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- -मलेशिया सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों की दो दिवसीय नेचर हीलिंग कैंप में रही उत्साही भागीदारी-प्रेम और सहयोग की भाषा ने विदेश से आए सैलानियों के लिए तैयार की राह, स्थानीय संस्कृति में ढले सैलानीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को पर्यटन के नजरिए से बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले को स्थानीय प्रशासन और पर्यटन समितियों की मेहनत से पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान लगातार बढ़ रही है। बनमनई इको फाउंडेशन और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय नेचर हीलिंग कैंप में मलेशिया सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने बड़े ही उत्साह से भाग लिया। मलेशिया से चार विदेशी मेहमान इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे थे। इनके साथ ही बिहार से फिल्म निर्माता आर्यन चंद्रप्रकाश, वरिष्ठ पत्रकार विभाष झा, डॉ अरविंद गुप्ता बंगलौर, ए के सिंह (सेवानिवृत्त प्रबंधक, कोल इंडिया), इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय और अमलाई के शोधार्थी सहित 20 अन्य प्रतिभागी कैंप में शामिल हुए।कार्यक्रम में पर्यावरणविद् श्री संजय पयासी ने जिले के दो प्रमुख जलप्रपात लक्ष्मणधारा और झोझा जल प्राप्त की ट्रैकिंग कराई। मलेशियाई मेहमानों का पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन पहुंचे पर आत्मीय स्वागत किया गया। स्थानीय लोग उत्साह से भर उठे। सभी ने उनके साथ फोटो खिंचवाई। स्थानीय लोगों के इस उत्साह से विदेशी अतिथि अत्यंत प्रसन्न और प्रभावित हुए। उन्हें पेंड्रा की हरी सब्जियां, चरवाहों की बाँस की टोपी, और लक्ष्मणधारा की ऑफ-रोड राइडिंग ने उन्हें एक अनोखा अनुभव दिया।लक्ष्मणधारा पर्यटन समिति द्वारा परोसे गए पकौड़े और लेमन जिंजर चाय का उन्होंने भरपूर आनंद लिया। इतने सुदूर क्षेत्र में भी पर्यटन समिति के उत्कृष्ट प्रबंधन ने सभी पर्यटकों को आश्चर्यचकित कर दिया। अरपा नदी पर स्थित लक्ष्मणधारा जलप्रपात अपने पूरे शबाब पर था। पानी की उड़ती बूंदों में छनकर आती सूर्य किरणें सुंदर इंद्रधनुष रच रही थीं। यही पर्यटन का आकर्षण है, जहां अलग-अलग भाषा, देश, परिवेश और संस्कृति के लोग अपने-अपने रंग लिए मिलते हैं।शाम को पर्यटक लमना होमस्टे पहुंचे, जहां ग्रामीण महिलाओं ने तिलक लगाकर पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। गांव वालों का प्रेम और सम्मान “अतिथि देवो भव” की परंपरा को सजीव कर रहा था। रात्रि में प्रस्तुत गौरा-गौरी का स्थानीय लोकनृत्य सभी को थिरकने पर मजबूर कर गया। लोक नृत्य और गायन, जो ग्रामीणों के पारंपरिक मनोरंजन के साधन हैं, ने अपनी अभिव्यक्ति से ऐसा अद्भुत दृश्य रचा जो स्थानीय सीमा से निकलकर वैश्विक हो गया। यही सांस्कृतिक आदान-प्रदान लमना गांव के सामुदायिक पर्यटन का आदर्श मॉडल है, जो न केवल आर्थिक रूप से ग्रामीणों को सशक्त कर रहा है, बल्कि सांस्कृतिक और बौद्धिक दृष्टि से भी उन्हें समृद्ध बना रहा है।शिविर के दूसरे दिन सुबह मलेशिया से आई पर्यटक एलिस ने ग्रामीण महिलाओं के सहयोग से बड़ी दिलचस्पी के साथ नाश्ता तैयार किया। ग्रामीणजन उनकी भाषा नहीं समझते थे लेकिन प्रेम और सहयोग के लिए भाषा बाधा नहीं बनी। ग्रामीण महिलाएं अपने गांव से बाहर निकले बिना ही दूसरे देश की संस्कृति और खानपान से परिचित हुई। पर्यटकों ने झोझा जलप्रपात की ट्रैकिंग की, यहां लगभग 350 फीट नीचे गिरता प्राकृतिक जलप्रपात अत्यंत ही सुंदर और दुर्गम है। जिला प्रशासन ने यहां तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का निर्माण कराया है, जिससे रास्ता आसान हो गया। यह निर्माण शासन की प्रतिबद्धता उत्कृष्ट उदाहरण है, जो इस क्षेत्र के पर्यटन को और सुलभ बनाता है।
- बालोद। जिला प्रशासन द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं नागरिकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला आबकारी अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे जिले की सभी मदिरा दुकानों के आहातों में ऐसे संदेश प्रदर्शित कराएं, जिनमें दोपहिया वाहनों से शराब क्रय करने आने वाले नागरिकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित किया जाए।यह पहल पूर्णतः जनहित में है और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिक हेलमेट जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण का नियमित उपयोग करें, ताकि सड़क दुर्घटना की स्थिति में संभावित गंभीर चोटों, विशेषकर सिर में लगने वाली चोटों से बचाव हो सके।यह स्पष्ट किया जाता है कि "हेलमेट नहीं तो शराब नहीं" जैसी कोई बाध्यता जिला प्रशासन द्वारा लागू नहीं की गई है। इस विषय में कोई आदेश भी पारित नहीं किया गया है। यह केवल जनजागरूकता बढ़ाने की एक पहल है, जिससे नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी विकसित हो। जिला प्रशासन बालोद सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें।
- -कलेक्टर द्वारा चलाए जा रहे हेलमेट जागरूकता अभियान से प्रभावित दो बहनों ने मिलकर अपने भाई को उपहार के रूप में प्रदान किया हेलमेटबालोद। रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार पूरे जिले भर में उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान बहनों ने भाइयों की कलाई पर स्नेह रूपी राखियां बांधकर कलाई सजाई और दीर्घायु जीवन की कामना की, तो भाइयों ने उनकी रक्षा का संकल्प लिया। इस मौके पर बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम परसवानी में राखी बांधने के लिए अपने भाई विनोद यादव के घर पहुंची दो बहने ग्राम बटेरा की ममता यादव और ग्राम जगन्नाथपुर की माधुरी यादव ने यातायात नियमों के प्रति जागरूकता दिखाते हुए एक विशेष पहल की। उन्होंने अपने भाई की कलाई पर राखी सजाने के साथ उनके सिर पर हेलमेट भी सजाया। उन्हें रक्षाबंधन पर उनकी रक्षा के लिए उपहार स्वरूप हेलमेट प्रदान किया। यह पहल उन्होंने हाल ही में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा द्वारा चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा हेतु दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के अभियान से प्रेरित होकर किया गया। दोनों बहनों ने बताया कि हेलमेट पहनना बहुत जरूरी है। आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं में हेलमेट न पहनने से सिर पर गंभीर चोट लगने से जान जाने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। इसलिए उन्होंने सोचा कि क्यों ना अपने भाई की दीर्घायु के लिए हम कामना करते हैं तो इस कामना को सार्थक करते हुए एक पहल करें और कलेक्टर के अभियान से प्रेरित होकर राखी बांधने के साथ भाई को एक हेलमेट प्रदान किया गया । उनके भाई ने बहनों की पहल पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि विगत दिनों एक सड़क हादसे में घायल हो गए थे। जिससे उनका सिर फटा था। आंख चोटिल होने से बाल बाल बचा। उस समय वे हेलमेट नहीं पहने थे। उस दिन उन्हें एहसास हुआ कि हेलमेट पहनना कितना जरूरी है। उनकी बहनों ने उन्हें जागरुक करते हुए उनकी सुरक्षा के नाते हेलमेट गिफ्ट किया है। जिस पर उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनने से जान बच सकती है। जो गलती मैंने की है, बिना हेलमेट के गाड़ी चलाने और फिर हादसे का शिकार होने की, वह गलती कोई और ना करें। उन्होंने कलेक्टर द्वारा चलाए जा रहे हेलमेट जागरूकता अभियान को सही बताते हुए वाहन चालकों को हेलमेट पहनकर ही चलने की अपील की है।
- रायपुर ।भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष विभिन्न क्षेत्रों में पद्म पुरस्कार प्रदान किया जाता है। जिसके अंतर्गत पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त 2025 तक भारत सरकार के पोर्टलhttps://awards.gov.in/ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।उल्लेखनीय है कि पद्म पुरस्कार अर्थात् पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री, देश के सर्वाेच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं। सन् 1954 में स्थापित इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। यह पुरस्कार कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, लोक मामले, सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग आदि सभी क्षेत्रों, विषयों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों, सेवाओं के लिए दिया जाता है।
- - 11 अगस्त को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्लेम का होगा पात्र बीमित किसानों के खाते में सीधे अंतरणरायपुर । भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के एक लाख 41 हजार 879 पात्र बीमित किसानों को कुल 152 करोड़ 84 लाख 62 हजार रुपये का दावा राशि का भुगतान राष्ट्रव्यापी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से किया जाएगा। जिसमें खरीफ सीजन 2024 के 33 हजार 943 पात्र किसानों को 10 करोड़ 25 लाख 97 हजार रुपये तथा रबी सीजन 2024-25 के एक लाख 7 हजार 936 पात्र किसानों को 142 करोड़ 58 लाख 65 हजार रुपये का दावा भुगतान शामिल है।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत यह भुगतान 11 अगस्त 2025 (सोमवार) को राष्ट्रव्यापी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण आधारित स्वचालित प्रणाली के माध्यम से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में राजस्थान के झुंझुनू में आयोजित कार्यक्रम में होगी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा होंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री भागीरथ चौधरी, राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीेलाल मीना विशिष्ट अतिथि होंगे।यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से आरंभ होगा। छत्तीसगढ़ के पात्र बीमित कृषकों को वर्चुअल मोड से कार्यक्रम में शामिल करने हेतु जिला स्तर पर कार्यालय उप संचालक कृषि तथा विकासखण्ड स्तर पर कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी कृषक इसका हिस्सा बन सकें।मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन ने इस अवसर पर कहा कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसे प्रभावी कार्यक्रम किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं फसल हानि से उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह दावा भुगतान हमारे कृषकों के विश्वास और आत्मनिर्भरता को और मजबूत करेगा। हमारी सरकार खेती को लाभकारी बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक तकनीक के प्रसार और फसल विविधीकरण के माध्यम से प्रदेश की कृषि को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्पित है।
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राजनांदगांव । राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (एनएपीएस) अंतर्गत शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था राजनांदगांव में 11 अगस्त 2025 को सुबह 9 बजे से अप्रेंटिसशिप मेला का आयोजन किया गया है। अप्रेंटिसशिप मेला में विभिन्न प्रतिष्ठानों को अप्रेंटिसशिप एवं प्लेसमेंट हेतु आमंत्रित किया गया है। शासकीय एवं निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं से आईटीआई उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी अपने समस्त शैक्षणिक तथा आवश्यक प्रमाण पत्र के साथ अप्रेंटिसशिप मेला में शामिल हो सकते है।
- -अंदरूनी इलाकों में सड़क और भवन निर्माण कार्य समय पर पूरे करने के निर्देशरायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन और संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की सुदृढ़ रणनीति और सुरक्षा बलों की निरंतर कार्रवाई के चलते नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और इसके खात्मे के लिए समाज के हर वर्ग का सक्रिय सहयोग आवश्यक है। उक्त बातें उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा अपने सुकमा प्रवास के दौरान समीक्षा बैठक में कही।सुकमा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस अहम समीक्षा बैठक में व्यापारी संगठन, सड़क और खदान निर्माण से जुड़े संघटन, सर्व आदिवासी समाज, जनजाति सुरक्षा मंच, अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र के मोबाइल और मेडिकल दुकान संचालक, वनवासी कल्याण समिति तथा विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में जिले के विकास, सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल उन्मूलन के लिए उठाए जा रहे कदमों की विस्तार से समीक्षा की गई।बैठक को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सुकमा की जनता अब विकास की राह पर आगे बढ़ रही है और गुमराह करने वाले तत्वों का प्रभाव खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अंदरूनी इलाकों में विकास कार्यों में जनसहभागिता बढ़ रही है, वह इस बात का संकेत है कि जल्द ही शांति, सुरक्षा और विश्वास के साथ विकास की गति और तेज होगी तथा सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण कार्यों को अधिक संसाधनों के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और गुणवत्ता पर कोई समझौता न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन क्षेत्रों में कार्य करने वालों को सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और पुलिस विभाग निभाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय युवाओं को इन निर्माण कार्यों में प्राथमिकता दी जाए, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर मिलें और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। उन्होंने अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने, रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ पर सख्ती से नियंत्रण करने के भी निर्देश दिए।बैठक में जिले के प्रभारी मंत्री एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सुकमा जिले में लघु वनोपज की अपार संभावनाएं हैं और इनके प्रसंस्करण से स्थानीय लोगों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। उन्होंने स्व सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए लघु और कुटीर उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने, युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए तैयार करने और निर्माण कार्यों के टेंडर में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। श्री कश्यप ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक बस्तर संभाग से नक्सलवाद का जड़ से उन्मूलन करने के लिए सभी को अपने मन में दृढ़ संकल्प के साथ काम करना होगा और शासन की योजनाओं को अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करना होगा।इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे, जिला पंचायत सदस्य श्री हुंगाराम मरकाम, श्री कोरसा सन्नू, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह, बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह, आईजी बस्तर श्री सुन्दरराज पी., डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, एसपी श्री किरण गंगाराम चव्हाण, डीएफओ श्री अक्षय कुमार भोंसले, अतिरिक्त कलेक्टर श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर, जिला पंचायत के सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर सहित वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।बैठक में उपस्थित विभिन्न वर्गों और संगठनों ने नक्सलवाद के उन्मूलन और जिले के सर्वांगीण विकास के लिए अपने-अपने सुझाव और समर्थन प्रस्तुत किए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह सामूहिक प्रयास ही सुकमा को नक्सलवाद मुक्त, सुरक्षित और समृद्ध बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।
- -अबुझमाड़ के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धरायपुर। नारायणपुर जिले में नक्सल उन्मूलन और विकास कार्यों की प्रगति को लेकर आज जिला पंचायत सभाकक्ष में एक अहम बैठक हुई, जिसमें प्रदेश के गृह एवं जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नेतृत्व किया। बैठक में जिले के विभिन्न वर्गों समाज प्रमुखों, व्यापारी संगठनों, चेंबर ऑफ कॉमर्स, ठेकेदारों, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स, जनप्रतिनिधियों और बैंक अधिकारियोंने एक साथ बैठकर नक्सलवाद के उन्मूलन और सर्वांगीण विकास पर विचार-विमर्श किया।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने का स्पष्ट लक्ष्य तय किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और इसके पूर्ण खात्मे के लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। श्री शर्मा ने विश्वास जताया कि जिले की जनता अब विकास की राह पर अग्रसर है और गुमराह करने वाले तत्वों का प्रभाव लगातार घट रहा है। उन्होंने कहा कि अंदरूनी इलाकों में सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए, इसके लिए ठेकेदार आपसी समन्वय से काम करें। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देते हुए इन परियोजनाओं में जोड़ा जाए ताकि उन्हें रोजगार मिले और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। उपमुख्यमंत्री ने साफ किया कि इन क्षेत्रों में कार्य करने वालों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह राज्य सरकार और पुलिस विभाग की होगी। उन्होंने अवैध धर्मांतरण और विदेशी-बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ पर कड़ी रोक लगाने के भी निर्देश दिए।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि विकास कार्यों में बढ़ रही जनसहभागिता इस बात का संकेत है कि अबुझमाड़ में जल्द ही शांति, सुरक्षा और विश्वास के साथ विकास की गति तेज होगी। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी वर्गों के प्रतिनिधियों से जिले के विकास और नक्सल उन्मूलन के लिए सहयोग और सुझाव देने की अपील की।बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी संबोधित करते हुए कहा कि जिले में लघु वनोपज की अपार संभावनाएं हैं और इनके प्रसंस्करण से स्थानीय लोगों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अंत में उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सामूहिक प्रयास ही नारायणपुर को नक्सलवाद मुक्त, सुरक्षित और समृद्ध बनाएंगे।
- --महासमुंद की दिव्या भारतीय बास्केटबॉल टीम के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में शामिलमहासमुंद । FIBA अंडर 16 एशियन वूमेंस चैंपियनशिप 2025 का आयोजन मलेशिया में 14 से 20 सितम्बर 2025 तक आयोजित किया जाना है। जिसके लिए बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 10 अगस्त से 12 सितंबर 2025 तक नेशनल स्पोर्ट्स सेंटर चेन्नई में आयोजित किया गया है। जिसमें भारतीय अंडर 16 महिला राष्ट्रीय बास्केटबॉल टीम शामिल होगी। छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल एसोसिएशन द्वारा छत्तीसगढ़ से एकमात्र बास्केटबॉल खिलाड़ी महासमुंद जिले की दिव्या रंगारी पिता विनोद रंगारी शामिल होने आज चेन्नई के लिए रवाना हुई। एशिया कप SABA क्वालिफायर चैंपियनशिप मालदीप में दिव्या ने स्वर्ण पदक जीता - साऊथ एशियन जोन की टीम का चयन हेतु अंडर 16 एशिया कप SABA क्वालिफायर बास्केटबॉल चैंपियनशिप का आयोजन 12 से 15 जून 2025 तक मालदीप में आयोजित किया गया था जिसमें भारतीय टीम ने बेहतर प्रदर्शन करने के साथ चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता एवं एशियन चैंपियनशिप मलेशिया के लिए क्वालीफाई किया था। भारतीय टीम में महासमुंद छत्तीसगढ़ से दिव्या रंगारी ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया। दिव्या रंगारी मिनी स्टेडियम महासमुंद में नियमित अभ्यास करते हुए राष्ट्रीय चैंपियनशिप में शामिल होने के साथ ही इंडिया टीम में जगह बनाने में सफल रहीं हैं। भारतीय टीम का राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर होने के पश्चात् भारतीय टीम FIBA अंडर 16 एशियन वूमेंस चैंपियनशिप 2025 मलेशिया में दिनांक 14 से 20 सितम्बर तक आयोजित किया जाएगा जिसमें भारतीय टीम साऊथ एशियन जोन की टीम से शामिल होगी। इससे पहले दिव्या ने 48 वीं सब जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप अगस्त 2023 पांडिचेरी में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम से खेलते हुए स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही हैं जिसमें दिव्या ने अच्छा प्रदर्शन किया था। महासमुंद जिले में बास्केटबॉल खेल का अभ्यास प्रतिदिन स्थानीय मिनी स्टेडियम महासमुंद में किया जाता हैं जिसमें आसपास क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्र के बच्चे शामिल होते हैं। जिले के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में भागीदारी करने के साथ ही पदक जीतने में सफल रहे हैं। जिले से बास्केटबॉल खेल में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ी आशीष शर्मा, आदित्य पटेल, आयुष कन्नौजिया, प्रीतम कन्नौजे, समीर कोसरे, शशांक चतुर्वेदी, हिमांशु सिंह, सिद्धार्थ चंद्राकर, अभिषेक अंबिलकर, ओजस्वी चंद्राकर, योजना रंगारी, स्वाति, निधि राजपूत, श्रेया घोष, राइमा दास आदि ने भागीदारी की है। भारतीय बास्केटबॉल टीम में छत्तीसगढ़ से महासमुंद जिले से दिव्या रंगारी के FIBA अंडर 16 एशियन वूमेंस चैंपियनशिप 2025 के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने पर छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ के विभिन्न पदाधिकारी राजीव जैन अध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ, चेयरमैन विजय अग्रवाल, नरेश डाकलिया कार्यकारी अध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ, राजीव चौबे, सजी थॉमस छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ कोषाध्यक्ष, आर.एस गौर अन्तर्राष्ट्रीय कोच, जे वेणु, एन के बंछोर, परविंदर सिंह, साहीराम जाखड़, जसवंत सिंह खालसा, सरजीत चक्रवर्ती, धीरज गोयल, रवि भगत, राजेंद्र यादव, विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिंहा, जिलाध्यक्ष येतराम साहू, उपाध्यक्ष आनंद साहू, डॉ. रश्मि चंद्राकर, नगर पालिका अध्यक्ष निखिल साहू, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, सीईओ रमेश नंदनवार, जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरें, नुरेन चंद्राकर अध्यक्ष जिला बास्केटबॉल संघ महासमुंद, गौरव चंद्राकर चेयरमैन जिला बास्केटबॉल संघ महासमुंद, शुभम तिवारी सचिव जिला बास्केटबॉल संघ महासमुंद, मनीष श्रीवास्तव, बादल मक्कड़, संतोष कुमार सोनी, खेल अधिकारी खेल एवं युवा कल्याण मनोज धृतलहरे, किरण महाडीक, पिता विनोद रंगारी, माता सपना रंगारी, सुभाष मंडल, विवेक मंडल, अभिषेक अंबिलकर, कुलेश्वर चंद्राकर, निखिल चंद्राकर, विकास सोनी, पुरन साहू, आकाश सोनी, योजना रंगारी, तारणी साहू, सौम्या, श्रेया घोष, राइमा दास ने शुभकामनाएं दीं।
- रायपुर। प्रदेश के गृह एवं जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज नारायणपुर प्रवास के दौरान नक्सल पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित नक्सलियों से सीधा संवाद किया। इस मौके पर संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप भी मौजूद रहे।रक्षाबंधन के मौके पर पुनर्वास केंद्र की आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों ने उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा को राखी बांधी और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। श्री शर्मा ने सभी बहनों के मंगलमय जीवन की कामना करते हुए कहा कि जो भाई-बहन नक्सल संगठन छोड़कर मुख्यधारा में आ गए हैं, वे अब हमारे परिवार का हिस्सा हैं। अगर कोई और भी लौटना चाहे, तो पूरा समाज उसे अपनाएगा और उसकी सुरक्षा व आजीविका की जिम्मेदारी हमारी होगी।आत्मसमर्पित नक्सलियों ने शासन की पुनर्वास नीति की खुलकर सराहना की और बताया कि पहले उनका जीवन भटका हुआ और हिंसा से भरा था, लेकिन अब कौशल विकास प्रशिक्षण पाकर वे आत्मनिर्भर बन रहे हैं और लोकतांत्रिक जीवन जी रहे हैं। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को निर्देश दिए कि पुनर्वास केंद्र की दिनचर्या में खेलकूद, मनोरंजन, देशभक्ति फिल्में और साक्षरता कार्यक्रम शामिल किए जाएं, साथ ही एक्सपोज़र विजिट के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को रायपुर और जगदलपुर जैसे शहरों का भ्रमण कराया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका आत्मविश्वास बढ़ाने और आमदनी के स्थायी साधन उपलब्ध कराने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, सरपंच छोटेडोंगर संध्या पवार, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भीम सिंह, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बस्तर सुंदरराज पी., कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, वनमंडलाधिकारी ससिगानंदन के., एसडीएम अभयजीत मंडावी सहित जिला स्तरीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण किया गया है। कलेक्टर ने सभी सहकारी समितियों एवं निजी दुकानों में पॉस मशीन के माध्यम से विक्रय करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निजी दुकानों में अवैध भण्डारण पाए जाने पर जब्ती की कार्रवाई करने सख्त निर्देश दिए है। अधिकारियों द्वारा लगातार खाद की उपलब्धता एवं वितरण पर निगरानी रखी जा रही है।उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने जानकारी दी कि जिले की सभी कृषक सहकारी समितियों एवं निजी दुकानों से खाद प्राप्त कर सकते हैं। 1 अप्रैल से 8 अगस्त की स्थिति में जिले के सहकारी समितियों एवं निजी दुकानों में कुल 83 हजार 529 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है, जिसमें से 68 हजार 377 टन खाद का वितरण किया जा चुका है। अब तक भंडारित खाद में सहकारी समितियों एवं निजी दुकानों में यूरिया 43 हजार 72 टन, सुपर फॉस्फेट 20 हजार 360 टन, पोटाश 3 हजार 470, डी.ए.पी. 9 हजार 224 एवं एन.पी.के 7 हजार 403 टन भंडारित किया गया है। वर्तमान में 15 हजार 152 टन खाद विक्रय हेतु शेष है। जिसमें यूरिया 6 हजार 243 टन, सुपर फॉस्फेट 4 हजार 828, पोटाश 769, डी.ए.पी. एक हजार 293 एवं 2 हजार 19 टन एन.पी.के खाद उपलब्ध है, जिसका समितियों द्वारा किसानों को विक्रय किया जा रहा हैउप संचालक कृषि श्री कश्यप ने बताया कि जिले में 2000 टन यूरिया खाद का नया रैक पहुंचा है। आई नई खेप को सभी विकासखंडों में वितरित किया गया है। जिसमें महासमुंद में 300 टन, बागबाहरा में 450 टन, बसना में 600 टन, पिथौरा में 250 टन एवं सराईपाली में 400 टन शामिल है। उन्होंने बताया कि किसानों की बढ़ती मांग को देखते हुए समय पर खाद की आपूर्ति प्राथमिकता पर की जा रही है, ताकि फसलों की वृद्धि और उत्पादन प्रभावित न हो।
- -जशपुर जिले में 3 नए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंकों का लोकार्पण-ग्राम आरा, कुडे़केला और छिछली में शुरू हुई नई बैंक शाखाएं-23 ग्राम पंचायतों एवं 48 आश्रित ग्रामों के लगभग 44 हज़ार लोगों को मिलेगा लाभरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य और जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है, ताकि किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को वित्तीय सेवाएं उनके ही गाँव में सुलभ हों। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाएं न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति देती हैं, बल्कि शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का भी आधार बनती हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर जिले के बगिया ग्राम में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से जशपुर विकासखंड के ग्राम आरा, पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम कुडे़केला (घरजियाबथान) और बगीचा विकासखंड के ग्राम छिछली में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की नई शाखाओं का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के 12वें वार्षिक प्रतिवेदन का भी विमोचन किया।44 हज़ार से अधिक ग्रामीण होंगे लाभान्वितमुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यकम को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि जशपुर जिले में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन नई शाखाओं के शुरू होने से 23 ग्राम पंचायतों और 48 आश्रित ग्रामों के लगभग 44 हज़ार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब ग्रामीणों को बैंकिंग कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और धन की बचत होगी।अटल डिजिटल सुविधा केंद्र से ग्रामीणों को मिलेगी वित्तीय सेवाएंमुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि जशपुर जिले की 268 पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र शुरू किए गए हैं, जिनके माध्यम से अब तक लगभग 15 करोड़ रुपये का लेन-देन हो चुका है। आगामी पंचायत दिवस तक जिले की सभी पंचायतों में ये सुविधा केंद्र प्रारंभ करने की योजना है। इन केंद्रों से ग्रामीणों को उनके गाँव में ही बैंकिंग, बीमा और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध होंगी।जशपुर जिले के ग्राम छिछली की सरपंच श्रीमती अनिमा मिंज, आरा के सरपंच श्री मनोज भगत और कुडे़केला के सरपंच श्रीमती शशिकांता पैंकरा ने कहा कि नई बैंक शाखाओं से अब उनके क्षेत्र के ग्रामीणों को सभी बैंकिंग सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।ग्राम पंचायत आरा से वर्चुअली जुड़ी विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि बैंक खुलने से हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ सीधे बैंक के माध्यम से हितग्राहियों को मिलेगा।ग्राम कुडे़केला से वर्चुअली जुड़ी विधायक श्रीमती गोमती साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जनधन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लोगों में वित्तीय जागरूकता बढ़ी है और अब 3 नए ग्रामीण बैंकों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में गति आएगी। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। इन 3 नई शाखाओं के खुलने से जिले में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की कुल शाखाओं की संख्या बढ़कर 30 हो गई है।कैंप कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत सदस्य श्री वेद प्रकाश भगत, श्री उपेन्द्र यादव, श्री सुनील गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के चेयरमैन श्री विनोद अरोड़ा सहित तीनों ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधिगण और ग्रामीण वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
- *सिंचाई के लिए 1.29 लाख एकड़ में पहुंचेगा पानी*बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर मुंगेली जिले के खुड़िया बांध (राजीव गांधी जलाशय) से सिंचाई के लिए तत्काल पानी छोड़ा गया है। इससे लोरमी क्षेत्र के एक लाख 29 हजार एकड़ खेतों में सिंचाई के लिए पानी पहुंचेगा। चालू खरीफ सीजन में क्षेत्र के खेतों में पानी की कमी की बात संज्ञान में आते ही उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोरमी में एक कार्यक्रम में मंच से ही कलेक्टर को सिंचाई के लिए पानी छोड़ने के निर्देश दिए थे। जिला प्रशासन ने इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए आज ही खुड़िया बांध के गेट खोल दिए हैं। बांध से पानी छोड़े जाने से किसानों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने इसके लिए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के प्रति आभार जताया है।मुंगेली के कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने जल वितरण व्यवस्था की निगरानी और किसानों तक समय पर पानी पहुंचाने के लिए जल संसाधन एवं अन्य संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलों के किसानों को बिना किसी बाधा के सिंचाई जल उपलब्ध हो, इसकी सतत निगरानी करने को कहा है। जल संसाधन विभाग, मुंगेली के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि खुड़िया जलाशय में अभी 150.68 मि.घ.मी. अर्थात 102 प्रतिशत पानी भरा हुआ है और वेस्ट वियर के माध्यम से भी पानी निकल रहा है। पानी छोड़ने से सिंचाई के साथ ही ग्रामीणों को निस्तारी के लिए जल की सुविधा मिलेगी। इससे पशुपालन और अन्य कार्यों में भी राहत मिलेगी।
- कलेक्टर ने की शहरवासियों से अधिकाधिक सहभागिता की अपीलबिलासपुर/प्रत्येक वर्ष की भांति जिला प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 14 अगस्त को सुबह 7.30 बजे से स्वतंत्रता दौड़ का आयोजन किया गया है। मैराथन दौड़ नेहरू चौक से शुरू होकर देवकीनंदन चौक, कम्पनी गार्डन, राघवेन्द्र राव सभा भवन, सदर बाजार, गोल बाजार मार्ग से पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभा भवन (लाल बहादुर शास्त्री विद्यालय परिसर) में संपन्न होगी। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने स्वतंत्रता दौड़ में शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।
- रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 2 के सहयोग से मिनीमाता की पुण्यतिथि 11 अगस्त 2025 को प्रातः 11 बजे राजधानी शहर रायपुर मे पुराना बस स्टेण्ड पंडरी में स्थित उनके प्रतिमा स्थल में उनका सादर नमन करने पुष्पांजलि आयोजन रखा गया है।पुष्पांजलि आयोजन हेतु रायपुर नगर पालिक निगम के सस्कृति विभाग की ओर से रायपुर नगर पालिक निगम जोन 2 जोन कमिश्नर को पुराना बस स्टैण्ड पंडरी में स्थित प्रतिमा स्थल पर और आसपास के क्षेत्र में आवश्यक साफ-सफाई, पुष्प, पुष्पमाला, फूलों की पंखुडियां आदि के साथ-साथ अन्य सामान्य यथोचित व्यवस्था करवाने निर्देशित किया गया है।
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टी सहदेव
भिलाई नगर। तालपुरी बी ब्लॉक में रविवार को रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में महानदी और इंद्रावती के बीच हुआ फर्स्ट लीग फुटबॉल मैच ड्रॉ हो गया। दोनों ही टीमों ने एक दूसरे के खिलाफ तीन-तीन गोल दागे। सभी गोल मैदानी रहे। मैच का परिणाम निर्धारित करने के लिए न तो अतिरिक्त समय दिया गया और न ही पैनल्टी शूट आउट दिया गया। श्री चतुर्भुज मेमोरियल के सहयोग से अंडर 13 बालक वर्ग के लिए हुए मैच में महानदी टीम पीली जर्सी में जबकि इंद्रावती टीम सफेद जर्सी में थी। संयोजक ओपी मिश्र ने बताया कि 15 अगस्त को सेकंड लीग मैच होगा और इसी दिन क्वालीफाई कर चुकी टीमें फाइनल में भिड़ेंगी।
इस रोमांचक मैच में महानदी के अथर्व गढ़ेवाल ने सभी तीन गोल दागे, वहीं इंद्रावती के कप्तान अंशुमान पाढ़ी, फजल तथा विनय कुमार ने एक-एक गोल बनाया। फर्स्ट हॉफ में इंद्रावती ने दो गोल बनाए, जबकि जवाब में महानदी सिर्फ एक ही गोल बना पाई। लेकिन महानदी ने सेकंड हॉफ में वापसी करते हुए दो गोल बनाकर अपना बदला ले लिया। उधर इंद्रावती इस हॉफ में अपनी बढ़त कायम नहीं रख पाई, उसे एक गोल बनाने में ही कामयाबी मिली। अंत तक दूसरा गोल बनाने के लिए वह तरस गई। दोनों टीमों के तीन-तीन गोल होने से मैच बराबरी पर छूटा।महानदी की ओर से यश प्रजापति की कप्तानी में मोक्ष वर्मा, अथर्व गढ़ेवाल, नीतकर्ष गोंडनाले, भानुप्रताप सिंह, काव्यांश वर्मा, आदित्य सिंह, आदि, आरव गजभे, नैतिक खरे तथा अनुराग ने अपना दमखम दिखाया, दूसरी ओर इंद्रावती की ओर से अंशुमान पाढ़ी की कप्तानी में विनय कुमार, अंश नवरंगे, अमन, ए विहान नायडु, केएस करण कुमार, सूरज, वेदार्थ पालवल्सा, रेयान सिंह, निमित रॉय तथा फजल ने मोर्चा संभाला। इंटरनेशनल फुटबॉल रेफरी आरडी साव की निगरानी में खेले गए इस मैच में संजीव दास रेफरी और अमल दास व महेश विश्वकर्मा ने लाइन मैन की भूमिका निभाई। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए एसोसिएशन के अध्यक्ष कुबेर देशमुख, नलिन नीरज, डॉ. अरुण साहू, हरीश बैतुले, जोगाराव, अश्वनी शुक्ला तथा आर एस कन्नोजिया मौजूद रहे। - -पर्यावरण समिति राजधानी के आउटर में एक और वृहद स्तर पर पौधारोपण करने की तैयारी मेंरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की पर्यावरण समिति ने दुर्ग जिले के ग्राम रुही में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया। समिति के सदस्यों ने महाराष्ट्र मंडल के ही आजीवन सभासद बूढ़ापारा निवासी मोघे परिवार के फार्म हाउस में नीम, करंज, कचनार, आंवला, पपीता, सीताफल समेत अनेक फलों व छायादार पौधों को रोपित किया।समिति के समन्वयक अभय भागवतकर ने बताया कि पौधारोपण से पहले तैयारी के रूप में कतारबद्ध गड्ढे किए गए थे। खाद और काली मिट्टी भी विशेष तौर पर मंगवाई गई थी। इसलिए सभी पौधे एक लाइन से सुव्यवस्थित रोपे गए। फार्म में चारों ओर बाउड्री वॉल है और वहां पौधों को नियमित पानी देने की व्यवस्था भी है। अत: पौधों को वृक्ष बनने में देर नहीं लगेगी। साथ ही पौधों को समुचित संरक्षण भी होगा।ग्राम रूही में मोघे परिवार के फार्म हाउस पौधारोपण के दौरान अर्चना मुकादम, अपर्णा मोघे, अर्चना मोघे, शशांक मोघे, समीर मोघे, पर्यावरण समिति के पुरुष प्रमुख़ वैभव बर्वे, गणेशा जाधव, दिनकर करकशे, पर्यावरण समिति महिला प्रमुख अनघा करकशे, उपप्रमुख़ अर्चना पराडकर सहित अनेक पदाधिकारियों व सभासदों ने अपनी सहभागिता निभाई।
- - हर आयु वर्ग के सभासदों ने पहले पौधों- वृक्षों को हल्दी- कुमकुम लगाकर व राखी बांधकर लिया सुरक्षा का संकल्परायपुर। महाराष्ट्र मंडल की पर्यावरण समिति के सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में सभासदों ने शनिवार, नौ अगस्त को सुबह रक्षाबंधन मनाने से पहले वृक्षाबंधन का दायित्व पूरी जिम्मेदारी से निभाया। पौधों और वृक्षों के तनों पर राखी बांधने से पहले परंपरानुसार उन्हें हल्दी-कुमकुम का टीका लगाया गया। फिर राखी बांधकर प्रणाम कर रक्षा का संकल्प लिया गया।समन्वयक अभय भागवतकर ने बताया कि पर्यावरण समिति की ओर से रोपे गए पौधे, जो वृक्ष बन चुके है, उन्हें भी प्रतिवर्षानुसार रक्षा सूत्र बांधा गया। समिति के पुरुष प्रमुख वैभव बर्वे ने सपत्नीक शेगांव (महाराष्ट्र) में श्री गजानन महाराज के प्रकट स्थल देशमुखपुरा पहुंचकर वट वृक्ष पर वृक्षाबंधन किया। उन्होंने उसी विशाल वृक्ष की पूजा कर राखी बांधी, जिसके नीचे संत श्री गजानन महाराज ने शेगांव वासियों को प्रथम दर्शन दिए थे। आज महाराष्ट्र के प्रमुख तीर्थस्थलों में शेगांव की गिनती प्रमुखता से की जाती है। यहां के महाप्रसाद गृह में प्रतिदिन 50 हजार से अधिक लोग सुबह- शाम भोजन करते हैं।इनके अलावा पर्यावरण समिति की महिला प्रमुख अनघा करकशे ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल, दिव्या पात्रीकर, दिनकर करकशे, पराग दलाल, मनीषा गायकवाड, अर्चना मुकादम, श्रुति करकशे, गणेश जाधव सहित अनेक लोगों ने भी रक्षाबंधन मनाने से पहले वृक्षाबंधन मनाया।
- -युक्तियुक्तकरण से बदला छोटे से गाँव का शैक्षिक परिदृश्यरायपुर । बिलासपुर जिला के कोटा ब्लॉक का छोटा सा ग्राम खरगा अब शिक्षा की नई रोशनी से जगमगा रहा है। इस गाँव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय की छात्रा पूनम धृतलहरे की आंखों में अब आत्मविश्वास और उम्मीद दोनों चमकते हैं। मेहनती और होशियार पूनम शुरू से पढ़ाई में आगे रही है, लेकिन लंबे समय से यह विद्यालय एकल शिक्षकीय था, जिससे उसकी और उसके साथियों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। कठिन सवालों के उत्तर न मिल पाने से बच्चे धीरे-धीरे उत्साह खोने लगे थे और कुछ तो स्कूल छोड़ने की सोच भी रहे थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए गए युक्तियुक्तकरण ने इस गाँव के बच्चों की जिंदगी में नई दिशा दी। विद्यालय में पहले से कार्यरत शिक्षक श्री संतोष कुमार खांडे के साथ अब श्री मुकेश कुमार यादव की नियुक्ति होने से कक्षाओं में नई ऊर्जा और बेहतर शिक्षण वातावरण आया। दो शिक्षकों की मौजूदगी ने न केवल पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारी, बल्कि बच्चों का स्कूल से जुड़ाव भी बढ़ाया।पूनम और उसके सहपाठियों का कहना है कि अब वे कठिन से कठिन प्रश्न हल करना सीख गए हैं और पढ़ाई में मजा आने लगा है। पालकों ने भी मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि अब उनके बच्चों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, जिससे वे भी शहर के बच्चों की तरह बड़े सपने देख और पूरे कर सकेंगे।खरगा जैसे छोटे गाँवों में जब शिक्षक समय पर पहुँचते हैं, तो यह बदलाव केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे गाँव के भविष्य को दिशा देता है। आज पूनम और उसके साथी न सिर्फ मन लगाकर पढ़ रहे हैं, बल्कि आने वाले समय में अपने गाँव और राज्य का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं।
- - उद्यानिकी विभाग की तकनीकी मदद से प्रदेश में पॉम की खेती को मिली रही नई दिशा-प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष ढाई से 3 लाख रूपए की आमदनी-एक बार लगाएं तीसरे वर्ष से 30 वर्षों तक लगातार उत्पादन पाएं-केंद्र और राज्य सरकार से एक-एक लाख रूपए का अनुदानरायपुर । पॉम की खेती प्रदेश के किसानों के लिए स्थायी आय का जरिया बन रही हैं। राज्य सरकार किसानों को अतिरिक्त आमदनी के साधन उपलब्ध कराने पॉम सहित अन्य उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा दे रही है। वहीं पॉम ऑयल की मांग और उत्पादकता को ध्यान में रखते हुए पॉम की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय तिलहन एवं ऑयल पाम मिशन के तहत साझा अभियान शुरू किया है। जिसके तहत 2 हजार 682 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में पॉम पौधों का रोपण हो चुका है। पॉम ऑयल सबसे अधिक उपयोग में लाये जाने वाला वनस्पति तेल है। इसका उपयोग बिस्किट, चॉकलेट, मैगी, स्नैक्स और गैर खाद्य जैसे साबुन, क्रीम, डिटर्जेंट, बायोफ्यूल आदि उत्पादों में होता हैं। पॉम के कृषकों को प्रोत्साहन हेतु केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा एक-एक लाख रूपए अनुदान भी दिया जा रहा है। वहीं किसानांे को निःशुल्क प्रशिक्षण भी दिए जाते हैं।देश भर में 3.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पॉम का रोपणकेंद्र सरकार ने देश की खाद्य तेलों पर आयात निर्भरता को कम करने और किसानों की आय को बढ़ाने के उद्देश्य से नेशनल मिशन ऑन ईडएबल आयल के माध्यम से पाम आयल के उत्पादन को नई दिशा दी है। राष्ट्रीय तिलहन एवं पॉम ऑयल मिशन के तहत अब तक देशभर में 3.5 लाख हेक्टेयर भूमि पर पॉम की खेती हो चुकी है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2024-25 में पॉम ऑयल का घरेलू उत्पादन 15 प्रतिशत बढ़ा हैं। जबकि सरकार ने वर्ष 2029-30 तक इसका उत्पादन 28 लाख टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। केंद्र सरकार तेलंगाना, असम, मिजोरम, ओड़िशा, आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के बस्तर और दंतेवाड़ा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पॉम की खेती से रोजगार और आय का नया साधन जुटाने की दिशा में काम कर रही है।छत्तीसगढ़ के 17 जिलों में हो रही पॉम की खेतीमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में राज्य सरकार के किसानों कीे आमदनी बढ़ाने के लिए उद्यानिकी फसलों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने प्रदेश के 17 जिलों में पॉम की खेती के लिए प्रयास किए है। राज्य में प्रमुख रूप से बस्तर (जगदलपुर), कोण्डागांव, कांकेर, सुकमा नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, महासमंुद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, जाजगीर-चापा, दुर्ग, बेमेतरा, जशपुर, सरगुजा, कोरबा और बिलासपुर जिले में पाम की खेती की जा रही है। राज्य में विगत चार वर्ष में 1 हजार 150 कृषकों के लगभग 1 हजार 600 हेक्टेयर रकबे में पॉम के पौधों का रोपण किया गया है। वहीं इस वर्ष 802 किसानों के 1 हजार 089 हेक्टेयर रकबे में पॉम का रोपण कराया जा चुका हैं।रायगढ़ विकासखंड के ग्राम चक्रधरपुर के किसान श्री राजेंद्र मेहर ने उद्यान विभाग के सहयोग से अपने 10 एकड़ खेत में 570 आयल पाम के पौधों का रोपण किया है। श्री मेहर ने बताया कि यह भूमि लंबे समय से खाली पड़ी थी और वे काफी समय से उद्यानिकी फसल लेने का विचार कर रहे थे। तकनीकी जानकारी के अभाव में शुरुआत नहीं कर पाए थे, लेकिन उद्यान विभाग से संपर्क के बाद उन्हें न सिर्फ आवश्यक मार्गदर्शन मिला, बल्कि पाम की खेती से होने वाले लाभों की जानकारी भी मिली। इससे प्रेरित होकर उन्होंने पाम की खेती करने का निर्णय लिया। इसी तरह महासमंुद जिले में 611 हेक्टेयर क्षेत्र में पॉम की खेती की जा रही है।तीसरे वर्ष से शुरू होता है उत्पादनउद्यानिकी विभाग के अधिकारी ने बताया कि ऑयल पाम योजना के तहत् प्रति हेक्टेयर 29 हजार रुपये मूल्य के 143 पौधे निः शुल्क दिए जा रहे हैं। पौध रोपण, फेंसिंग, सिंचाई, रखरखाव और अंतरवर्तीय फसलों की कुल लागत लगभग चार लाख रूपए प्रति हेक्टेयर आती है। इस पर भारत सरकार द्वारा एक लाख रुपए तथा राज्य शासन द्वारा एक लाख रुपए का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। शेष राशि के लिए बैंक ऋण सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त बाग का रखरखाव, ड्रिप इरिगेशन, अंतरवर्ती फसल, बोरवेल, पम्प सेट, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम वर्मी कम्पोस्ट यूनिट, पॉम कटर, वायर मेश,मोटारोईज्ड चिस्ल, चाप कटर, टेªक्टर ट्राली के लिए भी अनुदान का प्रावधान भी किया गया है। ऑयल पॉम फसल का उत्पादन तीसरे वर्ष से शुरू होकर लगभग 25 से 30 वर्षों तक लगातार होता है। पौधों की उम्र बढऩे के साथ उपज भी बढ़ती है। एक हेक्टेयर से हर वर्ष 15 से 20 टन उपज मिलने की संभावना होती है, जिससे कृषक को ढाई से तीन लाख रुपए तक की सालाना आय हो सकती है।बिक्री की भी चिंता नहीं, समर्थन मूल्य पर खरीदी का पक्का इंतजामऑयल पाम पौधों के बीच पर्याप्त दूरी होने के कारण किसान वहां सब्जी या अन्य अंतरवर्तीय फसलें भी ले सकते हैं। इसके लिए सरकार द्वारा सब्सिडी भी दी जा रही है। इतना ही नहीं 2 हेक्टेयर से अधिक रोपण पर बोरवेल खनन हेतु 50 हजार रुपए तक का अतिरिक्त अनुदान भी दिया जा रहा है। उत्पादित फसल की बिक्री के लिए भारत सरकार ने अनुबंधित कंपनियों की व्यवस्था की है, जो किसानों के खेत से ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल की खरीदी करती हैं। फसल का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खाते में किया जाता है।
- -गौधाम योजना से पशुधन संरक्षण, नस्ल सुधार और रोजगार में आएगा नया आयाम – मुख्यमंत्री -विष्णु देव साय-रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और पशुधन संरक्षण को नई दिशा देने के लिए गौधाम योजना की शुरुआत करने जा रही है। यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल पशुधन की सुरक्षा और नस्ल सुधार को बढ़ावा देगी, बल्कि जैविक खेती, चारा विकास और गौ-आधारित उद्योगों के माध्यम से गांव-गांव में रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी। योजना का स्वरूप इस तरह तैयार किया गया है कि निराश्रित एवं घुमंतु गौवंशीय पशुओं की देखभाल के साथ-साथ चरवाहों और गौसेवकों को नियमित आय का स्थायी स्रोत उपलब्ध हो, जिससे ग्रामीण जीवन में आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता आ सके। गौधाम योजना के ड्राफ्ट को वित्त एवं पशुधन विकास विभाग से भी मंजूरी मिल चुकी है।गौधाम योजना का उद्देश्य गौवंशीय पशुओं का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण एवं संवर्धन करना, गौ-उत्पादों को बढ़ावा देना, चारा विकास कार्यक्रम को प्रोत्साहित करना, गौधाम को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करना, ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना तथा फसलों के नुकसान और दुर्घटनाओं में पशु एवं जनहानि से बचाव सुनिश्चित करना है।अवैध तस्करी और घुमंतु पशुओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस*पशुधन विकास विभाग ने यह योजना विशेष रूप से तस्करी या अवैध परिवहन में पकड़े गए पशुओं और घुमंतु पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की है। राज्य में अवैध पशु तस्करी एवं परिवहन पर पहले से रोक है। अंतरराज्यीय सीमाओं पर पुलिस कार्रवाई में बड़ी संख्या में गौवंशीय पशु जब्त होते हैं। इन पशुओं और घुमंतु पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए ही यह योजना शुरू की जा रही है। प्रत्येक गौधाम में क्षमता के अनुसार अधिकतम 200 गौवंशीय पशु रखे जा सकेंगे।गौधाम योजना के तहत चरवाहों को 10,916 रुपए प्रतिमाह और गौसेवकों को 13,126 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही मवेशियों के चारे के लिए प्रतिदिन निर्धारित राशि प्रदान की जाएगी। उत्कृष्ट गौधाम को वहां रहने वाले प्रत्येक पशु के लिए पहले वर्ष 10 रुपए प्रतिदिन, दूसरे वर्ष 20 रुपए प्रतिदिन, तीसरे वर्ष 30 रुपए प्रतिदिन और चौथे वर्ष 35 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से राशि दी जाएगी। योजना के लिए बजट, नियम और शर्तें तय कर दी गई हैं, ताकि संचालन में किसी तरह की परेशानी न हो।मुख्यमंत्री श्री साय – “पशुधन की सुरक्षा और गांवों में रोजगार बढ़ाएगी गौधाम योजना”मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि गौधाम योजना से प्रदेश में पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और बड़ी संख्या में चरवाहों एवं गौसेवकों को नियमित आय का साधन मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पशुओं की नस्ल सुधार कर उन्हें अधिक दूध देने और खेती-किसानी में पूरी क्षमता से उपयोग करने योग्य बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में जैविक खेती और चारा विकास कार्यक्रमों को भी गति मिलेगी, जिससे ग्राम स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गांवों की अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।गौधाम की स्थापना के लिए चयनित होगी उपयुक्त शासकीय भूमिऐसी शासकीय भूमि, जहां सुरक्षित बाड़ा, पशुओं के शेड, पर्याप्त पानी और बिजली की सुविधा उपलब्ध हो, वहीं गौधाम की स्थापना की जाएगी। जिन गौठानों में पहले से अधोसंरचना विकसित है, वहां उपलब्धता के आधार पर गौठान से सटे चारागाह की भूमि को हरा चारा उत्पादन के लिए दिया जाएगा। इसके अलावा, यदि आसपास की पंजीकृत गौशाला की समिति संचालन हेतु असहमति व्यक्त करती है, तो अन्य स्वयंसेवी संस्था, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी या सहकारी समिति संचालन के लिए आवेदन कर सकेगी।जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जो पंजीकृत गौशालाओं से भिन्न होंगे। पहले चरण में छत्तीसगढ़ के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गौधाम स्थापित किए जाएंगे। जिला स्तरीय समिति प्राप्त आवेदनों का तुलनात्मक अध्ययन कर चयनित संस्था का नाम छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग को भेजेगी। मंजूरी के बाद चयनित संस्था और आयोग के बीच करार होगा, जिसके पश्चात गौधाम का संचालन उस संस्था को सौंपा जाएगा।गोबर खरीदी नहीं होगी, चारा विकास को मिलेगा प्रोत्साहनगौधाम में गोबर खरीदी नहीं होगी, पशुओं के गोबर का उपयोग चरवाहा स्वयं करेगा। यहां निराश्रित एवं घुमंतु गौवंशीय पशुओं को ही रखा जाएगा और उनका वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण एवं संवर्धन होगा। संचालन में गौशालाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य गौ सेवा आयोग में पंजीकृत गौशाला की समिति, स्वयंसेवी संस्था, एनजीओ, ट्रस्ट, किसान उत्पादक कंपनी और सहकारी समिति संचालन के लिए पात्र होंगी। गौधाम को वहां रहने वाले पशुओं की संख्या के आधार पर राशि दी जाएगी। गौधाम से सटी भूमि पर चारा विकास के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी—एक एकड़ में चारा विकास कार्यक्रम पर 47,000 रुपए और पांच एकड़ के लिए 2,85,000 रुपए का प्रावधान है।गौधाम बनेंगे प्रशिक्षण केंद्र, बढ़ावा मिलेगा गौ उत्पादों कोप्रत्येक गौधाम को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। संचालनकर्ता समिति या संस्था ग्रामीणों को गौ-उत्पाद विषय पर प्रशिक्षण देगी और उन्हें गौ-आधारित खेती के लिए प्रेरित करेगी। इसके साथ ही गोबर और गौमूत्र से केंचुआ खाद, कीट नियंत्रक, गौ काष्ठ, गोनोइल, दीया, दंतमंजन, अगरबत्ती आदि बनाने का प्रशिक्षण, उत्पादन और बिक्री के लिए भी गौधाम एक माध्यम बनेंगे।
- -ऑपरेशन “सिंदूर” की सफलता की दी बधाईरायपुर । छत्तीसगढ़ के किसान कल्याण एवं आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम अपने दिल्ली प्रवास के दौरान आज केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। मंत्री श्री नेताम ने इस मौके पर केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री सिंह को ऑपरेशन “सिंदूर” की सफलता के लिए बधाई दी।उन्होंने केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री सिंह से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे नक्सल अभियान के संबंध में भी चर्चा की। मंत्री श्रीे नेताम ने राज्य सरकार द्वारा नियद नेल्लानार अभियान के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनजातियों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। मंत्री श्री नेताम ने बताया कि पीएम जनमन योजना, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, नियद नेल्लानार योजना के तहत आदिवासी परिवारों और उनकी बसाहटों को शत-प्रतिशत संतृप्त किया जा रहा है।केन्द्र और राज्य प्रवर्तित योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में चर्चा करते हुए मंत्री श्री नेताम ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ के किसानों, गरीबों और मजदूरों सहित सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा किए गए वायदों को पूरा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में सभी वर्ग के लोग खुशहाल हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय कृषक उन्नति योजना, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं के छत्तीसगढ़ में हो रहे बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में भी जानकारी दी।
- -मंत्री श्री देवांगन के आमंत्रण पर राखी बाँधने पहुंची हज़ारों बहनें-मंत्री बोले : बहनों का विश्वास और स्नेह ही मेरी सबसे बड़ी ताकतरायपुर।, कोरबा में राखी इस बार कुछ खास रहा। जब स्थानीय विधायक और, वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री ने हज़ारों बहनों के साथ भाईचारे का यह पावन पर्व मनाया। सुबह 11 बजे से ही पंचवटी के समीप शासकीय आवास बहनों के प्रेम और उत्साह से परिपूर्ण रहा। मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सभी बहनों से आत्मीयता के साथ कलाई में राखी बंधवाई। शहर की बहनों ने मंत्री श्री देवांगन को तिलक लगाकर राखी बाँधी।इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि आज राखी के पावन पर्व पर बहनों और कोरबा समेत जिले के अलग अलग जगहों से आई ‘लाड़ली बहनों’ से राखी बंधवाकर सेवा, समर्पण और विश्वास के इस पावन बंधन को और भी प्रगाढ़ किया। यह केवल एक रक्षासूत्र नहीं, बल्कि नारी सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक भी है। मंत्री श्री देवांगन ने बहनों के स्नेह का आशीर्वाद स्वीकार करते हुए उनके सुख-दुख में सदैव साथ निभाने का संकल्प लिया। श्री देवांगन ने कहा कि कोरबा विधानसभा मेरा परिवार है। विष्णु देव सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये ‘महतारी वंदन योजना ’ के माध्यम से प्रति माह एक हज़ार रूपए मिल रहे है।मंत्री देवांगन हर बहन को मुस्कुराकर प्रणाम कर रहे थे, बच्चों को दुलार रहे थे और बुजुर्ग माताओं के पैर छूकर आशीर्वाद ले रहे थे। मंत्री की कलाई पर सैकड़ों रंग-बिरंगी राखियाँ लिपट चुकी थीं,हर धागे में आशीर्वाद, हर रंग में विश्वास और हर मुस्कान में भाई-बहन के अटूट बंधन दिखाई पड़ रहा था।इस बीच जब मिडिया द्वारा पूछा गया कि कोरबा की इतनी सारी बहनों का रक्षा सूत्र और प्यार कैसा लगा तो वे मुस्कुराए और बोले, ” ये तो मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। बहनों का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मैं उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए हर पल समर्पित हूँ।” पूरे कार्यक्रम के दौरान बहनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और हर बहन तक मिठाई और भेंट दी गई। इस अवसर पर महापौर श्रींमती संजू देवी राजपूत, गोपाल मोदी, उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, पूर्व अध्यक्ष डॉ राजीव सिंह, पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन, श्रीमती वैशाली रत्नपारखी, श्री योगेश मिश्रा, सहित आमजन उपस्थित रहे।
- रायपुर। केन्द्रीय जेल रायपुर में आज रक्षाबंधन के पावन पर्व भावनाओं और आत्मीयता से परिपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर बंदियों को उनकी बहिनों और परिजनों से मिलने का अवसर प्रदान किया गया। बहिनों ने अपने बंदी भाईयों की पारंपरिक तरीके पूजा अर्चना कर उनके कलाई पर रक्षासूत्र बांधा और उनके स्वस्थ, सुखी एवं उज्जवल भविष्य की मंगलकामनाएं कर भाई-बहिन के रिश्ते को और मजबूत बनाया।कई बंदियों ने अपने परिवार से लंबे समय बाद मिलकर भावुक क्षण साझा किया। इन पलो ने न केवल कैदियों को पारिवारिक स्नेह का एहसास कराया बल्कि उनके मन में सकारात्मक बदलाव की भी प्रेरणा मिली। जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहिन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। परिवार से मिलने का अवसर कैदियों के मनोबल को बढ़ाता है और समाज में पुनः स्थापित होने की उनकी इच्छा का सशक्त करता है।जेल में करीब 1281 बंदियों से मिलने 2953 बहिने आई तथा कुल 42 महिला बंदियों से 75 भाई मिलने आये। साथ ही जेल में ही परिरूद्ध 16 महिला बंदियों ने अपने बंदी भाईयों को राखी बांधी। जेल की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन, सौहार्द और भावनात्मक अपनत्व का अद्भूत संगम देखने को मिला।
- -नगरीय प्रशासन विभाग ने नालंदा परिसरों के लिए मंजूर किए हैं 237.58 करोड़-सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सूरजपुर, बैकुंठपुर, चिरमिरी, कुनकुरी, जशपुर, बलरामपुर, पेंड्रा जैसे दूरस्थ शहरों में भी खुलेंगी सेंट्रल लाइब्रेरी-युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगा अच्छा माहौल-उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिलेंगी अच्छी पुस्तकें, युवाओं के करियर निर्माण में अहम साबित होंगी सेंट्रल लाइब्रेरीरायपुर ।छत्तीसगढ़ सरकार उच्च शिक्षा हासिल कर रहे तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के सपनों को पंख देने 34 नए नालंदा परिसर बना रही है। ये नालंदा परिसर केवल रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, रायगढ़ जैसे बड़े शहरों में ही नहीं बन रहे, बल्कि दूरस्थ वनांचलों के सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सूरजपुर, बैकुंठपुर, चिरमिरी, कुनकुरी, जशपुर, बलरामपुर, पेंड्रा जैसे शहरों में भी बन रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पिछले दो वर्षों में 33 नए नालंदा परिसरों के लिए राशि स्वीकृत की है। वहीं रायगढ़ में सीएसआर से 700 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी का काम प्रगति पर है। इसके लिए रायगढ़ नगर निगम और एनटीपीसी (National Thermal Power Corporation) के बीच 42 करोड़ 56 लाख रुपए का करार हुआ है। यह प्रदेश का सबसे बड़ा नालंदा परिसर होगा।इन सेंट्रल लाइब्रेरीज-सह-रीडिंग जोन्स से प्रदेशभर के युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अच्छा माहौल मिलेगा। उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अच्छी पुस्तकें भी मिलेंगी। प्रदेश के हर वर्ग के युवाओं के करियर निर्माण में ये लाइब्रेरीज काफी मददगार और अहम साबित होंगे। इन सर्वसुविधायुक्त, अत्याधुनिक लाइब्रेरीज में युवाओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने पिछले दो वर्षों में 33 नालंदा परिसरों के लिए 237 करोड़ 57 लाख 95 हजार रुपए मंजूर किए हैं। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 17 नगरीय निकायों में 18 नालंदा परिसरों के लिए 125 करोड़ 88 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। वहीं पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में अलग-अलग शहरों में 15 नालंदा परिसरों के लिए 111 करोड़ 70 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें से 11 नालंदा परिसरों के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर संबंधित निर्माण एजेंसीज को कार्यादेश भी जारी किए जा चुके हैं। ये जल्द ही आकार लेना शुरू कर देंगे।नगरीय प्रशासन विभाग ने 11 नालंदा परिसरों के लिए जारी किए 19.15 करोड़उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने 11 नगरीय निकायों में नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए प्रथम किस्त के रूप में कुल 19 करोड़ 14 लाख 87 हजार रुपए इसी महीने जारी किए हैं। विभाग द्वारा दुर्ग, राजनांदगांव और अंबिकापुर नगर निगम को प्रत्येक को दो करोड़ 85 लाख 57 हजार रुपए की प्रथम किस्त जारी की गई है। वहीं बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा, कवर्धा, कांकेर और जांजगीर नगर पालिका तथा कुनकुरी नगर पंचायत को प्रत्येक को एक करोड़ दस लाख 37 हजार रुपए प्रथम किस्त के रूप में जारी किए गए हैं। नालंदा परिसर के निर्माण के लिए जशपुर नगर पालिका को दो करोड़ 85 लाख 57 हजार रुपए की पहली किस्त जारी की गई है।दस शहरों में 500 सीटर और 22 में 250 सीटर लाइब्रेरी बनेंगीराज्य के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के अनुकूल माहौल देने के लिए दस नगरीय निकायों में 500 सीटर और 22 शहरों में 250 सीटर लाइब्रेरी बनाए जाएंगे। दुर्ग, राजनांदगांव, अंबिकापुर, जगदलपुर, बिलासपुर और भिलाई नगर निगम तथा जशपुर, लोरमी एवं गरियाबंद नगर पालिका में 500-500 सीटर नालंदा परिसरों का निर्माण किया जाएगा। वहीं धमतरी और चिरमिरी नगर निगम, कवर्धा, जांजगीर-नैला, बालोद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कांकेर, नारायणपुर, बलरामपुर, मुंगेली, खैरागढ़, सक्ती, पेंड्रा, सारंगढ़, सूरजपुर, बैकुंठपुर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा नगर पालिका तथा कुनकुरी, बसना और अंबागढ़-चौकी नगर पंचायत में 250-250 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन बनाए जाएंगे।रायपुर में अभी तीन लाइब्रेरी संचालित, दो और बनेंगेराजधानी रायपुर में अभी तीन सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन संचालित हैं। इनमें एक हजार सीटर नालंदा परिसर-सह-ऑक्सी रीडिंग जोन, 800 सीटर तक्षशिला सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-स्मार्ट रीडिंग जोन और 500 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी शामिल हैं। पिछले पांच वर्षों में नालंदा परिसर में पढ़ाई करने वाले 400 युवाओं ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होकर न केवल अच्छी नौकरियां हासिल की हैं, बल्कि प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश भी प्राप्त किया है। रायपुर में जल्दी ही एक हजार सीटर और 500 सीटर नई लाइब्रेरी का काम प्रारंभ होगा। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इनके लिए क्रमशः 22 करोड़ 80 लाख रुपए और 11 करोड़ 28 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।नालंदा परिसर सिर्फ इमारत नहीं, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद - श्री विष्णु देव सायमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर के नालंदा परिसर की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सपनों को उड़ान देने का काम कर रही है। छत्तीसगढ़ के हर क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिले, इसके लिए हम अलग-अलग क्षेत्र के शहरों में नालंदा परिसरों का निर्माण कर रहे हैं। सुकमा से लेकर सूरजपुर और रायगढ़ से लेकर कवर्धा तक – हर कोने में अत्याधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन खोले जा रहे हैं। ये नालंदा परिसर सिर्फ इमारत नहीं, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद हैं।छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने सभी सुविधाएं मुहैया कराने प्रतिबद्ध - श्री अरुण सावउप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रदेशभर में नालंदा परिसरों के विस्तार के बारे में कहा कि सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने सभी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सर्वसुविधायुक्त ये लाइब्रेरियां उच्च शिक्षा हासिल कर रहे तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को पढ़ाई का अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के साथ ही उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री भी प्रदान करेंगी। राज्य के युवाओं की मेहनत को उनके इच्छित मुकाम तक पहुंचाने में नालंदा परिसर बड़ी भूमिका निभाएंगे। यहां वे पूरे फोकस, लगन और समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।




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