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- - युक्तियुक्तकरण से बच्चों को मिला बेहतर शिक्षा का भरोसारायपुर, / छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण नीति ने दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था की नई उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया को तेज़ी से और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है। .कांकेर कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिले में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया बेहद सुचारू और निष्पक्ष तरीके से पूरी कर ली गई है। अब तक जिन स्कूलों में या तो शिक्षक नहीं थे या केवल एक शिक्षक की तैनाती थी, अब वहां विषय-विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध हो गए हैं। इससे गणित, विज्ञान और अन्य विषयों अध्ययन-अध्यापन अच्छे से हो सकेगा।शिक्षकों ने जताया भरोसा और आभारइस प्रक्रिया से शिक्षक भी बेहद संतुष्ट नज़र आ रहे हैं। शिक्षिका श्रीमती सिंधु श्रीवास्तव ने बताया कि काउंसलिंग के दौरान स्क्रीन पर रिक्त पदों की जानकारी दी गई, जिससे स्कूल चयन में कोई दिक्कत नहीं हुई। उन्होंने सरकार और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। वरिष्ठ शिक्षक श्री मनोज कुमार जैन, जो पहले माध्यमिक शाला देवडोंगर में पदस्थ थे, ने कहा कि सेवानिवृत्ति के करीब होने के बावजूद उनकी इच्छानुसार और पारदर्शी तरीके से स्कूल चयन करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से अब ग्रामीण स्कूलों में गणित, रसायन और जीवविज्ञान जैसे विषयों के विशेषज्ञ शिक्षक मिल सकेंगे, जिससे बच्चों की पढ़ाई में सुधार होगा।शिक्षक आत्माराम मंडावी ने बताया कि उन्हें उनके ही ब्लॉक के विद्यालय में युक्तियुक्तकरण के माध्यम से पदस्थ किया गया है, उन्हें यह उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब कलेक्टर, सीईओ और जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं काउंसलिंग प्रक्रिया में उपस्थित रहे, तो प्रक्रिया की विश्वसनीयता स्वतः सिद्ध हो गई।समावेशी शिक्षा की दिशा में बड़ा कदमशिक्षक वर्ग का मानना है कि इस पारदर्शी तरीके से युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी हुई है। इससे जरूरत वाली शालाओं में शिक्षकों की पदस्थापना होने से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों का सरकारी स्कूलों पर विश्वास भी मजबूत होगा। यह पहल समावेशी शिक्षा व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम है। राज्य शासन की युक्तियुक्तकरण नीति ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की नींव भी मजबूत की है। शिक्षक समुदाय ने इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन कांकेर को धन्यवाद दिया है।
- -युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में लापरवाही का मामलारायपुर / बस्तर जिले में चल रही युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरतने पर खण्ड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) जगदलपुर मानसिंह भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कमिश्नर बस्तर संभाग श्री डोमन सिंह के अनुमोदन पर प्रभारी कलेक्टर श्री प्रतीक जैन द्वारा की गई है।जारी आदेश के अनुसार, श्री भारद्वाज ने युक्तियुक्तकरण हेतु विकासखंड जगदलपुर से जिला स्तरीय समिति को कई स्तरों पर त्रुटिपूर्ण और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की। जैसे नगरनार के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कनिष्ठ शिक्षक को वरिष्ठ और वरिष्ठ शिक्षक को कनिष्ठ दिखाया गया। इसके अतिरिक्त, विवेकानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (हिन्दी माध्यम), सेजेस, जगदलपुर की संवर्ग संबंधी जानकारी में भी गलत विवरण प्रस्तुत किया गया, जहां ई संवर्ग की शाला को टी एवं ई दोनों संवर्ग में रिक्त पदों सहित दर्शाया गया।इसके अलावा वरिष्ठता निर्धारण, स्वीकृत एवं रिक्त पदों की सूचना में भी अनेक विसंगतियाँ पाई गईं। श्री भारद्वाज की यह कार्यप्रणाली न केवल राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के विपरीत है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 तथा सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील नियम 1966 का भी उल्लंघन है। इन गंभीर त्रुटियों के आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जगदलपुर नियत किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
- -नक्सल ऑपरेशन की उपलब्धियों और बस्तर के विकास की दी जानकारीनई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में माओवादी विरोधी अभियानों की अब तक की सफलताओं और बस्तर अंचल में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह उपस्थित थे।मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की नई रणनीति और केंद्र के सहयोग से नक्सल उन्मूलन अभियान को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाया गया है। विगत डेढ़ वर्ष में चलाए गए सघन अभियानों के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। 1,428 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो बीते पांच वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अवगत कराया कि 205 मुठभेड़ों में 427 माओवादी मारे गए, जिनमें संगठन के शीर्ष नेता महासचिव बसवा राजू और सेंट्रल कमेटी सदस्य सुधाकर जैसे कुख्यात माओवादी शामिल हैं। इसके साथ ही, राज्य में 64 नए फॉरवर्ड सुरक्षा कैंपों की स्थापना की गई है, जिससे सुरक्षा नेटवर्क मजबूत हुआ है।उन्होंने बताया कि इन सुरक्षा कैंपों के आसपास बसे गांवों तक अब बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुँचाई जा रही हैं। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के अंतर्गत चिन्हित 146 ग्रामों में एकीकृत रूप से 18 प्रकार की सामुदायिक सेवाएं और 25 प्रकार की शासकीय योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों का विश्वास शासन तंत्र में बढ़ा है। गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री साय द्वारा प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से माओवादी गतिविधियों पर निर्णायक नियंत्रण संभव हो रहा है और केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहायता देती रहेगी।
- -लापरवाही और अनियमितता के मामले में शासन ने की कार्रवाईरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन ने शासकीय कार्य में अनियमितता, तय दर से अधिक मूल्य पर मदिरा विक्रय, स्टॉक में गंभीर कमी और बिक्री राशि में लाखों रुपये की गड़बड़ी के मद्देनज़र महासमुंद जिले के प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी श्री निधीश कुमार कोष्टी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत की गई है। निलंबन अवधि में श्री कोष्टी का मुख्यालय आबकारी आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में निर्धारित किया गया है।गौरतलब है कि 29 मई 2025 को आबकारी विभाग मुख्यालय रायपुर के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा महासमुंद जिले के घोड़ारी स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण से पूर्व एक छद्म ग्राहक को 500-500 रूपए की कुल 4 नोट यानि कुल 2000 रूपए देकर मदिरा खरीदने भेजा गया। निर्धारित मूल्य 1760 रूपए के स्थान पर विक्रयकर्ता द्वारा 2000 रूपए में मदिरा बेचा गया। पूछताछ में विक्रयकर्ता ने अधिक मूल्य पर विक्रय की बात स्वीकार की। स्टॉक के भौतिक सत्यापन में 1886 नग देशी मदिरा मसाला की कमी और एक लाख 88 हजार रूपए की आर्थिक गड़बड़ी पाई गई। वहीं, बिक्री राशि की तुलना में नगदी में 3 लाख 8 हजार रूपए और विदेशी मदिरा में एक लाख 99 हजार रूपए की कमी पकड़ में आई। इस प्रकार कुल 6 लाख 96 हजार रूपए की वित्तीय अनियमितता का मामला पकड़ में आया। उपरोक्त अनियमितताओं को देखते हुए राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के तहत प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी महासमुंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की कार्रवाई की गई है।आबकारी आयुक्त ने बताया कि इससे पूर्व में 3 मई 2025 को राज्य स्तरीय उड़नदस्ता द्वारा बागबहरा (महासमुंद) में उड़ीसा निर्मित और केवल उड़ीसा में वैध 351.17 बल्क लीटर अवैध मदिरा जब्त की गई थी, जिसमें तीन प्रकरण दर्ज हुए और फरार आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धाराओं 34(2) और 59(क) के तहत कार्यवाही की गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है, प्रदेश में शासकीय जिम्मेदारियों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महासमुंद में की गई यह कार्रवाई, सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है।
- -स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की तरफ से आवश्यक जांच कराने, समय पर सैंपल परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश-सामान्य लक्षणों के चलते मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहींरायपुर । छत्तीसगढ़ में वर्तमान में कोविड-19 के जो भी मामले सामने आए हैं, उनमें अधिकतर मरीजों में सामान्य इंफ्लूएंजा जैसे लक्षण ही देखे जा रहे हैं, जैसे हल्का बुखार, सर्दी-खांसी या गले में खराश। विशेषज्ञों के अनुसार, इन लक्षणों के चलते अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी है और मरीजों की स्थिति स्थिर बनी हुई है। अब तक राज्य में कुल 1183 लोगों की जांच की गई है, जिनमें से 50 व्यक्तियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि सभी संक्रमितों में सिर्फ सामान्य सर्दी-खांसी जैसे हल्के लक्षण पाए गए हैं और केवल गंभीर लक्षण वाले व्यक्तियांे को चिकित्सालय में उपचार हेतु संदर्भित करने के लिए निर्देश दिये गये है।सतर्कता के साथ संपर्क जांच और निगरानी का कार्य जारीआयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए हैं। जिन व्यक्तियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर जांच की जा रही है। साथ ही, उनके निवास क्षेत्रों में स्वास्थ्य दल भेजकर सर्वेक्षण किया गया है। यदि किसी में लक्षण पाए जा रहे हैं तो उसकी जांच कराई जा रही है, और गंभीर लक्षण होने की स्थिति में उपचार के लिए अस्पताल भेजा जा रहा है।राज्य भर में मॉक ड्रिल, सभी अस्पताल तैयार5 जून 2025 को पूरे राज्य के अस्पतालों में कोविड-19 की रोकथाम एवं उपचार की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान सभी जिलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और संक्रमण से निपटने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की तरफ से निर्देश दिए गए हैं कि राज्य के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, सिविल सर्जनों और मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल कोविड-19 के संदिग्ध मामलों की निगरानी करें, आवश्यक जांच कराएं, और समय पर सैंपल परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करें।घबराएं नहीं, सतर्क रहें: विशेषज्ञों की सलाहभारत सरकार के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में कोविड-19 के लक्षण सामान्य फ्लू की तरह ही हैं, जिससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार ने मौसमी बीमारियों और कोविड-19 दोनों से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी में हल्के सर्दी-जुकाम, बुखार या गले में खराश जैसे लक्षण दिखें, तो वह निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे सजग रहें, लेकिन भयभीत न हों।राज्य सरकार ने भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार कोविड-19 एवं मौसमी बीमारियों के संभावित मरीजों के उपचार की संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की है। अस्पतालों में दवाएं, परीक्षण सुविधा एवं चिकित्सकीय संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
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टी सहदेव
भिलाई नगर। विश्व पर्यावरण दिवस पर तालपुरी बी ब्लॉक के नॉर्थ जोन गार्डन में सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था संपूर्णा महिला क्लब ने एक पेड़ मां के नाम पर वृक्षारोपण किया। गार्डन में विभिन्न प्रकार के फलदार और फूलदार लगाए गए, जिनमें पीपल, बरगद, पारिजात,आम, नीम, बेल, करंज, कान्हेर, अमलतास तथा जामुन के पौधे शामिल हैं । क्लब की अध्यक्ष रेणू श्रीखंडे के नेतृत्व में रोपे गए इन पौधों की नियमित देखभाल, सुरक्षा और संवर्धन की महिलाओं ने शपथ भी ली।इस अवसर पर लेखिका सरस्वती धानेश्वर ने गार्डन में मौजूद सभी महिलाओं को अपने काव्य संग्रह 'लम्हों का आईना' की एक-एक प्रति भेंट की। वहीं संपूर्णा क्लब ने लेखिका धानेश्वर और योग शिक्षिका कुमुद बावनकर का पौधे देकर सम्मान किया। वृक्षारोपण में सचिव शोभा यादव, कोषाध्यक्ष रागिनी अग्रवाल, पुनीता कौशल, मनीषा शुक्ला, अनीता दत्ता, मनीषा हाडगे, कृतिका साव, गायत्री, रितु विश्वकर्मा, अनीता शास्त्री, स्मिता जैन, सुलेखा जैन, निशा सिंह, रश्मि शुक्ला और सरला ने हिस्सा लिया। -
बालोद/जिले के ग्राम झलमला स्थित समाज कल्याण विभाग परिसर में आज पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें ’एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ अभियान के अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री अजय गेडाम, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों ने पौध रोपण किया। इस अवसर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अधिक से अधिक पौध रोपण करने तथा रोपे गए पौधे की सुरक्षा हेतु समुचित उपाय सुनिश्चित करने को कहा।
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बालोद/जिले मंे राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना अंतर्गत सहायक जिला समन्वयक पद की भर्ती हेतु प्रारंभिक पात्र-अपात्र सूची जारी की गई है। जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना अंतर्गत जिले में स्वीकृत सहायक जिला समन्वयक (संविदा) पद की भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे। चयन समिति द्वारा जांच उपरांत पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की प्रारंभिक सूची दावा आपत्ति हेतु प्रकाशन की गई है। जिसका अलवोकन जिले के वेबसाई बालोद डाॅट जीओवी डाॅट इन पर अवलोकन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि उक्त संबंध में अभ्यर्थियों से 20 जून 2025 को शाम 05.30 बजे तक दावा आपत्ति आमंत्रित की गई है। उन्होंने बताया कि निर्धारित समयावधि पश्चात् प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किये जाएंगे।
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समीक्षा बैठक लेकर राजस्व अधिकारियों को दिए निर्देश
बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि राजस्व संबंधी कार्य आम जनता से सीधे जुड़े होने के कारण राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करना शासन के विशेष प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने शासन के मंशानुरूप जिले में राजस्व संबंधी सभी प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देेश राजस्व अधिकारियों को दिए है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष मे राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री नूतन कंवर एवं श्री अजय किशोर लकरा सहित जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सीमांकन, बंटवारा, खाता विभाजन आदि सभी राजस्व प्रकरणों के आॅनलाईन निराकरण के कार्य की समीक्षा करते हुए सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में उन्होंने डिजिटल क्राॅफ्ट सर्वे कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने डिजिटल क्राॅफ्ट सर्वे कार्य के लिए नोडल अधिकारियों के अलावा मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति कर इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने जियो रिफ्रेंसिंग, भूमि अधिग्रहण संबंधी कार्य के अलावा राजस्व अभिलेख अद्यतीकरण, नक्शा बटांकन, डिजिटिल सिग्नेचर के कार्य आदि की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अविवादित, विवादित प्रकरणों की आॅनलाईन निराकरण, सीमांकन प्रकरणों में लंबित आॅनलाईन जानकारी तथा अपील प्रकरणों की आॅनलाईन जानकारी की भी समीक्षा की। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को इन सभी प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने भूअर्जन प्रकरण तथा मुआवजा विवरण की जानकारी एवं सेवा शुल्क के अलावा ई-कोर्ट में दर्ज लंबित प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की भी समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने ई-नामांतरण पंजी की संख्यात्मक जानकारी, पंचायत वसूली प्रकरणों में वसूली, भू-राजस्व वसूली के अलावा आरबीसी 6-4 के अंतर्गत स्वीकृति प्रकरण एवं मुआवजा वितरण के संबंध में भी जानकारी ली। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी राजस्व अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने तथा आम जनता के साथ मधुर एवं स्नेहिल व्यवहार रखते हुए राजस्व संबंधी समस्याओं का निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। - -युक्तियुक्तकरण से मिले चार नए शिक्षक-शिक्षकों की पदस्थापना की खबर पाकर खुश हैं गांव के बच्चे-बच्चों के चेहरे पर दिखने लगी पढ़ाई की ललकरायपुर, / कभी शिक्षक की कमी से जूझ रहा बालोद ज़िले का छोटा-सा गांव तरौद में शिक्षा की एक नई उम्मीद जगी है। जहां पहले सिर्फ एक ही शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा था, अब यहां चार विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति की खबर से गांव में उत्साह का माहौल है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल ने बच्चों, अभिभावकों और पूरे गांव में शिक्षा को लेकर एक नई ऊर्जा भर दी है।लगभग 60 विद्यार्थियों वाला यह शासकीय हाईस्कूल बीते दो वर्षों से शिक्षकों की कमी से जूझ रहा था। पढ़ाई बाधित होती थी, एक शिक्षक से सभी विषयों की जिम्मेदारी निभा पाना नामुमकिन था। बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही थी। लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युक्तियुक्तकरण की पहल ने इस अंधेरे को आशा की किरण दिखाई है।युक्ति युक्तकरण वास्तव में शिक्षकों और संसाधनों के असमान वितरण को दूर करने की एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया है, जिसमें जरूरतमंद स्कूलों में योग्य शिक्षकों की तैनाती की जाती है। इसी योजना के तहत अब तरौद के हाईस्कूल में चार नए शिक्षक पदस्थ किए गए हैं, जो अलग-अलग विषयों के हैं। इससे अब हर विषय की पढ़ाई नियमित और गुणवत्ता पूर्ण हो सकेगी।गांव के सरपंच श्री धर्मेंद्र कुमार रामटेके की बातों से ग्रामीणों की भावनाएं झलकती हैं। पहले स्कूल में पढ़ाई की स्थिति अच्छी नहीं थी। जनभागीदारी समिति कई बार गांव के युवाओं को बुलाकर बच्चों के अध्ययन अध्यापन की व्यवस्था करती थी। शासन ने अब हमारे गांव के स्कूल को चार नए शिक्षक देकर बच्चों के अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था कर दी है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आभारी हैं। श्रीमती महेश्वरी ठाकुर, स्कूल की जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष कहती हैं कि शिक्षा बच्चों का अधिकार है, और शासन ने यह अधिकार लौटाया है। अब हमें चिंता नहीं करनी पड़ेगी कि हमारे बच्चों को कौन पढ़ाएगा।स्कूल में शिक्षकों की पदस्थापना की खबर पाकर गांव के बच्चे भी बेहद खुश हैं। पढ़ाई को लेकर उनमें ललक और उत्साह दिखाई देने लगा है। बच्चों को हर विषय में अलग-अलग शिक्षक मिलना किसी सौगात से कम नहीं है। अब वह अच्छी पढ़ाई लिखाई करके डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक या अधिकारी बनने के सपने देखने लगे हैं।तरौद अब केवल एक गांव नहीं रहा, बल्कि छत्तीसगढ़ के शिक्षा सुधारों का उदाहरण बन गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युक्तियुक्तकरण की यह पहल पूरे जिले के स्कूलों में चल रही है। शासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि हर स्कूल में शिक्षक हों, और हर बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। शिक्षा की रोशनी जब दूर-दराज के गांवों तक पहुंचती है, तो उसका असर सिर्फ किताबों तक नहीं रहता। वह पूरे समाज को एक नई दिशा देती है। ग्राम तरौद का यह बदलाव इसी सकारात्मक सोच और योजनाबद्ध प्रयास का नतीजा है। छत्तीसगढ़ में शिक्षा की यह नई सुबह, निश्चित ही पूरे प्रदेश को प्रगति की ओर ले जाएगी।
- महासमुंद, / विश्व पर्यावरण दिवस 2025 के उपलक्ष्य में महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम गुडरूडीह में पौधरोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में ’’कृषि विज्ञान केंद्र महासमुंद’’ तथा ’’वन विभाग महासमुंद’’ एवं ’’रिलायंस फाउंडेशन’’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में ’’लगभग 125 महिलाएं, 45 पुरुष किसान एवं 25 बच्चे’’ उत्साहपूर्वक शामिल हुए। वन विभाग महासमुंद द्वारा इस कार्यक्रम के लिए 188 पौधे निःशुल्क प्रदान किए गए, जिनका रोपण सभी प्रतिभागियों द्वारा किया गया।कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र महासमुंद के प्रमुख और वरिष्ठ वैज्ञानिक ’’डॉ. सतीश कुमार वर्मा’’ ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम सभी को अपनी ’माँ’ को स्मरण करते हुए एक ’वृक्ष’ लगाना चाहिए और अपने गांव तथा जिले को ’प्लास्टिक मुक्त’ बनाने का संकल्प लेना चाहिए।डॉ. वर्मा द्वारा ग्रामीणों को ’’सीड बॉल निर्माण’’, ’’फलदार पौधों की वैज्ञानिक पद्धति से रोपण’’, ’’किचन गार्डन’’ के लाभों सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर ’’प्रशिक्षण’’ (प्रदर्शन) प्रदान किया गया। इनमें जल संरक्षण एवं प्रबंधन, कचरा प्रबंधन एवं पुनर्चक्रण, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, जलवायु परिवर्तन एवं अनुकूलन रणनीति,’ सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा, पारंपरिक पारिस्थितिकी ज्ञान, प्लास्टिक प्रदूषण उन्मूलन शामिल है।कार्यक्रम में ग्राम के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने भी अपने अनुभव साझा किए। इनमें ’’रमाकांत ध्रुव, परमेश्वर ध्रुव, हीरालाल ध्रुव, सावित्र ध्रुव, बुढ़िया ध्रुव, नारायण पटेल, तुलाराम ध्रुव, सावित्री ध्रुव, ललिता ध्रुव और सुशीला ध्रुव’’ शामिल रहे। ’’कार्यक्रम का संचालन’’ रिलायंस फाउंडेशन के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री संतोष कुमार सिंह ने किया।
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- 7 जून को कमरौद, बोडराबांधा, पथरला, बम्हनी, बाराडोली एवं चनाट में शिविर आयोजित
महासमुंद, / विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम सुखीपाली में शिविर का आयोजन किया गया। यह अभियान 12 जून तक संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से अवगत कराना है।शिविर में ग्राम सुखीपाली, चिखली एवं डुमरपाली के सरपंच, पंचगण, सहकारी समिति सुखीपाली के अध्यक्ष, उप संचालक कृषि श्री एफ. आर. कश्यप, कृषि विज्ञान केंद्र महासमुंद के डॉ. कुणाल चंद्राकर, डॉ. श्रीधर तथा कृषि महाविद्यालय के डॉ. प्रफ्फुल और बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।इस दौरान शिविर में किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई एवं मशरूम उत्पादन, लाइट ट्रैप, फेरोमोन ट्रैप जैसे जैविक कीट नियंत्रण के उपायों से अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त खेत की तैयारी से लेकर फसल कटाई तक की सम्पूर्ण कृषि क्रियाओं की वैज्ञानिक विधियों की विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर उपसंचालक कृषि श्री कश्यप द्वारा किसानों की समस्याएं सुनी गईं एवं समाधान हेतु सुझाव दिए गए। उन्होंने किसानों से फीडबैक भी प्राप्त किया, जिससे आगामी योजनाओं को किसानों की आवश्यकता अनुसार बेहतर ढंग से तैयार किया जा सके।शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधिगण एवं उन्नत किसानों ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव और अनुभव साझा किए। जिससे स्थानीय किसानों को अपने जैसे साथियों से प्रेरणा मिली। इस अभियान के माध्यम से जिले के किसानों को कृषि क्षेत्र में नवाचार और स्थायी विकास के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कृषि उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ किसानों की आय में भी सुधार हो सके।उल्लेखनीय है कि “विकसित कृषि संकल्प अभियान“ अंतर्गत शनिवार 07 जून को बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत कमरौद, बोडराबांधा, पिथौरा अंतर्गत ग्राम पथरला, बम्हनी एवं बसना अंतर्गत ग्राम बाराडोली व चनाट में शिविर का आयोजन किया जाएगा। आगामी शिविर 09 जून को बागबाहरा के ग्राम पंचायत कोमा, दाबपाली, पिथौरा के पेन्ड्रावन, सलडीह व बसना अंतर्गत बड़ेसाजापाली में आयोजित किया जाएगा। - -प्रेस वार्ता में शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के संबंध में कलेक्टर ने दी जानकारीमरवाही । शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के लिए राज्य सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ जीपीएम जिले में शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। युक्तियुक्तकरण के बाद गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में कोई भी शाला शिक्षक विहीन या एकल शिक्षकीय नहीं है। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में युक्तियुक्तकरण की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शिक्षकों और शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया है। नगरीय इलाकों में छात्रों की तुलना में अधिक शिक्षक पदस्थ थे, जबकि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की शालाओं में स्थिति इसके विपरीत थे। वहां शिक्षकों की कमी थी, जिसके चलते शैक्षिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थी और छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम भी प्रभावित हो रहा था। इस स्थिति को सुधारने के उद्देश्य ही प्रदेश सरकार द्वारा युक्तियुक्तकरण का कदम उठाया गया है। इससे जिन शालाओं में शिक्षक की जरूरत है, वहां शिक्षक उपलब्ध होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में गणित, रसायन, भौतिकी और जीव विज्ञान जैसे विषयों के विषय-विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे। बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कुल मिलाकर युक्तियुक्तकरण के माध्यम से छात्र-शिक्षक अनुपात स्कूलों में संतुलित हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है।कलेक्टर ने कहा कि हमारे जिले में 4 प्राथमिक शालाएं शिक्षक विहीन एवं 130 शालाएं एकल शिक्षकीय थे। राज्य में 48 पूर्व माध्यमिक शालाएं शिक्षकविहीन और 255 एकल शिक्षकीय हैं। हमारे जिले में कोई भी पूर्व माध्यमिक शाला शिक्षक विहीन नहीं था किन्तु 10 एकल शिक्षकीय शालाएं थी। हमारे जिले में प्राथमिक स्कूलों में 174 शिक्षक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 163 शिक्षकों की आवश्यकता थी। हमारे जिले में प्राथमिक शालाओं में 135 एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में 43 शिक्षक ही अतिशेष थे। युक्तियुक्तकरण से शिक्षक विहीन विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता के साथ ही एक ही परिसर में विद्यालय होने से आधारभूत संरचना मजबूत होगी और स्थापना व्यय में भी कमी आएगी। यह युक्तियुक्तकरण कोई कटौती नहीं, बल्कि गुणवत्ता और समानता की दिशा में बड़ा कदम है।कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित न हो। पूरे राज्य में मात्र 241 स्कूलों का समायोजन किया जा रहा है। हमारे जिले में 13 शालाओं का समायोजन किया गया है। राज्य के कुल 10 हजार 538 स्कूलों में से 10 हजार 297 स्कूल यथावत संचालित रहेंगे, जबकि हमारे जिले में 844 स्कूलों में से 831 स्कूल यथावत संचालित होंगे। अतिशेष शिक्षकों का पुनः समायोजन कर एकल शिक्षकीय और शिक्षक विहीन विद्यालयों में पदस्थापना की गई है। इसके पश्चात हमारे जिले में कोई भी शाला शिक्षक विहीन या एकल शिक्षकीय नहीं है। युक्तियुक्तकरण से बच्चों के ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी और अच्छी बिल्डिंग, लैब, लाईब्रेरी जैसी सुविधाएं एक ही जगह देना आसान होगा।युक्तियुक्तकरण से होने वाले फायदे के कुछ उदाहरण इस तरह है-माध्यमिक शाला मनौरा में 63 दर्ज संख्या में 6 शिक्षक थे जबकि माध्यमिक शाला बगरार में 70 दर्ज संख्या में 1 ही शिक्षिका थी, युक्तियुक्तकरण के पश्चात बगरार में भी 03 शिक्षक हो गये हैं। हाई स्कूल धोबहर में दो कक्षाओं (9वी एवं 10वी) के 68 बच्चों के लिए अंग्रेजी के 3 व्याख्याता कार्यरत थे जबकि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जोगीसार में कक्षा 9वी से 12वी तक के 168 बच्चों के लिए अंग्रेजी के कोई भी व्याख्याता नहीं थे। युक्तियुक्तकरण पश्चात जोगीसार में अंग्रेजी के व्याख्याता को पदस्थ किया गया है। कस्तुरबा गाँधी आवासीय विद्यालय कुम्हारी में सिर्फ 1 शिक्षिका थी अब युक्तियुक्तकरण पश्चात वहां 3 शिक्षिकाएं हो गई है। प्राथमिक शाला ठेंगाड़ाड एवं प्राथमिक शाला औराढोढी विकासखण्ड गौरेला में क्रमशः 32 एवं 35 छात्र-छात्राओं के लिए 4-4 शिक्षक पदस्थ थे जबकि प्राथमिक शाला नेवरी में 78 छात्र-छात्राओं के लिए कोई भी शिक्षक कार्यरत नहीं थे। इसी तरह प्राथमिक शाला तरईगाँव में 88 छात्र-छात्राओं के लिए सिर्फ 1 शिक्षक कार्यरत थे। युक्तियुक्तकरण पश्चात प्राथमिक शाला नेवरी में 2 शिक्षक एवं प्राथमिक शाला तरईगाँव में 3 शिक्षक पदस्थ हो गये हैं।
- -इच्छुक आवेदक 16 जून तक करा सकते हैं पंजीयनकांकेर। भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए कम्प्यूटर आधारित लिखित परीक्षा की तैयारी हेतु जिले के पंजीकृत आवेदकों के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र कोड़ेजुंगा कांकेर में निःशुल्क कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि जिले के इच्छुक आवेदक जिन्होंने उक्त भर्ती के लिए आवेदन पत्र जमा किया है। वे 16 जून तक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र कांकेर में कार्यालयीन समय में उपस्थित होकर अपना पंजीयन करा सकते हैं,
- रायपुर /छत्तीसगढ़ शासन, गृह (पुलिस) विभाग द्वार जारी आदेश के तहत राज्य शासन की विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार कुल 59 निरीक्षक, कंपनी कमांडर, प्लाटून कमांडर, रेडियो निरीक्षक, उप निरीक्षक एवं वरिष्ठ रिपोर्टर संवर्ग के अधिकारियों को उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) तथा समकक्ष पदों पर पदोन्नत किया गया है। पदोन्नत अधिकारियों में विभिन्न संवर्गों के अधिकारी शामिल हैं।उप पुलिस अधीक्षक के पद पर 46 अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है, जिनमें श्री सुरेश कुमार भगत, श्री ओम प्रकाश कुजूर, श्री तुल सिंह पटटावी, श्री नोहरलाल मण्डावी, श्री यशकरण द्वीप ध्रुव, सुश्री शशिकला (मरकाम) उईके, श्री सुशील मलिक, श्री कमलेश्वर कुमार भगत, श्री कुंज बिहारी नागे, श्री बृजेश कुमार तिवारी, श्री रमाकान्त साहू, श्री चंद्रशेखर ध्रुव, श्री एम्ब्रोस कुजूर, श्री इन्द्रभूषण सिंह, श्री विपिन रंगारी, श्री चुन्नू तिग्गा, श्री हरिबिंदर सिंह, श्रीमती रीना नीलम कुजूर, श्री क्रिसेंसिया तिर्की, सुश्री लता चौरे , श्री प्रमोद कुमार किस्पोट्टा, श्री गोपाल सिंह ध्रुवे, श्रीमती गंगा ध्रुवे, श्रीमती सत्यपा तारम (भुआर्य), श्रीमती मीना चौधरी, श्रीमती स्वाती मिश्रा, श्रीमती कुमारी चंद्राकर, सुश्री मंजूलता राठौर, श्रीमती श्रुति चक्रवर्ती, सुश्री संतोषी ग्रेस, श्रीमती आशा (लकड़ा) तिर्की, श्रीमती बैजंतीमाला तिग्गा, सुश्री किरण गुप्ता, श्रीमती रोशनी वासनिक (कुजूर), श्रीमती उषा सौंधिया, श्री विवेक शर्मा, श्री नरेश कुमार पटेल, श्रीमती नवी मोनिका शर्मा (पाण्डेय), श्रीमती माया शर्मा, श्रीमती ममता शर्मा (अली), श्रीमती सत्यकला रामटेके, सुश्री योगिताबाली खापर्डे, श्रीमती प्रमिला मण्डावी, श्रीमती कविता ध्रुवे, श्रीमती भारती मरकाम (शोरी) और श्री लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल शामिल हैं।इसके अतिरिक्त, सहायक सेनानी के पद पर 7 अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है, जिनमें श्री रुस्तम सारंग, श्री नरेश कुमार नेहरु, श्री टेलेस्फोर मिंज, श्री याद राम बघेल, श्री विकास कुजूर, श्री मनोज कुमार गुप्त और श्री नीलककिशोर अवस्थी के नाम सम्मिलित हैं।उप पुलिस अधीक्षक (अंगुल चिन्ह)संवर्ग में 3 अधिकारियों को पदोन्नति मिली है, जिनमें श्री अजय कुमार साहू, श्री राकेश कुमार नरवरे और श्रीमती विद्या जौहर शामिल हैं।उप पुलिस अधीक्षक (रक्षित) के पद पर श्रीमती सीमा अहिरवार (भास्कर) को पदोन्नत किया गया है।उप पुलिस अधीक्षक (विशेष शाखा)के पद पर श्री अनिल कुमार कश्यप को पदोन्नति दी गई है ।वहीं, उप पुलिस अधीक्षक एम (वरिष्ठ रिपोर्टर) के पद पर श्री संजय कुमार शुक्ला को पदोन्नत किया गया है ।
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होटलों में मांस - मटन विक्रय करने पर सम्बंधित व्यक्ति पर कार्यवाही होंगी
रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर सम्पूर्ण नगर पालिक निगम रायपुर के परिक्षेत्र में कबीर जयन्ती दिनांक 11 जून 2025 को मांस - मटन का विक्रय पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। इस सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेश के परिपालन में रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर तृप्ति पाणीग्रही ने कबीर जयन्ती दिनांक 11 जून 2025 को रायपुर नगर पालिक निगम के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में स्थित पशुवध गृह एवं समस्त मांस - मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखे जाने का आदेश जारी किया है। कबीर जयन्ती दिनांक 11'जून 2025 को किसी भी दुकान में मांस - मटन विक्रय करते पाये जाने पर मांस - मटन जप्त करने की कार्यवाही की जायेगी और सम्बंधित व्यक्ति के विरूद्ध यथोचित कार्यवाही भी की जायेगी। कबीर जयन्ती दिनांक 11 जून 2025 को नगर पालिक निगम रायपुर के जोन स्वास्थ्य अधिकारीगण, जोन स्वच्छता निरीक्षकगण मांस- मटन के विक्रय पर प्रतिबन्ध के आदेश का व्यवहारिक पालन सुनिश्चित करवाएंगे और इस हेतु अपने - अपने सम्बंधित जोन क्षेत्रों के मांस - मटन की दुकानों का सतत निरन्तर पर्यवेक्षण करेंगे और महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर प्रतिबंध आदेश का व्यवहारिक पालन करवाने होटलों में उक्त पावन पर्व दिवस पर मांस- मटन विक्रय करने पर जप्ती की कार्यवाही कर सम्बंधित व्यक्ति के विरूद्ध यथोचित कार्यवाही की जाएगी। -
रायपुर/नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने रायपुर नगर निगम में छुईया तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए दो करोड़ 96 लाख 28 हजार रुपए मंजूर किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग द्वारा अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत यह राशि स्वीकृत की गई है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सौंदर्यीकरण कार्य में गुणवत्ता एवं निर्धारित मापदंड सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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रायपुर । लखौली और आरंग शराब भट्ठी से कोचिये बिंदास शराब ढो रहे हैं । ये दोनों शराब भट्ठी आरंग थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। इन दोनों भट्ठियों से शराब न केवल आरंग थाना क्षेत्र के ग्रामों में वरन् भानसोज शराब भट्ठी विरोधी सफल आंदोलन से जुड़े मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के ग्रामों तक भी पहुंच रहा है । आबकारी व थाना अमला इसे अनदेखा किये बैठे हैं और इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है । क्षेत्रीय ग्रामीणों से मिल रही जानकारी व पुष्टि के बाद शराब विरोधी मुहिम से जुड़े किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने बीते कल गुरुवार को आरंग थाना प्रभारी राजेश सिंह को ज्ञापन सौंप इस इसकी वजह से ग्रामों में अशांति व्याप्त हो कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने की जानकारी देते हुये कानून व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होने की ओर ध्यानाकृष्ट कराते हुये इस पर मुहाने पर ही रोक लगाने का दायित्व निबाहने का आग्रह किया है । ज्ञातव्य हो कि बीते दिनों आयोजित समाधान शिविरों में जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने आवेदन दे अवैध शराब , गांजा व नशीली गोलियों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की थी व श्री शर्मा ने जिलाधीश व पुलिस अधीक्षक सहित सहायक आयुक्त आबकारी रामकृष्ण मिश्रा को भी ज्ञापन सौंप इस ओर ध्यानाकृष्ट कराया था पर अभी तक कोई प्रभावी कार्यवाही न होने की जानकारी मिली है ।
ज्ञापन में जानकारी दी गई है कि आरंग थाना क्षेत्र के ग्रामों सहित भानसोज शराब भट्ठी विरोधी सफल आंदोलन से जुड़े मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के लगभग 30- 35 ग्रामों में इन भट्ठियों की शराब बिंदास पहुंच रहा है जिसकी वजह से शाम ढले ग्रामों का माहौल सभ्य नागरिकों , महिलाओं व नौनिहालों का घर से बाहर निकलने लायक नहीं रहता । कोचियों द्वारा अपने सहयोगियों के साथ दिन में कई बार भट्ठियों का चक्कर काट शराब का जखीरा ला ग्रामों में बेचने से लगभग सभी ग्रामों में अघोषित भट्ठी का माहौल रोजाना बने रहने की जानकारी देते हुये बतलाया गया है कि इनके गतिविधियों को अनदेखा करने से ये बेखौफ हो ग्रामों में कानून व्यवस्था की स्थिति खड़ा कर रहे हैं । भट्ठी स्थल पर ही इन पर ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही का आग्रह किया गया है ।इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का भी शीघ्र ही ध्यानाकर्षण कराये जाने की जानकारी श्री शर्मा ने दी है । - एमसीबी/ जिला पंचायत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी भरतपुर द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के घरों पर 6,300 पौधे लगाए गए, साथ ही जिले के अमृत सरोवर में 300 पौधों का रोपण किया गया।बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियानजिला प्रशासन ने 5 से 15 जून तक 15,000 प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम जन मन के लाभार्थियों के घरों पर वृक्षारोपण करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, मनरेगा योजना के तहत निर्मित 25 अमृत सरोवर’’ के किनारे 2,500 पौधे लगाए जाएंगे।शिक्षण संस्थानों और सरकारी परिसरों में हरियालीइस अभियान के तहत सभी विद्यालयों, छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों और शासकीय भवनों में फलदार व औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही, महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत 11 हेक्टेयर भूमि पर 5,000 पौधे रोपित किए जाएंगे।सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावाजिले के सभी विकासखंडों में CLF (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) को एजेंसी बनाकर 5-5 एकड़ भूमि पर 1,000-1,000 फलदार पौधे लगाने की तैयारी की गई है। यह कार्य बारिश के मौसम को ध्यान में रखकर पूरा किया जाएगा। जिला प्रशासन का यह प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका में भी सुधार करेगा। इस अभियान में जनभागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
- अम्बिकापुर ।आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावास-आश्रमों में निवासरत अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राओं हेतु ‘‘स्वस्थ तन स्वस्थ मन‘‘ (स्वास्थ्य सुरक्षा) योजना 2007 के क्रियान्वयन हेतु जिन स्थानों पर जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंन्द्र तथा प्राथमिक चिकित्सा केंन्द्र स्थापित नहीं है। ऐसे स्थानों में स्थापित छात्रावास-आश्रमों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण, स्वास्थ्य सलाह एवं स्वास्थ्य सुझाव माह में कम से कम दो बार एक या एक से अधिक किये जाने हेतु वर्ष 2025-26 में निर्धारित मानदेय पर एम.बी.बी.एस. एवं बी.ए.एम.एस. या बी.एच.एम.एस. निजी चिकित्सकों से अपने लैटर पैड पर अभिलेखों सहित आवेदन 16 जून 2025 तक कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, अम्बिकापुर में आमंत्रित गये हैं।इसमें सरगुजा जिले के चिकित्सकों को प्राथमिकता दी जाएगी, अनुबंधित चिकित्सकों को 50 सीटर छात्रावास-आश्रम हेतु 750 रुपये एवं 100 सीटर छात्रावास-आश्रम के लिए 1200 रुपये प्रति भ्रमण मानदेय शासन द्वारा देय है।
- कांकेर । वित्तीय समावेशन क्रियान्वयन हेतु कांकेर जिले के सभी बैंक मित्र एवं बैंक सखी की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सीएससी ई गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड की ओर से जिला कार्यालय के सभाकक्ष में किया गया। जिले में सर्वाधिक कमीशन राशि प्राप्त करने वाले 5 बैंक मित्र और बैंक सखी को सीएससी एफआई डिपार्टमेंट द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक क्षेत्रीय कार्यालय धमतरी द्वारा बैंक सखी को माइक्रो एटीएम भी प्रदान की गई। कार्यशाला में अग्रणीय जिला प्रबधंक श्री जी.एस. राणा एलडीएम कांकेर, एफआई मैनेजर श्री अभिषेक धमतरी, एफ आई मैनेजर सीएससी श्री रविकांत साहू, ईडीएम श्री घनश्याम साहू उपस्थित थे।
- - कांकेर जिले के लगभग 10,067 परीक्षार्थी होंगे शामिलकांकेर ।छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा सहायक विकास विस्तार अधिकारी (एडीईओ-25) भर्ती परीक्षा का आयोजन 15 जून रविवार को पूर्वान्ह 10 से 12.15 बजे तक आयोजित की जाएगी, जिसमें जिले के लगभग 10067 परीक्षार्थी शामिल होंगे। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर सुश्री आस्था बोरकर को नोडल अधिकारी एवं सहायक संचालक शिक्षा श्री लक्ष्मण कावड़े को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। उक्त परीक्षा हेतु जिले में 41 परीक्षा केन्द्र बनाया गया है।
- -मिलेगा पौष्टिक आहार, स्वास्थ्य सुधार की दिशा में सराहनीय पहलरायपुर ।राज्यपाल रमेन डेका ने मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी जिले के 10 टीबी मरीजों के लिए एक सराहनीय कदम उठाते हुए उन्हें पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने हेतु 60 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह सहायता राशि उन्होंने अपने स्वेच्छानुदान मद से दी है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद मिलेगी। प्रत्येक मरीज को प्रति माह 500 रुपए के मान से एक वर्ष तक सहायता दी जाएगी।उल्लेखनीय है कि पूर्व में राज्यपाल ने मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, दंतेवाड़ा, बिलासपुर, कोरिया और सारंगढ़-बिलाईगढ, प्रत्येक जिले के 10-10 टीबी मरीजों के लिए कुल 3 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की थी।भारत सरकार के प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत राज्य को टीबी मुक्त बनाने के लिए राज्यपाल डेका ने इस अभियान में समुदाय की भागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया और जनसहयोग की महत्ता पर बल दिया है। श्री डेका जिले के भ्रमण के दौरान मरीजों की स्थिति की जानकारी लेते हैं और उनकी हरसंभव मदद सुनिश्चित करते हैं। ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य टीबी रोगियों को सामुदायिक सहायता प्रदान करना है। टीबी से पीड़ित लोगों और उनके परिवार को पोषण, निदान और व्यवसायिक सहायता प्रदान करेगा जो समुदाय के भीतर प्रदान की जाएगी।
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रायपुर - भारत गणराज्य के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में राज्य के नगरीय निकाय क्षेत्रों में समाजहित में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से एक पेड़ माँ के नाम महाभियान चलाया जा रहा है छत्तीसगढ़ महतारी की पावन धरा को सामाजिक सहभागिता से श्रृंगारित किया जा रहा है. इस क्रम में चलाये जा रहे महाभियान के अंतर्गत आज नगर निगम जोन 1 के अंतर्गत बाल गंगाधर तिलक वार्ड नम्बर 18 के अंतर्गत कुम्हारे गार्डन परिसर में वार्ड पार्षद श्री सोहन लाल साहू ने वार्ड वासियों के साथ मिलकर एक पेड़ माँ के नाम रोपित किया और उसको वृक्ष बनते तक समुचित खाद पानी देकर सुरक्षा और संरक्षण करने का संकल्प वार्डवासियों के साथ लिया. पार्षद ने सभी नागरिकों से एक पेड़ माँ के नाम रोपित करने का संकल्प लेने की अपील की. इस दौरान जोन 1 जोन कमिश्नर डॉक्टर दिव्या चंद्रवंशी, कार्यपालन अभियंता श्री द्रोनी कुमार पैकरा एवं अन्य सम्बंधित जोन एक अधिकारी और कर्मचारीगण की वार्डवासियों सहित उपस्थिति रही.
- -श्री डेका ने मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान और पांच-पांच हजार रूपये प्रोत्साहन राशि दीरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस वर्ष आयोजित 10वीं बोर्ड परीक्षा में सर्वाेच्च अंक लेकर प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले सरस्वती शिक्षा संस्थान के विद्यार्थियों ने मुलाकात की। श्री डेका ने सभी विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। साथ ही पांच-पांच हजार रूपये की अनुदान राशि प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान की।इस अवसर पर श्री डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उनका उत्साह वर्धन किया और कहा कि बच्चों के सामने बेहतर भविष्य है। वे अच्छे से अध्ययन करें और देश की सेवा करें। आज के दौर में बहुत प्रतिस्पर्धा है। इसलिए हर क्षेत्र में विकल्प रखना चाहिए। कैरियर के लिए बहुत संभावनाएं हैं। विद्यार्थी जो भी करें उसे उत्तम करने का प्रयास करें। श्री डेका ने कहा कि पालक और बच्चों के बीच में अच्छा संबंध होने चाहिए। अपने माता-पिता एवं परिवारजनों के साथ आनंद पूर्वक रहें।कार्यक्रम में श्री डेका ने प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले कक्षा 10वीं के श्री प्रवीण प्रजापति चन्द्रपुर, कु. कोमल यादव चन्द्रपुर, श्री शुभम देवांगन चन्द्रपुर, श्री जयेन्द्र जायसवाल पाण्डातराई, श्री गगन सिंह लोरमी, श्री आदित्य प्रताप सिंह सेक्टर 04 भिलाई को सम्मानित किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ के पदाधिकारी एवं संबंधित शालाओं के प्राचार्य उपस्थित थे।




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