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-संस्कृति समिति पहली बार गैर मराठी समाजों के प्रतिभागियों को भी अवसर दे रही प्रतियोगिता में भागीदारी का
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल परिसर में 11 सितंबर को तान्हा पोळा पर्व पर बैल सजाओ स्पर्धा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। संस्कृति समिति की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में महाराष्ट्र मंडल के सभासदों के अलावा पहली बार बाहरी समाज व संस्थाओं के प्रतिभागियों को भी शामिल होने का अवसर मिलेगा।
नए कार्यकाल की पहली बैठक में संस्कृति समिति की प्रमुख गौरी क्षीरसागर ने अपने आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस बार प्रतियोगिता आयु के आधार पर तीन वर्गों में होगी। पहला वर्ग पांच साल के बच्चों तक के लिए होगा। दूसरा वर्ग 11 साल तक के बच्चों के लिए होगा और तीसरा ओपन कंपटीशन रहेगा। प्रतियोगिता के लिए बैल की सजावट, प्रसाद, प्रतिभागी के परिधान से लेकर अन्य कई केटेगरी में अंक निर्धारित किए गए हैं। उसी के आधार पर प्रतियोगिता के निर्णायक विजेता, उप विजेता और तीसरे स्थान के प्रतिभागी के नाम घोषित करेंगे। बैठक में कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण क्षीरसागर, समीर टल्लू, डॉ. बबीता बिठले, प्रेम उपवंशी, प्रशांत बक्षी विशेष रूप से उपस्थित रहे। - -महिला सशक्तिकरण संबंधी विभिन्न योजनाओं के संचालन के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभारबालोद। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पावन पर्व रक्षाबंधन के पूर्व ही महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि प्रदेश की लाखों बहनों के खातों में सीधे अंतरित कर दी है। समय से पूर्व ही खाते में राश्षि पहुॅचने पर प्रदेशभर की महिलाओं के चेहरे खिल उठे हैं और उन्होंने अपने विष्णु भैया का सहृदय आभार व्यक्त किया है। यह आर्थिक संबल न केवल त्योहार की खुशियों को दोगुना कर रहा है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त भी बना रहा है। जिले के डौण्डी विकासखण्ड के वनांचल के ग्राम कुमुड़कट्टा की श्रीमती जयश्री मंडावी ने बताया कि रक्षाबंधन के पूर्व उनके बैंक खाते में महतारी वंदन की राशि आ चुकी है। इससे वे इस बार रक्षाबंधन का पर्व बेहतर रूप में मना पाएंगी। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना की राशि से इस अपने भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदेगी। जयश्री ने कहा कि इस सौगात से उनके त्यौहार का उत्साह दोगुना हो गया है। त्यौहार से पूर्व मिली इस आर्थिक सहायता के लिए जयश्री ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए हृदय से कहा - धन्यवाद विष्णु भैया।जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम कलकसा की श्रीमती बेनी बाई साहू ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना के साथ ही अन्य महिला हितैषी योजनाओं से महिलाओं को अपने दैनिक जीवन में आगे बढ़ने का बेहतर माध्यम मिला है। उन्होंने बताया कि वे सबला स्वसहायता समूह का संचालन करती हैं। उन्होंने समूह के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत 01 लाख रूपए का ऋण लिया है। जिससे उन्होंने गांव के ही 04 अंागनबाड़ी केन्द्रों में खाद्य सामाग्री प्रदान करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि इस कार्य से न केवल उनका व्यवसाय बढ़ा है, बल्कि समूह की अन्य महिलाओं को भी रोजगार के साथ ही आर्थिक मजबूती मिली है। उन्होंने योजनाओं के संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का विष्णु भैया कहकर, उनका आभार व्यक्त किया है।
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-भूमिका उपाध्याय को शहीद पंकज विक्रम सम्मान
-वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 82 लोगों को दिए जाएंगे पुरस्कार और सम्मान
-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खेल दिवस पर 29 अगस्त को खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को देंगे राज्य अलंकरण
बिलासपुर/ राज्य शासन द्वारा खेल अलंकरणों के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों की सूची जारी कर दी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 82 लोगों को पुरस्कार और सम्मान दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ट्रॉफी के लिए 5 दलों के कुल 43 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का चयन किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को इन खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को राज्य अलंकरण प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य और उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य अलंकरण समारोह में शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्राॅफी के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा।----देखें सूची...

- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में विशेष प्रार्थना सभा में रक्षाबंधन का भावपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन यलो हाउस इंचार्ज निदा सुल्तान एवं आशा जैन के मार्गदर्शन में किया गया।कार्यक्रम का संचालन 8वीं की प्रगति यादव ने किया। इसके पश्चात 11वीं की काव्या रेड्डी ने प्रतिज्ञा दिलाई। 12वीं के समर्थ नाथवानी ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर प्रेरणादायक भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने पैगंबर हजरत मुहम्मद के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।इसके बाद रक्षाबंधन पर आधारित एक सुंदर नाट्य प्रस्तुति दी गई। इसमें श्रीकृष्ण और द्रौपदी के पवित्र भाई- बहन के रिश्ते को दर्शाया गया। प्रस्तुति का वाचन 12वीं की हिमांशी लोढ़ा ने किया। श्रीकृष्ण की भूमिका आठवीं के ओजस तिवारी तथा द्रौपदी की भूमिका 12वीं की उमा निर्मलकर ने निभाई। इस प्रस्तुति ने प्रेम, विश्वास, सुरक्षा और भाई- बहन के पवित्र रिश्ते का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि हमारे विभिन्न त्योहार हमें प्रेम, सद्भाव, मानवता और एकता के सूत्र में बांधते हैं।
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- चौबी कॉलोनी महिला केंद्र के पर्व में घुली रिश्तों की मिठासरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के चौबे कालोनी महिला केंद्र ने महाराष्ट्र मंडल भवन में ‘कड़ू भात’ का जोशीला आयोजन किया। सावन और तीज के पूर्व यह कार्यक्रम सभी महिलाओं के लिए मजेदार और यादगार रहा।केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित ने बताया कि कार्यक्रम की खूबसूरत शुरुआत गुलाब की पंखुड़ियों से भरे गुब्बारों को महिला सभासदों के ऊपर फोड़ने से हुई।इससे पंखुड़ियों की वर्षा के बीच उनका मुस्कुराते हुए चेहरों के साथ स्वागत किया गया। पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार सभी को हल्दी-कुमकुम लगाया गया व स्मृति चिह्न के रूप में मेहंदी का कोन और बिंदी का पैकेट भेंट किया गया।सजावट का मुख्य आकर्षण सावन माह में आने वाले प्रमुख त्योहारों की जीवंत झांकी रही। इस सुंदर और कलात्मक सजावट को पल्लवी मुकादम, मनीषा वरवंडकर, प्राची डोनगांवकर, रंजना काठोटे, अक्षता पंडित, अनुपमा बोधनकर और गौरी क्षीरसागर ने मिलकर साकार किया। कार्यक्रम में धार्मिक और पौराणिक रंग तब घुल गया, जब दीपाली, संध्या पांडे, धनश्री पेंडसे, मनीषा वरवंडकर, प्राची डोनगांवकर, संगीता निमोणकर और अनुपमा बोधनकर श्री राधा, कृष्ण और माता पार्वती के सुंदर रूप में सज-धज कर पहुंचीं।गौरी क्षीरसागर और प्राची डोनगांवकर ने ‘तीज विशेष’ मनोरंजक खेल करवाए। इनमें से एक सिक्कों पर आधारित रोचक गेम था, तो दूसरा म्यूजिक और डांस गेम रहा। प्रतियोगियों के शानदार प्रदर्शन के बीच अवंती अग्निहोत्री और वर्षा चौधरी ने गौरी मोकाजदार ने बाजी मारते हुए विजेताओं का खिताब अपने नाम किया।हरित श्रृंगार में सजी-धजी महिलाओं के बीच सावन की सुंदरता का प्रतिनिधित्व करने के लिए अंजलि को ‘सावन क्वीन’ चुना गया। इसके साथ ही, मनीषा वरवंडकर के महिला सह-प्रमुख पद पर मनोनीत होने पर सभी सदस्यों ने गरिमापूर्ण माहौल में उनका सम्मान किया। केंद्र की नई सदस्य पल्लवी जोशी का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी सदस्यों ने मिलकर लजीज और स्वादिष्ट 'कड़ू भात' के भोजन का आनंद लिया। अपनों के साथ, हंसी-ठहाकों और मीठी यादों के संग इस आयोजन का समापन हुआ। - - विधायक मोतीलाल साहू ने कहा- नए उपकेंद्र बनने से उपभोक्ताओं को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्तिरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के नगर संभाग (उत्तर) व्दारा मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत भनपुरी स्थित उमिया मार्केट में निर्मित 33/11 केवी नवीन विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण हुआ। पांच एमवीए क्षमता वाले इस उपकेंद्र से क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री मोतीलाल साहू थे। इस अवसर पर जोन क्रमांक 1 के अध्यक्ष श्री गज्जू साहू सहित पार्षद श्री नंद किशोर साहू, श्री भगत राम हरवंश, श्री मनमोहन मनहरे, श्रीमती अंबिका साहू तथा एल्डरमैन श्री विक्रम सिंह ठाकुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि उपकेंद्र के निर्माण में 5 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर के साथ 0.6 किलोमीटर 33 केवी लाइन तथा 1.7 किलोमीटर 11 केवी लाइन का निर्माण किया गया है। इस परियोजना पर लगभग 2.31 करोड़ रुपये की लागत आई है। उपकेंद्र के ऊर्जीकृत होने से घरेलू एवं व्यावसायिक निम्नदाब उपभोक्ताओं के साथ औद्योगिक उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।पूर्व में गोंदवारा क्षेत्र के उपभोक्ताओं को गाजी नगर उपकेंद्र तथा गोंदवारा उपकेंद्र से निकलने वाले 11 केवी फीडरों के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की जा रही थी। गाजी नगर उपकेंद्र से गोंदवारा क्षेत्र की दूरी अधिक होने तथा दोनों फीडरों पर 100 एम्पियर से अधिक भार होने के कारण विद्युत आपूर्ति और व्यवधानों के निराकरण में कठिनाई आती थी। नवीन उमिया मार्केट उपकेंद्र से तीन नए 11 केवी फीडर बनाए गए हैं, जिससे फीडरों की लंबाई कम होने के साथ भार का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।नवीन उपकेंद्र से गोंदवारा, न्यू गोंदवारा इंडस्ट्रियल क्षेत्र, सरदार पटेल मार्केट, भनपुरी सहित आसपास के क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही गोंदवारा उपकेंद्र के विजय लक्ष्मी फीडर तथा गाजी नगर उपकेंद्र के उमिया मार्किट एवं भनपुरी उपकेंद्र से टिम्बर मार्केट फीडर का भार सामान्य होने से संबंधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी। इस उपकेंद्र के निर्माण में मुख्य अभियंता(रायपुर शहर) श्री संजीव सिंह, अतिरिक्त मुख्य अभियंता सलिल खरे, अधीक्षण अभियंता श्री महेश ठाकुर, सीएच मरकाम, एम विश्वकर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री शिव गुप्ता, पीके सिंह, राजेश मिश्रा का योगदान रहा।
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-मुख्यमंत्री के निर्देश पर कृषि विभाग की सख्त कार्रवाई
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कृषि विभाग ने सख्त तेवर दिखाए है। गौरतलब है कि जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत मेसर्स बालाजी कृषि केन्द्र में बिना प्रिंसिपल सर्टिफिकेट के अलग-अलग 34 कंपनियों के उत्पादन भंडारित पाए जाने पर नोटिस जारी कर कारण बताने कहा है। इसके साथ ही कीटनाशक उपलब्ध 34 कंपनियों को भी नोटिस जारी कर 02 सितंबर 2026 तक जवाब देने कहा गया है। यह कार्रवाई 20 अगस्त 2026 को राज्य एवं जिला स्तरीय संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा मेसर्स बालाजी कृषि केन्द्र नवागढ़ के निरीक्षण के बाद की गई है। यह कार्रवाई कीटनाशी अधिनियम 1968 तथा कीटनाशी नियम 1971 के प्रावधानों का उलघंन करने पर किया गया है।जिन कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है इनमें रायपुर स्थित मेसर्स पीआई इंडस्ट्रीज लिमिटेड श्री वासु लॉजिस्टिक्स लिमिटेड, मेसर्स आईपीएल ओवरसीज गणेश ट्रेडिंग कंपनी, मेसर्स कॉर्टेवा एग्रीसाइंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व में ई.आई. डुपोंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड) मानव वेयरहाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स बीएएसएफ इंडिया लिमिटेड, गायत्री इंसेक्टिसाइड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स बायरा क्रॉप साइंस लिमिटेड, मेसर्स स्वाल कॉर्पाेरेशन लिमिटेड कृष्णा केयर शामिल है।इसी प्रकार मेसर्स सिनजेंटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड वासु लॉजिस्टिक लिमिटेड, मेसर्स रालिस इंडिया लिमिटेड आशा एंटरप्राइजेज, मेसर्स अतुल लिमिटेड, मेसर्स धर्माज क्रॉप गार्ड लिमिटेड, मेसर्स एमबीएफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स सेफेक्स केमिकल्स इंडिया लिमिटेड दिनेश एग्रो, मेसर्स इंसेक्टिसाइड्स (इंडिया) लिमिटेड, मेसर्स नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, मेसर्स अनु प्रोडक्ट्स लिमिटेड, मेसर्स जीएसपी क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स ट्रॉपिकल एग्रो सिस्टम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स इंडो स्विस केमिकल्स लिमिटेड दिनेश एग्रो, मेसर्स क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड एस.एल. लॉजिस्टिक्स कंपनी शामिल है।इसी प्रकार मेसर्स मेधनी एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स विलोवुड केमिकल्स लिमिटेड, मेसर्स निचिनो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड जे.बी., मेसर्स केमिनोवा इंडिया लिमिटेड, मेसर्स श्रीराम बायोकैम कॉर्पाेरेशन गणेश ट्रेडिंग कंपनी, मेसर्स जय सी लाइफ साइंसेज, मेसर्स इंडो स्विस केमिकल्स लिमिटेड, दिनेश एग्रो, मेसर्स भगवती ओवरसीज, मेसर्स श्रीराम बायोकैम कॉर्पाेरेशन, गणेश ट्रेडिंग कंपनी, मेसर्स सरस्वती एग्रो केमिकल्स (इंडिया) प्राइवेट, मेसर्स जीवाग्रो लिमिटेड, श्री वासु लॉजिस्टिक्स लिमिटेड, मेसर्स एचपीएम केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड एवं मेसर्स आईपीएल बायोलॉजिकल लिमिटेड, मेसर्स ब्लू चिप मार्केटिंग कंपनी शामिल है। इसी प्रकार बिलासपुर स्थित मेसर्स आलोक एग्रो केमिकल्स, राजनांदगांव स्थित मेसर्स खंडेलवाल पेस्टिसाइड्स प्राइवेट लिमिटेड तथा तेलंगाना स्थित मेसर्स श्रीकर बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड शामिल है। - रायपुर / रक्षाबंधन के पावन अवसर पर कोपल वाणी के श्रवण बाधित दिव्यांग बच्चों तथा मिनी मार्वेल्स स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने आज लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल श्री रमेन डेका को अपने हाथों से बनाई गई राखियां बांधीं। बच्चों ने रक्षा सूत्र बांधकर राज्यपाल के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की और उन्हें अपने हाथों से तैयार की गई राखियों की विशेषता भी बताई। इसके बाद बच्चों ने राज्यपाल का मुंह मीठा कराया। मासूम हाथों से बनाई गई राखियां जब राज्यपाल श्री डेका की कलाई पर सजीं तो रक्षाबंधन का यह अवसर आत्मीयता और भावनाओं से भर उठा। राज्यपाल ने बच्चों के स्नेह को सहर्ष स्वीकार करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया तथा उपहार भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया।लोक भवन पहुंचकर बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। विशेष रूप से कोपल वाणी के दिव्यांग बच्चों के लिए यह अवसर सम्मान, आत्मविश्वास और गौरव से भरा रहा। अपने हाथों से राखियां तैयार कर उन्हें राज्यपाल की कलाई पर बांधना बच्चों की रचनात्मकता, कौशल और आत्मनिर्भरता का सुंदर उदाहरण रहा। इस अवसर ने यह संदेश भी दिया कि दिव्यांग बच्चे समाज की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें समान अवसर एवं प्रोत्साहन मिलना चाहिए।राज्यपाल श्री डेका ने बच्चों की प्रतिभा और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि रक्षाबंधन प्रेम, स्नेह और पारस्परिक विश्वास का पर्व है। बच्चों का यह आत्मीय स्नेह मन को छू लेने वाला है। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि समाज को दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर कोपल वाणी की संस्थापिका श्रीमती पदमा शर्मा, श्रद्धा साहू एवं सोनिया दामनी उपस्थित रहीं। मिनी मार्वेल्स स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती अनुभूति श्रीवास्तव सहित शिक्षकगण भी उपस्थित थे।
- -महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त से विनीता केवट के घर आई रक्षाबंधन की खुशियांरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मातृशक्ति सम्मान समारोह-2026 में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में प्रदेश की 67.28 लाख बहनों के खातों में 631 करोड़ रूपए से अधिक की राशि अंतरित की। रक्षाबंधन से पहले मिली इस राशि से प्रदेश की महिलाओं में खुशी का माहौल है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम झगड़ाखाड़ निवासी विनीता केवट भी इस सौगात से बेहद खुश हैं।विनीता केवट ने बताया कि महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि उनके खाते में पहुंचने से रक्षाबंधन का त्योहार और भी खुशी से मनाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व है। त्यौहार से पहले आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें राखी, मिठाई और फल खरीदने में सुविधा होगी। वे प्राप्त राशि का उपयोग रक्षाबंधन की तैयारियों में करेंगी और अपने परिवार के साथ खुशी से त्यौहार मनाएंगी।उन्होंने कहा कि समय से पहले इस राशि का मिलना हम महिलाओं के लिए बेहद खुशी की बात है। त्यौहार से पहले राशि मिलने से रक्षाबंधन की तैयारियां करने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं के लिए परिवार पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहतीं। त्योहार के अवसर पर मिली यह राशि उनके लिए आर्थिक सहयोग के साथ-साथ खुशी और आत्मविश्वास का माध्यम भी बनी है।विनीता केवट ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि समय पर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से बहनों के त्यौहार की खुशियां और बढ़ी हैं।
- रायपुर / बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में घोटुल परंपरा आदिवासी संस्कृति, अनुशासन और सामाजिक शिक्षा का एक अनूठा और जीवंत केंद्र है। अब अबूझमाड़ के अंदरूनी गांवों (जैसे झारावाही) में ग्रामीण अपनी प्राचीन संस्कृति को सहेजने के लिए स्थानीय लकड़ियों और प्राकृतिक सामग्रियों से दोबारा पारंपरिक घोटुल तैयार कर रहे हैं। बुजुर्गों द्वारा युवाओं को समाज के नियम, परंपराएं, संगीत, नृत्य और जीवनोपयोगी दायित्व सिखाए जाते हैं। अबूझमाड़ की शाम अब भय के साये से मुक्त होकर अपनी पौराणिक और सांस्कृतिक लय में लौटने लगी हैं। जिस अंचल में कभी गोलियों की तड़तड़ाहट और सन्नाटे का खौफ हुआ करता था, वहां अब सूर्य ढलते ही मांदर की थाप और 'चेलिक-मोटियारिन' के सुरीले लोकगीत गूंजने लगे हैं। सुरक्षा वातावरण में आए सकारात्मक बदलाव के साथ ही आदिवासी समाज की ऐतिहासिक धरोहर 'घोटुल' की रौनक फिर से लौट आई है।घोटुल केवल एक सामाजिक केंद्र नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, अनुशासन, लोककला और सामुदायिक मूल्यों की महत्वपूर्ण जीवन-पाठशाला है। नक्सली हिंसा और अनिश्चितता के दौर में गांव वाले शाम ढलते ही अपने घरों में दुबकने को मजबूर थे, जिससे घोटुल की गतिविधियां लगभग थम सी गई थीं। सुरक्षा बलों के प्रभावी अभियानों और नक्सल प्रभाव में आई कमी के बाद ग्रामीणों में सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है। अब युवा बेझिझक घोटुल पहुंच रहे हैं, जहां वे अपने बुजुर्गों से लोक परंपराएं, नृत्य और गीत सीखकर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।घोटुलों का पुनर्जीवन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अबूझमाड़ के सांस्कृतिक अस्तित्व और आत्मसम्मान की वापसी का प्रतीक है। सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होने से ग्रामीणों की आवाजाही, खेती-किसानी, हाट-बाजार और त्योहारों का उत्साह फिर से लौट आया है। ग्रामीणों का मानना है कि इस शांति को स्थायी बनाने के लिए अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क कनेक्टिविटी, रोजगार और संचार सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। घोटुलों से आती मांदर की थाप इस बात की जीवंत गवाही दे रही है कि जब डर का अंधेरा छंटता है, तो परंपराएं और सामूहिक उल्लास अपने आप मुस्कुरा उठते हैं।
- -कलेक्टर ने दिया ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश-धान से निर्मित आकर्षक राखियों की सराहना, स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपीलरायपुर । रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर कोरिया जिले में महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत और स्थानीय उद्यमिता को नई पहचान मिली। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बैकुंठपुर बाजार पहुंचकर स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार की गई राखियां खरीदीं और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने धान से निर्मित आकर्षक राखियों की विशेष सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाने से महिला स्व-सहायता समूहों को बेहतर बाजार मिलेगा और उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी।कलेक्टर श्रीमती यादव ने समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए उनके हुनर, नवाचार और मेहनत की सराहना की। उन्होंने विभिन्न डिजाइनों और पारंपरिक कला से सुसज्जित राखियों का अवलोकन किया तथा कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाएं अपने कौशल के बल पर न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर रही हैं, बल्कि स्थानीय उत्पादों को भी नई पहचान दिलाने का उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही राखियां महिला सशक्तिकरण, स्वदेशी सोच और स्थानीय उद्यमिता का सशक्त प्रतीक हैं।कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की कि वे रक्षाबंधन सहित अन्य पर्व-त्योहारों पर स्थानीय कारीगरों और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की खरीदारी को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा, तब महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और उनके आत्मनिर्भर बनने के प्रयासों को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पाद खरीदना केवल एक वस्तु खरीदना नहीं, बल्कि किसी महिला के हुनर, परिश्रम और आत्मनिर्भर बनने के संकल्प को सम्मान देना है। समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि ग्रामीण महिलाओं की आजीविका के नए अवसर सृजित हो सकें और उनके उत्पादों को राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।इस अवसर पर स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। महिलाओं ने बताया कि राखियों के निर्माण में स्थानीय सामग्री, धान और पारंपरिक हस्तशिल्प कला का उपयोग किया गया है। रंग-बिरंगी आकर्षक डिजाइनों के साथ तैयार की गई धान की राखियां लोगों को विशेष रूप से पसंद आ रही हैं। रक्षाबंधन पर्व पर स्थानीय राखियों की बढ़ती मांग से समूह की महिलाओं में उत्साह है और उन्हें बेहतर आय की उम्मीद भी जगी है।स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने की यह पहल महिला स्व-सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण, ग्रामीण उद्यमिता के विस्तार और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।
- -पद्मश्री डॉ. उषा बारले ने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल को बांधी राखी, मंत्री ने प्रदेशवासियों को दी रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएंरायपुर । रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास, अपनत्व और आत्मीयता का पावन पर्व है। यह पर्व परिवार और समाज में प्रेम, सम्मान तथा आपसी विश्वास के रिश्तों को और अधिक मजबूत करने का संदेश देता है। पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध पंडवानी एवं पंथी गायिका डॉ. उषा बारले ने पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल को राखी बांधी और भाई-बहन के स्नेह के इस पवित्र रिश्ते को आत्मीयता के साथ मनाया।इस अवसर पर पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि रक्षाबंधन केवल कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि यह भाई-बहन के बीच अटूट स्नेह, विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। राखी का यह पवित्र धागा हमें अपने रिश्तों की गरिमा बनाए रखने और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत में भी भाई-बहन के प्रेम और पारिवारिक रिश्तों को विशेष स्थान प्राप्त है। हमारी संस्कृति पर्व-त्योहारों के माध्यम से समाज को जोड़ने और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देती है। रक्षाबंधन भी इसी आत्मीय परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है।मंत्री श्री अग्रवाल ने पद्मश्री डॉ. उषा बारले द्वारा राखी बांधे जाने को आत्मीय क्षण बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को अपनी प्रतिभा से देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाली डॉ. उषा बारले का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए विशेष सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि यह राखी उनके लिए केवल एक पर्व की रस्म नहीं, बल्कि स्नेह, सम्मान और विश्वास की खूबसूरत डोर है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, लोककला, परंपराओं और आपसी भाईचारे से है। हमारी सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने और देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।पर्यटन मंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बहनों और भाइयों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में प्रेम, सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। भाई-बहन का स्नेह सदैव बना रहे और परिवारों में खुशियों का संचार हो। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर हम सभी अपने रिश्तों को और मजबूत करने, परिवार एवं समाज में प्रेम और सद्भाव बढ़ाने तथा छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।
- -किराना दुकान से सालाना एक लाख रुपये से अधिक आय-स्व-सहायता समूह से जुड़कर सुमन लता बनीं ‘लखपति दीदी’रायपुर / ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में स्व-सहायता समूहों की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। ‘विष्णु के सुशासन’ में महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के अवसर देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर गांवों में दिखाई दे रहा है। इसकी प्रेरणादायी मिसाल मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत गुदुमदेवरी की श्रीमती सुमन लता वाकरे हैं, जिन्होंने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और मेहनत व लगन से आज ‘लखपति दीदी’ बनने का गौरव हासिल किया है।सुमन लता माँ महामाया महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं और समूह में सचिव की जिम्मेदारी निभा रही हैं। समूह से जुड़ने से पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। ऐसे समय में स्व-सहायता समूह उनके जीवन में बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बना और आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह खुली।सुमन लता को स्व-सहायता समूह के माध्यम से 15 हजार रुपये की आरएफ राशि प्राप्त हुई। इसके बाद समूह को प्राप्त 60 हजार रुपये की सीआईएफ राशि में से उन्होंने 20 हजार रुपये का उपयोग अपनी किराना दुकान शुरू करने के लिए किया।छोटे स्तर से शुरू हुआ यह व्यवसाय धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया। सुमन लता ने दुकान का संचालन पूरी मेहनत और लगन से किया। व्यवसाय को बेहतर तरीके से चलाने के बाद उन्होंने बैंक से ऋण लेकर अपनी दुकान का विस्तार किया।आज उनकी किराना दुकान पहले की तुलना में काफी बड़ी हो चुकी है और इसी व्यवसाय से उन्हें हर वर्ष एक लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हो रही है।सुमन लता की कहानी बताती है कि आर्थिक सहयोग के साथ यदि महिलाओं को अवसर, प्रशिक्षण और आत्मविश्वास मिले तो वे अपनी परिस्थितियों को बदलने की क्षमता रखती हैं। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए अपना व्यवसाय खड़ा किया और धीरे-धीरे उसे आगे बढ़ाया।कभी आर्थिक परेशानियों से जूझ रही सुमन लता आज न केवल अपने परिवार के लिए आर्थिक सहारा बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि छोटे प्रयास भी निरंतर मेहनत और सही दिशा मिलने पर बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं।सुमन लता का कहना है कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। समूह ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ अपने पैरों पर खड़े होने का हौसला भी दिया। किराना दुकान के विस्तार से उनकी आय बढ़ी और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिली। आज वह स्वयं व्यवसाय संचालित कर रही हैं और अपनी मेहनत से आगे बढ़ रही हैं।सुमन लता को महतारी वंदन योजना की 31 किस्तों की राशि भी प्राप्त हो चुकी है। नियमित आर्थिक सहायता मिलने पर उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है।उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं और स्व-सहायता समूहों से मिलने वाले सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया है। उनके लिए ‘विष्णु भैया’ की सरकार की योजनाएं आर्थिक संबल के साथ आगे बढ़ने का भरोसा भी देती हैं।सुमन लता वाकरे की सफलता केवल एक किराना दुकान के विस्तार की कहानी नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण महिला के आत्मनिर्भर बनने की कहानी है। स्व-सहायता समूह से मिली आर्थिक मदद, बैंक ऋण का उपयोग, व्यवसाय के प्रति समर्पण और निरंतर मेहनत ने उन्हें ‘लखपति दीदी’ की पहचान दिलाई।‘विष्णु के सुशासन’ में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की योजनाओं से मिल रहे अवसरों को अपनाकर सुमन लता ने साबित किया है कि जब अवसर मिलता है, तो ग्रामीण महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं रहतीं, बल्कि अपने परिवार और समाज की आर्थिक प्रगति की मजबूत भागीदार बन जाती हैं।आज सुमन लता की किराना दुकान उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की पहचान बन चुकी है। उनकी कहानी गांव की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने छोटे से प्रयास को रोजगार और आर्थिक मजबूती का माध्यम बनाना चाहती हैं।
- -धार्मिक और सामाजिक संगठनों सहित आयोग, निगम, मंडल के पदाधिकारियों ने दिए सुझावरायपुर /समान नागरिक संहिता के लिए गठित समिति के सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस द्वय श्री शत्रुघ्न सिंह और श्री एम.के.राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार, सेवानिवृत्त श्रीमती ज्योति रानी सिंह और सदस्य सचिव श्री श्याम धावड़े के समक्ष आज राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में धार्मिक और सामाजिक संगठनों सहित आयोग, निगम, मंडल के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित कर समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव लिए गए। संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों को साकार करने के उद्देश्य से गठित यूसीसी समिति के समक्ष धार्मिक और सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न वर्गों सहित आयोग, निगम, मंडल के पदाधिकारियों की सहभागिता लगातार देखने को मिल रही है।समान नागरिक संहिता का उद्देश्य प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए धर्म, जाति या पंथ से परे विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे पारिवारिक मामलों में एक समान नियम बनाना है। पुत्र और पुत्री दोनों को संपत्ति में समान उत्तराधिकार का अधिकार दिया गया है। इसके तहत मौखिक तलाक और कुछ अन्य धार्मिक कुप्रथाओं पर रोक लगाई जा सकेगी। इसके लिए धार्मिक और सामाजिक संगठनों, विभिन्न आयोग, निगम, मंडल के पदाधिकारियों, विभिन्न समाज के प्रमुखो, पदाधिकारियों, प्रबुद्धजनों और जनप्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर अपने बहुमूल्य सुझाव देने के लिए उपस्थित रहे।समान नागरिक संहिता के लिए विभिन्न आयोग, निगम, मंडल के पदाधिकारियों, विभिन्न समाज के प्रमुखो, पदाधिकारियों, प्रबुद्धजनों और जनप्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए। बैठक में सुझाव देने वालों में उपाध्यक्ष मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण श्री प्रणव कुमार मरपच्ची, विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष श्री ललित माखीजा, क्रिश्चियन समाज के श्री जान राजेश पॉल, अध्यक्ष मुस्लिम समाज श्री सलाम रिजवी, अध्यक्ष गुरुद्वारा कमेटी श्री इंद्रजीत छाबड़ा, उपाध्यक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण श्री ललित चंद्राकर, राज्य नीति आयोग के अध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा शामिलथे स इसी प्रकार राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा, महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू और सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया तथा दीपिका सोरी, अध्यक्ष गौ सेवा आयोग श्री विशेषर पटेल, अध्यक्ष राज्य अल्पसंख्यक आयोग श्री अमरजीत छाबड़ा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूप सिंह मंडावी, मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री लखन लाल धीवर, जैतू साव मठ के महंत श्री राम सुंदर दास, अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज सहित कई सामाजिक संगठनों ने इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।छत्तीसगढ़ में सभी नागरिकों को विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों जैसे व्यक्तिगत मामलों में एक समान व न्यायसंगत अधिकार देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाये जाने का सुझाव दिया। प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के मुख्य आयाम में सर्व समावेशी समानता को शामिल किया गया है। धर्म या समुदाय से परे हटकर सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे मामलों में एक समान विधिक ढाँचा तैयार करना के दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इसमें उत्तराधिकार और वैवाहिक अधिकारों में महिलाओं को बराबरी का अधिकार देना और असमानता पैदा करने वाले नियमों को समाप्त करना शामिल है। वर्तमान में लागू विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों की जटिलताओं और भ्रम को दूर कर एक स्पष्ट और सुव्यवस्थित संहिता का निर्माण करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाया जा रहा है।राज्य की विशिष्ट जनजातीय और रूढ़िगत परंपराओं पर प्रस्तावित सुधारों के व्यावहारिक प्रभावों का संवेदनशीलता से आकलन किया जाएगा। प्रदेशव्यापी जन-संवाद से समावेशी प्रारूप की तैयारी के लिए गठित यह समिति राज्य के सभी जिलों में फील्ड स्टडी, ऑनलाइन पोर्टल और जन-संवाद के माध्यम से आम नागरिकों, सामाजिक- धार्मिक संगठनों और कानूनविदों की राय जुटा रही है। न्यू सर्किट हाउस में आयोजित इस विस्तृत परिचर्चा से राज्य में एक पारदर्शी, सर्वसमावेशी और जन-हितैषी समान नागरिक संहिता तैयार करने की प्रक्रिया को और मजबूती मिली है।
- -कलेक्टर रोक्तिमा यादव को बांधा रक्षा सूत्र, आत्म-स्मृति का तिलक लगाकर सकारात्मक जीवन का दिया संदेशरायपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, बैकुंठपुर की बहनों ने कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव से सौजन्य भेंट कर उन्हें रक्षा सूत्र बांधा तथा आत्म-स्मृति का तिलक लगाकर शांति, पवित्रता और सकारात्मक जीवन का संदेश दिया। इस अवसर पर रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रेम, भाईचारे और आत्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया गया।कलेक्टर कक्ष में आयोजित इस आत्मीय कार्यक्रम में गढ़ेलपारा, बैकुंठपुर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की बी.के. सुनीता, बी.के. राजकुमारी, बी.के. ममता, बी.के. रूपा एवं बी.के. वासु उपस्थित रहीं। उन्होंने रक्षाबंधन को केवल भाई-बहन के पारिवारिक रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि आत्मिक जागृति और परमात्मा से जुड़ने का पावन अवसर बताया।इस अवसर पर बी.के. रूपा ने कहा कि रक्षाबंधन का वास्तविक संदेश आत्मा की पवित्रता की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे विकारों का त्याग कर मन में शांति, प्रेम, सद्भाव और सकारात्मक विचारों को स्थान देना ही इस पर्व की सच्ची भावना है। रक्षा सूत्र हमें श्रेष्ठ संस्कारों और मानवीय मूल्यों के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है।ब्रह्माकुमारी बहनों ने कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव, एसडीएम श्री उमेश पटेल तथा जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री विजय मानिकपुरी के मस्तक पर आत्म-स्मृति का तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधा और उनके सुखद, सफल एवं मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर उन्हें ईश्वरीय प्रसाद तथा आध्यात्मिक ज्ञान संदेश की पुस्तकें भी भेंट की गईं।कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के स्नेहपूर्ण रिश्ते के साथ-साथ समाज में प्रेम, सम्मान, विश्वास और सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल रक्षा का संकल्प नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान, आत्मीयता और सकारात्मक सोच को जीवन में अपनाने का अवसर भी है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा दिए गए आध्यात्मिक संदेश की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रेरक विचार समाज में शांति, नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रक्षाबंधन के इस आध्यात्मिक मिलन ने प्रेम, पवित्रता, भाईचारे और सकारात्मक जीवन मूल्यों को सशक्त बनाने का संदेश दिया तथा पर्व की गरिमा को और अधिक अर्थपूर्ण बना दिया।
- -महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त ने रक्षाबंधन की तैयारियों को बनाया आसान, ‘विष्णु के सुशासन’ से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबलरायपुर / रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि महिलाओं के खातों में पहुंचने से प्रदेशभर में त्योहार की खुशियां और बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना से महिलाओं को हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता उनके लिए नियमित आर्थिक सहारे का माध्यम बन रही है। ‘विष्णु के सुशासन’ में योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचने से महिलाओं में आत्मविश्वास और आर्थिक सुरक्षा की भावना मजबूत हो रही है।मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत गुदुमदेवरी निवासी श्रीमती प्रेम कुंवर श्याम के लिए भी रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन योजना की किस्त किसी सौगात से कम नहीं है। राशि खाते में पहुंचने की जानकारी मिलते ही उनके चेहरे पर खुशी झलक उठी। उन्होंने इस सौगात के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें स्नेहपूर्वक ‘विष्णु भैया’ कहा।श्रीमती प्रेम कुंवर श्याम ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक मदद करती है। रक्षाबंधन जैसे विशेष अवसर पर यह राशि और भी उपयोगी साबित हुई है।उन्होंने कहा कि राखी से पहले खाते में राशि आने से राखी, मिठाई और परिवार के लिए जरूरी सामान खरीदने में काफी सहूलियत होगी। त्योहार के समय मिलने वाली यह आर्थिक सहायता उनके लिए खुशी के साथ-साथ राहत भी लेकर आई है।प्रेम कुंवर ने भावुक होकर कहा, “विष्णु भैया की इस सौगात से हमारी राखी की खुशियां बढ़ गई हैं। महतारी वंदन योजना से हर महीने आर्थिक सहारा मिल रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री जी का बहुत-बहुत धन्यवाद।”प्रेम कुंवर का कहना है कि महतारी वंदन योजना की राशि जरूरत के समय परिवार के खर्च में उपयोगी साबित होती है। नियमित रूप से मिलने वाली यह सहायता महिलाओं को छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने में मदद कर रही है।उन्होंने बताया कि योजना की राशि से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सुविधा होती है और महिलाओं के भीतर स्वयं निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है। उनके अनुसार, यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। ऐसे अवसर पर महिलाओं के खातों में महतारी वंदन योजना की किस्त पहुंचना उनके लिए आर्थिक सहयोग के साथ भावनात्मक खुशी का भी कारण बना है। प्रेम कुंवर जैसी अनेक महिलाओं के लिए नियमित आर्थिक सहायता परिवार की जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ‘विष्णु के सुशासन’ की भावना के अनुरूप महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली योजनाओं का लाभ सीधे उनके खातों तक पहुंच रहा है। महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बनकर सामने आई है। रक्षाबंधन से ठीक पहले मिली 31वीं किस्त ने प्रेम कुंवर श्याम के परिवार की खुशियों में एक और रंग भर दिया है। उनके लिए यह राशि सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि ‘विष्णु भैया’ की ओर से राखी की सौगात बनकर आई है।
- -संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर विशेषज्ञ दल ने धनपुर, बेनीबाई, भस्मासुर एवं शहरखेरवा का किया व्यापक सर्वेक्षणरायपुर / संस्कृति मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के निर्देशानुसार गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय, महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय रायपुर से पहुंचे चार सदस्यीय विशेषज्ञ दल ने जिले के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों का व्यापक मैदानी सर्वेक्षण एवं सूक्ष्म निरीक्षण किया।विशेषज्ञ दल ने ग्राम धनपुर के साथ बेनीबाई, भस्मासुर टापू एवं शहरखेरवा स्थित पुरातात्विक धरोहरों का निरीक्षण कर उनकी वर्तमान स्थिति, ऐतिहासिक महत्व, संरक्षण की आवश्यकता तथा भविष्य में विकसित की जा सकने वाली संभावनाओं का अध्ययन किया।उल्लेखनीय है कि मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के जिले के प्रवास के दौरान कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने जिले में बिखरी प्राचीन पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता से उन्हें अवगत कराया था। मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के निर्देश के बाद संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय, महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, सिविल लाइंस रायपुर से विशेषज्ञ दल को जिले के पुरातात्विक स्थलों के सर्वेक्षण के लिए भेजा गया।रायपुर से पहुंचे विशेषज्ञ दल में पुरातत्ववेत्ता श्री प्रभात कुमार सिंह, उत्खनन सहायक श्री प्रवीण तिर्की, शोधकर्ता डॉ. राजीव जॉन मिंज एवं शोधकर्ता श्री अमर भारद्वाज शामिल रहे। दल ने विभिन्न स्थलों का मौके पर पहुंचकर बारीकी से अध्ययन किया तथा पुरातात्विक अवशेषों, मूर्तियों और स्मारकों की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।विशेषज्ञ दल ने ग्राम धनपुर में स्थित प्राचीन मंदिर एवं वहां स्थापित ऐतिहासिक मूर्तियों का सूक्ष्म निरीक्षण किया। विशेषज्ञों ने मंदिर की संरचना, परिसर में मौजूद पुरातात्विक अवशेषों तथा उनके संरक्षण की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया।इसके साथ ही धनपुर-धोबहर धरोहर केंद्र में संग्रहित प्राचीन मूर्तियों एवं अन्य पुरावशेषों का भी गहन अवलोकन किया गया। दल ने इन पुरावशेषों के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व का अध्ययन करते हुए उनके संरक्षण, रखरखाव और प्रभावी प्रबंधन की संभावनाओं पर भी विचार किया।प्राचीन मंदिर परिसर का निरीक्षण करते हुए विशेषज्ञों ने संरचना के संरक्षण एवं आवश्यक सुदृढ़ीकरण की संभावनाओं का भी जायजा लिया।सर्वेक्षण दल ने बेनीबाई एवं भस्मासुर टापू में संरक्षित एवं स्थापित प्राचीन मूर्तियों का भी बारीकी से निरीक्षण किया। विशेषज्ञों ने इन धरोहरों की वर्तमान स्थिति, रखरखाव तथा संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया। मौके पर उपलब्ध पुरातात्विक सामग्री और स्मारकों की स्थिति को देखते हुए आवश्यक संरक्षण उपायों की संभावनाओं का भी आकलन किया गया।विशेषज्ञ दल ने ऐतिहासिक महत्व के स्थल शहरखेरवा का भी विस्तृत सर्वे किया। यहां उपलब्ध पुरातात्विक अवशेषों एवं संभावित धरोहर स्थलों का निरीक्षण करते हुए क्षेत्र की पुरातात्विक संभावनाओं का अध्ययन किया गया। विशेषज्ञों ने स्थल की विशेषताओं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संरक्षण एवं आगे के अध्ययन की संभावनाओं का जायजा लिया।क्षेत्रीय सर्वेक्षण एवं निरीक्षण पूरा होने के बाद कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने रायपुर से आए विशेषज्ञ दल के साथ बैठक कर सर्वेक्षण के दौरान सामने आए महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी ली। बैठक में विभिन्न पुरातात्विक स्थलों की वर्तमान स्थिति, संरक्षण की जरूरतों तथा आवश्यक कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई।कलेक्टर ने पुरातात्विक मूर्तियों एवं स्मारकों के संरक्षण और सुदृढ़ीकरण से संबंधित आवश्यक कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धनपुर क्षेत्र में मौजूद प्राचीन ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरें जिले की अमूल्य पहचान हैं। इन धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए योजनाबद्ध और व्यापक प्रयास किए जाएंगे, ताकि जिले की इस महत्वपूर्ण विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई जा सके।धनपुर सहित जिले के अन्य पुरातात्विक स्थलों का यह सर्वेक्षण केवल संरक्षण की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि भविष्य में इन स्थलों को सांस्कृतिक एवं विरासत पर्यटन से जोड़ने की दिशा में भी आधार तैयार कर सकता है। व्यवस्थित संरक्षण, बेहतर रखरखाव और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विकास से इन ऐतिहासिक स्थलों को जिले के प्रमुख सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने की संभावनाएं मजबूत होंगी। पूरे फील्ड सर्वेक्षण के दौरान जिला प्रशासन एवं ग्राम पंचायत धनपुर की टीम विशेषज्ञ दल के साथ मौजूद रही और सर्वेक्षण कार्य के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया।
- रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बी.एस.सी. (कृषि) प्रथम वर्ष द्वितीय सेमेस्टर के विषय ।च्ठ.5121 (थ्नदकंउमदजंसे व िळमदमजपबे) का प्रश्न पत्र लीक होने का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में पुलिस से जांच का आग्रह किया है। जानकारी के अनुसार, बी.एस.सी. (कृषि) प्रथम वर्ष द्वितीय सेमेस्टर विषय ।च्ठ.5121 की परीक्षा 19 अगस्त 2026 को प्रदेश के सभी 28 कृषि महाविद्यालयों में पूर्व निर्धारित समय सारणी के अनुसार सुबह 10 बजे से दोपहर 01 बजे तक संचालित की गई थी। दिनांक 26 अगस्त 2026 को एक समाचार पत्र में इस संबंध में समाचार प्रकाशित हुआ। विश्वविद्यालय के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी के मोबाइल नंबर पर पत्रकार द्वारा व्हाट्सएप पर विषय ।च्ठ.5121 के प्रश्न-उत्तर की पी.डी.एफ. फाइल उपलब्ध कराई गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय स्तर पर 5 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। समिति द्वारा प्रथमतः भारतीय कृषि महाविद्यालय में भेजे गए प्रश्न पत्र के लिफाफे, जो विश्वविद्यालय को वापस प्राप्त हुए हैं, का अवलोकन एवं परीक्षण किया गया। प्रथम दृष्टया उक्त प्रश्न पत्र के लिफाफे में उसी प्रकार की छेड़छाड़ होना प्रतीत हुआ है, जिसका पूर्व में पुलिस विभाग द्वारा पेपर लीक मामले में खुलासा किया गया था। आज दिनांक 26 अगस्त 2026 को प्रकाशित समाचार में उल्लेखित विषय ।च्ठ.5121 का प्रश्न पत्र लिफाफा भी इनमें सम्मिलित है।विश्वविद्यालय प्रशासन ने लेख के माध्यम से पुलिस विभाग से आग्रह किया है कि विषयान्तर्गत पूर्व में की जा रही जांच एवं विवेचना में उपरोक्त प्रस्तुत प्रकरण को भी सम्मिलित करते हुए विवेचना की जाए।
- -खेल सुविधाओं के विस्तार, वर्ष 2036 के ओलंपिक के लिए प्रतिभा विकास, नशामुक्ति, युवा नेतृत्व, शासन में युवाओं की भागीदारी तथा युवा सशक्तीकरण पर युवाओं ने रखे अपने विचार और सुझाव-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया संवाद’ को वर्चुअली संबोधित किया-अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर तिलक वर्मा और यूथ-आइकन डॉ. प्रियंका बिस्सा भी कार्यक्रम में हुए शामिलरायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव आज रायपुर में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) में आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम में शामिल हुए। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर आयोजित देशव्यापी ‘खेलो इंडिया संवाद’ को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय युवा मामले व खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने देश के विभिन्न शहरों से लगभग 1600 स्थानों से जुड़े 8 लाख से अधिक युवाओं को संबोधित किया। देशभर के एथलीट्स और खेल जगत की प्रसिद्ध हस्तियां भी इसमें वर्चुअली शामिल हुए। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर तिलक वर्मा और यूथ-आइकन डॉ. प्रियंका बिस्सा भी मौजूद थीं।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया संवाद’ में देशभर के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब हम खेल की बात करते हैं, तो ये केवल मेडल जीतने तक सीमित नहीं है। ये विकसित भारत के निर्माण में भारत की खेलशक्ति और भारत की युवाशक्ति को एक साथ जोड़ने का अभियान है। उन्होंने कहा, “जो खेले, वो खिले। और खेल में खिलना सिर्फ मैदान पर जीतना नहीं है, खेल में खिलना मतलब व्यक्तित्व का खिलना, परिवार का खिलना और देश का गौरव बढ़ाना।“प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत में 21वीं सदी का आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आज स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटीज से लेकर आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर्स तक देश में एक ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिसमें प्रतिभा को पहचानने से लेकर उसे दुनिया के मंच तक पहुंचाने तक हर स्तर पर सहयोग मिले। हम दुनिया के दूसरे देशों के साथ भी स्पोर्ट्स साइंस, प्रशिक्षण, कोचिंग और अनुभव साझा करने के लिए सहयोग बढ़ा रहे हैं।श्री मोदी ने कहा कि ‘खेलो इंडिया संवाद’ सिर्फ खेल की बात करने का कार्यक्रम नहीं है। ये एक ऐसे संवाद का मंच है जिसका एक-एक विचार देश के स्पोर्ट्स विजन को एक नई दिशा दे सकता है। इसके साथ जो युवा संवाद हो रहा है, वो युवाओं के विचारों और महत्वाकांक्षाओं को देश के सपनों से जोड़ने का बहुत बड़ा माध्यम है। इस कार्यक्रम में स्पोर्ट्स इकोसिस्टम, टैलेंट डेवलपमेंट, गवर्नेंस और विकसित भारत को लेकर युवा क्या सोचते हैं, उनके सुझाव क्या हैं, इन बातों को सुनकर उन्हें नीतियों के निर्माण में शामिल किया जाएगा।उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने एनआईटी में आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद’ में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हर व्यक्ति की सफलता के पीछे कठोर परिश्रम होता है। बुराईयों को त्याग कर, अपनी कमियों और खामियों को दूर कर जब मेहनत करते हैं, तब हमें बड़ी सफलता मिलती है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित भारत का निर्माण कर सकता है। नशामुक्त होना अपने आप में देश को ताकत और मजबूती देना है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि कई बार हमें थोड़ी असफलता मिलती है, पर इससे निराश और हताश नहीं होना है, न ही नशे की ओर प्रवृत्त होना है। नशा आपको कमजोर करता है, नुकसान पहुंचाता है। नशे से कभी किसी को कोई लाभ नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन में पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। आपके सामर्थ्य और आपके दम पर यह देश विकसित भारत बनेगा। हमारे प्रधानमंत्री आप लोगों को आगे बढ़ाना चाहते हैं, युवाओं की क्षमता का उपयोग कर भारत को विकसित राष्ट्र बनाना चाहते हैं।मशहूर क्रिकेटर तिलक वर्मा ने कार्यक्रम में युवाओं के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि खेल व्यक्ति को सब कुछ सिखाता है। कठिन परिस्थितियों से जूझना, दवाब झेलना, कौशल, टीम भावना और मानसिक स्थिरता जैसे गुण विकसित करने के साथ ही यह सेहत, फिटनेस और पोषण के लिए जागरूक करता है। उन्होंने कहा कि कपिल देव, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और नीरज चोपड़ा जैसे खिलाड़ियों ने देश के लाखों युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है। यूथ-आइकन डॉ. प्रियंका बिस्सा ने कहा कि युवाओं को सुझाव देने और पहल करने के साथ ही खुद जिम्मेदारी लेने की भी जरूरत है। युवा अपने इनिशिएटिव्स (Initiatives) में ओनरशिप (Ownership) की भावना के साथ काम करें। नेतृत्व, शासन-प्रशासन और देश को आगे बढ़ाने में युवा अपनी सक्रिय और सशक्त मौजूदगी दर्ज कराएं।एनआईटी के विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और युवाओं ने ‘खेलो इंडिया संवाद’ के तहत आयोजित ‘युवा संवाद’ में देश में खेल अधोसंरचना के विकास, खेल सुविधाओं के विस्तार, खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने, वर्ष 2036 के ओलंपिक के लिए प्रतिभा विकास, नशामुक्ति, युवा नेतृत्व एवं शासन में युवाओं की भागीदारी तथा विकसित भारत के लिए युवा सशक्तीकरण जैसे विषयों पर अपने विचार और सुझाव रखें। कार्यक्रम में युवाओं को नशामुक्त रहने की शपथ भी दिलाई गई। एनआईटी के निदेशक डॉ. एन.वी. रमना राव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो और माय भारत के राज्य निदेशक श्री अर्पित तिवारी सहित एनआईटी के प्राध्यापकगण तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -कबीरधाम जिले के 17 बिहान समूहों की दीदियों और 17 पशुपालकों को गुजरात के बनासकाठा के शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा गया थारायपुर। कबीरधाम जिले के बिहान स्व-सहायता समूहों से जुड़ी दीदियों और पशुपालकों का गुजरात के बनासकाठा स्थित डेयरी कोऑपरेटिव एवं अमूल डेयरी कोऑपरेटिव का शैक्षणिक भ्रमण उपयोगी और प्रेरणादायी रहा। भ्रमण से वापस लौटने के बाद बिहान समूह की दीदियों ने कवर्धा निवास पहुंचकर उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान दीदियों ने उन्हें रक्षाबंधन की बधाई देते हुए राखी बांधी और गुजरात में मिले अनुभवों तथा सीखी गई नई तकनीकों की जानकारी साझा की।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी दीदियों और पशुपालकों का आत्मीय स्वागत करते हुए उनके अनुभव सुने। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब वहां से मिली सीख को अपने गांव और जिले में अपनाकर आजीविका के नए अवसर तैयार किए जाएं। उन्होंने दीदियों से बनासकाठा में देखी गई उन्नत डेयरी व्यवस्था, पशुपालन तकनीक, चारा प्रबंधन, दुग्ध संकलन, गुणवत्ता नियंत्रण और सहकारी मॉडल से मिली सीख को स्थानीय स्तर पर लागू करने का आह्वान किया।उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से कबीरधाम जिले के 17 बिहान समूहों की दीदियों और 17 पशुपालकों को गुजरात के बनासकाठा के शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा गया था। दल ने वहां डेयरी कोऑपरेटिव और अमूल डेयरी कोऑपरेटिव की कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने उन्नत पशुपालन तकनीक, संतुलित आहार एवं चारा विकास, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपाय, दुग्ध संकलन एवं प्रसंस्करण की आधुनिक व्यवस्था, दूध की गुणवत्ता जांच, डेयरी उत्पाद निर्माण और उनके विपणन की पूरी प्रक्रिया को करीब से समझा। इसके साथ ही सहकारी मॉडल के माध्यम से छोटे पशुपालकों को संगठित कर उनकी आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की व्यवस्था की भी जानकारी प्राप्त की।गुजरात से लौटीं दीदियों ने बताया कि वहां पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को केवल व्यक्तिगत आय का साधन नहीं, बल्कि सामूहिक आर्थिक विकास के मॉडल के रूप में विकसित किया गया है। दुग्ध उत्पादकों को बाजार से जोड़ने, गुणवत्ता बनाए रखने और दूध के बेहतर मूल्य प्राप्त करने की व्यवस्थाओं ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। दीदियों ने कहा कि बनासकाठा में मिली सीख से उन्हें अपने गांवों में पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को और बेहतर ढंग से संचालित करने की प्रेरणा मिली है। वे वहां सीखी गई उपयोगी तकनीकों और प्रबंधन पद्धतियों को अन्य ग्रामीण महिलाओं तथा पशुपालकों के साथ साझा कर सामूहिक रूप से आजीविका के नए अवसर विकसित करने का प्रयास करेंगी।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। बिहान स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। वहीं पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने, बेहतर प्रबंधन और बाजार से जुड़ाव के माध्यम से पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए विभिन्न पहल की जा रही हैं।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि कबीरधाम की दीदियों और पशुपालकों का बनासकाठा भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि सीख को स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसरों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गुजरात के सफल डेयरी मॉडल से प्राप्त अनुभव आने वाले समय में कबीरधाम में दुग्ध उत्पादन, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने में उपयोगी साबित होंगे।
- -श्रृंगारिका दुकान, सीएससी सेंटर और सिलाई का काम शुरू कर परिवार को दिया आर्थिक संबलरायपुर । कभी घर-गृहस्थी तक सीमित रहने वाली रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखंड के बड़ेगुड़ा की श्रीमती गायत्री सिंह सिदार आज अपनी मेहनत और हुनर से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रही हैं। बिहान स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने उपलब्ध वित्तीय सहायता और अवसरों का बेहतर उपयोग करते हुए श्रृंगारिका दुकान, सीएससी सेंटर और सिलाई दुकान शुरू की। इन आजीविका गतिविधियों से उन्हें अब प्रतिमाह करीब 9 हजार रुपए तक की आमदनी हो रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित योजनाओं और बिहान के माध्यम से गांवों में महिलाओं को आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं। गायत्री की कहानी इसी बदलाव की एक प्रेरक तस्वीर है।गायत्री बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं थी और वे मुख्य रूप से घर-गृहस्थी तक ही सीमित थीं। बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिला। आईएफ एवं सीआईएफ जैसी वित्तीय सहायता का उपयोग उन्होंने अपनी आजीविका शुरू करने में किया। धीरे-धीरे उन्होंने अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार अलग-अलग काम शुरू किए। श्रृंगारिका दुकान के साथ सीएससी सेंटर और सिलाई का काम शुरू करने से उनकी आमदनी के नए रास्ते खुले। अब वे अपने व्यवसाय का संचालन स्वयं करती हैं और आर्थिक फैसलों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।गायत्री कहती हैं कि आत्मनिर्भर बनने के साथ उनके आत्मविश्वास में भी बड़ा बदलाव आया है। अब उन्हें आवश्यक कार्यों के लिए बाहर जाने, लोगों से संपर्क करने और अपने व्यवसाय से जुड़े निर्णय लेने में संकोच नहीं होता। उनकी बढ़ी हुई आमदनी का सीधा लाभ परिवार को मिल रहा है। बच्चों की पढ़ाई बेहतर ढंग से चल रही है और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में भी उन्हें आर्थिक सहयोग मिल रहा है।गायत्री सिंह सिदार का कहना है कि महिलाओं को अवसर मिले तो वे अपनी मेहनत और हुनर के बल पर परिवार की आर्थिक स्थिति बदल सकती हैं। उन्होंने बिहान से जुड़ी अन्य महिलाओं से प्रशिक्षण, ऋण और उपलब्ध सहायता का सही उपयोग कर अपनी आजीविका शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह महिलाओं को केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं देते, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का हौसला भी पैदा करते हैं। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महतारी वंदन योजना भी महत्वपूर्ण सहारा बन रही है। योजना की 31वीं किस्त की राशि मिलने पर गायत्री सहित जिले की महिलाओं ने खुशी जताई और शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। गायत्री ने कहा कि नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं के साथ परिवार के खर्च में सहयोग करने का संबल मिलता है। रक्षाबंधन से पहले राशि मिलने से पर्व की खुशियां भी और बढ़ गई हैं। गायत्री की कहानी बताती है कि जब महिलाओं को समूह, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और सही अवसर मिलते हैं, तो वे न केवल अपनी जिंदगी बदल सकती हैं, बल्कि पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
- - विकसित भारत जीरामजी योजना के तहत 3.61 करोड़ रुपये स्वीकृत, ग्राम पंचायतों के माध्यम से शुरू हुआ निर्माण कार्यरायपुर ।ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में कोरिया जिले में महत्वपूर्ण पहल की गई है। विकसित भारत जीरामजी योजना के तहत जिले के 84 बालिका विद्यालयों’’ में नए शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। इन कार्यों के लिए 3 करोड़ 61 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है और संबंधित ग्राम पंचायतों के माध्यम से निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं।कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देशानुसार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने बालिका विद्यालयों में स्वच्छता अधोसंरचना को प्राथमिकता देते हुए यह पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य छात्राओं को विद्यालय परिसर में सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे बेहतर वातावरण में निर्बाध रूप से अध्ययन कर सकें।बालिका विद्यालयों में शौचालयों की आवश्यकता का आकलन शिक्षा विभाग से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर किया गया। इसके बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की मैदानी टीम ने स्थलों का निरीक्षण कर तकनीकी परीक्षण किया। मानक प्राक्कलन के अनुरूप 84 विद्यालयों में शौचालय निर्माण की स्वीकृति दी गई तथा संबंधित ग्राम पंचायतों को निर्माण एजेंसी बनाया गया है।जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री योगेन्द्र श्रीवास ने बताया कि प्रत्येक शौचालय निर्माण के लिए लगभग 4.30 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें 59 हजार रुपये मजदूरी तथा 3.71 लाख रुपये सामग्री मद के लिए निर्धारित हैं। सभी निर्माण कार्य आगामी चार माह में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि विद्यालयों में बालिकाओं के लिए स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि बालिकाओं के सम्मान, स्वास्थ्य और सुरक्षा से भी सीधे जुड़ी है। विद्यालयों में पानी की उपलब्धता के साथ गुणवत्तापूर्ण शौचालय बनने से छात्राओं को बेहतर वातावरण मिलेगा, उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत जीरामजी योजना के माध्यम से जिले में ऐसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जो शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ बालिकाओं के सशक्तीकरण और गरिमापूर्ण शैक्षणिक वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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तस्वीरों ने जीता दिल, गोकुल सोनी बने फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट के स्टार
छायाचित्रों में जनसरोकार, प्रकृति और परंपरा फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट के विजेता घोषित
‘दृश्य संवाद 2026’ में छायाकारों का हुनर चमका, विजेताओं की तस्वीरों ने बटोरी वाहवाही
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट दृश्य संवाद2026 के समापन के बाद बुधवार को विभिन्न प्रतियोगिता श्रेणियों के विजेताओं की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में फेस्ट का समापन हुआ था। प्रतियोगिता में फोटो जर्नलिस्टों की उत्कृष्ट तस्वीरों की प्रदर्शनी के साथ विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिता आयोजित की गई।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में वरिष्ठ पत्रकार एवं छत्तीसगढ़ राज्य हिंदी ग्रन्थ अकादमी के उपाध्यक्ष शशांक शर्मा, प्रसिद्ध वाइल्ड एवं नेचर फोटोग्राफर अभिनंदन तिवारी तथा फोटोग्राफी प्रशिक्षक भीष्म यादव शामिल रहे। निर्णायकों ने अपने-अपने ऑब्जर्वेशन के आधार पर तस्वीरों का मूल्यांकन किया और प्राप्त अंकों की कुल रैंकिंग के आधार पर विजेताओं का चयन किया।
समाचार एवं लोक सरोकार कैटेगरी में वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी की टैंकर ब्लास्ट की तस्वीर ने प्रथम स्थान हासिल किया। द्वितीय स्थान पर मनोज देवांगन, किशन लोखंडे और हेमंत गोस्वामी संयुक्त रूप से विजेता रहे। तृतीय स्थान हीरा मानिकपुरी और जय गोस्वामी को संयुक्त रूप से मिला।
प्रकृति एवं पर्यावरण कैटेगरी में भी गोकुल सोनी की बस्तर के वनों पर आधारित तस्वीर प्रथम रही। द्वितीय स्थान राजकुमार चतुर्वेदी की ‘भालुओं की अठखेलियां’ और मनोज देवांगन की सांप की भांबी तस्वीर को संयुक्त रूप से मिला। तृतीय स्थान प्रदीप डडसेना की फूल पर उड़ते किंगफिशर पक्षी की तस्वीर को मिला।
संस्कृति एवं परंपरा कैटेगरी में गोकुल सोनी की मुर्गा लड़ाई पर आधारित तस्वीर ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया। द्वितीय पुरस्कार राजकुमार चतुर्वेदी की पोला पर्व में बैल दौड़ को दर्शाती तस्वीर को तथा तृतीय पुरस्कार संतोष तिवारी की कंधे पर दूल्हे को लेकर जाती बारात की तस्वीर को मिला।
फेस्ट में प्रेस क्लब के गैर-सदस्य शौकिया एवं प्रोफेशनल फोटोग्राफरों के लिए आयोजित ओपन कैटेगरी में भंवर लाल पुरोहित की प्रकृति और पक्षी को दर्शाती तस्वीर प्रथम रही। द्वितीय पुरस्कार नवीन देवांगन की बुजुर्ग व्यक्ति की तस्वीर को मिला। तृतीय पुरस्कार वेदांत मिश्रा ( वर्दियों में कुत्ता)और अथर्व (मुर्गा बाजार)को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
इसके अलावा पांच दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट दृश्य संवाद2026 के दौरान प्रदर्शित तस्वीरों में से दर्शकों एवं आगंतुकों के बीच विशेष रूप से चर्चित तस्वीरों के लिए सभी कैटेगरी को मिला कर प्रतिभागियों का चयन किया गया। जिसमें जिन फोटो जर्नलिस्ट की तस्वीर सब से ज्यादा चर्चित रही इसमें सुधीर सागर , रमन हलवाई , रूपेश यादव,दीपेंद्र सोनी ,, विनय घाटगे, भूपेश केसरवानी, दीपक पांडे ,पंकज सिंह ,, पिंटू देवांगन, विजय देवांगन, सागर पारिकर और राजेश सोनकर मनोज साहू शामिल हैं।
रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। प्रेस क्लब ने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य फोटो पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छायाकारों को मंच देना, उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना और तस्वीरों के माध्यम से समाज, प्रकृति, संस्कृति एवं जनसरोकारों को सामने लाना है। प्रेस क्लब महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू कोषाध्यक्ष दिनेश यदु संयुक्त सचिव निवेदिता एवं भूपेश जांगड़े सभी विजेताओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नेपाल में भीषण बाढ़ एवं भूस्खलन से हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत लोगों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में पूरा भारत एकजुटता के साथ नेपाल के पीड़ितों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान पशुपतिनाथ से दिवंगत आत्माओं की शांति, शोकसंतप्त परिवारों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने तथा लापता लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना की है।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर सुरक्षित वापसी और आवश्यक सहायता के लिए सरकार तत्पररायपुर / नेपाल में बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।प्रदेश के नागरिक अथवा उनके परिजन सहायता एवं आवश्यक जानकारी के लिए आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन 1070 तथा दूरभाष +91-771-2223471 पर संपर्क कर सकते हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार अपने प्रत्येक नागरिक के साथ खड़ी है। फंसे नागरिकों की सुरक्षित वापसी एवं आवश्यक सहायता के लिए सरकार पूरी तत्परता से कार्य कर रही है ।




























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