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- - तकनीकी ज्ञान और कौशल का हो सृजनात्मक उपयोगदुर्ग, / छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण अंतर्गत युवाओं में कौशल विकास के संबंध में जागरूकता एवं मुख्यमंत्री कौशल योजना एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत कौशल विकास प्रशिक्षित तथा प्रशिक्षणरत् युवाओं को अपने तकनीकी कौशल का मूल्यांकन एवं प्रदर्शन का अवसर प्रदान करने जिले में अलग-अलग स्थानों पर जिला स्तरीय कौशल प्रतियोगिता 21 से 23 जुलाई तक आयोजित है। कौशल तिहार 2025 के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता का आज एम.एस.एम.ई. प्रौद्योगिकी केन्द्र रसमड़ा दुर्ग में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया।इस अवसर पर प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि तकनीकी ज्ञान और कौशल का उपयोग सृजनात्मक कार्यों में हो। उन्होंने कहा कि कौशल एक ऐसी ज्ञान है, जो व्यक्ति को एक अलग पहचान दिलाती है। कलेक्टर ने कहा कि मानव पीढ़ी दर पीढ़ी कौशल ज्ञान का उन्नयन करते हुए आज इस मुकाम तक पहुंचा है। अपने ज्ञान और सिद्धांतों के आधार पर अनेकों अविष्कार किये हैं। उन्होंने कहा कि मानव प्रवृत्ति की सोच अविष्कार आधारित है। आकाश में उड़ने की सोच से हेलीकाप्टर और हवाई जहाज तक अविष्कार किया है। दुनिया में टेक्नोलॉजी का निरंतर विस्तार हुआ है। जिसकी वजह से आवागमन, संचार और उर्जा के क्षेत्र में अविष्कार हुए हैं। आज सरकार सोलर टेक्नोलॉजी, सोलर उर्जा को बढ़ावा दे रही है। इसे और विकसित करने प्रतियोगी प्रतिभागियों का भी योगदान होना चाहिए।कलेक्टर ने कहा कि इस प्रतियोगिता के प्रतिभागी अपने कौशल तकनीक से इस केन्द्र का रोल मॉडल बन कर आने वाले अन्य प्रशिक्षणार्थियों को प्रेरित कर सकते हैं। एम.एस.एम.ई. प्रौद्योगिकी केन्द्र के प्रभारी प्रबंधक श्री अभिनव दास ने कौशल विकास प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इससे पूर्व कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने प्रौद्योगिकी केन्द्र अंतर्गत विभिन्न टेक्निकल कांफ्रेंस सेक्टर का अवलोकन कर सी.एन.सी. ऑपरेटर ट्रेनिंग, सोलर पी.बी. इस्ट्रालर की जानकारी ली। उन्होंने औद्योगिक केन्द्र परिसर में वृक्षारोपण भी किया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव, प्रौद्योगिकी केन्द्र के प्रशिक्षक, उद्योग, रोजगार, क्रेडा, विभाग के अधिकारी एवं प्रशिक्षित प्रतिभागी उपस्थित थे।
- -बाह्य न्यायालय अंबागढ़ चौकी में पदस्थ न्यायिक कर्मचारियों के लिये आवास निर्माण हेतु भूमि पूजन एवं शिलान्यासबिलासपुर / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा द्वारा जिला राजनांदगाँव के बाह्य न्यायालय अंबागढ़ चौकी में पदस्थ न्यायिक कर्मचारीगण को बेहतर कार्य वातावरण प्रदान करने एवं न्यायिक बुनियादी ढांचा को मजबूत करने के उद्देश्य से कर्मचारियों के लिये आवास निर्माण हेतु भूमि पूजन एवं शिलान्यास वर्चुअल माध्यम से किया गया । इस कार्यक्रम में माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल, माननीय पोर्टफोलियो न्यायाधीश, जिला राजनांदगाँव वर्चुअल माध्यम से तथा अन्य माननीय न्यायाधीशगण छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर की वर्चुअल लिंक के माध्यम से गरिमामयी उपस्थिति रही।इस अवसर पर माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने प्रभावशाली उद्बोधन में व्यक्त किया कि न्याय प्रदान करना न्यायिक प्रणाली का एक हिस्सा है, लेकिन साथ ही हमें ऐसा माहौल बनाना होगा कि, न्याय प्रणाली से जुड़े हर व्यक्ति को स्वच्छ एवं उचित कार्य-वातावरण प्राप्त हो, किसी भी संस्थान में अधोसंरचना का निर्माण और विकास उस संस्थान से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का मनोबल बढ़ाते हैं। न्यायिक कर्मचारी, न्यायपालिका के आधार स्तंभ हैं, जो पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ न्यायिक व्यवस्था में योगदान देते हैं, उनका परिवार भी इस कार्य में पूर्ण समर्पण के साथ इसमें सहयोग करता है। आवास व्यवस्था उपलब्ध होने से कर्मचारियों को व्यवहारिक एवं मानसिक संबल मिलने से कार्यक्षमता में वृद्धि होगा।माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के द्वारा यह विशेष रूप से व्यक्त किया गया कि छत्तीसगढ़ की समस्त जिला न्यायापालिका को सर्वाेत्तम अधोसंरचना प्रदान करने हेतु उच्च न्यायालय प्रतिबद्ध है। जिला एवं बाह्य न्यायपालिका के पक्षकार, अधिवक्तागण, न्यायालयीन अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण को बेहतर सुविधायुक्त एवं आधुनिक अधोसंरचना प्राप्त होने से बेहतर कार्य-वातावरण निर्मित होगा एवं न्यायिक प्रक्रिया में तेजी के साथ उच्च गुणवत्तायुक्त न्याय सुविधापूर्वक सुलभ हो सकेगा।इस अवसर पर माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय द्वारा कर्मचारियों के आवास को उच्च गुणवत्तायुक्त एवं आधुनिक संसाधनों के अनुसार तैयार किये जाने हेतु निर्देशित किया गया, जिसे अन्य जिलों में मॉडल के रूप में स्वीकार किया जा सके, साथ ही सिविल कोर्ट स्टॉफ के सभी सदस्यों को बधाई देते हुये कहा कि आवास निर्माण पूर्ण होने पर आधिपत्य प्राप्त करने के पश्चात् वे परिसर को स्वच्छ रखें और उसमें दी गई मूलभूत सुविधाओं को नष्ट न करें, जिससे पश्चातवर्ती कर्मचारियों को भी उचित एवं सुविधायुक्त आवास का लाभ प्राप्त हो सके।यह उल्लेखनीय है कि माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधिपति महोदय द्वारा पद भार ग्रहण करने के पश्चात् सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के दूरस्थ जिला मुख्यालय एवं बाह्य न्यायालयों का भ्रमण कर न्यायिक अधोसंरचना एवं आवश्यक सुविधाओं का अभाव होने से पक्षकारों, अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारी एवं अधिकारियों को होने वाली असुविधा को दृष्टिगत रखते हुये दूरदर्शिता पूर्ण एवं सकारात्मक सोच के भागीरथ प्रयास किये जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में न्यायिक अधोसंरचना में अभूतपूर्व विकास का कार्य हो रहा है, जिससे अधिकारी एवं कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होने के साथ पक्षकारों को सुविधायुक्त वातावरण शीघ्र न्याय प्राप्त करने की परिकल्पना साकार हो रही है।उपरोक्त भूमिपूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम की शुरूआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राजनांदगाँव के स्वागत भाषण से हुई और समापन जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंबागढ़-चौकी के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।इस कार्यक्रम में छ.ग. उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के अधिकारीगण वर्चुअल माध्यम से तथा जिला राजनांदगाँव एवं अंबागढ़ चौकी के न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारी और इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि शामिल थे।
- -एक आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया जेलरायपुर । आबकारी विभाग दुर्ग ने आज थाना नंदिनी नगर के ग्राम ग्राम घटियाखुर्द में आरोपी अनिकेत पारधी एवं अज्ञात के कब्जे से कुल 75 लीटर गुड़ से निर्मित कच्ची मदिरा जब्त की, जिसका बाजार मूल्य 11,250 रूपए है। टीम ने 900 किलोग्राम गुड़ निर्मित पाश (किण्वित पदार्थ) भी जब्त किया है, जिसका अनुमानित मूल्य 45 हजार रूपए है। इस दौरान मदिरा निर्माण में प्रयुक्त गैस, चूल्हा, डेगची सहित अन्य उपकरण भी बरामद किए गए। इस मामले में आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत अपराध दर्ज करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में उसे जेल भेज दिया गया है।आबकारी विभाग की टीम ने यह कार्रवाई कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह एवं प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त श्री सीआर साहू के मार्गदर्शन में की गई। दुर्ग जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण एवं विक्रय के विरुद्ध आबकारी विभाग द्वारा लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है।
- -वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने लैलूंगा में किया 2.72 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन-लैलूंगा में खुलेगा पंजीयन कार्यालय, वित्त मंत्री श्री चौधरी ने की घोषणा-जयदयाल सिंघानिया फाउंडेशन के सहयोग से निर्मित कन्या प्राथमिक शाला भवन का हुआ लोकार्पणरायपुर।, वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने आज रायगढ़ जिले के नगर पंचायत लैलूंगा में 2 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने जयदयाल सिंघानिया फाउंडेशन के सहयोग से नवनिर्मित सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन का लोकार्पण किया, साथ ही स्कूल परिसर में सेठ जयदयाल सिंघानिया की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ करते हुए वित्त मंत्री श्री चौधरी ने स्कूल के छात्रों को ड्रेस, पाठ्य सामग्री व श्रीफल का वितरण किया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री श्री चौधरी ने लैलूंगा में पंजीयन कार्यालय खोलने की महत्वपूर्ण घोषणा की। जिससे यहां के लोगों को जमीन रजिस्ट्री के लिए दूर जाने की जरूरत नही पड़ेगी और स्थानीय स्तर पर ही काम होने से समय व ऊर्जा की बचत होगी।वित्तमंत्री श्री चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ओपी सिंघानिया का लैलूंगा की मिट्टी से गहरा नाता है। वे इसी अंचल में जन्मे, पले-बढ़े और आज देश-प्रदेश में एक प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। इस क्षेत्र के लिए उनका योगदान अनुकरणीय है। उन्होंने नवनिर्मित सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन के निर्माण को अत्यंत सुंदर और प्रेरणादायक बताते हुए सिंघानिया फाउंडेशन को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पूरी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने सरकार बनते ही दो साल के बकाया बोनस राशि वितरण किया। धान खरीदी की मात्रा 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया। 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान स्वीकृत किए गए, जिनमें से अधिकतर आवास मात्र डेढ़ साल में पूर्ण कर लिए गए। 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना का प्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित किया गया है। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए श्रीरामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, ताकि अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य आम जन को मिल सके।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने लैलूंगा में विकास के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि यहां जल्द ही पंजीयन कार्यालय प्रारंभ किया जाएगा। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ऑक्सीजन जोन, मुक्तिधाम और बायपास सड़क निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति दी जाएगी। विद्यालय के उन्नयन के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा, ताकि यहां के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ें। जब लैलूंगा का एक बेटा देश प्रदेश का ख्यातनाम सीए बन सकता है, तो यहां का हर बच्चा ऊंचाइयों को छू सकता है। हम सबका संकल्प है कि इस अंचल को समृद्ध बनाएंगे और पूरे छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य की श्रेणी में अग्रणी बनाएंगे।पूर्व मंत्री श्री सत्यानंद राठिया एवं नगर पंचायत अध्यक्ष श्री कपिल सिंघानिया ने वित्त मंत्री श्री चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सदैव आमजन के सुख-दुख में सहभागी रहते हैं। जल आवर्धन योजना जैसे रुके हुए कार्यों को पुनरू प्रारंभ कराकर उन्होंने जनता के प्रति अपनी संवेदनशीलता दर्शाई है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार ने कहा कि शासन की मंशा अनुरूप लैलूंगा क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। ग्रामीणों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है ताकि आमजन को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आगे भी क्षेत्र की जनता की आवश्यकताओं और मांगों को प्राथमिकता देते हुए नए विकास कार्य स्वीकृत कराए जाएंगे। जनसुविधाओं को सुलभ और सशक्त बनाने की दिशा में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। श्री सिदार ने क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में आईएनएच न्यूज के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांता भगत व श्री गोपाल अग्रवाल, जनपद उपाध्यक्ष श्री मनोज अग्रवाल, नगर पंचायत उपाध्यक्ष श्री कृष्णा जायसवाल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।इन कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजनवित्त मंत्री श्री चौधरी ने कार्यक्रम में 50 लाख रुपए की लागत से सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन और 42.28 लाख रुपए की लागत से इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम में सीटिंग व्यवस्था का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने 40 लाख रुपए से इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम उन्नयन, 20 लाख रुपए की लागत से बास्केटबॉल कोर्ट निर्माण, 5 लाख रुपए की लागत से पेंशनर भवन के पास स्नानागार, शौचालय व कक्ष निर्माण और 1.14 करोड़ से अधिक लागत से बी.टी. रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। साथ ही, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ऑक्सीजोन, मुक्तिधाम, बायपास सड़क और अन्य विकास कार्यों को भी प्राथमिकता देने की बात कही।
- -पात्र परिवारों को प्राथमिकता क्रम के अनुसार मिलेगा आवास-हितग्राहियों को चिंतित अथवा व्यग्र होने की जरूरत नहीं-पीएम आवास योजना के सर्वे सूची 2.0 में है शामिल करण सोनवानी का नामरायपुर, / जिला प्रशासन, धमतरी का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास प्लस सर्वे सूची 2.0 में शामिल हितग्राही परिवारों को सत्यापन के उपरांत नियमानुसार आवास की स्वीकृति दी जाएगी। सर्वे सूची में शामिल हितग्राही परिवार के सदस्यों को इस बात को लेकर न तो चिंता करने की जरूरत है और न ही व्यग्र होने की जरूरत है। कलेक्टोरेट परिसर धमतरी में आज पीएम आवास स्वीकृति के मामले में बिलंब को लेकर ग्राम डोमा के करण सोनवानी द्वारा आत्मदाह किए जाने के प्रयासों को लेकर जिला प्रशासन ने यह बात कही है।गौरतलब है कि करण सोनवानी का नाम पीएम आवास योजना (ग्रामीण) आवास प्लस 2.0 की सर्वे सूची की आईडी 93358481 में दर्ज है, परंतु युवक करण सोनवानी द्वारा चेकर साफ्टवेयर में अपना नाम चेक करने पर भ्रम की स्थिति निर्मित हुई, जिसके कारण उसके द्वारा आत्मदाह का प्रयास किया गया, जिसे कलेक्टोरेट परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मी द्वारा तत्परता से रोककर विफल कर दिया गया। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि चेकर साफ्टवेयर रेंडमली चेक करता है, जिसके कारण युवक के मन में भ्रम की स्थिति निर्मित हुई।कलेक्टर धमतरी श्री अविनाश मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के आवास प्लस सर्वे 2.0 की सूची में शामिल हितग्राहियों का सत्यापन किया जा रहा है। यह कार्य 31 जुलाई 2025 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। सत्यापन उपरांत पात्र परिवारों को नियम प्रक्रिया के तहत आवास की मंजूरी दी जाएगी।कलेक्टर ने कहा कि आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों के निदान तथा शासकीय कार्यक्रमों एवं हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन धमतरी द्वारा जनदर्शन डेस्क शुरू किया गया है। जहां लोग अपनी समस्याओं को सोमवार से शुक्रवार कार्य दिवस में अधिकारियों के समक्ष सीधे रख सकते हैं।जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रोमा श्रीवास्तव ने बताया है कि योजना के तहत धमतरी जिले में 84,439 हितग्राही परिवारों का सर्वे किया गया है, जिसमें से 26 हजार 923 हितग्राहियों का सत्यापन कार्य प्रगति पर है। हितग्राही परिवारों के सत्यापन का कार्य पूरा होने के बाद पात्र हितग्राही परिवारों को नियमानुसार प्राथमिकता क्रम के अनुसार आवास की स्वीकृति दी जाएगी।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष के आयोजन के संबंध में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष के आयोजन के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए आयोजित इस बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के प्रभारी सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त और कलेक्टर शामिल हुए। रजत जयंती वर्ष में 15 अगस्त 2025 से 6 फरवरी 2026 तक 25 सप्ताहों के दौरान राज्य के सभी विभागों, माननीय मंत्रिगणों के अनेकों कार्यक्रम शामिल होंगे।रजत जयंती वर्ष का आयोजन दो चरणों में होगा। पहला चरण 15 अगस्त 2025 से 31 अक्टूबर 2025 तक होगा। दूसरा चरण 01 नंवबर 2025 से 6 फरवरी 2026 तक होगा। रजत जयंती वर्ष के आयोजन के अवसर पर राज्य शासन के सभी विभागों द्वारा अपने साप्ताहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें उनकी विभागीय योजनाओं एवं राज्य में 25 वर्ष में विभाग द्वारा किए गए कार्यों का समावेश होगा। अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ने सभी विभाग के प्रमुख अधिकारियों से शीघ्र ही अपने विभाग की कार्ययोजना संस्कृति सचिव को 5 अगस्त तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। जिला कलेक्टरों को भी जिला स्तर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए है।छत्तीसगढ़ का रजत जयंती का उत्सव गरीब, युवा, अन्नदाता व नारी पर आधारित होगा। जिसमें इनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में जनभागीदारी, सरकारी और निजी क्षेत्र से जुड़े लोगों सहित आम जनमानस की सक्रियता और सहभागिता से जनगौरव और देशभक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में विरासत और विश्वास का संगम होगा। जिसमें छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की गतिविधियों का समावेश होगा। आयोजन में तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता निगरानी की जाएगी।बैठक में संस्कृति विभाग के सचिव श्री रोहित यादव ने रजत जयंती वर्ष के आयोजन के संबंध में प्रस्तुतिकरण के जरिए विस्तार से जानकारी दी। आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. रवि मित्तल ने रजत जयंती कार्यक्रम के आयोजन के संबंध में विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण गतिविधियों को शामिल करने के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों के दौरान विभागों द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों का समावेश होना चाहिए।रजत जयंती वर्ष के कार्यक्रम ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, जिला स्तर तथा राज्य स्तर पर आयोजित होंगे। बैठक में विभागीय सचिवों से कहा गया है कि वे शीघ्र ही राज्य एवं जिला स्तर पर अपने विभागीय अधिकारियों की नियुक्ति कर दें। रजत जयंती के कार्यक्रम में प्रदर्शनी, जनसम्पर्क भ्रमण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, साहित्यक संगोष्ठी सहित विद्यालय और महाविद्यालय में प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। आयोजन की सफलता के लिए राज्य शासन के सभी विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है।
- -18,215 करोड़ रुपये लागत की 37 सड़क परियोजनाओं पर चल रहा काम-राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के लिए 5353 करोड़ रुपए मंजूर-रायपुर-विशाखापट्टनम और रायपुर-धनबाद आर्थिक गलियारे हो रहें तैयाररायपुर / छत्तीसगढ़ में सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य में दो इकोनॉमिक कॉरिडोर सहित राज्य के दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों में सड़कों का मजबूत नेटवर्क बनाने का काम शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने का भी निर्णय लिया गया है।छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए वर्तमान में कुल 18,215 करोड़ रुपये लागत की 37 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास हेतु 11 विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही हैं, इन सड़कों की लंबाई 1131 किलोमीटर होगी, जिनकी कुल लागत 24,693 करोड़ रुपये है। राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के लिए भारत सरकार द्वारा कुल 5353 करोड़ रुपये की लागत वाली 18 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसके सम्पूर्ण होने से राज्य के विकास को एक नयी गति मिलेगी। राज्य में वर्ष 2014 से 2025 तक 840 किलोमीटर लंबाई के सिंगल-मध्यवर्ती लेन राष्ट्रीय राजमार्ग को 2 या अधिक लेन में उन्नत किया गया है। राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए 2014 से 2025 तक 21,380 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा, भारत सरकार ने 2014 से 2025 तक केंद्रीय सड़क और सी.आर.आई.एफ. और इकनोमिक इंपोर्टेंस एवं इंटर स्टेट कनेक्टिविटी के तहत राज्य की सड़कों के विकास के लिए कुल 3826 करोड़ रुपये की लागत के 70 कार्यों को मंजूरी दी है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में राजमार्गों के नेटवर्क को और मजबूत किया जा रहा है। रायपुर एवं दुर्ग शहर के नागरिकों को सघन एवं भारी यातयात से राहत पहुंचाने हेतु 2 पैकेजों में 92 किलोमीटर लंबाई वाला 6 लेन का रायपुर-दुर्ग बाईपास का भी निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी लागत 2289 करोड़ रूपए है।दो आर्थिक गलियारेविशाखापट्टनम के पोर्ट के माध्यम से छत्तीसगढ़ के उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलेगा, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, इस 6 लेन सड़क की लंबाई के 124 किलोमीटर होगी। इस मार्ग के लिए 4146 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है तथा निर्माण कार्य प्रगति पर है। रायपुर एवं बिलासपुर को झारखण्ड की औद्योगिक नगरी रांची और धनबाद से जोड़ने के लिए 4 लेन सड़क का बिलासपुर-उरगा-पत्थलगाँव का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी लंबाई 157 किलोमीटर और लागत 4007 करोड़ रुपये है।एल डब्ल्यू ई और जनमन योजनाभारत सरकार ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समस्या को समाप्त करने के लिए 2014 से 2025 तक लेफ्ट विंग एक्सट्रिमिस्म (एल. डब्लू. ई) योजना के अंतर्गत महत्वपूर्ण सड़कों के विकास के लिए 2625 करोड़ रुपये की राशि व्यय की है। इसी प्रकार विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के विकास हेतु पीएम-जनमन योजना में राज्य को 715 सड़कें, 2449 किमी. एवं 1699 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इन सड़कों से 775 विशेष पिछड़ी जनजातीय बसाहटें लाभान्वित होगी। भारत सरकार द्वारा देश में राज्यों को 4831 किमी. लम्बाई की स्वीकृति में से राज्य को 2449 किमी. लम्बाई की स्वीकृति दी गई है, जो कि कुल स्वीकृति का 51 प्रतिशत है।राष्ट्रीय राजमार्गों के आस-पास औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कोरबा-बिलासपुर इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय लिया गया है। उरगा-कटघोरा बाईपास बसना से सारंगढ़ (माणिकपुर) फीडर रूट, सारंगढ़ से रायगढ़ फीडर रूट और रायपुर-लखनादोन आर्थिक गलियारा परियोजनाओं की कुल लंबाई 236.1 किलोमीटर है, जिसके लिए भारत सरकार ने कुल 9208 करोड़ स्वीकृत किया है। केन्द्रीय सड़क निधि से सड़कों के निर्माण के लिए 908 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है।
- -इस योजना से देश भर के अच्छे निजी अस्पतालों में कराया जाता है निःशुल्क इलाजरायपुर, / चिरायु योजना बच्चों के लिए वरदान बन गई है। खासकर ऐसे परिवार जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, जो दूसरे शहरों में जाकर किसी निजी अस्पताल में इलाज नहीं करा सकते। आदिवासी बाहुल्य जशपुर जहां विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग भी निवास करते हैं। यह योजना गरीब और जरूरतमंदों के लिए सहारा बन रही है। दिल की बीमारी से जूझ रही पहाड़ी कोरवा अंजलि बाई, अंशिका, रितेश या इनके जैसे कई ऐसे बच्चे हैं जो दिल या किसी अन्य बीमारी से जूझ रहे थे। चिरायु योजना ने उन्हें नवजीवन देने का काम किया है।जशपुर जिले के मनोरा विकासखण्ड के जंगलों के बीच बसे एक छोटे से ग्राम सोनक्यारी में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार में जन्मी अंजली बाई। जिनका दिल की बीमारी का इलाज चिरायु योजना से किया गया है। छोटे छोटे काम कर घर का गुजारा चलाने वाले पिता नान्हू राम को जब पता चला की अंजली के दिल में छेद है तो उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था वह क्या करे। प्रारंभिक जांच मनोरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में होने के बाद चिरायु टीम के द्वारा उनका जांच किया गया। जिसमें पता चला कि अंजली के दिल में छेद है। अंजलि का रायपुर के एक बड़े निजी संस्थान में ले जाकर का उपचार किया गया। जहां सफल ऑपरेशन के बाद अंजली ठीक हो गयी। इसी तहत जिले में कई गरीब परिवारों के बच्चे हैं जिनका सफल इलाज इस योजना के माध्यम से हुआ है। जिला मुख्यालय के पुरानीटोली निवासी सुदर्शन चौहान के पुत्र रितेश का निजी अस्पताल में जांच के बाद पता चला कि उसके दिल में छेद है। निजी अस्पताल में इलाज कराना मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन-यापन करने वाले उनके पिता के लिए काफी मुश्किल था। फिर वे अपने बच्चे को जिला अस्पताल ले गए। जहां अस्पताल में डॉक्टरों के द्वारा चिरायु योजना की जानकारी दी गई और बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया, जहां ऑपरेशन और बेहतर इलाज के बाद आज बच्चा स्वस्थ है। इसी तरह विकासखण्ड कुनकुरी के ग्राम बेहराटोली के निवासी कृतिबाई और धनेश्वर यादव की पुत्री अंशिका की दिल की गंभीर बीमारी का प्रारंभिक इलाज रायपुर के मेडिकल कॉलेज, सत्यसाईं चिकित्सा संस्थान एवं भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में कराने के बाद चेन्नई स्थित अपोलो अस्पताल में अंशिका का दिल का ऑपरेशन किया गया। जिसमें कुल 14.50 लाख रुपयों का खर्च आया, जिसका वहन चिरायु योजना के अंतर्गत शासन द्वारा किया गया।इसी प्रकार चिरायु अंतर्गत अपोलो चिल्ड्रन हॉस्पिटल चेन्नई में जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित 2 वर्षीय अन्वी बाई, 9 वर्षीय अनंत नाायक, 9 वर्षीय कुमार नायक का सफल ईलाज किया गया। इस योजना से जिला मुख्यालय स्थित चीरबगीचा निवासी नोवेल भगत, बीटीआई पारा के गर्वित सिंह का भी रायपुर के निजी अस्पताल में जन्मजात होंठ व तालू के विकृति का निःशुल्क सफल इलाज किया गया है। उल्लेखनीय है कि चिरायु योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों में जाकर बच्चों की संपूर्ण स्वास्थ्य की जांच की जाती है। जांच के उपरांत 44 प्रकार की बीमारी तथा विकृति की जानकारी होने के बाद चिरायु योजना से बच्चों का इलाज कराया जाता है। आवश्यकता होने पर बच्चों को देश भर के अच्छे हॉस्पिटल में ले जाकर उपचार भी कराया जाता है।
- -हसदेव डुबान में बनेगा पहला एक्वा पार्क-उत्पादन प्रोसेसिंग से लेकर एक्वा टूरिजम से बढ़ेगी ग्रामीणों की आयरायपुर / छत्तीसगढ़ में जल्द ही मछली पालन के क्षेत्र में एक नये युग की शुरूआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के कोरबा जिले में हसदेव बांगो डुबान जलाशय में पहला एक्वा पार्क स्थापित होने जा रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत केन्द्र सरकार से 37 करोड़ 10 लाख रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत हो चुकी हैं। यह एक्वा पार्क एतमा नगर और सतरेंगा क्षेत्र में फैलें सैकड़ों एकड़ डुबान जलाशय में विकसित होगा। इस एक्वा पार्क विकसित हो जाने से राज्य में मछली पालन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होगा। मछली उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, विक्रय, निर्यात और एक्वा टूरिजम से क्षेत्र के ग्रामीणों की आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पार्क की स्थापना के लिए राशि स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सहित केन्द्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।कोरबा जिले के हसदेव बांगो जलाशय के डुबान क्षेत्र में विकसित होने वाले इस एक्वा पार्क में दो तरह की सुविधाएं होंगी। एतमा नगर में फीड मिल, फिश प्रोेसेसिंग प्लांट, हेचरी और रिसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम स्थापित होगा। वहीं सतरेंगा में एक्वा टूरिजम को बढ़ाने के लिए म्यूजियम और अन्य सुविधा विकसित की जाएंगी। एतमा नगर में मछलियों के उत्पादन से लेकर उनकी प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के साथ-साथ उन्हें विदेशों में एक्सपोर्ट करने तक की सुविधा विकसित होगी। हेचरियों में मछलियों के बीज उत्पादन से लेकर फीड मिल में पूरक पोषक आहार भी यहीं बनेगा। फिश प्रोसेसिंग प्लांट में मछलियों की सफाई, हड्डियां हटाकर फिले बनाना और उसे उच्च स्तरीय गुणवत्ता वाले पैकेजिंग सिस्टम से पैक कर विदेशों में निर्यात करने की पूरी व्यवस्था यहां की जाएगी। एतमा नगर के इस प्रोसेसिंग यूनिट से हटकर सतरेंगा में एक्वा म्यूजियम बनेगा। पहले ही सतरेंगा पर्यटन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ का प्रमुख वाटर बॉडी है। एक्वा म्यूजियम बन जाने से विभिन्न प्रकार की मछलियों को पर्यटकों की जानकारी के लिए यहां रखा जाएगा। इसके साथ ही सतरेंगा में एंगलिंग डेस्क, कैफेटेरिया, फ्लोटिंग हाउस तथा मोटर बोट सहित वाटर स्पोर्ट्स की सविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा। पर्यटन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय ग्रामीणों की आय बढ़ने से उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।एक्वा पार्क बनने से प्रदेश में मछली व्यवसाय को मिलेगी नई दिशा - मुख्यमंत्री श्री सायइस एक्वा पार्क की स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के मछली पालकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि इस एक्वा पार्क से न केवल मछली पालन की नई उन्नत तकनीकें लोगों तक पहुंचेंगी, बल्कि प्रोसेसिंग-पैकेजिंग यूनिट से छत्तीसगढ़ के मछली व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की तिलपिया मछली की विदेशों में बहुत मांग है और इस एक्वा पार्क में इस मछली के उत्पादन से छत्तीसगढ़ के मछली पालकों के लिए अब सात समुन्दर पार भी व्यापार के द्वार खुलेंगे। उन्होंने एक्वा पार्क की स्थापना को मछली पालन के क्षेत्र में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने वाला निर्णय बताया है।अभी लगभग 800 केज में हो रहा मछली उत्पादन, 160 से अधिक मछुआरें उठा रहे लाभहसदेव बांगो जलाशय के डुबान क्षेत्र में वर्तमान समय में लगभग 800 केज लगे हैं। जहां मछली पालन विभाग के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में लगभग 9 मछुआ समितियों के 160 सदस्य मछली पालन कर रहे हैं। उन्हें पांच-पांच केज आबंटित किए गए हैं। केज कल्चर से इन सदस्यों को औसतन 90 हजार रूपए सालाना शुद्ध आमदनी मिल रही है। मछुआ समिति के सदस्य श्री दीपक राम मांझीवार, श्री अमर सिंह मांझीवार और श्रीमती देवमति उइके ने बताया कि केज कल्चर से उन्हें न केवल रोजगार मिला है, बल्कि मछलियों का उत्पादन बढ़ जाने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। इस क्षेत्र में हर साल लगभग 1600 मेट्रिक टन मछली का उत्पादन हो रहा है। केज कल्चर से मछली पालन में 70 से 80 लोग सीधे तौर पर रोजगार पा रहे हैं, वहीं 20 से 25 पैगारों-चिल्हर विक्रेताओं को बेचने के लिए हर दिन मछली मिल रही हैं। यहां मछली पालन के विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को उन्नत तकनीकों से प्रशिक्षित किया है। हसदेव बांगो डुबान केज कल्चर में मुख्यतः तिलपिया और पंगास मछली का उत्पादन किया जा रहा है। तिलपिया प्रजाति की मछली की अमेरिका में विशेष मांग है और इसका सीमित मात्रा में अभी निर्यात किया जा रहा है। एक्वा पार्क स्थापित कर इस मछली का उत्पादन बढ़ाकर अमेरिका सहित दूसरे यूरोपीय देशों में भी इसका निर्यात बढ़ाने की योजना है। इस मछली का निर्यात बढ़ने से बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर पर ग्रामीणजन इस व्यवसाय से जुडे़ंगे और उनकी आमदनी बढ़ने से क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी। एतमा नगर के साथ ही सतरेंगा में एक्वा पार्क के विस्तार तथा डिमोस्ट्रेशन यूनिट स्थापित हो जाने से पर्यटन बढ़ेगा। देश-प्रदेश से लोग यहां मनोरंजन के साथ-साथ स्वादिष्ट मछलियों के कई प्रकार के व्यंजनों का भी लुफ्त उठा सकेंगे, इससे भी स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उनकी आय में बढ़ोत्तरी होगी।
- -इस उपकेन्द्र की क्षमता बढ़ जाने से 21 ग्रामों के 6502 उपभोक्ताओं का होगा फायदाखैरागढ़ । मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के अन्तर्गत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्रामीण अंचलों के बिजली उपभोक्ता एवं किसानों को समुचित वोल्टेज पर निर्बाध व गुणावत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विद्यमान उपकेन्द्रों में स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का कार्य छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जा रहा है। इसी दिशा में खैरागढ़ संभाग के ग्राम पैलीमेटा में 3.15 एम0व्ही0ए0 का नया अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित कर राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट के द्वारा ऊर्जीकृत किया गया। इस अवसर पर ईई परियोजना श्री मुकेश कुमार साहू, ईई खैरागढ़ संभाग श्री ए.के. द्विवेदी, ईई एसटीएम श्री ए.डी. टण्डन, सहायक अभियंता श्रीमती किरण जांगड़े, सुश्री ममता कर्मकार अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित हुए।खैरागढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि पैलीमेटा उपकेन्द्र में 73 लाख रूपये की लागत से स्थापित अतिरिक्त 3.15 एम0व्ही0ए0 का पॉवर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकरण से 21 ग्रामों के 6502 उपभोक्ताओं को फायदा होगा। अब पैलीमेटा उपकेन्द्र की क्षमता 5 एम0व्ही0ए0 से बढ़कर 8.15 ए0व्ही0ए0 हो गया है। विद्युत कंपनी के उच्चाधिकारियों के अथक प्रयासों से विद्युत विकास के लिए स्वीकृत इस कार्य से पैलीमेटा उपकेन्द्र के परिधि में आने वाले अनेक गांवों के किसानों तथा उपभोक्ताओं को पर्याप्त वोल्टेज पर निर्बाध व गुणावत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति की विद्युत सेवा लाभ मिलेगा।
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महासमुंद, /रक्षाबंधन के पावन अवसर पर महासमुंद जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं महतारी वंदन योजना की हितग्राहियों द्वारा भेजे गए राखियों से इस बार देश की सीमाओं पर तैनात वीर सैनिकों की कलाई सजेगी। भाई बहन के इस अटूट प्रेम को दर्शाते इस पावन त्यौहार में देशभक्ति और स्नेह से भरा पत्र भी लिखकर भेजा जा रहा है। जिले की आंगनबाड़ियों में कार्यरत बहनों ने न केवल अपने हाथों से रक्षासूत्र (राखी) तैयार किए, बल्कि सैनिकों के नाम स्नेह, सम्मान और कृतज्ञता से भरे पत्र भी प्रेषित किए।
इस अवसर पर महासमुंद शहरी सेक्टर 01 की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और महतारी वंदन की हितग्राहियों ने कहा कि बहनों के लिए उनके ‘रक्षक’ केवल खुद का भाई ही नहीं, बल्कि देश की सीमाओं की रक्षा में समर्पित हमारे वीर सैनिक भी हैं। जब तक हमारे सैनिक सीमा पर जागते हैं, तब तक देशवासी निश्चिंत होकर विश्राम कर सकते हैं। जब सैनिकों की कलाई पर यह राखी बंधेगी ,तब सैनिक न केवल गौरवान्वित महसूस करेंगे बल्कि देश की रक्षा के लिए मजबूत होकर हमेशा डटे रहेंगे।आज महासमुंद के शहरी सेक्टर के आंगनबाड़ी केंद्रों में यह कार्यक्रम उत्साहपूर्वक किया गया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री टी जटवार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य मातृशक्ति और समुदाय को देश सेवा के भाव से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों के पोषण और शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और संस्कारों के वाहक भी बनते जा रहे हैं। इस अवसर पर फौजी भाइयों के लिए महतारी वंदन योजना से लाभान्वित माताओं बहनों द्वारा रक्षा सूत्र महासमुंद शहरी के आंगनवाड़ी केन्द्र यतियतन लाल में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती राखी दुबे को सौंपा गया। इस अवसर पर वार्ड नं.10 के पार्षद श्री माखन पटेल, पूर्व पार्षद श्रीमती शोभा शर्मा, पर्यवेक्षक शीला प्रधान,न.पा से सीओ ममता बग्गा, आंगनवाड़ी सहायिका भानमती साहू, वीणा महिला समिति से श्रीमती सरला वर्मा, अनिता बिसेन, एवं सदस्य, वार्ड की अन्य महिलाएं क्रमशः गणेशिया चंद्राकर गायत्री देवांगन कुमारी बाई, चित्रलेखा, ललिता, वंदना चंद्राकर, वर्षा चंद्राकर, कांति साहू, श्यामा बाई, दशमत यादव, मीनाक्षी जलक्षत्री मौजूद थे। - -बघेरा वार्ड में जल निकासी की समस्या से परेशान नागरिक, नाली का पानी भरने से बीमारियों का खतरा-जनदर्शन में 137 आवेदन प्राप्त हुएदुर्ग / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थॉमस ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 137 आवेदन प्राप्त हुए।दुर्ग के वार्ड नं. 10 के निवासी ने घर के पास स्थित वेल्ंिडग दुकान के ध्वनि प्रदूषण को बंद कराने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि वार्ड क्रमांक 10 में संचालित वेल्डिंग दुकान से निकलने वाली तेज आवाज के कारण मोहल्लेवासियों का रहना मुश्किल हो गया है। वेल्डिंग दुकान से सुबह 8 से रात 8 बजे तक तेज मशीनों की आवाज और प्रदूषण उत्पन्न होता है। वेल्डिंग मशीनों की तेज आवाज, लोहे की कटाई से उत्पन्न ध्वनि और धुएं से वायुप्रदूषण बढ़ रहा है। साथ ही बच्चों की पढ़ाई में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। इस पर संयुक्त कलेक्टर ने आयुक्त नगर निगम दुर्ग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।बघेरा वार्ड क्रमांक 56 एवं वार्ड क्रमांक 01 के मोहलाई रोड, बिजली ऑफिस के पास रहने वाले वार्डवासियों ने नाली के पानी की निकासी की गंभीर समस्या से निदान दिलाने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि यहां बनी नाली में जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे बारिश के समय पानी घरों में घुस जाता है। पानी रुकने से उसमें कीड़े-मकोड़े और अन्य हानिकारक जीव पनप रहे हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। वार्डवासियों ने इस समस्या को लेकर पार्षद एवं नगर निगम में भी आवेदन दिया है। इस पर संयुक्त कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम रीवागहन तहसील पाटन की निवासी छात्रा ने जन्म प्रमाण पत्र में जन्म तिथि सुधारने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि जन्मतिथि में त्रुटि के कारण आगे की पढ़ाई में कठिनाई हो रही है। अंकसूची में जन्मतिथि 05 फरवरी 2010 दर्ज है, जो कि सही है, परंतु जन्म प्रमाण पत्र में गलत दर्शाया गया है। साथ ही, आधार कार्ड में भी जन्मतिथि 01 जनवरी 2010 अंकित है, जो कि त्रुटिपूर्ण है। इन गलतियों के कारण उन्हें विद्यालयी दस्तावेजों में मिलान न होने से पढ़ाई में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जन्म प्रमाण पत्र व आधार कार्ड में अंकसूची के अनुसार सही जन्मतिथि दर्ज कराने गुहार लगाई, जिससे उनकी शिक्षा में आ रही बाधा दूर हो सके। इस पर संयुक्त कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत पाटन को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। इस दौरान नगर निगम दुर्ग, रिसाली, भिलाई, खाद्य विभाग, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / शासकीय आदर्श कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल में “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ“ योजना के अंतर्गत एक दिवसीय कैरियर काउंसलिंग कार्यशाला का आयोजन विगत 19 जुलाई को किया गया। यह कार्यक्रम जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आर. के. जाम्बुलकर एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री अजय साहू के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित किया गया।कार्यशाला के माध्यम से किशोरी बालिकाओं को कैरियर के प्रति जागरूक करना, लक्ष्य निर्धारण में सहयोग देना एवं विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी की। किशोरी बालिकाओं को लक्ष्य निर्धारण, रोजगार के प्रकार, सही कैरियर के चुनाव की महत्ता एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कब व कैसे की जानी चाहिए, के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। करियर निर्माण में माता-पिता की भूमिका तथा आत्मविश्वास के महत्व पर बल दिया। वहीं परियोजना समन्वयक श्री चन्द्रप्रकाश पटेल चाइल्ड लाइन ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, किशोरी सुरक्षा तथा पॉक्सो एक्ट की जानकारी देकर बालिकाओं को जागरूक किया।महिला सशक्तिकरण केंद्र की टीम द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं योजना के तहत बालिकाओं को शिक्षित कर उन्हें समाज में सम्मान दिलाना, सामाजिक परिवर्तन के माध्यम से लिंगानुपात में सुधार, महतारी वंदन योजना, नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बालिकाओं के लिए वित्तीय सुरक्षा को प्रोत्साहन करना व भविष्य की शिक्षा और विकास के संबंध में जानकारी दी। साथ ही सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं के माध्यम से संकट में फंसी महिलाओं को एक ही छत के नीचे सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की जानकारी दी गई। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण केन्द्र (हब) से श्रीमती विनिता गुप्ता (जिला मिशन समन्वयक), शिल्पी उपाध्याय (वित्तीय साक्षरता एवं समन्वयक विशेषज्ञ), सखी वन स्टॉप सेंटर से श्रीमती कविता डोरले उपस्थित रहें।
- -पीएचई के अभियंताओं के लिए बीआईएस द्वारा आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री-देशभर से आए विशेषज्ञ जल प्रदाय योजनाओं में प्रयुक्त सामग्री और कार्यों के नए मानकों की दे रहे जानकारीबिलासपुर । उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव आज भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अभियंताओं के लिए आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय द्वारा रायपुर के नवीन विश्राम भवन में 21 जुलाई और 22 जुलाई को दो दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। देशभर से आए विषय विशेषज्ञ कार्यक्रम में पीएचई के अभियंताओं को जल प्रदाय योजनाओं में प्रयुक्त सामग्री और कार्यों के नए मानकों की जानकारी दे रहे हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रदेशभर के 120 से अधिक अभियंता इसमें हिस्सा ले रहे हैं जिनमें मुख्य अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंता शामिल हैं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभियंताओं से कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में नए मानकों और नवाचारों से अपडेट रहना जरूरी है। एक इंजीनियर के रूप में सम-सामयिक तकनीकी पहलुओं और उनके नवीन मापदंडों की जानकारी आवश्यक है। कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के लिए इनकी अच्छी जानकारी काफी मददगार होती है। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो को क्षमता निर्माण कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे हमारे अभियंताओं की दक्षता और क्षमता बढ़ेगी।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का कार्य सीधे जन कल्याण से जुड़ा हुआ है। चाहे वह स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था हो, जल शोधन की प्रक्रिया हो या ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति तंत्र को सुदृढ़ बनाना हो। इन कार्यों की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करती है कि हम मानकों का कितना पालन करते हैं और तकनीकी ज्ञान को कितनी सफलता से धरातल पर उतारते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अभियंताओं के लिए यह कार्यक्रम उनके कार्यस्थल पर प्रभावी कार्य संपादन में सहायक होगी।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने कहा कि देश-दुनिया में प्रचलित मानकों और मापदंडों से विभाग के अभियंताओं को अवगत कराने भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने विभागीय अभियंताओं से अपील की कि वे यहां सीखी गई बातों को फील्ड में कार्यों के मापन और मूल्यांकन में जरूर अपनाएं। जल जीवन मिशन के संचालक श्री जितेन्द्र शुक्ला, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री टी.डी. सांडिल्य और भारतीय मानक ब्यूरों के क्षेत्रीय निदेशक श्री एस.के. गुप्ता ने भी प्रतिभागी अभियंताओं को संबोधित किया।दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम में इनसे संबंधित मानकों की दी जाएगी जानकारीभारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ दो दिनों तक चलने वाले क्षमता निर्माण कार्यक्रम में पीएचई के अभियंताओं को भवन उपयोगिता में वृद्धि हेतु जल आपूर्ति, जल निकासी एवं स्वच्छता के लिए श्रेष्ठ व्यवहार, सेवाओं एवं संसाधनों का अनुकूलन : पेयजल आपूर्ति सेवाएं और परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली, सुरक्षित जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पेयजल की गुणवत्ता, नमूनाकरण एवं परीक्षण में मानकों की भूमिका, सतत संचयन : वर्षा जल प्रबंधन में बीआईएस मानकों की भूमिका, आधुनिक स्वच्छता समाधान : रोटेशनल मोल्डेड पॉलीएथिलीन सेप्टिक टैंक और आईएस 18666, ओवरहेड टैंक, सिविल संरचनाएं (धातु, सीमेंट, आरसीसी), पैकेज्ड जल उपचार संयंत्र (पारंपरिक व अपरंपरागत), दक्षता का अनुकूलन : अपशिष्ट जल आपूर्ति नेटवर्क में परिसंपत्ति प्रबंधन, पाइप सामग्री (DI/CI/PVC/HDPE) तथा पंपिंग प्रणालियों में मानकीकरण के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के बारे में जानकारी देंगे।बीआईएस के ये विशेषज्ञ दे रहे जानकारीरिसोर्स पर्सन के रूप में भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ सर्वश्री फालेन्द्र कुमार, राजेश कुमार दास, देवेन्द्र सिंह धपोला, आर.पी. देवांगन, डॉ. एन. मुरली मोहन और डॉ. मयूर जे. कपाड़िया लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के इंजीनियरों को जल प्रदाय प्रणाली और रेन वाटर हार्वेस्टिंग से संबंधित नए मानकों और मापदंडों की जानकारी दे रहे हैं।
- - रायपुर से कुरूद रेलवे लाइन में आ रही बाधा दूर- अपने संसाधन और कर्मियों की दक्षता से पूरा किया काम- रेलवे- एनटीपीसी की परियोजनाओं को मिलेगी गतिरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश के विकास के लिए जरूरी चार बड़े और बहुप्रतीक्षित कार्यों को पूरा करने में सफलता हासिल की है। ये चारों कार्य काफी चुनौतीपूर्ण थे और इनके पूरा होने से प्रदेश में रेलवे और एनटीपीसी के लिए भी आधारभूत संरचना विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इन कार्यों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से दो कार्य ट्रांसमिशन कंपनी ने अपने इंजीनियरों और अनुभवी कर्मियों की कुशलता से स्वयं पूरा किया, इसे ठेके पर नहीं कराया गया।इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और ट्रांसमिशन कंपनी के अध्यक्ष श्री सुबोध सिंह ने पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि आज चार महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा किया गया, जिसमें कुरूद के 400 केवी सबस्टेशन से राजिम के लिए 220 केवी की लाइन और राजिम के 220 केवी सब-स्टेशन की क्षमता 320 एमवीए करना शामिल है। इसके साथ ही राजधानी रायपुर से कुरूद तक नई ब्राडगेज रेलवे लाइन में आ रही रूकावट को दूर करने दो नए टॉवर खड़े करने का कार्य पूरा किया गया। इसी तरह एनटीपीसी के कोयला खदान के लिए जा रही 132 केवी लाइन का ढाई साल से अटका कार्य आज पूरा कर लिया गया।उन्होंने बताया कि ये चारों कार्य प्रदेश की अधोसंरचना विकास के लिए आवश्यक थे। विभिन्न कारणों से ये काम पूरे नहीं हो पा रहे थे। सबसे अच्छी बात यह रही कि इनमें से दो कार्यों को कंपनी ने टर्न-की कांट्रेक्ट के बजाय लेबर कांट्रेक्ट से पूरा किया, जिसमें कंपनी के भिलाई स्थित वर्कशॉप में टॉवर का निर्माण किया गया और उसे सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। इसमें केवल ट्रांसफार्मर, ब्रेकर और अन्य उपकरण क्रय किये गए। इससे कंपनी की लागत 25 प्रतिशत तक घट गई।साथ ही राजधानी से कुरूद तक रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजर रही 132 केवी लाइन की ऊंचाई 12.5 मीटर से कम थी, जिससे रेलवे ट्रैक का काम अटक गया था। एक महीने से भी कम समय में विभाग के अधिकारियों ने अपने संसाधन से दो नए टॉवर स्थापित करके इसकी ऊंचाई 15 मीटर से अधिक कर दी गई है। इस कार्य के पूरा होने से रेलवे के कार्य में गति आएगी, जिसे दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।प्रबंध निदेशक श्री शुक्ला ने आज कुरूद में 400/220 केवी सबस्टेशन में राजिम के लिए बहुप्रतीक्षित 220 केवी सेकंड सर्किट को ऊर्जीकृत किया। इस लाइन के चालू होने से राजिम के लिए स्थापित विद्युत तंत्र सुदृढ़ हुआ है, जिसका सीधा लाभ इस क्षेत्र के लगभग पचास हजार से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं को होगा। इस कार्यक्रम में राजिम में 220 केवी 160 एमवीए की दूसरी इकाई का भी ऊर्जीकरण सम्मिलित है जो महासमुंद, गरियाबंद, कुरूद, धमतरी एवं आसपास का क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशकगण सर्वश्री संजय पटेल, केएस मनोठिया, श्रीमती ज्योति नन्नौरे, श्री एमएस चौहान, वीके दीक्षित, मुख्य अभियंता अब्राहम वर्गीस उपस्थित थे।अधिकारियों ने बताया कि एनटीपीसी को कोयला परिवहन के लिए बिलासपुर से कोंडातराई जुड़डा तक 132 केवी की स्वतंत्र लाइन की आवश्यकता था, इसमें लगभग 39 करोड़ रुपए की लागत से 24.5 किलोमीटर लाइन तैयार हो चुकी थी, परन्तु केवल आधा किलोमीटर का हिस्सा ग्रामीणों की आपत्ति के कारण ढाई साल से अटका हुआ था। जब काम चलता था तब ग्रामीण विरोध करने पहुंच जाते थे। माननीय हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस बचे हुए हिस्से का कार्य पूरा करने का मार्गप्रशस्त हुआ और पर्याप्त पुलिस बल की उपस्थिति में आज इसे पूरा किया गया।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव के आह्वान पर ‘‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान’’ के अंतर्गत विद्युत कंपनी के प्रदेश में विस्तृत कार्यालय परिसरों में 50,000 पौधे रोपने का कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इसके तहत विद्युत कंपनी जनसंपर्क प्रमुख, अतिरिक्त महाप्रबंधक जनसंपर्क कार्यालय परिसर में सावन सोमवार 21 जुलाई के दिन मीठी नीम के पौधे रोपे गए।अतिरिक्त महाप्रबंधक जनसंपर्क श्री उमेश कुमार मिश्र के मुख्य आतिथ्य में प्रबंधक श्री गोविंद पटेल, सहायक प्रबंधक श्रीमती अनामिका मण्डावी, सहायक मुख्य छायाकार श्री संजय टेम्बे, कार्यालय सहायकगण श्री प्रसन्न कुमार दुबे एवं शुभम कुमार बंछोर, कार्यालय परिवार के सदस्य श्री राजेंद्र बाघमार तथा छगनलाल चक्रधारी द्वारा मीठी नीम के पौधे रोपे गए। इस अवसर पर श्री मिश्र ने कहा कि औषधीय गुणों से युक्त तथा रसोई में रोज ही उपयोगी मीठी नीम के नाम से कार्यालय परिसर का एक हिस्सा सुरक्षित रखा जाएगा और यहां पर सिर्फ इसी पौधे का रोपण किया जाएगा जिसे मीठी नीम की बगिया के नाम से जाना जाएगा।
- - कमार समुदाय अंधेरे से उजाले, वंचना से विकास और अलगाव से आत्मबल की ओर बढ़ रहामहासमुंद / जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने एवं उनके सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय आदिवासी महा अभियान (पीएम-जनमन) आज सामाजिक न्याय, समावेशन और समर्पित प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है। पीएमजनमन से आज कमार समुदाय अंधेरे से उजाले, वंचना से विकास और अलगाव से आत्मबल की ओर बढ़ रहा है। पीएम-जनमन योजना उनके लिए सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता एक सार्थक कदम है।इस अभियान की शुरुआत 15 नवंबर 2023 को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर की गई थी। इस दिन को जनजातीय गौरव दिवस’’ के रूप में मनाई जाती है। यह योजना भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ते हुए उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देना है।महासमुंद जिले में निवास करने वाली कमार जनजाति, देश की विशेष पिछड़ी जनजातियों में शामिल है। यह समुदाय पारंपरिक रूप से जंगल, कंद-मूल और मजदूरी पर आश्रित रहा है। इनकी बसाहटें मुख्य ग्राम और शहरों से दूर जंगलों में स्थित हैं, जहाँ मूलभूत सुविधाओं का वर्षों तक अभाव रहा। सत्र 2015-16 के आधारभूत सर्वेक्षण के अनुसार, महासमुंद जिले में 923 कमार परिवार हैं जिनकी कुल जनसंख्या 3309 है। जिसमें पुरुष 1614 एवं महिला जनसंख्या 1695 है। जिले में इनका निवास विकासखण्ड महासमुंद, बागबाहरा एवं पिथौरा के कुछ ग्रामों में है। इनमें बड़ी संख्या में लोग अब भी कच्चे मकानों, बिना बिजली, बिना राशन, बिना स्वास्थ्य सुविधा और बिना सड़क संपर्क के जीवनयापन कर रहे थे।पीएम-जनमन योजना के तहत कमार जनजाति परिवारों के जीवन में हुआ बदलावपीएम-जनमन योजना के अंतर्गत महासमुंद जिले के कमार जनजातीय परिवारों के लिए जिला प्रशासन एवं आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग ने समन्वय से कार्य प्रारंभ किया। घर-घर सर्वेक्षण के माध्यम से उनकी वास्तविक स्थिति को पहचाना गया और व्यक्तिगत दस्तावेजों से लेकर सामुदायिक संरचना तक का विकास किया गया।इस योजना के तहत 330 परिवारों को बिजली कनेक्शन प्रदान किया गया। जिससे अब बच्चे रात में पढ़ाई कर पा रहे हैं और जहरीले जीव-जंतुओं से मुक्ति मिली है। 314 परिवारों को स्वच्छ पेयजल मुहैय्या कराने पीएम नल-जल योजना के तहत हर घर नल जल प्रदाय किया गया। जिससे गंदे पानी से होने वाली बीमारियों में कमी आई है। विशेष पिछड़ी जनजाति के चिन्हांकित 678 कच्चे मकान में निवासरत परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृति मिल चुकी है। जिसमें 405 परिवारों को पक्का छत मिल गया है। शेष घर निर्माणाधीन है। 75 बसाहटों में आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य सेवाएं और स्कूल का संचालन हो रहा है। जिससे बच्चों का नामांकन बढ़ा, संस्थागत प्रसव में वृद्धि हुई है। साथ ही सभी परिवारों का राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड बनाए गए है। लक्षित बैंक खाता 1825 में सिर्फ 80 व्यक्तियों का लक्ष्य शेष है। विकासखंड पिथौरा एवं बागबाहरा अंतर्गत शत प्रतिशत लोगों का जाति प्रमाण बना लिए गए है। महासमुंद विकासखंड में 300 व्यक्तियों का जाति प्रमाण पत्र प्रक्रियाधीन है। किसान सम्मान निधि अंतर्गत शत प्रतिशत पात्र लोगों का पंजीयन कर लिया गया है। 26 सड़कविहीन बसाहटों में सड़कें बन रही हैं, जिससे मुख्यधारा से संपर्क सुलभ होगा। मोबाइल टावर की स्थापना स्वीकृत की गई है। अब दूरदराज के ग्रामों में भी डिजिटल सेवाएं पहुँच सकेंगी।राशन कार्ड बनने से अब हर परिवार को प्रतिमाह 35 किलो चावल मुफ्त मिल रहा है। इससे भोजन की चिंता दूर हुई है और बच्चे विद्यालय जाने लगे हैं। शिक्षा की ओर यह झुकाव आने वाले समय में उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने में सहायक होगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख तक के मुफ्त इलाज का लाभ मिलने से अब परिवारों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। मोबाइल मेडिकल यूनिट और स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएं ग्राम स्तर तक पहुँच रही हैं। बैंक खाते खुलने से अब लोगों को पेंशन, छात्रवृत्ति, सब्सिडी और अन्य योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है। विशेषकर महिलाओं को महत्वपूर्ण योजनाओं जैसेमहतारी वंदन योजना का लाभ मिलने से परिवार में आर्थिक स्थिरता आ रही है।जिला प्रशासन एवं सभी विभागों द्वारा सभी पिछड़ी जनजाति समुदाय को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में 2 बहुद्देशीय केंद्रों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जहाँ आंगनवाड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बच्चों के लिए खेल मैदान, रसोई घर, किचन गार्डन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएँगी। इससे न केवल सेवा वितरण बेहतर होगा बल्कि समुदाय आदिवासी महा अभियान (पीएम-जनमन) महासमुंद जिले के कमार जनजाति के जीवन में खूशियां लेकर आया है। समुदाय के साथ शासन का संवाद और सहभागिता भी सशक्त होगी।
- रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। बलौदाबाजार शहर के सदर रोड निवासी राजेश केशरवानी ने इस योजना का लाभ उठाकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है।अब उन्हें बिजली का बिल नहीं भरना पड़ता। श्री केशरवानी ने बताया कि इस योजना की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया और समाचार पत्रों से प्राप्त हुई, जिसके बाद उन्होंने बिजली विभाग से संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन लिया।आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और सरल है, जिसे उन्होंने बिना किसी कठिनाई के पूरा किया। श्री केशरवानी को सोलर सिस्टम स्थापना पर 78,000 की सब्सिडी प्राप्त हुई। पिछले छह महीनों से यह प्रणाली बिना किसी रुकावट के कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें हर महीने 2000 से 2500 तक का बिजली बिल भरना पड़ता था, लेकिन अब उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस योजना का लाभ उठाकर न केवल बिजली की बचत करें, बल्कि हर महीने की आय में भी सकारात्मक योगदान प्राप्त करें। श्री केशरवानी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आमजन के जीवन में सच्चे अर्थों में बदलाव ला रही है और देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही है।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई इबारत लिख रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि परिवार की जरूरतों में भी सहभागी बन रही हैं। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम पंडरीतराई निवासी श्रीमती रबीना पिस्दा जो एक गृहिणी हैं। उन्हें योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस राशि को वह अपने बेटे की शिक्षा और जरूरी घरेलू कार्यों में उपयोग कर रही हैं। इस वर्ष जब उनके बेटे का पहली कक्षा में प्रवेश हुआ, तो उन्होंने महतारी वंदन योजना की राशि से बेटे के लिए बस्ता, स्लेट, पेंसिल, जूते सहित अन्य शिक्षण सामग्री खरीदी। श्रीमती रबीना बताती हैं कि उनके पति कृषि कार्य करते हैं और वह स्वयं भी खेती में हाथ बंटाती हैं। पहले किसी भी प्रकार की बचत कर पाना मुश्किल था, लेकिन इस योजना से अब हर माह थोड़ी-बहुत राशि बचाकर वह अपने बेटे के उज्जवल भविष्य की नींव मजबूत कर पा रही हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती रबीना ने कहा कि महतारी वंदन योजना उनके जैसी हजारों-लाखों महिलाओं के लिए संबल बनी है। इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने और परिवार में योगदान देने का अवसर मिल रहा है।
- रायपुर। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने रविवार को सरिया में नवनिर्मित तहसील कार्यालय, उप-पंजीयक कार्यालय और अटल परिसर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने तहसीलदार कोमल साहू और उप-पंजीयक पूनम सिदार को उनके पदीय दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए शुभकामनाएं दीं और विधिवत रूप से उन्हें उनके कार्यस्थल की कुर्सी पर आसीन कराया।लोकार्पण समारोह के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया और सरिया चौक में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत नगर पंचायत कार्यालय परिसर में अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा के साथ अटल परिसर का उद्घाटन भी किया गया।मंगल भवन में आयोजित आमसभा को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, महिलाओं और आमजन के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार के गठन के 12 दिनों के भीतर किसानों को दो वर्षों का लंबित बोनस दिया गया। पहले वर्ष धान खरीदी का भुगतान लगभग 13 हजार करोड़ रुपये और दूसरे वर्ष 12 हजार करोड़ रुपये किया गया। उन्होंने बताया कि सरिया क्षेत्र में किसानों की मांग पर अपेक्स बैंक की स्थापना की गई है और अब यहां रजिस्ट्री कार्यालय भी आरंभ हो गया है। साथ ही 100 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण कार्य भी तेज़ी से प्रगति पर है।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है और वे भ्रष्टाचार या कमीशनखोरी को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उप-पंजीयक को उन्होंने भ्रष्टाचारमुक्त सेवा देने की सख्त हिदायत दी और सभी जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से जनता की सेवा में ईमानदारी और समर्पण की अपेक्षा जताई।तहसील एवं उप-पंजीयक कार्यालय भवन का निर्माण छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, रायगढ़ द्वारा 72.12 लाख रुपये की लागत से किया गया है, वहीं अटल परिसर का निर्माण 19.95 लाख रुपये की लागत से पूरा हुआ है। कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष श्री कमलेश अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अजय नायक, श्री जगन्नाथ पाणिग्राही, कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे, पुलिस अधीक्षक श्री आञ्जनेय वार्ष्णेय समेत बड़ी संख्या में नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
- -प्रधानमंत्री जनमन योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की राज्यपाल नेरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज राजभवन में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (प्रधानमंत्री जनमन योजना) के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल फील्ड रिर्पाेर्ट पर निर्भर न रहें बल्कि निचले स्तर पर जाकर योजनाओं का क्रियान्वयन देंखें।राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेश के पीएम जनमन क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के कार्याे की समीक्षा की और संचालित कार्याे की जमीनी हकीकत देखने के लिए इन ग्रामों का दौरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना का मूल उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को केन्द्र द्वारा तय सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है। इन वर्गाे तक मूलभूत सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क आदि देना पहली प्राथमिकता है। जो योजनाएं संचालित है वे तय समय पर पूर्ण हो जाएं। पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचे इसके लिए सही एप्रोच जरूरी है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के सहयोग और समन्वय से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।श्री डेका ने निर्देश दिया कि सतत् विकास की प्रक्रिया मे पर्यावरण को अनदेखा न किया जाए। जो विकास के कार्य हो रहे है, उसमें पेड़ों को बचाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि पानी को लेकर गंभीर होना है। जमीनी जल स्तर और वर्षा का मापन करे और उसके अनुसार योजनाएं बनाएं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता दे। सौर विद्युतीकरण की प्रगति पर उन्होंने असंतोष जताया और कहा कि इस क्षेत्र में जो चुनौतियां है उसका सभी मिलकर निराकरण करेंगे।बैठक मे राज्यपाल श्री डेका ने पीएम जनमन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि आंगनबाड़ीयों में लाइवलीहुड के लिए कार्य होना चाहिए। उन्होंने राज्य में स्व सहायता समूहों के गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में भी नवाचार को प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नवाचार करने वाले स्व सहायता समूहों को राजभवन द्वारा भी पुरूस्कृत किया जाएगा। श्री डेका ने जनजातीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता से नवाचार करने पर बल दिया।
- -समूहों से 1 लाख 24 हजार से अधिक महिलाएं जुड़कर कर रही है कार्यरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को स्व-रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सभी विकास खंड में 11 हजार 559 स्व-सहायता समूह का गठन किया गया है। जिसमें 1 एक लाख 24 हजार 117 महिला सदस्य जुड़ी हुई हैं और ये महिलाएं विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन गयी हैं।विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें स्व-सहायता समूह को 703 ग्राम संगठन एवं 32 संकुल संगठन के माध्यम से संगठित किया गया है। गठित स्व-सहायता समूह सदस्यों की आय में निरंतर वृद्धि के लिए सार्थक प्रयास भी किए जा रहे हैं। महिलाओं को कृषि के माध्यम से बीज उपचार, प्राकृतिक खाद, द्रव जीवामृत, घन जीवामृत, ब्रह्मास्त्र, नीमस्त्र, निर्माण एवं निरंतर प्रयोग हेतु प्रेरित किया जा रहा है, इस प्रकार से कृषि पशुपालन, मत्स्य पालन, किराना दुकान, ईट निर्माण आदि विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से उनकी आय में वृद्धि हेतु प्रयास किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन की विभिन्न योजनाओं जिसमें मुख्यतः कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य पालन विभाग, रेशम विभाग, रोजगार गारंटी योजना आदि में संचालित होने वाली योजनाओं से जोड़कर स्व-सहायता समूह सदस्यों की आय में वृद्धि हेतु प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सामुदायिक निधि के द्वारा समूह सदस्यों को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही साथ बैंक के माध्यम से स्व-सहायता समूह का बैंक लिंकेज एवं मुद्रा लोन के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में आजीविका गतिविधि हेतु राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनमें आत्मनिर्भरता बढ़ती जा रही है।
- -प्रभावी कार्ययोजना बनाकर करें कामः आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला-आयुक्त सह संचालक ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में डॉक्टरों को नियमित फील्ड विज़िट करने के दिए निर्देशरायपुर ।स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु जिला अस्पताल सुकमा के सभाकक्ष में आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख योजनाओं, उनके लक्ष्यों, प्राप्तियों और कार्यों की विस्तार से चर्चा की गई।डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की प्राथमिकता वाले कार्यों में से एक है और मलेरिया को खत्म करने लिये शासन हर संभव प्रयास कर रही है। मलेरिया पैरासाइट को खत्म करने के लिए शत प्रतिशत जनसंख्या का स्क्रीनिंग करना अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिया कि मलेरिया पॉजिटिव मरीज के ठीक हो जाने के बाद 1 महीने पश्चात फिर से उस मरीज का फॉलो अप करके ब्लड सैंपल लेकर जांच किया जाए। साथ ही छिन्दगढ़ और कोंटा विकासखंड के गांव मलेरिया के अधिक प्रभाव वाले स्थानों में आते हैं, यहां विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि फील्ड के अधिकारी और स्वास्थ्य कार्यकर्ता लगातार क्षेत्र का भ्रमण करें और बुखार से पीड़ित व्यक्ति का मलेरिया जांच भी करना सुनिश्चित करें।डॉ. शुक्ला ने जानकारी देते हुए कहा कि जल्द ही स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी मलेरिया मुक्त अभियान की तैयारियों और कार्यों का जायजा लेने के लिए बस्तर संभाग का भ्रमण करेंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हॉस्टल, आश्रम और गांवों में मच्छरदानी के उपयोग को प्रोत्साहित करना जरूरी है। उन्होंने मलेरिया नियंत्रण के लिए फील्ड में जाकर जागरूकता फैलाने और चिकित्सा कार्यों को और अधिक सघन करने के निर्देश दिए। डॉ. शुक्ला ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पूरी मेहनत, पारदर्शिता और आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसके लिए जमीनी स्तर पर ठोस कार्यवाही जरूरी है।
- -अस्पताल अधीक्षक, सर्जन, मेडिकल विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य पदों को शीघ्र भरा जाएगा-कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए 4 करोड़ 37 लाख मिली प्रशासकीय स्वीकृतिरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जशपुर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। पत्थलगांव विकास खंड के कोतबा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नयन करके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है।मुख्यमंत्री ने कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण करने के लिए 4 करोड़ 37 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति भी दे दी है।कोतबा में लोगों तक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 56 पद स्वीकृत किए हैं। इनमें अस्पताल अधीक्षक, सर्जन, मेडिकल विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, दंत विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग सिस्टर, लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, स्टाप नर्स, लेखापाल, फार्मासिस्ट, सहायक ग्रेड 3, ड्रेसर, वार्ड बॉय, आया और भृतय के पद स्वीकृत किया गया है। शीघ्र ही उनकी पदस्थापना की जाएगी जिसमें लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराया जा सके।
- -छत्तीसगढ़ व ओडिशा सब एरिया द्वारा आयोजित, सेना और नागरिकों की एकजुट भागीदारीरायपुर। कारगिल युद्ध के शूरवीरों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से भारतीय सेना के छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया द्वारा ‘राइड फॉर विक्ट्री’ नामक एक भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। यह रैली नवा रायपुर स्थित मिलिट्री स्टेशन से प्रारंभ होकर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पर्वतीय दर्रे केशकाल घाटी तक आयोजित की गई।कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस आयोजन में 60 से अधिक राइडरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली में सेना के वर्तमान जवानों, सेवानिवृत्त सैनिकों, महिला बाइकर्स तथा विभिन्न पेशों से जुड़े नागरिकों ने हिस्सा लेकर देशभक्ति की अनूठी मिसाल पेश की।बारिश और दुर्गम रास्तों की चुनौती के बावजूद प्रतिभागियों का जोश और मनोबल उच्च बना रहा। यह यात्रा भारतीय सशस्त्र बलों की साहस, संकल्प और सेवा भाव का जीवंत प्रतीक रही।मुख्य उद्देश्य कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान को सम्मान देना था, साथ ही युवाओं को देशसेवा, समर्पण और राष्ट्रीय गर्व के मूल्यों के प्रति प्रेरित करना भी इस पहल का प्रमुख उद्देश्य रहा।यह रैली मुख्यालय सूर्या कमान एवं मध्य भारत क्षेत्र के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसने सेना और आम नागरिकों के बीच मजबूत संबंधों को और सुदृढ़ किया। रास्ते भर स्थानीय नागरिकों का गर्मजोशी से स्वागत और समर्थन इस आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण रहा।इस प्रकार के आयोजन न केवल राष्ट्र के नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, बल्कि समाज में शांति, एकता और राष्ट्रीय चेतना को भी सशक्त बनाते हैं।







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