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- -टेक्नोलॉजी आधारित पारदर्शी सार्वजनिक वितरण प्रणाली से गरीबों को मिलेगा अधिक लाभ – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय-AI, GPS और QR आधारित आधुनिक व्यवस्था से राशन वितरण होगा अधिक पारदर्शी और जवाबदेह-गरीब कल्याण को नई मजबूती देगा SARTHAK-PDS फेज-2, राज्यों को मिलेगा आर्थिक सहयोगरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा SARTHAK-PDS फेज-2 के लिए 25,530 करोड़ रुपये की मंजूरी का स्वागत करते हुए इसे गरीब कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह निर्णय सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को तकनीक आधारित, अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों तक योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। SARTHAK-PDS फेज-2 के माध्यम से एआई-इनेबल्ड लाभार्थी रजिस्ट्री, जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड टैगिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और आधुनिक सप्लाई चेन प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं से राशन वितरण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी। इससे पात्र हितग्राहियों तक सस्ते अनाज और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय केवल तकनीकी उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यों को राशन परिवहन, हैंडलिंग तथा उचित मूल्य दुकानों के संचालन में बढ़ती लागत के लिए आर्थिक सहयोग देकर वितरण व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाएगा। राशन दुकानों के डीलरों के पारिश्रमिक में वृद्धि का प्रावधान जमीनी स्तर पर व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2031 तक संचालित होने वाली यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के करोड़ों हितग्राहियों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि AI, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे नवाचारों के उपयोग से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास को नई मजबूती मिलेगी तथा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को और बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय केवल राशन वितरण को आधुनिक बनाने का नहीं, बल्कि गरीबों के जीवन में भरोसा, सुविधा और सुशासन को और मजबूत करने का निर्णय है। उन्होंने गरीब कल्याण को समर्पित इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
- -खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न-राईस मिल एसोसिएशन ने दिए सुझाव, मिलों के आधुनिकीकरण और गुणवत्ता सुधार पर जोर-एसोसिएशन ने योजना लागू करने से पहले कार्यशाला आयोजन के लिए खाद्य सचिव का माना आभार-योजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग का दिलाया भरोसारायपुर / छत्तीसगढ़ में भारत सरकार की नवीन ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में आज न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने की। इसमें छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, भारतीय खाद्य निगम, मार्कफेड तथा प्रदेशभर के राईस मिलर्स ने भाग लिया।कार्यशाला में खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा कि भारत सरकार आगामी खरीफ वर्ष में ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ को प्राथमिकता के साथ लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके लिए राज्य के राईस मिलों को निर्धारित मानकों के अनुरूप तकनीकी रूप से अपग्रेड करना आवश्यक होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि मिलर्स द्वारा दिए गए सुझावों और समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे जाएंगे।कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री कान्ति लाल बोथरा, महामंत्री श्री विष्णु बिंदल, कोषाध्यक्ष श्री रमेश अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं मिलर्स उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने कार्यशाला आयोजन के लिए खाद्य विभाग का आभार व्यक्त करते हुए योजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग का भरोसा दिलाया।कार्यशाला में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से लागू की जाने वाली ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ के विभिन्न प्रावधानों, गुणवत्ता मानकों, भंडारण व्यवस्था, अनुबंध प्रक्रिया, लागत एवं क्रियान्वयन संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से 10 प्रतिशत अरवा ब्रोकन चावल एवं 5 प्रतिशत उसना ब्रोकन चावल के निर्धारित मानकों की जानकारी दी।बैठक के दौरान राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने व्यवहारिक समस्याओं और सुझावों को प्रमुखता से रखा। मिलर्स ने प्रदेश में उन्नत धान किस्मों की खेती को बढ़ावा देने, भारतीय खाद्य निगम में रैक मूवमेंट को तेज करने तथा मिलिंग लागत में वृद्धि जैसे मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया। साथ ही उन्होंने स्कीम के सफल क्रियान्वयन के लिए तकनीकी और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर मार्कफेड के एमडी श्री जितेन्द्र शुक्ला, भारतीय खाद्य निगम के जीएम श्री दीपक शर्मा सहित खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं राईस मिलर्स एसोसिएशन के लगभग 60 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -नवा रायपुर में बनेंगे संयुक्त शासकीय भवन, रायपुर को मिलेगा नया जल शोधन संयंत्र और दौड़ेंगी ई-बसेंरायपुर / छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों और शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंत्रालय (महानदी भवन) में आज मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स और नवीन अधोसंरचना प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिससे आने वाले समय में नवा रायपुर और मुख्य शहर की तस्वीर बदलेगी।महानदी भवन और इंद्रावती भवन स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के दूसरे और तीसरे तल पर आधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की प्रस्तावित लागत करीब 131 करोड़ 17 लाख रुपये है। नवा रायपुर के सेक्टर-24 में एक विशाल संयुक्त शासकीय भवन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर 171 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत का अनुमान है, जिस पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।आम नागरिकों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 43 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। इसमें 40 कप्लाएंट बैटरी ऑपरेटेड और 9 मोटर एसी ई-बसें शामिल होंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट डिजाइन, सप्लाई, परिचालन और संधारण की लागत 223 करोड़ 4 लाख रुपये होगी। ये बसें नवा रायपुर आने-जाने वाले लोगों के लिए विभिन्न रूटों पर संचालित की जाएंगी।मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत रायपुर शहर की पेयजल व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अंतर्गत 150 एमएलडी (MLD) क्षमता के एक नवीन और आधुनिक जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant) का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 186 करोड़ 14 लाख रुपये प्रस्तावित की गई है।बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सूचना प्रौद्योगिकी और आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, मुख्यमंत्री के सचिव व लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता और एनआरडीए (NRDA) के सीईओ श्री चंदन कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। इनके अलावा वन एवं जलवायु, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के आला अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
- -स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल क्लासरूम और शिक्षक प्रशिक्षण के लिए तय होगी प्राथमिकतारायपुर /मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी में छत्तीसगढ़ समग्र शिक्षा कार्यकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वार्षिक कार्य योजना और बजट वर्ष 2026-27 का प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। इसी तरह से समग्र शिक्षा अंतर्गत स्वीकृत नवीन कार्यों का युक्तियुक्तकरण उपरांत स्थल परिवर्तन एवं विविध बिन्दुओं के प्रस्तावों पर चर्चा के उपरांत अनुमोदित किये गये। स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत विविध निर्माण कार्यों को शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से कराये जाने वाले कार्यों के प्रस्तावों पर चर्चा हुई।बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने 2026-27 के वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट प्लान को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंनें शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि बजट प्लान में केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि लर्निंग आउटकम सुधारने वाले नवाचारों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए स्कूलों में संसाधन, शिक्षक और तकनीक तीनों मजबूत करने होंगे।मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूलों में छात्रों के ड्राप आउट की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाये। माध्यमिक-उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब स्थापित होंगी। सभी स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था होगी। ड्रॉपआउट रोकथाम कक्षा 1, 8 और 10 में ड्रॉपआउट दर शून्य करने के लिए विशेष ट्रैकिंग सिस्टम बनेगा। शाला त्यागी बच्चों को मुख्यधारा में लाने हेतु ब्रिज कोर्स चलेंगे।राष्ट्रीय शिक्षा नीति अनुसार सभी शिक्षकों का फेज-वाइज प्रशिक्षण दिया जाये। गणित-विज्ञान-अंग्रेजी के लिए विशेष मास्टर ट्रेनर पूल तैयार होगा। बुनियादी सुविधा जरूरत वाले स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, बालिका शौचालय, पेयजल, बिजली और बाउंड्रीवॉल के काम प्राथमिकता से होंगे।दिव्यांग बच्चों के लिए संसाधन कक्ष, थेरेपी यूनिट और विशेष टीएलएम का प्रावधान बजट में रखा जाएगा। कौशल विकासरू कक्षा 9 से 12 तक वोकेशनल एजुकेशन को मजबूत किया जाएगा। कृषि, आईटी, हेल्थकेयर और टूरिज्म जैसे ट्रेड में स्थानीय जरूरत के अनुसार कोर्स चलेंगे।
- -विभागों, निगम-मंडलों और बोर्ड की खाली जमीनों का होगा व्यवस्थित विकास, बनेगा डिजिटल लैंड बैंकरायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में शासकीय विभागों, निगम-मंडलों, कंपनियों और बोर्डों के स्वामित्व वाली अनुपयोगी व खाली जमीनों के व्यवस्थित विकास और सदुपयोग के लिए एक व्यापक रिडेव्हलपमेंट कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है।इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर आज मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों से चिन्हित की गई भूमियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कहा कि वर्तमान में अनुपयोगी पड़ी सरकारी जमीनों से न तो शासन को कोई आय हो रही है और न ही जनता को इसका लाभ मिल रहा है। इस रिडेव्हलपमेंट योजना से जहां शहरों को एक नियोजित विकास मिलेगा, वहीं शासकीय परिसंपत्तियों का मूल्य भी कई गुना बढ़ जाएगा।बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्षों से खाली पड़ी या अतिक्रमण की आशंका वाली सरकारी जमीनों को चिन्हित कर उनका व्यावसायिक व जनहित में बेहतर उपयोग किया जाएगा। शासकीय विभागों के अंतर्गत आने वाली सभी खाली जमीनों का एक केंद्रीय डिजिटल लैंड बैंक तैयार किया जाएगा। मैपिंग के जरिए हर प्लॉट की सटीक लोकेशन, रकबा (क्षेत्रफल) और वर्तमान स्थिति का डेटा जीआईएस (GIS) मैपिंग ऑनलाइन दर्ज होगा। शहरों में प्राइम लोकेशन पर स्थित खाली जमीनों पर आवासीय योजनाएं, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, पार्किंग और नए सरकारी कार्यालय बनाए जाएंगे। बड़ी जमीनों के विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को राजस्व भी मिलेगा। बड़ी जमीनों के विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को राजस्व भी मिलेगा।ग्रामीण इलाकों की जमीनों पर कृषि, उद्यानिकी, आधुनिक वेयरहाउस या कौशल विकास केंद्र (Skill Development Centers) प्रस्तावित किए जाएंगे। बड़ी जमीनों के सुनियोजित विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी।योजना के तहत ऐसे शासकीय भवनों और परिसरों को चिन्हित किया जाएगा जो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और जिनकी मरम्मत करना वित्तीय दृष्टि से फायदेमंद नहीं है। ऐसी जगहों पर पुरानी संरचनाओं को हटाकर शहरी आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य सरकारी विभागों या उनके उपक्रमों के लिए नए और आधुनिक निर्माण किए जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से चिन्हित जमीनों पर तत्काल फेंसिंग (घेराबंदी) की जाएगी और शासकीय स्वामित्व का बोर्ड लगाया जाएगा। इन जमीनों पर अवैध कब्जे रोकने के लिए राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से निगरानी रखेंगे।इस महत्वपूर्ण बैठक में विधि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, आयुक्त छत्तीसगढ गृह एवं अधोसंरचना विकास मंडल श्री अवनीश शरण, एनआरडीए के सीईओ श्री चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी संभागायुक्त व कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
- -अवैध खनन पर शासन-प्रशासन सख्त : केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की कार्रवाई में 4 हाईवा जब्त-राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध खनन और परिवहन पर हो रही कड़ी निगरानी-गहन समीक्षा, प्रशासनिक चौकसी और खनिज विभाग की सक्रियता से अवैध गतिविधियों पर लग रहा अंकुशरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कड़े और स्पष्ट निर्देशों तथा राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग का मैदानी अमला लगातार सक्रियता के साथ कार्यवाही कर रहा है। शासन स्तर पर की जा रही गहन समीक्षा, सख्त निगरानी और प्रशासनिक चौकसी के परिणामस्वरूप अवैध खनिज गतिविधियों पर लगातार अंकुश लगा है।खनिज विभाग के सचिव एवं संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता तथा जिला स्तरीय टीमों द्वारा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण और संयुक्त कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 27 मई 2026 को केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने जिला रायपुर, महासमुंद एवं गरियाबंद क्षेत्र अंतर्गत सघन निरीक्षण अभियान चलाया।निरीक्षण के दौरान रायपुर जिले के विधानसभा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिरदा एवं घिवरा में गौण निम्न श्रेणी चूनापत्थर से भरे 01 हाईवा तथा रेत के 03 हाईवा को वैध अभिवहन पास एवं अनुमति के बिना खनिज परिवहन करते पाए जाने पर अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया। खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए चारों हाईवा वाहनों को जब्त कर संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया। जब्त वाहनों को आगामी आदेश तक रायपुर जिले के समीपस्थ विधानसभा एवं खरोरा थाना परिसर में अभिरक्षा में खड़ा कराया गया है। जांच के दौरान केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार राज्य में अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। शासन-प्रशासन की सख्ती, बढ़ी चौकसी और सतत निगरानी के कारण अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाही सुनिश्चित की जा रही है।
- -खेती, मछली पालन और लघु व्यवसाय कर बनीं लखपति दीदीरायपुर / मछली पालन और छोटे व्यवसायों ने ग्रामीण भारत, विशेषकर छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों की महिलाओं को स्वरोजगार और शानदार सफलता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इस क्षेत्र में सही जानकारी, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं के जरिए महिलाएं और युवा आर्थिक रूप से मजबूत होकर दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाया जा रहा है। जनपद पंचायत बलरामपुर के ग्राम महाराजगंज की निवासी एवं गुलाब महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य उमा सिंह आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। समूह से जुड़ने के बाद उमा ने चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश कोष तथा बैंक लिंकेज के माध्यम से कुल 85 हजार रुपये का ऋण लिया। इस राशि का उपयोग उन्होंने खेती, मत्स्य पालन और छोटे व्यवसाय को विकसित करने में किया। उमा ने 2.5 एकड़ भूमि में धान एवं 1.5 एकड़ में मक्का की खेती की। साथ ही अपनी डबरी में मछली बीज डालकर मत्स्य पालन शुरू किया। कृषि कार्यों के अलावा वे प्रतिदिन शाम को महाराजगंज चौक में चना-चाट की दुकान भी संचालित करती हैं, जिससे उन्हें नियमित अतिरिक्त आय प्राप्त होती है और इस वर्ष उन्होंने धान बिक्री से 1 लाख 42 हजार रुपये, मक्का से 16 हजार रुपये तथा मत्स्य पालन से 20 हजार रुपये की आय अर्जित की। विविध आजीविका गतिविधियों के जरिए वे अब गांव में लखपति दीदी के रूप में पहचान बना रही हैं। उमा सिंह की सफलता से प्रेरित होकर आसपास के गांवों की अन्य महिलाएं भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर उन्नत खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सूक्ष्म व्यवसाय अपनाने के लिए आगे आ रही हैं। इस पहल से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- -वन मंत्री केदार कश्यप ने दी बधाई-जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को मिली बड़ी सफलतारायपुर / छत्तीसगढ़ के बारनवापारा क्षेत्र ने एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव विविधता से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। बलौदाबाजार वनमंडल के अंतर्गत देवपुर जंगल में आयोजित देवपुर समर कैंप 2026 के दौरान दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी (जायंट मालाबार स्क्विरल) दिखाई दी। इस दुर्लभ वन्यजीव के दिखने से वन विभाग, प्रकृति प्रेमियों और वैज्ञानिकों में उत्साह है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर वन विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ सरकार की वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की योजनाओं का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है, जिससे दुर्लभ प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास विकसित हो रहे हैं।बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा 16 मई से 22 मई 2026 तक देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया था। कैंप के पहले दिन 16 मई को आयोजित बर्डिंग ट्रेल के दौरान इस दुर्लभ गिलहरी को देखा गया। इसकी पहचान प्रकृति प्रेमी एवं साइबर रिस्क एक्सपर्ट श्री हेमंत वर्मा ने की। विशाल भारतीय गिलहरी, जिसका वैज्ञानिक नाम रेटूफा इंडिका (Ratufa indica) है, भारत की सबसे बड़ी वृक्षवासी गिलहरियों में से एक है। इसकी पूंछ सहित लंबाई लगभग तीन फीट तक होती है। इसके शरीर पर गहरे लाल, भूरे, काले और क्रीम रंगों का सुंदर मिश्रण होता है। यह अपना अधिकांश जीवन पेड़ों पर ही बिताती है और एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक लंबी छलांग लगाने में सक्षम होती है। यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-2 के तहत संरक्षित है। इसका शिकार या व्यापार करना कानूनन अपराध है। स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है। वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने कहा कि बारनवापारा अभ्यारण्य और आसपास का वन क्षेत्र जैव विविधता से समृद्ध है। देवपुर जंगल में इस दुर्लभ गिलहरी का दिखना इस बात का प्रमाण है कि यहां का वन पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ और सुरक्षित है। वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने बताया कि देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया जिसमें शामिल बच्चों और युवाओं के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। वन विभाग का मानना है कि ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों के दर्शन से नई पीढ़ी में प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है। यह आयोजन राज्य सरकार की पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता आधारित योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- रायपुर /प्रदेश में संगठित क्षेत्र के बीमित श्रमिकों के बच्चों को स्नातक स्तर पर मेडिकल में पढ़ाई के लिए होने वाले प्रवेश परीक्षा नीट यूजी में सरलता से प्रवेश प्राप्त होने का अवसर दिये जाने के उद्देश्य से भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के कर्मचारी राज्य बीमा निगम के 20 मेडिकल कॉलेजों में बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए 700 सीट आरक्षित की गई है। बीमित श्रमिकों के बच्चों को नीट यूजी में प्रवेश लेने हेतु होने वाले प्रवेश परीक्षा के आवेदन के लिए अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है। इसके लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम के वेबसाईटwww.esic.nic.in में आवेदन करना होगा अथवा अधिक जानकारी के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम के निकटवर्ती शाखा कार्यालय अथवा राज्य स्तरीय क्षेत्रीय कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। कर्मचारी राज्य बीमा निगम से किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने हेतु टोल फ्री नम्बर 1800112526 में भी संपर्क कर सकते हैं। अतः श्रमिक साथियों से अपील है कि नीट यूजी में प्रवेश हेतु अपने योग्य, इच्छुक बच्चों से अधिक से अधिक आवेदन करवा कर भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की योजना का लाभ लेवें।
- -पड़ोसी राज्यों से आने वाली शराब रोक लगाने के दिए निर्देशरायपुर /प्रदेश के वाणिज्यिक कर (आबकारी) मंत्री श्री लखन लाल देवांगन नवा रायपुर स्थित जीएसटी भवन स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आगामी महीनों के लिए जिलेवार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर आबकारी मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति हेतु ठोस रणनीति अपनाने, दुकानवार समीक्षा करने और अनुशासन के साथ कार्य संपादन के निर्देश दिए। बैठक में वाणिज्यिक कर आबकारी विभाग सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, आबकारी आयुक्त श्री पदुम सिंह एल्मा, विशेष सचिव आबकारी श्री देवेन्द्र भारद्वाज, आबकारी मुख्यालय , बेवरेजेस कारपोरेशन , मार्केटिंग कारपोरेशन के अधिकारियों सहित जिले से आए मैदानी अधिकारी उपस्थित थे। आबकारी मंत्री श्री देवांगन ने राज्य की अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों को अन्य राज्यों की मदिरा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने और सीसीटीवी कैमरों के सुचारू संचालन की निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिला अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि मदिरा के अवैध परिवहन एवं बिक्री पर कोचियों के विरूद्ध प्रभावी कार्य करें। सभी जिला अधिकारी यह सुनिश्चित करें आबकारी उपनिरीक्षक एवं नीचे का अमला अवैध शराब बिक्री करने वाले के विरूद्ध समझौता न करें।इसके अलावा विभाग में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार मदिरा स्कंध (स्टाक) का संधारण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया किया मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं के मांग के अनुरूप मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री न हो। उन्होंने अधिकारियों को मदिरा दुकानों में नियम और अनुशासन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। दुकानों में उपलब्ध मदिरा को नियमानुसार दरों सहित रैकों में प्रदर्शित करने कहा गया, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और सुविधा मिल सके।मंत्री ने बैठक में राजस्व लक्ष्य की जिलेवार समीक्षा करते हुए जिन जिलों ने अब तक लक्ष्य की प्राप्ति की है, उन्हें सतत् कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए। वहीं लक्ष्य से पीछे चल रहे जिलों को इसके कारणों की दुकानवार समीक्षा कर कमी की पूर्ति हेतु विस्तृत कार्य-योजना बनाकर तत्परता से अमल में लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों को इस बात की स्पष्ट हिदायत दी कि मदिरा में किसी प्रकार की मिलावट न होने पाए। इसके लिए सभी जिला अधिकारियों को समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण करने और वहां पाई गई अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, दुकानों में पेटीएम या अन्य कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पृथक काउंटर की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए।आबकारी सचिव श्रीमती कंगाले ने प्रदेश में संचालित बारों, क्लबों, होटलों और ढाबों की आकस्मिक जांच करने तथा समय पश्चात संचालन अथवा अवैध मदिरा विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और विक्रय पर सख्त नियंत्रण रखने हेतु आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग से सहयोग लेने के निर्देश दिए गए।
- -मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वास्थ्य सुरक्षा, मानवीय संवेदना और पशु-पक्षियों के प्रति दायित्व निभाने की अपील कीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सहित देश के अनेक हिस्सों में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रदेशवासियों से सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ इस चुनौतीपूर्ण समय का सामना करने की अपील की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से पर्याप्त पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने तथा अनावश्यक रूप से तेज धूप में जाने से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटी-सी सावधानी स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो घर, दुकान, कार्यालय अथवा सार्वजनिक स्थानों के आसपास राहगीरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था अवश्य की जाए, क्योंकि संवेदना का यह छोटा प्रयास किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए राहत और संबल बन सकता है।मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुज़ुर्गों, श्रमिक साथियों तथा खुले में कार्य करने वाले लोगों का ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती दिखाई दे, तो उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाकर पानी, ओआरएस अथवा अन्य तरल पदार्थ उपलब्ध कराए जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशील होने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि घर, आंगन, छत, दुकान अथवा आसपास पानी का एक छोटा पात्र रखने जैसी छोटी पहल इस भीषण गर्मी में किसी जीव के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह समय सेवा, संवेदना, सजगता और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सभी एक-दूसरे का संबल बनें और मानवता के इस दायित्व को मिलकर निभाएं।
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0-महाराष्ट्र मंडल में छत्रपति शिवाजी महाराज राज्याभिषेक दिवस पर मंचित होने वाले भव्य हिंदी नाटक को लेकर हर स्तर पर तैयारियां जोरशोर से जारी
रायपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य पर आधारित हिंदी नाटक ‘शिव शौर्य’ के छह जून को होने वाले मंचन की तैयारियां पूरे शबाब पर हैं। महाराष्ट्र मंडल में संत ज्ञानेश्वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर होने वाले प्रयोग को लेकर लेखक, निर्देशक अभिषेक बक्षी के मार्गदर्शन पर लगभग हर आयुवर्ग के 25 कलाकार प्रतिदिन घंटों रिहर्सल कर रहे हैं। चूंकि नाटक ऐतिहासिक और शौर्य गाथा वाला है और इसके हर एक पात्र का अपना महत्व है, इसलिए शिव शौर्य में काम करने वाला हर एक ऊर्जावान रंगसाधक अपनी भूमिका में जान डालने का हरसंभव प्रयास कर रहा है।अभी हाल ही में पुणे स्थित ‘शिव सृष्टि’ का भ्रमण करके लौटे अभिषेक बक्षी कहते हैं कि वहां जाने के बाद बहुत सी जानकारियां जुटाने का अवसर मिला। इससे हमारे नाटक को भी मजबूती मिलेगी, खासकर संवाद व कास्ट्यूम से लेकर उन्हें अपनी केंद्रीय भूमिका शिवाजी महाराज को मंच पर साकार करने में मदद मिलेगी। रंगमंच की दुनिया में अनिकेत के रूप में तहलका मचा रहे शशि वरवंडकर इस नाटक में अफजल खान की बेहद क्रूर भूमिका में जान डालते हुए दिखाई देंगे। इसके लिए उनकी दमदार भारी आवाज में डायलॉग डिलीवरी नाटक की बड़ी विशेषता होगी। चेतन दंडवते का लंबा रंगमंचीय अनुभव बाजी प्रभु देशपांडे की महत्वपूर्ण भूमिका को साकार करने में सहायक होगा।आकाशवाणी के प्रसिद्ध उद्घोषक दीपक हटवार नाटक 'शिव शौर्य' के सूत्रधार होंगे। भारती पलसोदकर जिजाऊ माता और कीर्ति हिशीकर शिवाजी महाराज की पत्नी सई बाई की संवेदनशील किरदार में आंखें नम करेंगी। इनके अलावा रविंद्र ठेंगड़ी, विनोद राखुंडे, पवन ओगले, अभय भागवतकर, पंकज सराफ़, पराग दलाल, दीप्तांशु शर्मा, अक्षदा मातुरकर, योगेश दंडवते, यशस्वी दंडवते, अनुष्का टेम्बे, प्रार्थना दंडवते, अतुल गद्रे, हेमंत मोहिते, गणशा जाधव पाटिल, ज्योतिर्मय भोसले, रवि किरण दशपुत्रे।शिव शौर्य के पार्श्व संगीत के लिए परितोष डोनगांवकर, अजय पोतदार के साथ स्वयं अभिषेक काफी मेहनत कर रहे हैं। इसी तरह तमाम पात्रों की वेशभूषा को लेकर काफी रिसर्च कर चीजे फाइनलाइज की जा रही हैं। प्रकाश व्यवस्था और साउंड सिस्टम को लेकर भी अति विशिष्ट और भव्य नाटक 'शिव शौर्य' के स्तर पर मैनेज किया जा रहा है। बताते चलें कि शनिवार, छह जून को शाम 06:30 बजे मंचित किए जाने वाले इस नाटक को देखने के लिए शिवाजी महाराज राज्याभिषेक दिवस समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका के अलावा अनेक जनप्रतिनिधि और रंगप्रेमी दर्शक विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। -
*अब पाठकों को मिलेगी छत्तीसगढ़ी और अन्य स्थानीय भाषाओं की जानकारी*
*अब तक करीब 13 हज़ार पुस्तकें की जा चुकी है दान*रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बनती जा रही है। इस पहल के माध्यम से लोग स्वेच्छा से पुस्तकें और इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट दान कर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में योगदान दे रहे हैं।इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा एवं सचिव श्रीमती अभिलाषा बेहार ने आयोग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ी एवं अन्य स्थानीय भाषाओं की 45 पुस्तकें जिला प्रशासन को दान की।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उनके इस सराहनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।अध्यक्ष श्री मिश्रा ने बताया कि हमारा प्रयास है कि इस योजना के तहत आयोग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ी एवं स्थानीय भाषाओं की पुस्तकें पाठकों तक पहुँचे, जिन्हें पढ़कर पाठकों को हमारी पहचान, संस्कृति एवं भाषा के बारे में जानकारी प्राप्त हो। साथ ही उन्होंने कहा कि आयोग का यह प्रयास है कि जो पाठक हमारी संस्कृति के बारे में जानना चाहते हैं उन्हें इस योजना के तहत हमारी पुस्तकें मिल पाएंगी जो उनके लिए काफी मददगार होगी।सचिव श्रीमती बेहार ने इस योजना की सराहना करते हुए कहा कि हमारा यह प्रयास है कि छत्तीसगढ़ी भाषा का प्रशासकीय कार्य में भी उपयोग हो सके, इसके लिए हमने छत्तीसगढ़ विधानसभा के साथ प्रकाशित की गई ऐसी पुस्तकें, जिनमें छत्तीसगढ़ी में प्रशासनिक कार्य व्यवहार कैसे किया जाए, जिला प्रशासन को सौंपी।उल्लेखनीय है कि स्मृति पुस्तकालय योजना के तहत अब तक लगभग 13 हजार पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स दान किए जा चुके हैं। इन संसाधनों का लाभ लेकर अनेक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई दिशा दे रहे हैं।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भी इस पुनीत पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में भागीदार बनें और युवाओं के सपनों को साकार करने में सहयोग दें। पुस्तक अथवा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करने के इच्छुक नागरिक 94060 49000 एवं 94255 02970 से संपर्क कर सकते हैं।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। -
बिलासपुर/,सुशासन तिहार “शासन आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत मंगला स्थित धुरीपारा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष गतिविधियाँ आयोजित की गईं।शिविर में तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी तथा नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (टीबी नियंत्रण अभियान) के तहत दो टीबी मरीजों को एसईसीएल द्वारा प्रदत्त प्रोटीन पाउडर का वितरण किया गया, ताकि उनके पोषण स्तर में सुधार हो और उपचार पूर्ण किया जा सके। इसके साथ ही शिविर में हितग्राहियों की स्वास्थ्य जांच, ब्लड प्रेशर व शुगर टेस्ट तथा आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रक्रिया भी की गई।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सक्रिय रूप से सेवाएं प्रदान कीं और लोगों को योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया। शिविर का उद्देश्य टीबी उन्मूलन, बेहतर पोषण एवं समय पर उपचार सुनिश्चित करना था।
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बिलासपुर/कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आज अपर कलेक्टर श्री एसएस दुबे ने लोगों की समस्याएं सुनी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उनसे मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। उन्होंने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में पहुंची ग्राम दर्रीघाट की श्रीमती संगीता खांडे ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिलाने की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि वे बेहद गरीब हैं और उनके पति की सीमित आय में किराए के मकान में रहकर दो बच्चों की परवरिश करना बेहद मुश्किल हो रहा है। तखतपुर ब्लॉक के परसदा निवासी संतोषी निर्मलकर ने जनदर्शन में आवेदन देकर नया बीपीएल राशन कार्ड बनाए जाने की मांग की है। आवेदन में बताया गया है कि पहले से राशन कार्ड के लिए आवेदन देने के बावजूद अब तक उनका राशन कार्ड नहीं बन पाया है। उन्होंने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। पचपेड़ी तहसील के ग्राम गोड़ाडीह निवासी लकेश्वर ने अपनी डायवर्सन कराने हेतु अपर कलेक्टर को अपना ज्ञापन सौंपा। आवेदन में बताया गया है कि उनकी भूमि ग्राम गोड़ाडीह में स्थित है और वे भूमि के एक हिस्से का उपयोग व्यवसायिक कार्य के लिए करना चाहते हैं। उन्होंने नियमानुसार भूमि डायवर्सन की अनुमति प्रदान करने की मांग की है। ग्राम खमतराई के ग्रामीणों ने अपर कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में बताया कि ग्राम खमतराई के प्राचीन तालाब को असामाजिक तत्वों द्वारा अधिग्रहित किया जा रहा है एवं उनके द्वारा निरंतर गंदगी फेंककर तालाब को प्रदूषित करने का कार्य किया जा रहा है। वहीं जनदर्शन में कपसिया कला के दिव्यांग सावन कुमार ने ट्राई साइकिल दिलाने आवेदन प्रस्तुत किया। शहरी क्षेत्र के फजलबाड़ा वार्ड क्रमांक 33, गांधीनगर की निवासी राधा गायकवाड़ और शिवकुमारी यादव ने प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। पीड़ितों ने बताया कि वे गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले अत्यंत गरीब परिवार हैं। विगत दिनों अचानक एक विशाल बरगद का पेड़ उनके मकानों के ऊपर गिर गया, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से काफी नुकसान पहुंचा है। वे मकान की मरम्मत कराने में असमर्थ हैं और वर्तमान में बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शासन से तत्काल आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की गुहार लगाई है।जनदर्शन में आज अपर कलेक्टर श्री दुबे ने सभी की समस्याओं को इत्मीनान से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। -
*जल संरक्षण के लिए अगले 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश*
*कलेक्टर ने टीएल बैठक में सुशासन तिहार एवं फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की*बिलासपुर/ कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में सुशासन तिहार सहित शासन की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खेती-किसानी का मौसम शुरू होने वाला है, इसलिए समितियों के माध्यम से किसानों को खाद और बीज समय पर उपलब्ध कराया जाए। उर्वरक वितरण की प्रगति की प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिदिन शाम 6 बजे खाद बीज की मांग एवं आपूर्ति की समीक्षा की जाएगी।बैठक में निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर ने जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति या संस्था जमीन से जल निकाल रही है, उसकी जिम्मेदारी भूजल को पुनः जमीन में पहुंचाने की भी है। इसके लिए इंजेक्शन तकनीक को प्रभावी बताते हुए उन्होंने उद्योगों और ठेकेदारों से रिचार्ज हेतु नलकूप खुदवाने में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नलकूप खुदने के बाद शासन द्वारा आवश्यक संरचनाएं निर्मित की जाएंगी ताकि भूजल स्तर को बेहतर बनाया जा सके। आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए अगले 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर जल संरक्षण कार्यों को गति देने के निर्देश दिए गए। साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी इस अभियान से जोड़कर जल संरक्षण के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने की बात कही गई।कलेक्टर ने सुशासन तिहार के तहत विभिन्न योजनाओं में संतृप्ति स्तर प्राप्त करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविरों में स्वामित्व योजना के लगभग साढ़े चार हजार पट्टों का वितरण सुनिश्चित किया जाए। एग्रीस्टैक पोर्टल में शेष लगभग तीन हजार किसानों का पंजीयन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। शहरी क्षेत्रों में पट्टा वितरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक तेजी लाने को कहा गया। शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर कलेक्टर ने गंभीरता दिखाते हुए प्राचार्यों के साथ संबंधित विषय शिक्षकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं पीएम सूर्यघर योजना के बढ़े हुए लक्ष्य को पूरा करने के लिए वार्डवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। बैठक में पीएम पोर्टल, सीएम जनदर्शन, मुख्यमंत्री घोषणाओं, विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों, कलेक्टर टीएल एवं कलेक्टर जनदर्शन से संबंधित लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए गए। -
आम की 250 से अधिक किस्मों का प्रदर्शन किया जाएगा
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा राष्ट्रीय आम महोत्सवरायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 29, 30 एवं 31 मई, 2026 को कृषि महाविद्यालय परिसर रायपुर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का शुभारंभ 29 मई, 2026 को किया जाएगा। राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 250 से अधिक किस्मों का प्रदर्शन किया जायेगा। इस कार्यक्रम में आम की विभिन्न किस्मों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है जिसमें छत्तीसगढ़ एवं देश के विभिन्न राज्यों के आम उत्पादक शामिल होंगे। इस अवसर पर आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित हैं। आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है जिसमें विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन भी पंजीयन कर भागीदारी कर सकते है। इस महोत्सव में पंजीयन एवं प्रवेश पूर्णतया निःशुल्क है। राष्ट्रीय आम महोत्सव में संस्थागत एवं व्यक्तिगत प्रतियोगी भी सहभागी हो सकते हैं। आम महोत्सव के दौरान आम पर केंद्रित मैंगो क्विज़ मैंगो, फैंसी ड्रेस आदि प्रतियोगिताएं भी अयोजित की जाएगी। इसके अलावा प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जाएगा।राष्ट्रीय आम महोत्सव में 29 से 31 मई, 2026 तक विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा जिसमें किसानों द्वारा उत्पादित आम की व्यावसायिक किस्मों के अंतर्गत दशहरी, लंगडा, बाम्बे ग्रीन, चैसा, मालदा, हिमसागर, सुन्दरजा, केसर, अलफान्सो, तोतापरी, नीलम, बैगनफल्ली, पैरी, सिन्दूरी, फज़ली आदि किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। संकर किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत मल्लिका, आम्रपाली, पूसा अरूणिमा, अम्बिका, रत्ना, सिंधु, अर्का पुनीत किस्मों को शामिल किया गया है। विशिष्ट किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत हाथीझुल, नूरजहां, लड्डु, गुलाब खास किस्मों के उत्पादक भाग ले सकते हैं। एक्जोटिक (आयातित किस्म) की प्रतियोगिता में मियाजाकी, टाॅमी एटकिन्स एवं गोल्डन नगेट्स किस्मों को शमिल किया गया है। इस अवसर पर आम से निर्मित उत्पादों की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें प्रतिभागी आम से निर्मित उत्पाद - नेक्टर/आर.टी.एस., शर्बत, पना, आम के अचार, आम की चटनी, आम पापड़, आमरस, जैम एवं मिठ्ाई आदि व्यंजनों के साथ प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आम महोत्सव में प्रतिभागियों हेतु आम आधारित माॅडल एवं बोनसाई, आम आधरित सजावट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रकृति की ओर सोसायटी की ओर से आम की ग्यारह गुठलियाँ लाने वाले व्यक्तियों को एक उन्नत किस्म के आम का पौधा दिया जाएगा। प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा राॅय आम के व्यंजन बनाना भी सिखाएंगी।आयोजन के प्रथम दिवस 29 मई को प्रातः 9 बजे से 12 बजे तक प्रविष्टियों का पंजीयन किया जाएगा। इसके पश्चात सामान्यजनों के लिए प्रदर्शनी अवलोकनार्थ तीनों दिन सायः 9 बजे तक खुली रहेगी। प्रदर्शनी में आम की विभिन्न किस्मों के फल, आम के विभिन्न उत्पाद एवं आम के पौधे भी विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे। द्वितीय दिवस 30 मई को आम उगाने वाले कृषकों एवं जिज्ञासुओं के लिए 12 बजे से 4 बजे तक ‘‘आम उत्पादन समस्या एवं समाधान’’ विषय पर तकनीकी मार्गदर्शन एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता के आम की विभिन्न किस्मों का उत्पादन, आम के विभिन्न उत्पाद एवं उनके विपणन के साथ ही आम उत्पादन हेतु छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की जायेगी, जिससे नयी पीढ़ी के लोग आम उत्पादन की ओर आकृष्ट हो सकें। आम उत्पादन को पर्यावरण के संरक्षण के साथ एक स्वास्थ्यवर्धक व्यवसाय के रूप में अपनाने की जानकारी आम लोगों को प्रदान की जा जाएगी। तृतीय दिवस 31 मई को आम उत्पादक कृषकों एवं उद्यमियों की सफलता की कहानी उन्हीं की जुबानी 12 से 4 बजे तक आयोजित होगा।राष्ट्रीय आम महोत्सव के अंतिम दिन प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ ही प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का आयोजन भी किया जायेगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय फल ‘‘आम’’ जो कि आम जनता का प्रिय फल है उसकी समस्त सामान्य एवं खास किस्मों, विशिष्ट उत्पादों एवं भविष्य में अधिक उत्पादन के लिए रोजगार के साधनों की जानकारी नागरिकों, महिलओं, विद्यार्थियों, नव उद्यमियों एवं कृषकों को प्रदान करना है। राष्ट्रीय आम महोत्सव के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभागी न्यूनतम 5 से 10 आम प्रति किस्म के साथ भाग ले सकते हैं। आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिता में न्यूनतम 250 ग्राम आम के उत्पाद के साथ पंजीयन कर इस प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं। इस आयोजन में पंजीयन एवं प्रवेश निःशुल्क है अतः इस अवसर का लाभ प्राप्त करने हेतु सहभागी बनें। - रायपुर । रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित “पत्रकारिता गौरव मार्तण्ड उत्सव” की तैयारियों को लेकर गठित ड्राफ्टिंग आर्काइव समिति की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार शाम 6 बजे प्रेस क्लब परिसर में सम्पन्न हुई। बैठक में आयोजन की रूपरेखा, दस्तावेजीकरण, स्मारिका निर्माण, पत्रकारिता से जुड़े ऐतिहासिक अभिलेखों के संकलन एवं आयोजन को भव्य स्वरूप देने पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक की शुरुआत समिति के संयोजक व्यास पाठक द्वारा उपस्थित सदस्यों के परिचय के साथ की गई। उन्होंने समिति की भूमिका, उद्देश्य एवं जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पत्रकारिता गौरव मार्तण्ड उत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों, परंपराओं और वरिष्ठ पत्रकारों के योगदान को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने सभी सदस्यों से सक्रिय सहभागिता और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।इसके पश्चात रायपुर प्रेस क्लब के महासचिव गौरव शर्मा ने समिति के कार्यों एवं आयोजन की रूपरेखा पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ड्राफ्टिंग आर्काइव समिति का मुख्य उद्देश्य पत्रकारिता से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज, पुराने समाचार पत्र, दुर्लभ फोटोग्राफ, वरिष्ठ पत्रकारों की उपलब्धियां एवं पत्रकारिता के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का संकलन कर उन्हें सुव्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करना है। साथ ही आयोजन के दौरान प्रकाशित होने वाली सामग्री को प्रभावी एवं आकर्षक स्वरूप देना भी समिति की जिम्मेदारी होगी।बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव दिए। सदस्यों ने प्रस्ताव रखा कि पत्रकारिता के इतिहास एवं वरिष्ठ पत्रकारों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रदर्शनी, स्मारिका एवं संवाद सत्र आयोजित किए जाएं। महिला सदस्यों ने भी आयोजन में रचनात्मक एवं सांस्कृतिक आयाम जोड़ने पर बल दिया।बैठक में समिति के संयोजक व्यास पाठक, गंगेश द्विवेदी, गंगा प्रसाद सिंह, डॉ. अवधेश मिश्रा, श्वेता शर्मा, साधना पांडेय सहित विशेष रूप से प्रशांत शर्मा, दिनेश तिवारी, डॉ. अनिल द्विवेदी, राजेश मिश्रा, दिलीप साहू, राजेंद्र निगम एवं ठाकुर राम साहू उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने आयोजन को सफल, ऐतिहासिक एवं यादगार बनाने के लिए पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया।बैठक के अंत में समिति द्वारा आगामी बैठकों की रूपरेखा तय करते हुए विभिन्न सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपने पर भी चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि पत्रकारिता गौरव मार्तण्ड उत्सव पत्रकारिता जगत के लिए एक प्रेरणादायी और गौरवपूर्ण आयोजन सिद्ध होगा।
- -भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने मोदी-सरकार के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के अद्वितीय युग के स्वर्णिम 12 वर्ष पूर्ण होने पर दी बधाई व मंगलकामनाएँरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र की भाजपानीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के सफल, ऐतिहासिक और अभूतपूर्व 12 वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री श्री मोदी को संपूर्ण छत्तीसगढ़ की जनता और कार्यकर्ताओं की ओर से हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ प्रेषित की हैं। श्री देव ने कहा कि पिछले 12 वर्ष भारत के इतिहास में 'सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण' के स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो चुके हैं।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि वर्ष 2014 से शुरू हुई यह विकास यात्रा आज भारत को विश्व पटल पर एक महाशक्ति के रूप में स्थापित कर चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नीतिगत निर्णयों, दृढ़ इच्छाशक्ति और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मूलमंत्र ने देश के हर वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। श्री देव ने मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की प्रमुख युगान्तरकारी उपलब्धियों का सारगर्भित उल्लेख करते हुए कहा कि अंत्योदय और गरीब कल्याण योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना में करोड़ों परिवारों को पक्के मकान, उज्ज्वला योजना से माताओं-बहनों को धुएँ से मुक्ति, आयुष्मान भारत योजना से देश के गरीब नागरिकों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज और जल जीवन मिशन के जरिए हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाकर मोदी सरकार ने देश के अंतिम व्यक्ति को सशक्त किया है। भारत आज विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है और तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनने की ओर अग्रसर है। 'डिजिटल इंडिया' और यूपीआई क्रांति ने भारत के गाँवों तक बैंकिंग और वित्तीय समावेशन को सुलभ कर दिया है। इंफ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विकास कर देश में राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे, आधुनिक रेलवे (वंदे भारत ट्रेनों) और हवाई अड्डों का जाल बिछाया गया है, जिसने देश की गति और प्रगति को नए आयाम दिए हैं।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और ऐतिहासिक निर्णयों की चर्चा करते हुए कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, भव्य प्रभु श्री राम मंदिर का निर्माण और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) जैसे ऐतिहासिक निर्णयों ने देश की सम्प्रभुता को मजबूत किया और सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित किया है। वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ते कद की चर्चा करते हुए श्री देव ने कहा कि चाहे यूक्रेन-रूस संकट में भारतीय नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी हो या जी-20 की सफल अध्यक्षता, प्रधानमंत्री श्री मोदी के मजबूत नेतृत्व के कारण आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आवाज को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।छत्तीसगढ़ को दी गईं विशेष सौगातेंभाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए हमेशा उदारता दिखाई है। चाहे जनजातीय समाज के कल्याण के लिए 'पीएम जनमन योजना' हो, बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में अधोसंरचना का विकास हो, या किसानों के हितों की रक्षा, केंद्र सरकार ने राज्य को सँवारने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। श्री देव ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह सक्षम नेतृत्व आने वाले समय में भारत को 'विकसित भारत @2047' के संकल्प तक पहुँचाने में पूर्णतः सफल सिद्ध होगा। श्री देव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर यशस्वी रहने की मंगलकामना व्यक्त की है।
- रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित पत्रकारिता गौरव मार्तण्ड उत्सव की तैयारी के संबंध में "आवास एवं अतिथि सत्कार समिति" की बैठक मंगलवार को दोपहर 2 बजे प्रेस क्लब में हुई। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर समिति के सभी सदस्य बेहद उत्साहित नजर आए। बैठक में सभी सदस्यों ने बाहर से आने वाले अतिथियों के आवास व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की। बैठक में प्रेस क्लब कोषाध्यक्ष दिनेश यदु ने अतिथियों की आवास व्यवस्था को बेहतर तरीके से करने की बात कही। बैठक में समिति के संयोजक शंकर चंद्राकर, विजय मिश्रा, अख्तर हुसैन, टीकम वर्मा, लखन शर्मा, संजय वर्मा, पवन सिंह ठाकुर, अब्दुल शमीम, रामजी साहू, दिनेश सोनी व मलकीत सिंह उपस्थित रहे।
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रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित पत्रकारिता गौरव मार्तण्ड उत्सव की तैयारी के संबंध में " आयोजन एवं प्रोटोकॉल समिति ( समय सारणी, अतिथि प्रबंधन , स्थल व्यवस्था) " की बैठक मंगलवार को शाम 4 बजे प्रेस क्लब में हुई। इस आयोजन को लेकर समिति के सभी पुरुष एवं महिला सदस्यों ने कार्यक्रम को सफ़ल बनाने अपने सुझाव दिये । समय सारणी का अनुमानित शेड्यूल तैयार किया गया है जो कि रजिस्ट्रेशन सुबह 10.30 बजे से रात्रि 8 बजे तक का समय निर्धारित किया गया। जिसमें प्रथम सत्र, भोजन अवकाश, द्वितीय सत्र प्रिंट मीडिया, तृतीय सत्र इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, और सांस्कृतिक कार्यक्रम तक शामिल है। अतिथियों के आने एवं जाने तक उनकी सम्पूर्ण व्यवस्था को सामूहिक रूप से करने का निर्णय लिया गया। बैठक में समिति के संयोजक राजेन्द्र कुमार निगम, अंशुमन शर्मा , प्रहलाद दमाहे , आफ़ताब बेगम , रुमा सेनगुप्ता, रत्ना पाण्डे और संतोष साहू उपस्थित रहे । साथ ही विशेष रूप से प्रकाश शर्मा जी एवं सत्येंद्र कर जी के भी महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए।
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-सेवा सेतु पोर्टल पर मिलेगी 441 शासकीय सेवाएं
राजनांदगांव । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विजन के अनुरूप राज्य शासन द्वारा सुशासन और डिजिटल गवर्नेस को बढ़ावा देने के लिए सेवा सेतु पोर्टल की शुरूआत की गई है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को घर बैठे विभिन्न विभागों द्वारा संचालित शासकीय सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही है। कलेक्टर ने जिले के सभी नागरिकों एवं दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों से अपने छोटे-छोटे कार्यों के प्रमाण पत्रों, राजस्व कार्यों और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए जिला या ब्लॉक मुख्यालय आने के बजाय सेवा सेतु पोर्टल का अधिकतम उपयोग करने की अपील की है।
सहायक प्रबंधक जिला ई-गवर्नेस सोसायटी राजनांदगांव श्री आशीष स्वर्णकार ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध हो पाएगा। इस एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विभिन्न शासकीय विभागों की कुल 441 जन-कल्याणकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, राजस्व मामले, राशन कार्ड, विवाह प्रमाण पत्र, नाम परिवर्तन हेतु राजपत्र प्रकाशन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य शासकीय सेवाओं को पूरी तरह पारदर्शी, बाधारहित एवं समयबद्ध बनाना है। पोर्टल के माध्यम से आवेदक अपने आवेदनों की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। हर सेवा के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की गई है। जिससे आम जनता के काम बिना किसी देरी के पूरे होंगे। छत्तीसगढ़ में पहले ईडिस्ट्रिक परियोजना के माध्यम से केवल 86 सेवाएं उपलब्ध थी। समय की आवश्यकता को देखते हुए इसका उन्नत संस्करण सेवा सेतु विकसित किया गया है। जिसमें अब 441 सेवाएं जोड़ी जा चुकी है। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनी है।
राज्य शासन की यह डिजिटल पहल विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में रहने वाले नागरिकों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। अब ग्रामीणों को छोटे-छोटे प्रमाण पत्रों और कामों के लिए जिला या ब्लॉक मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने नजदीकी सेवा सेतु केन्द्र या स्वयं के मोबाइल और कम्प्यूटर के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल का लाभ उठा सकेंगे। राज्य शासन इस पोर्टल के माध्यम से न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। जिससे नागरिकों के समय और धन दोनों की बचत होगी। हर सेवा के लिए एक समय-सीमा तय की गई है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। जिसका लक्ष्य जिले के अंतिम व्यक्ति तक इस डिजिटल सुविधा का लाभ पहुंचाना है। - -कोयला उत्पादन, ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और आधारभूत संरचना विस्तार पर हुई सकारात्मक चर्चा-केंद्र-राज्य समन्वय से औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को गति देने पर जोररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित उनके कार्यालय में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा, खनिज क्षेत्र के विस्तार तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई।बैठक में छत्तीसगढ़ में कोयला उत्पादन बढ़ाने, खनन क्षेत्रों में बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने, रेल एवं लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी के विस्तार तथा औद्योगिक गतिविधियों को और गति देने के विषय पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन, कोयला गैसीकरण, सौर ऊर्जा विकास तथा खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर भी विशेष चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और केंद्र सरकार के सहयोग से ऊर्जा, खनन एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में राज्य नई संभावनाओं की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करते हुए युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री रजत बंसल, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- राजनांदगांव । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 21 रेवाडीह वार्ड में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर आम नागरिकों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लोगों को योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए स्वास्थ्य शिविर से रेवाडीह वार्ड की निवासी नयन बाई को समय पर उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त हुई।नयन बाई ने बताया कि शिविर में उनकी रक्तचाप (बीपी) की जांच की गई, जहां चिकित्सकों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया। जांच के बाद उन्हें नि:शुल्क दवाई भी दी गई। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें इस तरह की सुविधाओं की जानकारी नहीं थी, लेकिन शिविर लगने से घर के पास ही स्वास्थ्य जांच और इलाज की सुविधा आसानी से मिल गई। उन्होंने बताया कि बिना किसी खर्च के स्वास्थ्य जांच, डॉक्टर से परामर्श और दवाई मिलने से उन्हें काफी राहत महसूस हुई। नयन बाई ने कहा कि इस प्रकार के शिविर जनसामान्य के लिए बहुत उपयोगी हैं, विशेषकर उन लोगों के लिए जो समय या आर्थिक कारणों से अस्पताल नहीं जा पाते। उन्होंने शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से लोगों तक जरूरी सेवाएं पहुंच रही हैं, जिससे आम नागरिकों को सीधा लाभ मिल रहा है।
- -कृषि विभाग द्वारा 1005 सोकपिट एवं वाटर हार्वेस्टिंग टैंक निर्माण पूर्णमहासमुंद / मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा जिले में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन को जन आंदोलन का रूप देने लगातार कार्य किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से ग्रामीणों एवं कृषकों को वर्षा जल के संरक्षण, भू-जल संवर्धन तथा जल के समुचित उपयोग के प्रति जागरूक एवं प्रेरित किया जा रहा है। विभिन्न विभागों द्वारा जल संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। अभी तक लगभग 74 हजार विभिन्न संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। जिला पंचायत, जनपद पंचायत, जल संसाधन विभाग, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, वन विभाग एवं कृषि विभाग द्वारा अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।कृषि विभाग द्वारा जिले के कृषकों एवं महिला किसानों द्वारा स्व-प्रेरणा से अब तक कुल 1005 सोकपिट एवं वाटर हार्वेस्टिंग टैंक का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इससे वर्षा जल का संरक्षण होने के साथ-साथ भू-जल स्तर में वृद्धि होगी। विकासखंड के ग्राम बानीपाली की कृषक श्रीमती दीपिका पटेल ने अपने घर एवं खेत में सोकपिट टैंक का निर्माण कराया है। उन्होंने बताया कि घरों से निकलने वाले पानी का उचित प्रबंधन होगा तथा पानी का पुनर्भरण सीधे जमीन में होने से आसपास के क्षेत्र में नमी बनी रहेगी। इससे घरेलू उपयोग एवं खेती-किसानी में भी लाभ मिलेगा।इसी तरह ग्राम उमरिया की श्रीमती शीला तिवारी तथा ग्राम बरतियाभाठा की श्रीमती सीमा द्वारा भी अपने घरों एवं खेतों में सोकपिट एवं वाटर हार्वेस्टिंग टैंक का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीण महिलाओं की यह सहभागिता जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रेरणादायी है। साथ ही किसानों द्वारा भी अपने बाड़ी और खेत में सोकपिट बड़ी संख्या में बनाया जा रहा है।









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