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- 0- आमजनों की समस्याओं का हो रहा त्वरित समाधानरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील निराकरण का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। इसी कड़ी में धरसींवा विकासखण्ड के ग्राम तिवरैया में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जहां मुख्य रूप से जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन उपस्थित रहे।शिविर में 90 हितग्राहियों का नेत्र जांच, 79 हितग्राहियों की शुगर-बीपी जांच, 74 हितग्राहियों का सामान्य जांच एवं 25 हितग्राहियों का एक्स-रे जांच किया गया। विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एक ही स्थान पर उपस्थित रहकर लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान कर रहे हैं।साथ ही शिविर में मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम कार्ड एवं नवीनीकरण, लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस, आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं से संबंधित सेवाएं प्रदान की गईं।कार्यक्रम में एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, जनपद सीईओ श्री आशीष केशरवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्पना मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आह्वान पर ज्ञानभारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में प्राचीन एवं दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में विभिन्न ऐतिहासिक पाण्डुलिपियों का संग्रहण कर उन्हें ज्ञानभारतम् पोर्टल में अपलोड किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम निनवा, विकासखंड तिल्दा निवासी प्रसिद्ध भागवताचार्य पंडित श्री नंदकुमार शर्मा जी से सनातन धर्म से जुड़ी अत्यंत दुर्लभ एवं ऐतिहासिक धार्मिक धरोहरों का अवलोकन किया गया। इस दौरान उनके निवास से लगभग 136 वर्ष प्राचीन श्रीमद्भागवत महापुराण सहित कई महत्वपूर्ण हस्तलिखित धार्मिक पांडुलिपियाँ प्राप्त हुईं।प्राप्त जानकारी के अनुसार आचार्य पंडित श्री नंदकुमार शर्मा जी द्वारा इन प्राचीन धरोहरों को वर्षों से अत्यंत श्रद्धा, सावधानी एवं समर्पण के साथ सुरक्षित संरक्षित कर रखा गया था। इनमें लगभग 100 वर्ष पूर्व लिखित हस्तलिखित भजन एवं फाग गीतों की पांडुलिपियाँ भी शामिल हैं, जो तत्कालीन धार्मिक, सांस्कृतिक एवं लोक परंपराओं की अमूल्य धरोहर मानी जा रही हैं।उन्होंने बताया कि ये धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत उनके पूर्वजों से प्राप्त हुई थीं, जिन्हें उन्होंने सनातन धर्म के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से सुरक्षित संजोकर रखा। क्षेत्र में उनके इस कार्य को भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं के संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक पहल माना जा रहा है। इस अवसर पर जनपद पंचायत तिल्दा कार्यपालन अधिकारी श्री रवि कुमार उपस्थित रहे|
- 0- कहा- अब पक्के आवास से समस्याएं दूर होंगी, प्रशासन का धन्यवादरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील निराकरण का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। सिंधु भवन, बीटीआई ग्राउंड के सामने, शंकर नगर जोन-3 में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में श्री विभीषण दीप को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत पक्का मकान निर्माण हेतु अनुज्ञा पत्र प्रदान किया गया।श्री दीप पेशे ऑटो चालक हैं। कई वर्षों से वे मिट्टी के मकान में निवासरत थे। बरसात के दिनों में छत टपकती थी एवं घर की स्थिति समय के साथ और भी कठिन हो रही थी। सुशासन तिहार के अवसर पर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत अनुज्ञा पत्र दिया गया। श्री दीप एवं उनका परिवार अब बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि अब वे अपना पक्का मकान बनवा सकेंगे, जिससे उनके जीवन की कई समस्याएं दूर हो जाएंगी। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
- 0- जिले में आयोजित हुई प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की ऑनलाइन वर्चुअल बैठक0- बैंकों को लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण एवं त्वरित सेंक्शन के निर्देशरायपुर. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पेट्रोल बचत संबंधी आह्वान के अनुरूप कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में अब कलेक्टोरेट में होनी वाली बैठकों का जहाँ तक संभव हो ऑनलाइन आयोजन का फैसला हुआ है। इसके तहत पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा बैठक का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन द्वारा की गई।बैठक में विभिन्न बैंकों एवं संबंधित विभागों द्वारा योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। सभी बैंकों को निर्देशित किया गया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना अंतर्गत अधिक से अधिक सोर्स एप्लीकेशन प्राप्त करने हेतु सक्रिय प्रयास करें तथा हितग्राहियों से संपर्क बढ़ाते हुए योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। साथ ही बैंकों को सोर्स एप्लीकेशन में सेंक्शन की संख्या बढ़ाने हेतु लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने, आवश्यक दस्तावेजों की समय पर जांच करने एवं पात्र आवेदकों को त्वरित स्वीकृति प्रदान करने के निर्देश दिए गए।ऑनलाइन बैठक आयोजित किए जाने से अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आवागमन में कमी आई, जिससे पेट्रोल की बचत के साथ-साथ समय एवं संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हुआ। बैठक में सभी संबंधित संस्थाओं से समन्वित प्रयास करते हुए योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। बैठक में एलडीएम मोहम्मद मोफिज, बैंकों के प्रतिनिधि एवं सीएसपीडीसीएल के अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े।
- 0- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभाररायपुर. छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनहित में आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। इसी कड़ी में ब्लॉक आंरग अंतर्गत नगर पंचायत समोदा में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में रायपुर निवासी श्री सुनील चेलक का लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस तत्काल बनाकर प्रदान किया गया।श्री चेलक को उनके मित्र से सुशासन तिहार के बारे पता चला। जानकारी मिलते ही उन्होंने सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर में जाकर लाइसेंस हेतु आवेदन किया। आवेदन करने के 10 मिनट के भीतर उनका लाइसेंस बन गया, इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया।
- 0- निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कर एक सप्ताह में सभी कंपोनेंट का अनिवार्य रूप से परीक्षण कराने के दिए निर्देश0- समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत इस वाटर ट्रिटमेंट प्लांट से शीघ्र ही 27 गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित होगीबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज गुरूर विकासखण्ड के ग्राम धनोरा में जल जीवन मिशन के तहत समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत निर्माणाधीन वाटर ट्रिटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर व्यवस्थाआंें का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों एवं ठेकेदारों को निर्माणाधीन वाटर ट्रिटमेंट प्लांट को शीघ्र पूरा कर एक सप्ताह में वाटर ट्रिटमेंट प्लांट के सभी कंपोनेंट का अनिवार्य रूप से परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने वाटर ट्रिटमेंट प्लांट धनोरा के प्रत्येक घटकों के निर्माण कार्य के प्रगति के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री सागर वर्मा एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने वाटर ट्रिटमेंट प्लांट के नक्शे का अवलोकन कर निर्माण कार्य के प्रगति एवं इस समूह जल प्रदाय योजना में शामिल कुल 27 गांवों के संबंध में भी जानकारी ली। मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने कलेक्टर श्रीमती मिश्रा को एमबीआर का निर्माण किए जाने की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि दोनों एमबीआर सहित धनोरा वाटर ट्रिटमेंट प्लांट के सभी घटकों का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, केवल टेस्टिंग का कार्य ही शेष रह गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस वाटर ट्रिटमेंट प्लांट में 230 किलोलीटर एवं 290 किलोलीटर का दो एमबीआर का निर्माण किया गया है और इन दोनों एमबीआर का टेस्टिंग भी पूर्ण हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस वाटर ट्रिटमेंट प्लांट की क्षमता 4.5 एमएलडी है। उन्होने बताया कि 230 किलोलीटर पहला एमबीआर से 13 गांव एवं 290 किलोलीटर के दूसरा एमबीआर से 14 ग्रामों सहित कुल 27 ग्रामों में इस समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत ग्राम धनोरा में निर्मित इस वाटर ट्रिटमेंट प्लांट से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने इस निर्माणाधीन कार्य के शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। जिससे कि धनोरा सहित आसपास के कुल 27 ग्रामों को शीघ्र शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
- 0- यूएवी ड्रोन सर्वेक्षण कार्य का किया गया शुभारंभ0- जिला प्रशासन बालोद एवं आईआईटी भिलाई के साझेदारी से ड्रोन सर्वे एवं कार्ययोजना को दिया जाएगा मूर्त रूपबालोद. जिला प्रशासन बालोद के विशेष प्रयासों से शीघ्र ही जिले की जीवनदायिनी तांदुला नदी का पुनरूद्धार होने से यह नदी अपने नये स्वरूप में प्रस्तुत होने वाला है। तांदुला जलाशय के समीप स्थित जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम देउरतराई मैदान में तांदुला नदी के पुनर्जीवन एवं इको-रिवरफ्रंट विकास कार्य का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। जिला प्रशासन बालोद एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के साझेदारी से शुरू किए जा रहे यूएवी ड्रोन सर्वे के शुभारंभ अवसर पर नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम बालोद श्री नूतन कंवर एवं कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग श्री पीयूष देवांगन के अलावा ग्राम पंचायत देउरतराई, झलमला एवं हीरापुर के सरपंचों सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं आईआईटी भिलाई के विषय विशेषज्ञों तथा जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा यूएवी ड्रोन की विधिवत पूजा-अर्चना कर तांदुला नदी के कायाकल्प हेतु ड्रोन सर्वे कार्य का शुभारंभ किया गया। उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के विषय विशेषज्ञों के द्वारा ड्रोन सर्वे कार्य को पूरा कर इसकी कार्ययोजना बनाने के उपरांत बालोद जिला प्रशासन द्वारा तांदुला नदी से लेकर हीरापुर तक के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण कार्य के अलावा जल संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन, जैव विविधिता संरक्षण आदि का कार्य किया जाएगा।ज्ञातव्य हो कि जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग बालोद के सहयोग से इस महत्वाकांक्षी परियोजना में आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन द्वारा वैज्ञानिक योजना, विशेषज्ञ टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक सत्यापन एवं फील्ड आधारित अध्ययन के आधार पर व्यवहारिक, एडवांस मॉडल तैयार किया जाएगा। इसके अंतर्गत तकनीकी समाधान अध्ययन एवं क्रियान्वयन तैयार किए जाएंगे, वहीं ड्रोन तकनीक से नदी क्षेत्र का हाई-रिजोल्यूशन सर्वे का डेटा सर्वेक्षण का कार्य किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत तांदुला नदी के चयनित 03 किलोमीटर क्षेत्र में रिवर इकोसिस्टम संरक्षण एवं रिवरफ्रंट डेवलपमेंट का कार्य किया जाएगा। इसके तहत नदी की जलधारा, तट संरचना, जल गुणवत्ता, मौसमी परिवर्तन और जैव विविधता का विस्तृत अध्ययन कर नदी को स्वच्छ, संतुलित एवं सतत स्वरूप प्रदान करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से तैयार किए जा रहे यह मॉडल भविष्य में राज्य में सतत एवं वैज्ञानिक नदी पुनर्जीवन के उदाहरण के रूप में स्थापित होगा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी ने जीवनदायिनी तांदुला नदी के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इस बेहतरीन प्रयास की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के प्रयासों से शीघ्र ही जीवनदायिनी तांदुला नदी अपने नये स्वरूप में प्रस्तुत होगा। अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने कहा कि आज ड्रोन सर्वेक्षण कार्य के माध्यम से जीवनदायिनी तांदुला नदी के संरक्षण एवं संवर्धन तथा इसके जीर्णोद्धार का सपना साकार हो रहा है। श्री कौशिक ने मानव सभ्यता के विकास एवं पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन में नदियों की भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री पीयूष देवांगन ने किया। इस अवसर पर तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा सहित आईआईटी भिलाई के विशेषज्ञों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- 0- जनप्रतिनिधि एवं आला अधिकारी हुए शामिलबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज नगर पंचायत डौण्डी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में नगर पंचायत डौण्डी के सभी 15 वार्डो के हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसके अंतर्गत आज सांस्कृतिक भवन डौण्डी में आयोजित शिविर में उपस्थित अतिथियों के द्वारा ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को कृषि विभाग अंतर्गत मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत जाल एवं आईस बाॅक्स, सहकारिता विभाग अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड, स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत आयुष्मान कार्ड एवं निक्षय पोषण किट का वितरण किया गया। इसी तरह समाज कल्याण विभाग अंतर्गत श्रवण यंत्र एवं छड़ी, राजस्व विभाग द्वारा स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख पत्र का वितरण किया गया। इसी तरह मनरेगा जाॅब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र का वितरण किया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। नगर पंचायत डौण्डी में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 342 आवेदन प्राप्त हुए थे।शिविर में आज नगर पंचायत डौंडी की अध्यक्ष श्रीमती मोहन्तीन चैरका, उपाध्यक्ष श्री संजीव मानकर, जनपद उपाध्यक्ष श्री भोलाराम नेताम, वरिष्ठ जनप्रतिनिध श्री श्री मनीष झा, जनपद सदस्य श्रीमती साधना सोरी, श्रीमती रत्ना हिरवानी, पार्षदगण श्रीमती अमरीका ठाकुर, श्रीमती भुनेश्वरी कुम्भकार, श्रीमती ममता जैन, श्री यदुनंदन देवहारी, श्रीमती रेखा चैहा, श्री प्रशांत नेताम, श्रीमति माधुरी रावटे, श्री राजेन्द्र मानकर, सूश्री किरण बंजारे, श्री सुशील अमला, श्री सौरभ कुमार, श्री हितेन्द्र धनकर, श्री अनिल निर्मलकर, श्री अनिल कुमेटी, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री रामनारायण धनकर के अलावा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डौंडी श्री सुरेश कुमार साहू, तहसीलदार श्री देवेन्द्र नेताम, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री संतोष कुमार देवांगन, उप अभियंता श्री राकेश कुमार पाठक, परियोजना अधिकारी श्री जागेश्वर सोरी, श्रीमती पुष्पा साहू सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए जनप्रतिनिधियों ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने नागरिकों को जनसमस्या निवारण शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने को कहा। अतिथियों ने शिविर में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने को कहा। इसके साथ ही अतिथियों के द्वारा प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे नीर चेतना अभियान के अंतर्गत संपूर्ण जीव-जगत के लिए पानी के महत्व के संबंध में जानकारी देते हुए शिविर में उपस्थित सभी लोगों को पानी के संरक्षण एवं संवर्धन के अलावा इसका विवेकपूर्ण उपयोग करने की शपथ दिलाई।
- 0- पेट्रोलियम पदार्थों की बचत के उपाय सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर ने जारी किया निर्देशबालोद. सुशासन तिहार के दौरान बालोद जिले के सभी जिला स्तरीय अधिकारी शासकीय वाहनों का उपयोग पूल वाहन के तौर पर करेंगे। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने वर्तमान में पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर त्वरित अमल सुनिश्चित करते हुए पेट्रोलियम पदार्थों के बचत के उपाय सुनिश्चित करने हेतु सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के संबंध में निर्देश जारी किया गया है। कलेक्टर द्वारा जारी किए गए निर्देशों के तहत सुशासन तिहार के दौरान आयोजित होने वाले शिविरों में एक जिला स्तरीय अधिकारी के एक शासकीय वाहनों में दो या तीन विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को पूल वाहन के तौर पर उपयोग करेंगे।
- 0- 21 मई को आयोजित होगी पीपीएचटी परीक्षा0- जिले में परीक्षा के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां पूर्णबालोद. बालोद जिला प्रशासन द्वारा छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर जिले के परीक्षा केन्द्रों में आयोजित होने वाली पीपीएचटी प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले अभयर्थियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। जिससे की प्रवेश परीक्षा में शामिल होेने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश करने के लिए किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करने पड़े। अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी श्री अजय किशोर लकरा ने बताया कि छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर के माध्यम से 21 मई को सुबह 10 बजे से दोपर 1.15 बजे तक जिला मुख्यालय बालोद स्थित शासकीय घनश्याम गुप्त महाविद्यालय बालोद एवं भक्त माता कर्मा कन्या महाविद्यालय बालोद में पीपीएचटी प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।श्री लकरा ने प्रवेश परीक्षा के संबंध में जारी किए गए दिशा-निर्देशों के संबंध में बताया कि जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा के एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र का अनिवार्य रूप से अवलोकन करने को कहा गया है। जिससे कि उन्हें परीक्षा दिवस के दिन कोई असुविधा न हो। इसके साथ ही परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 02 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे जिससे उनका फ्रिस्किंग तथा फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र से सत्यापन किया जा सकें। परीक्षा प्रारंभ होने के आधे घंटे पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। उदाहरण के लिए यदि कोई परीक्षा प्रातः 10 बजे से प्रारंभ हो रहा है। तो मुख्य द्वार प्रातः 9.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। इसलिए समय का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े परीक्षा देने आए काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी रंग व गहरे चॉकलेटी रंग का कपड़े पहनना वर्जित होगा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने उपरांत ही ऐसे पोशाक की अनुमति होगी।परीक्षार्थी फुटवियर के रूप चप्पल पहने, कान में किसी भी प्रकार का आभूषण धारण करना वर्जित होगा। परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधा घण्टा में एवं परीक्षा समाप्ति आखिरी आधा में परीक्षा कक्ष से बाहर जाना वर्जित है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रानिक उपकरण, इलेक्ट्रानिक घड़ी, पर्स पाउच, स्कार्प, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। प्रवेश पत्र के सभी पेज का प्रिंटआउट ले और पेज के केवल एक तरफ प्रिंट करें क्योकि प्रत्येक परीक्षा हेतु व्यापम की प्रति परीक्षा केन्द्र में जमा हो जाएगी। परीक्षार्थी को परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र के साथ पहचान पत्र के रूप में मतदाता पहचान पत्र, ड्राईविंग लाइसेंस, पेनकार्ड, आधारकार्ड जिसमें अभ्यर्थी का फोटों का एक मूल पहचान पत्र परीक्षा दिवस में परीक्षा केन्द्र में लाना अनिवार्य होगा।मूल पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा जिसके लिए अभ्यर्थी स्वयं जिम्मेदार होंगें। परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष में केवल काले व नीले बालपाइंट पेन को ही उत्तर अंकित करने हेतु उपयोग में लाए। चयन प्रवेश के समय प्रवेश पत्र मांगा जाता है अतः इसे सुरक्षित रखें व्यापम द्वारा दोबारा प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा। निर्देशों का पालन न करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा देने से वंचित किया जाएगा, परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जाएगी।
- 0- सुशासन तिहार के दौरान सभी जिला स्तरीय अधिकारी शासकीय वाहनों का उपयोग पूल वाहन के तौर पर करेंगेबालोद. वर्तमान में पश्चिम एशिया संकट के कारण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पेट्रोल, डीजल आदि ईंधन पदार्थों की बचत के उपयोग सुनिश्चित करने हेतु संपूर्ण देशवासियों से वाहनों के कम उपयोग के अपील के मद्देनजर बालोद जिला प्रशासन द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों के बचत के उपाय के कार्य पर अमल शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के आॅडिटोरियम में अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आयोजित होने वाले समस्त शिविरों में अधिकारी-कर्मचारियों के आवागमन हेतु शासकीय वाहनों के उपयोग के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है। कलेक्टर के निर्देश पर सुशासन तिहार के दौरान आयोजित होने वाले शिविरों में एक जिला स्तरीय अधिकारी के शासकीय वाहनों में दो या तीन विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को पूल वाहन के तौर पर उपयोग करने के संबंध में आज विधिवत आदेश भी जारी कर दिया गया है। जिससे कि शासकीय कार्यों में कम से कम वाहनों का उपयोग होने के साथ-साथ पेट्रोल, डीजल आदि ईंधनों के बचत के उपाय सुनिश्चित की जा सके। बैठक में अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।--
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने गुरूर विकासखंड के ग्राम तार्री में स्थानीय नाले में चल रहे सुदृढ़ीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण कर प्रगतिरत कार्य का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कार्य से होने वाले जल के संरक्षण एवं नाला के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने वहाँ कार्यरत महिलाओं से भी चर्चा की और उन्हें जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा जल संरक्षण करने की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमेश रात्रे एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- बालोद. राज्य के उत्कृष्ठ शैक्षणिक संस्थाओं में कक्षा 6वीं में निःशुल्क अध्ययन एवं प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन 26 जुलाई को 2026 को आयोजित किया गया है। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने के लिए इच्छुक विद्यार्थियों को वर्तमान में कक्षा 5वीं में नियमित अध्ययनरत् होना तथा कक्षा 4थीं की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त किया होना अनिवार्य है। ऐसे विद्यार्थी उक्त योजना के तहत् आयोजित चयन परीक्षा में शामिल होने के पात्र होगें। उन्होंने बताया कि चयन परीक्षा के प्राप्ताकों की मेरिट के आधार पर कक्षा 6वीं के लिये अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग हेतु आबंटित किए गए राज्य में स्थित उत्कृष्ठ शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश दिया जाएगा।प्रवेश हेतु आयोजित चयन परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के सभी स्त्रोतों से वार्षिक आय 2.50 लाख से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही योजनांतर्गत विद्यार्थियों का चयन पूर्णतः ग्रामीण क्षेत्र अर्थात् ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत तथा नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित शालाओं के कक्षा 5वीं में अध्ययनरत् विद्यार्थी इस योजना का लाभ लेने हेतु पात्र होंगे। नगर पालिका तथा नगर निगम क्षेत्र में स्थित विद्यालयों में अध्ययनरत् विद्यार्थी योजना का लाभ लेने हेतु पात्र नहीं होंगे। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश दिलाने हेतु आयोजित परीक्षा में शामिल होने के लिए कक्षा 5वीं में अध्ययनरत् विद्यार्थी अपने आवेदन पत्र के साथ कक्षा 4थीं की अंक सूची, जाति प्रमाण-पत्र, पालक का आयकरदाता नहीं होने प्रमाण-पत्र संस्था का ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने का प्रमाण-पत्र अपने शाला में 20 जुलाई 2026 तक जमा कर सकते है।
- बालोद. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के द्वारा जारी दिशा निर्देशानुसार जिला जेल बालोद में बंदियों के परिजनों को विधिक जानकारी एवं प्रक्रियात्मक मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु विधिक सहायता हेल्प डेस्क का शुभारंभ आज 15 मई 2026 को प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद श्री एस.एल. नवरत्न द्वारा किया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश श्री नवरत्न ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोद द्वारा जिला जेल बालोद में विधिक सहायता हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों के साथ-साथ उनके परिवारजनों को भी निःशुल्क विधिक सहायता एवं आवश्यक कानूनी परामर्श उपलब्ध कराना है।हेल्प डेस्क के माध्यम से बंदियों के परिजनों को बंदियों के प्रकरणों की जानकारी, जमानत प्रक्रिया, अपील, कानूनी अधिकारों जानकारी दी जाएगी। जानकारी एवं संसाधनों के अभाव में बंदियों के परिवारजन को उचित कानूनी सहायता नहीं मिल पाती। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक समय पर न्यायिक सहायता पहुंचाई जा सके। हेल्प डेस्क में लीगल एड डिफेंस कौंसिल एवं पैरा लीगल वालिंटियर्स नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे, जो बंदियोे परिवारजनों की समस्याएं सुनकर उन्हें आवश्यक कानूनी सलाह एवं सहयोग प्रदान करेंगे। प्रत्येक नागरिक को न्याय प्राप्त करने का अधिकार है और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद द्वारा समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। इस अवसर पर जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री ताजुद्दीन आसिफ, द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री संजय सोनी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद भारती कुलदीप, व्यवहार न्यायाधीश बालोद श्रीमती हीरा सिन्हा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, लीगल एड डिफेंस कौसिल व कौंसिलगण श्री श्रीनिवास पाण्डेय चीफ, जेल अधीक्षक बालोद श्री एस.पी.कुर्रे एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के पैरालीगल वालिटिंयर्स उपस्थित रहें।--
- 0- जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाना जरूरी0- भू-जल संरक्षण एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित0- कलेक्टर ने दिलाई जल संरक्षण और स्वच्छता की शपथबिलासपुर. जिले में भू-जल संवर्धन एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभागृह शनिचरी बाजार में जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मस्तूरी विधायक श्री दिलीप लहरिया, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, नगर निगम सभापति श्री विनोद सोनी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, डीएफओ श्री नीरज यादव, पार्षद श्री बंधु मौर्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। कार्यशाला में नगरीय निकायों के अध्यक्ष, जिला पंचायत और जनपद सदस्य सहित 154 ग्रामों के सरपंच, सचिव, रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट, उप अभियंता, तकनीकी विशेषज्ञ, बिल्डर्स एवं बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने उपस्थित लोगों को जल संरक्षण एवं स्वच्छता की शपथ दिलाई।बतौर मुख्य अतिथि बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि जल संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी को केवल अभियान नहीं बल्कि जनआंदोलन बनाना होगा। उन्होंने कहा कि तेजी से घटते भू-जल स्तर और बढ़ती जल समस्या को देखते हुए अब प्रत्येक नागरिक को पानी बचाने के लिए जागरूक होना जरूरी है। वर्षा जल संचयन, तालाब संरक्षण और पौधरोपण जैसे कार्यों को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए आज से ही सामूहिक प्रयास करना आवश्यक है। उन्होंने सभी से आव्हान किया कि अपने विशेष दिन जैसे जन्मदिन, वर्षगांठ जैसे आयोजनों पर हमें एक पौधा जरूर लगाना चाहिए। मस्तूरी विधायक श्री दिलीप लहरिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। गांवों में तालाब, कुएं और पारंपरिक जल संरचनाओं को संरक्षित कर जल संकट से बचा जा सकता है। महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसे जनभागीदारी से ही सफल बनाया जा सकता है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि जल संरक्षण और स्वच्छता को जनभागीदारी से ही सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से पौधरोपण, स्वच्छता और जल बचत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि भू-जल का अत्यधिक दोहन होने से जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। भविष्य में जल संकट से बचने के लिए हमें जल संरक्षण के लिए हमारे गांव और शहर के हिसाब से नई तकनीक को अपनाना होगा। हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए हमें एक दिशा में ठोस कार्य योजना बनाकर इसे क्रियान्वित करना होगा। तालाब, डबरी और वर्षा जल संचयन जैसी संरचनाओं को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने स्वच्छता, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता को भी समय की आवश्यकता बताते हुए लोगों से कचरे का पृथक्करण और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की अपील की। एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कहा कि जिस प्रकार चोर सामान चुरा लेता है, उसी तरह हम धरती का पानी लगातार खत्म कर रहे हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए अभी से जल संरक्षण पर गंभीरता से कार्य करना होगा। उन्होंने साइबर अपराधों से सतर्क रहने, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा नशे से दूर रहने की अपील की। नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि भू-जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए सामूहिक सहभागिता जरूरी है। वहीं नगर निगम के उपायुक्त श्री खजांची कुमार ने कार्यशाला को जनजागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।कार्यशाला में राजनांदगांव जिले के सहायक परियोजना अधिकारी श्री फैज अहमद ने वी वायर टेक्नोलॉजी, पोंड विथ इंजेक्शन वेल सहित अन्य विभिन्न भू-जल संरक्षण संरचनाओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने जल संरक्षण के वैज्ञानिक तरीकों और वर्षा जल संचयन की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने आधुनिक तकनीक से नक्शे का तथ्यात्मक आंकलन, स्थल का चयन, ग्राम पंचायत की कार्ययोजना, संरचनाओं की स्वीकृति, संरचनाओं का निर्माण, संरचनाओं का उपयोग और उनके मरम्मत एवं संधारण के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
- बिलासपुर. जिले की होनहार छात्रा कुमारी कंचनलता को उच्चशिक्षा के लिए नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत आर्थिक मदद मिली है कंचन को इससे अपनी वकालत की पढ़ाई करने में सहायता मिलेगी। आर्थिक कठिनाइयों के कारण कंचन के लिए पढ़ाई जारी रखना चुनौती बनता जा रहा था। लेकिन सुशासन तिहार के तहत वार्ड क्रमांक 19 में आयोजित समाधान शिविर में इस योजना से मिली मदद से अब पढ़ाई की फीस भरना आसान होगा। कंचन ने इसके लिए मुख्यमन्त्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।श्रमिक परिवार की सीमित आय के बीच वकालत की पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था, लेकिन राज्य शासन की नोनी सशक्तिकरण योजना ने कंचन के सपनों को नई उड़ान दे दी है सरकंडा निवासी कुमारी कंचनलता को योजना के अंतर्गत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। इस सहायता राशि से अब उन्हें अपनी एलएलबी की पढ़ाई आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। कंचनलता ने बताया कि वे शुरू से ही कानून की पढ़ाई कर समाज के जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने का सपना देखती हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई बार पढ़ाई छोड़ने का विचार भी आया। कंचन ने कहा कि शासन की इस योजना ने उन्हें आत्मविश्वास दिया है और अब वे पूरी लगन के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखेंगी। कंचनलता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।उल्लेखनीय हैं कि श्रम विभाग के द्वारा संचालित नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना आज प्रदेश की अनेक बेटियों के लिए शिक्षा, आत्मनिर्भरता और उज्ज्वल भविष्य की नई उम्मीद बन रही है।
- 0- समोदा में विकास घोषणाओं की सौगात: स्वास्थ्य केंद्र, सीसी रोड और आंगनबाड़ी भवन निर्माण को मिली मंजूरी0- शिविर में 655 आवेदन प्राप्त एवं 147 आवेदन का त्वरित समाधानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार आरंग विकासखंड के ग्राम समोदा में सुशासन तिहार 2026 के तहत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप शामिल हुए रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल। राज्य शासन के निर्देश पर एक महीने के भीतर सभी आवेदनों का समाधान कर आवेदक को लिखित सूचना दी जाएगी।विकास कार्यों की तत्काल घोषणा और निर्देशसांसद ने जनहित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाने के निर्देश दिए:समोदा में स्वीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 15 दिनों के भीतर अस्थायी भवन में शुरू करने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही बनरसी में धान मंडी के लिए उपयुक्त स्थान का चयन ग्राम सभा के प्रस्ताव के आधार पर करने को कहा। श्री बृजमोहन अग्रवाल ने ओलावृष्टि और बाढ़ राहत की रुकी हुई राशि का तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए।उन्होंने महतारी वंदन योजना और गैस कनेक्शन के आवेदनों को लेने में आनाकानी करने वाले कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी पात्र हितग्राही का आवेदन रिजेक्ट नहीं होना चाहिए।सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने वार्ड क्रमांक 9 में कैलाश सतनामी के खेत से लेकर रमेश सोनकर के खेत तक सीसी रोड का निर्माण के लिए सांसद निधि से 10 लाख रुपये देने की घोषणा की साथ ही आगनवाड़ी भवन निर्माण की घोषणा की।शिविर को संबोधित करते हुए सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भाजपा सरकार का मूल मंत्र अंत्योदय है। जब-जब कमल का फूल खिलता है, सरकार खुद चलकर जनता के पास आती है। सुशासन का अर्थ है कि आम आदमी को छोटे-छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।सांसद ने नवजात शिशुओं का अन्नप्रासन्न कराया और किशोरियों को हेल्थ किट वितरित की। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत 52 हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई। कक्षा पांचवीं एवं आठवीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।समाज कल्याण एवं श्रम विभाग से जरूरतमंदों को ई-श्रम कार्ड एवं भवन अनुज्ञा पत्र, राजस्व विभाग से किसानों को किसान किताब तथा ग्रामीणों को आय प्रमाण पत्र वितरित किए गए। परिवहन विभाग से युवाओं को लर्निंग लाइसेंस सौंपे गए। उत्कृष्ट सेवाएं देने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। दिव्यांगजनों के ट्राइसाइकिल के आवेदन पर सांसद ने एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।इस अवसर पर नगर पालिका आरंग अध्यक्ष श्री संदीप जैन, समोदा नगर पंचायत अध्यक्ष श्री छोटेलाल सोनकर, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैकरा, तहसीलदार श्रीमती ज्योति मसियारे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- दामिनी देवदास ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवादरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत आयोजित समाधान शिविर ग्रामीणों और श्रमिकों के लिए त्वरित राहत का माध्यम बन रहे हैं। आरंग विकासखंड के नगर पंचायत समोदा में आयोजित सुशासन तिहार जन समस्या निवारण शिविर में ग्राम समोदा निवासी श्रीमती दामिनी देवदास एवं खुशबू सोनवानी के आवेदन पर जल्द ही राशन कार्ड बनाया गया।श्रीमती दामिनी देवदास ने कहा कि मैं आज सुशासन तिहार में अपने राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था जिसके बाद जल्द मुझे राशन कार्ड प्रदान किया गया । मैं पिछले 4 साल से राशन कार्ड बनवाना चाहती थी लेकिन किसी कारणवश नहीं बन पाया था । अब सुशासन तिहार में तुरंत बन गया, इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का आभार व्यक्त करती हूं।श्रीमती खुशबू सोनवानी ने बताया कि पहले मेरा राशन कार्ड नहीं बना था अब सुशासन तिहार में आवेदन के बाद जल्द मेरा राशन कार्ड बन गया। अब मुझे और मेरे परिवार को राशन से संबंधित कोई समस्या नहीं होगी।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैंकरा, तहसीलदार श्रीमती ज्योति मसियारे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।--
- 0- 40 किलो सड़ा-गला फल मौके पर कराया गया नष्टरायपुर। नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्री दीपक कुमार अग्रवाल तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार आज खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने लालपुर स्थित होलसेल फल मार्केट का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने तरबूज के 2, अनार के 1, आम के 1 और मौसंबी के 1, कुल 5 नमूने संग्रहित किए। इन सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।कार्रवाई के दौरान मौके पर रखे 2 कैरेट, लगभग 40 किलोग्राम सड़े-गले फल को टीम ने नष्ट कराया। विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य प्रयोगशाला से जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सजग रहें और किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना विभाग को दें।---
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रायपुर। प्रदेश की प्यास बुझाने वाले गंगरेल बांध के डूबान क्षेत्र में आने वाले गांवों के लिए राहत भरी बड़ी खबर है। जल जीवन मिशन के तहत शासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की सजगता के चलते ग्राम कोसमी में किया गया नया बोर खनन पूरी तरह सफल रहा है। भीषण गर्मी के इस दौर में जहां भूजल स्तर गिरने से कुछ व्यावहारिक दिक्कतें आ रही थीं, वहीं शासन के त्वरित एक्शन ने ग्रामीणों की इस बड़ी चिंता को दूर कर दिया है। हाल ही में भूजल स्तर में आई गिरावट को देखते हुए पीएचई विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाई। कोसमी और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए विभाग द्वारा युद्धस्तर पर काम शुरू किया गया। इसी कड़ी में कोसमी में किया गया नया बोर खनन पूरी तरह सफल रहा, जिससे अब गांव में प्रचुर मात्रा में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है।
डूबान क्षेत्र के ग्राम कोसमी, कोड़ेगांव-आर और तिर्रा जैसे गांवों में आ रही आंशिक दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। कोसमी में सफल बोर खनन के बाद अब पाइपलाइन के जरिए घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि डूबान क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और गिरते वॉटर लेवल को देखते हुए शासन स्तर पर विशेष योजना बनाई गई है। कोसमी की सफलता के बाद अब तिर्रा और कोड़ेगांव में भी बंद पड़े हैंडपंपों को सुधारने और नए विकल्पों पर तेजी से काम चल रहा है। किसी भी ग्रामीण को पानी के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। कोसमी में पानी की सफल सुगबुगाहट और नए बोर से पानी निकलते देख ग्रामीणों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन ने उनकी तकलीफ को समझा और गर्मी के चरम पर होने से पहले ही पानी की पुख्ता व्यवस्था कर दी। इस सफल प्रयास से अब आने वाले दिनों में क्षेत्र के अन्य गांवों में भी पानी की किल्लत पूरी तरह समाप्त होने की उम्मीद जाग गई है। -
-जनसमस्या निवारण शिविर में मिली आटा चक्की, आजीविका को मिला नया आधार
रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आयोजित “सुशासन तिहार 2026” आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ आजीविका संवर्धन का भी प्रभावी माध्यम बन रहा है। जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत अकलतरा अंतर्गत ग्राम तिलई में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में श्रीमती चित्रलेखा को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत आटा चक्की प्रदान की गई, जिससे उनके जीवन में आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत हुई है।श्रीमती चित्रलेखा लंबे समय से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए रोजगार के अवसर की तलाश कर रही थीं। सीमित संसाधनों के कारण उनके पास नियमित आय का कोई स्थायी साधन नहीं था। ऐसे में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर उनके लिए नई उम्मीद लेकर आया।शिविर में उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आटा चक्की उपलब्ध कराई गई। अब वे अपने गांव में ही अनाज पिसाई की सुविधा प्रदान कर सकेंगी, जिससे उन्हें घर बैठे नियमित आय प्राप्त होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। श्रीमती चित्रलेखा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिला है और आत्मनिर्भर बनने का रास्ता खुला है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शासन की योजनाएं वास्तव में जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंच रही हैं और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर दे रही हैं। -
-स्व-सहायता समूहों के जरिए आत्मनिर्भर बन रहीं ग्रामीण महिलाएं, मत्स्य पालन से बढ़ रही आय
रायपुर। प्रदेश में आयोजित सुशासन तिहार 2026 अब केवल जनसमस्याओं के निराकरण का मंच नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंचने से महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार और आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले के ग्राम पर्री की महिलाओं ने सामूहिक प्रयासों से स्वरोजगार की मिसाल प्रस्तुत की है।विकासखंड सूरजपुर के ग्राम पर्री में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान माँ अम्बे महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य श्रीमती मिथलेश्वरी सिंह को मत्स्याखेट हेतु जाल प्रदान किया गया। यह सहायता समूह द्वारा संचालित मत्स्य पालन गतिविधियों को और अधिक मजबूत करेगी तथा ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि का आधार बनेगी।उल्लेखनीय है कि समूह की महिलाओं ने ग्राम के शासकीय तालाब को 10 वर्षों की लीज पर लेकर संगठित रूप से मछली पालन का कार्य शुरू किया है। शासन की योजनाओं और विभागीय सहयोग से महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ रही हैं। मत्स्य पालन जैसे व्यवसाय से जुड़कर वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार और आत्मविश्वास की नई प्रेरणा दे रही हैं।मत्स्य पालन विभाग द्वारा शिविर में महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं, तकनीकी प्रशिक्षण और संसाधनों की जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मत्स्याखेट जाल सहित आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने से उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और ग्रामीण परिवारों की आय में निरंतर सुधार आएगा। साथ ही विभाग समय-समय पर प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध करा रहा है। जाल प्राप्त करने के बाद श्रीमती मिथलेश्वरी सिंह ने शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से समूह की महिलाओं को मत्स्याखेट कार्य में काफी सुविधा मिलेगी तथा उनकी आय बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार जैसे आयोजनों के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। - -घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर समिति ने दी सहमति-जिला पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक संपन्नसूरजपुर । जिले के तहसील सूरजपुर अंतर्गत केतका स्थित गायत्री भूमिगत परियोजना, विश्रामपुर एसईसीएल क्षेत्र के लिए जिला पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना से प्रभावित भूमिस्वामियों एवं आश्रितों के पुनर्वास और रोजगार संबंधी विषयों पर चर्चा की गई।बैठक के दौरान ग्राम जोबगा की अधिग्रहित निजी भूमि से संबंधित भूमिस्वामियों एवं आश्रितों को कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। प्रभावित परिवारों को नीति के तहत निर्धारित रोजगार के दो विकल्पों में से किसी एक विकल्प का चयन करने के लिए बैठक आयोजित की गई। जिसमें घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर सहमति व्यक्त की गई । बैठक में लिए गए इस निर्णयों के आधार पर ही अब प्रभावित व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने की आगे की कार्रवाई की जाएगी।बैठक में बताया गया कि गायत्री भूमिगत परियोजना के अंतर्गत कुल 288.209 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है, जिसमें 220.784 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। परियोजना से ग्राम जोबगा, गेतरा और पोड़ी प्रभावित हैं।जानकारी के अनुसार ग्राम जोबगा में कुल 77.69 हेक्टेयर (191.976 एकड़) भूमि अधिग्रहित की गई है। मुआवजा निर्धारण के समय यहां 168 खातेदार थे, जबकि अधिग्रहण तिथि के समय इनकी संख्या 161 खातेदार रही।निजी भूमि के लिए कुल 20.17 करोड़ रुपए मुआवजा राशि निर्धारित की गई है। इसमें अब तक 42 खातेदारों को 7.09 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 126 खातेदारों को 13.08 करोड़ रुपए का भुगतान शेष है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत परियोजना प्रभावितों के लिए 95 रोजगार का प्रावधान किया गया है। समिति ने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार लाभ दिलाने और पुनर्वास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
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राजनांदगांव । एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना राजनांदगांव (शहरी) अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र नवागांव वार्ड 1 क्रमांक 1 में सहायिका के 1 पद पर नियुक्ति हेतु 1 जून 2026 तक आवेदन आमंत्रित की गई है। भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र आवेदक निर्धारित तिथि तक ई-भर्ती पोर्टल URL http://aww.e-bharti.in/ पर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हंै। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय एवं पोर्टल से प्राप्त की जा सकती है।
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-मेसर्स माँ शीतला कृषि केन्द्र को नोटिस जारी
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने खरीफ 2026 में जिले के किसानों को सहकारी व निजी क्षेत्रों से आवश्यक मात्रा में उर्वरकों का वितरण सुगमता एवं पादर्शिता से करने तथा अवैध रूप से उर्वरकों के भण्डारण एवं कालाबाजारी को रोकने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। इसी कड़ी में कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम बेलगांव में मेसर्स माँ शीतला कृषि केन्द्र के परिसर एवं कृषि केन्द्र के ग्राम माड़ीतराई में स्थित गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गोदाम परिसर में भण्डारित खाद किसान सुपर पाउडर लगभग 300 बोरी, एनएफएल यूरिया-290 बोरी, एनपीके 20:20:10-580 बोरी, एमओपी आईपीएल-273 बोरी, एनपीके 28:280:0-18 बोरी, डीएपी आईपीएल-52 बोरी, यूरिया एचयूआरएल-65 बोरी तथा किसान सुपर दानेदार 675 बोरी, इस प्रकार कुल अवैध रासायनिक उर्वरक भण्डारण लगभग 2253 बोरी पाया गया। टीम द्वारा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के खण्ड-7 का उल्लंघन पाये जाने के फलस्वरूप भंडारित उर्वरकों का जप्ती एवं सुपुर्दगी की कार्रवाई करते हुए गोदाम को सील किया गया है। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के धाराओं के उल्लंघन के संबंध में संबंधित को कारण बताओ नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने की दशा में आगामी कार्रवाई की जाएगी। अवैध खाद के भण्डारण पर जप्ती की कार्रवाई के समय उर्वरक निरीक्षक, सहायक संचालक कृषि श्रीमती संध्या कोचरे, सहायक संचालक कृषि डॉ. बीरेन्द्र अंनत, कृषि विकास अधिकारी डोंगरगढ़ श्री पीके नाग एवं राजस्व निरीक्षक श्री शिवेन्द्र मिश्रा, क्षेत्रीय पटवारी श्री प्रकाश चंद्राकर उपस्थित थे।



























