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- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई जोन-04 अंतर्गत प्रगति मार्केट के संचालन, प्रस्तावित नाली, एस.एल.आर.एम. सेंटर, सीमेंटीकरण रोड एवं साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया। आयुक्त ने जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे के साथ जोन क्रमांक 04 खुर्सीपार अंतर्गत प्रगति मार्केट का निरीक्षण कर निर्मित दुकानों के संचालन हेतु रूचि की अभिव्यक्ति ऑफर की प्रक्रिया अविलंब करने निर्देशित किये है। दुकानों का नियमानुसार किराया निर्धारण हेतु महापौर परिषद के बैठक में रखा जाएगा । वार्ड क्रं. 38 सोनिया गांधी नगर में अधोसंरचना मद से प्रस्तावित नाली निर्माण कार्य का अवलोकन किया गया। शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, स्वीकृति पश्चात कार्य कराया जाएगा। वार्ड क्रं. 42 गौतम नगर में एस.एल.आर.एम. सेंटर का विस्तार हेतु निर्माण किया जा रहा है। जहां घरो एवं दुकानों से निकलने वाले कचरे को एकत्रित कर पृथक्करण किया जाएगा। एकत्रित कचरे को छाटकर खाद निर्माण एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों को पुनः निर्माण हेतु भेजा जाएगा।वार्ड क्रं. 43 बापू नगर में निर्माणाधीन सीमेंटीकरण रोड का निरीक्षण कर पर्याप्त पानी सिंचाई करने निर्देशित किया गया। साथ ही वार्ड में चल रहे साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिए कार्यरत कर्मचारियों को सफाई में समस्या आने पर जोन आयुक्त को सूचित करने निर्देशित किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता रवि सिन्हा, सहायक अभियंता प्रिया करसे, सहायक राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी उपस्थित रहे।
- 0- व शिविर में 83 लोगों ने कराए सुरक्षा बीमा0-अटल पेंशन योजना के खाते भी खोले गएबिलासपुर/ भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग द्वारा वित्तीय समावेशन योजनाओं की संतृप्ति स्तर हासिल करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर शिविरों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। ये शिविर लीड बैंक द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से जिले की सभी 486 ग्राम पंचायतों में कार्ययोजना के अनुरूप आयोजित की जा रही है। इस सिलसिले में कोटा विकासखण्ड के ग्राम मझगांव में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 210 जनधन खातों की पुनः केवाईसी की गई, 23 नए जनधन खाते खोले गए, 54 लोगों ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा, 29 ने जीवन ज्योति बीमा योजना और 10 ने अटल पेंशन योजना खाते खोले गए। इस तरह के शिविर 31 सितम्बर तक विभिन्न ग्राम पंचायतों में लगाये जायेंगे।लीड बैंक अधिकारी दिनेश उरांव ने बताया कि गांव स्तर पर आयोजित इन शिविरों में विशेष रूप से जनधन एवं सभी निष्क्रिय खातों में केवाईसी, जनधन खाता खोलना, सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना के कार्य किये जायेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक एवं भारत सरकार के निर्देशानुसार हर बैंक खाते का निश्चित अंतराल में केवाईसी किया जाना अनिवार्य किया गया है। कोटा में आयोजित विशेष शिविर में स्टेट बैंक कोटा, बेलगहना, ग्रामीण बैंक कोटा एवं बेलगहना, पंजाब नेशनल बैंक कोटा, सेंट्रल बैंक कोटा एवं एचडीएफसी बैंक कोटा ने हिस्सा लिया। भारतीय रिजर्व बैंक रायपुर कार्यालय के महाप्रबंधक श्री मनीष पाराशर ने शिविर का निरीक्षण किया और हो रहे कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने बैंक अधिकारियों एवं लाभार्थियों से संवाद कर वित्तीय समावेशन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक, रायपुर के सहायक महाप्रबंधक श्री दीपेश तिवारी, भारतीय स्टेट बैंक के आर.एम. श्री अविनाश सोनी, पंजाब नेशनल बैंक के सर्कल हेड श्री जगदीश राय, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के आर.एम. श्री सुरेश कुमार राजपूत, प्रबंधक वित्तीय समावेशन श्री विमल कुमार प्रसाद और सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0- व शिविर में 83 लोगों ने कराए सुरक्षा बीमा0-अटल पेंशन योजना के खाते भी खोले गएबिलासपुर/ भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग द्वारा वित्तीय समावेशन योजनाओं की संतृप्ति स्तर हासिल करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर शिविरों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। ये शिविर लीड बैंक द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से जिले की सभी 486 ग्राम पंचायतों में कार्ययोजना के अनुरूप आयोजित की जा रही है। इस सिलसिले में कोटा विकासखण्ड के ग्राम मझगांव में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 210 जनधन खातों की पुनः केवाईसी की गई, 23 नए जनधन खाते खोले गए, 54 लोगों ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा, 29 ने जीवन ज्योति बीमा योजना और 10 ने अटल पेंशन योजना खाते खोले गए। इस तरह के शिविर 31 सितम्बर तक विभिन्न ग्राम पंचायतों में लगाये जायेंगे।लीड बैंक अधिकारी दिनेश उरांव ने बताया कि गांव स्तर पर आयोजित इन शिविरों में विशेष रूप से जनधन एवं सभी निष्क्रिय खातों में केवाईसी, जनधन खाता खोलना, सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना के कार्य किये जायेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक एवं भारत सरकार के निर्देशानुसार हर बैंक खाते का निश्चित अंतराल में केवाईसी किया जाना अनिवार्य किया गया है। कोटा में आयोजित विशेष शिविर में स्टेट बैंक कोटा, बेलगहना, ग्रामीण बैंक कोटा एवं बेलगहना, पंजाब नेशनल बैंक कोटा, सेंट्रल बैंक कोटा एवं एचडीएफसी बैंक कोटा ने हिस्सा लिया। भारतीय रिजर्व बैंक रायपुर कार्यालय के महाप्रबंधक श्री मनीष पाराशर ने शिविर का निरीक्षण किया और हो रहे कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने बैंक अधिकारियों एवं लाभार्थियों से संवाद कर वित्तीय समावेशन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक, रायपुर के सहायक महाप्रबंधक श्री दीपेश तिवारी, भारतीय स्टेट बैंक के आर.एम. श्री अविनाश सोनी, पंजाब नेशनल बैंक के सर्कल हेड श्री जगदीश राय, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के आर.एम. श्री सुरेश कुमार राजपूत, प्रबंधक वित्तीय समावेशन श्री विमल कुमार प्रसाद और सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0- 90 की उम्र में भी काम करने वाले बुनकर पदुमलाल का सम्मानबिलासपुर/ शहर से लगे ग्राम लोफंदी में 11वां राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन सत्यनारायण बुनकर सहकारी समिति मर्यादित लोफन्दी में किया गया। समारोह में जिले के हाथकरघा वस्त्र उत्पादन में सम्मिलित बुनकर समिति के अध्यक्ष, प्रतिनिधि एवं बुनकर शामिल हुए। इस खास अवसर पर 90 साल की उम्र में भी सक्रिय होकर बुनकरी का काम करने वाले श्री पदुमलाल पिता मनिराम देवांगन का सम्मान किया गया। इसके अलावा 70 वर्ष से ज्यादा आयु वाले सभी बुनकरों का हाथकरघा विभाग की ओर से अभिनंदन किया गया। राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर उपस्थिति सभी बुनकर सदस्यों को एक-एक पौधा भेट किये गये तथा ग्राम-लोफन्दी में वृक्षारोपण कर उन्हे संरक्षित करने का संकल्प बुनकरों के द्वारा लिया गया है।ग्रामोद्योग विभाग, संचालनालय हाथकरघा रायपुर द्वारा सत्यनारायण बुनकर सहकारी समिति में आहता निर्माण हेतु समग्र हाथकरघा विकास योजनान्तर्गत राशि रूपये 10 लाख की स्वीकृति दी गयी। उक्त राशि से समिति में अहाता निर्माण किये जाने हेतु भूमि पूजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित श्री डोमूदास धकाते उपंसचालक जिला हाथकरघा कार्यालय बिलासपुर द्वारा हाथकरघा बुनकरों के विकास हेतु संचालित भारत सरकार एवं राज्य सरकार की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गयी। राज्य शासन की महत्वकांक्षी शासकीय वस्त्र प्रदाय योजनार्न्तगत प्राप्त वस्त्र उत्पादन लक्ष्य को समय सीमा में पूर्ण करने हेतु सम्मुचित मार्गदर्शन बुनकरों को किया गया। कार्यक्रम में ग्राम-लोफन्दी के सरपंच श्री अयोध्या प्रसाद देवांगन, सत्यनारायण बुनकर सहकारी समिति के अध्यक्ष बजरंग देवांगन एवं जिले की अन्य बुनकर सहकारी समिति के अध्यक्ष/प्रतिनिधि तथा ग्राम-लोफन्दी के सैकड़ों बुनकर उपस्थित रहे है।उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा 7 अगस्त को राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस घोषित किये जाने के फलस्वरूप प्रथम राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस चैन्नई में इसी दिन आयोजित किया गया था। हाथकरघा की बुनाई हमारी सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बुनकरों द्वारा हाथकरघा पर निर्मित वस्त्र बुनाई कला देश की पहचान को विश्वभर में प्रसिद्ध बनाया है। हाथकरघा क्षेत्र में अपनी अद्वितीय बुनाई कला और कौशल का प्रदर्शन किया है और भारतीय हाथकरघा को वैश्विक पहचान दिलाई है। हाथकरघा बुनकरों की धरोहर और संस्कृति को धागों के माध्यम से संजोने में अहम भूमिका निभाने वाले सभी शिल्पकारों एवं बुनकरों को यह राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस समर्पित है।
- 0- स्कूली बच्चों ने रंगोली और पेंटिंग के माध्यम से दिया देशभक्ति और स्वच्छता का संदेशबिलासपुर/ शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय तिफरा के दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता - स्वतंत्रता का उत्सव स्वच्छता के संग कार्यक्रम के अंतर्गत देशभक्ति और स्वच्छता के प्रति अपनी भावना का सुंदर प्रदर्शन किया। बच्चों ने मधुर स्वच्छता गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी के साथ ही बच्चों ने रंगोली और पेंटिंग के माध्यम से स्वतंत्रता व स्वच्छता थीम पर अपनी रचनात्मकता से सबका दिल जीत लिया।
- बिलासपुर/ बिलासपुर वनमण्डल क्षेत्रांतर्गत वन्यप्राणियों के संरक्षण एवं सुरक्षा से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए टेलीफोन नंबर 07752-226082 शुरू किया गया है। वनमण्डलाधिकारी ने आमजनों से अपील की है कि यदि वे वनप्राणियों के संरक्षण एवं सुरक्षा से संबंधित यदि कोई शिकायत दर्ज कराना चाहते है तो उक्त टेलीफोन नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते है। साथ ही नंबर का उपयोग आवश्यक परिस्थिति में करने का अनुरोध किया गया है।
- बिलासपुर/ जिला शिक्षा अधिकारी ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्राप्त आवेदनों के छानबीन के क्रम में तीन दिवस के भीतर आमजनता से दावा आपत्ति मंगाई है। फिलहाल 3 आवेदकों ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किये हैं। डीईओ ने बताया कि शासकीय प्राथमिक शाला खैराडीह में सहायक शिक्षक एलबी के पद पर कार्यरत स्व. श्री बलभद्र सिंह गोड के परिवार से उनके पुत्र श्री चंद्र मोहन सिंह, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सकर्रा में भृत्य के पद पर कार्यरत स्व. श्री बहोरन लाल कौशिक के पुत्र श्री संजय कुमार एवं कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी तखतपुर में कार्यरत स्व. श्री ओम प्रकाश के परिवार से उनके पुत्र श्री यश साहू ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया है।आमजनों की जानकारी में यदि दिवंगत शासकीय सेवकों के आश्रित परिवारों में यदि कोई सदस्य राज्य अथवा केन्द्र की शासकीय सेवा में कार्यरत होने की सूचना है, तो वे तीन दिवस के भीतर पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग स्थित कक्ष क्रमांक 25, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर अथवा डाक के जरिए जानकारी दे सकते हैं ताकि नियमानुसार पात्र व्यक्ति को ही अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिया जा सके।
- 0- केन्द्र और राज्य से मिल रही सब्सिडी0- सरकण्डा निवासी शशांक दुबे का बिजली बिल हुआ शून्यबिलासपुर/ प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना एक ऐसी योजना है जिसमें सौर ऊर्जा के माध्यम से घरों तक रोशनी पहुंचाई जा रही है। योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत हितग्राहियों को केन्द्र सरकार की ओर से 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार तक की सब्सिडी दी जा रही है साथ ही प्रतिमाह 300 यूनिट फ्री बिजली का भी प्रावधान है। योजना के तहत अरविंद नगर सरकण्डा निवासी श्री शशांक शेखर दुबे ने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाया है जिससे हो रहे बिजली उत्पादन से अब उन्हें महंगे बिजली के बिल से राहत मिल रही है और उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है। इस महत्वपूर्ण योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताया है।अरविंद नगर सरकण्डा निवासी श्री शशांक शेखर दुबे ने बताया कि जब से उन्होंने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाया है, उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है। सोलर पैनल के जरिए छत पर हो रहे बिजली उत्पादन से उनकी प्रतिमाह बिजली पर होने वाले खर्च की बचत हो रही है। श्री दुबे ने बताया कि उनकी छत पर 5 किलोवाट का सोलर पैनल लगा है, जिससे हो रहे बिजली उत्पादन से न केवल प्रतिमाह आने वाले बिजली बिल की अब चिंता नहीं रही, वहीं वे उत्पादक के रूप में भी बिजली की सप्लाई भी कर रहे हैं जो गर्व की बात है। सोलर पैनल लगवाने के बाद उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है। उन्होंने बताया कि 5 किलोवाट सोलर पैनल लगवाने पर उन्हें लगभग 2 लाख की लागत आई है, जिसमें से केन्द्र सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में 78 हजार रूपए प्राप्त हो गए हैं और राज्य सरकार की ओर से भी जल्द ही 30 हजार रूपए की सब्सिडी मिलने वाली है।उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत केवल 1 बार निवेश करना है जिसके बाद 25 वर्षाे तक बिजली की आपूर्ति होती रहेगी। लंबे समय के लिए यह एक बेहद किफायती योजना है जिसके लिए बैंक द्वारा कम ब्याज दर पर ऋण की भी सुविधा दी जाती है। उन्होंने बताया कि एक बार सोलर पैनल लगवाने के बाद इस पर किसी प्रकार का मेंटेनेन्स खर्च नहीं है और पैनल लगाने वाली कंपनी द्वारा 5 साल तक निःशुल्क सविर्सिंग की सुविधा दी जाती है। उन्होंने कहा कि यह पर्यावरण की दृष्टि ये बेहद उपयोगी है। इस माध्यम से हम सौर ऊर्जा कर उपयोग कर बिजली का उत्पादन कर पा रहे हैं, जो ग्रीन एंनर्जी को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह इस योजना को अपनाकर सौर ऊर्जा का उपयोग करते हुए बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनें और पर्यावरण संवर्धन में अपना योगदान दें।उल्लेखनीय है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत शासन द्वारा शहरी एवं ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफ टॉप सोलर प्लाण्ट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उक्त स्थापित प्लाण्ट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से जुड़ेगा जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आमदनी भी मिल जाती है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अधिक आय, कम बिजली बिल और नवीन रोजगारों का सृजन होगा तथा नवीनीकृत ऊर्जा स्त्रोत के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। शासन द्वारा इस योजना में 30 हजार रूपये से लेकर 78 हजार रूपये तक अनुदान भी दिया जाता है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता पीएम सूर्यघर डॉट जीओव्ही डॉट इन वेब पोर्टल अथवा पीएम सूर्यघर एप्प में पंजीयन करा सकते हैं।
- बिलासपुर/ प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के संबंध में कल 8 अगस्त को अपरान्ह 3 बजे से लखीराम स्मृति ऑडोटोरियम में कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कार्यशाला में प्रधानमंत्री मुफ्त सूर्य घर बिजली योजना और इसका लाभ लेने के संबंध में विस्तृत रूप से जानकारी दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि योजना के अंतर्गत बिजली उपकरण अपने घर में ही स्थापित करने के लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकार की ओर से भारी अनुदान दिया जा रहा है। हर महीने अपने घर में ही बिजली संयत्र स्थापित कर 200 से 360 यूनिट तक बिजली उत्पादित कर सकते है। जरूरत से ज्यादा बिजली होने पर इसे पावर ग्रिड में डालकर अतिरिक्त आमदनी भी कमाई जा सकती है।
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बिलासपुर/ निपनिया स्थित लाइवलीहुड कॉलेज में भोजन एवं स्वल्पाहार की व्यवस्था संचालन के लिए पंजीकृत महिला स्व सहायता समूहों से प्रस्ताव आमंत्रित किये गये है। आवेदन के इच्छुक महिला समूह का पंजीयन एनआरएलएम अथवा एनयूएलएम में होना चाहिए। प्रस्ताव 28 अगस्त को दोपहर 2 बजे तक पहंुच जाने चाहिए। इसे 1 सितम्बर 2025 को दोपहर 12 बजे खोला जाएगा। उल्लेखनीय है कि लाइवलीहुड कॉलेज में युवाओं के आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम होते रहते है। उन्हें स्थानीय स्तर पर भोजन एवं स्वल्पाहार उपलब्ध कराया जाता है। विस्तृत जानकारी के लिए जिला प्रशासन की वेबसाईट www.bilaspur.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है।
- 0- स्वच्छता के संग’’ थीम पर 15 अगस्त तक स्वतंत्रता सप्ताह का आयोजन0- कार्यक्रम अंतर्गत गतिविधियों के संचालन करने हेतु क्षेत्रवार नोडल अधिकारी नियुक्तदुर्ग/ 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर "हर घर तिरंगा" कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 02 अगस्त से 15 अगस्त, 2025 तक तीन चरणों में (प्रथम चरण 02 से 08 अगस्त, द्वितीय चरण 09 से 12 अगस्त, तृतीय चरण 13 से 15 अगस्त 2025) किया जा रहा है, जो ’’हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता - स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग’’ थीम पर आधारित है। इसके अंतर्गत सभी भारतीय नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज अपने घर पर फहराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि आमजन में देश भक्ति की भावना विकसित हो तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान में वृद्धि हो। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने उक्त कार्यक्रम अंतर्गत गतिविधियों के संचालन करने हेतु क्षेत्रवार नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पंचायत क्षेत्रों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग को, नगर पालिका निगम क्षेत्र में आयुक्त नगर पालिक निगम (सर्व) जिला दुर्ग को, नगर पालिका परिषद् क्षेत्रों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद् (सर्व) जिला दुर्ग को तथा नगर पंचायत क्षेत्रों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पंचायत (सर्व) जिला दुर्ग को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। सभी कार्यालयों/विभागीय गतिविधियों के संचालन हेतु संबंधित कार्यालय प्रमुख (सर्व) जिला दुर्ग प्रभारी अधिकारी होंगे। सभी नियुक्त नोडल अधिकारियों को संस्कृति विभाग द्वारा दिये गये निर्देशानुसार कार्यवाही करना सुनिश्चित करने कहा गया है।कार्यक्रम अंतर्गत जारी दिशा-निर्देश के अनुसार जिले के अन्तर्गत सार्वजनिक उपक्रमों स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों आदि के समस्त कर्मचारियों एवं उनके परिवार की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्पाेरेट और निजी संगठनों को भी सीएसआर संसाधनों सहित भाग लेने और योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार की वेबसाइट्स और सोशल मीडिया का उपयोग कर जागरूकता का निर्माण करने तथा ’’हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता-स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग’’ आयोजित कार्यक्रम को वेबसाइट (www.harghartiranga.com) के माध्यम से लिंक किया जाएगा। शासन स्तर पर मॉनिटरिंग कर ग्राम सरपंचों एवं नगरीय निकाय के अन्य सदस्य एवं पदाधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित कर तिरंगा कोड को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त तिरंगा की मांग अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। शासकीय स्तर पर प्रत्येक गाँव में तिरंगा वितरण और बिक्री केन्द्र स्थापित किया जाना है।इसके लिए स्थानीय स्व-सहायता समूहों को तिरंगा के निर्माण एवं ग्राम पंचायतों द्वारा बड़े पैमाने पर समूह में खरीदी के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों में तिरंगा के वितरण/बिक्री केन्द्र के रूप में पोस्ट ऑफिस/उचित मूल्य की दुकान का नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। टोल नाका, चेक पोस्ट आदि में पैम्पलेट-स्टीकर वितरण किये जाएंगे। भारत सरकार द्वारा निर्धारित गतिविधियों जैसे समस्त शासकीय भवनों एवं सस्थानों आवासीय भवनों में तिरंगा लाईटिंग, रंगोली, सेल्फी जोन एवं तिरंगा फहराना एवं पैम्पलेट, बैनर, स्टैर्णडिज आदि के माध्यम से ’’हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता-स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग’’ कार्यक्रम को सफल बनाने स्थानीय भाषाओं में प्रमुखता से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। कार्यक्रम अंतर्गत तिरंगा वितरण कार्यवाही की जानकारी https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeyrn6d9810NoQ7NquJjOQV XN-MjR9tkBjP7sFZPD-ylaXUPA/viewform लिंक पर अपलोड की जाएगी।--
- फाइल फोटोदुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए वैशाली नगर विधानसभा के 03 निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्याे के लिए 44 लाख 99 हजार 270 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र विधायक श्री रिकेश सेन द्वारा अनुशंसित उक्त कार्याे का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी आयुक्त नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा की जाएगी।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड क्रं 14 सड़क नं. जीरो शांतिनगर डोम के सामने सार्वजनिक मंच निर्माण कार्य के लिए 15 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार वार्ड क्र. 24 के 32 एकड़ नाग मंदिर के पास सर्व सुविधायुक्त सार्वजनिक सामुदायिक भवने निर्माण हेतु 9 लाख 99 हजार 270 रूपए एवं वार्ड क्र. 04 नेहरू नगर स्थित भेलवा तालाब के सौंदर्यीकरण हेतु 20 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
- 0- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बिजली बिल हुआ जीरोदुर्ग/ दुर्ग जिले के ग्राम मोहलई में रहने वाले देवांगन परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगवाकर ना केवल मुफ्त बिजली का लाभ उठा रहे हैं, बल्कि बिजली के बिलों से भी राहत पा रहे हैं। जहां पहले हर महीने भारी भरकम बिजली बिल उन्हें चिंता में डाल देता था, वहीं अब उनके चेहरे पर राहत की मुस्कान है। श्रीमती अनिता देवांगन के पति आधुनिक तकनीकों में भी रुचि रखते हैं। श्रीमती देवांगन ने बताया कि उन्होंने अपने घर की छत पर 6 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया है, जिसकी कुल लागत करीब 3 लाख रुपये आई। इस योजना के तहत उन्हें केंद्र सरकार से 75 हजार रूपए की सब्सिडी भी मिली, जिससे लागत और भी कम हो गई।पहले गर्मियों में बिजली का बिल 4 से 5 हजार रुपए तक आता था। बाकी सीजन में 2500 रुपए तक बिल देना पड़ता था। लेकिन अब पिछले छह महीनों से बिजली बिल जीरो आ रहा है। उनके घर में 4 एसी, 3 टीवी और अन्य बिजली उपकरण चलते हैं, फिर भी सोलर एनर्जी के कारण उन्हें बिजली बिल की कोई फिक्र नहीं है। श्रीमती देवांगन के पति श्री हरिहर प्रसाद देवांगन नवापारा में ऑटो पार्ट्स की दुकान चलाते हैं। इस पहल से देवांगन परिवार को बड़ी राहत मिली है। इनकी घर की आवश्यकता अभी केवल दो केवी है, शेष केवी को सरकार को बेच पैसा कमाने की योजना है। अब जो पैसे पहले बिजली बिल में जाते थे, उन्हें वे बच्चों की पढ़ाई और घर के अन्य जरूरी कामों में लगा पा रहे हैं।
- दुर्ग/ इंटीग्रेटेड ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जो एक ISO 9001:2018 प्रमाणित संस्थान है और GNCT दिल्ली के तहत ट्रस्ट एक्ट 1961 के अंतर्गत पंजीकृत है, ने आज गुड़गांव के होटल हॉलिडे इन में आयोजित एक भव्य समारोह में डॉ. कमल किशोर शर्मा को मानद डॉक्टरेट (Honoris Causa) की उपाधि से सम्मानित किया। यह सम्मान उनके समाज के प्रति असाधारण योगदान और प्रतिबद्धता के लिए प्रदान किया गया। समारोह में यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने डॉ. शर्मा की सामाजिक सेवा, नेतृत्व और समाज के उत्थान में उनके उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की। इंटीग्रेटेड ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जो अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त संस्था है और अमेरिकन लाइब्रेरी, यूएसए का संस्थागत सदस्य है, ने इस उपाधि को रजिस्ट्रेशन नंबर IN-DL73895817514395U के तहत प्रदान किया। इंटीग्रेटेड ग्लोबल यूनिवर्सिटी के कॉरपोरेट कार्यालय, जो चांदनी चौक, दिल्ली-110006 में स्थित है, ने इस अवसर पर एक बयान जारी कर कहा, "डॉ. कमल किशोर शर्मा ने अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी उपलब्धियां और समर्पण न केवल प्रेरणादायक हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी एक मिसाल हैं।"इस समारोह में संस्था के डायरेक्टर तपन काकोटी सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। डॉ. शर्मा ने इस सम्मान के लिए यूनिवर्सिटी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा, "यह मेरे लिए गर्व का क्षण है। मैं अपने कार्यों को और अधिक उत्साह के साथ समाज के कल्याण के लिए समर्पित करता रहूंगा।" इंटीग्रेटेड ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने अपने मिशन के तहत उन व्यक्तियों को मानद उपाधियाँ प्रदान करने का कार्य जारी रखा है, जो समाज में उत्कृष्ट योगदान देते हैं। इस उपाधि के साथ डॉ. शर्मा का नाम उन विशिष्ट व्यक्तियों की सूची में शामिल हो गए है, जिन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ है।
- 0- पेट्रोल पंपों में दोपहिया वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करने की दी जा रही है समझाईश0- एसडीएम एवं एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा किया जा रहा है पेट्रोल पंपों का नियमित निरीक्षण0- सड़कों में विचरण करने वाले घुमंतू मवेशियों की धर-पकड़ हेतु की जा रही है कार्रवाईबालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम सुनिश्चित कर सड़क सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित करने हेतु जिले के प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैद होकर इस कार्य का स्वयं माॅनिटरिंग कर रहे हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार आज एसडीएम एवं पुलिस अधिकारी अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा पेट्रोल पंपों में पहुँचकर दुपहिया वाहन चालकों को वाहन चलाते वक्त अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करने की समझाईश दी जा रही है। इसके अलावा पेट्रोल पंप संचालकों को बिना हेलमेट पहने पेट्रोल पंप में पेट्रोल एवं डीजल खरीदी हेतु आने वाले दुपहिया वाहन चालकों को किसी भी हालत में पेट्रोल नही देने के निर्देश दिए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के द्वारा इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।इसी कड़ी में आज एसडीएम गुरूर श्री आरके सोनकर एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस तथा अन्य अधिकारियों के द्वारा विकासखण्ड मुख्यालय गुरूर स्थित अर्जुन फिलिंग प्वाईंट गुरूर, विनायक फ्यूल्स बोहारडीह, कुशाल फ्यूल्स बोहारडीह, नानकानी फ्यूल्स पुरूर एवं निर्मल फ्यूल्स चिटौद का निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने सड़क दुर्घटना के कारण पीड़ित व्यक्ति एवं उनके परिवार को होने वाली क्षति के संबंध में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि मनुष्य का जीवन अनमोल एवं बेशकीमती है। इसलिए छोटी सी लापरवाही से अपने इस बेशकीमती जीवन का क्षति नही होने देना चाहिए। इस अवसर पर अधिकारियों ने दुपहिया वाहन चालकों को वाहन चलाते वक्त अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करने एवं नियंत्रित गति में वाहन चलाने के अलावा यातायात नियमों का भी अनिवार्य रूप से पालन करने की समझाईश दी गई।इसके अलावा आज दल्लीराजहरा शहर में नगर पालिका अध्यक्ष श्री तोरण लाल साहू, एसडीएम श्री सुरेश साहू एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा सड़क दुर्घटना की रोकथाम सुनिश्चित करने तथा यातायात व्यवस्था को सुगमता एवं सुचारू रूप से संचालित करने हेतु नगर के प्रमुख मार्गों एवं चैक-चैराहों का जायजा लिया गया। इस दौरान एसडीएम के निर्देश पर सड़क के किनारे अपने दुकाने के आगे बढ़ाकर दुकान लगाने वाले दुकानदारों के विरूद्ध अर्थदण्ड वसूली की कार्रवाई की गई। इसके अलावा इन दुकानदारों को केवल अपने दुकान के अंदर एवं निर्धारित स्थान पर ही समान रखने की समझाईश दी गई।इस दौरान अधिकारियों के द्वारा सड़क के किनारे अनाधिकृत रूप से खड़ी वाहनों पर जुर्माना की कार्रवाई कर उन्हें भविष्य में सड़क के किनारे वाहन खड़ी नही करने की समझाईश भी दी गई। इसके साथ ही आज सड़कों में विचरण करने वाले घुमंतू मवेशियों की धर-पकड़ की कार्रवाई भी की गई। पकड़े गए इन मवेशियों को गोठान में रखकर पशु मालिकों से अर्थदण्ड की वसूली की कार्रवाई की जा रही है। ज्ञातव्य हो कि कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के द्वारा इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने तथा लापरवाही बरतने वालों की विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्रीमती चित्रा वर्मा, थाना प्रभारी श्री रवि पाण्डेय एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- बालोद/ अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा ने बताया कि जिले में अधिकंाश सड़क दुर्घटनाओं में बिना हेलमेट के यात्रा करने से जनहानि होती है। इन दुर्घटनों में हो रही जनहानि में कमी लाने के उद्देश्य से जिला कार्यालय बालोद के सर्व कार्यालयीन अधिकारी कर्मचारियों को यात्रा के दौरान यातायात निर्देशों एवं नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिला कार्यालय में मोटर साईकिल व दोपहिया वाहन से आने वाले सभी अधिकारी, कर्मचारियों को हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करना होगा। साथ ही कार्यालय में अनिवार्य रूप कार्यालयीन आईडी परिचय पत्र के साथ उपस्थित होना होगा। उन्होंने बताया कि उक्त निर्देशों का पालन नहीं करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी।
- बालोद/ उत्कृष्ट विद्यालय प्रबंधन समिति जिला बालोद द्वारा संचालित, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में शैक्षिक एवं गैर-शैक्षिक, 190 रिक्त पदों की पूर्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे। उत्कृष्ट विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री पी.सी. मरकले ने बताया कि सहायक शिक्षक पद हेतु ऑनलाईन गूगल फार्म के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की जाँच पश्चात दावा आपत्ति हेतु पात्र व अपात्र अभ्यर्थियों की प्राविधिक सूची जिले की वेबसाईट बालोद डाॅट जीओवी डाॅट इन में अपलोड की गई है। उन्होंने बताया कि आवेदनकर्ता ई-मेल के माध्यम से 11 अगस्त 2025 रात्रि 11ः59 बजे तक ई-मेल आई.डी. सेजेसबालोद5 एटदरेट जीमेल डाॅट काॅम में मेल कर दस्तावेजी प्रमाण पत्र के साथ दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते है। अन्य किसी भी माध्यम से दावा आपत्ति स्वीकार नही किये जायेंगे तथा इसके उपरान्त प्राप्त दावा आपत्ति आवेदन पर विचार नही किया जावेगा।
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रायपुर/ रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर निगम के जोन 4 अंतर्गत पण्डित भगवती चरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 57 के क्षेत्र कटोरा तालाब में संत कंवर दास कन्या विद्यालय पहुंचे और शासन की अभिनव सरस्वती योजना अंतर्गत वार्ड 57 के पार्षद और निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, पार्षद श्रीमती स्वप्निल मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक - शिक्षकाओं के साथ मिलकर स्कूल की छात्राओं को साइकिलें प्रदत्त कीं. साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरे खिल उठे. रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने छात्राओं को भाई - बहन के स्नेह के पवित्र रक्षाबंधन पर्व की अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें दीं और मोदी की गारंटी और विष्णु के सुशासन के अंतर्गत सरस्वती योजना अंतर्गत मिली साइकिल का पूर्ण सदुपयोग जीवन में अच्छा समय प्रबंधन कर अच्छे परिणाम लाने करने संकल्प लेने की अपील की.
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अन्यथा की स्थिति में विधि अनुरूप कठोर कार्यवाही करने की चेतावनी दी
रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 6 कार्यालय में जोन 6 कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव ने जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अदिव्य हाजरी की उपस्थिति में जोन 6 के सभी 7 वार्डों के समस्त पशुपालको की बैठक लेकर उन्हें आवारा पशुओं के कारण सड़को पर हो रही सड़क दुर्घटनाओं को गभीरता से लेते हुए माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिये गये आदेश के पालन में राज्य शासन और जिला प्रशासन द्वारा दिये गये निर्देश पर प्रतिदिन की जा रही कार्यवाही से अवगत कराया। नगर निगम जोन 6 जोन कमिश्नर ने सभी पशु पालको को अपने पशुओ को अपनी गौशालाओं में बांधकर रखने एवं सड़क पर खुले में किसी भी हालत में नहीं छोड़ने की कड़ी हिदायत दी। अन्यथा की स्थिति में विधि अनुरूप कठोर कार्यवाही करने की चेतावनी सभी पशुपालको को दी है। जोन 6 जोन कमिश्नर ने पशु पालको को नाली में गोबर नहीं बहाए जाने की सख्त हिदायत दी है। अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार कठोर कार्यवाही कर ई जुर्माना वसूलने की स्पष्ट चेतावनी दी है।
यहां उल्लेखनीय है कि माननीय उच्च न्यायलय द्वारा दिए गए आदेश के पालन हेतु राज्य शासन एवं रायपुर जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा- निर्देशों के अनुरूप रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में विभिन्न सडक मार्गों में काउकेचर वाहन और विशेष टीम की सहायता से सभी 10 जोनो के समस्त वार्डो के विभिन्न प्रमुख स्थानो पर लगातार अभियान चलाकर सडक से पशुओ को घरपकड़ कर गौठान कांजी हाउस भेजा जा रहा है एवं आयुक्त के निर्देश पर सभी जोन कमिश्नरो द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर इस कार्य की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। नगर निगम अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय एवं नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रीति सिंह प्रतिदिन निरंतर इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैँ। -
रायपुर। रामराज फाउंडेशन की अध्यक्ष शोभा बावनकर द्वारा “विद्यादान महोत्सव” का आयोजन कराया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महापौर श्रीमती मीनल चौबे थीं। विशेष रूप से पार्षद अमर गिदवानी, इस्कान रायपुर के तमाल कृष्णदास प्रभु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन संत कंवरराम कन्या विद्यालय, रायपुर में किया गया। इस अवसर पर 500+ छात्राओं को बैग, कॉपियां, पेन, स्पोर्ट्स किट वितरित किए गए।
विशेष व्यवस्थाएं:
▪️ निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर
▪️ प्रसादम् वितरण
▪️ श्रीमद्भगवद गीता उपहार अतिथियों को भेंट
शोभा बावनकर का संकल्प:
“इन बच्चियों में ही कल का कोई डॉक्टर, खिलाड़ी, प्रोफेसर और अध्यात्मिक क्षेत्र में रुचि लेंगी। – हमें सिर्फ सहारा बनना है।”
“यह जो बच्चे हमारे सामने बैठे हैं-
हमें बस इनका हाथ थामना है, थोड़ा सा सहारा देना है।”
“मैं आज के इस पावन अवसर पर हमारी पूरी टीम को, हमारे सभी दानदाताओं दिल से धन्यवाद देती हूं।
रामराज फाउंडेशन अब तक:
• 65,000+ भोजन वितरण
• 500+ स्कूल बैग
• 5,000+ कॉपियाँ
• 300+ गायों की सेवा month me 4 days
• 100 गीता पुस्तक वितरण
• अस्पतालों में नवजात व माताओं को पोषण सामग्री - रायपुर,। केन्द्रीय जेल रायपुर से शोएब ढेबर पिता अनवर ढेबर को सभी प्रकार के मुलाकात से आगामी तीन माह के लिए प्रतिबंधित किया गया है। शोएब ढेबर द्वारा जेल अधिकारियों की अनुमति के बिना जबरदस्ती मुलाकात कक्ष में प्रवेश कर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की गई, इस आधार पर यह प्रतिबंध लगाया गया है।जेल अधीक्षक रायपुर द्वारा जारी आदेश अनुसार शोएब ढेबर ने अधिवक्ता मुलाकात के समय संबंधित अधिकारियों द्वारा मना किए जाने के बावजूद जबरन प्रवेश किया, जिससे जेल के सुरक्षा और संचालन व्यवस्था में अवरोध उत्पन्न हुआ। इस घटना की जांच उप जेल अधीक्षक एम.एन. प्रधान द्वारा की गई, जिनकी रिपोर्ट में पुष्टि की गई कि शोएब ढेबर द्वारा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करना सत्य है। जेल नियमावली के नियम 690 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय जेल रायपुर के जेल अधीक्षक द्वारा आदेश जारी करते हुए शोएब ढेबर को तीन माह तक किसी भी बंदी से किसी भी प्रकार की मुलाकात से प्रतिबंधित कर दिया गया है। जेल अधीक्षक ने कहा कि जेल परिसर की सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसे कृत्यों को गंभीरता से लिया जाएगा और भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने हेतु कड़े कदम उठाए जाएंगे।
- -छत्तीसगढ़ संवाद व जनसंपर्क विभाग की कार्यप्रणाली ने महाराष्ट्र के अधिकारियों को किया प्रभावितरायपुर / महाराष्ट्र सरकार के जनसंपर्क एवं सूचना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक अध्ययन दल 5 से 7 अगस्त 2025 तक तीन दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ में प्रवास पर रहा। इस दौरे का उद्देश्य छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सूचना, जनसंपर्क और शासकीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में किए जा रहे नवीनतम नवाचारों और प्रभावी कार्यप्रणालियों का प्रत्यक्ष अवलोकन एवं अध्ययन करना था।अध्ययन दल में महाराष्ट्र शासन की उप सचिव श्रीमती समृद्धि अंगोलकर, निदेशक श्री किशोर गंगरडे सहित कुल छह वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। दल ने छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग एवं उसकी सहायक संस्था छत्तीसगढ़ संवाद की संपूर्ण कार्यप्रणाली का अध्ययन किया।भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने ई-न्यूज़ क्लिपिंग, ई-आरओ सिस्टम, ई-पब्लिकेशन, पत्रकार अधिमान्यता प्रणाली, तथा पत्रकारों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं का गहन अध्ययन किया। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ संवाद की संगठनात्मक संरचना, संचालन तंत्र तथा तकनीकी नवाचारों के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की।इस अवसर पर अध्ययन दल ने जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल से सौजन्य मुलाकात की। जनसंपर्क आयुक्त डॉ. मित्तल ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग का यह सतत प्रयास रहा है कि शासकीय योजनाओं और जनहितकारी नीतियों की जानकारी आम जनता तक त्वरित, पारदर्शी और प्रभावशाली ढंग से पहुँचे। सूचना के क्षेत्र में तकनीक और मानवीय दृष्टिकोण के संतुलित समावेशन ने हमारी कार्यप्रणाली को विशिष्ट बनाया है। यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है कि अन्य राज्य भी हमारे नवाचारों में रुचि ले रहे हैं। यह अनुभव-साझाकरण एक सकारात्मक और रचनात्मक दिशा में उठाया गया कदम है।अध्ययन दल ने इंद्रावती भवन स्थित जनसंपर्क संचालनालय एवं छत्तीसगढ़ संवाद कार्यालय का भ्रमण कर विभिन्न शाखाओं के संचालन का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और विभाग की प्रमुख गतिविधियों को निकट से जाना।अपर संचालक श्री जे.एल. दरियो, श्री उमेश मिश्रा एवं श्री संजीव तिवारी ने अध्ययन दल को विभाग की प्रमुख गतिविधियों, कार्यप्रणाली और तकनीकी अनुप्रयोगों की जानकारी विस्तार से प्रदान की।महाराष्ट्र से आए अध्ययन दल के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए उन्हें अपने राज्य में भी लागू करने की संभावनाओं में गहरी रुचि जताई।इस अवसर पर जनसंपर्क विभाग और छत्तीसगढ़ संवाद के विभिन्न अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -दूरस्थ नक्सल प्रभावित आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा की नई अलख, अब बच्चों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षारायपुर / छत्तीसगढ़ शासन की युक्तियुक्तकरण नीति के सकारात्मक परिणाम अब प्रदेश के सबसे दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगे हैं। मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र कमकासुर की प्राथमिक शाला, जो एक वर्ष से शिक्षक विहीन थी, अब वहां फिर से ‘क, ख, ग३’ की गूंज सुनाई दे रही है।मोहला जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित कमकासुर गांव एक घना वनाच्छादित आदिवासी क्षेत्र है, जहां नक्सली गतिविधियों की लगातार उपस्थिति के कारण शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होती रही है। गांव की शासकीय प्राथमिक शाला में 14 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन विगत एक वर्ष से शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई थी। इससे पालकों की चिंता गहराने लगी थी और बच्चों का मनोबल भी टूटने लगा था। ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से शिक्षक नियुक्ति की मांग की जा रही थी। शासन द्वारा युक्तियुक्तकरण की पहल के अंतर्गत इस विद्यालय को अंततः एक प्रधान पाठक प्रदान किया गया, जिससे गांव में फिर से शिक्षा की रौशनी लौट आई है। शिक्षक की नियुक्ति से न केवल विद्यालय की गतिविधियाँ पुनः आरंभ हुई हैं, बल्कि बच्चों में भी शिक्षा के प्रति उत्साह लौट आया है।विद्यालय में पढ़ाई शुरू होते ही बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और अब अभिभावकों का विश्वास भी दृढ़ हुआ है कि उनके बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इस पहल के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बदलाव शासन की दूरदर्शी नीति का परिणाम है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है। इसका उद्देश्य प्रदेशभर में शिक्षकों का समान और प्रभावी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि हर बच्चे को समान अवसर मिल सके।इस दूरस्थ और नक्सल प्रभावित अंचल में शिक्षक की नियुक्ति केवल एक शैक्षणिक पहल नहीं, बल्कि यह शिक्षा को सशक्त बनाने और सामाजिक समरसता की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम है। कमकासुर जैसे क्षेत्रों में शिक्षा की लौ जलने से स्पष्ट है कि अब प्रदेश का कोई बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।
- -दुर्गम क्षेत्र और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मात्र तीन महीनों में पूर्ण हुआ सोडी हुंगी और दशरी बाई का मकान-विशेष परियोजना के तहत इस साल मार्च में स्वीकृति के बाद मई में शुरू हुआ था काम-छत्तीसगढ़ सरकार के आग्रह पर केंद्र सरकार ने विशेष परियोजना के तहत मंजूर किए हैं 15 हजार आवास-छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास, विकास और पुनर्वास की नीति पर कर रही है कार्य: सरकार सभी पात्र हितग्राहियों को पक्का घर देने के लिए संकल्पित - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर.। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दूरस्थ वनांचलों के हर परिवार को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने सरकार लगातार पहल कर रही है। राज्य में नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष परियोजना के तहत करीब तीन हजार आवास बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार से विशेष आग्रह कर आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए जो प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता की शर्तों में नहीं आ पा रहे थे, उनके लिए विशेष परियोजना के तहत 15 हजार आवास स्वीकृत कराया है।विशेष परियोजना के तहत राज्य में अब तक पात्र पाए गए पांच हजार परिवारों में से तीन हजार परिवारों के लिए आवास स्वीकृत कर 2111 परिवारों को आवास निर्माण के लिए पहली किस्त और 128 परिवारों को दूसरी किस्त भी जारी की जा चुकी है। सुदूर वनांचलों में रहने वाले इन परिवारों के आवास तेजी से बन रहे हैं। नक्सल हिंसा से प्रभावित सुकमा की सोडी हुंगी और कांकेर की दशरी बाई का विशेष परियोजना के अंतर्गत स्वीकृत पीएम आवास दुर्गम क्षेत्र और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मात्र तीन महीनों में ही बनकर तैयार हो गया है। इस साल मार्च में स्वीकृति के बाद मई में इनके आवासों का निर्माण प्रारंभ हुआ था।बस्तर में नक्सल हिंसा से प्रभावित और आत्मसमर्पित नक्सलियों के परिवारों में खुशियों ने फिर से दस्तक देना शुरू कर दिया है। विशेष परियोजना के तहत स्वीकृत उनके पक्के आवास तेजी से आकार ले रहे हैं। दूरस्थ और कठिन भौगोलिक क्षेत्र होने के बावजूद इन परिवारों के हौसले और शासन-प्रशासन की मदद से उनके सपनों के आशियाने मूर्त रूप ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में यह विशेष परियोजना न केवल एक ठोस कदम है, बल्कि पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में मील का पत्थर भी है।दुर्गम क्षेत्र और विपरीत हालातों के बीच भी तीन महीने में निर्माण पूराकांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 200 किलोमीटर दूर कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के उलिया ग्राम पंचायत में रहने वाली श्रीमती दसरी बाई नुरूटी के पति श्री दोगे नुरूटी की विधानसभा चुनाव के दौरान माओवादी घटना में मृत्यु हो गई थी। पीएम आवास योजना में नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए विशेष परियोजना के तहत इस साल मार्च में उसका आवास स्वीकृत किया गया था। मई में उसके आवास का निर्माण शुरू हुआ था। अब मात्र तीन महीनों की अल्प अवधि में ही उसके आवास का निर्माण पूर्ण हो गया है। दसरी बाई के हौसले के कारण कठिन परिस्थितियों के बावजूद बहुत कम समय में आवास तैयार हुआ और उसके परिवार को पक्का मकान मिला।श्रीमती दसरी बाई बताती हैं कि वनांचल और दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण आवास के निर्माण में कई व्यावहारिक दिक्कतें आईं। विकासखंड मुख्यालय से बहुत दूर होने के कारण चारपहिया वाहनों के लिए कोई मार्ग नहीं है। इस कारण से निर्माण सामग्री लाने में बहुत कठिनाइयां आईं। बारिश होने पर दोपहिया वाहन से भी पहुंचना अत्यंत मुश्किल होता था, जिसके चलते राजमिस्त्री और श्रमिक समय पर पहुंचने से मना कर देते थे। अंदरूनी क्षेत्र होने से निर्माण सामग्रियों को लाना सामान्य क्षेत्र के मुकाबले महंगा पड़ता था।श्रीमती दसरी बाई कहती हैं कि आवास का काम तेजी से पूरा करने में कांकेर जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत और प्रधानमंत्री आवास योजना के अधिकारियों का बहुत सहयोग मिला। निर्माण सामग्रियां पहुंचाने तथा राजमिस्त्रियों और श्रमिकों की व्यवस्था में ग्राम पंचायत एवं आवास टोली ने बहुत सहायता की। वह कहती हैं कि नक्सल पीड़ितों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए सरकार ने संवेदनशील और प्रभावी नीति बनाई है। शासन-प्रशासन के लगातार सहयोग से बहुत कम समय में उसका पक्का आवास बन गया है।बरसों टपकती छत वाले कच्चे मकान में रहने वाली सोडी हुंगी अब परिवार के साथ अपने नए पक्के घर मेंसुकमा जिले के गादीरास ग्राम पंचायत के आश्रित गांव ओईरास की श्रीमती सोडी हुंगी ने भी अपना पक्का आवास तीन महीने में बना लिया है। वर्ष 2005 में उसके पति श्री मासा सोडी की नक्सलियों ने मुखबिरी के संदेह में हत्या कर दी थी। उसका परिवार गरीबी में वर्षों तक कच्चे घर में रहने को मजबूर था, जहां बरसात में टपकती छत और जहरीले कीड़े-मकोड़ों से जान का खतरा बना रहता था।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में विशेष परियोजना के तहत आवास स्वीकृत होने पर सोडी हुंगी को चरणबद्ध रूप से तीन किस्तों में कुल एक लाख 35 हजार रुपए मिले। ग्राम पंचायत के तकनीकी मार्गदर्शन और समय-समय पर निगरानी के चलते इस साल जुलाई में उसके आवास का निर्माण पूरा हुआ। अब वह परिवार के साथ अपने पक्के नए घर में रहती है।विशेष परियोजना में सुकमा में सर्वाधिक 984 परिवारों को आवास स्वीकृत, बीजापुर के 761 और नारायणपुर के 376 परिवार शामिलप्रधानमंत्री आवास योजना में विशेष परियोजना के तहत अब तक करीब तीन हजार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें सर्वाधिक 984 परिवार सुकमा जिले के हैं। बीजापुर जिले में ऐसे 761 परिवारों, नारायणपुर में 376, दंतेवाड़ा में 251, बस्तर में 214, कोंडागांव में 166, कांकेर में 146, गरियाबंद में 27, बलरामपुर-रामानुजगंज में 25 और मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी में 23 परिवारों के आवास मंजूर किए गए हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास, विकास और पुनर्वास की रणनीति पर कार्य कर रही है। आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने हेतु राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत विशेष परियोजना के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध कर 15 हजार आवास स्वीकृत कराए हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सिर्फ ईंट और सीमेंट का निर्माण नहीं, बल्कि नए विश्वास, सुरक्षा और स्थायित्व की नींव है। दुर्गम और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मात्र तीन महीनों में आवास पूर्ण होना यह दर्शाता है कि शासन और जनता मिलकर असंभव को भी संभव बना सकते हैं। सरकार सभी पात्र परिवारों को पक्का घर देने के लिए कटिबद्ध है।उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए पुनर्वास, सुरक्षा और सम्मान की नीति पर कार्य किया जा रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और हिंसा से पीड़ित परिवारों के लिए विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जो पहल की गई है, वह सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि सोडी हुंगी और दशरी बाई जैसे उदाहरण यह सिद्ध करते हैं कि यदि सरकार संवेदनशील हो और प्रशासन सक्रिय, तो दूरस्थ वनांचलों में भी विकास की रोशनी पहुँचाई जा सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि हर पीड़ित परिवार को छत और सम्मान दोनों मिले। यह मिशन पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ाया जा रहा है।
- -सरलता, करुणा और जनसामान्य से जुड़ाव की मिसाल बने मुख्यमंत्री श्री साय : किसान पिता बोले, जीवन भर रहेगा यादरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का नेतृत्व केवल जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास की दिशा में सशक्त पहल तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी सहजता, आत्मीयता और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण व्यवहार ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशेष स्थान दिलाया है। आज जांजगीर चांपा जिले में आगमन के दौरान हेलीपेड पर ऐसा ही एक क्षण सामने आया, जब मुख्यमंत्री ने नन्ही बच्ची सृष्टि को गोद में उठाकर स्नेह से दुलारा।किसान श्री योगेंद्र पांडेय अपनी तीन वर्षीय पुत्री सुश्री सृष्टि पांडेय को लेकर ग्राम भणेसर से विशेष रूप से मुख्यमंत्री श्री साय से मिलने पहुंचे थे। जब मुख्यमंत्री श्री साय की दृष्टि मासूम बच्ची सृष्टि पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत आत्मीय मुस्कान के साथ निहारा और उसे स्नेह से अपनी गोद में उठा लिया। मुख्यमंत्री से मिलकर नन्ही सृष्टि की आँखों में जो चमक थी, वह पूरे वातावरण को आत्मीयता से भर गई।सृष्टि के पिता श्री योगेंद्र पांडेय ने भावुक होकर बताया कि मुख्यमंत्री जी के आने की खबर सुनकर मैंने तय किया कि अपनी बेटी को उनसे मिलवाऊँगा। जब मुख्यमंत्री जी ने उसे गोद में उठाया, तो हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मेरी बेटी और हम दोनों के लिए यह पल हमारे जीवन की सबसे अनमोल स्मृति बन गई है जो जीवन भर याद रहेगी।सुश्री सृष्टि, जो वर्तमान में नर्सरी कक्षा की छात्रा हैं, अपने पिता के साथ मुख्यमंत्री श्री साय को देखने के लिए अत्यंत उत्साह के साथ पहुंची थीं। उनका परिवार एक साधारण किसान परिवार है, जिसमें माता-पिता, दादा-दादी और सृष्टि स्वयं शामिल हैं।





















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