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- -09 प्रकरणों में 16.66 लाख का अर्थदण्ड-त्योहारी सीजन को लेकर 17 से 23 अगस्त तक चलेगा बने खाबो, बने रहीबो 2.0 अभियानमहासमुंद / जिले में कलेक्टर श्री विनय कुमार के निर्देशानुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए 1 अप्रैल 2025 से 17 अगस्त 2026 तक निरंतर प्रवर्तन कार्यवाही की गई। इस दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।अभिहित अधिकारी श्री उमेश कुमार ने बताया कि उक्त अवधि में कुल 149 प्रवर्तन नमूने लिए गए तथा 29 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें से 09 प्रकरणों में न्यायनिर्णयन अधिकारी द्वारा निर्णय पारित करते हुए कुल 16,66,000 का अर्थदण्ड आरोपित किया गया। वहीं 03 प्रकरणों में अपराधों के शमन हेतु कुल 40,100 की राशि संदत्त कराई गई। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के उल्लंघन में पाए गए 05 खाद्य पदार्थों को जिले में विक्रय हेतु प्रतिषिद्ध किया गया।त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा 17 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक ‘बने खाबो, बने रहीबो 2.0 अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत मिठाई दुकानों, बेकरी, नमकीन प्रतिष्ठानों सहित त्योहारों से संबंधित अन्य खाद्य कारोबारों की सघन जांच एवं निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित निर्माण एवं भंडारण, लेबलिंग तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के पालन की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार प्रवर्तन एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री खरीदते समय विशेष सावधानी बरतें। खाद्य पदार्थ प्रतिष्ठित एवं अधिकृत दुकानों से ही खरीदें। पैकेज्ड खाद्य सामग्री लेते समय निर्माण एवं उपयोग की अंतिम तिथि, बैच नंबर, FSSAI लाइसेंस/पंजीयन तथा लेबल पर अंकित आवश्यक जानकारी अवश्य जांचें। नागरिक खुले में रखे, अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किए गए अथवा संदिग्ध रंग, गंध या गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सभी खाद्य कारोबारियों से भी अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों एवं विनियमों का पूर्णतः पालन करें और उपभोक्ताओं को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ ही उपलब्ध कराएं।
- -33 जिलों में उल्लास के साथ दर्ज हुईं 211 पक्षी प्रजातियांरायपुर /छत्तीसगढ़ में पर्यावरण, प्रकृति और जैव विविधता के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 14 से 16 अगस्त 2026 तक तीन दिवसीय 'हरेली बर्ड फेस्टिवल 2026' का भव्य आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक धरोहर व परिंदों की दुनिया को सहेजना, पक्षी संरक्षण को बढ़ावा देना और इको-टूरिज्म के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना हैl वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मार्गदर्शन तथा वन मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में यह आयोजन पूरे प्रदेश में व्यापक जनभागीदारी के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।हरेली बर्ड फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य केवल पक्षियों की गणना करना ही नहीं, बल्कि नागरिक विज्ञान (Citizen Science) के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पक्षी विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण करना था। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकपर्व हरेली के अवसर पर आयोजित इस अभियान ने स्थानीय लोगों, छात्रों और प्रकृति प्रेमियों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एकजुट किया।इस तीन दिवसीय अभियान के दौरान राज्य के सभी 33 जिलों में पक्षी अवलोकन गतिविधियों का आयोजन किया गया।अभियान में 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया और प्रदेश भर में कुल 45 'बर्ड वॉक' आयोजित किए गए। कोपरा जलाशय (रामसर साइट), चिच्छा वेटलैंड, बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य, अचानकमार टाइगर रिजर्व और नंदनवन जंगल सफारी सहित कई महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) और वन क्षेत्रों में सर्वे किया गयाl नंदनवन जंगल सफारी (नवा रायपुर) में दिव्यांगजनों के लिए विशेष 'बर्ड वॉक' का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया।नागरिक विज्ञान मंच eBird के माध्यम से राज्य भर से एकत्र किए गए आंकड़ों में छत्तीसगढ़ की समृद्ध पक्षी विविधता सामने आई है। 3 दिनों में कुल 954 eBird Checklists के जरिए 211 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया। सर्वे के दौरान पेंटेड स्टॉर्क (Painted Stork), रेड-नेप्ड आइबिस (Red-naped Ibis), कॉटन पिग्मी-गूज (Cotton Pygmy-Goose), इंडियन पैराडाइज-फ्लाईकैचर (Indian Paradise- Flycatcher) और ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो (Greater Racket-tailed Drongo) जैसी कई दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण प्रजातियां देखी गईं।यह अभियान केवल पक्षी अवलोकन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे स्थानीय समुदायों और आजीविका से भी जोड़ा गया। रायपुर जिले की ग्राम पंचायत मांढर के अड़बंधा तालाब में आयोजित कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली। यहाँ कलश स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित 'फूड कार्ट' स्थानीय समुदाय की पहल और आजीविका- संरक्षण के सुंदर समन्वय का उदाहरण बना।इस सफल आयोजन के बाद प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य में राज्य की महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों की नियमित निगरानी, 'पक्षी मित्र' नेटवर्क को मजबूत करने तथा स्कूलों एवं समुदायों के स्तर पर पर्यावरण जागरूकता गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा।
- रायपुर। नगरीय क्षेत्रों में अवैध कालोनियों के निर्माण पर प्रभावी रोक लगाने और नागरिकों के हितों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 तथा छत्तीसगढ़ नगरपालिका (कालोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बन्धन तथा शर्तें) नियम, 1998 में आवश्यक प्रावधान किए गए हैं। अधिनियम की धारा 339-क के तहत नगरपालिका परिषद अथवा नगर पंचायत क्षेत्र में भूमि को भूखण्डों में विभाजित कर 'कॉलोनी' विकसित करने वाले व्यक्ति का कालोनाइजर के रूप में पंजीयन अनिवार्य है। इसी प्रकार भवन अथवा अपार्टमेंट का निर्माण कर उसका विक्रय या अंतरण करने वाले भवन निर्माता के लिए भी पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त करना आवश्यक है।अवैध व्यपवर्तन अथवा अवैध 'कॉलोनी' निर्माण के मामलों में अधिनियम की धारा 339-ग के तहत तीन से सात वर्ष तक के कारावास तथा न्यूनतम एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा न्यायालय द्वारा प्रतिकर राशि का भुगतान करने का आदेश भी दिया जा सकता है। नियमों के अनुसार कालोनाइजर का पंजीयन प्रमाण-पत्र पांच वर्ष के लिए वैध होता है। प्रत्येक कालोनी के विकास कार्य और भूखण्डों के विक्रय के लिए सक्षम प्राधिकारी से पृथक विकास अनुमति लेना आवश्यक है। आवासीय कालोनियों में कुल भूमि का 15 प्रतिशत क्षेत्र आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है। साथ ही निर्धारित भूखण्डों को विकास कार्य पूर्ण होने तक नगरपालिका के पास बंधक रखना होता है।’भूखण्ड खरीदने से पहले दस्तावेजों की करें जांच’सूरजपुर जिला प्रशासन ने कालोनाइजरों एवं भवन निर्माताओं से सभी निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों से भी आग्रह किया है कि भूखण्ड या भवन खरीदने से पहले संबंधित नगरीय निकाय से कालोनाइजर का पंजीयन, विकास अनुमति, स्वीकृत ले-आउट तथा भूखण्ड की बंधक स्थिति की अनिवार्य रूप से जांच करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों की जागरूकता और दस्तावेजों की पूर्व जांच से अवैध कालोनियों एवं अनधिकृत निर्माण से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है। file photo
- राजनांदगांव । खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आगामी रक्षाबंधन पर्व को दृष्टिगत रखते हुए नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं मानक खाद्य पदार्थ की उपलब्ध कराने तथा मिलावटी, अमानक, मिथ्याछाप, भ्रामक रूप से प्रस्तुत एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 17 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक जिले में बने खाबो-बने रहिबो 2-0 के तहत सात दिवसीय सघन खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान का संचालन किया जा रहा है। अभियान के दौरान खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का जोखिम आधारित निरीक्षण, खाद्य पदार्थों की जांच, आवश्यकतानुसार नमूना संकलन, खाद्य पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला एवं स्रोत की ट्रेसिंग तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।डेयरी एनालॉग एवं भ्रामक रूप से प्रस्तुत खाद्य पदार्थों पर विशेष निगरानीराज्य शासन द्वारा उपभोक्ता को वास्तविक दुग्ध उत्पाद होने का आभास कराने वाले अमानकीकृत डेयरी एनालॉग अथवा गैर-दुग्ध किंतु दुग्ध-उत्पाद सदृश खाद्य पदार्थों के विनिर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे उत्पाद जिनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल अथवा अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का उपयोग किया जाता है अथवा जिनकी लेबलिंग, पैकेजिंग, प्रदर्शन या विक्रय की प्रस्तुति उपभोक्ताओं को भ्रमित करती है, अभियान के दौरान विशेष जांच के दायरे में रहेंगे। विशेष रूप से मावा, खोया, पनीर, दूध, घी, क्रीम, मक्खन, चीज के नाम पर विक्रय अथवा उपयोग की जा रही सामग्री की वास्तविक प्रकृति, प्रयुक्त सामग्री तथा उसके नाम एवं प्रस्तुतीकरण की जांच की जाएगी। यदि किसी उत्पाद को वास्तविक दुग्ध मिठाई के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा हो, किंतु उसमें दूध व दुग्ध घटकों के स्थान पर वनस्पति तेल, वनस्पति वसा अथवा अन्य गैर-दुग्ध घटकों का उपयोग पाया जाता है, तो उसकी श्रेणी, लेबलिंग एवं लागू नियामकीय प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।बिना लेबल एवं भ्रामक नाम से बिकने वाली मिठाइयों की होगी जांचअभियान के दौरान बिना उचित लेबल, बिना घटक विवरण अथवा भ्रामक नाम एवं प्रस्तुतीकरण के साथ विक्रय किए जाने वाले मिठाइयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कम लागत वाली अथवा अमानक मिठाई को किसी अन्य प्रसिद्ध एवं वास्तविक मिठाई के नाम से तैयार, पैक अथवा विक्रय किए जाने वाले मामलों की जांच की जाएगी। बल्क कंटेनर में रखी मिठाइयों पर नाम, अवयव अथवा आवश्यक पहचान संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में उसके विनिर्माता, स्रोत तथा फुटकर विक्रय हेतु आपूर्ति करने वाले प्रतिष्ठानों की भी जांच की जाएगी।सिर्फ खुदरा विक्रेता ही नहीं, पूरी आपूर्ति श्रृंखला की होगी जांचअभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सोर्स ट्रेसिंग पर रहेगा। ग्रामीण अथवा छोटे बाजारों में संदिग्ध मिठाइयां पाए जाने पर कार्रवाई केवल संबंधित खुदरा विक्रेता तक सीमित न रखकर उपलब्ध बिल, सप्लायर विवरण एवं अन्य अभिलेखों के आधार पर संबंधित निर्माता, थोक विक्रेता एवं वितरक तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। थोक बाजारों में विशेष रूप से खरीद-बिक्री के बिल व इनवॉइस, सप्लायर का विवरण, संबंधित ग्राहक अथवा गंतव्य का विवरण, बिना लेबल वाले मिठाई कंटेनर तथा संदिग्ध मिठाइयों के स्रोत की जांच की जाएगी।होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा एवं स्ट्रीट फूड प्रतिष्ठान भी जांच के दायरे मेंअभियान के दौरान होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा एवं स्ट्रीट फूड प्रतिष्ठानों में उपयोग की जा रही मक्खन, क्रीम, चीज, पनीर सहित अन्य सामग्री की भी जांच की जाएगी। संदिग्ध गैर-दुग्ध किंतु दुग्ध उत्पाद सदृश खाद्य सामग्री पाए जाने पर उसके सप्लायर एवं स्रोत की जानकारी प्राप्त कर आवश्यकतानुसार नमूना संकलन एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में होगी सघन कार्रवाईअभियान अंतर्गत शहरी थोक खाद्य एवं मिठाई बाजारों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की मिठाई दुकानों, छोटे कन्फेक्शनरी कारोबारियों, अस्थायी व मौसमी मिठाई विक्रेताओं, स्थानीय वितरकों, साप्ताहिक बाजार एवं हाट में मिठाई विक्रेताओं तथा त्योहार के दौरान अस्थायी रूप से खाद्य व्यवसाय करने वाले कारोबारियों की जांच की जाएगी। बिना आवश्यक खाद्य पंजीयन व लाइसेंस के व्यवसाय करने वाले अस्थायी खाद्य कारोबारियों की भी जांच की जाएगी। निर्माण स्थल की स्वच्छता, प्रयुक्त कच्ची सामग्री, मावा, खोया, पनीर, दूध, घी, तेल सहित अन्य सामग्री की गुणवत्ता एवं स्रोत तथा तैयार खाद्य पदार्थों की वास्तविक प्रकृति की जांच की जाएगी।नमूना संकलन एवं वैधानिक कार्रवाईनिरीक्षण के दौरान यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट, अमानकता, मिथ्याछाप अथवा उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाली जानकारी व प्रस्तुतीकरण पाए जाने पर नियमानुसार नमूना संकलित कर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा जाएगा। उपलब्ध तथ्यों एवं जांच निष्कर्षों के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 तथा उसके अधीन बनाए गए नियमों, विनियमों और लागू आदेश व अधिसूचनाओं के प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता होने पर संबंधित खाद्य पदार्थ को रोकने, हटाने, जब्ती, नमूना संकलन एवं अन्य विधिसम्मत कार्रवाई भी की जाएगी।खाद्य कारोबारियों से अपीलखाद्य एवं औषधि प्रशासन राजनांदगांव द्वारा जिले के समस्त खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने, खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय में गुणवत्तापूर्ण कच्ची सामग्री का उपयोग करने, आवश्यक खाद्य लाइसेंस व पंजीयन प्राप्त करने, निर्धारित लेबलिंग एवं घटक विवरण का पालन करने तथा उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले नाम, दावे अथवा प्रस्तुतीकरण से बचने की अपील की गई है। खाद्य कारोबारियों को उनके द्वारा खरीदी गई खाद्य सामग्री का आवश्यकता पडऩे पर खाद्य पदार्थ की आपूर्ति श्रृंखला का सत्यापन करने के लिए उचित बिल एवं स्रोत संबंधी अभिलेख उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।नागरिकों से सहयोग की अपीलखाद्य एवं औषधि प्रशासन राजनांदगांव द्वारा नागरिकों से मिठाई एवं अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं लेबल संबंधी जानकारी पर ध्यान देने की अपील की गई है। अत्यधिक संदिग्ध, बिना लेबल अथवा भ्रामक नाम से विक्रय किए जा रहे खाद्य पदार्थों के संबंध में विभाग को जानकारी देकर खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग करने का आग्रह किया गया है।
- - कलेक्टर की अध्यक्षता में दिग्विजय स्टेडियम प्रबंधकारिणी समिति की बैठक संपन्न- स्टेडियम समिति की बैठक में आय के नए स्रोत विकसित करने, खेल सुविधाओं के विस्तार और अधोसंरचना को बेहतर बनाने पर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयराजनांदगांव । कलेक्टर एवं अध्यक्ष दिग्विजय स्टेडियम समिति राजनांदगांव श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में सोमवार को स्टेडियम कॉन्फ्रेंस हॉल में स्टेडियम प्रबंधकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिग्विजय स्टेडियम के बेहतर संचालन, खेल सुविधाओं के विस्तार, अधोसंरचना विकास, आय के नए स्रोत विकसित करने तथा खिलाडिय़ों के लिए सुविधाओं को और बेहतर बनाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम को केवल खेल आयोजन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि एक सर्वसुविधायुक्त खेल परिसर के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए यहां संचालित खेल गतिविधियों को व्यवस्थित करने के साथ ही नए खेलों को जोडऩे, खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने तथा स्टेडियम की आय के स्रोत बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। कलेक्टर ने कहा कि राजनांदगांव में विभिन्न खेलों के प्रतिभाशाली खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक उपलब्ध हैं। उनके अनुभव का लाभ लेकर स्टेडियम में अलग-अलग खेलों की गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जा सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी प्रशिक्षण शिविरों से जोड़कर उन्हें खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। कलेक्टर ने विशेष रूप से वेटलिफ्टिंग क्षेत्र को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव के खिलाडिय़ों ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वेटलिफ्टिंग क्षेत्र को आधुनिक एवं आकर्षक स्वरूप देकर खिलाडिय़ों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराने तथा कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्टेडियम की आय बढ़ाने के लिए विज्ञापन एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की संभावनाओं का परीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टेडियम के प्रमुख स्थानों एवं हाईवे से जुड़े हिस्सों में विज्ञापन संरचनाओं के माध्यम से आय प्राप्त करने की संभावना का परीक्षण किया जाए। साथ ही दुकानों के किराए की नियमित समीक्षा एवं वृद्धि की व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि स्टेडियम समिति की आय में निरंतर वृद्धि हो सके। दुकानों की स्थिति एवं सुविधाओं को बेहतर बनाकर किराए में वृद्धि करने तथा भविष्य में किराए में नियमित वार्षिक वृद्धि की व्यवस्था पर भी विचार किया गया।कलेक्टर ने स्टेडियम परिसर के शौचालयों को अत्याधुनिक एवं बेहतर सुविधाओं के अनुरूप निर्माण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि केवल निर्माण कर देने से व्यवस्था पूरी नहीं होती, बल्कि नियमित साफ-सफाई एवं रखरखाव भी जरूरी है। शौचालयों के निर्माण के साथ नियमित साफ-सफाई एवं रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि समिति की बैठकों में आय और व्यय का पूरा विवरण नियमित रूप से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इससे कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और समिति के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होगा। कलेक्टर ने कहा कि स्टेडियम की संपत्ति एवं स्थानों का उपयोग निर्धारित नियमों एवं वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। संबंधित संस्थाओं के साथ आवश्यक दस्तावेजों की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पिछली बैठक में स्वीकृत निर्माण कार्यों पर हुए व्यय का अनुमोदन भी किया गया। स्टेडियम परिसर में स्थित 500 केवी जनरेटर की मरम्मत कराने का प्रस्ताव अनुमोदित किया गया। मैदान के चारों टावरों की लाइटों को बदलने का निर्णय लिया गया तथा हटाई जाने वाली लाइटों का उपयोग हॉकी स्टेडियम में करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। स्टेडियम की प्रमुख गैलरी में शेड एवं सोलर पैनल लगाने तथा ड्रेसिंग रूम निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। स्टेडियम परिसर में खिलाडिय़ों एवं आगंतुकों के लिए बेहतर खान-पान की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।बैठक में राज्य क्रिकेट संघ द्वारा आगामी अक्टूबर एवं जनवरी माह में प्रस्तावित रणजी ट्रॉफी मैचों के आयोजन के संबंध में दिए गए प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गई। सितंबर माह तक स्टेडियम के मैदान एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार करने का निर्णय लिया गया, ताकि सितंबर में निरीक्षण के लिए आने वाले बीसीसीआई के प्रतिनिधिमंडल को रणजी ट्रॉफी मैचों के आयोजन के लिए आवश्यक सुविधाओं से अवगत कराया जा सके। स्टेडियम में नए खेलों को बढ़ावा देने के संबंध में भी चर्चा की। बॉलिंग जैसे खेलों की सुविधा विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। साथ ही विभिन्न खेलों के लिए कोचिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय प्रशिक्षकों की सेवाओं का उपयोग करते हुए नियमित प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का सुझाव दिया गया। स्टेडियम परिसर में उपलब्ध स्थानों एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा उपयोग किए जा रहे स्थानों की समीक्षा भी की गई। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समिति के सदस्यों द्वारा स्टेडियम के विकास के संबंध में विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर विधायक खुज्जी श्री भोलाराम साहू, विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती हर्षिता बघेल, महापौर एवं उपाध्यक्ष दिग्विजय स्टेडियम समिति श्री मधुसूदन यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, विधायक प्रतिनिधि श्री संतोष अग्रवाल, सचिव श्री रमेश पटेल, श्री कुतुबुद्दीन सोलंकी, श्री रमेश डाकलिया, सांसद प्रतिनिधि श्री हरीश शर्मा, आयुक्त नगर पालिक निगम श्री जीआर मरकाम, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल एवं सहसचिव श्री योगेश बागड़ी उपस्थित थे।
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राजनांदगांव । राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गृह मंत्रालय नई दिल्ली, छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राजनांदगांव के संयुक्त तत्वावधान में 20 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे राजनांदगांव शहर के रानीसागर तालाब लाल बाग वाईडनर स्कूल के आगे राजनांदगांव में बाढ़ आपदा पर मॉक ड्रील का आयोजन किया गया है। आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने तथा नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से मॉर्क ड्रील आयोजित की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से अभ्यास के दौरान शांति बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की घबराहट से बचने, अफवाहों से बचने एवं दूसरों को सही जानकारी प्रदान करने, मॉक ड्रील में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।
- -भाजपा के पुराने कार्यक्रम के वीडियो को स्वतंत्रता दिवस का बताकर भ्रामक दुष्प्रचार करने वाले कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर की मांग, सिविल लाइंस थाने में सौंपा पत्ररायपुर। कांग्रेस नेताओं द्वारा भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रम के पुराने वीडियो को स्वतंत्रता दिवस के दिन का बताकर सोशल मीडिया पर भ्रामक व विद्वेषपूर्ण दुष्प्रचार करने के मामले में भाजपा प्रतिनिधि मणडल ने सोमवार को सिविल लाइंस पुलिस थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही व एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। प्रतिनिधि मण्डल में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक, डॉ. किरण बघेल, राजीव चक्रवर्ती, प्रदेश मीडिया सह संयोजक राहुल राय, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष कृतिका जैन, भाजयुमो जिला अध्यक्ष अर्पित सूर्यवंशी, किसान मोर्चा उपाध्यक्ष राहुल राव, युवा मोर्चा मीडिया प्रभारी वासु शर्मा शामिल थे।भाजपा प्रतिनिधि मण्डल द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर तथा एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल @GenZ_of_India द्वारा कुरुद (जिला धमतरी) में 22 मार्च 2026 को आयोजित 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान' के दौरान पार्टी ध्वज फहराए जाने के फोटो एवं वीडियो को जानबूझकर 15 अगस्त 2026 (स्वतंत्रता दिवस) का बताकर प्रसारित किया गया। उक्त हैंडल्स द्वारा यह झूठा दावा किया गया कि भाजपा जनप्रतिनिधियों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के स्थान पर पार्टी का झंडा फहराया गया है। इस तरह स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर पुराने व असंबद्ध वीडियो को नए संदर्भ में प्रस्तुत कर जनता के बीच भ्रम, राजनीतिक तनाव और ।अशांति फैलाने का दुर्भावनापूर्ण प्रयास किया गया है।भाजपा प्रतिनिधि मण्डल ने भड़काऊ व असत्य सामग्री प्रसारित करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2), 196, 197 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पुलिस प्रशासन से उक्त पोस्ट्स के डिजिटल साक्ष्य, मूल मेटा डेटा और अपलोडिंग विवरण को सुरक्षित करते हुए भ्रामक हैंडलर्स और इसके पीछे की साजिश की तकनीकी जाँच करने का आग्रह किया गया। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल एवं संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से इस प्रकार की भ्रामक सामग्री को तत्काल हटाने व संबंधित हैंडल्स पर रोक लगाने की मांग भी की गई है। भाजपा प्रतिनिधि मण्डल ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को ठेस पहुँचाना और सुनियोजित तरीके से समाज में तनाव पैदा करना अक्षम्य अपराध है। पार्टी ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष व त्वरित जाँच कर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
- - पितृ पुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर नमन कियारायपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद रूपकुमारी चौधरी और भाजपा सोशल मीडिया के नवनियुक्त राष्ट्रीय संयोजक व छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन दीपक म्हस्के ने अपनी नियुक्ति के तुरंत बाद भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) पहुँचकर स्मृति मंदिर में पूजा अर्चना कर भाजपा के पितृ पुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करके उनको नमन किया।भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद रूपकुमारी चौधरी ने अपनी नियुक्ति पर केंद्रीय नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त किया है। श्रीमती चौधरी ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने एक साधारण कार्यकर्ता पर जो अटूट विश्वास जताया है, वे पूरी निष्ठा, परिश्रम और समर्पण के साथ उस पर खरा उतरने का प्रयास करेंगी। राष्ट्रीय स्तर पर मातृशक्ति का नेतृत्व करने का सुअवसर प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित केन्द्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व का आभार मानते हुए श्रीमती चौधरी ने नारी सशक्तीकरण से जुड़ी कार्ययोजना और प्राथमिकताओं की चर्चा की और कहा कि प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने में मातृशक्ति की भूमिका सबसे अहम है। महिला मोर्चा न केवल संगठन के विचारों को जन-जन तक पहुँचाएगा, बल्कि देश की हर महिला के स्वाभिमान, स्वावलम्बन और सुरक्षा के लिए निरंतर अग्रसर रहेगा।भारतीय जनता पार्टी सोशल मीडिया के नवनियुक्त राष्ट्रीय संयोजक एवं छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष दीपक म्हस्के ने नई संगठनात्मक जिम्मेदारी मिलने पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। श्री म्हस्के ने कहा कि संगठन ने जो विश्वास उन पर जताया है, वे उस पर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ खरा उतरने का प्रयास करेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश भाजपा संगठन के प्रति आभार व्यक्त किया और आगामी संगठनात्मक लक्ष्यों और डिजिटल संचार तंत्र को मजबूत करने की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज का युग सूचना और डिजिटल क्रांति का है। भाजपा का सोशल मीडिया विभाग केवल सूचनाएँ साझा करने का जरिया नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच एक सशक्त सेतु की तरह कार्य करेगा।भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में महिला मोर्चा की नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी एवं भाजपा सोशल मीडिया के नवनियुक्त राष्ट्रीय संयोजक दीपक म्हस्के का ढोल-नगाड़ा बजाकर स्वागत किया गया।इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, प्रदेश मंत्री अमित साहू, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, जिला अध्यक्ष रायपुर शहर रमेश सिंह ठाकुर, महासमुंद जिला अध्यक्ष येतराम, महिला आयोग अध्यक्ष ममता साहू, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल, उज्ज्वल दीपक, सोशल मीडिया प्रदेश संयोजक मितुल कोठारी, आईटी प्रदेश संयोजक सुनील पिल्लई, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष कृतिका जैन, संदीप उपारकर, आदित्य कुरील सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- *सरगुजा कुश्ती संघ के तत्वावधान में हुआ आयोजन, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने पहलवानों का बढ़ाया उत्साह*रायपुर । नागपंचमी के पावन अवसर पर अंबिकापुर में सरगुजा कुश्ती संघ के तत्वावधान में भव्य दंगल कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मल्टीपर्पज स्कूल मैदान में आयोजित इस प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों से आए पहलवानों ने अपने शानदार दांव-पेंच और दमखम का प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित किया।प्रतियोगिता के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सहभागिता कर पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों के बीच पहुंचकर उनके खेल प्रदर्शन की सराहना की तथा विजेता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को शील्ड एवं पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि कुश्ती हमारी समृद्ध पारंपरिक खेल संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से हमारी पारंपरिक खेल विधाओं को नई पहचान और प्रोत्साहन मिलता है। साथ ही युवाओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने, अनुशासन अपनाने और खेलों के माध्यम से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक एवं पारंपरिक खेल संस्कृति को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी को इससे जोड़ने के लिए ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है। कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल युवाओं में आत्मविश्वास, साहस, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं।मंत्री श्री अग्रवाल ने नागपंचमी के पावन अवसर पर दंगल कुश्ती प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सरगुजा कुश्ती संघ के पदाधिकारियों एवं आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आयोजकों का यह प्रयास पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी खेल क्षमता प्रदर्शित करने का बेहतर अवसर प्रदान करता है।नागपंचमी के अवसर पर आयोजित इस दंगल प्रतियोगिता को देखने के लिए बड़ी संख्या में खेलप्रेमी और नागरिक मल्टीपर्पज स्कूल मैदान पहुंचे। पहलवानों के रोमांचक मुकाबलों के दौरान दर्शकों ने उत्साहपूर्वक उनका हौसला बढ़ाया। सरगुजा कुश्ती संघ द्वारा प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। प्रतियोगिता ने अंबिकापुर में पारंपरिक खेलों के प्रति लोगों के उत्साह को भी प्रदर्शित किया और नागपंचमी के अवसर को खेल एवं सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ते हुए आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार श्री रमेश शर्मा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री रमेश शर्मा ने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका योगदान और समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता सदैव स्मरणीय रहेगी।मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों एवं शुभचिंतकों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति और संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।
- -मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक संपन्नरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (सीजीसीडीएफ) की राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में डेयरी क्षेत्र का समग्र विकास, दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि, महिला दुग्ध उत्पादकों की भागीदारी बढ़ाना और दुग्ध संग्रहण व विपणन अधोसंरचना को मजबूती प्रदान करना रहा।बस्तर संभाग के सात जिलों में बड़ी संख्या में ग्रामीण व अनुसूचित जनजाति परिवार पशुपालन से जुड़े हैं। क्षेत्र में लगभग 88ः गायें स्थानीय नस्ल की हैं। दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने के लिए पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य, नस्ल सुधार और वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।एनडीडीबी के सहयोग से जून 2025 से सरगुजा संभाग के जशपुर (2 हजार लीटर क्षमता) और बलरामपुर (5 हजार लीटर क्षमता) में चिलिंग सेंटर शुरू किए गए हैं। वर्तमान में 45 मिल्क कलेक्शन सेंटर्स के माध्यम से रोजाना लगभग 3,500 लीटर दूध एकत्र किया जा रहा है, जिससे 1500 से अधिक महिला उत्पादक जुड़ी हैं।परियोजना के तहत दुग्ध उत्पादकों के बिल का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जा रहा है, जिससे महिलाओं को नियमित आय मिल रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है।बैठक में पिछली बैठकों की कार्रवाई रिपोर्ट, मानव संसाधन चुनौतियों, भौतिक-वित्तीय प्रगति और डेयरी समग्र विकास योजना की समीक्षा की गई। इस अवसर पर अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित आयुक्त सहकारिता श्री रमेश कुमार शर्मा सहित राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के अधिकारी एवं सहकारी विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और फेडरेशन के अन्य सदस्य शामिल हुए।
- रायपुर । हज 2027 में हजयात्रा पर जाने वाले हज यात्रियों की सहायता के राज्य हज निरीक्षक हेतु ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमेन मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने बताया कि, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया मुंबई के सर्कुलर अनुसार हज 2027 के हज यात्रियों के सहायतार्थ, राज्य हज निरीक्षक (स्टेट हज इंस्पेक्टर) के ऑनलाइन आवेदन पत्र दिनांक 13 अगस्त 2026 से दिनांक 27 अगस्त 2026 तक आमंत्रित किये गए है।छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के सेचिव से प्राप्त जानाकरी के अनुसार राज्य हज निरीक्षक हेतु निर्धारित अहर्ता एवं नियमावली का सम्पूर्ण विवरण, हज कमेटी की वेबसाइटwww.hajcommittee.gov.inमें सर्कुलर 07 पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी मुखर्जी बाड़ा बैरन बाजार रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-4266646 पर संपर्क किया जा सकता है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर डीकेएस अस्पताल रायपुर में हुआ सफल उपचार-आर्थिक तंगी बनी थी इलाज में बाधा, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने बढ़ाया मदद का हाथ-स्वस्थ होकर मुख्यमंत्री से मिले अविनाश, कहा - मुश्किल समय में मिली मदद ने बदल दी जिंदगीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल जरूरतमंद परिवारों के जीवन में आशा और विश्वास का संचार कर रही है। बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के साथ ही गंभीर बीमारी से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार सहायता दी जा रही है। इसी संवेदनशील पहल से फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी निवासी 21 वर्षीय अविनाश नायक का रायपुर के डीकेएस अस्पताल में सफल उपचार संभव हो सका है।स्वस्थ होने के बाद अविनाश आज मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया पहुंचे और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। अविनाश ने मुख्यमंत्री को बताया कि उपचार के बाद उनकी स्थिति में काफी सुधार आया है और अब वे पहले की तुलना में कहीं अधिक सहजता से चलने-फिरने के साथ अपने दैनिक कार्य कर पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनके स्वस्थ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की कामना की।अविनाश नायक को जन्म से ही बाएं पैर के अंगूठे और एक अन्य अंगुली में मांसपेशियों एवं हड्डी के असामान्य रूप से बढ़ने की समस्या थी। उम्र बढ़ने के साथ यह परेशानी भी बढ़ती गई। इससे उन्हें चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में कठिनाई होने लगी। उपचार की आवश्यकता होने के बावजूद परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति उनके सामने सबसे बड़ी बाधा बनी हुई थी।कुछ वर्ष पूर्व अविनाश ने उपचार के लिए जिला अस्पताल में चिकित्सकों से संपर्क किया। जांच के बाद चिकित्सकों ने बेहतर उपचार एवं ऑपरेशन के लिए किसी बड़े चिकित्सा संस्थान में जाने की सलाह दी। परिवार के लिए इलाज और ऑपरेशन का खर्च वहन करना संभव नहीं था। ऐसे में बेहतर उपचार की उम्मीद लिए अविनाश ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में अपनी समस्या बताते हुए सहायता के लिए आवेदन किया।मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने अविनाश की समस्या को गंभीरता और संवेदनशीलता से लेते हुए उनके उपचार के लिए तत्काल आवश्यक पहल की। उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रायपुर भेजा गया, जहां डीकेएस अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार और ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।सफल उपचार ने अविनाश के जीवन की एक बड़ी परेशानी दूर कर दी है। लंबे समय से जिस शारीरिक समस्या के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, उससे अब काफी राहत मिली है। वे सामान्य दिनचर्या की ओर लौट रहे हैं।मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान अविनाश ने भावुक होकर बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे किसी बड़े अस्पताल में जाकर अपना उपचार करा सकें। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन देने के बाद उनकी समस्या पर गंभीरता से पहल हुई और रायपुर के डीकेएस अस्पताल में सफल उपचार कराया गया।अविनाश ने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में मिली इस सहायता ने उन्हें बड़ी परेशानी से मुक्ति दिलाई है। उन्होंने उपचार में सहयोग करने वाले चिकित्सकों और प्रशासन के प्रति भी धन्यवाद व्यक्त किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बीमारी और अन्य कठिन परिस्थितियों में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में संवेदनशीलता के साथ पहल की जा रही है। अविनाश की कहानी इसी संवेदनशील व्यवस्था का उदाहरण है। आर्थिक अभाव के कारण जिस युवक का उपचार लंबे समय से नहीं हो पा रहा था, उसे समय पर सहायता और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने से आज उसके जीवन में नई उम्मीद आई है। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय जरूरतमंदों के लिए सहायता के माध्यम के साथ भरोसे और संवेदनशील शासन के केंद्र के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है।
- -3 किलोवाट सोलर प्लांट से हर महीने बिजली बिल लगभग शून्य, केंद्र व राज्य सरकार की सब्सिडी से मिला बड़ा लाभरायपुर । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में स्वच्छ एवं सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए संचालित ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी परिवार अपनी छतों पर सोलर प्लांट स्थापित कर न केवल अपनी बिजली आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहे हैं, बल्कि बिजली खर्च में भी उल्लेखनीय कमी ला रहे हैं।गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत भदौरा निवासी श्री शुभम राठौर ने इस योजना का लाभ उठाते हुए अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया है और अब उन्होंने सौर ऊर्जा को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लिया है। सोलर प्लांट लगने से पहले उन्हें हर महीने लगभग 400 से 500 रुपये तक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था, लेकिन अब उनका बिजली खर्च लगभग समाप्त हो गया है।योजना के अंतर्गत श्री राठौर को केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई, वहीं राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी भी प्रदान की गई। इस सहायता से सोलर प्लांट की स्थापना उनके लिए आर्थिक रूप से काफी आसान हो गई।श्री शुभम राठौर बताते हैं कि अब उन्हें बिजली बिल की कोई चिंता नहीं रहती, क्योंकि घर की आवश्यक बिजली स्वयं उनकी छत पर तैयार हो रही है। सोलर प्लांट से आवश्यकता से अधिक उत्पन्न बिजली ग्रिड में चली जाती है, जिसका समायोजन बिजली बिल में किया जाता है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो रहा है।इस पहल से श्री राठौर का परिवार न केवल ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना है, बल्कि वे स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उनकी यह सफलता इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर आम परिवार भी आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सकते हैं।
- -केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू होंगे मुख्य अतिथि, प्रदेश के पांचों संभागों से 540 खिलाड़ी होंगे शामिलरायपुर। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता-2026 का शुभारंभ मंगलवार 18 अगस्त को प्रातः 10.30 बजे फिजिकल कॉलेज खेल मैदान, पेण्ड्रा में होगा। चार दिवसीय यह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 18 से 21 अगस्त तक आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों संभागों से 14 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 540 खिलाड़ी विभिन्न खेल विधाओं में अपनी खेल प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन करेंगे।उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्य मंत्री, भारत सरकार श्री तोखन साहू होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची करेंगे। कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत एवं कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।प्रतियोगिता के अंतर्गत जिम्नास्टिक बालक एवं बालिका, क्रिकेट बालक, ताईक्वांडो बालक एवं बालिका तथा कबड्डी बालिका वर्ग की स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले युवा खिलाड़ी इन स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में अपने खेल कौशल को निखारने तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण मंच मिलेगा।आयोजन को लेकर जिले में व्यापक तैयारियां की गई हैं। प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। चार दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता से जिले में खेलमय वातावरण निर्मित होगा तथा प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता के बीच सिंचाई जलाशयों में जलभराव की स्थिति इस साल बेहतर है। जल संसाधन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 17 अगस्त 2026 की स्थिति में राज्य के 12 प्रमुख और 34 मध्यम जलाशयों को मिलाकर कुल 46 जलाशयों में उनकी कुल क्षमता का 87.67 प्रतिशत पानी मौजूद है। जलाशयों की कुल लाइव क्षमता 6360.23 मिलियन घन मीटर (एमसीएम) है, जबकि वर्तमान में इनमें 5575.92 एमसीएम पानी भरा हुआ है।खास बात यह है कि 17 अगस्त की स्थिति में इस साल जलाशयों में पानी का स्तर पिछले दो वर्षों की तुलना में बेहतर है। वर्ष 2025 में इन्हीं जलाशयों में क्षमता का 75.63 प्रतिशत पानी था, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 81.23 प्रतिशत था। इस तरह 2026 में जलभराव 2025 के मुकाबले 12.04 प्रतिशत अंक और 2024 के मुकाबले 6.44 प्रतिशत अंक अधिक है।राज्य के 12 प्रमुख जलाशयों की कुल लाइव क्षमता 5355.709 एमसीएम है। इनमें वर्तमान में 4802.835 एमसीएम पानी है, जो 89.68 प्रतिशत है। वर्ष 2025 में इसी तारीख को प्रमुख जलाशयों में 81.15 प्रतिशत और 2024 में 75.86 प्रतिशत जलभराव था। यानी प्रमुख जलाशयों की स्थिति भी दोनों पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है।कई जलाशयों में पानी उनकी लाइव क्षमता के लगभग बराबर पहुंच चुका है। प्रमुख जलाशयों में खारंग और मनियारी जलाशय 100 प्रतिशत, जबकि कोडार 99.26 प्रतिशत और मुरुमसिल्ली 89.42 प्रतिशत भरा हुआ है। मिनीमाता बांगो में 94.13 प्रतिशत, रविशंकर सागर में 85.63 प्रतिशत और सोंडूर में 89.59 प्रतिशत जलभराव हो चुका है।मध्यम जलाशयों में भी कई जलाशय लगभग लबालब हैं। कोसारटेडा 99.80 प्रतिशत, घोंघा 100 प्रतिशत, झुमका 100 प्रतिशत, केदार नाला 99.98 प्रतिशत और पुतका नाला 100 प्रतिशत भरा हुआ है। वहीं सुतियापाट में 93.66 प्रतिशत और खपरी जलाशय में 85.19 प्रतिशत जलभराव है।आंकड़ों पर नजर डालें तो 17 अगस्त 2026 को 46 प्रमुख एवं मध्यम जलाशयों में कुल 5575.92 एमसीएम पानी है। 2025 में इसी तारीख को यह मात्रा 4810.07 एमसीएम थी। यानी इस साल करीब 765.85 एमसीएम अधिक पानी है। वहीं 2024 में 17 अगस्त की स्थिति में 5166.10 एमसीएम जलभराव था। इसके मुकाबले इस साल 409.82 एमसीएम अधिक पानी उपलब्ध है।
- -विद्यार्थियों ने जाना स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास, ‘वंदे मातरम्’ की गौरवगाथा और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा-ऐतिहासिक विरासत से आधुनिक विकास तक की तस्वीरें बनीं आकर्षण का केंद्ररायपुर / राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रदर्शनी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। आज भी विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने उत्साह के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, वीर सेनानियों के संघर्ष और बलिदान, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा तथा राज्य की विकास और सुशासन यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।प्रदर्शनी में एआई तकनीक से विरासत और पर्यटन का अभिनव अनुभव लोगों के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है। इस पहल के माध्यम से आगंतुक छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पर्यटन विरासत के इस संगम को लेकर बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।इसके साथ ही प्रदर्शनी परिसर में छत्तीसगढ़ से संबंधित क्विज कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है। इसमें आगंतुक छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति, परंपरा, पर्यटन और विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं से जुड़े प्रश्नों में भाग लेकर अपने ज्ञान का आकलन कर सकते हैं। क्विज के माध्यम से मनोरंजन के साथ-साथ लोगों को छत्तीसगढ़ के बारे में अधिक जानने और अपनी जानकारी परखने का अवसर मिल रहा है। विद्यार्थियों और युवाओं में इस ज्ञानवर्धक गतिविधि को लेकर विशेष उत्सुकता देखी जा रही है।प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, ऐतिहासिक दस्तावेज और महत्वपूर्ण प्रसंग प्रदर्शित किए गए हैं। छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान को विशेष स्थान दिया गया है। महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा प्रदेश में हुए सामाजिक एवं राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंग भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।प्रदर्शनी देखने पहुंचे विद्यार्थियों ने छायाचित्रों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को उत्सुकता के साथ देखा। उन्होंने कहा कि पुस्तकों में पढ़े गए स्वतंत्रता संग्राम के प्रसंगों को वास्तविक छायाचित्रों और ऐतिहासिक सामग्री के माध्यम से देखना एक अलग और प्रेरणादायी अनुभव है। इससे उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण को करीब से समझने का अवसर मिला।प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रजागरण के प्रेरणादायी स्वर के रूप में इसकी भूमिका को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।इस खंड के माध्यम से नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन में राष्ट्रगीत की भूमिका तथा देशवासियों में राष्ट्रभावना जागृत करने वाले इसके प्रभाव से परिचित कराया जा रहा है। विद्यार्थियों ने इस खंड में विशेष रुचि दिखाई और इसे देश के स्वतंत्रता संघर्ष तथा राष्ट्रभावना को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा के साथ छत्तीसगढ़ की वर्तमान विकास यात्रा को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को छायाचित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है।महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पहलों की जानकारी भी प्रदर्शनी में दी गई है। महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के सशक्तिकरण से जुड़ी उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया है।प्रदर्शनी में सुशासन तिहार, हरित छत्तीसगढ़, शिक्षा एवं अधोसंरचना विस्तार सहित राज्य की विकास यात्रा को भी छायाचित्रों और सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश और रोजगार के नए अवसरों से जुड़ी उपलब्धियों की झलक भी यहां देखने को मिल रही है।इस प्रकार प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से लेकर वर्तमान छत्तीसगढ़ के विकास तक की यात्रा को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है। अतीत की गौरवगाथा और वर्तमान की विकास यात्रा का यह संयोजन आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है।प्रदर्शनी देखने पहुंचे विद्यार्थियों और शिक्षकों ने अपने अनुभव भी साझा किए। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने प्रदर्शनी को सुंदर, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बताया, विद्यार्थियों ने कहा कि उन्हें स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। ऐसे आयोजन देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों के बारे में नई पीढ़ी को बेहतर जानकारी देने में उपयोगी है। ऐसे आयोजनों को भविष्य में भी जारी रखने का सुझाव दिया गया ।विद्यार्थियों ने कहा कि प्रदर्शनी में एक ओर स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को जानने का अवसर मिला, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के वर्तमान विकास और पर्यटन एवं सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित होने का अनुभव प्राप्त हुआ। शिक्षकों ने भी इसे विद्यार्थियों में देशभक्ति, इतिहास के प्रति रुचि और अपनी विरासत के प्रति गौरव की भावना विकसित करने वाला उपयोगी प्रयास बताया।प्रदर्शनी परिसर में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विशेष वृत्तचित्र का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। इसके माध्यम से आगंतुकों को राज्य में हुए विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं के प्रभाव को दृश्य माध्यम से समझने का अवसर मिल रहा है।कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित यह सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा, छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों का योगदान, राज्य की विकास यात्रा, एआई तकनीक से पर्यटन एवं विरासत का अभिनव अनुभव तथा छत्तीसगढ़ से संबंधित ज्ञानवर्धक क्विज—सभी को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है।
- - छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज में राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण- डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को ई-आफिस के क्रियान्वयन के लिए मिला रनिंग शील्डरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के चेयरमेन श्री सुबोध कुमार सिंह ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले बिजलीकर्मियों को मैडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसमें आंधी-बारिश, बाढ़ एवं अन्य आपात परिस्थितियों में विद्युत आपूर्ति बहाल करने वाले कर्मियों को सम्मानित किया गया, वहीं कंपनी को संभावित क्षतिपूर्ति एवं आर्थिक पेनल्टी से बचाने की पहल करने वालों से लेकर विद्युत उपकेंद्रों में महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य समय पर पूर्ण करने वाले तक को पुरस्कार प्रदान किया गया। साथ ही ई-आफिस के क्रियान्वयन के लिए डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्री राजेंद्र प्रसाद को टीम अवार्ड के रूप में रनिंग ट्रॉफी प्रदान किया गया।पावर कंपनीज के मुख्यालय डंगनिया में आयोजित राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में उत्कृष्ट योगदान देने वाले राज्य एवं केंद्रीय कार्यालय स्तर के 12 अधिकारी-कर्मचारियों को अध्यक्ष श्री सिंह (आईएएस) ने नगद पुरस्कार, पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रबंध निदेशक (जनरेशन) श्री एस.के. कटियार, प्रबंध निदेशक (ट्रांसमिशन) श्री राजेश कुमार शुक्ला तथा प्रबंध निदेशक (डिस्ट्रीब्यूशन) श्री भीमसिंह कंवर उपस्थित थे। ट्रांसमिशन कंपनी की मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्रीमती रश्मि वर्मा ने पुरस्कृत अधिकारी-कर्मचारियों के कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया।राज्य कार्यालय स्तर पर जनरेशन कंपनी से मड़वा के अधीक्षण अभियंता श्री चिंतामणि तिवारी को कंपनी को राखड़ निष्पादन का लक्ष्य 13 प्रतिशत अधिक करने पूरा करने के लिये सम्मानित किया गया। कोरबा पश्चिम के सहायक अभियंता श्री अंकित कुमार जैन को पावर प्लांट के टरबाइन की बेयरिंग स्पीड शून्य होने की गंभीर तकनीकी समस्या का दो घंटे के भीतर त्वरित समाधान करने के लिए मेडल दिया गया।इसी तरह ट्रांसमिशन कंपनी से भिलाई के परिचारक श्रेणी-दो (लाइन) श्री उनकेश्वर प्रसाद साहू को भीषण आंधी-तूफान से 220 केवी खेदामारा-ठेलकाडीह सर्किट के टावरों में फेल सस्पेंशन हार्डवेयर तथा कंडक्टर के सुधार कार्य करने के लिए पदक देकर सम्मानित किया गया। साथ ही भिलाई के ही वरिष्ठ पर्यवेक्षक श्री गणेश राम गजेन्द्र को 220/132/33 केवी उपकेंद्रों में ट्रांसफार्मर, फीडर कंट्रोल एवं रिले पैनलों के परीक्षण एवं स्थापना कार्य निर्धारित समय में पूर्ण करने के लिए पुरस्कृत किया गया।डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी से रायपुर के कनिष्ठ अभियंता श्री अनिल कुमार वर्मा को राजस्व वसूली एवं विद्युत विच्छेदन कार्यों के प्रभावी प्रबंधन तथा जगदलपुर के लाइन सहायक श्रेणी-दो श्री देवेन्द्र भण्डारी को बाढ़, आगजनी एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्यवाही कर विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए पुरस्कृत किया गया।इसी तरह केंद्रीय कार्यालय स्तर पर छह कर्मियों को सम्मानित किया गया। इसमें जनरेशन कंपनी की स्टाफ ऑफिसर श्रीमती वंदना शिलारे, सहायक अभियंता श्रीमती ज्योति माला साहू, ट्रांसमिशन कंपनी के अधीक्षण अभियंता श्री करूणेश कुमार यादव, कार्यालय सहायक श्रेणी-एक श्रीमती टी. अनिता, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी से अधीक्षण अभियंता श्री एन बिम्बिसार तथा प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) श्री नवीन खंडेलवाल को उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया। साथ ही गोपनीय चरित्रावली के ऑनलाइन क्रियान्वयन के लिए डीजीएम श्री पंकज सिंह परमार, श्रीमती मल्लिका बेक, अधीक्षण अभियंता श्री पंकज चौधरी, कार्यपालन अभियंता श्रीमती प्राची अग्रवाल सिन्हा, कार्यपालन अभियंता श्रीमती कृतिमा पांडेय मिश्रा, सहायक प्रबंधक सुश्री मीनल पांडेय, सहायक अभियंता श्री ओमकार चंद्राकर एवं सहायक अभियंता श्री रजनीश चौबे को प्रबंध निदेशकों ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविंद पटेल ने किया।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी को भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष दीपक म्हस्के को भाजपा सोशल मीडिया राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने पर शुभकामनाएं प्रेषित की है।
- -राखी त्यौहार को लेकर तैयार हैं लोकल उत्पादरायपुर । राखी त्यौहार को लेकर तैयार हैं लोकल उत्पादभाई बहन के प्रेम और सुरक्षा के बंधन का प्रतीक रक्षा बंधन का त्यौहार अब आने को है। इसे लेकर स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने बड़ी संख्या में लोकल उत्पाद तैयार किए हैं और यह कोरिया वासियों के लिए बाजार में भी उपलब्ध हैं। रक्षाबंधन पर्व को लेकर ब्लॉक बैकुंठपुर की महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।जनपद बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मझगंवा की प्रगति महिला समूह एवं ग्राम पंचायत आमगांव की बजरंग महिला समूह की दीदियों द्वारा अपने हुनर और रचनात्मकता से आकर्षक एवं डिजाइनर राखियां तैयार की जा रही हैं। दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद मुख्यालय बैकुंठपुर के स्थानीय बाजार में विक्रय हेतु उपलब्ध है।स्व सहायता महिला समूहों की दीदियां धान, चावल, स्टोन ,रेसीन जैसी सामग्रियों का उपयोग कर सुंदर एवं आकर्षक राखियां बना रही हैं। इन राखियों में ग्रामीण संस्कृति के साथ स्थानीय संसाधनों और महिलाओं की कला-कौशल का अनूठा मेल देखने को मिल रहा है। जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री योगेंद्र श्रीवास ने बताया कि राखियों को तैयार करने का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए उनकी आय में वृद्धि करना और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। समूह की दीदियां पूरे उत्साह के साथ अपने उत्पाद बना रही है और इन्हें बाजार में आकर्षक दर में उपलब्ध कराया जाएगा।वोकल फॉर लोकलप्रत्येक उत्पाद यदि स्थानीय स्तर पर तैयार हो रहा है तो हम सभी को उसके उपयोग के लिए आगे आना है। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने अपील की है कि प्रत्येक कोरियावासी महिला समूहों की दीदियों द्वारा बनाई गई राखियां खरीद कर स्थानीय महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन में मदद करें।
- रायपुर / विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी - जीरामजी) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 20 अगस्त, 2026 को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में योजना से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को योजना के प्रावधानों, अधिकारों, लाभों एवं अनुमेय कार्यों की जानकारी देने के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के अंतर्गत लिए जाने वाले कार्यों का ग्राम सभा से अनुमोदन कराया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 6 अगस्त को पत्रकार वार्ता में कहा था कि वीबी - जीरामजी के अंतर्गत सभी विकास कार्यों का चयन ग्राम सभा की स्वीकृति से किया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा एवं वीबी - जीरामजी के माध्यम से राज्य को लगभग 6 हजार 855 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे, जो ग्रामीण रोजगार एवं विकास कार्यों के लिए राज्य में अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय निवेश है। योजना के लिए वर्ष 2026-27 में 5,591.42 करोड़ रुपए का प्रस्तावित बजट रखा गया है तथा प्रथम किस्त के रूप में भारत सरकार से 1,538 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ अभियान का भी शुभारंभ किया है। 15 अगस्त, 2026 से 26 जनवरी, 2027 तक चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक गांव में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय तथा ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों सहित योजना के अंतर्गत अन्य विकास कार्यों का चयन एवं अनुमोदन ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की सहभागिता एवं स्वीकृति के आधार पर किया जाएगा।20 अगस्त की ग्राम सभाओं में ग्राम की स्थानीय आवश्यकता, उपलब्ध संसाधनों तथा ग्रामीणों की मांग के आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 में वीबी - जीरामजी के अंतर्गत कराए जाने वाले कार्यों पर चर्चा की जाएगी। प्रस्तावित कार्यों को ग्राम सभा के समक्ष रखा जाएगा और अनुमोदन के पश्चात उन्हें नियमानुसार स्वीकृति एवं क्रियान्वयन के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।योजना के अंतर्गत 318 प्रकार के अनुमेय कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में शामिल किया गया है। इनमें 107 जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, 90 ग्रामीण अधोसंरचना, 86 आजीविका संवर्धन तथा 35 जलवायु अनुकूलन एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्य शामिल हैं। ग्राम सभा में स्थानीय आवश्यकता के अनुसार इन कार्यों में से प्राथमिकता वाले कार्यों का चयन किया जा सकेगा।जल संरक्षण के अंतर्गत तालाब, चेकडैम, रिचार्ज संरचनाएं, सिंचाई विस्तार, भू-जल एवं मृदा संरक्षण तथा वृक्षारोपण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रामीण अधोसंरचना के अंतर्गत सड़क, पुलिया, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, स्कूल कक्ष, ग्रामीण पुस्तकालय, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, मुक्तिधाम आदि कार्य किए जा सकेंगे। इसी प्रकार आजीविका संवर्धन तथा जलवायु अनुकूलन से जुड़े कार्य भी स्थानीय आवश्यकता के अनुसार लिए जाएंगे।20 अगस्त की ग्राम सभा में विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी। 2 अक्टूबर, 2026 से ग्राम सभा एवं स्थानीय समुदाय की अनुशंसाओं और सहभागिता के आधार पर वीजीपीपी तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। यह योजना ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के अनुरूप तैयार की जाएगी। 20 अगस्त की ग्राम सभा में ग्रामीणों से गांव की आवश्यकताओं, प्राथमिकताओं एवं संभावित विकास कार्यों के संबंध में सुझाव प्राप्त किए जाएंगे, ताकि 2 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाली वीजीपीपी निर्माण प्रक्रिया में इन सुझावों एवं ग्राम सभा की अनुशंसाओं का प्रभावी उपयोग किया जा सके।वीबी - जीरामजी के अंतर्गत राज्य को उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का प्रभावी एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ग्राम सभाओं में अनुमोदित कार्यों को शीघ्रता से स्वीकृति प्रदान कर क्रियान्वयन की प्रक्रिया में लाने पर जोर दिया जाएगा। रोजगार की मांग के अनुसार श्रमिकों को समय पर कार्य उपलब्ध कराने, मजदूरी का समय पर भुगतान तथा कार्यों की गुणवत्ता एवं निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा है कि योजना के अंतर्गत कृषि कार्यों के दौरान श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्ष में 60 दिनों तक योजना के कार्य बंद रखने का प्रावधान है। अतः उपलब्ध कार्य अवधि का प्रभावी उपयोग करते हुए ग्राम सभा से अनुमोदित कार्यों को समय पर प्रारंभ करना आवश्यक है। ग्राम पंचायतों से अपेक्षा की गई है कि 20 अगस्त की ग्राम सभाओं में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मांग एवं स्थानीय आवश्यकता के आधार पर अधिक से अधिक पात्र कार्यों का प्रस्ताव तैयार कर ग्राम सभा से अनुमोदन कराया जाए। अनुमोदित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र स्वीकृति एवं क्रियान्वयन के लिए आगे बढ़ाया जाए, ताकि योजना के अंतर्गत उपलब्ध बजट का अधिकतम एवं समयबद्ध उपयोग हो सके तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा सके।वीबी - जीरामजी का उद्देश्य केवल ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, स्वच्छता, शिक्षा, आजीविका तथा सामाजिक सुविधाओं को मजबूत करते हुए विकसित एवं आत्मनिर्भर गांवों का निर्माण करना है। ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी से योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, स्थानीय आवश्यकताओं की प्राथमिकता और बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जा सकेंगे।
- -क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने स्वीकृत की राशि
-उप मुख्यमंत्री अरुण सावके अनुमोदन के बाद राशि स्वीकृति का आदेश जारीरायपुर। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने जिला मुख्यालय कांकेर में जिला स्तरीय बहुउद्देश्यीय स्टेडियम के निर्माण के लिए 7 करोड़ 60 लाख 34 हजार रुपए मंजूर किए हैं। क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत कांकेर के सिंगारभाट स्टेडियम की चिन्हित भूमि में 4000 दर्शक क्षमता के बहुउद्देशीय स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से प्रशासकीय स्वीकृति का आदेश जारी कर दिया है।खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा स्वीकृत राशि से 400 मीटर 8-लेन सिंथेटिक रनिंग ट्रैक, मिनी जिम, महिला एवं पुरूष शौचालय, सीसी रोड, आरसीसी ड्रेन और ओपन स्टेज के निर्माण किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है।कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी। निर्माण कार्य की समयावधि में वृद्धि (Time Extension) नियमानुसार अर्थदंड सहित अधिरोपित करने के निर्देश दिए गए हैं। - -विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा आम लोगों के लिए बना प्रेरणा और ज्ञान का केन्द्र-उद्घाटन के लगभग दस महीनों में 2.50 लाख से अधिक लोग कर चुके है भ्रमण-प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रजत जयंती वर्ष पर 01 नवंबर 2025 को जनजातीय संग्रहालय का किया था लोकार्पणरायपुर ।नवा रायपुर के आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में अंग्रेजी हुकुमत के दौरान जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बने शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय अपने उद्देश्यों में सार्थक कर रहा है। संग्रहालय को देखने देश-विदेश के पर्यटक बड़ी संख्या में आ रहे हैं, वहीं संग्रहालय विद्यार्थियों-शोधार्थियों सहित आम लोगों के लिए प्रेरणा और ज्ञान का केन्द्र बन रहा है।स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के साथ ही बड़ी संख्या में आमजन संग्रहालय को देखने पहुंच रहे हैं। उद्घाटन के बाद लगभग दस महीनों के अंतराल में ही 2.50 लाख से अधिक दर्शक ने संग्रहालय का अवलोकन कर चुके है। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी, विदेशी पर्यटक, शोधार्थी, स्कूल एवं कॉलेज के बच्चें सहित आम नागरिक शामिल है।गौरतलब है कि आदिम जाति विकास विभाग के मार्गदर्शन में जनजातीय संस्कृति परंपराओं पर आधारित म्यूजियम तथा शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी म्यूजियम का निर्माण तेजी के साथ पूरा हुआ है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विभागीय मंत्री श्री राम विचार द्वारा के सतत प्रयासों से यह लोगों के लिए समर्पित हुआ है। इस संग्रहालय को तेजी के साथ निर्माण में आदिम जाति विभाग के प्रमुख सचिव श्री बोरा का अहम योगदान है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव रजत जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 01 नवम्बर 2025 को इस भव्य संग्रहालय को लोगों को समर्पित किया गया। आगन्तुकों के लिए शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय आकर्षण और उत्साह का केंद्र बना हुआ है।आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों उद्घाटन होना गौरव की बात है। श्री बोरा ने कहा कि काफी संख्या में लोग संग्रहालय देखने आ रहे हैं, इससे संग्रहालय बनाने का उद्देश्य सार्थक हो रहा है। विशेषकर छुट्टियों और त्यौहारों के दिनों में लोग बड़ी संख्या में संग्रहालय आते हैं। छुट्टी के दिनों में लगभग 4-5 हजार आगंतुक संग्रहालय देखने आ रहे है, वही आम दिनों में 1000-1200 आगंतुक संग्रहालय का अवलोकन कर रहे है।विभाग द्वारा भी आगंतुकों के हिसाब से सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है। दर्शकों को जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान संबंधी जानकारी के लिए गाइड की भी व्यवस्था की गई है। संग्रहालय पूरी तरह से डिजिटली है। संग्रहालय के अंदर मॉनीटर पर दिये गए क्यू आर कोड स्कैन कर तथा माइक्रोफोन के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त करने की व्यवस्था भी की गई हैै। इसके साथ ही दिव्यांगों, महिलाओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्हीलचेयर व शिशुवती महिलाओं के लिए शिशु देख-रेख कक्ष बनायी गई है। इस संग्रहालय के शुरू होने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने लगा है। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि संग्रहालय का धरातल में आने से नई पीढ़ियों को अपने पुरखों की वीरता और साहस को याद दिलाता रहेगा। यह न सिर्फ जनजातीय वर्गों के लिए बल्कि सभी लोगों के लिए प्रेरणाप्रद है।विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संग्रहालय देखने आने वाले दर्शकों में काफी उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। संग्रहालय में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों तथा विदेशोें से भी पर्यटक आ रहे हैं। हाल ही में विदेशी पर्यटकों का दल जनजातीय संग्रहालय देखने आये थे उन लोगों ने भी इस डिजिटल संग्रहालय की काफी प्रशंसा की। इसी तरह नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित डीजीपी कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने भी संग्रहालय का भ्रमण कर काफी सराहना की है। इसके साथ ही सेना के भारत के सर्वोच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री सूर्यकांत सहित न्यायधीशों का दल, प्रशासनिक प्रशिक्षु अधिकारी स्कूल, कॉलेज के छात्र-छात्राएँ व बड़ी संख्या आम नागरिक भी आ रहे हैं। संग्रहालय परिसर में पर्यटकों व आगंतुकों के हिसाब से शुद्ध पेयजल, पार्किंग, शौचालय तथा सूचना केंद्र की सुविधाएं प्रदान की जा रही है। संग्रहालय पूरी तरह सीसीटीवी से लैस है। इसके साथ ही प्राथमिक उपचार केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।भंडारा महाराष्ट्र से अपने परिवार सहित संग्रहालय देखने आयी श्रीमती रून्दा विश्वनाथ धु्रवे बताती है कि वे पड़ोसी गांव के लोगों से सुनकर यहां आयी है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर बने स्मारक संग्रहालय बेहद आकर्षक एवं जीवंत है। वे स्वयं जनजातीय समाज की है, उनका कहना है कि इस जीवंत दृश्य को देखकर ऐसा लग रहा है कि हम इसे देखते रहे। ऐसा लग रहा है कि यह वास्तविक में हो रहा है। इन दृश्यों को देखकर हमें अपने पुर्वजो पर गर्व हो रहा है।रायपुर में यूपीएससी एवं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही छात्राओं का दल भी आज संग्रहालय देखने पहुंचे थे। सुश्री दिव्यांशी और सुश्री कृपा मंडेचा ने कहा कि संग्रहालय में चित्रित दृश्य पहले हुई घटनाओं से हमे जोड़ती है वहीं हमें परीक्षा की दृष्टिकोण से भी काफी ज्ञानवर्धक सामग्री प्राप्त हो रही है। इन दोनों ने कहा कि छत्तीसगढ़ को राज्य के बाहर के लोग ज्यादातर माओवादी के नाम से जानते थे, वास्तव में आज जो संग्रहालय बनकर तैयार है उससे यह प्रेरणा बनती है कि यहां अनुकरणीय इतिहास विद्यमान है, ऐसे लोगों को भी संग्रहालय आकर देखने की जरूरत है। इसी तरह बालोद जिले के डौण्डीलोहरा के अपने परिवार सहित संग्रहालय देखने आए श्री पतिराम साहू का कहना है कि ऐसे दृश्य हम फिल्मों में ही देखते थे, लेकिन प्रत्यक्ष देखने से हमें अपने छत्तीसगढ़ क स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति गर्व हो रहा है।
- -न्यायमूर्ति आई.एस. उबोवेजा ने किया ध्वजारोहणरायपुर । छत्तीसगढ़ लोक आयोग, रायपुर के कार्यालय प्रांगण में 80वां स्वतंत्रता दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आयोजित समारोह में माननीय न्यायमूर्ति श्री आई.एस. उबोवेजा ने राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया।ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रगान में सहभागिता की और देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन किया। कार्यक्रम में स्वतंत्रता दिवस की गरिमा और राष्ट्रभक्ति का वातावरण बना रहा।समारोह में अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी, न्यायमूर्ति श्री आर.पी. शर्मा, पूर्व न्यायाधीश श्री डी.के. तिवारी, श्री ए.के. सामन्त रे, पूर्व सचिव श्री एस.के. तिवारी एवं श्री बिपिन मांझी उपस्थित रहे।इस अवसर पर लोक आयोग कार्यालय के विधिक सलाहकार श्री अजीत कुमार राजभानू, उपसचिव श्रीमती चित्रलेखा सोनवानी, तकनीकी सलाहकार श्री राकेश पुराम सहित कार्यालय के अधिकारी एवं समस्त कर्मचारीगण मौजूद रहे। सभी ने देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
- रायपुर। परंपरागत खेती के साथ यदि किसान आधुनिक कृषि तकनीकों और उन्नत किस्मों को अपनाएं, तो कम क्षेत्र में भी उत्पादन और आमदनी को बढ़ाया जा सकता है। इसी तरह उद्यानिकी फसल के अंगीकरण के बाद ग्राफ्टेड बैंगन की खेती किसान श्री सुरेन्द्र के लिए अच्छी उत्पादन और अतिरिक्त आय का माध्यम बना।किसान श्री सुरेंद्र बताते हैं कि कृषि की उन्नत तकनीक को अपनाने व नई पद्धति की जानकारी प्राप्त करने के लिए उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं। जिसके माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2025-26 में ग्राफ्टेड बैंगन फसल के लिए 30 हजार रुपए का अनुदान प्राप्त हुआ। वे बताते हैं कि ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से उन्हें कुल 144 क्विंटल बैंगन का उत्पादन मिला। उत्पादित बैंगन को बाजार मूल्य में बेचने पर उन्हें 2 लाख 39 हजार रुपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। उत्पादन और बाजार मूल्य ने किसान श्री सुरेंद्र को पारंपरिक खेती की तुलना में बेहतर आर्थिक परिणाम दिया। इससे अन्य किसान भी उन्नत तकनीक अपनाकर पारंपरिक खेती से आगे बढ़ने और अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।




























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