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सीपीआर, प्राथमिक उपचार और यातायात सुरक्षा की दी गई जानकारी
संभागायुक्त ने किया युवोदय कार्यक्रम का शुभारंभ
बिलासपुर/भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा आयोजित प्राथमिक सहायता प्रशिक्षण एवं आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण का समापन समारोह संभागायुक्त श्री सुनील जैन के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। आईजी श्री संजीव शुक्ला और कलेक्टर एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल भी मौजूद थे। कार्यक्रम के द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री बालमुकुंद दुबे द्वारा प्रशिक्षार्थियों को प्राथमिक चिकित्सा, सांप के काटने से तुरंत बचाव, बैंडेजिंग आदि का प्रशिक्षण दिया गया। सिम्स चिकित्सालय की डॉ. मधुमिता मूर्ति द्वारा सीपीआर का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती अर्चना झा ने जिले में नशा मुक्ति के लिए चलाए जा रहे चेतना अभियान के बारे में जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात श्री राम गोपाल करियारे ने यातायात के नियमों सहित यातायात से जुड़ी अन्य जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संभागायुक्त श्री जैन ने प्राथमिक चिकित्सा एवं आपदा प्रबंधन पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण समाज के लिए एवं हम सबके लिए लाभकारी है । इस प्रशिक्षण को प्राप्त किए हुए प्रशिक्षार्थी आने वाले समय में अधिक से अधिक स्कूल और कॉलेज में प्रशिक्षण देंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आईजी संजीव शुक्ला ने रेडक्रास समिति की तहेदिल से प्रशंसा की और कहा कि ऐसे प्रशिक्षण होते रहने चाहिए। वही आए हुए प्रशिक्षार्थियों से अच्छे प्रशिक्षण की प्राप्त करने के लिए बधाई भी दिया। प्रशिक्षार्थियों में से श्रीमती खुशी लाडिया ने प्रशिक्षण का अनुभव साझा किया। उन्होंने इस प्रशिक्षण को बहुत लाभकारी बताया। प्रशिक्षार्थियों को आए हुए अतिथियों के द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किया गया। रेडक्रास समिति की ओर से आए हुए अतिथियों का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संभागायुक्त श्री सुनील जैन द्वारा रेडक्रॉस द्वारा प्रारंभ नवीन कार्यक्रम युवोदय लॉन्च किया गया । युवोदय कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम में 4 से 5 युवाओं का दल होगा जो की उसे ग्राम की समस्याओं को दूर करने में ग्राम वासियों को सहयोग करेगा इस हेतु दल के सदस्यों को विशेषज्ञ के द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में डॉ राजीव अवस्थी सदस्य प्रबंध समिति रेडक्रॉस बिलासपुर के द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री सौरभ सक्सेना, जिला समन्वयक द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी प्रबंध समिति के सदस्य सर्वश्री अमरजीत सिंह डॉ राजीव अवस्थी उपस्थित रहे साथ ही डॉ. एम ए जीवनी नोडल अधिकारी रेडक्रॉस के साथ-साथ श्री संजय मिश्रा, श्री आदित्य पांडे, लक्ष्मी नारायण मिश्रा, सुशील राजपूत, गीतेश्वरी चंद्रा, लेमा देवांगन, अन्नू पटेल, नौरीश जेहरा अली, ममता लहरे, पूजा केवट एवं मुस्कान ठाकुर महाविद्यालय के आचार्य गण आदि उपस्थित रहे। -
रायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम रायपुर में प्राप्त गन्दगी सम्बंधित जनशिकायत की वस्तुस्थिति की जानकारी लेने नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय के नेतृत्व और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री बारोन बंजारे, स्वच्छता निरीक्षक श्री भोला तिवारी की उपस्थिति में जोन 9 क्षेत्र अंतर्गत जोरा क्षेत्र में नीलम बेकरी की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान कचरा फैलाये जाने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत सही मिली, इस पर जोन 9 जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने तत्काल नीलम बेकरी के सम्बंधित संचालक को भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए 3000 रूपये का जुर्माना किया और प्राप्त जनशिकायत का स्थल पर पहुंचकर त्वरित निदान किया.
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विशेष स्वास्थ्य शिविर में 71 छात्राओं की जाँच0
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य की लोक स्वास्थ्य हितकारी मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत एमएमयू-2 दाई दीदी क्लीनिक द्वारा शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति एवं जनजाति कन्या छात्रावास कालीबाड़ी में एक दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में महिला चिकित्सक एवं स्टाफ द्वारा छात्रावास के बच्चों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, कुल 71 छात्राओं की जाँच की गई।
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना अंतर्गत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन रायपुर नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप, प्रभारी अपर आयुक्त श्रीमती कृष्णा खटिक के निर्देशानुसार एरिया प्रोजेक्ट मैनेजर काजल शर्मा की निगरानी में किया गया। शिविर में मुख्य भूमिका निभाते हुए डॉ. तिलेश्वरी वर्मा ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। फार्मासिस्ट नंदिनी साहू, लैब टेक्निशियन प्रियंका यादव, नर्स नेहा निर्मलकर ने सहयोग प्रदान किया। परीक्षण के दौरान छात्राओं को आवश्यकतानुसार औषधि दी गई और संतुलित आहार एवं स्वास्थ्य सुधार से संबंधित विशेष सलाह प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त हॉस्टल में चिकित्सकों ने सभी बच्चों को उचित दवाइयाँ दीं और स्वच्छता एवं व्यक्तिगत साफ-सफाई संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।
छात्रावास की छात्राएँ अपने घर - परिवार से दूर रहती है ऐसे बच्चों के बीच स्वास्थ्य शिविर का आयोजन न केवल चिकित्सा सुविधा पहुँचाने का प्रयास है, बल्कि यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का सशक्त उदाहरण भी है। -
रायपुर को राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रथम रैंकिंग दिलवाने स्वच्छ शहर बनाने हेतु अधिकाधिक सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपील
रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड और संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी ने शिक्षक- शिक्षिकाओं, मुस्लिम धर्मावलंबियों सहित समस्त नगरवासियों को शिक्षक दिवस 5 सितम्बर, ईद मिलादुन्नबी 5 सितम्बर, अनंत चतुर्दशी 6 सितम्बर 2025 के अवसरों पर अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें देते हुए समस्त नगरवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य, शान्ति प्रदान करने हेतु और रायपुर को राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रथम रैंकिंग दिलवाने सबकी सहभागिता सुनिश्चित करने सकारात्मक ऊर्जा शक्ति प्रदान करने हेतु सर्वशक्तिमान ईश्वर के दिव्य श्रीचरणों में विनम्र प्रार्थना की है।
शिक्षक दिवस दिनांक 5 सितम्बर को है, शिक्षक दिवस राष्ट्र निर्माता माने जाने वाले सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं के प्रति सम्मान कर कृतज्ञता व्यक्त करने का एक श्रेष्ठ सुअवसर होता है और इस दिवस भारत गणराज्य के द्वितीय राष्ट्रपति महान शिक्षक डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयन्ती रहती है। 5 सितम्बर को ईद मिलादुन्नबी है । यह अवसर सभी मुस्लिम धर्मवलंबी सभी धर्मों के धर्मवलंबियों के साथ आपस में मिल-जुलकर उत्साह और उल्लास के साथ मनाते हैँ. रायपुर शहर में ईद मिलादुन्नबी विगत अनेक वर्षों से निरन्तर साम्प्रदायिक सौहार्द, आपसी भाईचारा, सद्भावना का एक श्रेष्ठ अवसर होता है। श्रीगणेश उत्सव के दस दिवसीय सार्वजनिक पर्व अवसर का अंतिम दिवस अनंत चतुर्दशी पर्व दिनांक 6 सितम्बर को है. इस अवसर पर श्रद्धालुजन श्रीगणेश की मूर्तियों का पूजा -अर्चना, आरती पश्चात भगवान से अगले श्रीगणेश उत्सव में जल्दी आने की विनम्र प्रार्थना करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक विदाई परम्परागत तरीके से देते हैँ. भगवान श्रीगणेश शुभ और लाभ के प्रतीक देवता माने जाते है एवं कोई भी शुभ कार्य सर्वप्रथम उनकी पूजा के पश्चात प्रारंभ करने का प्राचीन विधान है।
रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ और संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी ने शिक्षक- शिक्षिकाओं, मुस्लिम धर्मावलंबियों सहित समस्त नगरवासियों से राजधानी शहर रायपुर को राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रथम रैंकिंग दिलवाने अपनी अधिकाधिक सक्रिय सहभागिता रायपुर शहर को स्वच्छ बनाने दर्ज करवाने की विनम्र अपील की है. यहां उल्लेखनीय है कि वर्तमान में राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में मेट्रो सिटीज श्रेणी में रायपुर शहर देश में चौथी रैंकिंग और छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर शहर को गार्बेज फ्री सिटी श्रेणी में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रथम 7 स्टार रैंक प्राप्त शहर है। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ईद मिलादुन्नबी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों विशेषकर मुस्लिम धर्मावलंबियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।
- -जीएसटी के बदलावों से आम आदमी की बचत और देश में खपत दोनों बढ़ेगी :अमित चिमनानी-GST अब गुड एंड सिंपल टैक्स: अमित चिमनानीरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता,अर्थशास्त्री एवं महालेखाकार के पूर्व सलाहकार एवं सीए अमित चिमनानी ने कहा है कि देश ने कल अब तक के सबसे बड़े कर-सुधारों में से एक जीएसटी में हुए कर-सुधार से आम आदमी के जीवन में अहम और सकारात्मक बदलाव आना तय है। श्री चिमनानी ने कहा कि केन्द्र सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय से आम आदमी की बचत बढ़ेगी और लगभग 6 लाख करोड़ रुपए की खपत बढ़ेगी और आम आदमी के जीवन-स्तर व देश के आर्थिक परिदृश्य में क्रांतिकारी मजबूती आएगी।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री चिमनानी ने गुरुवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस ब्रीफ में पत्रकारों से चर्चा करते हुए नए जीएसटी प्रावधानों से विभिन्न क्षेत्रों में आने वाले सकारात्मक पहलुओं का विश्लेषण करते हुए कहा कि इन प्रावधानों से अब घर बनाना और घर चलाना बेहद सस्ता हो जाएगा। गुड एंड सर्विस टैक्स अब गुड और सिंपल टैक्स के नाम से भी जाना जाएगा।सीमेंट, टीवी,एसी, रेफ्रिजरेटर,सजावट की वस्तुओं में टैक्स कम होने से घर बनाना हुआ सस्ताश्री चिमनानी ने कहा कि सीमेंट, जो घर बनाने की एक बहुत जरूरी वस्तु है, के टैक्स रेट में 10 प्रतिशत की कटौती घर बनाने की लागत को कम करने जा रही है। अक्सर यह माना जाता है कि एक घर में 20 प्रतिशत लागत सीमेंट की ही होती है और अब उसके टैक्स रेट में 10 प्रतिशत की कटौती घर बनाने की लागत में सीधा-सीधा दो प्रतिशत कमी कर देंगे। घर में लगने वाले और उपयोग होने वाले कई सामान, जिनमें टीवी, रेफ्रिजरेटर, डेकोरेशन के सामान, पर भी टैक्स दरों में भारी कटौती से घर बनाने की लागत में महत्वपूर्ण कमी आएगी। यह कमी घर में उपयोग होने वाली वस्तुओं के हिसाब से 5 से 10 प्रतिशत की हो सकती है।घर चलाने के लिए जरूरी हर एक वस्तु पर अब टैक्स की दरों में कमी होने से घर चलाने का बजट भी प्रभावी रूप से कम होगा।केवल दो दरे होने से लिटिगेशन खत्म होगाश्री चिमनानी ने कहा कि चार की जगह जीएसटी टैक्स की दो दरें होने से लिटिगेशन के मामलों में भारी कमी होगी। अक्सर यह देखा जाता था के कई वस्तुओं को लेकर उन पर लगने वाली कर की दर पर विवाद होता था और इसको लेकर कई प्रकार के लिटिगेशन कई स्तरों पर लंबित हैं। इससे व्यापारी वर्ग को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब चार की जगह दो कर दरे होने से ऐसे विवादों में भारी कमी आएगी।हर प्रदेश में ट्रिब्यूनल खुलने से विवाद के खर्चों में कमी के साथ समय की होगी बचतश्री चिमनानी ने कहा कि हर प्रदेश में ट्रिब्यूनल खुलने से विवादों पर होने वाले खर्चों में भी भारी कटौती होगी। अन्य प्रदेशों में ट्रिब्यूनल होने से न सिर्फ खर्चा ज्यादा होता था बल्कि समय भी ज्यादा लगता था अब समय और पैसे दोनों की बचत होगी।जीएसटी रजिस्ट्रेशन केवल 3 दिन में मिलने से व्यापार होगा आसानजीएसटी का रजिस्ट्रेशन अब केवल 3 दिन में मिलेगा जो काफी राहतमंद सिद्ध होगा। इससे व्यापार करने में आसानी के साथ अर्जेंट जीएसटी नंबर की आवश्यकता होने पर व्यापार का नुकसान नहीं होगा।देश में खपत 6 लाख करोड़ तक बढ़ने की संभावनाभारत सरकार द्वारा किए गए इनकम टैक्स एवं जीएसटी के बदलाव के बाद भारत में खपत लगभग 6 लाख करोड रुपए से बढ़ेगी। इससे जीडीपी में बढ़ोतरी के साथ साथ रोजगार और आर्थिक विकास में भी ज्यादा रफ्तार दिखाई देगी।7 दिन में रिफंड से एक्सपोर्ट सेक्टर में आयेगा बूमजीएसटी का रिफंड अब केवल 7 दिनों में होगा जिससे एक्सपोर्ट में भारी उछाल आएगा। इससे स्वास्थ्य शिक्षा और खेती के खर्चों में भी भारी कमी आएगी। श्री चिमनानी ने कहा कि खेती के क्षेत्र में ट्रैक्टर, ट्रैक्टर टायर एवं पार्ट्स, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, एग्रीकल्चर हॉर्टिकल्चर फॉरेस्ट्री मशीन्स पर जीएसटी की दरों में भारी कटौती की गई है। इलेट्रॉनिक सामान 10 प्रतिशत सस्ते हो जाएंगे यानी 50 हजार रुपए मूल्य के सामान पर सीधे-सीधे 5 हजार रुपए की बचत होगी। इसी प्रकार 12 लाख रु. मूल्य की सीएनजी कार पर 1 लाख 20 हजार रुपए की बचत होगी और 20 हजार रुपए के बीमा पर लगभग 4 हजार रुपए की बचत होगी।श्री चिमनानी ने कहा औसतन एक परिवार अगर वर्ष में 3 लाख 50 हजार रु खर्च करता है तो विभिन्न वस्तुओं के उपयोग पर 40 से 45 हजार रु की बचत प्रत्येक परिवार को होगी।प्रेस ब्रीफ के दौरान भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक भी उपस्थित थे।
- -नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी सुधारों से नागरिकों का जीवन बेहतर और सरल होगा - किरण देवरायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी सुधारों की दिशा में केंन्द्र सरकार द्वारा लिए गए निर्णय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी है। भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि जीएसटी की विभिन्न स्लैब दरों में कटौती करके केन्द्र सरकार ने आम भारतीय जन के जीवनयापन को हर स्तर पर आसान बना दिया है। निश्चित रूप से इस निर्णय से भारत की अर्थ-व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार आएगा।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि स्वाधीनता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से जिन व्यापक आर्थिक सुधारों का संकल्प व्यक्त किया था, जीएसटी काउंसिल का ताजा निर्णय उन संकल्पों की पूर्ति कि दिशा में उठाया गया क्रांतिकारी कदम सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को जीएसटी दरों में कटौती और सुधार के प्रस्ताव से आम लोग, किसान, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाएँ और युवा लाभान्वित होंगे। श्री देव ने कहा कि इन सुधारों से नागरिकों का जीवन बेहतर और सरल होगा। केंद्र सरकार द्वारा लिया गया जीएसटी नेक्स्ट जनरेशन से जुड़ा निर्णय स्वर्णिम फैसला है। इस फैसले से समाज के हर वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा। अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब होंगे - 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत। इसका अर्थ है कि 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत वाले स्लैब को समाप्त कर दिया गया है और इनमें शामिल अधिकांश वस्तुएँ अब दो स्वीकृत टैक्स स्लैब में समाहित होंगी। वहीं, विलासिता और हानिकारिक वस्तुओं के लिए 40 प्रतिशत का एक अलग स्लैब मंजूर किया गया है। श्री देव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी समाज के समग्र विकास और आर्थिक ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं और यह निर्णय राष्ट्र के विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने कहा कि यह निर्णय व्यापार-व्यवसाय और जीवनयापन को आसान बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री श्री मोदी के महत्वपूर्ण कदम को दर्शाता है, जिससे नागरिकों का जीवन सरल होगा और उद्योग-व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी। यह प्रावधान प्रधानमंत्री जी की आम आदमी के जीवन को आसान बनाने और देश की अर्थव्यवस्था को गति देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने कहा कि आयकर में 12 लाख तक की छूट के बाद अब जीएसटी में भारी कमी कर दी गई है। इससे रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएं, खेती-किसानी के उपकरण, खाने-पीने की चीज़ें, दवाइयां, शिक्षा सामग्री, मनोरंजन की वस्तुएं, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक एप्लाइंसेस भी सस्ते हो गए हैं। कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दर अब शून्य कर दी गई है।भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लिया गया जीएसटी नेक्स्ट जनरेशन से जुड़ा निर्णय स्वर्णिम फैसला है। इस फैसले से समाज के हर वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा। समाज के समग्र विकास और आर्थिक ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम है। इससे समानता और समावेशी विकास को नई मजबूती मिलेगी और मील का पत्थर साबित होगा।भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से कंडेंस्ड मिल्क, बटर, घी, पनीर और चीज पर अब 5 प्रतिशत या कुछ मामलों में कुछ भी टैक्स नहीं लगेगा। बटर, घी, चीज, डेयरी स्प्रेड पर जीएसटी 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी और सभी तरह की रोटियों और पराठे पर टैक्स जीरो कर दिए जाने से अब किसी भी रसोई का चूल्हा बुझा नहीं रहेगा।भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोकसिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार के इस निर्णय से किसानों के बड़ी राहत मिली है। खाद पर टैक्स अब घटकर 5 फीसदी हो जाएगा। कुछ खास खेती में इस्तेमाल होने वाली चीजों, जैसे बीज और फसल के लिए जरूरी पोषक तत्वों पर टैक्स घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। इससे किसानों की कृषि-लागत में कमी आएगी।भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने कहा कि 350 सीसी क्षमता तक की मोटरसाइकिल पर जीएसटी में कटौती कर 18 फीसदी कर दिया गया है। इससे ऑटो स्टॉक्स में काफी तेजी दिख रही है। जीएसटी काउंसिल ने ऑटो सेक्टर के सभी प्रमुख सेगमेंट्स पर जीएसटी की दर 18 फीसदी कर दी है। हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसीज के प्रीमियम पर जीएसटी हटा दिया गया है।भाजपा अजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सनम जांगड़े ने केन्द्र सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह स्वर्णिम फैसला है। इस फैसले से समाज के हर वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा। जीएसटी दरों के विभिन्न स्लैब्स में कटौती करके केन्द्र सरकार ने जनाकांक्षाओं का सम्मान किया है। अब इन स्लैब्स में शामिल अधिकांश वस्तुएँ अब दो स्वीकृत टैक्स स्लैब में समाहित होंगी। इससे कई सामान सस्ते होंगे।भाजपा अजजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाज के समग्र विकास और आर्थिक ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। इसी कड़ी में लिया गया यह निर्णय समानता और समावेशी विकास को नई मजबूती प्रदान करेगा। वेजिटेबल ऑयल पैक्ड फूड आदि रोजमर्रा के खान-पान की चीजों के सस्ता होने से सभी वर्गों में हर्ष है।भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू ने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने लोगों को दीवाली का उपहार दिया है। रोजमर्रा की चीजों पर जीएसटी में कटौती की गई है। हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। जीएसटी स्ट्रक्चर में अब केवल दो स्लैब रह गए हैं। इससे दाम घटने से बचत बढ़ेगी। हर तरह की खरीद सस्ती होने से बाजार में खपत भी बढ़ेगी।भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मखमूर इकबाल खान ने कहा कि जीएसटी स्लैब में कटौती से एफएमसीजी, रिटेल और ऑटोमोवाइल सभी सेक्टर में घटे दामों पर उपभोक्ता मांग में बढ़ोतरी होगी। मैन्युफैक्चरिंग से लेकर सर्विस सेक्टर तक बूम करेंगे। जीएसटी की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है, जिसकी मांग 8 साल से की जा रही थी। अब कारोबारी ग्राहक और नवाचार पर ज्यादा फोकस करेंगे।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय ने केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी सुधारों की दिशा में लिए गए निर्णय को ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह नए भारत के नए युग की शुरुआत है। निश्चित रूप से इस निर्णय से भारत की अर्थव्यवस्था में और तेजी आएगी।विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में यह महत्वपूर्ण होगा। केंद्र सरकार सभी वर्गों की आवश्यकता को देखते हुए यह सुधार लेकर आई है।भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण के जीएसटी दरों में कटौती और सुधार के प्रस्ताव से आम लोग, किसान, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाएँ और युवा लाभान्वित होंगे। अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब होंगे - 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत। इसका अर्थ है कि 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत वाले स्लैब को समाप्त कर दिया गया है और इनमें शामिल अधिकांश वस्तुएँ अब दो स्वीकृत टैक्स स्लैब में समाहित होंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार समाज के समग्र विकास और आर्थिक ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है और यह निर्णय राष्ट्र के विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह प्रावधान प्रधानमंत्री की आम आदमी के जीवन को आसान बनाने और देश की अर्थव्यवस्था को गति देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आयकर में 12 लाख तक की छूट के बाद अब जीएसटी में भारी कमी कर दी गई है। इससे रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएं, खेती-किसानी के उपकरण, खाने-पीने की चीज़ें सस्ती हो गई हैं। कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दर अब शून्य कर दी गई है।
- रायपुर / परिवहन विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने वाहन से संबंधित किसी भी आरटीओ ई- चालान का भुगतान केवल परिवहन विभाग की अधिकृत वेबसाइट https://echallan.parivahan.gov.in के माध्यम से ही करें।परिवहन विभाग ने बताया है कि हाल ही में कुछ धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों को नकली संदेश या मेल भेजकर चालान राशि जमा कराने का प्रयास किया गया है। ऐसे प्रकरणों से बचने के लिए नागरिक किसी भी अनधिकृत वेबसाइट या लिंक पर भुगतान न करें।अपने वास्तविक चालान की जानकारी प्राप्त करने के लिए वाहन मालिक विभागीय वेबसाइट पर जाकर पे -आन लाइन विकल्प का चयन करें। वाहन नंबर और चेसिस नंबर/इंजन नंबर के अंतिम चार अंक डालने पर चालान से संबंधित संपूर्ण विवरण प्राप्त किया जा सकता है। इसके बाद नागरिक सीधे ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं।परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा जारी सभी ई-चालान केवल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ही अपलोड किए जाते हैं। किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या एप से प्राप्त लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी को ऑनलाइन भुगतान करें। यदि किसी प्रकार की शिकायत हो तो नागरिक निकटतम पुलिस थाना या परिवहन विभाग में तत्काल शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- रायपुर।, सुकमा जिले के बालक आश्रम मानकापाल में छात्रों को भोजन में केवल नमक परोसे जाने की शिकायत पर जिला प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है। कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर सहायक आयुक्त श्री हेमंत सिन्हा एवं मंडल संयोजक ने मौके पर पहुंचकर जांच की।जांच में आरोप सही पाए जाने पर प्रभारी अधीक्षक श्री जय प्रकाश बघेल को सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन तथा पदीय कर्तव्यों में घोर लापरवाही बरतने का दोषी मानते हुए तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सुकमा रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।कलेक्टर श्री ध्रुव ने स्पष्ट किया है कि आश्रमों एवं छात्रावासों में बच्चों के भोजन, स्वास्थ्य और देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि छात्रावासों और आश्रमों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की सतत निगरानी सुनिश्चित करें।
- महासमुंद / जिला पंचायत महासमुंद के सामान्य प्रशासन समिति एवं सामान्य सभा की बैठक सोमवार 8 सितम्बर 2025 को सुबह 11ः00 बजे से जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित किया जाएगा। बैठक में कृषि विभाग, सहकारिता एवं उद्योग विभाग, शिक्षा विभाग, वन विभाग, महिला एवं बाल विकास, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन, समाज कल्याण विभाग से संबंधित एवं अन्य विषय पर चर्चा की जाएगी। सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे बैठक में अपने विभाग की अद्यतन जानकारी के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।
- महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में कृषि केन्द्रों का सतत निरीक्षण जारी है। इसी क्रम में प्रभारी उप संचालक कृषि श्री भीमराव घोडे़सवार के मार्गदर्शन में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री ब्रजेश तुरकाने द्वारा पिथौरा के उर्वरक दुकानां का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संबंधित फर्म चंचला कृषि केन्द्र लोहरीनडोगरी, मुकेश कृषि सेवा केन्द्र सोनासिल्ली के प्रतिष्ठान में पी.ओ.एस. स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा संबंधित फर्मो द्वारा मासिक प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने के कारण संबंधित फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 03 दिवस के भीतर जवाब मांगा गया है।
इसी प्रकार चंचला कृषि केन्द्र लोहरीनडोगरी एवं पटेल ब्रदर्स पिथौरा द्वारा बिना स्त्रोत के कीटनाशी दवा के विक्रय करने के कारण संबंधित फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। संबंधित फर्म से जवाब प्राप्त होने के पश्चात् उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं कीटनाशी अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिले में इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कृषको से अपील की है कि कृषक बिल लेकर ही उर्वरक का विक्रय करें एवं कालाबाजारी की शिकायत पाए जाने पर संबंधित विकासखण्डों के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से संपर्क करे।
- -बेरोजगारों के लिए सुनहरा अवसरमहासमुंद / जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, महासमुंद द्वारा शिक्षित स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 12 सितम्बर 2025 को रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। रोजगार मेला का आयोजन शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय महासमुंद में प्रातः 11ः00 बजे से अपराह्न 4ः00 बजे तक होगा।जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि रोजगार मेला में निजी क्षेत्र के नियोजकों द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेटर, सिक्योरिटी गार्ड, सुपरवाइजर, फील्ड ऑफिसर, मार्केटिंग, बीमा एजेंट, बीमा सखी, बैंक एजेंट, ग्रामीण बैंक मित्र, बैंक रिलेशनशिप मैनेजर, टेक्नीशियन, इलेक्ट्रिकल फिटर सहित विभिन्न पदों के लिए लगभग 3505 रिक्तियों पर भर्ती की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को मासिक वेतन 7 हजार से 32 हजार रुपए तक प्रदान किया जाएगा। इन पदों के लिए 8वीं से लेकर स्नातक, आईटीआई, डिप्लोमा, बी.ई. एवं एमबीए उत्तीर्ण अभ्यर्थी पात्र होंगे।जिसमें एलर्ट एसजीएस प्राइवेट लिमिटेड रायपुर द्वारा सिक्युरिटी गार्ड के 250 पद, सुपरवाईजर एवं मार्केटिंग, असिस्टेंट सुपरवाईजर के 20-20 पद, एजेंट के 15 एवं फील्ड ऑफिसर के 15 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसी तरह बॉम्बे इंटिग्रेटेड सिक्युरिटी रायपुर द्वारा सिक्युरिटी गार्ड के 150 पद एवं सिक्युरिटी सुपरवाईजर के 10 पद पर, मन्ना सिक्युरिटी सर्विस रायपुर द्वारा सिक्युरिटी गार्ड के 70 पद एवं सुपरवाईजर के 10 पद, भारतीय जीवन बीमा निगम महासमुंद द्वारा बीमा सखी के 500 पद, ग्रामीण वृतक अभिकर्ता के 200 पद, शहरी वृतक अभिकर्ता के 100 पद, सामान्य अभिकर्ता के 200 पद, एमसीए बीमा सखी के 50 पद एवं सीसीए के 25 पद पर, एकॉल इंफॉर्मेशन रायपुर व बेमेतरा द्वारा टेक्निशियन के 100 पद व सुपरवाईजर के 10 पद, एयरटेल पेमेंट बैंक रायपुर द्वारा रूरल बैंक मित्र के 25 पद, नीट लिमिटेड भिलाई द्वारा रिलेशनशिप मैनेजर आईसीआईसी बैंक के 30 पद, एक्सिस बैंक के लिए 20 पद एवं एचडीएफसी बैंक रिलेशनशिप मैनेजर के 10 पद, टेक्नोटेक टास्क रायपुर द्वारा कस्टमर सर्विस एसोसिएटेड के 300 पद पर, टीव्हीएस ट्रे निग एंड सर्विस चेन्नई द्वारा अप्रेंटिशिप ऑपरेटर के 500 पद, इस्टाकार्ड सर्विस एटीडी रायपुर द्वारा डिलीवरी बॉय के 35 एवं डिलीवरी गर्ल के 15 पद, राजस्थान टेक्सटाईल मिल झलवाल राजस्थान द्वज्ञरा मशीन ऑपरेटर के 500 पद, एसबीआई लाईफ इंश्योरेंस महासमुंद द्वारा एडवाईजर के 20 पद तथा डीएएगएलईडी रायपुर द्वारा सुपरवाईजर, कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं सिक्युरिटी गार्ड के 3-3 पद पर भर्ती की जाएगी।इच्छुक आवेदकों को क्यू आर कोड के माध्यम से आवेदन करना होगा एवं निर्धारित तिथि को मेला स्थल पर साक्षात्कार हेतु उपस्थित होना होगा। इच्छुक अभ्यर्थी अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की छायाप्रति साथ लेकर आएं।
- -जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा बिरकोनी में आकस्मिक निरीक्षणमहासमुंद / औद्योगिक कारखानों के निरीक्षण के लिए जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा प्लोटेक्स सोलर प्राइवेट लिमिटेड बिरकोनी पहुंचकर जांच किया गया। निरीक्षण के दौरान श्री शशिकांत सिंह प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुंद, श्री डी०एन० पात्र श्रम पदाधिकारी श्रम विभाग, श्री राम कुमार ध्रुव जिला परिवहन अधिकारी, श्री सिद्धार्थ दुबे निरीक्षक, विधिक माप विज्ञान विभाग उपस्थित रहे।परिवहन विभाग द्वारा जांच में कोई अनियमितता नहीं पाई गई। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के द्वारा जांच किया गया, जिसमें कारखाना में किसी प्रकार की कमियां नही पाई गई। विधिक माप विज्ञान विभाग की जांच में उक्त संस्थान में उपयोग किए जा रहे गैर स्वचालित तौल उपकरणों के सत्यापन के संबंध में नोटिस जारी किया जा रहा है। श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अन्तर्गत जांच/निरीक्षण किया गया। ओवर टाईम के संबंध में प्रबंधन द्वारा जानकारी प्रस्तुत नहीं करने पर कारण बताओं सूचना पत्र प्रेषित किया जाएगा। 03 ठेकेदार कार्यरत पाया गया, जिनके द्वारा संविदा श्रमिक अधिनियम, 1970 अंतर्गत लाइसेंस नहीं लिया गया है। तत्संबंध में प्रबंधन एवं ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है। इसी तरह मेसर्स सेवियो बायो ऑर्गेनिक एंड फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड बिरकोनी का निरीक्षण किया गया। जिसमें श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अन्तर्गत जांच / निरीक्षण किया गया। ओवर टाईम के संबंध में प्रबंधन द्वारा जानकारी प्रस्तुत नहीं करने पर कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया जा रहा है। प्रबंधन द्वारा संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 अंतर्गत प्रमुख नियोजक का अनुज्ञप्ति नही लिया जाना पाया गया। जिसके संबंध में प्रबंधन एवं ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है।
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-छात्र-छात्राएं लगाएंगे विज्ञान प्रदर्शनी, शिक्षकों का होगा सम्मान
बिलासपुर /छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सभी विभागों के साथ-साथ जिले में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा रजत जयंती वर्ष के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। इसी क्रम में 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों का सम्मान एवं 6 सितम्बर को विद्यार्थियों द्वारा विज्ञान के विभिन्न प्रयोगों का प्रदर्शन किया जाएगा। 7 सितम्बर को स्कूलों में सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय टाण्डे ने बताया कि विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के द्वारा राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष समारोह का आयोजन उत्साह पूर्ण वातावरण में बनाया जा रहा है। समग्र शिक्षा के सहायक जिला परियोजना अधिकारी श्री रामेश्वर जायसवाल के द्वारा बताया गया कि रजत जयंती वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम जिले के सभी प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में आयोजित किये जा रहे हैं तथा कार्यक्रम का संकुल शैक्षिक समन्वयकों, संकुल प्राचार्याें तथा अधिकारियों द्वारा सतत् मॉनिटरिंग की जा रही है। - बिलासपुर, /छत्तीसगढ़ शासन कृषि विभाग का एक उपक्रम छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा प्रत्येक वर्ष खरीफ मौसम में कृषकों को बीज उत्पादन कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर प्रदान कर अन्य किसानों की तुलना में प्रति एकड़ अधिक लाभ कमाने का मौका देता आ रहा है लेकिन इसकी जानकारी कुछ ही किसानों को होती है। पूर्व में बीज उत्पादन कार्यक्रम खरीफ की पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अगस्त .2025 निर्धारित की गई थी जिसमें शासन द्वारा किसानों के हित में बढ़ोत्तरी करते हुए पंजीयन की तिथि 15 सितम्बर 2025 तक बढ़ाई गई है। किसानो को अधिक लाभ पहुँचाने की दृष्टि से तथा जिले को बीज उत्पादन कार्यक्रम में आत्म निर्भर बनाने हेतु विभाग के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कर किसानों को जागरूक करने का कार्य तथा बीज उत्पादन कार्यक्रम में पंजीयन कराने हेतु लगातार क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियांे एवं बीज प्रक्रिया केन्द्र सेन्दरी के माध्यम से प्रयास किया जा रहा है।प्रमाणित बीज के उपयोग से पुराने बीज की तुलना में 10 से 15% अधिक उपज प्राप्त होता है. फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए कृषि विभाग द्वारा प्रमाणित बीज के उपयोग को बढ़ावा दिया जाता है। प्रदेश के किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार किस्मों का प्रमाणित बीज मुहैया कराने के लिए बीज निगम बीज उत्पादन कार्यक्रम आयोजित करता है। जिन किसानों के पास 2.5 एकड़ या इससे अधिक जमीन है वो छत्तीसगढ़ राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था में मामूली शुल्क देकर अपना पंजीयन करा सकते है। इसके लिए आपको अपने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी तथा जिले के कार्यालय उप संचालक कृषि एवं बीज प्रकिया केंद्र में संपर्क करना होगा। बीज उत्पादन कैसे किया जाता है इसकी पूरी जानकारी बीज प्रमाणीकरण अधिकारियों द्वारा दी जाती है। फसल कटने पर अपना बीज प्रक्रिया केंद्र में देने पर आपको एक सप्ताह में बीज की अग्रिम राशि दे दी जाती है जो कुल बीज की कीमत का लगभग 60% राशि है शेष 40% राशि बीज परीक्षण परिणाम आने पर दे दी जाती है।पिछले खरीफ में धान मोटा किस्म की किसानों से बीज खरीदी दर 3043़$800 (बोनस)=3843 रुपये प्रति क्विंटल, धान पतला किस्म-3211़+800(बोनस) = 4011 रुपये प्रति क्विंटल, सुगंधित किस्म-3644+800(बोनस)=4444 रुपये प्रति क्विंटल थी। इस प्रकार, पिछले खरीफ में जिन किसानों ने बीज निगम में उत्पादन कार्यक्रम में हिस्सा लिया था उन्हें शासन द्वारा निर्धारित धान की खरीदी दर 3100/- प्रति क्विंटल की तुलना में मोटे किस्म की 743 रुपये प्रति क्विंटल अर्थात 15603 रुपए प्रति एकड़ अधिक मिले मतलब 1 हेक्टर वाले किसान को लगभग 40,000 रुपये अधिक मिले।उप संचालक कृषि ने बतलाया कि इस वर्ष छ.ग. शासन कृषि विभाग द्वारा बीज उत्पादन प्रोत्साहन योजना लागू की गई है जिसके अंतर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा महिला वर्ग के कृषकों को पंजीयन कराने हेतु शत्प्रतिशत् अनुदान दिया जावेगा तथा पंजीयन एवं प्रमाणिकरण शुल्क नहीं लगेगा। जिले को कुल 882.50 हे. का लक्ष्य बीज उत्पादन कार्यक्रम हेतु प्राप्त हुआ हैं।कृषि उप संचालक श्री पीडी हथेश्वर ने जिले के सभी किसान भाईयांे से अपील है कि वे खरीफ 2025 में बीज उत्पादन कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या एवं रकबा में पंजीयन करावें साथ ही बीज उत्पादन प्रोत्साहन योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा महिला वर्ग के कृषकों के लिए विशेष रूप से पंजीयन एवं प्रमाणिकरण निःशुल्क किया गया है।
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बिलासपुर, /सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 5 सितम्बर शुक्रवार को ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नब्बी) पर्व के लिए सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश की सूची में ईद-ए-मिलाद के लिए पूर्व में 6 सितम्बर को अवकाश घोषित किया गया था। राज्य शासन ने इसे निरस्त कर 5 सितम्बर शुक्रवार को सामान्य एवं सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। 6 सितम्बर को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर ऐच्छिक अवकाश यथावत रहने के आदेश जारी किए गए है।
- -12 सितम्बर तक दावा आपत्ति आमंत्रितबिलासपुर, /मुख्य कार्यपालन अधिकारी चिप्स स्टेट डाटा सेण्टर सिविल लाइन्स रायपुर के निर्देशानुसार जिले के 34 शासकीय स्थानों पर आधार पंजीयन केन्द्रों का संचालन किया जाना है। जिला ई-गवर्नेस सोसाइटी बिलासपुर द्वारा जिला कलेक्ट्रेट, नगर निगम, जिला पंचायत, तहसील, एसडीएम ऑफिस, जनपद पंचायत, नगर पालिका पंचायत, नगर पंचायत कार्यालय में कुल किट संख्या 34 हेतु आधार कार्य करने के लिए बंद लिफाफे में कार्यालय कलेक्टर जिला ई गवर्नेंस सोसाइटी बिलासपुर में 21 जुलाई तक मंगाए गए थे। निर्धारित अवधि में कुल 90 आवेदन प्राप्त हुए थे। जांच में 49 आवेदन पात्र और 41 आवेदन अपात्र पाये गए। प्राप्त आवेदन की पात्र एवं अपात्र सूची प्रकाशित कर दावा आपत्ति 12 सितम्बर 2025 तक मंगाये गये है। पात्र-अपात्र सूची एवं दावा आपत्ति की जानकारी का अवलोकन हेतु जिला ई गवर्नेंस सोसाइटी कार्यालय में चस्पा कर दी गई है तथा जिले की वेबसाइट https://bilaspur.gov.in/ में भी देखी जा सकती है। चयन प्रक्रिया पूर्ण होने उपरान्त चयनित आधार केंद्र संचालक को एक लाख पचास हजार रूपए का सेक्यूरिटी डिपोजिट कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला ई-गवर्नेंस सोसाइटी बिलासपुर के नाम से डीडी के रूप में जमा करना होगा एवं जिला ई-गवर्नेंस सोसाइटी बिलासपुर के साथ हस्ताक्षरित अनुबंध करना होगा।
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बिलासपुर /चयनित नगर सैनिकों के ज्वाइनिंग देने का सिलसिला जारी है। जिला सेनानी कार्यालय में अब तक 50 सैनिकों ने आमद दे दी है। जिला सेनानी दीपांकुर नाथ ने बताया कि बिलासपुर जिले के लिए कुल 75 नगर सैनिकों की भर्तियां की गई है। बचे हुए 25 सैनिक 10 सितम्बर तक ज्वाइनिंग दे सकते है। उन्हें अपने साथ जरूरी सभी मूल दस्तावेज तथा 2 सेट में इनकी स्व-प्रमाणित छायाप्रति एवं पासपोर्ट साईज 3 नग रंगीन फोटो के साथ आना होगा। निर्धारित तिथि के बाद ज्वाइनिंग का अवसर नहीं मिलेगा।
- बिलासपुर /छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) की स्वशासी समिति की तृतीय बैठक संभागायुक्त सह अध्यक्ष श्री सुनील जैन एवं कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की गरिमामय उपस्थिति में सिम्स के नवीन कौंसिल कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में सिम्स अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए एवं कई प्रस्तावों पर अनुमोदन प्रदान किया गया।बैठक में एजेण्डा के अनुरूप विचार - विमर्श के बाद परीक्षा हॉल में मेटल डिटेक्टर, चिकित्सालय मुख्य द्वार निर्माण व ई-आफिस के संचालन एवं क्रियान्वयन कार्य हेतु नवीन कम्प्युटर सिस्टम् मय मल्टीफक्शन प्रिन्टर सहित आवश्यक स्टेशनरी छपाई एवं सेन्ट्रल लैब व वार्ड हेतु गैर कार्यालयीन व कार्यालयीन फर्निचर सामग्री के लिये 45 लाख रूपए की राशि का अनुमोदन किया गया। साथ ही महाविद्यालय व चिकित्सालय के सूचना प्रौद्योगिकीय कार्यों का उन्नयन हेतु समिति गठित कर समीक्षा किये जाने निर्देश दिये गये। संस्थान में रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण रेडियोलॉजिकल रिर्पाेट त्वरित रूप से तैयार करने प्रथम 02 माह के लिये निजी संस्थान के रेडियोलॉजिस्ट से आई.आर.आई.ए. दर से कमतर दर पर इच्छुक रेडियोलॉजिस्ट से कराया जाकर समीक्षा करने निर्देशित किया गया। साथ ही जाँच रिर्पाेट को मरीज व मरीज के परिजन को मोबाईल पर उपलब्ध कराने सुविधा प्रारंभ करने निर्देश दिया गया। पूर्व की बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की जानकारी भी दी गई।बैठक में डॉ. रमणेश मूर्ति, अधिष्ठाता सिम्स, डॉ. बी.पी. सिंह, अधीक्षक, सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, डॉ. लखन सिंह, चिकित्सा अधीक्षक सिम्स,डॉ. भूपेन्द्र कश्यप, डॉ. हेमलता ठाकुर डॉ. चंद्रहास ध्रुव, नोडल, राज्य कैंसर सस्थान, डॉ. आराध्या, डिप्टी कमिशनर, श्री आर. के राय, कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग, श्री सी.एस. विध्यराज कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग भ/स, श्री अखिलेश तिवारी, अधीक्षण अभियंता, सी जी एम एस.सी. श्री राजेन्द्र प्रसाद, कार्यपालन अभियंता, सी.जी.एम.एस.सी. सुश्री सना परवीन, जिला प्रभारी, क्रेड़ा व सुश्री इंदू बघेल प्रशासकीय अधिकारी (वित्त) सिम्स उपस्थित थे।
- -व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में हुए गड़बड़ी की होगी पुलिस से जांच-भ्रष्टाचार और लापरवाही बर्दाश्त नहीं: शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव-शिक्षा की गुणवत्ता सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता: शिक्षा मंत्री श्री यादवरायपुर। स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य में संचालित शैक्षणिक योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों की समीक्षा की गई। मंत्री श्री यादव ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारियों को गंभीरता और जिम्मेदारी से कार्य करना होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के सभी शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि तथा आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।मंत्री श्री यादव ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें ढिलाई, भ्रष्टाचार और गैर-जिम्मेदारी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में सबसे अधिक शिकायतें आने पर मंत्री ने नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में किसी भी प्रकार का लेन-देन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्यवाही होगी। गड़बड़ी की पुलिस से जांच कराने के निर्देश दिए।मंत्री श्री यादव ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। विद्यार्थियों को वितरित की जाने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता सर्वाेच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि घटिया या निकृष्ट सामग्री देने वाले आपूर्तिकर्ताओं को काली सूची में डाला जाए। उन्होंने वित्तीय अनुशासन पर बल देते हुए कहा कि बजट का समुचित एवं समय पर उपयोग किया जाए और उपयोगिता प्रमाण पत्र भारत सरकार को समय पर भेजा जाए, ताकि अनुदान की आगामी किश्त समय पर राज्य को प्राप्त हो सके।बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी एवं समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक श्री संजय झा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजनाओं व गतिविधियों की जानकारी दी। मंत्री श्री यादव ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नवाचार और तकनीकी उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कक्षाएँ, डिजिटल अधिगम, विज्ञान प्रयोगशालाएँ और पुस्तकालय जैसी सुविधाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा पद्धति से लाभान्वित हो सकें। साथ ही उन्होंने ऑनलाइन पाठ्यक्रम, डिजिटल अध्ययन सामग्री और शैक्षणिक अनुप्रयोगों के उपयोग से शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि करने के निर्देश दिए।बैठक में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों में शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ व्यावसायिक कौशलों के विकास, उन्हें रोजगार उन्मुख बनाने, समावेशी शिक्षा, बलवाड़ी, खेल एवं शारीरिक शिक्षा, वार्षिक शाला अनुदान, निपुण भारत मिशन, शाला त्यागी बच्चों की पुनर्वापसी, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान, प्रधानमंत्री विद्यालय, विद्या समीक्षा केंद्र, मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान और रजत जयंती समारोह से जुड़ी गतिविधियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।मंत्री श्री यादव ने छात्रावासों, कन्या छात्रावासों और पोटा केबिनों में सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। हाल ही में पाकेला (छिंदगढ़ विकासखण्ड) के पोटा केबिन में भोजन में ज़हरीला पदार्थ मिलाने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ शासन की छवि को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाती हैं। अतः जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- -संपत्ति करों के युक्तियुक्तकरण के लिए उप मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों की ली बैठक-वार्षिक भाड़ा मूल्य को संपत्ति के वर्तमान मूल्यों के अनुरूप अपडेट करने के दिए निर्देश-महापौर, आयुक्त, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष तथा सीएमओ वर्चुअल बैठक में हुए शामिलरायपुर।, उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज नगरीय निकायों में संपत्ति करों के युक्तियुक्तकरण के लिए बैठक ली। मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित वर्चुअल बैठक में राज्य के सभी नगर निगमों के महापौर व आयुक्त तथा नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों के अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री साव के साथ नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संचालक श्री आर. एक्का भी मंत्रालय से बैठक में ऑनलाइन जुड़े।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में कहा कि नगरीय निकायों के कार्यों से प्रदेश की छवि निर्मित होती है। शहर में नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना संबंधित नगरीय निकाय की जिम्मेदारी है। उन्होंने महापौरों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों से कहा कि शहर को आगे ले जाने का जिम्मा आप पर है। शहर में संपत्ति करों के मूल्यांकन और उनमें सुधार की शुरुआत अपने कार्यालयों और अपने घरों से करें। उन्होंने कहा कि वार्षिक भाड़ा मूल्य (ARV) को वर्तमान संपत्ति मूल्यों के अनुरूप अपडेट करने से राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी होगी। इससे कर भार सभी संपत्ति मालिकों पर समानुपातिक रूप से वितरित होगा। उन्होंने कहा कि अधिक राजस्व से निकाय वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनेंगे और उन्हें अनुदानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। बढ़े हुए राजस्व से नागरिकों को तेजी से बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय निकायों से कहा कि राज्य शासन की मंशा ई-गवर्नेंस मॉडल के माध्यम से नागरिकों को पारदर्शी और सुगम सेवाएं प्रदान करने की है। यह शहरों के चहुंमुखी विकास और त्वरित नागरिक सेवाओं के लिए जरूरी है। इससे साफ-सफाई, पानी और बिजली आपूर्ति की व्यवस्थाएं और बेहतर होंगी। श्री साव ने बताया कि वर्ष 2016 के बाद से संपत्ति कर प्रणाली में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके चलते कई नगरीय निकायों में विसंगतियां उत्पन्न हो गई हैं। उन्होंने सभी महापौरों और अध्यक्षों से संपत्ति करों में सुधार के कार्यों को पूरी शिद्दत और गंभीरता से करने का आग्रह किया।श्री साव ने बैठक में नगरीय निकायों को अटल परिसरों और नालंदा परिसरों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को रोज प्रातः भ्रमण कर निर्माण और साफ-सफाई के कार्यों का निरीक्षण करने को भी कहा। उन्होंने निविदा प्रक्रिया में त्रुटि या लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। नगरीय प्रशासन विभाग की उप सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य भी बैठक में मौजूद थे।
- -तत्काल मुआवजा और सहायता से मिली बड़ी राहतरायपुर । बस्तर संभाग में पिछले सप्ताह हुई अतिवृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। अपने विदेश दौरे से लौट कर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा पहुंचकर संभागीय बैठक में जिला कलेक्टरों को राहत और बचाव कार्यो में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिये थे। अब मुख्यमंत्री के इस निर्देश पर तेजी अमल किया जा रहा है। बाढ़ पीड़ित नागरिकों को जहां एक ओर राशन, ईलाज और दवाईयां के साथ-साथ गैस चुल्हे और सिंलेण्डर दिये गये हैं वहीं राहत शिविरों में उनके दैनिक जीवन की उपयोगी सभी व्यवस्थाएं भी की गई है। अब बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही नुकसान का वास्तविक आंकलन और अन्य जरूरी सहायता तथा मुआवजा देने की कार्यवाही पर भी तेजी से अमल किया जा रहा है। बाढ़ के पानी में खराब या नष्ट हो गये जरूरी दस्तावेजों को बनाने का काम भी राजस्व विभाग ने शुरू कर दिया हैं। बाढ़ की इस भीषण आपदा में छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय नेतृत्व में एक संवेदनशील पहल कर त्वरित राहत कार्य और सहायता-मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर पीड़ित परिवारों को एक बड़ी राहत दी है।बाढ़ से प्रभावित गाँवों में राहत दल तेजी से काम कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रभावित गांवों में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के लोहन्डीगुड़ा तहसील के मांदर गांव के प्रभावित किसानों को किसान किताब वितरित की जा रही है, जो बाढ़ के कारण बह गई थी। किसान किताब के मिलने से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और भविष्य में किसी भी सहायता के लिए पात्र बनने में मदद करेगी। वहीं प्रभावितों को नवीन राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड एवं बैंक पासबुक तैयार कर प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने के लिए घर-घर सर्वे कर रही हैं और पात्रता के अनुसार तत्काल राहत राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर कर भुगतान कर रही हैं।सरकार का ध्यान इस बात पर है कि किसी भी पीड़ित परिवार को उनकी जरूरत के समय अकेला न छोड़ा जाए। इसके लिए, मकान क्षति सहित पशु, फसल और घरेलू सामग्री की क्षति का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर, हर एक प्रकरण पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है, ताकि जरूरतमंद प्रभावितों तक मुआवजा राशि सीधे और समय पर पहुँच सके।स्थानीय प्रभावित परिवारों ने सरकार की इस पहल की सराहना की है। एक प्रभावित ग्रामीण श्री मुरहा पटेल ने कहा कि हमने सोचा था कि बाढ़ के बाद सब कुछ खत्म हो गया, लेकिन सरकार की इस त्वरित मदद ने हमें फिर से जीवन को नये सिरे से शुरू करने की उम्मीद दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला आधिकारियों की इस पहल को प्रशासन की ओर से एक मजबूत और मानवीय दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। जो यह दर्शाता है कि आपदा की घड़ी में सरकार न सिर्फ राहत कार्य बल्कि पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस तरह के प्रयास बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से सहारा देते हैं, जिससे उन्हें जीवन को सामान्य पटरी पर लाने में मदद मिलती है।
- -कामयाबी के नए शिखर पर छत्तीसगढ़ का कृषि विश्वविद्यालय-एन.आई.आर.एफ. रैंकिंग में स्थान प्राप्त करने वाला राज्य का एकमात्र विश्वविद्यालय-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने दी बधाई और शुभकामनाएंरायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के नेतृत्व में कृषि शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर कामयाबी का परचम फहराते हुए भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों की रैंकिंग हेतु नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एन.आई.आर.एफ.) द्वारा वर्ष 2024-25 हेतु जारी टॉप 40 संस्थानों में जगह बनाई है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में संचालित 173 उच्च शिक्षा संस्थानों हेतु जारी एन.आई.आर.एफ. रैंकिंग में 28वां स्थान प्राप्त हुआ है। इस प्रकार इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने एक वर्ष की अवधि में एन.आई.आर.एफ. रैंकिंग में 11 पायदानों की छलांग लगाई है। वर्ष 2023-24 में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को एन.आई.आर.एफ. रैंकिंग में 39वां स्थान प्राप्त हुआ था। छत्तीसगढ़ राज्य से एन.आई.आर.एफ. रैंकिंग में स्थान प्राप्त करने वाला एक मात्र विश्वविद्यालय है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है कि मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं महाराष्ट्र जैसे बड़े एवं विकसित राज्यों से किसी भी कृषि विश्वविद्यालय को एन.आई.आर.एफ. रैंकिंग में जगह नहीं मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने इस उपलब्धि के लिए सभी प्रशासनिक अधिकारियों, प्राध्यापकों, कृषि वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि देश भर के 173 कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि शिक्षा संस्थानों में 28वां स्थान हासिल करना गर्व का विषय है। डॉ. चंदेल ने बताया कि विश्वविद्यालय को यह रैंकिंग पिछले तीन वर्षों में किये गये कार्यां एवं उपलब्धियों के आधार पर मिली है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कृषि विश्वविद्यालय द्वारा पिछले दो वर्षों में शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों के क्षेत्र में किये गए उल्लेखनीय प्रयासों तथा अधोसंरचना विकास के लिए किये जा रहे कार्यां को देखते हुए आगामी वर्ष विश्वविद्यालय की एन.आई.आर.एफ. रैंकिंग में और भी सुधार होगा तथा जल्द ही हम देश के टॉप 10 विश्वविद्यालयों में स्थान बनाने में सफल होंगे।डॉ. चंदेल ने बताया कि एन.आई.आर.एफ. रैंकिंग हेतु निर्धारित मापदण्ड़ों जैसे अधोसंरचना विकास (महाविद्यालय भवन, छात्रावास, लाईब्रेरी, सभागृह आदि) छात्र सुविधाएं, छात्र शिक्षक अनुपात, अनुसंधान कार्य, शोध पत्र प्रकाशन, पेटेन्ट, नवाचार, उद्यमिता विकास आदि सभी क्षेत्रों में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय कार्य किया है जिसका लाभ आने वाले वर्षां में जारी रैंकिंग में मिलेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन का कार्य वर्तमान शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ किया जा चुका है। विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित 28 शासकीय कृषि, कृषि अभियांत्रिकी एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालयों के भवनों का निर्माण हो चुका है अथवा प्रगति पर है। सभी महाविद्यालयें में छात्रावास, लाइब्रेरी, सभागृह उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। लगभग 500 नवीन प्रौद्योगिकी, उत्पादों एवं पौध किस्मों के पेटेन्ट प्राप्त हो चुके हैं। विश्वविद्यालय द्वारा विगत तीन वर्षों में 13 फसलों की 22 नवीन उन्नत किस्में विकसित की गई हैं, 91 नवीन प्रौद्योगिकी अधिसूचित की गई है, 46 उत्पादन प्रौद्योगिकी विकसित की गई है तथा 45 नवीन कृषि यंत्र विकसित किये गये हैं। कृषिविश्वविद्यालय को चार अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजनाओं के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ केन्द्र का पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।विश्वविद्यालय द्वारा नवीन कृषि अनुसंधान हेतु विभिन्न अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय संस्थानों के साथ 70 से अधिक समझौते भी किये गये हैं। विश्वविद्यालय के प्रयासों से नगरी दुबराज एवं बांसाझाल जीरा फूल चावल को जी.आई. टैग प्राप्त हो चुका है। राज्य शासन द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविंद्यालय के विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को अन्तर्राश्ट्रीय संस्थानों में अध्ययन एवं अनुसंधान हेतु 1 करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध कराई गई है जिससे यहां के विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को विश्व स्तरीय शिक्षण एवं अनुसंधान के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि शोध पत्र, तकनीकी प्रकाशन एवं कृषकोपयोगी प्रकाशनों हेतु विश्वविद्यालय द्वारा 25 लाख रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है जिसके अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। डॉ. चंदेल ने बताया कि उन क्षेत्रों को भी चिन्हित कर लिया गया है जहां हम पीछे रह गये और आगामी वर्षों में इन क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने का प्रयास किया जायेगा।
- -विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करें : उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मारायपुर।, उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करें, ताकि वे देश और दुनिया में अपनी पहचान बना सकें और विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित कर सकें। मंत्री श्री वर्मा आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में विद्यार्थियों का ड्रॉपआउट नहीं होना चाहिए, इसके लिए विश्वविद्यालयों को कड़ी निगरानी रखनी होगी और विद्यार्थियों को हर संभव सहायता उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने कुलपतियों से कहा कि परीक्षा का टाइम-टेबल पहले से तय करें ताकि परीक्षाएं समय पर आयोजित हो सकें।बैठक में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों पर चर्चा की गई। श्री वर्मा ने विश्वविद्यालयों से अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं के कोर्स और नई शैक्षणिक योजनाओं को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया। विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक एवं नॉन-शैक्षणिक पदों की स्थिति, स्वीकृत पद, कार्यरत प्राध्यापकों की संख्या तथा पाठ्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की गई। बैठक में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने अवगत कराया कि सभी पाठ्यक्रम यूजीसी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप निर्धारित होंगे। कुलपतियों ने अपने-अपने विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध कॉलेजों की स्थिति का प्रस्तुतीकरण भी दिया। इस अवसर पर प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





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