया। गाँव के लोग चाहते थे कि श्री साय बड़ा मंत्री बनें, उन्हें मुख्यमंत्री बनते देख के पूरा गांव बहुत खुश है। अब उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की उन्नति होगी और भविष्य उज्ज्वल होगा।मैनी नदी के किनारे श्री विष्णु देव साय के घर के सामने ही ग्रामीण सुखलाल सिदार रहते हैं। उनका कहना है कि अब हमारे गाँव बगिया के फूल से पूरा छत्तीसगढ़ महकेगा। श्री विष्णु देव साय किसी खूबसूरत फूल की तरह कोमल हृदय वाले, सहज और सादगी वाले व्यक्ति है। उनका व्यवहार सबको भाएगा। गाँव में उनका मेलजोल सभी के साथ है। आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में भले ही आज वे शपथ ले रहे हैं, लेकिन वे अपनी कार्यशैली और व्यवहार कुशलता से सभी के दिलों में अपनी छाप छोड़ेंगे। उनके नेतृत्व में सरगुजा संभाग सहित पूरे छत्तीसगढ़ का विकास होगा।बगिया गांव के बंठू राम साय कहते हैं कि श्री विष्णु देव साय को प्रदेश के मुखिया के रूप में देखकर बहुत ख़ुशी हो रही है। श्री साय जब गांव आएंगे तो उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। उनके मुख्यमंत्री बनने से बगिया ही नहीं बल्कि आसपास के सभी गाँव के लोग खुश है और सबको एक नया भविष्य दिख रहा है। गाँव में स्व सहायता समूह संचालित करने वाली एकता स्व सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती शानियरो बाई और सचिव उमादेवी कहती हैं कि श्री विष्णु देव साय हमारी बातों को ध्यान से सुनते हैं और समस्या को दूर करने की कोशिश करते हैं। कुछ ऐसा ही गांव की देवंती बाई और सुकांति बाई भी बताती हैं। उनका कहना है कि श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ में सादगी और सुशासन का एक नया अध्याय लिखेंगे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री भारतरत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की 15 दिसंबर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने सरदार पटेल का पुण्य स्मरण करते हुए कहा है कि सरदार पटेल अपने फ़ौलादी संकल्पों के कारण लौह पुरुष के नाम से जाने जाते हैं। उन्होंने देशी रियासतों का भारतीय संघ में विलय कर देश के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता के लिए किये संघर्ष के दौरान उन्होंने कई आंदोलनों का कुशल नेतृत्व किया। श्री साय ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी सरदार पटेल भारत को एक सूत्र में पिरोने की दिशा में काम करते रहे। भारत देश के निर्माण में सरदार पटेल की भूमिका हमेशा अविस्मरणीय रहेगी।
- -जन सूचना एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी ऑनलाइन पोर्टल में स्व पंजीयन अनिवार्य रूप से करेंरायपुर/ सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत ई फाइलिंग सुविधा एवं स्व पंजीयन विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन आज रायपुर स्थित सर्किट हाउस के ऑडिटोरियम में किया गया। राज्य सूचना आयुक्त श्री मनोज त्रिवेदी, श्री धनवेंद्र जायसवाल, आयोग के सचिव श्री जी आर चुरेंद्र और राज्य शासन की नोडल अधिकारी एवं उप सचिव सामान्य प्रशासन श्रीमती मेरी खेस की उपस्थिति में इस कार्यशाला में राज्य के सभी जिलों के कलेक्टर कार्यालय एवं जिला पंचायत कार्यालय के नोडल अधिकारी उपस्थित हुए। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के अधिकारियों एवं एन आई सी के अधिकारियों के द्वारा ऑनलाइन पोर्टल में स्व- पंजीयन एवं ई फाइलिंग की सुविधा के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। कार्यशाला में अधिकारियों की शंकाओ का समाधान भी किया गया।एक दिवसीय राज्य स्तरीय इस कार्यशाला में राज्य सूचना आयुक्त श्री मनोज त्रिवेदी ने कहा कि आम जनता एवं जन सूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपील अधिकारियों की सुविधा के लिए ई फाइलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जन सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों को वेब पोर्टल में स्व पंजीयन सुनिश्चित करना है। सूचना का अधिकार अधिनियम के कार्यों के क्रियान्वयन में अब डिजिटल कार्य किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में सभी राज्यों में ई फाइलिंग की सुविधा एवं अन्य कार्य किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में पहले से ही ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा शुरू कर दी गई। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों से ई-फाइलिंग की सुविधा को अपने जिले के सभी जन सूचना अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों को अवगत कराते हुए पंजीयन की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं।कार्यशाला में राज सूचना आयुक्त श्री जायसवाल ने नोडल अधिकारियों से कहा कि वे सुनिश्चित कराएं कि जन सूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों के कार्यालय में उनकी नाम पट्टिका स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो। आरटीआई एक्ट में लापरवाही ना करें और किसी लिपिक के सहारे ना रखें। इस कार्य में जन सूचना अधिकारी व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार होता है। उन्होंने प्रथम अपील का निराकरण गंभीरता से करने की समझाइए देते हुए कहा कि प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी भी प्रथम अपीलीय अधिकारी की होती है। उन्होंने ग्राम पंचायत में सचिवों के तबादले होने पर दस्तावेज भी नए सचिव को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं ताकि आरटीआई में आवेदक को भटकना न पड़े। कार्यशाला में राज्य सूचना आयोग के सचिव श्री जी आर चुरेंद्र ने सभी नोडल अधिकारियों से कहा है कि वह इलेक्शन मोड की तरह स्व पंजीयन के कार्य को प्राथमिकता दें। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में नोडल अधिकारी सभी विभागों में नियुक्त हो रहे हैं। उन्होंने जिला स्तर पर स्व पंजीयन के कार्य को करने के लिए एन आई सी की मदद लेने कहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि वह आयोग के द्वारा लगाए गए जुर्माने की राशि सरकारी खजाने में जमा करवा कर उसकी भी सूचना भेजना सुनिश्चित किया करें। कार्यशाला में राज्य सूचना आयोग की अवर सचिव श्रीमती गीता दीवान के द्वारा कहा गया कि आरटीआई का ज्ञान और उनके नियमों की जानकारी जितना आपके पास होगी उतना ही आवेदनों का निराकरण समय पर कर सकेंगे। उन्होंने आवेदनों को टालने की प्रवृत्ति से बचने की समझाइए दी है। कार्यशाला में आयोग के अनुभाग अधिकारी श्री अतुल कुमार वर्मा ने ऑनलाइन पोर्टल पर स्वपंजीयन एवं दस्तावेजों को अपलोड करने के विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र मंत्रालय के अधिकारी श्री अशोक मौर्य एवं उनकी टीम के द्वारा ऑनलाइन आरटीआई में स्व पंजीयन एवं प्राप्त आवेदनों के निराकरण को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताते हुए अधिकारियों की शंकाओ का समाधान किया गया। कार्यशाला में आभार प्रदर्शन स्टाफ ऑफिसर श्रीमती रजनी छड़ीमली के द्वारा किया गया।
- राजनांदगांव। भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य शाखा में नोट गिनने के दौरान अज्ञात युवक ने 50 हजार रुपये पार कर दिए। मिली जानकारी के अनुसार राइस मिल व्यापारी विष्णु प्रसाद लोहिया ने स्टेट बैंक में नौ लाख रुपये निकाले। वे नोटों की गिनती कर रहे थे। इसी बीच उन्होंने नोट गिनने के लिए एक युवक की सहायता ली। युवक ने व्यापारी को नोट में स्याही लगा होने का झांसा दिया। इसके बाद युवक मौके से निकल गया। नोटों की फिर से गिनती की गई थी 50 हजार रुपये कम निकले । प्रार्थी की शिकायत पर पुलिस सीसीटीवी कैमरों का फुटेज खंगाल रही है। जिसमें एक युवक संदिग्ध नजर आ रहा है। कोतवाली थाना प्रभारी एमन साहू ने बताया कि इस मामले की जांच जारी है। file photo
- राजनांदगांव। सहकारी संस्थाएं विभाग ने छुरिया ब्लाक के बम्हनी चारभांठा सोसाइटी के लिपिक शंकर दास साहू को 6.05 लाख रुपये के फर्जी ऋण के मामले में बर्खास्त किया है। आरोप है कि लिपिक ने पांच किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से ऋण निकाला है। शिकायत पर कराई गई जांच में यह सही पाए जाने पर बर्खास्तगी के रूप में बड़ी कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि इस तरह का फर्जीवाड़ा कई समितियों में सैकड़ों किसानों के साथ किया गया है। जांच में बड़े खुलासे हो सकते हैं।चुनावी वर्ष में कर्ज माफी की आस में किसानों ने तो खरीफ फसलों के लिए ऋण लिया ही, उनकी आड़ में सहकारी समितियों के अधिकारी-कर्मचारियों ने भी बड़ा खेल किया है। इसका खुलासा बुधवार को बम्हनी चारभाठां से हुआ। वहां के किसान बिसलराम कतलाम ने कृषि कार्य के लिए 25 हजार रुपये का ऋण निकाला। चेक में 23 के सामने दो लाख रुपये जोड़कर आरोपित लिपिक ने उसे 2.25 लाख कर दिया। बैंक से राशि निकालने के बाद किसान को 25 हजार देकर भेज दिया और स्वयं दो लाख रुपये रख लिया। किसान को यह खेल तब पता चला जब वे और ऋण लेने समिति पहुंचा।बताया गया कि ऋण के नाम पर फर्जीवाड़े की शिकायत पर जब सहकारिता विभाग ने जांच शुरू की तो उसके परतें खुलने लगी। एक शिकायत पर की जा रही जांच के दौरान पांच और किसानों के साथ फर्जीवाड़ा सामने आया। किसानों के साथ बैंक को अंधेरे में रखकर उक्त लिपिक चेक में अतिरिक्त राशि भर देता था। शेष राशि खुद रख लेता था। आगे की जांच में इस तरह के मामले और सामने आने सी बात कही जा रही है। जांच अधिकारी देवेंद्रकुमार मिश्रा ने बताया कि जांच के दौरान एक लाख रुपये के गबन की भी जानकारी सामने आई। यह राशि माइक्रो एटीएम की थी जो लिपिक शंकर दास साहू के पास थी। उसे उसने स्वय रख ली। उनके अनुसार उक्त सभी मामलों में आरोपी शंकर दास साहू से कुल छह लाख पांच हजार रुपये की वसूली कर ली गई है। प्रतिवेदन में पुलिस में आपराधिक मामला दर्ज कराने की भी अनुशंसा की गई है।
- -उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने शहीद कमलेश साहू के परिजनों से मिलकर बंधाया ढांढस, शहीद जवान को अर्पित की श्रद्धांजलिरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर जिले में हुए आईईडी ब्लास्ट में सक्ती जिले के हसौद निवासी शहीद जवान श्री कमलेश साहू को नमन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए हैं। मुख्यमंत्री ने शहीद जवान के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा छत्तीसगढ़ उनके परिजनों के साथ है। श्री कमलेश साहू ने आदम्य साहस का परिचय देते हुए वीरगति प्राप्त की है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज सक्ती जिले के हसौद पहुंचकर शहीद श्री कमलेश साहू को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने शहीद के पिता श्री मुंगेश्वर साहू को गले लगाकर उन्हें ढांढस बंधाया। श्री शर्मा ने शहीद कमलेश की माता श्रीमती तारा देवी साहू, पत्नी श्रीमती वृंदाबाई साहू, शहीद की बड़ी बहन श्रीमती कमलेश्वरी साहू और छोटे भाई श्री यशवंत साहू सहित अन्य परिजनों से भी मुलाकात की और सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि शहीद श्री कमलेश साहू ने देश की सेवा करते हुए वीरगति प्राप्त की है, उनकी शहादत को नमन है। विधायक श्री केदार कश्यप, जैजैपुर विधायक श्री बालेश्वर साहू, चंद्रपुर विधायक श्री रामकुमार यादव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भी हसौद पहुंचकर शहीद श्री कमलेश को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सक्ती की कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक श्री एम. आर आहिरे सहित बड़ी संख्या में नागरिकांे ने भी शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे महंत रामसुंदर दास ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। महंत रामसुंदर दास भाजपा के बृजमोहन अग्रवाल से हार गए। महंत रामसुंदर दास ने इस हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। देखें पत्र-
- जानकारी के लिए जिला कोषालय से करें संपर्करायपुर/ओपीएस चयन एवं कार्मिक संपदा पोर्टल में अपलोड किए जाने के संबंध में संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि नवा रायपुर द्वारा अंतिम तिथि 29 दिसंबर निर्धारित की गई है। वरिष्ठ जिला कोषालय अधिकारी ने बताया कि संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी उक्त प्रक्रिया की विस्तृत सूचना कार्यालय जिला कोषालय रायपुर से भी संपर्क किया जा सकता है।
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*विजयोल्लास के पथ पर चुनौतियों के नुकीले कंटकों पर चलकर स्वप्नों को साकार करने संकल्पों की कसौटी पर खरा उतरने की चुनौती*
*सत्ता व संगठन के कर्णधार कार्यकर्ताओं का ध्यान रखें, कार्यकर्ता सत्ता और संगठन के मद्देनजर अपनी समझ विकसित करें*

*अनिल पुरोहित,* वरिष्ठ पत्रकार
भारतीय जनता पार्टी पाँच वर्षों के अपने वनवास से उबरकर नए संकल्पों के पथ पर ऊर्जा और विश्वास के नए आलोक में अपनी महत्वपूर्ण यात्रा प्रारंभ करने जा रही है। संकल्पों का यह पथ चुनौतियों के कंटकों से भरा हुआ है और भाजपा के कर्णधारों को इन चुनौतियों को पार कर विश्वास के धरातल को अपने निर्णयों, नीतियों और कार्य-संस्कृति से सतत अभिसिंचित करना है, संगठन के स्तर पर भी और सत्ता के स्तर पर भी! सत्ता के गलियारे में चहलकदमी करते वक़्त भाजपा को यह बात हमेशा ध्यान रखनी होगी कि यह माया महाठगिनी होती है। वह सत्ताधीशों को अपनी चकाचौंध में वह सबकुछ देखने ही नहीं देती, जो वास्तव में उसे देखना चाहिए और जिस काम के लिए सत्ता उन्हें साधन के तौर पर मिली है। यह अप्रत्याशित क़तई नहीं है कि भाजपा ने चुनावी मैदान मार लिया है, क्योंकि अपनी पराजय की पटकथा तो कांग्रेस के सत्ताधीशों ने सत्ता सम्हालते ही खुद अपने हाथों लिखनी शुरू कर दी थी और जिस भाजपा को तमाम राजनीतिक विश्लेषक और कांग्रेस के लोग सत्ता की दौड़ से बाहर मानकर चल रहे थे, वे मतदान के पहले चरण के क़रीब आते-आते भाजपा को कांग्रेस के मुक़ाबिल मानने लगे, हालाँकि भाजपा की जीत हो रही है, यह बात मानने और भाजपा की जीत पचाने के लिए मतगणना के पहले तक मतगणना के शुरुआती रूझानों के बाद भी वे तैयार नहीं दिखाई दे रहे थे। पर जनादेश भाजपा के पक्ष में आना था, सो आ गया। अब शपथ ग्रहण के महोत्सव के साथ भाजपा की असली परीक्षा शुरू हो रही है। विजयोल्लास के पथ पर चुनौतियों के नुकीले कंटकों पर चलते हुए उन स्वप्नों को साकार करना है, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' श्रद्धेय अटलजी ने संजोया था, उन संकल्पों की कसौटी पर खरा उतरना है, जिसे बार-बार दुहराकर भाजपा ने यह विश्वासपूर्ण जनादेश अर्जित किया है।
यह माना जाना चाहिए कि हिन्दुत्व, विकास, सेवा, सुशासन और ग़रीब कल्याण के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे तथा 'मोदी की गारंटी' ने भाजपा की जीत की राह को आसान बनाया है, पर उससे भी कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण बात यह ध्यान में रखी जानी चाहिए कि कर्ज़माफ़ी, मुफ़्त बिजली, मुफ़्त शिक्षा जैसे नितांत निजी फ़ायदों को अपनी ठोकर पर रखकर प्रदेश की जनता-जनार्दन ने भाजपा के वादों और घोषणाओं पर इतना अधिक विश्वास जताया कि अब तक के हुए पाँच चुनावों में भाजपा को न केवल अधिक सीटें मिली हैं, अपितु वोटों के प्रतिशत में भाजपा को एक नया रिकॉर्ड बनाने का मौक़ा दे दिया। पर जीत और सरकार में आने की इस बेला में आत्ममुग्ध होने के बजाय भाजपा के लिए भी आत्म मंथन की उतनी ही ज़रूरत है, जितनी आज कांग्रेस को है। परंतु, कांग्रेस पराजय के सबक और संदेश को कब समझ पाई है? सत्ता प्रबंधन की इतनी ही राजनीतिक समझ कांग्रेस में होती तो 71 सीटों से महज़ पाँच सालों में 35 सीटों पर नहीं सिमटती। इस सच्चाई को पूरी शिद्दत से स्वीकार करना चाहिए कि प्रधानमंत्री आवास की मांग को लेकर विधानसभा के समक्ष हुए प्रदर्शन के साथ ही भाजपा ने अपने धारदार तेवर दिखाए और उसके बाद लगातार चले अभियानों व कार्यक्रमों ने भाजपा की भूमिका को प्रभावी बनाया। राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान पर इस वर्ष के मध्य में हुई प्रधानमंत्री श्री मोदी की सभा ने भाजपा को राजनीतिक संजीवनी दे दी। आज धान की क़ीमत, ख़रीदे जाने वाले धान की मात्रा, दो साल का बकाया बोनस, महतारी वंदन योजना, युवाओं के लिए संभावनाओं का आकाश तलाशने की प्रतिबद्धता, जबरिया धर्मांतरण पर रोक लगाकर आदिवासी संस्कृति व परंपराओं की रक्षा और तुष्टीकरण की रक्त-पिपासु राजनीतिक प्रवृत्ति को नेस्त-ओ-नाबूद करने का प्रण, इनमें से भाजपा की जीत का श्रेय राजनीतिक विश्लेषक चाहे जिसे दें, पर इन चुनावों में इस सत्य को नकारा नहीं जा सकता कि पहली बार एक दल के नाम पर चुनाव हुए हैं और इसमें व्यक्ति गौण हो गया था। प्रधानमंत्री श्री मोदी इस विजय रथ के सारथी बने और इसीलिए कांग्रेस 'भूपेश है तो भरोसा है' से लेकर 'भरोसे की सरकार' के जुमले उछालने के लिए विवश हुई जबकि बिना कोई चेहरा सामने किए भाजपा सत्ता-सिंहासन पर विराजमान है। निश्चित रूप से भाजपा के लिए यह गर्व का क्षण है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व अन्य अनेक प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों व साधु-संतों की मौज़ूदग़ी में प्रदेश के हज़ारों-हज़ार कार्यकर्ताओं के बीच प्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ शपथ ली है। अब इस विचार पर भी विमर्श की शुरुआत होनी चाहिए कि मंत्रिमंडल के परंपरागत ढाँचे को कोई नया आकार दिया जाए जिसमें शामिल हर एक मंत्री समूचे प्रदेश के स्तर पर अपने विभाग की कार्यप्रणाली की न केवल समझ से भरपूर हो, अपितु अपनी विभागीय योजनाओं व कार्यक्रमों से प्रदेश के हर एक परिवार को लाभ पहुँचा सके। जाहिर है, ऐसे मंत्रिमंडल में किसी अपराधी या भ्रष्ट प्रवृत्ति को ज़गह नहीं मिलनी चाहिए, अन्यथा ऐसे लोग सेवा-सुशासन और ग़रीब कल्याण के संकल्पों को कर्क-रोग की तरह भीतर से खोखला ही करेंगे, अपराधों को प्रश्रय देंगे, सरकार के 'कमाऊ पूत' बनकर मनमानी करेंगे, सर्वतोमुखी विकास की अवधारणा को पलीता ही लगाएंगे। यह भी नहीं भुलाया जा सकता कि इस नई सरकार को कर्ज़ के दलदल को भी पार करना है और विकास के तमाम तक़ादों को पूरा भी करना है। 15 वर्षों के भाजपा के पूर्ववर्ती शासनकाल में जिन राजनीतिक दोषों से जनता नाराज़ हो चली थी, अब भाजपा के सत्ताधीश छाछ को भी फूँक-फूँककर पीएंगे, जनता-जनार्दन की यह उम्मीद बेमानी नहीं है।
भाजपा को अब अपने संगठन के स्तर पर भी पर्याप्त ध्यान देने की ज़रूरत महसूस होनी चाहिए। कार्यकर्ताओं को देवतुल्य बोल-बोलकर सिर्फ चुनाव तक ही उनके समर्पण, परिश्रम, पुरुषार्थ और पराक्रम को कसीदे पढ़े जाते हैं, लेकिन चुनाव निपटने के बाद उन कार्यकर्ताओं की पूछ-परख तक नहीं होती। उनका आत्मसम्मान सत्ता के गलियारों में कराहता न मिले, उनकी अपेक्षाएँ सत्तावादी अहंकार के बोझ तले दम न तोड़ें, अब इस बात का संगठन के स्तर पर ध्यान रखा जाना चाहिए। चापलूसों-चाटुकारों की काकस मंडली सत्ता के अनुचित लाभ लेने के लिए घेरेबंदी करने में निपुण होती है, ऐसे किसी भी घेरे में कैद होकर पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी अब नहीं होनी चाहिए। ऐसी गिरोहबंदी, घेरेबंदी ने ही पिछले चुनाव में कार्यकर्ताओं को अपनी ही पार्टी से इतना दूर छिटका दिया था कि प्रदेश में 15 वर्षों की सरकार महज़ 15 सीटों पर आ गई थी! भाजपा की इस विजय के सूत्रधार प्रधानमंत्री श्री मोदी हैं तो इस सूत्र से कार्यकर्ताओं को बांधने का काम केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह, प्रदेश चुनाव सह प्रभारी व केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, प्रदेश भाजपा प्रभारी ओम माथुर, सह प्रभारी नितिन नवीन ने किया। संगठन सूत्र में कार्यकर्ताओं को पिरोने में लगा भाजपा केंद्रीय नेतृत्व कार्यकर्ताओं को यह समझाने में सफल रहा कि सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में कार्यकर्ता के नाते उनकी पूछ-परख तभी है, जब पार्टी सत्ता में रहे। यह बात कार्यकर्ता समझ गए और नतीजा सामने है। दरअसल कार्यकर्ता भी सत्ता के होने का महत्व समझ गए थे। सत्ता खोने का जो अहसास पाँच साल के कांग्रेस शासनकाल में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने भोगा है, उसका एक असर यह भी देखने को मिला कि इस बार कार्यकर्ता स्व-स्फूर्त पार्टी को जिताने में संकल्पपूर्वक जुटे। यह केंद्रीय नेतृत्व के प्रयासों का सुपरिणाम रहा। पर अब भाजपा का प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व इस बात पर संज़ीदगी दिखाए कि सत्ता की चौखट के पार सरकार और भाजपा के सभी जनप्रतिनिधि अपने समर्पित कार्यकर्ताओं और चापलूसों-चाटुकारों में भेद करने की समझ का परिचय दें, अन्यथा राममनोहर लोहिया तो कह ही गए हैं कि ज़िंदा क़ौमें पाँच साल इंतज़ार नहीं किया करतीं। इसी तरह भाजपा के कार्यकर्ताओं को भी अपनी समझ विकसित करनी होगी। राजनीति में व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा जागना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, परंतु जन-आकांक्षा और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के महीन अंतर की मर्यादा का ध्यान आज भाजपा के कार्यकर्ताओं को इसलिए ज़्यादा रखना होगा क्योंकि अब वे उस स्थिति में हैं जहाँ आकांक्षाओं में संतुलन स्थापित कर अपने राजनीतिक आचरण की मर्यादा की मिसाल प्रस्तुत करें। सत्ता अपने साथ कुछ दोष सहज साथ लेकर आती है जिनमें एक दर्प है। दर्प के दर्पण में सुशासन का प्रतिबिम्ब दरक जाता है, यह बात सबको ध्यान में रखनी होगी। कार्यकर्ता समझें कि सत्ता की अपनी मर्यादाएँ होती हैं, सत्ता-संचालन की अपनी एक प्रक्रिया होती है। संगठन के निर्णय हर बार मनोनुकूल नहीं हो पाते, फिर भी विनम्रता के साथ सत्ता और संगठन से समन्वय बिठाकर कार्यकर्ता चलें। सत्ता और संगठन के कर्णधार भी अपने अल्पकालिक लाभ के लिए कार्यकर्ताओं की महत्वाकांक्षाओं को इतना न बढ़ाएँ कि वे बेलगाम होकर अराजकता का उत्सव मनाने लगें।












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