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- -विकास कार्यों के लिए गौरेला और पेण्ड्रा नगर पालिका को 3-3 करोड़ तथा मरवाही नगर पंचायत को 2 करोड़ देने की घोषणा की-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के एक-एक वादे को पूरा कर रही छत्तीसगढ़ सरकार : श्री अरुण सावरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज गौरेला और पेण्ड्रा नगर पालिकाओं में कुल 4 करोड़ 9 लाख 50 हजार रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें गौरेला में 1 करोड़ 72 लाख 86 हजार और पेण्ड्रा में 2 करोड़ 36 लाख 64 हजार रुपए लागत के विकास और निर्माण कार्य शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने गौरेला नगर पालिका कार्यालय व बस स्टैंड तथा पेण्ड्रा असेम्बली हॉल मल्टीपरपज स्कूल में आयोजित लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को ऐतिहासिक एवं गरिमामय बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के एक-एक वादे को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार पूरा कर रही है। विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची और श्री अटल श्रीवास्तव भी इन कार्यक्रमों में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में कहा कि राज्य के नगरीय निकायों का तेजी से विकास हो रहा है। जनआकांक्षाओं को देखते हुए गौरेला और पेण्ड्रा को नगर पालिका तथा मरवाही को नगर पंचायत बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नगरों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधापूर्ण बनाने के लिए शहर विकास योजना (City Development Plan) बनाकर कार्य कर रहे हैं। इसके लिए बिना किसी भेदभाव के सभी निकायों को पर्याप्त राशि दी जा रही है। उन्होंने गौरेला एवं पेण्ड्रा नगर पालिकाओं में विकास कार्यों के लिए 3-3 करोड़ रुपए तथा मरवाही नगर पंचायत के लिए 2 करोड़ रुपए देने की घोषणा की।श्री साव ने बताया कि गौरेला में स्टेडियम और स्वीमिंग पूल के लिए प्रस्ताव खेल विभाग को भेजा गया है। पेण्ड्रा में नालंदा परिसर के लिए 4 करोड़ 41 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं, जिसके निर्माण के लिए निविदा भी आमंत्रित की जा चुकी है। इसके निर्माण से जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण ज्ञानार्जन मिलेगा। श्री साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के ऐसे हितग्राहियों जिनके आवास पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया।विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची और श्री अटल श्रीवास्तव ने भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित किया। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने लोकार्पण एवं विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। गौरेला नगर पालिका के अध्यक्ष श्री मुकेश दुबे, पेण्ड्रा नगर पालिका के अध्यक्ष श्री राकेश जालान और मरवाही नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती मधु बाबा गुप्ता ने भी सभा को संबोधित किया और अपने-अपने निकायों में अधोसंरचना, मूलभूत कार्यों, सौंदर्यीकरण सहित विकास कार्यों की जरूरत के बारे में उप मुख्यमंत्री श्री साव को अवगत कराया। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला पंचायत की अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री एस.आर. भगत और वनमण्डलाधिकारी श्रीमती ग्रीष्मी चांद सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं नगरवासी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए बालोद जिले को उत्कृष्ट, अग्रणी एवं आदर्श जिला बनाने में सहभागिता सुनिश्चित करने को कहारायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं बालोद जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज सयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समयावधि में शासकीय योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए बालोद जिले को प्रत्येक दृष्टि से उत्कृष्ट, अग्रणी एवं आदर्श जिला बनाने में अपनी अमूल्य सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। श्री शर्मा ने कहा कि प्रत्येक शासकीय सेवक को शासकीय सेवा में चयनित होने के पश्चात् जनसेवा करने का भी पुनीत अवसर प्राप्त होता है। इसलिए हम सभी शासन-प्रशासन से जुड़े लोगों को कड़ी मेहनत एवं लगन से आम जनता के हित में निरंतर कार्य करने का प्रयास करना चाहिए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने गन्ना की खेती एवं उसके उपयोग को किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार तथा उनके जीवन स्तर में बदलाव का प्रमुख माध्यम बताते हुए इस बार गन्ने फसल की बुवाई को वृद्धि कर तीन हजार हेक्टेयर तक अनिवार्य रूप से इसके लिए शक्कर कारखाना करकाभाट के प्रबंध निदेशक एवं कृषि विभाग के उपसंचालक को जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। श्री शर्मा ने इसके लिए क्षेत्र के किसानों से बातचीत कर गन्ना उत्पादन के लिए पे्ररित करने के भी निर्देश दिए। बैठकमें श्री शर्मा ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए जिले में कुपोषण दूर करने हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में जानकारी ली। श्री शर्मा ने कुपोषित बच्चों को गोद लेकर कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए इन बच्चो के लिए पौष्टिक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु गोद लेने वाले व्यक्तियों से सहयोग राशि एकत्र करने का भी सुझाव दिया। इस कार्य में उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों, समाज सेवियों एवं अन्य लोगों से मदद लेने के भी निर्देश दिए। बैठक में श्री शर्मा ने जिले में जुआ, सट्टा पर रोक लगाने तथा शराब, गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों के अवैध बिक्री की रोकथाम हेतु की जा रही उपायों की भी समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल को इसके लिए पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने तथा मादक पदार्थों के अवैध बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु दवा विक्रताओं एवं कुरियर संचालकों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। इनके द्वारा मादक पदार्थों की बिक्री करते पाए जाने पर उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने नशापान के अलावा मादक पदार्थों के अवैध बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु नियमित रूप से जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा। बैठक में श्री शर्मा ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल नेतृत्व में जिले में शासकीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु किए जा रहे बेहतर कार्यों की भी भूरी-भूरी सराहना की।बैठक में सभी विभाग प्रमुखों के द्वारा पावर प्वाईंट प्र्रेंजेेटेशन के माध्यम से अपने-अपने विभागों के कार्यों की प्रगति एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति के संबंध में बारी-बारी से जानकारी दी गई। श्री शर्मा ने जिले में राजस्व प्रकरणों की निराकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए समय-सीमा में राजस्व प्रकरणों की निराकरण हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी लंबित राजस्व प्रकरणों को समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने हेतु कार्ययोजना बनाकर इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए। श्री शर्मा ने जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र के कार्यों की समीक्षा करते हुए सेना भर्ती एवं अग्निवीर भर्ती परीक्षा में शामिल होेने वाले युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु की गई व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए इस योजना के अंतर्गत अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने तथा जल जीवन मिशन के कार्य को करते वक्त क्षतिग्रस्त हुए सीसी रोड आदि का शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। बैठक में श्री शर्मा ने शिक्षा, क्रेडा, जल संसाधन, परिवहन, आदिवासी विकास, खाद्य, वन आदि अन्य सभी विभागों के कार्यों की बारी-बारी से समीक्षा की। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तायुक्त ढंग से शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। जिससे कि आम जनता को इसका समुचित लाभ मिल सके। बैठक में अधिकारियों के द्वारा पिछले बैठक में प्रभारी मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों पर की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी गई।
- -उप मुख्यमंत्री ने रतनपुर-पेंड्रा राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों का किया औचक निरीक्षण-अधिकारियों को दिए निर्देश - समय-सीमा में पूर्ण करें सड़क का निर्माण, राहगीरों को न हो कोई परेशानीरायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज गौरेला जाते समय निर्माणाधीन रतनपुर से पेंड्रा राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़क के निर्माण में गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क का काम हर हाल में समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा, ताकि राहगीरों को कोई परेशानी न हो।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने औचक निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी प्रकार की परेशानी है, तो समय पर वरिष्ठ अधिकारियों और शासन को अवगत कराएं। सड़क निर्माण की प्रगति में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए।श्री साव ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को भी परखा और गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही न हो, इसका अधिकारियों को विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रत्येक चरण में कार्यों की गंभीरता से मॉनिटरिंग करें, ताकि लोगों को आवागमन के लिए टिकाऊ और सुरक्षित सड़क मिले। श्री साव ने निर्माणाधीन सड़क में जरूरत के मुताबिक संकेतक बोर्ड लगाने के साथ ही पुल निर्माण का भी काम निर्धारित समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
- -गाँवों से आरंभ हो रही है हरित अर्थव्यवस्था की क्रांति : रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान में सम्पन्न हुआ पाँचवाँ भारत ग्रामीण संवाद-वन विभाग और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया संस्था के बीच हरित बदलाव हेतु हुआ सहमति पत्र हस्ताक्षरितरायपुर / छत्तीसगढ़ में हरित विकास को जनभागीदारी के माध्यम से साकार करने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल करते हुए आज भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर तथा ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया संस्था के संयुक्त तत्वावधान में पाँचवाँ भारत ग्रामीण संवाद – 2025 सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। “गाँवों के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की हरित आर्थिक बदलाव की यात्रा” विषय पर आयोजित इस संवाद में प्रदेश को हरित दिशा में अग्रसर करने की रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से जुड़ते हुए अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में हरित विकास की जो आधारशिला रखी गई है, वह न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक दूरगामी प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि यदि गाँवों को केंद्र में रखकर परंपरागत ज्ञान और संसाधनों का सतत उपयोग किया जाए, तो हम पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ ग्रामीण जीवन को समृद्ध और सशक्त बना सकते हैं। जैविक खेती, सौर ऊर्जा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन जैसे प्रयासों से छत्तीसगढ़ को हरित राज्य के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस दिशा में पूर्णतः प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम के दौरान वन विभाग और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया संस्था के बीच हरित बदलाव के सहयोग हेतु एक सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर प्रबंधन संस्थान, रायपुर द्वारा प्रदेश के हरित विकास हेतु पाँच प्रमुख स्तंभ प्रस्तुत किए गए, जिनमें परंपरागत खेती और वन संसाधनों का संरक्षण, हरित रोजगार एवं पर्यावरणीय पर्यटन, स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा, सौर ऊर्जा आधारित ग्राम-विद्युत प्रबंधन में जनभागीदारी, नीति एवं संस्थागत ढाँचे का निर्माण शामिल है।कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, महिलाओं, उद्यमियों और विषय विशेषज्ञों ने भागीदारी की। जल संरक्षण, शिक्षा की गुणवत्ता, पारंपरिक बीजों की उपलब्धता, वनों की कटाई, कचरा प्रबंधन और रासायनिक खेती पर निर्भरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार साझा किए गए।वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक वन-समृद्ध राज्य है और यहाँ की प्राकृतिक सम्पदा एवं जनभागीदारी मिलकर हरित विकास का एक आदर्श मॉडल स्थापित कर सकती है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायतें इस हरित बदलाव की धुरी बनेंगी और इस परिवर्तन में महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका दी जाएगी। पंचायत विभाग के सचिव श्री भीम सिंह ने जानकारी दी कि अब पंचायतों का मूल्यांकन जल संरक्षण, स्वच्छता और हरित मानकों के आधार पर किया जाएगा। सुशासन अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने कहा कि यह समय की माँग है कि हरित अर्थव्यवस्था को केवल शासन की योजना मानने के बजाय समुदाय को उसका सहभागी और मुख्य कर्ता बनाया जाए।कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया कि गाँवों में परंपरागत उद्योगों का पुनरुद्धार, जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग, घरेलू उद्योगों को पुनर्जीवित करना, हस्तशिल्प को बढ़ावा देना जैसे उपाय हरित विकास को और अधिक गति और मजबूती प्रदान कर सकते हैं।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अपील – बारिश के मौसम में गहरे जल स्रोतों से सतर्क रहें आमजनरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी क्षेत्र एवं जगदलपुर के हजारीगुड़ा गांव में नहाते समय गहरे पानी में डूबकर पाँच मासूम बच्चों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इस हृदयविदारक घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस दुःखद घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवारों को शासन के नियमानुसार चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि तत्काल प्रदान की जाए।मुख्यमंत्री श्री साय ने बरसात के मौसम में नदी-नालों और गहरे जल स्रोतों में बढ़ते जल स्तर और तेज प्रवाह को देखते हुए आम नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विशेषकर बच्चों को ऐसे खतरनाक स्थलों के पास जाने से रोका जाए, ताकि इस प्रकार की दुःखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।मुख्यमंत्री ने सामाजिक जागरूकता बढ़ाने, जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर चिन्हांकन करने तथा जोखिम वाले इलाकों में चेतावनी बोर्ड लगाने जैसे सतर्कता उपायों को प्राथमिकता के साथ लागू किए जाने के निर्देश दिए हैं।
- -बस्तर संभाग के 130 स्वास्थ्य संस्थानों को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन-नियद नेल्ला नार योजना से 6,816 हितग्राहियों को 8.22 करोड़ की स्वास्थ्य सहायता-33 विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित 450 से अधिक चिकित्सा स्टाफ की हुई नियुक्ति, 291 पदों पर भर्ती जारी-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन और स्वास्थ्य योजनाओं की से नक्सल प्रभावित अंचलों तक पहुंची चिकित्सा सेवाएं-स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल 5 से 7 अगस्त तक करेंगे बस्तर संभाग का दौरा कर स्वास्थ्य सुविधाओं का लेंगे जायजारायपुर / 1 जनवरी 2024 से 16 जून 2025 तक केवल बस्तर संभाग में ही कुल 130 स्वास्थ्य संस्थाओं को NQAS के अंतर्गत गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जिनमें 1 जिला अस्पताल, 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 113 उप-स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 65 अन्य संस्थाओं का प्रमाणीकरण कार्य प्रक्रियाधीन है। खास बात यह है कि नक्सल प्रभावित जिलों—कांकेर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा—के 14 संस्थानों को भी गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है, जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यापक बनाने के उद्देश्य से नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड के कवरेज को भी गति दी जा रही है। योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग में मात्र एक वर्ष में ही 36,231 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। अब तक 52.6 प्रतिशत कवरेज हो चुका है, और 6,816 हितग्राहियों को 8 करोड़ 22 लाख रुपये की चिकित्सा सहायता का लाभ मिल चुका है।इस सुगठित व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सरकार ने पिछले डेढ़ वर्षों में बस्तर संभाग में 33 मेडिकल स्पेशलिस्ट, 117 मेडिकल ऑफिसर और 1 डेंटल सर्जन की नियुक्ति की है। इसके अतिरिक्त राज्य स्तर से 75 और जिला स्तर से 307 स्टाफ व प्रबंधकीय पदों पर भर्ती पूरी की गई है, जबकि 291 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। यह नियुक्तियाँ न केवल सेवाओं की पहुंच को सशक्त बना रही हैं, बल्कि गुणवत्ता और दक्षता में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी कर रही हैं।छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन और जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से अब बस्तर जैसे दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों की पहुंच में हैं। सरकार की जन-केंद्रित सोच, ठोस रणनीति और ज़मीनी स्तर पर समर्पित क्रियान्वयन से स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच अब वहां तक संभव हो रही है, जिसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में एक समय असंभव माना जाता था।मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर विस्तार और गुणवत्ता में सुधार पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि मितानिनों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और विभागीय कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और प्रतिबद्धता के कारण ही आज यह परिवर्तन संभव हुआ है। बस्तर के लिए हमारी सरकार का विशेष फोकस है और हम इसे निरंतर मजबूत करते रहेंगे।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी दी कि सरकार का लक्ष्य पूरे छत्तीसगढ़ में समान रूप से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। बस्तर में चलाए जा रहे मलेरिया मुक्त अभियान के तहत घर-घर जाकर जांच, त्वरित उपचार और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से मलेरिया के प्रसार को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया गया है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के अंतर्गत पूरे राज्य में, विशेषकर बस्तर क्षेत्र में, स्वास्थ्य संस्थानों ने अनुकरणीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं।राज्य सरकार की यह स्पष्ट प्राथमिकता रही है कि नक्सल प्रभावित इलाकों—कांकेर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे जिलों—में स्वास्थ्य सेवाओं का जमीनी विस्तार हो। आज इन अंचलों में भी लोग गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। यह परिवर्तन श्री विष्णु देव साय के सुशासन और स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर उनके विशेष फोकस का प्रमाण है।इन उपलब्धियों की गहराई से समीक्षा और ज़मीनी प्रगति के प्रत्यक्ष अवलोकन हेतु स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल 5 अगस्त से 7 अगस्त 2025 तक तीन दिवसीय बस्तर दौरे पर रहेंगे। उनके साथ स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी दल भी रहेगा। इस दौरान वे बस्तर संभाग के प्रमुख जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण करेंगे, स्वशासी समिति की बैठकें लेंगे, मलेरिया मुक्त अभियान की समीक्षा करेंगे तथा बीजापुर और सुकमा जैसे दूरस्थ जिलों के अंतिम छोर पर बसे गांवों में जाकर भी स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का मूल्यांकन करेंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में हो रहा यह परिवर्तन सिद्ध करता है कि जब सरकार की नीयत स्पष्ट हो, योजना व्यावहारिक हो और सिस्टम में प्रतिबद्धता हो—तो किसी भी दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र की तस्वीर बदली जा सकती है। बस्तर अब पिछड़ेपन और असुविधा की छवि से निकलकर विकास और सशक्तिकरण की पहचान बन रहा है। स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय में जो क्रांतिकारी बदलाव बस्तर में हो रहा है, वह पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।
- -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनहितैषी निर्णय से लाखों लोगों को मिलेगा राहत - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार द्वारा 37 आवश्यक औषधियों के मूल्य में 10 से 15 प्रतिशत तक की कमी किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की आधारशिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का यह निर्णय उनके दूरदर्शी और जनकल्याणकारी नेतृत्व की सशक्त अभिव्यक्ति है। यह निर्णय हृदय रोग, मधुमेह, संक्रमण, बुखार और दर्द जैसी आम लेकिन गंभीर बीमारियों से जूझ रहे नागरिकों को बड़ी राहत देगा।उन्होंने कहा कि इस मूल्य कटौती से पैरासिटामोल, एटोरवास्टेटिन, एमोक्सिसिलिन जैसी जीवनरक्षक दवाएं अब और अधिक सुलभ और सस्ती हो सकेंगी। छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी और ग्रामीण बहुल राज्य में यह निर्णय गरीबों, श्रमिकों, किसानों, महिलाओं और वृद्धजनों के स्वास्थ्य हेतु अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के केंद्रों के विस्तार, आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्राथमिक से लेकर उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार का निर्णय केवल औषधियों की कीमत घटाने का नहीं, बल्कि आमजन के जीवन स्तर को सशक्त बनाने का भी कदम है।
- -15 लाख बीपीएल परिवारों को पूर्ववत् योजना का मिलेगा लाभरायपुर / राज्य सरकार द्वारा हॉफ बिजली बिल योजना के अंतर्गत दी जाने वाली छूट की सीमा में युक्तियुक्त संशोधन किया गया है। अब प्रतिमाह दी जाने वाली 400 यूनिट की छूट के स्थान पर 100 यूनिट तक की मासिक खपत पर 50 प्रतिशत रियायत दी जाएगी। वर्तमान में राज्य के 45 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 31 लाख परिवार (करीब 70%) ऐसे हैं जिनकी खपत 100 यूनिट प्रतिमाह से अधिक नहीं है। अतएव हॉफ बिजली बिल की छूट सीमा के इस पुनरीक्षण के बावजूद इन 31 लाख जरूरतमंद सामान्य एवं कमजोर वर्ग के उपभोक्ता परिवारों को योजना का लाभ पहले की ही तरह मिलता रहेगा। प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता परिवार हॉफ बिजली योजना से पूर्ववत् लाभान्वित होते रहेंगे। इन 31 लाख परिवारों में 15 लाख बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार भी शामिल हैं, जिन्हें पूर्ववत् हॉफ बिजली बिल योजना का लाभ मिलता रहेगा। इन परिवारों को 30 यूनिट तक की मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पहले की तरह प्राप्त होती रहेगी, साथ ही वे हॉफ बिजली बिल योजना के अन्य सभी लाभों से भी यथावत् लाभान्वित रहेंगे। राज्य सरकार गरीब परिवारों को बिजली खर्च में राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।राज्य सरकार प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को गति दे रही है, जिसके अंतर्गत 3 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट की स्थापना पर केंद्र सरकार से ₹78,000/- तथा राज्य सरकार से ₹30,000/- की कुल ₹1,08,000/- तक की सब्सिडी दी जा रही है। 2 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 75% (₹90,000/-) का अनुदान उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ता प्रतिमाह 200 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन कर सकते हैं। यह उत्पादन वर्तमान में हॉफ बिजली बिल योजना से मिलने वाली अधिकतम छूट (400 यूनिट पर 200 यूनिट की छूट) से भी अधिक है।400 यूनिट तक औसत खपत करने वाले उपभोक्ताओं का बिजली बिल आमतौर पर ₹1000/- से अधिक होता है, जो सोलर प्लांट की स्थापना के बाद लगभग शून्य हो जाएगा। इस प्रकार के उपभोक्ता हॉफ बिजली बिल योजना से “मुफ्त बिजली बिल” योजना की ओर अग्रसर होंगे, और दीर्घकालिक बचत प्राप्त करेंगे।उपभोक्ता स्वयं की छत पर उत्पादित बिजली के अतिरिक्त शेष बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर प्राप्त कर सकेंगे अतिरिक्त आयरूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने वाले उपभोक्ता अपनी छत पर उत्पादित बिजली का उपयोग करने के साथ-साथ शेष बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे।प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत 25 प्रतिशत शेष लागत उपभोक्ता स्वयं वहन कर सकते हैं, या फिर बैंक से न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इस ऋण की मासिक किस्त लगभग ₹800/- होगी, जो कि वर्तमान में 400 यूनिट पर देय औसत बिजली बिल ₹1000/- से भी कम है।इस प्रकार, उपभोक्ता अपने मासिक बिजली बिल को कम करते हुए भविष्य में आत्मनिर्भर ऊर्जा उत्पादक बन सकते हैं। यह कदम न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।राज्य सरकार का यह निर्णय गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को राहत देने, तथा उन्हें ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करने का एक सशक्त और दूरदर्शी प्रयास है। यह योजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और आर्थिक बचत के पथ पर अग्रसर करेगी।
- -भगवान मधेश्वर की पावन धरा के विकास हेतु मिलेंगे 10 करोड़ रुपये, तीर्थ पर्यटन को मिलेगा नया आयाम-श्रीरामलला दर्शन योजना और तीर्थदर्शन योजना से श्रद्धालुओं को मिल रहा आध्यात्मिक लाभरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पवित्र श्रावण मास के चौथे सोमवार के शुभ अवसर पर रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत मयाली में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के समीप आयोजित दिव्य शिव महापुराण कथा के समापन समारोह को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित किया।श्रावण मास की इस सात दिवसीय दिव्य कथा श्रृंखला का आयोजन 28 जुलाई से 4 अगस्त 2025 तक महामधेश्वर धाम समिति द्वारा किया गया, जिसमें अयोध्या के प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने शिव महापुराण की अमृतमयी वाणी से हजारों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ से जुड़े सभी संतजनों को प्रणाम करते हुए समिति को भव्य आयोजन के लिए बधाई एवं आभार प्रकट किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिव और शक्ति छत्तीसगढ़ के कण-कण में समाए हैं और प्रदेश को आध्यात्मिक ऊर्जा इन्हीं देवस्थलों से प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि मधेश्वर महादेव धाम के विकास के लिए केंद्र सरकार से ₹10 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है, तथा राज्य सरकार तीव्र गति से अधोसंरचना विकास और श्रद्धालु सुविधाओं के लिए कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विराजित भगवान शिव के प्रमुख स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि मयाली में मधेश्वर पहाड़, कवर्धा में बाबा भोरमदेव, राजिम में कुलेश्वर महादेव, गरियाबंद में भूतेश्वर महादेव और जांजगीर-चांपा के खरौद में लक्ष्मणेश्वर महादेव के रूप में भगवान शिव विभिन्न रूपों में श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्पूर्ण प्रदेश शिवमय है।श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पाँच प्रमुख शक्तिपीठों के विकास के लिए शक्ति कॉरिडोर योजना प्रारंभ की गई है। इसमें डोंगरगढ़ की बमलेश्वरी देवी, रतनपुर की महामाया देवी, चंद्रपुर की चंद्रहासिनी माता, दंतेवाड़ा की दंतेश्वरी देवी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में तीर्थ पर्यटन को नई दिशा दी जा रही है।मुख्यमंत्री ने श्री रामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनी है।इसी क्रम में पुनः प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत राज्य के वृद्ध श्रद्धालुओं को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें जीवन मं आध्यात्मिक संतोष और आस्था का अनुभव हो रहा है।समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए प्रार्थना की कि बाबा भोलेनाथ की कृपा सदैव सभी श्रद्धालुओं पर बनी रहे। उन्होंने महामधेश्वर धाम समिति को आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धा, संस्कृति और विकास के समन्वय से छत्तीसगढ़ को नया धार्मिक एवं पर्यटन गंतव्य बनाएगी।
- घरों का कचरा सफाई वाहन में देने दो हिदायत, इधर - उधर कचरा डालने और सफाई वाहन में नहीं देने पर 3 व्यक्तियों पर किया 700 रूपये ई जुर्माना0*रायपुर/ स्वच्छ भारत मिशन अभियान अंतर्गत महापौर श्रीमती मीनल चौबे स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के सभी 10 जोनो के 70 वार्डो में सफाई मित्रों, स्वच्छता दीदियों एवं जोन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा रामकी कम्पनी के कर्मचारियों के साथ मिलकर प्रतिदिन नागरिको के मध्य सफाई अभियान विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर चलाते हुए नागरिकों को सफाई के प्रति जागरूक बनाया जा रहा है।स्वच्छता जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज नगर निगम जोन 3 के तहत गुरू गोविंद सिंह वार्ड क्रमांक 29 में मयूर क्लब, ठाकुरबाड़ा बस्ती क्षेत्र में स्वच्छता दीदियो, सफाई मित्रों, जोन 3 स्वास्थ्य विभाग और रामकी कंपनी कर्मचारियों ने विभिन्न सार्वजनिक स्थलो की सफाई करवाकर कचरा उठवाकर स्वच्छता कायम की। वहीं घर -घर जाकर स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत नागरिको को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने अभियान चलाया और सभी नागरिकों को प्रतिदिन घरों का कचरा सफाई वाहन में देने की हिदायत दी, अन्यथा की स्थिति में ई जुर्माना करने की चेतावनी दी गयी, स्वच्छता दीदियों द्वारा सफाई वाहन में कचरा नहीं देकर इधर- उधर कचरा डालकर गन्दगी फैलाये जाने की जनशिकायत सही पाकर सम्बंधित 3 व्यक्तियों पर भविष्य के लिए उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए 700 रूपये ई जुर्माना वसूला। स्वच्छता दीदियों, सफाई मित्रो सहित निगम जोन 3 के स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों द्वारा नागरिको को स्वच्छ वार्ड और बस्ती क्षेत्र का सकारात्मक संदेश दिया गया।
- अम्बेडकर अस्पताल में महिला के हृदय की सफल सर्जरी*एक ही साथ कोरोनरी बाईपास सर्जरी एवं हृदय के तीनों वॉल्व का सफ़ल ऑपरेशन संपन्न**यह जटिल सर्जरी हार्ट सर्जन एवं विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू एवं उनकी टीम द्वारा की गई**मरीज के तीनों हृदय वाल्वों में खराबी के साथ कोरोनरी आर्टरी में 95% ब्लॉकेज**एक साथ बाईपास सर्जरी और तीन वाल्वों का रिपेयर एवं रिप्लेसमेंट**एओर्टिक वाल्व रिपेयर — दुर्लभ एवं तकनीकी रूप से जटिल प्रक्रिया*रायपुर/ पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के अंतर्गत डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग में 58 वर्षीय महिला की जटिल हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। इस सर्जरी में एक साथ ऑफ पंप बीटिंग हार्ट कोरोनरी बाईपास सर्जरी के साथ-साथ हृदय के दोनों वॉल्व का रिपेयर एवं माइट्रल वॉल्व का प्रतिस्थापन किया गया।मरीज दुर्ग ज़िले के जेवरा सिरसा गांव की निवासी हैं, जिन्हें पिछले तीन वर्षों से सांस फूलने और छाती में दर्द की शिकायत थी।*जांच में पता चला ब्लॉकेज का*जांच में यह सामने आया कि मरीज की कोरोनरी आर्टरी में 95% ब्लॉकेज है तथा हृदय के तीन प्रमुख वाल्व :- माइट्रल, एओर्टिक और ट्राइकस्पिड क्षतिग्रस्त हैं। ईकोकार्डियोग्राफी और कोरोनरी एंजियोग्राफी के बाद डॉक्टरों ने सर्जरी का निर्णय लिया।*ऐसे हुआ ऑपरेशन*पहले ऑफ पंप बीटिंग हार्ट बाईपास सर्जरी की गई,जिसमें हृदय के धड़कन को बंद किये बिना हार्ट के कोरोनरी आर्टरी की बायपास सर्जरी की गई।इसके बाद हार्ट-लंग मशीन की सहायता से हृदय और फेफड़ों को अस्थायी रूप से रोका गया।*हृदय के चैम्बर्स को खोलकर:*माइट्रल वाल्व को मेटालिक कृत्रिम वाल्व से बदला गया,एओर्टिक वाल्व को विशेष तकनीक से रिपेयर किया गया,और ट्राइकस्पिड वाल्व को रिंग लगाकर सुधारा गया।*सर्जरी की ख़ास बातें*_यह एक उच्च जोखिम वाली सर्जरी थी, क्योंकि मरीज की ई.एफ. (ejection fraction) कम तो थी ही एवं एक ही साथ बहुत सारी अन्य सर्जरी भी शामिल थी।__इस बाईपास में आर्टेरियल ग्राफ्ट का प्रयोग किया गया, जो अधिक टिकाऊ होता है।__एओर्टिक वाल्व रिपेयर केवल चुनिंदा चिकित्सा संस्थानों में संभव होता है।_सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और वे शीघ्र ही अस्पताल से डिस्चार्ज लेकर घर लौटने वाली हैं।डीन डॉ. विवेक चौधरी एवं अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने डॉ. के. के. साहू और उनकी टीम को इस सफल सर्जरी की उपलब्धि के लिए बधाई दी है।डॉ. कृष्णकांत साहू ने बताया कि हमारा कार्डियक सर्जरी डिपार्टमेंट सतत् उत्कृष्ट कार्य, नवाचार एवं मरीजों की सेवा के लिए जाना जाता है।
- रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 7 के नगर निवेश विभाग द्वारा जोन क्षेत्र के अंतर्गत कोटा मार्ग में लगभग 200 वर्गफीट क्षेत्र में अनुमति विपरित निर्मित निर्माण को जेसीबी मशीन की सहायता से तोड़ने की कार्यवाही रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन 7 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा के मार्गनिर्देशन और कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे, उप अभियंता नगर निवेश सुश्री रूचिका मिश्रा की उपस्थिति में की गयी.
- बिलासपुर/बिलासपुर जिले में चालू खरीफ मौसम में अब तक 675.3 मि.मी. बारिश दर्ज की गई है। जो कि पिछले 10 वर्ष के औसत बारिश 545.8 मि.मी. से 129.5 मि.मी. अधिक है। अधीक्षक भू अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे अधिक बारिश 820.4 मि.मी. बेलगहना तहसील में और सबसे कम बारिश 546.2 मि.मी. कोटा में रिकार्ड की गई है। इसी प्रकार बिलासपुर तहसील में 798.1 मि.मी., बिल्हा तहसील में 653.5 मि.मी., मस्तूरी में 660.5 मि.मी.,तखतपुर में 729.6 मि.मी., सीपत में 645.4 मि.मी., बोदरी में 609.9 मि.मी., बेलतरा में 594 मि.मी., रतनपुर में 672.3 मि.मी., सकरी में 724.8 मि.मी. और पचपेड़ी तहसील में 648.4 मि.मी. बारिश रिकार्ड की गई है। जिले की औसत वार्षिक वर्षा 1202.3 मि.मी. है।
- बिलासपुर/ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ राज्य के तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय कब-बुलबुल उत्सव एवं हिरक पंख चतुर्थ चरण जाँच शिविर का भव्य शुभारंभ 03 अगस्त 2025 को साइंस कॉलेज मैदान, सरकण्डा, बिलासपुर में उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। यह चार दिवसीय शिविर 02 अगस्त से 05 अगस्त 2025 तक बिलासपुर में आयोजित किया जा रहा है।इस शिविर में छत्तीसगढ़ राज्य के 15 जिलों से 400 चयनित कब-बुलबुल (प्रायमरी स्कूल के बच्चे, बच्चियां) प्रतिभागी एवं 41 प्रभारी अधिकारी भाग ले रहे हैं। शिविर का उद्देश्य बच्चों में सेवा, सहयोग, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण को प्रोत्साहित करना है। शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि श्रीमती पूजा विधानी, महापौर, नगर निगम बिलासपुर थी, अध्यक्षता: डॉ. सोमनाथ यादव, राज्य मुख्य आयुक्त भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री कैलाश सोनी राज्य सचिव,श्री विजय कुमार टंडे जिला शिक्षा अधिकारी, श्री चन्द्रप्रकाश बाजपेयी, जिला मुख्य आयुक्त बिलासपुर, श्री विजय यादव राज्य संगठन आयुक्त उपस्थित रहें।अतिथियों ने दीप प्रज्वलन एवं स्कार्फ बांधकर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर कब बुलबुल का प्रतीक-चिह्न (लोगो) का विमोचन किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ राज्य का नक्शा, बुलबुल पक्षी, बाघ शावक तथा “कोशिश करो” का प्रेरणादायक संदेश समाहित है। यह लोगो बच्चों के साहस, सेवा, समर्पण और प्रयास की भावना का प्रतीक है।इस अवसर पर मुख्य अतिथि महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने कहा कि मैं स्वयं स्कूली जीवन में बुलबुल रही हूँ और आज उस गौरवमयी परंपरा का हिस्सा बनकर गर्व अनुभव कर रही हूँ। स्काउटिंग ने मुझे आत्मविश्वासी, सशक्त और कर्तव्यनिष्ठ बनाया है। आज यह देखकर सुखद अनुभव होता है कि छोटे-छोटे बच्चे अनुशासन एवं देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत हैं। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए मुख्य आयुक्त डा सोमनाथ यादव की प्रशंसा करते हुए उन्हें अनुशासित और सौम्य, कठोर व्यक्तित्व का मिश्रण बताया जो हमेशा दूसरों के बारे में सोचते हैं। राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि बाल्यावस्था में ही सेवा, नेतृत्व और राष्ट्रीय चेतना का भाव विकसित हो, यही स्काउटिंग का उद्देश्य है। हिरक पंख जैसी गतिविधियाँ बच्चों को केवल ज्ञान ही नहीं, चरित्र, साहस और जिम्मेदारी भी सिखाती हैं। छत्तीसगढ़ स्काउटिंग विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बालक, बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक विकास एवं सामाजिक दायित्वबोध हेतु सदैव प्रतिबद्ध है।शिविर की प्रमुख गतिविधियाँहिरक पंख जाँच के अंतर्गत बच्चों को निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है--प्राथमिक उपचार, गांठें, झंडा विधि एवं शिविर शिष्टाचार,देशभक्ति गीत, समूह गायन,सेवा कार्य व अनुशासन,सांस्कृतिक प्रस्तुति एवं लोकनृत्य,योग, शारीरिक अभ्यास एवं सामूहिक गतिविधियाँ के साथ खेल एवं गतिविधियो में मेंढक कूद, संतुलन दौड़ (चम्मच/कंचा),काला मुड़ी,रस्सी कूद,बास्केट बॉल,पिन बोर्ड,लट्टू,गिल्ली डंडाबैकेट/बॉल,ग्लास बॉल,बलून फोड़ आदि प्रमुख है। यह शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास, नेतृत्व कौशल, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूती प्रदान करता है। प्रशिक्षकगण बच्चों को उत्साहपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। समारोह का संचालन श्री शैलेन्द्र मिश्रा राज्य प्रशिक्षण आयुक्त ने तथा आभार व्यक्त श्री कैलाश सोनी राज्य सचिव ने किया। इस समारोह में जिला सचिव लता यादव,doc स्काउट महेंद्र टंडन, निधि कश्यप सहित रोवर, रेंजर की विशेष सहयोग रहा।कोशिश करो” — इस मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्यभर से आए नन्हें कब-बुलबुल राष्ट्र निर्माण की ओर बढ़ रहे हैं, सेवा और संस्कार की भावना के साथ।
- *मवेशियों को सड़क पर लावारिस छोड़ने पर दूसरी एफआईआर**आवारा मवेशियों को पकड़ने निगम चला रहा लगातार अभियान**मवेशी मालिकों को दी जा रही समझाइश*बिलासपुर/ पालतू मवेशियों को सड़क पर छोड़ने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। नगर निगम बिलासपुर द्वारा यह एफआईआर दर्ज कराया गया है। पशुओं को खुले में घूमने से रोकने के लिए नगर निगम द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है,जिसके तारतम्य में 2 अगस्त को सिविल लाइन पुलिस ने राजेन्द्र नगर निवासी मवेशी मालिक संतोष यादव के खिलाफ अपराध क्रमांक 978/2025 धारा 291,285 पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 की धारा 3,11,1 आई के तहत अपराध दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।पालतू मवेशियों को लावारिस छोड़ने की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है और सड़क पर जाम लग रहा है। इससे मवेशियों का जीवन संकट में आ गया है,इसके अलावा यह राहगीरों एवं वाहन चालकों के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। लगातार समझाइश के बाद भी मवेशी मालिक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है। शहर के राजेन्द्र नगर में शिव मंदिर के पास दो गाय और एक बछड़े को सड़क पर छोड़ दिया गया था, मवेशियों को हटाने निकली निगम के जोन क्रमांक 3 की टीम द्वारा आस-पास पूछताछ करने पर पता चला कि यें मवेशी राजेन्द्र नगर निवासी संतोष यादव की है। जिस पर कर्मचारियों ने संतोष यादव से संपर्क किया और कई बार आवाज देने के बावजूद मवेशी मालिक संतोष यादव द्वारा पशुओं को ले जाया नहीं गया।जिसके बाद जोन कमिश्नर के निर्देश पर निगम के प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी दिनेश कौशिक ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराया जिस पर सरकंडा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।*पशुपालकों को समझाइश*नगर निगम द्वारा रोजाना मवेशियों को सडकों से पकड़ा जा रहा है,मवेशी मालिक उन्हें छुड़ा कर घर तो ले जाते है पर वापस मवेशियों को खुला छोड़ देते हैं जिससे मवेशी फिर सड़कों पर दिखने लगते है। गोठान में मवेशी मालिकों को खुलें में ना छोड़ने के लिए बकायदा समझाइश भी दी जा रही है।*मवेशियों को बाहर ना छोड़ें-कमिश्नर*इस अवसर पर नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने पशुपालकों से अपील करते हुए कहा की अपने गोधन को बाहर ना छोड़ें।अपने पालतू मवेशियों को अपने स्थान पर रख कर चारा-पानी की समुचित व्यवस्था करें।
- कोंडागांव/ कोण्डागांव स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश हेतु परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 29 जुलाई निर्धारित थी, जिसमें वृद्धि करते हुए 13 अगस्त की गई है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित जवाहर नवोदय विद्यालय पूर्णतः पाठ्य सहगामी आवासीय विद्यालय है। प्रतिवर्ष की भाँति कक्षा छठवीं में प्रवेश हेतु वर्तमान सत्र 2025-26 में पांचवी में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए प्रवेश परीक्षा 13 दिसम्बर 2025 को आयोजित की जाएगी। उक्त प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय की वेबसाइटhttps://cbseitms.rcil.gov.in/nvs?AspxAutoDetectCookieSupport=1के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
- गौरेला पेण्ड्रा मरवाही/ छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग एवं व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक रूप से कमजोर जिले के मूल निवासी छात्र-छात्राओं के लिए आदिवासी विकास विभाग द्वारा निःशुल्क कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वर्ष 2025-26 में कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराने इच्छुक अभ्यर्थियों से ऑफलाइन आवेदन 18 अगस्त तक सायं 5:30 बजे तक आमंत्रित किया गया है। आवेदन पत्र का प्रारूप जिले की वेबसाइटgaurela-pendra-marwahi.cg.gov.inसे प्राप्त कर सकते हैं। निर्धारित प्रारूप में पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र रजिस्टर्ड डाक या स्पीड पोस्ट के माध्यम से अथवा स्वयं उपस्थित होकर जमा कर सकते हैं। आवेदन की सामान्य शर्तें एवं अन्य जानकारी जिले की वेबसाइटhttps://gaurela-pendra-marwahi.cg.gov.in/ पर देख सकते हैं।
- कोण्डागांव/ जिला कोण्डागांव एवं अन्य जिले के शिक्षित युवक-युवतियों के लिए कार्यालय जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र तथा मॉडल कैरियर सेन्टर कोण्डागांव द्वारा 06 अगस्त 2025 दिन बुधवार को लाईवलीहुड कॉलेज जिला कोण्डागांव में पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह 03 बजे तक एक दिवसीय प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। जिला रोजगार अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस रोजगार मेले में निजी क्षेत्र के नियोजक द्वारा अपनी-अपनी संस्थाओं में कुल 50 पदों पर कार्य करने हेतु भर्ती ली जाएगी। इसमें निजी नियोजक एसबीआई इंश्योरेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड में डेवलपमेंट मैनेजर के 2 पद, सेल्स मैनेजर के 2 पद, ग्रेजुएशन सेल्स ट्रेनिंग मैनेजर के 2 पद, सेल्स सपोर्टर के एक पद पर भर्ती किया जाएगा। इसी प्रकार क्वांटम व्हीकल प्राइवेट लिमिटेड में सेल्स पर्सन के 4 पद पर, महावीर ऑटो डील प्राइवेट लिमिटेड में सेल्स मैनेजर के एक पद, वर्कशॉप मैनेजर के एक पद, फ्लोर सुपरवाइजर के 2 पद, टेली ऑपरेटर के 2 पद, सेल्स एक्सक्यूटिव के 4 पद पर, मोटर मेकेनिक के 2 पद और वाशिंग बॉय के 2 पद, देवांगन एग्रो में सेल्स मैनेजर के एक पद, सेल्समैन के 8 पद, टेली कलर के 2 पद, होटल सई पैलेस में हाउसकीपिंग के 6 पद, वेटर के 4 पद, डिलीवरी बॉय के एक पद, शेफ के 2 पद और ड्राइवर के एक पद पर भर्ती किया जाएगा।इस प्लेसमेंट कैम्प के माध्यम से निजी क्षेत्र में नियोजित होने के इच्छुक एवं पात्र युवक एवं युवतियां अपने समस्त शैक्षणिक योग्यता, रोजगार पंजीयन, निवास, जाति प्रमाण पत्र, आधार एवं पैनकार्ड आदि मूल दस्तावेज, छायाप्रति एवं पासपोर्ट साईज फोटोग्राफ सहित उक्त दिवस को प्लेसमेंट कैम्प में उपस्थित होकर रोजगार के अवसर का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 634.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1049.3 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 329.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।रायपुर संभाग में रायपुर जिले मे 581.0 मि.मी., बलौदाबाजार में 555.9 मि.मी., गरियाबंद में 496.9 मि.मी., महासमुंद में 538.2 मि.मी. और धमतरी में 500.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 675.3 मि.मी., मुंगेली में 680.4 मि.मी., रायगढ़ में 794.9 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 866.7 मि.मी., कोरबा में 702.7 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 630.9 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 592.7 मि.मी., सक्ती में 728.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 506.5 मि.मी., कबीरधाम में 472.4 मि.मी., राजनांदगांव में 551.8 मि.मी., बालोद में 591.9 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 791.1 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 452.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 477.1 मि.मी., सूरजपुर में 815.4 मि.मी., जशपुर में 716.2 मि.मी., कोरिया में 739.3 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 709.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 726.5 मि.मी., कोंडागांव में 478.7 मि.मी., नारायणपुर में 592.8 मि.मी., बीजापुर में 803.9 मि.मी., सुकमा में 495.1 मि.मी., कांकेर में 642.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 662.4 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
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निर्माणधीन कौशल्या धाम का किया अवलोकन, ग्रामीणों के साथ बैठकर विभिन्न विषयों पर की चर्चा
बालोद/ उपमुख्यमंत्री एंव जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज बालोद जिले के प्रवास के दौरान डौंडीलोहारा विकासखण्ड के जामड़ीपाट स्थित पाटेश्वर धाम में सद्गुरु स्व. श्री राम जानकीदास जी महाराज के समाधि स्थल में पहुंचकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने सद्गुरु स्व. श्री राम जानकीदास जी के शिष्य एवं पाटेश्वर धाम के संचालक संत श्री बालकदास के कक्ष में पहुँचकर उनसे मुलाकात की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने श्री बालकदास के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने वहां ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनी तथा उनकी मांगो एवं समस्याओं के निराकरण का आश्वासन भी दिया। इस दौरान इसके पश्चात गृहमंत्री श्री शर्मा, संत श्री बालकदास एवं अन्य अतिथियों ने निर्माणधीन कौशल्या धाम में पैदल चलकर मन्दिर परिसर के निचले हिस्से में स्थित शिव मन्दिर में पहुँचकर भगवान शंकर की पूजा-अर्चना की। ग्रामीणों को ग्राम पंचायत के सरपंच एंव ग्रामीणों के सभी मांगो को पूरा करने का आश्वासन भी दिया। इस अवसर पर वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख, नगर पालिका दल्लीराजहरा के अध्यक्ष श्री तोरण लाल साहू, नगर पंचायत डौंडीलोहारा के अध्यक्ष श्री लाल निवेंद्र सिंह टेकाम, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधिक्षक श्री योगेश पटेल, डीएफओ श्री अभिषेक अग्रवाल, श्री जयेश ठाकुर, श्री गौतम सिन्हा, ग्राम के सरपंच के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी तथा ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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डिल्लेश्वर राव अध्यक्ष, कामाक्षी पैनल के पापाराव महासचिव निर्वाचित
-टी सहदेव
भिलाई नगर। छत्तीसगढ़ अग्निकुल क्षत्रिय समाज के हुए चुनाव में आओ मिलकर चलें पैनल के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी टी डिल्लेश्वर राव ने अपने प्रतिद्वंद्वी कामाक्षी पैनल के इसी पद के प्रत्याशी पी पापाराव को भारी मतों से पराजित कर दिया है। डिल्लेश्वर के पक्ष में 346 जबकि पापाराव की झोली में सिर्फ 210 वोट ही पड़े। सर्वाधिक मत डिल्लेश्वर ने ही बटोरे। इसके साथ ही डिल्लेश्वर राव ने अपनी पिछली हार का बदला ले लिया है। वहीं महासचिव पद पर कामाक्षी पैनल के बी पापाराव ने अपने विरोधी आओ मिलकर चलें के इसी पद के उम्मीदवार ए श्रीनिवास राव को 279 के मुकाबले 258 मतों के मामूली अंतर से शिकस्त दी।इस चुनाव की सबसे खास बात है कि नौ शीर्ष पदों नौ में से सात पदों पर आओ मिलकर चलें पैनल के प्रत्याशियों ने उलटफेर करते हुए जीत का परचम लहराया है, जबकि कामाक्षी पैनल को दो पदों से ही संतोष करना पड़ा। कामाक्षी पैनल के एक और प्रत्याशी टी तुलसीराव ही उपाध्यक्ष पद की सीट बचाने में कामयाब रहे, वहीं इसी पद पर आओ मिलकर चलें के उम्मीदवार आर बालकृष्णा भी जीत गए। जहां तुलसीराव के पक्ष में 304 वहीं बालकृष्णा के पक्ष में 267 मत पड़े। उपाध्यक्ष पद पर चुनाव लड़े अन्य दो प्रत्याशियों जोगेश्वर राव तथा वी कोटेश्वर राव को हार का स्वाद चखना पड़ा। दूसरी ओर कोषाध्यक्ष के एक और महत्वपूर्ण पद पर आओ मिलकर चलें के प्रत्याशी टी मानेश्वर राव ने अपने प्रतिद्वंद्वी आर वासुदेव को मात दी है। मानेश्वर के पक्ष में 273 तथा वासुदेव के पक्ष में 258 मत पड़े।अन्य नतीजों के मुताबिक उप कोषाध्यक्ष पद पर टी रघुनाथ राव ने पी शंकरराव को नजदीकी मुकाबले में हरा दिया है। रघुनाथ को 274 तथा शंकरराव को 256 वोट मिले। सह सचिव पद पर बी गणपति तथा आर जनकराम को कामयाबी मिली, तो दूसरी तरफ डी श्यामसुंदर एवं पी संन्यासी राव को हार का सामना करना पड़ा। उधर सचिव पद के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे डी जगपति राव अपने विरोधी टी डिल्लेश्वर राव से यह सीट छीनने में सफल रहे। कार्यकारिणी में जगह बनाने में बी लोकनाथम, बी पवन, बी रामाराव, बी जगदीश, बी प्रकाश राव, सी बालकृष्णा, डी वेंकटराव, एन वेंकट रमना, जे अप्पाराव, एम डिल्लेश्वर राव, ए बालकृष्णा तथा डी तुलसीराव को सफलता मिली। -
रायपुर गार्बेज फ्री सिटी में छत्तीसगढ़ का पहला 7 स्टार शहर है, कहीं भी कोई मुक्कड़ नहीं दिखना चाहिए
रामकी कम्पनी प्रतिदिन सभी 70 वार्डो के समस्त घरों से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन प्राथमिकता से सुनिश्चित करे
रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर पालिक निगम अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय नगर निगम के जोन कार्यालयों में जाकर जोन कमिश्नरों, स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी कार्यपालन अभियंता श्री रघुमणि प्रधान, जोन स्वास्थ्य अधिकारी, स्वच्छता निरीक्षकों, वार्ड सफाई सुपरवाइजरों, रामकी कम्पनी के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में जोन क्षेत्र अंतर्गत वार्डों के सफाई कार्य की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश जोन कमिश्नरों और जोन स्वास्थ्य अधिकारियों, रामकी कम्पनी के प्रतिनिधियों को दे रहे हैँ.नगर निगम अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय ने जोन क्रमांक 9 कार्यालय में जोन 9 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय और स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी कार्यपालन अभियंता श्री रघुमणि प्रधान की उपस्थिति में बैठक लेकर वार्डों के अनुबंधित सफाई ठेकेदारों के कार्यों, सफाई ठेका कामगारों की वार्डवार निर्धारित संख्या, दैनिक उपस्थिति की जानकारी लेकर प्रतिदिन शत- प्रतिशत संख्या में सफाई ठेका कामगारों की कार्य पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.यहां यह उल्लेखनीय है कि महापौर, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष, आयुक्त के निर्देश पर नगर निगम अपर आयुक्त स्वास्थ्य ने विगत दिवस हाल ही में नगर निगम के जोन क्रमांक 1,2,3,4,5,6,7 के कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग की सफाई सम्बंधित समस्त कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक लेकर सम्बंधित जोन कमिश्नरो और जोन स्वास्थ्य अधिकारियों सहित जोन के सम्पूर्ण स्वच्छता अमले को आवश्यक निर्देश दिए हैँ.सफाई कार्य समीक्षा करते हुए अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय ने निर्देश दिए हैँ कि रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में कहीं पर भी कोई मुक्कड़ नहीं दिखना चाहिए. रायपुर शहर गार्बेज फ्री सिटी में छत्तीसगढ़ राज्य का पहला 7 स्टार शहर है. अपर आयुक्त स्वास्थ्य ने रामकी कम्पनी के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए हैँ कि रायपुर नगर पालिक निगम के तहत समस्त 10 जोनों के तहत सभी 70 वार्डों के क्षेत्रों के अंतर्गत समस्त घरों से प्रतिदिन नियमित शत - प्रतिशत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाये.अपर आयुक्त स्वास्थ्य ने निर्देश दिए हैँ कि रामकी कम्पनी के सफाई सुपरवाइजर प्रतिदिन डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की मॉनिटरिंग करके सभी घरों से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन किया जाना सुनिश्चित करें और सम्बंधित जोन के वार्ड सफाई सुपर वाइजर नियमित मॉनिटरिंग करें कि रामकी कम्पनी द्वारा सभी घरों से प्रतिदिन नियमित डोर टू डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा है अथवा नहीं. यदि रामकी कम्पनी प्रतिदिन नियमित डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कर रही है, तो सड़कों पर प्रतिदिन कचरा क्यों दिख रहा है. यदि कहीं पर भी रायपुर नगर निगम के किसी भी क्षेत्र में घरों और आवासीय परिसरों को छोड़कर डोर टू डोर कचरा कलेक्शन हो रहा है, तो सभी घरों से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाये. - -मुख्यमंत्री के हाथों मिला सम्मान, जिला पंचायत सीईओ सहित 7 अधिकारी हुए सम्मानितमहासमुंद / आकांक्षी जिला एवं विकासखंड पिथौरा को छत्तीसगढ़ राज्य में ताम्र पदक से सम्मानित किया गया है वही पिथौरा विकासखंड को रजत पदक प्राप्त हुआ। यह पुरस्कार 6 संकेतांको में से पांच संकेताक को शतप्रतिशत पूर्ण करने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा 2 अगस्त को रायपुर में सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिले को बधाई देते हुए कहा कि महासमुंद में टीम भावना के साथ नीति आयोग द्वारा दिए गए लक्ष्य को पूर्ण करने में बेहतर कार्य किया। इसके लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की ओर से जिला के नोडल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ श्री एस आलोक ने पुरस्कार ग्रहण किया। इसके अलावा महिला बाल विकास विभाग से श्री समीर पांडे, कृषि विभाग से श्री एफ आर कश्यप, स्वास्थ्य विभाग से पी कुदेशिया, समग्र शिक्षा से श्री रेखराज शर्मा, जनपद सीईओ श्री चंद्र प्रकाश मनहर एवं आकांक्षी ब्लॉक के फेलो वैभवी मोयल को प्रशस्ति पत्र और मेडल से सम्मानित किया गया।ज्ञात है कि आकांक्षी जिला, भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक पहल है जिसका उद्देश्य देश के सबसे पिछड़े और कम विकसित जिलों का तेजी से विकास करना है। इन जिलों को सामाजिक-आर्थिक संकेतकों में सुधार के लिए विशेष रूप से चुना गया है और सरकार इन जिलों में विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम लागू की है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने पूरी टीम को बधाई दी है और कहा है कि संकेतक को शत प्रतिशत सैचुरेशन के लिए सतत रूप से कार्य किया जाएगा। जो संकेतक बाकि है उसे समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने जिला नोडल अधिकारी श्री एस आलोक के नेतृत्व में किए गए कार्य की सराहना करते हुए बधाई दी है।ज्ञात है कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम वर्ष 2018 में नीति आयोग द्वारा शुरू किया गया था। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य 112 आकांक्षी जिलों में जीवन स्तर में सुधार करना है, जिनमें से प्रत्येक में कुछ सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र कमजोर हैं। इन जिलों में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया गया है।इस कार्यक्रम का उद्देश्य इन जिलों में विकास को गति देना और उन्हें देश के बाकि हिस्सों के साथ समानता लाने में मदद करना है। यह कार्यक्रम जिलों को सर्वोत्तम प्रथाओं को विकसित करने और दोहराने के लिए भी प्रोत्साहित करता है, जो सामाजिक-आर्थिक विषयों में सुधार को बढ़ावा देते हैं। आकांक्षी जिलों के साथ-साथ आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम भी शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य 500 ब्लॉकों में विकास को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम आकांक्षी जिला कार्यक्रम की सफलता पर आधारित है, जिसने 112 जिलों में 25 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। इन जिलों में हमारा महासमुन्द जिला भी है। आज इन्हीं संकेतकों में हम शत प्रतिशत काम पूर्ण किए, जिसके लिए जिले के अधिकारी/कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
- रायपुर। पवित्र सावन मास के अवसर पर आज राजधानी रायपुर में भक्तिमय विशाल कांवड़ यात्रा का अनूठा आयोजन पश्चिम के विधायक श्री राजेश मूणत द्वारा किया गया। जिसमें हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी भी शामिल हुए।जवाहर नगर मंडल के अध्यक्ष संदीप जंघेल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी ने भगवान भोले नाथ का रुद्राभिषेक कर छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए समृद्धि एवं खुशहाली के लिए मंगलमय कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मारूति मंगलम भवन, गुढ़ियारी से हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर तक हजारों की संख्या में कांवड़िए जलाभिषेक हेतु रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है और हमारे लोक-विश्वास की गहराई को प्रकट करता है। रायपुर के महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है। यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में जलाभिषेक हेतु एकत्र होते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, श्रद्धा और संस्कृति का अद्वितीय संगम है। कांवड़ यात्रा जैसी आयोजन न केवल परंपरा को सहेजते हैं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भी संदेश देते हैं।छत्तीसगढ़ प्रदेश में पश्चिम विधान सभा से विधायक श्री राजेश मूणत जी के नेतृत्व में निकाले जाने वाली सबसे बड़ी कावड़ यात्रा राजधानीवासियों की पहली पसंद बन गई हैं। कावड़ यात्रा में छत्तीसगढ़ एवं अन्य प्रदेशों से आए आए नृतक दल, संगीतकार, वाद्ययंत्रों सुसज्जित कलाकार एवं बारात के रूप में अघोर महाकाल, बाहुबली हनुमान, अघोरी , माता महाकाली बनकर प्रस्तुति देकर सब को मंत्रमुग्ध कर दिया।उज्जैन की तर्ज पर भस्म रमैया भक्त मंडली के कलाकार ढोल-ताशा व डमरू बजाते हुए प्रदर्शन किया हैं यात्रा के धार्मिक तर्ज पर तैयार की गई झाकियां,घोड़े, बग्घी,कावड़ का भव्य आयोजन आकर्षण का केंद्र रहे। जवाहर नगर मंडल द्वारा आज मंगलम भवन अग्रसेन चौक के पास मंच लगाकर विशाल कावड यात्रा में शामिल कावड़ियों एवं श्रद्धालुओं का भव्य ऐतिहासिक स्वागत पुष्पवर्षा कर गुलाब के फूल बरसाकर किया। आज के कार्यकम में विशेष रूप से लौह एवं कर्मकार मंडल के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा जी,इंदिरा गांधी वार्ड के पार्षद अवतार सिंह बागल जी, तात्यापारा वार्ड की पार्षद श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा,पूर्व पार्षद भारती बागल,भावेश पिथालिया,पूर्व मंडल अध्यक्ष चंद्रेश शाह,जवाहर नगर मंडल के अध्यक्ष संदीप जंघेल,महामंत्री रमेश शर्मा,गीता रेड्डी, ममता साहू पूनम सोनी,उपाध्यक्ष साजन श्रीवास,संतोष निहाल,मंत्री दिनेश शर्मा,रिखी राम श्रीवास,सूरज शर्मा,शंकर शर्मा,संतोष विश्वकर्मा,सोहन क्षत्रिय,अश्वनी विश्वकर्मा,कान्हा सिंह ठाकुर,कुशल गेंडेकर,गौरव शर्मा,प्रणीत जैन उपस्थित थे।
- -प्राथमिक सदस्यता अभियान के प्रदेश प्रभारी अनुराग सिंहदेव ने 'उत्कृष्ट सदस्यता सम्मान' समारोह में कई बड़ी जानकारियाँ साझा कींरायपुर। भारतीय जनता पार्टी प्राथमिक सदस्यता अभियान के प्रदेश प्रभारी अनुराग सिंहदेव ने कहा है कि इस समय भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के पास प्रदेश के अंतर्गत किसी भी संस्था, संगठन या दल की तुलना में सबसे बड़ा एवं विस्तारित डाटा बेस है। श्री सिंहदेव शनिवार 02 अगस्त को नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित पार्टी के 'उत्कृष्ट सदस्यता सम्मान' समारोह में अपने प्रास्ताविक सम्बोधन में गत वर्ष चलाये गए सदस्यता अभियान के सम्बन्ध में कई बड़ी जानकारियाँ साझा कर रहे थे।भाजपा प्राथमिक सदस्यता अभियान के प्रदेश प्रभारी श्री सिंहदेव ने बताया कि 41 लाख से ज्यादा ऑनलाइन सदस्यता में जहाँ भाजपा के नए सदस्यों ने अपनी विस्तृत जानकारी दी है, वहीं करीब 20 लाख दूरस्थ क्षेत्रों में सदस्यों की ऑफलाइन जानकारी डिटेल में एंट्री की गई है। श्री सिंहदेव ने बताया कि भाजपा के सदस्यता अभियान में 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के 30 प्रतिशत एवं 25 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 33 प्रतिशत युवाओं ने भाजपा की सदस्यता ली। इससे यह स्पष्ट होता है कि नई पीढ़ी के बीच भाजपा का व्यापक प्रभाव है। इसी प्रकार ओबीसी वर्ग में 54 प्रतिशत, एसटी वर्ग में 18 प्रतिशत, एससी वर्ग में 09 प्रतिशत सदस्यता भी भाजपा के बढ़ते हुए प्रभाव का स्पष्ट द्योतक है। श्री सिंहदेव ने बताया कि आने वाले समय में पार्टी नए सदस्यों एवं उनसे जुड़ी हुई जानकारियों का व्यापक उपयोग करेगी जो राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के विकास की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।






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