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- -खरीदी प्रभारी को निलंबित करने दिए निर्देश-आंगनबाड़ी में नहीं मिले एक भी बच्चे, सुपरवाईजर निलंबित-निवार्चक नामावली पुनरीक्षण का भी किया अवलोकनबिलासपुर /संभागायुक्त महादेव कावरे ने बिलासपुर सहित मुंगेली एवं जांजगीर चाम्पा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने मुंगेली जिले के चंदखुरी धान खरीदी केन्द्र में तौल में गड़बड़ी पाये जाने पर खरीदी प्रभारी भुवनेश्वर साहू को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। श्री कावरे ने सहायक पंजीयक सहकारिता को पत्र प्रेषित कर गड़बड़ी के लिए जिम्मेदारं केन्द्र प्रभारी को निलंबित करने को कहा है। कमिश्नर ने निरीक्षण के दौरान अपने समक्ष में धान का तौल करवाया। तौल में 40 किलोग्राम के बोरा में वजन 41.33 किलोग्राम वजन पाया गया। वहीं जांजगीर चाम्पा जिले के ग्राम अमरताल तहसील अकलतरा की महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाईजर श्रीमती अनिता साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कमिश्नर के निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्र 2 में एक भी बच्चे केन्द्र में उपस्थित नहीं पाये गये।संभागायुक्त कावरे ने शासकीय योजनाओं का फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन का जायजा लेने के क्रम में जाजगीर-चाम्पा, मुंगेली एवं बिलासपुर का दौरा किया। उन्होंने इस दौरान निर्वाचक नामावलियों के संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य का जायजा भी लिया। उन्होंने जांजगीर जिले के अमरताल में आंगनबाड़ी एवं स्कूल का निरीक्षण किया। इसके बाद तिलई धान खरीदी केन्द्र पहुंचे। वहां मौजूद किसानों और कर्मचारियों से चर्चा कर धान खरीदी की प्रगति की जानकारी ली। इसके बाद मुंगेली जिले के सरगांव में शासकीय कन्या उमावि एवं आत्मानंद बालक उमावि का निरीक्षण किया। चन्दखुरी धान खरीदी केन्द्र का भी अवलोकन किया। धान खरीदी के अंतर्गत तौल में गड़बड़ी पायी गई। निर्धारित मात्रा से ज्यादा मात्रा में किसानों से तौल में लिया जा रहा था। सहायक पंजीयक सहकारिता को केन्द्र प्रभारी को हटाकर निलंबित करने के निर्देश दिए। बिलासपुर जिले के रहंगी में निर्वाचक नामावली के संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रगति की जानकारी ली और मध्यान्ह भोजन का निरीक्षण किया। धान खरीदी केन्द्र हिर्री भी पहुंचे। अभी तक वहां सीसीटीव्ही केमरा स्थापित नहीं हुआ है। कमिश्नर ने खरीदी केन्द्र में कैमरा लगाने, निर्धारित मात्रा में ही धान की तौल करने एवं केन्द्र में किसानों की सुविधाओं का ख्याल रखने के निर्देश दिए।
- रायपुर। रायपुर से आरंग राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मंदिर हसौद चौक पर बीते कई माह से निर्माणाधीन पूल की वजह से जाम का हालात बना रहता है । यातायात विभाग ने यहां पर सुचारू आवागमन के लिये आरक्षकों की ड्यूटी तो लगायी है लेकिन वे भ्रमित वाहन चालकों को सहीं दिशा निर्देश दे यातायात को सुगम बनाने के बदले यातायात नियमों के उल्लंघन करने की बात कह कार्यवाही के नाम पर भयादोहन में लगे रहते हैं । किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. संतोष कुमार सिंह को ज्ञापन सौंप यातायात को सुगम बनाने आवश्यक व्यवस्था करने व पुल निर्माण पूरा होने तक कर्तव्यरत आरक्षकों को भ्रमित वाहन चालकों को सहीं दिशा निर्देश देने व न मानने वालों के खिलाफ चालानी कार्यवाही करने का निर्देश देने का आग्रह किया है ।ज्ञातव्य हो कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का रेलमरेला दिन रात लगा रहता है । इसके सिवा इस मार्ग से चंदखुरी फार्म - मंदिर हसौद व नया राजधानी से मंदिर हसौद सड़क मार्ग भी जुड़ता है जिसकी वजह से यातायात का दबाव और अधिक बढ़ जाता है । मंदिर हसौद चौराहा होने व पुल के निर्माणाधीन होने से यातायात का दबाव और बढ़ जाने से रोजाना समय - बेसमय यहां पर जाम की स्थिति बनी रहती है । ग्रामीणों व राहगीरों के अनुसार यहां यातायात आरक्षकों की ड्यूटी तो लगायी जाती है पर एक तो वे सहीं पाइंट पर नजर नहीं आते जिसकी वजह से भ्रमित वाहन चालक यातायात नियमों का उल्लघंन कर बैठते हैं और ऐसे वाहन चालकों को तकते बैठे यातायात आरक्षक कानून का भय दिखा भयादोहन में लगे रहते हैं ।
- रायपुर। सेवा सहकारी मस्तूरी के प्रबन्धक मनोज रात्रे को अपने कार्य मे लापरवाही करना भारी पड़ गया। उपायुक्त सहकारिता श्रीमती मंजू पांडेय द्वारा उन्हें समिति प्रबंधक एवं धान खरीदी प्रभारी के पद से पृथक करने हेतु आदेशित किया गया है।सेवा सहकारी समिति मस्तूरी के समिति प्रबन्धक मनोज रात्रे दिनाँक 29 नवंबर को को दोपहर 12:30 बजे तक न तो धान खरीदी केंद्र में उपस्थित हुए न ही फोन उठाया। जिससे धान खरीदी के लॉगिन हेतु उनके मोबाईल में प्राप्त होने वाले ओटीपी प्राप्त नही किया जा सका व खरीदी कार्य बाधित हुई। जिसकी लगभग 28 किसानों द्वारा हस्ताक्षरयुक्त शिकायत की गई ।इस सम्बंध में समिति के अध्यक्ष द्वारा उप पंजीयक को लिखित में अवगत कराया गया। धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य को गम्भीरता से न लेने तथा लापरवाही के कारण धान खरीदी कार्य बाधित होने के फलस्वरूप उपायुक्त एवम उपपंजीयक द्वारा समिति प्रबन्धक को तत्काल पद से पृथक करने हेतु समिति के प्राधिकृत अधिकारी को आदेशित किया गया एवं स्पष्टीकरण जारी कर सेवा नियम के अनुसार कार्यवाही करने निर्देश दिया । जिसके पालन में समिति प्राधिकृत द्वारा तत्काल प्रभाव से अन्य कर्मचारी को समिति प्रबन्धक का प्रभार दिया गया तथा रिसदा खरीदी केंद्र का प्रभार बदला गया ।
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*बैगा, बिरहोर विशेष जनजाति के लिए बनी वरदान*
*पहुंचविहीन इलाकों में सरपट पहुंच रही बाईक एम्बुलेंस*
*अब तक चार हजार से ज्यादा लोगों को मिला फायदा*
बिलासपुर/कोटा के सुदूर वनांचलों में बसे गांवों में वो दिन लद गए जब अस्पताल तक न पहुँच पाने की वजह से किसी को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया न हो पाए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चलायी जा रही योजनाओं से ग्रामीणों को त्वरित स्वास्थ्य सेवा मिल पा रही है। सुदूर एवं पहुंचविहीन गांवों में जहां एंबुलेंस का पहंुच पाना संभव नहीं है वहां के जंगल से लगे गांवों की सड़कों पर बाईक एंबुलेंस सरपट दौड़ रही है। वनांचल के गांवों में रहने वाले बैगा, बिरहोर आदिवासियों के लिए बाईक एंबुलेंस वरदान साबित हो रही है। चार बाईक एम्बुलेंस के जरिए 4089 मरीजों को अस्पताल तक ले जाया गया है।
मौसम कोई भी हो चाहे गर्मी, बरसात या सर्दी सभी मौसम में बाईक एम्बुलेंस की सुविधा चौबीसों घंटे आदिवासियों को मिल रही है। कोटा ब्लॉक के एक बड़े हिस्से में विषम भौगोलिक परिस्थिति के चलते सड़क मार्ग से पहुच पाना संभव नहीं होता है। ग्रामीणों को आपातकाल स्थिति में घर से अस्पताल आने-जाने के लिए बाईक एम्बुलेंस निःशुल्क परिवहन का एक अच्छा माध्यम बन गया है। संगवारी एक्सप्रेस में बाईक मंे बनाई गई एक मिनी एम्बुलेंस की तरह है, जिसमें एक मरीज को बिना असुविधा के अस्पताल तक पहुचाँया जा सकता है। यह बिल्कुल निःशुल्क सुविधा है, कोटा ब्लॉक के सुदूर वनांचलों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं सहित अन्य लोगों के लिए बाईक एम्बुलेंस संजीवनी साबित हो रही है।
विकासखंड कोटा में बाईक एम्बुलेंस की सुविधा मार्च महीने से शुरू होने से अब तक 4089 मरीजों को इसका सीधा लाभ मिला है। इसमें सभी वर्ग के मरीज शामिल है। शिवतराई पीएचसी में 1108 कुरदर में 850, केंदा 1310, आमागोहन 821 मरीजों को बाईक एम्बुलेंस की सुविधा मिली है। बाईक एंबुलेंस के जरिये वनांचल क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए केन्द्र तक लाया जाता है और शिशुवती माताओं को प्रसव के बाद सुरक्षित घर भी पहुचाँया जाता है। ग्रामीण इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देते हुए कहते है की जहां वे पहले इलाज के लिए कई मिलों दूर पैदल चल कर अनेक कठिनाईयों का सामना कर अस्पताल पहुंचते थे। लेकिन बाईक एंबुलेंस की सुविधा मिलने से अब कठिनाईयां उनके आड़े नहीं आ पाती है और मरीजों को बिना देरी के तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। मंजगवा की श्रीमती मनीषा को बाईक एम्बुलेंस के जरिए प्रसव के लिए केंदा अस्पताल लाया गया था, वे कहती हैं कि इस सुविधां के चलते ही मैं और मेरा बच्चा भी पूरी तरह स्वस्थ है। छतौना की 35 वर्षीय श्रीमती मंदाकनी को भी बाईक एम्बुलेंस के जरिए केंदा अस्पताल लाया गया था, उन्होंने के इस सुविधां के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा की यह सुविधा आदिवासियों के लिए जीवनदायनी साबित हो रही है।
बाईक एम्बुलेंस गर्भवती महिलाओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, बच्चों के टीकाकरण एवं मौसमी बीमारियों के उपचार के लिए भी उपयोग में लाया जा रहा है। -
*माइक्रो एटीएम से समिति पर हो रहा नगद भुगतान*
बिलासपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जिले में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की जा रही है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी केंद्रों में सभी इंतजाम किए गए हैं। माइक्रो एटीएम के जरिए नकद निकासी की सुविधा से खुश हैं किसान।
जिले में अब तक 135 करोड़ रूपए की 43,597 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। 10 हजार से अधिक किसानों ने अपने निकटतम केन्द्रों पर धान बेचे हैं। तखतपुर के ग्राम पोड़ी धान खरीदी केंद्र में इलेक्ट्रानिक मशीन से धान तौला जा रहा है। केंद्र में 450 क्विंटल धान की बिक्री करने पहुंचे किसान रमा शंकर कौशिक ने बताया कि केंद्र में धान बेचने में किसी भी तरह की समस्या नहीं हुई है और भुगतान की राशि भी जल्दी ही किसानों के खाते में आ रही है।
उपपंजीयक सहकारी संस्थाएं श्रीमती मंजू महेंद्र पांडे ने बताया कि जिले के 114 सोसाइटी के 140 खरीदी केंद्रों में धान खरीदी की जा रही है। किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी हो रही है इसमें किसी भी तरह के संशय की स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि माइक्रो एटीएम के जरिए किसान 10000 रुपए तक की नकद निकासी केंद्रों पर ही कर सकते हैं, और टोकन तूहर हाथ ऐप से टोकन कटवा सकते हैं अथवा खरीदी केंद्रों से टोकन कटवाया जा सकता है।
श्रीमती पांडेय ने किसानों से अपील की कि वे अपनी बैंक से संबंधित जानकारी किसी से भी साझा न करें व धान बेचने में किसी भी तरह की समस्या होने पर केंद्र के कर्मचारियों से संपर्क करें, किसानों की समस्या के त्वरित निराकरण के प्रयास किए जाएंगे। - भिलाईनगर/प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत नगर निगम भिलाई के विभिन्न हाउसिंग क्षेत्रों में मकान का निर्माण किया जा रहा है। जिनमें मोर मकान-मोर आस, मोर मकान-मोर चिन्हारी एवं बीएलसी मोर जमीन-मोर मकान मकानों में हो रहे निर्माण का निरीक्षण किये। निरीक्षण के दौरान संबंधित एजेंसी चंद्रनिर्मल प्राईवेट लिमिटेड एवं गोयल ट्रेडर्स जिसे मकान निर्माण का काम दिया गया है, उनको निर्माण कार्य समय अवधि में गुणवत्तापूर्ण कार्य करने हेतु निर्देशित किये। साथ ही कहा कि रोड़, नाली, पानी, बिजली की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ विद्युत विभाग से कार्यपालन अभियंता नवीन राठी भी वहां उपस्थित थे, उनको मकान निर्माण के दौरान विद्युत व्यवस्था मार्च में ही पूर्ण करने के बारे में आयुक्त से चर्चा हुई। तो उनको द्वारा बताया गया कि सीएसईबी निविदा प्रक्रिया में विलम्ब होने के कारण ट्रांसफार्मर नहीं लग पाया, जिससे विद्युत व्यवस्था की प्रतिपूर्ति नहीं हो पाई, जिसे शीध्र पूर्ण करने को कहा।कार्यपालन अभियंता विनिता वर्मा एवं एजेंसी के अभियंता को निर्देशित किये कि समय-समय पर आकर कार्यो का निरीक्षण करें। जैसे-जैसे मकानो का निर्माण पुरा होते जाए, हम लाॅटरी के माध्यम से उसको आबंटित करते जाएगें। प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की अति महत्वकांक्षी योजना है। इसको समय अवधि में पूर्ण करना है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जावेगी। कुछ मकान जो पूर्व में आबंटित हो चुके है, वहां पर निवासरत हितग्राहियो से जानकारी प्राप्त किये। वहां पर रहने पर किसी प्रकार की असुविधा या परेशानी तो नहीं हो रही है। हितग्राही भगवंतीन द्वारा बनाया गया कि उन्हे मकान में रहकर बहुत अच्छा लग रहा है मैं बालकनी से खड़े होकर बाहर देखती हुॅ, तो बहुत अच्छा लगता है। कभी नहीं सोची थी कि मेरे मकान में भी बालकनी, शौचालय, बाथरूम, किचन होगा। आयुक्त ने सभी से सफाई व्यवस्था बनाये रखने, अपने घरो से निकलने वाली सूखे एवं गीले कचरे को अलग-अलग देने कहा।भ्रमण के दौरान जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, सीएलटीसी उत्पल ठाकुर, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, जनसम्पर्क अधिकारी अजय कुमार शुक्ला, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना आदि उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ’बस संगवारी एप’ लॉन्च किया-बस यात्रियों, विशेष रूप से दूरस्थ अंचलों के यात्रियों के लिए काफी सुविधाजनक होगा एप का उपयोग-एप में 5 हजार से अधिक बसों की मिलेगी जानकारीरायपुर / छत्तीसगढ़ में बस यात्रियों को अब बस की समय-सारणी और बस रूट की जानकारी घर बैठे मिल सकेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में सुशासन की अवधारणा पर अमल करते हुए यात्रियों की यात्रा को सुगम और सरल बनाने के लिए ’बस संगवारी एप’ लॉन्च किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बस संगवारी एप बस यात्रियों, विशेष रूप से दूरस्थ अंचलों के यात्रियों के लिए काफी सुविधाजनक होगा। निकट भविष्य में इस एप के माध्यम से अंतर्राज्यीय बसों के परिवहन और बसों के रियल टाइम ट्रेकिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। अभी यात्रियों को बस की टाइमिंग पता करने के लिए बस स्टैण्ड या बस स्टॉप पर जाना पड़ता है। लोगों की इस परेशानी का समाधान इस एप के जरिए मिल सकेगा।परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश ने बस संगवारी एप के संचालन के बारे में मुख्यमंत्री श्री साय को विस्तार से जानकारी दी।छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग द्वारा तैयार कराए गए इस एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा। इस एप के माध्यम से यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन सुविधाजनक होगा। इस एप में वर्तमान में 5 हजार से अधिक बसों को शामिल किया गया है, जो विभिन्न रूट में संचालित हैं। जल्द ही अंतर्राज्यीय बसों के संचालन की जानकारी भी इस एप के माध्यम से मिल सकेगी। बसों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है। बस संगवारी एप को जीपीएस के साथ एकीकृत किया जा रहा है, जिससे बसों की लाइव ट्रेकिंग भी की जा सकेगी।बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, श्री बसव राजू एस. और श्री राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, आबकारी सचिव श्रीमती आर. संगीता, एडीजी ट्रेफिक श्री प्रदीप गुप्ता, अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर उपस्थित थे। बैठक में सभी संभागों के आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक वर्चुअली शामिल हुए। अंतर्विभागीय लीड एजेंसी के अध्यक्ष एवं एआईजी ट्रेफिक श्री संजय शर्मा ने बैठक में प्रेजेंटेशन दिया।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश के बच्चों को दिये जाने वाले राज्य वीरता पुरस्कार के लिए 2 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। किसी घटना विशेष में उनके अदम्य साहस के लिए प्रत्येक वर्ष पांच बालक-बालिकाओं को राज्य वीरता पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इसके तहत पांच बालक-बालिकाओं को 25-25 हजार रुपए व प्रशस्ति पत्र पुरस्कार के रूप में प्रदान किया जाएगा।आवेदक जिला कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग में 2 जनवरी 2025 तक आवेदन जमा कर सकते हैं। पुरस्कार के लिए बालक-बालिका की आयु घटना दिनांक को अधिकतम 18 वर्ष तक होनी चाहिए। वीरता कार्य 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 के मध्य की होनी चाहिए। आवेदक छत्तीसगढ़ का निवासी होना चाहिए । यह पुरस्कार किसी भी बालक बालिका को केवल एक ही बार प्राप्त हो सकेगा।प्रविष्टियों में बालक या बालिकाओं का पूर्ण परिचय बालक-बालिकाओं द्वारा किसी घटना विशेष में अदम्य साहस, शौर्य एवं बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में किये गये कार्यों की सप्रमाण विस्तृत जानकारी उल्लेखित हो। आवेदक को यह प्रमाण पत्र भी संलग्न करना होगा कि उपलब्धि वास्तविक तथ्यों पर आधारित है। साथ ही समाचार पत्र-पत्रिका की कतरन ,पुलिस डायरी जिसमें घटना का विवरण दर्शित हो साथ ही सक्षम प्राधिकारी द्वारा सत्यापित बालक-बालिका के दो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ संलग्न करना होगा। कार्य घटना का विस्तृत विवरण (सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित) अन्य सुसंगत दस्तावेज, जमा करना होगा।
- -मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर भारत सरकार से मिली 15,000 आवासों की स्वीकृतिरायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 15,000 आवासों की स्वीकृति प्रदान की है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों और पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए यह पहल एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 15,000 आवास केवल मकान नहीं बल्कि उन परिवारों के लिए सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक हैं। हमारी सरकार इस योजना को पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ लागू करेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश के विकास और शांति स्थापना की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन देने के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। पीड़ित परिवारों को आवास मिल जाने से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यह योजना सामाजिक समरसता और विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि इस योजना में विशेष रूप से उन परिवारों को शामिल किया जाएगा जिनका नाम सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 और आवास प्लस 2018 की सूची में शामिल नहीं था। इन नामों को 6 दिसंबर 2024 तक आवास प्लस पोर्टल पर अपलोड करने की अनुमति केंद्र सरकार द्वारा दी गई है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने की स्वीकृति हेतु निवेदन किया था परिणामस्वरूप 15 हजार आवास की स्वीकृति भारत सरकार से दी गयी है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इस विशेष परियोजना के तहत पुलिस अधीक्षक जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत को आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों की सूची प्रदान करेंगे। इसके बाद जिला पंचायत द्वारा इस सूची का सर्वेक्षण और सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन उपरांत कलेक्टर के माध्यम से लाभार्थियों के लिए भूमि का चिन्हांकन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के दिशानिर्देशों के अनुरूप आवास निर्माण की प्रक्रिया आरंभ होगी।
- -छत्तीसगढ़ में अब तक 18.09 लाख मीट्रिक टन धान की हुई खरीदी-धान खरीदी के एवज में 3.85 लाख किसानों को 3706.69 करोड़ रूपए का भुगतान-2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से हो रही है धान की खरीदीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। छत्तीसगढ़ में धान 14 नवम्बर सें शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। राज्य में 14 नवम्बर से अब तक 18.09 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। राज्य में अब तक 3.85 लाख किसानों ने अपना धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 3706 करोड़ 69 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 29 नवम्बर को 46345 किसानों से 2.12 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 54805 टोकन जारी किए गए थे।
- -राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जारी किया आदेश, ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पतालों को मिले नए चिकित्सा अधिकारी व विशेषज्ञ चिकित्सकरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने व स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी हेतु पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा पदों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों व चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में 09 विशेषज्ञ चिकित्सकों (संविदा) के साथ बस्तर संभाग के शासकीय अस्पतालों में 10 चिकित्सा अधिकारियों (संविदा) की नियुक्ति की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा आज इन नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारियों और संविदा विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। इन डॉक्टरों को संबंधित जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला चिकित्सालयों में पदस्थ किया गया है। नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारी व विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना से त्वरित इलाज में तेजी आएगी और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।विशेषज्ञ चिकित्सकों (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. रमन जोगी को जिला अस्पताल बिलासपुर, डॉ. योगेश कुमार शर्मा जिला अस्पताल दुर्ग, डॉ आकांक्षा गुप्ता जिला अस्पताल जांजगीर चांपा, डॉ नवनीत सिंह ठाकुर जिला अस्पताल (एसएनसीयू) कबीरधाम, डॉ. भावना चौरे जिला अस्पताल खैरागढ़-गंडई-छुईखदान, डॉ नीरज कुमार जिला अस्पताल मुंगेली, डॉ अनिल खापर्डे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चिरमिरी, डॉ उमा खापर्डे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चिरमिरी, डॉ राजभान प्रजापति जिला अस्पताल सूरजपुर में पदस्थापना की गई है। इसके साथ ही बस्तर संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी (संविदा) के जारी आदेश में डॉ आरूषि शर्मा, डॉ. अंकित सिंह राजपूत, डॉ, भुनेश्वर नेताम, डॉ शिवानी कोर्राम, डॉ, सुब्रत मल्लिक, डॉ. आकांक्षा दारियो, डॉ. रोहिणी राणा, डॉ. यामिनी कांगे, डॉ. अनिल कुमार पटेल व डॉ कुनाल सिंह साहू को बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में पदस्थ किया गया है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज शाम उनके निवास में छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए केन्द्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री सोमन्ना का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह व शॉल भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री सोमन्ना से राज्य में रेल परियोजनाओं के विकास सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव द्वय श्री पी. दयानंद और डॉ. बसवराजु एस, मंडल रेल प्रबंधक रायपुर श्री संजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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उक्त संबंध में दावा आपत्ति की अंतिम तिथि 30 दिसम्बर तक
बालोद/ अतिरिक्त तहसीलदार दल्लीराजहरा ने बताया कि दल्लीराजहरा उपसंभाग के अतर्गत जिले के डौण्डी तहसील के पं.ह.नं. 10 माहुलझप्पी में नया 33/11 के.व्ही. सबस्टेशन निर्माण हेतु शासकीय भूमि का आंबटन किया गया है। उन्होंने बताया कि 33/11 के.व्ही. सबस्टेशन निर्माण हेतु खसरा नंबर 5/1 कुल रकबा 5.0580 हेक्टेयर में से 0.80 हेक्टेयर भूमि को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित दल्लीराजहरा के नाम पर आबंटित किए जाने हेतु पत्र इस कार्यालय को प्राप्त हुआ है। उक्त संबंध में जिस किसी भी व्यक्ति या संस्था को 30 दिसम्बर 2024 तक न्यायालय तहसीदार दल्लीराजहरा में स्वयं या अपने मान्य अधिवक्ता के साथ उपस्थित होकर दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते है। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त दावा-आपत्ति पर कोई विचार नही किया जाएगा। - --शासकीय महाविद्यालय कसडोल में व्याख्यानकसडोल/ किसी भी व्यक्ति को बचपन से ही अक्षर ज्ञान के साथ सामाजिक अंधविश्वासों व कुरीतियों के संबंध में सचेत किया जाना चाहिए। वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास से विभिन्न अंधविश्वासों व कुरीतियों का निर्मूलन संभव है, व्यक्ति को अपनी असफलता का दोष ग्रह-नक्षत्रों पर न थोपने की बजाय स्वयं की खामियों पर विश्लेषण करना चाहिए, उक्त विचार दौलत राम शर्मा शासकीय महाविद्यालय कसडोल द्वारा आयोजित व्याख्यान में अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने व्यक्त किये।डॉ. मिश्र ने अंधविश्वास एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आयोजित कार्यक्रम कहा हमारे देश के विशाल स्वरूप में अनेक जाति, धर्म के लोग हैं जिनकी परंपराएँ व आस्था भी भिन्न-भिन्न है लेकिन धीरे धीरे कुछ परंपराएँ, अंधविश्वासों के रूप में बदल गई है। जिनके कारण आम लोगों को न केवल शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा से गुजरना पड़ता है बल्कि ठगी का शिकार होना पड़ता है। कुछ चालाक लोग आम लोगों के मन में बसे अंधविश्वासों, अशिक्षा व आस्था का दोहन कर ठगते हैं। उन अंधविश्वासों व कुरीतियों से लोगों को होने वाली परेशानियों व नुकसान के संबंध में समझा कर ऐसे कुरीतियों का परित्याग किया जा सकता है। विभिन्न सामाजिक व चिकित्सा के संबंध में व्याप्त अंधविश्वासों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा देश के विभिन्न प्रदेशों में अनेक प्रकार के अंधविश्वास प्रचलित हैं जो न केवल समाज की प्रगति में बाधक हैं बल्कि आम व्यक्ति के भ्रम को बढ़ाते हैं, उसके मन की शंका-कुशंका में वृद्धि करते हैं।डॉ. मिश्र ने कहा छत्तीसगढ़ में टोनही के नाम पर महिला प्रताडऩा की घटनाएँ आम है जिनमें किसी महिला को जादू-टोना करके नुकसान पहुँचाने के संदेह में हत्या, मारपीट कर दी जाती है जबकि कोई नारी टोनही या डायन नहीं हो सकती, उसमें ऐसी कोई शक्ति नहीं होती जिससे वह किसी व्यक्ति, बच्चों या गाँव का नुकसान कर सके। जादू-टोने के आरोप में महिला प्रताडऩा रोकना आवश्यक है। अंधविश्वासों के कारण होने वाली टोनही प्रताडऩा/बलि प्रथा,तथा सामाजिक बहिष्कार जैसी घटनाओं से भी मानव अधिकारों का हनन हो रहा है। अंधविश्वासों एवं सामाजिक कुरीतियों के निर्मूलन के लिये प्रदेश में पिछले 29 वर्षों से कोई नारी टोनही नहीं अभियान चलाया जा रहा है।डॉ. मिश्र ने कहा कि समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास अतिआवश्यक है। कई बार लोग चमत्कारिक सफलता प्राप्त करने की उम्मीद में ठगी के शिकार हो जाते हैं, जबकि किसी भी परीक्षा, साक्षात्कार, नौकरी प्रमोशन के लिए कठोर परिश्रम व सुनियिोजित तैयारी आवश्यक है। तुरन्त सफलता के लिए किसी चमत्कारिक अँगूठी, ताबीज, तंत्र-मंत्र कथित बाबाओं के चक्कर में फँसने की बजाय परिश्रम का रास्ता अपनाना ही उचित है।डॉ. मिश्र ने कहा समाज में जादू-टोना, टोनही आदि के संबंध में भ्रामक धारणाएँ काल्पनिक है, जिनका कोई प्रमाण नहीं है। पहले बीमारियों के उपचार के लिए चिकित्सा सुविधाएँ न होने से लोगों के पास झाड़-फूँक व चमत्कारिक उपचार ही एकमात्र रास्ता था, लेकिन चिकित्सा विज्ञान के बढ़ते कदमों व अनुसंधानों ने कई बीमारियों, संक्रामकों पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया है तथा कई बीमारियों के उपचार की आधुनिक विधियाँ खोजी जा रही है। बीमारियों के सही उपचार के लिए झाड़-फूँक, तंत्र-मंत्र की बजाय प्रशिक्षित चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। कोरोना काल में भी आधुनिक चिकित्सा के सहयोग से महामारी पर नियंत्रण पाया जा रहा है .डॉ मिश्र ने कहा आमतौर पर अंधविश्वासों के कारण होने वाली घटनाओं की शिकार महिलाएँ ही होती है। अपनी सरल प्रवृत्ति के कारण से सहज ही चमत्कारिक दिखाई देने वाली घटनाओं व अफवाहों पर विश्वास कर लेती है व ठगी व प्रताडऩा की शिकार होती है, जिससे भगवान दिखाने के नाम पर रूपये, गहने दुगुना करने के नाम पर ठगी की जाती है। अंधविश्वास एवं सामाजिक कुरीतियों के निर्मूलन व सामाजिक जागरण में अपना अमूल्य योगदान विद्यार्थी एवं स्थानीय ग्रामीण भी दे सकते हैं। उन्हें आस-पास के लोगों को इस संदर्भ में विज्ञान सम्मत जानकारी देनी चाहिए। कार्यक्रम में व्याख्यान के बाद चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या भी प्रस्तुत की गई व प्रश्नोत्तर हुए . कार्यक्रम को डॉ शैलेश जाधव, महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ एच के एस गजेंद्र ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के डॉ. पटेल, डॉ बर्मन, सहित छात्र , उपस्थित रहे.
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बालोद/जिले के बालोद विकासखण्ड के ग्राम बोरी में शासकीय उचित मूल्य की दुकान के संचालन हेतु 12 दिसम्बर 2024 तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बालोद नेे बताया कि इच्छुक ग्राम पंचायत, महिला स्वसहायता समूह, प्राथमिक कृषि शाख समितियां, अन्य सहकारी समितियां एवं राज्य शासन द्वारा विर्निदिष्ट उपक्रम 12 दिसम्बर 2024 को शाम 05.30 बजे तक कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बालोद के में निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि उक्त संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बालोद में उपस्थित होकर प्राप्त की जा सकती है।
- भू-जल स्तर के संरक्षण एवं ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन व तिलहन फसलों की खेती हेतु दिया गया तकनीकी मार्गदर्शनबालोद /कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के मार्गदर्शन में जिले के जिले के विकासखण्ड गुरूर के ग्राम चुल्हापथरा में एक्सटेंशन रिफार्म्स आत्मा योजना अंतर्गत 06 दिवसी कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में किसानों को भू-जल स्तर के संरक्षण एवं ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन व तिलहन फसलों की खेती हेतु तकनीकी मार्गदर्शन एवं लाभ के संबंध मंे जानकारी प्रदान की गई। उप संचालक कृषि श्री जी.एस. धुर्वे ने बताया कि कार्यक्रम में 25 कृषकों को मूंग एवं गन्ना फसल की उन्नत व तकनीकी खेती सिखाने हेतु फ्रन्ट लाईन डेमोन्शट्रेशन लगाकर फसल की क्रांतिक अवस्थाओं में 06 दिवसीय कृषक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रगतिशील कृषक श्री जंगलू राम द्वारा मूंग फसल की उन्नत खेती का प्रदर्शन लगाकर एवं श्री भेदराम सिन्हा द्वारा गन्ना की उन्नत खेती का प्रदर्शन के माध्यम से 25 कृषकों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र अरौद के द्वारा किसानों को मूंग एवं गन्ना की तकनीकी खेती के साथ-साथ गिरते भू-जल स्तर के संरक्षण हेतु ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन व तिलहन फसलों की खेती हेतु तकनीकी मार्गदर्शन एवं लाभ की जानकारी प्रदान किया गया।
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बालोद/राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा संसाधन स्त्रोत केन्द्र बालोद में दिव्यांग बच्चों की शारीरिक बाधाओं को दूर करने हेतु थैरेपिस्ट की अस्थायी नियुक्ति किया जाएगा। जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा बालोद ने बताया कि थैरेपिस्ट की अस्थायी पद की नियुक्ति हेतु साक्षात्कार 02 दिसम्बर को दोपहर 12 बजे से जिला पंचायत सभागार में आयेाजित किया गया है। उन्होंने बताया कि शिक्षा संसाधन स्त्रोत केन्द्र बालोद में थैरेपिस्ट की अस्थायी पद हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों की निराकरण उपरांत मेरिट सूची के प्रकाशन जिले की वेबसाइट बालोद डाॅट जीओवी डाॅट इन में किया गया है। इसके साथ ही आवेदक जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा बालोद कलेक्ट्रेट कक्ष क्रमांक 68 के सूचना पटल पर भी सूची का अवलोकन किया जा सकता है।
- भिलाईनगर/प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत नगर निगम भिलाई के विभिन्न हाउसिंग क्षेत्रों में मकान का निर्माण किया जा रहा है। जिनमें मोर मकान-मोर आस, मोर मकान-मोर चिन्हारी एवं बीएलसी मोर जमीन-मोर मकान मकानों में हो रहे निर्माण का निरीक्षण आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान संबंधित एजेंसी चंद्रनिर्मल प्राईवेट लिमिटेड एवं गोयल ट्रेडर्स जिसे मकान निर्माण का काम दिया गया है, उनको निर्माण कार्य समय अवधि में गुणवत्तापूर्ण कार्य करने हेतु निर्देशित किये। साथ ही कहा कि रोड़, नाली, पानी, बिजली की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ विद्युत विभाग से कार्यपालन अभियंता नवीन राठी भी वहां उपस्थित थे, उनको मकान निर्माण के दौरान विद्युत व्यवस्था मार्च में ही पूर्ण करने के बारे में आयुक्त से चर्चा हुई। तो उनको द्वारा बताया गया कि सीएसईबी निविदा प्रक्रिया में विलम्ब होने के कारण ट्रांसफार्मर नहीं लग पाया, जिससे विद्युत व्यवस्था की प्रतिपूर्ति नहीं हो पाई, जिसे शीध्र पूर्ण करने को कहा।कार्यपालन अभियंता विनिता वर्मा एवं एजेंसी के अभियंता को आयुक्त पाण्डेय ने निर्देशित किये कि समय-समय पर आकर कार्यो का निरीक्षण करें। जैसे-जैसे मकानो का निर्माण पुरा होते जाए, हम लाॅटरी के माध्यम से उसको आबंटित करते जाएगें। प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की अति महत्वकांक्षी योजना है। इसको समय अवधि में पूर्ण करना है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जावेगी। कुछ मकान जो पूर्व में आबंटित हो चुके है, वहां पर निवासरत हितग्राहियो से जानकारी प्राप्त किये। वहां पर रहने पर किसी प्रकार की असुविधा या परेशानी तो नहीं हो रही है। हितग्राही भगवंतीन द्वारा बनाया गया कि उन्हे मकान में रहकर बहुत अच्छा लग रहा है मैं बालकनी से खड़े होकर बाहर देखती हुॅ, तो बहुत अच्छा लगता है। कभी नहीं सोची थी कि मेरे मकान में भी बालकनी, शौचालय, बाथरूम, किचन होगा। आयुक्त ने सभी से सफाई व्यवस्था बनाये रखने, अपने घरो से निकलने वाली सूखे एवं गीले कचरे को अलग-अलग देने कहा।भ्रमण के दौरान जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, सीएलटीसी उत्पल ठाकुर, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, जनसम्पर्क अधिकारी अजय कुमार शुक्ला, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना आदि उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर/ 70 प्लस वरिष्ठ नागरिकों का आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य नगर निगम भिलाई क्षेत्र में निरंतर चल रहा है। अभी तक 900 से अधिक 70 प्लस के बुजुर्ग व्यक्तियों का आयुष्मान कार्ड बनाया गया। इसको और गति देने के लिए नगर निगम भिलाई की सभागार में मितानिन बहने, ट्रेनर एवं मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर की गई की ट्रेनिंग आयोजित की गई। उन्हें बताया गया कैसे हम मोबाइल के माध्यम से रजिस्टर्ड करने के बाद हितग्राहियों को घर घर जाकर आयुष्मान कार्ड बना सकते हैं।70 प्लस आयुष्मान कार्ड सभी वर्ग के लोगों का बन रहा है, इसमें ₹500000 तक का नेशनल चिकित्सा बीमा प्रदान किया जाता है। आयुष्मान कार्ड द्वारा शासन द्वारा निर्धारित प्रमुख अस्पतालों में निशुल्क इलाज करवाया जा सकता है। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा आवाहन किया गया, कि सबसे पहले अपने घर के बुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बनाना शुरू करें। फिर उसके बाद अपने अड़ोस-पड़ोस, मोहल्ले के घर.घर जाएं आयुष्मान कार्ड बनाएं, हमारे नगर निगम में 26000 से अधिक लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाना है, इसमें शीघ्रता लाना है। निर्धारित अवधि के अंदर हम सब अपने लक्ष्य को पाना है।वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन एवं महापौर नीरज पाल आवाहन किया है कि प्रधानमंत्री जी द्वारा बहुत ही अच्छी योजना लाई गई है। सभी बुजुर्गों के बहुत उपयोगी है 70 प्लस के बड़े बुजुर्गों को इलाज में बहुत लाभ मिलेगा। हम लोग वार्डों में शिविर लगाएंगे, घर.घर जाएंगे। आयुष्मान कार्ड बनवाएंगे भिलाई नगर के निवासियों से अपील है। कि अपने घर के बुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड अवश्य बनवाने के लिए प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित रहे समन्वयक देवेश त्रिवेदी मैनेजर, अमन पटले आदि उपस्थित रहे।
- जगदलपुर । बस्तर ओलपिंक 2024 के तहत जगदलपुर में दिसंबर माह में आयोजित की जाने वाली संभाग स्तरीय प्रतियोगिता की तैयारियों की समीक्षा बैठक कमिश्नर श्री डोमन सिंह और आईजी श्री सुंदरराज पी. द्वारा किया गया। जिला कार्यालय के आस्था सभाकक्ष में प्रतियोगिता की रूपरेखा, प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र, मेडल और शील्ड और अन्य आवश्यक व्यवस्था का आंकलन किया।कमिश्नर श्री सिंह ने सभी जिलों के बस्तर ओलंपिक के नियुक्त नोडल से समन्वय कर खिलाड़ियों को लाने, ठहरने और भोजन व्यवस्था के संबंध में चर्चा करने के निर्देश दिए। बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय आयोजन में उद्घाटन और समापन समारोह की व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम की व्यवस्था, ब्रांडिंग की व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा किए। इसके उपरांत सभी अधिकारियों ने इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में पहुंचकर मुख्य मंच सहित अन्य कार्यक्रमों की तैयारियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिंहा, सीईओ जिला पंचायत सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।
- धमतरी। राष्ट्रीय आयुष कार्यक्रम सुप्रजा, धमतरी ज़िले में गर्भवती महिलाओं और उनके गर्भस्थ शिशुओं के स्वास्थ्य के लिए शुरू की गई एक योजना है. इस योजना का मकसद है कि गर्भवती महिलाएं स्वस्थ रहें और उनका बच्चा निरोगी पैदा हो. इस योजना के तहत, गर्भवती महिलाओं को आयुर्वेदिक दवाएं, योग, मेडिटेशन, पौष्टिक आहार और गतिविधियां दी जाती हैं। जिले में अब तक 202 ग्रामों में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा चुका है, जिसमें 1277 गर्भवती महिलाएं योजनान्तर्गत पंजीकृत हैं। वनांचल नगरी विकासखण्ड के गट्टासिल्ली की श्रीमती शारदा निषाद की प्रथम होने वाली संतान को IUGR (गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास सामान्य दर से न हो पाना) था, उनके द्वारा सुप्रजा कार्यक्रम के अंतर्गत बताए गए मासानुमासिक विहार, गर्भावस्थाक औषधि का प्रयोग, योग तथा मंत्र श्रवण किया गया। नतीजन उनका प्रसव बिल्कुल नॉर्मल तथा बच्चों का वजन 3.5 ग्राम रहा। इसी तरह श्रीमती प्रियंका मरकाम को गर्भावस्था के दौरान बार-बार खून की कमी होती थी, सुप्रजा कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे गर्भावस्था के दौरान उन्होंने गर्भ संस्कार कार्यक्रम अपनाया तथा धात्री लोगों का सेवन साथ में किया उनका हीमोग्लोबिन पूरे गर्भावस्था के दौरान 11 से ऊपर था तथा उनके द्वारा स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया गया।भारत सरकार, आयुष मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत वर्ष 2023-24 से राष्ट्रीय कार्यक्रम सुप्रजा सचालित किया जा रहा है। सुप्रजा कार्यक्रम गर्भवती, नवजात शिशु की देखभाल एवं सुरक्षा हेतु प्रारंभ किया गया है। इन संस्थाओं में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ को भारत सरकार की गाईडलाइन के तहत गतिविधियों जैसे प्रतिमाह गर्भवती जांच, शिशु विकास परीक्षण, गर्भवती महिलाओं को शारीरिक, मानसिक तथा भावनात्मक रूप से स्वस्थ रखने हेतु स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही है। उत्तम गुणयुक्त संतान प्राप्ति के लिए गर्भसंस्कार करवाया जा रहा है। गर्भावस्था अनुरूप आहार-विहार संबंधित सलाह (प्रत्येक माह अनुसार आयुर्वेद आहार) तथा प्रत्येक गर्भिणी को गर्भावस्था में किये जाने वाली उपयोगी योगासन की जानकारी योग प्रशिक्षक एवं आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा दी जा रही है। ज्यादा से ज्यादा गर्भिणी महिला योग का लाभ ले सके इसलिए आयुष संस्थाओं में योगसत्र का आयोजन भी किया जा रहा है। गर्भावस्था में गर्भवती महिलाओं को आयुर्वेद औषधियां निःशुल्क प्रदान की जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत गर्भावस्था की जटिलताएं कम हुई हैं। साथ ही सिजेरियन डिलीवरी की संख्या घट रही है। जननी एवं नवजात शिशु की प्रसवोत्तर 06 माह तक चिकित्सक द्वारा फॉलोअप किया जा रहा है तथा नवजात शिशु को स्तनपान करवाने हेतु जननी को सलाह दी जा रही है।
- -बैंक सखी के रूप में 10 करोड़ रुपए से अधिक का किया अब तक ट्रांसेक्शन, बैंक खाते खुलवाकर शासकीय योजनाओं से जोड़ने का भी कर रहीं हैं कार्य=बिहान से मिली बैंक सखी के काम की जानकारी, बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने का सपना होगा अब पूरा- बैंक सखी ममताअम्बिकापुर । उदयपुर के ग्राम राजबान की ममता जायसवाल तीन गांवों सलका, सरगवां और खोडरी में बैंक सखी के रूप में कार्य कर रहीं हैं और यहां के लोगों के लिए एक चलता-फिरता बैंक हैं। ममता के जरिए इन गांवों के निशक्त, दिव्यांग, बुजुर्ग, महिलाएं सभी को बैंकिग सुविधा अब घर तक मिल रहीं हैं। वहीं बैकिंग लेनदेन में भी लोग आसानी से सुविधाओं का लाभ ले पा रहे हैं। बैंक खाता ना होने की वजह से जिन लोगों तक शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता था, बैंक सखी ममता के जागरूक करने पर उनका भी अब घर बैठे बैंक खाता खुल गया है। वहीं ममता स्वयं भी बैंक सखी के रूप में कार्य कर आर्थिक रूप से सशक्त हुईं हैं और अपने सपनों को पूरा कर रहीं हैं।पेंशन, बीमा सहित अन्य बैंकिंग सुविधाओं का दिला रहीं हैं लाभ-ममता घर-घर जाकर लोगों तक बैंकिग सुविधा पहुंचा रहीं हैं। ममता बैंक सखी का कार्य कर रहीं हैं, और उन्होंने अब तक 10 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का ट्रांसेक्शन किया है। पेंशन, बीमा, महतारी वंदन योजना की राशि, मजदूरी भुगतान सहित अन्य सभी का लाभ ग्रामीणों तक आसानी से पहुंच रहा है। ग्राम सलका के ग्राम पंचायत राजबान कि दिव्यांग वर्षा बताती हैं कि दिव्यांगता के कारण उन्हें कई समस्या का सामना करना पड़ता है, कहीं आने जाने के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। वर्षा बताती हैं कि उन्हें दिव्यांग पेंशन की राशि लेने बैंक जाना पड़ता था, अब बैंक वाली दीदी स्वयं घर आकर पेंशन की राशि देकर जाती हैं।ग्राम राजबान की संतोषी जयसवाल बताती हैं कि मुझे शासन की महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, हर माह एक हजार रुपए बैंक में आता है। जिसे निकालने के लिए कामकाज के बीच से समय निकालकर बैंक जाना पड़ता था। बैंक सखी ममता गांव में ही आकर अब हम महिलाओं को महतारी वंदन योजना की राशि देकर जाती हैं। इन पैसों से हम महिलाएं अपनी घरेलू आवश्यकताओं को पूरा कर पा रहे हैं। इसी क्रम में विधवा पेंशन योजना से लाभान्वित बुजुर्ग मानोबाई ने बताया ग्राम पंचायत भवन में बैंक सखी ममता आतीं हैं और गांव वालों की मदद करती हैं।बिहान योजना से बैंक सखी बनीं ममता, हर माह 10 से 15 हजार रूपए कमाकर आर्थिक रूप से हुईं सशक्त, अब बच्चों को बेहतर शिक्षा का सपना भी हो रहा पूरा-स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद, ममता को बिहान योजना के अंतर्गत बैंक सखी बनने का अवसर मिला। ममता को आरसेटी में बैंकिंग सेवाओं के सम्बन्ध में प्रशिक्षण दिया गया। ममता बताती हैं कि बैंक सखी का कार्य मुझे बहुत अच्छा लगता है, लोगों की मदद कर संतोष मिलता है। उन्होंने बताया कि बैंक सखी के रूप में उन्हें प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपए की आमदनी हो जाती है। आर्थिक रूप से सशक्त होकर उन्हें समाज में पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि उनके पति का होटल और किराने के दुकान का व्यवसाय है, जिससे परिवार की जरूरतें तो पूरी जाती हैं। उन्होंने बताया कि उनके 4 बच्चे हैं, बैंक सखी से मिले पैसों को बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए जमा किया है और उनका यह सपना भी अब पूरा हो जाएगा।ममता ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का जताया आभार-बिहान योजना से जुड़कर ममता जायसवाल जैसी कई महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुईं हैं। ममता ने बताया कि बिहान योजना से जुड़कर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने इस हेतु राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया। बता दें वर्तमान में सरगुजा जिले के 7 जनपद पंचायतों में 87 बीसी सखी कार्यरत हैं, जिनके द्वारा ग्रामीणों के घर-घर तक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रहीं है।
- -माओवाद प्रभावित गांवों में योजनाओं की पैठ हो रही मजबूतकांकेर । प्रधानमंत्री आवास योजना से जिले के गरीब परिवारों का पक्के आवास का सपना मूर्तरूप ले रहा है। जीवन में प्रत्येक व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना पक्का घर हो, जिसमें वह अपने परिवार को स्थायी रूप से सुरक्षा दे सके और पृथक रसोई कक्ष, शयन कक्ष, शौचालय की सुविधा के साथ सुखमय जीवन व्यतीत कर सकें। ऐसे में गरीबों के लिए पक्का घर का सपना प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हो रहा है।माओवाद प्रभावित एवं दुर्गम सुदूर क्षेत्र कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के ग्राम कन्दाड़ी निवासी श्री मेशिया पद्दा भी उनमें से एक हैं जिन्होंने अपने सपने को जीवंत करने का हौसला रखते हैं। उनके इस सपने को आकर देने का काम कर रही है प्रधानमंत्री आवास योजना। श्री पद्दा ने बताया कि उनका परिवार सालों से कच्चे मकान में निवासरत है, जिसके चलते हर मौसम में अलग-अलग तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में कच्चे, खदरनुमा एवं खपरैल का घर होने के कारण जगह-जगह पानी टपकना, जमीन में सीलन आना, सांप बिच्छू का डर सताते रहता है। वहीं सर्दी के मौसम में शीत और ठण्ड बढ़ जाने से तबीयत बिगड़ने का भय बना रहता है। कच्चे घर वन्य जीवों व कीड़े-मकोड़ों के प्रवेश करना भी आम बात है। श्री पद्दा ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् अब पक्का मकान बनने के बाद इन सभी परेशानियों से निजात मिलेगी।हितग्राही श्री मेशिया ने बताया कि शासन की जनकल्याणकारी योजना के तहत इस सुदूर क्षेत्र में आवास स्वीकृत होने से जीवन में आशातीत परिवर्तन आया है। प्रशासन की मदद से तत्काल आवास का ले-ऑउट करवाकर निर्माण सामग्री पहुंचाने में मदद मिली है, जिससे वर्तमान में नींव खुदाई कर कॉलम की ढलाई की गई है। हितग्राही ने कहा कि उनका स्वयं का पक्का मकान बनाने का सपना पूरा होने जा रहा है। नवीन आवास निर्माण से वे अत्यंत खुश एवं उत्साहित हैं कि अब मकान बनने से परेशानियां दूर होंगी और उनका परिवार पक्के मकान में निश्चिंत व निर्भीक होकर आराम के साथ रहेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार प्रकट किया।
- मनेन्द्रगढ़।आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा व्दारा 08 अक्टूबर 2024 के तहत प्राप्त स्वीकृति एवं निर्देशानुसार मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जिला स्तरीय चयन समिति के अनुमोदन उपरांत अनुशंसा के आधार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत जिला स्तर पर समन्वयक (तकनीकी), कम्प्यूटर प्रोग्रामर एवं लेखापाल के संविदा 01-01 रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक एवं वांछित अर्हताधारी अभ्यर्थी अपना आवेदन 16 दिसम्बर 2024 को अपराह्न 5:30 बजे तक कार्यालय परियोजना निदेशक, ग्रामीण विकास प्रशासन योजना, जिला पंचायत (डीआरडीए), द्वितीय तल, कार्यालय सहायक आयुक्त राज्य कर, कोरिया वृत्त, मनेन्द्रगढ़, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (छ.ग.) के नाम से पंजीकृत डाक / स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया, पदों की संख्या, निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, आवेदन पत्र प्रारूप एवं अन्य विवरण संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए जिला कार्यालय परियोजना निदेशक ग्रामीण विकास प्रशासन योजना, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सूचना पटल अथवा जिले की आधिकारिक वेबसाइटhttps://manendragarh-chirmiri-bharatpur.cg.gov.in/notice_category/पर देखा जा सकता है। इच्छुक अभ्यर्थी समय सीमा का पालन करते हुए अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते है ।
- रायपुर।छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र (CGSCCC) द्वारा नवा रायपुर अटल नगर स्थित अरण्य भवन में ”सतत आवास और कृषि क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (APCC) के क्रियान्वयन” पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एयर कंडीशनर तापमान विनियमन पर पोस्टर और जलवायु परिवर्तन से संबंधित 100 सफलता कहानियों पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया गया।कार्यशाला में पद्मश्री उमा शंकर पांडे ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित अरण्य भवन में आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जल संकट आज विश्व की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है। उन्होंने यह बात दोहराई कि पानी बनाया नहीं जा सकता, केवल बचाया जा सकता है। उन्होंने सभी से जल बचाने की अपील की और इस दिशा में ठोस व सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।उन्होंने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए संग्रहालय और विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही, उन्होंने यह सुझाव दिया कि छात्रों को पानी बचाने के उपायों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाए और ”पानी की पाठशाला” जैसी पहल शुरू की जाए, ताकि जल के महत्व और उसके संरक्षण की तकनीकों को लोगों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी पद्धतियां अपनाई जानी चाहिए, जिनसे घर का पानी घर में, गांव का पानी गांव में और जंगल का पानी जंगल में ही संरक्षित रहे। उन्होंने नया रायपुर में मौजूद जल संरचनाओं और जलाशयों की सराहना की। इसके अलावा, उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की प्रशंसा की और नदियों को स्वच्छ रखने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की समस्या को कम करने के लिए समुदाय की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस दिशा में ”प्लास्टिक का उपयोग न करने” और आम जनता के बीच जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी), हरित भवन (ग्रीन बिल्डिंग), और हरित इस्पात (ग्रीन स्टील) जैसे नवाचारी उपायों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समुदाय के प्रत्येक सदस्य को अपनी भूमिका समझनी होगी और पर्यावरण अनुकूल आदतें विकसित करनी होंगी। साथ ही, उन्होंने जोर दिया कि जागरूकता अभियानों और स्थानीय स्तर पर प्रयासों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडे ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सतत आवास और कृषि क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रभावी समाधान खोजने के साथ-साथ (APCC) के तहत बनाई गई रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा करना है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र (CGSCCC) राज्य की जलवायु परिवर्तन संबंधी समस्याओं को सुलझाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री और वन मंत्री के नेतृत्व में तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के मार्गदर्शन में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।कार्यशाला में आबकारी विभाग की सचिव एवं आयुक्त आर. संगीता, आईआईटी मुंबई के क्लाइमेट स्टडीज विभाग के प्रोफेसर डॉ. रघु मर्तुगुडे, तमिलनाडु WTC के पूर्व निदेशक डॉ. पन्नीरसेल्वम, रायपुर नगर निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा, बेंगलुरु के वास्तुकार डॉ. सुजीत कुमार, अंबिकापुर नगर निगम के स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी रितेश सैनी और नर्मदा नैचुरल फार्म्स के संस्थापक संकल्प शर्मा सहित अन्य विशेषज्ञों ने भाग लिया। इन विशेषज्ञों ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपने विचार और अनुभव साझा किए।कार्यशाला में दो तकनीकी सत्र और दो पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं। कार्यशाला में विभिन्न विषय विशेषज्ञों, अधिकारियों और पर्यावरणविदों सहित पीसीसीएफ आनंद बाबू, अतिरिक्त पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) प्रेम कुमार, वानिकी विशेषज्ञ बी.पी. सिंह, आईएफएस अधिकारी अमिताभ बाजपेयी, और कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया।






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