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- -धमनी में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए बिल्हा विधायक, जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज पिंगुआ-विभिन्न योजनाओं से हितग्राही हुए लाभान्वित, खिले चेहरेबिलासपुर /बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक और अपर मुख्य सचिव, जेल गृह विभाग एवं जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज पिंगुआ सुशासन तिहार के तहत बिल्हा ब्लॉक के ग्राम धमनी में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। समाधान शिविर को संबोधित करते हुए श्री कौशिक ने कहा कि यह समाधान शिविर कई योजनाओं की जननी बनेगी। इन शिविरों में मिले फीडबैक से कई नई योजनाएं शुरू की जाएगी। शिविर मे विभागीय स्टॉलों से लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बहुआयामी विकास के कार्य हो रहे हैं। शासकीय योजनाओं से लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, एडीशनल एसपी श्रीमती अर्चना झा, एसडीएम श्री बजरंग सिंह वर्मा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। शिविर में 5154 आवेदनों के निराकरण की जानकारी दी गई जिनमें से 5112 आवेदनों का निराकरण कर लिया गया है।विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि चिलचिलाती धूप में मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्री, विधायक, अधिकारी-कर्मचारी सुशासन तिहार में जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का निराकण कर रहे हैं। अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने कहा कि सुशासन तिहार कई नवाचारों में से एक नवाचार है। शिविर में आने वाले ग्रामीणों की सभी जरूरतें पूरी हो रही है। लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए की सभी अपनी दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें। अपने कामों की गति आगे भी बनाएं रखे। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने बताया कि इस शिविर में 15 ग्राम पंचायत के लोग शामिल हुए। इनमें भाटागांव, बिटकुली, बुंदेला, देवकिरारी, धमनी, गुमा, झाल, कड़ार, कया, नगपुरा, नगरोड़ी, परसदा, भाटागांव, सेंवार, तेलसरा और उमरिया के ग्रामीण शामिल हुए। प्राप्त आवेदनों में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड और शौचालय निर्माण की मांग की संख्या ज्यादा है।शिविर में हितग्राहियों को राशन कार्ड, श्रम विभाग द्वारा श्रम कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबी, राजस्व विभाग द्वारा किसान किताब, सहकारिता विभाग द्वारा किसान क्रडिट कार्ड, कृषि विभाग द्वारा लपेटा पाईप, स्प्रेयर, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जॉब कार्ड, मछली पालन विभाग द्वारा महाजाल एवं आईस बॉक्स सहित अन्य सामग्री का वितरण किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने शिविर में बड़ी संख्या में बीपी, शुगर की जांच कराई। स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद विभाग द्वारा दवाईयों का वितरण किया गया।
- रायपुर - आज रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप सहित नगर निगम रायपुर क्षेत्र में शंकर नगर नाला क्षेत्र में बारिश पूर्व सफाई का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया. रायपुर उत्तर विधायक और निगम आयुक्त ने नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय से जोन 3 के जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री पूरन कुमार ताण्डी की उपस्थिति में आनंद नगर, आनंद विहार का एक्सप्रेस वे के नीचे से निकलने वाले गन्दे पानी के बारिश के दौरान सुगम निकास प्रबंधन को लेकर चर्चा करते हुए जानकारी ली और बारिश के दौरान गन्दे पानी की सुगम निकासी के सम्बन्ध में सम्बंधित नगर निगम अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.
- -बुजुर्गों को वय वंदन योजना के तहत मिली 5 लाख की स्वास्थ्य सहायताबिलासपुर /बिल्हा ब्लॉक के ग्राम धमनी में मंगलवार को आयोजित समाधान शिविर गांव वालों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया।शिविर में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को अपर मुख्य सचिव गृह ,जेल एवं जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज पिंगुआ और विधायक धर्मलाल कौशिक ने विभिन्न सामग्री का वितरण किया। शिविर में बुजुर्गों को चलने-फिरने में सहारा देने वाले उपकरण बांटे गए,साथ ही वय वंदन योजना के तहत 5 लाख रुपये की स्वास्थ्य सहायता भी दी गई। बुजुर्ग महिलाओं ने त्वरित सुनवाई के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार।ग्राम धमनी निवासी 78 साल की बुजुर्ग रामकली साहू और 75 साल की दुलौरिन बाई उन बुजुर्गों में शामिल थीं, जिनके लिए यह शिविर किसी वरदान से कम नहीं था। चलने में दिक्कत होने के कारण दोनों घरों में कैद जैसी जिंदगी जी रही थीं। लेकिन सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर में उन्हें चलने के लिए सहारा मिला है दोनों बुजुर्ग महिलाओं को चलने के लिए न केवल वॉकर मिली बल्कि उन्हें वय वंदन योजना के तहत 5 लाख रुपए की त्वरित सहायता भी मिली है।रामकली ने कहा— “अब मंदिर तक पैदल जा सकूंगी”वॉकर मिलने पर रामकली साहू की आंखें चमका उठीं। बोलीं“बहू के सहारे रहती थी, अब मंदिर और चौपाल तक खुद जा सकूंगी।”वहीं बुजुर्ग दुलौरिन बाई ने कहा उम्र के इस पड़ाव पर छड़ी ही एक सहारा था जिससे चलफिर पाती थी लेकिन वॉकर मिलने से अब चलना आसान होग। दुलौरिन बाई और रामकली ने खुश होकर बताया कि उन्हें वय वंदन योजना के तहत 5 लाख की स्वास्थ्य सहायता भी मिली है जिससे इस उम्र में आ रही स्वास्थ्य दिक्कतों के इलाज में मदद मिलेगी। दोनों बुजुर्ग महिलाओं ने कहा कि गांव में ही सुशासन तिहार में आवेदन देने के बाद उन्हें त्वरित रूप से सहायता मिली है जिसके लिए वे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हैं।
- बिलासपुर /प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 के लिए 31 जुलाई तक ऑनलाईन नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि यह पुरस्कार भारत सरकार द्वारा असाधारण प्रतिभा एवं उपलब्धियों वाले बच्चों को सम्मानित करने हेतु प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार साहस समाज सेवा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, कला और संस्कृति एवं नवाचार के क्षेत्र में दिया जाता है। वे बच्चे जो 05 वर्ष एवं इस साल 31 जुलाई 2025 को 18 वर्ष से कम आयु के है और उपरोक्त क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दे चुके हैं, वे इस पुरस्कार के पात्र होंगे। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार हेतु ऑनलाईन पोर्टल https://awards.gov.in में 01 अप्रैल 2025 से लाइव कर दिया गया है। आवेदन ऑनलाईन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।
- - मुख्यमंत्री को अपने घर में देखकर चित्रसेन और उनके परिजनों ने जाहिर की खुशी- मुख्यमंत्री के साथ हितग्राही श्री चित्रसेन और उसकी पत्नी श्रीमती देवकी नाग ने ली सेल्फीदुर्ग, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड के ग्राम मुरमुंदा में प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित हितग्राही श्री चित्रसेन नाग को नवनिर्मित आवास में विधिपूर्वक पूजा-अर्चना एवं रिबन काटकर गृह प्रवेश करवाया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को अपने घर में देखकर श्री चित्रसेन और उनके परिजनों ने खुशी जाहिर की। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का श्री चित्रसेन और उनके घरवालों ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने हितग्राही श्री चित्रसेन एवं उनकी पत्नी श्रीमती देवकी नाग को नवनिर्मित आवास में गृह प्रवेश के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने परिवार के साथ सुखमय जीवनयापन करने की आशीष दी। साथ ही मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री के साथ हितग्राही श्री चित्रसेन और उसकी पत्नी श्रीमती देवकी नाग ने सेल्फी ली। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री चित्रसेन से बातचीत की। श्री चित्रसेन ने बताया कि उन्हें आवास निर्माण के लिए समय-समय पर किस्त की राशि मिली है। इसके साथ ही मनरेगा योजना के तहत 90 दिन की मजदूरी भी मिली। श्री चित्रसेन ने बताया कि पहले वे शेड वाले कच्चे घर में रहते थे। जिसमें बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। बारिश के दिनों में पानी टपकने और छोटे जीव-जन्तु से परेसानी होती थी। अब पक्का आवास बनने से इन सब से मुक्ति मिल जाएगी। इसके लिए श्री चित्रसेन ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का आवास मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सोवाड़ा, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, दुर्ग संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -सुरडोंगर कलस्टर के 2199 एवं नगर पंचायत गुरूर में 816 आवेदनों का किया गया निराकरण-सांसद सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि हुए शामिलबालोद। सुशासन तिहार के तीसरे एवं अंतिम चरण के अंतर्गत जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम सुरडोंगर और नगर पंचायत गुरूर में आयोजित समाधान शिविर के दोनांे कलस्टर में शामिल वार्डवासी एवं ग्राम पंचायत के लोगों के लिए सौगातों भरा रहा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राज्य में शासकीय काम-काज में पारदर्शिता लाने तथा शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के अलावा आम जनता के समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने के उद्देश्य से शुरू किए गए सुशासन तिहार के अंतर्गत बालोद जिले में समाधान शिविर जिले के अलग अलग स्थानों में निरंतर आयोजित की जारी है। डौण्डी विकासखण्ड के शासकीय हाई स्कूल मैदान सुरडोंगर में आयोजित समाधान शिविर में ग्राम सुरडोंगर के अलावा ग्राम लिमउडीह, चिहरो, आमाडूला, मथेना, काड़े, कुंवागोंदी, मरदेल के निवासी शामिल हुए। इसी प्रकार नगर पंचायत गुरूर के समस्त वार्ड वासी नगर पंचायत गुरूर में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। सुशासन तिहार के अवसर पर डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम सुरडोंगर में आयोजित समाधान शिविर में सांसद श्री भोजराज नाग, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर के अलावा अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो, उपाध्यक्ष श्री भोलाराम नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों अधिकारियों के अलावा एसडीएम श्री नूतन कंवर, तहसीलदार एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मण्डले सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। इसी तरह नगर पंचायत गुरूर के शिविर में नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रदीप साहू, उपाध्यक्ष श्रीमती कंुती सिन्हा, पूर्व नगर पालिका बालोद के अध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख, श्री केसी पवार एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा एसडीएम श्री रामकुमार सोनकर, तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा नगरवासी उपस्थित थे।डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम सुरडोंगर समाधान शिविर में सांसद श्री भोजराज नाग ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा शुरू किए गए सुशासन तिहार की अभिनव पहल की भूरी-भूरी सराहना की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा आम जनता की वास्तविक जरूरतों के अलावा उनके मांगों एवं समस्याओं का पड़ताल कर समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित करने हेतु राज्य में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। वह हर दृष्टि से जनहितैषी एवं लोक कल्याणकारी कार्य है। राज्य सरकार के द्वारा सुशासन तिहार के माध्यम से शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एवं सुशासन के अवधारणा को समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों तक पहुँचाने का कारगर एवं सार्थक प्रयास किया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के पहले चरण के सुरडोंगर कलस्टर में शामिल 08 ग्राम पंचायतों के लोगों के द्वारा प्रस्तुत किए गए 2199 एवं नगर पंचायत गुरूर के समस्त वार्ड के लोगों के द्वारा विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 816 आवेदनों का परीक्षण के उपरांत संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया। आज जिले के शिविरों में हितग्राहियों को सुशासन तिहार के दौरान बनाए गए उनका राशन कार्ड, श्रम कार्ड, मनरेगा जाॅब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति पत्र, किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के अलावा उन्नत किस्म के धान बीज, कीटनाशक दवाई, खाद बीज के वितरण के अलावा समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धजनों को छड़ी एवं श्रवण यंत्र आदि के अलावा मछली पालन विभाग द्वारा हितग्राहियों को आईस बाॅक्स एवं मछली जाल प्रदान किया गया। इसके अलावा शिविर में अनेक हितग्राहीमूलक योनजाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया। इस दौरान शिविर में उपस्थित अतिथियों के द्वारा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट प्रदान कर उनके गोद भराई रस्म और नन्हे मुन्हे बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्रासन संस्कार को भी पूरा किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम स्थल में पौधरोपण भी किया।आज डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम सुरडोंगर में आयोजित समाधान शिविर के दौरान विभिन्न विभाग के अधिकारियों के द्वारा सुशासन तिहार के पहले चरण के दौरान सुरडोंगर कलस्टर के अंतर्गत कृषि विभाग को 70, समाज कल्याण विभाग को 25, खाद्य विभाग को 24, विद्युत विभाग को 95, जनपद पंचायत डौण्डी को 990, परिवहन विभाग को 135, शिक्षा विभाग को 179, महिला एवं बाल विकास विभाग को 194 एवं श्रम विभाग को 103 सहित कुल 2199 आवेदन मिलने की जानकारी दी गई। इसी प्रकार आज नगर पंचायत गुरूर में आयोजित समाधान शिविर के दौरान विभिन्न विभाग के अधिकारियों के द्वारा सुशासन तिहार के पहले चरण के दौरान लोक निर्माण विभाग को 46, जल संसाधन को 44, तहसील विभाग को 324, विद्युत विभाग को 26, महिला एवं बाल विकास विभाग को 53 सहित कुल 816 आवेदन मिलने की जानकारी दी गई। सभी विभाग के अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के उपरान्त सभी आवेदनों की निराकरण करने की जानकारी दी गई।
- बालोद। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं को राज्य के जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचाने शुरू की गई ’सुशासन तिहार 2025’ के अंतर्गत तृतीय एवं अंतिम चरण में समाधान शिविरों का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत बुधवार 21 मई 2025 को डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम दुधली के शासकीय हाई स्कूल मैदान एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम अर्जुनी टिकरी के ग्राम पंचायत भवन के समीप ’समाधान शिविर’ का आयोजन किया जाएगा। अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चन्द्रकांत कौशिक ने बताया कि समाधान शिविर में डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम दुधली में ग्राम संबलपुर (लो), सेम्हरडीह, बिजौरा, कोचेरा, कोबा, खैरा, खपरी, रेंगनी, खरथुली, चिल्हाटीकला, बड़गांव, भेडी (लो), धनगांव, कसही (लो), सिवनी, बटेरा, भरदा (लो), बैहाकुंआ, कोरगुड़ा, गैंजी के निवासी समाधान शिविर में शामिल होंगे। इसी तरह गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम अर्जुनी टिकरी के समाधान शिविर में ग्राम चंदनबिरही, चिचलगोंदी, रौना, कान्दूल, अर्जुनी टिकरी, बोरगहन, अ. परसतराई, परना, रेहची, खर्रा, कोटगांव, सनौद के निवासी शामिल हांेगे। उन्होंने बताया कि समाधान शिविर का आयोजन निर्धारित तिथि को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक किया जाएगा।
- -समस्या के त्वरित समाधान के लिए ओकेश कुमार, सुन्हेर सिंह और केसरी बाई ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभारबालोद। जिले के डौण्डी विकासखण्ड के वनांचल क्षेत्र में रहने वाले किसान श्री ओकेश कुमार, सुन्हेर सिंह और केसरी बाई के लिए आज का दिन खुशियों से भरा रहा। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में इन तीनों किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किया गया। इस कार्ड ने न केवल उनकी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने का रास्ता खोला, बल्कि उनके चेहरों पर एक नई उम्मीद की मुस्कान भी ला दी। ये तीनों किसान लंबे समय से अपनी खेती को और बेहतर बनाने के लिए संसाधनों की तलाश में थे। सुशासन तिहार के प्रथम चरण में उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया था, और आज समाधान शिविर में उनके आवेदनों के निराकरण की जानककारी देकर, उन्हें यह कार्ड सौंपा गया। इस कार्ड के जरिए अब वे कृषि कार्य हेतु ऋण प्राप्त कर सकेंगे, जिससे खेती के लिए बीज, खाद, और उपकरण खरीदने में आसानी होगी। साथ ही यह कार्ड उनके लिए एक मजबूत सहारा बनेगा।किसान श्री ओकेश कुमार ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, यह कार्ड हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं। अब हम अपनी खेती को और बेहतर कर सकेंगे और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर पाएंगे। वहीं, सुन्हेर सिंह ने बताया कि इस कार्ड से वे नई तकनीकों को अपनाने और फसल की पैदावार बढ़ाने की दिशा में काम कर सकेंगे। केसरी बाई ने भी इस सुविधा के लिए सरकार का धन्यवाद देते हुए कहा कि हमारे जैसे छोटे किसानों के लिए यह बहुत बड़ी मदद है। इन किसानों ने अपने आवेदन के त्वरित निराकरण के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसानों के लिए एक नई रोशनी लेकर आई है। सुशासन तिहार और समाधान शिविर जैसे कार्यक्रमों ने न केवल उनकी समस्याओं का समाधान किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने का हौसला भी दिया। किसान क्रेडिट कार्ड के साथ किसान ओकेश, सुन्हेर और केसरी बाई अब अपने सपनों को साकार करने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाएंगे।
- रायपुर - रायपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप और जिला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर लाल उम्मेद सिंह के निर्देशानुसार एवं नगर निगम अपर आयुक्त श्री पंकज के. शर्मा, उपायुक्त डॉ. अंजलि शर्मा, नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा, सभी जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओं के मार्गनिर्देशन में टीम प्रहरी द्वारा नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत सभी जोनों के नगर निवेश विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में राजधानी शहर रायपुर नगर निगम क्षेत्र में जनहित में जनसुविधा हेतु मुख्य मार्गों एवं बाजार क्षेत्रो में अभियान चलाकर यातायात पुलिस बल की उपस्थिति में अतिक्रमण एवं अवैध कब्जे हटाकर सडक यातायात सुगम और सुव्यवस्थित बनाने कार्यवाही नियमित रूप से प्रतिदिन निरंतरता से जारी है।इस क्रम में आज टीम प्रहरी के अभियान के अंतर्गत नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़न दस्ता की टीम द्वारा जोनो के साथ मिलकर मार्गो को अतिक्रमण मुक्त बनाने जनहित में जनसुविधा हेतु यातायात पुलिस बल की उपस्थिति में कार्यवाही अभियानपूर्वक लगातार जारी रखी गयी। जोन 9 अंतर्गत अशोका रतन के सामने सड़क पर किये गए अवैध कब्जोँ को जेसीबी मशीन की सहायता से हटाकर सड़क यातायात सुगम बनाया गया. ब्रिज के पास सड़क पर दुकानदार द्वारा अवैध कब्जा जमाकर यातायात बाधित कर रखे गए टायरों को जप्त कर लिया गया. अभियान आगे भी निरन्तर जारी रहेगा.
- -कलेक्टर सरगुजा ने लापरवाही के मामले में की कार्रवाई-पीड़ित परिजनों से भेंट कर दिए 4-4 लाख की सहायता राशि का चेकरायपुर, / सरगुजा के लुण्ड्रा विकासखण्ड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रघुनाथपुर में दो बच्चों की मौत के बाद पोस्टमार्टम में लापरवाही और इसके लिए रुपये की मांग के गंभीर आरोप के मामले में कलेक्टर सरगुजा श्री विलास भोसकर ने लुण्ड्रा के बीएमओ को निलंबित और पीएचसी रघुनाथपुर में पदस्थ चिकित्सक को तत्काल प्रभाव से कार्य मुक्त कर दिया है।गौरतलब है कि ग्राम सिलसिला ढोढ़ा झरिया में एक हृदय विदारक घटी। यहां मछली पालन के लिए बनाए गए गहरे और असुरक्षित गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। मृतक सूरज गिरी और जुगनू गिरी, दोनों पांच वर्षीय सगे चचेरे भाई थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि रघुनाथपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक ने पोस्टमार्टम के लिए प्रति शव 10-10 हजार रुपये की मांग की। पैसे नहीं देने पर शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया। सोमवार को जब ग्रामीणों ने दबाव बनाया और शिकायत की, तब जाकर पोस्टमार्टम किया गया।इस मामले की जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि डॉ. राघवेंद्र चौबे खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धौरपुर द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर प्रशासकीय नियंत्रण रखने में ढिलाई और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरती गई। जांच में यह बात भी सामने आई कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रघुनाथपुर में पदस्थ डॉ. अमन जायसवाल, अनुबंधित चिकित्सा अधिकारी का आचरण भी सेवा नियमों के विरुद्ध था। फलस्वरूप उन्हें उनके दायित्वों से कार्यमुक्त कर दिया गया है।यहां यह उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने स्वयं रघुनाथपुर पीएचसी सेंटर का निरीक्षण किया और पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। कलेक्टर ने आरबीसी 6/4 के तहत उन्हें 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि का चेक भी प्रदान किया।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निगम/मंडल/आयोग में नियुक्त अध्यक्षों एवं उपाध्यक्ष को दी शुभकामनाएंरायपुर / राज्य शासन द्वारा निगम आयोगों में पूर्व में प्रस्तावित नियुक्तियों में आंशिक संशोधन करते हुए श्रीमती शालिनी राजपूत को छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड का अध्यक्ष, श्रीमती चन्द्रकान्ति वर्मा को छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का उपाध्यक्ष, श्री श्रीनिवास राव मद्दी को छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड का अध्यक्ष तथा श्री केदार नाथ गुप्ता को छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी सम्मानितों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास जताया कि सभी अपने-अपने दायित्वों का प्रतिबद्धता से निर्वहन करते हुए राज्य के विकास और जनहित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
- -जनता को मिलेगी बड़ी सुविधारायपुर / खनिज समृद्ध कोरबा जिले में अब खनिजों से प्राप्त निधि जनता की सुविधाओं में सीधे तब्दील हो रही है। जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) की राशि का उपयोग अब जनहित के ठोस कार्यों में किया जा रहा है, जिससे जिले के दूरवर्ती ग्रामों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक में सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। इससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।हाल ही में कलेक्टर श्री अजीत वसंत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में डीएमएफ मद से लगभग 143 करोड़ रुपए की लागत से 22 सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई। यह निर्णय सुशासन तिहार के दौरान जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से प्राप्त मांगों के आधार पर लिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि डीएमएफ की राशि का उपयोग वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हो।इन स्वीकृत सड़कों में नगरीय क्षेत्रों की प्रमुख सड़कों के साथ-साथ दूरवर्ती अंचलों की महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी शामिल है,जिसमें विशेष रूप से उल्लेखनीय झगरहा-कोरकोमा-चचिया मार्ग (लंबाई 29 किमी) 29.80 करोड़ रुपये, ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक तक दो लेन सी.सी. सड़क (2.84 किमी) 29.42 करोड़ रुपये, रामपुर से सिरली पहुंच मार्ग (8 किमी)ः 8.08 करोड़ रुपये,चैतुरगढ़ पर्यटन स्थल हेतु सीसी शोल्डर चौड़ीकरण (6.6 किमी) 5.33 करोड़ रुपये, घिनारा से खुंटाकुड़ा मार्ग (4.525 किमी) 5.80 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़कें शामिल है।इनके अतिरिक्त पनगवा-जल्के, डोगरी-मुढ़ाली, पाथा-खरभहरा, जमनीपाली-गजरा, ओढालीडीह-तिलैहापारा, सीलीभुडु-कुदरीचिंगार, और सक्ती-कोरबा जैसे मार्गों को भी डीएमएफ मद से उन्नत किया जाएगा।डीएमएफ का मूल उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। कोरबा जिले में इस निधि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास में लगातार किया जा रहा है, परंतु सड़क निर्माण जैसे ठोस कार्यों से अब इसका प्रभाव आम नागरिक सीधे अनुभव कर पाएंगे।कलेक्टर श्री वसंत ने कहा कि डीएमएफ से स्वीकृत सड़कों के निर्माण से न केवल गांवों और शहरों के बीच संपर्क मजबूत होगा, बल्कि रोजगार और विकास के अवसर भी बढ़ेंगे। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर गाँव तक पक्की और सुरक्षित सड़क पहुंचे।यह निर्णय न केवल शासन की जनकल्याणकारी सोच का परिचायक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे खनिज संसाधनों से प्राप्त निधि का विवेकपूर्ण उपयोग जनता के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में किया जा सकता है। आने वाले समय में जब ये सड़कें धरातल पर उतरेंगी, तो कोरबा जिले का भूगोल और भविष्य दोनों बदले हुए नजर आएंगे।
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=पित्ताशय की पथरी की समस्या से जूझ रही थी मरीज, पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अम्बेडकर अस्पताल के सर्जरी विभाग में हुई सफल लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी
=मरीज के अटेंडर सिबोनेलो सनेलिस जुंगु का कहना- भारत के डॉक्टर साउथ अफ्रीका में मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज कर रहे तो हम भी भारत में क्यों नहीं इलाज करा सकते? हमें यहां के डॉक्टरों पर पूरा भरोसा-क्रिसेंट (दक्षिण अफ्रीका) की निवासी मरीज ऑपरेशन के बाद हुई डिस्चार्जरायपुर/ पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित जनरल सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने राजधानी रायपुर में पढ़ाई कर रही साऊथ अफ्रीकी छात्रा के गाल ब्लैडर के स्टोन (पित्ताशय की पथरी) की सफल लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी सर्जरी कर विगत छह महीनों से मरीज को रह-रहकर उठने वाले पेट दर्द की समस्या से निजात दिलाई है। हालांकि यह सर्जरी विभाग में रूटीन में होती है लेकिन विगत दिनों की गई लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी इसलिए विशेष है कि छात्रा ने सर्जरी के लिए अपने देश वापस जाने की बजाय अम्बेडकर अस्पताल के डॉक्टरों पर भरोसा करते हुए यहीं सर्जरी कराने का निश्चय किया। मरीज के अटेंडर सिबोनेलो सनेलिस जुंगु का कहना है कि भारत के डॉक्टर साउथ अफ्रीका में मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज कर रहे तो हम भी भारत में क्यों नहीं इलाज करा सकते? हमें यहां के डॉक्टरों पर पूरा भरोसा है।जनरल सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू सिंह के अनुसार, राज्य के निजी विश्वविद्यालय में बीएससी साइकोलॉजी में अध्ययनरत 21 वर्षीय छात्रा को 06 मई 2025 की रात को पेट में तीव्र दर्द की शिकायत हुई। साथ में उल्टी और भूख नहीं लग रही थी। छात्रा निजी अस्पताल में गई जहां उसकी जांच में पित्ताशय की पथरी होने की पुष्टि हुई। मरीज के परिजनों ने विगत कुछ समय से चिकित्सा महाविद्यालय एवं अम्बेडकर अस्पताल में हुई कई सफल ऑपरेशन के बारे में सुना था। इसके साथ ही दक्षिण अफ्रीका के कई अस्पतालों में भारतीय डॉक्टर सेवा दे रहे हैं जिससे मरीज के घरवालों का विश्वास भी यहां के डॉक्टरों के प्रति बरकरार है। अंततः उनके घरवालों को विश्वविद्यालय द्वारा सूचना दी गई और उनके अटेंडर ने अम्बेडकर अस्पताल का चयन किया और मरीज को यहां लेकर आये। जहां पर सर्जरी विभाग में मरीज का उपचार चला। सभी जांचें हुईं और मरीज की लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी मिनिमल इनवेसिव सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद मरीज का कहना है कि वह पहले से बहुत अच्छा महसूस कर रही है और उसे अब पेट में दर्द भी नहीं हो रहा है।डॉ. मंजू सिंह के अनुसार, जब ये छात्रा यहां भर्ती हुई तब हमने नियमानुसार सबसे पहले इसकी सूचना चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी और अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर को दी। डीन डॉ. विवेक चौधरी एवं अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने मरीज की सर्जरी से संबंधित समस्त औपचारिकताओं को अतिशीघ्र पूर्ण कराकर विदेशी छात्रा के इलाज को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। साथ ही छात्रा के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। सर्जरी के बाद मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई है।सर्जरी विभाग में नियमित रूप से होती है लेप्रोस्कोपिक सर्जरी - डॉ. सोनकरअम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर (जो स्वयं सर्जरी विभाग के सर्जन हैं) के अनुसार सर्जरी विभाग में सभी प्रकार के लेप्रोस्कोपिक सर्जरी जैसे - हर्निया सर्जरी, हाइडैटिड सिस्ट, लेप्रोस्कोपिक एपेंडेक्टोमी, डायग्नोस्टिक लेप्रोस्कोपिक, लेप्रोस्कोपिक रेक्टोपेक्सी, लेप्रोस्कोपिक जीआई सर्जरी, लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी, लेप्रोस्कोपिक वेंट्रल और इंसिज़नल हर्निया सर्जरी नियमित रूप से होते हैं। ये सभी सर्जरी शासन की स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत निशुल्क होते हैं।क्या है लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमीलेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें गाल ब्लैडर (पित्ताशय) को शरीर से हटाया जाता है। यह प्रक्रिया लेप्रोस्कोप नामक एक पतली कैमरा लगी हुर्द ट्यूब की सहायता से की जाती है जो पेट के भीतर का दृश्य स्क्रीन पर दिखाती है। पित्ताशय की पथरी हो जाने पर गाल ब्लैडर को हटाया जाता है। मरीज को सामान्य एनेस्थीसिया दिया जाता है। एक चीरे से लेप्रोस्कोप डाला जाता है और अन्य चीरे से सर्जिकल उपकरण। स्क्रीन पर देखते हुए गाल ब्लैडर को काटकर निकाल दिया जाता है। चीरे बंद कर टांके लगाए जाते हैं। इस सर्जरी में कम चीरे, कम दर्द, जल्दी रिकवरी हो जाती है और अस्पताल में कम समय लगता है। लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित मानी जाती है जब तक की मरीज को कोई अन्य जटिलता न हो।मरीज का ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ.मंजू सिंह के साथ डॉ.अमित अग्रवाल, डॉ. मनीष साहू, डॉ.अंजलि जालान, डॉ. आयुषी गोयल, डॉ.पूजा जैन एवं एनेस्थीसिया टीम में डॉ. प्रतिभा शाह एवं डॉ. मंजुलता टंडन एवं शामिल रहीं। - -मुख्यमंत्री ने मुंगेली जिला ग्रंथालय में किया अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “शिक्षा ही जीवन की असली पूंजी है। इसके बिना जीवन अधूरा है। यह न केवल रोजगार का माध्यम है, बल्कि समग्र विकास का आधार भी है।” वे आज सवेरे मुंगेली जिला मुख्यालय में जिला ग्रंथालय में 29.90 लाख रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले तथा पूर्व सांसद श्री लखन साहू भी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए आदर्श विद्यार्थी के पाँच गुण “काक चेष्टा बको ध्यानं, श्वान निद्रा तथैव च। अल्पाहारी गृहत्यागी, विद्यार्थी पंच लक्षणं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासित, मेहनती और लक्ष्यनिष्ठ बनने की प्रेरणा दी। एक छात्र द्वारा सोशल मीडिया के प्रभाव पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, डिजिटल युग में अच्छाई को अपनाएं और बुराई से दूर रहें। श्री साय ने अपने छात्र जीवन के संघर्ष साझा करते हुए बताया कि अविभाजित रायगढ़ जिले में शिक्षा के अवसर सीमित थे। नटवर स्कूल ही एकमात्र विकल्प था। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, कभी निराश न होने और परिश्रम को अपना मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ और ‘नालंदा परिसर’ जैसे शैक्षणिक नवाचारों की सराहना की और कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में आधुनिक ग्रंथालय स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुंगेली जिला ग्रंथालय की सराहना करते हुए बताया कि यह ग्रंथालय अब तक सैकड़ों युवाओं की सफलता की नींव बन चुका है। उन्होंने इसे केवल अध्ययन का स्थल न मानकर एक सफलता केंद्र बताया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री को तोप सिंह कुंभकार द्वारा उनके चित्र का हस्तनिर्मित छायाचित्र तथा भगवद् गीता और अन्य स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए।गौरतलब है कि जिला ग्रंथालय में वर्तमान में यहाँ 4780 से अधिक पुस्तकों का संग्रह, 893 पंजीकृत सदस्य, 32 टेबल, 11 सीसीटीवी कैमरे हैं। कार्यक्रम में राज्य के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
- -निर्माणाधीन महतारी सदन का लिया जायजा, पानी से की तराई-अछोटी और मुरमुंदा में योजनाओं का निरीक्षण एवं लोकार्पणरायपुर /राज्य सरकार द्वारा सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सुशासन तिहार के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड अंतर्गत ग्राम अछोटी का औचक दौरा किया।ग्राम अछोटी में मुख्यमंत्री श्री साय हेलीकॉप्टर से अचानक पहुंचे और डायट कॉलेज परिसर में 29 लाख 20 हजार रुपये की लागत से निर्माणाधीन महतारी सदन का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का मुआयना किया और स्वयं अपने हाथों से भवन के कॉलम की तराई कर कार्य की मजबूती और पारदर्शिता का संदेश दिया। महतारी सदन, ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और सामुदायिक संवाद का केंद्र बनेगा।इसके पश्चात मुख्यमंत्री मुरमुंदा पहुंचे, जहां उन्होंने अटल आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 226 आवासों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने अटल आवास क्रमांक 226 के हितग्राही श्री तुषार को अपने हाथों से चाबी सौंपी और उन्हें गृह प्रवेश कराया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अन्य हितग्राहियों को भी उनके मकान की चाबी सौंपते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित रहे।सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाना, जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना तथा प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में समाधान शिविर, निरीक्षण दौरे, विकास कार्यों की समीक्षा और योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन जैसे विविध कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय का प्रदेश के गांव-गांव में आकस्मिक दौरा समाधान शिविर में उनकी स्वयं की मौजूदगी और जनसमस्याओं का निदान सुशासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आयाम है, जिससे आमजनता में सरकार के प्रति विश्वास और सहभागिता की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई है।
- -मुख्यमंत्री ने मुंगेली जिला ग्रंथालय में किया अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “शिक्षा ही जीवन की असली पूंजी है। इसके बिना जीवन अधूरा है। यह न केवल रोजगार का माध्यम है, बल्कि समग्र विकास का आधार भी है।” वे आज सवेरे मुंगेली जिला मुख्यालय में जिला ग्रंथालय में 29.90 लाख रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले तथा पूर्व सांसद श्री लखन साहू भी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए आदर्श विद्यार्थी के पाँच गुण “काक चेष्टा बको ध्यानं, श्वान निद्रा तथैव च। अल्पाहारी गृहत्यागी, विद्यार्थी पंच लक्षणं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासित, मेहनती और लक्ष्यनिष्ठ बनने की प्रेरणा दी। एक छात्र द्वारा सोशल मीडिया के प्रभाव पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, डिजिटल युग में अच्छाई को अपनाएं और बुराई से दूर रहें। श्री साय ने अपने छात्र जीवन के संघर्ष साझा करते हुए बताया कि अविभाजित रायगढ़ जिले में शिक्षा के अवसर सीमित थे। नटवर स्कूल ही एकमात्र विकल्प था। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, कभी निराश न होने और परिश्रम को अपना मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ और ‘नालंदा परिसर’ जैसे शैक्षणिक नवाचारों की सराहना की और कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में आधुनिक ग्रंथालय स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुंगेली जिला ग्रंथालय की सराहना करते हुए बताया कि यह ग्रंथालय अब तक सैकड़ों युवाओं की सफलता की नींव बन चुका है। उन्होंने इसे केवल अध्ययन का स्थल न मानकर एक सफलता केंद्र बताया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री को तोप सिंह कुंभकार द्वारा उनके चित्र का हस्तनिर्मित छायाचित्र तथा भगवद् गीता और अन्य स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए।गौरतलब है कि जिला ग्रंथालय में वर्तमान में यहाँ 4780 से अधिक पुस्तकों का संग्रह, 893 पंजीकृत सदस्य, 32 टेबल, 11 सीसीटीवी कैमरे हैं। कार्यक्रम में राज्य के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मजबूती प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा की गई पहल, अब धरातल पर सफलता की नई इबारत लिख रही हैं। इन्हीं प्रयासों का एक बेमिसाल उदाहरण बनकर उभरा है राज्य होटल प्रबंधन संस्थान नया रायपुर, जो आज न केवल प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिस्पर्धा करने के योग्य भी बना रहा है। संस्थान की सबसे बड़ी सफलता इसका शत-प्रतिशत प्लेसमेंट रिकॉर्ड है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल मार्गदर्शन, संस्कृति व पर्यटन विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी. के निर्देशन में यह संस्थान निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। इस संस्थान की स्थापना राज्य सरकार द्वारा युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से की गई थी और आज यह उद्देश्य सफलता की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।राज्य होटल प्रबंधन संस्थान रायपुर में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अनुभवी फैकल्टी एवं इंडस्ट्री-कनेक्ट की बदौलत छात्रों को एक संपूर्ण पेशेवर के रूप में तैयार किया जाता है। संस्थान में चार प्रमुख पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं तीन वर्षीय बीएससी इन हॉस्पिटैलिटी एंड होटल एडमिनिस्ट्रेशन (जेएनयू, नई दिल्ली से संबद्ध) और तीन डिप्लोमा कोर्स फूड प्रोडक्शन, हाउसकीपिंग ऑपरेशन, और फूड एंड बेवरेज सर्विस। डिप्लोमा कोर्स की खास बात यह है कि महज एक वर्ष की पढ़ाई के बाद ही छात्र देश के प्रतिष्ठित फाइव स्टार होटलों में कार्य करने लगते हैं। यह युवाओं के लिए एक स्वर्णिम अवसर है, जो उन्हें कम समय में व्यावसायिक सफलता की ओर ले जाता है।इस संस्थान से बीएससी की तीन बैच अब तक उत्तीर्ण हो चुकी हैं और सभी को देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार मिला है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 की बैच में 44 विद्यार्थियों को आईटीसी होटल्स, ताज होटल्स, मेफेयर होटल्स एंड रिसॉर्ट्स, ल मेरिडियन, रिलायंस रिटेल, जुबिलेंट फूड वर्क्स जैसे नामी ब्रांड्स से ऑफर मिले हैं। इनमें से 25 विद्यार्थियों को मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में चुना गया है, जिन्हें प्रशिक्षण पश्चात असिस्टेंट मैनेजर का पद प्राप्त होगा। जुबिलेंट फूड वर्क्स-डोमिनोज़ पिज्जा ने संस्थान के 5 विद्यार्थियों श्री शैलेंद्र पोर्ते, सुश्री तोशिमा पटेल, श्री विनोद, श्री सुमित राज एवं श्री सूर्यप्रकाश को असिस्टेंट गेस्ट डिलाइट मैनेजर के रूप में नियुक्त किया है। उन्हें प्रशिक्षण काल में 2.95 लाख रुपये वार्षिक वेतन, 12 प्रतिशत वैरिएबल पे और 60,000 रुपये डिफर्ड बोनस मिलेगा।राज्य होटल प्रबंधन संस्थान रायपुर के छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। एडिबल क्रॉकरी एंड कटलरी बडिंग शेफ प्रतियोगिता, एवरेस्ट बेटर किचन कुलिनरी एंड बेकरी चैलेंज जैसी प्रतियोगिताओं में छात्रों ने कई पुरस्कार जीतकर संस्थान और राज्य का नाम रोशन किया है। संस्थान आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को भी पीछे नहीं छोड़ रहा है। इन्हें सरकारी योजनाओं के तहत छात्रवृत्तियाँ दिलाने में प्भ्ड रायपुर सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जिससे हर इच्छुक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए डिग्री एवं डिप्लोमा कोर्सों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक छात्र राज्य होटल प्रबंधन संस्थान नया रायपुर, से जुड़कर अपने करियर को नई उड़ान दे सकते हैं। यह संस्थान न केवल शिक्षा, बल्कि रोजगार और स्वावलंबन की दिशा में युवाओं के लिए एक सशक्त प्लेटफॉर्म सिद्ध हो रहा है। यह संस्थान अब केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि देश के भविष्य के हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स को गढ़ने वाला सशक्त केंद्र बन चुका है।
- -सौंपी सपनों के घर की चाबी और सम्मानजनक जीवनरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के तहत् ग्राम मुरमुंदा स्थित अटल विहार योजना के अंतर्गत निर्मित 226 नवीन आवासों का विधिवत लोकार्पण कर हितग्राहियों को उनके सपनों का घर सौंपा। इस अवसर पर उन्होंने भवन क्रमांक 226 के स्वामी श्री तुषार साहू को गृह प्रवेश कराते हुए कहा, आज हम आपको सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि आपके सपनों का आशियाना सौंप रहे हैं। यह क्षण न केवल आपके जीवन का बल्कि शासन के जनकल्याणकारी प्रयासों का भी स्मरणीय पड़ाव है।मुख्यमंत्री ने सभी हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकता है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को गरिमामय और सुरक्षित आवास उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि अटल विहार जैसी योजनाएं जनसामान्य को न केवल आवासीय सुविधा देती हैं, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी अहम भूमिका निभाती हैं। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।साकार हुआ वर्षों का सपनाआवास क्रमांक 226 के लाभार्थी श्री तुषार साहू ने मुख्यमंत्री के हाथों गृह प्रवेश प्राप्त कर अभिभूत होते हुए कहा कि हमेशा एक सुंदर, स्वच्छ और शांत वातावरण में रहने का सपना देखा था। वर्षों का यह सपना आज साकार हुआ। मुख्यमंत्री जी द्वारा गृह प्रवेश कराना मेरे लिए गर्व और भावुकता का क्षण है। उन्होंने बताया कि यह 2 बीएचके आवास सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त है और बाज़ार मूल्य की तुलना में किफायती भी है। श्री साहू इस अवसर पर अपने माता-पिता और परिजनों के साथ उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने उनके आवास का अवलोकन भी किया और निर्माण गुणवत्ता की सराहना की।कई हितग्राहियों को मिली चाबीइस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा श्री रूपनारायण देवांगन, श्री अरुण साहू, तथा श्री चंद्रशेखर राठौर को भी उनके आवास की चाबी सौंपी गई। भवन क्रमांक 215 के स्वामी श्री अरुण साहू, जो भिलाई इस्पात संयंत्र में पदस्थ हैं। उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट से पहले अपने स्वप्निल घर में प्रवेश करना मेरे जीवन की सबसे सुखद अनुभूति है। अटल विहार योजना के माध्यम से राज्य शासन ने हमें वह अवसर दिया है, जिसकी वर्षों से प्रतीक्षा थी।उज्ज्वल आवासीय भविष्य की सौगातछत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा संचालित अटल विहार योजना के तहत ग्राम मुरमुंदा में लगभग 10 एकड़ भूमि पर 24 करोड़ 57 लाख 98 हजार रुपए की लागत से कुल 226 स्वतंत्र आवास और 12 दुकानों का निर्माण किया गया है। इनमें 55 भवन ईडब्ल्यूएस श्रेणी, 69 एलआईजी-ए टाइप, 86 बी टाइप, 16 एमआईजी टाइप के हैं। सभी भवनों का विक्रय पूर्ण हो चुका है तथा 7 भवनों की रजिस्ट्री भी की जा चुकी है।
- -मुरमुंदा के हाईस्कूल को हायर सेकण्डरी स्कूल में उन्नयन की घोषणा-हितग्राहियों को सामग्री, चेक, केसीसी और एटीएम कार्ड वितरितदुर्ग, /सरकार का काम केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। जब हम गांव-गांव जाकर समाधान शिविर लगाते हैं, तो यह हमारी जवाबदेही का प्रमाण है। यह कार्य वही सरकार कर सकती है, जो ईमानदारी से जनता के लिए काम करती हो। यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड की ग्राम पंचायत मुरमंदा में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कही।मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान शिविर केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की जनसामान्य के प्रति उत्तरदायित्व का जीवंत प्रमाण है। हमारी सरकार ने एक वर्ष पूर्ण होने पर जनता के समक्ष रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया था, और अब डेढ़ साल बाद पुनः जनता के बीच अपने कामकाज का रिपोर्ट दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के तहत् दुर्ग 19 वां जिला है जहां वे सुशासन शिविर में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि औचक निरीक्षण और सुशासन शिविर में लोगों से फीडबैक पाकर इस बात की खुशी होती है कि हमारी सरकार ने डेढ़ सालों में जो काम किया है उसका लाभ जनता को मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि मुरमुंदा शिविर में कुल 2630 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2539 मामलों का मौके पर समाधान कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का पूर्ण निराकरण किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हमारी सरकार हर घर तक बिजली और नल से जल पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना में 18 लाख गरीब परिवारों के हक छीनने का काम किया। गरीबों से उनका घर और छत छीनने का काम करके पूर्ववर्ती सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का बंटाधार कर दिया था। इसी तरह, नल-जल योजना में भी पिछली सरकार की अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में टंकियां तो बना दी गईं, लेकिन पानी का कोई प्रबंध नहीं था। हमारी सरकार ने इन योजनाओं को सुधारा और धरातल पर लागू किया।किसान, मजदूर और बुजुर्ग हर वर्ग के लिए योजनाएंमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने वादे के अनुसार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए की दर से कर रही है, पिछले दो वर्षों का बोनस भी किसानों को दिया गया है। मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के माध्यम से बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा का अवसर मिला है। श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के तहत 22000 से अधिक लोग अयोध्या दर्शन कर चुके हैं। भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10,000 रूपए की वार्षिक सहायता दी जा रही है। स्वामित्व कार्ड का वितरण तेजी से किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने भूमि रजिस्ट्री प्रणाली में सुधार का भी उल्लेख किया और बताया कि अब रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण स्वतः हो जाएगा, लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। यदि कोई व्यक्ति अपने बेटा-बेटी को ज़मीन देना चाहता है, तो 500 रूपए में दानपत्र देकर कार्य पूरा कर सकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना की जा रही है। अब तक 1460 ग्राम पंचायतों में यह केंद्र शुरू हो चुके हैं, जहां प्रतिदिन 1 से 1.5 लाख रुपए तक के बैंकिंग ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। अगले एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों तक यह सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य है।शिविर में किया गया सामग्री वितरणमुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को गृह प्रवेश की चाबियां, मनरेगा श्रमिकों को जॉब कार्ड, पात्र हितग्राहियों को सामाजिक पेंशन, किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, चेक और एटीएम कार्ड वितरित किए। मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में कहा कि सरकार का कार्य सिर्फ शासन चलाना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। जब शासन जनता के द्वार तक आता है, तभी असली सुशासन स्थापित होता है। सुशासन शिविर को उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायक साजा श्री ईश्वर लाल साहू, पूर्व विधायक श्री प्रेमप्रकाश पांडेय, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं मुरमुंदा सहित 15 पंचायतों के ग्रामीण जन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान की गई घोषणाओं पर त्वरित अमल करने, पंचायतों में अटल डिजिटल केन्द्रों को सक्रिय किए जाने सहित अन्य मुद्दो पर कलेक्टर द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश-आगामी मानसून के मद्दे नज़र बाढ़ आपदा बचाव एवं पूर्ण राहत कार्ययोजना से अवगत कराया गया विभागों कोदंतेवाड़ा । आज कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत द्वारा कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली गई। बैठक में कलेक्टर ने सर्वप्रथम माननीय मुख्यमंत्री द्वारा विगत प्रवास के दौरान की गई महत्वपूर्ण घोषणाओं पर तुरन्त प्रभावी कार्यवाही किये जाने का निर्देश देते हुए कहा कि नियद नेल्लानार योजना के तहत ग्रामों में आधार कार्ड एवं राशन कार्ड बनाये जाने हेतु शिविर लगाने हेतु शेड्यूल बनाकर युद्ध स्तर संबंधित विभाग क्रियान्वयन करें। इसके लिए डोर टू डोर सर्वे कराकर आवेदन लेने के प्रक्रिया प्रारंभ सहित जिन-जिन ग्रामों में आधार कार्ड प्रदाय में भारी अंतर परिलक्षित हो रहा है। उसे लक्षित करके शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण किया जाना विभागों की प्राथमिकता रहेगी। इसके साथ ही राशन कार्ड बनाए जाने के प्रक्रिया छूटे हुए हितग्राहियों को विभागीय मॉनटरिंग किया जा कर त्वरित राशन कार्ड बनाये जाए। इन मूलभूत आवश्यकता वाले कार्यों को जिला स्तर पर स्वयं विभाग प्रमुख प्रतिदिन कार्य की प्रगति के संबंध में रिपोर्ट करेगें। इसके साथ ही नियद नेल्लानार के चिन्हित ग्रामों में संबंधित विभागों द्वारा किये जाने वाले विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हेतु व्यक्तिगत रूप से विभाग प्रमुख प्रगति का जायजा लेगें। साथ ही पेंशन प्रकरण एवं महतारी वंदन जैसे योजनाओं में हितग्राहियों को भुगतान हर महीने के 10 तारीख से पहले सुनिश्चित किया जाये। इस प्रकार शालाओं में भी मिड-डे-मिल प्रदाय, छात्राओं एवं शिक्षकों की नियमित उपस्थिति पर भी विभागीय अधिकारियों की सतत निगरानी रहेगी।इसके अलावा उन्होंने जिले के पंचायतों में प्रारंभ किये गये अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों की जानकारी लेते हुए कहा कि सभी सेवा केन्द्रों में सक्रिय रूप से हितग्राहियों को बैंकिंग, पेंशन सहित मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास एवं अन्य भुगतान संबंधी सेवाओं को कार्यशील करे। इस संबंध में आगामी समय-सीमा बैठक में संबंधित विभाग अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करेगे। जिले में पर्यटन सुविधाओं के विस्तारीकरण के तहत होम-स्टे प्रारंभ किये जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि पर्यटकों हेतु मुलेर, कुम्हाररास, पालनार और बारसूर के चयनित ग्रामों में होम-स्टे सेवा प्रारंभ होगी। इसके लिए पंचायत स्तर पर होम-स्टे संचालित करने वाले इच्छुक हितग्राहियों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाकर प्रस्ताव जिला स्तर पर उपलब्ध कराये।बाढ़ आपदा बचाव एवं पूर्ण राहत कार्ययोजना पर भी समय-सीमा की बैठक में हुई समीक्षाइसके साथ ही समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने आगामी मानसून के मद्दे नज़र बाढ़ आपदा बचाव एवं पूर्ण राहत कार्य योजना के संबंध में भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। बैठक में आगामी मानसून में प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत व्यवस्था करने के लिए जिला व तहसील स्तर पर सेल तथा बाढ़ समिति का गठन किया जाने। प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत के संबंध में जिला व तहसील स्तर पर स्थापित वर्षा मापक यंत्रों का उचित रखरखाव। पहुंच विहीन क्षेत्रों में राशन एवं खाद्यान्न सामग्री के भंडारण चिकित्सा एवं प्राथमिक उपचार की दृष्टि आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता, पेयजल की शुद्धता एवं स्वच्छता को दृष्टिगत रखते हुए कुआं, हैंडपंप आदि में ब्लीचिंग पाउडर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने, बाढ़ से बचाव संबंधी जो भी उपकरण जो जिले में उपलब्ध हैं उनकी दुरूस्ती आदि कराकर उपयोग हेतु तैयार रखने, बायो टॉयलेट की व्यवस्था के संबंध में कलेक्टर ने पूर्व से ही तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि नगरीय क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति प्रायः नालियों के अवरुद्ध हो जाने के कारण होती है अतः स्थानीय प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जावे कि संबंधित नगर पालिका अधिकारी नगर के तमाम नालियों की सफाई नियमित रूप से कराये। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित ग्रामों एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों बिजली आपूर्ति सुनिष्चित करने हेतु आवष्यक उपकरणों की व्यवस्था करने के लिए भी निर्देषित किया गया। इसके अलावा मानसून के दौरान जिले के नदी नालों में बढ़ते जलस्तर तत्काल रिपोटिंग करने हेतु कर्मचारियों को नियुक्त करने, खतरे के निशान को इंगित करने वाले साइन बोर्ड आदि की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया। कलेक्टर ने यहां भी कहा कि इस सीजन मौसमी बीमारियों सहित सर्पदंश उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग पर्याप्त मात्रा में दवाइंयां एवं एंटी डोज को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्धता रखें। साथ ही उन्होंने जिले के आश्रम छात्रावासों में मलेरिया इत्यादि से बचाव हेतु मच्छरदानियां एवं खिड़कियों जालियों की व्यवस्था, प्रसाधन कक्षों एवं छात्रावास परिसर के नालियों में डीडीटी के छिड़काव के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके साथ ही बैठक में समय-सीमा के पूर्व निर्धारित प्रकरणों पर भी कलेक्टर ने जानकारी लेते हुए दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
- रायपुर। देश की सीमाओं पर लगातार बदलते हालात के बीच नागरिक सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। ऐसे समय में जब दुश्मन न केवल सीमा पर बल्कि आम जनता के बीच भ्रम और भय का माहौल बनाने की कोशिश करता है, तब जरूरत होती है एक ऐसे प्रशिक्षित नागरिक वर्ग की, जो संकट की घड़ी में प्रशासन के साथ खड़ा हो और खुद भी आत्मरक्षित हो सके। इसी उद्देश्य से नगर सेना की ओर से सिविल डिफेंस वालंटियर्स के रूप में आम नागरिकों को आमंत्रित किया जा रहा है।डॉक्टर, इंजीनियर, छात्र, नर्स, ड्राइवर, वकील, नाविक, कुशल तैराक, सेवानिवृत्त कर्मचारी और अन्य आम नागरिक My Bharat पोर्टल (https://mybharat.gov.in) या जिला सेनानी, नगर सेना, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, रायपुर के कार्यालय में जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन से संबंधित जानकारी के लिए संपर्क नंबर 0771-2418823 पर संपर्क किया जा सकता है।सिविल डिफेंस का हिस्सा बनना सिर्फ एक सेवा नहीं, यह हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। यह वह विशेष वर्ग होता है जो आपदा, हवाई हमले, बाढ़, भूकंप या दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में न केवल खुद को बचाता है, बल्कि प्रशासन को सहयोग करते हुए समाज की भी रक्षा करता है।इस राष्ट्र ने कई संकट झेले हैं, और हर बार नागरिकों ने एकजुट होकर देश का साथ दिया है। इस बार भी, यदि जरूरत पड़ी, तो सीमा पर हमारी सेना के साथ शहरों में आप जैसे सिविल डिफेंस वालंटियर तैनात होंगे। इसलिए समय ना गंवाएं, खुद को प्रशिक्षित करें और देश सेवा में सहभागी बनें।रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र की प्रति और दो पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक हैं।
- परीक्षा केंद्र में पेयजल-बिजली की उपयुक्त व्यवस्था करेंः आयुक्त विश्वदीपरायपुर । नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने आज कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में बीएड-डीएड की परीक्षा सुचारू रूप से संचालित करने अधिकारियों की बैठक ली। आयुक्त श्री विश्वदीप ने कहा कि परीक्षा दिवस से पूर्व परीक्षा कक्षों में रोशनी, पंखे, फर्नीचर, पेय जल व शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करें और साफ सफाई का विशेष ध्यान दें। परीक्षा केंद्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति की उचित व्यवस्था करें। परीक्षों केंद्रों में उपयुक्त व्यवस्था करें और सभी अभ्यर्थी समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचे।प्री.बी.एड और प्री.डी.एल.एड प्रवेश परीक्षा 22 मई कोछत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, रायपुर द्वारा आयोजित प्री.बी.एड (B.Ed-25) और प्री.डी.एल.एड (DELED-25) प्रवेश परीक्षा 22 मई को 2 पालियों में आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली सुबह 10 बजे से 12.15 बजे तक एवं द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4.15 बजे तक संचालित की जायेगी। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने परीक्षा के सुचारू रूप से संचालन के लिए अपर कलेक्टर श्री नवीन कुमार ठाकुर को को-आर्डिनेटिंग सुपरवाइजर, डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम प्रसाद रजक और रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
- टीमवर्क और जवाबदेही के साथ काम करें शिक्षक-प्राचार्यः कलेक्टर डॉ. सिंहरायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज जे.आर. दानी कन्या विद्यालय में जिले के समस्त प्राचार्य और अधिकारियों की बैठक ली। शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापूर्वक बनाने उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि सभी प्राचार्य जवाबदेही और टीमवर्क के साथ काम करें। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्ययोजना बनाएं, हर शिक्षक अपनी जिम्मेदारी समझे और रिजल्ट ओरिएंटेड कार्य करें।कलेक्टर डॉ. सिंह ने शिक्षकों को शाला में नियमित रूप से उपस्थित रहने निर्देश दिया। शिक्षकों से उन्होंने कहा कि वार्षिक टाइम-टेबल बनाकर सिलेबस समय पर पूरा करें। शाला प्राचार्य अब बच्चों की कॉपी चेक करेंगे और जहां आवश्यकता होगी, सुझाव देंगे और बदलाव करेंगे।कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी से रूबरू होकर उनकी समस्याएं जानी और कहा कि शिक्षकों को अच्छे परिणाम देने प्रोत्साहित करे ताकि रायपुर जिले का परिणाम बेहतर हो। बैठक में संयुक्त संचालक श्री राकेश पांडेय, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय खंडेलवाल, शाला प्राचार्य और समस्त शिक्षक उपस्थित रहे।
- मछुवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ लेने प्रोत्साहित करने के दिए निर्देशबिलासपुर/जिला पंचायत सभा भवन में आज छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा द्वारा जिले के मछुआ सहकारी समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्यों का बैठक लिया गया। बैठक में मछली पालन विभाग की योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, किसान केडिट कार्ड, मछुवा बीमा एवं किसानों को लाभ दिलाने हेतु जो योजनायें संचालित है उसकी समीक्षा की गई। अध्यक्ष द्वारा मछुवारों का आर्थिक लाभ हेतु शासकीय योजनाओं का लाभ लेने प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने तालाबों की साफ-सफाई, मछलियों के अधिक उत्पादन बढ़ाने हेतु तालाबों में परिपूरक आहार डालने, उत्पादों को बाजारों में बेचने से अधिक लाभ होने संबंधी जानकारी दी गई। अध्यक्ष ने बताया कि सरकार सुशान तिहार के माध्यम से अनेक जनकल्याणकारी योजनायों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने, किसानों और अन्य व्यक्तियों तक पहुंचाने का काम कर रही है।बैठक में अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि सम्पर्क से सिद्वी तक आर्थिक स्थिति को दोगुना करने के लिए तालाबों की पट्टे अवधि को 07 साल से 10 तक किया गया, जिसमें मछली पालन विभाग द्वारा अनेक प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित है जैसे- नाव जाल सहायता, आईस बाक्स, स्पान संवर्धन योजना, 50 प्रतिशत अनुदान पर मत्स्य बीज वितरण, मछुआ दुर्घटना बीमा, एवं महतारी वन्दन योजना, उज्वाला गैस योजना, किसान सम्मननिधि, किसान क्रेडिट कार्ड, आदि योजनाओं के माध्यम से मछुवारा, किसान भाईयों एवं बहनों का आय दोगुना करने के लिये केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक आय दोगुना करने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, पूर्व जनपद अध्यक्ष श्री रामचरण कोर्राम एवं श्री विजय ध्रुव, श्री विक्रम निषाद, किसन, रामेश्वर कैवर्त, गजेन्द्र कैवर्त, बी.पी. निषाद , श्री रोहित कैवर्त अध्यक्ष मौली माता सह0 समिति, चनाडोगरी मनमोहन धीवर साजापाली, रामेश्वर प्रसाद ओखर, भास्कर कश्यप बनियाडीह, कमलेश गढ़ेवाल किरारी, राजेश वर्मा, चेतनसिंह जॉजी, योगेश कुर्रे एरमसाही, छत्तलाल कर्रा, रामू अवधोलिया चिल्हाटी, शिवमोहन बघेल रतनपुर, गजपाल चन्द्रसेन टिकारी, आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- बिलासपुर/महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 39 के अंतर्गत 'सपोर्ट पर्सन' इम्पैनल हेतु इच्छुक व्यक्तियों और संगठनों से रूचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की गई है। इच्छुक पात्र आवेदक या संगठन 23 मई 2025 तक निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं प्रारूप जिले की आधिकारिक वेबसाइट bilaspur.gov.in पर उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, बिलासपुर के कार्यालय के नोटिस बोर्ड में भी संबंधित सूचना चस्पा की गई है।




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