- Home
- छत्तीसगढ़
- -उपमुख्यमंत्री ने गंडईखुर्द में प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण प्रस्ताव को दी स्वीकृति-ग्रामीण विकास को नई दिशा देगी वीबी-जी राम जी योजना–उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा-ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार, मजदूरी बढ़कर हुई 300 रुपये प्रतिदिन-योजना में 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल, जल संरक्षण से लेकर ग्रामीण अधोसंरचना तक मिलेगा बढ़ावारायपुर / ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका की नई गारंटी देने वाली विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण(वीबी-जी राम जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ आज कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राष्ट्रीय स्तर पर योजना का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया। इस दौरान वे वर्चुअल माध्यम से ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह से भी जुड़े रहे।केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) योजना लागू हो रही है। इस योजना का उद्देश्य है कि देश का कोई भी गरीब काम के अभाव में बेरोजगार न रहे। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से जहां ग्रामीण मजदूरों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, वहीं गांवों में विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलेगी। श्री चौहान ने कहा कि मजदूरों के पसीने का सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गरीबों की सेवा ही हमारे लिए भगवान की सेवा है।उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि आज पूरे देश में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी-जीरामजी) योजना का शुभारंभ हो रहा है और छत्तीसगढ़ में इसका राज्य स्तरीय शुभारंभ ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में योजना के तहत पहले कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि विकसित गांव से विकसित भारत के निर्माण का अभियान है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक गांव और पंचायत का समग्र विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे और रोजगार की कोई कमी नहीं रहेगी।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि योजना के तहत 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें जल संरक्षण से जुड़े 107, ग्रामीण अधोसंरचना के 90, आजीविका संवर्धन के 86 तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित 35 प्रकार के कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब जॉब कार्ड के स्थान पर जीआरजी कार्ड जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जॉब कार्ड में केवाईसी कराने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत डबरी, चेकडैम, बोल्डर चेकडैम, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन, नहर लाइनिंग, ग्रामीण सड़क (धरसा), मुरमीकरण जैसे कार्य कर जल स्तर बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रत्येक पंचायत को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर अटल डिजिटल सेवा केंद्र, मुक्तिधाम में शेड, ग्रामीण अधोसंरचना सहित प्राथमिकता वाले कार्य शुरू करने होंगे।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत बाउंड्री वॉल, किचन शेड, शौचालय, सामुदायिक पशु शेड, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, ग्रामीण चौपाल, हाईमास्ट लाइट, स्व-सहायता समूहों के लिए वर्क शेड, कोल्ड स्टोरेज, खाद एवं खाद्यान्न गोदाम, सामुदायिक आटा चक्की, कृषि प्रसंस्करण केंद्र और हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र जैसे कार्य भी किए जा सकेंगे। इससे रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेंगे। इसी उद्देश्य से गांवों को ए, बी और सी श्रेणी में विभाजित कर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में 11 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया गया है, जो ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की कि वे व्यापक सोच के साथ अपने गांवों की विकास कार्ययोजना तैयार करें, ताकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है और सभी लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने हैं। इस योजना के तहत मनरेगा में अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेष पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य श्री भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि योजना की शुरुआत विकास कार्यों के साथ हो रही है। इस स्वीकृति के साथ ही गंडईखुर्द वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत प्रदेश की पहली ग्राम पंचायत बन गई, जहां विकास कार्य का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसी प्रकार प्रत्येक पंचायत की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।कार्यक्रम के दौरान वीबी-जी राम जी योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, कर्मचारी, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, युवा तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला बनाकर योजना का संदेश दिया। इस दौरान सभी ने ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन तथा विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। मानव श्रृंखला के माध्यम से ग्रामीणों को योजना के उद्देश्यों, लाभों एवं इसमें जनभागीदारी के महत्व से भी अवगत कराया गया।पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत वृहद स्तर पर पौधरोपण किया गया। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
- ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार, प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) ग्राम योजना' का शुभारंभ किया गया। सुकमा जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।125 दिनों का रोजगार, 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरीसुकमा कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा तथा प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी दी जाएगी। योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।महिलाओं और युवाओं को मिलेगा आत्मनिर्भर बनने का अवसरयोजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ कौशल विकास, वित्तीय सहायता और आजीविका आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा।जनप्रतिनिधियों ने बताया ग्रामीण विकास की बड़ी पहलकार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंगम्मा सोयम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री महेश कुमार कुंजाम, जिला पंचायत सदस्य श्री कोरसा सन्नू, जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने योजना को ग्रामीण विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।केंद्रीय मंत्री के संबोधन का हुआ लाइव प्रसारणकार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण भी किया गया। इसमें विकसित भारत के निर्माण में ग्रामीण भारत की भूमिका, रोजगार सृजन और आजीविका के नए अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी गई।ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूतीजिला प्रशासन का विश्वास है कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सुकमा के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे, लोगों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। यह योजना आत्मनिर्भर गांव और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- -सहकारिता, स्वास्थ्य और समृद्धि का संदेश देने एक साथ जुटेंगे प्रदेशवासीरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग द्वारा सहकारिता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के उद्देश्य से 3 जुलाई को राजधानी रायपुर में 'सहकार संकल्प दौड़' का भव्य आयोजन किया जाएगा।यह आयोजन "सहकारिता की भावना के साथ, एक कदम समृद्ध छत्तीसगढ़ की ओर" थीम पर आधारित होगा। इसका उद्देश्य लोगों में सहयोग, एकता, स्वास्थ्य और सामूहिक विकास का संदेश देना है।सहकार संकल्प दौड़ का आयोजन 3 जुलाई 2026, शुक्रवार को सुबह 6 बजे रायपुर के मरीन ड्राइव (तेलीबांधा) में किया जाएगा। इसमें प्रदेशभर से नागरिक, युवा, विद्यार्थी, किसान, सहकारी संस्थाओं के सदस्य और विभिन्न वर्गों के लोग भाग लेंगे।दौड़ में पुरुष और महिला वर्ग के प्रतिभागियों के लिए प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इससे नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा।सहकार संकल्प दौड़ केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि जनजागरण का अभियान है। इसके माध्यम से सहकारिता को मजबूत बनाने, समाज में सहयोग की भावना विकसित करने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया जाएगा।इस आयोजन का उद्देश्य "सहकारिता से समृद्धि", "साथ चलें, साथ बढ़ें" और "स्वस्थ समाज, समृद्ध प्रदेश" के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है।छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग ने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की है। विभाग का मानना है कि जनभागीदारी से ही सहकारिता का अभियान और अधिक मजबूत होगा तथा समृद्ध और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प साकार होगा।
- -राजनांदगांव, बालोद, बलरामपुर और सरगुजा में ताबड़तोड़ अभियान, वाहन जब्त और लाखों रुपये का अर्थदंडरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रदेश में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध खनिज विभाग द्वारा सख्त और सतत अभियान चलाया जा रहा है। शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभिन्न जिलों में संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध रेत, पत्थर, मिट्टी एवं गिट्टी के उत्खनन और परिवहन में संलिप्त वाहनों को जब्त किया गया है तथा नियमानुसार अर्थदंड एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। शासन का उद्देश्य प्रदेश के खनिज संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना तथा अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करना है।इसी क्रम में राजनांदगांव जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान अब तक अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के 52 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 18 लाख 95 हजार 600 रुपये का अर्थदंड वसूला गया है। इनमें अवैध उत्खनन के 9, परिवहन के 41 तथा भंडारण के 2 प्रकरण शामिल हैं। वहीं डोंगरगढ़ तहसील के ग्राम आसरा में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान नदी में रेत उत्खनन प्रतिबंधित पाया गया तथा मौके पर कोई अवैध गतिविधि नहीं मिली। बालोद जिले के ग्राम कसही में अवैध पत्थर उत्खनन करते पाए जाने पर एक चेन माउंटेन (पीसी-130-7) मशीन को जब्त कर सील किया गया। संबंधित पक्ष वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत कार्रवाई प्रारंभ की गई है।बलरामपुर जिले में खनिज विभाग ने राजपुर क्षेत्र के ग्राम नरसिंहपुर और बसंतपुर में कार्रवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन में संलिप्त एक टिपर जब्त किया। वहीं बसंतपुर स्थित फ्लाई ऐश ब्रिक्स इकाई में अवैध रूप से भंडारित लगभग 90 घनमीटर रेत भी जब्त कर संचालक को नोटिस जारी किया गया। सरगुजा जिले में शिकायतों के आधार पर विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध मिट्टी, मुरूम, रेत एवं गिट्टी के उत्खनन और परिवहन में प्रयुक्त जेसीबी, ट्रैक्टर और टिपर सहित छह वाहनों को जब्त किया गया। सभी मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा संशोधित छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के तहत कार्रवाई की जा रही है। संशोधित नियमों के अनुसार अब शमन शुल्क न्यूनतम 25 हजार रुपये अथवा 2 हजार रुपये प्रति टन, जो अधिक होगा, के आधार पर वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त खनिज का बाजार मूल्य भी वसूला जाएगा। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेश में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नियमित गश्त, आकस्मिक निरीक्षण और संयुक्त प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
- -बस्तर संभाग में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पोषण सेवाओं के विस्तार एवं महिला सशक्तिकरण पर हुई सार्थक चर्चारायपुर । छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री माननीय श्रीमती अन्नपूर्णा देवी से सौजन्य भेंट कर महिला एवं बाल विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने हालिया बस्तर संभाग प्रवास की जानकारी साझा करते हुए क्षेत्र में किए गए निरीक्षणों, जनसंवाद कार्यक्रमों तथा जमीनी स्तर पर प्राप्त अनुभवों एवं निष्कर्षों से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बस्तर के दूरस्थ एवं जनजातीय अंचलों में संचालित योजनाओं की प्रगति, चुनौतियों एवं संभावनाओं की भी जानकारी दी।बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, दूरस्थ क्षेत्रों में पोषण सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, आंगनबाड़ी सेवाओं के विस्तार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण तथा आगामी जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के सफल संचालन को लेकर सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी का मार्गदर्शन एवं सुझाव प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को और अधिक प्रभावी, समावेशी एवं जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
- -कृषि मंत्री ने छाती में मखाना खेती का किया निरीक्षण-प्रसंस्करण, विपणन एवं महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाने पर दिया जोररायपुर। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने धमतरी प्रवास के दौरान बुधवार को विकासखंड कुरूद के ग्राम छाती में संचालित मखाना खेती का निरीक्षण किया। जिला प्रशासन तथा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के समन्वित प्रयासों से विकसित इस नवाचार का अवलोकन करते हुए उन्होंने मखाना उत्पादन की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली तथा इसे किसानों, विशेषकर महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक सशक्तता का प्रभावी माध्यम बताया।निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री नेताम खेत में पहुंचे और मखाना के बीज रोपण, पौधों की वृद्धि, फसल प्रबंधन, फल परिपक्व होने तथा जलाशय से फल निकालकर पारंपरिक विधि से प्रसंस्करण कर तैयार मखाना बनाने की संपूर्ण प्रक्रिया को बारीकी से अवलोकन किया। अधिकारियों ने बताया कि मखाना की फसल सामान्यतः 6 से 8 माह में तैयार होती है, जिसके बाद प्रसंस्करण के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाला मखाना प्राप्त किया जाता है। ग्राम छाती में महिला शैलपुत्री एवं नई किरण महिला स्व-सहायता समूह द्वारा लगभग 29 एकड़ क्षेत्र में मखाना की सफल खेती की जा रही है। यह पहल स्थानीय महिलाओं को रोजगार एवं नियमित आय उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्र में वैकल्पिक कृषि को भी नई दिशा दे रही है।मंत्री श्री नेताम ने कहा कि मखाना एक उच्च मूल्य की पोषक एवं बाजार में बढ़ती मांग वाली फसल है, जो किसानों की आय बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं रखती है। उन्होंने उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, विपणन तथा महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी नवाचार आधारित खेती को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सकती है।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने बताया कि जिले में वर्तमान में लगभग 80 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना की खेती की जा रही है। इसके अलावा नगरी विकासखंड में 100 एकड़ अतिरिक्त क्षेत्र में मखाना उत्पादन का विस्तार करने की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। किसानों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है, जिससे भविष्य में जिले को मखाना उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संचालक कृषि श्री राहुल देव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर । राज्य सरकार प्रदेश में पेट्रोल-डिजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जिलों में पेट्रोल एवं डिजल की पर्याप्त मात्रा में किसी प्रकार की अपवाहों पर ध्यान न दें। इसी कड़ी में जशपुर जिले के कोतबा क्षेत्र में डीजल आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है तथा किसानों एवं अन्य उपभोक्ताओं को मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है।जिला प्रशासन जशपुर के खाद्य अधिकारियों ने बताया कि कोतबा एवं आसपास के क्षेत्र में कुल 4 पेट्रोल पंप संचालित हैं। 23 जून को इनमें से 2 पेट्रोल पंपों पर डीजल समाप्त (ड्राई) हो गया था, एक पेट्रोल पंप में केवल रिजर्व स्टॉक उपलब्ध था तथा एक पेट्रोल पंप पर डीजल उपलब्ध होने के कारण ट्रैक्टरों की कतार लग गई थी। स्थिति की जानकारी मिलते ही खाद्य विभाग ने संबंधित ऑयल कंपनी के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उसी दिन दो पेट्रोल पंपों पर डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराई। शेष एक पंप के लिए भी डीजल लोड भेजने की व्यवस्था की गई।वर्तमान में कोतबा क्षेत्र के तीन पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल एवं डीजल उपलब्ध है तथा किसानों सहित सभी उपभोक्ताओं को उनकी मांग के अनुसार ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में किसी भी पेट्रोल पंप पर वाहनों की कतार नहीं है।जिले में वर्तमान में इंडियन ऑयल के 28, भारत पेट्रोलियम के 9 तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 24 सहित कुल 61 पेट्रोल पंप संचालित हैं। जिला प्रशासन द्वारा सभी ऑयल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर ईंधन आपूर्ति की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि आम नागरिकों एवं किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से कृषि विभाग के मार्गदर्शन का किसानों को मिल रहा लाभ-खरीफ के साथ रबी फसल अपनाकर किसान बन रहे आत्मनिर्भर, बढ़ रही आयरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए कृषि विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे वे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के ग्राम सोगड़ा निवासी किसान श्री कीना राम इस पहल का सफल उदाहरण हैं। सीमित कृषि भूमि होने के बावजूद उन्होंने खरीफ के साथ रबी सीजन में गेहूं की खेती अपनाकर अपनी आय में वृद्धि की है।किसान श्री कीना राम ने बताया कि कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के मार्गदर्शन में उन्होंने रबी फसल की खेती शुरू की। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) योजना के तहत उन्हें एक एकड़ भूमि के लिए उन्नत किस्म का गेहूं बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया गया।उन्होंने खेत की अच्छी तैयारी कर पर्याप्त मात्रा में गोबर की खाद का उपयोग किया तथा समय-समय पर सिंचाई और खरपतवार प्रबंधन किया। इसका परिणाम यह रहा कि फसल में कीट एवं रोगों का प्रकोप बहुत कम रहा और गेहूं का अच्छा उत्पादन प्राप्त हुआ।श्री कीना राम ने बताया कि उनके पास कुल 0.800 हेक्टेयर कृषि भूमि है। पहले वे केवल खरीफ सीजन में धान की खेती करते थे और रबी सीजन में खेत खाली छोड़ देते थे। इससे उन्हें गेहूं बाजार से खरीदना पड़ता था। अब रबी में गेहूं की खेती करने से परिवार के लिए गुणवत्तापूर्ण अनाज उपलब्ध होने के साथ अतिरिक्त उत्पादन बेचकर आय भी प्राप्त हो रही है।उन्होंने बताया कि धान के बाद गेहूं की खेती से खाली समय और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो रहा है, खेती की लाभप्रदता बढ़ी है तथा रबी में पड़ती भूमि भी समाप्त हो गई है। इससे परिवार की खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।किसान श्री कीना राम ने अन्य किसानों से भी खरीफ के साथ रबी सीजन में गेहूं, दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कम लागत और कम समय में बेहतर आमदनी प्राप्त करने के लिए रबी फसल एक बेहतर विकल्प है। साथ ही उन्होंने कृषि विभाग एवं छत्तीसगढ़ शासन का मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
- -मुढ़ापार-धतूरा-कोरबी-खम्हरिया मार्ग का 4.40 किमी नवीनीकरण-डीएमएफ से 180.93 लाख रुपये की लागत से हुआ निर्माण-शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बड़ा संबलरायपुर ।खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) निधि का प्रभावी उपयोग प्रदेश में बदलाव की नई मिसाल बन रहा है। कोरबा जिले में डीएमएफ से निर्मित मुढ़ापार-धतूरा-कोरबी-खम्हरि या सड़क ने वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या दूर कर हजारों ग्रामीणों के जीवन को आसान बना दिया है। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की सुनियोजित कार्ययोजना के तहत डीएमएफ मद से 180.93 लाख रुपये की लागत से 4.40 किलोमीटर लंबी सड़क का नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया गया। 15 अप्रैल 2026 को निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब क्षेत्र के ग्रामीणों को वर्षभर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है।पहले बरसात के दौरान सड़क कीचड़ और जलभराव से भर जाती थी, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, मरीजों का उपचार, किसानों की उपज का परिवहन और ग्रामीणों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित होती थीं। अब बेहतर सड़क संपर्क से स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंच आसान होने के साथ किसानों को अपनी उपज समय पर बाजार तक पहुंचाने में भी सुविधा मिल रही है। यह सड़क केवल आवागमन का माध्यम नहीं बनी, बल्कि खनन प्रभावित गांवों के सामाजिक और आर्थिक विकास की नई आधारशिला साबित हुई है। बेहतर संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच बढ़ी है, जिससे क्षेत्र में विकास की नई गति दिखाई दे रही है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और डीएमएफ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों पुरानी समस्या के समाधान से उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। यह परियोजना इस बात का उदाहरण है कि डीएमएफ निधि का योजनाबद्ध और जनहितकारी उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
- -कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने उन्नत वत्स प्रदर्शनी का किया अवलोकन, विभागीय नवाचारों की सराहनाधमतरी । छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन तथा पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज धमतरी जिले के प्रवास के दौरान पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में पशुधन विकास विभाग द्वारा विकासखंड धमतरी के मुख्य ग्राम योजना अंतर्गत ग्राम पुरी स्थित पशु चिकित्सा संस्था मुख्य ग्राम इकाई में उन्नत वत्स प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। मंत्री श्री नेताम ने गायों को हरा चारा खिलाया ।प्रदर्शनी में कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से उत्पादित 42 उन्नत वत्सों (एफ-1 से एफ-3 पीढ़ी) का प्रदर्शन किया गया। मंत्री श्री नेताम ने उन्नत नस्ल के इन वत्सों का अवलोकन कर विभाग द्वारा किए जा रहे वैज्ञानिक एवं नवाचार आधारित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से पशुधन की गुणवत्ता में सुधार कर दुग्ध उत्पादन बढ़ाना किसानों और पशुपालकों की आय वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी तथा पशुधन विकास विभाग के संचालक श्री चन्द्रकांत वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए पशुपालकों से संवाद किया तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की।ग्राम की सरपंच श्रीमती कुंती देवदास एवं दुग्ध सहकारी समिति के अध्यक्ष श्री चिरौंजीलाल साहू ने बताया कि ग्राम पुरी में शत-प्रतिशत कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से लगभग प्रत्येक परिवार डेयरी गतिविधियों से जुड़ चुका है। वर्तमान में ग्राम के दुग्ध संकलन केन्द्र में प्रतिदिन 500 लीटर से अधिक दूध का संकलन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्राम पुरी अब वैज्ञानिक पशुपालन एवं डेयरी विकास का प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभर रहा है।कार्यक्रम के दौरान कृत्रिम गर्भाधान कार्य में सूचना-तंत्र के रूप में महत्वपूर्ण सहयोग देने वाले ग्राम के चरवाहों को मंत्री श्री नेताम ने गमछा एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से ही शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो पाता है।इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेतों में दवा के छिड़काव हेतु स्प्रे ड्रोन का पूजन-अर्चन कर मंत्री श्री नेताम ने उसका प्रदर्शन भी किया। ड्रोन तकनीक के माध्यम से कम समय, कम लागत एवं अधिक दक्षता के साथ कृषि कार्य किए जाने की उपयोगिता से उपस्थित किसानों को अवगत कराया गया।मंत्री श्री नेताम ने जिले में पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, नस्ल सुधार, डेयरी विकास तथा नवाचार आधारित गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि धमतरी जिले में विभागीय कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।कार्यक्रम में उप संचालक पशुधन विकास विभाग डॉ. ए.के. मरकाम, अतिरिक्त उप संचालक डॉ. टी.आर. वर्मा तथा पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ डॉ. प्रमोद कुमार ठाकुर ने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। मुख्य ग्राम योजना धमतरी के अंतर्गत कार्यरत सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों ने प्रदर्शनी के सफल आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उन्नत पशुपालकों, किसानों एवं ग्रामीणों की सहभागिता रही।यह आयोजन पशुधन विकास, वैज्ञानिक पशुपालन, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में धमतरी जिले की उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में सामने आया।
- -सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद प्रशासन ने की त्वरित कार्यवाहीय छात्रा आराधना ने मुख्यमंत्री का जताया आभारअम्बिकापुर । शासन की जनोन्मुखी पहल सीएम हेल्पलाइन आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण का भरोसेमंद माध्यम बन रहा है। सरगुजा जिले के ग्राम करिया की छात्रा आराधना सिंह की समस्या का समाधान इसका एक उदाहरण है। आधार कार्ड में जन्मतिथि की गंभीर त्रुटि के कारण जहां उनकी उच्च शिक्षा और भविष्य की संभावनाओं पर संकट के बादल मंडरा रहे थे, वहीं सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होने के बाद प्रशासन की सक्रिय पहल, उचित मार्गदर्शन और समयबद्ध कार्यवाही से उनकी समस्या का समाधान हो गया। अब वे न केवल कॉलेज की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रख सकेंगी, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पूरे आत्मविश्वास के साथ शामिल हो सकेंगी।आराधना सिंह ने बताया कि उन्होंने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद कॉलेज में प्रवेश लेने की तैयारी की थी। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों की जांच में उन्हें पता चला कि उनके आधार कार्ड में जन्मतिथि गलत दर्ज है। जन्मतिथि में लगभग तीन वर्ष का अंतर होने के कारण उनका आधार कार्ड आवश्यक दस्तावेजों से मेल नहीं खा रहा था। ऐसे में कॉलेज प्रवेश सहित आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो गई। उन्होंने बताया कि समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कई स्तरों पर प्रयास किए। वे आधार सेंटर पहुंचीं, जहां आधार कार्ड में संशोधन कराने का प्रयास किया। इसके बाद डाकघर में भी संपर्क किया, लेकिन वहां उन्हें बताया गया कि जन्मतिथि में अधिक अंतर होने के कारण सामान्य प्रक्रिया के तहत सुधार संभव नहीं है। लगातार प्रयासों के बावजूद समाधान नहीं मिलने से वे मानसिक रूप से काफी परेशान हो गईं। उन्हें लगने लगा कि दस्तावेजों की त्रुटि के कारण उनकी आगे की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है और भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में भी कठिनाई आएगी।इसी दौरान उनके चाचा को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जानकारी मिली। उन्होंने आराधना सिंह की समस्या को विस्तारपूर्वक सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराया। शिकायत दर्ज होने के कुछ समय बाद संबंधित अधिकारियों ने स्वयं आराधना सिंह से संपर्क किया और पूरी जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने उन्हें आवश्यक प्रक्रिया समझाई तथा आधार कार्ड में संशोधन के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करने का मार्गदर्शन दिया। अधिकारियों के निर्देशानुसार आराधना सिंह पुनः आधार सेंटर पहुंचीं। वहां उन्हें बताया गया कि जन्मतिथि संशोधन के लिए शपथ पत्र (एफिडेविट), जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कर निर्धारित प्रक्रिया पूरी की और आवेदन जमा किया। आवेदन पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए लगभग एक सप्ताह के भीतर उनका संशोधित आधार कार्ड जारी कर दिया गया।आधार कार्ड में जन्मतिथि सही होने के बाद आराधना सिंह ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे बिना किसी बाधा के अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें यह चिंता थी कि दस्तावेजों की त्रुटि के कारण उनका भविष्य प्रभावित हो जाएगा, लेकिन सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से समय पर समाधान मिलने से उनकी बड़ी चिंता दूर हो गई। अब वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी पूरे आत्मविश्वास के साथ कर सकेंगी।आराधना सिंह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन द्वारा संचालित सीएम हेल्पलाइन आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि यदि यह सुविधा उन्हें नहीं मिलती, तो शायद उनकी समस्या का समाधान इतनी शीघ्रता से नहीं हो पाता। उन्होंने शासन एवं प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि यदि किसी को शासन से संबंधित किसी प्रकार की समस्या या कठिनाई का सामना करना पड़ रहा हो, तो वह निराश होने के बजाय सीएम हेल्पलाइन में अपनी शिकायत दर्ज कराए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शासन की यह व्यवस्था लोगों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- रायपुर। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत प्राप्त जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण की दिशा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए ग्राम कर्राभौना में बंद पड़े हैंडपंप की मरम्मत कर उसे पुनः चालू कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों को पेयजल हेतु काफी राहत मिली है। विकासखंड बसना के ग्राम कर्राभौना निवासी श्री विजय कुमार चौहान ने सुशासन तिहार के दौरान ग्राम पंचायत कुम्हारी के आश्रित ग्राम कर्राभौना के वार्ड क्रमांक 06 में बंद पड़े हैंडपंप की मरम्मत हेतु आवेदन किया था। आवेदन प्राप्त होते ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की गई।विभाग के तकनीकी दल द्वारा स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य किया गया तथा 09 जून 2026 को हैंडपंप की मरम्मत पूर्ण कर उसे पुनः सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। इससे वार्ड के ग्रामीणों को पुनः स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो गई है। ग्रामीणों ने त्वरित कार्रवाई के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत प्राप्त आवेदनो के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए प्रशासन एवं संबंधित विभाग निरंतर कार्य कर रहे हैं, जिससे आमजन को उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान उपलब्ध कराया जा सके।
- -सिर्फ एक सप्ताह में मिली राहतएमसीबी/ शासन की योजनाओं का लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुँचे और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान होकृमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इसी सुशासन की सोच को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 लगातार साकार कर रही है। मनेंद्रगढ़ निवासी अभिनव द्विवेदी की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है, जहाँ एक शिकायत ने महज़ एक सप्ताह में उनकी चिंता को राहत में बदल दिया।काफी समय से आयुष्मान कार्ड नहीं बनने के कारण अभिनव द्विवेदी शासन की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे थे। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद कार्ड जारी नहीं होने से वे परेशान थे। अंततः उन्होंने अपनी समस्या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज कराई और समाधान की उम्मीद जताई।शिकायत प्राप्त होते ही प्रकरण को स्वास्थ्य विभाग के पास भेजा गया। विभाग ने मामले को प्राथमिकता से लेते हुए आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई की। लगातार मॉनिटरिंग और त्वरित प्रयासों के परिणामस्वरूप सिर्फ एक सप्ताह के भीतर अभिनव द्विवेदी का आयुष्मान कार्ड बनकर तैयार हो गया।आयुष्मान कार्ड बनने के साथ ही अभिनव अब आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन्हें भविष्य में गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक बोझ से भी राहत मिलेगी।शिकायत के निराकरण के बाद मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से जब अभिनव से फीडबैक लिया गया, तो उन्होंने बताया कि उनकी समस्या का पूरी तरह समाधान हो चुका है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें इतनी शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन वास्तव में आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का भरोसेमंद माध्यम बन चुकी है।यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 केवल शिकायत दर्ज करने का मंच नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान का प्रभावी माध्यम है। जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और सुशासन की भावना निरंतर सशक्त होती रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई ने मानसून के दौरान शहर में जलभराव की समस्या को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर विशेष अभियान शुरू कर दिया है। निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार जोन-2 वैशाली नगर अंतर्गत सभी संवेदनशील वार्डों में नालियों की सफाई, चोक पाइंट खोलने तथा वर्षाजल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बारिश के दौरान कहीं भी पानी का ठहराव न हो और नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।निगम आयुक्त के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग एवं जोन की टीमों ने ऐसे स्थानों को चिन्हित किया है, जहां पूर्व वर्षों में वर्षाजल के ठहराव की स्थिति निर्मित होती रही है। इन स्थानों पर विशेष रूप से नालियों के चोक पाइंट खोले जा रहे हैं, ताकि वर्षाजल बिना किसी अवरोध के मुख्य नालियों तक पहुंच सके। जहां प्राकृतिक बहाव बाधित है, वहां रेनकट (कच्ची नाली) बनाकर पानी का निकास मुख्य नालियों की ओर कराया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली के मार्गदर्शन में सफाई अमला लगातार फील्ड में मौजूद रहकर नालियों में जमा गाद, प्लास्टिक, कचरा एवं अन्य अवरोधों को हटाने का कार्य कर रहा है। अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति पर नजर रखी जा रही है तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त श्रमिक एवं संसाधन भी लगाए जा रहे हैं।निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए। जिन क्षेत्रों में पानी भरने की संभावना हो, वहां पहले से ही आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर समस्या का निराकरण किया जाए, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल नालियों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शहर में ऐसी प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित करना है जिससे मानसून के दौरान सड़कें जलमग्न न हों, यातायात प्रभावित न हो और आम नागरिकों का दैनिक जीवन सुचारु रूप से चलता रहे।
- 0- रिहायशी बस्ती से पोल्ट्री फार्म हटाने ग्रामवासियों ने कलेक्टर से लगाई गुहार0- जनदर्शन में प्राप्त हुए 180 आवेदनदुर्ग. जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अपर कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थॉमस भी उपस्थित थीं। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 180 आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन में प्राप्त विभिन्न आवेदनों पर कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेेते हुए संबंधित अधिकारियों से फोन पर जानकारी ली और उक्त आवेदनों पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।इसी कड़ी में धुमा के ग्रामवासियों ने घास जमीन को पशुपालन के लिए सुरक्षित करने आवेदन दिया। ग्रामवासियों ने बताया कि तहसील पाटन के अंतर्गत घास जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है। यह जमीन पशुओं के चरने के लिए सुरक्षित है और यदि अतिक्रमण जारी रहा तो गांव में मवेशियों के लिए चारागाह की समस्या और बढ़ जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में ग्राम पंचायत में प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं रुका। उन्होंने घास जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर पशु चारागाह के रूप में सुरक्षित रखने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार पाटन को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम धनौद के ग्रामीणों ने आवासीय क्षेत्र से लगे पोल्ट्री फार्म को बंद करने अथवा अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पोल्ट्री फार्म आवासीय क्षेत्र के बेहद निकट संचालित हो रहा है, जिससे जनस्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली दुर्गंध, अपशिष्ट और प्रदूषण के कारण पूरे गांव का वातावरण प्रभावित हो रहा है। इससे सांस लेने में परेशानी, मच्छर-मक्खियों का प्रकोप बढ़ने और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। गर्मी और बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कराकर पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही करने, पोल्ट्री फार्म को रिहायशी क्षेत्र से हटाने तथा जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने सीइओ जनपद पंचायत दुर्ग को निरीक्षण कर कार्यवाही करने को कहा।ग्राम खम्हरिया के किसानों ने धनोरा नाला पर बने कट बांध के कारण खेतों में जलभराव होने की शिकायत की। किसानों ने बताया कि धनोरा नाला पर बने कट बांध की वजह से हल्की बारिश में भी करीब 20 एकड़ कृषि भूमि में पानी भर जाता है, जिससे रोपा और बुवाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। इससे खेती और आजीविका पर भी गंभीर असर पड़ेगा। किसानों कट बांध का निरीक्षण कर जलभराव की समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
- दुर्ग. भारतमाला सड़क परियोजना के अंतर्गत ग्राम थनौद से जुड़ी लंबे समय से लंबित महत्वपूर्ण मांगों का समाधान होने पर ग्रामीणों और किसानों ने जनदर्शन में पहुंचकर कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह का आभार व्यक्त किया है। ग्रामीण कृषकों ने बताया कि आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए अंडरब्रिज की ऊंचाई बढ़ाने जनदर्शन में मांग की जा रही थी, जिसे स्वीकृति प्रदान किया गया। इसके अलावा शिवनाथ नदी-नाले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित पुल (ब्रिज) की लंबाई बढ़ाने की मांग भी पूरी की गई है, जिससे बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ का प्रभाव कम होगा तथा लोगों और किसानों को आवागमन में राहत मिलेगी। ग्रामीणों का कहना है कि इन मांगों के पूरा होने से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और भविष्य में किसानों एवं आम नागरिकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। मांगों के निराकरण पर ग्रामवासियों और कृषकों श्री अनिल देवांगन, श्री चंद्रकात सिन्हा, श्री देवराज चतुर्वेदी, श्री उमेन्द्र सिन्हा, श्री हुमत धनकर, श्री तारक सिन्हा, श्री धनराज देवांगन ने कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह एवं संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
- दुर्ग। जनपद पंचायत धमधा अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहदी में VB-GRAM (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन) योजना के शुभारंभ एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को योजना की जानकारी प्रदान कर उन्हें रोजगार, आजीविका एवं ग्राम विकास से जुड़े अवसरों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में एपीओ द्वारा VB-GRAM योजना के विभिन्न प्रावधानों, उद्देश्यों एवं लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का सृजन, आजीविका संवर्धन, महिला सशक्तिकरण तथा समग्र ग्राम विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों को योजना से प्राप्त होने वाले लाभों, स्वरोजगार एवं कौशल विकास के अवसरों तथा सामुदायिक सहभागिता के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों ने ग्रामीणों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें योजना में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जिला एपीओ, पीओ, सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने योजना के प्रभावी एवं सफल क्रियान्वयन के लिए सामूहिक सहयोग एवं सहभागिता का संकल्प लिया।
- 0- मंत्रियों ने न्योता भोज में बच्चों के साथ किया भोजन0- जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया गया जोरबिलासपुर. केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज यहां सेजेस लाल बहादुर शास्त्री, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर स्थित देवकीनंदन दीक्षित सभागार में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर एवं मुंह मीठा कर आत्मीय स्वागत किया। अतिथियों ने बच्चों के साथ न्योता भोज में शामिल होकर भोजन किया एवं छात्राओं का सरस्वती सायकल योजना के तहत सायकल का वितरण भी किया। उन्होंने नए शिक्षा सत्र के शुभारंभ पर विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने, संस्कारवान नागरिक बनने और अपने माता-पिता, गुरुजनों तथा प्रदेश का नाम रोशन करने का संदेश दिया।कार्यक्रम में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडे, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अंबिका साहू, पूर्व महापौर श्री किशोर राय, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रामेश्वर जायसवाल, श्री दीपक सिंह, श्री मोहित जायसवाल, राजेश सिंह, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, पालक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।शाला प्रवेशोत्सव शिक्षा के प्रति समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का उत्सव : केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहूबतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं पालकों को नए शिक्षा सत्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शाला प्रवेशोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का उत्सव है। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में उसकी प्राथमिक पाठशाला की स्मृतियां हमेशा बनी रहती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अच्छे संस्कार और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरे मन से अध्ययन कर अपने परिवार, समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।कड़ी मेहनत और शिक्षा ही सफलता का सबसे बड़ा आधार : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण सावकार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार कर रही है। आज स्कूलों में भवन, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में सम्मानपूर्वक आगे बढ़ना है तो कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। विद्यार्थियों को पूरे समर्पण के साथ पढ़ाई कर अपने सपनों को साकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के बच्चे अपनी प्रतिभा से पूरे देश में राज्य का गौरव बढ़ाएं।स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित हों : विधायक श्री सुशांत शुक्लाविधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि विद्यालयों का सामाजिक ऑडिट होना चाहिए, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सभी आवश्यक सुविधाएं मिलना सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि कोई भी विद्यालय शौचालय विहीन, जर्जर अथवा अवैध कब्जे से प्रभावित नहीं होना चाहिए। विद्यालयों का वातावरण बच्चों के सर्वांगीण विकास के अनुकूल होना चाहिए।हर विद्यालय में स्मार्ट क्लास स्थापित करने की दिशा में तेजी से हो रहा कार्य : कलेक्टर श्री संजय अग्रवालकलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को पुनः विद्यालय तक लाना है। उन्होंने बताया कि जिले में 1800 से अधिक विद्यालय, लगभग 8 हजार शिक्षक तथा 1 लाख 67 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। आगामी तीन माह में प्रत्येक विद्यालय में कम से कम एक स्मार्ट क्लास स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षक-पालक बैठकों को प्रभावी बनाने, दिव्यांग बच्चों के लिए सुविधाएं बढ़ाने, समय पर पाठ्यपुस्तकों के वितरण तथा सरस्वती साइकिल योजना के प्रभावी संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम में स्वागत भाषण जिला शिक्षा अधिकारी श्री रामेश्वर जायसवाल ने दिया।नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर विद्यालय परिवार में स्वागत किया गया। छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिलों का वितरण किया गया। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले बिल्हा शासकीय स्कूल के शिक्षक श्री कलेश्वर साहू को सम्मानित किया गया। उनहोंने दो लाख सीड बॉल तैयार किया है। श्री साहू ने अतिथियों को तैयार किए गए सीड बॉल भेंट किए। सेवानिवृत्त शिक्षकों को निःशुल्क शैक्षणिक सहयोग देने के लिए भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने अतिथियों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक एवं विद्यार्थियों की सहभागिता रही।
- 0- रितेश कुमार एवं श्रीमती योजिता सेन को मिला विवाह प्रमाण पत्ररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाएं ग्राम पंचायत स्तर पर सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में विकासखण्ड अभनपुर की ग्राम पंचायत सोनपैरी के निवासी श्री रितेश कुमार एवं श्रीमती योजिता सेन को सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विवाह प्रमाण पत्र की सुविधा समय पर प्राप्त हुई।श्री रितेश कुमार एवं श्रीमती योजिता सेन को विभिन्न शासकीय एवं कानूनी कार्यों के लिए विवाह प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। पूर्व में उन्हें विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय एवं धन दोनों की अतिरिक्त व्यय होता था।सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत सोनपैरी में ही उनके विवाह प्रमाण पत्र के लिए आवेदन स्वीकार किया गया। पंचायत स्तर पर आवेदन का सत्यापन एवं आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर विवाह प्रमाण पत्र जारी कर हितग्राहियों को उपलब्ध कराया गया।श्री कुमार एवं श्रीमती सेन ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर ही यह सुविधा मिलने से उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिली तथा समय पर प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया |
- 0- उल्लंघन करने पर मोटरयान अधिनियम के तहत की जाएगी कार्रवाईबालोद. जिला परिवहन कार्यालय बालोद द्वारा किसानों, ट्रैक्टर स्वामियों और चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। इसके अंतर्गत लोहे के केज/रिंग लगे ट्रैक्टरों का सार्वजनिक सड़कों पर संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधितों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में खरीफ सीजन के कृषि कार्य प्रारंभ हो चुके हैं, जिसके तहत खेतों में जुताई और मताई का कार्य ट्रैक्टर व उसमें लगे अन्य उपकरणों के माध्यम से किया जा रहा है।ऐसे ट्रैक्टर जिनके पहियों में लोहे के केज, रिंग (पिंजरे वाली जाली) लगे होते हैं, जिन्हें सामान्यतः केज व्हील या लोहे का टायर कहा जाता है, उनका उपयोग मुख्य रूप से धान के खेतों (कीचड़ वाले गीले इलाकों) में ट्रैक्टर को धंसने से बचाने और अच्छी ग्रिप देने के लिए किया जाता है। उन्होंने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि खेतों में कृषि कार्य हेतु उपयोग किए जाने वाले ऐसे ट्रैक्टरों का संचालन सार्वजनिक सड़कों पर न करें। सभी किसानों, वाहन स्वामियों और चालकों को सूचित किया गया है कि लोहे के केज, रिंग लगे ट्रैक्टरों का खेतों के अतिरिक्त सार्वजनिक सड़कों पर संचालन करने से डामर और सीमेंट की सड़कें बुरी तरह खराब होती हैं। साथ ही, इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी काफी बढ़ जाती है, जो कि नियमों के सर्वथा विरुद्ध है। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि यदि सार्वजनिक सड़कों, सीमेंट, डामर सड़कों अथवा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर केज व्हील या लोहे के रिंग लगे ट्रैक्टरों का संचालन पाया गया, तो वाहन स्वामियों और चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत जिला परिवहन कार्यालय बालोद द्वारा सख्त चालानी व वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- 0- सिंचाई के लिए खेत में कराया बोरवेल, खेत जाने आने के लिए खरीदा इलेक्ट्रिक स्कूटी0- गणेश ने किसान हितैषी योजना के संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का जताया आभारबालोद. बालोद जिले के सुदूर वनांचल में स्थित ग्राम लोहारटोला के प्रगतिशील किसान, श्री गणेश कचलामे ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीक और शासन की योजनाओं के मेल से कृषि को एक बेहद मुनाफेदार व्यवसाय में बदला जा सकता है। श्री कचलामे का मानना है कि शासन की किसान-हितैषी योजनाओं ने उनके जीवन को एक नई आर्थिक संबलता प्रदान की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के किसान हितैषी कृषक उन्नति योजना के तहत धान का बेहतरीन मूल्य मिलने से उन्हें सीधा आर्थिक लाभ पहुँचा।धान बेचकर जो मुनाफा प्राप्त हुआ, उसे उन्होंने व्यर्थ खर्च करने के बजाय अपनी खेती के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में लगाया। अपनी बढ़ी हुई आय का सदुपयोग करते हुए श्री गणेश ने दो महत्वपूर्ण कार्य किए, जो उनकी दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने कृषि कार्य को निर्बाध रूप से आगे बढ़ाने और पानी की निर्भरता को खत्म करने के लिए उन्होंने अपने खेत में बोरवेल का खनन कराया। इससे अब वे मौसम की अनिश्चितता से बचकर पूरे वर्ष बेहतर खेती कर सकेंगे। उन्होंने खेत तक आने-जाने और घरेलू कार्यों को सुगमता से निपटाने के लिए एक इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदी है। यह कदम न केवल उनके समय की बचत कर रहा है, बल्कि पेट्रोल के बढ़ते खर्चों को कम कर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहा है।अपनी इस चैतरफा सफलता और जीवन में आए सकारात्मक बदलाव से श्री गणेश कचलामे बेहद प्रसन्न हैं। उन्होंने अपनी इस तरक्की का श्रेय राज्य शासन की कल्याणकारी नीतियों को देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है। आज श्री गणेश कचलामे केवल लोहारटोला के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बालोद जिले और राज्य के उन सभी किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गए हैं, जो आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन को संवारना चाहते हैं।
- 0- श्रमिकों को वीबी जी राम जी अंतर्गत 125 दिन प्रति परिवार रोजगार एवं वर्तमान मजदूरी दर 261 रूपये से बढ़ाकर 300 रूपये होने के संबंध में दी गई जानकारीबालोद. विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) का शुभारंभ 01 जुलाई 2026 को पूरे भारत में प्रभावशील हुआ है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों के द्वारा जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतो में संचालित कार्यों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कार्यरत श्रमिकों को विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) अंतर्गत 125 दिन प्रति परिवार को रोजगार उपलब्ध कराने एवं श्रमिकों का वर्तमान मजदूरी दर 261 रूपये से बढ़ाकर 300 रूपये होने के विषय में जानकारी साझा की गई। इसके साथ ही ग्राम पंचायत के तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक को कार्यस्थल में उपस्थित रहकर नियमानुसार कार्य कराए जाने के संबंध में निर्देश दिए गए।इसके साथ ही 02 जुलाई को विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) के शुभारंभ के अवसर पर ग्राम पंचायतों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित कराते हुए वीबी जी राम जी योजना के अनुरूप प्रगतिरत कार्य का मस्टररोल जारी कर कार्य कराने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को योजना के उद्देश्य, लाभ एवं जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन तथा सामुदायिक विकास से जुड़े प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में जनसहभागिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीणों को सक्रिय सहयोग हेतु प्रेरित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने योजना के माध्यम से ग्राम स्तर पर जल संसाधनों के संरक्षण एवं विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा योजना को सफल बनाने में सहयोग देने का संकल्प लिया ।
- 0- 851 तकनीकी एवं गैर तकनीकी पदों पर की जाएगी भर्तीबालोद. उप संचालक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र बालोद के तत्वाधान में 10 जुलाई 2026 को शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुण्डरदेही में रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि उक्त रोजगार मेले में कक्षा 10वी, 12वी, बी.एस.सी. एग्रीकलचर, स्नातक, स्नातकोत्तर, पीजीडीसीए, बीएससी नर्सिग, मेडिकल कोर्स एवं हॉस्पिटल स्टाफ व अन्य योग्यताधारी आवेदकों के लिए कुल 03 नियोजकों द्वारा कुल 851 तकनीकी एवं गैर तकनीकी पदों पर भर्ती की जाएगी।उन्होंने बताया कि एस.आर. हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ग्राम चिखली, धमधा रोड जिला दुर्ग नियोजक द्वारा कुल 575 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसी तरह सेफ इंटेलीजेंट सिक्यूरिटी सर्विसेस भिलाई नियोजक द्वारा कुल 206 पदों पर एवं पुस्कल एग्रोटेक लिमिटेड कमल विहार रायपुर नियोजक द्वारा कुल 70 पदों भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अधिक जानकारी रोजगार विभाग के वेबसाईट www.erojgar.cg.gov.in अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार एप पर उपलब्ध है, जिसके माध्यम से इच्छुक आवेदक ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। उन्होंने बताया कि रोजगार मेले में शामिल होने के लिए रोजगार पंजीयन कराना आवश्यक है। इसके अलावा अन्य जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र बालोद से भी संपर्क कर सकते है।
- 0- ग्राम कसही में अवैध रूप से पत्थर उत्खनन करने पर चैन माउंटेन किया गया सीलबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि खनिज विभाग द्वारा 01 जुलाई 2026 को डौण्डीलोहारा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कसही का मौका जाँच किया गया। जाँच में ग्राम कसही के निजी भूमि में चैनमाउंटेन मशीन से बडे़ पत्थरों को तोड़ना व मजदूरों द्वारा उन्हें छोटा आकारों में बदलते हुए पाया गया। मौके पर संबंधितों के द्वारा उक्त पत्थर उत्खनन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नही करने पर उक्त चैन माउंटेन मशीन, पीला रंग पीसी 130-7 मशीन सीरियल नंबर एन 521735 को जप्त कर सील किया गया। उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरण में नियमानुसार खान व खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत् कार्यवाही की जाएगी एवं भविष्य में भी खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण करते पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- दुर्ग. कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता को खो चुके दस बच्चों (प्रीति टंडन, करीना टंडन, स्पनिल बोस, दुष्यंत कुमार साहू, जयंत कुमार साहू, वैभव बंजारे, सुल्ताना खान, यमुना ठाकुर, जय ठाकुर, रविन्द्र कुमार टंडन) से कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आत्मीय मुलाकात कर संवाद किया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में उन्होंने बच्चों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत करते हुए उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली।कलेक्टर श्री सिंह ने बच्चों से उनके वर्तमान विद्यालय, पढ़ाई की स्थिति और रुचियों के बारे में विस्तार से पूछा। उन्होंने यह भी जाना कि बच्चे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं और किस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। उन्होंने छात्रवृत्ति की उपलब्धता और शासन द्वारा दी जा रही अन्य सहायता योजनाओं के बारे में भी बच्चों से सीधे जानकारी ली। भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पीएम केयर्स में लाभान्वित बालक/बालिकाओं को स्पांसरशिप योजना, महतारी दुलार योजना, एक्सग्रेसिया (आपदा प्रबंधन राहत कोष ), 23 वर्ष पूर्ण होने पर एकमुश्त 10 लाख रूपए की राशि, कक्षा पहली से 12वीं तक अध्ययनरत लाभार्थियों को प्रति वर्ष 20 हजार रूपए की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी को सभी बच्चों के आधार कार्ड, बायोमेट्रिक अपडेट, 18 वर्ष पूर्ण कर चुके युवाओं के वोटर आईडी कार्ड एवं जाति प्रमाण पत्र बनाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने सभी बच्चों से उनकी वर्तमान पढ़ाई और शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली। बच्चों ने अपने-अपने अध्ययन और भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया। इस दौरान कलेक्टर ने उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने, लक्ष्य निर्धारित करने तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। इस दौरान महिला एवं बाल विकास के अधिकारी श्री अजय साहू, जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती प्रीति डांगरे, परियोजना समन्वयक श्री चंद्रप्रकाश पटेल, जिला बाल संरक्षण ईकाई के कर्मचारी उपस्थित थे।



























