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- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुरूचि सिंह ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कामर्शियल काम्पलेक्स पार्किंग स्थल, उद्यान, मोबाईल मेडिकल यूनिट, अवैध निर्माण, नाला, सुलभ शौचालय सहित खुर्सीपार स्थित ईएसआईसी डिस्पेंसरी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक सुधार एवं व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।निगम आयुक्त ने नेहरू नगर स्थित कामर्शियल काम्पलेक्स के रिक्त मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने मैदान की साफ-सफाई कराकर व्यवस्थित पार्किंग स्थल विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि कामर्शियल काम्पलेक्स में आने वाले नागरिकों को वाहन पार्क करने में सुविधा मिल सके। उन्होंने पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित कर प्रकाश व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने कहा। इसके पश्चात आयुक्त ने बाल क्रीड़ा उद्यान का निरीक्षण किया और स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर उद्यान की व्यवस्थाओं एवं उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। नागरिकों द्वारा बताई गई समस्याओं का निराकरण बरसात के पूर्व कराने के निर्देश दिए गए। निर्देशानुसार उद्यान में तत्काल अवांछित झाड़ियों की कटाई और ग्रास क्लियर किया गया है। आयुक्त ने मोबाईल मेडिकल यूनिट बस का भी निरीक्षण किया तथा नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।आयुक्त ने मॉडल टाउन स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के पीछे किए गए अवैध निर्माण का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। मौके पर अवैध निर्माण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके समीप स्थित नाले का भी निरीक्षण कर साफ-सफाई एवं जल निकासी की व्यवस्था का जायजा लिया गया। वार्ड क्रमांक 18 कांट्रेक्टर कॉलोनी पुरानी बस्ती में पूर्व निर्मित सुलभ शौचालय का निरीक्षण महापौर परिषद सदस्य लालचंद वर्मा के उपस्थिति में करते हुए आयुक्त ने आवश्यक सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र के नागरिकों को शौचालय की बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने शौचालय फेंसिंग, साफ-सफाई एवं रखरखाव पर भी ध्यान देने कहा।खुर्सीपार क्षेत्र में आयुक्त ने ईएसआईसी डिस्पेंसरी का निरीक्षण किया। डिस्पेंसरी भवन पुराना होने के कारण जर्जर स्थिति में हो गया है। इसे देखते हुए डिस्पेंसरी को पावर हाउस स्थित निगम स्वामित्व भवन में स्थानांतरित करने के संबंध में अधिकारियों के साथ चर्चा की गई, ताकि नागरिकों को सुरक्षित एवं बेहतर स्थान पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त दिनेश कोसरिया, येशा लहरे, कार्यपालन अभियंता सुनील जैन, संजय वर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, सहायक अभियंता फत्तेलाल साहू, चंद्रकांत साहू, उप अभियंता बसंत साहू, पुरुषोत्तम सिन्हा, रीमा जामुलकर, सहायक राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू, शरद दूबे एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना सहित निगम के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा शहर में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में निगम के जोन-2 वैशाली नगर अंतर्गत वार्ड क्रमांक 25 जवाहर नगर गौरव पथ मार्ग के पास गंदगी फैलाते पाए जाने पर रजनी ट्रेडर्स के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई।निगम की टीम ने मौके पर निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान द्वारा आसपास गंदगी फैलाए जाने पर संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 3,000 रुपये का जुर्माना वसूल किया। निगम अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों एवं नागरिकों को सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने तथा स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
- -वीबी-जी राम जी के तहत व्यवस्थित रोजगार से जुड़ेंगे परिवार-कलेक्टर के निर्देश पर सँवरा जनजाति के सदस्यों के बनाए गए जॉब कार्डरायपुर / कभी अनिश्चित आमदनी, कभी पारंपरिक हुनर पर निर्भरता और भविष्य की चिंता! तिल्दा विकासखंड के ग्राम पंचायत सिनोधा की सपेरा बस्ती के 34 परिवारों के लिए अब तस्वीर बदलने लगी है। जॉब कार्ड हाथ में आते ही इन परिवारों के सामने रोजगार का एक व्यवस्थित और भरोसेमंद रास्ता खुल गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। गौरतलब है कि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने गत दिनों बैठक में सँवरा जनजाति के परिवारों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में संबंधित अधिकारियों ने विकसित भारत-जी राम जी के तहत सपेरा बस्ती में रहने वाले 34 परिवारों का पंजीयन कर उन्हें जॉब कार्ड जारी किए।अब ये परिवार अपनी आवश्यकता के अनुसार रोजगार की मांग कर सकेंगे और योजनांतर्गत काम प्राप्त कर सकेंगे। मांग के आधार पर प्रत्येक परिवार को 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा तथा 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी निर्धारित हैसिनोधा की सपेरा बस्ती में रहने वाले संवरा समुदाय के परिवार परंपरागत रूप से सांपों को पकड़ने और उनसे जुड़े पारंपरिक हुनर के लिए जाने जाते हैं। बदलते समय के साथ पारंपरिक आजीविका के अवसर सीमित होने से कई परिवारों की आय अनिश्चित रही है। ऐसे में जॉब कार्ड उनके लिए सम्मानजनक रोजगार और नियमित आय की दिशा में एक नया विकल्प लेकर आया है।बस्ती के निवासी श्री चरनू मरकाम ने जॉब कार्ड मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पहले आमदनी कभी होती थी और कभी नहीं। अब जॉब कार्ड बनने से काम की मांग करने और रोजगार पाने की राह आसान होगी। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी और भविष्य को लेकर भी निश्चिंतता होगी।जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन के मार्गदर्शन में प्रशासन ने इन परिवारों को केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित न रखते हुए स्थायी आजीविका के अवसर विकसित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। एपीओ श्रीमती रोशनी तिवारी ने बताया कि बस्ती के 12 परिवारों ने सुअर पालन के लिए सहमति दी है। स्थल निरीक्षण एवं उपलब्धता के आधार पर सुअर शेड स्वीकृति की प्रक्रिया की जा रही है। इससे परिवारों को रोजगार के साथ अतिरिक्त और स्थायी आय का स्रोत उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र परिवारों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
- -जिले में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में तेज गति से जारी है अभियानरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पर्यावरण संरक्षण और शहर में पौधों के प्राकृतिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के तहत अभियान तेज गति से जारी है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशन में शहर के सभी 10 जोनों में ऐसे पौधों को चिन्हित कर उनके आसपास लगाए गए अनावश्यक ट्री गार्ड, कांक्रीट के घेरे और पेवर हटाने की कार्रवाई की जा रही है।अभियान के तहत अब तक विभिन्न स्थानों पर लगभग 2111 ट्री गार्ड हटाए जा चुके हैं, जबकि लगभग 446 स्थानों से कांक्रीट के घेरे एवं पेवर हटाने का कार्य किया गया है। अभियान लगातार जारी है और सभी जोनों में इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।प्रोजेक्ट पुनर्जीवन का उद्देश्य ऐसे पौधों को प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराना है, जो चारों ओर से ट्री गार्ड, कांक्रीट या पेवर से घिरे होने के कारण पर्याप्त मिट्टी, पानी और जगह नहीं मिलने से स्वाभाविक रूप से विकसित नहीं हो पा रहे थे। इन अवरोधों को हटाए जाने से पौधों की जड़ों को मिट्टी और पानी सहज रूप से मिल सकेगा तथा उन्हें प्राकृतिक रूप से फैलने और विकसित होने का अवसर मिलेगा।अभियान के तहत नगर निगम के सभी 10 जोन कमिश्नरों द्वारा अपने-अपने जोन के विभिन्न वार्डों में ऐसे पौधों को चिन्हित कर कार्रवाई कराई जा रही है। अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर कार्य की प्रगति की निगरानी की जा रही है।नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए सभी जोन कमिश्नरों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। कलेक्टर डॉ. सिंह के निर्देशानुसार आयुक्त द्वारा अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के माध्यम से रायपुर में पौधों को ‘बंद घेरे’ से निकालकर प्रकृति के करीब लाने की पहल शहर के हरित वातावरण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बन रही है।
- - महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष ने कहा- यह सम्मान मंडल का, मेरा नहीं, अगला लक्ष्य गुरुकल और गौशाला शुरू करनारायपुर। महाराष्ट्र मंडल में सतत् 16 वर्षों से, नौ कार्यकाल में निर्विरोध निर्वाचित, यशस्वी अध्यक्ष अजय मधुकर काले का प्रभा फाउंडेशन ने सम्मान किया। रविवार को समाजसेवियों से खचाखच भरे विमतारा सभागृह में आयोजित भव्य समारोह में काले को यह ‘समाज निर्माण गौरव सम्मान’ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सांसद बृजमोहन अग्रवाल और रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत ने दिया। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों के नि:स्वार्थ भाव से जरूरतमंद लोगों की सेवा कर रहे 51 विभूतियों और संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया। सुप्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ और अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति के संस्थापक डॉ. दिनेश मिश्रा को लाइफ टाइम एचिवमेंट अवार्ड दिया गया।मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह ने समूचे आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि राजधानी में डॉ. त्रिवेदी परिवार की ओर प्रभा फाउंडेशन के रूप में समाजसेवा के नए अवसर बनेंगे। इसका लाभ अधिकाधिक गरीब और जरूरतमंदों को होगा। उन्होंने सम्मानित की जाने वाली विभूतियों के संदर्भ में प्रभा फाउंडेशन को साधुवाद देते हुए कहा कि अनेक क्षेत्रों में समाजसेवा कर रहे स्थापित बड़े नामों को आप लोगों ने ढूंढकर निकालें हैं।सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने सारगर्भित संबोधन में कहा कि समाजसेवियों का सम्मान आज की जरूरत है। ऐसे आयोजनों व दशकों से मानवसेवा में लगे लोगों को सम्मानितए कर प्रभा फाउंडेशन युवा पीढ़ी का ध्यान उनकी ओर आकर्षित कर रही है और उन्हें प्रेरित भी कर ही है। अच्छे संस्कारों के साथ युवा लोगों की मदद करने और उन्हें आगे बढ़ाने की भावना के साथ काम करें, तो हम अपने देश के लिए एक अच्छे भविष्य की अपेक्षा कर सकते हैं।‘समाज निर्माण गौरव सम्मान’ से सम्मानित होने के बाद अजय मधुकर काले ने कहा कि असल में यह सम्मान 91 वर्षों से सतत् समाजसेवा में सक्रिय विश्वसनीय महाराष्ट्र मंडल का सम्मान है, मेरा नहीं। हमारे वरिष्ठ सभासदों ने मानवसेवा के अनेक ऐसे कार्य किए हैं, या ये कहें कि कीर्तिमान गढे़ हैं, हम उन्हीं से प्रेरणा लेकर मंडल के कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। ठीक है, व्यवस्थागत दृष्टिकोण से वे मंडल के अध्यक्ष हैं, लेकिन उन्हें इतनी भरोसेमंद, ऊर्जावान और समर्पित साथियों की टीम मिली है, जिससे कि वे महाराष्ट्र मंडल के दशकों से स्थापित प्रकल्पों के कार्यों का न केवल संचालन कर रहे हैं, बल्कि नए-नए क्षेत्रों में भी मंडल के सेवाभावी कार्यों का विस्तार कर रहे हैं। काले ने कहा कि इस समय उनके सामने दो बड़े लक्ष्य गुरुकुल और गौशाला शुरू करने की है, जिसे हासिल करने के लिए वे अपनी टीम के साथ प्रयासरत हैं।
- -अनियमितता पर कारण बताओ नोटिस जारीमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार एवं उप संचालक कृषि श्री फागूराम कश्यप के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा पिथौरा विकासखंड के कीटनाशी विक्रय प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान राजा कृषि केन्द्र सांकरा, पटेल कृषि केन्द्र लाखागढ़ एवं मातृ कृषि सेवा केन्द्र टेका का निरीक्षण किया गया। जांच में संबंधित फर्मों द्वारा स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं करना, अवसान तिथि समाप्त हो चुके कीटनाशक दवाओं को प्रतिष्ठान में रखना, मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करना तथा निर्धारित प्रोफार्मा के अनुसार कृषकों को बिल उपलब्ध नहीं कराने जैसी अनियमितताएं पाई गईं। अनियमितताओं के संबंध में संबंधित फर्मों को कीटनाशी अधिनियम, 1968 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर पांच दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने अथवा जवाब संतोषप्रद नहीं पाए जाने की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों के कीटनाशी लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।जिला स्तरीय निरीक्षण दल में डॉ. परमजीत सिंह कंवर, सहायक संचालक कृषि, श्री बृजेश कुमार तुरकाने, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पिथौरा, श्री उमेश चंद्राकर, कृषि विकास अधिकारी महासमुंद तथा श्री ओमप्रकाश चंद्राकर एवं श्री भूषण साहू, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे।
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मोहला । जिला कौशल विकास प्राधिकरण के अंतर्गत भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 एवं मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत जिले के युवाओं को विभिन्न पाठ्यक्रमों में निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके लिए जिले के विभिन्न प्रशिक्षण प्रदाता संस्थानों में टीओटी प्रशिक्षकों की आवश्यकता है। असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन के लिए 2 पद, असिस्टेंट मेसन के लिए 2 पद, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट के लिए 2 पद, सोलर पीवी इंस्टालर (सूर्यमित्र) के लिए 2 पद, जल वितरक संचालक के लिए 2 पद तथा मशरूम ग्रोवर के लिए 2 पद उपलब्ध हैं। असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन एवं सोलर पीवी इंस्टालर के लिए संबंधित सेक्टर में असिस्टेंट मेसन के लिए, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट एवं मशरूम ग्रोवर के लिए संबंधित सेक्टर में TOT टीओटी तथा जल वितरक संचालक के लिए टीओटी योग्यता निर्धारित है। प्रशिक्षण असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन के लिए शासकीय ITI अंबागढ़ चौकी, असिस्टेंट मेसन के लिए लाइवलीहुड कॉलेज मोहला, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट के लिए लाइवलीहुड कॉलेज अंबागढ़ चौकी, सोलर पीवी इंस्टालर एवं जल वितरक संचालक के लिए लोक कल्याण सेवा समिति अंबागढ़ चौकी तथा मशरूम ग्रोवर के लिए शासकीय उद्यान रोपणी दोरबा में आयोजित किया जाएगा। इच्छुक आवेदक-आवेदिका शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, रिज्यूमे सहित आवश्यक दस्तावेज लेकर प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक लाइवलीहुड कॉलेज मोहला अथवा संबंधित कोर्स के प्रशिक्षण प्रदाता संस्थान में उपस्थित होकर आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदक मोबाइल या व्हाट्सऐप के माध्यम से 7974714091 पर भी संपर्क कर सकते हैं। अन्य संबंधित संपर्क नंबरों में 8962158967 तथा 9907471888 शामिल हैं।
- रायपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज धीरे- धीरे ही सही, अब लोगों के बीच पहचाने जाने लगे हैं… दिलों में उतरने लगे हैं। देशभर में सफल रही फिल्म ’तान्हा जी’, ‘राजा शिवाजी’, हजारों मंचन वाले सुपरहिट ऐतिहासिक नाटक ‘जाणता राजा’ इस बात के प्रमाण हैं। हालांकि अभी इस दिशा में अभी बहुत अधिक प्रयास करने की जरूरत है। इसके लिए हम सभी को एकजुट होकर योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाना होगा। मासिक महाआरती के मौके पर महाराष्ट्र मंडल अध्यक्ष के अजय मधुकर काले ने इस आशय का संदेश दिया।काले ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल गत पांच वर्षों से शिवाजी महाराज की जन्मतिथि 19 फरवरी को स्वराज दिवस घोषित करने, छत्रपति शिवाजी महाराज को पाठ्यक्रम में शामिल करने और समय- समय शालेय व महाविद्यालयीन स्तर व सामाजिक व सार्वजनिक स्तर पर भी शिवाजी महाराज के जुड़ी जानकारी पर आधारित क्विज स्पर्धाएं आयोजित करनी चाहिए।काले ने कहा कि हमने पहले ही छत्तीसगढ़ सरकार से मांग की हुई है कि प्रदेश के युवाओं की टीम को शिवाजी महाराज के रायगढ़ सहित विभिन्न किलों के साथ पुणे का सुप्रसिद्ध व ऐतिहासिक शनिवार वाडा भी घुमाना चाहिए। इससे युवा पीढ़ी को हमारे गौरवशाली इतिहास की प्रत्यक्ष जानकारी मिलेगी। इससे वे भी हिंदवी स्वराज के बारे में अपनी राय सार्वजनिक स्तर पर सही तथ्यों व प्रमाण के साथ रख पाएंगे।
- -छत्रपति शिवाजी की मासिक महाआरती में बड़ी संख्या में जुटे मंडल के पदाधिकारी, सभासद सहित आमजनरायपुर। वर्तमान परिस्थितियों में देश की युवा पीढ़ी सहित आमजनों को छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में अधिक से अधिक जानकारी हो। यह काम पूरी जिम्मेदारी महाराष्ट्र मंडल ही कर सकता है और कर रहा है। यहां शिवाजी महाराज को लेकर लगातार कोई न कोई कार्यक्रम, आयोजन, कार्यशाला होते रहती है, यह प्रशंसनीय है। शिवाजी महाराज की मासिक महाआरती में शामिल प्रदेश भाजपा के सहयोग केंद्र के प्रभारी सच्चिदानंद उपासने ने इस आशय के विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर वरिष्ठ सभासद कल्याण देशपांडे ने वंदेमातरम् पर आधारित स्वरचित कविता का सस्वर पाठ किया।शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति के पुरुष प्रमुख गणेशा पाटील जाधव ने बताया कि यह समिति मंडल में शिवाजी जयंती, पुण्यतिथि, राज्याभिषेक समारोह, मासिक आरती करने के अलावा अब शालाओं में जाकर शिवाजी महाराज के प्रबंधन, शौर्य, व्यापार नीति सहित अनेक पहलुओं के बारे में सविस्तार जानकारी देंगे। यही नहीं हमारी योजना शिवाजी महाराज पर आधारित छत्तीसगढ़ स्तरीय परीक्षा लेने और विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने की भी है।कार्यक्रम का संचालन सचिव चेतन गोविंद दंडवते और समिति के समन्वयक अभिषेक बक्षी ने किया। आभार प्रदर्शन समिति की महिला प्रमुख रीना रितेश बाबर ने किया। इस अवसर पर गीता दलाल, मालती मिश्रा, परितोष दंडवते, प्रवीण क्षीरसागर, अजय पोतदार, डॉ. शुचिता देशमुख, योगेश दंडवते, शचिंद्र देशमुख, रितेश देशमुख, अभय भागवतकर, अतुल गद्रे, रवि किरण दशपुत्रे, रीना देशमुख, नम्रता जाधव, जयनारायण कदम, अवनी जाधव, मंगल जाधव सहित अनेक पदाधिकारी व सभासद उपस्थित रहे।
- - पोस्टर, कोलाज, पेंटिंग और राखियों में नजर आई देशभक्ति और सावन की हरियाली, प्राचार्य ने स्कूल स्टाफ ने जमकर की प्रशंसारायपुर। रंगों से बच्चों को काफी लगाव होता है। हर कोई कैनवास पर अपनी भावनाओं को उकेरने को आतुर रहता है। ऐसे में संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में बच्चों के लए राखी, पोस्टर और कोलाज मेकिंग स्पर्धा का आयोजन किया गया। इसमें सभी कक्षाओं के बच्चों ने उत्साह से भाग लिया। बच्चों की राखी, जहां बहनों का प्यार दिखा, वहीं पोस्टर में हरियाली और देशभक्ति नजर आई। प्राचार्य मनीष गोवर्धन और उप प्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार ने बच्चों के टैलेंट की जमकर प्रशंसा की और उनका खूब उत्साहवर्धन किया।शिक्षिका आराधना लाल ने बताया कि छठवीं से आठवीं के बच्चों के लिए राखी मेकिंग कंपटीशन और नौवीं से 12वीं के बच्चों के लिए पोस्टर और कोलाज मेकिंग कंपटीशन का आयोजन किया गया। इसमें सभी छात्र-छात्राओं ने बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया। पोस्टर व कोलाज मेकिंग कंपटीशन का विषय था 'स्वर्णिम भारत'। सभी बच्चों ने इस विषय को साकार करते हुए बेहतरीन कोलाज बनाए। राखी मेकिंग कंपटीशन की इंचार्ज अध्यापिका प्रतीक्षा महादेवकर और सुमन क्षत्रिय थीं। पोस्टर मेकिंग और कॉलाज मेकिंग कंपटीशन की इंचार्ज टीचर सरिता पांडे व निकिता यादव को बनाया गया था।
- -गुण्डरदेही विकासखण्ड के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की बैठक लेकर शिक्षा विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की-उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम हेतु कार्ययोजना बनाने तथा शिक्षकों की कमी वाले शालाओं में मानसेवी शिक्षकों की नियुक्ति करने के निर्देशबालोद। जिले में शिक्षा गुणवत्ता की सुधार सुनिश्चित कर विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के सभी पांचों विकासखण्ड के हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक लेकर शिक्षा विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की है। अलग अलग दिवसों में आयोजित विकासखण्ड स्तरीय समीक्षा बैठक की अंतिम कड़ी में आज कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में गुण्डरदेही विकासखण्ड के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की बैठक लेकर शिक्षा विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि हमारे देश के भावी भविष्य नौनिहाल विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करना शासन के विशेष प्राथमिकता में शामिल है। शासन के इसी मंशा के अनुरूप हमारे सभी प्राचार्य एवं शिक्षकगण शिक्षा गुणवत्ता में सुधार हेतु पूरी लगन, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। कलेक्टर ने कहा कि अच्छी शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक एवं विद्यार्थियों का अधिकार भी है। इसलिए शिक्षा जैसे अत्यंत आवश्यक एवं महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही होगा। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री दीपक दुबे, डीएमसी श्री अवन कुमार जांगड़े, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी तथा हाई स्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूल के प्राचार्य एवं शिक्षकगण उपस्थित थे। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में गुण्डरदेही विकासखण्ड के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की बैठक लेकर विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने हेतु की जा रही कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु उन्हें गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने गुण्डरदेही विकासखण्ड के हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूल के प्राचार्यों को उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम हेतु कार्ययोजना बनाकर अध्ययन-अध्यापन का कार्य सुनिश्चित करने तथा शिक्षकों की कमी वाले शालाओं में मानसेवी शिक्षकों की नियुक्ति हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने स्कूलवार गुण्डरदेही विकासखण्ड के हाई स्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूल में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विगत दो वर्षों के परीक्षा परिणामों की तुलना करते हुए शिक्षा सत्र 2025-26 के परीक्षा परिणामों की समीक्षा की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों से परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाने के साथ-साथ कमजोर बच्चों की स्थिति में सुधार तथा मेधावी बच्चों का प्रावीण्य सूची में स्थान दिलाने हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में जानकारी ली। इस मौके पर उन्होंने सभी प्राचार्यों से शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, कमजोर बच्चों की स्थिति में सुधार तथा विद्यालय के परीक्षा परिणाम को और अधिक बेहतर बनाने हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिन विषयों का परीक्षा परिणाम संतोषप्रद नही रहा उन विषयों के शिक्षकों को तलब कर उसका कारण पूछा। कलेक्टर ने प्राचार्यों और शिक्षकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि परीक्षा परिणाम खराब या संतोषप्रद नही होने पर उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्रीमती मिश्रा ने जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित प्राचार्यों एवं शिक्षकों के विरूद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्कूलवार जून एवं जुलाई माह में विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति 85 प्रतिशत से कम नही होना चाहिए। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति 85 प्रतिशत से कम होने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी। कलेक्टर ने विद्यालय में बच्चों की नियमित उपस्थिति एवं परीक्षा परिणाम में सुधार लाने हेतु पालकों के साथ नियमित रूप से बैठक आयोजित कर उन्हें समझाईश देने को कहा। इसके अलावा उन्होंने प्राचार्यों एवं शिक्षकों को पालकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने प्रतिमाह बच्चों के मासिक टेस्ट के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने सभी प्राचार्य एवं शिक्षकों को प्रतिमाह अनिवार्य रूप से मासिक टेस्ट लेने तथा खराब परिणाम आने पर संबंधित शिक्षक के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति तथा अध्यापन कार्य के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने तथा समय पर पाठ्यक्रम को पूरा कराने हेतु शिक्षकों को निर्धारित समयावधि में अपने कार्यों का संपादन करना आवश्यक है। उन्होंने सभी प्राचार्यों को किसी भी शिक्षक-शिक्षिकाओं का 15 दिन से अधिक का संतान पालन अवकाश स्वीकृत नही करने के भी निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने सभी प्राचार्यों को संतान पालन हेतु 15 दिन से अधिक की अवकाश के लिए आवेदन प्राप्त होने पर जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों से शिक्षकों के रिक्त पदों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में विषय शिक्षक उपलब्ध नही है वैकल्पिक व्यवस्था के रूप मानसेवी शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। कलेक्टर ने गुण्डरदेही विकासखण्ड के परीक्षा परिणाम को उत्कृष्ट बनाने हेतु विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को कलस्टरवार प्रत्येक स्कूलों का जांच करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल नहीं करने के निर्देश भी दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरबसपुर में प्राचार्यं एवं शिक्षकों के विशेष प्रयासों से शिक्षा सत्र 2025-26 के परीक्षा परिणामों में हुए बेहतरीन सुधारों की भूरी भूरी सराहना करते हुए इसके लिए संस्था के प्राचार्य एवं शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होने विकासखण्ड के अन्य प्राचार्यों एवं शिक्षकों को भी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरबसपुर के माॅडल को अपने स्कूलों में अपनाने की सलाह दी।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों को विद्यालय के मेधावी बच्चों का चयन कर इनके परीक्षा परिणाम को और अधिक बेहतर बनाने के उपाय सुनिश्चित करने को कहा। इस मौके पर श्रीमती मिश्रा ने गंभीर बीमारियों से ग्रसित विद्यार्थियों को आरबीएस (राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम) के अंतर्गत उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों में निःशुल्क इलाज कराए जाने की भी जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों को इन बच्चों को चिन्हित कर समय पर इन्हें मदद उपलब्ध कराने हेतु तत्काल जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। इसके अलावा उन्होंने विद्यार्थियों को नशापान से दूर रखने की समुचित उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को नशापान से दूर रखना हम सभी का सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। श्रीमती मिश्रा ने शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को गत 30 जुलाई को जिला प्रशासन द्वारा आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में सहभागिता निभाने के लिए हृदय से धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
- बालोद। आदर्श ग्राम हिवरे बाजार (महाराष्ट्र) में 18 से 23 अगस्त 2026 तक आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय 'आनंदी कुटुम्ब समृद्ध ग्राम' कार्यक्रम में बालोद जिले की दो महिला सरपंचों ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। ग्राम पंचायत गुजरा की सरपंच श्रीमती पार्वती मंडावी और ग्राम पंचायत दुधली की सरपंच श्रीमती पिलेश्वरी नेताम ने राष्ट्रीय मंच पर जिले के ग्रामीण विकास और महिला स्वावलंबन के अनुभवों को साझा कर क्षेत्र का नाम रोशन किया।राष्ट्रीय मंच पर साझा किए नवाचार के अनुभवकार्यक्रम के दौरान परिवार व समाज में महिलाओं की भूमिका, महिला सशक्तिकरण, आर्थिक समृद्धि और ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर को सुरक्षित व बेहतर बनाने पर गहन मंथन हुआ। दोनों महिला जनप्रतिनिधियों ने पद्मश्री पोपटराव पवार तथा आत्मीयता यूनिवर्सिटी (राजकोट) के चेयरमैन स्वामी त्यागवल्लभ जी की गरिमामयी उपस्थिति में मंच साझा किया। उन्होंने न केवल अपने गांव के विकास मॉडल की प्रस्तुति दी, बल्कि देश भर से आए प्रतिभागियों के प्रश्नों के सटीक उत्तर भी दिए।श्रीमती पार्वती मंडावी (सरपंच, गुजरा): उन्होंने स्व-सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनके समूह द्वारा व्यापक स्तर पर आम के वृक्षारोपण का कार्य किया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने अपनी समूह की अन्य बहनों को भी हिवरे बाजार के विकास मॉडल का अध्ययन भ्रमण कराने की इच्छा जताई।श्रीमती पिलेश्वरी नेताम (सरपंच, दुधली): उन्होंने शासन द्वारा संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सराहना करते हुए बताया कि इससे युवाओं और युवतियों को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर मिल रहे हैं। यह पहल महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित हो रही है।प्रशासनिक मार्गदर्शन से मिली नई पहचानकलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला पंचायत सीईओ श्री सुनील चंद्रवंशी के कुशल मार्गदर्शन और निरंतर प्रोत्साहन के चलते जिले के पंचायत प्रतिनिधि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं। हिवरे बाजार में दोनों महिला सरपंचों की इस सहभागिता को जिले में पंचायती राज और महिला नेतृत्व की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
- -20 से 22 अगस्त तक दस्तावेजों का होगा परीक्षण-स्पाॅट एवं कन्वर्शन काउंसलिंग 25 अगस्त से प्रारंभ होगीरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के बी.एस.सी. कृषि (ऑनर्स) स्नातक पाठ्यक्रम में नवीन शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रवेश हेतु संचालित ऑनलाईन काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत चयनित अभ्यर्थियों को पीएटी परीक्षा की प्रावीण्य सूची के आधार पर प्रोविजनल सीट एवं महाविद्यालय का आबंटन कर दिया गया है। कल 20 अगस्त से 22 अगस्त तक कृषि महाविद्यालय रायपुर में प्रातः 8 बजे से शाम 5ः30 तक दस्तावेजों का परीक्षण किया जायेगा। चयनित अभ्यर्थियों को उन्हें आबंटित प्रोविजनल सीट सुरक्षित करने हेतु 20 से 23 अगस्त तक ऑनलाईन फीस जमा करना होगा।काउंसलिंग समिति की अध्यक्ष डाॅ. आरती गुहे अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय रायपुर ने बताया कि सीट आबंटन के पश्चात यदि चयनित अभ्यर्थी किसी कारण से सीट सुरक्षित नहीं कर पाता है और आगामी चरण की काउंसलिंग में भाग लेना चाहता है तो इस हेतु ऑनलाइन आवेदन करना होगा तथा ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें अभी तक कोई सीट आबंटित नहीं हुई है, उन्हें भी स्पाॅट एवं कन्वर्शन काउंसलिंग के लिए 20 से 24 अगस्त, 2026 तक (रात्रि 11ः30 बजे) के मध्य ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यदि अभ्यर्थी सीट सुरक्षित करने के पश्चात सीट निरस्त करना चाहता है और आगे किसी भी प्रक्रिया में भाग नहीं लेना चाहता है तो इस हेतु 20 से 24 अगस्त, 2026 तक, 2026 तक (रात्रि 11ः30 बजे) के मध्य सीट निरस्त करना होगा। आबंटित एवं रिक्त सीटों की जानकारी 25 अगस्त, 2026 को उपलब्ध कराई जाएगी। स्पाॅट एवं कन्वर्शन काउंसलिंग हेतु पंजीकृत अभ्यर्थियों की सूची 25 अगस्त, 2026 को विश्वविद्यालय की वेबसाईट पर अपलोड की जाएगी। स्पाॅट काउंसलिंग हेतु प्रोविजनल सीट एवं महाविद्यालय का आबंटन 31 अगस्त से 01 सितम्बर, 2026 के मध्य किया जाएगा। तत्काल दस्तावेज परीक्षण एवं ऑनलाईन फीस जमा करने हेतु 31 अगस्त से 01 सितम्बर, 2026 तक अभ्यर्थियों को कृषि महाविद्यालय, रायपुर में उपस्थित होना होगा। कन्वर्शन काउंसलिंग हेतु प्रोविजनल सीट, महाविद्यालय आबंटन, तत्काल दस्तावेज एवं ऑनलाईन फीस जमा करने हेतु अभ्यर्थियों को कृषि महाविद्यालय रायपुर में 02 सितम्बर, 2026 को उपस्थित होना पडे़गा। इच्छुक अभ्यर्थी काउंसिलिंग संबंधित दिशा-निर्देशों की अधिक जानकारी हेतु विश्वविद्यालय की वेबसाईट www.igkv.ac.in का अवलोकन कर सकते हैं।
- - नौ माह से राशन से वंचित हितग्राही, ई-केवायसी कराने के बाद भी नहीं मिला राशन- जनदर्शन में प्राप्त हुए 115 आवेदनदुर्ग / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में डिप्टी कलेक्टर श्री सोनल डेविड भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 115 आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन के दौरान कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने प्राप्त अनेक आवेदनों पर त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को फोन कर प्रकरणों की जानकारी ली और तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसी कड़ी में जामुल के लवकुश नगर वार्ड निवासी ने बीपीएल राशन कार्ड में नाम दर्ज होने के बावजूद पिछले नौ माह से राशन नहीं मिलने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 से लगातार उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है। शासन के निर्देशानुसार ई-केवायसी की प्रक्रिया भी कई बार पूरी कराई गई, इसके बावजूद पोर्टल पर नाम प्रदर्शित होने के बाद भी राशन का आबंटन नहीं किया जा रहा है। लंबे समय से राशन नहीं मिलने के कारण परिवार को आर्थिक एवं खाद्य सुरक्षा संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी को नियमानुसार परीक्षण कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।ग्राम खेदामारा (नवातरिया) थाना जामुल के किसानों ने सिंचाई के पानी का रास्ता बाधित किए जाने की शिकायत की। किसानों ने बताया कि अवैध प्लाटिंग एवं मकान निर्माण के चलते नहर से करीब 400 एकड़ कृषि भूमि तक पहुंचने वाला पानी के रास्ते को बंद कर दिया गया है इससे लगभग 30 किसानों को सिंचाई में परेशानी हो रही है। भवन निर्माण से पहले संबंधित व्यक्ति को नहर से सिंचाई के लिए आने वाले पानी के निकासी हेतु नाली निर्माण की व्यवस्था करने को कहा गया था, किन्तु उक्त सिंचाई मार्ग को बंद कर दिया गया, जिसके कारण कृषि कार्य बाधित हो रहा है। किसानों ने नाली निर्माण कर सिंचाई व्यवस्था बहाल कराने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम पंचायत सोरम तहसील पाटन निवासी ने शासकीय तालाब को निस्तारी के लिए सुरक्षित रखे जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि सरपंच द्वारा बिना कोई प्रस्ताव पारित किए मछली पालन के लिए अनुमति दे दी गई है। इससे तालाब का पानी दूषित हो रहा है और ग्रामीणों को निस्तारी में परेशानी हो रही है।
- - पाटन क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा व सुविधाओं को लेकर जिला प्रशासन संवेदनशीलदुर्ग / जिला प्रशासन दुर्ग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास और बच्चों की सुरक्षा व बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में तत्परता से त्वरित निर्णय लिए जा रहे हैं। जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत हाल ही में सोनपुर मिडिल स्कूल भवन के प्लास्टर झड़ने की घटना तथा करेला व केसरा में आंगनबाड़ी भवनों की आवश्यकता संबंधी समाचारों एवं जन-अपेक्षाओं को अत्यंत संवेदनशीलता से लेते हुए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के अनुमोदन पश्चात् जिला पंचायत दुर्ग द्वारा त्वरित कार्यवाही की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत पाटन के प्रस्ताव पर त्वरित स्वीकृति प्रदान करते हुए विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (व्हीबीजीरामजी) योजना तथा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से कुल 28.38 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। जारी आदेश के तहत ग्राम सोनपुर में विद्यार्थियों की सुविधा एवं अतिरिक्त स्थान की आवश्यकता को देखते हुए 5.00 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष (शेड निर्माण) की स्वीकृति दी गई है। साथ ही, ग्राम केसरा एवं करेला में 11.69-11.69 लाख रुपये की लागत से नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे बच्चों व ग्रामीणों को शीघ्र ही आधुनिक व सुरक्षित भवन की सुविधा प्राप्त होगी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग दुबे के निर्देशानुसार उक्त सभी निर्माण कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध सीमा के भीतर पूर्ण कराए जाएंगे। प्रशासन की इस त्वरित व संवेदनशील पहल से जर्जर भवनों की समस्या का स्थाई समाधान होगा, साथ ही स्थानीय ग्रामीणों व जॉब कार्डधारी श्रमिकों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
- -किसानों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ दिलाने और अधिकाधिक पौधरोपण के दिए निर्देश-जरहाभाठा छात्रावास परिसर पीपीपी मॉडल पर मल्टी स्टोरी भवन के रूप में विकसित होगाबिलासपुर / आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज बिलासपुर में कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य एवं आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ उनके लाभ को अधिक से अधिक किसानों, ग्रामीणों और हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।मंत्री श्री नेताम ने कृषि एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और उनके माध्यम से किसानों को मिलने वाले लाभ की जानकारी केवल कागजों तक सीमित न रहे। योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने के साथ उन्हें योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ और परिणाम भी दिखाया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इनसे जुड़कर अपनी आय और उत्पादन में वृद्धि कर सकें।उन्होंने उद्यान विभाग की समीक्षा करते हुए किसानों को अधिकाधिक पौधरोपण के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फलदार एवं उपयोगी पौधों के रोपण को बढ़ावा देकर किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित किए जा सकते हैं। इसके लिए विभागीय योजनाओं के माध्यम से किसानों को पौधे उपलब्ध कराने तथा रोपण के बाद उनकी देखभाल के लिए आवश्यक मार्गदर्शन देने पर भी जोर दिया।बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत छात्रावासों में प्रवेश की स्थिति की भी जानकारी ली गई। मंत्री श्री नेताम ने छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं तथा विद्यार्थियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने जरहाभाठा स्थित विभागीय छात्रावास परिसर को मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के रूप में विकसित करने की जानकारी दी। यह भवन पीपीपी मॉडल के माध्यम से विकसित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों के लिए बेहतर एवं आधुनिक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।मंत्री श्री नेताम ने मत्स्य विभाग सहित सभी विभागों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से मैदानी स्तर पर योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा किसानों एवं हितग्राहियों से सतत संवाद बनाए रखने को कहा।उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसलिए अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और परिणामपरक दृष्टिकोण के साथ कार्य करें।
- -कलेक्टर ने गुणवत्तापूर्ण सर्वे और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश-खरीफ फसलों की ऑनलाइन गिरदावरी 30 सितंबर तक, करीब 2097 सर्वेयर जुटेबिलासपुर / एग्रीस्टेक परियोजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) का कार्य बिलासपुर जिले में प्रारंभ हो गया है। जिले के 708 ग्रामों में से 703 ग्रामों में डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम शुरू किया जा चुका है। तकनीकी कारणों से 5 ग्रामों में सर्वे मैनुअल आधार पर होगा। सर्वे का कार्य 17 अगस्त से प्रारंभ हुआ है जो कि 30 सितंबर 2026 तक पूर्ण किया जाना है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूरी गंभीरता और गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।कलेक्टर ने कहा कि आगामी धान खरीदी की प्रक्रिया में डीसीएस सर्वे के आंकड़ों का उपयोग किया जाना है, इसलिए सर्वे की शुद्धता एवं गुणवत्ता को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत खरीफ फसलों की गिरदावरी मोबाइल एप के माध्यम से खेतों में जाकर ऑनलाइन की जाएगी। तकनीकी कारणों से जहां डिजिटल सर्वे संभव नहीं होगा, वहां मैन्युअल गिरदावरी की जाएगी। सर्वे कार्य का सत्यापन राजस्व निरीक्षक द्वारा तथा सुपरविजन पटवारी द्वारा किया जाएगा। यथासंभव मौके पर किसानों का फोटो भी लिया जाएगा, ताकि सर्वेक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रामाणिक एवं पारदर्शी बनाया जा सके।सर्वेयर द्वारा किए गए कार्यों का मौके पर अनिवार्य सत्यापन भी किया जाएगा। इसके तहत पटवारी द्वारा 10 प्रतिशत, राजस्व निरीक्षक द्वारा 5 प्रतिशत तथा तहसीलदार द्वारा 2 प्रतिशत सर्वे कार्य का मौके पर जाकर वेरिफिकेशन किया जाएगा। कलेक्टर ने इस प्रक्रिया का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि डिजिटल सर्वे में दर्ज फसल एवं अन्य विवरणों की शुद्धता सुनिश्चित हो सके।डीसीएस सर्वे का कार्य स्थानीय ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कराया जा रहा है। इसके लिए न्यूनतम 10वीं उत्तीर्ण होना तथा एंड्रॉयड वर्जन 9 या उससे अधिक वर्जन वाला स्वयं का मोबाइल फोन और इंटरनेट कनेक्टिविटी होना आवश्यक है। मोबाइल संचालन की जानकारी रखने वाले स्थानीय युवाओं को सर्वेयर के रूप में जोड़ा गया है। जिले में लगभग 2097 सर्वेयर नियुक्त किए जा चुके हैं और उनके द्वारा सर्वे कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।सर्वेयर द्वारा दर्ज जानकारी के सही तरीके से अपलोड एवं स्वीकृत होने के बाद उन्हें प्रति खसरा 10 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा।डीसीएस सर्वे के सुचारू संचालन के लिए जिले के सभी तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, हल्का पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी तथा उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। संबंधित मैदानी अमले को सर्वे की प्रक्रिया, मोबाइल एप के उपयोग, सत्यापन तथा गुणवत्तापूर्ण सर्वे के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।आगामी धान खरीदी की प्रक्रिया में डिजिटल क्रॉप सर्वे से प्राप्त जानकारी का उपयोग किया जाना है। ऐसे में खेत, खसरा और फसल से संबंधित जानकारी का सही एवं प्रमाणिक रूप से दर्ज होना बेहद महत्वपूर्ण है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने सर्वेयरों तथा संबंधित विभागीय मैदानी अमले को किसानों के खेतों में पहुंचकर वास्तविक फसल का सर्वे करने, जानकारी सावधानीपूर्वक दर्ज करने तथा निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को आगामी धान खरीदी में किसी प्रकार की परेशानी न हो और फसल संबंधी अभिलेखों में पारदर्शिता बनी रहे।
- बिलासपुर / जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के अंतर्गत जिले के 5 पीएमश्री विद्यालयों में 31 मार्च 2027 तक अंशकालिक स्पेशल एजुकेटर की नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन के तहत प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद पात्र एवं अपात्र आवेदकों की सूची जारी की गई है।पात्र एवं अपात्र आवेदकों की सूची का अवलोकन जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, जिला पंचायत भवन, द्वितीय तल, बिलासपुर तथा जिले की वेबसाइट डबल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट बिलासपुर डॉट जीओवी डॉट इन पर किया जा सकता है।जारी सूची के संबंध में आवेदक 20 अगस्त से 24 अगस्त 2026 तक कार्यालयीन दिवस एवं समय में लिखित दावा-आपत्ति उचित दस्तावेजों के साथ जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, जिला पंचायत भवन, द्वितीय तल, बिलासपुर में प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित अवधि के बाद प्राप्त होने वाली दावा-आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
- -प्रभारी सचिव ने विभागवार योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की-बायोमेट्रिक अटेंडेंस और ई-ऑफिस का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश-जैविक खेती और बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर दिया जोरबिलासपुर / वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने बुधवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागवार योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य हासिल करने से नहीं, बल्कि आम लोगों और हितग्राहियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने से तय होती है। बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।प्रभारी सचिव श्री पिंगुआ ने कहा कि आमतौर पर सरकारी योजनाओं को पूरा करते समय हम भौतिक और वित्तीय लक्ष्य पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि लोगों को उससे मिलने वाली सुविधा और सुशासन कई बार उपेक्षित रह जाता है। समय बदल रहा है और अब इस दिशा में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं पर काम करते समय स्वयं को केवल विभागीय दायरे तक सीमित न रखें, बल्कि लोगों और हितग्राहियों से सीधे संवाद कर यह जानने का प्रयास करें कि योजनाओं का वास्तविक लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त फीडबैक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में सुधार का अवसर मिलता है।प्रभारी सचिव ने सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को अपने कार्यों का स्व-मूल्यांकन करने और आम लोगों के साथ विनम्र व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बायोमेट्रिक अटेंडेंस की भी समीक्षा की और सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को इसका अनिवार्य रूप से पालन करने को कहा। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचकर निर्धारित समय में कार्य करें तो कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और देर रात तक कार्यालय में बैठने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने समस्त शासकीय पत्राचार ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से करने के निर्देश दिए।कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिले में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों द्वारा नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग भी बढ़ रहा है। श्री पिंगुआ ने जिले में बीज उत्पादन को बढ़ावा देकर बीज के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने की प्रगति की भी जानकारी ली।पशु चिकित्सा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में अब तक 14 गोधामों को मंजूरी मिल चुकी है। प्रत्येक गोधाम में 200 पशुओं को रखने की क्षमता है। हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा करते हुए श्री पिंगुआ ने कहा कि केवल निःशुल्क सामग्री अथवा सहायता उपलब्ध कराना योजनाओं का अंतिम उद्देश्य नहीं होना चाहिए। योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद हितग्राहियों के जीवन स्तर में वास्तविक बदलाव दिखाई देना चाहिए।स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में प्रभारी सचिव ने जिले में मलेरिया की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अब तक मलेरिया के 61 पॉजिटिव मरीज मिले हैं, जिनमें से तीन का उपचार चल रहा है और शेष मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए मितानिनों के पास आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने सभी ग्रामों में भू-जल संरक्षण के लिए इंजेक्शन वेल निर्माण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 275 इंजेक्शन वेल संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। प्रभारी सचिव ने कहा कि इन संरचनाओं का प्रभाव आगामी गर्मी के मौसम में भू-जल संरक्षण के रूप में दिखाई देना चाहिए।स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले के सभी बच्चों को पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश वितरित किए जा चुके हैं। मध्यान्ह भोजन योजना की 67 प्रतिशत उपलब्धि को प्रभारी सचिव ने अपर्याप्त बताते हुए इसमें सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं के नियमित पर्यवेक्षण और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर दिया।प्रभारी सचिव ने शहर के बीच से प्रवाहित अरपा नदी के जीर्णोद्धार एवं पुनरुद्धार के लिए संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने शहर में बढ़ते यातायात दबाव और जाम की स्थिति को कम करने के लिए किए जा रहे उपायों की भी समीक्षा की तथा प्रभावी एवं दीर्घकालिक समाधान पर जोर दिया।बैठक में सीएम हेल्पलाइन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में अब तक करीब 11 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत का निराकरण किया जा चुका है। सर्वाधिक शिकायतें बिजली, राजस्व और नगर निगम से संबंधित हैं। प्रभारी सचिव ने लंबित आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।श्री पिंगुआ ने वीबी रामजी योजना के ग्रामीण विकास के लिए बेहतर उपयोग पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि जिले के साढ़े चार सौ से अधिक ग्रामों में 900 से ज्यादा कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। उन्होंने स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।प्रभारी सचिव ने शहर में लगभग 13 एकड़ क्षेत्र में 120 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नालंदा परिसर की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसका निर्माण निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक के अंत में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने प्रभारी सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों का जिले में पूरी गंभीरता और प्राथमिकता के साथ पालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
- दुर्ग / आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) भिलाई में विगत दिवस नव प्रवेशित प्रशिक्षणार्थियों के लिए दो दिवसीय ‘नव कौशल पथ-नई राह, नया हुनर’ इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को संस्थान के नियम-अनुशासन, प्लेसमेंट, अप्रेंटिसशिप, डिप्लोमा में लेटरल एंट्री, ओजेटी एवं सीबीटी परीक्षा प्रक्रिया की जानकारी दी गई।आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था भिलाई से प्राप्त जानकारी अनुसार करियर गाइडेंस एवं जॉब मार्केट ओरिएंटेशन के दौरान विशेषज्ञों ने बदलते रोजगार बाजार, प्रभावी बायोडाटा-सीवी, संचार एवं साक्षात्कार कौशल तथा आवश्यक सॉफ्ट स्किल्स पर मार्गदर्शन दिया। पूर्व सफल प्रशिक्षणार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा कर विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर सोनल डेविड सहित रोजगार विभाग, उद्योग एवं एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम प्राचार्य टी.एस. तवर के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
- -ग्राम पंचायतों में रोजगार और श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देशमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने बुधवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में वीबीजी रामजी के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री लंगेह ने मुक्तिधाम, बालिका शौचालय एवं डिफंक्ट बोरवेल से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि इन कार्यों की सात दिवस के भीतर लक्ष्य के अनुसार स्वीकृति की प्रक्रिया पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि स्वीकृति के बाद कार्यों को तत्काल प्रारंभ कराया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों को समय पर मिल सके। उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों में वीबीजी रामजी के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराने तथा श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध मानव संसाधन का अधिकतम उपयोग करते हुए कार्यों में गति लाई जाए। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना तैयार कर पांच दिवस के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।बैठक में कलेक्टर ने वीबी जी रामजी के अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रस्तावित कार्यों की पंचायतवार स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने तथा कार्यों की प्रगति में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित हो और स्वीकृत कार्य निर्धारित समय में धरातल पर दिखाई दें।प्रधानमंत्री आवास योजना की भी हुई समीक्षाबैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री लंगेह ने स्वीकृत सभी आवासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से अप्रारंभ आवासों को तत्काल प्रारंभ कर निर्माण कार्य पूर्ण कराने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से आवास निर्माण की नियमित निगरानी करने और हितग्राहियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने को कहा, ताकि पात्र परिवारों को समय पर पक्का आवास मिल सके।कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री अनुपमा आनंद, सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं सहायक परियोजना अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
- राजनांदगांव । सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुमरदा में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 80 गंभीर, अति गंभीर तथा मध्यम श्रेणी के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक स्वास्थ्य जांच की गई। बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण कर चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक उपचार संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर के सफल आयोजन में हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम एवं एम्स रायपुर के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर का विशेष सहयोग रहा। इसके साथ ही जन औषधि केंद्र छुरिया के सहयोग से बच्चों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक परामर्श एवं उपचार संबंधी सेवाएं प्रदान की गईं। विभागीय टीम द्वारा बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई तथा जरूरत के अनुसार दवाइयां उपलब्ध कराई गई। शिविर के माध्यम से गंभीर एवं कुपोषण की श्रेणी में आने वाले बच्चों की समय पर पहचान, स्वास्थ्य जांच तथा आवश्यक उपचार एवं पोषण संबंधी सेवाएं सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एएनएम, मेडिकल ऑफिसर एवं फार्मासिस्ट उपस्थित थे।
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- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से मिली प्रेरणा
- प्रतिदिन औसतन 10 यूनिट बिजली का उत्पादन
राजनांदगांव । जिले के ग्राम पुरैना निवासी श्री भोलानाथ वर्मा ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाते हुए अपने घर पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया है। सोलर प्लांट लगने के बाद वे बिजली के उपभोक्ता होने के साथ-साथ बिजली का उत्पादन करने वाले उत्पादक भी बन गए हैं। बरसात के दिनों में भी उनके सोलर प्लांट से प्रतिदिन औसतन लगभग 10 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। श्री भोलानाथ वर्मा ने बताया कि उनके घर की बिजली खपत सोलर प्लांट से होने वाले उत्पादन की तुलना में कम है। इससे उन्हें बिजली बिल में राहत मिल रही है और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने का अवसर भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले वे केवल बिजली के उपभोक्ता थे, लेकिन सोलर प्लांट लगाने के बाद अब वे बिजली का उत्पादन कर उसका उपयोग करने के साथ अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर एक तरह से उत्पादक की भूमिका भी निभा रहे हैं।
श्री भोलानाथ वर्मा ने कहा कि सौर ऊर्जा स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा का माध्यम है। सोलर ऊर्जा को अपनाने से प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी और इसका सकारात्मक प्रभाव मिट्टी, कृषि एवं फसल उत्पादन पर भी पड़ेगा। उन्होंने सौर ऊर्जा को भविष्य की जरूरत बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इसे अपनाने की अपील की। श्री वर्मा ने बताया कि सोलर प्लांट स्थापना के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कुल 1 लाख 8 हजार रूपए की अनुदान राशि का प्रावधान है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रूपए तथा राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रूपए की सहायता राशि शामिल है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा दी जा रही यह महत्वपूर्ण सहायता आम लोगों के लिए सौर ऊर्जा अपनाने का बेहतर अवसर है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने घरों को स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा से जोड़ें। उन्होंने सोलर प्लांट लगाने में सहायता राशि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। इस योजना से आम नागरिकों को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देने का अवसर मिल रहा है। - - सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ा नागरिकों का रूझान, बिजली बिल में राहत के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा जिलाराजनांदगांव । प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में राजनांदगांव जिले ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 5 हजार सौर कनेक्शन पूर्ण कर लिए हैं। योजना के माध्यम से जिले के घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इससे जहां घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिल रही है, वहीं स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देकर जिले को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को अपने घर की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को केंद्र एवं राज्य शासन की ओर से अनुदान एवं प्रोत्साहन का लाभ दिया जा रहा है। शासन की इस पहल से जिले में नागरिकों का रूफटॉप सोलर के प्रति रूझान लगातार बढ़ रहा है।जिले के 5 हजार परिवारों तक पहुंचा सौर ऊर्जा का लाभ -राजनांदगांव जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। ग्राम पंचायतों, नगरीय क्षेत्रों तथा विभिन्न माध्यमों से नागरिकों को योजना के लाभ, आवेदन प्रक्रिया, सोलर संयंत्र की उपयोगिता तथा अनुदान की जानकारी दी जा रही है। इसके परिणामस्वरूप जिले में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने योजना के तहत आवेदन कर अपने घरों पर सोलर संयंत्र स्थापित कराए हैं। जिले में 5 हजार सोलर कनेक्शन पूर्ण होना सौर ऊर्जा को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। योजना से लाभान्वित परिवार अपनी घरेलू बिजली जरूरतों को सौर ऊर्जा से पूरा करने के साथ अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी कर रहे हैं। इससे पारंपरिक विद्युत स्रोतों पर निर्भरता कम होने के साथ बिजली खर्च में भी कमी आ रही है।केंद्र और राज्य शासन से मिल रहा अनुदान -प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत हितग्राहियों को सोलर संयंत्र की क्षमता के अनुसार केंद्र शासन की ओर से सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाता है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भी पात्र हितग्राहियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जा रहा है। केंद्र एवं राज्य शासन से मिलने वाली सहायता के माध्यम से हितग्राहियों को कम लागत में अपने घर पर सोलर संयंत्र स्थापित करने का अवसर मिल रहा है। सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद कई परिवारों के बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है। वहीं, सौर संयंत्र से घरेलू खपत से अधिक बिजली उत्पादित होने पर अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने की सुविधा का भी लाभ मिल रहा है। इस प्रकार योजना के माध्यम से घरेलू उपभोक्ता बिजली का उपयोग करने के साथ उसके उत्पादन में भी सहभागी बन रहे हैं।बिजली उपभोक्ता के साथ उत्पादक भी बन रहे नागरिक -प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके माध्यम से घरेलू बिजली उपभोक्ता बिजली उत्पादक की भूमिका में भी आ रहे हैं। घर की छत पर स्थापित सोलर पैनल से उत्पादित बिजली का उपयोग घरेलू आवश्यकताओं के लिए किया जाता है तथा अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजा जा रहा है। इससे घरेलू स्तर पर ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने, पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण में भी सौर ऊर्जा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।जनजागरूकता से योजना को मिल रही गति -जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों द्वारा मैदानी स्तर पर योजना की प्रगति की समीक्षा की जा रही है तथा लंबित आवेदनों, सोलर संयंत्र स्थापना और अनुदान भुगतान की प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। जिले में सूर्य सभा सहित विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को योजना के लाभ और प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। इन प्रयासों से नागरिकों में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता और विश्वास बढ़ा है। नागरिकों को यह भी बताया जा रहा है कि सौर ऊर्जा बिजली बिल में कमी लाने के साथ भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल विकल्प है।स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा की दिशा में मजबूत पहल -प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 5 हजार सोलर कनेक्शन पूर्ण होना राजनांदगांव जिले में स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में परिवारों को आर्थिक राहत मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। आने वाले समय में सौर ऊर्जा से जुडऩे वाले परिवारों की संख्या बढऩे के साथ बिजली की बचत, घरेलू अर्थव्यवस्था में राहत और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। घरों की छतों पर स्थापित हो रहे सोलर संयंत्र राजनांदगांव जिले को स्वच्छ, हरित और ऊर्जा आत्मनिर्भर भविष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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- राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में राजस्व कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के साथ ही प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं विधिसम्मत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए सर्वे कार्य को सही एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने कहा। उन्होंने नक्शा बटांकन कार्य में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। कम प्रगति वाली तहसीलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की और कार्य में तेजी लाकर निर्धारित समयावधि में लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्वामित्व योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आगामी 20 दिवस में योजना के तहत शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिले में अब तक कुल 352 ग्रामों के अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं। कलेक्टर ने शेष ग्रामों में अधिकार अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। स्वामित्व योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने पर लाल बहादुर नगर तहसीलदार श्री नीलकंठ जनबंधु, डोंगरगढ़ नायब तहसीलदार श्रीमती झरना राजपूत एवं श्री चिराग रामटेके के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का अधिकार अभिलेख प्राप्त होगा और इससे संपत्ति संबंधी विवादों के निराकरण में भी सहायता मिलेगी।
कलेक्टर ने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय भूमि की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण एवं विधिसम्मत निराकरण सुनिश्चित करने कहा। साथ ही लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने, अनावश्यक विलंब से बचने तथा राजस्व कार्यों की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नजूल अधिकारी श्री प्रकाश टंडन सहित जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित थे।




























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