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- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार शहर के जोन-2 वैशाली नगर अंतर्गत नलों में टोटी लगाने का अभियान शुरू कर दिया है। इसका उददेश्य नागरिकों द्वारा नल खुला छोड़ने से होने वाले पानी की बरबादी को रोकना और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है।निगम के अधिकारियों ने बताया है कि पानी का उपयोग करने के बाद लोग नल बंद नहीं करते, जिससे अनावश्यक पानी की बर्बादी होती है। इस समस्या के समाधान के लिए सभी सार्वजनिक नलों में विशेष टोटियां लगाई जा रही है, जिससे पानी की खपत नियंत्रित रहे और नागरिको में पानी की बचत के प्रति जागरूकता बढ़े। नगर पालिक निगम भिलाई ने शहर के सभी नागरिको से अपील की है कि नल का उपयोग करते समय सावधानी बरतें और टोटी का सही उपयोग करें, ताकि पानी का महत्व समझा जा सके और संसाधनों की बर्बादी रोकी जा सके। नल है तो जल है और जल है तो कल है। ’’जल है तो कल है’’ यदि आज हम पानी बचााएंगे, तभी हमारा भविष्य कल सुरक्षित रहेगा।
- भिलाईनगर । नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा वैशाली नगर क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न विकास एवं साफ-सफाई कार्यों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शहर के बेहतर विकास और स्वच्छता मानकों को बनाए रखने के लिए उपस्थित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।वार्ड क्रमांक 14, शांति नगर (सड़क 10) में अमृत मिशन योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के कार्य का आयुक्त ने स्थानीय पार्षद अभिषेक मिश्रा की उपस्थिति में अवलोकन किया। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी ग्रीष्म ऋतु (गर्मी) शुरू होने से पहले हर घर में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कार्य में तेजी लाते हुए जल्द से जल्द पाइपलाइन टेस्टिंग पूर्ण करने को कहा। आयुक्त ने दशहरा फुटबॉल ग्राउंड का भी निरीक्षण किया। खेल मैदान की साफ-साफ सफाई और बेहतर संचालन के लिए निगम द्वारा 'रुचि की अभिव्यक्ति' (EOI) जारी की गई है। इस दौरान उन्होंने वहां उपस्थित खिलाड़ियों से सीधी चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि निगम की मंशा खेल मैदानों को व्यवस्थित रखना और आम नागरिकों को आधुनिक एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।निरीक्षण के समय कार्यपालन अभियंता अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता श्वेता वर्मा, जोन स्वास्थ्य अधिकारी शंकर सहानी, स्वच्छता निरीक्षक अंजनी सिंह एवं अन्य विभागीय कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
- ड्रोन दीदी भूनेश्वरी बनी प्रेरणाबालोद/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप बालोद जिले में ’लखपति दीदी पहल’ महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिख रहा है। जिले की महिलाएं आज न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक अपनाकर ’ड्रोन दीदी’ के रूप में अपनी नई पहचान बना रही हैं। बिहान योजना के माध्यम से जिले की 18,233 महिलाओं ने एक लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आय अर्जित कर ’लखपति दीदी’ की श्रेणी में अपना स्थान बना लिया है। उल्लेखनीय है कि ’लखपति दीदी’ भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका लक्ष्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इसका प्राथमिक उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की 03 करोड़ महिलाओं को प्रशिक्षित कर परिवार के सभी श्रोतो से न्यूनतम आय 01 लाख रूपये वार्षिक किया जाना है। इस महत्वाकांक्षी पहल को पूर्ण करने हेतु छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं उप मुख्यमंत्री के सक्रिय समन्वय तथा निर्देशन से बालोद जिले में लखपति दीदी योजना को पूरी तत्परता से क्रियान्वित कराया जा रहा है। जिसके अंतर्गत एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार किया गया है जिसमें प्राथमिकता बिहान से जुड़ी सभी सदस्यों के वर्तमान आय का सर्वे कर परिवार के आय के स्त्रोतो की जानकारी एकत्र करना रहा है। तत्पश्चात इसमें प्रयुक्त की जा रही तकनीक एवं परिवार विशेष के पास उपलब्ध संसाधन के आधार पर आय मूल्यांकन कर अंतर को समझ गया है तथा परिवारों को विभिन्न आय श्रेणी में विभाजित किया गया यथा 0-25 हजार, 26-60 हजार, तथा 60-99 हजार इस आधार पर लक्षित परिवारों की सूची तैयार की गई।दूसरे चरण में परिवार एवं समूह के दीदीयों से चर्चा कर आय बढ़ाने के संभावित स्त्रोत एवं रूचि को जानना रहा। इसके आगामी चरण में रूचि एवं कार्य प्रकृति के अनुरूप कौशल विकास के माध्यम से प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, इसमें आरसेटी, आजीविका महाविद्यालय, एनआरएलएम तथा कृषि, पशुपालन उद्यानिकी, मत्स्य आदि विभागों से अभिसरित कर उक्त सभी संस्थाओं का विभिन्न स्तर पर प्रशिक्षण कराया गया है। इस क्रम को गति प्रदान करते हुए मुख्यतः राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से न्यूनतम ब्याज दर पर 109 करोड़ ग्रुप ऋण 1300 एसएचजी को 7.80 करोड़ सामुदायिक निवेश कोष 160 चक्रिय निधि के साथ-साथ 700 एसएचजी दीदीयों को वूमेन लेड इन्टरप्राईज लोन जिसमें मुद्रा, स्वयं सिद्ध, अंत्यावसायी, खादी ग्रामोद्योग, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 06 करोड़ की ऋण प्रदाय कराया गया है। इसके अतिरिक्त कलस्टर स्तरीय संगठन से भी 40 करोड़ का ऋण समूह एवं सदस्यों के बीच आंतरिक लेन-देन के तहत वितरित है। इन्हे ऋण प्रदाय करने के साथ-साथ वित्तीय साक्षरता जिसके तहत सुरक्षित निवेश, डिजिटल बैंकिग और ऑनलाईन लेन-देन का प्रशिक्षण शामिल है। इसके पश्चात स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित उत्पादों के प्रमाणीकरण हेतु एफएसएसएआई पंजीयन आदि के माध्यम से गुणवत्ता सुनिश्चित् कराना, बाजार उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु लोकल मार्केट लिंकेज जिले में 30 उत्पादक संगठनों एफपीओ के माध्यम से मार्केट लिकेंज, ई-रिक्शा प्रदान करना, मोबाईल व्हीकल, स्टॉल, सरस मेला, बिहान मड़ई आदि का आयोजन कर उत्पादों के विक्रय में सहयोग प्रदान किया गया है, वर्तमान में उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफार्म से जोड़ने की कार्यवाही की जा रही है। इन सभी के समेकित प्रयासों से जिले में अभी तक 18 हजार 233 लखपति दीदी की श्रेणी में आ चुके है इनमें से अनेकों दीदीयों ने अपने परिश्रम एवं इच्छा शक्ति से एक विशेष पहचान बनाने में सफल रही है। कल तक जो हाथ सिर्फ चुल्हा-चैका संभालते थे आज वे ड्रोन उड़ाकर खेतो में खाद्य छिड़क रहे है।बालोद जिले के परसदा डंग गांव की श्रीमती भुनेश्वरी साहू जो कि एक सामान्य गृहणी से ड्रोन दीदी तक का सफर तय कर चुकी है। भुनेश्वरी बताती है कि मेरा चयन संभावित लखपति दीदी के रूप में किया गया। तब मेरे परिवार की वार्षिक आय 60 हजार थी, समूह के कार्यों में मेरी सक्रियता को देखते हुए मुझे ड्रोन दीदी के लिए चयन किया गया। चयन पश्चात् मुझे 15 दिवस का प्रशिक्षण इंदिरा उड़ान एकेडमी ग्वालियर में प्रशिक्षण कराया गया। प्रशिक्षण के पश्चात् मेरे द्वारा ड्रोन से दवाई छिड़काव प्रारंभ किया गया इसके लिये ड्रोन के साथ-साथ वेन भी मुझे मिला है अब तक में 2950 एकड़ में दवाई छिडकाव कर चुकी हूँ। जिसमें मुख्यतः धान, गन्ना, चना, सरसों के फसल प्रमुख है। इससे अब तक 3.90 लाख एवं अन्य स्त्रोतों को मिलाकर मेरे परिवार का आय 5.14 लाख है। भूनेश्वरी बताती है कि अब मुझे लोग ’ड्रोन दीदी’ कह कर बुलाते है। उन्होंने बताया कि बिहान के मार्गदर्शन एवं लखपति दीदी पहल योजना से ही आज यह संभव हो पाया है। इसी प्रकार ग्राम डढ़ारी की कल्याणी समूह की दीदी श्रीमती ममता निषाद जो कि बिहान के वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग से लखपति दीदी तक सफर किया है।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप एवं उप मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन तथा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में बिहान टीम के साथ इस लखपति पहल की मूहीम को जिला में पूरी सक्रियता से आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे मुख्यतः संभावित लखपति दीदी के वर्तमान आय, आंकलन एवं अभिसरण के माध्यम से आवश्यक वित्तीय एवं तकनीकी हस्तक्षेप पर फोकस किया गया है। प्रत्येक परिवार हेतु कार्य योजना तैयार कर माइक्रो लेवल पर इसके क्रियान्वयन एवं मैन्युअल तथा डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित् की गई है। अभी तक जिले में 25 हजार लक्ष्य के विरूद्ध 18233 दीदीयों को लखपति श्रेणी में लाया जा चुका है, शेष को जनवरी से मार्च तक के 4वें क्वार्टर की डिजिटल आजीविका रजिस्टर जिसकी एंट्री अप्रैल में होनी है लक्ष्य पूर्ण कर लिया जाएगा। लखपति दीदी पहल के क्रियान्वयन में इस विषय पर विशेष ध्यान दिया गया है कि उनके वर्तमान आय स्त्रोत को ही विकसित कर दो से तीन गतिविधियों से जोड़कर आय में बढ़ोतरी किया जाना है। इसके आगामी चरणों में वृहद इकाईयों की स्थापना पर कार्य किया जा रहा है। जिसमें विकासखंड डौंडीलोहारा के ग्राम मंगचुवा के आदिवासी स्व-सहायता समूह द्वारा महुंआ लड्डू निर्माण जो कि पूर्णतः हस्तनिर्मित है। जिसे आधुनिक तकनीक से कराया जाएगा। इसमें महुआ के संग्रहण से लेकर इसके प्रोसेसिंग तथा मार्केट लिंकेज का प्रोटोकॉल तय कर कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। इसी प्रकार सेनेटरी पैड, अचार निर्माण जैसे इकाईयों को भी वृहद स्तर पर कराये जानी की कार्य योजना तैयार की गई है।
- बालोद/ पीसीपीएनडी एक्ट अंतर्गत जिला सहकार समिति की बैठक 20 मार्च 2026 को आयोजित की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि पीसीपीएनडी एक्ट अंतर्गत जिला सहकार समिति की बैठक 20 मार्च 2026 को दोपहर 01 बजे से कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी में आयोजित की गई है। उन्होंने बैठक में संबंधितों को निर्धारित तिथि एवं स्थान में उपस्थित होने को कहा है।
- बालोद/ आल इंडिया सिविल सर्विसेज खो-खो एवं वाॅलीबाल के चयन ट्रायल का आयोजन 11 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा। अपर कलेक्टर एवं प्रभारी जिला खेल अधिकारी ने बताया कि संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण छत्तीसगढ़ द्वारा आॅल इंडिया सिविल सर्विसेज खो-खो के चयन ट्रायल का आयोजन शारीरिक शिक्षा अध्ययन शाला खेल परिसर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में तथा वाॅलीबाल प्रतियोगिता के चयन ट्रायल का आयोजन माधव राव सपे्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक वाॅलीबाल ग्राउण्ड रायपुर में सुबह 09 बजे से 10 बजे तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खो-खो के लिए श्री शिवराज साहू मोबाईल नंबर 8871419609 तथा वाॅलीबाल हेतु श्री टीएन रेड्डी मोबाईल नंबर 9131181059 को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- विभिन्न पदों पर की जाएगी नियोजकों द्वारा भर्तीबालोद/जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र बालोद में 17 मार्च 2026 को प्लेसमंेट कैंप का आयोजन किया जाएगा। जिला रोजगार अधिकारी बालोद ने बताया कि प्लेसमंेट में कुल 03 नियोजकों द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्लेसमंेट कैंप में नियोजक चैहान आॅटो मोबाईल सिवनी बालोद द्वारा सेल्स एक्सीक्यूटिव के 03, सर्विस एडवाईजर के 03, टेक्नीशयन के 02, ड्राईवर के 01 एवं स्पेयर पार्ट पीकर के 02 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसमें सेल्स एक्सीक्यूटिव हेतु शैक्षणिक योग्यता स्नातक एवं आयु 18 से 35 वर्ष निर्धारित है। इसी तरह सर्विस एडवाईजर हेतु शैक्षणिक योग्यता डिप्लोमा मैकेनिकल अथवा इलेक्ट्रिकल एवं आयु 18 से 35 वर्ष निर्धारित है। इसी तरह टेक्निशियन हेतु शैक्षणिक योग्यता आईटीआई डीजल मेकेनिक एवं आयु 18 से 35 वर्ष निर्धारित है। इसी तरह ड्राईवर हेतु 10वीं एवं आयु 18 से 35 वर्ष तथा स्पेयर पार्ट पीकर हेतु शैक्षणिक योग्यता 10वीं एवं आयु 18 से 30 वर्ष निर्धारित है। इसी तरह नियोजक स्वतंत्र माईक्रोफाइसेंस लिमिटेड रायपुर द्वारा फील्ड आॅफिसर के 30 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता 12वीं एवं आयु 18 से 30 वर्ष निर्धारित है। इसी तरह कलेक्शन आॅफिसर के 10 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता स्नातक एवं आयु 18 से 35 वर्ष निर्धारित है।इसी तरह सेफ इंटेलीजेंट सिक्यूरीटी सर्विसेस भिलाई के द्वारा सिक्यूरिटी गार्ड पुरूष के 100 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता 8वीं एवं 12वीं, एकाउंटेट के 02 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता बीकाॅम, सिक्यूरिटी सुपरवाईजर पुरूष के 50 पद हेतु स्नातक एवं 02 वर्ष का अनुभव तथा टेक्निशियन के 08 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता आईटीआई उत्तीर्ण होना आवश्यक है। उक्त पद हेतु आयु 20 से 40 वर्ष निर्धारित है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी मूल प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, रोजगार पंजीयन एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित हो सकते हंै। इसके साथ ही उक्त संबंध में अधिक जानकारी वेबसाईट ई रोजगार सीजी डाॅट जीओवी डाॅट इन या जिला रोजगार कार्यालय बालोद अथवा कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 07749-299509 पर प्राप्त की जा सकती है।
- निर्माणाधीन आवासों को 30 मार्च तक पूर्ण करने दिए निर्देशबालोद/जनपद पंचायत गुण्डरदेही के सभाकक्ष में जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती निखत सुल्ताना की अध्यक्षता में 26 ग्राम पंचायतों के सचिव एवं रोजगार सहायकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा शेष आवासों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिन ग्राम पंचायतों में आवास निर्माण की प्रगति धीमी है, वहाँ कार्यों को गति देने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत प्रथम किश्त राशि जारी समस्त हितग्राहियों को आवास निर्माण यथाशीघ्र प्रारंभ कराने तथा प्रारंभ आवासों का शीघ्र जियो टैगिंग सुनिश्चित कराने को कहा। द्वितीय किश्त प्राप्त कर चुके हितग्राहियों के आवासों को 15 दिवस के भीतर पूर्ण कराने हेतु संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किये गये। वर्ष 2024-26 तक के अपूर्ण आवासों को 30 मार्च 2026 तक शत् प्रतिशत पूर्ण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। उन्होंने सभी पूर्ण आवासों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित करने के निर्देश दिए। उक्त समीक्षा बैठक में जनपद स्तर से एसडीओ, पीओ, प्रधानमंत्री आवास के विकासखण्ड समन्वयक एवं सचिव तथा रोजगार सहायक उपस्थित थे।
- कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंबालोद/जिला प्रशासन और प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के सहयोग से प्रथम अरोरा शिक्षण केन्द्र कुरूद में प्लंबिंग कोर्स के छात्र रेसमन निषाद ने ’इंडिया स्किल कॉम्पिटिशन 2026’ में कांस्य पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। डौंडी विकासखण्ड के ग्राम सिंघनवही निवासी रेसमन ने प्लंबिंग एंड हीटिंग ट्रेड में यह उपलब्धि हासिल की है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने उनके इस उलपब्धि की सराहना की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने रेसमन के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए जिला प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है।
- ग्राम समोदा में हटाई गई अवैध कब्जादुर्ग/ जिले के जनपद पंचायत दुर्ग के अतंर्गत ग्राम समोदा में जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई, अवैध कब्जों पर जेसीबी के माध्यम से शासकीय भूमि रिक्त कराई गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त तहसीलदार श्रीमती क्षमा यदु द्वारा राजस्व अमले और पुलिस विभाग के सहयोग से ग्राम समोदा राजस्व निरीक्षक मंडल जेवरा सिरसा तहसील व जिला दुर्ग के अतंर्गत शासकीय घास भूमि खसरा नम्बर 778 रकबा 0.13 हेक्टेयर भूमि पर किये गये अवैध पक्का दुकान निर्माण, टीन शेेड लगाकर दुकान निर्माण तथा सीमेंट पोल लगाकर किया गया तार घेरा को हटाने की कार्रवाई की गई। ग्राम के ही श्री ब्रजेश ताम्रकार पिता श्री गिरजाशंकर ताम्रकार द्वारा उक्त शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया गया था। अतिक्रमण हटाने के दौरान राजस्व निरीक्षक रेखा शुक्ला, पटवारी चन्द्रिका प्रसाद खरें, श्री शत्रुहन मिश्रा, अनिता साहू, संदीप देशमुख और पुलिस विभाग के अधिकारी तथा पंचायत जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीणजन मौजूद थे।
- दुर्ग/ गर्मी के मौसम में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के अंतर्गत जिले में आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार 30 जून 2026 अथवा मानसून आगमन तक जिले में भूजल के अनियंत्रित दोहन को रोकने के लिए बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के नया नलकूप (बोरवेल) खनन नहीं किया जा सकेगा। यह व्यवस्था पेयजल स्रोतों के संरक्षण तथा आम नागरिकों को गर्मी के दौरान पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गई है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि शासकीय, अर्धशासकीय एवं नगरीय निकायों को अपने क्षेत्राधिकार में पेयजल व्यवस्था के लिए आवश्यक नलकूप खनन की अनुमति अलग से लेने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। साथ ही, नलकूप खनन अथवा मरम्मत का कार्य केवल पंजीकृत बोरवेल एजेंसियों के माध्यम से ही किया जा सकेगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। आदेश के तहत विभिन्न क्षेत्रों के लिए अधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है। नगर निगम दुर्ग, भिलाई और रिसाली क्षेत्र के लिए अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी दुर्ग को अधिकृत किया गया है। इसी प्रकार राजस्व अनुविभाग दुर्ग के शेष क्षेत्रों के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्ग, राजस्व अनुविभाग धमधा के लिए अनुविभागीय अधिकारी धमधा, राजस्व अनुविभाग पाटन के लिए अनुविभागीय अधिकारी पाटन तथा राजस्व अनुविभाग भिलाई-3 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों के लिए अनुविभागीय अधिकारी भिलाई-3 को अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। अधिकारी संबंधित क्षेत्र में आवश्यकतानुसार जांच एवं रिपोर्ट प्राप्त कर नलकूप खनन की अनुमति प्रदान करेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
- दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने दुर्घटना में मृतक के परिजनों को 04-04 लाख रूपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पाहंदा तहसील पाटन जिला दुर्ग के निवासी मृतक स्व. शुभम कुमार यादव उम्र 22 वर्ष की 23 मई 2025 को ग्राम पाहंदा के डोंगिया तालाब के पानी में डुबने से मृत्यु हुई थी। ग्राम सेलूद तहसील पाटन जिला दुर्ग की निवासी मृतिका स्व. श्याम बाई उम्र 60 वर्ष की 27 मई 2025 को सेलूद नहर में नहाते समय पानी में डुबने से मृत्यु हुई थी। इसी तरह ग्राम अकतई तहसील पाटन जिला दुर्ग मृतक स्व. केशव कुमार साहू उम्र 03 वर्ष की 30 जुलाई 2025 को ग्राम अकतई अपने घर में सोते समय जहरीले सर्प के काटने से मृत्यु हुई थी।कलेक्टर द्वारा शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के अनुरूप मृतक के परिजनों को स्व. शुभम कुमार यादव के माता श्रीमती पेमिन पति रामकृष्ण यादव, स्व. श्याम बाई के पुत्र अजय महिलांग पिता फिरंता राम महिलांग एवं स्व. केशव कुमार साहू के पिता श्री शिव प्रसाद पिता भूषण लाल को क्रमशः 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
- दुर्ग/ जिले के विकासखण्ड दुर्ग अंतर्गत ग्राम थनौद निवासी नंदनी कुंभकार के लिए मूर्तिकला आमदनी की जरिया बनी है। उन्होंने जय कुंभकार स्व-सहायता समूह से जुड़ कर परिवार की मॉली हॉलत सुधारने में कामयाबी हासिल की है। नंदनी ने बताया कि समूह से जुड़ने से पहले हमें कुंभकारी के कार्याें के लिए बड़े ब्याज दर पर ऋण लेना पड़ता था जिसके कारण हम मूर्ति निर्माण के कार्याें को बड़े पैमाने पर नहीं कर पाते थे और छोटे स्तर पर कार्य करके कम आमदनी होती थी। जिसे परिवार की जिम्मेदारियों को पूरा करने में कठनाईयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़े सी.आर.पी के माध्यम से स्व-सहायता समूह के संबंध मे जानकारी प्राप्त हुई फिर हमने यह निर्णय लिया कि हम भी समूह बनायेंगे और फिर हमने समूह का निर्माण किया और सर्वप्रथम छोटी-छोटी बचत कर आपसी लेन-देन करने कि प्रक्रिया प्रारंभ किया। जिसके पश्चात हमें चक्रिय निधि 15000 रूपए प्राप्त हुई, जिसके बाद समूह 60 हजार रूपए आजीविका कार्य हेतु ऋण प्राप्त हुआ। वित्तीय वर्ष 2024-2025 और 2025-2026 में कुल 1 लाख 50 हजार रूपए का ऋण लिया गया था, जिसमें से मूर्ति निर्माण करके एक लाख रूपए का ब्याज चुकता कर दिया गया है। आज समूह के माध्यम से हमें बहुत ही कम ब्याज दर पर ऋण आसानी से मिल जा रहा है, जिससे हमारी आजीविका को चलाने में कोई परेशानी नहीं आ रहीं। बिहान के माध्यम से हमें मार्केटिंग के संबंध में भी काफी सहयोग देकर अपनी आजीविका गतिविधि को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही हूं। अप्रैल माह से लेकर दिसम्बर माह तक मूर्ति निर्माण, दीया, घरेलु और विवाह से संबंधित मिट्टी की वस्तुएं बच्चों के खिलौने बनाती हूं और दिसम्बर से मार्च आर्डर अनुसार सीमेंट की मुर्तियां भी बनाती हूं। गणेश पूजन, नवरात्री एवं दीपावली के समय हमारे समूह को बिहान के सहयोग से बाजार लगाने का मौका मिलता है, जिसमें छोटी मूर्तियां, दीया इत्यादि की बिक्री की जाती है और बाजार से हमें 9-10 लाख रूपए की बिक्री हो जाती हैं। जिसमें से 05 लाख रूपए तक शुद्ध आय प्राप्त होती है। प्राप्त आमदनी से परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। बच्चों की शिक्षा के लिए अच्छे स्कूल का प्रबंध हुआ है। पक्के मकान एवं आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था हुई है। आज नंदनी मूर्तिकला के माध्यम से आत्मनिर्भर बनकर लखपति दीदी बनने का सपना साकार करने जा रही है।
- *- 9556 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत 10 करोड़ 42 लाख रुपये से अधिक की सहायता**- सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की योजनाओं के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चेक किया गया वितरित*दुर्ग/ स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव के मुख्य आतिथ्य में श्रम विभाग द्वारा श्रमिक सम्मेलन का आयोजन आज महात्मा गांधी कला मंदिर सिविक सेंटर भिलाई में किया गया। सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 9 हजार 556 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 10 करोड़ 42 लाख 7 हजार 343 रूपए की राशि अंतरित की गई।इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत संचालित योजनाओं के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए। इनमें मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना और मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना शामिल हैं।श्रमिक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा लगातार योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मजदूरों द्वारा विभिन्न प्रकार के काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। ऐसे में यदि किसी श्रमिक के साथ कोई दुर्घटना हो जाती थी तो उसके परिवार को जीवन भर आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती थी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल का गठन किया गया। मंडल के माध्यम से प्रदेश के मजदूर भाई-बहनों का श्रम विभाग में पंजीयन शुरू किया गया और श्रमिक कार्ड बनाए गए, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। साथ ही महिला श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराई गई, जिससे वे घर बैठे काम कर सकें। राज्य में गरीबों के लिए दो रुपये किलो चावल की योजना भी शुरू की गई थी। पहले यह सुविधा केवल गरीबी रेखा के अंतर्गत आने वाले परिवारों को मिलती थी, लेकिन बाद में श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक कार्ड धारकों को भी इसका लाभ मिलने लगा। इस तरह श्रमिकों को राशन कार्ड और श्रम कार्ड के माध्यम से खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई। वर्तमान में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में दिया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से श्रमिक परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मंत्री श्री यादव ने श्रमिकों से अपील की है कि वे श्रम विभाग में पंजीयन कराकर इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने भी मंडल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे ने भी संक्षिप्त उद्बोधन दिया। इस अवसर पर तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, श्री भोजराम सिन्हा, श्रीमती तुलसी साहू, श्रीमती ललेश्वरी साहू, पार्षद श्री मनीष कोठारी, पार्षद श्री गुलराम साहू, अध्यक्ष महिला मोर्चा श्रीमती स्वीटी कौशिक, अध्यक्ष जनपद पंचायत पाटन श्रीमती कीर्ति नायक, श्रम अधिकारी श्री विकास सरोडे, श्रम निरीक्षक श्री बसंत वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित थे।
- दुर्ग/ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई द्वारा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), भिलाई-दुर्ग के तत्वावधान में ‘तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता’ का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना तथा कार्मिकों की वाक्-कला एवं तात्कालिक चिंतन क्षमता का विकास करना था। प्रतियोगिता में भिलाई-दुर्ग क्षेत्र के विभिन्न केंद्र सरकार के कार्यालयों, बैंकों और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों एवं निर्णायकगणों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई।संस्थान के उपकुलसचिव (प्रशासन) एवं हिंदी अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल हिंदी के प्रति प्रेम जगाते हैं, बल्कि विभिन्न संस्थानों के बीच एक वैचारिक सेतु का निर्माण भी करते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी शिक्षा और राजभाषा का समन्वय आधुनिक भारत की आवश्यकता है।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भिलाई इस्पात संयंत्र के चीफ़ ऑफ़ कम्यूनिकेशन एवं महाप्रबंधक प्रभारी (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) श्री अमूल्य प्रियदर्शी जी उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भिलाई इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक (संपर्क, प्रशासन व जनसंपर्क एवं प्रभारी राजभाषा) तथा नराकास भिलाई-दुर्ग के सचिव श्री राजीव कुमार ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।प्रतियोगिता का मूल्यांकन करने के लिए एक उच्च स्तरीय निर्णायक मंडल का गठन किया गया था, जिसमें सुश्री बोन्या मुखर्जी, महाप्रबंधक (परियोजनाएँ - परियोजना नियोजन एवं अभियांत्रिकी), भिलाई इस्पात संयंत्र ,सुश्री पारमिता महान्ति, महाप्रबंधक, सेल-सीईटी, सुश्री अंजली चौधरी, सहायक प्राध्यापक (भौतिकी विभाग), आईआईटी भिलाई शामिल थे। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति, भाषा प्रवाह,आत्मविश्वास, तार्किकता और विषयवस्तु की गहराई के आधार पर विजेताओं का चयन किया। प्रतियोगिता के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के सफल संचालन और समन्वय में संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर विशेष रूप से श्री सचिन मिश्र, उपकुलसचिव (प्रशासन) एवं हिंदी अधिकारी, आईआईटी भिलाई, संस्थान के प्रशासनिक सलाहकार, श्री सुभाष पांडे एवं अन्य गणमान्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर श्रीमती रेशमा बानो द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, निर्णायक मंडल और विभिन्न संस्थानों से आए सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए संस्थान की पूरी टीम और नराकास के सहयोग को रेखांकित किया। संस्थान ने सभी आगंतुकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे भाषाई आयोजनों को निरंतरता देने का संकल्प लिया।
- दुर्ग/ स्थानीय शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 09 मार्च 2026 को "महिलाओं के कानूनी अधिकार" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला महाविद्यालय की विशाखा समिति एवं समान अवसर प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अजय कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुई।कार्यशाला का आयोजन महाविद्यालय के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सेमिनार हॉल में प्रातः 11:30 बजे किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसके पश्चात अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में दुर्ग की उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती भारती मरकाम तथा सुश्री भाग्यश्री नातू (असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल, दुर्ग) उपस्थित रहीं। दोनों वक्ताओं ने छात्राओं को उनके मौलिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।कार्यक्रम के प्रारंभिक चरण में समान अवसर प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. दिव्या कुमुदिनी मिंज द्वारा अत्यंत प्रभावपूर्ण एवं प्रेरणादायी स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने उपस्थित मुख्य अतिथियों, प्राध्यापकगणों एवं छात्र-छात्राओं का हार्दिक स्वागत करते हुए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं न केवल महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं उपलब्ध न्यायिक सहायता के प्रति जागरूक करती हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, आत्मसम्मान तथा आत्मनिर्भरता की भावना को भी सुदृढ़ करती हैं।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि सामाजिक और कानूनी जागरूकता से भी सशक्त बनाएं। अपने स्वागत उद्बोधन के माध्यम से उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य, उसकी प्रासंगिकता तथा छात्राओं के समग्र सशक्तिकरण में ऐसे आयोजनों की भूमिका को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने आशा व्यक्त की कि कार्यशाला में प्राप्त जानकारी छात्राओं को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सजग, आत्मविश्वासी और सशक्त नागरिक बनने के लिए प्रेरित करेगी।इसके पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अजय कुमार सिंह ने अपने प्रेरक उद्बोधन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए विश्व की अनेक प्रेरणादायी महिलाओं की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं समाज के प्रत्येक क्षेत्र में सशक्त भूमिका निभा रही हैं और घर से लेकर कार्यस्थल तक उनकी सहभागिता निरंतर बढ़ रही है।मुख्य अतिथि नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती भारती मरकाम ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण के व्यापक आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "सशक्तिकरण केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज और पुरुषों की समान भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है।" उन्होंने महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराधों एवं साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए छात्राओं को साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं तथा सावधानियों से अवगत कराया, ताकि वे डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग कर सकें।कार्यक्रम की अगली कड़ी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग (छत्तीसगढ़) के अंतर्गत संचालित लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम की सहायक कानूनी सहायता रक्षा अधिवक्ता सुश्री भाग्यश्री नातू ने महिला सुरक्षा एवं अधिकारों से संबंधित विभिन्न विधिक प्रावधानों तथा न्यायालय द्वारा प्रदत्त संरक्षणात्मक कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी अवगत कराया।कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. तरलोचन कौर संधु द्वारा अत्यंत प्रभावी एवं उत्साहपूर्ण ढंग से किया गया। कार्यशाला के आयोजन में विभिन्न समितियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। योजना एवं समन्वय का दायित्व डॉ. पद्मावती, डॉ. दिव्या मिंज एवं डॉ. मर्सी जॉर्ज द्वारा निभाया गया। मंच व्यवस्था डॉ. मीना मान, डॉ. श्रीराम कुंजाम एवं डॉ. ज्योति धारकर द्वारा की गई। डॉ. राजश्री नायडू द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई, जबकि अतिथियों का परिचय डॉ. एलिजाबेथ भगत एवं डॉ. उषा साहू द्वारा दिया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. ज्योति धारकर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।इस कार्यशाला में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. जगजीत कौर सलूजा, डॉ. ए. के. खान, डॉ. अभिनेष सुराना, डॉ. शकील हुसैन, डॉ. जी.एस. ठाकुर, डॉ. के. पद्मावती सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। लगभग 100 से अधिक विद्यार्थियों ने इस कार्यशाला में सहभागिता कर लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम की सफलता में डॉ. निगार अहमद, डॉ. सीमा पंजवानी, डॉ. रीना ताम्रकार, डॉ. कुन्दन कुमार यादव, डॉ. दूंमन लाल सहित विशाखा समिति एवं समान अवसर प्रकोष्ठ के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
- ग्राम समोदा में हटाई गई अवैध कब्जादुर्ग/ जिले के जनपद पंचायत दुर्ग के अतंर्गत ग्राम समोदा में जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई, अवैध कब्जों पर जेसीबी के माध्यम से शासकीय भूमि रिक्त कराई गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त तहसीलदार श्रीमती क्षमा यदु द्वारा राजस्व अमले और पुलिस विभाग के सहयोग से ग्राम समोदा राजस्व निरीक्षक मंडल जेवरा सिरसा तहसील व जिला दुर्ग के अतंर्गत शासकीय घास भूमि खसरा नम्बर 778 रकबा 0.13 हेक्टेयर भूमि पर किये गये अवैध पक्का दुकान निर्माण, टीन शेेड लगाकर दुकान निर्माण तथा सीमेंट पोल लगाकर किया गया तार घेरा को हटाने की कार्रवाई की गई। ग्राम के ही श्री ब्रजेश ताम्रकार पिता श्री गिरजाशंकर ताम्रकार द्वारा उक्त शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया गया था। अतिक्रमण हटाने के दौरान राजस्व निरीक्षक रेखा शुक्ला, पटवारी चन्द्रिका प्रसाद खरें, श्री शत्रुहन मिश्रा, अनिता साहू, संदीप देशमुख और पुलिस विभाग के अधिकारी तथा पंचायत जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीणजन मौजूद थे।
- -उप मुख्यमंत्री ने स्वच्छता, स्वावलंबन और सशक्तीकरण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया सम्मानित-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नारी शक्ति सम्मान समारोह का आयोजन-प्रदेशभर की स्वच्छता दीदियां, महिला हितग्राही एवं स्वसहायता समूहों की महिलाएं जोश और उत्साह से हुईं शामिल-फाग गीत पर झूमीं समारोह में मौजूद महिलाएं-नगरीय निकायों में हर महीने स्वच्छता के आंकलन के लिए छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग का शुभारंभ-स्वच्छता दीदियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए 15 दिनों का विशेष शिविररायपुर । महिलाएं ईश्वर की अनुपम कृति हैं। ईश्वर ने उन्हें विशेष शक्तियां और क्षमताएं दी हैं। महिलाओं ने अपनी लगन, मेहनत और काबिलियत से हर क्षेत्र में अपना स्थान बनाया है। हर क्षेत्र में उपलब्धियां और ऊंचाईयां हासिल की हैं। माताओं व बहनों का सम्मान एवं विशेष स्थान प्राचीन काल से हमारी संस्कृति और परंपरा में है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने नारी शक्ति सम्मान समारोह में ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आज रायपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में स्वच्छता, स्वावलंबन और सशक्तीकरण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वच्छता दीदियों, महिला हितग्राहियों एवं स्वसहायता समूहों की महिलाओं को सम्मानित किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने समारोह में नगरीय निकायों में हर महीने स्वच्छता के आंकलन के लिए छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में स्वच्छता दीदियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए 15 दिनों के विशेष शिविर आयोजित करने की घोषणा की। ये शिविर आगामी 14 मार्च से लगाए जाएंगे। नारी शक्ति सम्मान समारोह में प्रदेशभर की स्वच्छता दीदियां, महिला हितग्राही एवं स्वसहायता समूहों की महिलाएं जोश और उत्साह से शामिल हुईं। वे इस दौरान प्रसिद्ध लोक गायिका सुश्री गरिमा दिवाकर और स्वर्णा दिवाकर द्वारा प्रस्तुत फाग गीत पर जमकर झूमीं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नारी शक्ति सम्मान समारोह में महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में कभी निराश होने की जरूरत नहीं है। महिलाएं संघर्ष और करूणा की प्रतिमूर्ति हैं। आप में जो क्षमता और ताकत है, वो किसी और में नहीं है। देश में ऐसी अनेक घटनाएं और प्रसंग हैं जहां नारी शक्ति ने अपनी ममता, तपस्या, त्याग और बलिदान की अनूठी मिसालें पेश की हैं। श्री साव ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं शुरू हुई हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर में शौचालय बनाए गए हैं, उज्जवला योजना से रसोई गैस दिए गए हैं, जल जीवन मिशन ने महिलाओं की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘वीमेन फॉर ट्री’ जैसी योजनाओं ने महिलाओं की प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़ाया है।श्री साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ के शहरों में स्वीकृत दो लाख 44 हजार प्रधानमंत्री आवासों में से एक लाख 77 हजार आवास महिलाओं के नाम से स्वीकृत हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना से यह संभव हुआ है कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं के पास खुद के नाम पर पक्का घर है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत राज्य के 70 हजार महिला स्ट्रीट वेंडर्स को 88 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण बैंकों के माध्यम से दिलाया गया है। उन्होंने कहा कि माता बच्चे की प्रथम शिक्षक होती है। इस नाते भावी पीढ़ी को अच्छे संस्कार, अच्छी शिक्षा, अच्छी सोच और अच्छी दिशा देने की महती जिम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर है।रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर हमारे राज्य को और हमारे शहरों को जो प्रतिष्ठा मिलती है, वह आप लोगों के कार्यों की वजह से मिलती है। उन्होंने समारोह के आयोजन के लिए उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विधानसभा सत्र के बीच इसका आयोजन किया गया है। तमाम व्यस्तताओं के बावजूद आप लोगों का हौसला बढ़ाने और सम्मानित करने उप मुख्यमंत्री यहां मौजूद हैं। श्रीमती चौबे ने कहा कि आप लोगों की प्रेरणा और सहयोग से हम आगे बढ़ते हैं। आपकी सहभागिता से योजनाओं को हम धरातल पर उतारते हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने कार्यक्रम में अपने स्वागत भाषण में कहा कि विभाग के कार्यों में महिलाएं महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। स्वच्छता दीदियों और स्वसहायता समूहों के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में वे बड़ी भूमिका निभा रही हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री आर. एक्का, रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय, रायपुर नगर निगम में स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, राजस्व विभाग के अध्यक्ष श्री अवतार भारती बागल और पार्षद श्रीमती स्वप्निल मिश्रा सहित नगरीय प्रशासन एवं सूडा के अनेक अधिकारी भी समारोह में मौजूद थे।समारोह में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों के स्वच्छता दीदियों के प्रतिनिधि के रूप में बिलासपुर की श्रीमती रामेश्वरी सागर, कुम्हारी की श्रीमती मंजू देवांगन, बिल्हा की श्रीमती संपति यादव, अंबिकापुर की श्रीमती संगीता गुप्ता, विश्रामपुर की श्रीमती भारती गुप्ता और पाटन की श्रीमती लता मंडलेश को सम्मानित किया गया। विपरीत परिस्थितियों के बीच नगर निगम के सहयोग से प्रधानमंत्री आवास का निर्माण करने वाली रायपुर की श्रीमती मांडवी कौशिक, बीरगांव की श्रीमती बिमला साहू, कुम्हारी की श्रीमती त्रिवेणी साहू, राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित बगीचा की महिला हितग्राही श्रीमती सुमन तिर्की तथा वीमेन फॉर ट्री में उत्कृष्ट कार्य करने वाली बिलासपुर की श्रीमती पल्लवी विजय क्षत्री, लोरमी की श्रीमती दुर्गा राजपूत और बगीचा की श्रीमती प्रभा यादव का भी सम्मान किया गया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निर्धारित समयावधि में प्रधानमंत्री आवास का निर्माण पूर्ण कर मुख्यमंत्री गृहप्रवेश सम्मान का हकदार बनीं रायपुर की श्रीमती रजनी ध्रुव, कुम्हारी की श्रीमती गीता पाल और बीरगांव की श्रीमती पलक देवांगन को (प्रत्येक को) 32 हजार 850 रुपए का चेक प्रदान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत रायपुर नगर निगम की तीन स्ट्रीट वेंडर्स श्रीमती लक्ष्मी साहू, श्रीमती रत्ना दीप और श्रीमती बी. लावण्या को 50-50 हजार रुपए के चेक सौंपे।
- -पर्यटन विकास कार्यों की प्रगति देखी, प्रकृति संरक्षण को दी प्राथमिकतारायपुर । वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप मंगलवार को सुबह धमतरी जिले के प्रसिद्ध पंडित रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) स्थित पर्यटन स्थल ठेमली आईलैंड बोट से पहुंचे। उन्होंने यहां संचालित पर्यटन विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि ठेमली आईलैंड प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थल है, जिसे पर्यटन की दृष्टि से विकसित करते समय पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में स्थानीय प्राकृतिक स्वरूप को यथावत रखते हुए पर्यटकों के लिए सुरक्षित एवं आकर्षक सुविधाएं विकसित की जाएं। वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि ठेमली आईलैंड को सुनियोजित ढंग से विकसित कर इसे प्रदेश के प्रमुख ईको-टूरिज्म स्थलों में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे आने वाले समय में यह स्थान पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।इस अवसर पर कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने मंत्री को यहां प्रस्तावित पर्यटन विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि पर्यटकों की सुविधा के लिए पाथवे निर्माण, व्यू प्वाइंट, वॉच टॉवर सहित अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इन कार्यों से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। वनमण्डलाधिकारी श्रीकृष्ण जाधव ने पर्यटन विकास से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि परियोजना में प्रकृति पर्यटन (ईको-टूरिज्म) की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की गई हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष, औषधि पादप बोर्ड विकास मरकाम, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी/विकास योजना) श्री अरुण पांडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने पर्यटन विकास को बेहतर और टिकाऊ बनाने के संबंध में अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए।
- -35.5 किमी सड़क का होगा मजबूतीकरण एवं उन्नयन-सड़क व पुल-पुलिया निर्माण के लिए 139.49 करोड़ तथा भू-अर्जन एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए 14.34 करोड़ मंजूर-उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद प्रशासकीय स्वीकृति का पत्र जारीरायपुर। राज्य शासन ने गरियाबंद जिले में मुख्य जिला मार्ग राजिम-फिंगेश्वर-महासमुंद के मजबूतीकरण और उन्नयन के लिए 153 करोड़ 82 लाख 34 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से 35.5 किमी सड़क का मजबूतीकरण और उन्नयन किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क व पुल-पुलिया निर्माण के लिए 139 करोड़ 48 लाख 72 हजार रुपए तथा भू-अर्जन एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए 14 करोड़ 33 लाख 62 हजार रुपए मंजूर किए हैं। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा इस साल 1 जनवरी को केन्द्रीय सड़क निधि (CRIF) योजनांतर्गत इस सड़क के मजबूतीकरण एवं उन्नयन की स्वीकृति प्रदान की गई थी।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से आज राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है। श्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है। कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी।
- -पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16 हज़ार 560 करोड़ रुपए प्रावधानितरायपुर l उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनते ही हमने आवासहीन लोगों को प्रतिबद्घ होकर प्रथम बैठक में 18 लाख से अधिक लंबित आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गयी थी। 2 वर्षों में एसईसीसी 2011 एवं आवास प्लस-2018 की सूची के सभी पात्र हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किया जा चुका है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, गृह, जेल, विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का बजट विधानसभा में पारित किया गया lविशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत 33 हजार 255 परिवारों को आवास स्वीकृति दी जा चुकी है एवं 19 हजार 199 आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित पात्र परिवारों को पीएम आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत विशेष परियोजना के तहत आवास लाभ प्रदान किए जाने हेतु भारत सरकार द्वारा 15 हजार परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा रहा है।मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 38 हजार से अधिक परिवारों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है एवं 15 हजार से अधिक आवास पूर्ण भी हो चुके है। सरकार गठन उपरांत राशि 400 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान भी किया गया, यह राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि कोई भी परिवार आवासहीन न रहे।भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय से पीएमजी एसवाई 4 के तहत 774 सड़कों द्वारा 781 बसाहटे लाभान्वित होंगी। जिसके लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 2237.97 करोड़ रुपए एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के लिए 550 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन सड़कों के नागरिक सूचना पटल पर QR कोड आधरित सूचना स्वप्रकटीकरण बोर्ड लगाकर सड़कों की समस्त जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि इस बजट में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 4000 करोड़ रुपए एवं प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना हेतु 4265.00 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए 350 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु बजट प्रावधान 850 करोड़ रुपए किया गया है। ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान हेतु 8.75 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के लिए 144 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि पुलिस विभाग के लिए मुख्य बजट में राजस्व व्यय मद अंतर्गत 7130.48 करोड़ रुपए एवं पूंजीगत परिव्यय मद अंतर्गत 590.53 करोड़ रुपए कुल 7721.01 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पुनर्वास करने वाले वामपंथी उग्रवादी नक्सली कैडर को केन्द्रीय पुनर्वास नीति के तहत् उनके प्रतिस्थापन एवं पुनर्वास के लिये फिक्स डिपाजिट एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिये राशि रूपये 38 करोड़ का बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में वर्तमान में हो रहे आधुनिक किस्म के अपराध एवं साइबर अपराध के मामलों की गहन अनुसंधान एवं रोकथाम हेतु पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में आधुनिक आई.टी. सेंटर खोले जाने हेतु 06 नवीन पद तथा जिला बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, सक्ती, बलरामपुर में कुल 05 साइबर थाना के गठन हेतु 50 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। सरकार द्वारा जिला रायपुर के नगरीय क्षेत्रों में लागू किये गये पुलिस आयुक्त प्रणाली का सुचारू एवं कुशलतापूर्णक संचालन हेतु कुल 67 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पृथक से नवीन पुलिस जिला रायपुर ग्रामीण के रूप में संचालन हेतु कुल 251 नवीन पदों का प्रावधान किया गया हैं। इसी प्रकार राज्य के 06 नवगठित जिलों सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा एवं मुंगेली में पुलिस के महत्त्वपूर्ण कार्य हेतु डीसीबी, डीसीआरबी के 156 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों के लिए 15 नवीन पुलिस थाना की स्थापना हेतु कुल 975 नवीन पदों एवं 08 पुलिस चौकी को पुलिस थाना में उन्नयन किये जाने हेतु 337 नवीन पद, अत्यधिक कम बल स्वीकृत वाले 21 पुलिस थानों में अतिरिक्त बलवृद्धि किये जाने हेतु कुल 870 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।प्रदेश में पुलिस प्रशासन को सुदृढ़ किये जाने हेतु नवीन पुलिस महानिरीक्षक रेंज रायपुर एवं राजनांदगांव तथा पुलिस उप महानिरीक्षक रायगढ़ रेंज कार्यालय के लिए कुल 41 नवीन पद तथा प्रदेश के विभिन्न पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में अनुसचिवीय बल के कुल 110 अतिरिक्त नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। शासकीय रेल पुलिस रायपुर के थाना/चौकी एवं लाईन में अतिरिक्त बलवृद्धि किये जाने हेतु कुल 150 अतिरिक्त नवीन पदों सहित, जगदलपुर हवाई पट्टी की सुरक्षा हेतु हेतु 40. न्यू स्टेट हैंगर माना रायपुर की सुरक्षा हेतु 40 नवीन पद का प्रावधान किया गया है। राजभवन की सुरक्षा, मुख्यमंत्री निवास सुरक्षा एवं मंत्रालय की सुरक्षा हेतु 250 अतिरिक्त नवीन पद, छसबल की वाहिनियों के अकुशल ट्रेडमेन संवर्ग के 400 नवीन पद, बस्तर फाईटर बल में अतिरिक्त बलवृद्धि (आरक्षक) हेतु 1500 नवीन पद, विशेष आसूचना शाखा मुख्यालय के लिए अनुसचिवीय संवर्ग के 24 नवीन पद, एटीएस विशेष शाखा में आदर्श आतंकवाद निरोधक दस्ता हेतु 325 नवीन पद, प्रदेश के विभिन्न छसबल वाहिनीयों में श्वान दल हेतु 83 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 440 नवीन पदों की स्वीकृतियां प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 01 नवीन भारत रक्षित वाहिनी के गठन हेतु 1007 नवीन पद, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल का 01 बटालियन गठन किये जाने हेतु 500 नवीन पद. जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन हेतु 100 नवीन पद, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय अंतर्गत एस०ओ०जी० (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन हेतु 44 नवीन पद सहित थाना एवं चौकियों की संख्या में वृद्धि करते हुये कुल 5421 नवीन पदों की स्वीकृतियां प्रदान की गई है। सरकार द्वारा विशेष पुलिस बल अंतर्गत प्रदेश हेतु एन्टी टेरेरिस्ट स्क्वायड (आतंकवादी निरोधक दस्ता), राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन एवं बम्ब डिस्पोजल के लिए भी नवीन पदों की स्वीकृतियां प्रदान की गई है। पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए आईसीजीएस परियोजना के तहत तीन नवीन आपराधिक कानूनों को सीसीटीएनएस, ई-फोरेन्सिक, ई-कोर्ट, ई-अभियोजन, ई-जेल के मध्य सुरक्षित एवं निर्बाध्य रियल डाटा का एकीकरण एवं डाटा विनिमय सुनिश्चत किया जा रहा है इज़के द्वारा एफआईआर प्रक्रिया को सुलभ और एकीकृत बनाया गया है।छत्तीसगढ़ जेल विभाग द्वारा 4 केन्द्रीय जेलों - रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा अंबिकापुर को आईएसओ 9001: 2015 सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ, जो प्रदर्शित सरकार की गुणवत्ता उन्नयन को दर्शाता है। बजट में प्रदेश की 16 जेलों में 'प्रिजन कॉलिंग सिस्टम' स्थापित करने हेतु रू. 1.05 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे जेलों में परिरूद्ध बंदी अपने परिजनों तथा अधिवक्ताओं से वाईस/वीडियो कॉल के माध्यम से बात कर सकेंगे। बंदियों के पुनर्वास के लिए 'निश्चय' कार्यक्रम संचालित है, जिसमें काउंसिलिंग, बौद्धिक विकास, कौशल विकास तथा जेल से रिहाई के उपरान्त इंडियन ओवरसीज बैंक से ऋण उपलब्ध कराने के लिए एमओयू किया गया है। जेल विभाग के प्रहरियों, मुख्य प्रहरियों तथा प्रमुख मुख्य प्रहरियों को वर्दी (किट भत्ता) प्रदाय करने हेतु 1.5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे पूर्व जेल विभाग द्वारा क्रय कर वर्दी तथा किट प्रदाय की जाती थी। प्रदेश की 21 जेलों में 31 बंदी बैरकों के निर्माण हेतु विभागीय मद में 31 करोड का प्रावधान किया गया है। जेल भवनों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य हेतु लोक निर्माण विभाग के मद में 70 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे जेलों की भौतिक अधोसंरचना तथा बंदी आवास क्षमता में वृद्धि होगी। 25 करोड़ के विभिन्न निर्माण, विद्युतीकरण तथा मरम्मत कार्य (नवीन मद के अंतर्गत PWD मद) इसमें उप जेल, मनेन्द्रगढ़ के लिए बंदी बैरक निर्माण कार्य हेतु 2.15 करोड़ रुपए सम्मिलित हैं। जेलों में विभिन्न सुरक्षा उपकरण लगाने हेतु 1 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। केन्द्रीय जेलों में संचालित उद्योगों के विस्तारीकरण के लिए मशीन क्रय हेतु 1 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे जेलों में संचालित उद्योगों को नया आयाम मिलेगा। उन्होंने रायपुर केंद्रीय जेल में संचालित आस्था केंद्र का उदाहरण भी दिया।बजट में राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के लिए 10 जिलों में जिला सीन ऑफ क्राईम यूनिट की स्थापना हेतु स्वीकृत मानव संसाधन के वैज्ञानिक अधिकारी से लेकर विभिन्न वेतन मैट्रिक्स लेवल के कुल 05 पद प्रति जिला इस तरह 10 जिलों के लिये कुल 50 पद स्वीकृत किए गए हैं। न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, रायपुर के लिए 65 पदों को स्वीकृति प्रदान की गई है, वही क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, दुर्ग में डीएनए यूनिट की स्थापना के लिए 4.00 करोड़ रुपए, नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के रायपुर कैंपस हेतु 40 एकड़ भूमि प्रदाय किया गया है, 03 नवीन आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद फोरेंसिक साइंस को महत्व देते हुए छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में जिला सीन ऑफ क्राईम यूनिटों हेतु वैज्ञानिक अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी।मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के शोधार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे शोध कार्यों के प्रत्यक्ष दर्शन कराने तथा राष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान के क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान से प्रेरित करने, उनके व्यक्तित्व एवं उनकी जीवन शैली से परिचय कराने के उद्देश्य से विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित प्रयोगशालाओं एवं अनुसंधान संस्थानों में हो रहे अनुसंधानों का अवलोकन कराये जाने एवं संस्थानों में कार्यरत वैज्ञानिकों से परिचर्चा कराने के उद्देश्य से विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान प्रारंभ किये जाने की योजना है।भारत सरकार के स्कीम फॉर प्रमोशन ऑफ कल्चर ऑफ साईंस योजना के अंतर्गत जिला-सूरजपुर ग्राम-मायापुर में राज्य में गुजरने वाली कर्क रेखा पर लगभग राशि 6.65 करोड़ रुपए की लागत से एस्ट्रो साईंस सेन्टर की स्थापना प्रस्तावित है। परियोजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद कोलकाता के समन्वय से किया जा रहा है।इस वित्तीय वर्ष में सरगुजा, बलरामपुर, बस्तर, जशपुर एवं रायगढ़ जिलों में एक-एक नवीन साईंस पार्क की स्थापना हेतु 7.50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण तथा दुरस्थ ग्रामों के विद्यालयों में भौतिकी, रसायन एवं जीवविज्ञान के विषयों में प्रायोगिक सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश के सरगुजा एवं बस्तर संभागों में प्रायोगिक उपकरणों से सुसज्जित नवीन चलित मोबाईल साईंस लैब हेतु 3.50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।अनुदान की मांगों पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया, सर्व श्री दलेश्वर साहू, अजय चंद्राकर, सुनील कुमार सोनी, कवासी लखमा, भावना वोहरा, लखेश्वर बघेल, प्रेमचंद पटेल, इंद्र साव, राम कुमार टोप्पो ने चर्चा में भाग लिया।
- -पर्यटन विभाग के बजट में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 55 प्रतिशत की वृद्धि-पर्यटन विभाग के अंर्तगत तीन नई योजनाओं हेतु कुल 110 करोड़ रूपए का प्रावधान-मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन हेतु 100 करोड़, शक्तिपीठ भ्रमण योजना हेतु 5 करोड़, छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना हेतु 5 करोड़ रूपए का प्रावधान-मुख्यमंत्री जन-पर्यटन प्रोत्साहन योजना हेतु 3 करोड़ रूपए का प्रावधान, छत्तीसगढ़ राज्य के आम नागरिकों को आईआरसीटीसी के माध्यम से पर्यटन स्थलों के भ्रमण मे 75 प्रतिशत तक सब्सिडी-पर्यटन क्षेत्रों में विभिन्न विकास कार्यों हेतु अनुदान मद के अंर्तगत 100 करोड़ रूपए का प्रावधान-श्री रामलला दर्शन योजना के लिए 36 करोड़ रूपए का प्रावधान-शक्तिपीठ परियोजना के अंर्तगत छत्तीसगढ़ के पांच शक्तिपीठों को विकसित किए जाने हेतु 5 करोड़ रूपए का प्रावधान-सिरपुर एकीकृत विकास योजना हेतु 10 करोड़ रूपए का प्रावधान, सिरपुर को हेरिटेज स्थल के रूप मंे किया जाएगा विकसित-राजकीय मानव संग्रहालय, छत्तीसगढ़ इतिहास संग्रहालय, अभिलेखागार एवं भारत भवन का किया जाएगा निर्माण-सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और कलाकारों के प्रोत्साहन पर विशेष जोर-मंदिरों के जीर्णाेद्धार और प्रमुख मेलों के आयोजन को मिलेगा प्रोत्साहनरायपुर ।छत्तीसगढ़ विधानसभा में पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के वर्ष 2026-27 के लिए अनुदान मांगों को सदन में पारित किया गया। विभागीय मंत्री श्री राजेश अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत बजट पर चर्चा के बाद इन विभागों के लिए कुल 492 करोड़ 20 लाख रुपये की अनुदान मांगें पारित की गईं, इसमेें पर्यटन विभाग के लिए 344 करोड़ रूपए, संस्कृति विभाग के लिए 98.20 करोड़ रूपए तथा धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व विभाग के लिए 50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।सदन में बजट भाषण के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों और धार्मिक आस्था से जुड़ी विरासत से है। राज्य सरकार इन तीनों क्षेत्रों को समन्वित रूप से विकसित कर छत्तीसगढ़ को पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से देश के प्रमुख राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन विभागों के बजट में पर्यटन अधोसंरचना के विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और धार्मिक स्थलों के संवर्धन को प्राथमिकता दी गई है।पर्यटन विभागमंत्री श्री अग्रवाल ने बताया कि पर्यटन विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 344 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के माध्यम से राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, पर्यटन सर्किटों और पर्यटक सुविधाओं का व्यापक विकास किया जाएगा। इसके लिए इस वर्ष 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे पर्यटन स्थलों की अधोसंरचना, ब्रांडिंग, स्वच्छता, पेयजल और पर्यटक सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 52 विशेष ट्रेनों के माध्यम से लगभग 44 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को निःशुल्क दर्शन कराया जा चुका है और इसके लिए इस वर्ष 36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ आस्था पथ (शक्तिपीठ भ्रमण) योजना के माध्यम से राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों को जोड़कर धार्मिक पर्यटन को नई दिशा दी जाएगी। इस योजना हेतु 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य में साहसिक पर्यटन और जल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत जलाशयों और प्राकृतिक स्थलों पर जल क्रीड़ा तथा एडवेंचर गतिविधियों के विकास के लिए बजट में 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।मंत्री श्री अग्रवाल ने जानकारी दी कि पर्यटन क्षेत्रों में विभिन्न विकास कार्यों हेतु 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, इसके अंर्तगत भोरमदेव कॉरिडोर का विकास, मयाली-बगीचा के विकास के अंर्तगत जशपुर जिले के मधेश्वर पहाड़ के निकट स्थित मयाली मंे पर्यटक रिसॉर्ट, स्किल डेवलपमेंट सेंटर का विकास एवं बगीचा स्थित कैलाश गुफा में पर्यटन विकास के कार्य कराए जाएंगे। उन्होेंने आगे कहा कि नया रायपुर मंे चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं कन्वेंशन सेेंटर का निर्माण किया जा रहा है। बस्तर एवं सरगुजा के आदिवासी क्षेत्रों में बस्तर टूरिज्म सर्किट एवं जशपुर टूरिज्म सर्किट के तहत विकास कार्य कराए जाएंगे जिससे छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों का स्वरूप और अधिक निखरकर सामने आएगा।मंत्री श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि पर्यटन प्रोत्साहन अनुदान मद में 5 करोड़ की वृद्धि कर 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अंर्तगत बस्तर, सरगुजा एवं अन्य संभावित पर्यटन क्षेत्रों मंे पर्यटकों के लिए होमस्टे सुविधा एवं सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत राज्य के आर्थिक विकास एवं पर्यटन के विकास के लिए निजी निवेशकों एवं स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।शक्तिपीठ परियोजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पांच शक्तिपीठों को उत्तराखंड की चारधाम परियोजना की तर्ज पर विकसित करने और जोड़ने का कार्य किया जाना है। इस हेतु बजट मंे 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सिरपुर को बुद्धिष्ट थीम पर हेरिटेज स्थल के रूप मंे विकसित किया जाएगा, इसके लिए सिरपुर विकास योजना केे तहत 10 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।छत्तीसगढ़ राज्य के आम नागरिकों को मुख्यमंत्री जन-पर्यटन प्रोत्साहन योजनांर्तगत आईआरसीटीसी के माध्यम से 75 प्रतिशत सब्सिडी मंे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलांे का भ्रमण कराया जाएगा। इस हेतु बजट में 3 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। प्रथम चरण में राजधानी रायपुर से जगदलपुर एवं बारनवापारा-सिरपुर टूर तैयार किया जा रहा है।पर्यटन विभाग के अंर्तगत नया रायपुर स्थित भारतीय होटल प्रबंधन संस्थान हेतु 4 करोड़ रूपए, स्टेट टूरिज्म अवार्ड हेतु 5 लाख रूपए एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन के प्रचार-प्रसार एवं ब्राडिंग हेतु मेला, उत्सव, प्रर्दशनी अनुदान मद मंे 8.50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट तथा स्टेक होल्डर्स से संपर्क कर उन्हें छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के लिए कार्य किए जाने हेतु प्रोत्साहित करने प्रमुख 10 शहरों में रोड शो और बिजनेस मीटिंग का अयोजन किया जाएगा, जिससे राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।संस्कृति एवं पुरातत्वमंत्री श्री अग्रवाल ने बताया कि संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 98 करोड़ 20 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। राज्य में राजकीय मानव संग्रहालय, इतिहास संग्रहालय और अभिलेखागार के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत किया जा सके। मंत्री श्री अग्रवाल ने बताया कि बस्तर पंडुम 2026 का भव्य आयोजन फरवरी माह में किया गया। जिसका शुभारंभ भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु एवं समापन गृहमंत्री श्री अमित शाह के गरिमामय उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम तीन चरणों में सम्पन्न हुआ जिसमें 12 विधाओं में 54 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम बस्तर संभाग के पंचायतों एवं नगरीय निकायों में सम्पन्न हुआ। गत वर्ष आयोजित बस्तर पंडुम 2025 को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया, जो विभाग के लिए गौरव की बात है।श्री अग्रवाल ने कहा कि कलाकारों के प्रोत्साहन, सांस्कृतिक आयोजनों के विस्तार और लोक कलाओं के संरक्षण के लिए भी बजट में प्रावधान बढ़ाया गया है। इसके साथ ही पुरखौती मुक्तांगन संग्रहालय के विकास और राज्य की पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण के लिए भी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पुरखौती मुक्तांगन संग्रहालय उपरवारा नवा रायपुर परिसर में आंचलिक इतिहास को प्रदर्शित करने छत्तीसगढ़ इतिहास संग्रहालय, अभिलेखागार एवं भारत भवन के निर्माण हेतु इस बजट मंे 2.70 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इस हेतु डीपीआर तैयार किया गया है, जिसका अनुमानित व्यय लगभग 48 करोड़ रूपए है। मानव सभ्यता एवं संस्कृति के विकास एवं छत्तीसगढ़ में निवासरत विभिन्न जनजातीय समुदायों के जीवन-पद्धति, रहन-सहन, खानपान, आचार-विचार, वेशभूषा एवं संस्कृति को प्रर्दशित किए जाने हेतु राजकीय मानव संग्रहालय की स्थापना भी की जाएगी। भारत के राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर तृतीय एवं चतुर्थ चरण के कार्यक्रमों के लिए इस बजट में 2 करोड़ रू. का प्रावधान किया गया है।प्रदेश के अर्थाभावग्रस्त ख्यातिप्राप्त साहित्यकारों एवं कलाकारों को पूर्व में 2 हजार रू. मासिक वित्तीय सहायता दिया जा रहा था, इस राशि में वृद्धि कर 5 हजार किया गया है। इस वर्ष के बजट में अर्थाभावग्रस्त ख्यातिप्राप्त साहित्यकारों एवं कलाकारों के सहायता हेतु 1 करोड़ 50 लाख रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है। मुख्यमंत्री लोककलाकार प्रोत्साहन योजनांर्तगत राज्य की कला एवं सांस्कृतिक परंपरा के अंतर्गत छत्तीसगढ़ अंचल के विविध लोककलाओं, नृत्य संगीत, लोकनाट्य तथा शिल्पकला के कलाकारों के प्रोत्साहन के लिए 30 लाख रूपए का बजट स्वीकृत किया गया है। इसी तरह अशासकीय निजी संस्थाओं हेतु आर्थिक अनुदान अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5 करोड़ 75 लाख का प्रावधान किया गया है। इसी तरह छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद अंतर्गत संचालित आदिवासी एवं लोक कला अकादमी के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में वृद्धि करते हुए 2 करोड़ 20 लाख रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है।विभाग के द्वारा संपादित उत्खन्न सर्वेक्षण कार्यों का प्रतिवेदन, शोध-संगोष्ठी एवं शोध पत्रिका तथा पांडुलिपि प्रकाशन आदि के लिए 45 लाख रूपए और प्राचीन शिल्पों के प्रतिकृति निर्माण के लिए 16 लाख 80 हजार रूपए के बजट का प्रावधान किया गया है। इसी तरह प्राचीन धरोहरों के संरक्षण के लिए 4 करोड़ 60 लाख रूपए, पुरखौती मुक्तांगन संग्रहालय विकास के लिए 7 करोड़ 80 लाख, प्राचीन स्थलों के संरक्षण उत्खनन के लिए 1 करोड़ 20 लाख तथा शोध संगोष्ठी एवं प्रदर्शन के आयोजन के लिए 75 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभागधर्मस्व मंत्री श्री अग्रवाल ने बताया कि धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के लिए वर्ष 2026-27 में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत राज्य के मंदिरों और धार्मिक स्थलों के जीर्णाेद्धार, धर्मशालाओं के निर्माण तथा श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ, गिरौदपुरी मेला, बस्तर दशहरा, जशपुर दशहरा, डोंगरगढ़ में चैत्र एवं क्वांर नवरात्रि मेला जैसे प्रमुख धार्मिक आयोजनों के लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है, जिससे इन आयोजनों की गरिमा और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा सके।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए कैलाश मानसरोवर यात्रा और सिंधु दर्शन यात्रा के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है, जिससे छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक श्रद्धालु इन पवित्र स्थलों की यात्राओं में शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक आस्था छत्तीसगढ़ की पहचान के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इन क्षेत्रों के समग्र विकास से न केवल राज्य की गौरवशाली विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी सृजित होंगे। विधानसभा में अनुदान मांगों के पारित होने के साथ ही इन विभागों की योजनाओं को आगामी वित्तीय वर्ष में और गति मिलेगी।
- रायपुर / बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत त्रिपुरी के सरना टोली क्षेत्र में मुखबिर के द्वारा अफीम की संभावित खेती की सूचना प्राप्त होने पर कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा के निर्देश एवं पुलिस अधीक्षक श्री बैंकर वैभव के मार्गदर्शन में प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तत्काल मौके पर पहुंची। जांच के दौरान प्रथम दृष्टिया पाया गया कि लगभग 2 एकड़ से अधिक की भूमि पर अफीम की अवैध खेती की जा रही थी। टीम के द्वारा संबंधित क्षेत्र को अभिरक्षा में लेकर आवश्यक जांच प्रारंभ की गई। साथ ही संबंधित एजेन्सी को सूचना दी गई है, प्रशासनिक टीम भी मौके पर मौजूद है। शाम होने के कारण कल सुबह वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशासन द्वारा क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाते हुए पुलिस की रात्रिकालीन निगरानी भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जा सके। जिला प्रशासन द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए एनडीपीएस एक्ट तथा एसएसएल की टीम, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम की उपस्थिति में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- -किसानों और गरीबों की खाद्य सुरक्षा पर सरकार का जोर-धान खरीदी में पारदर्शिता और किसानों को 72 घंटे में भुगतान : खाद्य मंत्री-73 लाख राशन कार्डधारियों को मुफ्त चावल, चना-गुड़ और नमक योजनाओं पर जोर-किसानों को 33 हजार करोड़ का भुगतान, खाद्य सुरक्षा योजनाओं का विस्तार-नई राशन दुकानों और भंडारण क्षमता बढ़ाने पर सरकार का बड़ा कदमरायपुर / छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल के विभागों से संबंधित वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6216 करोड़ 73 लाख 82 हजार रूपए की अनुदान मांगें सर्वसम्मति से पारित किया गया है। मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने अपने विभागीय बजट भाषण में विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, गरीब परिवारों और उपभोक्ताओं की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।मंत्री ने बताया कि खरीफ वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से समर्थन मूल्य पर 141 लाख 04 हजार 365 टन धान की खरीदी की गई, जिसकी कुल कीमत लगभग 33 हजार 431 करोड़ रुपये रही। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।धान खरीदी प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शी बनाने के लिए इस वर्ष किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराया गया और राज्य के 2,740 धान खरीदी केंद्रों में बायोमेट्रिक उपकरण स्थापित किए गए, इसके माध्यम से किसानों के बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही धान की खरीदी की गई।मंत्री श्री बघेल ने बताया कि किसानों को भुगतान की व्यवस्था भी बेहतर बनाई गई है। अधिकांश किसानों को धान बेचने के 72 घंटे के भीतर उनके बैंक खातों में भुगतान कर दिया गया, जिससे करीब 33 हजार करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों तक पहुंची। धान खरीदी केंद्रों में टोकन व्यवस्था में सुधार करते हुए इस वर्ष 25 लाख से अधिक किसानों को 29 लाख से अधिक टोकन जारी किए गए। इससे किसानों को अपने धान को सुगमता से बेचने में मदद मिली और खरीदी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित बनी।खाद्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में खरीदे गए धान का कस्टम मिलिंग के माध्यम से तेजी से निराकरण किया जा रहा है। 9 मार्च 2026 तक 141 लाख टन धान में से 92 लाख 72 हजार टन यानी लगभग 66 प्रतिशत धान का उठाव कस्टम मिलिंग के लिए किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राज्य के 73 लाख 97 हजार अंत्योदय एवं प्राथमिकता राशन कार्डधारियों को दिसंबर 2028 तक निःशुल्क चावल उपलब्ध कराया जाएगा। वर्ष 2025-26 में इसके लिए 11,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत 5,000 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्राथमिकता वाले राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न के साथ आयोडीन युक्त नमक, चना और गुड़ भी उपलब्ध कराया जा रहा है। अनुसूचित क्षेत्रों में नमक वितरण, 85 विकासखंडों में 5 रुपये प्रति किलो की दर से चना वितरण और बस्तर संभाग में रियायती दर पर गुड़ वितरण की योजनाएं संचालित हैं।सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से अंत्योदय एवं प्राथमिकता वाले राशनकार्डधारी परिवारों में आयोडीन की कमी दूर करने के लिए अनुसूचित क्षेत्रों में 02 किलो प्रति एवं गैर अनुसूचित क्षेत्रों में 01 किलो प्रति राशनकार्ड प्रतिमाह निःशुल्क नमक वितरण किया जा रहा है। वर्तमान में 73.62 लाख राशनकार्डधारी परिवारों को योजना का लाभ मिल रहा है। इसके लिए रिफाईन्ड आयोडाईज्ड नमक वितरण हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 में उपरोक्त योजना के लिये 150 करोड रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है।मंत्री श्री बघेल ने बताया कि राज्य के 85 अनुसूचित विकासखण्ड एवं 09 माडा क्षेत्र के 31.32 लाख प्राथमिकता एवं अंत्योदय कार्डधारियों को मात्र 5 रूपए किलो की दर पर 2 किलो चना वितरण किया जा रहा है। चना वितरण योजना के लिये वित्तीय वर्ष 2026-27 में 450 करोड रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है।इसी तरह बस्तर संभाग के निवासियों में आयरन की कमी दूर करने के लिए संभाग के 7.75 लाख अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह रियायती दर पर 02 किलो गुड़ वितरण किया जा रहा है। गुड़ योजना के लिये वित्तीय वर्ष 2026-27 में 75 करोड़ रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है।राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए इस वर्ष 181 नई उचित मूल्य दुकानों की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही 3 लाख 32 हजार नए राशन कार्ड जारी किए गए और 6 लाख 57 हजार नए सदस्यों के नाम राशन कार्ड में जोड़े गए हैं।खाद्य मंत्री ने बताया कि खाद्यान्न भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य भंडारगृह निगम की 139 शाखाओं के माध्यम से फरवरी 2026 की स्थिति में 25 लाख 31 हजार मीट्रिक टन भंडारण क्षमता उपलब्ध है। 01 लाख 17 हजार मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण किया जा रहा है। गोदाम निर्माण के अतिरिक्त निगम में 210 इलेक्ट्रानिक धर्मकांटा की स्थापना की गई है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में नाबार्ड सहायता से गोदाम निर्माण हेतु 180 करोड़ रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है। साथ ही उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ई-दाखिल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था की गई है, जिससे उपभोक्ता संरक्षण को और मजबूत बनाया जा रहा है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर आमजन को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एलपीजी के साथ ही पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रसोई गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को गैस एजेंसियों के स्टॉक की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आपूर्ति व्यवस्था पर सतत नजर रखने को कहा गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि कहीं कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता के अनुसार ही रसोई गैस की बुकिंग करें। उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज यहाँ विधानसभा भवन स्थित उनके कार्यालय में जगदलपुर के महापौर श्री संजय पाण्डेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।प्रतिनिधिमंडल ने इंद्रावती नदी पर नए बैराज निर्माण की स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस नए बैराज के माध्यम से जगदलपुर शहर में पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से हो पाएगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर में कई महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। क्षेत्र में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और धीरे-धीरे शांति स्थापित हो रही है, जिससे विकास कार्यों को गति मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी दिशा में मटनार और देऊरगांव सिंचाई परियोजनाओं को भी सहमति दी गई है। उन्होंने बताया कि पानी के कम अपव्यय और किसानों तक बेहतर ढंग से पानी पहुंचाने के लिए सरकार पाइपलाइन के माध्यम से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की योजना पर भी कार्य कर रही है।उल्लेखनीय है कि बजट में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से इंद्रावती नदी के महादेव घाट पर बैराज निर्माण की घोषणा की गई है। इस बैराज के निर्माण से जगदलपुर शहर को पेयजल की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।इस अवसर पर नगर निगम के सभापति श्री खेम सिंह देवांगन, श्री निर्मल पाणिग्रही, श्री सुरेश गुप्ता, श्री योगेन्द्र पाण्डेय, श्री राणा घोष सहित प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य उपस्थित थे।





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