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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में स्वास्थ्य नवाचार के तहत चल रहा है ‘प्रोजेक्ट धड़कन’*
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन रायपुर ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक अभिनव पहल "प्रोजेक्ट धड़कन" की शुरुआत की है। इस परियोजना का उद्देश्य जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की प्रारंभिक पहचान कर, उनका निःशुल्क इलाज सुनिश्चित करना है।प्रोजेक्ट धड़कन के अंतर्गत 28 जुलाई 2025 से विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में तेज धड़कन, वजन न बढ़ना, बार-बार सर्दी-खांसी, सांस लेने में तकलीफ, स्तनपान के समय अत्यधिक पसीना आना जैसे संभावित लक्षणों की जांच की जाती है। इन बच्चों को आगे की विशेष जांच एवं उपचार हेतु श्री सत्य साईं हॉस्पिटल, नया रायपुर भेजा गया है, ताकि उन्हें समय पर उचित चिकित्सकीय देखभाल प्रदान की जा सके।आज इस प्रोजेक्ट धड़कन के अंतर्गत शासकीय आडवाणी आर्लीकन स्कूल में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य शिविर में हृदय रोग संबंधित जांच किया गया | स्कूल में 326 लोगों की जांच की गई। जिसमें 117 छात्र एवं 209 छात्राएं शामिल रही। जिसमें कोई भी बच्चा सस्पेक्टेड नहीं मिला।यह पहल न केवल समय रहते गंभीर बीमारी की पहचान करने में मदद कर रही है, बल्कि बच्चों के स्वस्थ भविष्य की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। - *पौष्टिक आहार और मुस्कान के साथ बांट रहे खुशियाँ**कलेक्टर ने कर्मचारियों को दी जन्मदिन की बधाई*रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना तथा न्योता भोज के तहत जिला प्रसाशन की अभिनव पहल "प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियाँ" की शुरुआत की जिसके तहत जिला रायपुर में विभिन्न विभाग में कार्यरत शासकीय अधिकरियों एवं कर्मचारियों को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी जा रही है एवं जन्मदिन आंगनबाड़ी या स्कूल में मनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।इसी कड़ी में आज अभनपुर तहसीलदार श्री नारायण लाल साहू, उप अभियंता श्री अजय श्रीवास्तव, चिकित्सा अधिकारी डॉ रजत सोनकर ,असिस्टेंट ग्रेड 2 श्री नाजिम बख्श, ड्रेसर ग्रेड 1 श्री भोला राम देवांगन ने बच्चों के साथ केक काटकर और बिस्किट बांटकर मनाया।प्रोजेक्ट के तहत आज कलेक्टर डॉ सिंह ने 16 कर्मचारियों को एसएमएस से ई-कार्ड के माध्यम से जन्मदिन के पूर्व संध्या बधाई संदेश भेजा गया एवं नजदीकी आंगनबाड़ी अथवा स्कूल की जानकारी दी गई।
- -रक्षाबंधन पर प्रधानमंत्री का बहनों को उपहार – उज्ज्वला योजना के तहत ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी वित्त वर्ष 2025-26 तक जारी रहेगीरायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रति LPG सिलेंडर पर ₹300 की सब्सिडी को वित्त वर्ष 2025-26 तक जारी रखने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय का स्वागत करते हुए इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर देश की करोड़ों बहनों के लिए यह एक सच्चे मायनों में मंगलकारी उपहार है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने माताओं-बहनों की रसोई की चिंता समझते हुए, उनके स्वास्थ्य और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। यह निर्णय मातृशक्ति के सम्मान की भावना का जीवंत उदाहरण है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ₹12,000 करोड़ की लागत की इस पहल से 10.33 करोड़ उज्ज्वला लाभार्थी परिवारों को सीधे राहत देगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी माताएँ और बहनें परिवार की रीढ़ हैं। उनके श्रम को सम्मान देना, उनकी चिंता को समझना और उन्हें सुविधा देना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्र सरकार के इस फैसले को गरीबों, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भी लाखों बहनें इस निर्णय से लाभान्वित होंगी जिससे उनके रसोई के खर्च का बोझ कम होगा, और धुएँ से मुक्त, सुरक्षित व स्वास्थ्यप्रद जीवन प्राप्त होगा।
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*जिले में नए शिशु के जन्म पर माताओं को भेंट किए जा रहे 5 फलदार पौधे*
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप, जिला प्रशासन रायपुर ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल "ग्रीन पालना अभियान" की शुरुआत की है। इस अनूठी पहल के अंतर्गत, सरकारी अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को 5 फलदार पौधों :- आम, अमरूद, जामुन, पपीता और मुनगा की सौगात दी जा रही है।आज इस अभियान के तहत धरसींवा ब्लॉक 01, तिल्दा ब्लॉक 03, आरंग ब्लॉक 03, अभनपुर ब्लॉक 03, बिरगांव रायपुर 03 और शहरी रायपुर 05, कुल 18 प्रसूताओं को 90 पौधे भेंट किए गए। यह पहल न केवल नवजात शिशु के जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली और स्वच्छ पर्यावरण का संदेश भी देती है। -
-पद्मश्री डॉ. दुबे ने देश-विदेश में बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान – विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह
--पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे की अंतिम कृति "मैं छत्तीसगढ़ बोलता हूँ" का हुआ विमोचनरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम स्वर्गीय पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे की जयंती के अवसर पर उनकी अंतिम काव्य कृति "मैं छत्तीसगढ़ बोलता हूँ" के विमोचन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। यह आयोजन राजधानी स्थित मैक कॉलेज ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की।मुख्यमंत्री श्री साय ने पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा के संवर्धन में अमूल्य योगदान दिया। वे एक ऐसे हास्य कवि थे, जिन्होंने देश-विदेश में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया और राज्य को गौरवान्वित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज हम डॉ. सुरेंद्र दुबे जी की अंतिम कृति का विमोचन कर रहे हैं। वे आज भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, और उनकी अनुपस्थिति हम सभी को गहराई से खल रही है। यह छत्तीसगढ़ और साहित्य जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा – "डॉ. दुबे जी एक महान कवि थे, जिन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा को अपनी कविताओं के माध्यम से देश और दुनिया में जन-जन तक पहुँचाया। वे जहाँ भी गए, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, भाषा और पहचान को साथ लेकर गए। उनकी कविताएँ केवल हँसी नहीं बिखेरती थीं, बल्कि गहरे सामाजिक संदेश भी देती थीं।"मुख्यमंत्री ने कहा कि “मुझे अनेक मंचों पर उनकी कविताएँ सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। वे हास्य कवि होने के साथ ही एक अत्यंत सौम्य, सरल और संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी भी थे। उनके मन में देश, प्रदेश और समाज के लिए गहरी करुणा और जागरूकता थी। आज उनकी जयंती पर हम उन्हें सादर नमन करते हैं। वे अपने शब्दों और विचारों के माध्यम से हमारे बीच सदैव जीवित रहेंगे।”कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि डॉ. सुरेन्द्र दुबे छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और लोकसंस्कृति के ऐसे प्रखर प्रतिनिधि थे, जिन्होंने अपने लेखन, नाट्यकर्म और जनसंवाद के माध्यम से प्रदेश को सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक स्वाभिमान की नई दिशा दी।कार्यक्रम में धरसीवां विधायक पद्मश्री श्री अनुज शर्मा ने आलेख का पाठन किया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन स्वर्गीय डॉ. सुरेन्द्र दुबे की धर्मपत्नी श्रीमती शशि दुबे द्वारा किया गया। कार्यक्रम का आयोजन श्री सुरेन्द्र दुबे फाउंडेशन द्वारा किया गया।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, दुर्ग सांसद श्री विजय बघेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण एवं साहित्यकार उपस्थित थे। - -कोलकाता में 11 अगस्त को प्रदर्शित करेंगी अपना स्मार्ट पार्किंग प्रोजेक्टरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसी का एक उदाहरण है वर्ल्ड रोबोटिक्स ओलंपियाड के रीजनल राउंड के लिए रायपुर के पीएमश्री आर.डी. तिवारी अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय की तीन छात्राओं का चयन।वर्ल्ड रोबोटिक्स ओलंपियाड में देशभर से आए सैकड़ों प्रोजेक्ट्स में से 400 प्रोजेक्ट्स को चुना गया है, जिनमें रायपुर के पीएमश्री आर.डी. तिवारी अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय की कक्षा आठवीं की छात्रा पारूल सिरमौर, पूर्वा साकार, रिचल एक्का का ‘स्मार्ट पार्किंग’ प्रोजेक्ट भी शामिल है। यह प्रोजेक्ट सतत विकास लक्ष्य पर आधारित है। यह उपलब्धि न केवल प्रदेश के लिए गौरव की बात है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सरकार की नीतियों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम भी है।गौरतलब है कि विद्यालय में रोबोटिक्स लैब की स्थापना वोडाफोन आइडिया फाउंडेशन और एरिक्सन इंडिया ने सीएसआर फंड के तहत की है। लैब में स्ट्रॉबीज, आर्डुइनो, 3डी प्रिंटर, वेक्स आईक्यू, वीआर हेडसेट जैसे कई आधुनिक किट्स उपलब्ध हैं। यही नहीं, इन कंपनियों की ओर से एक रोबोटिक्स मेंटर भी उपलब्ध करवाया गया है।वर्ल्ड रोबोटिक्स ओलंपियाड एक विश्वस्तरीय प्रतियोगिता है, जिसमें चार राउंड होते हैं। पहले वर्चुअल राउंड में छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते उनका चयन अगले चरण के लिए हुआ है। अब वे 11 अगस्त को कोलकाता में होने वाले रीजनल राउंड में अपना प्रोजेक्ट प्रदर्शित करेंगी। अगर यहां भी चयन होता है, तो वे हैदराबाद में आयोजित राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी।विद्यालय के प्राचार्य श्री राकेश गुप्ता एवं रोबोटिक मेंटर श्री सौरव वर्मा ने कहा कि वर्ल्ड रोबोटिक्स ओलंपियाड के रीजनल राउंड में पीएमश्री आर.डी. तिवारी अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय की छात्राओं का चयन होना न केवल स्कूल, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
- रायपुर, । उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने शुक्रवार को सुबह मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल डिमरापाल पहुंचकर आईडी ब्लास्ट में घायल ग्रामीण तथा भालू के हमले में घायल जवान से रूबरू भेंटकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और इन दोनों का बेहतर उपचार सुनिश्चित किए जाने के निर्देश अधिकारियों एवं चिकित्सकों को दिए। साथ ही उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीण श्री प्रमोद ककेम तथा जवान श्री बामन पोड़ियाम के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। ज्ञात हो कि बीते 5 अगस्त को बीजापुर जिले के इलमिड़ी निवासी ग्रामीण श्री प्रमोद ककेम नक्सलियों के द्वारा लगाए गए आईडी की चपेट में आने के कारण घायल हो गया, जिसे बेहतर उपचार के लिए बीजापुर जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रिफर किया गया है। वहीं बीजापुर जिले के बासागुड़ा ईलाके में गश्त के दौरान गत 29 जुलाई को अचानक भालू के हमले में घायल जवान श्री बामन पोड़ियाम को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचे उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा के साथ विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, महापौर श्री संजय पाण्डे एवं अन्य जनप्रतिनिधियों सहित कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी बस्तर रेंज श्री सुंदरराज पी, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा और जिला प्रशासन के अधिकारी एवं मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के चिकित्सक मौजूद थे।
- - आत्मसमर्पित नक्सली महिलाएं और 'दंतेश्वरी फाइटर्स' की कमांडो बाँधेंगी राखीरायपुर ।राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देने वाला आयोजन इस रक्षाबंधन के दिन 9 अगस्त को आयोजित किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा इस दिन दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों के दौरे पर रहेंगे, जहां आत्मसमर्पण कर चुकी नक्सली महिलाएं और दंतेश्वरी फाइटर्स की महिला कमांडो उन्हें राखी बांधेंगी।दंतेवाड़ा जिले में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा उन आत्मसमर्पित नक्सली महिलाओं से मुलाकात करेंगे, जो अब समाज की मुख्यधारा से जुड़कर कार्य कर रही हैं। दंतेश्वरी फाइटर्स की महिला कमांडो सुरक्षा और शांति व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग दे रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर इन बहनों द्वारा उपमुख्यमंत्री को राखी बांधने का कार्यक्रम निर्धारित है।इसके पश्चात श्री शर्मा सुकमा जिले के पुनर्वास केंद्र का भ्रमण करेंगे जहां आत्मसमर्पित नक्सली महिलाएं राखी बांधेंगी। यह आयोजन राज्य सरकार की पुनर्वास नीति की दिशा में एक संवेदनशील पहल है, जिसके माध्यम से नक्सलवाद छोड़ चुकी महिलाओं को समाज में पुनः सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर किया जा रहा है।सरकार द्वारा नक्सल प्रभावित जिलों में पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्तियों को न केवल सुरक्षा प्रदान की जा रही है, बल्कि उन्हें शिक्षा, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और सामाजिक पुनःस्थापना का अवसर भी दिया जा रहा है। रक्षाबंधन पर यह आयोजन इसी प्रक्रिया की एक अभिव्यक्ति है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा है कि शासन की मंशा है कि जो लोग हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज में लौटना चाहते हैं, उन्हें हरसंभव सहायता और मार्गदर्शन दिया जाए। रक्षाबंधन जैसे सामाजिक पर्वों के माध्यम से यह संदेश भी देना आवश्यक है कि शासन और प्रशासन ऐसे लोगों को स्वीकार करता है और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देता है।उन्होंने कहा राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ें, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं इन क्षेत्रों तक पहुंचे और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें। रक्षाबंधन का यह आयोजन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास के सेतु को और मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
- रायपुर । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं गृहमंत्री श्री अमित शाह के संकल्पना अनुसार मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल खात्मे के लिए राज्य सरकार के बेहतर रणनीति के बदौलत हमारे सुरक्षा बलों एवं पुलिस के जवानों द्वारा समूचे बस्तर संभाग में बेहतर कार्य करने लगातार सफल ऑपरेशन की बदौलत तथा आकर्षक आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के कारण बस्तर एवं बीजापुर में लगातार नक्सलवाद सिमट रहा है।नक्सलवाद अब अपने अंतिम पड़ाव पर है, उसके खात्मे के लिए अंतिम आहूति समाज के सभी वर्गो के सहयोग और समर्पण जरूरी है। उक्त वक्तव्य छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री तथा गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने समाज के विभिन्न वर्गो को संबोधित करते हुऐ कहा।श्री विजय शर्मा अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान जिला कार्यालय के सभाकक्ष में व्यापारी संगठन, खदान एवं सड़क निर्माण से जुड़े संघटन, सर्व आदिवासी समाज जनजाति सुरक्षा मंच, वनवासी कल्याण समिति एवं विभिन्न बैंको के अधिकारियों की बैठक ली।इस दौरान अंदरूनी क्षेत्रों में विकास कार्यो में तेजी लाने सहित विकास में बाधा डालने वाले तत्वो के बारे में समीक्षा करते हुऐ कहा कि अब बीजापुर के जनता को गुमराह नही किया जा सकता है जिस गति से विकास कार्यो में जनमानस का सहयोग मिल रहा है। अब वह दिन दूर नहीं है, बीजापुर शांति, सुरक्षा, और विश्वास के साथ विकास की गति और समान्य क्षेत्रों के भांति सभी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार संभव हो सकेगा।बैठक में व्यापारी वर्ग, आदिवासी समाज सहित विभिन्न वर्गों ने जिले के विकास हेतु अपने-अपने सुझाव और समर्थन दिए। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, जिला पंचायत अध्यक्ष दंतेवाड़ा श्री नंदलाल मुड़ावी, सचिव छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री भीम सिंह, आयुक्त बस्तर संभाग श्री डोमन सिंह, आईजी बस्तर श्री सुन्दरराज पी, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव, डीएफओ श्री रंगानाथा रामाकृष्णा वाय, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, उप निदेशक इन्द्रावती टाईगर श्री संदीप बल्गा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -शहीद गुण्डाधुर आवासीय छात्र परिसर एवं सरस्वती शिशु मंदिर का किया अवलोकन-शालेय संस्था की मूलभूत आवश्यकताओं मांगों के संबंध में किया गया चर्चारायपुर। आज दंतेवाड़ा के गीदम विकासखण्ड अन्तर्गत ग्राम हिरानार में स्थित वंनाचल शिक्षा सेवा प्रकल्प संस्था में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का आगमन हुआ मूलतः सुदूर ग्रामीण अंचल के निवासरत ग्रामीण आदिवासी समुदाय के छात्रों के सर्वांगीण शैक्षणिक व्यक्तित्व विकास का समर्पित उक्त शालेय संस्था में वर्तमान में 102 छात्र अध्यनरत है। 23 एकड़ में विस्तारित इस संस्था में यहां मुख्यतः अंत्योदय वनवासी परिवारों के बच्चों को आवासीय शिक्षा और संस्कार की मुलभूत सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वर्तमान में एलकेजी से कक्षा 10वीं तक की पढ़ाई सुविधा यहां दी जा रही है। यहां संस्था की प्राचार्य श्रीमती अनिता सोरी ने बताया कि इस शिक्षा सत्र में तीन नक्सल प्रभावित छात्रों ने भी यहां प्रवेश लिया है। इस क्रम उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने शालेय परिसर का अवलोकन करते हुए यहां शैक्षणिक दृष्टि से अन्य आवश्यक सुविधाओं के विस्तार की संभावनाओं पर अधिकारियों से चर्चा किया। उक्त संस्था के विभाग समन्वयक श्री संगम लाल पाण्डेय ने उपमुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 1998 में प्रारंभ हुई इस संस्था का मुख्य उद्देश्य वनवासी बच्चों को मूलभूत शिक्षा और भोजन, आवास, के साथ-साथ संस्कार शिक्षा देकर एक जिम्मेदार नागरिक बनाना रहा है। यहां सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक आवासीय विद्यालय में आस पास के लगभग 22 गांव के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे है। उन्होंने संस्थागत मांगों के तहत 200 बच्चों के क्षमता अनुरूप सभाकक्ष, संस्था के बाउंड्रीवाल में तार फेंसिंग,सैनिक स्कूल की स्थापना, छात्रावास मरम्मत, सौर पैनल के निर्माण जैसे विभिन्न मांगों से उपमुख्यमंत्री के सम्मुख रखा। इस पर श्री शर्मा ने हर संभव प्रयास करने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस क्रम उन्होंने शालेय परिसर में अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ वृक्षारोपण भी किया।इस अवसर पर विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी बस्तर रेंज श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, डीएफओ श्री सागर जाधव, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, सरस्वती शिशु मंदिर हीरानार प्राचार्य मौजूद रहे।
- -गौ सेवा संकल्प महाअभियान’ में शामिल हुए उप मुख्यमंत्रीरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज मुंगेली में ‘‘गौ सेवा संकल्प अभियान’’ के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला में शामिल हुए। सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती जनहानि और पशुहानि को देखते हुए बेसहारा एवं सड़कों पर छोड़े गए मवेशियों के बेहतर प्रबंधन, सेवा और संरक्षण को सुदृढ़ करने मुंगेली जिला प्रशासन द्वारा ‘‘गौ सेवा संकल्प अभियान’’ की शुरुआत की गई है। विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले भी कार्यशाला में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री साव और विधायक श्री मोहले सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने कार्यशाला में गौ मित्र बनने के लिए फॉर्म भरा और इसके लिए अन्य लोगों को भी प्रेरित किया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने इस अभियान को अपने जीवन का ऐतिहासिक, अविस्मरणीय और सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताते हुए कहा कि गौ सेवा समाज, संस्कृति और आत्मा से जुड़ा कार्य है, जिसे जन-जन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए हमें अपनी भावनाओं को जगाने की आवश्यकता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को इस अभियान का नेतृत्व करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही सभी लोगों को इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की। श्री साव ने उम्मीद जताई कि गौ सेवा संकल्प अभियान से घूमंतु पशुओं के कारण हो रही सड़क दुर्घटनाओं, यातायात में बाधा, जनहानि आदि में निश्चित ही कमी आएगी।कार्यशाला में गौमाता की सेवा करने, मवेशी को खुले में नहीं छोड़ने, सड़क पर मवेशी मिलने पर किनारे हटाने के साथ ही अपने माता-पिता, मित्रों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों को गौ सेवा के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया गया। इस दौरान चोरी एवं अपराध की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सूडा द्वारा जिले को 64 सीसीटीवी कैमरे प्रदान करने के लिए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त किया गया।विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने ‘‘गौ सेवा संकल्प अभियान’’ की ऐतिहासिक शुरुआत के लिए जिला प्रशासन को बधाई देते हुए सभी लोगों को गौ-पालन का संकल्प लेने को कहा। उन्होंने कहा कि गौमाता की पूजा में सभी देवी-देवताओं की पूजा शामिल होती है। हमारा यह गौ सेवा संकल्प अभियान छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के लिए मॉडल बने, ऐसा हमें प्रयास करना है। उन्होंने लोगों को गौमाता की सेवा करने के लिए प्रोत्साहित किया।कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने कहा कि गौ सेवा संकल्प अभियान हम सब का अभियान है। छोटी-छोटी पहल से शुरुआत करते हुए इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में गौ सेवा समिति का गठन किया जा रहा है। ये समितियां घूमंतू पशुओं के प्रबंधन का कार्य करेंगी। उन्होंने बताया कि सभी पशुओं की ईयर-टैगिंग की जाएगी, ताकि पशु मालिकों की आसानी से पहचान हो सके। रात में पशु दिखाई दें, इसके लिए रेडियम बेल्ट भी लगाए जाएंगे। मुंगेली जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री श्रीकांत पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल और जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय ने भी कार्यशाला को संबोधित किया।मुंगेली जिले में गौ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गायों की सेवा, संरक्षण एवं सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है। घुमंतू पशुओं की समस्या के समाधान के प्रयास के रूप में काऊ कैचर, पशु हेल्पलाइन कंट्रोल रूम, गौ आधारित आजीविका और उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाएंगे। पशुपालन में व्यापक रोजगार के अवसरों के सृजन, जन्म-मृत्यु पंजीयन, बिना चरवाहे के छोड़े जाने पर प्रतिबंध जैसे प्रयास भी हो रहे हैं। अभी तक 700 से अधिक गौ मित्र बनाए जा चुके हैं। अभियान के अंतर्गत एक लाख से अधिक गौ मित्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में कार्यशाला में शामिल हुए।
- रायपुर / प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना ने सौर ऊर्जा के माध्यम से अनेक घरों को रोशन किया है। बिलासपुर जिले के निवासी श्री शशांक दुबे ने अपने घर की छत पर एक पूर्ण सौर ऊर्जा पावर प्लांट स्थापित कर लिया है। इस सौर ऊर्जा संचालित प्लांट से न केवल उनका घर रोशन हो रहा है, बल्कि उनका बिजली बिल भी अब शून्य हो गया है। इतना ही नहीं, श्री दुबे अब सरकार को भी बिजली की आपूर्ति कर रहे हैं।श्री दुबे ने बताया कि जब से उन्होंने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाए हैं, तब से उनके घर का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। सौर पैनलों के माध्यम से छत पर हो रहा बिजली उत्पादन उनके मासिक बिजली व्यय की पूर्णतः बचत कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी छत पर पाँच किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित है, जिससे हो रहे बिजली उत्पादन से उन्हें अब मासिक बिजली बिल की कोई चिंता नहीं रह गई है, साथ ही वे एक उत्पादक के रूप में बिजली की सप्लाई भी कर रहे हैं। सोलर पैनल लगवाने के पश्चात उनके घर का बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया है।श्री दुबे ने बताया कि पाँच किलोवाट सोलर पैनल लगवाने में उन्हें लगभग दो लाख रुपये की लागत आई, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा ₹78,000 की सब्सिडी प्राप्त हुई है, और राज्य सरकार की ओर से भी शीघ्र ही ₹30,000 की अतिरिक्त सब्सिडी प्राप्त होने वाली है।उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत केवल एक बार निवेश करना होता है, जिसके पश्चात 25 वर्षों तक निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति मिलती रहती है। योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु उपभोक्ता pmsuryaghar.gov.in पोर्टल या पीएम सूर्यघर ऐप के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। दीर्घकालिक दृष्टि से यह योजना अत्यंत किफायती सिद्ध होती है, जिसमें बैंकों द्वारा कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी प्रदान की जाती है।श्री दुबे ने यह भी बताया कि एक बार सोलर पैनल लगवाने के पश्चात इस पर किसी प्रकार का नियमित मेंटेनेंस खर्च नहीं आता, तथा सोलर पैनल लगाने वाली कंपनी द्वारा पाँच वर्षों तक नि:शुल्क सर्विसिंग की सुविधा दी जाती है। उन्होंने कहा कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है। सौर ऊर्जा का उपयोग कर वे स्वच्छ (ग्रीन) ऊर्जा के उत्पादन में सहभागी बन रहे हैं, जिससे नवीनीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।श्री दुबे ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे इस योजना को अपनाएं, सौर ऊर्जा का उपयोग करें और बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनें। साथ ही, पर्यावरण संवर्धन में भी अपना सक्रिय योगदान दें।प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह प्लांट नेट मीटरिंग के माध्यम से विद्युत ग्रिड से जुड़ता है, जिससे उपभोक्ता अपनी आवश्यकता से अधिक उत्पन्न बिजली को ग्रिड में भेज सकता है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड को दी गई अतिरिक्त बिजली के बदले उन्हें आय भी प्राप्त होती है।प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। इस योजना से उपभोक्ताओं को अधिक आमदनी, न्यूनतम बिजली बिल तथा नवीन रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही, नवीनीकृत ऊर्जा स्रोतों के प्रति जन-जागरूकता में भी वृद्धि होगी।
- -रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के अटूट बंधन का प्रतीक है – मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन पर्व के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और परस्पर सौहार्द की मंगलकामना करते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता, समर्पण और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रक्षाबंधन का त्यौहार भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है, जिसमें बहनें अपने भाई की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए रक्षा-सूत्र बांधती हैं, वहीं भाई भी बहनों की रक्षा और सम्मान का संकल्प लेते हैं। रक्षाबंधन पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों को सशक्त करने वाला पर्व है।उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पारंपरिक त्यौहार नहीं है, बल्कि यह आपसी विश्वास, प्रेम, करुणा और दायित्वबोध की भावना को भी उजागर करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे इस अवसर पर समाज में सौहार्द्र, भाईचारा और महिला सम्मान को और अधिक सशक्त बनाने के लिए संकल्प लें। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से प्रदेश की बेटियों, बहनों और मातृशक्ति को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पावन पर्व सभी नागरिकों के जीवन में प्रेम, उमंग और एक नई ऊर्जा का संचार करेगा।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देश एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल श्री डेका ने अपने संदेश में कहा है कि रक्षाबंधन का यह पर्व भाई-बहन के अटूट स्नेह एवं प्रेम का प्रतीक है। आज के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर पवित्र राखी का धागा बांधेगी और तिलक लगाकर उनके कल्याण की कामना करेंगे तथा भाई अपनी बहनों की रक्षा का संकल्प लेंगे। श्री डेका ने कहा कि यह पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और मजबूत करे और सभी प्रदेशवासियों के पारिवारिक जीवन में सुख-शांति एवं खुशहाली लेकर आए।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अधोसंरचना विकास को दी जा रही प्राथमिकता-उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद लोक निर्माण विभाग ने जारी की स्वीकृतिरायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग ने बिलासपुर जिले के कोनी-मोपका बायपास के पुनर्निर्माण के लिए 59 करोड़ 55 लाख 27 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधान के अंतर्गत दी गई है।लगभग 14 किलोमीटर लंबी इस सड़क की स्थिति विगत कई वर्षों से अत्यंत दयनीय थी। एनटीपीसी सीपत, स्पंज आयरन फैक्ट्रियों, कोलवाशरी और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ घने शहरी यातायात का भारी दबाव इस मार्ग से गुजरता है, जिससे सड़क अत्यधिक क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से इसके पुनर्निर्माण की माँग की जा रही थी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना को बजट में प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अधोसंरचना विकास, विशेष रूप से सड़कों की मजबूती और गुणवत्ता, राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जनसुविधा से जुड़े ऐसे कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के उपरांत, विभाग ने मंत्रालय स्तर से वित्तीय स्वीकृति संबंधी परिपत्र प्रमुख अभियंता को जारी कर दिया है। साथ ही निर्माण कार्य को समय-सीमा के भीतर और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।श्री साव ने कहा कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, कार्य प्रक्रिया की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संपूर्ण परियोजना की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर निर्माण कार्य में त्रुटि पाए जाने पर जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाए।इस बायपास के पुनर्निर्माण से न केवल औद्योगिक क्षेत्रों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि शहरवासियों को भी भारी यातायात से राहत मिलेगी। राज्य शासन का यह निर्णय आमजन की बहुप्रतीक्षित माँग के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और उत्तरदायित्वबोध को दर्शाता है। लोक निर्माण विभाग द्वारा शीघ्र ही कार्यादेश जारी कर निर्माण प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। शासन की मंशा है कि यह परियोजना उच्च गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हो, ताकि नागरिकों को शीघ्र और स्थायी राहत प्रदान की जा सके।
- रायपुर / रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, रायपुर की संचालिका ब्रह्मकुमारी सविता बहन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की और उन्हें रक्षा-सूत्र बाँधकर उनके स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखद जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने ब्रह्मकुमारी बहनों का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी भावनात्मक एकता और सामाजिक मूल्यों की गहराई को दर्शाने वाला अनुपम उत्सव है।उन्होंने कहा कि रक्षा-सूत्र में निहित शुभकामनाएँ उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक समर्पित होने की प्रेरणा देती हैं।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने IIM रायपुर के सुशासन फेलोशिप छात्रों से आत्मीय संवाद में साझा किए अपने अनुभव-जीवन के अनुभवों से सिखाए सुशासन के गुर, विद्यार्थियों के जिज्ञासापूर्ण प्रश्नों के दिए प्रेरक उत्तररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ईमानदारी और निष्ठा से निभाई गई जिम्मेदारी हमेशा सकारात्मक परिणाम देती है। जनसेवा में ईमानदारी और समर्पण के साथ लगे रहने पर जनता का स्नेह और आशीर्वाद अवश्य ही प्राप्त हुआ।मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन के पंचम तल स्थित नवनिर्मित सभागार में आयोजित ‘मुख्यमंत्री सुशासन संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन IIM रायपुर में अध्ययनरत मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के विद्यार्थियों के साथ हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें सुशासन की बारीकियों से अवगत कराया और उनके प्रश्नों के प्रेरणादायक उत्तर दिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की है। प्रदेश में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी फाइलें डिजिटलीकृत हो रही हैं। इससे शासन की कार्यप्रणाली पारदर्शी बनी है और फाइलों की ट्रैकिंग भी सहज हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा भ्रष्टाचार के सभी मार्गों को बंद करने की है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले, यही असली सुशासन है। योजनाएं सोच-समझकर बननी चाहिए, क्योंकि इसके पीछे जनता की गाढ़ी कमाई लगती है। जब योजनाएं जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से क्रियान्वित होती हैं, तभी आमजन को उसका सीधा लाभ मिलता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन फेलोशिप के विद्यार्थियों से संवाद के दौरान उनके जिज्ञासु सवालों के बेझिझक और प्रेरणाप्रद उत्तर दिए।आरंग के फेलो हर्षवर्धन ने जब मुख्यमंत्री से उनके ग्राम बगिया के पंच से लेकर मुख्यमंत्री बनने के सफर की सबसे महत्वपूर्ण सीख पूछी, तो मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने राजनीतिक और पारिवारिक संघर्षों को साझा करते हुए कहा - "बहुत कम उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई। मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि मैं पंच भी बनूंगा, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा से निभाया।" उन्होंने आगे कहा – “ईमानदारी और निष्ठा से जब कार्य करते हैं, तो सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। मैंने कभी कर्तव्यपथ नहीं छोड़ा, और जनसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाया। जनता ने मुझे पंच, सरपंच, विधायक, सांसद, राज्य मंत्री और अब मुख्यमंत्री तक का दायित्व सौंपा।”बिलासपुर के फेलो मनु पांडेय ने जब यह पूछा कि 2047 तक विकसित भारत के सपने में छत्तीसगढ़ की क्या भूमिका होगी, तो मुख्यमंत्री ने बताया –"प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2047 तक विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसमें छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। 2014 से पहले भारत अर्थव्यवस्था में दसवें स्थान पर था, जो अब चौथे स्थान पर पहुंच गया है। हमने भी विकसित छत्तीसगढ़ के लिए ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है। वर्तमान में हमारी जीएसडीपी 5 लाख करोड़ रुपये है, जिसे 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है।"मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह लक्ष्य कोई कल्पना नहीं, बल्कि एक ठोस योजना है, जिसे हम अवश्य प्राप्त करेंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक सम्पन्न राज्य है – यहाँ लोहा, टिन, लिथियम, बॉक्साइट, सोना और हीरे जैसे बहुमूल्य खनिजों के भंडार हैं। राज्य का 44% भूभाग वनों से आच्छादित है, जहां सैकड़ों प्रकार के लघु वनोपज हैं। यहाँ की उर्वरा मिट्टी और मेहनतकश लोग ही छत्तीसगढ़ की असली ताकत हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा – “आप जैसे युवाओं के संकल्प और कौशल से हम विकसित छत्तीसगढ़ जरूर बनाएंगे।”फेलोशिप का उद्देश्य – भविष्य के उत्तरदायी सुशासक तैयार करनाकार्यक्रम में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने फेलोशिप योजना की रूपरेखा पर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप का उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को गवर्नेंस की उच्च स्तरीय शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर एक दक्ष एवं उत्तरदायी प्रशासनिक पीढ़ी तैयार करना है।इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सरकार, भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर के साथ मिलकर पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित कर रही है। चयनित फेलोज को शासन के विभिन्न विभागों में प्रायोगिक प्रशिक्षण के अवसर भी दिए जाएंगे। श्री भगत ने बताया कि फेलोज शासन के निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में डेटा आधारित नीति निर्धारण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण, संसाधनों के कुशल उपयोग, ई-गवर्नेंस को मजबूती, और नीतियों के जमीनी प्रभावों के विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान देंगे।मुख्यमंत्री ने किया फेलोशिप के प्रोस्पेक्टस का विमोचन, अंजोर विजन डॉक्युमेंट भी किया भेंटमुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप कोर्स के प्रोस्पेक्टस का विमोचन किया और विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्युमेंट की प्रति भी भेंट की।इस अवसर पर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने भी छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल, IIM रायपुर के प्रोफेसर्स एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
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व्यापम की वेबसाईट में ऑनलाइन आवेदन 27 अगस्त तक*
बिलासपुर/जिला पुलिस बल के आरक्षक संवर्ग में सीधी भर्ती हेतु लिखित परीक्षा का आयोजन 14 सितम्बर 2025 को संभागीय मुख्यालय बिलासपुर में विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर की जायेगी। व्यापम द्वारा शारीरिक दक्षता परीक्षा की मेरिट लिस्ट के आधार पर योग्य उम्मीदवारों की सूची अपनी वेबसाईट में अपलोड कर दी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं चयन समिति के अध्यक्ष श्री रजनेश सिंह ने बताया कि व्यापम की वेबसाईट में पंजीयन की प्रक्रिया 5 अगस्त से शुरू हो चुकी है। लिखित परीक्षा के लिए पात्र अभ्यर्थियों को व्यापम की वेबसाईट के लिंक में जाकर प्रोफाईल आईडी के माध्यम से पंजीयन करना व लिखित परीक्षा केन्द्र हेतु जिले का चयन करना होगा और आवेदन को सफलता पूर्वक सबमिट करना होगा। इसके बाद ही व्यापम पंजीयन नम्बर एवं रोल नम्बर पर अभ्यर्थी लिखित परीक्षा हेतु ऑनलाईन से प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकेंगे। जिस पात्र अभ्यर्थी द्वारा व्यापम वेबसाईट में पंजीयन नहीं किया जायेगा वे अभ्यर्थी लिखित परीक्षा से वंचित हो जाएंगे। व्यापम की वेबसाईट पर पंजीयन उपरांत ऑनलाईन आवेदन सबमिट करने की अंतिम तिथि 27 अगस्त को शाम 5 बजे निर्धारित किया गया है। परीक्षा रविवार दिनांक 14 सितम्बर को पूर्वान्ह में दो घण्टे का होगा। प्रवेश पत्र जारी करने की तिथि 8 सितम्बर रखी गई है। विस्तत जानकारी के लिए व्यापम की वेबसाईट का अवलोकन किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि नवम्बर 2024 से जनवरी 2025 तक दूसरी वाहिनी, छसबल सकरी स्थित भर्ती केन्द्र में जिला बिलासपुर सहित कोरबा, मुंगेली एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलों के लिए आरक्षक भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित किया गया था। इन्हीं का अगले क्रम में व्यापम द्वारा लिखित परीक्षा आयोजित किया जा रहा है। - 0- शिक्षा के संग प्रकृति से जुड़ाव: हरियर पाठशाला में वृक्षारोपण की पहलरायपुर/ हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश में चलाए जा रहे हरियर पाठशाला अभियान के अंतर्गत आज तिल्दा ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला मटियाडीह में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में नीम, आम और जामुन के पौधे लगाए गए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री नवीन अग्रवाल अध्यक्ष, जिला पंचायत रायपुर सहित स्कूली बच्चों ने वृक्षारोपण किया। इसी के तहत आज पीएम श्री स्कूल सारागांव में 200 पौधों का रोपण किया गया।यह अभियान कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले भर में संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विद्यालयों में हरियाली लाना और विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति जागरूक बनाना है। हरियर पाठशाला के तहत यह पहल न केवल विद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाना है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक और उत्तरदायी नागरिक भी बनाना है।पीएम श्री शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बीरगांव में आयोजित पालक शिक्षक बैठक में अपर कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन ने हरियर पाठशाला के तहत वृक्षरोपण किया | इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती सहित बड़ी संख्या में पालकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे |
- 0- पोषण, प्रेम और प्रसन्नता: बच्चों संग जन्मदिन मना रहे शासकीय कर्मचारीरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना तथा न्योता भोज के तहत जिला प्रसाशन की अभिनव पहल "प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियां" की शुरुआत की जिसके तहत जिला रायपुर में विभिन विभाग में कार्यरत शासकीय अधिकरियों एवं कर्मचारियों को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी जा रही है एवं जन्मदिन आंगनबाड़ी या स्कूल में मनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी स्कूली बच्चों को पौष्टिक आहार दे उनसे मिले और उनके साथ खुशियाँ बांटे |इसी कड़ी में आज जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर, शिक्षक श्री निकेश कुमार शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सोनम नायक, सहायक नियंत्रक ओमेश्वर जांगड़े, नर्सिंग ऑफिसर नंदा निर्मलकर, कनिष्ठ अभियंता श्री कुणाल सिन्हा, जनपद सचिव श्री अशोक ध्रुव, ने भी बच्चों के साथ केक काट कर और उनको अंकुरित चना, केला, बिस्किट, खीर-पूड़ी खिलाकर मनाया जन्मदिन |महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर ने पेंशन बड़ा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के साथ केक काटकर मनाया जन्मदिन और पौष्टिक आहार के रूप में खीर, पुड़ी, चने की सब्जी खिलाया एवं बच्चों को भेंट स्वरूप ड्राइंग बुक और स्केच पेन भी दिया |समग्र शिक्षा के जिला मिशन समन्वयक श्री के. एस पटले ने प्रोफेसर जेएन पांडे विद्यालय में न्योता भोज कर अपना जन्मदिन मनाया इस अवसर पर विद्यालय के 150 विद्यार्थियों पौष्टिक आहार दिया गया |डॉ सोनम नायक ने बताया कि उन्होंने अपना जन्मदिन सिलयारी से आंगनबाड़ी केंद्र में 25 बच्चों के साथ मनाया एवं उन्हें खीर पूड़ी खिलाकर एवं कॉपी पेंसिल कटर देकर मनाया |प्रोजेक्ट के तहत आज कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने सभी 14 कर्मचारियों को एसएमएस से ई-कार्ड के माध्यम से जन्मदिन का बधाई संदेश भेजा गया एवं नजदीकी आंगनबाड़ी अथवा स्कूल की जाकर बच्चों के साथ जन्मदिन मनाने का आग्रह किया
- 0-‘ग्रीन पालना अभियान’ के तहत नवप्रसूता माताओं को भेंट स्वरूप दिए गए 5 फलदार पौधे"रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप, जिला प्रशासन रायपुर ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल "ग्रीन पालना अभियान" की शुरुआत की है। इस अनूठी पहल के अंतर्गत, सरकारी अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को 5 फलदार पौधों :- आम, अमरूद, जामुन, पपीता और मुनगा की सौगात दी जा रही है। आज इस अभियान के तहत धरसींवा ब्लॉक 02, तिल्दा ब्लॉक 02, आरंग ब्लॉक 02, अभनपुर ब्लॉक 05, बिरगांव रायपुर 02 और शहरी रायपुर 05, कुल 18 प्रसूताओं को यह पौधे भेंट किए गए।यह पहल न केवल नवजात शिशु के जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली और स्वच्छ पर्यावरण का संदेश भी देती है।
- 0- छात्रावास और स्कूल के 161 बच्चों की हृदय रोग संबंधी स्क्रीनिंगरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार तथा जिला प्रशासन रायपुर की नवाचारी पहल "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत आज शासकीय प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास, सरोरा एवं आडवाणी आर्लीकन स्कूल में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की प्रारंभिक पहचान, जांच और निःशुल्क इलाज सुनिश्चित करना है।शिविर के दौरान सरोरा स्थित छात्रावास में 12 छात्राओं की स्क्रीनिंग की गई, जबकि आडवाणी आर्लीकन स्कूल में कुल 149 बच्चों की जांच की गई, जिनमें 54 छात्र और 95 छात्राएं शामिल रहीं। कुल मिलाकर आज 161 बच्चों की हृदय रोग संबंधी प्रारंभिक जांच की गई।जांच के दौरान 1 बच्चा संदिग्ध (सस्पेक्टेड) पाया गया, जिसे विशेष परीक्षण हेतु श्री सत्य साईं अस्पताल, नवा रायपुर भेजा जा रहा है। प्रोजेक्ट धड़कन के अंतर्गत, बच्चों में तेज़ धड़कन, वजन न बढ़ना, शरीर में नीलापन, बार-बार सर्दी-खांसी, सांस लेने में परेशानी, स्तनपान के दौरान पसीना आना जैसे लक्षणों के आधार पर स्क्रीनिंग की जा रही है, ताकि संभावित हृदय रोगों की समय रहते पहचान की जा सके।
- 0- आपातकालीन स्थितियों में जीवन रक्षा के लिए कर्मचारियों को किया गया दक्षरायपुर/ रायपुर जिले में आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने एवं जीवन रक्षक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आज प्राथमिक उपचार एवं CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार एवं जिला कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मल्टीलेवल पार्किंग, रायपुर में किया गया। यह प्रशिक्षण जिला प्रशासन एवं रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में जनपद पंचायत आरंग के 21 पंचायत सचिवों ने भाग लिया। रेड क्रॉस सोसाइटी के सहायक प्रबंधक श्री देव प्रकाश कुर्रे द्वारा CPR की तकनीक, प्राथमिक उपचार के सिद्धांत और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की विधियों का अभ्यास कराते हुए प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु :- CPR तकनीक का सैद्धांतिक व प्रायोगिक अभ्यास | आपातकालीन स्थितियों में प्राथमिक उपचार देने की विधियाँ | आम नागरिकों की जान बचाने हेतु सतर्कता और तत्परत | प्रशिक्षित सुपरवाइजरों द्वारा समुदाय में जागरूकता का प्रसार प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने स्वयं CPR तकनीकों का प्रायोगिक अभ्यास किया और इसे अपने क्षेत्र में लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। यह पहल भविष्य में होने वाली आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने में मील का पत्थर साबित होगी |
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन क्रमांक 02 वैशाली नगर अंतर्गत लिकेज पाइप लाईन, स्कूल के सामने अवैध पार्किंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, जल भराव, नाली एवं प्रस्तावित रोड निर्माण का निरीक्षण किया गया। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार जोन आयुक्त येशा लहरे द्वारा गौरव पथ अंतर्गत लिकेज पाईप लाईन संधारण कार्य का अवलोकन किया गया एवं संधारण कार्य में लगे कर्मचारियों को कार्य यथाशीध्र पूर्ण करने निर्देशित किया गया। जवाहर नगर में के. एच मेमोरियल स्कूल संचालित है, स्कूल प्रबंधन द्वारा सामने पार्किंग हेतु रिक्त स्थल को कब्जा कर लिया गया है। निगम आयुक्त के मंशानुरूप स्थल को कब्जा मुक्त कराने सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे को निर्देशित किया गया है। कैलाश नगर के घरों में वर्षा जल संरक्षण हेतु निर्माणाधीन रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का अवलोकन किया गया हैं एवं अन्य स्थलों में हार्वेस्टिंग सिस्टम वर्षाऋतु में ही पूर्ण करने निर्देशित किया गया है।वार्ड क्रं. 21 की पार्षद नेहा साहू की उपस्थिति में कैलाश नगर भगत सिंह मार्ग मोहल्ले वासियों से चर्चा अनुसार बारिश एवं घरों से निकलने वाले पानी निकासी के लिए नाली एवं आवागमन हेतु रोड का निर्माण करना अतिआवश्यक है। जोन आयुक्त द्वारा दिए गए आश्वासन अनुसार रोड एवं नाली निर्माण कार्य हेतु शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, स्वीकृति पश्चात तत्काल कार्य कराया जाएगा एवं तत्कालीक व्यवस्था के रूप में कच्चे नाली एवं मलवा बिछाकर आवागमन की सुविधा बनाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता अरविंद शर्मा, उप अभियंता अर्पित बंजारे उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर परिषद की बैठक महापौर नीरज पाल की अध्यक्षता एवं आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय की उपस्थिति में आहूत की गई। बैठक में नगर निगम की महती योजना गोकुल नगर में निकलने वाले गोबर से बायो गैस प्लांट स्थापित किए जाने सहित परिषद ने अन्य प्रस्ताओं को स्वीकृति प्रदान की है।महापौर परिषद के सदस्यों के समक्ष 19 एजेण्डा विचारार्थ प्रस्तुत किया गया। जिसमें प्रमुख रूप से बायो गैस प्लांट की स्थापना, हाइड्रोलिक एलिवेटर का किराया दर निर्धारण, निजी भवन/भूमियो के शुल्क में वृद्वि, वाटर एटीएम, सक्शन कम जेटिंग मशीन का किराया निर्धारण, जवाहर मार्केट का उन्नयन एवं विकास, जलकर, अभिमत प्रदाय, श्रमिक प्रदाय, पाइप लाईन एवं 15वें वित्त आयोग अंतर्गत प्रस्ताव शामिल है।भिलाई निगम अंतर्गत गोकुल नगर में बायो गैस प्लांट की स्थापना, हाइड्रोलिक एलिवेटर का किराया दर निर्धारण एवं निजी भवनों/भूमियों के स्वत्वाधिकार के अंतरण के शुल्क में वृद्वि हेतु महापौर परिषद के सदस्यों से अपनी सहमति प्रदान की। वार्ड क्रं. 59 सेक्टर 05 सड़क 03 स्थित वाटर एटीएम की स्थानांतरण, सक्शन कम जेटिंग मशीन 9000 लीटर का किराया निर्धारण एवं जवाहर मार्केट का उन्नयन एवं विकास कार्य को मंजूरी दी गई। जलकर विषयक संशोधन, अभिमत/आपत्ति/अनापत्ति प्रदान करने जाॅच प्रतिवेदन, निगम के जलकार्य विभाग में कुशल, अर्धकुशल एवं अकुशल श्रमिक उपलब्ध कराने एवं 2.72 एमएलडी जलशोधन संयंत्र से क्लीयर वाटर प्रदाय हेतु संपवेल, पम्प हाउस एवं राइजिंग मेन पाइप लाइन बिछाने के कार्य को महापौर परिषद के सदस्यों द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई। 15वें वित्त आयोग ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के एसडीपी से मिलान कर शासन को प्रस्ताव प्रेषित करने एवं अन्य 3 एजेण्डा पर सदस्यों की सहमति मिली।बैठक में महापौर परिषद के सदस्य सीजू एन्थोनी, लक्ष्मीपति राजू, संदीप निरंकारी, लालचंद वर्मा, साकेत चंद्राकर, एकांश बंछोर, केशव चैबे, चंद्रशेखर गंवई, रिता सिंह गेरा, नेहा साहू, उपायुक्त/सह सचिव नरेन्द्र बंजारे, जोन आयुक्त येशा लहरे, अमरनाथ दुबे, कार्यपालन अभिंयता रवि सिन्हा, अनिल सिंह, वेशराम सिन्हा, अरविंद शर्मा, विनीता वर्मा, राजस्व अधिकारी जे.पी. तिवारी, लेखाधिकारी चंद्रभूषण साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, सहायक अभियंता दीपक देवांगन, उप अभियंता अर्पित बंजारे, देवव्रत राजपूत सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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