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- -सर्वाधिक समर्थन मूल्य से किसान बन रहे आत्मनिर्भर-किसान तुहंर टोकन ऐप से घर बैठे 24×7 टोकन, समय और लागत दोनों की बचतरायपुर,। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी तिहार किसानों के लिए समृद्धि का माध्यम बनता जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा घोषित धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य और पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था से किसानों को सीधा और त्वरित लाभ मिल रहा है। धान उपार्जन केंद्रों में लागू डिजिटल टोकन प्रणाली ने खरीदी प्रक्रिया को सरल, सुगम और पूरी तरह परेशानी मुक्त बना दिया है।अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत रामपुर धान उपार्जन केंद्र में धान विक्रय के लिए पहुंचे ग्राम पंचायत इंदरपुर निवासी लघु किसान श्री महेंद्र यादव ने डिजिटल व्यवस्था की सराहना करते हुए बताया कि उनके पास कुल 120 क्विंटल धान का रकबा है। उन्होंने किसान तुहंर टोकन ऐप के माध्यम से घर बैठे ही 60 क्विंटल धान का डिजिटल टोकन कटवाया। श्री यादव ने कहा कि अब टोकन के लिए समिति के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जिससे समय, श्रम और अतिरिक्त खर्च की बचत हो रही है।उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र पहुंचते ही नमी परीक्षण सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्रता से पूरी की गईं तथा समय पर बारदाना भी उपलब्ध कराया गया। तौल प्रक्रिया पूरी तरह सुव्यवस्थित रही और धान विक्रय के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।कृषक महेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी किए जाने से किसानों को बड़ा आर्थिक संबल मिला है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष धान विक्रय से प्राप्त आय से उन्होंने मोटरसाइकिल खरीदी थी। वर्तमान में वे खेती-बाड़ी का विस्तार करते हुए गेहूं, दलहन, तिलहन एवं सब्जी की खेती भी कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। कृषक श्री यादव ने धान खरीदी की सुचारु, पारदर्शी और किसान हितैषी व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया।
- -कवर्धा विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र को मिली बड़ी सौगातरायपुर।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के वनांचल और ग्रामीण क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए 5 करोड़ 74 लाख 87 हजार रुपये की लागत से तीन महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों का विधिवत पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। इन सड़क निर्माण कार्यों से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने के साथ-साथ विकास को भी नई गति मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सर्वप्रथम मेन रोड से ग्राम कटगो तक 3 करोड़ 35 लाख रूपए लागत की 6.81 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस सड़क के निर्माण से वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में होने वाली कठिनाइयों से निजात मिलेगी और ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से सीधा संपर्क स्थापित होगा।इसके पश्चात उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मेन रोड से खिरसाली तक 1 करोड़ 36 लाख 50 हजार रूपए लागत के 4 किमी लंबी सड़क निर्माण का भूमिपूजन किया। वहीं मेन रोड से लाटा तक 1 करोड़ 02 लाख 90 हजार रूपए लागत की 2.80 किमी लंबे सड़क निर्माण कार्य का भी विधिवत भूमिपूजन किया।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण विकास को लेकर पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ग्राम कटगो में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कुल 263 आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनका निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि गांवों में अधोसंरचनात्मक विकास को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा हैउप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों को यह भी जानकारी दी कि आगामी नववर्ष के अवसर पर 01 जनवरी को भोरमदेव कॉरिडोर का भव्य भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और कवर्धा जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी ग्रामवासियों को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री लोकचंद साहू, श्री राम किंकर वर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- रायपुर ।प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदी से किसानों की मेहनत को उचित दाम मिल रहा है साथ ही शासन की किसान हितैषी नीतियां और योजनाएं उन्हें समृद्धि की ओर अग्रसर कर रही है। कोंडागांव जिले के ग्राम मसौरा की कृषक आयती बाई यादव ने धान विक्रय से प्राप्त राशि ने न केवल उनके आर्थिक बोझ को कम किया, बल्कि नई उम्मीद के साथ आगे की खेती की तैयारी में जुट गई है।आयती बाई यादव ने मसौरा उपार्जन केंद्र में अपनी 4 एकड़ भूमि की उपज 50 क्विंटल धान बेचा है, जिससे प्राप्त राशि से उन्होंने पहले से लिए गए ऋण का भुगतान कर आर्थिक रूप से राहत पाई। शेष राशि का उपयोग वे अब मक्के की खेती के लिए तैयारी में कर रही हैं। इसके साथ ही आयती बाई को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी निरंतर लाभ मिल रहा है। योजना के अंतर्गत उन्हें वर्ष में तीन किस्तों में 6,000 रुपये प्राप्त होते हैं, जिससे खेती कार्यों में छोटी जरूरतों को पूरा करने के साथ जरूरत के समय में परिवार के दैनिक जीवन-यापन में काफी सहूलियत मिल रही है। शासन द्वारा संचालित योजनाएं जैसे समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, सम्मान निधि योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, फसल बीमा योजना से किसानों को बड़ी राहत मिल रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रहे हैं और खेती को बेहतर ढंग से आगे बढ़ा पा रहे हैं। शासन की किसान कल्याणकारी नीतियाँ जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और किसानों के जीवन को खुशहाल बना रही हैं।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड-कुसमी की बिनगंगा जलाशय योजना के कार्यों हेतु 25 करोड़ 41 लाख 42 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। जलाशय योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण हो जाने पर 500 हेक्टेयर खरीफ और 230 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी की फसलों की सिंचाई की जायेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन द्वारा योजना के कार्यों को पूरा कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- -सीमांत किसान ज्ञानेश्वर वैष्णव ने पारदर्शी व्यवस्था की सराहना कीरायपुर। प्रदेश में धान उपार्जन केन्द्रों पर लागू की गई पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। डिजिटल टोकन प्रणाली के चलते धान विक्रय की प्रक्रिया न केवल सरल और सहज हुई है, बल्कि किसानों के समय, श्रम और खर्च में भी उल्लेखनीय बचत हो रही है।अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मुडेसा निवासी सीमांत किसान श्री ज्ञानेश्वर प्रसाद वैष्णव ने बताया कि इस वर्ष उनकी धान की फसल बेहतर रही है। उनके पास कुल 45.60 क्विंटल धान था, जिसके लिए उन्होंने किसान तुहंर टोकन ऐप के माध्यम से घर बैठे ही पहला टोकन काटा। डिजिटल व्यवस्था के कारण उन्हें टोकन कटवाने के लिए बार-बार उपार्जन केन्द्र जाने की जरूरत नहीं पड़ी।श्री वैष्णव ने बताया कि उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही उन्हें गेट पास जारी किया गया, नमी परीक्षण किया गया और तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। पूरी धान विक्रय प्रक्रिया सुव्यवस्थित रही और किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि केन्द्रों में किसानों के लिए पीने के पानी और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जिससे सुविधाजनक वातावरण मिला।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक समर्थन मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक लाभ हो रहा है। प्राप्त राशि का उपयोग वे गेहूं, तिलहन और सब्जी सहित अन्य फसलों की खेती में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। सीमांत किसान श्री ज्ञानेश्वर प्रसाद वैष्णव ने धान खरीदी की वर्तमान पारदर्शी, डिजिटल और किसान हितैषी व्यवस्था की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस व्यवस्था से किसान संतुष्ट और खुश हैं।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहाँ लोकभवन में विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमाारी की उपाध्यक्ष पद्मश्री निवेदिता रघुनाथ भिडे एवं राज्य के अन्य पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने केन्द्र की गतिविधियों के संबंध में राज्यपाल को अवगत कराया और आवश्यक सहयोग के लिए अनुरोध किया। राज्यपाल श्री डेका ने रायपुर स्थित विवेकानंद केन्द्र में संचालित कौशल प्रशिक्षण केन्द्र के लिए 10 कम्प्यूटर प्रदान करने की स्वीकृति दी। इस अवसर पर राज्य संगठक सुश्री रचना जानी, सह प्रांत संगठक सुश्री ऋतुमणि दत्त, नगर संचालक, रायपुर श्री चेतन तारवानी, नगर प्रमुख, रायपुर श्री आशीष दुबे, संपर्क प्रमुख, रायपुर श्री सिद्धार्थ जैन भी उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लिया तैयारियों का जायजा, अधिकारियों को दिए दिशा निर्देशरायपुर।, 01 जनवरी को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास को नई दिशा देने वाले भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का भूमिपूजन होने जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल से लगभग 146 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले इस परियोजना का भूमिपूजन केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के करकमलों से संपन्न होगा।आयोजन की तैयारियों का जायजा लेने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज भोरमदेव मंदिर परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मुख्य मंच एवं बैठक व्यवस्था, जनसमुदाय के बैठक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात, पार्किंग, पेयजल सहित आयोजन से संबंधित अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, सभापति डॉ वीरेंद्र साहू, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, एएसपी श्री पुष्पेंद्र सिंह बघेल, एडीएम श्री विनय पोयाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।भोरमदेव मंदिर परिसर अपनी प्राचीन स्थापत्य कला और धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध है। पर्यटन कॉरिडोर के निर्माण से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी। भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत सड़क, पार्किंग, व्यू प्वाइंट, पर्यटक सुविधा केंद्र, सौंदर्यीकरण एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाए। भोरमदेव कॉरिडोर इसी सोच का परिणाम है, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्र की पहचान को और मजबूत करेगा। भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का भूमिपूजन न केवल नए साल की शुरुआत को खास बनाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा। यह परियोजना राज्य के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
- रायपुर- नगर पालिक निगम रायपुर के स्वास्थ्य विभाग को बैरन बाजार क्षेत्र की सफाई से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही द्वारा संबंधित क्षेत्र के जोन स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। निर्देश के परिपालन में संबंधित जोन के जोन स्वास्थ्य अधिकारी एवं सफाई टीम द्वारा त्वरित रूप से मौके पर पहुंचकर सड़क पर फैले कचरे का उठाव कराया गया तथा क्षेत्र में समुचित सफाई कार्य संपादित कराया गया। सफाई कार्यवाही उपरांत उक्त क्षेत्र की स्थिति सामान्य एवं स्वच्छ पाई गई है। नगर पालिक निगम द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार की स्थिति की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए नियमित निगरानी एवं सतत सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश संबंधित जोन को दिए गए हैं।
- 0निगम स्वास्थ्य अधिकारी ने मोती महल होटल संचालक को शीघ्र होटल के आउटलेट में मिनी एसटीपी निर्माण करवाने पुनः नोटिस देकर दिया स्मरण पत्ररायपुर/आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार नगर निगम मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगर निगम जोन 4 स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर नगर निगम जोन क्रमांक 4 के अंतर्गत शास्त्री बाजार मुख्य मार्ग में कचरा डालने, आउटलेट में गन्दगी और खाद्य सामग्रियों को नाली में फेंकने की जनशिकायत नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही के मार्गनिर्देशन में किये गए औचक निरीक्षण के दौरान स्थल पर सही मिलने पर सम्बंधित मोती महल होटल के संचालक पर तत्काल नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर स्थल पर 10 हजार रूपये का ई जुर्माना किया गया और सम्बंधित होटल मोती महल के संचालक को होटल के आउटलेट में मिनी एसटीपी का निर्माण शीघ्र करवाने पुनः नोटिस देकर स्मरण पत्र दिया गया. अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत कड़ी कार्यवाही करने की चेतावनी सम्बंधित होटल मोती महल के संचालक को दी गयी है.
- - हाथी-मानव द्वंद रोकने में मददगार 6 वनकर्मी हुए सम्मानितरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रविवार को अपने निज निवास बगिया में गजरथ यात्रा-2025 पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक में जशपुर जिले में हाथी विचरण क्षेत्रों एवं संवेदनशील इलाकों के वर्गीकरण, विद्यालय स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों, गज सूचना एवं नियंत्रण कक्ष की स्थापना, मानव-हाथी द्वंद प्रबंधन हेतु तकनीकी पहल एनीमल ट्रैकर ऐप प्रशिक्षण तथा जिलेभर में गजरथ यात्रा के विस्तार एवं उपलब्धियों का विस्तार से समावेश किया गया है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हाथी-मानव द्वंद को कम करने और जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले 6 वनकर्मियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें वनपाल उमेश पैंकरा, वनरक्षक श्री दुर्गेश नंदन साय तथा आरआरटी से महत्तम राम सोनी, गणेश राम और रविशंकर पैंकरा, हाथी मित्र दल से फूल सिंह सिदार शामिल हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पुस्तक में समाहित जानकारियां आमजन को हाथियों के व्यवहार को समझने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने तथा आवश्यक सतर्कता उपायों को अपनाने में सहायक होंगी। उन्होंने विद्यालय स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण से जोड़ना भविष्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सम्मानित किए गए वनकर्मियों और आरआरटी सदस्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनकी सतर्कता, साहस और सेवाभाव के कारण ही कई गांवों में बड़ी घटनाएं टल सकी हैं, जिससे जान-माल की रक्षा संभव हो पाई है। इस दौरान कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह तथा वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- -सीएचसी फरसाबहार में निर्माणाधीन श्री सत्य साईं मातृत्व-शिशु चिकित्सालय का किया मुआयना-स्वास्थ्य सुविधा के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फरसाबहार के साथ-साथ कुनकुरी एवं मनोरा में स्थापित किए गए पोषण पुनर्वास केंद्रों का शुभारंभ किया। इन तीनों पुनर्वास केंद्रों को 10-10 बिस्तरों की सुविधा के साथ प्रारंभ किया गया है। इनके शुभारंभ के साथ ही जशपुर जिले में पोषण पुनर्वास केंद्रों की संख्या 6 हो गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कुपोषित बच्चों की माताओं से बच्चों के स्वास्थ्य और उनके ईलाज के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री इस मौके पर बच्चों के लिए पोषण कीट के साथ खिलौने भी प्रदान किए।मुख्यमंत्री ने सीएचसी फरसाबहार में निर्माणाधीन श्री सत्य साईं मातृत्व शिशु चिकित्सालय का मुआयना किया। यह हॉस्पिटल मुख्यमंत्री श्री साय के विशेष प्रयासों से बन रहा है, इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी। इसमें नवजात शिशुओं एवं बच्चों के उपचार के साथ-साथ गर्भवती माताओं के लिए भी ऑपरेशन सहित सभी आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएँ विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएँगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
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-जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
-बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को करेगा जागरूकरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रविवार को फरसाबहार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर से बाल विवाह मुक्त जशपुर अभियान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रथ जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की आशंका हो तो बिना झिझक 1098 पर सूचना दें और इस सामाजिक बुराई के रोकथाम में सहभागी बनें।इस अभियान रथ के माध्यम से नागरिकों को बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान, विवाह की वैधानिक न्यूनतम आयु तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम के अंतर्गत कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच विकसित कर बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करना है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।रथ पर 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है, ताकि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर नागरिक तत्काल इस हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दे सकें। सूचना प्राप्त होते ही बाल विवाह प्रतिषेध की संयुक्त टीम के द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गौरतलब है कि 1098 हेल्पलाइन के माध्यम से बच्चों से जुड़ी अन्य समस्याओं का समाधान भी किया जाता है। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पेंशनर्स समाज की धरोहर हैं, जिन्होंने अपने सेवाकाल में शासन-प्रशासन की नींव को सुदृढ़ किया और आज राज्य के विकास में अपना योगदान दे रहे है। प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू संचालन में पेंशनरों का अनुभव बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी कर्तव्यनिष्ठ सेवा के कारण ही प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से जारी है। मुख्यमंत्री रविवार को पमशाला में आयोजित सरगुजा संभागीय पेंशनर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के वक्त जिन शासकीय सेवकों ने कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हुए राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, वे आज भले ही सेवानिवृत हो चुके है लेकिन उनका अनुभव और मार्गदर्शन नए अधिकारियों के लिए हमेशा काम आएगा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री साय ने 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनरों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व सरगुजा कमिश्नर रिटायर्ड आईएएस श्री महेश्वर साय पैंकरा द्वारा लिखित किताब करमडार एवं अन्य कथनी तथा महुवा के फूल का विमोचन किया। उन्होंने पेंशनर संघ की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राधा-कृष्ण मंदिर में दर्शन व पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।इस अवसर पर प्रांताध्यक्ष डॉ डीपी मनहर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय पेंशनर संघ सम्मलेन में शामिल होने वाले पहले मुख्यमंत्री है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, पूर्व विधायक श्री भरत साय, पेंशनर संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डीपी मनहर, बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे।
- -166 करोड़ रूपए के कार्यो का लोकार्पण-भूमिपूजन-पीएम आवास के 950 हितग्राहियों को गृह प्रवेश के लिए घर की चाबी भेंट की-सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार के लिए 40 करोड़ रुपये की घोषणा-पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा अनावरण तथा अटल परिसर का लोकार्पणरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज, देश और दुनिया के लिए आज भी प्रासंगिक है, जो सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाता है। मुख्यमंत्री रविवार को बेमेतरा जिले में आयोजित गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव एवं राज्य स्तरीय ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में नवागढ़ क्षेत्र के विकास के लिए 165 करोड़ 54 लाख रूपए की लागत वाले 44 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नवनिर्मित लगभग 950 पूर्ण आवासों का गृह प्रवेश के लिए हितग्राहियों को घर की चाबी भेंट की। उन्होंने बेमेतरा जिले में सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार के लिए 40 करोड़ रुपये, नवागढ़ की 10 ग्राम पंचायतों को सीसी रोड निर्माण के लिए 5-5 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में बनाएं गए नवनिर्मित अटल परिसर का लोकार्पण तथा उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने नवागढ़ के जैतखाम में विधिवत श्वेत ध्वज चढ़ाया और वहां 12 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले सतनाम मंदिर के निर्माण हेतु भूमिपूजन भी किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु घासीदास ने समाज में व्याप्त जाति-पाति, ऊँच-नीच, छुआछूत और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने का कार्य किया। उन्होंने सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाते हुए मानवता को एक सूत्र में बाँधने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनके संदेशों के अनुरूप जनता के हित में अनेक क्रांतिकारी और जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में धान खरीदी, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना तथा आवासहीन परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना प्रदेश के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनकल्याण को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि अटल जी केवल एक महान नेता ही नहीं, बल्कि विचार, संवेदना और समर्पण के प्रतीक थे।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि गिरौदपुरी में निर्मित दुनिया का सबसे ऊँचा जैतखाम आज वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन चुका है, जहाँ देश-विदेश से पर्यटक बाबा के जीवन दर्शन के लिए आते हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा कि गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस अवसर पर गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव एवं राज्य स्तरीय ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा जन कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित लगाई गई प्रदर्शनी में उन्होंने लाभार्थी हितग्राहियों को सामग्री एवं राशि का वितरण किया। कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री दीपेश साहू, ईश्वर साहू, अनुज शर्मा, पुन्नूलाल मोहले सहित अनेक जन प्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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बीजापुर . जिले में सुरक्षा की कमी को दूर करने और विकास कार्यों को सुगम बनाने के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एक स्थान पर पुलिस शिविर स्थापित किया गया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि फरसेगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत डोडीमार्का गांव में शुक्रवार को 'सुरक्षा एवं जन सुविधा शिविर' की स्थापना की गई। उन्होंने बताया कि यह शिविर छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) की सातवीं बटालियन के लिए एक 'फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस' (एफओबी) के रूप में कार्य करेगा। अधिकारी ने बताया कि दुर्गम भूभाग, भौगोलिक परिस्थितियों और भीषण ठंड के बावजूद, जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), सीएएफ और जिला पुलिस की एक संयुक्त टीम ने क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ गहन अभियानों के तहत शिविर स्थापित करने में अनुकरणीय साहस और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि यह शिविर छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर माओवादियों की अंतरराज्यीय आवाजाही और गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद करेगा। अधिकारी ने बताया कि इससे भोपालपटनम (बीजापुर) को फरसेगढ़ और सेंद्रा होते हुए गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण में भी सुविधा होगी और इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में विकास कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से बीजापुर जिले में कुल 29 नए सुरक्षा शिविर स्थापित किए गए हैं, जबकि निरंतर नक्सल विरोधी अभियानों के परिणामस्वरूप 923 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, 221 मुठभेड़ों में मारे गए हैं और 1,100 को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों की स्थापना का उद्देश्य राज्य सरकार की "नियद नेल्ला नार" योजना के तहत ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि ये शिविर सुनिश्चित करते हैं कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पीने का पानी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानें, मोबाइल नेटवर्क, सड़कें और पुल उपलब्ध हों।
- -साहित्यकारों से साहित्य उत्सवों की प्रासंगिकता पर भी संवाद-रायपुर में साहित्य उत्सव 2026 का आयोजन 23 से 25 जनवरी तकनई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के रचना-कर्म और साहित्यिक अवदान को याद किया गया। इस अवसर पर साहित्य उत्सवों की प्रासंगिकता पर भी गहन संवाद स्थापित किया गया।रायपुर में 23- 25 जनवरी को आयोजित होने वाले साहित्य उत्सव 2026 के परिप्रेक्ष्य में राजधानी दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में साहित्यिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रायपुर साहित्य उत्सव की वैचारिक दिशा को विस्तार देने के साथ साथ साहित्य से जुड़े ज्वलंत प्रश्नों पर सार्थक चर्चा की।कार्यक्रम में डॉ सच्चिदानंद जोशी ने विनोद कुमार शुक्ल से अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए कहा कि इतने बड़े साहित्यिक व्यक्तित्व से मिलने की अपेक्षा कुछ और थी, लेकिन जब वे उनसे मिले तो अत्यंत आश्चर्य हुआ कि वे कितने सरल और सहज हैं।उन्होंने कहा कि उनकी बातचीत आत्मीयता से भरी होती थी, जिसमें कहीं भी कोई अतिरेक नहीं होता। बिना लाग-लपेट के वे सीधे और स्पष्ट शब्दों में अपनी बात कहते यही उनकी व्यक्तित्व और लेखन की सबसे बड़ी विशेषता थी।छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने विनोद कुमार शुक्ल को याद करते हुए कहा कि युवा उनसे गहराई से आकर्षित रहते थे और उनके यहाँ हमेशा युवाओं की भीड़ लगी रहती थी।श्री शर्मा ने कहा कि अपनी एक मुलाकात के दौरान उन्होंने उनसे पूछा कि आपने युवावस्था में अत्यंत गंभीर लेखन किया और अब बाल साहित्य की ओर क्यों आए। इस पर विनोद कुमार शुक्ल ने उत्तर दिया कि उन्हें लगता है वे बहुत गंभीर लेखन कर चुके हैं, लेकिन नई पीढ़ी के साथ शायद न्याय नहीं कर पाए। अब उन्हें लगता है कि नई पीढ़ी के साथ न्याय करने का अवसर उन्हें बाल साहित्य के माध्यम से मिला है।साहित्यकार अलका जोशी ने विनोद कुमार शुक्ल के रचना-कर्म पर बात करते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि वे मामूली और साधारण स्थितियों में भी सौंदर्य खोज लेते थे।उन्होंने कहा कि नौकर की कमीज में विनोद कुमार शुक्ल ने अत्यंत सहजता के साथ सत्ता के प्रति रोष को व्यक्त किया है, बिना किसी आडंबर के। उनकी रचनाओं में वह अदृश्य व्यक्ति दिखाई देता है, जो अपने गुम हो जाने से बचने की कोशिश करता है।अलका जोशी ने कहा कि चाहे नौकर की कमीज हो या एक दीवार में खिड़की रहती है, उनकी रचनाओं में ऐसे दृश्य आते हैं जहाँ पात्र अपनी सीमित परिस्थितियों के भीतर भी हाथी पर सवारी करने जैसा सपना देखता है। उनकी लेखन-खूबसूरती यह थी कि रचनाओं में दृश्य और परिस्थितियाँ इतनी जीवंत होती थीं कि पाठक धीरे-धीरे उनसे जुड़ता चला जाता था। पाठक की यह इन्वॉल्वमेंट ही उनकी रचनात्मक सफलता का मूल आधार रही।इसके पहले के सत्र में साहित्य उत्सवों में कितना साहित्य विषय पर अपनी बात रखते हुए लेखकअनंत विजय ने कहा कि साहित्य में गहराई अनिवार्य है। गहराई होगी तभी साहित्य को उसके पाठक मिलेंगे और वही साहित्य समय के साथ अपनी स्थायी छाप छोड़ पाएगा।उन्होंने साहित्य उत्सवों की संरचना पर जोर देते हुए कहा कि सत्रों की संरचना में ठोस कंटेंट होना चाहिए, तभी श्रोता और पाठक उनसे जुड़ पाएंगे।अनंत विजय ने यह भी स्पष्ट किया कि रायपुर साहित्य उत्सव पूरी तरह व्यावसायिकता से दूर रहेगा। यदि किसी सत्र में फिल्म जगत से कोई व्यक्ति आमंत्रित किया जाता है, तो उसके साथ मंच पर एक साहित्यकार की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि साहित्य केंद्र में बना रहे।उन्होंने कहा कि सेल्फी संस्कृति साहित्य की दुश्मन है। कई बार साहित्य उत्सवों में फिल्मी हस्तियों को केवल इसलिए बुलाया जाता है ताकि लोग उनके साथ सेल्फी लेने आएं, जबकि इससे साहित्य का मूल उद्देश्य पीछे छूट जाता है।वहीं, साहित्यकार अनिल जोशी ने भी इस विषय पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी एक बार फिर किताबों और साहित्य से जुड़ रही है, जो एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि साहित्य उत्सवों की उपयोगिता अत्यधिक हो सकती है, बशर्ते उनके उद्देश्य स्पष्ट हों।अनिल जोशी ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी साहित्य सम्मेलन की शुरुआत से पहले उसकी प्रासंगिकता पर गंभीर विचार किया जाना चाहिए। साथ ही आयोजन के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि साहित्य केंद्र में रहे और आवश्यक सावधानियों व मूल्यों का पालन हो, ताकि ऐसे उत्सव वास्तव में साहित्य-संवाद को समृद्ध कर सकें।विनोद कुमार शुक्ल पर बोलते हुए अनिल जोशी ने कहा उनकी लेखनी एब्स्ट्रैक्ट पेंटिंग की तरह है, जिसे समझने के लिए पाठक को ठहरकर देखना और महसूस करना पड़ता है।कार्यक्रम में नई शैली के लेखन पर टिप्पणी करते हुए पूर्व संपादक एवं लेखक प्रताप सोमवंशी ने कहा कि समय के साथ लेखन के स्वरूप में बदलाव आया है और आज नई शैली में साहित्य रचा जा रहा है। लेकिन इसके साथ ही पारंपरिक शैली में लेखन भी निरंतर हो रहा है, जिसे पाठक आज भी पसंद कर रहे हैं और वह समान रूप से पढ़ा जा रहा है।इस अवसर पर रायपुर साहित्य उत्सव समिति के सदस्य एवं मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, रायपुर साहित्य उत्सव समिति के सदस्य संजीव सिन्हा सहित देशभर के प्रतिष्ठित साहित्यकार और विचारक शामिल हुए।
- दुर्ग / जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 102 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से कुल 2,57,972 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है। वर्तमान में जिले की 120 राइस मिलों का पंजीयन किया गया है, जिनके माध्यम से डिलीवरी ऑर्डर के जरिए धान का उठाव किया जा रहा है।समितियों से उपार्जित धान के सुरक्षित भंडारण हेतु जिले में धान संग्रहण केंद्रों की कार्ययोजना तैयार की गई है। शासन की योजना के अनुसार दुर्ग जिले के धान संग्रहण केंद्रों में अन्य जिलों से उपार्जित धान का भी भंडारण किया जाएगा।इसी क्रम में कलेक्टर श्री सिंह द्वारा जिले के सभी प्रमुख धान संग्रहण केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कोड़ियां, जेवरा-सिरसा, अरसनारा एवं सेलूद स्थित धान संग्रहण केंद्रों में सड़क मरम्मत और समतलीकरण कार्य हेतु मलबा एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।कलेक्टर ने केंद्रों में वाहनों की सुचारू आवाजाही, धान के सुरक्षित भंडारण एवं उचित रख-रखाव को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के समय जिला विपणन अधिकारी एवं संबंधित केंद्र प्रभारी उपस्थित रहे।
- -गायन, नाटक, फाइन आर्ट्स की रंगबिरंगी छटा बिखेरीरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में सांस्कृतिक युवा महोत्सव मड़ई 2025 के आज तीसरे दिन प्रदेश के 31 महाविद्यालयों के कृषि छात्रों द्वारा अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया। आज की प्रस्तुति में माइम (26 टीम), स्किट (15 टीम), भाषण (26 टीम) वाद-विवाद (27 टीम), पोस्टर मेकिंग (26 टीम), मिट्टी कला (26 टीम), रंगोली (30 टीम), डिजिटल फोटोग्राफी (21 टीम), देश भक्ति गीत गायन (20 टीम), एकल गीत गायन (28 टीम), आदि प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों द्वारा अपनी कला का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों द्वारा विविध लोक नृत्यों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन किया गया। विभिन्न लोक नृत्यों पर विद्यार्थी एवं अन्य दर्शकों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। इस तरह मड़ई 2025 का तीसरा दिन उत्साह और उमंग से भरपूर रहा। विद्यार्थियों ने कला की रंगबिरंगी छटा बिखेरी और अपने प्रदर्शन से दर्शकों का मन मोह लिया एवं खुब वाहवाही और तालियां बटोरी।चतुर्थ दिवस 29 दिसम्बर को प्रातः 09 बजे से लघु नाटिका, तात्कालिक भाषण, लोक एवं आदिवासी नृत्य तथा पाश्चात्य समूह गीत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। ‘‘मड़ई-2025’’ का पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह 29 दिसम्बर को अपरान्ह 04 बजे सम्पन्न होगा। समापन समारोह की मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) लवली शर्मा, कुलपति इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (छ.ग.) होंगी तथा समारोह के अध्यक्षता डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय करेंगे। इस अवसर पर डॉ. संजय शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, आयोजन सचिव डॉ. सुनिल नाग, प्रतियोगिताओं के प्रभारी, निर्णायकगण तथा टीम मैनेजर्स भी गरिमामयी रूप से उपस्थित रहेंगे।
- रायपुर / उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के निर्देश एवं मार्गदर्शन में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित, कवर्धा द्वारा पेराई सत्र 2025-26 के अंतर्गत गन्ना किसानों को अब तक कुल 24.85 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के सतत मार्गदर्शन में कारखाना प्रबंधन द्वारा गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित, कवर्धा द्वारा पेराई सत्र 2025-26 में आज दिनांक तक भारत सरकार द्वारा निर्धारित एफ.आर.पी. दर 329.05 रुपये के अनुसार गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों के बैंक खातों में सीधे किया गया है। समय पर भुगतान होने से क्षेत्र के गन्ना किसानों में हर्ष एवं संतोष का वातावरण है।भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित, कवर्धा के प्रबंध संचालक श्री जी.एस. शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान पेराई सत्र 2025-26 के अंतर्गत अब तक 1,05,975 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई कर 1,09,565 क्विंटल शक्कर का उत्पादन किया जा चुका है। यह उपलब्धि शेयरधारक गन्ना उत्पादक किसानों के सहयोग एवं कारखाना प्रबंधन के कुशल संचालन का परिणाम है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना क्षेत्र के गन्ना किसानों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्य शासन की गन्ना नीति के अनुरूप कारखाने द्वारा गन्ना उत्पादकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित कर उनकी आर्थिक स्थिरता को मजबूत किया जा रहा है।किसानों से अपीलकारखाना प्रबंधन द्वारा गन्ना उत्पादक किसानों से अपील की गई है कि वे कारखाने में परिपक्व, साफ-सुथरा, बिना अगवा एवं बिना जड़ वाला गन्ना आपूर्ति करें। इससे शक्कर रिकवरी प्रतिशत में वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ किसानों को प्राप्त होगा।
- रायपुर / जयंती स्टेडियम में आयोजित पांच दिवसीय हनुमंत कथा के चौथे दिवस रविवार को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री की कथा में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा व्यासपीठ की आरती में भाग लेकर पं. धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पाण्डेय तथा पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय भी उपस्थित रहे।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती की ओर से एवं राज्य सरकार की तरफ से वे पं. धीरेंद्र शास्त्री महाराज के चरणों में नमन और अभिनंदन करते हैं। उन्होंने कहा कि महाराज के छत्तीसगढ़ आगमन से समाज में सकारात्मक चर्चा होती है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे जब भी महाराज के कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं, उन्होंने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच के भेदभाव को दूर करने के लिए उनके सतत प्रयास देखे हैं।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पं. धीरेंद्र शास्त्री समाज में समरसता, एकता और देश को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। सनातन संस्कृति की प्रतिष्ठा और जन-जागरूकता के लिए उनके प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की भावना है कि महाराज का छत्तीसगढ़ में बार-बार आगमन हो और उनका मार्गदर्शन मिलता रहे।उप मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी बात करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के समापन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है और इस दिशा में महाराज की चिंता रहती है और मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने भविष्य में पुनः महाराज के छत्तीसगढ़ आगमन की कामना की।
- -सौर सुजला योजना से जशपुर के 755 किसानों के जीवन में आई नई रोशनी......रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में निरंतर लिए जा रहे फैसलों का सकारात्मक असर अब गांव–गांव तक दिखाई देने लगा है। सौर सुजला योजना मुख्यमंत्री की ऐसी ही एक दूरदर्शी सौगात है, जिसने जशपुर जिले के किसानों की खेती और किस्मत—दोनों बदलने का काम किया है।दो वर्षो में जिले के 755 किसानों को मिली बड़ी राहतमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में सौर सुजला योजना के तहत 755 किसानों को सोलर सिंचाई पंप की स्वीकृति मिली है। यह सौगात उन किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, जो अब तक बारिश और पारंपरिक साधनों पर निर्भर थे। सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों ने सिंचाई को आसान, सुलभ और किफायती बना दिया है।बगीचा के बंधु यादव की सौर सुजला योजना से बदली तकदीर, मुख्यमंत्री का जताया आभारजशपुर जिले के बगीचा तहसील क्षेत्र निवासी बंधु यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस सौगात से लाभान्वित किसानों में शामिल हैं। सोलर पंप मिलने के बाद अब वे समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है और उत्पादन भी बढ़ा है।बंधु यादव कहते हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह योजना उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई है।इसी तरह फरसाबहार तहसील के खुटशेरा निवासी दुलार साय भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सोलर पंप लगने से उन्होंने खेती का दायरा बढ़ाया है और अतिरिक्त फसलों की खेती शुरू की है। इससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।कम लागत, अधिक उत्पादन — किसानों को मिला आत्मविश्वासमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सोच के अनुरूप सौर सुजला योजना ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन का रास्ता दिखाया है। डीज़ल और बिजली पर होने वाला खर्च कम हुआ है, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। यह योजना खेती को आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।दो साल में दिखा सुशासन का असरबीते दो वर्षों में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में किसानों को केंद्र में रखकर कई योजनाएं धरातल पर उतरी हैं। सौर सुजला योजना उनमें से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने जशपुर जिले के सैकड़ों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह सौगात आज जशपुर के किसानों के चेहरे पर मुस्कान और खेतों में हरियाली का प्रतीक बन चुकी है।
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रायपुर।, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रख्यात जननायक कुशाभाऊ ठाकरे जी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, विधायक श्री प्रबोध मिंज, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहितऔर समाज-सेवा के लिए समर्पित रहा। वे सत्ता-प्राप्ति को उद्देश्य नहीं, बल्कि जनसेवा को राजनीति का परम लक्ष्य मानते थे।मूल्य-आधारित राजनीति, चरित्र, अनुशासन और कर्मठता उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान रही।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। लोकतांत्रिक संस्कारों के प्रसार में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। वे सरलता और आत्मीयता के माध्यम से लोगों के हृदय से जुड़ने वाले विरले नेता थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ कुशाभाऊ ठाकरे जी का गहरा और आत्मीय संबंध रहा है। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि राजनीति का मूल उद्देश्य सेवा, राष्ट्रहित एवं समाज कल्याण ही होना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी की पावन स्मृतियाँ हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं और हमें जनकल्याण के कार्यों में सदैव सक्रिय रहने की प्रेरणा देती रहेंगी।
- -वीबी-जी राम जी अधिनियम से पारदर्शी व्यवस्था एवं समयबद्ध मजदूरी भुगतान होंगे सुनिश्चित - उप मुख्यमंत्री श्री शर्मारायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्षों ने अपने क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और अपेक्षाओं को उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखा तथा मानदेय, भ्रमण-यात्रा, आवास एवं अन्य भत्तों में वृद्धि, उचित सुरक्षा व्यवस्था और वाहन किराए में संशोधन जैसी मांगों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना और उन पर विस्तृत चर्चा की।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी जी राम जी अधिनियम 2025 सहित जिला पंचायतों से जुड़े प्रमुख विकासात्मक विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में जिला पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। योजनाओं का वैज्ञानिक नियोजन, आधुनिक तकनीक का उपयोग और जनप्रतिनिधियों का सतत क्षमता विकास ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस और सकारात्मक बदलाव लाएगा।उप मुख्यमंत्री ने बताया कि नए अधिनियम के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिवस तक रोजगार की गारंटी मिलेगी। जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, सौर ऊर्जा और आजीविका संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया है, साथ ही कमजोर वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से समयबद्ध मजदूरी भुगतान भी सुनिश्चित किया जाएगा।उन्होंने आगे बताया कि इस अधिनियम में आवास, पेयजल, स्वच्छता एवं विद्युतीकरण जैसे कार्यों को भी शामिल किया गया है, जिससे गांवों में अधोसंरचना निर्माण को नई गति मिलेगी। ग्राम सभा द्वारा समग्र योजना निर्माण के प्रावधान से कार्यों के दोहराव पर रोक लगेगी और संतुलित विकास सुनिश्चित होगा।नवीन अधिनियम में पंचायतों को भविष्य के लिए तैयार करते हुए जल सुरक्षा, आजीविका से जुड़ी अधोसंरचनाओं के विकास तथा मौसमी आपदाओं से बचाव पर विशेष फोकस किया गया है। किसानों के हित में राज्य सरकारों को फसल बुवाई और कटाई के चरम समय में प्रतिवर्ष 60 दिवस तक कार्य स्थगन की अधिसूचना जारी करने का प्रावधान भी रखा गया है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित राहत पहुंचाने हेतु विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। बैठक में जिला पंचायत विकास निधि, जनपद पंचायत विकास निधि, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, महतारी सदन निर्माण, श्रद्धांजलि योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र और क्षमता विकास योजना पर भी अधिकारियों द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। जिला पंचायत अध्यक्षों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव साझा किए।इसके साथ ही समर्थ पंचायत पोर्टल के माध्यम से स्थानीय निकायों के करों की यूपीआई आधारित संग्रहण व्यवस्था, प्रदर्शन आधारित अनुदान प्रणाली तथा ग्राम संपदा मोबाइल एप द्वारा परिसंपत्तियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित एक्सपोजर विजिट कार्यक्रमों की रूपरेखा से भी अवगत कराया।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी स्वर्गीय प्रखर पांडेय को आज उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने उनके भिलाई स्थित निवास पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवार से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि स्वर्गीय प्रखर पांडेय छत्तीसगढ़ पुलिस के एक कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित और संवेदनशील अधिकारी थे। उनका सम्पूर्ण जीवन जनसेवा और कर्तव्यपालन को समर्पित रहा। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार और पुलिस विभाग इस दुःख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय श्री प्रखर पांडेय 2009 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी थे और अपने सेवाकाल में छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में एक बेहतरीन अधिकारी के रूप में उनकी पहचान थी। उप मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
- -बोरी बंधान निर्माण से बढ़ी वर्षा जल संचयन क्षमता-"मोर गाँव–मोर पानी” अभियान से मुंगेली जिले में दिख रहा सकारात्मक बदलावमुंगेली । जिले में कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में “मोर गाँव–मोर पानी” महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं भू-जल स्तर सुधार की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। जनसहभागिता को केंद्र में रखकर ग्रामीण क्षेत्रों में सामूहिक श्रमदान से बोरी बंधान निर्माण किया जा रहा है, जिससे वर्षा जल को नालों में बहने से रोककर स्थानीय स्तर पर संरक्षित किया जा सके। बरसात से पूर्व जिले की तीनों जनपद पंचायतों लोरमी, मुंगेली एवं पथरिया में कुल 121 चिन्हित स्थलों पर श्रमदान के माध्यम से बोरी बंधान बनाए गए हैं। इन संरचनाओं से न केवल वर्षा जल संचयन में वृद्धि हुई है, बल्कि भू-जल रिचार्ज, मृदा संरक्षण एवं खेतों में नमी बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। प्रशासन द्वारा अन्य उपयुक्त स्थलों की पहचान कर ग्रामीणों को आगे आकर श्रमदान हेतु प्रेरित किया जा रहा है।जिले के 168 गांवों में भू-जल स्तर 200 फीट तक नीचे चले जाने से पेयजल संकट की स्थिति बन रही है। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार एवं जिला सी.ई.ओ. श्री प्रभाकर पांडेय के मार्गदर्शन में “मोर गाँव–मोर पानी” महाअभियान की शुरुआत की गई है, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण गांवों में ही किया जा सके।महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत सैंड फिल्टर, आजीविका डबरी, सोखता गड्ढा, वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप गड्ढा, वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं एवं भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्यों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन कार्यों के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार अभियान भी चलाया गया।प्रत्येक ग्राम पंचायत में गठित जल पंचायत समिति, महिला स्व-सहायता समूहों, ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है। संगोष्ठियों के माध्यम से गिरते जल स्तर के कारणों—अत्यधिक दोहन, जल निकासी की कमी, वर्षा जल संचयन का अभाव एवं वनों की कटाई—पर चर्चा की गई।ग्रामीणों को खेत-तालाब निर्माण, पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन एवं घरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं बनाने के लिए प्रेरित किया गया। GIS टूल्स के माध्यम से भू-जल स्थिति की जानकारी देकर वॉटर बजटिंग की अवधारणा से भी अवगत कराया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को भी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।अभियान के अंतर्गत 600 इच्छुक लाभार्थियों का चयन आजीविका डबरी निर्माण हेतु किया गया है। इन डबरियों से सब्जी उत्पादन, मछली पालन, मुर्गी पालन एवं दलहन-तिलहन खेती के माध्यम से प्रति परिवार लगभग एक लाख रुपये तक की अतिरिक्त आय सृजित होने की संभावना है, जिससे ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भर बन सकेंगे।कलेक्टर ने कहा कि “वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता है। ‘मोर गाँव–मोर पानी’ अभियान के माध्यम से जनसहभागिता के साथ भू-जल स्तर सुदृढ़ करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।” जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि “जब समुदाय स्वयं जल संरक्षण की जिम्मेदारी निभाता है, तब उसके परिणाम दीर्घकालिक और प्रभावी होते हैं।”समग्र रूप से “मोर गाँव–मोर पानी” अभियान प्रशासन, समुदाय और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से जल संरक्षण का एक अनुकरणीय मॉडल बनकर उभर रहा है, जो भविष्य में जिले को जल-सुरक्षा की दिशा में मजबूती प्रदान करेगा।



























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