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- -जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह ने डायल-112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना-आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित 04 नई आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन जिले को प्राप्तरायपुर। शासन द्वारा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की पुलिस को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित 04 नई आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन (ईआरवी) प्रदान की गई हैं। डायल-112 वाहन (फेज-2 नेक्स्ट जेन) सेवा को आज जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री वाय. पी. सिंह ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि डायल-112 राज्य शासन की एकीकृत एवं अत्याधुनिक आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिकों को पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन, प्राकृतिक आपदा सहायता, नेशनल हाईवे सहायता एवं रेल मदद जैसी सेवाएं एक ही नंबर “112” पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। नई ईआरवी वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, मोबाइल डाटा टर्मिनल (एमडीटी), जीआईएस आधारित निगरानी प्रणाली, लोकेशन बेस्ड सर्विस (एलबीएस) एवं इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (ईएलएस) जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसी भी आपातकालीन घटना की सूचना प्राप्त होते ही त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, जनप्रतिनिधि श्री दिलीप वर्मा, श्री मदन साहू, श्री रमेश हिडामे, अनिल गुप्ता, सहित अधिकारी, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी एवं सभी स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।अधिकारियों ने बताया कि डायल-112 सेवा के माध्यम से आमजन को चौबीसों घंटे त्वरित सहायता उपलब्ध कराना शासन एवं पुलिस विभाग की प्राथमिकता है। जिला पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी दुर्घटना, अपराध, आगजनी, चिकित्सा आपातकाल अथवा अन्य संकट की स्थिति में तत्काल डायल-112 पर संपर्क करें एवं इस महत्वपूर्ण सेवा का अधिकाधिक लाभ उठाएं।
- रायपुर ।सुकमा जिले का मिनपा क्षेत्र कभी नक्सलवाद, घने जंगलों और कठिन रास्तों के कारण विकास से दूर माना जाता था। यहां स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती थी। एक समय ऐसा था जब एक छोटी सी झोपड़ी में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की गई थीं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने हार नहीं मानी और गांव-गांव पहुंचकर लोगों का इलाज किया। लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई गई।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं के चलते मिनपा क्षेत्र में अब बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है। वर्ष 2024 में यहां नया उप स्वास्थ्य केंद्र भवन तैयार किया गया, जिसमें आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रयोगशाला कक्ष और आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था की गई।आज यह उप स्वास्थ्य केंद्र मिनपा सहित दुलेड़, एलमागुंडा, भटपाड़, पोट्टेमडगू, टोंडामरका और गुंडराजपाड़ जैसे दूरस्थ गांवों के लगभग 3,593 ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी सुविधा बन चुका है।इस सफलता की सबसे बड़ी खासियत स्वास्थ्य कर्मचारियों का समर्पण है। पोट्टेमडगू, दुलेड़, गुंडराजपाड़ और भाटपाड़ जैसे पहुंचविहीन गांवों तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को कठिन जंगल रास्तों से गुजरना पड़ता है। कई बार एक दिन में लौटना संभव नहीं हो पाता, तब कर्मचारी गांवों में रुककर ‘नाईट कैंप’ लगाते हैं और रात में भी मरीजों का उपचार करते हैं।इसी मेहनत और सेवाभाव का परिणाम है कि आज मिनपा उप स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। हर महीने यहां लगभग 4 सुरक्षित प्रसव कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों का संस्थागत प्रसव के प्रति भरोसा लगातार बढ़ रहा है।मिनपा स्वास्थ्य केंद्र की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। 15 मई 2026 को इस केंद्र ने ‘राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक’ (NQAS) कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया। यह उपलब्धि मितानिन, एएनएम, सीएचओ, सुपरवाइजर, सेक्टर मेडिकल ऑफिसर और जिला प्रशासन की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।एक छोटी झोपड़ी से शुरू हुआ यह सफर आज राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों तक पहुंच चुका है। मिनपा की यह कहानी बताती है कि मजबूत संकल्प, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और कर्मचारियों की निष्ठा से सबसे दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की नई रोशनी पहुंचाई जा सकती है।
- -फॉरेंसिक और हाई-वे पेट्रोलिंग वैन समेत 15 आधुनिक वाहनों का बेड़ा तैयार-अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मिनटों में मिलेगी आपातकालीन मददरायपुर । प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आम जनता को त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने बुधवार को जिला मुख्यालय बलौदाबाजार स्थित रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) परिसर से अत्याधुनिक तकनीकों से लैस 'नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112' वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इस नए बेड़े में डायल-112 के 12 सामान्य वाहनों के साथ-साथ गंभीर सड़क हादसों से निपटने के लिए 2 हाई-वे पेट्रोलिंग वैन और त्वरित जांच के लिए 1 मोबाइल फॉरेंसिक वैन शामिल है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, कलेक्टर कुलदीप शर्मा और पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।वाहनों को रवाना करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रदेश में पुलिसिंग व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाया जा रहा है। इस आपातकालीन सेवा के विस्तार से जिले के सभी 12 थानों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे किसी भी दुर्घटना, अपराध या आपात स्थिति में केवल एक कॉल पर मिनटों के भीतर मदद पहुंचेगी।अधिकारियों ने बताया कि ये नए वाहन पूरी तरह 'हाईटेक' हैं। इन अत्याधुनिक वाहनों में सुरक्षा और त्वरित एक्शन के लिए जीपीएस (GPS), वायरलेस रेडियो, पीटीजेड (PTZ) कैमरा डैश कैम आदि से लाइव मॉनिटरिंग किया जा सकता है। कंट्रोल रूम से गाड़ियों की लोकेशन ट्रैक कर पीड़ित के सबसे नजदीकी वाहन को तुरंत मौके पर भेजा जाएगा। नागरिक अब केवल वॉयस कॉल ही नहीं, बल्कि एसएमएस, व्हाट्सएप, चैटबॉट, ईमेल और 'SOS-112 इंडिया ऐप' के माध्यम से भी सीधे मदद मांग सकेंगे।इस आधुनिक फ्लीट के आने से बलौदाबाजार जिले में अपराध नियंत्रण और सड़क दुर्घटनाओं के दौरान 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती महत्वपूर्ण समय) में घायलों को अस्पताल पहुंचाने में बड़ी मदद मिलेगी।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार द्वारा राज्य में सुशासन की नई परिभाषा लिखी जा रही है। इसका जीता-जागता उदाहरण 'सुशासन तिहार 2026' के रूप में सामने आ रहा है, जो ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों के लिए एक बड़ा राहत का माध्यम बन चुका है। जिले के दूरस्थ अंचलों में आयोजित समाधान शिविरों के जरिए प्रशासन सीधे जनता के द्वार पहुँच रहा है, जिससे वर्षों से लंबित समस्याओं का मौके पर ही निपटारा हो रहा है। इसी कड़ी में नारायणपुर के ग्राम भाटपाल से एक सुखद तस्वीर सामने आई है। यहाँ के ग्रामीण संताय पोटाई के लिए यह सुशासन तिहार उनके जीवन में एक नई सुबह लेकर आया, जब उन्हें शिविर में ही उनका नया राशन कार्ड तैयार कर सौंप दिया गया।संताय पोटाई ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि लंबे समय से राशन कार्ड न होने के कारण उनका परिवार जनवितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले रियायती खाद्यान्न से वंचित था। उन्होंने पहले भी कई प्रयास किए, लेकिन भौगोलिक दूरी और प्रक्रियाओं के चलते बात नहीं बन पा रही थी। इस पर उन्होंने कहा कि मैं थक चुका था, लेकिन सुशासन तिहार के शिविर ने मेरी चिंता दूर कर दी। मैंने अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी और देखते ही देखते त्वरित कार्रवाई करते हुए मेरा नया राशन कार्ड मेरे हाथों में सौंप दिया गया। अब हमारे घर में भी नियमित रूप से सरकारी राशन आएगा।नया राशन कार्ड मिलने से संताय पोटाई और उनके परिवार के चेहरे खिल उठे हैं। अब उन्हें शासन द्वारा निर्धारित रियायती दर पर चावल, शक्कर और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री नियमित रूप से मिल सकेगी। इस त्वरित न्याय के लिए संताय ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान सचमुच ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है, जहाँ दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाय सरकार खुद गांव आकर काम कर रही है। जिला प्रशासन नारायणपुर के मार्गदर्शन में इन शिविरों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य कागजी कार्रवाई को सरल बनाकर अंतिम व्यक्ति तक लोकतंत्र और विकास का लाभ पहुँचाना है। प्रशासन के इस रुख से न केवल आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है, बल्कि शासकीय योजनाओं की पहुँच भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो रही है।
- - ग्राम बघेरा एवं झुराडबरी में लगभग 150 एकड़ भूमि पर अवैध निर्माण ध्वस्त- जेसीबी चलाकर हटाया गया अतिक्रमण- संबंधित हल्का पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक (आरआई) को कारण बताओ नोटिस जारीराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देश पर जिले में अवैध कॉलोनाइजरों एवं अवैध प्लाटिंग करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल तथा तहसीलदार श्री प्यारेलाल नाग के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम द्वारा ग्राम बघेरा एवं झुराडबरी में लगभग 150 एकड़ भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग एवं अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन द्वारा संबंधित भूमिस्वामियों को पूर्व में अवैध प्लाटिंग के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समयावधि के बाद भी संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण एवं संरचनाओं को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से निर्मित बाउंड्रीवॉल, मुख्य प्रवेश द्वार (गेट), रिसॉर्ट, मैरिज हॉल, तार-जाली फेंसिंग तथा बनाई गई सड़कों को जेसीबी मशीन की सहायता से हटाया गया। साथ ही अवैध रूप से विकसित सड़कों को खोदकर भूमि को उसके मूल स्वरूप में लाया गया।प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि क्षेत्र में आगे भी यदि किसी के द्वारा सक्षम अधिकारी के बिना अनुमति अवैध प्लाटिंग या शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण किया जाता है, तो उनके खिलाफ इसी तरह बिना किसी रियायत के सीधे बुलडोजर चलाने और कानूनी एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने कड़ा रूख अपनाते हुए न केवल भूमिस्वामियों पर कार्रवाई की है, बल्कि संबंधित हल्का पटवारी और राजस्व निरीक्षक को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण को बढ़ावा देने या समय पर इसकी जानकारी न देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।ग्राम बघेरा में पंकज जैन पिता अमृत लाल के स्वामित्व वाले खसरा नंबर 129/1, 137/1, 137/2, 130/1, 131/1, 147/1 एवं 157/1 पर निर्मित अवैध संरचनाओं को पूरी तरह से ध्वस्त किया गया। इसके अलावा रूक्मणी पति छेरकू के खसरा नंबर 565/1, नेहा महाजन पिता अंकुश महाजन के खसरा नंबर 570/1, प्रमोद चौधरी पिता रामायण चौधरी के खसरा नंबर 569/1, शालिनी साहू पति मुरलीधर साहू के खसरा नंबर 386/1 तथा हिमांशु कुमार पिता रामइकबाल ठाकुर के खसरा नंबर 628/1 में की गई अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई की गई। इसी प्रकार ग्राम झुराडबरी (सुरडबरी) में सीमा मौर्य पति राजनाथ मौर्य के खसरा नंबर 713/2, नेहा महाजन पिता अंकुश महाजन के खसरा नंबर 722/2, राघवेन्द्र सिंह पिता हंसध्वज के खसरा नंबर 648/3 तथा चंद्रशेखर पिता मंगनूराम के खसरा नंबर 648/9 एवं 648/10 में अवैध प्लाटिंग एवं कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई।कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार सुश्री सुरेखा वर्मा, राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्राम कोटवार उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने कहा कि बिना सक्षम अनुमति के अवैध प्लाटिंग, अवैध कॉलोनी निर्माण अथवा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही पाए जाने पर उनके विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 16 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों एवं 1 हाईवे पेट्रोलिंग वाहन को दिखाई हरी झंडी-“एक्के नंबर – सब्बो बर” के तहत नागरिकों को त्वरित एवं तकनीक आधारित आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहलरायपुर। कबीरधाम जिले में नागरिक सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी, त्वरित एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में आज थाना कोतवाली परिसर, कवर्धा में “डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जनरेशन” सेवा का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर गृह मंत्री द्वारा डायल-112 के 16 नवीन इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों (ईआरवी) एवं एक हाईवे पेट्रोलिंग वाहन को हरी झंडी दिखाकर जिले में सेवा हेतु रवाना किया गया। कार्यक्रम में गौ सेवा आयोग अध्यक्ष श्री बिशेसर पटेल, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य श्री भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका परिषद कवर्धा अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव श्री मोतीराम चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम ध्रुवे, श्री नंदलाल चंद्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जनरेशन सेवा राज्य सरकार की नागरिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं को आधुनिक तकनीक एवं त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली से जोड़ने का उद्देश्य आम नागरिकों को संकट की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि डायल-112 सेवा “एक्के नंबर – सब्बो बर” की अवधारणा पर आधारित है, जिसके अंतर्गत अब नागरिकों को अलग-अलग सेवाओं के लिए भिन्न-भिन्न नंबर याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल ‘112’ डायल कर पुलिस सहायता, फायर ब्रिगेड, मेडिकल इमरजेंसी, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं का लाभ एकीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त किया जा सकेगा।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नवीन इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन अत्याधुनिक जीपीएस तकनीक, रियल टाइम ट्रैकिंग, डिजिटल कम्युनिकेशन एवं मॉनिटरिंग सिस्टम से सुसज्जित हैं, जिससे सूचना प्राप्त होते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर दुर्घटना अथवा अन्य आपात स्थितियों में शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने हेतु हाईवे पेट्रोलिंग वाहन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।कबीरधाम पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी आकस्मिक, आपातकालीन अथवा संकट की स्थिति में बिना किसी संकोच के तत्काल डायल-112 सेवा का उपयोग करें। कबीरधाम पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, सहायता एवं त्वरित सेवा हेतु चौबीसों घंटे प्रतिबद्ध एवं तत्पर है।
- रायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रथम तेलीन सत्ती माता महोत्सव में शामिल होने से पहले कोण्डागांव जिले के केशकाल घाटी में स्थित तेलीन सत्ती माता मंदिर में माता दर्शन किया और पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान सांसद श्री भोजराज नाग और विधायक श्री आशाराम नेताम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण भी मौजूद थे।
- -लोक निर्माण विभाग के सचिव ने विधानसभा भवन का किया निरीक्षण-पर्याप्त पार्किंग के साथ सर्वसुविधायुक्त ड्राइवर-रूम बनाने के दिए निर्देश-निर्माणाधीन नए ‘लोकभवन’ के कार्यों को भी देखा, अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को काम में तेजी लाने कहारायपुर । लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज नवा रायपुर में निर्माणाधीन लोकभवन (राजभवन) के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने पूरे परिसर का भ्रमण कर ले-आउट और फ्लोर-प्लान जाना। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। श्री बंसल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विधानसभा को ‘पेपरलेस’ बनाने के लिए तकनीकी कार्यों औऱ व्यवस्थाओं में तेजी लाने लोक निर्माण विभाग और चिप्स को बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता श्री टी.आर. कुंजाम, अधीक्षण अभियंता श्री डी.के. नेताम और कार्यपालन अभियंता श्री अभिनव श्रीवास्तव भी इस दौरान मौजूद थे।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने ‘लोकभवन’ का निर्माण राज्यपाल की गरिमा के अनुरूप उत्कृष्टता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे परिसर के सौंदर्य, सूरज की रोशनी और पूर्ण उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने को कहा। उन्होंने भवन की सभी बारीकियों पर पुख्ता काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रमों के आयोजन के लिए यहां बन रहे सभा-भवनों और कार्यालयीन कक्षों की बैठक व्यवस्था पहले से ही निर्धारित कर उनके अनुरूप कार्यों को अंजाम देने को कहा। उन्होंने भवन के निर्माण कार्य में लगे अलग-अलग एजेंसियों से कार्य प्रगति की जानकारी लेकर यथाशीघ्र सभी कार्य पूर्ण कर इसे लोक निर्माण विभाग को हैंड-ओवर करने को कहा।लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल ने नए विधानसभा भवन में प्रवेश द्वार, सदन, अधिकारी दीर्घा, लॉबी, डाइनिंग एरिया, मीडिया ब्रीफिंग एरिया, समिति कक्ष, मुख्यमंत्री कार्यालय, विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय, उप मुख्यमंत्रियों तथा मंत्रियों के कार्यालयों, ऑफिसर लाउंज और मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों के कार्यालयों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने सभी कार्यालयीन कक्षों में समुचित फर्नीचर और बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए भवन में वर्तमान व्यवस्था की कमियों और खामियों को आगामी मानसून सत्र के पहले दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।विभागीय सचिव ने विधानसभा को ‘पेपरलेस’ करने तकनीकी व्यवस्थाओं को तेजी से पूर्ण करने को कहा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और चिप्स के अधिकारियों के साथ इसके लिए जरूरी इंतजामों, उपकरणों, हार्डवेयर्स और सॉफ्टवेयर्स की भी समीक्षा की। उन्होंने बेहतर समन्वय और तेजी से काम करते हुए इस साल के शीतकालीन सत्र तक सभी तकनीकी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर पखवाड़े इसकी प्रगति की समीक्षा करने भी कहा।श्री बंसल ने विधानसभा परिसर में गाड़ियों के पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था के साथ वाहन चालकों के लिए सर्वसुविधायुक्त कक्ष भी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विधानसभा भवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-3 में पास-काउंटर के पास आगंतुकों के लिए बनने वाले प्रतीक्षालय कक्ष के साथ ही विधानसभा ड्यूटी करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए कैन्टीन बनाने का भी सुझाव दिया।
- -भुवनेश्वर जोनल कॉन्फ्रेंस में मंत्री श्री रामविचार नेताम ने रखी राज्य की उपलब्धियां, केंद्र ने की सराहनारायपुर / कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 19 मई को आयोजित राष्ट्रीय जोनल कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ को कृषि नवाचार, किसान कल्याण और टिकाऊ खेती के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय वृद्धि, कृषि विविधीकरण और ग्रामीण समृद्धि को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने तिलहन मिशन के तहत पूर्वोत्तर पांच राज्यों में छत्तीसगढ़ द्वारा लक्ष्य पूरा करने में पहले स्थान प्राप्त करने पर बधाई और शुभकामनाएं दी। मंत्री श्री नेताम ने बताया कि राज्य में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जो देश में धान के लिए सबसे पारदर्शी और ऐतिहासिक समर्थन व्यवस्था मानी जा रही है। पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार ने 437 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी कर किसानों के खातों में लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये का सीधा भुगतान किया है।सम्मेलन में मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार केवल बड़े किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत 5 लाख से अधिक परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता सीधे बैंक खातों में दी जा रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ तेजी से बागवानी और वैकल्पिक खेती के केंद्र के रूप में उभर रहा है। बस्तर में कॉफी, अनासपाती और जशपुर में चाय की खेती आदिवासी क्षेत्रों में नई आर्थिक संभावनाएं खोल रही हैं।कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने जोनल कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्य में कृषि के क्षेत्र में 128 हाईटेक नर्सरी, 71 कोल्ड स्टोरेज, 63 पैकहाउस और 428 सोलर ड्रायर विकसित किए गए हैं। ऑयल पाम, बांस मिशन, प्राकृतिक खेती, दलहन-तिलहन विस्तार तथा कृषि वानिकी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग 4.89 लाख किसानों को 854 करोड़ रुपये से अधिक की दावा राशि वितरित की गई है। श्री परदेशी ने कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ में एआई, ड्रोन तकनीक और एकीकृत किसान पोर्टलों के माध्यम से कृषि व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है।राष्ट्रीय जोनल कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने एग्रीस्टेक पोर्टल, दलहन-तिलहन विस्तार, पीएम आशा योजना, प्राकृतिक खेती और तिलहन मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की सराहना की। उन्होंने पूर्वाेत्तर एवं पूर्वी भारत के 5 राज्यों पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखण्ड, ओड़िशा और छत्तीसगढ़ के बीच तिलहन मिशन में लक्ष्य प्राप्ति पर छत्तीसगढ़ को प्रथम स्थान हासिल करने के लिए बधाई दी। इस अवसर पर 5 राज्यों के कृषि मंत्री सहित छत्तीसगढ़ शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त एवं विभागीय सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक कृषि श्री राहुल देव, संचालक उद्यानिकी श्री लोकेश चन्द्राकर और संयुक्त संचालक कृषि श्री गयाराम उपस्थित थे।
- -आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में फिटनेस और वेलनेस को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक — वित्त मंत्री ओपी चौधरी-पुलिसकर्मियों, उनके परिवारों और स्थानीय युवाओं को मिलेगा आधुनिक जिम सुविधा का लाभरायपुर / वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने आज पुलिस लाइन उर्दना, रायगढ़ में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पुलिस जिम का लोकार्पण किया। उन्होंने रिबन काटकर जिम का शुभारंभ किया और जिम कक्ष में स्थापित भगवान हनुमान जी के चित्र पर पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना की।इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने जिम में स्थापित आधुनिक फिटनेस उपकरणों का अवलोकन किया और कहा कि वर्तमान समय की व्यस्त जीवनशैली में शारीरिक फिटनेस और मानसिक वेलनेस दोनों को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने सभी को प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम के लिए समय निकालने की सलाह दी।उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे जनसेवा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उनका शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। यह आधुनिक जिम न केवल पुलिसकर्मियों बल्कि उनके परिवारजनों और स्थानीय युवाओं के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा तथा स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली को बढ़ावा देगा।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों को तनावमुक्त रखने और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा योग, खेल और फिटनेस गतिविधियों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसी उद्देश्य से पुलिस जिम का उन्नयन कर इसमें अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से पुलिसकर्मी नियमित व्यायाम कर अपनी फिटनेस बनाए रख सकेंगे, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनके स्वास्थ्य और कार्य प्रदर्शन दोनों पर पड़ेगा। कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू सहित जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -छत्तीसगढ़ डायल-112 फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन के तहत रायगढ़ जिले को मिली बड़ी सौगात-अब पुलिस, मेडिकल, फायर, आपदा प्रबंधन, महिला एवं बाल सुरक्षा सहित सभी आपात सेवाएं एक ही नंबर 112 पर उपलब्ध-आधुनिक तकनीक से लैस वाहनों से आपात स्थितियों में और तेज होगी पुलिस की प्रतिक्रियारायगढ़ / सुरक्षा, सेवा और सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में रायगढ़ जिले को छत्तीसगढ़ डायल-112 (फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन) के तहत 16 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) की सौगात मिली है। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने आज पुराना पुलिस लाइन, रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में इन आधुनिक आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सड़क दुर्घटना, चिकित्सा आपातकाल, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सहित किसी भी संकट की स्थिति में अब रायगढ़वासियों को तेज, सुरक्षित और प्रभावी सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि “डायल-112 एक्के नम्बर, सब्बो बर” की अवधारणा के साथ यह सेवा पूरे छत्तीसगढ़ में संचालित की जा रही है। राज्यभर में 400 से अधिक आधुनिक वाहन तैनात किए गए हैं, जिनमें से रायगढ़ जिले को 16 वाहन प्रदान किए गए हैं।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया है। इससे पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी, आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया समय कम होगा और कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।उन्होंने कहा कि यह योजना शासन के बड़े निर्णयों का धरातल पर दिखाई देने वाला परिणाम है, जिससे पुलिस को कार्य करने में सुविधा होगी और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि डायल-112 योजना वर्ष 2018 से संचालित है, जिसे अब फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित किया गया है। उन्होंने बताया कि नए ईआरवी वाहनों में PTZ कैमरा, डैश कैमरा, GPS सिस्टम, मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) और स्मार्ट मोबाइल फोन जैसी आधुनिक तकनीक उपलब्ध है, जिससे घटनास्थल पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।नई डायल-112 प्रणाली के तहत पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, आपदा प्रबंधन, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन और नेशनल हाईवे सहायता सेवाओं को एकीकृत किया गया है। रायपुर स्थित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (C4) के माध्यम से इन सेवाओं का संचालन किया जाएगा। कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, सहित जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -वित्त मंत्री ने रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास-सामुदायिक भवन, बाल उद्यान और नाली निर्माण से बढ़ेंगी नागरिक सुविधाएं-अधोसंरचना विकास, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं के लिए आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोररायपुर / वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने नगर पालिक निगम रायगढ़ क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए कहा कि रायगढ़ शहर को सुव्यवस्थित, आधुनिक और जनसुविधाओं से समृद्ध बनाने के उद्देश्य से लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर के विकास में अधोसंरचना विस्तार, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सुविधाओं और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने नगर निगम के वार्ड क्रमांक 28 में विधायक निधि से लगभग 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित साहू समाज सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक भवन सामाजिक गतिविधियों, बैठकों, सांस्कृतिक आयोजनों और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। ऐसे भवन समाज के लोगों को सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराते हैं और सामाजिक समन्वय को मजबूत करते हैं।इस अवसर पर श्री चौधरी ने कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले साहू समाज के छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।वार्ड क्रमांक 21, श्रीराम कॉलोनी में अधोसंरचना विकास एवं पर्यावरण उपकर निधि से लगभग 46 लाख रुपये की लागत से बाल उद्यान जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास किया गया। इस परियोजना के अंतर्गत लैंडस्केपिंग, पौधरोपण, मुख्य द्वार, बाउंड्रीवाल, विद्युतीकरण, बच्चों के खेल उपकरण, बैठने की व्यवस्था सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।वित्त मंत्री ने कहा कि इस उद्यान के विकसित होने से बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थल मिलेगा तथा शहर के हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी।रायगढ़ स्टेडियम के पीछे से श्रीराम कॉलोनी मोड़ तक लगभग 37.88 लाख रुपये की लागत से 580 मीटर लंबी नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया गया। इस निर्माण से क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था में सुधार होगा और बरसात के दौरान होने वाली समस्याओं में कमी आएगी।श्री चौधरी ने कहा कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जल निकासी संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में सड़क, पुल, केलो नदी तट विकास, तालाब सौंदर्यीकरण, उद्यान निर्माण और ऑक्सीजन जोन जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। इतवारी बाजार क्षेत्र को ऑक्सीजन जोन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिलेगा।उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन नालंदा परिसर युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का आधुनिक अध्ययन केंद्र बनेगा, जहां पुस्तकालय, अध्ययन कक्ष और मार्गदर्शन की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिलों में राहत मिल रही है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की।उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए दी जा रही सब्सिडी की जानकारी भी दी और नागरिकों से योजना से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, जनप्रतिनिधिगण, समाज के पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
- -विभिन्न आवासीय एवं अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए लगभग 45 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति-जीएसटी भुगतान प्रणाली में एकरूपता, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत सीधी भर्ती तथा पुनरीक्षित महंगाई भत्ता के प्रस्तावों को भी मिली मंजूरीरायपुर /छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि सम्मेलन में कई नई आवासीय परियोजनाओं एवं प्रशासनिक प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है, जिनसे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण आवास और अधोसंरचना विकास को नई गति मिलेगी। अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में मंडल का 86 वाँ मंडल सम्मेलन आज मंडल मुख्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित किया गया। सम्मेलन में राज्य में आवासीय एवं अधोसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार कर अनुमोदन प्रदान किया गया। दीनदयाल आवास कॉलोनी, कोहका (तिल्दा), जिला रायपुर- दीनदयाल आवास कॉलोनी, कोहका में व्यावसायिक सह आवासीय प्रकोष्ठ भवनों के निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 76 आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 10.37 करोड़ रुपये है।स्ववित्तीय अटल विहार योजना, गिनाबहार, जिला जशपुर - गिनाबहार में 6 एमआईजी, 64 एलआईजी और 27 ईडब्ल्यूएस सहित कुल 97 आवासीय भवनों तथा 7 एकड़ भूमि के विकास कार्य के लिए स्वीकृति दी गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 17.51 करोड़ रुपये है। स्ववित्तीय योजना, सारधा (लोरमी), जिला मुंगेली दृ सारधा में 200 ईडब्ल्यूएस आवासों के निर्माण तथा 5 एकड़ भूमि के बाह्य विकास कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 16.94 करोड़ रुपये है। इन तीनों परियोजनाओं के लिए कुल मिलाकर लगभग 44.82 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। सम्मेलन में निर्माण कार्यों के लिए जीएसटी भुगतान प्रणाली तथा रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रमाण पत्र संबंधी प्रक्रियाओं में एकरूपता लाने हेतु समान मानक प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत सीधी भर्ती में दिव्यांगजनों के आरक्षण हेतु पदों के चिन्हांकन को समाज कल्याण विभाग की 25 फरवरी 2026 की अधिसूचना के अनुसार मंडल में यथावत लागू करने का निर्णय लिया गया। मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुरूप पुनरीक्षित महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। सम्मेलन में क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन एवं रखरखाव के लिए लाइसेंस आधारित पीपीपी मॉडल के अंतर्गत एजेंसी चयन हेतु निविदा दस्तावेज एवं लाइसेंस अनुबंध प्रारूप का अनुमोदन भी किया गया।सम्मेलन में सदस्यों को अवगत कराया गया कि मंडल ने वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में लगभग 317 करोड़ रुपये मूल्य की 1,647 संपत्तियों का सफल विक्रय किया है। यह उपलब्धि मंडल की योजनाओं के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। 86वें मंडल सम्मेलन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण, आवास एवं पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव श्री डी.एस. भारद्वाज, लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि श्री जी.आर. रावटे, वित्त विभाग के प्रतिनिधि श्री निखिल अग्रवाल, हुडको के प्रतिनिधि श्री हितेश बरोट सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- -पानी की कमी से जांच पर कोई प्रभाव नहींरायपुर ।बलौदा बाजार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी के लैब में मरीजों की विभिन्न जांच पूरी क्षमता के साथ सुचारू रूप से जारी है। पानी की समुचित व्यवस्था की गई है। पानी की कमी से लैब के जाँच में कुछ असुविधा हुई थी किंतु जांच कार्य प्रभावित नहीं हुआ। वर्तमान में जाँच जारी है। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज वर्मा ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण अस्पताल के दो बोर सूख गए हैं तथा एसडीओ हाउसिंग बोर्ड द्वारा कराए गए बोर में भी पानी नहीं है। फिर भी अस्पताल में पानी की कोई कमी नहीं है।नगर पंचायत पलारी द्वारा नियमित रूप से टैंकर के माध्यम से पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही अस्पताल के लिए नया नल कनेक्शन भी लिया गया है, जिससे पानी की निरंतर उपलब्धता बनी हुई है।उन्होंने स्पष्ट किया कि लैब में सभी आवश्यक जांच बिना किसी बाधा के हो रही हैं और मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है।अपनी पत्नी की जांच करवाने ग्राम दतान से आए शंकर पटेल ने बताया कि लैब में मलेरिया, टाइफाइड, सीबीसी, सिकलिन तथा एसआर की जांच की गई। अस्पताल में जाँच का कोई शुल्क भी नहीं लिया गया।विगत एक सप्ताह में अस्पताल की लैब में 1450 लोगों ने अपनी जाँच करवाई है। इसमें शुगर, वायरल मार्क,सिकलिन,सीबीसी जैसी रक्त जाँच के साथ साथ पेशाब और बलगम की भी जाँच सम्मिलित है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी अपनी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सतत रूप से प्रयासरत है ।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक बार फिर यह साबित किया कि संवेदनशील शासन केवल योजनाएँ नहीं बनाता, बल्कि उन अंतिम बस्तियों तक भी पहुँचता है जहाँ आज भी जीवन बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है।आयुष्मान आरोग्य मंदिर बीजापुर जिले के पोंडुम की स्वास्थ्य टीम ने दुर्गम आश्रित ग्राम हकवा पहुँचकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित हकवा तक पहुँचना आसान नहीं है। ऊँचे पहाड़, घने जंगल और कठिन पगडंडियों से होकर गुजरने वाले इस गाँव में आज भी सड़क, बिजली और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं।हकवा के ग्रामीणों की परिस्थितियाँ इस कदर चुनौतीपूर्ण हैं कि उन्हें दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएँ और राशन लेने के लिए भी लगभग 40 किलोमीटर पैदल चलकर पोंडुम पहुँचना पड़ता है। ऐसे दुर्गम और संसाधनविहीन क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम का पहुँचना ग्रामीणों के लिए केवल उपचार नहीं, बल्कि भरोसे और संवेदनशीलता की बड़ी मिसाल बन गया।स्वास्थ्य शिविर के दौरान कुल 50 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें 5 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की गई, 2 मरीजों में मलेरिया की पहचान हुई तथा 3 ग्रामीणों की एनसीडी स्क्रीनिंग की गई। इसके अतिरिक्त अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित 40 ग्रामीणों को उपचार एवं आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया। दूरस्थ और पहुँचविहीन बस्तियों तक पहुँचती यह स्वास्थ्य सेवा केवल चिकित्सा सुविधा नहीं, बल्कि शासन की मानवीय प्रतिबद्धता और बस्तर के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य अधिकार सुनिश्चित करने के संकल्प की जीवंत तस्वीर बनती जा रही है।
- रायपुर। जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और ग्राम विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव के अंतर्गत बालोद जिले के धरती आबा चयनित ग्रामों में विविध जनहितकारी गतिविधियों का प्रभावी आयोजन किया गया। उत्सव के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में जागरूकता, सहभागिता और विकास का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।जिले के विकासखण्ड डौण्डी के 10 ग्राम, बालोद विकासखण्ड के 2 ग्राम तथा डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के 15 ग्रामों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान शासकीय एवं गैर शासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा पैदल यात्रा निकालकर गांवों की वास्तविक परिस्थितियों का अवलोकन किया गया तथा ग्रामीणों को शासन की योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रति जागरूक किया गया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण भी किया गया।बालोद विकासखण्ड के ग्राम करहीभदर में शासन की महत्वाकांक्षी पहल सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण की दिशा में प्रभावी पहल करते हुए 13 आयुष्मान कार्ड एवं 12 जॉब कार्ड वितरित किए गए। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु प्राप्त 1502 आवेदनों का निराकरण भी किया गया।कार्यक्रम के दौरान ट्रांजेक्ट वॉक के माध्यम से ग्रामीणों को जनजातीय गरिमा उत्सव की अवधारणा, उसके उद्देश्य तथा शासन की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत स्वास्थ्य शिविर एवं विभिन्न लाभार्थीमूलक शिविरों का आयोजन भी लगातार किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न सुविधाओं एवं सेवाओं का लाभ सहज रूप से उपलब्ध हो सके। जनजातीय गरिमा उत्सव के माध्यम से जिले में जनकल्याण, सामाजिक जागरूकता और ग्रामीण विकास की दिशा में सार्थक पहल देखने को मिल रही है।
- -राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की बैठक संपन्न-वर्ष 2028 तक हर ग्रामीण घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्यरायपुर ।मुख्य सचिव श्री विकासशील ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में नियमित जलापूर्ति और पेयजल की शुद्धता की निरंतर जांच कराने के कड़े निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज यहाँ मंत्रालय (महानदी भवन) में श्राज्य जल एवं स्वच्छता मिशनश् की अपेक्स कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के क्रियान्वयन की कार्ययोजना, पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था, आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण, जनभागीदारी, जल संरक्षण तथा श्सुजलम भारतश् डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, भू-जल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए श्जल अर्पणश् की नई पहल पर भी विचार-विमर्श किया गया।मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न गांवों और बसाहटों में पानी की टंकियां तथा नल लगाने का काम पूरा होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नियमित जलापूर्ति और पानी की गुणवत्ता बनाए रखना है।ग्राम पंचायतों को नल-जल योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए गठित समितियों में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य किया गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सहयोग करने के निर्देश दिए। नल-जल योजनाओं की निरंतर और प्रभावी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सीधे जिला कलेक्टरों की होगी।मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत गाइडलाइंस के अनुरूप पूर्ण वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड का उपयोग केवल स्वीकृत मदों में ही किया जाए। पानी की सप्लाई चौन में किसी भी प्रकार की खराबी को तुरंत सुधारने के लिए उन्होंने सुजलम भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म और पीएम गति शक्ति ऐप के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैकिंग करने के निर्देश दिए।इसके अलावा, उन्होंने एलडब्ल्यूई (नक्सल) प्रभावित एवं दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि वर्ष 2028 की समय-सीमा से पहले छत्तीसगढ़ के शत-प्रतिशत ग्रामीण घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाई जाए।बैठक में अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत रिफॉर्म प्लान की प्रगति की जानकारी दी। सिंगल विलेज स्कीम के तहत इस विकेंद्रीकृत योजना के तहत गांवों में ही उपलब्ध जल स्रोतों का उपयोग कर पाइपलाइन के जरिए हर घर में नल कनेक्शन दिया जाता है। राज्य के विभिन्न गांवों में ऐसी 29 हजार 90 योजनाएं बनाई गई हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों, शहरों या कई गांवों के समूहों तक भारी मात्रा में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए 70 योजनाएं संचालित हैं, जिनमें पानी को दूरस्थ स्रोतों से लाकर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाता है।पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था के तहत 1,531 गांवों के अंतर्गत आने वाले (20 परिवारों से कम वाली) करीब 920 बसाहटों और एलडब्ल्यूई क्षेत्रों के छूटे हुए परिवारों के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम जारी है।बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, वित्त विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह, इसके साथ ही भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में वर्चुअली व प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे।
- -चार दशक बाद पहली बार गांव पहुंचा प्रशासन, जनगणना कार्य संपन्न-नक्सल भय को पीछे छोड़ बदलाव और विश्वास की नई कहानी लिख रहा बीजापुर का सुदूर अंचलरायपुर ।लंबे समय तक नक्सली प्रभाव और भय के कारण विकास की मुख्यधारा से कटा रहा बीजापुर जिले का दारेली गांव, अब बदलाव और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है। पिछले चार दशकों से इस क्षेत्र में कोई भी प्रशासनिक गतिविधि नहीं हो पाई थी, यहाँ तक कि वर्ष 2011 की राष्ट्रीय जनगणना से भी यह गांव वंचित रह गया था, लेकिन अब इतिहास बदलते हुए पहली बार जिला प्रशासन की टीम सीधे दारेली गांव पहुंची और वहां सुचारू रूप से जनगणना का कार्य संपन्न कराया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब उन सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंच रही हैं, जहां पहले विकास की कल्पना करना भी बेहद कठिन था। इसी कड़ी में कलेक्टर बीजापुर श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे, जनगणना प्रभारी अधिकारी श्री मुकेश देवांगन तथा उसूर एसडीएम श्री भूपेंद्र गावरे ने दारेली गांव का सघन दौरा किया। प्रशासनिक अधिकारियों को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने उनका आत्मीय और भावुक स्वागत किया। ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज उन्हें पहली बार यह महसूस हुआ है कि शासन-प्रशासन उनके द्वार तक पहुंचा है। इस दौरान गांव में हुए जनगणना कार्य को ग्रामीणों ने एक ऐतिहासिक और सुखद पहल बताया।कलेक्टर बीजापुर ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और जमीन के पट्टे, आधार कार्ड, बैंक खाते तथा राशन कार्ड जैसे अनिवार्य दस्तावेजों की उपलब्धता की समीक्षा की। कई ग्रामीणों के दस्तावेज अपूर्ण पाए जाने पर उन्होंने मातहत अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांव में विशेष शिविर का आयोजन किया जाए, ताकि सभी पात्र ग्रामीणों का शत-प्रतिशत सैचुरेशन (दस्तावेजीकरण) सुनिश्चित हो सके।भ्रमण के दौरान एक स्थानीय किसान ने कलेक्टर को अपनी व्यथा सुनाई कि उसके पिता के निधन के बाद भी लंबे समय से जमीन का नामांतरण नहीं हो पाया है। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही मौजूद राजस्व अधिकारियों को नामांतरण प्रक्रिया तुरंत पूरी करने के कड़े निर्देश दिए और कहा कि वे स्वयं इस मामले की निगरानी करेंगे। प्रशासन की इस त्वरित कार्यप्रणाली को देखकर किसान भावुक हो गया और उसने अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कलेक्टर ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शासन की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत दारेली के सभी स्कूली बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के भी निर्देश दिए। जो दारेली गांव कभी भय, उपेक्षा और सन्नाटे का प्रतीक माना जाता था, वह आज विकास, आपसी विश्वास और नई उम्मीदों की राह पर कदम बढ़ा चुका है। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल ने ग्रामीणों के भीतर शासन के प्रति भरोसे को और अधिक मजबूत किया है।
- -मानसून पूर्व निर्माण पूर्ण करने अधिकारियों को दिए निर्देशरायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से कबीरधाम जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 52-52 लाख रुपए की लागत से आधुनिक मिनी स्टेडियमों का निर्माण कराया जा रहा है। इन स्टेडियमों के निर्माण से ग्रामीण अंचलों के युवाओं को खेल प्रतिभा निखारने के साथ-साथ पुलिस, सेना एवं अन्य सुरक्षा बलों की भर्ती हेतु फिजिकल तैयारी करने में भी बड़ी सुविधा मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी निर्माण कार्यों को मानसून पूर्व पूर्ण कर संबंधित ग्राम समितियों को हैंडओवर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उनके निर्देशों के पालन में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने विभिन्न ग्रामों में पहुंचकर निर्माणाधीन मिनी स्टेडियमों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर श्री नरेन्द्र मानिकपुरी, आरईएस विभाग के अधिकारी, स्टेडियम समिति के सदस्य, ठेकेदार एवं संबंधित ग्रामों के सरपंच उपस्थित रहे।जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने कहा कि उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को शहरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनके नेतृत्व में गांवों में खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को नशे और भटकाव से दूर रखते हुए खेल एवं अनुशासन की ओर प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल अधोसंरचना विकसित होने से युवाओं को अब अपने ही गांव में खेल अभ्यास एवं प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं की शारीरिक तैयारी करने का अवसर मिलेगा।इससे युवाओं की प्रतिभा को नया मंच मिलेगा तथा खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा के निर्देश पर स्टेडियमों के रख-रखाव एवं संचालन के लिए स्थानीय युवाओं की समिति भी गठित की गई है। यह समिति स्टेडियम की देखरेख, स्वच्छता एवं खेल गतिविधियों के संचालन में सहयोग करेगी। इससे युवाओं में जिम्मेदारी एवं सहभागिता की भावना भी विकसित होगी। उन्होंने ग्राम दौजरी, बैजलपुर, घुघरी कला, खारा, उसरवाही, तितरी, झलमला एवं चिल्फी में निर्माणाधीन मिनी स्टेडियमों का निरीक्षण किया।
- -सड़क, पुलिया और पंचायत भवन निर्माण से गांवों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएंरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। इसी क्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने मर्दापाल क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कुल 1 करोड़ 2 लाख रूपए की लागत के 9 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया और पंचायत भवन जैसी आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। इन निर्माण कार्यों से ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी और गांवों के विकास को नई गति प्राप्त होगी।ग्राम सोनाबाल में आयोजित कार्यक्रम में 20 लाख रूपए की लागत से पंचायत भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। साथ ही नगरी के मंडली भवन से पनवाड़ी तालाब तक 300 मीटर सीसी सड़क निर्माण कार्य, जिसकी लागत 9 लाख रूपए है, का भी शुभारंभ किया गया। ग्राम पंचायत खण्डाम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 3 मीटर पुलिया निर्माण कार्य (9 लाख रूपए), पंचायत भवन निर्माण कार्य (20 लाख रूपए) तथा ग्राम पंचायत बोरगांव के लोहारपारा में 1.5 मीटर पुलिया निर्माण कार्य (4 लाख 50 हजार रूपए) का भूमिपूजन किया गया।इसी प्रकार ग्राम पंचायत खचगांव में 20 लाख रूपए की लागत से पंचायत भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। इसके अलावा पूरन बघेल के खेत के पास 1.5 मीटर पुलिया निर्माण कार्य (4 लाख 50 हजार रूपए), आश्रित ग्राम ढोलमंदरी में तातरी बादे घर के पास 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य (6 लाख रूपए) तथा ग्राम पंचायत पोलंग के मुख्य मार्ग से टेमरूमुण्डा मार्ग के बीच चंदन खेत के पास 3 मीटर स्पॉन पुलिया निर्माण कार्य (9 लाख रूपए) का भी भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनिता कोर्राम सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
- -उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने दिखाई हरी झंडी, मिलेंगी आपातकालीन सेवाएँरायपुर। कोरबा जिले को 22 नए डायल 112 वाहनों की सौगात प्राप्त हुई है। आज बुधवार कोरबा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने औपचारिक कार्यक्रम में इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये आधुनिक वाहन उन्नत तकनीक से लैस हैं, जिनमें आधुनिक कैमरा, डैश कैमरा, जीपीएस सिस्टम तथा स्मार्ट मोबाइल उपकरण जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति में और अधिक त्वरित, सटीक एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।प्रदेश में छत्तीसगढ़ डायल-112 फेज-दो (नेक्स्ट जेन) के अंतर्गत अब सभी 33 जिलों में अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा का विस्तार किया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश को कुल 400 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल प्रदान किए गए हैं। इन वाहनों को 18 मई को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया।डायल 112 सेवा के माध्यम से पुलिस, चिकित्सा, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं महिला हेल्पलाइन सहित विभिन्न आपातकालीन सेवाओं को एकीकृत किया गया है, जिससे नागरिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर समन्वित आपातकालीन सहायता मिल सकेगी। यह व्यवस्था आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ बनाते हुए जिला स्तर पर सुरक्षा एवं सेवाओं की उपलब्धता को बेहतर करेगी। कार्यक्रम के दौरान कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, तथा जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी उपस्थित थे। डायल 112 के नए वाहनों के शुभारंभ से जिले में आपातकालीन सेवाओं की पहुंच और क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, जिससे नागरिकों को और अधिक सुरक्षित, त्वरित एवं विश्वसनीय सहायता मिल सकेगी।
- -आदिवासी समुदाय की अतिरिक्त आय हेतु लघु वनोपज संघ की बैठक में विचार-विमर्शरायपुर ।अबूझमाड़ क्षेत्र के विकास और वहां जनजातीय (आदिवासी) नेतृत्व में महुआ प्रसंस्करण के लिए एक प्रभावी सहकारी मॉडल विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में समर्थन मूल्य पर तेंदूपत्ता संग्रहण तथा आदिवासियों की आय बढ़ाने के लिए वन धन योजना और ट्राईफेड के तहत महुआ प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने की कार्ययोजना पर भी विमर्श किया गया। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहाँ मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी लघु वनोपज संघ की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई।बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि वन धन सहकारी समितियों द्वारा महुआ के फूलों से विभिन्न प्रकार के मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं। महुआ लड्डू और कुकीज, महुआ स्क्वैश (शरबत), महुआ का अचार और महुआ उत्पादों की प्रोसेसिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन यूनिट स्थापित करने हेतु स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की भी समीक्षा की गई। इस दौरान संग्रहण से जुड़े व्यापार में सरकार को वित्तीय हानि से बचाने और संग्राहकों को अधिक से अधिक लाभांश पहुंचाने की रणनीतियों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा वर्तमान में संग्राहकों को पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था के तहत सीधे ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है। इसके लिए एक आधुनिक सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे भुगतान की राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में जमा हो रही है। इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए जिनमें प्रमुख हैं-वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, गृह विभाग सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, पीसीसीएफ श्रीनिवास राव इसके साथ ही वन विभाग तथा लघु वनोपज संघ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।
- -जशपुर में 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत, 32 को मिल रही नियमित फिजियोथेरेपी सुविधा-स्वास्थ्य जांच, परामर्श, योग-भजन और सुंदरकांड पाठ से मिल रहा मानसिक एवं शारीरिक संबलरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित सियान गुड़ी बुजुर्गों के लिए देखभाल, स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रही है।समाज कल्याण विभाग की इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत जिले में अब तक 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 32 बुजुर्गों को नियमित रूप से फिजियोथेरेपी की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें शारीरिक समस्याओं से राहत मिल रही है।हाल ही में जिला अस्पताल की विशेषज्ञ टीम, जिसमें चिकित्सा अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, साइकेट्रिक नर्स और लैब तकनीशियन शामिल थे, इस टीम ने सियान गुड़ी और नशामुक्ति केंद्र के हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्त जांच किया। टीम ने वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह और काउंसिलिंग भी प्रदान की।सियान गुड़ी में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से वरिष्ठ नागरिक विभिन्न मनोरंजक, सामाजिक और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों में भाग लेते हैं। दिनभर की गतिविधियों के बाद शाम 6 बजे सभी पंजीकृत वरिष्ठ नागरिकों और कर्मचारियों की उपस्थिति में सुंदरकांड का पाठ किया जाता है, जिससे आध्यात्मिक और मानसिक शांति का वातावरण बनता है।सियान गुड़ी से लाभान्वित वरिष्ठ नागरिकों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केंद्र उनके लिए सम्मान, देखभाल और आत्मीयता का स्थान बन गया है।समाज कल्याण विभाग ने जिले के सभी वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सियान गुड़ी पहुंचकर इस उपयोगी सुविधा का लाभ उठाएं।
- रायपुर ।जनगणना 2026 की प्रक्रिया के तहत आज लोकभवन में नगर निगम के अधिकारी पहुंचे, राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जनगणना कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान अधिकारियों ने जनगणना के सामान्य 33 बिंदुओं से संबंधित जानकारी राज्यपाल से प्राप्त की। जनगणना प्रक्रिया के अंतर्गत अधिकारियों ने निर्धारित प्रश्नों के आधार पर राज्यपाल से विभिन्न जानकारियां लीं, जिनमें व्यक्तिगत, सामाजिक एवं अन्य सामान्य विवरण शामिल रहे। राज्यपाल डेका ने जनगणना कार्य में सहयोग करते हुए सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराईं। इस अवसर पर नगर निगम रायपुर की जोन कमिश्नर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में प्रख्यात लोक कलाकार एवं पंडवानी गायिका श्रीमती तीजन बाई के परिजनों ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी साझा की। राज्यपाल श्री डेका ने पंडवानी की विश्वविख्यात कलाकार तीजन बाई के स्वास्थ्य का हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।चर्चा के दौरान तीजन बाई के परिजनों ने बताया कि उनके सम्मान में आगामी 7 अगस्त को एक सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। परिजनों ने इस अवसर पर राज्यपाल डेका को समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित भी किया। इस अवसर पर तीजन बाई की पुत्रवधू श्रीमती वेणू देशमुख सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे।



























