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- -दर्जनों गांव विकास की मुख्यधारा में होंगे शामिल-क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का माना आभाररायपुर ।जशपुर जिले के भालूमुंडा से खेजूरघाट मार्ग पर कोकिया नदी पर लगभग 3 करोड़ 32 लाख की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। बारिश के दिनों में आवागमन सुगम होना, शिक्षा, कृषि, व्यापार और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिलनाऔर यात्रा की दूरी व समय में कमी आएगी, इससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा। इसकी निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पूर्ण होने के पश्चात शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू जायेगा। क्षेत्र वासियों ने इस कार्य की मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया है।फरसाबहार क्षेत्र के दर्जनों गांव विकास की मुख्यधारा में होंगे शामिलकोकिया नदी पर लगभग 3 करोड़ 32 लाख की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण स्वीकृत होने से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। इस पुल के बनने से एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इस पुल के बनने से फरसाबहार ब्लॉक के कोरंगामाल, भालूमुंडा, पेटामेरा, अंकिरा, खरीबहार, जुड़वाइन, सागजोर, परेवाआरा समेत दर्जनों गांव सीधे ओडिशा राज्य से जुड़ जाएंगे। वहीं रेडेघाट, सोनाजोरी, बनखेता, माटीहेजा जैसे दर्जनों गांव भी विकासखंड मुख्यालय से जुड़ जाएंगें और तेज़ी से विकास की मुख्यधारा में शामिल होंगे।बरसात में ग्रामीणों को सुरक्षित व सुगम आवागमन का मिलेगा लाभकोकिया नदी पर पुल के निर्माण की स्वीकृति मिली है, जो ना सिर्फ आवागमन को सुगम बनाएगा बल्कि गांवों को विकास की मुख्यधारा से भी जोड़ेंगा। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में कोकिया नदी पार करना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। अक्सर पानी बढ़ जाने से आवाजाही रुक जाती थी, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और कामकाजी लोगों को भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। अब पुल बनने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और ग्रामीणों को सुरक्षित व सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा। साथ ही विकासखंड मुख्यालय एवं ओडिशा राज्य की ओर आवागमन के लिए दूरी कम हो जाएगी।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई जोन क्रमांक-1 अंतर्गत पाइप लाईन, पार्किंग स्थल, निर्माणाधीन नाला सहित गौठान का निरीक्षण आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया।
निगम आयुक्त ने फरीद नगर निजामी चौंक का निरीक्षण कर विभाजित डिस्ट्रीब्यूशन पाईप लाईन को सही कराने निर्देशित किए हैं, जिसका कार्य प्रगति पर है। समीपस्थ कबाड़ का सामान सड़क पर रखने वालो पर कार्यवाही करने निर्देशित किया गया है। उक्त कृत्य से मार्ग बाधित होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। फरीद नगर एवं लक्ष्मी नगर में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था हेतु नया पाइप लाईन बिछाया गया है, जिसका निरीक्षण आयुक्त द्वारा किया गया।
जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों एवं प्राइवेट एजेंसियों द्वारा सुपेला घड़ी चौंक से गदा चौंक तक डिवाइडरो में लगे पोल में राजनितिक, सामाजिक, धार्मिक बैनर/पोस्टर लगाया गया है, जिसके कारण सड़क दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। इस हेतु आयुक्त ने सभी बैनर/पोस्टर को हटाने निर्देशित किए हैं। नगर पालिक निगम भिलाई की ओर से सभी जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों एवं प्राइवेट एजेंसियों से अपील है कि शहर के स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण हेतु इस तरह के होर्डिंग, बैनर एवं पोस्टर का उपयोग बिलकुल न करें। इस तरह के प्रचार-प्रसार हेतु उपयोग किए जाने वाले सामग्रीयों से शहर की खुबसुरती में कमी आती है। महापौर परिषद के बैठक में निर्णय लिया गया है, कि जन्मदिन या कोई भी विशेष समारोह में होर्डिंग, बैनर एवं पोस्टर का उपयोग नहीं करेगें। निगम आयुक्त द्वारा निरीक्षण के दौरान इस कार्यवाही को अभियान के रूप में चलाने निर्देशित किया गया है। इस तरह के कार्यों में संलग्न एजेंसियों के खिलाफ नगर निगम की ओर से कारवाई की जाएगी ।
लक्ष्मी नगर में रोड किनारे पार्किंग स्थल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन पार्किग स्थल का निगम आयुक्त द्वारा निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने निर्देशित किया गया है। नेशनल हाईवे से लगा हुआ चंद्रा मोर्या टाकिज चौंक से संजय नगर तालाब तक निर्माणाधीन नाला का निरीक्षण किया गया है। कार्य की समयावधि एवं गुणवत्ता में विशेष ध्यान देने हेतु उप अभियंता पुरूषोत्तम सिन्हा को निर्देशित किए हैं। आयुक्त ने कोसा नगर स्थित गौठान में पशुओ के खाने-पीने एवं चिकित्सा व्यवस्था का अवलोकन किए। गौठान के समतलीकरण करने हेतु जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत को निर्देशित किए है। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता सुनील जैन, उप अभियंता बसंत देवांगन, चंदन निर्मल, सहायक राजस्व अधिकारी अजय शुक्ला, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना, स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी उपस्थित रहे।
- -निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष अमर गिदवानी, छ.ग. विद्युत नियामक आयोग अध्यक्ष हेमंत वर्मा सहित वरिष्ठ, कनिष्ठ अभियंताओ ने दी जयंती पर भारत रत्न महान अभियंता को श्रद्धांजलि-रायपुर शहर के विकास में सभी विभागो के अभियंताओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका है- महापौररायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन कमांक 4 के सहयोग से संयुक्त अभियंता आयोजन समिति के तत्वावधान में राजधानी शहर रायपुर के सिविल लाईन्स पीडब्ल्यूडी चौक में स्थित भारत रत्न महान अभियंता मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैय्या की 165वीं जयंती पर रखे गये संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर राजधानी शहर की प्रथम नागरिक रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सभी राजधानीवासियो की ओर से भारत रत्न महान अभियंता मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैय्या को जयंती पर सादर नमन कर आदरांजलि अर्पित की।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सभी अभियंताओं को अभियंता दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं दी। महापौर ने कहा कि रायपुर शहर के विकास में सभी विभागो के अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होने सभी अभियंताओं से रायपुर शहर को राजधानी के अनुरूप सुन्दर स्वच्छ, हरित, स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की अपील की।संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, छ.ग. विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री हेमंत वर्मा, वरिष्ठ अभियंता श्री चंद्रकांत पिल्लीवार, पीएचई के मुख्य प्रमुख अभियंता श्री ओंकेश चंद्रवंशी, सेवानिवृत्त वरिष्ठ अभियंता श्री पी.एन. सिंह, नगर निगम के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता सूडा के संविदा मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा, राविप्रा के सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता श्री डी.एस. परोहा, वास्तुविद श्री मनीष पिल्लीवार, रायपुर नगर निगम अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर, वरिष्ठ अभियंता सर्वश्री सी.पी शर्मा, श्री मनोज वर्मा, श्री योगेश शर्मा सहित वरिष्ठ अभियंताओ एवं कनिष्ठ अभियंताओं ने मूर्ति स्थल पर पहुंचकर भारत रत्न महान अभियंता मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैय्या को उनकी 165 वीं जयंती पर नमन करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किये।इस अवसर पर संयुक्त अभियंता आयोजन समिति के तत्वावधान में महान अभियंता के मूर्ति स्थल के समीप रक्त दान शिविर का आयोजन रखा गया। जिसमे वरिष्ठ व कनिष्ठ अभियंताओं ने स्वेच्छिक रक्तदान किया। रक्तदान शिविर का शुभारंभ फीता काटकर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने किया। उन्होने संयुक्त अभियंता आयोजन समिति के अभियंता दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजन को सराहा।
- रायपुर / सचिव सह आबकारी आयुक्त सुश्री आर. संगीता, कलेक्टर रायपुर डॉ गौरव सिंह के निर्देश एवं प्रभारी उपायुक्त आबकारी श्री राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में जिला आबकारी विभाग द्वारा 13 सितम्बर 2025 की रात्रि को विशेष कार्रवाई की गई।कार्यवाही के तहत अभिराज रेस्टोरेंट संचालक शक्ति पांडे से 10.5 बल्क लीटर विदेशी मदिरा तथा हुंडई वरना वाहन (सीजी 04 पीएम 7111) जब्त कर, आबकारी अधिनियम की गैरजमानतीय धारा 34(2) के अंतर्गत विवेचक प्रकाश देशमुख द्वारा आरोपी को जेल दाखिल किया गया। इसी दौरान VIP रेस्ट्रो, पीटीएस चौक माना में मदिरापान कराते पाए जाने पर संचालक के विरुद्ध धारा 36(ए) के तहत विवेचक एडीईओ डी.डी. पटेल द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।इसके अतिरिक्त, ग्राम पचेड़ा थाना अभनपुर में आरोपी गणेश राम भारती से 2.16 बल्क लीटर मसाला मदिरा तथा ग्राम घोट थाना गोबरा नवापारा में आरोपी राहुल सोनवानी से 2.88 बल्क लीटर मसाला मदिरा जब्त की गई। दोनों मामलों में विवेचक नीलम स्वर्णकार द्वारा आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(ख) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा बस्तर संभाग के न्यायिक अधिकारियों के लिए एक दिवसीय संभागीय न्यायिक सेमिनार का आयोजन प्रेरणा हॉल, कलेक्टरेट भवन, जगदलपुर में किया गया। इस सेमिनार में बस्तर संभाग के चार जिलों जगदलपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव के 43 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया।छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी ने वर्चुअल माध्यम से सत्र का उद्घाटन किया। सेमिनार में श्री अमितेंद्र किशोर प्रसाद, न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, पोर्टफोलियो न्यायाधीश, जिला कांकेर की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।मुख्य न्यायाधीश ने बस्तर संभाग के न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में न्यायपालिका से अपेक्षाएँ बहुत अधिक हैं। लोग हमसे अत्यधिक आशा रखते हैं। यह सेमिनार केवल सीखने का मंच ही नहीं, बल्कि न्याय, निष्पक्षता और विधि के शासन के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि भी है।मुख्य न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि न्यायिक शिक्षा एक बार की प्रक्रिया नहीं है; बल्कि यह सतत प्रक्रिया है। आज के दौर में जहाँ कानून तेजी से विकसित हो रहे हैं और समाज नई चुनौतियों का सामना कर रहा है, वहाँ न्याय के संरक्षक होने के नाते हमें निरंतर अपने ज्ञान को समृद्ध करना और अपनी न्यायिक क्षमता को धार देना अनिवार्य है। सतत प्रशिक्षण सुनिश्चित करता है कि हम अपने संवैधानिक दायित्वों को दक्षता, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभा सकें।मुख्य न्यायाधीश ने आगे यह भी कहा कि बस्तर क्षेत्र अपने विशिष्ट सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक परिदृश्य के साथ न्यायपालिका के लिए चुनौतियाँ और अवसर दोनों प्रस्तुत करता है। हमारा दायित्व है कि न्याय समाज के हर कोने तक पहुँचे, विशेष रूप से वंचित और कमजोर वर्गों तक। यहाँ के न्यायिक अधिकारियों की भूमिका जनता के विश्वास को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है कि न्याय न केवल किया जाए, बल्कि होता हुआ भी दिखाई दे।मुख्य न्यायाधीश ने सभी न्यायिक अधिकारियों से आग्रह किया कि वे सहानुभूति, धैर्य और निष्पक्षता के साथ न्यायिक कार्य करें। याद रखें, प्रत्येक मामले के पीछे एक मानवीय कहानी होती है संघर्ष, आशा और न्यायपालिका में विश्वास की। हमें सदैव यह सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि न्याय समय पर, पारदर्शी और तर्कपूर्ण तरीके से दिया जाए।अंत में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस प्रकार के सेमिनार समकालीन विधिक मुद्दों पर विचार-विमर्श, अनुभवों के आदान-प्रदान और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अपनाने का मूल्यवान अवसर प्रदान करते हैं। इस सेमिनार में हुई चर्चाएँ न्यायिक अधिकारियों की दक्षता को बढ़ाएँगी और उन्हें न्यायिक कार्य की जटिलताओं को और अधिक कुशलता से संभालने योग्य बनाएँगी।इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। कांकेर, कोंडागांव, जगदलपुर एवं दंतेवाड़ा के जिलों के न्यायिक अधिकारी उपस्थित थे। स्वागत भाषण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जगदलपुर द्वारा दिया गया, परिचयात्मक उद्बोधन छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक ने तथा धन्यवाद ज्ञापन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जगदलपुर द्वारा किया गया।सेमिनार में बस्तर संभाग के कुल 43 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों द्वारा परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के मामलों की कार्यवाही का अवलोकन तथा इनके निपटारे हेतु नवीन उपकरण और तकनीकें, मध्यस्थता में रेफरल जज की भूमिका, डिक्री का क्रियान्वयन गिरफ्तारी एवं सिविल कारागृह में निरुद्धि तथा संपत्ति की कुर्की द्वारा समयबद्ध और प्रभावी प्रवर्तन हेतु रणनीतियाँ, सलाखों के पीछे या स्वतंत्र रिमांड और जमानत के प्रावधानों का गहन विश्लेषण, माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के नवीनतम निर्णयों के विशेष संदर्भ के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिए गए।
- -छत्तीगसढ़ में 25 लाख 47 हजार किसान परिवार हो रहे हैं लाभान्वितरायपुर / प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि एक ही भूमि खाता (सिंगल लैण्डहोल्डिंग) में कई किसान परिवारों के नाम दर्ज हैं, तब भी प्रत्येक पात्र परिवार को अलग-अलग प्रतिवर्ष 6000 रूपए तक का लाभ प्राप्त करने का अधिकार होगा। बशर्तें वे योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र हो। प्रत्येक परिवार को न्यूनतम 6,000 रूपए वार्षिक की वित्तीय सहायता सीधे उनके खाते में उपलब्ध कराई जाएगी।योजना की पात्रता शर्तों के तहत ‘किसान परिवार’ का अर्थ पति-पत्नी और अवयस्क बच्चों से है। यदि एक ही भूमि खाते से कई परिवार जुड़े हुए हैं, तो योजना का लाभ खाता संख्या से नहीं बल्कि परिवार की इकाई के आधार पर दिया जाएगा। इस प्रकार एक भूमि खाता साझा करने वाले अलग-अलग परिवारों को भी स्वतंत्र रूप से यह सहायता राशि प्राप्त होगी।भारत सरकार द्वारा वर्ष 2019 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य देशभर के छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। राशि तीन समान किस्तों में दी जाती है, प्रत्येक किस्त 2,000 रूपए की होती है। छत्तीसगढ़ राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत फरवरी 2025 में 20वीं किश्त के रूप में राज्य के 25.47 लाख किसानों को 553 करोड़ 34 लाख रूपए की सम्मान निधि प्रदान की गई थी। इस योजना से देश के करोड़ों किसान परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। सम्मान निधि पात्र किसानों को ही प्राप्त हो इसके लिए पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ ही किसान सम्मान निधि की राशि सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में अंतरित की जाती है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पात्र किसान परिवार इस योजना से वंचित न रहे, इसके लिए राज्यों और जिलों को नियमित रूप से पात्रता की जाँच कर लाभार्थियों को जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ सभी किसानों को नहीं मिलता। सरकार ने कुछ श्रेणियों को इस योजना से बाहर रखा है। इनमें सभी संस्थागत भूमि धारक, संवैधानिक पदों के पूर्व और वर्तमान धारक, सांसद, विधायक, मंत्री, महापौर और जिला पंचायत अध्यक्ष शामिल हैं। केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रालयों व विभागों के अधिकारी-कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर) तथा 10,000 रुपये या उससे अधिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी भी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं है। इसके अलावा आयकरदाता परिवार भी इस योजना के दायरे से बाहर है। योजना का उद्देश्य है कि केवल वास्तविक छोटे और मध्यम किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा सके।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा का आज कांकेर जिले के नरहरपुर पहुंचने पर हेलीपैड में जनप्रतिनिधियों, आदिवासी समाज के पदाधिकारियो और प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया।इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद कांकेर श्री भोजराज नाग, विधायक कांकेर श्री आशाराम नेताम, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री अमित तुकाराम कांबले, कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने पुष्पगुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने पारंपरिक रीति रिवाज के अनुसार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को पारंपरिक पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।
- -क्षेत्रवासियों को मिली विभिन्न विकास कार्यों की सौगातरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखंड मुख्यालय में आयोजित गोंडवाना समाज के “ठाकुर जोहारनी“ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने नरहरपुर क्षेत्र में 75 करोड़ 31 लाख 72 हजार रुपए की लागत वाले 11 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन निर्माण कार्यों में अमोड़ा-नरहरपुर मार्ग ( लंबाई 16 कि.मी.) के चौड़ीकरण कार्य पर 40 करोड़ 22 लाख 71 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी भैंसमुण्डी से झलियामारी मार्ग (लंबाई 4.67 कि.मी.) पर 4 करोड़ 90 लाख 16 हजार रुपये का कार्य शामिल है। साथ ही नरहरपुर हाई स्कूल बिरनपुर, नावडबरी और रावस में तीनों स्कूल भवन निर्माण कार्यों पर 75.23-75.23 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कार्य शामिल है।इसी तरह नरहरपुर टूरी व्यपवर्तन योजना के तहत नहर का जीर्णाेद्धार एवं लाइनिंग कार्य हेतु (8 करोड़ 94 लाख 51 हजार रू.), पैरी नदी पर धनेसरा एनीकट निर्माण (4 करोड़ 82 लाख 54 हजार रू.), सिहारी नाला तालाब एवं नहर कार्य का जीर्णाेद्धार व शूटफॉल निर्माण (3 करोड़ 84 लाख 12 हजार रू.), बागोड़ एनीकट दायीं तट पर बाढ़ नियंत्रण कार्य (4 करोड़ 31 लाख 90 हजार रू.) तथा कोचवाही नाला एनीकट निर्माण (4 करोड़ 37 लाख 33 हजार) के लिए राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्री साय ने 1 करोड़ 62 लाख 76 हजार रुपये के लागत वाले आदिवासी बालक आश्रम चरभट्टी भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।
- -बाल गृह में बच्चों संग किया संवाद, वृद्धाश्रम में बांटा अपनापन-सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षणरायपुर ।महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रवास के दौरान विभिन्न संस्थाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंत्री ने बाल गृह, वृद्धाश्रम, सखी सेंटर और नशामुक्ति केंद्र का दौरा कर बच्चों, महिलाओं और वृद्धजनों से आत्मीय मुलाकात की तथा अधिकारियों को संस्थानों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षणमंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बालगृह में बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। बच्चों ने पढ़ाई और खेलों से जुड़े सवालों के उत्साहपूर्वक जवाब दिए तथा सूर्य नमस्कार का प्रदर्शन भी किया। मंत्री ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और खेलकूद में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बच्चों के कक्ष, रसोई और स्वास्थ्य-देखभाल संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन कर सुधारात्मक सुझाव दिए।सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षणवृद्धाश्रम पहुंचकर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने वहां आश्रित बुजुर्गों से आत्मीयता से भेंट की और उनके खानपान व स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों की देखभाल परिवारिक वातावरण में हो, इसके लिए संस्थान को हरसंभव प्रयास करने चाहिए। सखी सेंटर में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने महिलाओं को आपातकालीन सहायता, हिंसा से सुरक्षा और त्वरित मदद की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों से संवाद कर सेंटर की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली।सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षणनशामुक्ति केंद्र में नशा पीडि़तों से मिलकर मंत्री ने उनके स्वास्थ्य और पुनर्वास की स्थिति जानी। पीडि़तों ने बताया कि केंद्र में आकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। श्रीमती राजवाड़े ने उन्हें योग और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि नशा छोड़कर स्वरोजगार की दिशा में बढ़ें और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करें। निरीक्षण के दौरान समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर रमनलाल, अपर कलेक्टर श्री अभिषेक गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -वर्चुअल माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायालयों में खण्डपीठों का किया निरीक्षण-नेशनल लोक अदालत में छत्तीसगढ राज्य को मिली ऐतिहासिक सफलता-रिकार्ड 47.02 लाख से अधिक प्रकरणों का हुआ निराकरण-739 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का अवार्ड पारितरायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य में वर्ष 2025 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय-सह-मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उच्च न्यायालय बिलासपुर में गठित नेशनल लोक अदालत की दोनों खण्डपीठों के पीठासीन न्यायमूर्तिगण माननीय श्रीमती न्यायमूर्ति रजनी दूबे एवं माननीय श्री न्यायमूर्ति दीपक कुमार तिवारी से चर्चा करते हुए नेशनल लोक अदालतों की कार्यवाहियों का जायजा लिया गया एवं जिला एवं सत्र न्यायालय बिलासपुर में भौतिक निरीक्षण किया गया। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय द्वारा शेष समस्त जिला एवं सत्र न्यायालयों में आयोजित नेशनल लोक अदालत की कार्यवाहियों का वर्चुअल माध्यम से भी निरीक्षण किया गया। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय समस्त जिलों के प्रधान जिला न्यायाधीशों के साथ संवाद व चर्चा की गई तथा नेषनल लोक अदालत की प्रगति का जायजा लेकर उन्हें अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण हेतु मार्गदर्शन करते हुए प्रोत्साहित किया गया।माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के द्वारा की गई यह पहल लोक अदालत के पीठासीन अधिकारियों, सदस्यों व पक्षकारों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ पक्षकारों में विष्वास सृजित करेगा और लोक अदालत को और विष्वसनीयता और प्रमाणिकता प्रदान करेगा। यह उल्लेखनीय है कि “जनसामान्य को शीघ्र, सुलभ एवं सस्ता न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से लोक अदालत का आयोजन तहसील, जिला एवं उच्च न्यायालय स्तर पर किया जाता है। इसमें विवादों का निपटारा आपसी समझौते व सौहार्दपूर्ण वार्ता के माध्यम से किया जाता है। लोक अदालत में आपसी सहमति से निराकृत मामलों में अपील का प्रावधान नहीं होता तथा वादियों को पूर्व में जमा किया गया संपूर्ण न्याय शुल्क वापस कर दिया जाता है।छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में दो खण्डपीठ का गठन किया गया था जिसमें क्रिमिनल 07, सिविल 64 व रिट 62 व अन्य सिविल मामले के कुल 01 प्रकृति के कुल 134 प्रकरण का निकराकरण किया गया और दो करोड़ सत्तर हजार का अवार्ड पारित किया गया है।इसी प्रकार सम्पूर्ण राज्य में उच्च न्यायालय से लेकर तालुका स्तर न्यायालयों के साथ-साथ राजस्व न्यायालयों में 13 सितम्बर 2025 को आयोजित नेषनल लोक अदालत में प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कुल 47 लाख 02 हजार 692 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 7 अरब 39 करोड़ 48 लाख 78 हजार 898 रूपए का अवार्ड पारित किया गया। इस नेशनल लोक अदालत में तकनीकी का उपयोग करते हुए जहां पक्षकार नहीं आ सके उन्हें वर्चुअल माध्यम से भी जोड़कर तथा मोबाईल वेन के माध्यम से लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण किया गया।माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल, कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, माननीय श्री न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू अध्यक्ष उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीषों, लोक अदालत की खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारियों, अधिवक्तागण, पक्षकारगण एवं उन सभी हितधारकों को जिन्होंने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इस नेशनल लोक अदालत को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है, को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
- -जशपुर के पाँच ग्रामों में होम-स्टे की शुरुआत, स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को मिलेगा वैश्विक मंचरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में सामुदायिक पर्यटन की एक नई पहल की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय से जशपुर के पाँच ग्रामों-देओबोरा, केरे, दनगरी, छिछली और घोघरा में होम-स्टे योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन क्षेत्र को एक उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए कृत संकल्पित है। होम-स्टे नीति न केवल पर्यटन को नई पहचान देगी, बल्कि स्थानीय युवाओं और समुदायों के लिए रोजगार और उद्यमशीलता के अवसर भी प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि आदिवासी संस्कृति, परंपराएँ, खान-पान और जीवन शैली को लेकर अन्य प्रदेशों और देशों के लोगों में गहरी जिज्ञासा रहती है। होम-स्टे के माध्यम से पर्यटकों को सीधे गाँवों में रहकर स्थानीय संस्कृति, पूजन पद्धति और सादगी का अनुभव करने का अवसर मिलेगा, जो उनके लिए अविस्मरणीय साबित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह पहल जशपुर को न केवल पर्यटन के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाएगी, बल्कि स्थानीय संस्कृति और समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण प्राप्त पर्यटन मित्रों को प्रमाण पत्र वितरित किए। यह प्रशिक्षण सामुदायिक पर्यटन और होम-स्टे विकास पर आधारित था, जिससे संबंधित ग्रामों को इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।कार्यक्रम में विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर का मकरभंजा जलप्रपात छत्तीसगढ़ का सबसे ऊँचें जलप्रपात में से एक है, और इसके साथ जिले के अनेक झरने व दर्शनीय स्थल जशपुर को पर्यटन की दृष्टि से अनोखा बनाते हैं। विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि जशपुर प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है और यहाँ आने वाले पर्यटक जीवनभर इस जगह की यादों को संजोए रखते हैं।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
- -योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कुपोषण उन्मूलन और आंगनबाडियों के व्यवस्थित़ संचालन पर दिए कड़े निर्देशरायपुर / महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बलरामपुर जिले के संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की गहन समीक्षा कर अधिकारियों को जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल देते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शिता के साथ मिले। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाल विवाह रोकथाम की दिशा में गंभीर पहल करने पर जोर देते हुए कहा कि किशोरी बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी देकर जागरूक बनाया जाए, ताकि राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल हो सके।बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि केंद्र नियमित समय पर खुलें, बच्चों की उपस्थिति और पोषण आहार की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने केंद्रों की साफ-सफाई, अध्यापन व्यवस्था और पोषण वाटिका व रेडी-टू-ईट वितरण की भी समीक्षा की। कुपोषण उन्मूलन पर विशेष जोर देते हुए मंत्री ने एनआरसी सेंटरों के सुचारू संचालन और कुपोषित बच्चों को नियमित आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रधानमंत्री जनमन अंतर्गत निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों की गुणवत्ता सुनिश्चित कर कार्य शीघ्र पूर्ण करने, रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित करने और आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा।महिलाओं के सशक्तिकरण पर बल देते हुए श्रीमती राजवाड़े ने सक्षम योजना की समीक्षा कर महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही घरेलू हिंसा की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने की बात कही।बैठक में महतारी वंदन योजना, चाइल्डलाइन, किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति, सखी वन स्टॉप सेंटर सहित विभागीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने और विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश भी दिए।बैठक में समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, बलरामपुर कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर रमनलाल, महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्रीमती विस्मिता पाटले, प्रभारी उप संचालक समाज कल्याण विभाग सुश्री स्टेला खलखो सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर ।स्कूल के फर्नीचर को निजी स्कूलों को विक्रय करने के मामले को बलौदाबाजार कलेक्टर दीपक सोनी ने गंभीरतापूर्वक लेते हुए जांच में तथ्य पाए जाने पर शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय टुण्डरा के प्रभारी प्राचार्य रमेश बंजारे के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिये। निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रभारी प्राचार्य रमेश बंजारे पर निलंबन की कार्यवाही हेतु प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया।जिला शिक्षा अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार टुण्डरा नगरवासियो द्वारा शासकीय शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय टुण्डरा के प्रभारी प्राचार्य रमेश बंजारे एवं शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की सहमति से स्कूल के फर्नीचर को निजी विद्यालयों को बेच देने के सम्बन्ध में शिकायत13 सितम्बर 2025 शनिवार को प्राप्त हुई। शिकायत की जांच हेतु टीम गठित किया गया जिसमें तहसीलदार टुण्डरा,विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कसडोल, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कसडोल विकासखंड स्रोत समन्वयक संकुल समन्वयक के द्वारा शनिवार को ही स्थल पर जाकर मौक़ा जांच किया गया।जांच में पाया गया कि 8 सितम्बर 2025 को शासकीय शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय टुण्डरा के शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के पदाधिकारियों द्वारा पुराना जर्ज़र भवन को डिसमेन्टल कराए जाने हेतु वहां रखे कबाड़ एवं अनुपयोगी सामान को बेचने एवं प्राप्त राशि को शाला विकास समिति की खाते में जमा करने का निर्णय लिया गया।शाला के प्रभारी प्राचार्य श्री बंजारे द्वारा उक्त निर्णय के आधार पर टुण्डरा नगर के ज्ञान अमृत विद्यालय को 67 नग टेबल -चेयर एवं धविका पब्लिक स्कूल शिवरीनारायण को 40 नग टेबल -चेयर को कबाड़ मानकर उपयोगी फर्नीचर को बेच दिया गया। दोनों विद्यालय को बेचे गये फर्नीचर को शनिवार को लगभग 3 बजे शासकीय शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय टुण्डरा के गेट पर नगरवासियों द्वारा रोका गया जिस पर भौतिक सत्यपन कराया गया। सत्यापन में शिकायत की सत्यता की पुष्टि हुई ।जांच दल द्वारा शिकायतकर्ताओ के समक्ष 3 पिकअप में लाए गए फर्नीचर की शासकीय शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय टुण्डरा के एक क़क्ष में सुरक्षित सीलबंद किया गया एवं पंचनामा तैयार कर ताले की चाबी जांच दल द्वारा अपने कब्जे में लिया गया है।जांच दल द्वारा शाला प्रबंधन समिति एवं प्रभारी प्राचार्य रमेश बंजारे द्वारा कबाड़ मानकर बेचे गये सभी फर्नीचर को सही स्थिति एवं उपयोग के योग्य पाया गया।जांच दल द्वारा प्रभारी प्राचार्य को कबाड़ के रूप में बेचे गये फर्नीचर अनुपयोगी सामग्री निस्तारण में किसी भी प्रकार के आपलेखन नियम प्रक्रिया का पालन करना नहीं पाया गया और न ही अपलेखन के पूर्व उच्च कार्यालय से अनुमति प्राप्त किया गया। इस प्रकार प्रभारी प्राचार्य रमेश बंजारे के द्वारा अपने पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरती गई है जो कि सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत है।
- -जिला, संभाग की समितियों में सुनवाई अनुसार हुई कार्यवाही-सभी शिक्षकों को जल्द से जल्द पदस्थापना विद्यालय में उपस्थित होने के निर्देशरायपुर, / कोरबा जिला में युक्तियुक्तकरण के बाद ज्वाइनिंग नहीं देने वाले 4 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं युक्तियुक्तकरण के बाद आबंटित स्कूलोें में ज्वाइनिंग नहीं करने वाले कई शिक्षकों को कारण बताओं नोटिस जारी कर उनका 2 महीने का वेतन भी रोका गया है। युक्तियुक्तकरण के बाद ज्वाइनिंग नहीं करने वाले इन शिक्षकों पर जिला एवं संभागीय स्तरीय समितियों में सुनवाई के बाद आवेदनों को अमान्य करने के बाद भी ज्वाइनिंग नहीं करने पर कार्यवाही की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी ने ऐसे सभी शिक्षकों को जल्द से जल्द आबंटित विद्यालयों में उपस्थिति दे कर बच्चों को पढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा ने बताया कि शासन द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण निर्देश के तहत कोरबा जिले के प्राथमिक शाला के 292 सहायक शिक्षक एवं 15 प्रधान पाठक तथा माध्यमिक शाला के 153 शिक्षक एवं प्रधान पाठक अतिशेष के रूप में चिन्हांकित हुए थे। युक्तियुक्तकरण निर्देश के अनुसार इन अतिशेष शिक्षकों को शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय विद्यालयो में पदस्थ किया जाना था। चूंकि कोरबा जिले के प्राथमिक शाला में एकल शिक्षकीय विद्यालयों की संख्या अतिशेष शिक्षको की संख्या से ज्यादा होने के कारण जिला सारीय युक्तियुक्तकरण समिति के द्वारा दूरस्थ अंचल में स्थिति एवं लबे समय से शिक्षको की कमी वाले एकल शिक्षकीय एवं शिक्षक विहीन विद्यालयों में अतिशेष शिक्षको की पदस्थापना का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आधार पर अतिशेष शिक्षको की ओपन काउंसलिंग आयोजित करके पदस्थापना आदेश जारी किया गया।उन्होंने बताया कि पदस्थापना आदेश से असंतुष्ट शिक्षको के द्वारा जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया, जिसे समाधानकारक नहीं पाए जाने के कारण अमान्य किया गया। इसके पश्चात् संबंधित असंतुष्ट शिक्षको के द्वारा माननीय छ.ग. उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिकाएं प्रस्तुत किया गया, जिसमें अधिकांश याचिकाकर्ता शिक्षको को जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने एवं जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति को प्रस्तुत अभ्यावेदन का एक सप्ताह के भीतर सुनवाई कर निराकरण करने का निर्देश दिया गया। माननीय न्यायालय के आदेशानुसार जिला स्तर पर सुनवाई उपरांत 5 अभ्यावेदन मान्य पाए गये एवं शेष अभ्यावेदनों को समाधानकारक नहीं पाए जाने के जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के द्वारा पुन अमान्य किया गया।जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा ने बताया कि राज्य शासन के द्वारा युक्तियुक्तकरण से संबंधित असंतुष्ट शिक्षकों के अभ्यावेदन का निराकरण करने हेतु संभाग एवं राज्य स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति का गठन किया गया। जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के द्वारा अभ्यावेदन के अमान्य करने उपरात संबंधित असंतुष्ट शिक्षको के द्वारा संभाग स्तरीय समिति के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया। संभाग स्तरीय समिति के द्वारा भी शिक्षकों के अभ्यावेदनों पर सुनवाई उपरात 2 अभ्यावेदन मान्य पाए गये एवं शेष अभ्यावेदनों को समाधानकारक नहीं पाए जाने के कारण अमान्य किया गया।इसी दौरान जिला स्तर पर युक्तियुक्तकरण के तहत पदांकन आदेश के तहत कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले शिक्षको को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया, जिसके तहत संबंधित शिक्षको के प्रस्तुत जवाब के समाधानकारक नहीं जाए जाने के कारण 4 सहायक शिक्षकों को निलंबित किया गया तथा कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले समस्त शिक्षको का विगत दो माह से वेतन रोका गया है।उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण के उपरांत जिले के अधिकाश दूरस्थ अचल में स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में शिक्षको के द्वारा कार्यभार ग्रहण कर लिया गया है. फलस्वरूप नियमित रूप से अध्ययन व्यवस्था सुनिश्चित कर लिया गया है तथा वर्तमान में जिन स्कूलों में शिक्षको की कमी है. उन स्कूलो में जिला खनिज न्यास मद से मानदेय शिक्षा का व्यवस्था किया गया है।
- -छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम होंगे शामिलरायपुर । नई दिल्ली के पूसा स्थित भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम सभागार में 15 और 16 सितंबर को दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन -‘रबी अभियान 2025‘ का आयोजन होगा। राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के कृषि विकास एवं कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम शामिल होंगे। मंत्री श्री नेताम इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में किसानों के हित में लिए गए निर्णयों, नीतियों और विकास कार्यो के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी देगें।इस सम्मेलन में देशभर के कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, नीति-निर्धारकों और राज्यों के प्रतिनिधी शामिल होंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में होने वाले इस आयोजन में राज्यों के कृषि मंत्री, आईसीएआर के महानिदेशक, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
- -क्यू आर कोड स्कैन कर किसान सीधे बेच सकेंगे अपनी फसल बिचौलियों से मिलेगी निजातरायपुर । जिले के किसानों के हित में चलाई जाने वाले कृषि क्रांति अभियान अंतर्गत आज किसान कॉल सेंटर एग्रीबिड और बाजार व्यवस्था को सरल बनाने के उद्देश्य से क्यू आर कोड आधारित जी कॉम इंडिया का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा अपने बगिया स्थित निज निवास कार्यालय से किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।जशपुर में कृषि क्रांति लाने मुख्यमंत्री ने किसान कॉल सेंटर का किया शुभारम्भइस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिले में कृषि के साथ उद्यानिकी फसलों के लिए भी उपयुक्त वातावरण उपलब्ध है। वर्तमान में जिले में आम, लीची, नाशपाती के साथ चाय, टाऊ, कटहल जैसी फसलों का भी बहुतायत में उत्पादन हो रहा है। ऐसे में किसानों के पास बाजारों के विकल्प के ना होने से उन्हें औने पौने दामों में अपनी फसलों को बिचौलियों को बेचना पड़ता था, अब क्यू आर कोड के माध्यम से सीधे उपार्जकों तक पहुंच एवं बेचने की व्यवस्था होने से जिले के किसान देश के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति को अपनी फसल को बेच सकेंगे, जिससे किसानों को अनावश्यक बिचौलियों, कोचियों जैसे लोगों से छुटकारा मिलेगा और उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त होगा। कॉल सेंटर से किसानों को विशेषज्ञों द्वारा किसी भी समस्या पर सहायता प्राप्त होगी। इन दोनों पहलों से कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और किसानों को उचित मूल्य मिलने से किसानों की आय में वृद्धि होगी।उन्होंने बताया कि एनडीडीबी के साथ मिलकर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 06 जिलों में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत उत्तम किस्म के दुधारू पशुओं के वितरण के साथ ग्रामीणों को पशुपालन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय ने कहा कि किसानों के लिए प्रारम्भ किया गया कॉल सेंटर जिले में कृषि के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा, किसानों को इसके दूरगामी परिणाम प्राप्त होंगे। विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जिले में नाशपाती, लीची के साथ कटहल की फसल भी बहुतायत में होती है। जिसके प्रसंस्करण और विकास के लिए जशपुर में विगत दिनों कटहल मेला भी आयोजित किया गया था। ऐसे में इन नवीन पहलों से किसान उत्पादन के साथ उचित मूल्य पर उत्पादों का निर्यात भी कर सकेंगे।किसानों को शैक्षणिक भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडीकिसानों को नवाचारी कृषि और कृषि के विकास हेतु प्रोत्साहित करने के लिए कृषि क्रांति एवं आत्मा योजनांन्तर्गत 35 कृषकों के दल को रायपुर एवं दुर्ग के शैक्षणिक भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। इसमें कुनकुरी के 15 एवं कांसाबेल के 20 किसान शामिल हैं। यह किसान वहां जाकर वैज्ञानिक पद्धति से खेती और खाद्य प्रसंस्करण के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे, जिसे वे जिले में आकर अपना सकेंगे। बीएनआर सीड रायपुर एवं इंडस मेगा फूड पार्क रायपुर द्वारा इस भ्रमण में कृषकों को जानकारी प्रदान की जाएगी।किसान कॉल सेंटर में +91-8069378107 नम्बर पर किसानों को मिलेगी सहायताइस किसान कॉल सेंटर के माध्यम से जिले के किसान खेती से जुड़े प्रश्नों एवं समास्याओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा प्राप्त कर पाएंगे। इसके लिए आज मुख्यमंत्री श्री साय के समक्ष जिला प्रशासन एवं एग्रिबिड के मध्य एमओयू पर भी हस्ताक्षर किया गया। इस कॉल सेंटर से किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ योजना का लाभ लेने हेतु लोगों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। इसके माध्यम से किसान अपनी समस्याओं को भी बिना किसी देरी के अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे किसानों को उनकी छोटी छोटी समस्याओं का सीधा निराकरण प्राप्त हो सकेगा। इसके लिए 12 विशेषज्ञों का दल कार्य करेगा, जिसमें विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं अन्य कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो कॉल, मैसेज, व्हाट्सप्प द्वारा किसानों से जुड़ेंगे। किसानों को केवल कॉल सेंटर के नम्बर +91-8069378107 पर सम्पर्क करना होगा।जिले के किसानों की उत्पादों कोे पूरे देश से मिलेंगे खरीदारजी कॉम इंडिया के क्यू आर कोड से देश के किसी भी कोने के क्रेता से जिले के किसान से सीधे संपर्क कर व्यापार कर पाएंगे। जिला प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान से जिले के किसानों को स्थानीय मंडी पर निर्भर ना रहते हुए पूरे देश की सभी मंडियों से संपर्क हो सकेगा। देश के किसी भी कोने में बैठे खरीददार ऐप के माध्यम से किसान के पास उपलब्ध उत्पाद की जानकारी प्राप्त करने के साथ साथ उनसे संपर्क कर व्यवसाय कर सकेंगे। इस ऐप के माध्यम से यदि किसी व्यक्तिगत किसान के पास उत्पाद की मात्रा उपलब्ध ना हो तो वह समुदाय के अपने साथी किसानों के पास उपलब्ध मात्रा को जोड़कर क्रेता को उपलब्ध करा सकते हैं, इससे सभी का सामूहिक विकास सुनिश्चित होगा। इस अभियान से किसानों को धान के साथ साथ उनकी तिलहन, दलहन, नगदी फसलों को घर बैठे उचित मूल्य प्राप्त होगा। किसान को केवल अपने पास उपलब्ध फसलों की मात्रा और उसकी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
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-पुस्तक विमोचन, हिन्दी समाचार वाचकों का हुआ सम्मान, आयोजन में पहुँचे रायपुर नगर निगम आयुक्त विश्वदीप
-रायपुर जिला कलेक्टर की पहल पर प्रोजेक्ट संस्कृति अंतर्गत हिन्दी दिवस पर पहला आयोजनरायपुर। आज हिंदी दिवस पर हिंदी विशेषज्ञों ने कहा कि हिंदी अब तकनीक की भाषा बन चुकी है और दुनिया के साथ हिंदी भी बदल रही है।इस अवसर पर डॉ गोपाल कमल की पुस्तक न्यूरोलिंग्वस्टिक्स, डॉ सुधीर शर्मा की पुस्तक लार्ज लैंग्वेज माडल और त्र्यंबकराव साटकर की पुस्तक यथार्थ जीवन का विमोचन हुआ।आज हिन्दी दिवस के अवसर पर रायपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह की पहल पर राजधानी शहर रायपुर के ऐतिहासिक टाउनहाल में प्रोजेक्ट संस्कृति अंतर्गत आयोजन का सिलसिला प्रारम्भ हो गया है. रायपुर जिला कलेक्टर ने प्रोजेक्ट संस्कृति हेतु रायपुर नगर पालिक निगम की उपायुक्त डॉक्टर अंजलि शर्मा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है. अब रायपुर जिला प्रशासन के संस्कृति प्रोजेक्ट अंतर्गत राजधानी शहर की ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण देकर उन्हें समृद्ध बनाने विविध सांस्कृतिक आयोजन नियमित रूप से किये जायेंगे.इस क्रम में प्रोजेक्ट संस्कृति अंतर्गत आज ऐतिहासिक टाउनहाल में पहला सांस्कृतिक आयोजन छत्तीसगढ़ साहित्य एवं संस्कृति संस्थान के तत्वावधान में रायपुर जिला प्रशासन के सहयोग से हिंदी उत्सव का आयोजन हिंदी दिवस पर किया गया, जिसमें रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप सम्मिलित हुए । ऐतिहासिक टाऊनहॉल में आयोजित इस समारोह में हिंदी की बदलती दुनिया पर संगोष्ठी का आयोजन रखा गया, पुस्तक का विमोचन और हिंदी समाचार वाचकों का सम्मान किया गया।मुख्य वक्ता दिल्ली के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ गोपाल कमल ने हिन्दी की बदलती दुनिया पर अपने ओजस्वी विचारों से सभी उपस्थितजनों को मन्त्रमुग्ध कर दिया.रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने हिन्दी के बदलते स्वरुप को आर्टिफिशल इंटेलीजेंस से जोड़ते हुए अत्यंत मनोहारी व्याख्यान दिया.गरिमामय आयोजन की अध्यक्षता साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने की। इस अवसर पर मंच में कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार गिरीश पंकज, छत्तीसगढ़ मित्र के संपादक डॉ सुशील त्रिवेदी, वरिष्ठ संस्कृति विशेषज्ञ राहुल कुमार सिंह की उपस्थिति रही।संस्थान के महासचिव डॉ सुधीर शर्मा, डॉ सुरेश शुक्ल, संयोजक शकुंतला तरार और डॉ सीमा निगम ने बताया कि तीन पुस्तकें विमोचित की गयीं और हिंदी के समाचार वाचकों का सम्मान किया गया। समारोह का संचालन डॉ सीमा अवस्थी ने किया। समारोह में प्रमुख रूप से अशोक तिवारी, सुरेंद्र रावल, अरविंद मिश्रा, दिलशाद बेगम, सुषमा प्रधान, मीनू साखरे, विभाष झा, शुभ्रा ठाकुर, शुभा मिश्रा, गोपा शर्मा, शशि दुबे, लतिका भावे, सुमन शर्मा आदि उपस्थित थे। - दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आबकारी विभाग की बैठक आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, सहायक आयुक्त आबकारी श्री सी.बी. साहू तथा दुर्ग जिला के समस्त आबकारी वृत्त प्रभारी अधिकारी एवं आरक्षक, सिक्योरिटी एजेंसी एसआईएस, प्लेसमेंट एजेंसी भी आईएस, कैश कलेक्शन एजेंसी हिताची के प्रतिनिधि उपस्थित थे।बैठक में सभी दुकान कर्मचारियों को निर्धारित यूनिफार्म एवं आईडी नियमित रूप से धारण करने, सेवा सुविधा एप के माध्यम से वेतन भुगतान की पारदर्शी प्रक्रिया का पालन करने, दुकानों में ओवररेट, मिलावट ना होने, गार्ड को दुकान में वर्दी में सजग रूप से कार्य करने, कैश कलेक्शन सुरक्षा के साथ करने, दुकान कर्मचारियों एवं सुरक्षा गार्ड का पुलिस जाँच कराये जाने, वृत्त प्रभारियों द्वारा होटल, ढाबे, बारों की नियमित जाँच करने, मदिरा दुकानों का बेहतर एवं प्रभावी संचालन करने, अन्य प्रांत की मदिरा पर प्रभावी नियंत्रण रखने तथा कलेक्टर न्यायालय से संबंधित प्रकरणों में नोटिस तामील कराया जाकर प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
- -17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक मनाया जाएगा आदि सेवा पर्वबालोद। आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत बालोद जिले वन, पंचायत, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास , शिक्षा एवं आदिवासी विकास विभाग के चयनित अधिकारी कर्मचारी को डिस्ट्रिक्ट मास्टर ट्रेनर्स के रूप में डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब का आयोजन कर जिला संसाधन केंद्र पाकुरभाट , बालोद में 03 सितंबर से 05 सितंबर 2025 तक प्रशिक्षण किया गया। जिसमें डिस्ट्रिक्ट मास्टर ट्रेनर्स द्वारा जिले के 05 विकासखंडों से चयनित 35 ब्लॉक मास्टर ट्रेनर्स एवं 04 एनजीओ के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया। डीपीएल के संपन्न होने के उपरांत जिले के प्रत्येक विकासखंड मुख्यालय में 09 सितम्बर से 12 सितंबर 2025 तक विभिन्न तिथियों में ब्लॉक प्रोसेस लैब का आयोजन किया गया। जिसमे जिले के लगभग 930 प्रतिभागी विलेज मास्टर ट्रेनर्स के रूप में एनजीओ के प्रतिनिधि आदि सहयोगी के रूप में शामिल हुये। डौंडी एवं डौंडी लोहारा विकासखंड में ब्लॉक प्रोसेस लैब का आयोजन 09 सितम्बर से 11 सितंबर 2025 तक आयोजित किया गया जिसमें प्रत्येक ग्राम से 5-5 लोगों (कर्मचारी व जनप्रतिनिधि) को चयनित कर विलेज मास्टर ट्रेनर्स के रूप में प्रशिक्षित किया गया। इसी प्रकार बालोद और गुंडरदेही विकासखंड में बीपीएल का आयोजन 10 सितंबर को व गुरुर विकासखंड में 12 सितम्बर 2025 को सम्पन्न हुआ। ये सभी प्रशिक्षित बीएमटी, वीएमटी, एनजीओ के प्रतिनिधि , विलेज वालेंटियर एवं स्थानीय आदिवासी जिले के चयनित 186 ग्रामों में 15 व 16 सितंबर को उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित कर, 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2025 तक आदि सेवा पर्व/सेवा पखवाड़ा के रूप में मनाएँगे। आदि सेवा पर्व के दौरान आईईसी कैंपेन भी स्थानीय स्तर पर चलाये जाएंगे। इसके साथ ही विलेज वोलेंटियर्स , बीएमटी, वीएमटी, एनजीओ के प्रतिनिधि (आदि सहयोगी) तथा स्थानीय आदिवासी समुदाय की सहभागिता से ग्राम का भ्रमण कर समस्याओं की जानकारी ली जाएगी। गाँव की जरूरतों पर चर्चा एवं विलेज विजनिंग एक्सरसाइज के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में क्रिटिकल गैप की पहचान कर उसके आधार पर गांव के लोगों से चर्चा तथा सहमति के आधार पर सहभागी रूप से विलेज एक्शन प्लान तैयार करने की कार्यवाही की जाएगी, जिसमे गांव के युवाओं एवं महिलाओं की भी सक्रिय भूमिका होगी। 02 अक्टूबर 2025 को गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित विशेष ग्राम सभा में प्रत्येक ग्राम में तैयार किये गए विलेज एक्शन प्लान पर चर्चा एवं अनुमोदन की कार्यवाही की जाएगी। साथ ही विशेष ग्राम सभा मे माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान पर सभी 6650 ग्रामों को प्रेषित की जाने वाली पाती का वाचन किया जाएगा। इसके साथ ही आदि साथी/आदि सहयोगी एवं ग्राम सभा के सभी सदस्यों एवं अन्य सहभागियों को अपने ग्राम को विकसित करने हेतु आदि शपथ दिलाई जाएगी।उल्लेखनीय है कि जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 10 जुलाई 2025 को आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ किया गया है। जिसकी परिकल्पना विश्व के सबसे बड़े जनजाति नेतृत्व आंदोलन के रूप में की गई है। यह अभियान कैडर आधारित मॉडल एवं अंतर विभागीय अभिसरण पर आधारित है, जो कि उत्तरदायी शासन एवं योजना निर्माण को संस्थागत रूप देने तथा आदिवासी क्षेत्र में अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने हेतु लक्षित है। यह अभियान राज्य के 28 जिलों के 128 विकासखण्डों एवं 6650 आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में क्रियान्वित किया जा रहा है। इस अभियान अंतर्गत देश के विभिन्न भागों में रीजनल प्रोसेस लैब का आयोजन किया गया, जिसमें हमारे राज्य से भी 07 लाइन विभाग के अधिकारियों को स्टेट मास्टर ट्रेनर्स के रूप में चयनित कर 07 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण हेतु भेजा गया था। इसके उपरांत स्टेट प्रेसस लैब का आयोजन 11 अगस्त से 14 अगस्त 2025 तक व 18 अगस्त से 21 अगस्त 2025 तक (04 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण) दो चरणों में राज्य की राजधानी रायपुर में किया गया, जिसमें राज्य के 28 जिलों से चयनित डिस्ट्रिक्ट मास्टर ट्रेनर्स ने भाग लिया।
- दुर्ग, / दुर्ग शहर (विधानसभा क्षेत्र 64) के समस्त बूथ लेवल ऑफिसर्स, सुपरवाइजरों की बैठक साइंस कॉलेज सभागार में आयोजित की गई। सभी बीएलओ और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया गया। बैठक में सभी बूथ लेवल ऑफिसर्स एवं सुपरवाइजर्स को कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह का भी मार्गदर्शन मिला। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्वाचक नामावली मिलान किए जाने के संदर्भ में विस्तार से जानकारी दी एवं शंकाओं का समाधान भी किया। प्रशिक्षण के बाद निर्वाचक नामावली का मिलान कार्य भी बीएलओ से करवाया गया। आज के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी दुर्ग शहर श्री अभिषेक अग्रवाल, तहसीलदार दुर्ग एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी प्रफुल्ल गुप्ता, अतिरिक्त तहसीलदार श्रीमती क्षमा यदु, नायब तहसीलदार श्री वासुमित्र दीवान, श्री शिवचरण मरकाम उपस्थित थे।
- -26 अग्निवीरों ने की सौजन्य मुलाकात-प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी आपकी सफलता : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज बलरामपुर जिले के चयनित 26 अग्निवीरों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, गांव और जिले के लिए गौरव की बात है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गर्व का विषय है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अग्निवीर योजना युवाओं को सेना में शामिल होकर देशसेवा का सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशप्रेम की भावना से ही सफलता की नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सेना में शामिल होकर ये युवा सीमाओं की रक्षा करेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगे।इस अवसर पर बलरामपुर जिले के चयनित अग्निवीरों में पिंकू पैकरा, जिन्दल, विकाश पैकरा, प्रकाश सिंह, खेल साय, आर्यन, देव नंन्दन पन्ना, नरेन्द्र यादव, रंजीत केरकेट्टा, रमेश पैकरा, प्रियांशु, सनोज, निकिता नरसिंह, शशि किरण, सोहन लाल, महेन्द्र पैकरा, मिथलेश पैकरा, छोंटू, बज्जू पैकरा, पंकज, विवेक पैकरा, विधायक पैकरा, किशुन पैकरा, सोभनाथ पैकरा, अमित कुजूर और एंजेल लकड़ा शामिल रहे।मुख्यमंत्री ने अतिथि शिक्षक श्री सुदर्शन यादव और उनकी टीम के निःशुल्क सेना भर्ती प्रशिक्षण के उल्लेखनीय प्रयासों की भी सराहना की। उनके प्रशिक्षण से लाभान्वित 30 युवाओं में से 26 युवा अग्निवीर भर्ती में चयनित हुए हैं।
- -मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति’ का किया शुभारंभ-जशपुर जम्बूरी से जिले के पर्यटन को मिल रही नयी पहचान, नए सीजन का आयोजन 06 से 09 नवंबर तकरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में पर्यटन एवं कृषि क्रांति का शुभारंभ किया। जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति इको टूरिज्म और होमस्टे से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम जशपुर के स्व सहायता समूह और किसानों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इस अवसर पर झारखंड सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, सुनील गुप्ता, मुकेश शर्मा सहित जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति’ का किया शुभारंभमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय जशपुर में आयोजित कार्यकम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर सबका साथ सबका विकास को चरितार्थ किया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले में पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्व सहायता समूह और युवाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया।मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति’ का किया शुभारंभमुख्यमंत्री ने कहा कि नए दायित्वों और जिम्मेदारियों की वजह से अब ज्यादातर समय मुझे जशपुर से बाहर रहना पड़ता है, लेकिन जशपुर निरंतर आता रहूंगा और विकास के क्षेत्र में बेहतर कार्य करते रहेंगे।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जशपुर जम्बूरी के जरिए जशपुर को पर्यटन के नक्शे पर नयी पहचान दिलाने की पहल की गई है। वर्ष 2024 में हुए जशपुर जम्बूरी में हमारे पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेने और उस अवसर का गवाह बनने पहुँचे। जशपुर जम्बूरी में न सिर्फ ईको-टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट के लिए लोगों ने नया महौल दिया, बल्कि जनजातीय परम्पराओं से भी रूबरू कराया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सांस्कृतिक प्रदर्शन, स्थानीय व्यंजनों का मेला और जनजातीय नृत्यों ने पर्यटकों को आकर्षित किया, जिससे स्थानीय कारीगरों और गाइड्स को रोजगार मिला।मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार फिर जशपुर जम्बूरी के नए सीजन का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें आगामी 6 से 9 नवम्बर तक देश, दुनिया के लोग यहाँ पहुँचकर रोमांच, कला और सामुदायिक अनुभवों से परिचित हो पाएँगे। जशपुर की मिट्टी की खुशबू को जीवंत करने के लिए कर्मा, सरहुल जैसे जनजातीय नृत्य के साथ गोदना कला, काष्ट शिल्प और लौह शिल्प जैसे हस्तशिल्प की प्रदर्शनी और लोकनाट्य पर आधारित सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। इससे न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और प्रसार होगा, बल्कि स्थानीय कला और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान भी मिलेगी। जशपुर जम्बूरी एक ऐसा उत्सव है जो प्रकृति, संस्कृति और विकास को एक सूत्र में पिरोता है। यह आयोजन जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय विरासत और आधुनिक विकास को एक साथ पेश करता है। जशपुर जंबूरी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम भी है।उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत मयाली नेचर कैंप में बोटिंग, कैक्टस गार्डन और टेंट सुविधाएँ जोड़ी गई हैं। यहाँ के पर्यटक स्थल अब बेहतर सुविधाओं से सजे हैं, मयाली में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ को गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है जो जशपुर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम टूरिज्म सेक्टर को एक उद्योग के रूप में देख रहे हैं, जिससे स्थानीय उद्यमशीलता बढ़ेगी। राज्य में होम-स्टे नीति लागू की है ताकि पर्यटक जनजातीय संस्कृति को जानना-समझना चाहते हैं। उनके भीतर आदिवासी संस्कृति, परम्पराओं, उनके खान-पान, रहन-सहन को लेकर एक जिज्ञासा और उत्सुकता रहती है। ऐसे में होम-स्टे छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नयी अवधारणा है, जिसमें स्थानीय समुदायों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहा है। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जशपुर जम्बूरी जैसे उत्सव से स्थानीय होम-स्टे, गाइड्स और शिल्पकारों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि जशपुर जम्बूरी को एक वार्षिक महोत्सव के रूप में स्थापित करना चाहते हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी जशपुर आकर्षण का बड़ा केन्द्र बन पाए। जीआईएस (GIS) मैपिंग और डिजिटल मार्केटिंग से जशपुर की पहुँच बढ़ेगी। यहाँ युवाओं और पर्यटन से जुड़े सभी लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे वैश्विक मानकों पर खरे उतर सकें।कार्यकम में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने भी संबोधित किया और जशपुर के विकास, पर्यटन के क्षेत्र और कृषि क्रांति की विस्तार से जानकारी दी।दूसरी जम्बूरी 6 से 9 नवम्बर तक, पहली 2024 में हुईजशपुर जम्बूरी जशपुर की वादियों और झरनों के बीच हर साल एक ऐसा उत्सव मनाया जाता है, जो केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि इस जिले की आत्मा का अनुभव है। जशपुर जम्बूरी ने 2024 में अपनी शानदार शुरुआत की और अब 2025 में एक और भव्य रूप में लौट रहा है।2024 में आयोजित पहली जशपुर जम्बूरी ने रोमांच, संस्कृति और समुदाय का ऐसा संगम पेश किया, जिसने देशभर से प्रतिभागियों को आकर्षित किया। झारखंड, ओडिशा, रायपुर और छत्तीसगढ़ के कई जिलों से आए लोगों ने इस उत्सव में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने रानी दाह, टी-गार्डन और जशपुर संग्रहालय जैसे स्थलों की सैर कर इतिहास और संस्कृति को करीब से महसूस किया। फ़ूड लैब ने स्थानीय व्यंजनों को आधुनिक रूप में प्रस्तुत कर सबका दिल जीता। सरहुल और कर्मा नृत्य की प्रस्तुतियों ने जनजातीय परंपराओं की गहराई दिखाई। चार दिन रोमांचक गतिविधियों, सांस्कृतिक रंग और सामुदायिक मेलजोल के नाम रहे। इस आयोजन ने जशपुर को ईको-टूरिज़्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स का नया गंतव्य बना दिया।दूसरी जशपुर जम्बूरी 2025 नये अनुभवों की ओर अब यह उत्सव और बड़े स्वरूप में वापस आ रहा है। 6 नवम्बर से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाला जशपुर जम्बूरी 2025 रोमांच, कला और सामुदायिक अनुभवों को और भी समृद्ध करेगा। रोमांचक-रॉक क्लाइम्बिंग, रैपलिंग, ज़िपलाइन, ट्रेकिंग, मयाली डैम पर वॉटर स्पोर्ट्स, पैरामोटर और हॉट एयर बलून से माधेश्वर पहाड़ों के दृश्य देखे जा सकेंगे। जनजातीय नृत्य (कर्मा, सरहुल), लोक संगीत, हस्तशिल्प कार्यशालाएँ (मिट्टी, बाँस, गोंदना कला, लकड़ी व लोहे की कारीगरी), लोकनाट्य और स्थानीय व्यंजन का भी अनुभव मिलेगा। उन्होंने बताया कि पारंपरिक खेल, टीम-बिल्डिंग गतिविधियाँ और तारों भरे आसमान के नीचे अलाव की गर्माहट से लोगों के मन में आनंद की अनुभूति होगी। जशपुर जम्बूरी 2025 का उद्देश्य है प्रतिभागियों को प्रकृति, परंपरा और समुदाय की उस धारा से जोड़ना, जहाँ हर पल एक नई कहानी कहता है। कार्यकम में आभार व्यक्त डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा ने किया।
- -जशपुर के पाँच ग्रामों में होम-स्टे की शुरुआत, स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को मिलेगा वैश्विक मंचरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में सामुदायिक पर्यटन की एक नई पहल की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय से जशपुर के पाँच ग्रामों-देओबोरा, केरे, दनगरी, छिछली और घोघरा में होम-स्टे योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन क्षेत्र को एक उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए कृत संकल्पित है। होम-स्टे नीति न केवल पर्यटन को नई पहचान देगी, बल्कि स्थानीय युवाओं और समुदायों के लिए रोजगार और उद्यमशीलता के अवसर भी प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि आदिवासी संस्कृति, परंपराएँ, खान-पान और जीवन शैली को लेकर अन्य प्रदेशों और देशों के लोगों में गहरी जिज्ञासा रहती है। होम-स्टे के माध्यम से पर्यटकों को सीधे गाँवों में रहकर स्थानीय संस्कृति, पूजन पद्धति और सादगी का अनुभव करने का अवसर मिलेगा, जो उनके लिए अविस्मरणीय साबित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह पहल जशपुर को न केवल पर्यटन के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाएगी, बल्कि स्थानीय संस्कृति और समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण प्राप्त पर्यटन मित्रों को प्रमाण पत्र वितरित किए। यह प्रशिक्षण सामुदायिक पर्यटन और होम-स्टे विकास पर आधारित था, जिससे संबंधित ग्रामों को इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।कार्यक्रम में विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर का मकरभंजा जलप्रपात छत्तीसगढ़ का सबसे ऊँचें जलप्रपात में से एक है, और इसके साथ जिले के अनेक झरने व दर्शनीय स्थल जशपुर को पर्यटन की दृष्टि से अनोखा बनाते हैं। विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि जशपुर प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है और यहाँ आने वाले पर्यटक जीवनभर इस जगह की यादों को संजोए रखते हैं।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
- बिलासपुर/जिले में 22 सितंबर से नवरात्रि पर्व, 2 अक्टूबर को दशहरा, 3 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के अवसर पर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने तथा अन्य प्रशासनिक व्यवस्था के संबंध में विचार-विमर्श हेतु शांति समिति की बैठक 15 सितंबर को शाम 5 बजे जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई है।
- बिलासपुर/जिले के बिल्हा विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बाम्हु में मनरेगा योजना के तहत अनावश्यक बहने वाले जल को संचय करने के लिए सोक पीट या सोखता गड्ढा (सामुदायिक रिचार्ज पिट) का निर्माण किया गया है। इस कार्य की स्वीकृत राशि 0.34 लाख एवं व्यय राशि 0.32 लाख रही। ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर तकनीकी सहायकों के निरीक्षण और जिला कार्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद कार्य प्रारंभ हुआ और इसे निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर लिया गया।गांव में हैंडपंप, कुआं और बोरवेल जैसे जलस्रोतों का जल स्तर लगातार घट रहा था तथा बरसात के दिनों में बहने वाला पानी व्यर्थ चला जाता था। इस समस्या के समाधान के लिए सामुदायिक रिचार्ज पिट का निर्माण किया गया। इससे न केवल पानी का बहाव नियंत्रित हुआ बल्कि गंदे पानी को सोखकर भू-गर्भ में भेजने से जल स्तर में वृद्धि हुई और जमीन की उत्पादकता भी सुधरी। निर्माण कार्य के दौरान ग्राम पंचायत के सरपंच, रोजगार सहायक, तकनीकी सहायकों तथा ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा। इस कार्य से मनरेगा जॉबकार्ड धारक मजदूरों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिला, जिससे उनकी आजीविका में स्थिरता आई।गांव में कार्य के पहले भू-जल स्तर कम था, पानी अनावश्यक रूप से बह जाता था और गंदगी फैलती थी। कार्य पूर्ण होने के बाद अब भू-जल स्तर बढ़ा है, पानी का उचित प्रबंधन हो रहा है और गंदगी से मुक्ति मिली है। ग्रामीणों ने इसे अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि इस प्रयास से जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इस सफलता से प्रेरित होकर अन्य पंचायतों में भी रिचार्ज पिट का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे जल स्तर सुधार और जल संचय की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।



























