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- -कलेक्टर ने तैयारियों की समीक्षा कीबिलासपुर / भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में 18 मई से 25 मई 2026 तक जनजातीय गरिमा उत्सव जन भागीदारी अभियान संचालित किया जाएगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों की बैठक लेकर अभियान की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अभियान के सफल संचालन, जनजागरूकता गतिविधियों एवं विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई।इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रमुख सचिव, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग श्री सोनमणि वोरा द्वारा भी अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के तहत जनजातीय समुदायों तक शासन की योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, जनसुनवाई, शिकायत निवारण एवं जागरूकता कार्यक्रमों का प्रभावी आयोजन कर अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जाए। बैठक में बताया गया कि अभियान के अंतर्गत विभिन्न शिविरों, जनसुनवाई कार्यक्रमों एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही आयोजित कार्यक्रमों की दैनिक प्रगति रिपोर्ट एवं फोटोग्राफ्स निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने सभी विभागों को अभियान के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय बनाए रखने तथा शासन की मंशानुरूप कार्यक्रमों का लाभ आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
- बिलासपुर। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य में स्वच्छ, निष्पक्ष एवं डोपिंग मुक्त खेल वातावरण को प्रोत्साहित करने 15 मई को ऑनलाइन एंटी-डोपिंग शिक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी ऑफ इंडिया (NADA) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल अधिकारियों एवं खेल संगठनों को डोपिंग के दुष्प्रभावों, प्रतिबंधित पदार्थों, एंटी-डोपिंग नियमों, परीक्षण प्रक्रिया तथा खिलाड़ियों की जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक किया जाएगा।ऑनलाइन जागरूकता सत्र शाम साढ़े चार बजे से शुरू होगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने राज्य के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल संघों, खेल अधिकारियों और खेल संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में ऑनलाइन सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम ने बताया कि स्वच्छ खेल संस्कृति को बढ़ावा देना खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य एवं खेलों की पारदर्शिता के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम से खिलाड़ियों को सही जानकारी प्राप्त होगी तथा वे डोपिंग से जुड़े जोखिमों एवं नियमों के प्रति अधिक सजग हो सकेंगे।
- रायपुर । प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना उपभोक्ताओं के लिये बिजली बचत का सहारा बन रही है। इस योजना से संयुक्त परिवार को भी मिली बड़ी राहत मिल रही है।रायपुर के डीडी नगर निवासी अजय देवांगन ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घर में पांच-पांच किलोवाट क्षमता के दो सोलर संयंत्र स्थापित किए हैं। कुल 10 किलोवाट क्षमता वाले इन सोलर संयंत्रों के लगने के बाद उनके घर का बिजली बिल काफी कम हो गया है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप संचालित इस योजना का लाभ अब आम उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है। अजय देवांगन का तीन भाइयों का संयुक्त परिवार एक साथ रहता है। घर में कुल 13 कमरे हैं, जहां नियमित रूप से एसी सहित अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग होता है। पहले अधिक बिजली खपत के कारण बिजली बिल भी ज्यादा आता था, लेकिन अब दिनभर सोलर पैनलों से बिजली उत्पादन होने के कारण बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है।उन्होंने बताया कि सोलर संयंत्र लगने के बाद दो महीने तक उनका बिजली बिल शून्य भी आया। संयुक्त परिवार होने के कारण घर का विद्युत लोड अधिक रहता है, फिर भी अब बिजली बिल पहले की तुलना में काफी कम हो गया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने उनके परिवार को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए भी प्रेरित किया है।सरकार द्वारा इस योजना में दोहरी सब्सिडी भी दी जा रही है। सोलर संयंत्रों की स्थापना पर केंद्र सरकार से 78 हजार रुपए तथा छत्तीसगढ़ सरकार से 15 हजार रुपए का अनुदान दिया जा रहा है।
- रायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों के निस्तारण एवं निर्धारित समय पर उपस्थित होने के संबंध में श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान किए। ई-ऑफिस में मंत्रालय में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले विभागों को भी सम्मानित किया गया। श्रेष्ठ विभागों में प्रथम स्थान पर समाज कल्याण विभाग रहा। दूसरे स्थान पर गृह विभाग और तृतीय स्थान पर परिवहन विभाग को प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया।मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस में श्रेष्ठ कार्य करने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। संयुक्त सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान पर आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत, दूसरे स्थान पर अनुसूचित जाति पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री अनुपम त्रिवेद्वी रहे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव श्री सचिदानंद आलोक तीसरे स्थान पर रहे। उप सचिव स्तर के अधिकारियों में वन विभाग के उप सचिव श्री दूरदेशी राम सोन्टापर प्रथम, सामान्य प्रशासन विभाग के श्री किशोर कुमार भूआर्य द्वितीय और गृह विभाग के उप सचिव श्री रामप्रसाद चौहान को तीसरे स्थान के लिए प्रशंसा पत्र दिए गए। अवर सचिव श्रेणी के अधिकारियों में विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अवर सचिव श्री अरूण कुमार मिश्रा को प्रथम, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के श्री मगनलाल पवार को द्वितीय और गृह विभाग के श्री पूरन लाल साहू को तीसरे स्थान पर सम्मानित किया गया। अनुभाग स्तर के अधिकारियों में सामान्य प्रशासन विभाग के अनुभाग अधिकारी श्री नंदकुमार मेश्राम को प्रथम, श्री भोले नाथ सारथी वन विभाग को दूसरा और गृह विभाग के श्री पी.नागराजन को तीसरा स्थान मिला। सहायक अनुभाग स्तर के अधिकारियों में श्रीमती रेखा देवांगन को प्रथम स्थान पर सम्मानित किया गया। वरिष्ठ सचिवालय सहायक में महिला एवं बाल विकास विभाग के श्री दौलत राम वर्मा को प्रथम स्थान मिला। कनिष्ठ सचिवालय सहायक स्तर पर नगरीय प्रशासन विभाग के श्री प्रमोद कुमार को प्रथम स्थान मिला। कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में सामान्य प्रशासन विभाग के श्री विक्रम प्रताप कश्यप को दूसरा स्थान और सामान्य प्रशासन विभाग के श्री सुरेन्द्र कुमार को तीसरा स्थान मिला। डाटा एंट्री ऑपरेटर में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (तकनीकी) श्रीमती माया देवांगन को प्रथम स्थान मिला।समयबद्धता के लिए उपस्थिति रैकिंग में सहायक अनुभाग अधिकारी सुश्री कांति सूर्यवंशी प्रथम स्थान पर रही। स्टेनोटायपिस्ट श्री रमाकांत, निज सचिव अराधना साहू, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री हुप्पल देवांगन, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री जयप्रकाश साव, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रीमती जयमनी पहाड़िया, भृत्य श्री जीघन राम साहू, अवर सचिव श्री लीना राकेश, अनुभाग अधिकारी श्री मुकेश कुमार शाकार और श्री मुकेश कुमार तांडी दूसरे स्थान पर रहें। इसी तरह से उपस्थिति में तीसरे स्थान प्राप्त करने वालों में कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्री मुकेश राम प्रधान, अवर सचिव श्री ओमप्रकाश पात्रे, वरिष्ठ सचिवालय सहायक प्रमीला यादव, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री संतोष कुमार साहू, श्रीमती सुधा शेंडे, श्री त्रिभुवन निषाद और श्री विनोद कुमार अठानकर सहायक अनुभाग अधिकारी तीसरे स्थान पर रहें। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र मिलने पर शुभकामनाएं दी गई।
- -बस्तर के 3056 गाँवों तक पहुँचा मोबाइल नेटवर्क, 425 गाँवों में पहली बार बस सेवारायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में नियद नेल्लानार योजना के कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत आगामी कार्य योजना के संबंध में अधिकारियों से विचार-विमर्श भी किया। नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर क्षेत्र के सुदूर वनांचल गांवों तक बिजली की लाईने पहुंची है। गांवों में मुक्त बिजली कनेक्शन और सोलर लाईट लगायी गई है। मनरेगा से स्थानीय रोजगार, प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के मकान बनाये गए हैं। क्षेत्र के अंदरूनी ईलाकों में अब ग्रामीण को राशनकार्ड, उज्जवला गैस, बैंक पास बुक जैसी अनेक व्यक्तिमूलक शासन की योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राही उठा रहें है।बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले दो वर्षों में 5016 प्राथमिक शालाएं, 8947 आंगनबाड़ी केन्द्र खोले गए है। नियद नेल्लानार योजना में शामिल ग्रामों में आयुष्मान मंदिर बनाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचायी गई है। 3056 ग्रामों में मोबाईल नेटवर्क पहुचाया गया हैं। इसी तरह से 85 प्रतिशत बसाहटों में बारह मासी सड़कें बनायी गई है। मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 50 मार्गों पर 52 बसों का संचालन किया जा रहा है। क्षेत्र के 425 गांवों में पहली बार बस सेवाएं प्रारंभ की गई है। बैठक में नियद नेल्लानार योजना 2.0 के संबंधी कार्ययोजना के बारे में अधिकारियों ने विस्तार से चर्चा की। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋर्चा शर्मा, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री भीम सिंह, आयुक्त मनरेगा श्री तारण प्रकाश सिन्हा सहित ग्रामीण विकास विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
- -अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को जल्द से जल्द काम पूर्ण करने के दिए निर्देश-ओवर-ब्रिज पर यातायात शुरू होने से शहर और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को मिलेगी राहतरायपुर ।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर में खम्हारडीह-कचना रेल्वे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवर-ब्रिज के अंतिम चरण के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को ओवर-ब्रिज का काम जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ओवर-ब्रिज पर पैदल चलकर अधिकारियों से इसके तकनीकी मानकों की जानकारी ली। उन्होंने यहां लाइटिंग के लिए अच्छी गुणवत्ता के पोल्स और लाइट्स का उपयोग करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और सेतु संभाग के मुख्य अभियंता श्री एस.के. कोरी भी इस दौरान मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कचना ओवर-ब्रिज के निरीक्षण के बाद कहा कि इसका 96 प्रतिशत काम पूर्ण कर लिया गया है। थोड़े से बचे कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण कर इसे यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इस ओवर-ब्रिज के चालू होने से रायपुर शहर और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को ट्रैफिक-जॉम और रेलवे फाटक के बंद होने के कारण यातायात बाधित होने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। श्री साव ने कहा कि राज्य शासन लगातार राजधानी के यातायात को सुदृढ़, व्यवस्थित और तेज करने में लगी हुई है। कचना का यह ओवर-ब्रिज भी इसमें काफी महत्वपूर्ण है, जो अब लगभग पूर्णता की ओर है। इस सड़क से आना-जाना करने वालों के लिए यह बहुप्रतीक्षित ओवर-ब्रिज जल्द ही खोल दिया जाएगा।49 करोड़ की लागत से बन रहा ओवर-ब्रिज इस रूट के यातायात को करेगा व्यवस्थित और तेजलोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रायपुर-वाल्टेयर रेलवे लाइन पर खम्हारडीह और कचना के बीच करीब 49 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन इस रेलवे ओवर-ब्रिज का 96 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। पुल के मध्य के रेलवे वाले भाग के साथ ही दोनों छोरों पर पुल एवं पहुंच मार्ग का काम पूर्ण कर लिया गया है। अभी पेंटिंग एवं फिनिशिंग का कार्य प्रगति पर है। इनके पूर्ण होते ही नाली निर्माण और लाइटिंग का काम तत्परता से प्रारंभ किया जाएगा। इस ओवर-ब्रिज के शुरू हो जाने से इस रूट का यातायात व्यवस्थित और तेज होगा।
- -शहरों का विकास राज्य के विकास का पर्याय है, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे - शंगीता आर.रायपुर.। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने आज विभागीय अधिकारियों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, नोडल अधिकारियों एवं प्रदेश के सभी 194 नगरीय निकायों के अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक लेकर सुशासन, जवाबदेही, जन सेवा एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। पहली बार प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों का पूरा अमला एक साथ इस बैठक में शामिल हुए।नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने बैठक में कहा कि नगरीय निकाय राज्य शासन का चेहरा होते हैं और नगरों का विकास राज्य के विकास का पर्याय है। नागरिकों को शुद्ध पेयजल, स्वच्छ वातावरण, बेहतर मूलभूत सुविधाएं एवं कचरामुक्त शहर उपलब्ध कराना नगरीय निकायों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन के पास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, इसलिए कार्यों में लापरवाही, अनियमितता या अनावश्यक बहाने स्वीकार नहीं किए जाएंगे।सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक आयुक्त एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी अपने निकाय की समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें। स्थानीय समस्याओं की पहचान कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी की मेहनत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए और हर निकाय में परिणाम दिखाई देना चाहिए।सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने अधिकारियों के लिए “थंब-रूल” निर्धारित करते हुए कहा कि महापौर, अध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधियों का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार या अभद्र भाषा स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को नियमों के अनुरूप स्वतंत्र रूप से कार्य करने का पूरा अधिकार है, लेकिन जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और निकायों को सम्मान मिलेगा, जबकि लापरवाही या गलत कार्य करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी नियमों के अनुरूप सही कार्य कर रहा है तो विभाग हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा।बैठक में सचिव ने नवनियुक्त नोडल अधिकारियों को मार्गदर्शक की भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी नियमित रूप से नगरीय निकायों का निरीक्षण करेंगे, योजनाओं की समीक्षा करेंगे तथा समन्वय के साथ निकायों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही निकाय स्तर पर भी अधिकारियों को वार्डवार जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्यों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि प्रत्येक सप्ताह संभागवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की जाएगी तथा प्रत्येक माह विभागीय समीक्षा बैठक लेकर विकास कार्यों की प्रगति का आकलन किया जाएगा।सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट केवल शासन-प्रशासन का कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक अधिकारी और नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। उन्होंने गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा बेहतर स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से नवीन अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का गंभीरता से अध्ययन कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।बैठक में सचिव ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग, भूजल संरक्षण एवं जल संरचनाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवनों का निरीक्षण कर वर्षा जल संचयन की प्रभावी योजना बनाई जाए तथा पीएचई विभाग से समन्वय कर भूजल स्तर की नियमित जानकारी ली जाए।उन्होंने हैंडपंप रिचार्ज, सोक-पिट निर्माण तथा जल संरक्षण के स्थानीय मॉडल विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए परेशानी नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की।प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा करते हुए सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने कहा कि गरीब परिवार के लिए पक्का घर केवल भवन नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षित जीवन का प्रतीक होता है। उन्होंने अधिकारियों को वार्डवार सर्वे कर पात्र हितग्राहियों की पहचान करने तथा आवास योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराया जाए। साथ ही जिन निकायों द्वारा अभी तक प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, उन्हें शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए।बैठक में सचिव ने 15वें वित्त आयोग, पेयजल एवं स्वच्छता कार्यों तथा अन-टाइड फंड के उपयोग की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन द्वारा प्रदान की गई राशि जनता की सुविधा और विकास के लिए है, इसलिए उसका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को लंबित कार्यों की सूची प्रस्तुत कर विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।न्यायालयीन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालय में प्रस्तुत जवाब तथ्यात्मक, मजबूत एवं समयबद्ध हों तथा न्यायालय के आदेशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।बैठक में सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने आंगनबाड़ियों, स्वास्थ्य केंद्रों, पेंशन केंद्रों एवं मॉडल स्कूलों के उन्नयन पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रहें, बल्कि सामाजिक कल्याण एवं नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।बैठक में सूडा के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के उप सचिव श्री भागवत जायसवाल, सूडा के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुष्यंत कुमार रायस्त, मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा, संयुक्त संचालक श्री मिथिलेश अवस्थी, उप संचालक श्री जितेंद्र कुशवाहा, उप संचालक श्री अरुण साहू, उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील अग्रहरि, सचित साहू, अधीक्षण अभियंता श्री रमेश सिंह और ओएसडी श्री निशिकांत वर्मा भी मौजूद थे।
- - केंद्रीय सचिव ने परखी धरातल की हकीकत; सर्वे टीमें बढ़ाने के निर्देशरायपुर ।भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (भूमि संसाधन विभाग) के सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने आज धमतरी जिले का दौरा कर महत्वाकांक्षी 'नक्शा प्रोजेक्ट' की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया। नगर पालिक निगम धमतरी के आकाशगंगा कॉलोनी और गोकुलपुर पहुंचे सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन 'शून्य त्रुटि' (Zero Error) के साथ समय सीमा में पूरा किया जाए। इसके लिए उन्होंने कलेक्टर को सर्वे टीमों की संख्या तत्काल बढ़ाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान केंद्रीय सचिव ने श्री डोमार सिंह साहू के मकान में चल रहे आरओआर (Record of Rights) निर्माण कार्य का प्रत्यक्ष प्रदर्शन देखा। उन्होंने नक्शा पोर्टल की कार्यप्रणाली, प्लॉट सत्यापन और भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को विस्तार से समझा। सचिव ने सर्वे टीम से तकनीकी सवाल भी किए। जैसे:एक प्रविष्टि में कितना समय लगता है?दर्ज भूमि और वास्तविक कब्जे के अंतर को कैसे सुलझाया जा रहा है? शासकीय भूमि के संरक्षण के लिए क्या उपाय किए गए हैं?श्री नरेंद्र भूषण ने कहा कि शहरी भू-अभिलेखों का सटीक डिजिटलीकरण भविष्य में नागरिक सुविधाओं और पारदर्शिता के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने ड्राफ्ट प्रकाशन, दावा-आपत्ति और निराकरण की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि "नागरिकों की सहभागिता ही इस योजना की सफलता की आधारशिला है।"संचालक भू-अभिलेख श्री विनित नंदनवार ने बताया कि छत्तीसगढ़ के तीन शहरों धमतरी, जगदलपुर और अंबिकापुर में यह पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। धमतरी इसमें अग्रणी है, जहाँ ग्राउंड ट्रूथिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और सर्वाधिक अधिकार अभिलेखों के ड्राफ्ट तैयार किए जा चुके हैं।कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सचिव को बताया कि जिले में प्रोजेक्ट के साथ-साथ डिजिटल डोर नंबरिंग भी लागू की जा रही है। भविष्य में इसके माध्यम से ऑनलाइन टैक्स और यूटिलिटी बिल का भुगतान आसान होगा। नागरिक सेवाओं का एकीकृत डिजिटल प्रबंधन हो सकेगा और 'स्मार्ट गवर्नेंस' को बढ़ावा मिलेगा।नगर निगम आयुक्त एवं नोडल अधिकारी प्रिया गोयल ने वार्डवार जनसंख्या और सर्वे अमले की जानकारी दी। वहीं, स्टेट मास्टर ट्रेनर दीपचंद भारती ने पोर्टल की तकनीकी चुनौतियों और विधिक समाधानों पर प्रकाश डाला।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा प्रदेश के निर्माण श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण और उन्हें रोजगार के सुलभ अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से ई-श्रम साथी (eShram Sathi) मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल विजन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का मुख्य ध्येय निर्माण श्रमिक न हो हताश, ई-श्रम साथी ऐप में करे काम की तलाश के संकल्प को चरितार्थ करना है।यह ऐप विशेष रूप से उन श्रमिकों के लिए बनाया गया है जो अपने कौशल के अनुरूप उपयुक्त कार्य की तलाश में रहते हैं, ताकि वे बिचौलियों के बिना सीधे काम पा सकें। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से श्रमिकों को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे, जिसमें वे अपने निवास स्थान के निकटतम उपलब्ध कार्यों की त्वरित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। ऐप पर पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क और उपयोग में सरल रखी गई है, जिससे श्रमिक स्वयं अपना डेटा दर्ज कर सकते हैं और अपनी दक्षता के अनुसार कार्य का चयन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यह ऐप श्रमिकों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की सटीक जानकारी और उनका सीधा लाभ दिलाने में एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा।नियोक्ताओं के लिए भी यह ऐप एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आया है, जहाँ वे अपनी आवश्यकतानुसार कुशल और अकुशल श्रमिकों की खोज कर सकते हैं। यह एक तेज़ और भरोसेमंद डिजिटल माध्यम है जो पंजीकृत एवं विभाग द्वारा सत्यापित श्रमिकों तक सीधी पहुंच प्रदान करता है, जिससे नियोक्ताओं के समय और भर्ती प्रक्रिया की लागत में महत्वपूर्ण बचत होगी। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल (श्रम विभाग) ने सभी पात्र नागरिकों से इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करने की अपील की है। किसी भी तकनीकी समस्या या विस्तृत जानकारी हेतु विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 0771-3505050 और निकटतम श्रम कार्यालय से संपर्क करने का परामर्श दिया है।
- -अंतिम छोर के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुँचाने के निर्देश-आंगनबाड़ी और स्कूल भवनों के बुनियादी ढांचे में सुधार की प्राथमिकतारायपुर /छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में विभिन्न विभागों की जनोन्मुखी और महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने पांचवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन की अनुशंसाओं पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली और अधिकारियों को विकास कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए।मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँचना चाहिए। इसके लिए उन्होंने डेटा आधारित निगरानी प्रणाली (Data-driven Monitoring System) को और मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में सुशासन और प्रौद्योगिकी के माध्यम से क्षमता विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का प्रस्तुतिकरण भी दिया गया।शिक्षा और बच्चों के पोषण को प्राथमिकता देते हुए मुख्य सचिव ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी भवनों की समस्या है, वहां प्राथमिक शालाओं के अतिरिक्त कक्षों में आंगनबाड़ी संचालित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कलेक्टरों के साथ समन्वय करने को कहा। समग्र शिक्षा के तहत जिन स्कूलों में कमरों की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, खेल एवं युवा कल्याण, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। साथ ही स्वास्थ्य, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, आदिम जाति विकास, पर्यटन, ऊर्जा और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों की परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया। उच्च स्तरीय बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, विधि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार सहित स्कूल शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यटन, और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- -लघु वनोपज प्रसंस्करण से हजारों महिलाओं को मिला सम्मानजनक रोजगार और आय का स्थायी जरियारायपुर / छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में वन धन विकास केंद्र महिलाओं की आर्थिक आजादी और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त आधार बनकर उभरे हैं। प्रधानमंत्री जनजाति विकास मिशन और प्रधानमंत्री जनमन योजना के सफल क्रियान्वयन से राज्य में अब तक 155 वन धन विकास केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें 139 सामान्य क्षेत्रों में और 16 केंद्र विशेष रूप से पिछड़ी जनजातीय समूह (पीव्हीटीजी) क्षेत्रों में संचालित हैं। इन केंद्रों ने पारंपरिक लघु वनोपज संग्रहण को आधुनिक प्रसंस्करण से जोड़कर एक नई दिशा दी है। यहाँ न केवल वनोपजों का संग्रहण होता है, बल्कि उनका प्राथमिक प्रसंस्करण और उच्च गुणवत्ता वाले हर्बल उत्पादों का निर्माण भी किया जा रहा है। इस पहल ने हजारों महिलाओं को उनके गांव के समीप ही स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया है। वन धन विकास केंद्रों की सफलता का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है। लगभग 4 हजार 900 महिला स्व-सहायता समूह इन केंद्रों से सीधे जुड़े हैं। करीब 55 हजार महिला सदस्य गांवों और हाट-बाजारों में संग्रहण एवं प्रसंस्करण के कार्य में संलग्न हैं। पिछले पांच वर्षों में संग्रहण कार्य के लिए महिलाओं को लगभग 4 करोड़ रुपये का कमीशन वितरित किया गया है।प्राथमिक संग्रहण के साथ-साथ मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लगभग 1,300 महिला समूहों की 17,000 महिलाएं हर्बल उत्पाद निर्माण से जुड़ी हैं। इस विशिष्ट कार्य के लिए अब तक करीब 1 करोड़ रुपये का कमीशन महिलाओं को दिया गया है। तैयार उत्पादों की आपूर्ति आयुष विभाग को की जा रही है। इसी कड़ी में 4 केंद्रों ने 25.17 लाख रुपये का शुद्ध लाभांश अर्जित कर एक मिसाल पेश की है।वन धन विकास केंद्रों की यह मुहिम न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से वनांचल की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान कर रही है। यह पहल लोकल फॉर वोकल और आत्मनिर्भर भारत के सपने को छत्तीसगढ़ के जंगलों में हकीकत में बदल रही है।
- -जगदलपुर वन वृत्त में जिला यूनियन अव्वल-संग्राहकों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी, 54 लाख रुपये से अधिक का पारिश्रमिक सीधे बैंक खातों में अंतरितरायपुर / छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में आदिवासियों की आय का प्रमुख स्रोत तेंदूपत्ता संग्रहण सुकमा जिले में इस वर्ष नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित सुकमा ने संग्रहण कार्य में तेज गति दिखाते हुए जगदलपुर वन वृत्त के अन्य जिलों को पीछे छोड़ दिया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार न केवल तेंदूपत्ता संग्रहण बढ़ा है, बल्कि तेंदूपत्ता संग्राहकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2026 के सीजन में 12 मई तक के प्राप्त आंकड़े सुकमा जिला यूनियन की सफलता को दर्शाते हैं। अब तक 84 हजार 038 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 77.53 प्रतिशत है। (पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा मात्र 65 प्रतिशत था)। वर्ष 2025 के 41 हजार 021 संग्राहकों के मुकाबले इस वर्ष 46 हजार 620 संग्राहक इस कार्य से जुड़कर लाभान्वित हो रहे हैं।कोंटा क्षेत्र की कई प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों ने निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक संग्रहण कर मिसाल पेश की है। गोलापल्ली 129.11, किस्टाराम 126.11 प्रतिशत, पालाचलमा 122.79 प्रतिशत, पोलमपल्ली 107.31 प्रतिशत और कोण्डरे 101.02 प्रतिशत तेंदूपत्ता संग्रहण कर मिसाल पेश किए हैं। प्रशासन की सक्रियता से इस वर्ष गोगुंडा जैसे दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में भी सफलतापूर्वक संग्रहण कार्य शुरू किया गया है। यह उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है जहाँ पिछले वर्षों में किन्हीं कारणों से संग्रहण नहीं हो सका था।संग्राहकों के हितों को सर्वाेपरि रखते हुए अब तक 54 लाख 48 हजार 619 रुपये की पारिश्रमिक राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। ओडिशा के मलकानगिरी जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में तेंदूपत्ता के अवैध परिवहन को रोकने के लिए वन विभाग द्वारा रात्रिकालीन गश्त और संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सुकमा जिला यूनियन की यह उपलब्धि न केवल बेहतर प्रबंधन का परिणाम है, बल्कि वनांचल क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।
- -31 मई तक शेष धान उठाव पूर्ण करने और कस्टम मिलिंग चावल जमा करने की गति बढ़ाने के निर्देश-तीन माह के एकमुश्त राशन वितरण, भंडारण क्षमता और रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की भी हुई समीक्षारायपुर / खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय योजनाओं, धान उठाव, कस्टम मिलिंग तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में खरीफ वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के निराकरण, धान खरीदी केन्द्रों एवं संग्रहण केन्द्रों से धान के उठाव, कस्टम मिलिंग एवं एफसीआई तथा नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा किए जाने की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।बैठक में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खरीफ वर्ष 2025-26 के उपार्जन केन्द्रों एवं संग्रहण केन्द्रों में शेष धान का उठाव 31 मई 2026 तक हर हाल में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कस्टम मिलिंग के बाद चावल जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अप्रैल, मई एवं जून 2026 के लिए तीन माह के एकमुश्त चावल भंडारण एवं वितरण की भी समीक्षा की गई। खाद्य मंत्री श्री बघेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा में तीनों माह का राशन वितरण कार्य पूर्ण किया जाए ताकि हितग्राहियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।समीक्षा बैठक में खाद्य संचालनालय, जिला कार्यालयों, नागरिक आपूर्ति निगम, राज्य भंडार गृह निगम तथा छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री श्री बघेल ने आवश्यक पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।राज्य में खाद्यान्न भंडारण क्षमता की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम द्वारा निर्माणाधीन गोदामों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर उपयोग में लाने के निर्देश दिए। बैठक में विधिक माप विज्ञान के कार्यों की भी समीक्षा की गई।खाद्य मंत्री श्री बघेल ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण, पूरक पोषण आहार एवं मध्यान्ह भोजन जैसी योजनाओं से जुड़े कमीशन का भुगतान शीघ्र करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले, खाद्य संचालक डॉ. फरिहा आलम, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ श्री जितेंद्र शुक्ला, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, रजिस्ट्रार छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, नियंत्रक विधिक माप विज्ञान तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- -ड्राई आउट पंपों पर लगातार पहुंचाई जा रही आपूर्ति, आमजन से पैनिक खरीदी नहीं करने की अपीलरायपुर / छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आम नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश के ऑयल डिपो को नियमित रूप से आवश्यकतानुसार पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति हो रही है तथा वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।खाद्य सचिव ने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में कुल 2516 पेट्रोल/डीजल पंप संचालित हैं। राज्य में पेट्रोल का 45,474 किलोलीटर तथा डीजल का 84,654 किलोलीटर स्टॉक उपलब्ध है। वहीं पेट्रोल की दैनिक आवश्यकता 3,635 किलोलीटर तथा डीजल की दैनिक आवश्यकता 5,873 किलोलीटर है। आज प्रदेश के विभिन्न ऑयल डिपो में 6,551 किलोलीटर पेट्रोल तथा 4,760 किलोलीटर डीजल प्राप्त हुआ है।उन्होंने बताया कि रायपुर शहर में कुल 326 पेट्रोल/डीजल पंप हैं, जिनमें से 35 पंप अस्थायी रूप से ड्राई आउट हैं। इसी प्रकार बिलासपुर शहर में कुल 156 पेट्रोल/डीजल पंप हैं, जिनमें से 13 पंप ड्राई आउट हैं। इन सभी ड्राई आउट पंपों को यथाशीघ्र स्टॉक उपलब्ध कराने के लिए ऑयल कंपनियों के डिपो से लगातार आपूर्ति की जा रही है। विगत दो दिनों में कुछ पेट्रोल/डीजल पंपों के ड्राई आउट होने के कारण अफवाह एवं घबराहट की स्थिति बनी, जिससे आम लोगों द्वारा पेट्रोल एवं डीजल की खपत में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई। मांग में अचानक हुई इस वृद्धि के कारण कुछ स्थानों पर कृत्रिम अभाव की स्थिति निर्मित हुई। खाद्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने आम उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि वे किसी भी भ्रम अथवा अफवाह से प्रभावित होकर पैनिक खरीदी अथवा ईंधन का अनावश्यक संग्रहण न करें। शासन एवं ऑयल कंपनियां समन्वय के साथ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सभी पेट्रोल पंपों पर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
- -केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान सेरीखेड़ी में अजा परियोजना और पिंक दीदी नवाचारों का किया निरीक्षण-महिला समूहों के आर्थिक स्वावलंबन की सराहनारायपुर / केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज रायपुर जिले के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत संचालित इस केंद्र में उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और आजीविका गतिविधियों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संचालित अजा (AJA) परियोजना और बेहतर बाजार लिंकेज की प्रशंसा करते हुए इसे देशभर के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया।मंत्री श्री पासवान ने एकीकृत बकरी पालन मॉडल अजा के क्रियान्वयन को बारीकी से देखा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ा रही है, बल्कि वैज्ञानिक पशुपालन को भी नई दिशा दे रही है। आधुनिक शेड, नियमित टीकाकरण, पशु बीमा, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और जैविक खाद निर्माण जैसी व्यवस्थाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार की सुलभ उपलब्धता को अन्य राज्यों के लिए भी सीखने योग्य बताया।निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नवा रायपुर में संचालित ई-ऑटो सेवा “प्रोजेक्ट पिंक दीदी” की सराहना की। उन्होंने हितग्राही महिलाओं से संवाद कर उनके अनुभव जाने और कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है। एकीकृत बकरी पालन परियोजना, कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों, आजीविका सेवा केंद्र, के अलावा उन्होंने बिजनेस दीदी, मशरूम उत्पादन और कृषि आधारित अन्य गतिविधियों का भी अवलोकन किया।मंत्री श्री पासवान ने कृषक उत्पादक समूह की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर महिलाओं से आत्मीय चर्चा की। इस दौरान दीदियों ने साझा किया कि कैसे वे घर की चारदीवारी से निकलकर आज एक संगठित व्यवसाय का नेतृत्व कर रही हैं। मंत्री ने महुआ कुकीज का स्वाद लिया और समूह की दीदियों के कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि असंगठित क्षेत्र को संगठित कर लाभ अर्जित करना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।केंद्रीय राज्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के आजीविका मॉडल को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए अधिकारियों को इन योजनाओं के और अधिक विस्तार पर जोर देने को कहा। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आजीविका मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं महिला समूहों को बेहतर कार्य के लिए बधाई देते हुए योजनाओं के और विस्तार पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान पंचायत सचिव श्री भीम सिंह, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिस्वरांजन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने मल्टी यूटिलिटी सेंटर, सेरीखेड़ी (रायपुर) अजा परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो, बिजनेस दीदी, एफपीओ से संवाद की और कहा कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार अब केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि जन-सरोकारों से जुड़ा एक सशक्त जन-आंदोलन बन चुका है। इस अभियान ने शासन और नागरिकों के बीच विश्वास की एक नई और अटूट कड़ी स्थापित की है। सुदूर वनांचलों से लेकर नगरीय निकायों तक, सरकार स्वयं जनता के द्वार पहुँचकर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रही है। सुशासन तिहार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसने आम आदमी को दफ्तरों के चक्कर काटने की विवशता से मुक्ति दिलाई है। प्रशासन स्वयं गांव-गांव पहुँचकर शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के आवेदन सीधे स्वीकार कर रहा है। इन समाधान शिविरों में बड़ी संख्या में मामलों का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है, जो साय सरकार की अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने की प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।शिविरों के दौरान प्रशासनिक संवेदनशीलता का अनूठा स्वरूप देखने को मिल रहा है। पेयजल संकट के समाधान हेतु तत्काल नए हैंडपंपों की स्वीकृति हो या अतिरिक्त राशन दुकान, सड़क, बिजली और आवास से जुड़े मामले, निर्णय मौके पर ही लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की स्पष्ट मंशा है कि जन-समस्याओं का समाधान समय-सीमा के भीतर हो। इसी के अनुरूप जिला प्रशासनों को जवाबदेह बनाते हुए अधिकारियों को पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने हेतु निर्देशित किया गया है। राज्य सरकार की योजनाओं का केंद्र बिंदु समाज का वंचित वर्ग है। प्रधानमंत्री आवास योजना से हजारों परिवारों को पक्की छत मिल रही है। महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। किसानों को सम्मान निधि, आधुनिक उपकरण और सिंचाई सुविधाओं का लाभ निरंतर मिल रहा है। शिविरों में आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, किसान किताब और जॉब कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेजों का तत्काल वितरण सरकार की क्रियान्वयन शक्ति को दर्शाता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कड़ा संदेश दिया है कि जन-समस्याओं के प्रति लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुशासन तिहार के दौरान अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सीधे जनता से संवाद कर समस्याओं का फीडबैक लेना प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित के प्रति उनकी गंभीरता को रेखांकित करता है, जिससे नागरिकों में शासन के प्रति गहरा भरोसा जगा है।इस अभियान ने शासन व्यवस्था को अधिक सहभागी और जन-केंद्रित बनाया है। जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने सुशासन तिहार को लोकतंत्र के वास्तविक उत्सव में बदल दिया है। यह पहल केवल शिकायतों के निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का माध्यम बन रही है।मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा छत्तीसगढ़ की सर्वाेच्च प्राथमिकता बन गई है। सुशासन तिहार इसी विजन का मूर्त रूप है। आज जब गांवों में समय पर समस्याओं का समाधान और योजनाओं का पारदर्शी लाभ मिल रहा है, तो यह विश्वास और भी प्रबल हो रहा है कि छत्तीसगढ़ तेजी से सुशासन और जनकल्याण के एक स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे संकल्पों की सिद्धि का एक महापर्व है। हमारी सरकार का मूल मंत्र है- ‘‘जनता की सेवा ही सर्वाेच्च प्राथमिकता‘‘ । विगत कुछ समय से आयोजित हो रहे समाधान शिविरों में जिस तरह आप सभी की सक्रिय भागीदारी दिख रही है, वह इस बात का प्रमाण है कि अब शासन और जनता के बीच की दूरियां मिट चुकी हैं। हमने यह सुनिश्चित किया है कि अब आपको अपने हक के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं आपके द्वार खड़ा हो।
- -LEADS 2025 में ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य बना छत्तीसगढ़, आमजन और उद्योगों दोनों को मिलेगा लाभ-सुशासन, मजबूत कनेक्टिविटी और जनहितकारी योजनाओं का दिख रहा सकारात्मक असर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायरायपुर /छत्तीसगढ़ ने विकास और सुशासन की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा जारी LEADS 2025 रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य का दर्जा मिला है। यह उपलब्धि राज्य में बेहतर सड़क, परिवहन, व्यापार सुविधा और मजबूत लॉजिस्टिक्स व्यवस्था के कारण मिली है, जिसका सीधा लाभ आम जनता, किसानों, व्यापारियों और युवाओं को मिल रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल उद्योगों का विकास नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन को आसान बनाना है। बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था से किसानों की उपज तेजी से बाजार तक पहुंच रही है, व्यापार को गति मिल रही है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और तेज़ निर्णय प्रक्रिया के कारण निवेश बढ़ रहा है। राज्य सरकार गांव से शहर तक कनेक्टिविटी मजबूत करने, वेयरहाउसिंग सुविधाएं बढ़ाने और उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने पर लगातार काम कर रही है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य में लॉजिस्टिक्स और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। इससे उद्योगों को सुविधा मिलने के साथ-साथ छोटे व्यापारियों, किसानों और स्थानीय उद्यमियों को भी लाभ मिल रहा है।उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई लॉजिस्टिक्स नीति 2025 के तहत परिवहन लागत कम करने, माल परिवहन को तेज़ बनाने और निवेश आकर्षित करने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिए जाने से रोजगार और निवेश की नईसंभावनाएं तैयार हो रही हैं।रायपुर के लिए तैयार किए गए सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान से शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा और माल परिवहन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा। वहीं OneClick Single Window Portal के माध्यम से उद्योगों को अनुमति प्रक्रिया आसान बनाई गई है, जिससे निवेशकों को तेजी से सुविधाएं मिल रही हैं।वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से आधुनिक और तकनीक-सक्षम लॉजिस्टिक्स व्यवस्था विकसित कर रहा है। इससे प्रदेश में व्यापार, उद्योग और रोजगार को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को देश के उभरते औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में नई पहचान दिला रही है।कुल मिलाकर LEADS 2025 में ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य के रूप में मिली यह पहचान केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में तेज़ी से विकसित हो रही अधोसंरचना, सुशासन और जनहितकारी विकास मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर मिली स्वीकृति है। बेहतर सड़क, मजबूत परिवहन व्यवस्था, बढ़ते निवेश और रोजगार के नए अवसरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ अब आमजन की सुविधाओं और आर्थिक समृद्धि को केंद्र में रखकर विकास की नई दिशा तय कर रहा है।
- 3 किलोवाट के सोलर प्लांट ने बदली राजपुर निवासी अरूना की जिंदगी, बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेशरायपुर / प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित करना और हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना है। इस योजना का लाभ उठाकर कोई भी अपने घर में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा सुनिश्चित कर सकता है। बढ़ती महंगाई के दौर में बिजली का भारी-भरकम बिल किसी भी मध्यमवर्गीय परिवार के लिए चिंता का विषय हो सकता है। लेकिन बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड की श्रीमती अरूना कश्यप ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को अपनाकर अरूना न केवल अपना बिजली बिल शून्य करने की ओर बढ़ रही हैं, बल्कि वे क्षेत्र के अन्य परिवारों के लिए भी एक मिसाल बन गई हैं।अरूनाकश्यप साझा करती हैं कि बढ़ती जरूरतों के साथ हर महीने आने वाला भारी बिजली बिल उनके घरेलू बजट को बिगाड़ देता था। वे कहती हैं, पहले बिजली का खर्च लगातार बढ़ रहा था, जिससे घर का तालमेल बिठाना मुश्किल हो रहा था। लेकिन जब मुझे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और उस पर मिलने वाली केंद्र व राज्य सरकार की सब्सिडी के बारे में पता चला, तो लगा कि यह हमारे लिए सबसे अच्छा समाधान है।अरूना ने विभागीय सहयोग से अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगवाया है। शुरुआत में उन्हें लगा था कि यह प्रक्रिया जटिल होगी, लेकिन शासन की सहायता और मार्गदर्शन से यह काम आसान हो गया। लगने के बाद बिजली बिल में भारी गिरावट आई है। अब घर के सभी जरूरी उपकरण बिना किसी तनाव के सौर ऊर्जा से चल रहे हैं। अरूना का मानना है कि सौर ऊर्जा न केवल पैसों की बचत है, बल्कि यह पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में भी एक बड़ा योगदान है।श्रीमती अरूना ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आम परिवारों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने का सबसे सशक्त माध्यम है। सब्सिडी के प्रावधान ने इस तकनीक को आम आदमी की पहुँच में ला दिया है। श्रीमती अरूना कश्यप कहती हैं कि अगर हर घर सौर ऊर्जा अपनाए, तो न केवल बिजली की बचत होगी बल्कि हमारा पर्यावरण भी प्रदूषण मुक्त रहेगा।प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को सोलर प्लांट की स्थापना पर आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। इससे आम नागरिक अपनी छत का उपयोग कर स्वयं बिजली पैदा कर सकते हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं।
- -प्रशासन की संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई से हितग्राही ने जताया आभाररायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण का एक सशक्त मंच साबित हो रहा है। नगर पालिका भाटापारा के इतवारी राम यादव शासकीय विद्यालय में आयोजित शिविर में उस समय प्रशासन का मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आया, जब राशन कार्ड की समस्या लेकर पहुंची स्थानीय निवासी सुनीता जायसवाल का कार्य मिनटों में पूरा हो गया।सुनीता जायसवाल लंबे समय से राशन कार्ड की समस्या से जूझ रही थीं। शिविर में उनके आवेदन पर अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया और पात्रता की जांच कर मौके पर ही नया राशन कार्ड बनाकर सौंपा। हाथों-हाथ राशन कार्ड पाकर सुनीता भावुक हो गईं और उन्होंने त्वरित न्याय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सहृदय आभार व्यक्त किया।सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों और नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना है। इस शिविर की प्रमुख विशेषताएं रहीं। एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की मौजूदगी से आवेदनों का मिलान और सत्यापन आसान हुआ। प्राप्त आवेदनों पर बिना किसी विलंब के पारदर्शी तरीके से कार्रवाई की गई। सुनीता जायसवाल की तरह अन्य दर्जनों लोगों ने भी अपनी पेंशन, राजस्व और अन्य नागरिक सेवाओं का तत्काल लाभ प्राप्त किया।सरकार की यह पहल सचमुच सुशासन का प्रतीक है। मुझे उम्मीद नहीं थी कि मेरा राशन कार्ड इतनी जल्दी बन जाएगा। अब मुझे दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।हितग्राही सुनीता जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार अंत्योदय के संकल्प को पूरा कर रही है। प्रशासन का यह समस्याओं को स्थल पर ही समाधान मॉडल जनता के बीच शासन के प्रति विश्वास को और मजबूत कर रहा है।
- -17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण हुए लाभान्वित, जनप्रतिनिधियों ने हितग्राहियों को बांटे चेक और जरूरी सामग्रीरायपुर ।राज्य शासन के सुशासन तिहार अभियान के तहत बुधवार को बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम पंचायत चिचिरदा में विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शासन की जनता के द्वार पर दस्तक पहल के तहत आयोजित इस शिविर में चिचिरदा सहित आसपास की 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। शिविर के दौरान कुल 1145 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 450 आवेदनों का त्वरित निराकरण कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की गई।शिविर में जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को सामग्री, चेक और प्रशस्ति पत्र सौंपे। वितरण की मुख्य झलकियां इस प्रकार रहीं। नए राशन कार्ड और आयुष्मान कार्डों का वितरण, मनरेगा जॉब कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को नए घर की चाबियां सौंपी गईं। कृषि एवं संबद्ध विभाग के द्वारा मछली पालन विभाग द्वारा महाजाल व आइस बॉक्स और उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधों का वितरण किया गया।खेल एवं युवा कल्याण द्वारा स्थानीय बच्चों और खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट प्रदान की गई।शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी और स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराया गया। मंच के माध्यम से अधिकारियों ने विभागीय गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।सुशासन की यह लहर केवल चिचिरदा तक सीमित नहीं रही। सिमगा विकासखंड के ग्राम जांगड़ा में भी समाधान शिविर का सफल आयोजन हुआ। जिले के 7 नगरीय निकायों में विशेष शिविर लगाकर आम जनता की समस्याओं को सुना गया और उनका समाधान किया गया। इस पहल से न केवल ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी सुदृढ़ हुआ
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-मकान सूचीकरण कार्य के दौरान हादसे का शिकार हुईं माधुरी, प्रशासन ने तत्काल कराया उपचार
रायपुर / जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान सूचिकरण कार्य के दौरान रायपुर की एक शिक्षिका हादसे का शिकार हो गईं। शासकीय स्कूल माना में पदस्थ शिक्षिका एवं जनगणना प्रगणक श्रीमती माधुरी विश्वास ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गईं।घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिसके बाद श्रीमती विश्वास को एमएमआई नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया गया।कलेक्टर डॉ. सिंह आज स्वयं अस्पताल पहुंचे और श्रीमती विश्वास से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली तथा बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।डॉक्टरों के अनुसार वर्तमान में श्रीमती विश्वास की स्थिति स्थिर और सामान्य है। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री मनीष मिश्रा भी उपस्थित रहे। - -दुर्ग शहर में दो स्थानों पर किया भूमिपूजन, PM मोदी की अपील का एक वर्ष तक पालन करने लिया संकल्पदुर्ग । गजेंद्र यादव इन दिनों अपने अनोखे अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण की अपील का समर्थन करते हुए मंत्री गजेंद्र यादव ने सरकारी गाड़ियों और एसी वाहन छोड़कर ई-रिक्शा की सवारी शुरू कर दी है।दुर्ग जिले में मंत्री का यह नया अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बुधवार को वे केवल एक PSO के साथ सामान्य नागरिक की तरह ई-रिक्शा में शहर का दौरा करते नजर आए। इस दौरान उन्होंने दो अलग-अलग स्थानों पर भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया और बाद में जनदर्शन के माध्यम से आम लोगों की समस्याएं भी सुनीं।मंत्री के इस कदम को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है। खास बात यह रही कि आमतौर पर सुरक्षा और काफिले के बीच रहने वाले मंत्री बेहद सहज व साधारण तरीके से ई-रिक्शा में सफर करते दिखाई दिए।मीडिया द्वारा जब उनसे भीषण गर्मी में एसी गाड़ियों को छोड़कर ई-रिक्शा में सफर करने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “आप खुद बैठकर देखिए, मुझे इसमें और फॉर्च्यूनर में कोई अंतर नहीं दिख रहा है। इसमें तो गर्मी का अहसास भी नहीं हो रहा। यह बिना पेट्रोल के बैटरी से चल रहा है, जो अपने आप में बड़ी बात है।”गजेंद्र यादव के इस कदम को लोगों द्वारा सकारात्मक पहल बताया जा रहा है। कई लोगों ने इसे पर्यावरण संरक्षण और सादगी का संदेश देने वाला प्रयास माना है।
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रायपुर। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में कुछ पेट्रोल पंप ड्राई हो गई हैं। कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। पिछले दो दिनों में बिलासपुर के करीब 13 पेट्रोल पंप ड्राई हो चुके हैं। इस कारण दूसरी जगहों पर लंबी कतारें लग गई हैं और लोग पेट्रोल के लिए भटक रहे हैं। इस बीच इस कमी के कारण कहीं तो वाहन सड़क पर धक्का देते भी दिखाई दे रहे हैं तो लोग निराश होकर लौट रहे हैं। इस बीच पेट्रोलियम एसोसिएशन और जिला प्रशासन ने लोगों से पैनिक नहीं करने और जरूरत भर ही पेट्रोल लेने की अपील की है। हालांकि प्रशासन और पेट्रोलियम दोनों का मानना है कि इन दिनों पेट्रोल की खरीदी बढ़ी है। इसी वजह से स्थिति बदलती नजर आ रही है। साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ है कि इन दिनों डिमांड के अनुसार पेट्रोल डीजल की सप्लाई नहीं हो रही। साथ ही लगातार होते पावर कट की वजह से भी डीजल की खपत बढ़ी है। हालांकि प्रशासन की ओर से स्थिति नियंत्रण में होने की बात कही जा रही है। पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष नवदीप सिंह अरोरा के मुताबिक फिलहाल कुछ कमी हो सकती है, लेकिन दो अगले दिनों में स्थिति पूरी तरह ठीक हो जाएगी क्योंकि टैंकर निकल चुके हैं। पेट्रोलियम कंपनियों से बात भी हो गई है। इधर, बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि यह संकट अस्थायी और कुछ दिनों का ही है। स्थिति को गंभीर नहीं मानना चाहिए। लोगों से भी अपील है कि सुविधा और जरूरत के हिसाब से ही पेट्रोल डीजल खरीदें। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
- -"जनता की बुनियादी सुविधाओं में देरी बर्दाश्त नहीं": दिसंबर 2026 तक कार्य पूर्ण करने का 'अल्टीमेटम', अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारीरायपुर। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र को विकास के मॉडल के रूप में स्थापित करने के अपने संकल्प के साथ विधायक राजेश मूणत ने आज ठक्कर बाबा वार्ड का सघन दौरा किया।विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने निकले विधायक ने यहाँ निर्माणाधीन पानी टंकी एवं महतारी सदन के प्रोजेक्ट का सूक्ष्म निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद नगर निगम और संबंधित विभाग के आला अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि ये दोनों परियोजनाएं आगामी दिसंबर माह तक हर हाल में पूर्ण होकर जनता की सेवा में समर्पित हो जानी चाहिए।तकनीकी ब्लूप्रिंट और वितरण चार्ट पेश करने के निर्देशपानी टंकी के निरीक्षण के दौरान विधायक का मुख्य जोर तकनीकी दक्षता और भविष्य की जरूरतों पर रहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल ढांचा खड़ा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। इस संदर्भ में उन्होंने निम्नलिखित निर्देश दिएप्रोग्राम चार्ट का प्रस्तुतीकरण अधिकारियों को पानी भरने की प्रक्रिया, समय और जल स्रोतों की उपलब्धता का एक विस्तृत 'प्रोग्राम चार्ट' प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।समान वितरण प्रणाली: टंकी भरने के बाद वार्ड के प्रत्येक घर में समान दबाव (Equal Pressure) के साथ पानी पहुँचे, इसके लिए वितरण पाइपलाइन की पूर्ण जानकारी और मैपिंग प्रस्तुत करने को कहा गया।विधायक ने स्पष्ट किया कि जल आपूर्ति शुरू होने के बाद स्थानीय निवासियों को पेयजल के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए एक 'फुल-प्रूफ' कार्ययोजना तैयार की जाए।महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदमवार्ड में निर्माणाधीन 'महतारी सदन' का अवलोकन करते हुए विधायक राजेश मूणत ने कहा कि यह भवन केवल एक ईंट-गारे का ढांचा नहीं, बल्कि क्षेत्र की माताओं-बहनों के सामाजिक जुड़ाव और सशक्तिकरण का केंद्र बनेगा। उन्होंने फिनिशिंग कार्य में तेजी लाने और भवन को सर्वसुविधायुक्त बनाने के निर्देश दिए ताकि दिसंबर तक वार्ड की महिलाओं को अपनी बैठकों और कार्यक्रमों के लिए एक सुरक्षित व भव्य स्थान मिल सके।गुणवत्ता पर 'जीरो टॉलरेंस' नीतिनिरीक्षण के दौरान विधायक ने सख्त लहजे में कहा, "विकास कार्यों की गुणवत्ता मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि निर्माण सामग्री या कार्य की तकनीक में कोई भी त्रुटि पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी।" उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सप्ताह में कम से कम दो बार निर्माण स्थल का दौरा करें और कार्य की प्रगति की मॉनिटरिंग करें।भविष्य की कार्ययोजनाविधायक जी ने उपस्थित जनसमूह और अधिकारियों को आश्वस्त किया कि रायपुर पश्चिम के हर वार्ड में इसी तरह विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी। ठक्कर बाबा वार्ड में पानी की समस्या का स्थायी समाधान और महतारी सदन की सौगात, क्षेत्र के सुनियोजित विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।निरीक्षण के दौरान, नगर निगम रायपुर की सभापति श्री सूर्यकांत राठौर,नगर निगम के जोन कमिश्नर, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता और वार्ड के पार्षदगण उपस्थित थे। विधायक ने सभी पार्षदों से अपील की कि वे अपने वार्ड के विकास कार्यों की स्वयं मॉनिटरिंग करें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत अवगत कराएं।इस अवसर पर वार्ड के प्रबुद्ध नागरिक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
- -बैठक में ग्राम खौली , टेकारी , कठिया , सोनभट्ठा , फरफौद , भानसोज , लिंगाडीह , संडी , खम्हरिया , संकरी , डिघारी , करहीडीह , मालीडीह , जुगेसर , खमतराई , नरदहा , बरछा , नारा आदि के पंचायत प्रतिनिधि व ग्राम प्रमुख मौजूद थे]रायपुर । कृषि विश्वविद्यालय की सलाह पर एकड़ पीछे रासायनिक खाद की मात्रा में शासन द्वारा कटौती किये जाने से किसानों में आक्रोश व्याप्त हो रहा । इसका संकेत बीते बुधवार को ग्राम खौली में आहूत किसानों की बैठक में मिला । अल्प सूचना पर आहूत इस बैठक में मौजूद किसानों ने इसकी वजह से उत्पादन में गिरावट आने व खेती को घाटे की सौदा बन जाने की बात कह शासन - प्रशासन का इस ओर ध्यानाकृष्ट कराने का और अनदेखा करने पर आंदोलनात्मक रुख अपनाने का निर्णय लिया । ध्यानाकर्षण कराने हरेक सोसायटी स्तर पर सोसायटी मुख्यालयों के सामने एक दिनी धरना आयोजित कर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया ।ज्ञातव्य हो कि आसन्न कृषि वर्ष में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये गये अनुशंसित उर्वरक मात्रा प्रति एकड़ किसानों को उसके द्वारा धारित कृषि भूमि के आधार पर देने का आदेश कृषि विभाग द्वारा दिया गया है । अनुशंसित मात्रा को कम ठहराते हुये किसान इससे पैदावार में गिरावट की आंशका से आशंकित हैं । इसी वजह से उनमें आक्रोश व्याप्त हो रहा है । बैठक ग्राम खौली के कृषक हिरेश चंद्राकर व कमल चंद्राकर की पहल पर आयोजित की गयी थी । आमंत्रित किसान नेता पारसनाथ साहू ने किसानों को आंदोलनात्मक रुख अपनाने का आव्हान किया । आमंत्रित क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य वतन चंद्राकर ने भी इस निर्णय को किसान विरोधी ठहराते हुये निर्णय को निरस्त कराने आंदोलन को ही एकमात्र रास्ता बतलाया ।आमंत्रित किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने कहा कि पूर्व में देशी खाद का उपयोग कर खेती करने वाले किसानों को अधिक अन्न उपजाओ का नारा दे सत्ताधीशों ने अधिक से अधिक रासायनिक खाद के उपयोग के लिये प्रोत्साहित किया और अब अचानक रासायनिक खाद की मात्रा में कटौती से उत्पादन में गिरावट आएगी, जो कि किसानों के लिये घाटे का सौदा साबित होगा । वर्तमान में देशी / जैविक खाद की पर्याप्त उपलब्धता न होने और इसका प्रयोग करने पर भी कम से कम तीन साल तक उत्पादन पर असर पड़ने की बात कहते हुये शासन - प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराने प्रथम चरण में सोसायटी स्तर पर शांतिपूर्ण धरना कर ज्ञापन सौंपने का सुझाव दिया ।किसान नेता श्रवण चंद्राकर ने शासन द्वारा जारी आदेश की जानकारी देते हुये इसे किसान हित में नहीं ठहराते हुये पूरे प्रदेश में एकसाथ आंदोलन की आवश्यकता प्रतिपादित की । किसान नेता गोविंद चंद्राकर ने आरंग क्षेत्र में पूर्व में हुये तीन सफल आंदोलनों का जिक्र करते हुये राजनीतिक भेदभाव से परे आंदोलन का आग्रह किया और सफलता के लिये खौली से शुरू हुई इस मुहिम को पूरे प्रदेश में फैलाने की बात रखी । दिनेश ठाकुर ने आंदोलन की रुपरेखा तैयार कर आंदोलन की शुरुआत करने का आग्रह किया । बैठक में आरंग क्षेत्र के सोसायटियों से इस धरना की शुरुआत करने का निर्णय लेते हुये सोसायटियों के अंतर्गत आने वाले ग्रामों के किसानों को स्वत: स्फूर्त धरना आयोजित करने का आग्रह किया गया । बैठक में ग्राम खौली , टेकारी , कठिया , सोनभट्ठा , फरफौद , भानसोज , लिंगाडीह , संडी , खम्हरिया , संकरी , डिघारी , करहीडीह , मालीडीह , जुगेसर , खमतराई , नरदहा , बरछा , नारा आदि के पंचायत प्रतिनिधि व ग्राम प्रमुख मौजूद थे । इधर भानसोज के जागरूक युवा किसान द्रोण चंद्राकर ने कल शुक्रवार को भानसोज सोसायटी के सामने धरना आयोजित करने के लिये बैठक किये जाने की जानकारी दी है ।



























