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- 0- प्रवेश परीक्षा 26 जुलाई 2026 को आयोजितदुर्ग. मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना अंतर्गत जिले के अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं से वर्ष 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन कर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाना है। चयन परीक्षा मंे सम्मिलित होने के लिए विद्यार्थियों को आवेदन पत्र 20 जून 2026 तक संबंधित शाला से प्राप्त कर जमा करना होगा। परीक्षा 26 जुलाई 2026 रविवार को दोपहर 12 से 2 बजे तक आयोजित की जाएगी।इस योजना के तहत जिले के अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं, जो छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। विद्यार्थियों को किसी मान्यता प्राप्त शाला से कक्षा 5वीं नियमित अध्ययनरत हो तथा कक्षा चौथी की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त करने वाले विद्यार्थी चयन परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र होंगे। पालक की आय समस्त स्त्रोतांे से वार्षिक आय रुपये 2.50 लाख से अधिक न हो, निर्धारित प्रपत्र में पालक का स्वघोषणा पत्र होना चाहिये।इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत तथा नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालय में ही अध्ययनरत विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही उन्हंे जिला स्तरीय उत्कृष्ट आवासीय शिक्षण संस्थाओ में शासकीय व्यय पर अध्ययन उपलब्ध कराया जायेगा। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के साथ-साथ उनके रहने, खाने एवं सामान्य चिकित्सा का व्यय भी शासन द्वारा वहन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को शासन द्वारा देय छात्रवृत्ति एवं शिष्यवृत्ति की पात्रता नही होगी। योजना अंतर्गत उत्कृष्ट शालाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को अंतिम बोर्ड (12वीं) परीक्षा तक ही निर्धारित लाभ की पात्रता होगी। असफल होने की स्थिति में अगले सत्र से योजना का लाभ स्वयंमेव समाप्त हो जाएगा।इच्छुक छात्र निर्धारित आवेदन पूर्ण कर अध्ययनरत संस्था में 20 जून तक जमा कर सकेंगे। उक्त आवेदन पत्र शाला प्रमुख द्वारा प्रमाण पत्रों की जांच कर 27 जून तक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को प्रेषित करेंगे और विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी 30 जून तक समस्त आवेदनों की सूची तैयार कर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय दुर्ग में कार्यालयीन समय तक जमा करेंगे।
- भिलाईनगर। भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा में 1200 लंबित प्रकरणों को लेकर कड़े निर्देश दिए गए। आयुक्त एवं सिटी प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए गए निर्देशों के परिपालन में आज प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, सेक्टर-1 में लीड बैंक मैनेजर के प्रतिनिधि की उपस्थिति में संपन्न हुई।मुख्य रूप से योजना के प्रभारी अविनाश हरित एवं नोडल अधिकारी अनिल सिंह शामिल रहे। सर्वाधिक मामले SBI में लंबित है, समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि भारतीय स्टेट बैंक में वर्तमान में सबसे अधिक, लगभग 1200 प्रकरण लंबित हैं। नोडल अधिकारी और योजना प्रभारी ने बैंक प्रबंधन को इन सभी लंबित आवेदनों का बारीकी से परीक्षण कर उनका त्वरित निराकरण (स्वीकृति एवं वितरण) करने के कड़े निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन की इस जनहितैषी योजना का लाभ छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों (स्ट्रीट वेंडर्स) को समय पर मिलना अनिवार्य है, ताकि निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा में पूरा किया जा सके। "प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना गरीब और जरूरतमंद व्यवसाइयों को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है। बैंक स्तर पर फाइलों को रोकने से योजना का उद्देश्य प्रभावित होता है, इसलिए सभी लंबित 1200 मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।"बैठक के अंत में बैंक प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाकर आवेदनों का जल्द से जल्द निराकरण किया जाएगा।--
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन-1 नेहरू नगर अंतर्गत पशुओ की देखरेख के लिए गौठान स्थापित है। जहां नई उड़ान महिला समिति द्वारा पशुओ की देखरेख का कार्य किया जाता है और सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। निगम क्षेत्र के कोसानाला स्थिति गौठान में घूमन्तु पशुओ को पकड़कर रखा जाता है। पशुओ की देखरेख, चिकित्सा सुविधा समिति द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं नगर निगम भिलाई द्वारा पानी एवं हरा चरा की व्यवस्था उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे पशुओ को किसी प्रकार की परेशानी न हो। गौठान के अंदर पशुओ के लिए अलग से 2 शेड निर्माण किया जा रहा है, जिसमें से 1 शेड का कार्य पूर्ण हो चुका है और दुसरा शेड निर्माणाधीन है, जो जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा। भीषण गर्मी को देखते हुए पशुओ को गर्मी से बचाने के लिए ग्रीन नेट लगाया गया है, जिससे पशुओ को गर्मी से राहत मिल सके। कुछ गौ सेवकों के द्वारा भी हरा चारा एवं ग्रीन नेट दान किया गया है।वर्तमान में पशुओ को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही है। नगर पालिक निगम भिलाई नागरिको से अपील करती है कि अपनी स्वेच्छा के अनुसार पशुओ की सुविधा के लिए हरा चारा एवं अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान करते है।
- 0- महिलाओं ने सीखे पशु स्वास्थ्य एवं पशुपालन के व्यवहारिक गुरबिलासपुर. ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा गांवों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) बिलासपुर द्वारा आयोजित 15 दिवसीय “पशु सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम” का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को पशुपालन के क्षेत्र में तकनीकी, व्यवहारिक एवं स्वरोजगार आधारित दक्षता प्रदान करने की महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ पशु चिकित्सा विभाग की डॉ. रंजना नंदा एवं डॉ. तन्मय ओट्लवार की उपस्थिति में किया गया था। समापन अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि प्रशिक्षित “पशु सखियां” गांवों में पशुओं की देखभाल, रोगों की प्रारंभिक पहचान, टीकाकरण के प्रति जागरूकता तथा प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को समय पर सहायता मिल सकेगी और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।आरसेटी संचालक ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। प्रशिक्षित महिलाएं भविष्य में गांव स्तर पर पशुपालन आधारित सेवाएं प्रदान कर सम्मानजनक आय अर्जित कर सकेंगी।प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण, संतुलित पोषण एवं खान-पान प्रबंधन, सामान्य बीमारियों की पहचान, समय पर टीकाकरण, प्राथमिक चिकित्सा तथा आपातकालीन स्थिति में पशुओं की देखभाल संबंधी व्यवहारिक जानकारी दी गई। साथ ही संवाद कौशल का प्रशिक्षण देकर पशुपालकों को बेहतर सलाह एवं मार्गदर्शन प्रदान करने के तरीके भी सिखाए गए।प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि इस कार्यक्रम से उनके ज्ञान एवं कौशल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और अब वे आत्मविश्वास के साथ गांवों में पशुपालन सेवाएं देने के लिए तैयार हैं।
- 0- कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, अपर कलेक्टर, जनपद अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल0- शिविर में 801 आवेदनों का किया गया निराकरण, जनजातीय गरिमा उत्सव जनभागीदारी अभियान का किया गया शुभारंभबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी लेने तथा उन्हें शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु बालोद जिले में लगातार जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज जिले के आदिवासी डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम भैंसबोड़ में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्राम भैंसबोड़ सहित शिविर में आसपास के 18 ग्राम पंचायत के ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में उपस्थित कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं राज्य एथेलेटिक संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया, जनपद अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो, जनपद उपाध्यक्ष श्री भोलाराम नेताम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री मनीष झा, जिला पंचायत सदस्य श्री मिथलेश निरोटी एवं सुश्री नीलिमा श्याम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों के द्वारा 05 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र, श्रम कार्ड वितरण, मत्स्य पालन प्रचार योजना अंतर्गत 02 हितग्राहियों को मछली जाल के अलावा 09 दिव्यांग जनों को छड़ी एवं श्रवण यंत्र, 02 हितग्राहियों को राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन स्वीकृति पत्र, 10 हितग्राहियों को स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख भी प्रदान किया गया।शिविर में 08 कृषकों को डिजिटल किसान किताब, 07 हितग्राहियों को नया राशन कार्ड का भी वितरण किया गया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। ग्राम भैंसबोड़ में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 902 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 801 आवेदनों को मौके पर निराकरण सुनिश्चित किया गया। ग्राम भैंसबोड़ में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विशेष बात यह रही कि जिला प्रशासन द्वारा इस शिविर के माध्यम से बालोद जिले में जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 का भी शुभारंभ किया गया। उल्लेखनीय है जनजातीय गरिमा उत्सव का उद्देश्य जनजातीय समुदायों की गरिमा, विरासत, योगदान और उपलब्धियों का सम्मान करने के साथ-साथ जनजातीय कार्य मंत्रालय की समग्र जनजातीय विकास और सशक्तिकरण के लिए विभिन्न उपक्रमों और योजनाओं के परिवर्तनकारी प्रभावों को सामने लाना है।जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को सुशासन तिहार 2026 के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनओं का लाभ सुनिश्चित हो। राज्य शासन की इसी मंशा के अनुरूप शासन एवं प्रशासन के प्रतिनिधियों के द्वारा आम जनता के बीच पहुँचकर सुशासन तिहार के माध्यम से उनके वास्तविक मांगों एवं जरूरतों से रूबरू होेकर उनका समुचित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। श्रीमती मिश्रा ने शिविर स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टाॅलों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि स्टाॅलों में अपने-अपने विभागों से संबंधित जानकारियों को प्रदर्शित करने के अलावा स्टाॅल में उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा अपने-अपने विभागों से संबंधित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। कलेक्टर ने शिविर में प्राप्त आवेेदनों के निराकरण की स्थिति के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पेंशन योजनाओं का लाभ लेने हेतु आवेदक या परिवार के किसी सदस्य का नाम 2002 या 2011 के गरीबी रेखा सर्वे सूची में दर्ज होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी विभाग के अधिकारियों को सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों का अधिकतम 01 माह की अवधि में अनिवार्य रूप से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित राजस्व विभाग के अधिकारियों को, सीमांकन, बटवारा आदि प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंनेे शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों से अविवादित नामांतरण, बटवारा आदि राजस्व प्रकरणों का निराकरण ग्राम पंचायतों के माध्यम से सुनिश्चित करने की अपील भी की। कलेक्टर ने शिविर में पेयजल से संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु की जा रही कार्यवाही के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि भैंसबोड़ कलस्टर के अलावा संपूर्ण जिले में पेयजल की समुचित आपूर्ति की जा रही है।इसके अलावा शासन स्तर से निराकृत होने वाले कार्यों के निराकरण हेतु शासन को प्रस्ताव भेजे जाने की भी जानकारी दी। श्रीमती मिश्रा ने जिले में जल संचय, जन भागीदारी अभियान जल संरक्षण के उपाय हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इसके अंतर्गत उन्होंने जल संचय, जन भागीदारी 2.0 के अंतर्गत जिले में किए जा रहे बेहतरीन कार्यों की भी सराहना की। कलेक्टर ने महिलाओं में होने वाली सर्वाइकल कैंसर के संबंध में प्रकाश डालते हुए सभी अभिभावकों एवं बच्चों केे माता, पिता से जिन बालिकाओं की आयु से 14 वर्ष पूर्ण हो चुका है उन्हें अपने समीप के प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पहुँचकर सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु टीका लगाने की भी समझाईश दी। इसके अलावा उन्होंने सभी कृषकों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने हेतु एग्रीस्टेक पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने को कहा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम भैंसबोड़ प्रत्यक्ष खनिज प्रभावित क्षेत्र में आता है।इसलिए इस क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास से कार्यों की स्वीकृति के संबंध में प्राप्त आवेदनों का विशेष प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने ग्राम भैंसबोड़ में जिला खनिज न्यास संस्थान से मूलभूत सुविधा सुनिश्चित करने हेतु ग्राम विकास प्लान बनाने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास प्लान के आधार पर खनिज प्रभावित क्षेत्रों में गांवों का समुचित विकास सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणों को अपने ग्रामों में मुक्तिधाम, स्कूल एवं आंगनबाड़ी जैसे आवश्यक कार्यों को अपने प्राथमिकता में शामिल करने को कहा। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि गांव, अंचल एवं जिले के विकास के लिए प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता की सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आप सभी के सहयोग से बालोद जिले में शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित कर जिले के प्रत्येक क्षेत्रों में अग्रणी बनाने हेतु पूरे मनोयोग से कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बाल विवाह को सामाजिक बुराई के साथ-साथ सामाजिक अपराध बताते हुए शिविर में उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह के रोकथाम के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य एथेलेटिक संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए कृतसंकल्पित है। सुशासन तिहार के माध्यम से आम जनता के बीच पहुँचकर जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की पड़ताल की जा रही है। जनपद अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार की मंशा है कि शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुनिश्चित है। इसी मंशा के अनुरूप शासन एवं प्रशासन के लोग आम जनता के बीच पहुँचकर उनके वास्तविक मांगों एवं आवश्यकताओं की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने शिविर में उपस्थित सभी विभाग के अधिकारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। जिला पंचायत सदस्य श्री मिथलेश निरोटी ने सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए आम नागरिकों से शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने को कहा। उन्होंने अंचल के प्रमुख मांगों की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसके निराकरण हेतु त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर शिविर में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी विचार रखते हुए सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मण्डले ने शिविर में प्राप्त कुल आवेदन एवं उसके निराकरण की स्थिति के संबंध में जानकारी दी।उल्लेखनीय है कि प्राथमिक शाला मैदान भैंसबोड़ में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम भर्रीटोला, रजही, चिपरा, धुर्वाटोला, सुवरबोड, गिधाली, भैसबोड, दानीटोला, गुजरा, खलारी, अड़जाल, कुसुमकसा, अरमुरकसा, पथरटोला, खम्हारटोला, बिटाल, धोबेदण्ड और धोबनी अ सहित 18 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण जन शामिल हुए थे। शिविर में जनपद पंचायत डौण्डी को 161, राजस्व विभाग से 39, कृषि विभाग से प्राप्त 06, विद्युत विभाग के 32, श्रम विभाग से 10, शिक्षा विभाग से 04 सहित विभिन्न विभागों से कुल 902 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से कुल 801 आवेदनों का निराकरण किया गया। शिविर में एसडीएम श्री सुरेश साहू, तहसीलदार श्री देवेन्द्र नेताम, जनपद सदस्य श्री तुलेश्वर हिचामी, श्री तुलसी राम मरकाम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा भैसबोड़ कलस्टर में शामिल 18 ग्राम पंचायतों के बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- 0- सिलाई एवं ब्यूटी पार्लर व्यवसाय को मिला नया विस्तार, अन्य महिलाओं को भी दे रहीं प्रशिक्षणरायपुर. महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन रही है, नगर पंचायत समोदा की निवासी सुश्री नीलम साहू इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं। सुश्री नीलम पहले से सिलाई एवं ब्यूटी पार्लर का छोटा व्यवसाय चला रही थीं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण वे अपने कार्य का विस्तार नहीं कर पा रही थीं। महतारी वंदन योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलने के बाद उन्होंने इस राशि का उपयोग अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में किया।सुश्री नीलम ने सिलाई कार्य के लिए आवश्यक सामग्री खरीदी तथा अपने ब्यूटी पार्लर में नए उपकरण जोड़े। इससे उनके कार्य में सुधार आया और ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी। वर्तमान में वे अपने सिलाई सेंटर में 5 से 6 महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण भी दे रहीं हैं। इस योजना के तहत नीलम व उनके के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है और वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का श्रोत बन र्गइं हैं।
- बिलासपुर. जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में जनजातीय गरिमा उत्सव के अंतर्गत जन भागीदारी अभियान का शुभारंभ किया गया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने मंथन सभाकक्ष में आयोजित अधिकारियों के ओरियंटेशन कार्यक्रम के साथ अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आदिवासी समुदाय के समग्र सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा।जिले के आदिवासी बहुल 118 गांवों की लगभग 1 लाख आबादी को लक्षित कर यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इनमें 3674 विशेष पिछड़ी जनजाति के बैगा एवं बिरहोर परिवार भी शामिल हैं। अभियान के तहत 19 से 25 मई तक विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं में पात्र लेकिन अब तक वंचित लोगों को लाभान्वित किया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।अभियान के अंतर्गत ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाए जाएंगे, जहां ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। 20 मई को प्रत्येक गांव में ग्राम संपर्क अभियान चलाया जाएगा, जिसमें अधिकारी, कर्मयोगी, समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधि ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं की जानकारी देंगे तथा आगामी जनसुनवाई की तिथियों से अवगत कराएंगे। 21 से 23 मई तक गांवों में जनसुनवाई आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी जाएंगी और उनका त्वरित निराकरण किया जाएगा। जनसुनवाई की पूरी कार्रवाई का विधिवत दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांवों में सबसे गरीब, दिव्यांग एवं जरूरतमंद लोगों की सूची तैयार कर यह सुनिश्चित करें कि वे शासन की किसी योजना से वंचित न रहें। उन्होंने कहा कि जिन आदिवासी परिवारों को अभिलेखों के अभाव में जाति प्रमाण पत्र बनवाने में कठिनाई होती है, उनके लिए वंशवृक्ष तैयार कर ग्राम पंचायत से अनुमोदन कराया जाए।कलेक्टर ने खाद-बीज वितरण सुनिश्चित करने, कच्चे वन एवं कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण में ग्रामीणों की मदद करने तथा कोटा क्षेत्र में मक्के की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इच्छुक किसानों की सूची बनाकर उन्हें मिनी किट एवं अन्य आवश्यक कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराने कहा गया। जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र किसान के खेत में डबरी निर्माण कराया जाए। विशेष रूप से फैक्चर जोन वाले क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाएं विकसित कर भू-जल स्तर बनाए रखने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में जल संरक्षण से जुड़े कम से कम एक-दो स्थायी कार्य अवश्य संचालित हों। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग समन्वित प्रयासों से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाएं, ताकि आदिवासी गांवों को विकास और आत्मनिर्भरता के मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके।
- रायपुर. जिले में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय घोषित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। दिनांक 09 मई 2025 के जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसी ग्राम पंचायतें एवं नगरीय निकाय, जहां विगत दो वर्षों में किसी भी प्रकार का बाल विवाह प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है, उन्हें बाल विवाह मुक्त पंचायत/नगरीय निकाय घोषित किया जाएगा।जिले की कुल 408 ग्राम पंचायतों में से 332 ग्राम पंचायतों से बाल विवाह मुक्त पंचायत घोषित करने हेतु अनुशंसा प्राप्त हुई है। इसी प्रकार 11 नगरीय निकायों में से 08 नगरीय निकायों को भी बाल विवाह मुक्त नगरीय निकाय घोषित करने हेतु अनुशंसा प्राप्त हुई है। इन संस्थाओं द्वारा प्रमाणित किया गया है कि पिछले दो वर्षों में किसी भी प्रकार का बाल विवाह प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है।इन ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित किए जाने की कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में बाल विवाह मुक्त घोषित किए जाने वाले ग्राम पंचायतों की सूची कार्यालय कलेक्टर जिला रायपुर, कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास रायपुर, एकीकृत बाल विकास सेवा, परियोजना कार्यालय आरंग, अभनपुर, धरसींवा-01, धरसींवा-02, रायपुर शहरी-01, रायपुर शहरी-02, तिल्दा एवं मंदिर हसौद में अवलोकन हेतु उपलब्ध कराई गई है।यदि किसी व्यक्ति, संस्था अथवा संगठन को इस संबंध में कोई आपत्ति हो या किसी क्षेत्र में बाल विवाह का प्रकरण संज्ञान में हो, तो वे दिनांक 18 मई 2026 से 28 मई 2026 तक कार्यालयीन समय प्रातः 10ः00 बजे से शाम 05ः30 बजे तक अपने दावा या आपत्ति लिखित रूप में आवश्यक दस्तावेजों सहित जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, जिला रायपुर (छ.ग.) के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं।
- रायपुर. राज्य शासन के मंशानुरूप कलेक्टर गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में आगामी खरीफ सीजन के लिये समितियों में उर्वरक भंडारण किया जा रहा है। जिले को यूरिया 34,800, डीएपी 19,000, पोटाश 4,300, एसएसपी 5,100 तथा एनपीके 12,500 कुल 75,700 मीट्रिक टन का उर्वरक लक्ष्य प्राप्त हुआ है जिसके विरूद्ध उर्वरक भंडारण यूरिया 14,255, डीएपी 5,083, पोटाश 1,751, एसएसपी 2,534 तथा एनपीके 4,661 कुल 28,284 मीट्रिक टन हो चुका है। अब तक यूरिया 3,638, डीएपी 1,261, पोटाश 431, एसएसपी 611 तथा एनपीके 1,563 कुल 7504 मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। जिले में उर्वरक भंडारण वितरण का कार्य निरंतर जारी है।कृषि विशेषज्ञों के अनुसार केवल डी.ए.पी. पर निर्भर रहना न केवल जोखिम भरा है, बल्कि इससे मिट्टी का संतुलन भी बिगड़ सकता है। बेहतर फसल उत्पादन और मिट्टी के स्वास्थय को बनाए रखने के लिए संतुलित उर्वरकों का उपयोग बेहद जरूरी है। धान जैसी प्रमुख खरीफ फसल के लिए यूरिया, फॅास्फेट, पोटाश और एन.पी.के. जैसे उर्वरकों का सही मात्रा में प्रयोग करना लाभकारी साबित होता है तथा डीएपी पर निर्भरता कम कर इसे वैकल्पिक उर्वरक के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही कृषकों को नील हरित काई, हरी खाद तथा जैव उर्वरक (बायो-फर्टिलाइजर्स) का उपयोग करने हेतु भी सलाह दिया गया है, जो की रासायनिक उर्वरकों के निर्भरता पर कमी लाएगी। किसान बोरियों वाली खाद के स्थान पर नैनों यूरिया एवं नैनों डीएपी (तरल) को प्राथमिकता दें। यह न केवल परिवहन में आसान है बल्कि इसकी उपयोग क्षमता 90 प्रतिशत तक है। इसके छिड़काव से फसल को सीधा पोषण मिलता है और जमीन भी खराब नहीं होती।उप संचालक कृषि श्री सतीश अवस्थी ने बताया कि डीएपी की एक बोरी के बराबर पोषक तत्व अन्य विकल्पों से भी प्राप्त किए जा सकते है। उन्होंने सुझाव दिया कि 1 बोरी डीएपी के स्थान पर 3 बोरी एसएसपी के साथ या 2 बोरी अमोनियम फॅास्फेट सल्फेट का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा 1 बोरी टीएसपी के साथ 2 बोतल नैनो यूरिया 500 मि.ली. और 2 बोतल नैनो डीएपी 500 मि.ली. भी प्रभावी विकल्प है।
- बिलासपुर. संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की “अर्थाभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों एवं छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना 2021” अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के तहत आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। योजना के अनुसार गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत पिछले छह माह से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे दो प्रशिक्षार्थियों की प्रविष्टियां जिलाध्यक्ष की अनुशंसा सहित स्वीकार की जाएंगी। स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए संस्था प्रमुख की अनुशंसा अनिवार्य होगी। निर्धारित प्रपत्र एवं नियमावली विभाग द्वारा जारी लिंक https://drive.google.com/file/d/1tZjxjqvQ8EL3_p52YFFIsSTksNsTUgXI/view?usp=sharing से डाउनलोड कर आवेदन प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
- बिलासपुर. स्व. दिलीप सिंह जुदेव शासकीय सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कोनी में रीढ़ एवं स्पाइन संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए विशेष उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक सप्ताह बुधवार और शनिवार को स्पाइन रोगियों के लिए विशेष ओपीडी संचालित की जाएगी, जहां मरीजों को जांच, परामर्श और उपचार की सुविधा मिलेगी। स्पाइन सर्जरी एवं न्यूरोसर्जरी विशेषज्ञों द्वारा मरीजों की जांच कर आवश्यक उपचार और परामर्श दिया जाएगा। विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार कमर दर्द, गर्दन दर्द, हाथ-पैरों में झनझनाहट, चलने-फिरने में परेशानी, साइटिका, डिस्क प्रोलैप्स, बच्चों एवं किशोरों में रीढ़ की विकृतियां और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि समय रहते जांच और उपचार कराकर गंभीर जटिलताओं से बचें। मरीज निर्धारित दिनों में अस्पताल की ओपीडी में पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श और उपचार का लाभ ले सकते हैं।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा पी.पी.एच.टी. (PPHT-26) एवं पोस्ट बेसिक नर्सिंग (PBN-26) की परीक्षा का आयोजन 21 मई 2026, गुरूवार को किया जाएगा।यह परीक्षाएं जिले के 12 परीक्षा केंद्रों में आयोजित होगी। पी.पी.एच.टी. की परिक्षा प्रातः 10 बजे से दोपहर 01ः15 बजे तक एवं पोस्ट बेसिक नर्सिंग की परीक्षा प्रातः 10 बजे से दोपहर 12ः15 बजे तक तक संचालित होगी। इसमें कुल 1 हजार 954 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री का वितरण 21 मई 2026 को प्रातः 7ः30 बजे जिला कोषालय, कलेक्टर परिसर रायपुर से किया जाएगा।परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर रायपुर श्री उपेन्द्र किण्डो को नोडल अधिकारी तथा रोजगार अधिकारी, विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर श्री केदारनाथ पटेल को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत आयोजित समाधान शिविर ग्रामीणों और श्रमिकों के लिए त्वरित राहत का माध्यम बन रहे हैं। आरंग विकासखण्ड के ग्राम सिवनी में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में श्रीमती सरोज बाई धृतलहरे के आवेदन पर तत्काल श्रम कार्ड बनाया गया।श्रीमती धृतलहरे ने बताया कि मैं काफी समय से अपना श्रम कार्ड बनवाना चाह रही थी, लेकिन कुछ कारणवश मैं श्रम कार्ड नहीं बनवा पाई। ग्राम पंचायत से मुझे इस शिविर के बारे में पता चला एवं आवेदन करने के पश्चात् मुझे श्रम कार्ड मिल गया। इस श्रम कार्ड से मुझे सभी शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का धन्यवाद करती हूँ।पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेजः- आयु 14 वर्ष से अधिक। मासिक आय शहरी क्षेत्र में 15,000 रुपये एवं ग्रामीण क्षेत्र में 10,000 रुपये से अधिक न हो। आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र (अंकसूची/मतदाता परिचय पत्र/जन्म प्रमाण-पत्र), स्व-घोषणा पत्र एवं पासपोर्ट साइज फोटो। पंजीयन हेतु आवेदक की स्वयं उपस्थिति अनिवार्य है, लाइव फोटो मौके पर लिया जाता है।
- 0- तिल्दा-नेवरा शिविर में पहुंचे राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, जनसमस्याओं के शीघ्र समाधान पर दिया जोररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत नगर पालिका परिषद तिल्दा-नेवरा के बी.एम.बी. स्कूल ग्राउंड में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल शामिल हुए। जनसमस्या निवारण शिविर में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे और अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखीं।शिविर में कुल 405 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें विभागवार संबंधित अधिकारियों को निराकरण के लिए प्रेषित किया गया। नगर पालिका क्षेत्र से जुड़े 80 मांग संबंधी आवेदन प्राप्त हुए, जबकि सफाई, प्रकाश व्यवस्था, विद्युत एवं अतिक्रमण से संबंधित 61 आवेदन दर्ज किए गए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने नगर क्षेत्र में शासकीय भूमि पर हो रहे अतिक्रमण पर अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर के भविष्य और विकास की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शासकीय भूमि को सुरक्षित रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मंत्री ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण और समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि सुशासन तिहार शासन की जनहितकारी पहल है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त समस्याओं का शीघ्र निराकरण कर नागरिकों को शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराया जाए।शिविर के माध्यम से नागरिकों को प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला, जिससे समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में प्रभावी पहल देखने को मिली। शिविर में हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया।कार्यक्रम में नगर पालिका तिल्दा-नेवरा अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रकला वर्मा, एसडीएम श्री आशुतोष देवांगन, सीएमओ श्री अमिताभ शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत हुए शामिल, गंभीरता से सुनीं आमजनों की समस्याएं
कलेक्टर ने की पेट्रोल-डीजल के मितव्ययितापूर्ण उपयोग की अपील
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में आरंग विकासखंड के ग्राम पंचायत सिवनी में सुशासन तिहार 2026 के तहत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण का आयोजन किया गया। शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित इस शिविर में आसपास के 20 गांवों से ग्रामीण पहुंचे और अपनी समस्याएं एवं मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं।
शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 1430 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से बहुत से आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब शामिल हुए।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने सभी विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान कर उनके चेहरे पर खुशियां लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार विकास, सुशासन एवं जनकल्याण के कार्यों को गति दे रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार को लेकर प्रदेशभर में जनता के बीच विशेष उत्साह है और सरकार गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रही है।
शिविर में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिले में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों की समस्याओं का मौके पर ही अधिकतम निराकरण किया जा सके तथा बाकी बचे आवेदनों का जल्द निराकरण किया जाए। कलेक्टर डॉ सिंह ने पेट्रोल एवं डीजल का मितव्ययिता पूर्ण उपयोग करने की सभी से अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि ईंधन की बचत न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने आमजन से अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने, साझा परिवहन को बढ़ावा देने तथा ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की बात कही।
शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों एवं नागरिकों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनका मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। मनरेगा अंतर्गत 20 हितग्राहियों को जॉब कार्ड वितरित किए गए, वहीं 2 हितग्राहियों को मनरेगा चेक प्रदान किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 3 महिलाओं की गोद भराई, 3 बच्चों का अन्नप्राशन एवं 3 हितग्राहियों को स्वच्छता किट वितरित की गई। साथ ही 4 बालिकाओं को नोनी सुरक्षा योजना एवं 2 बालिकाओं के सुकन्या समृद्धि खाते खुलवाए गए।31 विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 4 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन वितरित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 5 हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई।
एनआरएलएम बिहान समूह की 3 महिलाओं को चेक वितरण किया गया तथा 3 महिलाओं को लखपति दीदी प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। शिविर में 2 हितग्राहियों की सफलता कहानियों को भी साझा किया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। परिवहन विभाग ने 3 हितग्राहियों को लर्निंग लाइसेंस प्रदान किए, जबकि राजस्व विभाग द्वारा 7 हितग्राहियों को ऋण पुस्तिका वितरित की गई। लोगों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार आम जनता के लिए राहत और विश्वास का माध्यम बन रहा है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैकरा, आरंग जनपद सीईओ श्री अभिषेक बैनर्जी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। - -ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत, किसानों का हुआ एग्रीस्टैक पंजीयनरायपुर ।कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में सुकमा जिले में सुशासन तिहार के तहत ग्राम पंचायत झापरा में सुशासन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और शासन की विभिन्न योजनाओं तथा प्रशासनिक सेवाओं का लाभ प्राप्त किया।शिविर में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। साथ ही लोगों को शासकीय योजनाओं, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी दी गई।सुकमा तहसीलदार श्री गिरीश निम्बालकर, सरपंच श्रीमती मुन्नी मड़कामी और उपसरपंच श्री प्रवीण बारसे की मौजूदगी में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न प्रमाण पत्र वितरित किए गए। शिविर में 8 जाति प्रमाण पत्र, 12 निवास प्रमाण पत्र, 8 किसान किताब तथा 2 नामांतरण आदेश प्रदान किए गए। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों और किसानों को बड़ी राहत मिली।शिविर की एक खास उपलब्धि किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ना भी रही। यहां 5 किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन किया गया। इससे किसानों को भविष्य में डिजिटल कृषि सेवाओं और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।ग्रामीणों ने शिविर में त्वरित समाधान और एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाएं मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों से गांव में ही जरूरी काम पूरे हो रहे हैं, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है।सुशासन तिहार के तहत आयोजित ये शिविर शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रहे हैं।
- -शहीद वीर गुण्डाधुर की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि बस्तर के नेतानार गांव को तीर्थ माना जाता है, नक्सलवाद की समाप्ति के बाद वहाँ CSC केंद्र का खुलना ऐतिहासिक है-बस्तर की जिस भूमि पर नक्सलियों ने 6 पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की थी, उसी स्थान पर आज गरीब आदिवासियों के लिए जनसेवा केंद्र का निर्माण हो रहा है-नक्सलवाद की समाप्ति का उद्देश्य केवल नक्सलियों को जड़ से उखाड़ फेंकना ही नहीं, बल्कि गरीब आदिवासियों तक जनकल्याणकारी सुविधाएँ पहुँचाना भी है-देशभर में आजादी 1947 में आ गई थी, मगर बस्तर में 31 मार्च, 2026 के बाद आजादी का सूर्योदय हुआ है-छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समाप्ति के बाद आदिवासी बहनें विकास का नेतृत्व करेंगी-नक्सलवाद से हुए दशकों के नुकसान की भरपाई हमारी सरकार अगले 5 वर्षों में करेगीरायपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन और श्री तपन डेका, निदेशक, आसूचना ब्यूरो सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज एक बहुत ऐतिहासिक दिन है। शहीद वीर गुण्डाधर की यह जन्मभूमि और कर्मभूमि अपने आप में भारत के हर नागरिक के लिए तीर्थ समान है। वर्ष 1910 में हमारे वीर आदिवासी नेता ने भूमकाल विद्रोह के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की शुरूआत की थी और विदेशी शासन के विरुद्ध बस्तर के आदिवासियों की लड़ाई का नेतृत्व शहीद वीर गुण्डाधुर ने किया था। उन्होंने कहा कि आज उन्हीं से प्रेरणा लेकर नेतानार का यह कैंप, जो वर्ष 2013 से सुरक्षा कैंप था, अब सेवा कैंप बनकर आदिवासियों की सेवा करेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस सेवा कैंप का नाम भी शहीद वीर गुण्डाधुर के नाम पर रखा है। यह कैंप हमें सदैव स्मरण कराएगा कि एक समय यहां छह पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की गई थी, यहां के स्कूल, अस्पताल उजाड़ दिए गए थे, राशन पहुंचने नहीं दिया गया, रोजगार और शिक्षा से लोगों को वंचित रखा गया। श्री शाह ने कहा कि आज उसी स्थान पर, जहां हमारे छह जवान शहीद हुए थे, वहां गरीब आदिवासियों की सेवा का एक तीर्थ स्थल बनाने का कार्य प्रारंभ हो रहा है।श्री अमित शाह ने कहा कि जब हमने नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया, उसका उद्देश्य केवल नक्सलियों का खात्मा करना नहीं बल्कि इस क्षेत्र के गरीब आदिवासियों के जीवन में वे सभी सुविधाएं पहुंचाना भी था, जो बड़े-बड़े शहरों में उपलब्ध हैं, जिससे उनके बच्चों का भविष्य भी उज्ज्वल बन सके। उन्होंने कहा कि “नियद नेल्लानार” योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार हर गांव में सस्ते राशन की दुकान खोल रही है, हर गांव में प्राथमिक विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं और गांवों के बीच में एक समूह PSC एवं CSC खोले जा रहे हैं। अब यहां हर गरीब के घर तक पीने का पानी पहुंचाने का काम हो रहा है, आधार कार्ड बन रहे हैं, राशन कार्ड बन रहे हैं। हर व्यक्ति को प्रति माह 7 किलो चावल दिया जाता है और 5 लाख रूपए तक का पूरा इलाज मुफ्त में करने की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की योजना भी अब यहां तक पहुंच चुकी है।श्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने दशकों तक गलतफहमी फैलाई कि हमारा विकास नहीं हुआ इसलिए हमने हथियार उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि इस क्षेत्र का विकास इसलिए नहीं हुआ क्योंकि नक्सलियों ने हाथों में हथियार उठा रखे थे। उन्होंने कहा कि रायपुर में विकास के जितने कार्य हुए हैं, उन्हें एक साल के भीतर हमारी सरकार आपके गांवों तक लाएगी। श्री शाह ने कहा कि सरकार की हर सुविधा पर आपका इतना ही अधिकार है जितना बड़े शहरों की जनता का है। श्री शाह ने कहा कि यह आपकी सरकार है और आपके जीवन में खुशियां लाना सरकार का उत्तरदायित्व है।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बस्तर में अभी लगभग 200 कैंप हैं और उनमें से 70 कैंप को अगले डेढ़ वर्षों में हम इसी प्रकार के जनसेवा केंद्र के रूप में परिवर्तित कर आदिवासी कल्याण का केन्द्र बनाएंगे। इन कैंपों का डिजाइन कंप्लीट होगा, जिनके अंदर बैंकिंग सुविधा भी होगी, आधार कार्ड भी बनेगा, राशन कार्ड भी बनेगा, सरकार की योजना के पैसे यहीं से मिलेंगे, कॉमन सर्विस सेंटर पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा।श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भी आह्वान किया है कि नक्सलवाद समाप्त हो गया है, ऐसा मानकर चैन की नींद नहीं सोना है। नक्सलवाद से हुए नुकसान की भरपाई हम 5 साल के अंदर कर इन सभी गांवों को ऊर्जावान आदिवासी गांवों में बदलेंगे । इसके लिए आदिवासियों के खेल को बढ़ावा देने के लिए हमने बस्तर ओलंपिक और आदिवासी साहित्य, भाषा, संगीत, कला, नृत्य और विविध पकवानों को विश्व प्रसिद्ध करने के लिए बस्तर पंडुम शुरू किया है।श्री अमित शाह ने कहा कि इसी दिन के लिए शहीद वीर गुण्डाधुर ने आजादी का आंदोलन शुरू किया होगा। उन्होंने कहा कि देशभर में तो आजादी 1947 में आ गई थी, मगर हमारे बस्तर में 31 मार्च, 2026 के बाद आजादी का सूर्योदय हुआ है। श्री शाह ने कहा कि जो देरी हुई है, उसके पूरे नुकसान की भरपाई हम बहुत जल्द करेंगे और इस क्षेत्र के लोगों के विकास के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने कहा कि विकास को रोकने से कभी विकास नहीं होता है, बल्कि जब हम विकास को गति देंगे तभी विकास का फायदा हम तक पहुंचेगा।
- -जनजातीय क्षेत्रों के विकास में साबित होगा मील का पत्थर: मंत्री श्री नेताम-18 से 25 मई तक चलेगा अभियानरायपुर / भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जनजातीय गरिमा उत्सव अंतर्गत ’जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले थीम पर आधारित अभियान का आज प्रदेश स्तर पर शुभारंभ हुआ। मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा इस अभियान का संचालन किया जा रहा है। इस अवसर पर मंत्री श्री नेताम ने कहा है जनजातीय गरिमा उत्सव प्रदेश के जनजातीय बसाहटों के शत प्रतिशत विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की वर्ष 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना में जनजातीय क्षेत्रों के विकास की अहम भूमिका है।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक मजबूत नींव पर ही एक मजबूत ईमारत खड़ी की जा सकती है, उसी प्रकार विकसित भारत की संकल्पना में शत प्रतिशत जनजातीय बसाहटों का विकास एक मजबूत नींव की भूमिका अदा करेगा। पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, आदि कमयोगी अभियान एवं सर्वेसेतु ऐप में उल्लेखनीय प्रदर्शन के कारण छत्तीसगढ़ राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी राज्य की छवि बनाई है। अतः इस अभियान के कियान्वयन में भी हमें अग्रणी रहते हुए अभियान के मूल उददेश्यों को प्राप्त करना है।आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा एवं आयुक्त श्री डी. राहुल वेकंट के नेतृत्व में अभियान की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। इस अभियान का आयोजन प्रदेश में 18 मई से 25 मई 2026 तक किया जाना है। आज प्रथम दिवस को जिला स्तर पर उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत अभियान के प्रमुख उददेश्यों को विस्तार से समझाया गया तथा आपसी समन्वय के साथ अभियान की सफलता सुनिश्चित करने का आव्हान किया गया।उल्लेखनीय है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदायों तक शासन की योजनाओं एवं सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना तथा जनसहभागिता को बढ़ावा देना है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान किया जाएगा। इसमें जमीनी संपर्क, सेवा संतृप्ति, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत निर्मित आदि सेवा केन्द्रों में जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। साथ ही जन सुनवाई में प्राप्त शिकायतों को सूचीबद्ध कर उनका समाधान करने तथा उपरोक्त जन भागीदारी अभियान अंतर्गत की गई समस्त गतिविधियों का प्रगति प्रतिवेदन तैयार कर प्रतिदिन आदि प्रसारण पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।प्रदेश में पीएम जनमन योजनांतर्गत चयनित 1544 ग्रामों, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अतर्गत चयनित 6691 ग्रामों तथा 7222 आदि सेवा केन्द्रों के माध्यम से सघन जन जागरूकता कार्यक्रम चलाकर जनजातीय हितग्राहियों को शासन की व्यक्तिमूलक योजनाओं से संतृप्त किया जाना है। साथ ही प्रत्येक आदि सेवा केन्द्र में जनसुनवाई का आयोजन भी किया जाना है। इस अभियान के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का जनजातीय ग्रामों में शत प्रतिशत सेचुरेशन करने हेतु प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं के त्वरित निराकरण के साथ-साथ विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाया जाएगा।
- -लोकभवन में मनाया गया विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवसरायपुर । लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस समारोह में हिमाचल प्रदेश, गुजरात, सिक्किम और महाराष्ट्र राज्यों का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने कहा कि विविधता में एकता भारत की सबसे बड़ी शक्ति है और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘ जैसे पहल देश के विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव, पारस्परिक सम्मान और राष्ट्रीय एकता को नई मजबूती प्रदान कर रही है।राज्यपाल ने कहा कि विकास और विरासत के साथ निरंतर आगे बढ़ रहे ये राज्य देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने महाराष्ट्र की वीरता, सामाजिक चेतना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गुजरात की उद्यमशीलता, विकास मॉडल और ऐतिहासिक योगदान, हिमाचल प्रदेश की राष्ट्र भक्ति, सेवा भावना और प्राकृतिक संपदा तथा सिक्किम की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और जैविक कृषि मॉडल की विशेष सराहना की।उन्होंने कहा कि इन राज्यों की संस्कृति, परंपराएं, ऐतिहासिक योगदान और विकास यात्रा भारत की एकता और सामर्थ्य को और अधिक सशक्त करती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन राज्यों के लोग राष्ट्र निर्माण और देश की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। समारोह में राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, लोकभवन के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा इन सभी राज्यों के प्रतिनिधियों के रूप में युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- -राज्य में वर्तमान में 3.29 करोड़ लीटर पेट्रोल तथा 7.76 करोड़ लीटर डीजल उपलब्ध-बढ़ी मांग के बीच सरकार अलर्ट, प्रदेशभर में हो रही पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्तिरायपुर / छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार ने स्थिति पूरी तरह सामान्य बताते हुए कहा है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की घबराने की आवश्यकता नहीं है। राज्य में वर्तमान में 3 करोड़ 28 लाख 68 हजार लीटर पेट्रोल तथा 7 करोड़ 75 लाख 71 हजार लीटर डीजल उपलब्ध है। खाद्य विभाग के संचालक आज सभी ऑयल कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक कर उन पेट्रोल पंपों तक जहां स्टॉक की कमी की स्थिति बन रही हो वहां प्राथमिकता में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।गौरतलब है कि राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों या भ्रम से प्रभावित होकर पैनिक बाइंग अथवा अनावश्यक भंडारण न करें। सरकार द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं ताकि उपभोक्ताओं को आवश्यकता अनुसार सुगमता से पेट्रोल और डीजल उपलब्ध हो सके।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के लिए कुल 2516 पेट्रोल पंप संचालित हैं। बीते 13 और 14 मई को अचानक मांग बढ़ने के कारण पेट्रोल की खरीद में 43 प्रतिशत तथा डीजल की खरीद में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, कृषि कार्यों के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल की मांग भी लगातार बढ़ रही है।अधिकारियों ने बताया कि बढ़ी हुई मांग को देखते हुए ऑयल कंपनियों के लखौली और मंदिरहसौद (रायपुर) तथा गोपालपुर (कोरबा) स्थित डिपो से लगातार जिलों को पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की जा रही है। स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए रविवार अवकाश के दिन भी डिपो संचालित किए गए और लगभग 370 टैंकरों के माध्यम से ईंधन की आपूर्ति विभिन्न जिलों तक पहुंचाई गई। अधिकारियों ने बताया कि ऑयल कंपनियों के सभी डिपो से प्रतिदिन दो शिफ्टों में मांग के अनुरूप ईंधन भेजा जा रहा है।
- टी सहदेव- सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मन मोहाभिलाई नगर।। तालपुरी में महिला समिति ने मां के निस्स्वार्थ प्रेम, त्याग एवं समर्पण का सम्मान करने के लिए क्लब हाउस में रविवार को मदर्स डे का आयोजन उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया। यह आयोजन मातृशक्ति की गरिमा से ओतप्रोत और हृदयस्पर्शी रहा, जिसमें भावना, संस्कृति और संगठनात्मक ऊर्जा का अनूठा सामंजस्य देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के साथ हुई। इस अवसर पर समाज में मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देते हुए 65 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की महिलाओं लता बाथरे, कृतिका साव, किरण परिहार, प्रेमा सिंह, निर्मला चंद्राकर, इंदु साहू, सीमा देबनाथ एवं बी बसवम्मा का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की गईं।सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मन मोहाइस अवसर पर जहां पारंपरिक भारतीय परिधान में महिलाओं ने भजन, नृत्य और गीत प्रस्तुत कर सभी श्रोताओं का मन मोह लिया, वहीं शरबत प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें रिंकू पात्रो ने प्रथम एवं कृतिका साव ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में कंचन सक्सेना एवं अनीता दत्ता ने जजों की भूमिका निभाई। समिति की अध्यक्ष एडवोकेट रेखा सिंह ने मातृशक्ति को सलाम करते हुए अपने संबोधन में कहा कि मां निस्स्वार्थ प्रेम, ममता, त्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति होती हैं, उनका स्थान कोई नहीं ले सकता। उनके भावनात्मक शब्दों ने सभी उपस्थित महिलाओं को भावुक एवं प्रेरित किया। इस अवसर पर एसोसिएशन की सह सचिव पायल पवार का स्वागत किया गया। साथ ही अध्यक्ष रेखा सिंह द्वारा पूर्व पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को प्रतीक चिह्न भेंट कर उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया।अगले सत्र के लिए शपथग्रहणकार्यक्रम के दौरान नवीन सत्र 2026-28 के लिए महिला समिति की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह भी संपन्न हुआ। इसमें अध्यक्ष एवं अधिवक्ता रेखा सिंह, उपाध्यक्ष मनोरमा सिंह एवं सरला श्रीवास्तव, सचिव डॉ. नीतू साहू, सहसचिव डॉ. सरोज तिवारी एवं अनीता दत्ता, कोषाध्यक्ष मोना सिंह एवं धनेश्वरी शर्मा, मीडिया प्रभारी रेखा मालवीय, सांस्कृतिक प्रभारी माला यादव एवं वकुला राव, गेम प्रभारी ममता शुक्ला एवं सुशीला सूर्यवंशी, सलाहकार आशा जानी तथा कार्यकारिणी सदस्य कृतिका साव, अनीता सिंह, श्यामली मुखर्जी, भावना मणि एवं सीमा देवांगन ने पद की शपथ ली।
- बिलासपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ खनिज विभाग का अभियान लगातार जारी है। केंद्रीय उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय जांच दल विभिन्न जिलों में खनन क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रही है और अवैध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई भी कर रहा है।खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देश पर केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त टीम मध्यरात्रि को बिलासपुर जिले में औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान पचपेड़ी तहसील अंतर्गत ग्राम उदईबंध एवं अमलडीहा क्षेत्र में शिवनाथ नदी में मशीनों के माध्यम से अवैध रेत उत्खनन किया जाना पाया गया। मौके पर तीन चैन माउंटेन मशीनें अवैध उत्खनन में संलग्न मिलीं। जांच दल को देखकर मशीन ऑपरेटर मशीनों को मौके पर छोड़कर फरार हो गए।खनिज विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत ग्राम उदईबंध में दो तथा अमलडीहा में एक चैन माउंटेन मशीन को जप्त कर सील कर दिया। साथ ही जवाब प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी कर मशीनों के मुख्य द्वार पर चस्पा किया गया।कार्रवाई के दौरान खनिज विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि शासन को राजस्व हानि पहुंचाने वाली अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
- - जन औषधि केंद्र और धनवंतरी स्टोर्स रहेंगे खुलेदुर्ग / ऑनलाईन फार्मेसी के विरोध में राष्ट्रीय संगठन ’ऑल इंडिया ऑर्गनाईजेशन ऑफ केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन’ द्वारा 20 मई 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद का आह्वान किया गया है। इस देशव्यापी बंद के अंतर्गत जिले में भी दवा दुकानें बंद रहेंगी, जिसके संबंध में ’जिला दुर्ग केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट संघ’ ने कलेक्टर कार्यालय में अग्रिम सूचना का ज्ञापन सौंप दिया है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला दुर्ग के सहायक औषधि नियंत्रक द्वारा आम नागरिकों के हित में अपील की गई है, ताकि बंद के दौरान किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।जिला प्रशासन ने नागरिकों से, विशेषकर गंभीर एवं लंबी बीमारियों (जैसे डायबिटीज, बीपी, अस्थमा, हृदय रोग, कैंसर और मिर्गी) से ग्रसित मरीजों से अपील की है कि वे अपनी रोजमर्रा की जरूरी दवाइयों और जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक पहले से ही खरीदकर सुरक्षित रख लें। आपातकालीन स्थिति निर्मित होने पर नागरिक तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल, जिला चिकित्सालय या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से संपर्क कर सकते हैं। आम जनता की सुविधा के लिए प्रशासन ने जिला चिकित्सालय, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा निजी स्तर पर संचालित सभी ’प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों’ और ’श्री धनवंतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर्स’ को 20 मई को अनिवार्य रूप से खुला रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, किसी भी तरह की परेशानी होने पर नागरिक जिला दुर्ग केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट के अध्यक्ष श्री वकार हसन कामदार (9826421919) या सचिव श्री दीपक बंसल (9827476558) से सीधे संपर्क कर सकते हैं। साथ ही, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने दवा विक्रेता संघ (केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट संघ) से भी इस बंद स्थिति को पूरी तरह शांतिपूर्ण और वैध तरीके से आयोजित करने की अपील की है। जिला प्रशासन ने संघ से आग्रह किया है कि वे मानवीय दृष्टिकोण और जनहित को ध्यान में रखते हुए आपातकाल के दौरान जीवनरक्षक दवाइयों की आपूर्ति बाधित न होने दें। बंद के दौरान स्वास्थ्य विभाग के साथ निरंतर सामंजस्य बनाए रखने तथा ’प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र’ एवं ’श्री धनवंतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर्स’ को इस बंद से पूरी तरह मुक्त रखने की अपील की गई है ताकि मरीजों को दवाइयों के लिए भटकना न पड़े।
- -शिविर के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारी पूर्ण, हितग्राहियों को किया जाएगा शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वितबालोद। राज्य शासन द्वारा जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं का उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत नगर पंचायत गुरूर एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड के गुरेदा में 19 मई 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। कार्यालय नगर पंचायत गुरूर में सभी 15 वार्डों के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री निवास पटेल (मो. 7440601501) को नोडल अधिकारी एवं उप अभियंता श्री कामता प्रसाद नागेन्द्र को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। गुरेदा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में गुरेदा, भरदाखुर्द, डंगनिया, नाहंदा, ओटेबंद, डौकीडीह, खप्परवाड़ा, सिरसिदा, परसदा डंग, देवरी (क), अर्जुनी, गोरकापार, पांगरी, सुखरी, तमोरा, कचांदुर और खर्रा के ग्रामीण शामिल होंगे। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुरेदा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के सफल आयोजन हेतु जिला मिशन समन्वयक श्री अवन कुमार जांगड़े (मो. 8319451852) को नोडल अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गुंडरदेही उमेश रात्रे और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के श्री घनश्याम सिंह सिन्हा सहायक नोडल नियुक्त किया गया है।उल्लेखनीय है कि ग्राम गुरेदा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार राजस्व पखवाड़ा शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। जिसके अंतर्गत नायब तहसीलदार श्री हेमंत पैकरा (मो. 9755003989) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह नगर पंचायत गुरूर में आयोजित राजस्व पखवाड़ा शिविर के लिए तहसीलदार श्री हनुमंत श्याम (मो. 9685561564) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- बालोद जिले में 18 से 25 मई तक आयोजित कार्यक्रम के दौरान चयनित ग्रामों में विभिन्न गतिविधियों का किया जाएगा आयोजनबालोद । जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम भैंसबोड़ में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमसया निवारण शिविर के अवसर पर जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को इस उत्सव के माध्यम से जनजातीय हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर सभी विभाग प्रमुखों को कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देने के अलावा कार्ययोजना के संबंध में उन्मुखीकरण भी किया गया।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री विजय सिंह कंवर ने बताया कि बालोद जिले में 18 से 25 मई तक आयोजित इस जनजातीय गरिमा उत्सव के दौरान धरती आबा अंतर्गत जिले के चयनित आदिवासी बहुल ग्रामों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जनजातीय गरिमा उत्सव के इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के दौरान जनजातीय समुदायों की गरिमा, विरासत, योगदान एवं उपलब्धियों का सम्मान सुनिश्चित करने के अलावा जनजातीय कार्य मंत्रालय की समग्र जनजातीय विकास और सशक्तिकरण के लिए विभिन्न उपक्रमों और योजनाओं के परिवर्तनकारी प्रभाव को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि यह उत्सव एक जनभागीदारी अभियान है जिसकी थीम ‘‘सबसे दूर, सबसे पहले’’ है। इस दौरान उन्होंने इसके अंतर्गत प्रत्येक दिवसों में आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत इसका समुचित प्रचार-प्रसार, लाभार्थी संतृप्ति, स्वास्थ्य शिविर, ट्रांसेक्ट वॉक, वृक्षारोपण सेवा केंद्र में जनसुनवाई आदि गतिविधियां शामिल है। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं राज्य एथेलेटिक संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया, जनपद अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो, जनपद उपाध्यक्ष श्री भोलाराम नेताम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री मनीष झा, जिला पंचायत सदस्य श्री मिथलेश निरोटी एवं सुश्री नीलिमा श्याम सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।




















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