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- -यूएवी ड्रोन सर्वेक्षण कार्य का हुआ शुभारंभ-जिला प्रशासन बालोद एवं आईआईटी भिलाई की साझेदारी से तैयार होगी वैज्ञानिक कार्ययोजनारायपुर। बालोद जिले की जीवनदायिनी तांदुला नदी के पुनर्जीवन एवं संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल प्रारंभ की गई है। शीघ्र ही तांदुला नदी का पुनरुद्धार कर उसे नए एवं आकर्षक स्वरूप में जिला प्रशासन द्वारा विकसित किया जाएगा। इसी कड़ी में आज तांदुला जलाशय के समीप स्थित जिला मुख्यालय बालोद के पास ग्राम देउरतराई मैदान में तांदुला नदी पुनर्जीवन एवं इको-रिवरफ्रंट विकास परियोजना के अंतर्गत यूएवी ड्रोन सर्वेक्षण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया।जिला प्रशासन बालोद एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई की साझेदारी से प्रारंभ इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत नदी क्षेत्र का वैज्ञानिक एवं तकनीकी अध्ययन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम बालोद श्री नूतन कंवर, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री पीयूष देवांगन सहित ग्राम पंचायत देउरतराई, झलमला एवं हीरापुर के सरपंच, जनप्रतिनिधि, आईआईटी भिलाई के विषय विशेषज्ञ तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।इस अवसर पर अतिथियों द्वारा यूएवी ड्रोन की विधिवत पूजा-अर्चना कर ड्रोन सर्वेक्षण कार्य का शुभारंभ किया गया। आईआईटी भिलाई के विशेषज्ञों द्वारा ड्रोन सर्वे कार्य पूर्ण करने के बाद विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट एवं कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर तांदुला नदी से हीरापुर तक के क्षेत्र में सौंदर्यीकरण, जल संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन एवं जैव विविधता संरक्षण के कार्य किए जाएंगे।ज्ञात हो कि जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग बालोद के सहयोग से संचालित इस परियोजना में आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन द्वारा वैज्ञानिक योजना, तकनीकी विश्लेषण, फील्ड आधारित अध्ययन एवं वैज्ञानिक सत्यापन के आधार पर व्यवहारिक एवं आधुनिक मॉडल तैयार किया जाएगा। इसके अंतर्गत ड्रोन तकनीक के माध्यम से नदी क्षेत्र का हाई-रिजोल्यूशन सर्वे कर विस्तृत डेटा संकलित किया जाएगा तथा तकनीकी समाधान एवं क्रियान्वयन की कार्ययोजना विकसित की जाएगी।परियोजना के तहत तांदुला नदी के चयनित लगभग तीन किलोमीटर क्षेत्र में रिवर इकोसिस्टम संरक्षण एवं रिवरफ्रंट डेवलपमेंट का कार्य किया जाएगा। इसके अंतर्गत नदी की जलधारा, तट संरचना, जल गुणवत्ता, मौसमी परिवर्तन एवं जैव विविधता का गहन अध्ययन कर नदी को स्वच्छ, संतुलित एवं सतत स्वरूप प्रदान करने की दिशा में कार्य किए जाएंगे। जिला प्रशासन द्वारा तैयार किया जा रहा यह मॉडल भविष्य में राज्य में वैज्ञानिक एवं सतत नदी पुनर्जीवन का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी ने तांदुला नदी के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण एवं आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि तांदुला नदी शीघ्र ही नए स्वरूप में दिखाई देगी। इस अवसर पर तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा सहित आईआईटी भिलाई के विशेषज्ञ एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
- -बंजर होती उम्मीदों में घुली खुशहाली की हरियाली-मगरलोड के बेलौदी गांव में दिखा बदलाव का मॉडल; केंद्रीय भूमि संसाधन सचिव ने खेत पहुंचकर थपथपाई किसान की पीठरायपुर। ग्रामीण विकास की योजनाओं ने यदि सही मार्गदर्शन और किसान की मेहनत का साथ पा लिया, तो परिणाम कितने सुखद हो सकते हैं, इसकी जीवंत मिसाल धमतरी जिले के किसान श्री छबी लाल बन गए हैं। कभी वर्षा आधारित खेती और सीमित संसाधनों के कारण आर्थिक तंगी से जूझने वाले छबी लाल आज अपनी 1.5 एकड़ भूमि पर ‘सब्जी उत्पादन का सफल मॉडल’ खड़ा कर क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। विकासखंड मगरलोड के ग्राम बेलौदी निवासी छबी लाल के पास खेती के लिए भूमि तो थी, लेकिन पानी की कमी और तकनीकी जानकारी के अभाव में वे केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित थे। वाटरशेड विकास योजना ने उनके जीवन में टर्निंग पॉइंट का काम किया। योजना के अंतर्गत आजीविका मद से मिले सहयोग और कृषि विशेषज्ञों के तकनीकी परामर्श ने उनकी सोच और खेती के तरीके को बदल दिया।आज छबी लाल ने अपनी जमीन के छोटे से टुकड़े पर विविधता का ऐसा रंग बिखेरा है कि वहां हर मौसम में आय सुनिश्चित रहती है। उन्होंने वैज्ञानिक पद्धति अपनाते हुए खेत में बरबट्टी, भिंडी और करेला,भाटा (बैंगन) एवं डोड़का (तोरई) जैसे उन्नत किस्म की सब्जियों का उत्पादन शुरू किया है। जल संरक्षण कार्यों के कारण खेत में नमी बनी रहती है, जिससे उत्पादन लागत कम हुई और मुनाफा बढ़ गया।छबी लाल की यह उपलब्धि केवल कागजों तक सीमित नहीं रही। हाल ही में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (भूमि संसाधन विभाग) के सचिव श्री नरेन्द्र भूषण स्वयं धमतरी प्रवास के दौरान छबी लाल के खेत पहुंचे। उन्होंने वहां लहलहाती फसलों को देखा और किसान के नवाचार की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि वाटरशेड योजना केवल जल एवं भूमि संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों की आजीविका सशक्त करने और किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। वर्तमान में श्री छबी लाल स्थानीय बाजारों में ताजी सब्जियों की आपूर्ति कर रहे हैं। इससे न केवल उनकी आय में कई गुना वृद्धि हुई है, बल्कि उनका आत्मविश्वास और जीवन स्तर भी ऊंचा हुआ है। उनकी सफलता यह सिद्ध करती है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और किसान का अटूट श्रम मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई तस्वीर गढ़ सकते हैं।
- -पीएचडी की डिग्री मिलने पर माता के पैर छूकर लिया आर्शीवादरायपुर।, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह के दौरान एक सुखद तस्वीर दिखाई दी जब दंतेवाड़ा जिले के एक आदिवासी छात्र डॉ. विक्की कुमार नेताम को अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग (जेनेटिक्स एवं प्लान्ट ब्रीडिंग) में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। डॉ. विक्की कुमार नेताम दंतेवाड़ा जिले के पहले कृषि शोध उपाधि धारक विद्यार्थी हैं। उनको यंग साइंटिस्ट अवार्ड भी प्राप्त हो चुका है। डॉ. विक्की कुमार नेताम आज यहां अपनी पीएचडी की डिग्री लेने के लिए अपनी माता जी एवं बहन के साथ दीक्षांत समारोह में पहुंचे थे। डॉक्टरेट की उपाधि मिलने पर उन्होंने अपनी माता जी श्रीमती मालामती नेताम के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। डॉ. विक्की कुमार नेताम वर्तमान में शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, जगदलपुर में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
- -लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा कीरायपुर । लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज संभागीय मुख्यालय दुर्ग में लोक निर्माण विभाग के दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर भवनों, सड़कों और पुलों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने दुर्ग और पाटन में तीन कार्यस्थलों पर जाकर कार्यों का निरीक्षण भी किया।श्री बंसल ने बैठक में अधिकारियों को भविष्य की जरुरतों के अनुरूप सभी सड़क खंडों पर फ्लाई-ओवर्स की समग्र योजनाओं के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्ग परिक्षेत्र के लोक निर्माण विभाग के सभी संभागों में प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में मौजूद थे।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के 15 दिनों के भीतर चयनित एजेंसी से अनुबंध की कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय-सीमा में काम सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभागीय अधिकारी अपने सुव्यवस्थित और समयबद्ध कार्यों से नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच विभाग की अच्छी छवि बनाएं। सभी कार्यों को पूरी जवाबदेही, सक्रियता और गंभीरता से अंजाम दें।सचिव श्री बंसल ने सभी अधिकारियों को मुख्यालय में रहकर निर्माणाधीन कार्यों की पुख्ता और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र के सड़कों की स्थिति की पूरी जानकारी रखते हुए परफार्मेंस गारंटी वाली सड़कों में सुधार की जरूरत पर संबंधित ठेकेदारों से तत्काल मरम्मत कराने को कहा। उन्होंने मैदानी स्तर पर भू-अर्जन में आ रही बाधाओं से वरिष्ठ कार्यालयों को अवगत कराने को कहा, ताकि निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर पर यथासमय की जा सके। उन्होंने इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की देरी नहीं करने को कहा।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने शासकीय भवनों के निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता एवं उपयोगिता के अनुरूप हॉरिजांटल की जगह वर्टिकल निर्माण को बढ़ावा देते हुए आधुनिक डिजाइनों और नई तकनीकों से निर्माण की कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। उन्होंने भवनों के निर्माण के दौरान निर्माण सामग्री से लेकर टाइल्स, पुट्टी और पेंट अच्छी गुणवत्ता का उपयोग करने को कहा। उन्होंने भूजल स्तर को रिचार्ज करने सभी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की भी व्यवस्था के निर्देश दिए।लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने दुर्ग के साइंस कॉलेज में बन रहे 750 सीटर आडिटोरियम के कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए जल्द इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जेल तिराहा से मिनीमाता चौक पुलगांव तक के सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने पाटन शासकीय कॉलेज के निर्माणाधीन भवन के कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां नए भवन में क्लास-रुम, लैब, शौचालय इत्यादि का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कॉलेज प्रबंधन से मिलकर विद्यार्थियों की जरूरतों और उपयोगिता के मुताबिक सभी कार्यों को संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे कॉलेज परिसर को हरा-भरा, सुंदर और सुव्यवस्थित करने को कहा।
- -जून 2026 तक 259 मकानों का निर्माण चरणबद्ध रूप से होगा पूर्ण-32 मकान तैयार, 30 जून तक शेष मकानों का निर्माण पूर्ण करने की कार्ययोजना पर तेजी से काम जारीरायपुर । रायपुर विकास प्राधिकरण (आर.डी.ए.) द्वारा कमल विहार स्थित कौशल्या माता विहार योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन 259 रो-हाऊस मकानों के कार्य को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्षों से लंबित इस परियोजना को पूर्ण कराने के लिए आर.डी.ए. ने विशेष प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्य को पुनः व्यवस्थित किया है और अब लाभार्थियों को शीघ्र ही उनके आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में लगभग 18.26 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना का कार्य प्रारंभ किया गया था। प्रारंभिक ठेकेदार द्वारा कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण नवंबर 2023 में अनुबंध निरस्त किया गया। इसके पश्चात नियमानुसार पुनः निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर 1 जनवरी 2025 को नया कार्यादेश जारी किया गया, जिसके बाद निर्माण कार्य में उल्लेखनीय तेजी आई है।वर्तमान में 32 रो-हाऊस मकानों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। आर.डी.ए. की कार्ययोजना के अनुसार 31 मई 2026 तक 59 अतिरिक्त मकान, 15 जून 2026 तक 82 मकान तथा 30 जून 2026 तक 86 मकानों का निर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा। इस प्रकार कुल 259 रो-हाऊस मकानों को चरणबद्ध तरीके से तैयार कर हितग्राहियों को सौंपने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। परियोजना के अंतर्गत निर्माण कार्य 8 विभिन्न सेक्टरों में फैला हुआ है, जिसके कारण तकनीकी एवं कार्यगत जटिलताओं के बावजूद आर.डी.ए. द्वारा सतत मॉनिटरिंग और समन्वय के माध्यम से कार्य को गति प्रदान की जा रही है।आर.डी.ए. के अधिकारियों ने बताया कि परियोजना से जुड़े हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा की जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। कमल विहार की यह परियोजना आर्थिक रूप से कमजोर एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण आवासीय पहल है। परियोजना के पूर्ण होने से बड़ी संख्या में परिवारों का अपने घर का सपना साकार होगा।
- -विशेष पिछड़ी जनजाति के छात्रों के लिए 1.82 करोड़ से बनेगा छात्रावास, शिक्षा और विकास को मिली नई रफ्ताररायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के बैगा बाहुल्य ग्राम सिंघारी में विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित 50 सीटर छात्रावास भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। लगभग 1 करोड़ 82 लाख रुपए की लागत से बनने वाला यह छात्रावास क्षेत्र के विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएगा।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों तक शिक्षा की सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और क्षेत्र की प्रगति का आधार भी है। ऐसे क्षेत्रों में छात्रावासों की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई नियमित होगी और उन्हें बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।उन्होंने कहा कि बैगा समाज प्रदेश की सांस्कृतिक परंपरा और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार की कोशिश है कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को भी शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आधारभूत सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि कई बार दूरस्थ गांवों के बच्चों को स्कूल और आवास की कठिनाइयों के कारण पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती है, लेकिन छात्रावास बनने से विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण और आवश्यक सुविधाएं मिल सकेंगी।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षित युवा ही आने वाले समय में समाज और क्षेत्र के विकास की मजबूत नींव बनेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार जनजातीय अंचलों में अधोसंरचना विकास, सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष प्राथमिकता के साथ काम कर रही है। कार्यक्रम में कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जनपद अध्यक्ष श्रीमती बालका राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्री कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत श्री नंद श्रीवास, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रूपा राजकुमार धुर्वे, श्री लोकचंद साहू, श्री मनीराम साहू, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -’वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई फसल किस्मों और आधुनिक तकनीकों से किसानों को मिल रहा है लाभ - मुख्यमंत्री श्री साय’-’इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 11 वें दीक्षांत समारोह मे शामिल हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री’-’1880 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, 13 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक मिले’रायपुर । छत्तीसगढ़ की लगभग 80 प्रतिशत अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। आज भूमि लगातार संकुचित होती जा रही है। अतएव हमें कम जमीन में ज्यादा से ज्यादा उत्पादन के लिए कार्य करना होगा। अर्थव्यवस्था के तेजी से विकास के लिए वैल्यू एडिशन उत्पादन आज की महती आवश्यकता है।राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं कुलाधिपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर ने विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में यह बात कही। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के पूर्व निदेशक और प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार सिंह उपस्थित थे ।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के सभागार में आयोजित भव्य एवं गरिमामय दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधियां वितरित की गई। विभिन्न संकायों में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को 13 स्वर्ण, 7 रजत एवं 2 कांस्य पदक सहित 128 शोधार्थियों को पी.एच.डी, 518 विधार्थियों को स्नातकोत्तर और 1234 विधार्थियों को स्नातक उपाधि प्रदान की गई। कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इन उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्र जीवन का एक बहुत बड़ा अवसर होता है। यह केवल डिग्री प्राप्त करने का दिन नही बल्कि भविष्य की शुरूआत का प्रतीक है। जब यह विश्वविद्यालय स्थापित हुआ था तब यहां केवल दो या तीन स्ट्रीम ही उपलब्ध थी। लेकिन समय के साथ शिक्षा और अवसरों का विस्तार हुआ है।श्री डेका ने कहा कि आज कृषि परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। अब यह विज्ञान तकनीकी, नवाचार और उद्यमिता से संचालित हो रही है। विश्वभर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन, उपग्रह मानचित्र, सटीक कृषि जलवायु अनुकूल तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी और डेटा विश्लेषण का उपयोग बढ़ रहा है। भारत भी तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। ड्रोन द्वारा उर्वरक एवं कीटनाशक छिड़काव, डिजिटल उपकरणों से मृदा स्वास्थ्य निगरानी, मोबाइल ऐप द्वारा किसान परामर्श और ई-नाम बाजार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदल रहे हैं। किसानों और युवाओं को भी आधुनिक और उन्नत खेती की ओर बढ़ना चाहिए। छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। लेकिन अब हमें बासमती जैसे उच्च गुणवत्ता वाले धान के उत्पादन पर भी ध्यान देना चाहिए। इससे कार्पाेरेट कंपनियों द्वारा खरीद आसान होगी और किसानों को बेहतर लाभ मिल सकेगा। हाइड्रोपोनिक्स और प्राकृतिक खेती के लिए भी भविष्य में बड़ी संभावनाएं है। विद्यार्थियों को भी कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए।श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि और जल संरचना कृषि के लिए अनुकूल है। यहां पानी आसानी से नीचे नहीं जाता जिससे उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलती है। सही तकनीक और सोच के साथ कृषि को और अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय ने कृषि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है तथा वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई फसल किस्मों और आधुनिक तकनीकों से किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए खेती को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन,फल-सब्जी और मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार, कृषि उपकरणों की उपलब्धता तथा मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से ड्रोन, एआई और डिजिटल तकनीकों को खेती से जोड़कर किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सेतु बनने का आव्हान किया।कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रदेश में कृषि को बढ़ावा देने के लिए अनेक नवाचार किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान की सबसे ज्यादा प्रजातियां है। सुगन्धित धान के लिए हमारा राज्य जाना जाता है। फल, फूल और मसाले की भी अपार संभावनाएं यहां है। उन्होंने विद्यार्थियों से शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे आने का आग्रह करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के ज्ञान का लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा। समारोह में दीक्षांत भाषण डॉ. अशोक कुमार सिंह ने दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने दीक्षांत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया उन्होंने विश्वविद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर विस्तृत प्रकाश डाला। साथ ही उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को दीक्षा उपदेश दिया। आभार प्रदर्शन कुलसचिव द्वारा किया गया। दीक्षांत समारोह में क्षेत्र के विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा, विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलपति, विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल, विद्या परिषद तथा प्रशासनिक परिषद के सदस्यगण, प्राध्यापक, वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय के अधिकारी, उपाधि तथा पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी तथा उनके पालकगण उपस्थित थे।
- -वनांचल क्षेत्र का चंहुमुखी विकास हमारी प्राथमिकता - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मारायपुर । कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल एवं बैगा बाहुल्य क्षेत्र तरेगांव जंगल में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शामिल हुए। उन्होंने शिविर में ग्रामीणों के साथ अपने सहज और चिर-परिचित अंदाज में सीधे संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद का माध्यम है। राज्य सरकार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जनपद अध्यक्ष श्रीमती बालका राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्री कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत श्री नंद श्रीवास, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रूपा राजकुमार धुर्वे, श्री लोकचंद साहू, श्री मनीराम साहू, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों का समुचित विकास और मूलभूत सुविधाओं की सहज पहुंच सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि 100 करोड़ रुपए की लागत वाली कुसुमघटा - बैजलपुर - राजानवांगांव समूह जल प्रदाय योजना से 66 गांवों तक पेयजल पहुंचाया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे बड़ौदाखुर्द, बड़ौदाकला, भलपहारी, अचानकपुर, गंडईकला, गंडईखुर्द, कुसुमघटा, बोइरकछारा, खरहट्टा, भरेली, खड़ोदाकला, कारेसरा, सारंगपुर कला, राम्हेपुर, लोहझरी, सुकवापारा, जैताटोला, खैरबनाखुर्द, घोंघा, दियाबार, छपरी, खुर्सीपार, मंडलाटोला, मुड़ियापारा, मरियाटोला, बैहरसरी, सिल्हाटी, प्रभाटोला, बुधवारा, रहंगी, चंडालपुर, हरिनछपरा, मिनमिनिया मैदान, मोतिमपुर, रघुपारा, बद्दो, खिरसाली, लाटा, बाघुटोला, राजानवागांव, तिलाईभाट, बिसनपुरा, भलुचुवा, भीरा, खरिया, मुड़घुसरी मैदान, खड़ोदाखुर्द, कांदापारा, कामाडबरी, सिंघारी, बैजलपुर, अंधरीकछार, सिल्ली, बोदा 03, लबदा, अमेरा, सोंनतरा, मगरवाड़ा, बोरिया, कनपा, सिरमी, खंडसरा, छांटा, मड़मड़ा, कबराटोला, महली ग्राम शामिल है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा क्षीरपानी मध्यम परियोजना के नहर विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। इस परियोजना से 19 गांवों के हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गठन के बाद सबसे पहले गरीब परिवारों के पक्के मकान के सपने को पूरा करने की दिशा में कार्य किया गया। लंबे समय से आवास की प्रतीक्षा कर रहे पात्र हितग्राहियों को स्वीकृति दी गई है। तरेगांव जंगल क्लस्टर जहां यह शिविर आयोजित है इसके 26 गांवों में ही 5000 से अधिक आवास स्वीकृत एवं निर्माणाधीन हैं।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार विशेष रूप से पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों तक बारहमासी सड़कें पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि तरेगांव जंगल क्षेत्र में 35.80 करोड़ रुपए की लागत से 14 सड़कों को स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 51.4 किलोमीटर होगी। वहीं फेस-04 अंतर्गत 11.53 करोड़ रुपए की लागत से 5 नई सड़कों को मंजूरी मिली है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से वनांचल क्षेत्रों में आवागमन और संपर्क सुविधाएं बेहतर होंगी।उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर देते हुए कहा कि यहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड किया गया है। इसके लिए 2.5 करोड़ रुपए की लागत से भवन स्वीकृत किया गया है। इससे चिकित्सकीय सेवाओं और स्टाफ में वृद्धि होगी तथा आसपास के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27 किश्तें जारी की जा चुकी हैं और हितग्राही महिलाओं को 27-27 हजार रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हर पंचायत में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोलने का कार्य किया जा रहा है, ताकि महिलाओं को राशि निकालने दूर न जाना पड़े। तरेगांव जंगल में महिला समूहों के लिए महतारी सदन भी स्वीकृत किया गया है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने महिला स्व सहायता समूहों से स्व-रोजगार गतिविधियों को बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश व जिले के अन्य हिस्सों में समूह शटरिंग प्लेट किराए पर देकर और निर्माण सामग्री की सप्लाई कर आय अर्जित कर रहे हैं। इस मॉडल को वनांचल क्षेत्रों में भी बढ़ाने की आवश्यकता है। इससे न केवल महिलाओं के आए वृद्धि होगी बल्कि आवासों का निर्माण भी जल्द पूरा होगा।
- -जनप्रतिनिधियों ने नवदंपत्तियों को सुखद वैवाहिक जीवन की दी शुभकामनाएं-योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को दी गई निर्धारित आर्थिक सहायतारायपुर ।मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत जांजगीर-चांपा जिले के एकीकृत बाल विकास परियोजना पामगढ़ द्वारा सद्भावना भवन में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 15 जोड़े विधि-विधान के साथ विवाह बंधन में बंधे।समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों पर पुष्पवर्षा कर उन्हें सुखद, समृद्ध और मंगलमय दांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। शासन की योजना के अनुरूप प्रत्येक नवदंपत्ति के बैंक खाते में निर्धारित राशि अंतरित की गई, ताकि वे अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत आत्मविश्वास के साथ कर सकें। कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक रहने और समाज में वैधानिक एवं गरिमामय विवाह को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया गया।इस अवसर पर पामगढ़ विधायक श्रीमती शेषराज हरबंश, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती प्रीति अजय दिव्य, श्रीमती प्रमिला अजय साहू, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री रूपचंद साहू तथा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गौरी छोटू जांगड़े उपस्थित रहीं और नवदंपत्तियों को आशीर्वाद प्रदान किया।
- -ग्राम पंचायत जर्वे-च एवं नगर पालिका चांपा में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित-कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों ने किया शिविर का निरीक्षण, नागरिकों से योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने की अपील-पात्र हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी, राशन कार्ड, रोजगार कार्ड, किसान किताब सहित विभिन्न सामग्रियों का वितरणरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में आज जांजगीर-चांपा जिले के नगर पालिका चांपा के वार्ड क्रमांक 20 स्थित छत्रपति शिवाजी खेल सभागृह (इंडोर हॉल) तथा जनपद पंचायत बलौदा के ग्राम पंचायत जर्वे-च के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया।शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चाबी, राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, आधार अभिलेख, श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड, किसान किताब, मछुआरों को जाल तथा अन्य आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया गया। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ऋण स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत सामग्री एवं चेक वितरित किए गए।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही विशेष स्वास्थ्य शिविर में ईसीजी सहित विभिन्न स्वास्थ्य जांच एवं उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।ग्राम पंचायत जर्वे-च में आयोजित शिविर में कुल 903 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 856 मांग एवं 47 शिकायतें शामिल हैं।इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती उमा राजेंद्र राठौर, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शारदा देवांगन, श्री अमर सुल्तानिया, इंजी. रवि पांडेय, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गोकुल रावटे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से आम नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी और लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही इस अभियान का उद्देश्य है। उन्होंने महिलाओं से शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने कहा कि गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का मौके पर समाधान करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्राप्त आवेदनों की नियमित समीक्षा की जा रही है और उनका निराकरण निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से महतारी वंदन योजना के लिए ई-केवाईसी कराने तथा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने की अपील की।मनरेगा के क्यूआर कोड और सेल्फी पॉइंट बने आकर्षण का केंद्रशिविर में मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार को प्रदर्शित करते हुए सभी ग्राम पंचायतों के क्यूआर कोड लगाए गए थे। क्यूआर कोड स्कैन कर जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने पंचायतों में संचालित कार्यों और योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। शिविर में बनाया गया सेल्फी पॉइंट भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा।19 मई को शिवरीनारायण एवं बंसुला में लगेगा जनसमस्या निवारण शिविरसुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत 19 मई को नगर पंचायत शिवरीनारायण के सत्संग भवन तथा जनपद पंचायत बम्हनीडीह के ग्राम पंचायत बंसुला के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपनी समस्याएं एवं मांगें प्रस्तुत करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ लेने की अपील की है।
- रायपुर । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी जिले के जनपद पंचायत मानपुर के सुदूर वनांचल ग्राम पंचायत कोराचा में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कोराचा क्लस्टर अंतर्गत कोराचा, मानपुर, ख्वासफड़की, तोलूम, पानाबरस, ढब्बा, तेरेगांव, कनेली, बसेली, कंदाडी, कोहका, हलोरा, ईरागांव एवं तुमडीकसा सहित कुल 14 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। दूरस्थ क्षेत्र में आयोजित इस शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सीधे उनके गांव में उपलब्ध कराया गया। शिविर में मांग एवं शिकायत से संबंधित कुल 1476 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर त्वरित निराकरण की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। ग्रामीणों की समस्याएं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए तथा कई प्रकरणों का मौके पर निराकरण भी किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण सहित अन्य विभागों द्वारा अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई ।कार्यक्रम में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान कर उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शिविर में ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी कार्यक्रमों से जुड़ने के लिए जागरूक भी किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचे और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण हो। उन्होंने कहा कि प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और उनका समाधान सुनिश्चित कर रहा है। श्रीमती सिंह ने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का लाभ लेने एवं बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की अपील की।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार कार्य कर रही है। सुशासन तिहार के माध्यम से आम जनता को अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिल रहा है तथा संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से गांव के विकास कार्यों में सहभागिता निभाने एवं शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग करने का आह्वान किया। शिविर में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भोजेश शाह मांडवी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती राधिका अंधारे, जनपद अध्यक्ष श्रीमती पुष्पबाई मांडवी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुशील भंडारी, सदस्य श्रीमती रेणु टांडिया, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायतों के सरपंच-पंच, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।विभिन्न विभागों की योजनाओं से हितग्राही लाभान्वित, शिविर में सामग्री एवं प्रमाण पत्रों का वितरणशिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग द्वारा 2 हितग्राहियों को नैनो यूरिया प्रदान, राजस्व विभाग द्वारा 19 हितग्राहियों को आबादी पट्टा एवं 4 हितग्राहियों को डिजिटल ऋण पुस्तिका वितरित की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को पोषण आहार, 2 हितग्राहियों को वय वंदन कार्ड तथा 2 हितग्राहियों को नई पहल किट प्रदान की गई। मत्स्य विभाग द्वारा हितग्राहियों को मछली जाल एवं आइस बॉक्स वितरित किए गए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को आवास पूर्णता उपरांत गृह प्रवेश हेतु चाबी प्रदान की गई तथा 6 हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए। इसके अलावा 4 हितग्राहियों को तालाब निर्माण स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए। इस प्रकार विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने विभागीय योजनाओं के माध्यम से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
- बलरामपुर। गर्मी के मौसम में जब जंगलों में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य शुरू होता है, तब जिले के हजारों ग्रामीण परिवारों के चेहरों पर उम्मीद की नई चमक दिखाई देने लगती है। सुबह की पहली किरण के साथ महिलाएं, बुजुर्ग और युवा जंगलों की ओर निकल पड़ते हैं। हाथों में टोकरी, सिर पर गमछा और मन में परिवार की जरूरतों को पूरा करने की जिम्मेदारी लेकर वे मेहनत से तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य करते हैं।बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वनांचल क्षेत्रों में तेंदूपत्ता केवल वन उपज नहीं, बल्कि ग्रामीणों की आजीविका का मजबूत आधार बन चुका है। शासन द्वारा संग्रहण के एवज में दिए जाने वाले पारिश्रमिक और प्रोत्साहन राशि ने ग्रामीण परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।विकासखंड बलरामपुर के ग्राम पंचायत पचावल निवासी 50 वर्षीय श्रीमती तारकली सोनवानी बताती हैं कि पहले गर्मी का मौसम उनके परिवार के लिए कठिनाइयों से भरा होता था। खेती का काम कम हो जाता था और घर चलाने में परेशानी होती थी। लेकिन अब तेंदूपत्ता संग्रहण से उन्हें हर वर्ष अच्छी आमदनी हो जाती है। वे कहती हैं, सुबह जल्दी जंगल जाते हैं, पत्ता तोड़ते हैं और फड़ में जमा करते हैं। शासन से मिलने वाला पैसा सीधे खाते में आता है, जिससे आवश्यक जरूरतें पूरी हो जाती है।वे कहती हैं कि तेंदूपत्ता संग्रहण से उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है। पहले मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था, लेकिन अब गांव में ही रोजगार मिल रहा है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा समय पर भुगतान और बोनस राशि मिलने से ग्रामीणों का भरोसा और बढ़ा है।तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में महिलाओं की भागीदारी भी बड़ी संख्या में देखने को मिलती है। महिलाएं घर और परिवार की जिम्मेदारियों के साथ जंगल जाकर पत्ता संग्रहण करती हैं। इससे उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत होने का अवसर मिल रहा है। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि तेंदूपत्ता से मिलने वाली आय से वे अब बच्चों के लिए, घरेलू जरूरतों का सामान आसानी से खरीद पा रही हैं।जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए वन विभाग द्वारा फड़ मुंशियों और समिति के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। संग्रहणकर्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और पारिश्रमिक भुगतान में पारदर्शिता बनाए रखने के प्रयास किए जा रहा हैं।ग्रामीणों का कहना है कि शासन की पहल केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। जंगलों से जुड़ी पारंपरिक आजीविका को संरक्षण मिलने के साथ-साथ लोगों का पलायन भी कम हुआ है। तेंदूपत्ता संग्रहण का यह कार्य आज हजारों परिवारों के लिए सहारा बन चुका है। हरा सोना जंगल की हरी पत्ती ग्रामीणों के जीवन में आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही है।उल्लेखनीय है कि तेंदूपत्ता संग्रहण आदिवासी समुदायों की आजीविका का मुख्य आधार है, जिसके लिए शासन द्वारा 5,500 प्रति मानक बोरा प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वर्ष 2025 में 105261 संग्राहकों का 633532680 रुपये की राशि का पारिश्रमिक भुगतान किया गया।--
- 0- वन मंत्री केदार कश्यप सहित जनप्रतिनिधियों ने नवदंपत्तियों को दिया आशीर्वादकोण्डागांव। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत गुरुवार को मर्दापाल में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के 50 जोड़े परिणय सूत्र में बंधकर अपने दाम्पत्य जीवन की नई शुरुआत की। कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनीता कोर्राम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया।वन मंत्री श्री कश्यप ने नवदंपत्तियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से बेटियों को सशक्त बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। शासन की महतारी वंदन योजना एवं लखपति दीदी जैसी योजनाओं से महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि माओवाद के समाप्ति के बाद क्षेत्र में शांति और विकास का वातावरण स्थापित हुआ है। आप सभी समाज में एकजुट होकर रहें और खुशहालीपूर्वक जीवनयापन करें।कार्यक्रम के अंत में सभी नवविवाहित जोड़ों को विवाह प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 35-35 हजार रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए। कार्यक्रम पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न हुआ, जिसमें नवदंपत्तियों के परिजन भी बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक शामिल हुए। इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों को बाल विवाह रोकथाम हेतु शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री टोमेंद्र ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती यशोदा कश्यप, जनपद सदस्य श्री रूद्रप्रताप, सरपंच श्रीमती जयंती कश्यप, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेनू प्रकाश, एसडीएम श्री अजय उरांव, तहसीलदार श्री विजय प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- 0- जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं को अफवाहों से बचने किया अपीलमहासमुंद. वर्तमान में महासमुंद जिले में पेट्रोल, डीजल एवं गैस की उपलब्धता सामान्य है एवं सुचारू रूप से जारी है। डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी खाद्य अधिकारी श्री तेजपाल सिंह ध्रुव ने बताया कि जिले में आईओसीएल कंपनी के 35, बीपीसीएल कंपनी के 29 एवं एचपीसीलए के 40 पेट्रोल/डीजल पंप संचालित है। जिसमें आई.ओ.सी.एल. कंपनी के 35 ऑयल वितरकों द्वारा जिले में प्रतिदिन पेट्रोल 15 के.एल. एवं डीजल 28 के.एल. का दैनिक विक्रय किया जाता है, जिले में उक्त कंपनी के पास वर्तमान में पेट्रोल का स्टॉक 270 के.एल. एवं डीजल का स्टॉक 240 के.एल. उपलब्ध है, जो कि पेट्रोल 15 दिवस हेतु एवं डीजल 8 दिवस हेतु पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। बी.पी.सी.एल. कंपनी के 29 ऑयल वितरकों द्वारा जिले में प्रतिदिन पेट्रोल 29 के.एल. एवं डीजल 57 के.एल. का दैनिक विक्रय किया जा रहा है, उक्त कंपनी के पास वर्तमान में पेट्रोल का स्टॉक 225 के.एल. एवं डीजल का स्टॉक 278 के.एल. उपलब्ध है जो कि पेट्रोल 8 दिवस हेतु एवं डीजल 5 दिवस हेतु पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसी प्रकार एच.पी.सी.एल. कंपनी के 40 ऑयल वितरकों द्वारा जिले में प्रतिदिन पेट्रोल 42 के.एल. एवं डीजल 58 के.एल. का दैनिक विक्रय किया जाता है, जिले में उक्त कंपनी के पास वर्तमान में पेट्रोल का स्टॉक 312 के.एल. एवं डीजल का स्टॉक 365 के. एल. उपलब्ध है जो कि पेट्रोल एवं डीजल 7 दिवस हेतु पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इस प्रकार जिले में दैनिक पेट्रोल की खपत 86 के. एल. के विरुद्ध 807 के. एल. का स्टॉक मौजूद है जो कि जिले में लगभग 9 दिन हेतु पर्याप्त है। वहीं जिले में दैनिक डीजल की खपत 143 के.एल. के विरुद्ध 883 के. एल. का स्टॉक मौजूद है जो कि जिले में लगभग 6 दिन हेतु पर्याप्त है। इस प्रकार जिले में मांग एवं दैनिक खपत अनुसार पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल एवं डीजल का स्टॉक उपलब्ध है एवं ऑयल कंपनी द्वारा सतत उपलब्धता सुनिश्चित किया जा रहा है।जिले में गैस सिलेण्डर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्धप्रभारी खाद्य अधिकारी श्री ध्रुव ने बताया कि शासन एवं कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में एलपीजी घरेलू गैस सिलेण्डरों की आपूर्ति दैनिक आवश्यकता एवं उपलब्धता के संबंध में प्रतिदिन समस्त गैस एजेंसियों से दैनिक रिपोर्ट विभाग द्वारा प्राप्त किया जा रहा है। गैस एजेंसियों से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में गैस सिलेण्डर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा जिले में गैस सिलेण्डर की बुकिंग अनुरूप सुचारू रूप से डिलीवरी में संचालित है व किसी प्रकार की बाधा नहीं है। सप्लाई प्लांट से किसी प्रकार की स्टॉक उपलब्धता में समस्या नहीं है। गैस एजेंसियों से प्राप्त जानकारी अनुसार वर्तमान में जिले में लगभग प्रतिदिन औसतन 1378 सिलेण्डरों की डिलीवरी की जा रही है तथा 14 मई की स्थिति में गैस एजेंसियों के पास लगभग 1716 सिलेण्डरों का ओपनिंग स्टॉक उपलब्ध था एवं उक्त तिथि को 2454 सिलेण्डर सप्लाई प्लांट से सप्लाई कराया गया है, इस प्रकार 14 मई की स्थिति में कुल 4170 सिलेण्डरों का स्टॉक गैस एजेंसियों के पास उपलब्ध है। वर्तमान में जिले में गैस सिलेण्डर की मांग अनुसार सुचारू रूप से उपलब्धता एवं वितरण जारी है।जिला प्रशासन द्वारा हितग्राहियों से अपील की गई है कि पेट्रोल, डीजल एवं गैसों में कमी संबंधी भ्रम/अपवाहों को ध्यान न दें तथा भ्रम में आकर अनावश्यक लाईन में लगने अथवा घरों में अनावश्यक पेट्रोल, डीजल एवं गैस का स्टॉक जमा करने की आवश्यकता नहीं है एवं आवश्यकता पड़ने पर ही पेट्रोल, डीजल एवं गैस प्राप्त करें। पेट्रोल एवं गैस की कमी संबंधी भ्रामक खबर एवं अफवाह फैलाने पर कार्रवाई हेतु जिला प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय मीडिया एवं निगरानी समिति का गठन किया गया है।
- 0- कलेक्टर ने की बैंकों के कामकाज की समीक्षामहासमुंद. कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने गुरुवार को शाम जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति, जिला स्तरीय रिव्यु समिति तथा जिला स्तरीय आरसेटी परामर्शदात्री समिति की संयुक्त बैठक लेकर जिले में संचालित बैंकिंग सेवाओं एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में वार्षिक जिला साख योजना, सीडी रेशियो, शैक्षिक ऋण, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, डेयरी एवं मत्स्य पालन ऋण प्रकरणों सहित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, आरबीआई के प्रतिनिधि श्री दीपेश तिवारी, नाबार्ड के प्रबंधक श्री प्रियव्रत साहू, जिला अग्रणी बैंक मैनेजर श्री अभय पारे एवं जिले के अन्य बैंकों के प्रतिनिधि एवं शासकीय अधिकारी मौजूद थे।बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि कृषि कार्याें से जुड़े हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप आसान एवं सरलीकृत प्रक्रिया से ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सहकारी बैंक एवं छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक को निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण, छोटे व्यवसायियों के लिए मुद्रा लोन तथा विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित स्वरोजगार योजनाओं के प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने एनआरएलएम अंतर्गत स्व-सहायता समूहों से जुड़े हितग्राहियों के लंबित ऋण प्रकरणों को भी प्राथमिकता के साथ स्वीकृत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के आवश्यकता और जरूरत के अनुसार शैक्षिक ़ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। आरसेटी अंतर्गत ग्रामीण युवकों को अधिक से अधिक रोजगार से जोड़ने आवासीय प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों का चयन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से किया जाए।कलेक्टर ने बैंकों को नकद जमा अनुपात 60 प्रतिशत तक बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि बैंकिंग सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बैंक आम नागरिकों को वित्तीय रूप से जागरूक करने के लिए लगातार वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित करें तथा उसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित करें। साथ ही लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाव के उपायों की जानकारी देकर उनकी जमा पूंजी को सुरक्षित रखने के प्रति जागरूक करें।बैठक में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, जन-धन योजना, आधार एवं मोबाइल सीडिंग, रुपे कार्ड वितरण तथा शासन प्रायोजित विभिन्न बैंक ऋण योजनाओं की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर श्री लंगेह ने पीएम जनमन योजना के हितग्राहियों के शत-प्रतिशत बैंक खाते खोलने तथा खातों को आधार नंबर से लिंक करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने निर्देश देते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी सहज बैंकिंग सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी कारणवश किसी हितग्राही का ऋण प्रकरण स्वीकृत नहीं किया जा सकता है, तो संबंधित बैंक उसे लिखित रूप में कारण सहित जानकारी उपलब्ध कराए। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बैंकिंग कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता एवं नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या फ्रॉड गतिविधियों से दूर रहें।बैठक के दौरान राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, पशुपालन, मत्स्य पालन, अंत्यावसायी तथा ग्रामोद्योग विभाग से संबंधित ऋण प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर भी विशेष जोर दिया गया। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अभय पारे ने विभिन्न आंकड़ों एवं प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जिले में बैंकिंग योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।
- 0- विभिन्न कंपनियों में 800 से अधिक पदों पर होगी भर्तीमोहला। संचालक, रोजगार एवं प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ अटल नगर नवा रायपुर के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के अनुमोदन उपरांत जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र (मॉडल कैरियर सेंटर) राजनांदगांव द्वारा जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन 20 मई 2026 दिन बुधवार को किया जाएगा। रोजगार मेला प्रातः 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला आमाटोला, तहसील अंबागढ़ चौकी परिसर में आयोजित होगा।रोजगार मेले में विभिन्न निजी कंपनियों द्वारा केयर टेकर, स्मार्ट मीटर टेक्निशियन, सिक्यूरिटी गार्ड, सिक्यूरिटी सुपरवाइजर, हाउस कीपिंग स्टाफ, इंश्योरेंस एडवाइजर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, फिटर, एचआर एग्जीक्यूटिव, नर्सिंग असिस्टेंट तथा बेबी सीटर सहित 800 से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता पांचवीं से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट तक निर्धारित की गई है। चयनित अभ्यर्थियों को 9 हजार रुपये से 25 हजार रुपये तक मासिक वेतन प्रदान किया जाएगा।रोजगार मेले में स्टार आदर्श होम हेल्थ केयर सर्विस, परिश्रम ह्यूमन रिसोर्स, कायरो सिक्यूरिटी हेल्थ एंड कम्पोजिट सर्विस लिमिटेड, पीएसआर लाइफ सॉल्यूशन, एबीस फूड एंड प्रोटीन्स प्रा.लि., आईबी ग्रुप कॉर्पोरेशन तथा अशरव फाउंडेशन/अशरव सिक्यूरिटी एंड एचआर सर्विस प्रा.लि. सहित विभिन्न नियोजक संस्थाएं भाग लेंगी। नियुक्ति के लिए कार्यक्षेत्र छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न स्थान निर्धारित किए गए हैं।जिला रोजगार कार्यालय द्वारा बताया गया है कि रोजगार मेले में शामिल होने के लिए आवेदकों को ई-रोजगार पोर्टल https://erojgar.cg.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की प्रतियां, आधार कार्ड तथा दो पासपोर्ट साइज फोटो के साथ निर्धारित तिथि एवं स्थल पर उपस्थित होना होगा।--
- 0- निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत उक्त स्थल पर प्रारंभ कराया जाएगा उच्चस्तरीय पुल निर्माण कार्यमोहला। जिले के जक्के से घोड़ागांव मार्ग स्थित नाला पर वर्षों पुरानी एवं क्षतिग्रस्त पुलिया के स्थान पर अब नया उच्चस्तरीय पुल बनाया जाएगा। लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण उपसंभाग राजनांदगांव द्वारा इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि पुल निर्माण हेतु शासन स्तर पर आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान कर दी गई हैं।लोक निर्माण विभाग के अनुसार उक्त पुल का निर्माण लगभग दस वर्ष पूर्व वन विभाग द्वारा कराया गया था, जो समय के साथ क्षतिग्रस्त हो गया था। हाल ही में पुलिया से संबंधित दुर्घटना एवं समाचार प्रकाशन के बाद विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि नए पुल निर्माण का प्रस्ताव पूर्व में ही शासन को भेजा जा चुका था।विभागीय जानकारी के अनुसार वर्ष 2024-25 के बजट में इस कार्य को शामिल किया गया है। शासन द्वारा 29 सितंबर 2025 को 269.94 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके पश्चात मुख्य अभियंता द्वारा 269 लाख रुपए की तकनीकी स्वीकृति भी जारी की जा चुकी है।लोक निर्माण विभाग ने बताया कि वर्तमान में निविदा प्रक्रिया प्रचलन में है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत उक्त स्थल पर उच्चस्तरीय पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
- 0- जनसमस्या निवारण शिविर के लिए कलेक्टोरेट परिसर से बस हुई रवाना0- कलेक्टर ने सभी से ईंधन संरक्षण हेतु अपना योगदान देने के लिए अपील कीराजनांदगांव। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर किए गए आह्वान के समर्थन के दृष्टिगत आज सुशासन तिहार के लिए छुरिया विकासखंड के ग्राम साल्हे में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के लिए कलेक्टोरेट परिसर से बस रवाना हुई। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देश पर ईंधन की बचत के मद्देनजर यह अभिनव पहल की गई। जिले के अधिकारी एवं कर्मचारी बस के माध्यम से शिविर के लिए रवाना हुए। कलेक्टर ने सभी से ईधन संरक्षण हेतु अपना योगदान देने के लिए अपील की है।उल्लेखनीय है कि राष्ट्र हित में वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में पेट्रोल-डीजल जैसे मूल्यवान संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने के लिए कारगर कदम उठाए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा वाहनों एवं अन्य सरकारी संसाधनों के मितव्ययीपूर्ण उपयोग के लिए यह पहल की गई है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मार्कण्डेय एवं जिले के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।--
- 0- कृषि वैज्ञानिकों द्वारा फसलवार संतुलित उर्वरक उपयोग हेतु किसानों को किया जागरूकमहासमुंद. विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत गुरुवार को जिले के पांचों विकासखण्डों के 10 ग्रामों में शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि तथा अन्य समवर्गीय विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर एवं किसान रथ के माध्यम से विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रचार कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों एवं जनप्रतिनिधियों के समक्ष किया गया। शिविर का आयोजन विकासखण्ड महासमुंद अतर्गत ग्राम मालीडीह एवं जोबा, विकासखण्ड बागबाहरा अतंर्गत खटटी एवं परकोम, विकासखण्ड पिथौरा के ग्राम जघोरा एवं नयापाराकला, विकासखण्ड बसना अतर्गत मेदनीपुर एवं रूपापाली तथा विकासखण्ड सरायपाली के ग्राम पझरापाली एवं अरतुंडा में विकसित कृषि संकल्प अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सभी शिविरों में जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित रहे।शिविर में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा मृदा स्वास्थ्य कार्ड में फसलवार अनुशंसित मात्रा अनुसार संतुलित उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक एवं प्रोत्साहित किया गया एवं किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग प्रोत्साहन हेतु वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर ई-उर्वरक (टोकन प्रणाली) आधारित उर्वरक वितरण व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया गया। तथा डी.ए.पी.के विकल्प के रूप में अन्य रासायनिक उर्वरक जैसे - नैनो डीएपी. नैनो यूरिया 12ः32ः16, 20ः20ः13 एवं एसएसपी के उपयोग के संबंध में कृषकों को बताया गया। हरीखाद, जैव उर्वरक, नीलहरित काई, केंचुआ खाद आदि के उपयोग से न केवल भूमि की दशा में सुधार होता है अपितु उत्पादकता वृद्धि भी होती है। शिविर में उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा किसानों से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, केसीसी, एग्रीस्टैक से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए। जिसमें से कुछ आवेदनों का निराकरण शिविर स्थल पर ही मौके पर किया गया तथा शेष आवेदनों का शीघ्र निराकरण किया जाएगा।
- 0- नियमानुसार करें पेट्रोल एवं डीजल की बिक्री का कार्य : कलेक्टर0- पेट्रोल-डीजल के जमाखोरी की स्थिति नहीं होनी चाहिएराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में पेट्रोल-डीजल पंप संचालकों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि नियमानुसार पेट्रोल एवं डीजल की बिक्री कार्य करें। नियम के विरूद्ध रिटेल पेट्रोल पंप से औद्योगिक कार्य के लिए पेट्रोल-डीजल नहीं दें। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी को सेंसेटाईज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में पेट्रोल एवं डीजल की सतत आपूर्ति हो रही है और संकट की स्थिति नहीं है। उन्होंने सभी पेट्रोल-डीजल संचालकों से कहा कि जमाखोरी की स्थिति नहीं होनी चाहिए। आवश्यकतानुसार नियमों के तहत पेट्रोल एवं डीजल देना सुनिश्चित करें। ईंधन की बचत को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल एवं डीजल का उपयोग करना है। जिले में आपूर्ति एवं मांग के अनुरूप मूल्य का निर्धारण होना चाहिए तथा इसकी सूचना खाद्य विभाग को दें। उन्होंने पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति की निगरानी करने तथा नियमानुसार कार्य नहीं करने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी एवं अन्य अधिकारी तथा पेट्रोल-डीजल पंप संचालक उपस्थित रहे--
- 0- सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय पर पूर्ण करना करें सुनिश्चित : कलेक्टर0- ठीक से कार्य नहीं करने वाले कांट्रेक्टरों को ब्लैक लिस्ट करने के दिए निर्देश0- कार्यों की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जाहिर कीराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में अधोसंरचना को मजबूती प्रदान करने के लिए सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय पर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग सेतु, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जल संसाधन एवं अन्य संबंधित विभागों को निर्माण कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे कांट्रेक्टर जो ठीक से कार्य नहीं कर रहे हैं, उनको ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृत कार्य तथा निर्माणाधीन कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कार्यों की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जाहिर की। डोंगरगढ़ विकासखंड में सड़क निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर एसडीओ डोंगरगढ़ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माणाधीन पुल-पुलिया के स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जनपद पंचायत अंतर्गत किए जा रहे निर्माण कार्य, जल संसाधन विभाग के जलाशय जीर्णोद्धार, नहर लाईनिंग कार्य के मरम्मत एवं सुधार का कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अंतर्गत डीएमएफ, शिक्षा मद, मुख्यमंत्री घोषणा, महिला एवं बाल विकास विभाग, महतारी सदन योजना सहित विभिन्न विकास निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत पूर्ण कार्य तथा प्रगतिरत कार्यों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने यथाशीघ्र कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, समस्त निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- केंद्र प्रभारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर और खरीददार के खिलाफ एफआईआर दर्जराजनांदगांव। जिले के सेवा सहकारी समिति मोहारा में अवैध धान परिवहन और गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। प्रशासन द्वारा की गई आकस्मिक जांच में 995.68 क्विंटल धान की अफरा-तफरी पाई गई है। जिसकी कुल कीमत 30 लाख 86 हजार 608 रूपए आंकी गई है। इस मामले में केंद्र प्रभारी सहित तीन लोगों के खिलाफ पुलिस में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराई गई है।अवैध धान परिवहन की सूचना मिलने पर सहायक खाद्य अधिकारी श्री द्रोण कामड़े एवं तहसीलदार डोंगरगढ़ श्री अमीय श्रीवास्तव एवं अतिरिक्त तहसीलदार श्री सोनित मेरिया ने मोहारा केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र प्रभारी श्री संतोष वर्मा अनुपस्थित पाए गए। जांच दल ने मौके पर वाहन क्रमांक सीजी 08 एल 1049 को पकड़ा। वाहन चालक सुंदरलाल साहू ने बताया कि वह खैरी निवासी राजू वर्मा के निर्देश पर बिना किसी वैध दस्तावेज के समिति से धान लोड कर अवैध परिवहन कर रहा था। विभागीय आंकड़ों के मिलान से पता चला कि समिति ने कुल खरीदे गए धान में से 995.68 क्विंटल धान को कम परिदान (डिलीवरी) करते हुए उसे सूखत बता दिया था। वास्तव में इस धान को फर्जी तरीके से बचाकर अवैध रूप से बेचा जा रहा था। केंद्र प्रभारी और कर्मचारियों द्वारा निजी लाभ के लिए कस्टम मिलिंग नीति 2025-26 का उल्लंघन किया गया और शासन को 30.86 लाख रूपए से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई।जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रभारी धान उपार्जन केंद्र मोहारा श्री संतोष वर्मा, कम्प्यूटर ऑपरेटर श्री वेद प्रकाश साहू एवं ग्राम खैरी निवासी अनाधिकृत खरीदार श्री राजू वर्मा के विरूद्ध थाने में मामला दर्ज किया गया है। शासन की नीति के विरूद्ध कार्य करने वाले और धान की अफरा-तफरी में संलिप्त किसी भी कर्मचारी या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।--
- 0- बचत से बदली अपनी जिंदगी0- वित्तीय सुरक्षा एवं सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ाया कदमराजनांदगांव। छोटी-छोटी बचत से बड़े फायदे होते हैं। ऐसी ही एक मिसाल राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सिंघोली की श्रीमती सीमा साहू ने पेश की है। जिन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर अपने साहस, हिम्मत एवं मेहनत से अपना एक समूह बनाया। बचत को अपने जीवन का हिस्सा बनाते हुए वित्तीय सुरक्षा एवं सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने विभिन्न तरह की आजीविका मूलक गतिविधियों से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार किया। श्रीमती सीमा साहू ने बताया कि वह चंद्रहासिनी स्वसहायता समूह से जुड़ी हैं। वे एक संयुक्त परिवार में रहती हैं, जहां ननद एवं देवर की शादी के लिए साहूकार से उन्होंने ब्याज पर कर्ज लिया था। ग्राम में महिलाओं के समूह पहले से बन चुके थे। उन्होंने अपना स्वयं का समूह बनाकर 10 महिलाओं को जोडऩे का कार्य किया। प्रारंभिक तौर पर संकुल से 15 हजार रूपए की राशि प्राप्त हुई। समूह की महिलाओं ने ऋण की समस्या को देखते हुए उनकी मदद की।श्रीमती सीमा साहू ने बताया कि थोड़ी-थोड़ी राशि से बचत करते हुए ऋण चुका दिया और फिर से बचत किया। समूह से राशि लेकर रेगहा की भूमि पर खेती करने का कार्य किया तथा कृषि मित्र के तौर पर जैविक खेती का कार्य भी जारी रहा। उन्होंने कहा कि बचत करते हुए इस मुकाम तक पहुंची हैं। सिलाई के व्यवसाय से भी अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। प्रतिमाह 8 हजार रूपए तक की आमदनी मिल रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से बहुत मदद मिली है और आत्मविश्वास बढ़ा है। वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला रही है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी नर्सिंग का कोर्स कर रही है। श्रीमती सीमा साहू ने बताया कि भविष्य में वे लघु उद्यम से जुड़कर दुकान खोलना चाहती है। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता बढऩे से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की राह बनी है।
- बिलासपुर. कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल द्वारा भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए पशुओं के हित में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य जीवजंतु कल्याण बोर्ड रायपुर से प्राप्त निर्देशों के आधार पर जिले में 1 मई 2026 से 30 जून 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच परिवहन एवं कृषि कार्यों में उपयोग किए जाने वाले पशुओं से कार्य कराने पर प्रतिबंध लगाया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि वर्तमान में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में बैलगाड़ी, भैंसागाड़ी, तांगा एवं अन्य भारवाही पशुओं से कार्य लेने पर उनके बीमार होने अथवा मृत्यु होने की आशंका बनी रहती है। पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण के उद्देश्य से “परिवहन एवं कृषि पशुओं पर क्रूरता निवारण नियम 1965” के तहत यह प्रतिबंध लागू किया गया है।
- 0- नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से ली सभी 194 निकायों की बैठक0- शहरों का विकास राज्य के विकास का पर्याय है, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे - श्रीमती शंगीता आर.बिलासपुर. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने आज विभागीय अधिकारियों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, नोडल अधिकारियों एवं प्रदेश के सभी 194 नगरीय निकायों के अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक लेकर सुशासन, जवाबदेही, जन सेवा एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। पहली बार प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों का पूरा अमला एक साथ इस बैठक में शामिल हुए।नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने बैठक में कहा कि नगरीय निकाय राज्य शासन का चेहरा होते हैं और नगरों का विकास राज्य के विकास का पर्याय है। नागरिकों को शुद्ध पेयजल, स्वच्छ वातावरण, बेहतर मूलभूत सुविधाएं एवं कचरामुक्त शहर उपलब्ध कराना नगरीय निकायों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन के पास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, इसलिए कार्यों में लापरवाही, अनियमितता या अनावश्यक बहाने स्वीकार नहीं किए जाएंगे।सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक आयुक्त एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी अपने निकाय की समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें। स्थानीय समस्याओं की पहचान कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी की मेहनत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए और हर निकाय में परिणाम दिखाई देना चाहिए।जनप्रतिनिधियों के सम्मान और बेहतर समन्वय पर विशेष जोरसचिव श्रीमती शंगीता आर. ने अधिकारियों के लिए “थंब-रूल” निर्धारित करते हुए कहा कि महापौर, अध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधियों का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार या अभद्र भाषा स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को नियमों के अनुरूप स्वतंत्र रूप से कार्य करने का पूरा अधिकार है, लेकिन जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और निकायों को सम्मान मिलेगा, जबकि लापरवाही या गलत कार्य करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी नियमों के अनुरूप सही कार्य कर रहा है तो विभाग हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा।नोडल अधिकारियों को दी मार्गदर्शक की भूमिकाबैठक में सचिव ने नवनियुक्त नोडल अधिकारियों को मार्गदर्शक की भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी नियमित रूप से नगरीय निकायों का निरीक्षण करेंगे, योजनाओं की समीक्षा करेंगे तथा समन्वय के साथ निकायों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही निकाय स्तर पर भी अधिकारियों को वार्डवार जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्यों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।उन्होंने बताया कि प्रत्येक सप्ताह संभागवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की जाएगी तथा प्रत्येक माह विभागीय समीक्षा बैठक लेकर विकास कार्यों की प्रगति का आकलन किया जाएगा।स्वच्छता एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेष फोकससचिव श्रीमती शंगीता आर. ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट केवल शासन-प्रशासन का कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक अधिकारी और नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। उन्होंने गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा बेहतर स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से नवीन अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का गंभीरता से अध्ययन कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर कार्ययोजना बनाने के निर्देशबैठक में सचिव ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग, भूजल संरक्षण एवं जल संरचनाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवनों का निरीक्षण कर वर्षा जल संचयन की प्रभावी योजना बनाई जाए तथा पीएचई विभाग से समन्वय कर भूजल स्तर की नियमित जानकारी ली जाए।उन्होंने हैंडपंप रिचार्ज, सोक-पिट निर्माण तथा जल संरक्षण के स्थानीय मॉडल विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए परेशानी नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की।प्रधानमंत्री आवास योजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देशप्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा करते हुए सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने कहा कि गरीब परिवार के लिए पक्का घर केवल भवन नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षित जीवन का प्रतीक होता है। उन्होंने अधिकारियों को वार्डवार सर्वे कर पात्र हितग्राहियों की पहचान करने तथा आवास योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराया जाए। साथ ही जिन निकायों द्वारा अभी तक प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, उन्हें शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए।वित्तीय अनुशासन और न्यायालयीन प्रकरणों पर सख्त निर्देशबैठक में सचिव ने 15वें वित्त आयोग, पेयजल एवं स्वच्छता कार्यों तथा अन-टाइड फंड के उपयोग की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन द्वारा प्रदान की गई राशि जनता की सुविधा और विकास के लिए है, इसलिए उसका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को लंबित कार्यों की सूची प्रस्तुत कर विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।न्यायालयीन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालय में प्रस्तुत जवाब तथ्यात्मक, मजबूत एवं समयबद्ध हों तथा न्यायालय के आदेशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।बैठक में सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने आंगनबाड़ियों, स्वास्थ्य केंद्रों, पेंशन केंद्रों एवं मॉडल स्कूलों के उन्नयन पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रहें, बल्कि सामाजिक कल्याण एवं नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।बैठक में सूडा के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के उप सचिव श्री भागवत जायसवाल, सूडा के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुष्यंत कुमार रायस्त, मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा, संयुक्त संचालक श्री मिथिलेश अवस्थी, उप संचालक श्री जितेंद्र कुशवाहा, उप संचालक श्री अरुण साहू, उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील अग्रहरि, सचित साहू, अधीक्षण अभियंता श्री रमेश सिंह और ओएसडी श्री निशिकांत वर्मा भी मौजूद थे।



























